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1 दिन में लाउडस्पीकर से 35 लाख अज़ान ठीक, लेकिन 3 शब्द से दिक्कत: जिन भारतीयों का खून बहाता है Pak वो क्यों माँगें माफ़ी, पाकिस्तानी खिलाड़ियों के ‘ज़हर’ का क्या?

आँकड़ों की मानें तो भारत में लगभग 7 लाख मस्जिदें हैं। इस्लाम के हिसाब से दिन भर में 5 बार मस्जिदों से अज़ान दी जाती है। इसके लिए लाउडस्पीकरों का इस्तेमाल किया जाता है। यानी, मस्जिद के आसपास के इलाकों में रह रहे लोग भले ही हिन्दू, जैन, सिख, ईसाई, बौद्ध, पारसी या यहूदी हों – उन्हें अजान सुननी ही सुननी है। अगर अनुमान लगाएँ तो अकेले भारत में 1 दिन में 35 लाख अज़ान होते हैं मस्जिदों से। इसमें कोई कुछ नहीं कर सकता, कहीं शिकायत नहीं हो सकती।

अब उस घटना की बात करते हैं, जिसे मद्देनज़र रखते हुए इन आँकड़ों का जिक्र मैंने किया। शनिवार (14 अक्टूबर, 2023) को भारत और पाकिस्तान के बीच ICC वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का लीग मैच हुआ। भारत ने पाकिस्तान को 7 विकेट से पटखनी दे दी। जब पाकिस्तान के विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान जब आउट होकर पवेलियन की तरफ जा रहे थे तब दर्शकों ने उनकी हूटिंग की। इस दौरान ‘जय श्री राम’ के नारे भी लगे। भारत को पाकिस्तान का ‘बाप’ बताने वाले नारे भी लगे।

मोहम्मद रिजवान कौन हैं? ये पाकिस्तान का वो खिलाड़ी है, जो श्रीलंका के खिलाफ मिली जीत को फिलिस्तीन को समर्पित करता है। जबकि फिलिस्तीनी आतंकियों ने इजरायल में डेढ़ हज़ार लोगों का नरसंहार किया है और भारत सरकार इजरायल के साथ खड़ी है। ये वो खिलाड़ी है, जो मैदान पर नमाज़ पढ़ता है। ताज़ा उदाहरण लें तो नीदरलैंड्स के खिलाफ हुए मैच में उन्होंने मैदान पर नमाज़ पढ़ी। ये वो खिलाड़ी है, जो विदेश में सड़क पर नमाज़ पढ़ता है। अमेरिका के बॉस्टन में उन्होंने कार रुकवा कर सड़क पर नमाज़ पढ़ी थी।

पाकिस्तान से माफ़ी माँगने वाली ब्रीड

हमने प्रतिदिन 35 लाख अज़ान वाले आँकड़े को जाना, भारत-पाकिस्तान मैच में दर्शकों की हूटिंग को लेकर जाना और मोहम्मद रिज़वान के बारे में जानना। अब जानते हैं भारत में बैठे उन लोगों के बारे में जो पाकिस्तान से माफ़ी माँग रहे हैं। क्यों? क्योंकि 110 करोड़ हिन्दुओं के देश में हिन्दू समाज के आराध्य भगवान श्रीराम का नाम लिया गया एक बार। आप सोचिए, 28 लाख नमाज़ प्रतिदिन के बदले 1 बार ‘जय श्री राम’ नारे से इनलोगों को इतनी दिक्कत हो गई कि उस पाकिस्तान से माफ़ी माँग रहे हैं जो भारतीयों का खूब बहाता रहा है।

दर्शकों ने अगर मैदान में ‘जय श्री राम’ कह दिया तो क्या हो गया? इसका अर्थ क्या है? इसका मतलब है – माँ सीता और भगवान राम की विजय हो। इसका ऐसा तो कतई मतलब नहीं है कि दुनिया में राम के सिवा कोई ईश्वर नहीं है और जो राम को न माने वो काफिर है और उसे मार डालो। उन्होंने तो ‘जय श्री राम’ बोलने के लिए लाउडस्पीकर का भी इस्तेमाल नहीं किया था। जहाँ हिन्दू हैं, वहाँ राम का नाम लिया ही जाएगा। हम तो आपस में मिलते-जुलते भी हैं तो ‘राम-राम’ कह कर एक-दूसरे का अभिवादन करते हैं।

आइए, अब आपको मिलवाते हैं उस गिरोह से। सबसे पहले तो तमिलनाडु के मंत्री और DMK नेता उदयनिधि स्टालिन से मिलिए, जिन्होंने सनातन धर्म को डेंगू-मलेरिया बताया था। साथ ही इसे खत्म करने की बात की थी। उस कार्यक्रम में, जिसकी टैगलाइन ही थी ‘सनातन का खात्मा’। आज वो भाईचारे की बात कर रहे हैं। आज उन्हें ‘अतिथि देवो भव’ की याद आई है। यानी, आज पाकिस्तानपरस्ती के लिए वो सनातन धर्म से ही पंक्ति उधार लेकर हिन्दुओं को नीचा दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।

उनका ये सिद्धांत तब कहाँ चला जाता है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करने तमिलनाडु जाते हैं और DMK का आईटी सेल ‘गो बाइक मोदी’ ट्रेंड करवाता है। कावेरी नदी को लेकर जब कर्नाटक और तमिलनाडु की एक ही गठबंधन की सरकारें आपस में लड़ती हैं, तब कहाँ चला जाता है उदयनिधि स्टालिन का ‘भाईचारा’? दुनिया भर में जिस धर्म के 120 करोड़ अनुयायी हैं, उसे खत्म करने की बात करना और विरोध के बावजूद उस पर कायम रहना कहाँ तक उचित है? आज उन्हें बहुत सारा ज्ञान याद आ रहा देने को।

इस पूरे विवाद को लेकर पहले तो हिन्दुओं को नीचा दिखाया गया, फिर गुजरातियों को भला-बुरा कहा जाने लगा। गुजरात ने 3 दशकों से कॉन्ग्रेस को सत्ता से बाहर रखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह वहीं से हैं, ऐसे में गुजरात से लेकर घृणा बार-बार दिखाई है विपक्षी नेताओं ने। कभी राहुल गाँधी ‘मोदी’ सरनेम पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हैं तो कभी तेजस्वी यादव गुजरातियों को चोर बताते हैं। गुजरात के प्रति ये खुन्नस ही है कि भारत-पाकिस्तान मैच में ‘जय श्री राम’ नारा लगने को तूल देते हुए उन्हें नीचा दिखाया जाने लगा।

