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‘अल्लाहू अकबर… मैं ISIS से हूँ’: बेल्जियम में स्वीडन के नागरिकों की इस्लामी आतंकी ने की गोली मारकर हत्या, वीडियो में कहा- मुस्लिमों का बदला लिया

यूरोपीय देश बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में एक इस्लामी आतंकवादी ने गोली मार कर दो लोगों की हत्या कर दी। दोनों मृतक स्वीडन के नागरिक हैं। इस हमले के बाद स्वीडन और बेल्जियम का फुटबॉल मैच रद्द करना पड़ा। हमलावर की पहचान 45 साल के अब्देसलेम अल गुइलानी के तौर पर हुई है। उसने ‘अल्लाहू अकबर’ के नारे लगाते हुए फायरिंग की। खुद को आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) से जुड़ा भी बता रहा था।

हमला करने के बाद से वह फरार है। उसकी तलाश की जा रही है। हमले में एक स्वीडिश नागरिक घायल भी हुआ है। बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने इसे आतंकी हमला बताया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह हमला सोमवार (16 अक्टूबर 2023) की शाम करीब 7 बजे हुआ।

जिस जगह पर इस्लामी आतंकवादी ने फायरिंग की वह किंग बौडॉइन स्टेडियम से लगभग 5 किलोमीटर दूर है। इसी स्टेडियम में स्वीडन और बेल्जियम के बीच फुटबॉल मैच होना था। हमले का CCTV फुटेज भी वायरल है, जिसमें इस्लामी आतंकी को सड़क पर गोलियाँ बरसाते देखा जा सकता है। गोलीबारी के दौरान हमलावर ने नारंगी रंग के कपड़े पहन रखे थे। अचानक हुए इस हमले से आसपास भगदड़ मच गई। वायरल वीडियो में लोगों को इधर-उधर भागते देखा जा सकता है।

माना जा रहा है कि हमलावर ने गोलियाँ चलाने के लिए AK-47 का प्रयोग किया था। हमले के बाद अब्देसलेम अल गुइलानी घटनास्थल से भाग निकला था। उसकी फरारी के कई वीडियो फुटेज भी वायरल हो रहे हैं। इन फुटेज में वह बाइक से भागते देखा जा सकता है। कुछ लोगों का दावा है कि वह बेल्जियम की सीमा पार कर फ्रांस में घुसना चाहता है। खबर लिखे जाने तक उसके पकड़े जाने की सूचना नहीं थी। बाइक पर भागने के दौरान भी उसके हाथों में बंदूक भी देखी जा सकती है। वह ‘अल्लाहू अकबर’ का नारा भी लगा रहा था।

हमले के बाद जारी किया वीडियो

इस बीच अब्देसलेम अल गुइलानी का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में वह कह रहा है, “अल्लाहू अकबर, मैं अल्लाह का एक लड़का हूँ। मैं इस्लामिक स्टेट से हूँ। हम उनसे प्यार करते हैं जो हमें प्यार करता है और नफरत करने वालों से नफरत करते हैं। हम अपने मजहब के लिए ही जीते और मरते हैं। अल्हम्दुलिल्लाह तुम्हारे भाई ने मुसलमानों का बदला लिया। मैंने अब तक तीन स्वीडिश नागरिकों को मार डाला है।”

वीडियो जारी करते हुए हमलावर ने अपने चेहरे पर नकाब पहन रखा था। अब्देसलेम अल गुइलानी के हमले में बुरी तरह से घायल एक व्यक्ति का इलाज अस्पताल में चल रहा है। वह टैक्सी ड्राइवर बताया जा रहा। बेल्जियम के प्रधानमंत्री एलेक्जेंडर डी क्रू ने इसे एक आतंकी घटना बताया है और मृतकों के प्रति शोक संवेदना प्रकट की है। पुलिस हमलावर के ISIS से नेटवर्क की भी जाँच कर रही है।

इस घटना के बाद बेल्जियम और स्वीडन का फुटबॉल मैच सुरक्षा के मद्देनजर रोक दिया गया। देश में आतंकी हमले के खतरे का हाई अलर्ट भी जारी किया गया है।

देवरिया में प्रेमचंद यादव के घर पर नहीं चलेगा बुलडोजर, इलाहाबाद HC ने लगाई रोक: दुबे परिवार का हुआ था नरसंहार

देवरिया नरसंहार के आरोपित प्रेम चंद यादव के परिवार को बड़ी राहत मिली है। उनके घर फिलहाल बुलडोजर नहीं चलेगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तहसीलदार द्वारा प्रेम चंद यादव का घर गिराए जाने के आदेश पर रोक लगाते हुए कहा है कि इस मामले में पीड़ित परिवार को सही तरीके से अपील करने का मौका नहीं मिला। ऐसे में याचिकाकर्ता देवरिया के डीएम के पास अपील लेकर जाए। हाई कोर्ट ने देवरिया के डीएम को भी इस मामले में निर्देश जारी किए हैं।

देवरिया के डीएम को हाई कोर्ट ने दिया निर्देश

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि देवरिया के डीएम इस मामले में तीन माह के अंदर इस मामले की जाँच करके निर्णय लें। इस मामले की सुनवाई हाई कोर्ट में जस्टिस चंद्र कुमार राय की अदालत में हुई। जिसमें याचिकाकर्ता की तरफ से वकीलों ने तहसीलदार के 11 अक्टूबर, 2023 के आदेश को चुनौती दी थी। इस याचिका में कहा गया कि हिंसक वारदात के बाद तहसीलदार ने 11 अक्टूबर को ध्वस्तीकरण आदेश किया था। वो जिद की वजह से ऐसा कर रहे हैं। वकीलों ने कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता की भूमि राजस्व रिकॉर्ड में खलिहान के तौर पर दर्ज है।

