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‘मंत्री को देख PM मोदी गुस्से में, प्लेन से नहीं उतरे… उपराष्ट्रपति से हुए खुश’ – मोहम्मद जुबैर ने फैलाई फर्जी खबर, फैक्ट चेक के नाम पर माँगता है भीख

प्रधानमंत्री मोदी जब BRICS समिट में हिस्सा लेने दक्षिण अफ्रीका पहुँचे तो वहाँ का कोई छोटा मंत्री उनकी स्वागत में एयरपोर्ट पर आया। पीएम मोदी को गुस्सा आ गया। वो प्लेन से उतरे ही नहीं। जब दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति ने उपराष्ट्रपति को एयरपोर्ट भेजा तो प्रधानमंत्री मोदी प्लेन से नीचे उतरे।

यह एक खबर है। खबर फेक है। एक आदमी है, नाम है – मोहम्मद जुबैर। खुद को फैक्ट चेकर कहता है। इसने ही यह फेक खबर भारत में फैलाई। अपने चंटू-बंटू को खुश करने के लिए दक्षिण अफ्रीका के एक झंडु से वेबसाइट Daily Maverick का लिंक और उसकी बनाई खबर को भी शेयर किया।

जब ट्वीट “according to” ही होगा तो फैक्ट चेक के नाम पर क्यों माँगते हो भीख?

मोहम्मद जुबैर जो नहीं कर पाया, वो था फैक्ट चेक। ना तो भारत का सरकारी पक्ष जानने की कोशिश की, ना ही दक्षिण अफ्रीका का… लेकिन कहलाता है वो फैक्ट चेकर।

PM मोदी प्लेन से कब और कैसे उतरे?

भारत सरकार से जुड़ी खबर है तो देखते हैं कि प्रधानमंत्री के ऑफिस ने क्या कुछ कहा है, इस घटना को लेकर। 22 अगस्त को 6 बजकर 27 मिनट पर प्रधानमंत्री ऑफिस ने जो ट्वीट किया है, उसके अनुसार दक्षिण अफ्रीका के उप-राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी का एयरपोर्ट पर स्वागत किया।

कट्टर इस्लामी मानसिकता के कारण अपने ही देश भारत और यहाँ की सरकार से नफरत करने वाला मोहम्मद जुबैर शायद इस ट्वीट को न देख पाया हो। पूरे दिन की 5 बार नमाज पढ़ने में ज्यादा समय लग गया होगा, इसलिए शायद 23 अगस्त को किए अपने ट्वीट में भी उसने बिना फैक्ट चेक किए ही फेक न्यूज फैला दी।

घटना चूँकि दक्षिण अफ्रीका में हुई है, इसलिए वहाँ की सरकार का भी जरा पक्ष जान लेते हैं। दक्षिण अफ्रीकी उपराष्ट्रपति के प्रवक्ता वुकानी एमडे ने Daily Maverick वेबसाइट में छपी खबर को फेक खबर बताया। फैक्ट को चेक करने के लिए मोहम्मद जुबैर यहाँ तक भी नहीं पहुँच पाया।

AltNews: फैक्ट चेकर नहीं, फेक न्यूज प्रचारक

जहाँ की घटना है, वहाँ से कोई आई सूचना को क्रॉस चेक नहीं किया। जिससे संबंधित घटना है, उससे बात करने या उसका पक्ष जानने की कोशिश नहीं की। फिर किस आधार पर फैक्ट चेक करते हो? इस्लाम की कट्टर विचारधारा में ऐसी ही ट्रेनिंग होती होगी शायद – अपने ही देश से नफरत करो, अपने ही लोगों को मूर्ख बनाओ, अपने ही लोगों को टोपी पहना कर उनसे पैसे ऐंठ लो, खुद उनके पैसे पर ऐश करो।

“हम AltNews हैं, हम फैक्ट चेक करते हैं, हमें पैसा दो” – हर महीने ऐसा रोना रोने वाला मोहम्मद जुबैर खुद कितना बड़ा फेक न्यूज प्रचारक है, यह खबर एक छोटा सा उदाहरण भर है। गिनती कितना करे कोई? 2 साल पहले ऑपइंडिया ने इसके 35 फेक खबरों की लिस्ट बनाई थी। कट्टर इस्लामी मानसिकता और वामपंथी कौम वाले चंटू-बंटू अगर इस लिस्ट को पढ़ लेते तो इसके बहकावे में नहीं आते, अपनी गाढ़ी कमाई इस पर नहीं लुटाते।

जून में पुतिन से बगावत, अगस्त में ​विमान हादसे में मौत: जानिए कौन थे रूस के वैगनर आर्मी के चीफ येवगेनी प्रिगोझिन

रूस में एक विमान हादसे में येवगेनी प्रिगोझिन (Yevgeny Prigozhin Dead in plane crash) की मौत हो गई है। वे वैगनर आर्मी (Wagner Group) के चीफ थे। रूस की इसी प्राइवेट आर्मी ने इस साल जून के अंत राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) के खिलाफ बगावत की थी। पुतिन ने इसे ‘पीठ में छुरा घोंपना’ बताया था।