ऐसे मौकों पर ‘इंडिया टुडे’ के पत्रकार राजदीप सरदेसाई अगर न बोलें तो कैसे काम चल सकता है। उन्होंने हिन्दुओं पर खूब ज्ञान झाड़ा। उन्होंने पूछा कि ‘जय श्री राम’ का इस्तेमाल ‘पाकिस्तानी खिलाड़ियों को चिढ़ाने के लिए आक्रामक रूप से’ क्यों किया जाता है? उनकी नज़र में ‘राम-राम’ अलग है और ‘जय श्री राम’ अलग। उन्होंने भगवान श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम बताते हुए कहा कि उन्हें ज्ञान लाना चाहिए, दुश्मनी नहीं। हालाँकि, राजदीप सरदेसाई ने ये नहीं बताया कि ‘जय श्री राम’ में आक्रामक क्या है और इससे दुश्मनी कहाँ से आ जाती है?

वहीं खुद को नेहरूवादी बताने वाले आदित्य चटर्जी व शांतनु, कॉन्ग्रेसी प्रवीण चक्रवर्ती, पत्रकार राहुल फर्नांडिस, पार्थ एमएन और न जाने कितने ही लिबरलों ने याद दिलाया कि कैसे 1999 में चेन्नई में पाकिस्तान को स्टैंडिंग ओवेशन मिला था दर्शकों द्वारा। लेकिन, कोई ये नहीं बता रहा कि इसके बाद क्या हुआ था। भारतीय सेना के कैप्टेन सौरभ कालिया का अपहरण कर लिया गया, उन्हें प्रताड़ित किया गया और उनकी हत्या कर दी गई। ‘जाट रेजिमेंट’ के इस जवान को पाकिस्तान ने 15 मई से 7 जून तक लगातार प्रताड़ित किया।

क्या पाकिस्तान को स्टैंडिंग ओवेशन दिए जाने से सब कुछ बदल गया? कारगिल में भारत के 527 जवानों का हत्यारा कौन था? यही पाकिस्तान था। ये भी 1999 की घटना है। इसकी चर्चा क्यों नहीं? आज पाकिस्तान को सिर्फ इसीलिए सॉरी कहा जा रहा है क्योंकि स्टेडियम में किसी ने ‘जय श्री राम’ कह दिया, लेकिन भारत के सैकड़ों निर्दोषों का खून बहाने वाले आतंकियों का पोषक जो पाकिस्तान है, वो आगे भी इन्हीं हरकतों को जारी रखेगा और सॉरी नहीं बोलेगा। हाँ, सॉरी बोलने से भी न तो इतिहास बदल जाएगा और न ही आगे कोई फर्क पड़ेगा।

और हाँ, किसी खिलाड़ी को दर्शकों द्वारा चिढ़ाना कोई नया है क्या? किस खेल में ऐसा नहीं होता है? ऑस्ट्रेलिया में विराट कोहली को कई बार दर्शकों ने बू किया। स्टीवन स्मिथ 2018 के बॉल टैम्परिंग की घटना के बाद दर्शकों द्वारा चिढ़ाए गए। इसमें इस्लाम या संप्रदायवाद का कोई लेना-देना नहीं है। जिसका जैसा व्यवहार रहेगा, उस हिसाब से उसके साथ व्यवहार होगा। पाकिस्तानी टीम कैसे-कैसे बयान देती है? कभी ‘कुफ्र टूट गया’ जैसी बातें की गई थीं, इस्लाम की फतह जैसी बातें की गई थीं, पीएम मोदी को हराने जैसी बातें की गई थीं।

भारत और हिन्दुओं के खिलाफ ज़हर उगलते रहे हैं पाकिस्तानी खिलाड़ी

T20 वर्ल्ड कप 2021 के मैच के बाद पाकिस्तान के गृह मंत्री शेख रशीद, यूट्यूबर मुबाशेर लुकमान और कमेंटेटर बाजिद खान ने इसी तरह के बयान दिए थे। इसीलिए, भारतीय दर्शकों का विरोध पाकिस्तान और उसके खिलाड़ियों से था, किसी मजहब से नहीं। यहाँ कोई धार्मिक आक्रामकता या सांप्रदायिकता नहीं थी, बल्कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों और पाकिस्तान के प्रति गुस्सा था। भारतीयों और हिन्दुओं को बार-बार नीचा दिखाने वालों को एक बार ‘जय श्री राम’ सुना दिया गया तो भारत में ही बैठे गद्दार क्यों बिलबिला उठे?

ये गुस्सा उस पाकिस्तान के लिए था, जिनके खिलाड़ियों के बयानों पर यहाँ का लिबरल गिरोह निंदा तक नहीं करता और प्रतिक्रिया में 3 शब्द आते ही सक्रिय हो जाता है। IPL के पहले संस्करण में सबसे ज़्यादा विकेट झटकने वाला सोहैल तनवीर कहता है कि हिन्दुओं की ‘ज़ेहनियत’ ऐसी है कि उन्होंने कर दिया जो भी कहना था। IPL 2009 में न बिकने के बाद उसने हिन्दुओं पर गुस्सा निकाला था। इसके बाद पाकिस्तानी एंकर ‘मुँह में राम, बगल में छुरी’ कहावत बोलते हुए बनियों को भला-बुरा कहता है।

पाकिस्तान का पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने घर का टीवी इसीलिए फोड़ दिया, क्योंकि उसकी बेटी भारतीय सीरियल देख कर आरती उतारने की नक़ल कर रही थी। पाकिस्तानी बल्लेबाजी अहमद शहज़ाद मैदान में ही श्रीलंका के बल्लेबाज तिलकरत्ने दिलशान के धर्मांतरण का कोशिश करता है। वो कहता है कि इस्लाम में आ जाओ अगर जन्नत में जाना है तो, वरना आग में जलने के लिए तैयार रहो। पाकिस्तान का पूर्व कप्तान इनम=जामं-उल-हक़ कहता है कि मुसलमान अगर अपनी मुसलमानियत पर आ गए तो दुनिया में एक भी गैर-मुस्लिम नहीं बचेगा।

