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‘फ# इजरायल, फ# यहूदी’: सिडनी के ओपेरा हाउस पर हमास समर्थकों का उपद्रव, ‘अल्लाहू अकबर’ के नारों के साथ पुलिस पर फेंकी आग; देखिए Video

इस्लामी आतंकी संगठन हमास की बर्बरता देखने के बाद दुनिया के अधिकतर देश इजरायल के साथ एकजुटता प्रदर्शित कर रहे हैं। दूसरी ओर दुनिया भर के इस्लामी कट्टरपंथी हमास का समर्थन करते हुए यहूदियों और इजरायल को लेकर अपनी नफरत का प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी कड़ी में ‘अल्लाहू अकबर’ के नारों के साथ ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में ओपेरा हाउस पर कट्टरंपथियों ने कब्जे की कोशिश की।

इजरायल के साथ एकजुटता दिखाने के लिए ओपेरा हाउस को 9 अक्टूबर 2023 की शाम इजरायल के झंडे के रंग में रोशन किया गया। इसके विरोध में कट्टरपंथी वहाँ इकट्ठा हो गए और मार्च किया। ओपेरा हाउस पर कब्जे की कोशिश करते हुए आपत्तिजनक नारे लगाए। हमास के हमलों का आतिशबाजी कर जश्न मनाया।

ऑस्ट्रेलियाई यहूदी एसोसिएशन द्वारा एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किए गए एक वीडियो में कट्टरपंथी भीड़ मार्च करने के बाद सिडनी ओपेरा हाउस पर आग से हमला करती हुई दिखाई दे रही है। इनके उपद्रव के कारण ओपेरा हाउस को इजरायली झंडे के रंग में रोशन करने में एक घंटे की देरी हुई।

डेली मेल ऑस्ट्रेलिया की एक रिपोर्ट के अनुसार कुछ उपद्रवी नकाबपोश थे और उन्होंने ओपेरा हाउस में एंट्री करने से रोकने के लिए खड़े 100 से अधिक पुलिसकर्मियों पर जलती हुई आग फेंकी।

आतंकवादियों से सहानुभूति रखने वालों को अपमानजनक, अभद्र और यहूदी-विरोधी भाषा बोलते हुए सुना जा सकता है। भीड़ ने इजरायली झंडे को रौंदने और फाड़ने के बाद उसमें आग लगाने की कोशिश की। ‘F*** इजरायल’, ‘F*** यहूदी’, ‘F*** अल्बानीज़’ के साथ ही ‘अल्लाहू अकबर’ के नारे लगाए।

इस दौरान इस्लामिक कट्टरपंथियों की भीड़ ने ‘फ्री फिलिस्तीन’ जैसे संदेश वाले बैनर लहराए। न्यू साउथ वेल्स से ग्रीन पार्टी की चीनी मूल की सांसद ने हमास समर्थकों का समर्थन करते हुए और ट्वीट किया है।

हमास समर्थकों के उपद्रव के दौरान पुलिस ने कम से कम तीन लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस ने हिंसक विरोध प्रदर्शन को देखते हुए यहूदी लोगों को सिडनी ओपेरा हाउस के आसपास के इलाकों में न जाने की चेतावनी दी थी।

जानकारी के मुताबिक, फिलिस्तीन एक्शन ग्रुप, सिडनी ने ‘मुस्लिम उत्पीड़न के खिलाफ रैली’ का आयोजन किया था, जो ओपेरा हाउस तक मार्च करने से पहले टाउन हॉल में एकत्रित हुई। इस दौरान कथित तौर पर उनमें से कई लोगों ने ‘मुसलमानों पर अत्याचार करना बंद करो’ जैसे नारों वाले बैनर और पोस्टर ले रखे थे।

वहीं, ऑस्ट्रेलियाई प्रधान मंत्री एंथनी अल्बानीज ने हमास और आतंकी समर्थकों से तुरंत रैली को रद्द करने के लिए कहा। अल्बानीज ने हिंसा के समर्थकों की तीखी निंदा की। लेकिन उनकी निंदा और अपील से हमास समर्थकों पर कोई फर्क नहीं पड़ा, बल्कि उन्होंने अल्बानीज के लिए जमकर अपशब्द कहे।

‘हमास ने शुरू किया, खत्म हम करेंगे’: बोले नेतन्याहू- ऐसा सबक सिखाएँगे कि दशकों तक याद रखेंगे इजरायल के दुश्मन, 3 लाख रिजर्व सैनिक बुलाए

इस्लामी आतंकी संगठन हमास के हमलों के बाद इजरायल की जवाबी कार्रवाई अब निर्णायक चरण में है। इजरायल ने गाजा पट्टी से सटे उन सभी इलाकों पर नियंत्रण कर लिया है, जहाँ आतंकी घुसे थे। गाजा पट्टी को सील कर उसकी सेना ने घेराबंदी कर रखी है। हवाई हमले जारी हैं। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि इजरायल के दुश्मनों को ऐसा सबक सिखाया जाएगा जो दशकों तक वे याद रखेंगे।

