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2000 मौतें, 600 घर तबाह… भूकंप के बाद बेहाल अफगानिस्तान, तालिबान ने अमीरों से माँगी मदद: राशिद खान ने वर्ल्ड कप की सारी फीस दान कर दी

पश्चिमी अफगानिस्तान में भूकंप के बाद मरने वालों की संख्या 2050 से भी अधिक हो गई है। माना जा रहा है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। ईरान से सटे इलाकों में ज़्यादा तबाही मची है। हेरात शहर के पास शनिवार (7 अक्टूबर, 2023) को लगभग 12 गाँव इस भूकंप से पूरी तरह तबाह हो गए। ये भूकंप 6.3 मैग्नीट्यूड का मापा गया है। कई घर ध्वस्त हो गए। घायलों की संख्या हजारों में है। हेरात से 40 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम स्थित इलाकों में तबाही बरपी।

UN सहित अन्य संस्थाएँ पीड़ितों की मदद में लगी हैं। अफगानिस्तान के अस्पतालों में उतनी क्षमता नहीं है कि इतने मरीजों का इलाज हो सके। शनिवार को स्थानीय समय के अनुसार सुबह 11 बजे आए इस भूकंप के बाद सत्ताधारी तालिबान के स्वास्थ्य मंत्री हेरात पहुँचे। कई लोग अपने रिश्तेदारों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। कई जगह मलबों के कारण सड़कें जाम हो गई हैं। हेरात, ईरान की सीमा से 120 किलोमीटर पूर्व की तरफ स्थित है। इसे अफगानिस्तान की सांस्कृतिक राजधानी कहा जाता है।

तालिबान का कहना है कि सैकड़ों लोग गायब हैं, रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। तालिबान ने कारोबारियों और संस्थाओं से अपील की है कि वो मदद करे, क्योंकि दवाओं, भोजन और टेंट्स की सख्त ज़रूरत है। भूकंप के बाद कई आफ्टरशॉक्स भी आए हैं। WHO ने इलाके में 12 एम्बुलेंस भेजे हैं, ताकि घायलों को अस्पताल पहुँचाया जा सके। इससे पहले जून 2022 में पूर्वी अफगानिस्तान में भूकंप आया था, जिसमें पत्थर और मिट्टी से बने कई घर तबाह हो गए थे।

उस भूकंप में 100 से अधिक लोगों की मौतें हुई थीं। वर्ल्ड कप खेलने के लिए भारत आए अफगानिस्तान के क्रिकेटर राशिद खान ने ऐलान किया है कि CWC 2023 की वो अपनी सारी फीस भूकंप पीड़ितों की मदद के लिए दान कर देंगे। ताज़ा भूकंप में 465 घर ध्वस्त हुए हैं और 135 घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ज़ेन्दा जन जिले में भूकंप का सबसे ज़्यादा असर पड़ा। फोन कनेक्शन भी कट गए हैं, इस कारण भी रेस्क्यू में दिक्कत आ रही है।

अब लेबनान से भी इजरायल की तरफ चलने लगे रॉकेट, हमास के बाद हिज़्बुल्ला ने भी बोला हमला: इजरायल ने उन मस्जिदों को तबाह किया, जिनमें छिपे थे आतंकी

इस्लामी आतंकी संगठन हमास के दक्षिणी इजरायल पर हमले के बाद अब लेबनान की तरफ से भी इजरायल पर हमले चालू हो गए हैं। हमास को सहायता देने वाला आतंकी संगठन हिज़्बुल्ला (Hezbollah) अब खुद लड़ाई में उतर आया है।

हिज़्बुल्ला ने इजरायल से सटी लेबनान सीमा की तरफ से रॉकेट दागे हैं। हेज्बोल्लाह ने इजरायल के शेबा फार्म इलाके में राकेट और गोले दागे हैं। हालाँकि, इस हमले में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हिज़्बुल्ला ने कहा है कि उसका निशाना इजरायल के कुछ राडार स्टेशन थे, जिनको ध्वस्त करने के लिए उसने ये रॉकेट दागे। इजरायल ने भी इसके प्रतिरोध में काफी फायरिंग की है। हिज़्बुल्ला ने इजरायल, सीरिया और लेबनान की सीमा पर बसे गोलान हाइट्स इलाके में भी बमबारी की है। यह इलाका वर्ष 1967 के बाद से इजरायल के कब्जे में है। हिज़्बुल्ला ने सबसे पहले हमास के हमले की प्रशंसा की थी।

हिज़्बुल्ला ईरान समर्थित शिया आतंकी समूह है जिसने लेबनान में अपना बेस बनाया हुआ है। वह यहाँ काफी प्रभावशाली है और कई तरह के अवैध व्यापार समेत तस्करी और अन्य धंधों में लिप्त है। वह लेबनान के भीतर से ही इजरायल पर लगातार हमले करता है। हालाँकि, अभी अन्य अरब देशों ने इजरायल के विरुद्ध सैन्य कार्रवाई को लेकर कोई भी बात नहीं कही है। क़तर को छोड़ कर बाकी सभी देशों ने इजरायल में हुए हमले की निंदा की है। ईरान ने इस हमले का समर्थन किया है और ईरानी जनता ने सड़कों पर आकर इसका जश्न मनाया है।

