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MP बहाउद्दीन बहार ने दुर्गा पूजा को कहा ‘शराब का त्योहार’: बांग्लादेश में हिंदुओं ने विरोध में निकाला मार्च, मुस्लिमों ने कोमिला में किया हमला

बांग्लादेश में सांसद बहउद्दीन बहार के खिलाफ विरोध मार्च निकाल रहे हिंदू समुदाय पर हमला किया गया है। इसमें कई लोग घायल हो गए हैं। इन हिंदुओं का कसूर महज इतना था कि इन लोगों ने सांसद बहार द्वारा दुर्गा पूजा को ‘शराब का त्योहार’ बताने पर विरोध कर रहे थे। ये हमला कोमिला महानगर के नजरूल एवेन्यू इलाके में शुक्रवार (13 अक्टूबर) सुबह 11 बजे हुआ।

इस देश में ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है कि सरकार में बैठे लोग हिंदुओं के खिलाफ इस तरह की आपत्तिजनक टिप्पणियाँ कर रहे हैं। ये वहीं देश है, जिसकी मुक्ति वाहिनी को भारत ने सैनिक सहयोग दिया था और ये पाकिस्तान से स्वाधीनता प्राप्त कर नरसंहार से निजात पाया था।

ग्लोबल टेलीविज़न के यूट्यूब पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में हिंदू समुदाय के सदस्यों को बचने के लिए भागते हुए देखा जा सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले के दौरान एक महिला समेत कुल 5 लोग घायल हो गए। उनमें से एक के सिर पर भी गंभीर चोट भी आई। पीड़ितों में से तीन की पहचान आदित्य दास, सुनील दास और तन्मय दास के रूप में हुई है।

इस प्रदर्शन की अगुवाई बांग्लादेश युवा एकता परिषद, हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद (एचबीसीयूसी), छात्र एकता परिषद और महिला एकता परिषद ने किया था। ये संगठन कोमिला-6 निर्वाचन क्षेत्र अवामी लीग के सांसद बहउद्दीन बहार के दुर्गा पूजा को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों के खिलाफ सड़क पर उतरे थे।

हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद के महासचिव राणा दास गुप्ता के मुताबिक, सत्ताधारी आवामी लीग के सांसद बहउद्दीन ने 4 अक्टूबर 2023 को वार्षिक हिंदू बंगाली त्योहार को ‘मदजुक्तो पूजा’ (शराब का त्योहार) कहकर बदनाम किया था।

सांसद बहउद्दीन बहार ने यह भी दावा किया था कि अगर शराब की खपत कम कर दी जाए तो पूजा पंडालों की संख्या भी कम हो जाएगी। बहउद्दीन ने एक बार फिर से गुरुवार (12 अक्टूबर) को दुर्गा पूजा को शराब से जोड़ दिया।

गौरतलब है कि 28 सितंबर 2023 को ही मुंशीगंज जिले के मेयर फैसल बिप्लब ने हिंदू सांसद मृणाल कांति दास को ‘मलौं’ (हिंदुओं के लिए अपमानजनक शब्द), ‘नोपुंगशाक’ (नपुंसक) और ‘चांडाल’ (दलितों के लिए अपमानजनक शब्द) कहा था।

हिंदू त्योहारों को शातिर तरीके से निशाना बनाने से नाराज समुदाय के सदस्यों ने एक विरोध मार्च निकाला और अवामी लीग के सांसद के खिलाफ कार्रवाई की माँग की। हालाँकि, प्रदर्शन पर ‘छात्र लीग’ और ‘जुबो लीग’ से जुड़े इस्लामवादियों ने हमला कर दिया।

जहाँ ‘छात्र लीग’ शेख हसीना के नेतृत्व वाली बांग्लादेश अवामी लीग की स्टूडेंट ब्रांच है तो वहीं ‘जुबो लीग’ इसी पार्टी की युवा बिग्रेड हैं। दुर्गा पूजा को लेकर विवादित टिप्पणी करने वाले बहउद्दीन बहार अवामी लीग के सांसद भी हैं।

‘ऐ मेरे अल्लाह, हिंदुस्तान में बसने वाली जातियों का खात्मा जल्द फरमा’: राजस्थान के आरिफ ने हमास-इजरायल के बहाने किया हिन्दुओं के नरसंहार का ऐलान, इंस्टा पर 92000 फॉलोवर्स

फ़िलिस्तीन और इज़राइल के बीच चल रहे संघर्ष के बीच पूरी दुनिया के मुस्लिम हमास के समर्थन में खड़े नजर आ रहे हैं। हमास द्वारा बेरहमी से मरे गए इजरायलियों की मौत का जश्न अधिकांश देशों में मुस्लिमों ने सड़क पर उतरकर मनाया। ऐसे में भारत में भी कट्टरपंथी पीछे नहीं हैं। वे इजराइल में हुए रक्तपात पर खुशी मना रहे हैं और भारत में हिंदुओं के खिलाफ इसी तरह के अत्याचार करने के मंसूबे पाले हुए हैं। वे अपनी कौम के दूसरे मुस्लिमों को हिंदुओं की हत्या के लिए उकसाने के लिए बार-बार नरसंहार का आह्वान कर रहे हैं

ऐसा ही एक वीडियो सामने आया है राजस्थान के आरिफ नशरियात का, जो खुलेआम यहूदियों की तरह हिंदुओं के खून की वकालत कर रहा है। इंस्टाग्राम पर उसके लगभग 92 हजार फॉलोअर्स हैं और यूट्यूब पर पैंतीस हजार से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं और वह अक्सर अपने दर्शकों को जिहाद के लिए हथियार उठाने के लिए प्रेरित करता है। 

मुस्लिमों को हिन्दुओं के नरसंहार के लिए अपने हालिया वीडियो में आरिफ नशरियात ने कहा, ”जिन संघियों ने इकबाल, नासिर, जुनैद, वारिस और तबरीज़ की हत्या की और बसों, बाजारों, मस्जिदों, जंगलों और जेलों में मुसलमानों की हत्या की, मैं उन्हें चेतावनी देना चाहता हूँ कि वे अधिक से अधिक मुसलमानों को मारें। जैसा कि वे जानवरों की तरह चाहते हैं, लेकिन यह ध्यान में रखना चाहिए कि जब पैगंबर मुहम्मद का गुलाम चिल्लाएगा, तो वह पहाड़ों को हिला देगा।”

यहाँ यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि आरिफ ने वीडियो में जो नाम गिनाएँ हैं वे चोरों और गौ तस्करों के नाम थे और न्याय सुनिश्चित करने के लिए कानून अपना काम कर रहा है। दिलचस्प बात यह है कि उसने  अपने आरोपों का कोई सबूत नहीं दिया, क्योंकि वास्तव में, हिंदू ही हैं जिन्होंने मुसलमानों के हाथों अपनी जान गँवाई है, चाहे इस्लामी आतंकवाद के परिणामस्वरूप, हिंदुओं और उनके धार्मिक जुलूसों पर लगातार हमले या लव जिहाद के कारण, वजह कुछ भी हो। 

राजस्थानी मुस्लिम आरिफ ने इजराइल में निर्दोष नागरिकों की दिल दहला देने वाली मौतों के लिए अपनी ख़ुशी का इजहार  किया और दावा किया, “आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) और संघी ठग पहले से ही इजराइल में जो हुआ उसके बाद भयभीत हैं। दुनिया ने देखा कि इज़राइल, जिसे आप प्रचुर सुरक्षा और हथियारों के साथ एक प्रमुख शक्ति मानते थे, को फ़िलिस्तीनी मुसलमानों द्वारा कुत्तों की तरह मार डाला गया।”