एक टीवी संबोधन में नेतन्याहू ने कहा है, “हम युद्ध नहीं चाहते थे। हम पर जबरदस्ती बर्बर तरीके से जंग लादी गई। इजरायल ने यह जंग शुरू नहीं की है, लेकिन हम इसे खत्म जरूर करेंगे। हमास ने इजरायल पर हमला करके ऐतिहासिक भूल की है।” उन्होंने कहा, “एक समय था जब यहूदी लोगों के पास कोई देश नहीं था, वो खुद को बचा नहीं सकते थे। अब ऐसा नहीं है। अब हम हमास और इजरायल के अन्य दुश्मनों को ऐसा सबक सिखाएँगे जो कि वह दशकों तक नहीं भूलेंगे।”

नेतन्याहू ने हमास और इस्लामिक स्टेट को एक जैसा बताया है। उन्होंने कहा कि हमास ने परिवारों को उनके घरों में मार दिया, जो लोग बाहर किसी समारोह में शामिल हो रहे थे उनकी हत्या की गई और महिलाओं तथा बच्चों का अपहरण किया।

इस बीच इजरायली सुरक्षा बलों ने गाजा पर हवाई कार्रवाई चालू कर दी है। अब तक इजरायली सुरक्षा बलों ने गाजा के भीतर 1200 से ज्यादा ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में लगभग 600 फिलीस्तीनी आतंकी मारे जा चुके हैं। इजरायल ने अपने नागरिकों से अगले 72 घंटों के लिए बंकरों में रहने का इंतज़ाम करने को कहा है। इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि इजरायल गाजा में सेना भेजेगा।

इजरायल ने हमले के 48 घंटों के भीतर 3 लाख से अधिक रिज़र्व सैनिकों को वापस बुलाया है। इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने विश्व भर के नेताओं का इजरायल का समर्थन करने के लिए धन्यवाद किया है।

वहीं इस्लामी आतंकी संगठन हमास ने कहा है कि अगर इजरायल ने और हमले किले तो वह बंधक बनाए गए इजरायली नागरिकों को एक एक कर मारना चालू कर देगा। हमास के प्रवक्ता अबू उबैदा ने कहा है कि इन हत्याओं को वह टीवी पर भी दिखाएँगे।

गाजा से सटे एक इलाके से 100 से अधिक लाशें बरामद की गई हैं। मरने वालों में बच्चे और महिलाएँ भी हैं। गौरतलब है कि हमास ने 7 अक्टूबर को इजरायल पर अचानक हमला किया था। इन हमलों में 900 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। 2600 से अधिक लोग घायल हैं।

13 साल की बच्ची के साथ गंदा काम करता था मदरसे का हाफ़िज़, जान बचाने के लिए कराना पड़ा गर्भपात: पीड़िता को पेट दर्द और बुख़ार से हुआ खुलासा

बिहार के सहरसा में मदरसे का हाफ़िज़ (शिक्षक) 13 साल की बच्ची के साथ लगातार रेप करता रहा। करीब 3 महीनों से वो रेप कर रहा था। उसने बच्ची को किसी से कुछ बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी, इसलिए लड़की किसी से कुछ कह नहीं पा रही थी। तेज बुखार होने पर उसकी नानी जब उसे लेकर अस्पताल गई, तो पता चला कि बच्ची प्रेग्नेंट है। बच्ची की जान को खतरा था, इसलिए अबॉर्शन कराना पड़ा। पुलिस ने आरोपित मोहम्मद इम्तियाज उर्फ चुन्ना को गिरफ्तार कर लिया है।

ये मामला सहरसा जिले के सदर थाना इलाके का है। 8 अक्टूबर को पीड़ित की माँ ने पुलिस से शिकायत की। उसने बताया कि दोनों पति-पत्नी दिल्ली में रहते हैं। बच्ची को नानी के घर छोड़ा गया था, ताकि वो मदरसे में रहकर पढ़ाई करे, लेकिन मोहम्मद इम्तियाज उर्फ चुन्ना उसे लंबे समय से अपनी हवस का शिकार बना रहा था। पीड़िता की अम्मी ने बताया, “मेरी माँ यानी बच्ची की नानी ने मुझे फोन पर बताया कि बच्ची की हालत बहुत खराब है, जिसके बाद हम उसे अस्पताल लेकर गए।”

उन्होंने बताया कि वहाँ पता चला कि बच्ची प्रेग्नेंट है और उसकी हालत बहुत खराब है। बच्ची की जान को खतरा था, जिसके बाद डॉक्टरों ने अबॉर्शन करके उसकी जान बचाई है।

