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हमास के हमलों में नेपाल के 10 छात्रों की भी मौत, जर्मन महिला की लाश की नग्न परेड: जानिए इजरायल में इस्लामी आतंकियों ने किन देशों के नागरिकों को किया टारगेट

इजरायल में इस्लामी आतंकी संगठन हमास की हत्या में अब तक 700 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें नेपाल के रहने वाले 10 छात्र भी हैं। वे इजरायल में पढ़ाई कर रहे थे। एक भारतीय नर्स हमले में घायल हुई है। इसके अलावा कई अन्य देशों के लोगों की भी मौत हुई है।

नेपाल के अलावा अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस, यूक्रेन, थाईलैंड और फिलिपीन्स के नागरिकों की हमास के हमले में मारे जाने की अब तक पुष्टि हो चुकी है। थाईलैंड के कुछ कृषि मजदूरों को हमास ने अगवा किया है। दो थाई नागरिक हमले में मारे गए हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल के 17 छात्र हमास के हमले की जद में आए थे। इनमें से 10 की मौत हो गई और चार घायल हैं। 2 छात्र सुरक्षित बच गए हैं, जबकि एक के विषय में कोई भी जानकारी सामने नहीं आई है। ये नेपाली छात्र इजरायल में किबूत्ज़ अलुमिम इलाके में थे जो कि गाजा पट्टी के नजदीक है।

वर्तमान में इजरायल में 4500 से अधिक नेपाली काम कर रहे हैं। वहीं 265 नेपाली छात्र इजरायल में पढ़ रहे हैं। एक भारतीय नर्स भी इस्लामी आतंकी संगठन के हमले में गंभीर रूप से घायल हुई है। केरल के कन्नूर की रहने वाले शीजा आनंद इजरायल के एश्केलोन शहर में काम करती हैं जो कि गाजा पट्टी से मात्र 13 किलोमीटर दूर है। हमास के रॉकेट हमले में उनको गंभीर चोटें आई हैं।

भारत में मौजूद उनके पति ने बताया कि जब हमला हुआ तब वह शीजा के साथ वीडियो कॉल कर रहे थे। इसी बीच एक रॉकेट आकर फटा और कॉल कट गई। शीजा को रीढ़ और पैरों में गहरी चोटें आई हैं और उनकी सर्जरी करनी पड़ी है। इस बीच भारत ने अपने 27 नागरिकों को इजरायल के खतरे वाले इलाकों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। यह सभी मेघालय से इजरायल गए हुए थे। इनमें नेशनल पीपुल्स पार्टी के राज्यसभा सांसद वान्वेरोई खार्लुखी और उनकी पत्नी-बेटी शामिल हैं। यह सभी इजरायल से सीमा पार करके मिस्र में पहुँच गए हैं। मेघालय के नागरिक बेथलेहम में मजहबी यात्रा पर गए हुए थे।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने इजरायल में मौजूद भारतीय नागरिकों से सतर्क रहने कहा है। एक अनुमान के अनुसार, इजरायल में लगभग 18 हजार भारतीय रहते हैं।

हमास के हमले में एक फ्रेंच महिला की भी मौत हुई है। इसकी पुष्टि फ़्रांस के विदेश मंत्रालय ने की है। इसके अलावा 2 थाई और 2 यूक्रेनी नागरिकों के मारे जाने की भी पुष्टि हुई है। कुछ मेक्सिकन नागरिकों को बंधक बनाया गया है।

इजरायल में हमास के हमले में मारी गई जिस महिला का शव आतंकियों ने गाजा की सड़कों पर एक पिकअप में डाल कर प्रदर्शित किया था। वह जर्मन नागरिक थी। उनकी पहचान शनि लौक के तौर पर हुई है। शनि की माँ ने हमास के आतंकियों से अपील की है कि वह उनकी बेटी का शव लौटा दें।

हमास के हमले में 4 अमेरिकी नागरिक भी मारे गए हैं। यह संख्या आगे और बढ़ सकती है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह लगातार यह पुष्टि करने का प्रयास कर रहा है कि कितने अमेरिकी नागरिकों को बंधक बनाया गया है और कितने मारे जा चुके हैं।

राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, मिजोरम और तेलंगाना… जारी हुआ 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव का शेड्यूल: जान लीजिए कब होगा मतदान, कब आएँगे रिजल्ट

चुनाव आयोग ने 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिए तारीखों का ऐलान कर दिया है। जिन राज्यों में चुनाव होने हैं, वो हैं – राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम। इनमें से पहले तीनों राज्यों में मुकाबला सीधा कॉन्ग्रेस बनाम भाजपा का है। जहाँ राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कॉन्ग्रेस सत्ता में है, वहीं मध्य प्रदेश में BJP राज कर रही है। तेलंगाना में स्थानीय पार्टी BRS (भारत राष्ट्र समिति) सरकार चला रही है, जो पहले TRS हुआ करती थी। मिजोरम में स्थानीय दल MNF (मिजो नेशनल फ्रंट) सत्ता में है।