इसके अतिरिक्त, हमास ने कहा है कि वह लगातार इजरायल से लड़ रहा है और अभी भी उनका इजरायल के कुछ हिस्सों पर कब्ज़ा है, कम से कम 7 स्थानों पर दोनों के बीच लड़ाई चल रही है। इजरायल ने गाजा के भीतर घुस कर हवाई हमले चालू कर दिए हैं और अपनी रिज़र्व सेना को भी बुला लिया है। एक जानकारी के अनुसार, इजरायल द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में अब तक लगभग गाजा में 250 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और लगातार घायलों को अस्पताल लाया जा रहा है। इजरायल ने अपनी कार्रवाई में गाजा के भीतर कई मस्जिदों को तबाह कर दिया है। इजरायल का कहना है कि फिलिस्तीनी आतंकी इन्हीं मस्जिदों के भीतर से काम कर रहे थे।

हमास के हमले में मरने वाले इजरायलियों की संख्या भी 350 पार हो गई है। इजरायल के रक्षा मंत्रालय ने 26 सैनिकों की मौत की आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है। मरने वालों में 18 से 42 वर्ष तक के सैनिक शामिल थे जो कि हमास के हमले के समय सीमा पर तैनात थे। इस बात के भी कयास लगाए जा रहे हैं कि इजरायल अपनी सेनाओं को जमीन के रास्ते गाजा पट्टी और फिलिस्तीन के भीतर भेज सकता है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि वह गाजा पट्टी को रेगिस्तान में बदल देंगे।

रेगिस्तान में हिन्दू लड़की से सामूहिक बलात्कार, फिर मार कर नहर के पास फेंक दिया: शौच करने के लिए गई थी करिश्मा माही, पाकिस्तान में थम नहीं रही हिन्दुओं के साथ क्रूरता

पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ क्रूरता किसी के साथ छिपी हुई नहीं है। खासकर हिन्दू अक्सर अत्याचार का शिकार बनते हैं। अब पाकिस्तान के चोलिस्तान रेगिस्तान में एक हिन्दू लड़की के सामूहिक बलात्कार के बाद उसकी हत्या कर दी गई है। ये घटना कासिम वाला बँगला इलाके की है। देरावर पुलिस थाने ने इस मामले में 3 लोगों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। इस घटना के बाद आक्रोशित हिन्दुओं ने विरोध प्रदर्शन भी किया। इलाके के हिन्दुओं में अधिकतर गरीब हैं और बेबसी वाला जीवन जीने को मजबूर हैं।

लड़की का शव बरामद किए जाने के बाद उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। लड़की के पिता ने बताया कि उसका अपहरण तब किया गया, जब वो शौच करने के लिए गई थी। इसके बाद गुरुवार (5 अक्टूबर, 2023) को भुट्टा नहर के पास उसकी लाश मिली। पाकिस्तान में हिन्दू लड़कियों का अपहरण, इस्लामी धर्मांतरण और उनसे जबरन निकाह की घटनाएँ आम हो गई हैं। 2023 के पहले 2 महीने में ही ऐसे 42 मामले सामने आए थे, जो वहाँ की स्थानीय मीडिया ने कवर किए।

पाकिस्तान के एक स्थानीय पत्रकार ने भी ट्वीट कर के बताया है कि बहावलपुर का क्षेत्र अल्पसंख्यकों के लिए सुरक्षित नहीं है, हालाँकि ये बात पूरे पाकिस्तान पर सही साबित होती है। जिस लड़की के साथ गैंगरेप कर के उसकी हत्या कर दी गई, उसका नाम करिश्मा माही बताया जा रहा है। हाल ही में सिंध प्रांत में मुस्लिम डॉक्टरों द्वारा बलात्कार किए जाने के बाद हिंदू लड़की की मौत का मामला सामने आया था। पीड़िता किडनी का इलाज कराने के लिए हॉस्पिटल में भर्ती हुई थी। जहाँ डॉक्टरों ने नशीला पदार्थ खिलाकर घिनौनी वारदात को अंजाम दिया था।

इससे पहले सिंध प्रांत में ही एक हिंदू महिला को जबरन इस्लाम मजहब अपनाने के लिए कहा जा रहा था। महिला ने जब धर्म परिवर्तन से इनकार किया तो उसका अपहरण कर लिया गया और फिर तीन दिनों तक उसके साथ रेप किया गया था। महिला ने घटना के संबंध में सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड कर अपनी आपबीती बताई थी। इसी तरह सिंध प्रांत में कुछ मुस्लिम युवकों ने अलमख भील की बेटी के साथ छेड़खानी की थी। 

इस्लामी आतंकी महिलाओं की हत्या कर नग्न घुमा रहे, भारत-पाकिस्तान से लेकर लंदन तक कट्टर मुस्लिम हमास के समर्थन में उतरे, मना रहे जश्न