हाईकोर्ट ने अपील के लिए दिया समय

इस मामले में याचिकाकर्ता का पक्ष नहीं सुना गया और न ही किसी तरह का सीमांकन या सर्वे किया गया। हालाँकि, हाईकोर्ट में सरकारी वकील ने ये कहते हुए याचिका का विरोध किया कि राजस्व कानून के तहत इस याचिका पर यहाँ सुनवाई नहीं हो सकती, क्योंकि याचिकाकर्ता के पास तहसीलदार के ऊपर अपील करने का विकल्प है। ये याचिका प्रेम चंद यादव के परिवार के राम भुवन यादव की तरफ से दाखिल की गई थी, जिसके बाद हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया।

हाईकोर्ट के सामने ये याचिका अर्जेंट लिस्टिंग के तौर पर पहुँची थी, जिसपर हाई कोर्ट ने तहसीलदार के फैसले पर रोक लगा दी और याचिकाकर्ता को डीएम के पास अपील करने के निर्देश दिए। हाईकोर्ट ने देवरिया के डीएम को निर्देश देते हुए कहा है कि वो इस मामले की जाँच और सुनवाई 3 माह में पूरी कर लें। चूँकि याचिकाकर्ता का कहना है कि उसकी बात नहीं सुनी गई है, इसलिए इस मामले में अपील करने के लिए याचिकाकर्ता के पास 15 दिन का समय भी दिया जाता है। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद कम से कम 3 माह तक प्रेम चंद यादव का घर नहीं गिरेगा।

अखिलेश यादव ने प्रेम चंद यादव के परिजनों से की मुलाकात

देवरिया हत्याकांड मामले के 15 दिन बीत जाने के बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने फतेहपुर गाँव का दौरा किया। वो मृत दुबे परिवार के घर भी गए थे। हालाँकि मृतक के परिवार के देवेश दुबे ने उनसे मिलने से इनकार कर दिया था। इसके बाद वो अपनी पार्टी के जिला पंचायत सदस्य रहे प्रेम चंद यादव के घर पहुँचे और परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने प्रेम चंद यादव के परिजनों को हरसंभव मदद का आश्वासन भी दिया था।

जिस बसपा सांसद दानिश अली पर बिगड़े थे रमेश बिधूड़ी, उन्होंने फिलिस्तीन के दूतावास पहुँच किया समर्थन: पत्र पर मनोज झा के भी हस्ताक्षर, हमास के हमले में 1400 मौतें

हमास ने इजरायल पर आतंकी हमला किया, जिसके बाद पूरी दुनिया इजरायल के प्रति सहानुभूति और एकजुटता दिखा रही है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हमास के हमले की निंदा की और इजरायल के प्रति समर्थन जताया, तो भारत के ही कुछ विपक्षी दलों के नेता, सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री फिलिस्तीन का समर्थन कर रहे हैं। इसके लिए बसपा सांसद दानिश अली, कॉन्ग्रेसी नेता मणिशंकर अय्यर के नेतृत्व में कई सांसदों, नेताओं और पूर्व सांसदों ने दल ने फिलिस्तीनी राजदूत से मुलाकात की और फिलिस्तीन के प्रति अपना समर्थन जताया।

इन नेताओं ने इजरायली पलटवार का कड़ा विरोध किया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से युद्ध को रोकने के लिए दबाव डालने की अपील की है।

दानिश अली ने किया इजरायल का विरोध

दानिश अली ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर इस मुलाकात से संबंधित तस्वीर पोस्ट की और लिखा, “आज विभिन्न दलों के सांसदों और राजनेताओं ने फिलिस्तीनी राजदूत से मुलाकात की और इजरायली बलों द्वारा गाजा में बेरहमी से मारे गए मासूम बच्चों सहित फिलिस्तीनी लोगों के लिए गहरी चिंता व्यक्त की। हम अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप करने और इस पागलपन को रोकने की मांग करते हैं।” बता दें कि ये वही दानिश अली हैं, जिनपर संसद में भाजपा संसद रमेश बिधूड़ी बिगड़ गए थे।

हालाँकि, इस युद्ध के शुरू होने के बाद से दानिश अली लगातार इजरायल के खिलाफ बयान दे रहे हैं और फिलिस्तीन के प्रति समर्थन जता रहे हैं।

इस मुलाकात के बाद कुँवर दानिश अली ने पीटीआई से बातचीत में कहा, “हम भारत की आवाम की तरफ से फिलिस्तीन की आवाम के प्रति समर्थन के लिए गए थे। हम भारतीय विदेश मंत्रालय के बयान के साथ खड़े हैं, जिसमें भारत एक स्वतंत्र फिलिस्तीन का समर्थन करता है। हम इजरायली हिंसा के खिलाफ हैं। हम चाहते हैं कि दोनों तरफ से हो रही हिंसा बंद हो।”

इन नेताओं ने दिया फिलिस्तीन को समर्थन

फिलिस्तीन के राजदूत को सौंपे पत्र में जिन भारतीय नेताओं ने फिलिस्तीन का समर्थन किया। इस पत्र पर जिनके नाम हैं, वो हैं- कुँवर दानिश अली, मनोज झा, मोहम्मद अबीद, नदीम शाह, डी राजा, मोहम्मद अफजल, दीपांकर भट्टाचार्य, मणि शंकर अय्यर, जावेद अली खान, मुजफ्फर शाह (जम्मू -कश्मीर), सुहासिनी अली, केसी त्यागी, संतोष भारतीय, जेना श्रीकांत और शाहिद सिद्दीकी। इनमें से कुछ पूर्व केंद्रीय मंत्री हैं, तो कुछ पूर्व सांसद। ये सभी नेता फिलिस्तीन के राजदूत से मिले और फिलिस्तीन के प्रति अपनी एकजुटता दर्ज कराई।