मिजोरम में 7 नवंबर को चुनाव होंगे। छत्तीसगढ़ में 7 नवंबर और 17 नवंबर को 2 चरण में चुनाव होंगे। वहीं मध्य प्रदेश में 17 नवंबर को ही सभी सीटों पर चुनाव करा लिए जाएँगे। जहाँ तक राजस्थान की बात है, वहाँ 23 नवंबर को एक ही चरण में चुनाव संपन्न कराया जाएगा। वहीं तेलंगाना में सबसे अंत में 30 नवंबर को चुनाव होंगे। सभी राज्यों में 3 दिसंबर को मतगणना होगी।

इस दौरान चुनाव आयोग ने बताया कि जिन 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, वो एक तरह से इस देश का छठा भाग है। 8.2 करोड़ पुरुष और 7.8 करोड़ महिला वोटर वोट डालने वाले हैं। सबसे ज़्यादा मध्य प्रदेश में 5.60 करोड़ वोटर हैं। दिव्यांग वोटरों और 80 वर्ष से ज़्यादा उम्र के बुजुर्गों के लिए न सिर्फ बूथों पर विशेष व्यवस्था की जाएगी, बल्कि वो घर से भी वोट कर पाएँगे। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि महिलाओं, समलैंगिकों, युवा वोटरों, जनजातीय समाज और दिव्यांगों – इन सबके मताधिकार की जागरूकता के लिए विशेष अभियान चलाया गया।

चुनाव आयोग ने 75 जनजातीय समाजों की बात करते हुए बताया कि अंतिम व्यक्ति तक वोट डालने की सुविधा पहुँचाई जाएगी, उन्हें पोलिंग स्टेशन पर लाया जाएगा। इस बार 60 लाख ऐसे वोटर होंगे, जो पहली बार वोट डालेंगे। 15.39 लाख वोटर ऐसे हैं जो जनवरी 2023 के बाद 18 वर्ष की उम्र को पूरा कर रहे हैं और नए संशोधन के तहत वो मताधिकार का इस्तेमाल करने के योग्य हैं। 2900 से अधिक पोलिंग स्टेशनों पर युवा कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा।

चुनाव आयोग ने बताया कि पूरे देश में वोटरों को जोड़ने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। 5 राज्यों में 57.89 लाख नए वोटर जोड़े गए हैं। पाँचों राज्यों में 1.77 लाख पोलिंग बूथ हैं। हाउस टू हाउस सर्वे चल रहे है, किसी को वोटर लिस्ट में नाम जोड़वाना हो या कोई बदलाव कराना हो तो 17 अक्टूबर, 2023 से लेकर 30 नवंबर, 2023 तक वोटर लिस्ट में वो ऐसा करने में सक्षम होंगे। इनमें से 1.01 लाख वेब कास्टिंग की सुविधा से लैस होंगे। 17,734 मॉडल पोलिंग स्टेशन होंगे। 8192 को महिलाओं द्वारा मैनेज किया जाएगा और 621 दिव्यांग कर्मचारियों द्वारा प्रबंधित किए जाएँगे।

कई राज्यों में ऐसे पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं, जो सुदूर इलाकों में हैं और लोगों को ज़्यादा दूर चलना नहीं पड़ेगा। cVIGIL मोबाइल एप के जरिए 100 मिनट में शिकायतों पर प्रतिक्रिया देने का वादा भी किया गया है। किसी उम्मीदवार की आपराधिक पृष्ठभूमि है तो उनकी पार्टी को बताना पड़ेगा कि उसे क्यों चुना गया, साथ ही प्रत्याशी को भी 3 बार अख़बार और टीवी के जरिए अपने बारे में सब कुछ बताना होगा। राजनीतिक दलों के खर्चों, आय और ऑडिट के लिए डिजिटल टूल विकसित किया गया है।

जो पोलिंग कर्मचारी हैं, जो पोस्टल बैलेट घर ले जा सकते थे और मतगणना तक कभी भी अपना वोट भेज सकते थे, लेकिन अब वोटर फैसिलिटेशन सेंटर पर वोट डालेंगे और फिजिकल रूप से उनके वोट कलेक्ट किए जाएँगे।

हमास के जिन आतंकियों की बर्बरता से दुनिया सन्न, उनके समर्थन में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में मार्च: अल्लाह-हू-अकबर के लगे नारे

इजरायल पर हमास द्वारा आतंकी हमले के समर्थन में रविवार (8 अक्टूबर, 2023 ) को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के सैकड़ों छात्र खुलेआम उतर आए हैं। छात्रों ने फिलिस्तीन को मजलूम बताते हुए उसके समर्थन में न सिर्फ प्रदर्शन किया बल्कि मजहबी नारेबाजी भी की। वहीं दूसरी ओर बजरंग दल और दूसरे हिन्दू संगठनों के कार्यकर्तओं ने हमास का पुतला दहन कर विरोध जताया। 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, फिलिस्तीन के समर्थन में AMU के छात्रों ने कैंपस में पैदल मार्च निकालकर प्रदर्शन और अल्लाह-हू-अकबर के नारे लगाए। जिसका वीडियो वायरल है, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। छात्रों ने अपने हाथों में वी स्टैंड विद फिलिस्तीन, एएमयू स्टैंड विद फिलिस्तीन जैसे पोस्टर-बैनरों को हाथों में लेकर प्रदर्शन किया। छात्रों ने कहा हमारे दिल में तकलीफ है। ऐसे में तमाम मुस्लिम लीडर से दरख्वास्त है कि वह फिलिस्तीन का समर्थन करें।