फिलिस्तीन के इस्लामी आतंकी संगठन हमास ने 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हमला कर दिया। इस हमले में हमास के आतंकी आम नागरिकों और सैनिकों को मारने के अलावा कई महिलाओं और बच्चे-बच्चियों को बंधक बनाकर अपने साथ ले गए। अब सोशल मीडिया पर कट्टरपंथी मुस्लिम हमास के हमले के जायज ठहरा रहे हैं।

हमास के आतंकियों ने इनमें से एक जर्मन नागरिक शानी लौक को मारकर उसके नग्न शव की परेड निकाली। जहाँ हमास के आंतकियों के इस कृत्य की विश्व भर में निंदा हो रही है, वहीं भारत से लेकर पाकिस्तान और लंदन तक के कट्टरपंथी मुस्लिम इन कबीलाई सोच वाले आतंकियों के समर्थन में उतर आए हैं।

महिलाओं को अगवा करने, उनके साथ दुर्व्यवहार करने, उन्हें मारने और शवों तक के साथ बर्बरता करने वालों का खुला समर्थन किया जा रहा है। भारत के कई कट्टर मुस्लिम सोशल मीडिया अकाउंट यही करते पाए गए हैं। उन्होंने महिलाओं के साथ इस व्यवहार को सही ठहराने की कोशिश भी की है।

हिन्दुओं के खिलाफ जहर उगलने वाला अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का छात्र रहा शरजील उस्मानी इनमें सबसे आगे है। उसने वीडियो सामने आने के तुरंत बाद फिलिस्तीन के समर्थन को लेकर एक्स (पहले ट्विटर) पर पोस्ट किया।

शरजील ने तर्क दिया कि भारत के दक्षिणपंथी लोग इजरायल का समर्थन कर रहे हैं। इसलिए वह मुस्लिम होने के नाते फिलिस्तीन का समर्थन करेगा, भले ही हमास जैसे आतंकी संगठन महिलाओं को नंगा क्यों ना घुमाएँ।

वहीं, अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने हमास के इन हमलों में मारे गए इजरायलियों की पीड़ा का जिम्मेदार उन्हें खुद बता दिया है।

एक व्यक्ति ने नग्न परेड कराई जा रही महिला के वीडियो के नीचे लिखा, “इसका फिर से बलात्कार करो।”

खुद को पत्रकार बताकर हिन्दुओं के विरुद्ध लगातार जहर उगलने वाले ‘अली सोहराब’ ने भी हमास के इन कृत्यों को सही ठहराया है। उसने दावा किया कि हमास द्वारा परेड कराया जा रहा शव महिला का ना होकर किसी पुरुष का है। हालाँकि, वह ये बताना भूल गया कि महिला या पुरुष किसी के शव के साथ यह बर्बरता गलत है।

आगे वह इस कदम को यह कहकर सही ठहरा देता है कि क्या महिलाओं का फूल-माला से स्वागत होना चाहिए।

एक अन्य कट्टर मुस्लिम प्रोफ़ेसर नूरुल ने लिखा है कि इजरायल में महिला कम कपड़े पहनती हैं। इसलिए उनके शवों को नग्न करके परेड करवाना उचित है।

हमास के इन कृत्यों की तुलना कट्टर मुस्लिम पत्रकार सदफ आफरीन ने भारत की आजादी की लड़ाई से कर दी। हालाँकि, उसने यह नहीं बताया कि भारत के स्वतंत्रता सेनानियों ने कभी ऐसा सुलूक किसी महिला के साथ नहीं किया।

एक और कट्टर मुस्लिम महिला लालिबा फिरदौस ने हमास के आतंकियों की तुलना भारत के स्वतंत्रता सेनानियों की। वहीं, हमास के आतंकी हमले की तुलना 1857 के स्वतंत्रता संग्राम से कर दी। इस तरह इसने भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों को भी बदनाम करने की कोशिश की।

कट्टर मुस्लिम शाहनवाज अंसारी ने इसे अब्राहमिक धर्मों का आपसी मामला बताते हुए कहा कि वो इसे आपस में निपट लेंगे। उसने एक हिन्दू शख्स पर तंज कसा और उसे गौमूत्र और गोबर खाने वाला बता दिया।

यह नीचता भारत तक ही सीमित है, ऐसा नहीं है। हमास के आतंकियों के समर्थक भारत से लेकर ईरान और लन्दन तक हैं। लन्दन में रहने वाली पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की तलाकशुदा बीवी जेमिमा गोल्डस्मिथ ने हमास के आतंकियों की सफलता की कामना अल्लाह से की।

अधिकांश मुस्लिम देशों में हमास के आतंकी हमले के समर्थन में रैलियाँ निकाली गई हैं और नमाज पढ़ी गई। लेबनान, तुर्की और ईरान में इजरायली महिलाओं की हत्या और उनको नग्न करने का जश्न मनाया जा रहा है।