पूर्व स्पिनर और पाकिस्तान का कोच रहे सक़लैन मुश्ताक ने बताया था कि कैसे उसने युसूफ योहाना को लालच दिया कि वो इस्लाम में परिवर्तित हो जाए तो उसका बैटिंग औसत बढ़ जाएगा और उसने कुरान पढ़ना शुरू किया। फिर वो मोहम्मद युसूफ बना। पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने कई बार बताया है कि कैसे विपक्षी खिलाड़ियों के धर्मांतरण का वो प्रयास करते रहे हैं। पूर्व तेज गेंदबाज वसीम वकार यूनुस है कि मोहम्मद रिजवान हिन्दुओं के बीच नमाज पढ़ कर आया, ये इस खेल को लेकर सबसे अच्छी चीज है।

कुछ लोग ये तर्क दे सकते हैं कि भारत भी वही करेगा जो पाकिस्तान कर रहा है, तो हममें और उनमें अंतर क्या रह जाएगा। लेकिन, असली बात तो ये है कि भारत में क्रिकेट की चर्चा कभी धर्म तक जाती भी नहीं। ऐसा होता तो अफगानिस्तान और बांग्लादेश से मैच के बाद भी ऐसे नारे लगते। यहाँ तो उलटा अफगानी प्लेयरों को सम्मान मिला है। न तो भारतीय खिलाड़ियों ने किसी के धर्मांतरण का प्रयास किया और न ही ग्राउंड में पूजा-पाठ करते हैं वो। फिर आखिर पाकिस्तान के सामने हमेशा झुकने की उम्मीद क्यों रखी जाती है भारतीयों से?

भारत में ‘जय श्री राम’ ही चलेगा, माफ़ी हम नहीं पाकिस्तान माँगे

जिस देश में राम का जन्म हुआ, जहाँ हिन्दुओं ने राम मंदिर के लिए 500 साल का संघर्ष किया है और बलिदान दिया है, जहाँ घर-घर में रामकथा सुनाई जाती है, जहाँ हर क्षेत्र की अलग-अलग रामलीला होती है, जहाँ ‘रामायण’ सबसे ज़्यादा पसंद किया जाने वाला सीरियल है, जहाँ हर माँ-बाप अपने बेटा को राम बनाना चाहता है, जहाँ अयोध्या से लेकर रामेश्वरम तक कई स्थल राम से जुड़े हुए हैं, जहाँ अधिकतर जगहों और लोगों के नाम में ‘राम’ है और जहाँ मरने के बाद भी राम का नाम लिया जाता है – उस देश में राम नाम से इतनी दिक्कत क्यों?

अगर माफ़ी माँगना है तो पाकिस्तान माँगे जिसने उरी, पठानकोट और पुलवामा में भारतीय जवानों की हत्याएँ की। जिसने मुंबई में 26/11 जैसे हमले को अंजाम देकर सैकड़ों लोगों को मौत के घाट उतार दिया। जिसके द्वारा पोषित आतंकियों ने कश्मीर में खून बहाया। जिसकी विचारधारा पर चल कर कश्मीरी पंडितों को घाटी से निकाल दिया गया। जिसने जम्मू कश्मीर के एक बड़े हिस्से पर कब्ज़ा कर रखा है। माफ़ी भारत क्यों माँगे? भारत की तरफ से माफ़ी माँगने की बात करने वाले इस देश का प्रतिनिधित्व नहीं करते, उन्हें पाकिस्तान समर्थक ही समझा जाए।

फिलिस्तीन के लिए चंदा माँग रहा था यूपी पुलिस का कॉन्स्टेबल सोहेल अंसारी: योगी सरकार ने किया सस्पेंड

हमास के समर्थन में भारत के भी कई मुस्लिम खुलेआम लिखने और बोलने से बाज नहीं आ रहे हैं। इसी कड़ी में अब एक मामला आया उत्तर प्रदेश पुलिस का, जहाँ एक कांस्टेबल को फ़िलिस्तीन के प्रति समर्थन व्यक्त करने और फ़िलिस्तीन के लिए चंदा माँगने के मामले में अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। आरोपित कांस्टेबल का नाम सोहेल अंसारी है। सोहेल अंसारी ने फेसबुक पर पोस्ट करके फिलिस्तीन के समर्थन के लिए चंदे की अपील की थी। 

जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। चन्दन शर्मा नाम के एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, “यह है मोहम्मद सोहेल अंसारी, उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल हैं। 

फिलिस्तीनी आतंकवादियों के लिए यह फेसबुक पर पोस्ट करके चंदा माँग रहे थे लेकिन योगी बाबा के रडार पर आ गए, उम्मीद करते हैं आतंकवादी समर्थक का जल्दी ही वर्दी जाएगा और जेल की हवा खाएगा, फिलहाल इस आतंकवादी समर्थक के अब्बू माफी माँगते हुए बोल रहे है कि बच्चा है गलती हो गया। 

दरअसल, कांस्टेबल सोहेल अंसारी ड्रोन कैमरा उड़ाने वाली टीम में तैनात हैं मगर फिलहाल वह अपनी सोशल मीडिया पोस्ट की वजह से जाने जा रहे हैं, फिलिस्तीन के लिए मदद की गुहार लगा रहे हैं और लोगों से चंदा माँग रहे हैं!

इस पूरे मामले पर लखीमपुर खीरी जिले के एडिशनल एसपी नेपाल सिंह ने बताया, “इस संदर्भ में जाँच की जा रही है, जाँच में जो भी तथ्य आएँगे, जो भी सही होगा, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।”

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में पुलिस अधिकारियों ने कांस्टेबल सोहेल अंसारी के खिलाफ कार्रवाई की है। मामला सामने आने के बाद एडिशनल एसपी को जाँच का जिम्मा सौंपा गया था। जाँच में आरोपों में दम पाया गया, जिसके परिणामस्वरूप कांस्टेबल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई। फ़िलहाल, सिपाही सोहेल अंसारी को निलंबित कर दिया गया है। 

फिलिस्तीन के लिए समर्थन में सोहेल का पोस्ट 

कांस्टेबल सोहेल अंसारी ने अपने फेसबुक पर फिलिस्तीन के लिए समर्थन व्यक्त करते हुए और इस उद्देश्य के लिए चंदा देने का अनुरोध करते हुए पोस्ट किया था। सोहेल अंसारी ने अपने फेसबुक पर लिखा था, “HELP SAVE PALESTINE.  I REPOST =$1 ALL DONATION ARE DIRECTLY SENT TO…. ADD TO STORY TO HELP SAVE PALESTINE.