फिलिस्तीन के समर्थन में खुलकर आए एएमयू के छात्र

रिपोर्ट के अनुसार, फिलिस्तीन को मजलूम बताते हुए प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि जिस तरह इजराइल द्वारा फिलिस्तीन पर ज्यादती की जा रही है वो सही नहीं है। उन्होंने कहा कि जब यूक्रेन पर हमला होता है तो देश और दुनिया यूक्रेन के समर्थन में आ जाती है, लेकिन अब फिलिस्तीन पर इस समय संकट है तो किसी भी राजनेता या अन्य समाज का ढिंढोरा पीटने वाले लोग चुप्पी साधे हुए बैठे हैं। 

प्रदर्शनकारी छात्रों ने आगे कहा, “आज फिलिस्तीन संकट में है, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और एएमयू के समस्त छात्र फिलिस्तीन के साथ खड़े हुए हैं और उनके लिए दुआ कर रहे हैं। फिलिस्तीन के लोग आजादी माँग रहे हैं। उन्हें आजादी नहीं दी जा रही है। फिलिस्तीन में मानवाधिकारों का हनन हो रहा है।”

वहीं AMU के छात्र नेताओं का कहना है कि जिस तरीके से देखा जा रहा है कि लंबे समय से फिलिस्तीन के ऊपर किसी न किसी बात को लेकर हमला कर दिया जाता है और वहाँ रहने वाले लोगों के साथ ज्यादती की जाती है। इसलिए हम माँग करते हैं कि जिस तरीके से फिलिस्तीन के ऊपर लगातार हमले किए जा रहे हैं वह हमले रुकने चाहिए और वहाँ के रहने वाले लोगों को साथ नरमी बरती जानी चाहिए। हमने माँग की है कि तत्काल प्रभाव से फिलिस्तीन के ऊपर होने वाले हमलों को रोका जाए।

बजरंग दल ने फूँका आतंकी संगठन हमास का पुतला 

बता दें कि अलीगढ़ के थाना गाँधी पार्क इलाके में दुबे पड़ाव तिराहे पर रविवार को बजरंग दल और अन्य हिंदूवादी संगठनों ने आतंकी संगठन हमास का पुतला दहन कर विरोध जताया। इस दौरान फिलिस्तीन मुर्दाबाद और हमास मुर्दाबाद के नारे भी लगाए गए। 

हिन्दू संगठनों ने किया हमास का पुतला दहन (साभार-ETV भारत)

करारा जवाब दे रहा इजराइल 

बता दें कि 7 अक्टूबर, 2023 को इजरायल पर हमास आतंकियों के हमले में 700 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। सबसे अधिक मौतें संगीत समारोह पर हुए हमले में हुई। म्यूजिक फेस्टिवल में 4000 से अधिक लोग शामिल थे। जिन्हें घेरकर हमास के आतंकियों ने मौत के घात उतार दिया।

वहीं इजरायल ने भी हमास के इस हमले का करारा जवाब दिया है। इजरायली वायु सेना लगातार फिलीस्तीन और गाजा पट्टी में आतंकी ठिकानों पर हमला कर रही है। 8 अक्टूबर तक कई मस्जिदों समेत कई ऐसे ठिकाने गिराए जा चुके थे, जहाँ आतंकी शरण ले रहे थे।

गौरतलब है कि इजरायल के प्रतिक्रियात्मक हमलों में अब तक 400 से अधिक फिलिस्तीनी आतंकियों के मरने की खबर है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने युद्ध के शुरू होने से पहले कहा था कि इस बार गाजा पर हमला ऐसा होगा जो कि पीढ़ियों के लिए स्थितियाँ बदल देगा। हमास के हमले के कारण गाजा और फिलीस्तीन में बड़े स्तर पर तबाही हुई है। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि हमास के आतंकियों को शरण देने के कारण अब तक लगभग 1.2 लाख फिलिस्तीनी अपने घरों से भाग चुके हैं।

कुरान लेकर आए थे हमास के आतंकी, दोस्तों के शवों के सामने ही महिलाओं से किया रेप… चश्मदीदों ने बताई बर्बरता, संगीत समारोह में लगा शवों का ढेर​

हमास के इस्लामी आतंकियों की बर्बरता जिस जगह पर सबसे ज्यादा देखी गई है, वह इलाका गाजा बॉर्डर से सटा है। दक्षिणी इजरायल के इस हिस्से में एक संगीत समारोह पर आतंकियों ने हमला किया था। यहाँ से अब तक 260 शव मिलने की पुष्टि हो चुकी है। चश्मदीदों के मुताबिक दोस्तों की शवों के पास ही महिलाओं से आतंकियों ने बलात्कार किया।