सोशल मीडिया पर हमास के आतंकियों का समर्थन कर रहे कट्टर मुस्लिम हमास के कुकृत्यों को यह कहकर छुपा रहे हैं कि इससे पहले इजरायल ने भी फिलिस्तीन पर हमले किए हैं। हालाँकि, वे ये बताना भूल जाते हैं कि इजरायल द्वारा हमले गाजा से रॉकेट फायरिंग के बाद होते हैं।

कोई भी मुस्लिम ना घुस सके: गरबा में शामिल होने वाले युवकों को लगाना होगा तिलक और गोमूत्र, आयोजकों-VHP-बजरंग दल का ऐलान

नवरात्रि में होने वाले गरबा कार्यक्रम में असामाजिक तत्वों को रोकने के लिए हर साल कुछ ना कुछ उपाय किए जाते हैं। इस साल गुजरात में गरबा आयोजक ने कहा कि आयोजन में शामिल होने वाले लोगों को अपने माथे पर तिलक लगाना होगा। वहीं, गरबा स्थलों पर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल जैसे हिंदूवादी संगठन पैनी निगाह रखेंगे ताकि कोई मुस्लिम ना घुस सके।

जो लड़के और लड़कियाँ गरबा स्थलों पर आएँगे, वहाँ मुख्य द्वार पर उन्हें तिलक और गौमूत्र का अभिषेक किया जाएगा। इसके अलावा, उनके हाथ में कलावा भी बाँधा जाएगा। अगर इनमें कोई संदिग्ध गैर-हिंदू युवक दिखता है तो उनका पहचान पत्र देखा जाएगा। इस सारे काम आने वाले युवकों की हिंदू पहचान की पुष्टि के लिए किए जाएँगे। नशे की हालत में किसी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

भुज में नवरात्र के आयोजक रघुवीर सिंह जाडेजा ने बताया कि कच्छ जिले के भुज, मांडवी, अंजार और गाँधी धाम में गरबा का आयोजन किया गया है। नवरात्र पर्व की गरिमा बनाए रखने के लिए उनके संगठन की ओर से वर्ष 2015 से यह अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत गरबा में शामिल होने वाले खेलैयों को तिलक लगाने और गौमूत्र के अभिषेक के बाद अंदर आने की अनुमति दी जाती है। इसका उद्देश्य गलत मंशा से आने वाले लोगों को रोकना है।

वहीं, माँ गढ़भवानी सांस्कृतिक समूह के अध्यक्ष और दाभोई विधानसभा सीट से विधायक शैलेशभाई मेहता ने कहा कि सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार हिंदू संस्कृति में तिलक का बहुत महत्व है। भगवान की पूजा, होम या किसी भी देवता के यज्ञ में तिलक करना अनिवार्य है। नवरात्रि माँ जगदंबा का यज्ञ है। इसलिए गरबा खेलने वाली लड़कियों को पारंपरिक पोशाक चनियाचोली और लड़कों को जब्बो में आना चाहिए। इसके साथ ही उनके लिए तिलक लगाना अनिवार्य है।

विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल ने लव जिहादियों को गरबा स्थलों में नहीं घुसने की चेतावनी दी है। इसके साथ बजरंग दल ने गुजरात में 16 जागरण यात्रा निकाला और 18000 से अधिक कार्यकर्ताओं को त्रिशूल दीक्षा दी है। इसके जरिए हिंदू युवक-युवतियों को जागरूक किया गया। हिंदू संगठन लव जिहाद को रोकने के लिए तमाम उपाय कर रहे हैं।

हिंदू संगठनों ने इसके लिए 1100 से अधिक सभाएँ की और 7 लाख से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ा। इससे पहले गुजरात में रामनवमी शोभायात्रा, शिवाजी की शोभायात्रा और गणेश पंडाल पर पथराव की घटनाएँ सामने आने के बाद हिंदू संगठनों ने राज्य में शौर्य जागरण यात्रा की शुरुआत की थी। आज रविवार (8 अक्टूबर) को इस यात्रा का साबरमती रिवरफ्रंट पर इसका समापन होगा।

वीएचपी के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने कहा, “गरबा देवी की पूजा करने का एक अवसर है। कुछ ‘जिहादी’ ऐसे अवसरों का दुरुपयोग करते हैं। मैं गरबा के सभी आयोजकों से अपील करना चाहता हूँ कि पंडाल वाले (पंडाल बनाने वाले), खानपान सेवा के लोग या सुरक्षा सेवाओं के सदस्य मुस्लिम नहीं होने चाहिए। उन्हें आईडी कार्ड और आधार कार्ड की जाँच के बाद ही किसी भी व्यक्ति को प्रवेश की अनुमति देनी चाहिए।”

गौरतलब है कि पिछले साल नवरात्रि उत्सव में गरबा आयोजन के दौरान यह बात सामने आई थी कि कई जगहों पर मुस्लिम युवक घुस गए थे। इसके चलते कुछ जगहों पर अनिवार्य रूप से तिलक लगाकर आने का फैसला किया गया है। अब नवरात्रि में 10 दिन बचे हैं। ऐसे में तैयारियाँ शुरू कर दी गई हैं।