इसके बाद कॉन्स्टेबल सोहेल अंसारी की पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। एक बार जब पुलिस अधिकारियों को मामले की जानकारी हुई, तो उन्होंने कांस्टेबल के खिलाफ जाँच शुरू की। 

वहीं जब इस मामले में पुलिस अधिकारियों ने पूछताछ की तो कांस्टेबल ने दावा किया कि यह उसके बेटे की गलती थी। हालाँकि, उन्होंने अपना पूरा फेसबुक अकाउंट डिलीट कर दिया है। फ़िलहाल, लखीमपुर के एसपी ने पहले ही मामले की जाँच के आदेश जारी कर दिए थे। 

चाकू, एसिड, यूज किए हुए कंडोम, बोतलें और बिखरे कपड़े… बंगाल में मिली महिला की जली हुई लाश, शरीर पर वार के निशान: पहचानना भी मुश्किल

पश्चिम बंगाल में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले तेजी से बढ़े हैं। बामुश्किल 20 दिन पहले 24 परगना में एक बांग्लादेशी महिला की हत्या कर दी गई थी और पहचान छिपाने के लिए उसके चेहरे को जला दिया गया था। ठीक वैसा ही मामला मालदा जिले में सामने आया है, जहाँ धान के खेत में एक अज्ञात महिला का शव बरामद हुआ। महिला के शव पर कई निशान मिले हैं और उसकी पहचान छिपाने के लिए उसका चेहरा जला दिया गया है।

गैंगरेप की आशंका, चेहरे के तेजाब से जलाया

स्थानीय लोगों का कहना है कि महिला के कपड़े फटे हैं, ऐसे में उसके साथ गैंगरेप की आशंका भी जताई जा रही है। ये वारदात हरिश्चंद्रपुर ब्लॉक नंबर 1 के कुशीदा ग्राम पंचायत के चोचपारा बंधबन इलाके की है। स्थानीय लोगों की मानें तो महिला का चेहरा तेजाब से जलाया गया है, और शायद उसका शव कहीं से लाकर यहाँ फेंका गया है। महिला के शव के पास से एसिड की बोतलें, चाकू और अन्य सामान भी बरामद किया गया है।

वहीं, पुलिस से जुड़े सूत्रों की मानें तो शरीर पर कई जगहों पर चाकू से वार के निशान हैं। पुलिस ने यह भी कहा कि अपराध स्थल के आसपास चाकू, एसिड, इस्तेमाल किए गए कंडोम और जले हुए कपड़े बिखरे हुए थे। हरिश्चंद्रपुर थाने के प्रबारी देवदूत गजनिरे ने कहा कि यह कहना संभव नहीं है कि महिला के साथ दुष्कर्म हुआ है या नहीं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

मालदा के पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार यादव ने बताया है कि महिला की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घटना की जाँच शुरू हो गई है।

24 परगना में हुआ था ऐसा ही कांड

बता दें कि पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में 26 सितंबर 2023 को एक महिला का शव मिला था। ये शव स्वर्णपुर के गोबिंदपुर इलाके के फील्ड में पड़ा मिला था। महिला की गर्दन को चाकू से कर मौत के घाट उतारा गया था। अपराधियों ने उसकी पहचान को छिपाने के लिए चेहरे को भी जला दिया था।

इस मामले में पुलिस ने उसने प्रेमी नासेर मिल्स को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उस महिला का नाम सोमैया अख्तर था और वो बांग्लादेश की रहने वाली थी। महिला के शव मिलने का वीडियो वायरल हो गया था, जिसमें उसके दोनों हाथों के घुटने से नीचे से एक लकड़ी के सहारे बाँध कर, चेहरे पर कपड़े डालकर आग लगा दी गई थी।

इजरायल-हमास युद्ध के बीच भारत का ‘ऑपरेशन अजय’, अब तक 918 की वतन वापसी: मोदी सरकार उठा रही है सारा खर्च

हमास के इजरायल पर हमले के बाद भारत सरकार ने बड़ा ऑपरेशन लॉन्च किया है। ‘ऑपरेशन अजय’ के माध्यम से भारतीयों को इजरायल से सुरक्षित निकाला जा रहा है। इजरायल के हिंसा ग्रस्त क्षेत्र में रहने वाले लोगों में से अब तक 900 से अधिक लोगों को भारत लाया जा चुका है। कुल 18,000 भारतीय इजरायल में रहते हैं, हालाँकि, हिंसाग्रस्त इलाके से ही लोगों को निकाला जा रहा है।

इजरायल से आई चौथी उड़ान के यात्रियों को केंद्रीय राज्यमंत्री मंत्री जरनल (रिटायर्ड) वीके सिंह ने रिसीव किया और उनका स्वागत किया। इस उड़ान के माध्यम से 274 लोग भारत पहुँचे। इस समय से कुल 918 लोग वापस आ चुके हैं। सभी यात्रियों के साथ आगे की यात्रा के तालमेल के लिए उनके राज्यों के प्रतिनिधिमंडल भी लगातार एयरपोर्ट पर ही मौजूद हैं। विदेश मामलों के मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने चौथी उड़ान की लैंडिंग की जानकारी दी।

क्या है ऑपरेशन अजय?

‘ऑपरेशन अजय’ भारत सरकार द्वारा इजरायल में फँसे भारतीयों को वापस लाने के लिए शुरू किया गया एक सैन्य अभियान है। यह अभियान 11 अक्टूबर, 2023 को शुरू हुआ और पहले बैच में दो सौ से अधिक भारतीयों को इजरायल से भारत वापस लाया गया। 12 अक्टूबर को पहली उड़ान दिल्ली पहुँची थी। ‘ऑपरेशन अजय’ के तहत, भारतीय वायुसेना ने इजरायल के लिए विशेष उड़ानें चलाई हैं। इन उड़ानों में भारतीय नागरिकों को इजरायल से भारत वापस लाया जा रहा है। अभी तक कुल चार उड़ानें भारत पहुँच चुकी हैं।

क्यों चलाया जा रहा है ‘ऑपरेशन अजय’?