हमास के हमलों में 1400 से अधिक की मौत

बता दें कि हमास के हमले में इज़राइल में मरने वालों की संख्या अब 1400 से अधिक हो गई है, करीब 4000 लोग घायल हुए हैं, जिनमें मुख्य रूप से आम नागरिक शामिल हैं। हमास द्वारा आतंकी हमले के जवाब में इज़राइल ने गाजा में हमास के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया है। इसके साथ ही उत्तरी गाजा में बिजली, पानी और राशन की आपूर्ति को रोकते हुए सीज कर दिया है। इजरायल ने उत्तरी गाजा के लोगों को दक्षिणी गाजा जाने के लिए कहा, ताकि वो जमीनी स्तर पर अपने हमलों को शुरू कर सके।

हमास पर ताबड़तोड़ हमले जारी, मौतों की संख्या

इस बीच, रायटर्स ने गाजा के अधिकारियों के हवाले से बताया है कि इजरायली हमले में अब तक कम से कम 2750 लोग मारे जा चुके हैं, तो 10 हजार से अधिक लोग घायल हुए हैं। मरने वालों में महिलाएँ और बच्चे भी शामिल हैं, क्योंकि इजरायल अभी तक हवाई हमले ही कर रहा है। वहीं, इन हमलों के साथ ही 1000 लोग लापता भी हैं। इजरायल के जमीनी हमले की सूरत में ये आँकड़े तेजी से बढ़ सकते हैं।

आज़ादी के बाद पहली बार कश्मीर के शारदा मंदिर में नवरात्रि पूजा: LoC पर स्थित ऐतिहासिक स्थल पर गूँजी मन्त्रों की ध्वनि, अमित शाह बोले – पुनः जागृत हो रही आध्यात्मिक ज्वाला

जम्मू कश्मीर के शारदा मंदिर में देश की आज़ादी के पहली बार नवरात्रि की पूजा हुई। ये मंदिर कुपवाड़ा के टीटवाल में स्थित है। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक पंडित जी मंदिर में स्थित देवी की प्रतिमा के सामने पूजा कर रहे होते हैं। पुजारी जहाँ भगवा वस्त्र में दिख रहे हैं, वहीं माता की प्रतिमा को भी सजाया गया है। इस दौरान मंत्रोच्चार के साथ-साथ घंटी की ध्वनि भी सुनाई दे रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस ऐतिहासिक घटना पर ख़ुशी जताई है।

अमित शाह ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से अंग्रेजी अखबार की कटिंग लगाई, जिसमें बताया गया है कि सीमा क्षेत्र LoC में स्थित मंदिर में भारत की स्वतंत्रता के बाद पहली बार दुर्गा पूजा हुई। साथ ही इसमें पूजा के दौरान पंडितों की तस्वीर भी दी गई है। उत्तरी कश्मीर स्थित इस मंदिर के नवनिर्माण का कार्य कुछ ही दिनों पहले संपन्न हुआ है। 75 वर्षों से यहाँ इस्लामी आतंकवाद और मुस्लिम तुष्टिकरण की सरकारी नीतियों के कारण नवरात्रि की पूजा नहीं हुई।

बता दें कि इस बार नवरात्र रविवार (15 अक्टूबर, 2023) को कलश स्थापना के साथ शुरू हुआ है। शारदा मंदिर में हुई इस पूजा में हम्पी के गोविंदानंद सरस्वती मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। वो हनुमान जी का जन्मस्थान माने जाने वाले कर्नाटक के किष्किंधा में रथयात्रा निकाले जाने के लिए जाने जाते हैं। पूजा के कार्यक्रम में अच्छी संख्या में श्रद्धालु भी पहुँचे। इस दौरान कश्मीरी पंडितों का जत्था भी मौजूद रहा। 80-90 के दशक में कश्मीरी पंडितों को घाटी से निकाल दिया गया था, उनका नरसंहार हुआ था और महिलाओं के साथ बलात्कार हुए थे।

नीचे समाचार एजेंसी ANI द्वारा डाले गए वीडियो में आप देख सकते हैं कैसे मंदिर में पूजा की जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “ये अत्यधिक आध्यात्मिक महत्व की बात है कि 1947 के बाद से पहली बार कश्मीर के ऐतिहासिक शारदा मंदिर में इस साल नवरात्रि की पूजा हुई है। इसी साल यहाँ चैत्र नवरात्रि की पूजा हुई थी और अब शारदीय नवरात्रि के मन्त्र गूँज रहे हैं। 23 मार्च, 2023 को मंदिर के जीर्णोद्धार के बाद मुझे इसके उद्घाटन का मौका मिला था।”

केंद्रीय गृह मंत्री ने ये भी कहा कि ये न सिर्फ घाटी में शांति की वापसी को दर्शाता है बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारे देश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक ज्वाला के पुनः जाग्रत होने का प्रतीक भी है। उक्त मंदिर में पंचलोहा की प्रतिमा स्थापित की गई है। कर्नाटक के श्रृंगेरी से इस मंदिर में प्रतिमा लाए जाने के लिए रथयात्रा भी हुई थी। बता दें कि माँ शारदा का मुख्य पीठ पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाली कश्मीर में स्थित है। ये प्राचीन भारत में विद्या अर्जन के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में जाना जाता था, लेकिन अब ये जीर्ण हो चुका है।

‘घूस लेकर हमारी कंपनियों पर लगाए आरोप, 5 साल से चल रहा ये सब’: अडानी समूह ने महुआ मोइत्रा की खोली पोल, केंद्रीय मंत्री का भी बड़ा खुलासा