पीड़ित की नानी ने मीडिया से बताया, “मेरी नातिन के साथ मदरसे का हाफ़िज़ गलत काम करता था। वो किसी से बताने पर जान से मारने की धमकी देकर धमकाता था, जिसकी वजह से वो किसी से कुछ बता नहीं पाई। उसे पेट में दर्द हुआ और तेज बुखार हुआ, तो उसे बुखार की दवा खिलाई गई। जब वो ठीक नहीं हुई, तो निजी अस्पताल में लेकर गए, जहाँ पता चला कि मदरसे का हाफ़िज़ मोहम्मद इम्तियाज उसके साथ गलत काम करता था। बच्ची की जान बचाने के लिए डॉक्टरों ने ऑपरेशन करके बच्चे को बेट से निकाला है।”

इस मामले में सदर थानाध्यक्ष सुधाकर कुमार का बयान आया है। उन्होंने कहा कि हमने शिकायत पाते ही कार्रवाई की और जाँच के बाद आरोपित मदरसा शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि बच्ची का इलाज चल रहा है।

इजरायल ने शुरू किया घर में घुस कर मारना… बिजली-राशन-पानी-गैस सब बंद, 3 लाख सैनिकों ने पूरी गाजा पट्टी को घेरा: PM नेतन्याहू का ऐलान – हमने स्टार्ट कर दिया

इजरायल के रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने सोमवार (9 अक्टूबर, 2023) को कहा कि इजरायल ने गाजा पट्टी का ‘सीज’ शुरू कर दिया है। गाजा पट्टी से आतंकवादी समूह हमास द्वारा इजरायल के खिलाफ दशकों में सबसे घातक हमला शुरू करने के 3 दिन बाद उनका देश फिलीस्तीनी क्षेत्र पर ‘घेराबंदी’ के हिस्से के रूप में गाजा पट्टी को ब्लॉक कर दिया है। इस बीच, इजरायल के तीन लाख से अधिक रिजर्व सैनिकों ने अपनी पोजिशन सँभाल ली है और गाजा सीज की कार्रवाई शुरू कर दी है।

योव गैलेंट ने कहा कि उन्होंने गाजा पट्टी पर ‘पूर्ण घेराबंदी’ का आदेश दिया है, उन्होंने कहा कि ‘कोई बिजली, कोई भोजन, कोई गैस’ फिलिस्तीनी क्षेत्र तक नहीं पहुँचेगी। इजरायली रक्षा मंत्री ने कहा कि हम बर्बर आतंकियों से लड़ रहे हैं और उसी के हिसाब से जवाब देंगे। इसके लिए अब पूरी तरह से ‘गाजा पट्टी को सीज’ किया जाता है। योव गैलेंट ने एक वीडियो मैसेज में ये ऐलान किया। गैलंड इजरायली सेना के पूर्व कमांडर रह चुके हैं और बेंजामिन नेतन्‍याहू सरकार में अपने सख्‍त रुख के लिए जाने जाते हैं।

गाजा पट्टी से सटे इलाकों में तीन लाख से अधिक रिजर्व सैनिकों ने मोर्चा सँभाल लिया है और गाजा के सीज के आदेश को मानने की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी गाजा में हवाई हमलों की तस्वीरें शेयर करते हुए कहा, “हमने शुरू कर दिया है। इजरायल की विजय होगी।”

बता दें कि गाजा पट्टी में करीब 23 लाख लोग रहते हैं। यह तीन तरफ से इजरायल और एक तरफ से मिस्र से घ‍िरा हुआ है। इजरायल और हमास के बीच युद्ध में अब तक 1000 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं और सैकड़ों की तादाद में लोग ज़ख़्मी हुए हैं।

येरुशलम पर भी हमला

इस बीच, हमास ने सोमवार को कई इजरायली शहरों पर रॉकेट हमलों किए, जिसका इजरायली सेना मुँहतोड़ जवाब दे रही है। सोमवार सुबह के बाद शाम को इजरायल पर रॉकेट बरसाए गए हैं। इजरायली डिफेंस फोर्स ने एक्स पर इसकी सूचना दी है। इसमें बताया गया है कि अब येरूशलम पर भी हमले हो रहे हैं और सायरन बज रहे हैं।

इजरायली रक्षा बलों ने कहा कि उसने रविवार रात गाजा पट्टी में हमास और इस्लामी जिहाद के ठिकानों पर 500 हमले किए। वहीं, गाजा से सटे हुए सारे इलाकों में जहाँ हमास के लड़ाके घुस आए थे, सारे इलाके मुक्त करा लिए गए हैं। सेना ने पूरे इलाके को कंट्रोल में ले लिया है। हालाँकि, छिटपुट लड़ाई अब भी जारी है।