‘ऑपरेशन अजय‘ इजरायल और हमास के बीच जंग के कारण चलाया जा रहा है। इस जंग के कारण इजरायल में सुरक्षा स्थिति बिगड़ गई है। भारत सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है और उन्हें वापस लाने के लिए ऑपरेशन अजय शुरू किया है। इजरायल में लगभग 18,000 भारतीय रहते हैं। इजरायल में भारतीयों का सबसे बड़ा समुदाय तेल अवीव में है, जो इजरायल की राजधानी और सबसे बड़ा शहर है। तेल अवीव पर कुछ समय उड़ाने रुकी हुई थी, लेकिन अब लोगों को निकाला जा रहा है।

‘ऑपरेशन अजय’ को भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा समन्वित किया जा रहा है। इस अभियान में भारतीय सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना के जवान भी शामिल हैं। ‘ऑपरेशन अजय’ को भारतीय सरकार की एक सफलता के रूप में देखा जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से भारत सरकार ने दिखाया है कि वो अपने नागरिकों को सुरक्षित रूप से वापस लाने में सक्षम है।

अब तक इतने लोग आ चुके हैं वापस

पहली फ्लाइट में कुल 212 लोगों को इजरायल से लाया गया। शनिवार को दूसरी फ्लाइट दिल्ली पहुँची थी, जिसमें 235 लोगों का समूह था। 197 लोगों के साथ तीसरी फ्लाइट आज सुबह ही पहुँची थी तो चौथी फ्लाइट में कुल 274 लोगों को लाया गया है। ये ऑपरेशन तब तक चलता रहेगा, जबतक इजरायल से सभी 18,000 भारतीयों को सुरक्षित नहीं कर लिया जाता।

इजरायल पर हमास के हमले जारी

इजरायल पर गाजा पट्टी के आतंकवादी संगठन हमास के हमले में अब तक सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बाद इजरायल ने गाजा पट्टी की नाकेबंदी कर दी है और वो अब हमास के सफाए का अभियान चला रहा है। लेकिन इजरायल पर अब भी हमास के आतंकी रॉकेटों से हमले कर रहे हैं। इजरायल पर वेस्ट बैंक, लेबनान के साथ ही सीरिया तक से रॉकेट बरसाए गए हैं। प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उनकी सरकार हमास का खात्मा करने के बाद ही रुकेगी।

‘शशि थरूर और महुआ मोइत्रा में क्या पक रहा है?’: शराब और सिगार वाली तस्वीरों पर TMC सांसद ने तोड़ी चुप्पी, बोलीं- ये निजी फोटोज

सोशल मीडिया पर कॉन्ग्रेस नेता शशि थरूर और TMC सांसद महुआ मोइत्रा की कुछ तस्वीरें वायरल हो रही हैं। इन तस्वीरों में महुआ मोइत्रा शशि थरूर के साथ जाम से जाम टकराती और सिगार को फूँक मारती नजर आ रही हैं। तस्वीरें किसी महँगे होटल या रेस्त्रां की लग रही हैं। हालाँकि, तस्वीरें किस जगह और कब की हैं इसके बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है। 

सोशल मीडिया पर कई हैंडल ने इन तस्वीरों को शेयर करते हुए लिखा, “शशि थरूर और महुआ मोइत्रा में क्या पक रहा है?”

सोशल मीडिया पर इन तस्वीरों के वायरल होने के बाद लोग शशि थरूर और महुआ मोइत्रा को ट्रोल कर रहे हैं। वहीं इस मामले पर महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर ही जवाब दिया है।

महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “मुझे यह देखकर बहुत खुशी हुई कि बीजेपी की ट्रोल सेना द्वारा मेरी कुछ निजी तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर हो रही हैं। मुझे सफेद ब्लाउज की तुलना में हरे रंग की पोशाक अधिक अच्छी लगती है। और क्रॉप करने की जहमत क्यों उठानी है – रात के खाने में बाकी लोगों को भी दिखाओ। बंगाल की महिलाएँ जीवन जीती हैं। झूठ नहीं।

वहीं उनके इस ट्वीट के जवाब में जब किसी ने पूछा कि शराब पीना स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है। इससे कैंसर होता है। 

तब महुआ मोइत्रा ने अपने जवाब में लिखा, “मैं धूम्रपान नहीं करती, मुझे सिगरेट से गंभीर एलर्जी है। मैं बस एक दोस्त के सिगार के साथ मज़ाक के लिए पोज़ दे रही थी। 

ऐसे में अब देखना यह है कि इस मामले में कॉन्ग्रेस नेता शशि थरूर की तरफ से क्या जवाब आता है। महुआ मोइत्रा ने तो अपना पक्ष रख दिया है। फिर भी सोशल मीडिया पर उनके बड़बोलेपन के कारण लोग उन्हें अब भी ट्रोल कर रहे हैं।

₹538 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात, गोरखपुर मंदिर में कलश-स्थापन: CM योगी आदित्यनाथ ने किया दुर्गा पूजा महोत्सव का शुभारंभ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर पहुँचे। यहाँ उन्होंने 538 करोड़ 20 लाख रुपए की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने निगम परिसर में 303 परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया, और अधिकारियों के साथ बैठक भी की। दोपहर के समय उन्होंने स्टेट बैंक की शाखा के गोरखपुर में 100 वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। इसके बाद वो धार्मिक अनुष्ठानों में सम्मिलित हो रहे हैं।

वेस्ट को वेल्थ बनाने की पहल सराहनीय

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुबह 11 बजे नगर निगम परिसर पहुँचे और सालिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए हो रहे कार्यों के मॉडल का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने ‘मिशन शक्ति’ के तहत स्वच्छता व अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 10 महिलाओं को सम्मानित भी किया। इस मौके पर उन्होंने 303 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया, जिसकी कुल लागत 538.20 करोड़ रुपए हैं। गोरखपुर नगर निगम द्वारा आयोजित कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वेस्ट को वेल्थ बनाने की ये पहल अत्यंत सराहनीय है।

इससे स्वच्छता के साथ ही नगर निगम की आमदनी भी बढ़ेगी।

नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि सहजनवाँ में चारकोल प्लांट की स्थापना की जाएगी। इस पर नगर निगम का एक भी रुपया खर्च नहीं होगा, ये एनटीपीसी के CSR फंड से बनाया जाएगा। इन परियोजनाओं से अगले 25 साल में 800 करोड़ रुपए बचाए जाएँगे।