उसने आगे कहा, “जिस तरह से आप भारतीय मुसलमानों को प्रताड़ित कर रहे हैं, सहाबा (इस्लाम के पैगंबर के साथी) को मक्का में काफिरों द्वारा बहुत अधिक प्रताड़ित किया गया था। हालाँकि, उन्होंने अल्लाह का कहर बनकर जवाबी कार्रवाई की और आप उमर के इतिहास और अली की तलवार से वाकिफ हैं। उमर और अली दोनों रशीदुन ख़लीफ़ा के ख़लीफ़ा थे, जो इस्लामी पैगंबर के उत्तराधिकारी के रूप में पहले  ख़लीफ़ा थे।

वहीं एक दूसरे वीडियो में वह इंटरनेट, गूगल और फेसबुक पर भड़ास निकालता नजर आ रहा है।

दिलचस्प बात यह है कि आईएसआईएस (इस्लामिक स्टेट ऑफ सीरिया एंड इराक) सहित दुनिया भर के कई कट्टरपंथी खिलाफत को बहाल करना चाहते हैं जहाँ मुस्लिम शासक हैं और काफिर या तो धर्म परिवर्तन करते हैं, गुलामी में रहते हैं या अपनी जान गँवा देते हैं।

आरिफ नशरियात ने हमास से जुड़े हमलावरों द्वारा किए गए जघन्य अपराधों पर खुशी जाहिर की और पोस्ट किया, “मेरे अल्लाह, आपने हम मुसलमानों के दिलों को बहुत शांति दी है। फ़िलिस्तीन के मुसलमानों को भी इसी प्रकार सफलता प्रदान करें और भारत में रहने वाले अत्याचारियों का भी शीघ्र अंत करें। आमीन।”

वहीं आरिफ नशरियात ने एक अन्य क्लिप में दावा किया कि पैगंबर मुहम्मद के दो दुश्मन थे, काफिर जो उन पर खुलेआम हमला करते थे और दूसरे धार्मिक पाखंडी जो उनकी पीठ पीछे भी ऐसा ही करते थे। “भारतीय मुसलमानों के भी दो विरोधी हैं। एक है बीजेपी (भारतीय जनता पार्टी) जो उन्हें सार्वजनिक तौर पर निशाना बनाती है और दूसरी कॉन्ग्रेस है जो छुपकर ऐसा करती है। जो भारतीय मुस्लिम इन पार्टियों का समर्थन करते हैं उन्हें समझ लेना चाहिए कि या तो वे काफिरों के साथ हैं या धार्मिक पाखंडियों के साथ। यदि मुस्लिमों का अंत भाजपा या कॉन्ग्रेस के साथ रहकर होता है तो यह काफिर या धार्मिक पाखंडी का होगा।”

उन्होंने गैर-मुसलमानों के प्रति अपनी घृणा व्यक्त करते हुए मुस्लिमों से पूछा, “इस्लाम में कहाँ कमी रह गई कि आप अपने लाभ के लिए इन राजनीतिक दलों में शामिल होना चाहते हैं? क्या पैगंबर कभी काफ़िरों या धार्मिक पाखंडियों के साथ जुड़े थे? आप किस तरह के इस्लाम का पालन करते हैं।” 

‘क्रिस्टियानो रोनाल्डो को ईरान में 99 कोड़ों की सज़ा, कारण – एक मुस्लिम महिला चित्रकार’: व्यभिचार के केस वाली खबरों पर आई दूतावास की सफाई

पुर्तगाल के स्टार फुटबॉलर क्रिश्चियानो रोनाल्डो को ईरान में व्यभिचार (Adultry) की सजा मिलने की खबर आई थी। इस पर अब सफाई आई है। ईरान के दूतावास ने कहा है कि क्रिस्टियानो रोनाल्डो को 99 कोड़े लगाने की सजा का समाचार फर्जी है। दूतावास ने कहा कि ईरान में किसी भी अंतरराष्ट्रीय एथलीट को कोई सजा नहीं दी गई है।

बता दें कि ऐसी खबरें अंतर्राष्ट्रीय मीडिया में आई थी कि शीर्ष फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो को अगली बार ईरान जाने पर 99 कोड़े लग सकते हैं, क्योंकि एक ईरानी चित्रकार को गले लगाते हुए उनकी तस्वीर इंटरनेट पर वायरल हो गई थी। उनकी ये तस्वीरें 18-19 सितंबर 2023 को ईरान यात्रा के दौरान की हैं।

इस यात्रा के दौरान क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने ईरान की दिव्यांग मुस्लिम चित्रकार फातिमा हमामी को अपने हस्ताक्षर वाली एक जर्सी दी थी। इसके बाद उन्होंने फातिमा को गले लगाया था और उनके गाल पर एक चुंबन लिया था। फातिमा ने रोनाल्डो को अपने पैरों से बनाई गईं दो कलाकृतियाँ दी थीं।

ईरान की तरफ से स्पेन स्थित दूतावास ने दी ये सफाई

अब स्पेन में ईरान के दूतावास ने सफाई दी है कि यह समाचार फर्जी है और मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने वाला है। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर स्पेन में ईरान के दूतावास ने पोस्ट किया, “हम ईरान में किसी भी अंतरराष्ट्रीय एथलीट के खिलाफ किसी भी अदालत के फैसले को जारी करने की खबरों को खारिज करते हैं। इस तरह की मनगढंत खबरों का प्रकाशन मानवता के खिलाफ अपराधों और उत्पीड़ित फिलिस्तीनी राष्ट्र के खिलाफ युद्ध अपराधों पर भारी पड़ सकता है।”

स्पेन में ईरानी दूतावास में आगे लिखा है, “यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने एक ऑफिशियल फुटबॉल मैच खेलने के लिए 18 और 19 सितंबर को ईरान की यात्रा की थी। वहाँ लोगों और अधिकारियों ने उनका बहुत अच्छे से स्वागत किया। फातिमा हमामी के साथ उनकी ईमानदार और मानवीय मुलाकात की लोगों और देश के खेल अधिकारियों ने प्रशंसा की।”

ईरानी मीडिया में खबरें आई थीं कि कई ईरानी वकीलों ने इस आचरण के लिए क्रिस्टियानो रोनाल्डो के खिलाफ व्यभिचार के आरोप में केस दर्ज कराए हैं। ईरान में ‘व्यभिचार’ के संबंध में सख्त कानून है और ईरानी कानून के अनुसार, किसी महिला के साथ गैर-पुरुष द्वारा शारीरिक संपर्क को व्यभिचार के समान माना जाता है।

दावा किया गया था कि ईरानी अदालत क्रिस्टियानो रोनाल्डो को भविष्य में ईरान आने पर 99 कोड़ों की सज़ा दे सकती है। हालाँकि, ये भी कहा गया था कि कोर्ट इस सजा को माफ भी कर सकती है, अगर रोनाल्डो का इंटेंशन गलत नहीं है और इसके लिए वो माफी माँग लें। हालांँकि, अब साफ हो चुका है कि रोनाल्डो को ऐसी कोई सजा नहीं दी गई है।

वर्ल्ड कप में 7-0 से पटखनी खा चुके हैं पड़ोसी… स्विंग के लिए तरस सकते हैं शाहीन अफरीदी, भारतीय स्पिनरों का होगा जलवा, जडेजा-पंड्या का घरेलू मैदान

ICC क्रिकेट विश्व कप 2023 में भारत-पाकिस्तान के बीच अहमदाबाद में मैच है। इस मैच को देखने के लिए 1 लाख 32 हजार से अधिक फैंस पहुँचे हैं, जिसमें हर तरफ नीली जर्सी का ही शोर सुनाई दे रहा है। क्रिकेट विश्व कप के इतिहास में ये आठवाँ मौका है, जब दोनों टीमों की भिड़ंत हो रही है।