7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हमास आतंकियों के हमले में 700 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। सबसे अधिक मौतें संगीत समारोह पर हुए हमले में हुई। म्यूजिक फेस्टिवल में 4000 से अधिक लोग शामिल थे। हमास के आतंकियों ने घेर कर इन पर हमला किया है।

इस हमले में जीवित बचे लोगों से बातचीत पर टैबलेटमैग ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की है। चश्मदीदों के अनुसार पार्टी पर हमला सुबह 7 बजे चालू हुआ। पार्टी अपने चरम पर थी और अधिकांश लोग संगीत में डूबे थे। सबसे पहले कुछ धमाकों की आवाज सुनाई दी। इसके बाद पुलिस ने लोगों को मौके से निकालना शुरू किया।

लेकिन इसके 5 मिनट के भीतर ही हमास के आतंकी पिकअप ट्रक्स में भरकर आए और पूरे इलाके को चारों तरफ से घेर लिया। उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

लोगों ने नेगेव रेगिस्तान की तरफ भागने का प्रयास किया तो आतंकियों ने उधर से भी घेराबंदी कर दी। एक चश्मदीद ने बताया कि कुछ हमास आतंकियों ने एक लड़के के साथ आई उसकी महिला मित्र को अगवा कर लिया। उसने यह भी बताया कि पार्टी में आई महिलाओं का हमास के आतंकियों ने उनके दोस्तों के शवों के सामने ही बलात्कार किया।

आतंकियों ने बलात्कार करने के बाद कई महिलाओं की हत्या कर दी। कई को अगवा कर गाजा ले गया, जहाँ उनको शहर भर में मारते-पीटते हुए घुमाया गया। एक अन्य चश्मदीद जो कि घटनास्थल पर हमले के बाद भी गया था ने बताया कि उसने महिलाओं कि क्षत-विक्षत लाशें देखी। इन्हें नजदीक से गोली मारी गई थी। उसके अनुसार गाड़ियों पर भी गोलियाँ बरसाई गईं थी और ग्रेनेड से उन्हें उड़ा दिया गया था।

हमास के हमले में जिन्दा बचे कुछ लोगों ने बताया कि वो भाग कर पास की झाड़ियों में छुप गए थे। हमास के आतंकी उन्हें देख नहीं पा रहे थे लेकिन चारों तरफ से गोलियों की बौछार हो रही थी। बचने वालों का कहना है कि वह घंटों तक ऐसे ही पड़े रहे। बाद में कुछ लोगों ने पास की सड़क पर जाने का फैसला किया। इजरायल के सुरक्षा बलों ने इलाके को हमास से खाली करवाने के बाद इन लोगों को बचाया। इजरायली सुरक्षा बलों को हमास के आतंकियों की गाड़ियों से गोला-बारूद और और कुरान की प्रतियाँ मिली हैं।

जिस संगीत समारोह में शामिल महिला के शव की हमास आतंकियों ने की नग्न परेड, वहाँ से 260 शव मिले: इजरायल में 700+ मौत, 100 अब भी बंधक

इजरायल पर इस्लामी आतंकी संगठन हमास के हमले में अब 700 से अधिक मौतों की पुष्टि हो चुकी है। 2200 से अधिक लोग घायल हैं। करीब 100 लोगों को हमास ने बंधक बना रखा है। इनके विषय में फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।

इस्लामी आतंकी संगठन हमास ने 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर अचानक से हमला कर उसके नागरिकों के साथ बर्बरता की थी। हमास के आतंकी दक्षिणी इजरायल में सीमा पार कर घुसे थे और कई लोगों को बंधक बना लिया था। उसके बाद से जवाबी कार्रवाई में इजरायल फिलस्तीन के करीब 400 आतंकियों को ढेर कर चुका है।

हमास के आतंकियों के हमले का सबसे बड़ा निशाना दक्षिणी इजरायल में चल रहा एक संगीत समारोह बना। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि इस समारोह में आतंकियों ने 260 से अधिक लोगों की हत्या की। हमास आतंकियों ने जिस जर्मन महिला ‘शानी लौक’ के नग्न शव का परेड निकाला था, वे भी इसी पार्टी में शामिल थीं।

इस पार्टी में हमले के समय 3,000 से अधिक लोग मौजूद थे। इनमें से अधिकांश इजरायली युवा थे। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें हमले के बाद लोग अपनी गाड़ियाँ छोड़ कर भागते हुए दिखते हैं। घटनास्थल से लगभग 100 लोगों का हमास ने अपहरण भी कर लिया था।

इस हमले में मारे गए कई लोगों के शवों की अब तक पहचान नहीं हो सकी है। इजरायल का कहना है कि हमास के आतंकियों को पहले से इस कार्यक्रम के बारे में पता था इसलिए उन्होंने पहले इलाके को घेरा और फिर गोलियाँ बरसाई। इसके पश्चात वह कार्यक्रम स्थल पर घुस कर लोगों को मारने-काटने लगे।