नवरात्रि में गरबा के दौरान रात में 12 बजे के बाद लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति नहीं होगी। वहीं गरबा स्थल से 100 मीटर दूर पार्किंग की व्यवस्था करने जैसी 12 गाइडलाइन जारी की गई हैं। साथ ही, गरबा आयोजक मैदान पर एक एम्बुलेंस और डॉक्टर-नर्स स्टाफ रखें जाएँगे।

इजरायल की हो या जर्मनी की, सभी गैर-मुस्लिम लड़कियों-औरतों को लूटेंगे-खसोटेंगे: हमास के इस्लामी आतंकी वायरल वीडियो से दे रहे मैसेज

इस्लामी आतंकवादी संगठन हमास के इजरायल पर हमले के बाद आतंकियों ने कई महिलाओं को मार दिया है और उनके शवों को नंगा करके पूरे फिलिस्तीन में परेड निकाल रहे हैं। हमास के आतंकियों ने बड़ी संख्या में महिला नागरिकों और महिला सैनिकों को बंधक बनाया है।

इससे पहले हमास के आतंकियों ने 7 अक्टूबर की सुबह को इजरायल पर एकाएक हमला बोल दिया, जब पूरा देश छुट्टी मना रहा था। हमास के आतंकियों ने नागरिक इलाकों में जाकर एक-एक कर लोगों को मारना और बंधक बनाना चालू कर दिया।

इसके पश्चात कई ऐसे वीडियो सामने आए हैं, जिसमें आतंकी महिलाओं के नग्न शव की परेड करवा रहे हैं। ऐसा ही एक वीडियो कल सामने आया, जहाँ कुछ हथियारबंद आतंकी एक जर्मन महिला के नग्न शव को पिकअप ट्रक में डाल कर ले जाते हुए दिखते हैं।

इन आतंकियों के पीछे भीड़ पागलों सी दौड़ती है और महिला के शव पर थूकती है। अभी तक फलस्तीनी यह दावा कर रहे थे कि यह शव इजरायली सुरक्षा बलों (IDF) की एक महिला सैनिक का है। हालाँकि यह महिला सैनिक नहीं बल्कि एक जर्मन पर्यटक थी।

आतंकियों द्वारा मारी और परेड कराई गई महिला जर्मन नागरिक शानी लौक है, जो इजरायल के दक्षिणी हिस्से में जहाँ हमला हुआ, वहाँ एक संगीत समारोह में हिस्सा लेने आई थीं। जब हमला हुआ था, तब वह इसमें शामिल थीं।

आतंकियों ने इजरायल के दक्षिणी हिस्से पर ही सबसे पहले हमला किया था। शानी इसी हमले की चपेट में आ गईं और आतंकियों ने उन्हें मार कर उनके शव की नग्न परेड निकाल दी। शानी की माँ ने अब सामने आकर अपील की है कि कम से कम उनकी बेटी के शव को आतंकी हमास वापस कर दे।

शानी की ही तरह एक अन्य इजरायली महिला नोआ भी इजरायल के दक्षिणी हिस्से से हमास के आतंकियों द्वारा उठा ली गईं। हमास के आतंकियों ने इस बर्बरता और कट्टरता को वीडियो के माध्यम से सामने रख कर इसे अपनी जीत बताया है। वह वायरल वीडियो में शव के ऊपर नारे लगाते दिखते हैं।

इजरायल से महिलाओं को अगवा करते समय हमास के आतंकी अल्लाह-हू-अकबर के नारे लगा रहे हैं। महिलाओं को हाथ-पैर बाँध कर गाड़ियों में भरा जा रहा है और फिलिस्तीन में उनकी परेड करवाई जा रही है। कई इजरायली महिलाओं के साथ बलात्कार की खबरें भी सामने आई हैं।

हमास द्वारा महिलाओं के साथ किए गए इस कृत्य की विश्व भर में निंदा हो रही है। उनको समर्थन करने वाले लिबरल भी दबी आवाज में अब उनका विरोध कर रहे हैं।

इतनी बर्बरता के बावजूद भारत के कई कट्टर मुस्लिम और वामपंथी सोशल मीडिया अकाउंट पर फिलिस्तीन का समर्थन कर रहे हैं।

इजरायल ने अब फिलिस्तीन पर जवाबी हमले चालू कर दिए हैं। इन हमलों में लगभग 300 फिलिस्तीनी आतंकी और उनके समर्थक मारे जा चुके हैं।

पत्नी-बेटी को वायरल वीडियो से पहचाना इजरायली शख्स ने, अल्लाह-हू-अकबर चिल्लाती भीड़ उठा ले गई: हमास के इस्लामी आतंकी हमले में 300 मौतें

