कॉन्ग्रेस शासित कर्नाटक में एक हिंदू तीर्थ स्थल को इस्लामी निशानों से रंगने का मामला सामने आया है। मामला कोलार का है। यहाँ ‘दक्षिण की काशी’ कहे जाने वाले श्री काशी विश्वेश्वर मंदिर के लिए प्रसिद्ध अंतरा गंगे की पहाड़ियों को एक अनवर उर्फ प्यारेजान ने हरे रंग और चाँद-तारे वाले इस्लामी निशानों से पोत डाला। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। वन विभाग की शिकायत के आधार पर पुलिस ने ये कार्रवाई की है।
क्या है मामला ?
कर्नाटक की कोलार पुलिस ने पर्यटन और तीर्थस्थल अंतरा गंगे पहाड़ियों के पत्थरों पर इस्लामी प्रतीकों का चित्र बनाने के आरोप में अनवर उर्फ प्यारेजान को गिरफ्तार किया है। वह पपराजनहल्ली के रहने वाला है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है और आरोपित से इस काम के पीछे की मंशा के बारे में पूछताछ कर रही है।
अनवर ने राज्य वन विभाग के स्वामित्व वाली जमीन को भी हरे रंग से रंग दिया था। इसे लेकर वन विभाग ने कोलार ग्रामीण पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। इसमें कहा गया है कि पत्थरों के बीच एक कमरा बनाया गया था। इसे हरे रंग से रंगा गया था। इसके साथ ही पहाड़ियों पर भी हरे रंग पर सफेद रंग से इस्लामी चाँद- सितारे का इस्लामी निशान और 786 बनाया गया था। हालाँकि ऐसा करने के पीछे उसके मकसद नहीं पता चल पाया है।
अंतरा गंगे पहाड़ियाँ कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से लगभग 70 किमी दूर यह पर्यटक और तीर्थ स्थल स्थित है। कोलार से तीन किलोमीटर दूर है। यह जगह श्री काशी विश्वेश्वर मंदिर के लिए मशहूर है। इसे दक्षिण की काशी भी कहा जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार अंतरा गंगे पहाड़ियों की गुफा में स्थित मंदिर हजारों साल पुराना है।
यह गुफा कई अन्य गुफाओं से जुड़ा हुआ है। मंदिर के प्रवेश द्वार पर पत्थर पर नक्काशी कर एक साँप उकेरा गया है। बसवा (पवित्र गाय) की मूर्ति के मुख से पूरे साल पानी निकलता रहता है। इससे यहाँ का पवित्र कल्याणी (जलस्रोत) भरता रहता है। मंदिर में प्रवेश करने से पहले तीर्थयात्री स्नान करते हैं।
हिंदुओं के लिए यह एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। यहाँ दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग आते हैं। अंतरा गंगे पड़ोसी क्षेत्रों से पर्यटकों को आकर्षित करता है। बेंगलुरु से नजदीक होने की वजह से यह यात्रियों और प्रकृति प्रेमियों के लिए भी यह एक पसंदीदा जगह है।
संसद के विशेष सत्र में 128वें संविधान संशोधन के माध्यम से लाया गया महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023) अब राज्यसभा में भी पास हो गया है। राज्यसभा में वोटिंग के दौरान इस बिल के पक्ष में सभी ने आवाज उठाई, वहीं विरोध में एक भी आवाज नहीं आई। राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने बिल के सर्वसम्मति से पास होने की घोषणा की। हालाँकि, संवैधानिक प्रावधानों के चलते औपचारिक वोटिंग कराई गई। 214 सदस्यों ने इसके पक्ष में वोट किया, जबकि विपक्ष में एक भी वोट नहीं पड़ा।
राज्यसभा में वोटिंग से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सदन में पहुँचे, इसके बाद वोटिंग की कार्यवाही पूरी की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस बिल पर चर्चा के लिए 132 सदस्य खड़े हुए, जो कि ऐतिहासिक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन करने के लिए सभी सांसदों का अभिनंदन करते हुए आभार व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला आरक्षण बिल पर जिस तरह से एकजुटता संसद में दिखी है, ये एक अप्रतिम उदाहरण की तरह याद रहेगा। पीएम मोदी ने कहा कि नारी शक्ति को सम्मान सिर्फ विधेयक पारित होने से नहीं मिल रहा, बल्कि सभी के मन में सकारात्मक सोच के होने से मिल रहा है। ये हमारे उज्जवल भविष्य की गारंटी बनने वाली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में सभी सांसदों से सर्वसम्मति से मतदान की अपील की और सभी को हृदय से धन्यवाद दिया।
वित्त मंत्री और कानून मंत्री ने सरकार की ओर से दिए जवाब