लेबनान की तरफ से इजरायल में घुसने वाले कई हमलावर ढेर

इस बीच, इजरायली सेना ने जानकारी दी है कि लेबनान से लगने वाले ब्लू-जोन को पारकर इजरायल में घुस रहे कई हमलावरों को मार गिराया गया है। बता दें कि लेबनान में ताकतवर मिलिशिया संगठन हिज्बुल्ला, जो हमास को मदद देता है, उसने इजरायल पर हमले की घोषणा की थी। हिज्बुल्ला ने कहा था कि वो हमास के संघर्ष में उसके साथ है। इसी क्रम में उसकी तरफ से आतंकियों ने इजरायल में घुसने की कोशिश की, तो इजरायली सेना ने ऐसे कई आतंकियों को ढेर कर दिया है। इजरायली सेना ने कहा कि वो मजबूती से अपनी जमीन की सुरक्षा कर रही है।

ऑस्ट्रिया, जर्मनी के बाद पूरे ईयू ने बंद की फिलीस्तीन को मिलने वाली मदद

हमास के आतंकियों की ओर से इजरायल पर किए गए हमले के बाद यूरोपियन देशों इजरायल से एकजुटता दोहराई है। गाजा पट्टी की सीज की घोषणा के कुछ ही समय बाद ऑस्ट्रिया और जर्मनी ने फिलीस्तीन को जाने वाली मदद पूरी तरह से रोक दिया है। यही नहीं, यूरोपीय यूनियन ने फिलीस्तीन को मिलने वाली ‘हरेक पाई’ को रोकने की घोषणा कर दी है और सभी प्रकार की वित्तीय सहायता को रिव्यू करने के निर्देश दे दिए हैं।

योम कुप्पुर युद्ध के बाद सबसे बड़ा हमला

गौरतलब है कि इस्लामी आतंकी संगठन हमास ने 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर अचानक हमला किया। इसमें 700 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। 100 से अधिक लोगों अब भी बंधक हैं। इजरायल पर हमास लगातार रॉकेट हमले कर रहा है। बताया जा रहा है कि इस हमले को अंजाम देने से पहले इजरायल को हमास यह विश्वास दिलाने में सफल रहा था कि वह शांति चाहता है। हमास का यह हमला वर्ष 1973 में योम किप्पुर युद्ध के बाद इजरायल पर हुआ सबसे बड़ा हमला है। वहीं, इजरायली पलटवार में 500 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।

तिलक लगाता और भगवा पहनता था मोहम्मद आसिफ, दलित लड़की को लेकर हुआ फरार: गिरिराज सिंह ने बिहार के प्रशासन को चेताया, सड़क पर उतरे केंद्रीय मंत्री

बिहार के बेगूसराय में ‘लव जिहाद’ का मामला सामने आया है। आरोप है कि मोहम्मद आसिफ नामक युवक तिलक और भगवा गमछा डालकर रहता था। उसने शादी का झाँसा देकर दलित लड़की को अगवा किया है। मामले में केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसद गिरिराज सिंह ने पुलिस प्रशासन को लड़की वापस नहीं लाने पर विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला बेगूसराय जिले के बीरपुर थाना क्षेत्र के सरौंजा गाँव का है। यहाँ रहने वाली दलित लड़की गत 5 अक्टूबर, 2023 से लापता है। परिजनों ने गाँव के ही मोहम्मद आसिफ पर उनकी बेटी को अगवा करने का आरोप लगाया है। कहा जा रहा है कि आसिफ ने साधु का भेष धारण कर लड़की को अपने प्यार के जाल में फँसाया था। इसके बाद उसे अगवा कर लिया। (कुछ रिपोर्ट में आरोपित का नाम अशरफ भी लिखा जा रहा है।)

पीड़िता के परिजनों ने मोहम्मद आसिफ के खिलाफ बीरपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। ग्रामीणों का कहना है कि मुकदमा दर्ज होने के 3 बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। दलित लड़की के अगवा होने को लेकर ग्रामीणों ने इकट्ठा होकर पंचायत का आयोजन किया था। इसमें केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय सांसद गिरिराज सिंह भी शामिल हुए।

इस दौरान गिरिराज सिंह ने कहा, “लव जिहाद की घटना बेगूसराय में रोज घट रही है। मैंने आज भी डीएम और एसपी से कहा है कि मुझे न्याय दो। यदि न्याय नहीं दिया तो कह दो कि हम बेगूसराय छोड़ दें। हम चले जाएँ किसी दूसरे देश में। किसी दूसरे राज्य में, योगी के राज में चले जाएँ।”

उन्होंने यह भी कहा, “यह लव जिहाद का मामला है। मैंने लोगों को थाने जाने से रोक दिया है, क्योंकि मैं देखता हूँ कि ये सरकार हिंदुओं को ही फँसा देती है। अगर मेरी बेटी नहीं आई तो मैं पूरे जिले में इन लोगों को घुमाकर हिंदुओं को इकट्ठा करूँगा और विरोध प्रदर्शन करूँगा।

