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निज्जर की हत्या के बाद खालिस्तानियों के पास भागी-भागी पहुँची थी FBI, चेताया – खतरा है: अमेरिकी ख़ुफ़िया एजेंसी को लेकर खुलासा, ‘5 Eyes’ मिल के कर रहे थे काम

"जून 2023 के अंत में FBI के 2 अधिकारियों ने मुझसे मुलाकात की थी। उन्होंने मुझे चेताया कि मेरे जीवन को खतरा है। हालाँकि, उन्होंने ये स्पष्ट नहीं बताया कि ये खतरा किधर से है।"

खालिस्तानियों को प्रश्रय देने के कारण कनाडा से भारत के रिश्ते तल्ख़ चल रहे हैं। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने खालिस्तानी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत का हाथ बता दिया, जिसके बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे के राजनयिक को देश से निकाला। हरदीप सिंह निज्जर कई आतंकी घटनाओं में शामिल रहा था। अब ‘The Intercept’ की एक रिपोर्ट से पता चला है कि अमेरिकी ख़ुफ़िया एजेंसी FBI के अधिकारियों ने अमेरिका में रह रहे खालिस्तानियों से मुलाकात कर के उन्हें चेताया था कि उनका जीवन खतरे में है।

हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद ‘फ़ेडरल इन्वेस्टीगेशन ब्यूरो’ के अधिकारियों ने इन खालिस्तानी आतंकियों से मुलाकात की थी। हरदीप सिंह निज्जर ‘खालिस्तानी टाइगर फ़ोर्स (KTF)’ नामक एक संगठन चलाता था। कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया स्थित सरे में एक गुरुद्वारा के बाहर 18 जून, 2023 को उसे अज्ञात हमलावरों ने मार गिराया था। ‘अमेरिकन सिख कोकस कमिटी’ के कोऑर्डिनेटर प्रीतपाल सिंह ने बताया कि कैलिफोर्निया में 2 अन्य अमेरिकी सिखों को फोन कॉल कर के और उनके घर जाकर उनसे मुलाकात कर के FBI ने चेताया था।

उन्होंने बताया, “जून 2023 के अंत में FBI के 2 अधिकारियों ने मुझसे मुलाकात की थी। उन्होंने मुझे चेताया कि मेरे जीवन को खतरा है। हालाँकि, उन्होंने ये स्पष्ट नहीं बताया कि ये खतरा किधर से है। लेकिन, उन्होंने ये सलाह ज़रूर दी कि मुझे सावधान रहना चाहिए।” 2 अन्य अमेरिकी सिखों ने भी कुछ ऐसा ही बताया। हालाँकि, अमेरिका या उसकी ख़ुफ़िया एजेंसी की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। ‘ब्रिटिश कोलंबिया गुरुद्वारा काउंसिल’ के प्रवक्ता मोनिंदर सिंह ने बताया कि कनाडा की ख़ुफ़िया एजेंसी ने भी उन्हें चेतावनी दी थी।

FBI ने कैलिफोर्निया स्थित खालिस्तानियों से मुलाकात की थी। कैलिफोर्निया के NGO ‘इंसाफ’ के को-डायरेक्टर सुखमन धामी ने बताया कि पूरे देश भर में कई सिखों को पुलिस ने खतरे को लेकर आगाह किया था। बताया जा रहा है कि ‘5 Eye’ पार्टनर अमेरिका, कनाडा, न्यूजीलैंड, यूके और ऑस्ट्रलिया ने इस संबंध में आपस में ख़ुफ़िया सूचनाओं का आदान-प्रदान किया था। वहीं कनाडा की खुफिया एजेंसी ने निज्जर की हत्या से पहले ही कुछ सिख कट्टरपंथी नेताओं से मुलाकात कर के कहा था कि उन्हें खतरा है।

बता दें कि ‘5 Eyes’ इन 5 देशों का ख़ुफ़िया गठबंधन है। इसके तहत ये एक-दूसरे के साथ इंटेलिजेंस की सूचनाएँ साझा करते हैं। इसका इतिहास द्वितीय विश्व युद्ध तक जाता है, जब अमेरिका के युद्ध में घुसने से पहले यूके के साथ उसकी ख़ुफ़िया बैठकें होती थीं। यूके के प्रधानमंत्री रहे विंस्टन चर्चिल ने सोवियत से अंग्रेजी भाषी देशों को खतरा जताया था और ऐसे गठबंधन की ज़रूरत बताई थी। पाँचों देशों की कई ख़ुफ़िया एजेंसियाँ इसके तहत साथ काम करती हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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