इस बिल पर सरकार की तरफ से जवाब देने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोर्चा सँभाला। उन्होंने चुन-चुन कर कॉन्ग्रेस पर हमला बोला और अतीत में की गई कॉन्ग्रेस की गलतियों को भी गिनाया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जनगणना के बाद परिसीमन होने के बाद ये कानून लागू होगा। वहीं, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भाजपा सरकार को घेरा, उन्होंने कहा कि ये कानून 9 साल में कभी भी लाया जा सकता था।
हालाँकि, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने विपक्ष के सवालों के जवाब में कहा कि जनगणना जैसा महत्वपूर्ण कार्य संपन्न होने के बाद ही इस कानून को लागू किया जा सकता है। इसके लिए 2026 तक संवैधानिक बाध्यताओं को पार करने तक हमें रुकना होगा, तभी परिसीमन हो पाएगा।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने की सरकार को घेरने की कोशिश
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि भाजपा की सरकार प्रचंड बहुमत में है। आप ने एक झटके में तमाम चीजें कर दी। नोटबंदी कर दी। लेकिन महिला आरक्षण का मुद्दा लटकाए रखा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार रोटेशन में महिला आरक्षण अभी से दे सकती थी। उन्होंने कहा कि ओबीसी कैटिगिरी की महिलाओं को भी आरक्षण दिया जा सकता था, इसके लिए संविधान में संसोधन कर प्रावधान लाया जा सकता था।
उन्होंने कहा कि तमाम असहमतियों के बावजूद मैं पूरी तरह से बिल का समर्थन करता हूँ। उन्होंने बैकवर्ड क्लास की महिलाओं को आरक्षण में शामिल न करने के लिए सरकार पर सवाल उठाया। उन्होंने सरकार से इस कानून को लागू करने के लिए तारीख भी पूछा।
महिला आरक्षण का मुद्दा भाजपा के घोषणापत्र का हिस्सा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि बहुत सोच-समझकर यह विधेयक तैयार किया है क्योंकि देखा गया है कि पूर्व की सरकारों ने भी कोशिश की लेकिन वह विफल रही। उन्होंने कहा कि लंबे समय से इसकी जरूरत महसूस की जा रही थी। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार अनुच्छेद 370 निरस्त करने का मुद्दा भाजपा के हर घोषणापत्र में रहा है, उसी प्रकार महिला आरक्षण का मुद्दा भी शामिल रहा है।
महिला आरक्षण राजनीति नहीं, आस्था का मुद्दा
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि महिला आरक्षण बिल भाजपा के लिए कभी राजनीति का विषय नहीं रहा बल्कि आस्था का मुद्दा रहा है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक ‘जुमला’ नहीं है जैसा कि कई विपक्षी सदस्यों ने आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह कानूनी प्रक्रिया है जिसमें समय लगेगा।
इससे पहले, सरकार की ओर से जवाब देते हुए वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि आखिर कब से ये कानून लागू होगा। उन्होंने कहा कि जहाँ तक महिलाओं के लिए प्रस्तावित आरक्षण के कार्यान्वयन की बात है, विधेयक के अधिनियमित होने के बाद और विधेयक के लागू होने के बाद जब भी पहली जनगणना होती है और उस जनगणना के प्रासंगिक आँकड़े प्रकाशित किए जाते हैं, तो नए सिरे से परिसीमन की भी कवायद की जाती है।
PV नरसिम्हा राव सरकार को भी दिया श्रेय
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “मैं उस समय पंचायत राज में 33 प्रतिशत आरक्षण लाने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव की सरकार को श्रेय देना चाहती हूँ। परिणामस्वरूप, हमने पंचायत स्तर पर एक जमीनी सुधार देखा है, जहाँ आज कई राज्यों द्वारा 33% आरक्षण है। इसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है, जो पंचायत स्तर पर महिलाओं के योगदान को दर्शाता है।”
जल्दबाजी की बात करने वाले पहुँच जाएंगे सुप्रीम कोर्ट