शारदीय नवरात्रि की शुरुआत, गोरखनाथ धाम में शुरू हुए अनुष्ठान

शारदीय नवरात्र के अवसर पर गोरखनाथ धाम में माँ आदिशक्ति की पूजा शुरू हो चुकी है। शाम को करीब 5 बजे योगी आदित्यनाथ बतौर पीठाधीश्वर गोरखधाम में कलश स्थापित करेंगे। इस कलश को मंदिर परिसर में ही स्थित अपने आवास में योगी आदित्यनाथ स्थापित कर माँ शैलपुत्री की पूजा करेंगे, इसके साथ ही गोरखनाथ मंदिर में विजयदशमी महोत्सव की शुरुआत भी हो जाएगी।

स्टेट बैंक की शाखा के 100 साल पूरे, सीएम योगी ने किया संबोधित

गोरखपुर पहुँचने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की शाखा के 100 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया और जनसभा को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनहित के कार्यों को प्रमुखता देती है।

उन्होंने राज्य के विकास में बैंकों की भूमिका को भी अहम करार दिया।

‘नीतीश कुमार के खाने में मिलाई जा रही दवा, इसीलिए हो रहा मेमोरी लॉस’: ललन सिंह पर आरोप, बैठकों में खुद को ही भूल जाते हैं बिहार के CM

बिहार में लोकसभा चुनावों से पहले ही आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। इसी क्रम में अब पूर्व सांसद और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अरुण कुमार ने जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को खाने में मेमोरी लॉस की दवा मिलाकर दी जा रही है। कुछ ऐसा ही बयान प्रशांत किशोर ने भी दिया है। 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हाजीपुर में शनिवार (14 अक्टूबर, 2023) को मीडिया से बात करते हुए अरुण कुमार ने नितीश कुमार के मेमोरी लॉस का दावा किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चीजें भूल जा रहे हैं। उन्हें खाने में मेमोरी लॉस की दवा मिलाकर खिलाई जा रही है। अरुण कुमार ने कहा कि इसकी जाँच कराई जानी चाहिए।

दरअसल, नितीश कुमार के मेमोरी लॉस का मुद्दा प्रशांत किशोर ने उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री के कुछ समय के बात-व्यवहार का हवाला देते हुए कहा कि मानसिक रूप से कमजोर करने के लिए उन्हें ऐसी दवा ललन सिंह के कहने पर दी जा रही है।  

जदयू अध्यक्ष ललन सिंह पर गंभीर आरोप

नीतीश कुमार के भूलने की बीमारी की तरफ इशारा करते हुए चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अरुण कुमार ने इसके लिए जदयू अध्यक्ष ललन सिंह और कुछ अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया।

पूर्व सांसद अरुण कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मानसिक स्थिति खराब हो गई है। वह जनता दरबार में गृह मंत्री खोजने लगते हैं। इसके बाद कोई और उन्हें बताता है कि वह खुद ही प्रदेश के गृह मंत्री भी हैं।

अरुण कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री कभी नेताओं के सिर पकड़कर एक-दूसरे से टकराने लगते हैं। उन्होंने ललन सिंह पर हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग लालू यादव के लिए चारा घोटाला मामले में मुंशी की तरह पैरवी करते थे।

आज वही लालू यादव को मुंशी की तरह समझा दिए हैं कि हम बचा भी सकते हैं। हम फँसाए हैं तो बचा भी सकते हैं। हम नीतीश कुमार को किनारे कर देंगे, आप हमारे नेता हैं, निश्चिंत रहिए। हम जेडीयू को भी खा जाएँगे, आप निश्चिंत रहिए।

उन्होंने कहा कि इन लोगों ने पार्टी को बर्बाद किया। जदयू के कई लोग जो हमसे जुड़े हुए हैं, हमारे पास आ रहे हैं। ऐसी अराजक स्थिति में अब एक ही उम्मीद है चिराग पासवान। जाति, धर्म, पार्टी से ऊपर उठकर सब लोग चिराग को खोज रहे हैं। चाहे खेल का मैदान हो, स्कूल का मैदान हो, कॉलेज हो, गाँव हो, खेत या खलिहान हो।

नीतीश कुमार पर हो रहा उम्र का असर

गौरतलब है कि जनसुराज पदयात्रा के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने भी नितीश कुमार के भूलने की बीमारी का मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को अगर ध्यान से देखिएगा तो पता चलेगा कि उनपर उम्र का असर हो गया है। पिछले एक साल की उनकी पुरानी स्पीच उठाकर देख लीजिए आपको पता चल जाएगा कि वो हर बात को जलेबी की तरह घुमाते रहते हैं। बोलना कुछ चाहते हैं बोल कुछ और जाते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि आपने कभी नीतीश कुमार को किसी फैक्ट्री बनाने को लेकर चर्चा करते सुना? नीतीश कुमार के लिए आज चर्चा का विषय क्या है? उनके लिए आज चर्चा का विषय है कि धरती का नाश होने वाला है। मोबाइल का उपयोग करने से लोग पागल हो रहे हैं। क्या यही नीतीश कुमार का काम है? नीतीश कुमार क्या साइकोलोजिस्ट हैं या मनोवैज्ञानिक हैं? बिहार की जनता ने जो काम नीतीश कुमार को दिया है वो तो ये कर नहीं रहे बाकी बेकार की चीजों में इनका ध्यान रहता है। दुनिया कितने दिनों तक रहेगी कब खत्म हो जाएगी इस पर बात करते हैं।

सपा नेता, ब्लॉक प्रमुख, गौ-तस्कर, अतीक अहमद का करीबी… यूपी पुलिस ने 34 मुकदमों वाले मुजफ्फर को किया गिरफ्तार, गोमांस से बनाई करोड़ों की संपत्ति

उत्तर प्रदेश की प्रयागराज पुलिस ने सपा नेता और कौडिहार ब्लॉक से प्रखंड प्रमुख मुजफ्फर को गौ-तस्करी मामले में गिरफ्तार किया है। मुजफ्फर पुराना हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ अलग-अलग जिलों में 34 से भी अधिक मुकदमे दर्ज हैं। प्रयागराज के अतिरिक्त, मुजफ्फर के विरुद्ध कौशाम्बी और वाराणसी आदि में भी मुकदमे दर्ज हैं।

मुजफ्फर की यह गिरफ्तारी उसके बमरौली स्थित आवास से की गई है। मुजफ्फर ने गौ तस्करी से करोड़ों की सम्पत्ति अर्जित की है। पुलिस इससे पूर्व में भी उसके खिलाफ कार्रवाई करके उसकी सम्पत्ति कुर्क कर चुकी है।