ये अलग बात है कि अब तक दोनों टीमों के बीच हुए सात के सातों मैचों में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को धूल चलाई है और हेड-टू-हेड आँकड़ों में भारत 7-0 से आगे है। इस मैच के बारे में जब पाकिस्तानी कप्तान बाबर आजम से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड टूटने के लिए ही बनते हैं। बाबर ने उम्मीद जताई है कि पाकिस्तानी टीम भारत को कड़ा टक्कर देगी।

भारत ने पाकिस्तान को 7 बार हराया, अगले का खाता नहीं खुला

बाबर आजम जिस रिकॉर्ड को तोड़ने की उम्मीद लगाकर बैठे हैं, वो फिलहाल धराशायी ही होती नजर आ रही है। अब तक के सातों मैच, जिसमें आखिरी मैच 2019 के विश्वकप में हुआ था, उसमें भी भारतीय टीम ने पाकिस्तानी टीम को 47 रनों से करारी मात दी थी।

साल 1992 के बाद से हुए हर मुकाबले में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को पटखनी दी है। हालाँकि, ओवरऑल दोनों टीमों के बीच मैचों की बात करें तो पाकिस्तान ने भारत को 73 बार हराया है, जबकि भारत महज 56 बार ही जीत पाया है, लेकिन वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर पाकिस्तानी टीम को हमेशा हार का ही मुँह देखना पड़ा।

बाबर आजम का भारत के खिलाफ शर्मनाक प्रदर्शन

बाबर आजम बेशक इस समय एकदिवसीय फॉर्मेट में बड़े खिलाड़ी हैं। पाकिस्तान की कप्तानी कर रहे बाबर आजम ने अभी तक 5000 से ज्यादा रन बनाए हैं, जिसमें 19 शतक और 28 अर्धशतक शामिल हैं, लेकिन वो भारतीय टीम के सामने सुपर फ्लॉप रहे हैं। भारतीय टीम के खिलाफ 7 बार खेल चुके बाबर आजम महज 168 रन ही बना पाए हैं, जिसमें शतक तो छोड़िए, एक भी अर्धशतक तक शामिल नहीं है।

यही नहीं, पिछली 5 पारियों में एशिया कप में नेपाल के खिलाफ 150 रनों को छोड़ दें तो बाबर आजम महज 71 रन ही बना पाए हैं। यही नहीं, वो एक बार भी 30 तक का आँकड़ा नहीं छू सके हैं। अब देखना ये है कि जसप्रीम बुमराह की यॉर्कर और सिराज की स्विंग को वो कैसे झेल पाते हैं।

पाकिस्तान की गेंदबाजी

पाकिस्तान को तेज गेंदबाजों की नर्सरी कहा जाता रहा है। उसके पास शाहीन शाह अफरीदी जैसा तुरुप का इक्का भी है, लेकिन बाबर आजम को इस बात से शायद ही कोई मदद मिले, क्योंकि नसीम शाह के न रहने से पहले ही पाकिस्तानी बॉलिंग अटैक कमजोर है। चूँकि ये मैच अहमदाबाद में है, जहाँ तेज गेदबाजों के मुकाबले स्पिनर्स को फायदा मिलता है। ऐसे में शाहीन शाह अफरीदी के लिए भी मुश्किल होगी, क्योंकि जो स्विंग वो ढूँढते हैं, वो स्विंग मोहाली-धर्मशाला में मिल सकता है, अहमदाबाद में तो कतई नहीं।

रही बात पाकिस्तान के दूसरे फास्ट बॉलर्स की तो हसन अली एक बार भारतीय टीम के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन कर चुके हैं, लेकिन वो अभी-अभी टीम में आए हैं। ऊपर से अहमदाबाद की पिच पर उनके जैसे थोड़े धीमे बॉलर के लिए सिवाय पिटाई के कुछ खास नहीं मिलने वाला है।

फॉर्म में लौट आए हैं भारतीय खिलाड़ी

पाकिस्तान की टीम के लिए सकारात्मक कुछ हो भी तो नहीं रहा है। इस तरफ उनका कप्तान फ्लॉप चल रहा है, तो दूसरी तरफ भारतीय टीम के खिलाफ प्रचंड फॉर्म में हैं। विराट कोहली लगातार मैचों में अर्धशतक बना चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शून्य पर आउट होने वाले कप्तान रोहित शर्मा ने दूसरे मैच में शानदार शतकीय पारी खेली और वो फॉर्म में लौट आए हैं। रिजर्व ओपनर ईशान किशन अच्छे टच में दिख रहे हैं, तो शुभमन गिल भी वापस लौटने के लिए तैयार हैं।

ऐसी बातें टीम मैनेजमेंट के लिए बेहद मुश्किल भरी होती हैं, क्योंकि किसी को टीम में शामिल कैसे करें, जब सभी खिलाड़ी बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हों।

अहमदाबाद की पिच और भारत के बॉलर

अहमदाबाद का मैदान आम मैदानों की तुलना में काफी बड़ा है। यहाँ स्पिनर्स बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं, क्योंकि पिच काली मिट्टी से बनी हुई है। यहाँ स्पिनर्स की पिटाई बिल्कुल भी आसान नहीं रहने वाली है, क्योंकि बड़े मैदानों को पार करने के लिए ताकतवर शॉट्स के साथ ही टाइमिंग और पॉवर भी होनी चाहिए। वहीं, काली मिट्टी की स्पिनिंग ट्रैक पर जडेजा-कुलदीप यादव को खेलना पाकिस्तान के लिए आसान बिल्कुल भी नहीं रहने वाला है।

जसप्रीत बुमराह रंग में लौटे

भारतीय तेज गेदबाज जसप्रीत बुमराह रंग में लौट आए हैं। आखिरी मैच में उन्होंने 4 विकेट भी लिए थे, ऊपर से ये मैदान जसप्रीत बुमराह का घरेलू मैदान भी है। वो अपने घरेलू मैदान पर गरजने को बेताब होंगे। वैसे भी बुमराह जिस तरह के बॉलर हैं, उन्हें पिच से मदद मिली तो ठीक, नहीं मिली तब भी ठीक, क्योंकि उनके पास सटीकता और विविधता दोनो हैं। वहीं, पाकिस्तान के नौसिखिए स्पिनर्स की तुलना में भारतीय स्पिनर्स बेहद अनुभवी हैं और वो लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं।

कुलदीप यादव ब्रेक के बाद बेहद आक्रामक और खतरनाक बॉलर बन चुके हैं। रविंद्र जडेजा के लिए भी एक तरह से ये घरेलू मैदान होगा, तो हार्दिक पांड्या के लिए भी। हालाँकि, मैच में तीसरे स्पिनर के तौर पर रविचंद्रन अश्विन को खिलाया जाता है, या फिर तेज गेंदबाज के तौर पर शमी को मौका मिलेगा, या फिर आठवें नंबर पर बल्लेबाजी को मजबूत करने के लिए शार्दूल ठाकुर को ऑलराउंडर के तौर पर उतारा जाएगा, ये भी देखने वाली बात होगी।

दोनों टीमें इस प्रकार हो सकती हैं:

भारतीय टीम (संभावित): रोहित शर्मा, शुभमन गिल/ईशान किशन, विराट कोहली, के एल राहुल (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर, हार्दिक पांड्या, रविंद्र जडेजा, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और रविचंद्रन अश्विन/मोहम्मद शमी/शार्दूल ठाकुल

पाकिस्तानी टीम (संभावित): अब्दुल्ला शफीक, बाबर आजम, इमाम उल हक, मोहम्मद रिजवान (विकेट कीपर), सउद शकील, इफ्तिखार अहमद, शादाब खान, मोहम्मद नवाज, शाहीन अफरीदी, हसन अली/मोहम्मद वसीम और हारिस रउफ।