भाजपा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा कि जो लोग जल्दबाजी में महिला आरक्षण को 2024 के संसदीय चुनाव से ही लागू कराने की बात कर रहे हैं, वही ऐसे कदम के खिलाफ सबसे पहले सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे। उन्होंने कहा कि वर्ष 1991 में नरसिंह राव की सरकार ने कार्यपालक आदेश जारी कर ऊँची जाति के गरीबों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया था लेकिन उच्चतम न्यायालय ने इसे असंवैधानिक घोषित कर आरक्षण खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा, “महिलाओं को आरक्षण देने का फैसला करने और इसे लागू करने में केंद्र सरकार कोई वैधानिक त्रुटि नहीं छोड़ सकती।”
लोकसभा में प्रचंड बहुमत से पास हुआ था बिल
इससे पहले, संसद के विशेष सत्र में सबसे पहले लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पेश किया गया था। लोकसभा में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023’ 2 के मुकाबले 454 मतों से पास हो गया था। इसके साथ ही लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण दिए जाने का रास्ता अब साफ़ हो गया है। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सभी 3 कैटेगरी में, यानी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और सामान्य वर्ग महिलाओं को 33% आरक्षण मिलेगा। उन्होंने कहा कि सीटों के आरक्षण के निर्धारण का कार्य पारदर्शी तरीके से किया जाएगा।
कर्नाटक में सातवीं की छात्रा ने स्कूल में गणेश जी की पूजा क्या कर ली, महिला शिक्षक ने उसकी जमकर पिटाई कर दी। महिला शिक्षक ने छात्रा को मार-मार कर उसका हाथ तोड़ दिया। इसको लेकर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। इसके बाद आरोपित शिक्षिका को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उसे छात्रा का इलाज कराने का भी आदेश दिया गया है।
आरोपित शिक्षिका को किया गया निलंबित
मामला केजीएफ तालुका का है, जहाँ अल्लीकली ग्राम के प्राइमरी स्कूल में पढ़ने वाली सातवीं की छात्रा भाव्याश्री का हाथ उसकी शिक्षिका ने तोड़ दिया। भाव्याश्री का हाथ तोड़ने वाली शिक्षिका का नाम हेमलता है। इस मामले में छात्रा के परिजनों ने हंगामा किया और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) मुनि वेंकटरामाचारी से शिकायत दर्ज कराई तो आरोपित शिक्षिका को निलंबित कर दिया।
A 7th-grade student was beaten for performing Pooja on school premises. According to reports, the student was also verbally abused and insulted by the school principal for worshiping the Lord Ganesha statue.@KeypadGuerilla shares more details with @kritsweenpic.twitter.com/XLPGiyGNVk
ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) मुनि वेंकटरामाचारी की सिफारिश पर कोलार के सार्वजनिक शिक्षा निदेशक कृष्णमूर्ति ने महिला शिक्षिका के निलंबन का आदेश जारी किया। उन्होंने आरोपित शिक्षिका हेमलता को छात्रा के मेडिकल का खर्च भी उठाने का आदेश दिया है। इस मामले में ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने जोरदार प्रदर्शन भी किया था।
ग्वालियर में गणेश पंडाल में आरती के समय किया गया था हमला
बता दें कि मध्य प्रदेश के ग्वालियर में दो दिन पहले एक मामला सामने आया था। वहाँ, गणेश पंडाल में आरती बजाने के कारण एक हिंदू परिवार पर मुस्लिमों ने हमला बोल दिया था। इस मामले में माँ-बेटे समेत 4 लोग घायल हो गए थे। वारदात में सलमान और छोटू खान और उनके दो साथियों के नाम सामने आए थे।
उत्तर प्रदेश के लखनऊ में लव जिहाद का एक मामला सामने आया है। पहले शोएब ने सौरभ बनकर लड़की से दोस्ती की थी, इसके बाद नशीला पदार्थ पिलाकर उसके साथ रेप किया। सच्चाई सामने आने के बाद शोएब पीड़िता पर धर्मांतरण कर निकाह करने का दबाव बना रहा है। बात न मानने पर अश्लील वीडियो वायरल करने और जान से मारने की धमकी दी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला लखनऊ के महानगर थाना क्षेत्र का है। पीड़िता का आरोप है कि करीब 6 साल पहले उसकी दोस्ती एक युवक से हुई थी। बातचीत में उसने अपना नाम सौरभ बताया था। इसके बाद दोनों के बीच मुलाकात होने लगी। नवंबर 2019 में जब वह घर पर अकेली थी, तब आरोपित उसके घर कोल्ड ड्रिंक लेकर आया। कोल्ड ड्रिंक पीने के बाद वह बेहोश हो गई।