गाज़ा में इस्तेमाल हुआ उस जर्मन महिला का क्रेडिट कार्ड, जिसकी लाश को नंगा कर आतंकियों ने निकाली थी परेड: हत्या से पहले हुई थी लूटपाट, माँ को अब भी बेटी के ज़िंदा होने की आस

हमास के आतंवादियों ने इजरायल में घुस कर कत्लेआम मचाया। इस दौरान एक वीडियो सामने आया, जिसमें एक जर्मन महिला की हत्या कर के उसकी लाश को नग्न कर दिया गया और फिर जुलूस निकाला गया। इसमें आतंकी ‘अल्लाहु अकबर’ का नारा लगाकर उसकी बॉडी पर थूकते नजर आए थे। अब उसके परिजनों ने कहा है कि आतंकियों ने उसके साथ लूटपाट की थी। इसके बाद गाजा में उसके क्रेडिट कार्ड का उपयोग किया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जर्मनी की टैटू आर्टिस्ट शानी लौक की माँ रिकार्डा ने बेटी के जिंदा होने की उम्मीद जताई है। रिकार्डा ने कहा कि जब उन्होंने आखिरी बार अपनी बेटी को देखा था तब वह हमास के आतंकियों एक कार में बेहोशी की हालत में थी, इसलिए वह अभी यह स्वीकार नहीं कर सकतीं कि उनकी बेटी की मौत हो गई है।

इसके अलावा रिकार्डा ने बेटी के साथ लूटपाट होने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि एक बैंक से उन्हें जानकारी मिली है कि शानी लौक का क्रेडिट कार्ड गाजा में उपयोग किया गया है। बता दें कि शानी लौक के सामने आए वीडियो में उसका चेहरा नहीं दिख रहा था। लेकिन, शरीर में बने टैटू को देखकर उसके परिजनों ने उसकी पहचान की थी।

बता दें कि इजरायल पर हमास के हमले के बाद एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें हमास के इस्लामी आतंकी ‘अल्लाहु अकबर’ का नारा लगाते हुए एक महिला के नग्न शव के साथ ट्रक में खुलेआम जश्न मनाते हुए परेड निकाल रहे थे। वीडियो में महिला के शव पर थूकते हुए आतंकियों को देखा गया था। शव के साथ भी अमानवीय व्यवहार किया गया। उक्त मृतका की पहचान जर्मनी की शानी लौक के रूप में हुई थी। वह इजरायल में एक म्यूजिक फेस्टिवल में हिस्सा लेने गई थी। इससे पहले उसकी माँ ने भावुक अपील करते हुए कहा था कि कम से कम उनकी बेटी का शव लौटा दिया जाए।

‘योगी राज में नहीं लगता डर, हमेशा मदद को तैयार रहती है यूपी पुलिस’: रात को 2 बजे भी ई-रिक्शा चलाती हैं बुर्कानशीं नजमा, शौहर की मौत के बाद कर रहीं मेहनत

महिला सुरक्षा को लेकर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने कई कदम उठाए हैं, जिनकी तारीफ़ होती रही है। अब मुरादाबाद जिले से इसका ताज़ा उदाहरण सामने आया है। यहाँ रहने वाली नजमा नामक महिला न केवल दिन बल्कि रात में भी ई-रिक्शा चलाती हैं। नजमा का कहना है कि योगी राज में उन्हें रात में डर नहीं लगता। पुलिस हमेशा मदद करती है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नजमा मुरादाबाद के करुला इस्लाम नगर में रहती हैं। साल 2010 में पति की मौत के बाद उनके पास घर चलाने का कोई जरिया नहीं था। बेटा वेल्डिंग का काम करता है, लेकिन उससे भी उतनी अधिक कमाई नहीं हो पाती थी। ऐसे में उन्होंने सिलाई का काम शुरू किया, लेकिन अधिक पैसे नहीं मिल रहा था। इसीलिए, नजमा ने ई-रिक्शा चलाकर पैसे कमाना शुरू किया।

नजमा कहती हैं कि वो दिन हो या रात कभी भी ई-रिक्शा चलाती हैं। उन्हें उत्तर प्रदेश पुलिस और योगी आदित्यनाथ सरकार पर पूरा भरोसा है। इसलिए रात के 2 बजे भी रिक्शा चलाने में डर नहीं लगता। पुलिसकर्मी हमेशा मदद के लिए तैयार रहते हैं। नजमा बुर्का पहनकर ही रिक्शा चलाती हैं। अब वह हज और उमरा करना चाहती हैं। इसलिए भी उन्हें पैसों की जरूरत है। अब वो रिक्शा चलाकर धीरे-धीरे पैसे इकट्ठा कर रही हैं।