जिस हिरोइन के बहन-जीजा को मार डाला हमास आतंकियों ने, अब उसे इस्लामी कट्टरपंथी दे रहे माँ-बहन-वेश्या की गाली

मर जा डूब कर गां$ लोग… हिंदू भ$वे
खुशी है कि तुम्हारी बहन मर गई
हम तुम्हें फ* करेंगे, हमेशा फिलस्तीन-हमास के साथ खड़े रहेंगे
तुझे भी ऐसी मौत आएगी, इंशाअल्लाह तू ऐसे ही तड़पेगी
मादर#द तेरी जिंदगी पर पेशाब करूँ

ऊपर लिखी गई लाइनें किसी फिल्म की नहीं हैं। एक हिरोइन हैं, टीवी एक्ट्रेस हैं, उनको सोशल मीडिया पर कट्टरपंथी मुस्लिम लोग दे रहे। नागिन फेम वाली टीवी एक्ट्रेस मधुरा नायक को इतनी गाली इसलिए दी जा रही क्योंकि उन्होंने हमास आतंकियों द्वारा मार डाले गए अपनी बहन और जीजा के बारे में सोशल मीडिया पर बताया। कट्टरपंथी मुस्लिम इससे नाराज हैं।

मधुरा नायक ने 5 दिन पहले ही इजरायल में हमास आतंकियों द्वारा अपनी चचेरी बहन और जीजा के उनके दो बच्चों के सामने ही कत्ल करने का दर्द सोशल मीडिया पर शेयर किया था। इसके बाद उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर भद्दी, अश्लील गालियों और धमकी भरे कॉमेंट्स की बाढ़ आ गई।

फोटो साभार: मधुरा नायक इंस्टा अकाउंट

खुद की पोस्ट पर किए गए भद्दे और अभद्र कॉमेंट्स को लेकर उन्होंने इंस्टा पर लिखा, “… कु*, मा*, र* ये वे शब्द और धमकियाँ हैं, जो मुझे अपने परिवार में हमास आतंकवादियों की वजह से दो निर्दोष जिंदगी खोने के बारे में अपना दुख साझा के लिए मिली हैं!”

मधुरा आगे अपनी बात रखती हैं, “पिछले तीन दिनों से मेरे इनबॉक्स, मेरे मेल, टेक्स्ट मैसेज, फोन कॉल्स में हर सेकंड मुझे गालियाँ दी जा रही हैं। एक निर्दोष नागरिक होने के लिए?”

उन्होंने आगे लिखा, “ये हैं इंसानियत के मौजूदा हालात? हिंदू यहूदी नागरिक होने की यह कीमत है? क्या उन्होंने यही कहा था कि प्रलय का दिन ऐसा दिखेगा?”

ऐसी गालियों के बाद अब आलम यह है कि मधुरा नायक को छुप कर रहना पड़ रहा है हालाँकि उन्होंने यह भी कहा है कि भारत में वो बिल्कुल सेफ महसूस करती हैं। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा कि उनके 300 रिश्तेदार अभी भी इजरायल में फँसे हुए हैं।

गौरतलब है कि मधुरा के पिता हिंदू हैं और माँ इजरायली मूल की हैं। अपनी बहन की हत्या पर वो कहती है, “मेरे परिवार ने मुझे उनके लापता होने के बारे में सूचित किया। 24 घंटों के बाद ही उनकी लाशों की पहचान कर ली गई। उनके साथ कार में मौजूद उनके बच्चों को ड्यूटी पर मौजूद अधिकारी ले आए।”

गाजा में दुधमुँहे बच्चों को मानव ढाल बना रहा हमास… बेटी की मौत पर पिता ने कहा- अच्छा हुआ मर गई, आतंकियों के कब्जे में जिंदगी मौत से बदतर होती

इजरायल में घुसकर बच्चों-महिलाओं को बंधक बनाने वाले हमास के आतंकियों ने इजरायल की कार्रवाई के खिलाफ उन्हें मानव ढाल (Human Shield) के तौर पर इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। ऐसे कई वीडियो सामने आए है। वहीं, एक इजरायली बच्ची के पिता ने कहा कि उसकी मौत से वह खुश है। अगर बंधक के तौर पर उनकी बेटी हमास के आतंकियों के पास गाजा चली जाती तो उसी जिंदगी मौत से बदतर होती।

फिलिस्तीन में स्थित हमास के आतंकी ना सिर्फ इजरायल से अगवा किए गए छोटे-छोटे और दुधमुँहे बच्चों का इस्तेमाल मानव ढाल के रूप में कर रहे हैं, बल्कि अपने नागरिकों को भी इलाके खाली करने से रोक रहे हैं, इजरायल पर आम नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया जा सके और इसके लिए प्रोपेगेंडा किया जा सके।

इन वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि हमास के इस्लामी आतंकी बच्चों को गाजा में अपने साथ रखे हुए हैं, ताकि वे इजरायली सैनिकों पर उन पर कार्रवाई करने से रोकने के लिए मजबूर कर सकें। इतना ही नहीं यहूदी धर्म मानने वाले इन बच्चों से ‘बिस्मिल्लाह’ जैसे मुस्लिमों के लिए बोले जाने वाले शब्द बोलवाए जा रहे हैं।

वीडियो में देखा जा सकता है कि वे बच्चों को पालने में झुला रहे हैं और गोद में लेकर बैठे हैं। वहीं, आतंकी संगठन हमास से सहानुभूति रखने वाले मुस्लिमों ने सोशल मीडिया पर प्रोपेगेंडा फैलाना शुरू कर दिया है कि वे बच्चों के सुरक्षित अपने पास रखे हैं। यह प्रोपगेंडा हमास को मानवतावादी साबित करने की कोशिश की जता रही है।

कुछ दिन पहले हमास ने दावा किया था कि उसने इजरायली सैनिकों सहित कुल 163 लोगों को बंधक बनाया है। उसने यह भी दावा किया था कि उसने इन बंधकों को गाजी पट्टी में फैले सुरंगों में रखा है। बता दें कि 9 महीना तक बच्चों को अपहरण करने वाला हमास इजरायल पर हमले के दौरान बुजुर्ग और महिलाओं को बंधक बनाया था। उसने इसका वीडियो भी जारी किया था।

कई ऐसी तस्वीरें आई हैं, जिनमें बच्चों की हत्या करके उनके शवों को खून में लथपथ करके छोड़ दिया गया। कुछ तस्वीरों में दिख रहा है कि हमास के आतंकियों ने नन्हें-नन्हें बच्चों को जला कर मार डाला। इजरायल के एक गाँव में तो 40 बच्चों की हमास ने हत्या कर दी। वहीं, पूरी फैमिली को किडनैप करके उनके सामने बच्चों को मार डाला। महिलाओं को नंगा करके परेड निकालने की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर आ चुकी हैं।

पिता बोले- अच्छा हुआ बेटी मर गई

हमास के कुकर्मो को देखते हुए आयरिश मूल के पिता ने अपनी 8 साल की बेटी की मौत पर खुशी जताई है। थॉमस हैंड ने CNN को बताया कि उनकी 8 साल की बेटी एमिली को हमास के आतंकियों के हमले के बाद उनकी बेटी का दो दिन तक कुछ पता नहीं चला। अब पता चला है कि उसकी मौत हो गई है। इससे वे बेहद खुश हैं।

उन्होंने कहा, “किबुत्ज में मेरी बेटी अपने फ्रेंड के घर सोने गई थी। उसी रात हमास के आतंकियों ने हमला कर दिया। इसके दो दिन बाद तक मेरी बेटी का अता-पता नहीं चला। दो दिन बाद मुझे पता चला कि मेरी बेटी मर चुकी है। उसकी लाश भी बरामद हो गई है।”