लड़की का आरोप है कि बेहोश होने के बाद सौरभ बने शोएब ने उसके साथ बलात्कार किया। इसके साथ ही उसका अश्लील वीडियो भी बना लिया। होश आने के बाद जब पीड़िता ने बलात्कार करने को लेकर सवाल किए तो वह उससे शादी का झाँसा देने लगा। इसके बाद भी उसने कई बार पीड़िता के साथ रेप किया।
फोन कॉल से सामने आया असली चेहरा
पीड़िता का कहना है कि बीते दिनों शोएब उसके घर आया हुआ था। जब वह बाथरूम में था, तभी उसके मोबाइल पर एक फोन आया। फोन उठाने वाले ने पूछा कि शोएब कहाँ है। इस पर लड़की ने कहा कि यहाँ कोई शोएब नहीं है, यह सौरभ का नंबर है। इसके बाद फोन करने वाले ने बातचीत के दौरान शोएब की पूरी सच्चाई उसे बताई।
शोएब जब बाथरूम से बाहर आया तो लड़की ने उससे सवाल किए तो वह मारपीट करने लगा। लड़की के शोर मचाने पर वह वहाँ से भाग गया। लड़की के घर से भागने के बाद शोएब ने उसे फोन किया और कहा कि उसके पास उसकी अश्लील वीडियो हैं। अगर इस बारे में किसी को कुछ भी बताया तो वह वीडियो वायरल कर देगा। इस पर पीड़िता डर गई और उसने अपने परिजनों को भी कुछ न बताने का फैसला किया।
अब शोएब लड़की पर धर्मांतरण कर निकाह करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। पीड़िता ने जब विरोध किया तो शोएब ने उसे जान से मारने की धमकी दी। साथ ही वीडियो के नाम पर ब्लैकमेल कर बलात्कार करने लगा। यही नहीं उसने कई सारे सादे कागज पर उससे साइन भी करवा लिए। शोएब की हरकतों से परेशान होकर पीड़ित लड़की ने आपबीती अपने परिजनों को सुना दी। इसके बाद परिजनों के साथ जाकर पीड़िता ने आरोपित शोएब के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।
इस मामले में महानगर पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर प्रशांत मिश्र का कहना है कि पीड़ित लड़की की शिकायत के आधार पर आरोपित शोएब के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। यह मुकदमा बलात्कार, SC/ST एक्ट, उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन अधिनियम की धारा में दर्ज हुआ है। आरोपित की तलाश की जा रही है।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर हत्या प्रकरण में कनाडा को खूब लताड़ लगाई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कनाडा आतंकियों को शरण देने वाला देश बनता जा रहा है। उन्होंने कनाडाई नागरिकों को वीजा देने पर लगाई गई रोक की भी पुष्टि की।
विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अधिकांश प्रश्न कनाडा से संबंधित थे। इस दौरान बागची से पूछा गया कि कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने अपने आरोपों से संबंधित भारत को क्या सबूत पेश किए। इस पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि कनाडा की तरफ से भारत को कोई भी जानकारी नहीं दी गई है।
पाकिस्तान द्वारा इस मामले में की गई टिप्पणी को लेकर विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया दी। MEA ने कहा कि पाकिस्तान को विश्वसनीयता की बात करने का कोई अधिकार नहीं है। पाकिस्तान द्वारा की गई बात को कोई भी गंभीरता से नहीं लेता है। पाकिस्तान की तरफ से मिल रही फंडिंग के चलते कनाडा में खालिस्तानी आतंकी फलते-फूलते हैं।
वहीं, प्रधानमंत्री मोदी द्वारा कनाडा के आरोपों पर प्रतिक्रिया को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा कि हाल ही में नई दिल्ली में सम्पन्न हुई G-20 की बैठक में कनाडा के प्रधानमंत्री ने यह मुद्दा उठाया था और प्रधानमंत्री मोदी ने इन आरोपों को ख़ारिज किया था। मंत्रालय ने कहा कि जस्टिन ट्रूडो के आरोप राजनीति से प्रेरित हैं।
#WATCH | On Visa services in Canada, MEA Spokesperson Arindam Bagchi says, "You are aware of the security threats being faced by our High Commission and Consulates in Canada. This has disrupted their normal functioning. Accordingly, our High Commission and Consulates are… pic.twitter.com/5nRL8fjeGB
विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि कनाडा के पास आतंकवाद से लड़ने की राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं है। अरिंदम बागची ने कहा कि भारत और कनाडा की एक दूसरे के देशों में राजनयिक उपस्थिति में भारी असमानता है। इसको लेकर भारत ने कनाडा से अपने राजनयिकों की संख्या घटाने के लिए कई बार कहा है।
विदेश मंत्रालय ने इस बात पर भी चिंता जताई है कि भारत द्वारा दिए गए नामों पर कनाडा कार्रवाई नहीं कर रहा है। ये नाम भारत से भागे हुए गैंगस्टर और अपराधियों के हैं। कनाडा में पढ़ रहे भारतीय छात्रों से भी विदेश मंत्रालय ने सतर्क रहने को कहा है।
राजनयिकों की सुरक्षा को लेकर भी भारत ने कनाडा से अपील की है कि वह वियना समझौते के दिशानिर्देशों को गंभीरता से पालन करे। भारत ने कनाडा में स्थित अपने दूतावासों की सुरक्षा को लेकर कहा है कि बीते कुछ दिनों से उनके कामों में खलल डाला जा रहा है, जिससे वे अपना काम नहीं कर पा रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर में पुलिस ने गुरुवार (21 सितंबर 2023) को भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी और जबरन वसूली के मामले में एक डीएसपी को गिरफ्तार किया है। आरोपित की पहचान शेख आदिल मुश्ताक के रूप में हुई। गिरफ्तारी से पहले पुलिस ने 19 सितंबर को डीएसपी के घर की तलाशी ली थी।
मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि डीएसपी शेख आदिल मुश्ताक के घर की तलाशी के दौरान पुलिस ने कुछ आवश्यक दस्तावेज जब्त किए थे। इसमें एक लैपटॉप के अलावा कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी शामिल थे। इसके बाद श्रीनगर पुलिस ने डीएसपी शेख आदिल मुश्ताक से पूछताछ की थी। अब उसे गिरफ्तार कर लिया है।
डीएसपी शेख आदिल मुश्ताक के खिलाफ श्रीनगर के नौगाम थाने में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 167, 193, 201, 210, 218, 221 और 7, 7A के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। डीएसपी की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस का कहना है कि मामले की आगे की जाँच के लिए एक विशेष टीम (SIT) का गठन किया गया है।
यह भी सामने आया है कि डीएसपी शेख आदिल के दिल्ली के कई मीडिया संस्थानों से अच्छे संबंध थे। इसके अतिरिक्त, वह जम्मू और कश्मीर पुलिस विभाग के बड़े अधिकारियों के साथ भी लंबे समय से संपर्क बनाए हुए था। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अपने घर से कूदकर भागने की कोशिश की। लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब पुलिस ने अपने ही विभाग के किसी बड़े अफसर को गिरफ्तार किया है। इससे पहले भी पुलिस के कई अधिकारी आतंकवाद समेत कई अन्य आरोपों में गिरफ्तार हो चुके हैं।
वाहन एवं अन्य कृषि उपकरण बनाने वाली भारत की मशहूर कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) ने कनाडा की कम्पनी रेसन एयरोस्पेस से अपने संबंध तोड़ लिए हैं। महिंद्रा का यह निर्णय ऐसे समय में आया है, जब भारत और कनाडा के बीच कूटनीतिक लड़ाई चरम पर है।
रेसन एयरोस्पेस में महिंद्रा एंड महिंद्रा की 11.18% हिस्सेदारी थी। अब महिंद्रा का उससे व्यापारिक संबंध खत्म हो गया। कंपनी ने इसकी जानकारी शेयर मार्केट नियामक SEBI को दी है। दरअसल, रेसन एरोस्पेस ने कनाडा में आवेदन करके अपना कारोबार बंद करने की घोषणा की है।
रेसन खेती से जुड़े टेक सॉल्यूशन बनाती थी। महिंद्रा एंड महिंद्रा भी खेती से जुड़े कई कारोबार करती है। वह खेती के उपकरण बनाने से लेकर अन्य कार्यों में संलग्न है और विश्व की सबसे बड़ी ट्रैक्टर निर्माता है। महिंद्रा अमेरिका तथा कनाडा में भी अपना ट्रैक्टर आदि बेचती है।
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, भारतीय उद्योगपति आनंद महिंद्रा के मालिकाना हक वाली महिंद्रा ने SEBI को बताया है कि उसे रेसन से कम्पनी बंद होने की सूचना मिली है। रेसन के बंद होने पर महिंद्रा को 2.8 मिलियन कनाडाई डॉलर (28.7 करोड़ रुपए) मिलेंगे।
हालाँकि, रेसन एयरोस्पेस के बंद होने से महिंद्रा एंड महिंद्रा के कारोबार पर कोई विशेष फर्क नहीं पड़ेगा। भारत और कनाडा के बीच जारी कूटनीतिक लड़ाई के बीच इस खबर को लोग दूसरे नजरिए से भी देख रहे हैं।