TMC की सांसद महुआ मोइत्रा पर पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने के मामले में विवाद बढ़ रहा है। अब अडानी ग्रुप की ओर से आरोप लगाए गए हैं कि महुआ मोइत्रा उनकी राइवल कंपनी से पैसे लेकर सवाल पूछती हैं। कंपनी की ओर से जारी बयान में अडानी ग्रुप ने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा पर एक डेटा सेंटर कंपनी के इशारे पर संसद में सवाल पूछने का आरोप लगाया है।

इस मामले में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने गंभीर आशंका व्यक्त की है और आशंका जताई है कि महुआ मोइत्रा ने संसद में उनसे जो सवाल पूछा था, वो इसी मामले से जुड़ा हो सकता है। वहीं, मोइत्रा ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि वह आईटी समिति और डेटा संरक्षण पर संयुक्त संसदीय समिति की सदस्य हैं और उन्होंने जो सवाल पूछा था वह वैध था।

अडानी ग्रुप ने लगाए गंभीर आरोप

इस मामले में अडानी ग्रुप ने बयान जारी किया। इस बयान में लिखा है, “एक चौंकाने वाले घटनाक्रम में, रविवार, 15 अक्टूबर, 2023 को, सुप्रीम कोर्ट के एक वकील जय अनंत देहाद्राई ने एक शपथ पत्र के रूप में एक माननीय द्वारा एक विस्तृत आपराधिक साजिश के कमीशन को रिकॉर्ड में लाते हुए सीबीआई के पास शिकायत दर्ज की।” इसमें आगे कहा गया है, “संसदीय प्रश्नों के माध्यम से गौतम अडानी और उनकी कंपनियों के समूह पर आरोप लगाए गए। ऐसा बदले की भावना से किया गया। इसके लिए मोइत्रा ने हीरानंदानी से रिश्वत और अनुचित लाभ प्राप्त किया।”

अडानी ग्रुप ने आगे लिखा, “यह घटनाक्रम 9 अक्टूबर, 2023 के हमारे बयान की पुष्टि करता है कि कुछ समूह और व्यक्ति हमारे नाम, सद्भावना और बाजार की स्थिति को नुकसान पहुँचाने के लिए ओवरटाइम कर रहे हैं। इस विशेष मामले में एक अधिवक्ता की शिकायत से पता चलता है कि अडानी समूह और हमारे अध्यक्ष गौतम अडानी की प्रतिष्ठा और हितों को नुकसान पहुँचाने की यह व्यवस्था 2018 से चली आ रही है।”

अडानी समूह ने अपने बयान में कहा है कि मोइत्रा को हीरानंदानी से रिश्वत और अनुचित लाभ मिले। समूह ने कहा, “हम यह भी समझते हैं कि एक अन्य सांसद ने लोकसभा अध्यक्ष को शिकायत भेजकर अनुरोध किया है कि मोइत्रा को निलंबित किया जाए और भ्रष्टाचार की जाँच की जाए” अडानी ग्रुप के प्रवक्ता की तरफ से कहा गया है कि हम हम अपने शेयरधारकों सहित अपने सभी हितधारकों के हित में यह बयान जारी कर रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने जताई ये चिंता

महुआ मोइत्रा के दूसरों के निर्देशों पर संसद में सवाल पूछने से जुड़े मामले में केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि उनसे संसद में ठीक वैसा ही सवाल पूछा गया था, जैसी बातें एक भारतीय कंपनी के मुखिया ने मेरे सामने रखी थी। उन्होंने अपने बात के दावे के साथ ही महुआ मोइत्रा द्वारा संसद में पूछे गए सवाल और उसके आधिकारिक जवाब की कॉपी भी पोस्ट की है।

केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, ” मुझे समाचार रिपोर्टों से पता चला है कि यह संसदीय प्रश्न संभवतः एक डेटा सेंटर कंपनी के आदेश पर एक सांसद द्वारा पूछा गया था। अगर यह सच है तो यह वाकई चौंकाने वाला और शर्मनाक है। यह सच है कि यह कंपनी (हीरानंदानी की कंपनी) डेटा लोकलाइजेशन के लिए सक्रिय और आक्रामक तरीके से पैरवी कर रही थी। संसद में पूछे गए सवाल में इस्तेमाल की गई भाषा बहुत हद तक वैसी ही है (डेटा स्थानीयकरण की आवश्यकता को डेटा उल्लंघनों से जोड़ना) उस भाषा के समान है, जब इस कंपनी के प्रमुख ने मुझसे मुलाकात की थी।”

उन्होंने आगे कहा, “मुझे इसके पूरे तथ्य या पृष्ठभूमि की जानकारी नहीं है – लेकिन अगर यह सच है तो यह एक भयानक मजाक है और संसद सदस्य के रूप में सवाल पूछने के अधिकार का दुरुपयोग है।”

महुआ मोइत्रा ने केंद्रीय मंत्री को दिया ये जवाब

राजीव चंद्रशेखर के ट्वीट पर महुआ मोइत्रा का तुरंत जवाब आया। महुआ मोइत्रा ने खुद का बचाव करते हुए और खुद को स्मार्ट बताते हुए लिखा, “सर, मैं डेटा प्रोटेक्शन पर आईटी कम्युनिकेशन और जेपीसी की सदस्य हूँ। यह सभी भारतीयों के लिए जायज सवाल है। यदि शत्रु राष्ट्र ऐप्स से डेटा चुरा सकते हैं-तो क्या वे विदेशों में स्टोर किए गए भारतीय यूजर्स का डेटा नहीं चुरा सकते? मुझ पर दूसरों को आगे बढ़ाने का आरोप लगाकर मेरी बुद्धि का अपमान मत करिए। कुछ ‘मंद बुद्धि’ लोग ऐसा करते हैं।”