बेटी की मौत पर खुशी जताने के लिए मजबूर इस अभागे पिता ने रोते हुए कहा, “जब मुझे उसकी मौत की जानकारी मिली तो मैंने कहा…. वाह, बहुत अच्छा। यह मेरे लिए सबसे अच्छी खबर थी, क्योंकि हमास के आतंकी उसे लेकर गाजा चले जाते तो यह उसकी मौत से भी बदतर होता।”

थॉमस ने कहा, “मुझे पता है अगर वह जिंदा बच जाती तो हमास के आतंकी मेरी बेटी के साथ बहुत बुरा सलूक करते। वह खाना, पानी तक के लिए तरस जाती। उसे ऐसे अंधेरे कमरे में रहना पड़ता, जिसमें पता नहीं कितने लोगों को बेदर्दी से ठूँसा गया होता। उसका हर पल बेहद भयावह होता। इसलिए उसकी मौत एक अच्छी खबर है।”

गाजा के नागरिकों को भी ढाल बना रहा हमास

वहीं, इजरायल ने गाजा के नागरिकों से इलाके को तुरंत खाली करने की चेतावनी दी है। इजरायल डिफेंस फोर्स के प्रवक्ता जोनाथन कॉनरिकस ने कहा, “यह देखकर बेहद दुख और चिंता हो रही है कि हमास फिलिस्तीनी नागरिकों को क्षेत्र खाली करने से रोकने की कोशिश कर रहा है… जैसा कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया अपनी रिपोर्टों में बता रहा है।”

कॉनरिकस ने कहा, “हमने अपने इरादों को पहले ही बता दिया था। इसलिए नहीं कि इसमें कोई सैन्य तर्क था, बल्कि इसलिए कि हम चाहते थे कि युद्ध से नागरिक प्रभावित न हों। हमने उन नागरिकों को वहाँ नहीं रखा था और वे हमारे दुश्मन नहीं हैं। हम किसी भी नागरिक को मारने या घायल करने की कोशिश नहीं कर रहे हैं, हम हमास और उसके सैन्य बुनियादी ढांचे के खिलाफ लड़ रहे हैं।”

गाजा में इजरायली सेना को मिले शव

इजरायल ने कहा कि वह गाजा का वो हश्र करेगा कि देखने वालों की रूह काँप जाएगी। उसने आम लोगों को इलाके को तुरंत खाली करने के लिए कहा है। इजरायली सेना में गाजा पट्टी में शुक्रवार (13 अक्टूबर 2023) को प्रवेश किया और एक-एक घर में छापेमारी शुरू की है। इस दौरान इजरायली सैनिकों ने उन लोगों के अवशेष बरामद किए जो हमास के नरसंहार के बाद से गायब थे।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को जब बख्तरबंद और पैदल सेना फिलिस्तीनी क्षेत्र में गए। यह वो क्षेत्र है, जहाँ अनुमानतः 150-200 लोगों को हमास ने बंधक बना रखा था। वहाँ पर अज्ञात संख्या में लोगों के शव बरामद किए गए। इस दौरान मारे गए आतंकियों के पास से कुछ चौंकाने वाले सामान मिले हैं।

सैनिकों को गाजा सीमा के पास किबुत्ज़ सूफा पर हमले के दौरान मारे गए एक आतंकवादी के जैकेट पर इस्लामिक स्टेट (ISIS) के झंडा जैसी चीज मिली है। इसके अलावा, हमले की योजना, धार्मिक वस्तुएँ, दस्तावेज़ और पर्चे और क्षेत्र के अनुसार इज़राइली समुदाय के लोगों की संख्या जैसी खुफिया जानकारी बरामद हुई है।

अरबी में लिखे इन कागजातों में हमास के आतंकियों को निर्देश दिया गया था कि वे अधिक-से-अधिक संख्या में आम नागरिकों की हत्या करेें। इसके साथ ही अधिक-से-अधिक लोगों को बंधक बनाने के लिए भी निर्देश दिया या था। इसके अलावा भी आतंकियों को कई गोपनीय निर्देश दिए गए थे।

ऑपरेशन अजय: आसमान में ‘वंदे मातरम’ की गूँज, इजरायल से 235 भारतीयों को लेकर दिल्ली पहुँची दूसरी फ्लाइट

इजरायल पर गाजा पट्टी के आतंकवादी संगठन हमास के हमले में अब तक सैड़कों लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बाद इजरायल ने गाजा पट्टी की नाकेबंदी कर दी है और वो अब हमास के सफाए का अभियान चला रहा है। लेकिन इजरायल पर अब भी हमास के आतंकी रॉकेटों से हमले कर रहे हैं। दुनिया भर के तमाम देश इजरायल में रह रहे अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए उन्हें वहाँ से निकालने का अभियान चला रही है। इसी कड़ी में भारत सरकार ने ‘ऑपरेशन अजय’ चलाया है, जिसके तहत इजरायल से दूसरी फ्लाइट दिल्ली पहुँची है। इस फ्लाइट के जरिए 235 लोगों का समूह दिल्ली पहुँचा, जिनका विदेश मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री राजकुमार रंजन सिंह ने स्वागत किया। इस दौरान कई राज्यों के प्रतिनिधि भी दिल्ली एयरपोर्ट पर मौजूद रहे।

इजरायल से लौटने वालों में सबसे ज्यादा स्टूडेंट्स, 2 नवजात बच्चे भी आए

विदेश मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री राजकुमार रंजन सिंह ने बताया कि ऑपरेशन अजय के तहत इजरायल से भारत पहुँची दूसरी फ्लाइट में 235 लोग सवाल थे, इसमें से 135 छात्र हैं। इनमें 2 नवजात बच्चे भी शामिल हैं। विदेश मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री राजकुमार रंजन सिंह ने बताया कि इजरायल में 18000 भारतीय रह रहे हैं। सरकार उन्हें निकालने में जुटी है।

वंदे मातरम की गूँज

इजरायल से दिल्ली आई फ्लाइट में पूरे रास्ते भारत का गौरवगान दिखा। हर भारतीय जो इजरायल से सुरक्षित भारत लाया गया है, वो बेहद गर्वित महसूस कर रहा है, क्योंकि एक तरफ तो दूसरे देश प्लानिंग ही करते रहे हैं, तो दूसरी तरफ भारत तुरंत एक्शन लेता है। फ्लाइट में सवाल एक व्यक्ति ने ये वीडियो बनाया है, जो वायरल हो रहा है।

भारत लाए गए लोग जता रहे आभार

इजरायल से भारत पहुँचे लोगों ने भारत सरकार का आभार जताया है। एक व्यक्ति ने कहा कि हम भारत पहुँच कर बहुत खुश हैं। भारत सरकार और विदेश मंत्री एस जयशंकर बहुत बेहतर काम कर रहे हैं। इजरायल से लौटे युवक ने पीएम मोदी ने ऑपरेशन अजय को बेहतरीन कदम बताया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारत सरकार, विदेश मंत्री और इजरायल में भारतीय दूतावास को धन्यवाद कहा और बताया कि अभी बहुत सारे युवा छात्र वहाँ अटके हुए हैं।

क्या है ऑपरेशन अजय?