एक जानकारी के अनुसार, अब तक मुजफ्फर की करोड़ों की चल-अचल संपत्तियाँ कुर्क की जा चुकी हैं, यह सम्पत्तियाँ उसने गौ-तस्करी और अन्य अवैध कार्यों की कमाई से ही अर्जित की थी। प्रयागराज ने इसके अंतर्गत कौडिहार और पूरामुफ्ती समेत अन्य इलाके में कई प्लाट और मकान जब्त किए हैं।

वर्ष 2018 में एक गाड़ी में सैकड़ों किलो प्रतिबंधित गौमांस पकड़ा गया था। इस मामले को लेकर थाना धूमनगंज में मामला दर्ज किया गया था, मुजफ्फर इसमें आरोपित है।

मुजफ्फर ने कौडिहार ब्लॉक प्रमुख का चुनाव भी जेल के अन्दर से जीता था, वह वर्तमान में प्रयागराज की नैनी जेल में बंद है। उसे जीतने के दो वर्षों के बाद कोर्ट के आदेश पर शपथ दिलवाई गई थी। मुजफ्फर के दो भाई अशरफ और असलम भी हिस्ट्रीशीटर अपराधी हैं। मुजफ्फर की गिरफ़्तारी पर उसके समर्थकों ने पुलिस के सामने हंगामा भी खड़ा करने की कोशिश की। प्रयागराज पुलिस ने लोगों को यह बता कर शांत कर दिया है कि मुजफ्फर के विरुद्ध कोई नया मामला नहीं दर्ज किया गया है, बल्कि उसे गौ-तस्करी के पुराने मामले में ही गिरफ्तार किया गया है।

मुजफ्फर को मारे गए माफिया अतीक अहमद का भी करीबी बताया जाता रहा है। वह इससे पहले भी कई बार गौतस्करी के मामले में गिरफ्तार हो चुका है लेकिन जमानत पर छूट गया था।

‘जय श्री राम’ से पाकिस्तानियों ही नहीं बल्कि सनातन विरोधी उदयनिधि स्टालिन को भी लगी मिर्ची, कह रहे पड़ोसी मुल्क के लोग – ‘बाप हैं हम’ के नारे की ICC से करेंगे शिकायत

अहमदाबाद में भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट विश्व कप का मुकाबला खेला गया। नरेंद्र मोदी स्टेडियम में पाकिस्तानी टीम बुरी तरह से हारी। भारतीय टीम ने 50 ओवरों के विश्वकप में पाकिस्तान के खिलाफ लगातार आठवाँ मुकाबला जीता, जो 7 विकेट के बड़े अंतर से था। ये मैच एक लाख से अधिक दर्शकों की उपस्थिति में खेला गया, जिसे दुनिया भर के करोड़ों लोगों ने टीवी-ऑनलाइन स्ट्रीमिंग के माध्यम से भी देखा।

ये मैच पाकिस्तान की बुरी हार के साथ ही भारत की जनता की एकजुटता के लिए भी जाना जाएगा, जिसमें अहमदाबाद के दर्शकों ने न सिर्फ एकजुटता प्रदर्शित करने वाला ‘जय श्री राम’ का नारा लगाया, बल्कि पाकिस्तानियों को याद भी दिलाया कि ‘बाप आखिर बाप ही होता है।’

अहमदाबाद में ‘जय श्री राम’ और ‘बाप बाप ही होता है’ के नारों से न सिर्फ पाकिस्तानियों को मिर्ची लग गई, बल्कि कुछ एंटी हिंदू एलिमेंट्स में हिंदुस्तान के अंदर भी बेचैनी बढ़ गई। तमिलनाडु के मंत्री और डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन खेल भावना की दुहाई और ‘अतिथि देवे भव’ की बात करने लगे, तो पाकिस्तानी इसकी शिकायत आईसीसी से करने की माँग करने लगे। कुछ चुनिंदा ट्वीट्स आपको दिखाते हैं।

पाकिस्तान में एक क्रिकेट वेबसाइट चलाने वाले फरीद खान ने इस मामले में पीसीबी से कहा कि वो आईसीसी से शिकायत करे। उसने शिकायत भी सुझाए हैं, जो निम्नलिखित हैं:

1- बाबर आजम को भारतीय फैंस ने जमकर चिढ़ाया।

2- भारतीयों ने ‘तुम्हारे बाप हैं हम’ के नारे लगाए, वो भी पाकिस्तानी खिलाड़ियों को निशाना बनाकर।

3- स्टेडियम में ‘दिल दिल पाकिस्तान’ गाना नहीं बजाया गया।

वो आगे बोलता है कि आप लोगों का दिल बड़ा नहीं है। हालाँकि, फरीद खान को ये ध्यान रखना चाहिए कि स्टेडियम में पाकिस्तानी फैन थे ही नहीं, तो ‘दिल-दिल पाकिस्तान’ किसके लिए बजाया जाता? बाकी बाबर आजम को चिढ़ाना कोई नई बात नहीं। सभी खिलाड़ी चिढ़ाए जाते हैं। नवीन उल हक तो लगातार कोहली के नाम से चिढ़ाए जाते रहे हैं। रही बात तीसरे की, तो फैक्ट्स पर क्या ही बात करें? उस पर पाकिस्तानियों को जवाब नहीं सूझेगा।

पाकिस्तानी बेहरम काजी का दर्द तो एकतरफा है। उनकी टीम को भारत में वर्ल्ड कप खेल कर पैसे भी चाहिए और दर्शकों के जोश का सामना करने की हिम्मत भी नहीं है।

दर्शकों पर गुस्सा उतार रहे पाकिस्तानी

हैदर इकबाल नाम के पाकिस्तानी की हालत तो देखिए, वो अहमदाबाद के दर्शकों पर ही निशाना साधने लगा। क्या है न, ‘खिसियानी बिल्ली खंबा नोचे’ वाली कहावत उसपर पूरी तरह से फिट बैठ रही है।

‘खेल को नफरत का हथियार बनाना गलत’

पाकिस्तानियों का दर्द तो समझ में आता है। लेकिन, उदयनिधि स्टालिन का दर्द है कि खत्म ही नहीं होता। वो सनातन विरोध करते करते उसी सनातन के संस्कारों की दुहाई भी दे रहे हैं। उदयनिधि स्टालिन ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “भारत अपनी खेल भावना और आतिथ्य सत्कार के लिए प्रसिद्ध है। हालाँकि, अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में पाकिस्तानी खिलाड़ियों के साथ किया गया व्यवहार एक नए निचले स्तर पर पहुँच गया। खेल को देशों के बीच एकजुटता लाने वाली ताकत बनाना चाहिए और भाईचारे को बढ़ावा देना चाहिए। इसे नफरत फैलाने के हथियार के तौर पर इस्तेमाल करना बेहद गलत है।”

