Saturday, July 13, 2024
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‘न हथियार, न युद्ध… सिर्फ पैसा और शांति चाहिए’: 2 साल तक इजरायल को हमास ने शांति का झाँसा दिया, फिर 50 साल का सबसे भीषण अटैक किया

हमास के शांति के झाँसे में आकर इजरायल ने अपनी सीमाओं से ध्यान हटा कर इलाके के मुस्लिम राष्ट्रों सेसंबंध सुधारने पर ध्यान केंद्रित किया। इन सब के बीच उसकी खुफिया एजेंसियाँ और सेना हमास के कार्यों पर ध्यान नहीं दे पाई। यही कारण है कि इतना बड़ा हमला सफल हुआ।

इस्लामी आतंकी संगठन हमास ने 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर अचानक हमला किया। इसमें 700 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। 100 से अधिक लोगों अब भी बंधक हैं। इजरायल पर हमास लगातार रॉकेट हमले कर रहा है। बताया जा रहा है कि इस हमले को अंजाम देने से पहले इजरायल को हमास यह विश्वास दिलाने में सफल रहा था कि वह शांति चाहता है।

हमास का यह हमला वर्ष 1973 में योम किप्पुर युद्ध के बाद इजरायल पर हुआ सबसे बड़ा हमला है। अब एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि इस हमले से पहले 2 वर्षों तक हमास ने शांति रखी और इजरायल को यह विश्वास दिलाया कि वह शान्ति चाहता है।

रॉयटर्स ने एक रिपोर्ट में बताया है कि इजरायल पर अचानक हमला करने से पहले हमास ने यह दिखाया कि वह गाजा में रहने वाले कामगारों की भलाई चाहता है। इसके लिए यदि इजरायल इन कामगारों को अपने यहाँ काम और पैसा दे तो वह आतंकी हमले नहीं करेगा।

रायटर्स को इस्लामी आतंकी संगठन के एक करीबी सूत्र ने बताया कि हमास ने खुफिया रणनीति अपनाते हुए जनता में यह प्रदर्शित किया कि वह युद्ध नहीं चाहते। इसके लिए उनकी आलोचना भी हुई और जनता ने कहा कि हमास के नेता अरब देशों में छुट्टियाँ मना रहे हैं।

हालाँकि, हमास इस बीच अपने आतंकियों को ट्रेनिंग देता रहा। हमास ने इसके लिए बिलकुल इजरायल के मुहल्लों जैसी ही ट्रेनिंग फैसिलिटी बनाई और अपने लड़ाकों को उसमें प्रशिक्षित किया। इजरायल ने यह देखा भी लेकिन उन्होंने जान-बूझकर इसे नजअंदाज किया।

इस बीच गाजा में रहने वाले कामगार लगातार इजरायल में काम करके पैसा कमाते रहे। गाजा लगभग 8 लाख की आबादी वाला वह पट्टी है जिसकी सीमाएं इजरायल से मिली हुई हैं। गाजा में कामगारों की दिहाड़ी इजरायल से कहीं कम है। इजरायल में काम करके यह कामगार गाजा की अर्थव्यवस्था मजबूत कर रहे थे। इजरायल को लगा कि हमास का मुख्य लक्ष्य अब यहूदियों को मारना नहीं, बल्कि गाजा का आर्थिक विकास है।

दूसरी तरफ हमास ने हमले के लिए 1000 से ज्यादा आतंकियों को तैयार किया। लेकिन इनको यह नहीं बताया कि उन्हें ट्रेनिंग किस मकसद से दी जा रही है। हमास ने हमले को चार चरणों में अंजाम दिया। इजरायल पर एक साथ करीब 3000 रॉकेट दागे और अपने लड़ाकों को पैराग्लाइडर के सहारे इजरायल में उतार दिया। इसके पश्चात हमास ने इजरायली सेना के प्रमुख ठिकानों के संचार को भी बाधित किया और उन पर अचानक हमला बोल कर बड़ा नुकसान पहुँचाया। अंतिम चरण में आतंकियों ने इजरायली लोगों को बंधक बना लिया।

वहीं हमास के शांति के झाँसे में आकर इजरायल ने अपनी सीमाओं से ध्यान हटा कर इलाके के मुस्लिम राष्ट्रों जैसे कि संयुक्त अरब अमीरात और मोरक्को से संबंध सुधारने पर ध्यान केंद्रित किया। हाल ही में इजरायल ने सऊदी अरब से भी आधिकारिक रिश्ते स्थापित करने में भी काफी अच्छी प्रगति हासिल की है। इन सब के बीच उसकी खुफिया एजेंसियाँ और सेना भी हमास के इन कार्यों पर ध्यान नहीं दे पाई। यही कारण है कि इतना बड़ा हमला सफल हुआ। हमास के हमले में अब तक 700 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।

इजरायल ने स्वयं भी अपनी इस भूल को स्वीकार किया है। इजरायल की सेना के प्रवक्ता नीर दीनार ने कहा कि इस बार वह हमें चकमा देने में सफल रहे। यह हमारे लिए अमेरिका के 9/11 हमले जैसा है। हमास के आतंकी समुद्र और जमीन दोनों तरफ से आए और हमें चकमा दे दिया।

हालाँकि, इजरायल ने इस हमले के बाद अपनी पूरी ताकत युद्ध मे झोंक दी है और गाजा पर लगातार हवाई हमले कर रहा है। इजरायल की कार्रवाई में अब तक 400 से ज्यादा फिलीस्तीनी आतंकी मारे जा चुके हैं। इजरायल लगातार अपना ऑपरेशन चला रहा है और आतंकियों का सफाया कर रहा है। इजरायली सुरक्षा बलों द्वारा एक्स (पहले ट्विटर) पर दी गई जानकारी के अनुसार, अब तक वह 653 ठिकानों पर हमला कर चुका है। इजरायल ने गाजा की बिजली और पानी की आपूर्ति भी बंद कर दी है।

इजरायल लगातार अपना ऑपरेशन चला रहा है और आतंकियों का सफाया कर रहा है। इजरायली सुरक्षा बलों द्वारा एक्स (पहले ट्विटर) पर दी गई जानकारी के अनुसार, अब तक वह 653 ठिकानों पर हमला कर चुका है। इजरायल ने गाजा की बिजली और पानी की आपूर्ति भी बंद कर दी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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