इजरायल पर हमास के हमले के बाद अब इजरायल युद्ध की घोषणा कर चुका है। इजरायल पर वेस्ट बैंक, लेबनान के साथ ही सीरिया तक से रॉकेट बरसाए गए। इजरायल में काफी नुकसान हुआ, जिसके बाद कई देशों ने अपने नागरिकों को इजरायल से निकालने का फैसला किया है। भारत सरकार अपने नागरिकों को इजरायल से निकालने के लिए ऑपरेशन अजय चला रही है, जिसके तहत पहली फ्लाइट गुरुवार ( 13 अक्टूबर 2023) की सुबह भारत पहुँची थी। पहली फ्लाइट में कुल 212 लोगों को इजरायल से लाया गया। ये ऑपरेशन तब तक चलता रहेगा, जबतक इजरायल से सभी 18,000 भारतीयों को सुरक्षित नहीं कर लिया जाता।

कनाडा के 3 हिंदू मंदिरों में एक ही रात में चोरी और तोड़फोड़: पुलिस कर रही लंगड़े आदमी की तलाश; लंबाई- 5’9”, वजन- 91 किलो… ₹1.22 लाख का है इनामी

कनाडा में हिंदुओं और उनके धार्मिक स्थलों पर हमले रूक नहीं रहे हैं। एक बार फिर कनाडा के ऑनटोरियो में स्थित तीन हिंदू मंदिरों को निशाना बनाते हुए उनमें तोड़फोड़ की गई है। अराजक तत्वों ने मंदिरों की दान पेटियों को तोड़कर उनमें रखी राशि भी चुरा ली है।

घटना ऑनटोरियो की है, जहाँ भारतीय मूल के लोगों बड़ी संख्या में रहते हैं। इनमें पंजाब से गए लोगों की संख्या सबसे अधिक है। डरहम पुलिस विभाग ने बुधवार को एक बयान में कहा कि आरोपित पुरुष पिकरिंग में बेली स्ट्रीट और क्रोस्नो बुलेवार्ड के क्षेत्र में एक मंदिर में घुस गया था।

डरहम पुलिस ने आरोपित के हुलिया के बारे में जानकारी दी है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बताया कि आरोपित शख्स 5’9” का पुरुष है और उसका वजन लगभग 91 किलोग्राम है। वह लंगड़ाकर चल रहा था। उसने नीला सर्जिकल मास्क, हुड वाला काला पूफी जैकेट, हरा ‘कैमो’ कार्गो पैंट और हरे रंग के रनिंग जूते पहन रखा था।

पुलिस ने कहा कि फुटेज में दिखा कि आरोपित रविवार (8 अक्टूबर 2023) की रात करीब 12.45 बजे मंदिर में घुसा और दान पेटियों में रखी नकदी को चुरा लिया। पुलिस ने आगे बताया कि पुलिस टीम के मौके पर पहुँचने से पहले ही आरोपित वहाँ से भाग निकला था।

मंदिर में चोरी की घटना के लगभग 45 मिनट बाद वेस्ट डिवीजन के सदस्यों ने पिकरिंग में ब्रॉक रोड और डर्सन स्ट्रीट क्षेत्र में स्थित एक मंदिर में तोड़फोड़ की कोशिश करने के बारे में पुलिस को जानकारी दी। मंदिर से जुड़े एक व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि आरोपित ने मंदिर की खिड़की तोड़कर दान पेटी चुराने की कोशिश की।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वह शख्स पैसे चुराने में नाकाम रहा और पुलिस के आने से पहले ही वह फरार हो गया। पुलिस ने बताया कि यह वही शख्स था, जिसने इसके पहले मंदिर में घुसकर दान पेटी में रखी रकम चुराई थी। दो मंदिरों में चोरी और तोड़फोड़ करने के बाद भी यह उपद्रवी नहीं रूका।

इसने तीसरे मंदिर में भी घुसपैठ करके वहाँ रखी दान पेटी में से पैसे चुरा लिए। इन दो मंदिरों में घटना को अंजाम देने के बाद उसी रात करीब ढाई बजे अजाक्स में वेस्टनी रोड साउथ और बेली स्ट्रीट वेस्ट के क्षेत्र में स्थित एक मंदिर में वह शख्स घुस गया। उसने दान पेटी में रखी ढेर सारी नकदी को चुराने के बाद फरार हो गया। 

कनाडा की पुलिस ने मंदिर में चोरी की घटना को अंजाम देने वाले आरोपित के बारे में जानकारी देने के लिए जनता से अपील की है। पुलिस ने घोषणा की है कि इसके बारे में जानकारी देने वाले व्यक्ति को 2,000 कनाडा डॉलर (लगभग 1 लाख 22 हजार रुपए) की राशि इनाम में दी जाएगी।

बता दें कि 1 सितंबर से लेकर 4 अक्टूबर तक तीन मंदिरों में चोरी और तोड़फोड़ को अंजाम दिया गया। पिछले महीने ग्रेटर टोरंटो क्षेत्र के कम से कम 3 मंदिरों को निशाना बनाया गया था। 9 सितंबर 2023 को ब्रैम्पटन में चिंतापूर्णी मंदिर और 18 सितंबर को कैलेडॉन में रामेश्वर मंदिर को निशाना बनाया गया। 4 अक्टूबर को मिसिगॉग में हिंदू हेरिटेज सेंटर को निशाना बनाया गया।

ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के सरे शहर में माता भामेश्वरी दुर्गा मंदिर में 7 सितंबर को तोड़फोड़ की गई। इससे पहले कनाडा के सरे शहर में 12 अगस्त 2023 को खालिस्तानियों ने लक्ष्मी नारायण मंदिर में तोड़फोड़ की थी। मंदिर के गेट पर खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर के पोस्टर चिपका दिए थे। इसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था।

इससे पहले इसी साल 31 जनवरी को ही कनाडा के ब्रैम्पटन में एक प्रमुख हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ की गई थी। इसके ऊपर भारत-विरोधी भड़काऊ बातें लिखी गई थीं। इसके बाद अप्रैल में भी कनाडा के ओंटारियो में एक और हिंदू मंदिर को खालिस्तानियों ने निशाना बनाया था। भारत-विरोधी नारे लिखे गए थे। इस मामले में कनाडा की सुरक्षा एजेंसियों ने एक सीसीटीवी फुटेज भी जारी किया था, जिसमें दो लोगों को मंदिर की दीवार पर स्प्रे पेंट के जरिए भारत विरोधी नारा लिखते हुए देखा गया था।

देश के लिए मर मिटने के जुनून से जगमग है इजरायल, क्या इससे सीखेंगे भारत के कट्टरपंथी या फिर चुल्लू भर पानी में डूब मरेंगे?

इजरायल के तेल अवीव एयरपोर्ट के बाहर एक समूह जोश से भरा है, युवा नाच गा रहे हैं, क्योंकि विदेशों में रह रहे उनके अपने घर लौट रहे हैं। इस्लामी आतंकी संगठन हमास से लड़ने के लिए। देशभक्ति का जज्बा लिए। ये जज्बा उस देश के लोग दिखा रहे हैं, जिनकी गर्भवती महिलाओं के आंतकियों ने पेट फाड़ डाले हैं। छोटे-छोटे बच्चों को जलाकर मार डाला, उन्हें गोलियाँ से भून डाला। जिनकी युवतियों का उनके दोस्तों की लाशों के सामने बलात्कार किया है। लाशों की नग्न परेड निकाल कर उस पर थूका गया।

महज एक तेल अवीव का एयरपोर्ट ही इजरायलियों के देश के लिए लड़ने के जज्बे का इकलौता उदाहरण नहीं है। यहाँ युद्ध के भयानक माहौल के बीच बंकर से एक युवा सैनिक गीत गाता है तो सेना के कैंप पर ही एक सैनिक अपनी शादी का जश्न मना लेता है। इस देश की वतनपरस्ती का जज्बा ही है, जो इसे सबसे अनोखा और अलग बनाता है। इसी वजह से चारों तरफ से यहूदियों को खत्म करने वाले दुश्मनों से घिरे होने के बाद इसका वजूद बचा हुआ है।