नजमा का यह भी कहना है कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनना चाहिए। आज के समय में यह बहुत जरूरी है। उन्होंने सलाह दी कि महिलाओं को किसी को भी दूसरे के पैसों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ई-रिक्शा में महिला ड्राइवर होने के चलते लोग उनका रिक्शा अलग से बुक करके ले जाते हैं।

घर चलाने को लेकर नजमा कहती हैं कि बेटे और उनकी कमाई मिलाकर 800-900 रुपए हो जाते हैं, इसीलिए घर अच्छे से चल जाता है। बता दें कि नजमा मुरादाबाद में रिक्शा चलाने वाली पहली महिला हैं। वह बीते 4 माह से यह काम कर रहीं हैं। इससे अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिल रही है।

‘काफिर बचने नहीं चाहिए’: मंदिरों और RSS दफ्तरों की रेकी के बाद 26/11 दोहराने का था प्लान, ISIS आतंकी शाहनवाज़ ने बनाई थी हिन्दू और यहूदी नेताओं की लिस्ट

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जिस 3 लाख रुपए के ईनामी आतंकी शाहनवाज़ को उसके साथियों के साथ गिरफ्तार किया है, उसने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। वो पूरे भारत में 26/11 की तर्ज पर बड़ा आतंकी हमला करना चाहता था। उसने पूछताछ में खुलासा किया कि मुंबई में हिंदू मंदिर और देश भर के शहरों में RSS परिसर उसके आतंकी मॉड्यूल के निशाने पर थे। उसने हिंदू मंदिरों, देश के कई शहरों की रेकी की थी और अपने काम को अंजाम देने के लिए पूरी तैयारी की थी, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने उसके इरादों पर पानी फेरते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।

ट्रायल के तौर पर 5 जगहों पर करने वाले थे धमाका

‘सीएनएन-न्यूज18’ की स्पेशल रिपोर्ट के अनुसार, शाहनवाज़ ने खुलासा किया कि उसने अहमदाबाद, सूरत और बड़ौदा में आरएसएस सहित हिंदू-संबद्ध संगठनों से जुड़े 15 जगहों की रेकी की थी। आतंकियों का इरादा हिंदूवादी संगठनों और नेताओं को निशाना बनाना था। यही नहीं, 26/11 जैसे आतंकी हमले की प्रैक्टिस के तौर पर देश भर में 5 जगहों नूहं, मेवात, दिल्ली, लखनऊ और रुद्रप्रयाग में धमाके करने वाला था। उसकी टीम के आतंकी इन धमाकों को अंजाम दे पाते, उससे पहले पूरी प्लानिंग को ध्वस्त कर दिया गया।

शाहनवाज़ और उसके गैंग के लोग ‘मुस्लिमों पर अत्याचार हो रहा है’ वाली थ्योरी में विश्वास रखते थे और उनकी सोच थी “काफिरों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ना चाहिए।” कई हिन्दू और यहूदी नेताओं की हत्या की भी उन्होंने साजिश रची थी। इसके पीछे पाकिस्तान में बैठे कुछ हैंडलर्स का हाथ होने का भी शक है, जिसकी जाँच चल रही है।

हिंदू लड़की को मुस्लिम बनाकर किया था निकाह

शाहनवाज़ झारखंड के हजारीबाग का रहने वाला है। उसने NIT नागपुर से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की थी। वो अक्सर दिल्ली आता-जाता रहता था और ISIS के लिए हमलों की प्लानिंग करता रहता था। वो कट्टरपंथियों की बैठकों, कार्यक्रमों में हिस्सा लेता था। इन्हीं सब के बीच में उसकी मुलाकात रिजवान से हुई थी और दोनों मिलकर साथ काम करने लगे। जानकारी के मुताबिक, शाहनवाज ने एक हिन्दू लड़की से निकाह किया है

उसकी बीवी का नाम बसंती पटेल है जो मूल रूप से गुजरात की रहने वाली बताई जा रही है। शाहनवाज ने बसंती को पहले इस्लाम कबूल करवाया फिर उस से निकाह किया। निकाह के बाद बसंती का नया इस्लामी नाम मरियम रखा गया था।

साल 2019-20 से आईईडी बनाने की ट्रेनिंग ले रहा था शाहनवाज

आईएस के आतंकी शाहनवाज ने पूछताछ में राज उगलते हुए कहा कि साल 2019-20 के आसपास, उसने आईईडी तैयार करने की ट्रेनिंग लेनी शुरू की थी। इसके लिए वो विदेशी हैंडलर के संपर्क में था। वो हैंडलर ही रिजवान और शाहनवाज को आईईडी बनाने की ऑनलाइन ट्रेनिंग देता था। इसी हैंडलर ने उसे पुणे शिफ्ट होने के निर्देश दिए थे और चित्तौड़गढ़ मॉड्यूल से संपर्क भी कराया था। सभी लोग पुणे में रहकर मिलते थे और ट्रेनिंग के साथ ही छिपने की जगह की भी पहचान कर रहे थे।