फिलिस्तीन के इस्लामी आतंकी संगठन हमास के अचानक हमले से मुस्लिम देशों से घिरा इजरायल स्तब्ध है। उसने युद्ध की घोषणा कर दी। इस बीच हमास द्वारा इजरायल के शहरों में महिलाओं, बच्चों, बुढ़ों के साथ बर्बरता करते हुए कई वीडियो सामने आए हैं। इस दौरान वे ‘अल्लाह हू अकबर’ के नारे भी लगा रहे हैं। इस हमले में अब तक 300 इजरायली मारे गए हैं। वहीं, गायब या अपहृत लोगों की संख्या के बारे में अभी तक जानकारी सामने नहीं आई है।

इजरायल के लोग ही नहीं, पूरी दुनिया हमास की क्रूरता से स्तब्ध है। दुनिया ने साल 2014 में इराक में इस्लामिक स्टेट (ISIS) द्वारा यजिदियों पर किए गए अत्याचार की याद दी। इजरायल के यहूदी समुदाय के लोग सोशल मीडिया पर अपने परिवार और रिश्तेदारों की तस्वीरें साझा कर रहे हैं, जिन्हें इस्लामी आतंकी संगठन ने अपहरण कर लिया है। वहीं, इजरायलियों का अपहरण करने के बाद हमास उनके वीडियो भी जारी कर रहा है।

इजरायल के ऐसे ही एक शख्स ने CNN को बताया कि उसने एक ऐसा वीडियो देखा जिसमें उसकी पत्नी और बेटी को हमास के आतंकी अपहरण करके ले जा रहे हैं। शेरोन क्षेत्र के निवासी योनी आशेर ने बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी को एक वायरल वीडियो से पहचाना, जिसमें हमास के आतंकवादियों ने ट्रक में लोगों के साथ उन्हें भी लाद रखा है। पूरे वीडियो में ‘अल्लाह हू अकबर’ नारे सुनाई देते हैं।

फ़ुटेज में ट्रक के पीछे एक महिला को दिखाया गया है, जिसके सिर पर एक आतंकी दुपट्टा डाल रहा है। आशेर ने कहा कि उनकी पत्नी अपनी छोटी-छोटी बेटियाँ के साथ गाजा सीमा के पास किबुत्ज़, नीर ओज़ में सास से मिलने आई थीं। उन्होंने कहा कि उन्हें संदेह है कि उनका अपहरण कर लिया गया है। उसने अपनी पत्नी के फोन को ट्रैक किया और पता चला कि वह गाजा में है। उन्होंने कहा कि बाद में उन्होंने वायरल वीडियो क्लिप में उन्हें देखा।

उन्होंने कहा, “मुझे यह भी नहीं पता कि बंधकों को लेकर स्थिति क्या है। स्थिति अच्छी नहीं दिख रही है।” आशेर ने कहा कि उनकी पत्नी और सास के पास जर्मन नागरिकता है और उन्होंने जर्मन सरकार से मदद माँगी है। वहीं, जर्मनी का कहना है कि तेल अवीव में जर्मन दूतावास के अधिकारी अपने प्रभावित नागरिकों को लेकर वहाँ के अधिकारियों के संपर्क में हैं।

वहीं, आतंकियों के इन हमलों में मृतक इजरायलियों की संख्या 300 पहुँच गई है। एक इजरायली अधिकारी ने रविवार (8 अक्टूबर 2023) की सुबह को बताया कि हमास के हमलों के बाद इजरायल में मरने वालों की संख्या कम से कम 300 हो गई है। वहीं, इज़रायली मीडिया के अनुसार, इन हमलों में 1500 से अधिक अन्य लोग घायल हुए हैं। वहीं, दर्जनों लोगों को हमास के आतंकियों ने अपहरण कर लिया है।

बता दें कि शनिवार (7 अक्टूबर 2023) की सुबह फिलिस्तीन के आतंकी संगठन हमास ने लगभग आधे घंटे में इजरायल पर 5000 रॉकेट से हमला कर दिया। हालाँकि, इजरायल ने इनकी संख्या लगभग 2300 बताई है। हमास द्वारा जमीन, समुद्र और वायु क्षेत्रों से एक साथ किए गए। इसी दौरान हमास के आतंकी सीमा पर लगे बाड़ को तोड़कर और पैराग्लाइडर से भी इजरायल में घुस आए और कहर बरपा दिया।

हमास के बंदूकधारियों ने गाजा सीमा से 15 मील (24 किलोमीटर) दूर तक के कस्बों में 22 स्थानों पर एक साथ धावा बोल दिया। कुछ स्थानों पर वे घंटों तक घूमते रहे, नागरिकों और सैनिकों को गोलियों से भूनते रहे। हमास के आतंकवादियों ने कम से कम दो शहरों में गतिरोध पैदा कर लोगों को बंधक बना लिया है। हालाँकि, इन जगहों और अपने लोगों को मुक्त कराने के लिए इजरायल ने प्रयास शुरू कर दिए हैं और फिलिस्तीन के अड्डों को तबाह करना शुरू कर दिया है।

इजरायली महिला की हत्या की, नग्न किया, थूका… वीडियो में दिखी ‘अल्लाह-हू-अकबर’ चिल्लाते इस्लामी आतंकियों की बर्बरता, जवाबी कार्रवाई में 200 ढेर