बता दें कि भाजपा के लोकसभा सांसद निशिकांत दुबे ने रविवार (15 अक्टूबर, 2023) को तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा पर घूस लेकर संसद में सवाल पूछने के आरोप लगाए। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिख कर कार्रवाई की माँग की। ये आरोप अधिवक्ता जय अनंत देहाद्राई द्वारा दी गई सूचनाओं पर आधारित है। अधिवक्ता ने आरोप लगाया है कि कारोबारी दर्शन हीरानंदानी के व्यापारिक हितों को लाभ पहुँचाने के लिए महुआ मोइत्रा ने संसद में सवाल पूछे और बदले में उन्हें न सिर्फ कैश, बल्कि तोहफे भी मिले।

अधिवक्ता जय अनंत देहाद्राई द्वारा दायर की गई शिकायत की प्रति भी ऑपइंडिया के पास मौजूद है। इसमें बताया गया है कि संसद में सवाल पूछने की एवज में महुआ मोइत्रा को तोहफे में क्या-क्या मिला

‘नहीं दे सकते गर्भपात की अनुमति’: सुप्रीम कोर्ट ने ख़ारिज की 6 महीने से प्रेग्नेंट महिला की याचिका, कह रही थी – बिना प्लान किए हो गया

सुप्रीम कोर्ट ने 6 माह की गर्भवती एक महिला के गर्भपात का आदेश देने से इनकार कर दिया है। यह आदेश सोमवार (16 अक्टूबर, 2023) को प्रधान न्यायाधीश DY चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली 3 न्यायाधीशों की पीठ ने दिया। 2 बच्चों की माँ ने खुद को डिप्रेशन में और लैक्टेशनल एमेनोरिया की मरीज बताते हुए इस एबॉर्शन की अनुमति माँगी थी। महिला ने कोर्ट को बताया था कि वो तीसरे बच्चे को जन्म देने की स्थिति में नहीं है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला एम्स (AIIMS) की मेडिकल रिपोर्ट के बाद आया है। इस रिपोर्ट में महिला के पेट में पल रहे 26 हफ्ते के भ्रूण को सामान्य बताया गया था। साथ ही यह भी कहा गया था कि महिला द्वारा ली जा रही अपनी बीमारी की दवाओं से गर्भ में पल रहे बच्चे की सेहत पर कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ा है। ऐसे में जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने महिला को गर्भपात की इजाजत देने से मना कर दिया।

गर्भपात की माँग करने वाली महिला के वकील कॉलिन गोन्जाल्विस ने प्रग्नेंसी को एक्सीडेंटल और अनप्लान्ड बताया। उन्होंने महिला के परिवार की आर्थिक स्थिति खराब बताते हुए तीसरे बच्चे का ख़र्च उठाने में अक्षम कहा था। इस दौरान वकील ने अजन्मे बच्चे का कोई अधिकार न होने जैसे तर्क भी दिए। भारत सरकार के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्य भाटी ने भी गर्भपात की माँग का विरोध किया। डॉक्टरों की रिपोर्ट का हवाला देते हुए भाटी ने कहा कि अबॉर्ट किया गया भ्रूण कभी चीखता है, कभी रोता है।

आर्थिक स्थिति खराब होने की दलील पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से महिला की डिलीवरी का पूरा खर्च उठाने के लिए कहा। साथ ही महिला व उसके परिवार को सलाह दी है कि अगर वो बच्चे को नहीं पाल सकते तो किसी अन्य ज़रूरतमंद को गोद दे दें। किसी अन्य को गोद दिलाने की स्थिति में भी सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को मदद करने का निर्देश दिया है। इस से पहले यही केस 11 अक्टूबर, 2023 को सुप्रीम कोर्ट के ही 2 न्यायाधीशों की अदालत में सुना गया था।

तब जस्टिस हिमा कोहली ने गर्भपात की इजाजत देने से मना करते हुए टिप्पणी की थी, “एक भ्रूण की दिल की धड़कनों को न रोका जाए।” वहीं न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना महिला के फैसले का सम्मान करने पर जोर दे रहे थे। इस बेंच द्वारा खंडित फैसला आने पर केस प्रधान न्यायाधीश की अदालत में भेजा गया था।

दिल्ली शराब घोटाले में आरोपित बनाई जाएगी अरविंद केजरीवाल की AAP: ED ने सुप्रीम कोर्ट को दी बड़ी जानकारी, कहा – आम आदमी पार्टी को हुआ सारा फायदा

‘प्रवर्तन निदेशालय’ (ED) ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि वो दिल्ली के शराब घोटाले में ‘आम आदमी पार्टी’ (AAP) को आरोपित बनाने पर विचार कर रही है। अपनी गिरफ्तारी के समय दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री रहे मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान ईडी ने ये बात कही। सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि क्या वो इसी मामले में आम आदमी पार्टी का नाम शामिल कर रही है? तो ईडी ने कहा कि ये मामला एक ही है, पर हम उसके लिए अलग से केस फाइल करेंगे।

ईडी ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया (एएसजी) एस.वी.राजू के माध्यम से कोर्ट में कहा है कि ‘आम आदमी पार्टी’ पर मनी लॉन्ड्रिंग और आर्टिकल 70 के उल्लंघन का मामला बनता है, इसलिए हम उसे गंभीरता से इस केस में आरोपित बनाने पर विचार कर रहे हैं। जस्टिस संजीव खन्ना और SVN भट्टी की कोर्ट में इस बारे में बहस चली, जिसमें एसवी राजू ने ‘आम आदमी पार्टी’ को लेकर सुप्रीम कोर्ट से ये बात कही।

शराब घोटाले में ही आरोपित बनाई जाएगी आप

इस दौरान जस्टिस खन्ना ने एएसजी से पूछा कि क्या इसी मामले में AAP को आरोपित बनाने वाले हैं, या किसी अन्य मामले में? इस पर एएसजी ने कहा कि वो इसी मामले में आरोपित बनाने वाले हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “आप अपने बयान सावधानी से दें। क्या ‘आम आदमी पार्टी’ को ईडी उसी केस में आरोपित बनाएगी, या अन्य केस में? इस सवाल का जवाब आप कल दीजिएगा। ये अवश्य ही अलग चार्ज में होगा। क्या ये सीबीआई वाले मामले से अलग होगा?”