बता दें कि वित्त वर्ष 2022-23 में भारत और कनाडा के बीच का व्यापार लगभग 8 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा है। दोनों देशों के बीच आयात और निर्यात लगभग बराबर है। भारत, कनाडा का 10वाँ सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है जबकि कनाडा भारत का 17वाँ बड़ा व्यापारिक साझेदार है।
भारत-कनाडा की कूटनीतिक लड़ाई
18 सितम्बर 2023 को कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कनाडा की संसद में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आरोप भारत पर लगाया था। अज्ञात अपराधियों ने 18 जून 2023 को कनाडा के सरे में निज्जर की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
निज्जर की हत्या के बाद कनाडा ने सितंबर में भारत के एक राजनयिक को निष्कासित कर दिया था। इसके जवाब में भारत ने भी कनाडा के एक राजनयिक को निष्कासित कर दिया है। भारत ने कनाडा के नागरिकों को वीजा देने पर भी रोक लगा दी है और उसे आतंकियों तथा गैंगस्टरों की शरणस्थली बताया है।
लखनऊ के मोहनलालगंज से लव जिहाद का मामला सामने आया है। एक नाबालिग लड़की 17 सितंबर से लापता है। मुस्लिम युवक पर ब्रेनवॉश कर उसे भगाने का आरोप है। पीड़ित भाई के अनुसार इस युवक ने हिंदू बनकर उसकी बहन से जान-पहचान बढ़ाई थी। बाद में उससे चोरी छिपे इस्लाम का अनुसरण करवाने लगा। इसके बाद लड़की अचानक लापता हो गई।
रिपोर्ट के अनुसार आरोपित युवक बाराबंकी का रहने वाला है। पीड़ित भाई के अनुसार वह अमन बनकर उसकी बहन से मिला था। वह लखनऊ अपने रिश्तेदार के पास आया था। इसी दौरान उसकी लड़की से जान पहचान हुई थी। मामला दर्ज कर पुलिस आरोपित युवक और नाबालिग लड़की की तलाश में जुटी है।
लड़की के भाई ने पुलिस को बताया कि आरोपित युवक हाथ में कलावा बाँधता था। माथे पर टीका लगाता था। इसलिए उसकी बहन को शुरुआत में उस पर शक नहीं हुआ। दोनों की दोस्ती कुछ ही दिनों में प्यार में बदल गई। जब उसकी बहन को युवक के असली पहचान का पता चला तो उसे धक्का लगा। बावजूद दोनों के रिश्ते खत्म नहीं हुए।
लापता लड़की के भाई ने पुलिस को ये भी बताया कि शुरुआत में उन्हें अफेयर का पता नहीं था। बाद में उसकी बहन का रवैया बदलने लगा। वो हमेशा कमरा बंद कर रखती थी। कमरे की तलाशी के दौरान वहाँ से इस्लाम से जुड़ी किताबें और हिजाब मिला। इसके बाद परिजनों ने उससे पूछताछ की थी तो पता चला कि लड़की एक महीने से भी अधिक समय से नमाज पढ़ रही थी।
डीसीपी साउथ जोन विनीत जायसवाल के मुताबिक मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी लड़के की तलाश की जा रही है। पुलिस को इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस के आधार पर दोनों की लोकेशन का पता चला है। हालाँकि आरोपित की लोकेशन कोलकाता और नाबालिग लड़की की दूसरी लोकेशन मिल रही है।
दिनांक: 19 सितंबर 2019, जगह: राबड़ी देवी-लालू प्रसाद यादव का पटना स्थित बंगला। बंगले के हॉल में शानदार सोफा-कुर्सियाँ। सामने मंच सजा है। मंच पर लगी हैं महात्मा गाँधी, बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर, लोहिया, जेपी, विनोबा भावे जैसे महापुरुषों की तस्वीरें और उस मंच पर चल रहा है लौंडा नाच। सामने बैठे हैं लालू प्रसाद यादव, उनके बेटे तेज प्रताप यादव, आरजेडी के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी के अलावा राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अन्य छोटे-बड़े नेता और छुटभैये कार्यकर्ता।
लालू यादव की पसंद की कायल हुई मीडिया
मेडिकल ग्राउंड पर जेल से बाहर निकले लालू यादव के ‘राजसी’ ठाठ पर आरजेडी के कार्यकर्ता क्यों न मर-मिट जाएँ। हर तरफ वाह-वाह वाला माहौल है। मीडिया में शानदार कवरेज है। कई मीडिया वालों ने खबरें बनाई हैं। लालू यादव की ‘पसंद’ के लोग कायल हुए जा रहे हैं। हों भी क्यों न? लालू प्रसाद यादव बिहार के ‘लौंडा नाच’ का आयोजन जो करा रहे हैं। बगल में बेटा बैठा है, वो भी ‘लौंडा नाच’ का लुत्फ उठा रहा है। विधायक हों या पार्टी पदाधिकारी, सब लोटपोट हुए जा रहे हैं।
मीडिया में वाह-वाह, पुराने अंदाज वाले लालू की वापसी!