हमास के इस हमले में इजरायल के अतिरिक्त अन्य देशों के भी नागरिक मारे गए हैं। अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस समेत कई देशों ने कहा है कि उनके नागरिक हमास के इस हमले में मारे गए हैं। हालाँकि अभी उनकी संख्या स्पष्ट नहीं है। नेपाल के 10 लोग इस इस्लामी आतंकी हमले में मारे गए हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, वह हमले के दौरान एक खेत में काम कर रहे थे, जहाँ भारी गोलाबारी से उनकी मृत्यु हो गई। एक नेपाली छात्र अभी लापता है।

इजरायल ने भी हमास के इस हमले का करारा जवाब दिया है। इजरायली वायु सेना लगातार फिलीस्तीन और गाजा पट्टी में आतंकी ठिकानों पर हमला कर रही है। 8 अक्टूबर तक मस्जिदों समेत कई ऐसे ठिकाने गिराए जा चुके थे, जहाँ आतंकी शरण ले रहे थे।

इजरायल के प्रतिक्रियात्मक हमलों में अब तक 400 से अधिक फिलिस्तीनी आतंकियों के मरने की खबर है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने युद्ध के शुरू होने से पहले कहा था कि इस बार गाजा पर हमला ऐसा होगा जो कि पीढ़ियों के लिए स्थितियाँ बदल देगा। हमास के हमले के कारण गाजा और फिलीस्तीन में बड़े स्तर पर तबाही हुई है। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि हमास के आतंकियों को शरण देने के कारण अब तक लगभग 1.2 लाख फिलिस्तीनी अपने घरों से भाग चुके हैं।

जिस महिला की लाश को नग्न कर घुमाया, उसके इंस्टाग्राम पर जश्न मना रहे इस्लामी कट्टरपंथी… एक परिवार के सामने बच्ची को उड़ा डाला

इजरायल पर शनिवार की सुबह हमास ने चौतरफा हमला बोला। जमीन, आसमान, पानी के रास्ते वो इजरायल में घुसे और लोगों को गाजर-मूली की तरह काट डाला। बहुत सारे लोगों को बंधक बनाकर हमास के आतंकी गजा पट्टी ले गए, तो कई लोगों को गोलियों से भून डाला। इस दौरान उन्होंने करीब 30 साल की महिला को मार डाला और उसके शव का परेड निकाला।

परेड के दौरान हमास के आतंकी ‘अल्लाह हू अकबर’ के नारे लगा रहे थे। उन्हें लगा कि मरने वाली इजरायली महिला है। हमास वालों ने जश्न भी मनाया कि उन्होंने एक इजरायली सैनिक को मार डाला, जबकि मरने वाली महज एक टूरिस्ट थी और वो निहत्थी थी। मृतक का नाम शानी लौक था। शानी एक टैटू आर्टिस्ट और हेयर आर्टिस्ट थी। वो एक म्यूजिक फेस्टिवल में हिस्सा लेने जर्मनी से इजरायल आई हुई थीं। वो यहूदियों के लिए काम करने वाले एक एनजीओ VEAHAVTA से भी जुड़ी थीं।

शानी की पहचान तब सामने आई, जब उनकी माँ ने हमास से अपील की कि अब उनकी बेटी का शव कम से कम वापस कर दे। हालाँकि, इस बीच कट्टरपंथी मुस्लिमों ने शानी लौक के सोशल मीडिया पोस्ट पर उसकी मौत के बाद भी घृणित टिप्पणी कर रहे हैं।

इंस्टाग्राम पोस्ट का स्क्रीनशॉट, कमेंट सेक्शन की तरफ नजर डालिए

इस घटना के बाद मुस्लिम कट्टरपंथी मृतक की सोशल मीडिया पोस्ट पर जाकर अपनी संवेदनहीनता और आतंकी मानसिकता का सबूत दे रहे हैं। कोई लिख रहा है ‘जहन्नुम में जाओ’ तो कोई फिलिस्तनीन के समर्थन की बात कर रहा है। उनके इंस्टाग्राम हैंडल पर जाकर इस्लामी कट्टरपंथी ‘बाय-बाय’ भी लिख रहे हैं।

इंस्टाग्राम पोस्ट का स्क्रीनशॉट

मुस्लिम कट्टरपंथियों के इस व्यवहार को लेकर बाला नाम के एक्स यूजर ने एक पोस्ट डाला, जिसमें ऐसे कई कमेंट्स दिख रहे हैं।

शानी की माँ का वीडियो वायरल, माँग रही हैं बेटी का शव

इस बीच शानी की माँ का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो अपनी बेटी का शव हमास के आतंकियों से माँग रही हैं।