बता दें कि ये वही उदयनिधि स्टालिन हैं, जिन्होंने सनातन धर्म को डेंगू-मलेरिया कहकर मिटाने की बात कही थी। बाद में भी वो अपने बयान पर कायम रहे। उदयनिधि स्टालिन इंडी गठबंधन में कॉन्ग्रेस की साथी पार्टी डीएमके का नेता है और तमिलनाडु के मौजूदा मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे, साथ ही वो खुद तमिलनाडु सरकार में युवा और खेल मामलों के मंत्री हैं। चूँकि उनकी पूरी राजनीति ही सनातन विरोध पर टिकी है, ऐसे में वो हिंदू और सनातन विरोध करते ही रहेंगे।

लेकिन, इसकी आड़ में वो देश विरोधी बाते भी करेंगे, तो ये बेहद गलत संदेश जाएगा। उदयनिधि के ट्वीट का तो यही मतलब है कि अहमदाबाद और भारत की संस्कृति ही गलत दिशा में जा रही है।

दंगाइयों का समर्थन करता है BBC, अब कट्टरपंथी मुस्लिम भीड़ ने ऑफिस कर दिया गंदा: लंदन से लेकर अमेरिका तक हमास आतंकियों के समर्थन में उपद्रव

हमास द्वारा इजरायल पर आतंकी हमला और अब इजरायल के जवाबी कार्रवाई के बीच दुनियाभर के कई देशों में हमास और फिलिस्तीन के समर्थन की बाढ़ आ गई है। कई मुस्लिम देश और विदेशों में बसे फिलिस्तीन समर्थक गाजा पर इजरायल के हमले को रोकने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। इसी बीच लंदन और अमेरिका में भी फिलिस्तीन के समर्थन में हजारों की मुस्लिम भीड़ द्वारा मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया गया। 

लंदन की सड़कों पर प्रदर्शन

पहले बात करते हैं लंदन की, जहाँ सेंट्रल लंदन की सड़कों पर शनिवार (14 अक्टूबर, 2023) को हजारों की भीड़ उतरती है और फिलिस्तीन एवं हमास के समर्थन में नारेबाजी करती है। भीड़ यह माँग करती है कि गाजा और हमास आतंकियों पर इजरायल द्वारा की जा रही जवाबी कार्रवाई तत्काल रोक दी जाए। 

फिलिस्तीन का झंडा और “फ्री फिलिस्तीन” की तख्ती उठाए ये भीड़ ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के विरोध में भी नारेबाजी करती रही क्योंकि ब्रिटेन द्वारा इजरायल का समर्थन करने से ये भड़के हुए हैं। गाजा पर इजरायल द्वारा की जा रही जवाबी कार्रवाई से तिलमिलाई ये भीड़ इस बात पर जोर देती रही कि गाजा में कुछ भी ठीक नहीं है, वहाँ इजरायल द्वारा हमला तत्काल प्रभाव से रोक देना चाहिए। 

इग्लैंड में हिन्दुओं पर हुए हमले में भी मुस्लिमों का पक्ष लेने वाला बीबीसी इजरायल और हमास मामले में बेबस नजर आ रहा है। यदि खुलकर हमास का समर्थन करता है तो ब्रिटेन की नीति के ही खिलाफ होगा। वहीं हमास आतंकियों का खुलकर समर्थन न करने की वजह से इस बार मुस्लिम समूह भड़के हुए हैं, विरोध स्वरुप हमास के समर्थन में प्रदर्शन करती मुस्लिम भीड़ ने बीबीसी के दफ्तर के गेट को भी लाल पेंट छिड़कर गन्दा कर दिया। 

अमेरिका में भी “फ्री फिलिस्तीन” की माँग

वहीं दूसरी ओर हज़ारों फ़िलिस्तीन समर्थक प्रदर्शनकारी अमेरिका की राजधानी में एकत्र होकर “फ़्री फ़िलिस्तीन” के नारे लगाते हुए व्हाइट हाउस के पास से मार्च निकाला क्योंकि इज़राइल और गाजा के आतंकवादियों के बीच संघर्ष में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

बता दें कि अमेरिका में इस सप्ताह इजरायल समर्थक और फिलिस्तीन समर्थक दोनों ने मार्च निकाला है। हमास के आतंकवादियों ने जहाँ इजरायल में घुसकर 1,300 से अधिक लोगों की हत्या कर दी, जिनमें से अधिकांश आम नागरिक थे, साथ ही 150 अन्य लोगों का अपहरण भी कर लिया। वहीं हमास के अधिकारियों का कहना है कि जवाब में गाजा पट्टी पर इज़राइल की बमबारी में 2,200 से अधिक लोग मारे गए हैं।

अमेरिका में हमास और फिलिस्तीन के समर्थन में मार्च करने वाले प्रदर्शनकारी हाथों में “कब्जा ख़त्म करो” और “अभी संघर्ष विराम करो” जैसे सन्देश लिए हुए थे। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, देश के दूसरी ओर, 1,000 से अधिक फ़िलिस्तीनी समर्थक प्रदर्शनकारियों ने लॉस एंजिल्स में भी मार्च किया।

कुलमिलाकर, पूरी दुनिया में जहाँ इजरायल को समर्थन मिल रहा है वहीं हमास जैसे आतंकी समूह और फिलिस्तीन का समर्थन करने वालों की भी कमी नहीं है।

गौरतलब है कि एक बड़ी संख्या में मुस्लिम देश इजरायल में हुए कत्लेआम का जहाँ जश्न मना रहे थे वहीं अब इजरायल के गाजा में जवाबी कार्रवाई से तिलमिलाए हुए हैं और जल्द से जल्द युद्ध विराम की अपील करते नजर आ रहे हैं। लेकिन इजरायल अभी शांत बैठने के मूड में नहीं दिखाई दे रहा है। इजरायल ने अभी गाजा में जमीनी हमले की पूरी तैयारी कर ली है। अब ऐसे में यह देखना होगा कि आगे आने वाले समय में मुस्लिम देशों सहित समास और फिलिस्तीन समर्थकों की कैसी प्रतिक्रिया सामने आती है।