इसके जवाब में एएसजी एस.वी.राजू ने कहा कि फाइल अलग हो सकती है, लेकिन मामला भ्रष्टाचार का ही है।

सिसोदिया के वकील ने बताया, ये बयान मीडिया के लिए

मनीष सिसोदिया के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने आपत्ति जताते हुए सुप्रीम कोर्ट से कहा कि ASG का बयान सिर्फ मीडिया के लिए है, इस बयान का असर आप कल के समाचार पत्रों में देखिएगा। इसीलिए ऐसे बयान दिए जा रहे हैं, हालाँकि, सुप्रीम कोर्ट ने सिंघवी की आपत्ति को खारिज कर दिया। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ‘आम आदमी पार्टी’ से जुड़ी बात का असर सिसोदिया की जमानत याचिका की सुनवाई पर नहीं पड़ेगा।

अब तक क्यों तय नहीं किए आरोप?

सुनवाई के दौरान जजों ने ईडी से पूछा था कि निचली अदालत में सिसोदिया के खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया अब तक शुरू क्यों नहीं हुई? कोर्ट ने कहा था कि किसी को इस तरह लंबे समय तक जेल रखना गलत है।

बता दें कि दिल्ली आबकारी नीति मामले में आप से जुड़े कई नेता जेल में है। इनमें से दो बड़े नेता संजय सिंह और मनीष सिसोदिया के साथ कई लोगों को ईडी और सीबीआई ने गिरफ्तार किया है, इसी में से मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर सुनवाई हो रही है। मनीष सिसोदिया की काफी संपत्ति जब्त भी की जा चुकी है।

₹28 लाख के जूते, ₹12 लाख का पर्स, ₹5 लाख के स्कार्फ, ₹50000 की दारू… सवाल पूछने के बदले ब्रांडेड माल और कैश लेती थीं महुआ मोइत्रा: वकील का दावा

भाजपा के लोकसभा सांसद निशिकांत दुबे ने रविवार (15 अक्टूबर, 2023) को तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा पर घूस लेकर संसद में सवाल पूछने के आरोप लगाए। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिख कर कार्रवाई की माँग की। ये आरोप अधिवक्ता जय अनंत देहाद्राई द्वारा दी गई सूचनाओं पर आधारित है। अधिवक्ता ने आरोप लगाया है कि कारोबारी दर्शन हीरानंदानी के व्यापारिक हितों को लाभ पहुँचाने के लिए महुआ मोइत्रा ने संसद में सवाल पूछे और बदले में उन्हें न सिर्फ कैश, बल्कि तोहफे भी मिले।

अधिवक्ता जय अनंत देहाद्राई द्वारा दायर की गई शिकायत की प्रति भी ऑपइंडिया के पास मौजूद है। इसमें बताया गया है कि संसद में सवाल पूछने की एवज में महुआ मोइत्रा को तोहफे में क्या-क्या मिला। हमने रिसर्च कर के पता लगाया कि उन्हें जो-जो चीजें मिलीं, उनके क्या दाम है। सबसे पहली चीज जिनका जिसमें जिक्र है वो हैं iPhone, एप्पल कंपनी के महँगे फोन। हाल ही में फेसबुक पर अपलोड की गई महुआ मोइत्रा की एक तस्वीर में उन्हें iPhone 14 Pro मॉडल का फोन रखे हुए देखा जा सकता है।

iPhone 14 प्रो मॉडल के मोबाइल के साथ टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा

हमने जब अमेजन पर चेक किया तो पाया कि इस फोन की कीमत 1,39,990 रुपए है। इस सूची में जिस दूसरी चीज का नाम है, वो है Hermes कंपनी के स्कार्फ। इसकी अमेरिकी वेबसाइट पर एक स्कार्फ की कीमत 510 डॉलर (42,459 रुपए) दिखा रहा है। हालाँकि, Luxepolis वेबसाइट पर इसे 30-38 हजार रुपए में खरीदा जा सकता है। हालाँकि, अधिवक्ता जय अनंत देहाद्राई ने इस बारे में कुछ नहीं बताया है कि ऐसे कितने स्कार्फ महुआ मोइत्रा को दिए गए थे।

तीसरी चीज जिसका इसमें जिक्र किया गया है वो है – Louis Vuitton कंपनी के स्कार्फ। इनके दाम 50,000 रुपए से लेकर 4.95 लाख रुपए तक होते हैं। भारत में कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर ये जानकारी दी गई है। इतना ही नहीं, Salvatore Ferragamo के 35 जोड़े जूते भी महुआ मोइत्रा को मिले। Fashiola जैसी वेबसाइट पर इसके दाम देखे जा सकते हैं। इन्हें 70,000 रुपए से लेकर 1.10 लाख रुपए तक में खरीदा जा सकता है।

अगर हम एक जूते का दाम 80,000 रुपए भी ले लें तो आरोपों के हिसाब से कम महुआ मोइत्रा को 28 लाख रुपए के जूते मिले होंगे। इस लिस्ट में अगली जो चीज है वो है शराब। फ्रांस और इटली से वाइन मँगाई गई थी। 5000 रुपए से लेकर 50,000 रुपए प्रति बोतल तक की ये दारू मिलती है। इतना ही नहीं, प्रीमियम कंपनी Gucci का बैग भी उन्हें दिया गया, ऐसा दावा है। ऐसा एक बैग 2 लाख रुपए तक में मिलता है। एडवोकेट जय अनंत देहाद्राई ने बताया कि महुआ मोइत्रा को मगरमच्छ के चमड़े से बना बैग भी मिला।