आजतक अपनी रिपोर्ट में लिखता है, “किडनी ट्रांसप्लांट के बाद स्वस्थ होने पर लालू यादव अपने पुराने अंदाज में दिख रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से उनको अलग-अलग अवतार में देखा जा रहा है। हाल ही में वो पटना के एक रेस्टोरेंट में राजस्थानी थाली का आनंद लेते दिखाई दिए थे। इससे पहले वो मुंबई के मरीन ड्राइव पर देखे गए। लालू पटना के बाहर कई मंदिरों में जाकर माथा भी टेक रहे हैं।” अब इस पर कुछ कहने की जरूरत ही क्या है, ये लालू प्रसाद यादव का अंदाज भी रहा है।
भाजपा ने बोला हमला
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता लिखते हैं, “ये बढ़िया राजनीति है… महात्मा गाँधी, बाबासाहेब अंबेडकर, राम मनोहर लोहिया की तस्वीर लगाकर लौंडा नाच करवाइए और बेटे के साथ बैठकर देखिए… गाँधीजी और अंबेडकर जी आज होते तो शर्म से आँखें नीची कर लेते, लेकिन परिवारवादियों और भ्रष्टाचारियों के लिए ये सब ठीक काम है?”
ये बढ़िया राजनीति है…महात्मा गांधी, बाबा साहेब अंबेडकर, राम मनोहर लोहिया की तस्वीर लगाकर लौंडा नाच करवाइए और बेटे के साथ बैठकर देखिये… गांधीजी और अंबेडकर जी आज होते तो शर्म से आंखें नीची कर लेते, लेकिन परिवारवादियों और भ्रष्टाचारियों के लिये ये सब ठीक काम है?@amitmalviya… pic.twitter.com/UtQ6P7lMG7
उत्तर प्रदेश की भाजपा नेता रिचा राजपूत लिखती हैं, “लालू यादव के घर पर आयोजित हुआ भव्य लौंडा नाच सांस्कृतिक कार्यक्रम… सैफई महोत्सव से प्रेरित कार्यक्रम में अंबेडकर सहित कई महान हस्तियों की फोटो लगी हुई थी लालू जी राबड़ी के और तेज प्रताप यादव पूरा आनंद लेते हुए …”
लालू यादव के घर पर आयोजित हुआ भव्य लौंडा नाच सांस्कृतिक कार्यक्रम.. सैफई महोत्सव से प्रेरित कार्यक्रम में अंबेडकर सहित कई महान हस्तियों की फोटो लगी हुई थी लालू जी रावड़ी के और तेज प्रताप यादव पूरा आनंद लेते हुए … pic.twitter.com/7SXT8gveJO
लालू प्रसाद यादव के लौंडा नाच के आयोजन के वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल भी हो रहे हैं। लोग भी अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं। अजीत कुमार लिखते हैं, “लालू यादव का ये वीडियो 19 सितंबर 2023 का बताया जा रहा है। कहा जा रहा कि 19 सितंबर को राबड़ी आवास पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। फिलहाल ‘लौंडा डांस’ का आनंद लीजिए…”
लालू यादव का ये वीडियो 19 सितंबर का बताया जा रहा है. कहा जा रहा कि 19 सितंबर को राबड़ी आवास पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. फिलहाल 'लौंडा डांस' का आनंद लीजिए… pic.twitter.com/z1w0myV63u
बिहार में लौंडा नाच एक पारंपरिक लोक नृत्य है, जो पुरुषों द्वारा किया जाता है। इस नृत्य में पुरुष कलाकार महिलाओं के कपड़े पहनते हैं और महिलाओं की तरह नाचते और गाते हैं। लौंडा नाच एक मनोरंजक और आकर्षक नृत्य है। यह नृत्य बिहार की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को दर्शाता है।
लौंडा नाच बिहार में काफी मशहूर है। ये मुख्य रूप से बिहार के भोजपुरी क्षेत्र में लोकप्रिय है। यह नृत्य अक्सर त्योहारों और समारोहों के दौरान किया जाता है। लौंडा नाच के कई कलाकार हैं, जो इस नृत्य को पेशेवर रूप से करते हैं। हालाँकि इसका चलन अब तेजी से कम होता जा रहा है।
वैसे, लौंडा नाच को लेकर कुछ विवाद भी हैं। कुछ लोग इस नृत्य को अश्लील और अपमानजनक मानते हैं और कुछ लोग इसे लोक कला बताकर इसका प्रचार-प्रसार करते हैं। ज्यादातर लोग इस नृत्य को बिहार की एक अनूठी और समृद्ध संस्कृति का हिस्सा मानते हैं।
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने जून 2023 में मारे गए खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आरोप भारत पर मढ़ा था। ट्रूडो ने निज्जर को कनाडाई नागरिक बताते हुए हत्या को कनाडा के आंतरिक मामलों में भारत का हस्तक्षेप बताया था। इसके कनाडा ने भारत के एक राजनयिक को भी कनाडा से निष्कासित कर दिया था। इसका भारत ने भी कड़ा जवाब दिया था।