इसी बीच चित्तौड़गढ़ के दोनों आतंकियों की धरपकड़ हो गई, तो वो दिल्ली भाग आया था। यही नहीं, शाहनवाज ही दिल्ली और पुणे में आईएसआईएस मॉड्यूल के बीच संपर्क सूत्र के रूप में काम करता था।

सूत्रों ने बताया कि “शाहनवाज एक अनुभवी आतंकी है। उसके बीते कुछ महीनों में पूरे उत्तर भारत में रेकी की थी। वो ट्रेनिंग सेंटर के लिए जगह की तलाश कर रहा था और छिपने की भी। उसका हैंडल आतंकवादियों को टीम से जोड़ते, जिन्हें शाहनवाज ट्रेनिंग देता। उसके त्योहारों के मौके पर हमलों के लिए कई जगहों की पहचान की थी। एजेंसियों ने उसके ठिकानों से आपत्तिजनक दस्तावेज़ और आईईडी बनाने में इस्तेमाल किए जाने वाले केमिकल बरामद किए थे।

पुणे आईएसआईएस मामले की जांच में सीएनएन-न्यूज18 को यह भी पता चला है कि यह मामला सिमी-इंडियन मुजाहिदीन और आईएसआईएस का मिश्रण है, जहाँ जिसमें इंडियन मुजाहिदीन और सिमी के कैडर शामिल हो चुके हैं. एजेंसियों के अनुसार- हज़ारीबाग़, यूपी और महाराष्ट्र के बीच सीधा संबंध सामने आ रहा है, जिसमें शाहनवाज सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है।

कॉन्ग्रेस का हाथ फिलिस्तीन के साथ, CWC में प्रस्ताव पास कर किया समर्थन: इजरायल में हमास की बर्बरता पर एक दिन में ही मारी पलटी

फ़िलिस्तीनी आतंकवादी समूह हमास द्वारा इज़राइल के लोगों पर क्रूर हमलों की निंदा करने के एक दिन बाद ही कॉन्ग्रेस सोमवार (9 अक्टूबर, 2023) को खुलकर फ़िलिस्तीनियों के समर्थन में उतर आई। 

कॉन्ग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक के दौरान आज पारित एक प्रस्ताव में फिलिस्तीन-इजरायल संघर्ष पर दुख व्यक्त किया गया और युद्धविराम की माँग की गई। CWC के 7 विंदुओं वाले प्रस्ताव में आखिरी विन्दु में फ़िलिस्तीनी लोगों के अधिकारों का समर्थन किया गया है।

कॉन्ग्रेस द्वारा पारित प्रस्ताव के 7वें विन्दु में लिखा गया है, “अंत में CWC मिडिल ईस्ट में छिड़े युद्ध और हजार से अधिक लोगों के मारे जाने पर गहरा दुःख और पीड़ा व्यक्त करती है। CWC फिलिस्तीनी लोगों के जमीन, स्वशासन और आत्मसम्मान एवं गरिमा के साथ जीवन के अधिकारों के लिए अपने दीर्घकालिक समर्थन को दोहराती है। CWC तुरंत युद्धविराम और वर्तमान संघर्ष को जन्म देने वाले अपरिहार्य मुद्दों सहित सभी लंबित मुद्दों पर बातचीत शुरू करने का आह्वान करती है।”  

कॉन्ग्रेस की CWC द्वारा जारी प्रस्ताव

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 7 अक्टूबर, 2023 से हमास और इजरायली रक्षा बलों के बीच लड़ाई में अब तक कुल मिलाकर लगभग 1,200 लोग मारे गए हैं। वहीं इस मामले में कॉन्ग्रेस पार्टी के एक आधिकारिक बयान में इज़राइल और फिलिस्तीन के बीच संघर्ष को सुलझाने के लिए “बातचीत और समझौता” की प्रक्रिया पर जोर दिया गया।

इससे पहले कॉन्ग्रेस सोशल मीडिया एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर रविवार को किए अपने पोस्ट में कहा, “भारतीय राष्ट्रीय कॉन्ग्रेस का हमेशा मानना ​​रहा है कि आत्म-सम्मान, समानता और सम्मान के जीवन के लिए फिलिस्तीनी लोगों की वैध आकांक्षाएँ केवल बातचीत और बातचीत की प्रक्रिया के माध्यम से पूरी होनी चाहिए, जबकि इजरायली लोगों के वैध राष्ट्रीय सुरक्षा हितों को सुनिश्चित करना चाहिए। किसी भी प्रकार की हिंसा कभी भी समाधान नहीं देती है और यह रुकना चाहिए।” 

गौरतलब है कि इजरायल लगातार अपना ऑपरेशन चला रहा है और आतंकियों का सफाया कर रहा है। इजरायली सुरक्षा बलों द्वारा एक्स (पहले ट्विटर) पर दी गई जानकारी के अनुसार, अब तक वह 653 ठिकानों पर हमला कर चुका है। इजरायल ने गाजा की बिजली और पानी की आपूर्ति भी बंद कर दी है।