शिकायत की मानें तो महुआ मोइत्रा को कुछ इसी तरह की दारू की बोतल मिली

ये Berluti कंपनी का आता है और इसके दाम 12 लाख रुपए तक होते हैं। महुआ मोइत्रा को अक्सर संसद में महँगे सामान के साथ देखा जाता है। उन्हें Louis Vuitton का एक 1.60 लाख रुपए का बैग रखे हुए भी कैमरे में कैद किया गया था। संसद की एक बहस के दौरान उन्हें ये बैग रखे हुए देखा गया था। अनंत का कहना है कि उन्होंने महुआ को अपने घर पर 20,000 पाउंड (20.27 लाख रुपए ) गिनते हुए देखा था। बताया गया था कि कैश वो अक्सर भारतीय रुपए और पाउंड में लेती थीं।

गाजा पर कब्जा नहीं करेगा इजरायल, बोले PM नेतन्याहू- हमास का सफाया है लक्ष्य: लेबनान सीमा भी खाली करवाया, युद्धविराम के आसार नहीं

इजरायल और हमास के बीच जारी संघर्ष में कोई हल निकलता नहीं दिख रहा है। इजरायल ने गाजा पट्टी पर जमकर हमले किए हैं, जिसमें सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है। इजरायल का कहना है कि वह हमास को पूरी तरह से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि वह गाजा पर कब्जे की नहीं सोच रहे, बल्कि पूरा इजरायल हमास के खात्मे के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि हमास एक इस्लामिक आतंकवादी संगठन है, जो इजरायल के लोगों को मार रहा है।

दक्षिणी गाजा में नहीं हुआ युद्धविराम, मिस्र ने नहीं खोली सीमा

मीडिया में आ रही खबरें, जिसमें बताया गया है कि मिस्र से लगती सीमा खोल दी गई है, ताकि लोग मिस्र के अंदर जा सकते हैं। इजरायल ने इन दावों को खारिज कर दिया। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि दक्षिणी गाजा में अभी तक किसी युद्धविराम पर सहमति नहीं हुई है।

बता दें कि अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने मिस्र में संवाददाताओं से कहा था कि क्रॉसिंग मानवीय सहायता के लिए खुलेगी। ब्लिंकन ने कहा, “हम संयुक्त राष्ट्र के साथ, मिस्र के साथ, इजराइल के साथ, अन्य के साथ मिलकर एक ऐसा तंत्र बना रहे हैं जिसके जरिए सहायता प्राप्त की जा सके और इसे उन लोगों तक पहुँचाया जा सके जिन्हें इसकी जरूरत है। लेकिन इजरायल ने इससे इनकार कर दिया है।

इजरायल ने 199 बंधकों की पहचान की, बरामदगी के प्रयास तेज

आईडीएफ के प्रवक्ता रियर एडमिरल डैनियल हगारी का कहना है कि सेना ने अब तक 199 बंधकों के परिवारों को सूचित किया है कि उनके लोगों को गाजा पट्टी में बंधक बनाकर रखा गया है। इनमें कई बुजुर्ग, बच्चे और महिलाएँ शामिल हैं। हगारी का कहना है कि सेना के पास गाजा पट्टी में हमास द्वारा बंधक बनाए गए लोगों के ठिकाने के बारे में कुछ जानकारी है। उन्होंने आगे कहा, “हम ऐसा कोई हमला नहीं करेंगे, जिससे हमारे लोगों को ख़तरा हो।” वहीं, इजरायल में हमास का समर्थन करने वाले 100 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इजरायल ने आंतरिक तौर पर ऐसी गिरफ्तारियों की अनुमति दी है। येरुशलम पोस्ट ने इस बारे में जानकारी दी है।

इस बीच, इजरायली सेना ने एक वीडियो जारी किया है, जो हमास आतंकवादी द्वारा बनाया गया था। इस वीडियो में वो लोगों को मारते दिख रहा है, जिसे आखिर में इजरायली सुरक्षा बल के लोग मार गिराते हैं। इस वीडियो में आखिर में वो गिर जाता है और मर जाता है।

इजरायल ने यूएन पर लगाए गंभीर आरोप

इजरायल ने यूएन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इजरायली सेना ने कहा है कि हमास के हमलावरों को यूएन के राहत कार्यों से मदद पहुँच रही है। यूएन की तरफ से दी जा रही सहायता सीधे उन हमास आतंकियों तक पहुँच रही है, जो 7 अक्टूबर को इजरायली लोगों के नरसंहार में शामिल थे।

लेबनान से सटी सीमा से अपने नागरिकों को हटा रहा इजरायल

इस बीच, लेबनान के अंदर से इजरायल पर हो रहे रॉकेट हमलों को देखते हुए इजरायली सेना उत्तरी सीमा पर पहुँच चुकी है और लेबनान से लगी सीमा से 2 किमी के दायरे में रह रहे आम लोगों को इजरायल के आंतरिक इलाकों में जाने को कहा गया है। इजरायली सेना की ये कार्रवाई बताती है कि तनाव हमास के साथ ही हिज्बुल्ला के साथ भी बढ़ गया है और इस सीमा पर इजरायली सेना हिज्बुल्लाह के खिलाफ बड़ा अभियान चलाने जा रही है।

हमास के हमलों में 1400 से अधिक की मौत

बता दें कि हमास के हमले में इज़राइल में मरने वालों की संख्या अब 1,400 से अधिक हो गई है, करीब 4000 लोग घायल हुए हैं, जिनमें मुख्य रूप से आम नागरिक शामिल हैं। हमास द्वारा आतंकी हमले के जवाब में इज़राइल ने गाजा में हमास के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया है। इसके साथ ही उत्तरी गाजा में बिजली, पानी और राशन की आपूर्ति को रोकते हुए सीज कर दिया है। इजरायल ने उत्तरी गाजा के लोगों को दक्षिणी गाजा जाने के लिए कहा, ताकि वो जमीनी स्तर पर अपने हमलों को शुरू कर सके।