इस प्रकरण के कारण भारत और कनाडा के राजनयिक सम्बन्ध खराब हो गए हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि ट्रूडो ने भारत और कनाडा के रिश्तों को एक ऐसे खालिस्तानी आतंकी के लिए ताक पर रख दिया, जिसके प्रत्यर्पण की माँग भारत लंबे समय से कर रहा था। अब निज्जर के बेटे ने कहा है कि उसका पिता सप्ताह में दो-तीन बार कनाडा की ख़ुफ़िया एजेंसियों के अधिकारियों से मिलता था।
दैनिक ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि हरदीप सिंह निज्जर के पुत्र बलराज निज्जर ने यह भी स्वीकार किया है कि अपनी हत्या से एक-दो दिन पहले भी उसके पिता कनाडा की ख़ुफ़िया एजेंसी के अधिकारियों से मिला था। बलराज ने बताया कि कनाडा की पुलिस ने निज्जर को चेताया था कि उसकी जान को खतरा है।
कनाडा की सुरक्षा एजेंसियों का खालिस्तानी आतंकी निज्जर के साथ मिलकर काम करना दिखाता है कि कनाडा की सरकार भारत विरोधी तत्वों को शरण प्रदान कर रही है। इसके अतिरिक्त यह भी स्पष्ट हो रहा है कि कनाडा भारत के वांछित अपराधी की लगातार सेवा कर रहा था।
ये बात भी सामने आई है कि कनाडा ने निज्जर को नागरिकता तब दी थी, जब उसके विरुद्ध वर्ष 2014 में इन्टरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। इस बात की पुष्टि कनाडा सरकार में मंत्री मार्क मिलर ने की है। मार्क मिलर ने ट्वीट करके यह करके जानकारी दी कि निज्जर को 3 मार्च 2015 में कनाडा की नागरिकता दी गई थी।
I can confirm that Hardeep Singh Nijjar became a Canadian citizen on March 3, 2015. I hope this dispels the baseless rumours that he was not a Canadian. #cdnpoli
गौरतलब है कि निज्जर के विरुद्ध वर्ष नवम्बर 2014 में पहला रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। दैनिक ट्रिब्यून ने यह जानकारी दी है कि यह रेड कॉर्नर नोटिस उसके विरुद्ध पटियाला में पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज किए गए मामले में जारी किया गया था।
निज्जर को नागरिकता दिए जाने के एक वर्ष बाद यानी साल 2016 में भी उसके विरुद्ध रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। दोनों ही मौकों पर कनाडा ने भारत को कोई सहयोग नहीं दिया और हरदीप निज्जर समेत अन्य खालिस्तानी आतंकियों को बचाता रहा।
हरदीप निज्जर का नाम वर्ष 2018 में पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा ट्रूडो को सौंपी गई सूची में भी था, लेकिन उस पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब जबकि उसकी हत्या बेनाम हत्यारों ने कर दी तो ट्रूडो भारत पर आरोप लगा रहे हैं।
निज्जर वर्ष 1997 में भारत से भाग कर कनाडा गया था। उसने इसके ‘रवि शर्मा’ नाम के एक फर्जी पासपोर्ट का उपयोग किया था। उसने कनाडा में पहुँच कर नागरिकता के लिए भी आवेदन किया था जो कि रद्द हो गया था।
निज्जर ने इसके रद्द होने के पश्चात एक कनाडाई महिला से शादी की थी, इसी महिला ने निज्जर को कनाडा आने में सहायता की थी। हालाँकि इस आधार पर उसकी नागरिकता रद्द कर दी गई थी। इसके पश्चात वह कनाडा में बिना नागरिकता के कई वर्षों तक रहा है।
कनाडा के मंत्री मार्क मिलर ने निज्जर को वर्ष 2015 में नागरिकता दिए जाने वाली बात को लेकर बाद में स्पष्टीकरण जारी किया है। मार्क मिलर ने अब एक ट्वीट में कहा है कि उनसे गलती से वर्ष 2015 की तारीख निकल गई, निज्जर को असल में नागरिकता 2007 में दी गई थी।
Mr. Nijjar became a Canadian citizen on May 25, 2007, earlier than I stated below. The error in dates is my responsibility to assume. Again, nothing justifies the killing of Mr. Nijjar. https://t.co/d5mv69HScC
इन सब प्रकरणों से स्पष्ट है कि कनाडा भारत पर आरोप लगाकर अब स्वयं ही समस्या में फंस गया है। उसके ऊपर खालिस्तानियों को शरण देने, उन्हें कानूनी रूप से बचाने और भारत विरोधी गतिविधियों को संचालित करने में सहायता करने के आरोप लगातार दृढ़ होते जा रहे हैं।
इस बीच भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि कनाडा को इस बात की चिंता करनी चाहिए कि उसकी छवि आतंकियों, गैंगस्टर और चरमपंथियों की शरणस्थली के रूप में बन रही है।