हमास आतंकियों ने बेटी को मारा, परिवार को बंधक बनाकर शूट किया वीडियो

हमास के आतंकवादियों ने किस तरह से नृशंस हत्याओं को अंजाम दिया है और हत्या करके लोगों की भावनाओं को रौंदा है, उसका एक वीडियो हमास की तरफ से ही जारी किया गया है, जिसमें आतंकियों ने एक परिवार की 18 साल की लड़की की निर्मम हत्या कर दी, फिर उस पूरे परिवार को उनके ही घर में बंधक बना लिया। गोलीबारी के समय उनकी खराब मानसिक स्थिति के बावजूद वीडियो शूट किया और फिर वायरल कर दिया। हमास की कोशिश है कि वो इजरायली लोगों के हौसलों पर चोट करे।

इजरायल ने किया जंग का ऐलान, शुरू हो चुका है पलटवार

हमास पर इजरायल अब पलटवार कर रहा है। 400 से अधिक आतंकी मौत के घाट उतारे जा चुके हैं, तो गजा के इस्लामिक बैंक के हेडक्वॉर्टर को भी इजरायली एयरफोर्स ने उड़ा दिया है। इसके अलावा चुन-चुन का इजरायली सेना हमास के ठिकानों को तहस-नहस कर रही है। वहीं, इजरायल की तरफ से बताया गया है कि हमास के हमले में 600 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, ये आँकड़ा बढ़ भी सकता है। वहीं, इजरायली कैबिनेट ने आधिकारिक तौर पर ऐलान कर दिया है कि जंग शुरू हो चुकी है।

सड़क पर योग मुद्राएँ करने लगीं इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर, फिर गुजरात पुलिस की रील में माफ़ी माँगती हुई आई नज़र: वायरल हुआ वीडियो

गुजरात के राजकोट में सितंबर माह में एक इंस्टाग्रास इंफ्लूएंसर ने बारिश के बीच वीडियो शूट किया था, जिसमें वो सड़क पर योग मुद्राएँ बना रही थी। उस समय बनाया गया वीडियो उसके लिए अब काफी शर्मनाक साबित हो रहा है, क्योंकि गुजरात पुलिस ने जब इस इन्फ्लुएंसर को पकड़ा था, तो उसने माफी माँगी थी। अब गुजरात पुलिस के सोशल मीडिया हैंडल से वो वीडियो वायरल हो गया है।

ये मामला राजकोट के मालवीय नगर पुलिस स्टेशन से जुड़ा है, जहाँ 18 सितंबर को अंकित नाम के पुलिस वाले ने महिला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उस मामले में पुलिस ने दीना परमार नाम की महिला को कुछ समय के भीतर पकड़ लिया था, जिसके बाद महिला ने लोगों से ट्रैफिक नियमों का पालन की अपील की थी। गुजरात पुलिस ने उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 283 के तहत कार्रवाई की थी। हालाँकि उसे जमानत मिल गई थी।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

इस मामले में महिला ने गुजरात पुलिस से माफी भी माँगी थी। हालाँकि, पुलिस विभाग ने भी एक रील बनाई है जिसमें महिला सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को अपनी गलती के लिए माफी माँगते हुए और स्वीकार करते हुए देखा जा सकता है कि सार्वजनिक सड़कों पर ऐसे स्टंट करना जोखिम भरा है। बाद में गुजरात पुलिस ने इस केस का वीडियो महिला की माफी के साथ 23 सितंबर को इंस्टाग्राम पर शेयर किया था, जो अब वायरल हो रहा है। इस वीडियो को लाखों लोग देख चुके हैं, तो करीब पौने दो लाख लोग लाइक भी कर चुके हैं।

यह मामला इंफ्लुएंसरों के लिए एक चेतावनी है। इंफ्लुएंसर को लोगों की सुरक्षा के बारे में सोचना चाहिए और ऐसी हरकतें नहीं करनी चाहिए जो दूसरों के लिए खतरा पैदा कर सकें। कई बार चेताया जा चुका है कि इंफ्लुएंसरों को अपनी हरकतें सोच-समझकर करनी चाहिए और दूसरों की सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए।

विराट कोहली ने ODI में पूरे किए 11000 रन, KL राहुल की दमदार पारी: वर्ल्ड कप 2023 के अपने पहले ही मैच में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को धोया, जडेजा ने किए 3 ‘शिकार’

भारत ने चेन्नई के चेपक स्थित MA चिदंबरम स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 6 विकेट से जीत के साथ वर्ल्ड कप 2023 में अपने सफर का आगाज किया। विराट कोहली ने जहाँ 116 गेंद पर 85 रनों की एक सूझबूझ भरी पारी खेली, वहीं KL राहुल ने 115 गेंदों पर 97 रन बना कर उनका बखूबी साथ दिया। इस तरह भारत ने ऑस्ट्रेलिया को विकेट से हरा दिया। विराट और राहुल ने ढह रही भारतीय पारी को चीज के दौरान सँभाले रखा और शतकीय साझेदारी की। जहाँ कोहली ने 6 चौके जड़े, वहीं केएल ने 8 चौकों का मुशायरा किया।