बता दें कि इजराइल की सेना ने सोमवार को घोषणा की कि उसने हमास के लड़ाकों को खदेड़ने के लिए लड़ाई के तीसरे दिन गाजा पट्टी के पास दक्षिणी इलाकों पर नियंत्रण हासिल कर लिया है। 

क्रिकेट वर्ल्ड कप की पाकिस्तानी प्रेजेंटर ज़ैनब अब्बास को भारत ने निकाला, माँ काली का उड़ाया था मजाक: हिन्दू घृणा में फँसी तो ‘सुरक्षा’ का बना रही बहाना

ICC (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल) ने हिंदूफोबिक पाकिस्तानी एंकर जैनब अब्बास को क्रिकेट वर्ल्ड कप के लिए प्रजेंटर बनाया था। लेकिन, अब खबर है कि भारत ने उसे वापस भेज दिया है। दावा किया जा रहा है कि भारत और हिंदू धर्म को लेकर विवादित बयान के साथ ही साइबर क्राइम को लेकर विवाद के चलते यह फैसला लिया गया है।

जैनब अब्बास को डिपोर्ट किए जाने की खबरों को पाकिस्तानी मीडिया द्वारा किए जा रहे दावों से भी बल मिल रहा है। ‘समा टीवी’ ने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा है कि जैनब अब्बास ने सुरक्षा कारणों के चलते भारत छोड़ दिया है। वह फिलहाल दुबई में हैं। उस पर भारत विरोधी ट्वीट्स करने और साइबर क्राइम से जुड़े आरोप हैं। इससे पहले ‘समा टीवी’ ने अपने पोस्ट में उसे भारत से निकाले जाने की बात कही थी। लेकिन, बाद में उस पोस्ट को डिलीट कर दिया था।

बता दें कि इससे पहले एडवोकेट विनीत जिंदल ने जैनब अब्बास के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। साथ ही उसके खिलाफ IPC की धारा 153ए, 295, 506, 121 और IT एक्ट की धारा 67 के तहत मुकदमा दर्ज करने का अनुरोध किया था। साथ ही उन्होंने जैनब के खिलाफ बीसीसीआई सचिव जय शाह को पत्र लिखा था।

बता दें कि आईसीसी द्वारा वर्ल्ड कप का प्रजेंटर बनाए जाने के बाद जैनब अब्बास ने एक्स पर पोस्ट लिखकर खुशी भी जताई थी। लेकिन अब यदि उसे भारत से डिपोर्ट करने की खबर पक्की है तो उसकी खुशियों पर पानी फिर चुका है। जैनब को भारत से बाहर निकाले जाने को लेकर नेटिजेन्स सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

एक यूजर ने लिखा, “हिंदूफोबिक जैनब अब्बास का विश्व कप कॉन्ट्रैक्ट समाप्त हो गया है। उसके हिंदू विरोधी ट्वीट के लिए भिखारी देश पाकिस्तान वापस भेज दिया गया है।”

धीरज सिंह नामक यूजर ने लिखा, “भिखारियों को घी हजम नहीं होता। लात पड़ गई जिहादिन को।”

एक यूजर ने लिखा, “अब रोटी कहाँ खाएगी भिखारी, वहाँ आटा तो होगा नहीं।”

एक यूजर ने पोस्ट कर कहा, “चली गई राक्षसी।”

Naks नामक यूजर ने लिखा, “अब आतंकियों को वीजा नहीं देना चाहिए।”

रो जूट नामक यूजर ने लिखा, “बीसीसीआई ने बहुत बड़ा विकेट हासिल किया है। स्वच्छ भारत अभियान की यह बड़ी जीत है।”

हिंदूफोबिक टिप्पणियों से भरा रहा है जैनब अब्बास का इतिहास

जैनब अब्बास के एक्स हैंडल का पुराना यूजर नेम ‘ZainabLovessrk’ था। उसने साल 2014 में शाकाहारियों और भारत में तेज गेंदबाजों की कमीं को लेकर हिंदूफोबिक ट्वीट किया था, जिसमें उसने भारतीयों के शाकाहारी होने का भी मजाक उड़ाया था। कुछ ट्वीट्स के स्क्रीनशॉट आप नीचे देख सकते हैं।

जैनब के पुराने ट्वीट का स्क्रीनशॉन देखिए:

जैनब का पुराना ट्वीट वायरल

जैनब ने एक और ट्वीट में गाय का मजाक उड़ाया था। उसके ऐसे कई पुराने ट्वीट्स वायरल हो रहे हैं, जिसमें लोग उससे पूछ रहे हैं कि क्या ये वही जैनब है, जो हिंदूफोबिक हुआ करती थी।