मुश्किल घड़ी में देश का साथ कैसे दिया जाता है? देशभक्ति क्या होती है? ये भारत के इस्लामिक और वामपंथी कट्टरपंथियों को इजरायल से सीखना चाहिए। हमास के खिलाफ यूँ ही नहीं इस देश को दुनिया भर का समर्थन मिल रहा है। इस देश की खूबसूरती ही यही है कि मुसीबत के वक्त इस देश का हर एक बाशिंदा मुल्क से प्यार करने वाला एक सैनिक है, उसके सिवाय कुछ नहीं।

हमारे देश भारत में तो उसी की जमीं पर रहकर उसी के पानी और अन्न पर पलकर अक्सर लोग भारत के खिलाफ खड़े होने से बाज नहीं आते। यही नहीं, ऐसे लोग दुनिया के मंच पर देश को कोसने और गरियाने से भी गुरेज नहीं करते। ऐसे में युद्ध और लगातार हमलों से जूझ रहे इजरायलियों का जज्बा सच में काबिलेतारीफ है। यही वजह है कि हिंसा और मौत के तांडव के बीच वहाँ बेबसी, आँसू की जगह बंकरों से देशभक्ति के तराने गूँज रहे हैं।

इजरायली दुनिया भर के मुल्कों से अपने देश में हमास के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए वापस आ रहे हैं। वो युद्ध के खतरे के बीच अपने देश से भागकर दूसरे देश में शरण लेने नहीं जा रहे हैं। इस तरह के एक नहीं बल्कि अनगिनत वाकये इस वक्त इजरायल को लेकर दुनिया भर में चर्चा का विषय बने हुए हैं।

दूसरी तरफ अपने देश भारत की बात करें तो हमें पीछे जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। शुक्रवार (13 अक्टूबर 2023, जुमे का दिन) की ही बात ले लें। देश में कश्मीर, हैदराबाद, कोलकता, कर्नाटक, चेन्नई से लेकर यूपी तक में इजरायल मुर्दाबाद के नारे गूँजने लगे। ये तब है जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजरायल के लिए अपना समर्थन जता चुके हैं।

इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने पीएम मोदी को फोन कर उन्हें ताजा हालात की जानकारी दी थी और फिर से पीएम मोदी ने उन्हें भारत के समर्थन के लिए निश्चिंत रहने का वादा किया था। यही नहीं देश की अहम विपक्षी पार्टी कॉन्ग्रेस ने अपनी कार्यसमिति की बैठक फिलिस्तीन के पक्ष में प्रस्ताव पास कर डाला।

देश की खुफिया एजेंसी को शायद शुक्रवार को होने वाले बबाल को लेकर पहले से ही आशंका थी। यही वजह रही कि दिल्ली एनसीआर और दूसरे राज्यों में शुक्रवार को जुम्मे की नमाज के दिन खास एहतियात बरतने के लिए कहा गया था। दिल्ली में इस्राइली दूतावास और अधिकारियों के आवास के बाहर और नई दिल्ली के पहाड़गंज इलाके में यहूदियों के धार्मिक स्थल ‘चबाड हाउस’ पर भी कड़ी सुरक्षा के इंतजाम थे।

अपने देश के वामपंथी और कट्टरपंथी अमर जवान ज्योति पर तोड़फोड़ करने वालों के पक्ष में खड़े दिखते हैं। साल 2012 में मुंबई के आजाद मैदान में दो दंगाई मुस्लिम युवकों ने अमर जवान ज्योति स्मारक में तोड़फोड़ की थी। पुलिस ने इसे तोड़ने के आरोपी अब्दुल कादिर को गिरफ्तार कर लिया था। वामपंथियों का हमेशा झंडा बुलंद करने वाली अभिनेत्री स्वरा भास्कर इस घटना को झूठा बताने पर खासी ट्रोल हुई थी। गलती मानकर आखिर उन्होंने ये ट्वीट डिलीट किया था, लेकिन ये भी सच्चाई है कि हमारे देश में लोग आतंकियों के पक्ष में अपने ‘मियाँ भाइयों’ के लिए एक हो जाते हैं।

इसके उलट भारत में राजस्थान का पुष्कर हो, हिमाचल का ‘मिनी इजरायल’ कसोल हो या फिर मैक्लोडगंज का गाँव धर्मकोट… इजरायल से यहाँ घुमने आए युवा सहित अन्य उम्र के एबी, इदान और अमद जैसे सैकड़ों पर्यटक अपने देश लौट रहे हैं। इजरायली युवा अमद का कहना है कि वो सीधे 15 अक्टूबर को इजरायल पहुँचते ही जंग के मैदान में जाएगा।

भारत से ही नहीं बल्कि दुनिया भर से युवा इजरायली सेना में शामिल होने और बुराई से लड़ने के लिए देश लौट रहे हैं। युद्ध में जब लोग लोग सुरक्षित ठिकाना ढूँढते हैं, तब विदेशों का सुरक्षित ठिकाना छोड़कर इज़रायल वापस लौटने वालों का सैलाब राजधानी तेल अवीव के एयरपोर्ट पर उमड़ पड़ा है। इसमें अच्छी खासी संख्या में नौजवान हैं।

ये नजारा समझने के लिए काफी है कि इस छोटे से देश का वजूद कैसे कायम है और दुनिया इसके समर्थन में हमास के खिलाफ लड़ाई में क्यों साथ दे रही है। इनके स्वागत में एयरपोर्ट पर इजरायल के लोग भी पलके बिछाएँ बैठे हैं। गाने, डाँस से इनका स्वागत और हौसलाअफजाई की जा रही है।

इजरायलियों की देशभक्ति का ये जज्बा न रंग, न जाति, न लिंग और न ही किसी उम्र का मोहताज है। सब एक सुर में गा रहे हैं – “जीत हमारी है हमास।” फिर भले ही वो महिलाएँ ही क्यों न हो। इजरायली डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने युद्ध के मोर्चे पर डटी अपनी महिला जाबाँजों की तस्वीरे साझा की हैं।

उम्र महज एक नंबर है और ये साबित करने वाले इस देश के सबसे उम्रदराज रिजर्विस्ट 95 साल के एजरा याचिन हमास के खिलाफ चल रही मौजूदा जंग में सैनिकों से बात कर उनका मनोबल बढ़ा रहे हैं।

वहीं बंकर में गाने वाला इजरायली युवा शालोमो भले ही शादियों में गाने वाले हों, लेकिन यहूदियों के बचाव में वो आगे आए। उनका जोश यहूदियों के अंधेरे में रोशनी ढूँढने की कोशिश को दिखाता है। उनकी यही भावना है, जो शायद उन्हें बाँधे हुए हैं। वो गाते हैं – “यहूदियों का हौसला कभी नहीं टूटेगा।”

ऐसे ही एक जोड़े को अपनी शादी का जश्न इज़रायल में मनाना था, लेकिन इसके बजाय, आईडीएफ ने उसे देश की रक्षा के लिए तैनात कर दिया। बगैर किसी मलाल के उनकी शादी आर्मी बेस कैंप में गोलियों और बमों की आवाजों के बीच हुई।

नेवे नगार जैसे सैनिक भी हैं, जिनकी 11 अक्टूबर को शादी होने वाली थी, लेकिन वो अपनी शादी रोक कर अपनी मंगेतर को बताकर युद्ध में जा पहुँचे। इस छूटी हुई शादी की भरपाई पैराट्रूपर रिजर्व बटालियन में उनके साथियों ने उनके सम्मान में युद्ध के बीच ही एक उत्सव आयोजित करके की। कुछ ऐसा है इजरायलियों का अपने देश के लिए एहसास और प्यार।