ऑस्ट्रेलिया ने 199 रन बनाए और भारत को जीत के लिए 200 रनों का लक्ष्य दिया। वनडे मैचों में दिखने में भले ही ये स्कोर छोटा हो, लेकिन मात्र 2 रनों के भीतर जब भारत ने ईशान किशन, रोहित शर्मा और श्रेयस अय्यर का विकेट गँवा दिया, तब ये छोटा सा स्कोर भी बहुत बड़ा लगने लगा। जहाँ मिशेल स्टार्क ने ईशान किशन को कैच आउट कराया, जॉस हेजलवुड ने रोहित शर्मा को LBW आउट किया। इसके बाद उतरे श्रेयस अय्यर भी कैच थमा कर चलते बने।

इससे पहले भारतीय गेंदबाजों ने सधा हुआ प्रदर्शन कर के ऑस्ट्रेलिया को मात्र 199 रनों के स्कोर पर रोक दिया। मात्र 5 रनों के स्कोर पर तेज़ गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने मिशेल मार्श को चलता किया, जिसके बाद डेविड वार्नर और स्टीवन स्मिथ के बीच 69 रनों की पार्टनरशिप हुई। हालाँकि, कुलदीप यादव की गेंद पर वार्नर उन्हें ही कैच थमा बैठे। फिर रवींद्र जडेजा ने स्टीवन स्मिथ, मार्नेस लबुशेन और विकेटकीपर अलेक्स केरी को चलता किया।

भारत की तरफ से रवींद्र जडेजा ने सर्वाधिक 3 विकेट लिए, वहीं कुलदीप यादव और जसप्रीत बुमराह ने दो-दो विकेट झटके। भारत ने 6 गेंदबाजों को आजमाया और कोई भी बिना विकेट लिए नहीं गया। मोहम्मद सिराज, रविचंद्रन आश्विन और हार्दिक पंड्या – सभी को विकेट मिले। जडेजा सबसे किफायती गेंदबाज भी रहे और उनके 10 ओवरों में मात्र 28 रन बने। हार्दिक पंड्या महँगे साबित हुए और उनके मात्र 3 ओवरों में 28 रन बने। 9वें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे स्टार्क ने 28 रनों की पारी खेल कर ऑस्ट्रेलिया की इज्जत बचाई।

24 बच्चे, सभी बीमार, शरीर पर कई जगह जख्म… उत्तराखंड का अवैध मदरसा किया गया सील, चेकिंग के दौरान प्रशासन भी रह गया हैरान

उत्तराखंड के नैनीताल में चल रहे एक अवैध मदरसे को सील कर दिया गया है। जोली कोट क्षेत्र में स्थित इस मदरसे को लेकर कुछ चौंकाने वाले खुलासे हुए, जिसके बाद वहाँ की पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। इस मदरसे में छापेमारी के दौरान प्रशासन को कई अनियमितताएँ भी मिली हैं। 2010 से ही ये मदरसा यहाँ संचालित किया जा रहा था, यानी पिछले 13 वर्षों से। जिलाधिकारी वंदना सिंह को इसके बारे में शिकायतें प्राप्त हुई थीं।

इसके बाद हल्द्वानी की सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह और तहसीलदार संजय सिंह को मौके पर भेजा गया। जब टीम यहाँ चेंकिंग के लिए पहुँची तो 24 बच्चे रहते हुए मिले। चौंकाने वाली बात ये है कि ये सभी बीमार थे। बच्चे काफी बीमार थे, लेकिन उनके इलाज के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। उनके हाथ-पाँव में चोट के निशान भी मिले हैं। बच्चों ने बताया है कि उनके साथ मारपीट की जाती थी, उनमें से कई भाग भी गए। सफाई व्यवस्था के निरीक्षण में भी कई गड़बड़ियाँ मिलीं।

सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह ने बताया कि कमरे भी गंदे थे और बच्चों के पीने के लिए साफ़ पानी तक उपलब्ध नहीं था। उनके रहने के लिए कोई साफ़ जगह नहीं थी। यहाँ तक कि उन्हें खाने के लिए भोजन तक ठीक से नहीं मिलता था। मदरसे में गन्दगी का ढेर लगा हुआ था। मदरसा सील करने के बाद सभी बच्चों के अभिभावकों को बुलाया गया है और उनके साथ छात्रों को घर भेजा जा रहा है। जाँच की जा रही है कि बच्चों के शरीर पर चोट के निशान के क्या-क्या कारण हैं।

उत्तराखंड में लगभग 50 मदरसे ऐसे बताए जा रहे हैं, जिन्हें नियम-कानून का पालन किए बिना अवैध तरीके से संचालित किया जा रहा है। हालिया दिनों में ये पहला मौका है, जब पहाड़ी राज्य में मदरसा सील करने की कार्रवाई की गई हो। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार इसे लेकर सख्त है। उत्तर प्रदेश में तो पहले ही मदरसों में राष्ट्रगान से लेकर स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में पढ़ाने का निर्णय लिया गया है। वहाँ मदरसों के सिलेबस में गणित और विज्ञान अनिवार्य है।