7 अक्टूबर को इजरायल में रहने वाले लोगों की सुबह सायरन, रॉकेट के धमाकों और गोलीबारी की आवाज के साथ हुई। इजरायल की सुरक्षा एजेंसियाँ जब तक एक्शन में आ पातीं तक तक फिलिस्तीन के आतंकी संगठन हमास के लोग जमीन, पानी और आकाश तीनों ही रास्तों से घुसपैठ कर हमला करने और लोगों को बंधक बनाने, मारने-पीटने में जुटे हुए थे।

इसी दौरान हमास के आतंकी ‘अल्लाह हू अकबर’ के नारों के बीच महिलाओं को प्रताड़ित करते नजर आए। वहीं कुछ आतंकियों ने महिलाओं को नग्न कर घिनौनी करतूत की। सामने आए वीडियो में नग्न महिला आतंकियों की गाड़ी में बंधक नजर आ रही हैं। वहीं आतंकी इस्लामी नारों के बीच जश्न मनाते दिखाई दे रहे हैं। थूक भी रहे हैं। एक अन्य वीडियो में खून से लथपथ एक महिला को बंधक बनाते देखा जा सकता है।

हमास के हमले के बाद बारी इजरायल की थी। एक ओर जहाँ हमास के हमले में इजरायल के 40 लोग मारे गए थे। वहीं इजरायल की जवाबी कार्रवाई में फिलिस्तीन के करीब 200 लोगों मारे गए हैं। वहीं 1600 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है।

इजरायल हमास पर लगातार हवाई हमले कर रहा है। मौजूदा हालात को देखते हुए प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि देश गाजा पट्टी में हमास के आतंकियों के साथ युद्धस्तर पर लड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि फिलिस्तीन को ऐसा जवाब मिलेगा जिसके बारे में उसने सोचा भी नहीं होगा।

इसके अलावा, बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन से भी बात की है। इसमें अमेरिका ने इजरायल को साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया है। वहीं नेतन्याहू ने बायडेन से कहा कि उनका देश एक मजबूत और लंबी लड़ाई के लिए तैयार है। इसमें उन्हें जरूर जीत मिलेगी।

इजरायल-फिलिस्तीन के बीच जारी जंग को लेकर प्रधानमंत्री मोदी की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “इजरायल पर आतंकी हमले से काफी आहत हूँ। हमारी प्रार्थनाएँ एवं संवेदनाएँ निर्दोष पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं। इस कठिन परिस्थिति में हम इजरायल के साथ एकजुटता से खड़े हैं।”

उधर इजरायल की IDF (डिफेन्स फोर्सेज) ने गाजा में घुस कर कई ड्रोन स्ट्राइक को अंजाम दिया है। उधर यूक्रेन ने भी इजरायल का समर्थन किया है। यूके के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने भी इजरायल के समर्थन में बयान जारी किया है। गाजा पट्टी से 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ओफ़ाकिम शहर में कई लोगों को बंधक बनाए जाने की खबर है। वहाँ कई आतंकियों को इजरायल की सेना ने भी मार गिराया है।

कीबुत्ज के लोगों ने सेना से गुहार लगाई है कि उन्हें बचाया जाए। हमास के बंदूकधारी आतंकी शहरों में सड़कों पर घूमते हुए और गोलीबारी करते हुए देखे जा सकते हैं। हमास ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें वो इजरायल की मिलिट्री एम्बुलेंस पर बमबारी करता हुआ दिखाई दे रहा है।

इजरायल में जमीन, जल और आकाश – तीनों मार्गों से घुसपैठ हुई है। हमास ने उन वीडियोज को भी जारी किया है, जिनमें उसे इजरायली सैनिकों को बंधक बना कर उन पर अत्याचार करते हुए देखा जा सकता है। इजरायल में लगभग 8 घंटे लगातार रॉकेट्स दागे गए हैं। गाजा पट्टी में हमास के 17 सैन्य परिसर और 4 मुख्यालय तबाह कर दिए गए हैं।

हेड कॉन्स्टेबल दीपक दहिया पर बंदूक तानी, रोहित शुक्ला को गोली मार जख्मी किया: अब शाहरुख़ पठान को कोर्ट ने दी बेल, दिल्ली दंगों में खुलेआम पिस्टल लहराता दिखा था

दिल्ली में फरवरी 2020 में हुआ हिन्दू विरोधी दंगा आपको याद होगा। उस दंगे में शाहरुख़ पठान नामक एक शख्स की तस्वीरें भी खूब वायरल हुई थी, जो हाथ में तमंचा लेकर लोगों के बीच डर का माहौल बना रहा था। इतना ही नहीं, उसने पुलिसकर्मियों पर भी बंदूक तान दी थी। उसे अब दिल्ली की एक अदालत ने जमानत दे दी है। उस पर आरोप है कि उसने न सिर्फ कई पुलिसकर्मियों को घायल किया, बल्कि एक अन्य व्यक्ति को भी गोली मार कर जख्मी कर दिया था।