हनन्या नफ्ताली जो पेशे से इजरायली पत्रकार हैं, की भावनाएँ इस युद्ध को लेकर सब कुछ बयाँ करने के लिए काफी है। उनका कहना है कि इस जंग में मारे गए सभी लोगों के लिए दिल में दर्द और आँसू लिए उन्होंने हथियार उठाए हैं। उनके अनुसार वो सब अपने घर के लिए लड़ रहे हैं और इजरायल ही जितेगा, इसके अलावा दूसरी कोई सोच ही नहीं।

दुनिया इजरायलियों के अपने मुल्क से इश्क के इस जज्बे की कायल हो रही है। यही वजह है कि यूनाइटेड किंगडम के विदेश सचिव जेम्सक्लीवरली इज़राइल के लोगों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए इज़राइल पहुँचे। यहाँ पहुँच उन्होंने कहा:

“आज मैंने लाखों लोगों के रोज अनुभव किए जाने वाले अनुभव की एक झलक देखी है। हमास के रॉकेटों का खतरा हर इजरायली पुरुष, महिला और बच्चे पर मंडरा रहा है। यही वजह है कि हम इजराइल के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।”

उन्होंने एक ट्वीट किया। यह ट्वीट एक इजरायली सैनिक की भावुकता और जज्बे की कहानी है। उस सैनिक ने लिखा था कि वो अपनी माँ को बचाने के लिए हमास से लड़ाई कर रहा है। केवल जेम्सक्लीवरली ही नहीं बल्कि भारत के पीएम नरेंद्र मोदी, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन सहित फ्रांस, जर्मनी सहित कई देश इजरायल के समर्थन में उतर आए हैं।

यही वजह है कि अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन इजराइल पहुँचे। नेतन्याहू से ब्लिंकन ने कहा, “हम आपके साथ हैं और कहीं नहीं जा रहे।” यही नहीं इज़राइल के समर्थन में अमेरिका के पूर्व पेशेवर मुक्केबाजी चैंपियन फ्लॉयड मेवेदर भी उतर आए हैं।

फ्लॉयड हमास के साथ चल रहे युद्ध के बीच इज़राइल को भोजन और अन्य आपूर्ति पहुँचाने के लिए अपने निजी जेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। एयर मेवेदर नाम का विमान आईडीएफ के सैनिकों के लिए बुलेटप्रूफ जैकेट लेकर पहुँचेगा।

‘हमास और उसके मुजाहिद पर हमें फख्र’: इजरायल में इस्लामी आतंकियों द्वारा नरसंहार का कॉन्ग्रेस नेता असगर ने किया बचाव, पार्टी है फिलिस्तीन के साथ

फिलिस्तीन के आतंकी संगठन हमास द्वारा आतंकवादी हमला करने के बाद इजरायल उसके खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर रहा है। इस कार्रवाई के खिलाफ भारत सहित दुनिया भर के कट्टरपंथी मुस्लिम फिलिस्तीन और हमास के पक्ष में दुआ कर रहे हैं और इजरायल पर लानत भेज रहे हैं। इन सबसे अलग भारत का एक राष्ट्रीय राजनीतिक दल हमास जैसे आतंकी संगठन के समर्थन में खड़ा हो गया है।

इजरायल में बच्चों का गला काटने और जिंदा जलाने वाले, महिलाओं का अपहरण कर उनका बलात्कार करने वाले, बुजुर्गों तक की हत्या करने वाले हमास जैसे आतंकी संगठन के समर्थन में आज जुमे यानी शुक्रवार (13 अक्टूबर 2023) को दुनिया भर में प्रदर्शन किए गए। भारत में भी कई जगहों पर हमास का समर्थन किया गया।

इस वैश्विक प्रदर्शन का हिस्सा बने लद्दाख कॉन्ग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष असगर अली करबलाई ने हमास का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने उसके आतंकियों को मुजाहीदीन बताया और कहा कि करगिल की आवाम हमास के साथ खड़ी है। उनके प्रदर्शन में ईरान के सर्वोच्च नेता मोहम्मद अली खुमेनेई की तस्वीरें भी खूब प्रदर्शित की गईं।

करबलाई ने प्रदर्शन के दौरान टाइम्स नाऊ से बात करते हुए इजरायल पर हमास के आतंकी हमले को सही ठहराया, जिसमें बच्चों का कत्लेआम और महिलाओं का बलात्कार किया गया। उन्होंने कहा, “गाजा में मौजूद हमास के मुजाहीदीन ने जिस तरह से सबसे बड़े शैतान और सबसे बड़े दहशतगर्द अमेरिका और उसके पाले इजरायल पर इन्होंने अपनी ही जमीन को वापस लेने की शुरुआत की। सरजमीं-ए-गाजा की तीन बराबर अपने इलाके को वापस ले आया। उन्हें फिलिस्तीन में मिला दिया गया।”

आतंकी संगठन हमास का गुणगान करते हुे असगर अली करबलाई ने कहा, “इस दौरान सैकड़ों इजरायली फौजियों को ना सिर्फ कैदी बना लिया गया, सैकड़ों को मार दिया गया। उन्होंने एक बार दिखला दिया कि आप कितना भी दबा दें, फिलिस्तीन के मुजाहिद… गाजा के मुजाहिद… कभी भी सरजमीं-ए-फिलिस्तीन से हाथ उठाने वाले नहीं हैं। ना सिर्फ गाजा की, ना सिर्फ फिलिस्तीन की, बल्कि बैतूल मुकद्दस (टेम्पल ऑफ़ सोलोमन) की आजादी तक इसी तरीके से लड़ते रहेंगे।”

इजरायल के वजूद को नकारते हुए कॉन्ग्रेसी नेता ने कहा, “इजरायल का जो बना-बनाया वजूद है, इसकी कोई हैसियत ही नहीं है। ये मकड़ी के जाले से भी ज्यादा कमजोर है और उन्होंने (हमास ने) इसे 7 अक्टूबर को दिखला दी। मुजाहीदीन से लड़ने की ताकत इनकी फौजियों में नहीं है। इजरायल वाले खुद को दुनिया को चौथी एडवांस फौजी मानते हैं, लेकिन निहत्थे फिलिस्तीनियों के सामने उनकी ताकत धरी की धरी रह गई है।”

खुद को हमास का साथ देने पर फख्र महसूस करने वाले असगर ने आगे कहा, “इजरायल सोचता है कि फिलिस्तीन पर बमबारी करके वह हमास और हमास के मुजाहिदों को झुकने पर मजबूर कर देगा। लेकिन, उसी मलबे से उठा हुआ दो साल का बच्चा, शहीद की माँ, शहीद का बाप, शहीद का भाई जीत का निशाना दिखाता हुआ उठ खड़ा होते हैं और इजरायल के सफाए का पैगाम देते हैं। हम फख्र से कहते हैं कि हम हमास के मुजाहिद के साथ खड़े हैं।”

बता दें कि 9 अक्टूबर को हुई कॉन्ग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में एक प्रस्ताव पारित करके पार्टी ने फिलिस्तीन का समर्थन किया। इस प्रस्‍ताव में फिलिस्‍तीनियों की जमीन, स्‍वशासन और आत्‍म सम्‍मान के साथ जीवन के अधिकारों का समर्थन किया गया। फिलिस्तीन का समर्थन करके दरअसल कॉन्ग्रेस ने आतंकी संगठन हमास का समर्थन किया। असगर अली भी यही बात कह रहे हैं।

उधर कॉन्ग्रेस से महासचिव केसी वेणुगोपाल ने X पर पोस्ट करके कहा था, “मिडिल ईस्ट में संघर्ष बेहद दुखद है और समय की माँग है कि तत्काल युद्धविराम हो। हम (कॉन्ग्रेस) स्व-शासन के लिए फलिस्तीन संघर्ष के साथ खड़े हैं और मानते हैं कि इस संकट के समाधान के लिए बातचीत की जानी चाहिए।”