मिस्र में पुलिस ने इजरायल के 2 पर्यटकों को मार डाला, उनके गाइड की भी हत्या… कैबिनेट ने युद्ध की घोषणा, हमास आतंकियों के हमले में अब तक 600 मौतें

इजरायली सीमावर्ती समुदायों पर हमास के हमले से मरने वालों की अनुमानित संख्या बढ़कर लगभग 600 हो गई है। इजरायली सेना के अनुसार, रविवार (8 अक्टूबर 2023) तक इजरायल में 600 से अधिक लोग मारे गए हैं, जिनमें से 44 सैनिक भी शामिल हैं। यह संघर्ष शुक्रवार को शुरू हुआ, जब हमास ने इजरायल पर 5000 से अधिक रॉकेट दागे। इजरायल ने जवाबी कार्रवाई में गजा में हमास के ठिकानों पर हवाई हमले किए।

वहीं, इजरायली कैबिनेट ने आधिकारिक तौर पर युद्ध की घोषणा कर दी है और इस विषय से जुड़े कानून को पास कर दिया है।

सीमाई इलाकों में ज्यादा नुकसान

आतंकवादी हमलों के बाद घायलों और मृतकों को संभालने वाले स्वयंसेवी समूह जका (ZAKA) के एक प्रवक्ता ने हिब्रू मीडिया को बताया कि 600 से अधिक इजरायली मारे गए हैं। कई शव तब मिले हैं जब इजरायली सेना हमास के बंदूकधारियों के साथ लड़ाई जारी रखे हुए है, और उन्हें सीमा पर रिहायशी इलाकों से बाहर निकाल रही है। इस संघर्ष ने दोनों पक्षों के लिए एक विनाशकारी स्थिति पैदा कर दी है। इजरायल में, कई इमारतें और बुनियादी ढाँचा क्षतिग्रस्त हो गया है। गाजा और आसपास के इलाकों में हजारों लोग बेघर हो गए हैं।

स्टेट ऑफ वॉर की घोषणा

इस बीच, अब इजरायली कैबिनेट ने आधिकारिक तौर पर युद्ध की घोषणा की कर दी है। साल 1973 के बाद पहली बार इजरायल आधिकारिक तौर पर किसी युद्ध को लड़ रहा है। इजरायल की सुरक्षा कैबिनेट ने हमास के एक बड़े हमले के बाद आधिकारिक तौर पर युद्ध में जाने के लिए मतदान किया है, जो 1973 के बाद से नहीं देखा गया है।

मिस्र में दो इजरायली पर्यटकों को मारी गोली

इजराइली विदेश मंत्रालय ने कहा है कि रविवार को मिस्र के शहर अलेक्जेंड्रिया में इजराइल के दो पर्यटकों और उनके स्थानीय गाइड की गोली मारकर हत्या कर दी गई। रविवार सुबह हुए हमले में एक अन्य इजरायली घायल हो गया, जिसे इजराइली विदेश मंत्रालय ने स्थानीय’ बताया है। दशकों बाद इजरायली नागरिकों पर मिस्र की तरफ से ये पहला हमला है। दोनों में सिनाई प्रायद्वीप को लेकर हुए समझौते के बाद से युद्ध विराम लागू है।

हमास के आतंकवादियों ने किस तरह से नृशंस हत्याओं को अंजाम दिया है और हत्या करके लोगों की भावनाओं को रौंदा है, उसका एक वीडियो हमास की तरफ से ही जारी किया गया है, जिसमें आतंकियों ने एक परिवार की 18 साल की लड़की की निर्मम हत्या कर दी, फिर उस पूरे परिवार को उनके ही घर में बंधक बना लिया। गोलीबारी के समय उनकी खराब मानसिक स्थिति के बावजूद वीडियो शूट किया और फिर वायरल कर दिया। हमास की कोशिश है कि वो इजरायली लोगों के हौसलों पर चोट करे।

इजरायल के पलटवार में 400 से ज्यादा आतंकी ढेर

इजरायल रक्षा बलों के प्रवक्ता, रियर एडमिरल डैनियल हगारी का कहना है कि सेना ने कल से शुरू हुई लड़ाई के दौरान दक्षिणी इजरायल और गजा पट्टी में 400 से अधिक फिलिस्तीनी आतंकवादियों को मार डाला और दर्जनों को पकड़ लिया। उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, “इस समय तक, (किबुत्ज) कफर अजा में सेनाएं लड़ रही हैं, बड़ी संख्या में कस्बों में तलाशी चल रही है। सभी शहरों में आईडीएफ बल हैं, ऐसा कोई शहर नहीं है जिसमें आईडीएफ बल नहीं है।”

हगारी का कहना है कि आईडीएफ का मिशन गाजा सीमा पर कस्बों से सभी निवासियों को निकालना, इजरायली क्षेत्र में लड़ाई को समाप्त करना, सुरक्षा अवरोध में उल्लंघनों को नियंत्रित करना और पट्टी में आतंकवादी स्थलों के खिलाफ हमले जारी रखना है।