शाहरुख़ पठान उस CAA (नागरिकता संशोधन कानून) के विरोध में हुए प्रदर्शन का हिस्सा था, जो दंगों में तब्दील हो गई और फिर उत्तर पूर्वी दिल्ली में हिन्दुओं को एक साजिश के तहत निशाना बनाया गया। CAA के तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान लाया गया था, जबकि इस्लामी संगठन और विपक्षी नेता इसमें मुस्लिमों को जोड़ने के लिए आमदा थे। जबकि, सच्चाई ये है कि इन तीनों मुल्कों में मुस्लिम बहुसंख्यक हैं।

24 फरवरी, 2020 को शाहरुख़ पठान ने जिस हेड कॉन्स्टेबल पर बंदूक तानी थी, उनका नाम दीपक दहिया था। जिस मामले में उसे जमानत मिली है, वो जफराबाद पुलिस थाने में दर्ज किया गया था। उसने रोहित शुक्ला नामक व्यक्ति को गोली मार कर जख्मी कर दिया था। हालाँकि, शाहरुख़ पठान जमानत मिलने के बावजूद जेल में ही रहेगा क्योंकि उस पर पुलिसकर्मियों पर हमले का एक अन्य मामला भी चल रहा है। एडिशनल सेशन जज अमिताभ रावत ने उसे बेल दी

3 अप्रैल, 2020 से ही शाहरुख़ पठान पुलिस के शिकंजे में है। जज ने कहा कि इस मामले में सभी गवाह पुलिसकर्मी ही हैं और बाकी सह-आरोपितों को भी बेल मिल चुकी है। उसे 50,000 रुपए का बॉन्ड भरने का आदेश भी दिया गया। उसने मई 2023 में भी दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि इस मामले में सभी आरोपित छूट चुके हैं, जबकि वो अकेला जेल में है। उसने 7.65 mm पिस्टल का इस्तेमाल कर के कई बार गोलीबारी की थी और उस पर आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था।

100 नहीं, 107 मेडल… भारत ने 28 स्वर्ण पदकों के साथ खत्म किया एशियन गेम्स 2023 में अपना सफर, पिछली बार के मुकाबले 36 मेडल ज़्यादा मिले

एशियन गेम्स (Asian Games 2023) में भारत 655 खिलाड़ियों के साथ अब तक के सबसे बड़े दल के साथ उतरा था। इस दल से 140 करोड़ देशवासियों को बहुत अधिक उम्मीदें थीं। खिलाड़ी इन उम्मीदों पर खतरे पर उतरे हैं। भारत ने इस साल अपनी झोली में 28 गोल्ड, 38 सिल्वर और 41 ब्रॉन्ज के साथ रिकॉर्ड 107 मेडल जमा किए।

चीन के हांगझोउ में खेले जा रहे 19वें एशियन गेम्स के 17वें दिन भारत ने मेडल का अपना शतक भी पूरा किया। 7 अक्टूबर को जीते मेडल की बात करें तीरंदाजी में भारतीय महिला और पुरुष टीम ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। वहीं कुश्ती में दीपक पूनिया ने सिल्वर मेडल, हॉकी में भारतीय महिला टीम ने ब्रॉन्ज मेडल, कबड्डी में पुरुष और महिला टीम ने गोल्ड मेडल जीता।

इसके अलावा, भारतीय क्रिकेट टीम ने गोल्ड मेडल, बैडमिंटन में सात्विक-चिराग ने इतिहास रचते हुए पुरुष युगल में गोल्ड मेडल, तीरंदाजी में अभिषेक वर्मा ने सिल्वर तो वहीं ओजस प्रवीण देवताले, ज्योति सुरेखा वेन्नम गोल्ड मेडल और अदिति स्वामी ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। तीरदांजी में मिले मेडल अलग-अलग हासिल किए गए हैं। कुल मिलाकर देखें तो 7 अक्टूबर को भारत को 6 गोल्ड, 4 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज समेत 12 मेडल मिले।

बता दें कि इससे पहले साल 2018 में आयोजित हुए एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों ने 16 गोल्ड, 23 सिल्वर, 31 ब्रॉन्ज समेत कुल 71 मेडल जीते थे। तब भारत मेडल टैली (पदक तालिका) में 8वें नंबर था। हालाँकि इस बार भारतीय खिलाड़ियों ने अपना प्रदर्शन सुधारते हुए रिकॉर्ड 28 गोल्ड के साथ 107 मेडल अपने नाम किए हैं। इसमें 38 सिल्वर और 41 ब्रॉन्ज मेडल भी शामिल हैं। यही नहीं इस बार भारत के पदक तालिका में भी सुधार हुआ है और भारत चौथे नंबर पर है।

अन्य टॉप-3 देशों के आँकड़े देखें तो 199 गोल्ड के साथ चीन पहले, 51 गोल्ड के साथ जापान दूसरे और 40 गोल्ड मेडल के साथ कोरिया तीसरे नंबर पर रहा।