हमास पर ताबड़तोड़ हमले जारी, मौतों की संख्या

इस बीच, रायटर्स ने गाजा के अधिकारियों के हवाले से बताया है कि इजरायली हमले में अब तक कम से कम 2750 लोग मारे जा चुके हैं, तो 10 हजार से अधिक लोग घायल हुए हैं। मरने वालों में महिलाएँ और बच्चे भी शामिल हैं, क्योंकि इजरायल अभी तक हवाई हमले ही कर रहा है। वहीं, इन हमलों के साथ ही 1000 लोग लापता भी हैं। इजरायल के जमीनी हमले की सूरत में ये आँकड़े तेजी से बढ़ सकते हैं।

‘नूपुर शर्मा की तरह अब मेरे पीछे पड़ा जिहादी मोहम्मद ज़ुबैर’: अमेरिका की महिला पत्रकार ने बताया, इजरायली अधिकारी ने फैक्टचेकर को फेक न्यूज फैलाने पर लताड़ा

कटा हुआ वीडियो शेयर करने के लिए कुख्यात मोहम्मद ज़ुबैर अब इजरायल-हमास युद्ध को लेकर प्रोपेगंडा फैलाने में लग गया है। सोमवार (16 अक्टूबर, 2023) को अमेरिका स्थित ‘RAIR फाउंडेशन’ की संस्थापक और इनवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट एमी मेक ने मोहम्मद ज़ुबैर के AltNews द्वारा चलाए जा रहे प्रोपेगंडा को लेकर आगाह किया। उन्होंने कहा कि जैसा मोहम्मद ज़ुबैर ने नूपुर शर्मा के साथ किया था, वैसे ही अब वो अब उन्हें निशाना बना रहा है, सिर्फ इसीलिए, क्योंकि उन्होंने हमास जैसे इस्लामी आतंकी संगठनों की पोल खोली।

उन्होंने भारत में अपने फॉलोवर्स को आगाह करते हुए कहा कि मोहम्मद ज़ुबैर नाम का एक ‘जिहादी’ वामपंथी फेक न्यूज़ पोर्टल चलाता है, जो उन्हें और उनके जैसे कई लोगों को निशाना बना रहा है। उन्होंने उसे हिन्दू घृणा और यहूदी घृणा से सना बताते हुए याद दिलाया कि कैसे उसने नूपुर शर्मा के जीवन को खतरे में डाला था। बता दें कि नूपुर शर्मा का एडिटेड वीडियो शेयर करने के बाद कन्हैया लाल तेली और उमेश कोल्हे की हत्याएँ हुई थीं। ‘सर तन से जुदा’ गिरोह ने भाजपा की निलंबित नेता नूपुर शर्मा को धमकियाँ दी थीं।

एमी मेक ने याद दिलाया कि कैसे नूपुर शर्मा ने इस्लाम की पुस्तकों से तथ्य उद्धृत किए थे और पैगंबर मुहम्मद की बीवियों में से एक आयशा की उम्र बताई थी जो उस समय मात्र 6 साल की थी। इसके बाद उन्हें हत्या की धमकियाँ मिलने लगीं। अमेरिकी महिला पत्रकार ने कहा कि मोहम्मद ज़ुबैर भारत में गिरफ्तार भी किया गया था और वो एक खतरनाक व्यक्ति लगता है जो अपने समर्थकों को लोगों को प्रताड़ित करने के लिए उकसाता है।

उन्होंने ये सवाल भी दागा कि क्या मोहम्मद ज़ुबैर को अरबपति जॉर्ज सोरोस की ‘ओपन सोसायटी फाउंडेशन’ से पैसे मिलते हैं? जो भारत में रह रहे भारत विरोधी तत्वों की फंडिंग करता है? उन्होंने लोगों से मोहम्मद ज़ुबैर के बारे में और सूचनाएँ साझा करने की अपील की। साथ ही कहा कि उन्होंने सुना है कि वो लोगों की प्राइवेट जानकारियाँ भी खुलेआम शेयर कर देता है। याद दिला दें कि नूपुर शर्मा मामले में ज़ुबैर ने बड़ी चालाकी से उस बहस में शामिल तस्लीम रहमानी का वीडियो काट कर हटा दिया था, जो बार-बार शिवलिंग पर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ कर रहा था।

मध्य-पश्चिम भारत में इजरायल के काउंसल जनरल कोब्बी शोषनी ने भी मोहम्मद ज़ुबैर की ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) प्रोफाइल का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा, “इजरायल को लेकर झूठ खबरें और घृणा फैलाना बंद करो। अगर तुम सच में अपने-आप को फैक्टचेकर बताते हो तो इजरायल जाओ।” मोहम्मद ज़ुबैर लगातार ट्विटर का इस्तेमाल कर के हमास को पीड़ित दिखाने में लगा हुआ है। जबकि हमास एक आतंकवादी संगठन है जिसने इजरायल में नरसंहार किया।

इजरायल इस वक्त कई फ्रंड पर युद्ध लड़ रहा है। न सिर्फ हमास, बल्कि लेबनान का हिज्बुल्ला भी उसके पीछे पड़ा हुआ है। हिज्बुल्ला ने सीमा पर इजरायल की सेना (IDF) के सर्विलांस कैमरों को तबाह करने का दावा किया है। हमास ने इजरायल की राजधानी तेल अवीव में फिर से रॉकेट्स दागे हैं। इजरायल में 1400 लोग हमास के हमलों में मारे जा चुके हैं। अब तक 3968 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 351 अब भी अस्पताल में हैं।