रिपोर्टों के अनुसार प्रिगोझिन बुधवार (23 अगस्त 2023) को मॉस्को से सेंट पीटर्सबर्ग जा रहे थे। लेकिन उनका विमान मॉस्को के उत्तर-पश्चिम में स्थित गाँव कुजेनकीनो में गिर गया। विमान में कुल 10 लोग सवार थे। हादसे में सभी की मौत हो गई। हादसे के कारणों का अभी पता नहीं चला है। एजेंसियाँ जाँच में जुटी हैं।

रूस की आधिकारिक न्यूज़ एजेंसी TASS (तास) के मुताबिक हादसे के समय विमान में चालक दल के 3 सदस्यों सहित कुल 10 लोग सवार थे। करीब आधे घंटे की उड़ान के बाद विमान में आग लग गई और यह एक खेत गिर गया। मृतकों में दिमित्री उत्किन का भी नाम है। दिमित्री वैगनर आर्मी के सह-संस्थापक और शीर्ष कमांडर थे।

जून 2023 में येवगेनी पर पुतिन के खिलाफ तख्तापलट की साजिश रचने का आरोप लगा था। तब उनके भाड़े के सैनिकों ने रूस के कुछ शहरों पर कब्जे का दावा किया था। येवगेनी ने रूस के रक्षा मंत्रालय पर भी आम लोगों की सेना द्वारा हत्या कराए जाने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन येवगेनी की इस हरकत से काफी नाराज बताए गए थे। उन्हें कड़ी सजा देने की बात कही थी। लेकिन जून 2023 में ही बेलारूस की मध्यस्थता में हुए एक समझौते में येवगेनी पर दर्ज केस वापस लेने की बात कही गई थी।

कभी पुतिन के ‘रसोइया’ भी थे येवगेनी प्रिगोझिन

येवगेनी प्रिगोझिन जिस वैगनर आर्मी के मुखिया थे उसमें करीब 25 हजार सैनिक शामिल हैं। जून 2023 की बगावत से पहले उनके पुतिन से भी करीबी रिश्ते थे। दोनों का गृहनगर सेंट पीटर्सबर्ग ही था।

प्रिगोझिन शुरुआती जीवन में कई अपराधों में संलिप्त रहा था। 1981 में डकैती और लूटपाट में उसे 13 साल की जेल की सजा मिली थी। लेकिन 1990 में रिहा कर दिया गया। इसके बाद उसने हॉट-डॉग स्टैंड लगाया था। उसे कई केटरिंग कॉन्ट्रैक्ट्स मिले। 1995 में उसने रेस्टोरेंट खोलने का निर्णय लिया। सेंट पीटर्सबर्ग के वासिलिव्स्की द्वीप स्थित उसके रेस्टोरेंट का इतना नाम हुआ कि पुतिन भी यहाँ आने लगे।

यहीं दोनों का संपर्क हुआ। इसके बाद प्रिगोझिन को ‘पुतिन का शेफ’ कहा जाने लगा। पुतिन ने प्रिगोझिन की कई जगह लोन आदि लेने में मदद की। इसके बाद उसने वैगनर फौज बनाई। कहा जाता है कि रूस में प्राइवेट आर्मी बनाने का सुझाव उसने ही पुतिन को दिया था।

‘विक्रम’ से बाहर निकला ‘प्रज्ञान’, शुरू किया ‘मून वॉक’: ‘चंद्रयान 3’ खोलेगा चाँद के कई राज़

चंद्रयान-3 ने चाँद के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग कर ली है। सफल लैंडिंग के बाद चंद्रयान मिशन का अगला काम अब रोवर करेगा। रोवर चाँद की सतह पर घूमेगा और वहाँ मौजूद रसायन और खनिज सहित सतह से जुड़ी डेटा और तस्वीरें भारत को भेजेगा। इससे चाँद को और गहराई से समझने में मदद मिलेगी।

साउथ पोल पर लैंडिंग के साथ ही चंद्रयान-3 ने इसरो को चंद्रमा की सतह की तस्वीरें भेजीं। ISRO ने इन तस्वीरों को शेयर किया है। ये तस्वीरें लैंडर के हॉरिजॉन्‍टल वेलॉसिटी कैमरा ने ली थीं। चंद्रमा पर पहुँचा यान और

लैंडर मॉड्यूल के चाँद के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग के साथ भारत पहला देश बन गया, जिसने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर यान उतारा है। लैंडिंग सफल होते ही बेंगलुरु स्थित इसरो के मिशन ऑपरेशंस कॉम्‍प्‍लेक्‍स में बैठे वैज्ञानिकों समेत पूरा देश खुशी से झूम उठा।

प्रधानमंत्री बोले- घर जश्न में जश्न शुरू

चंद्रयान 3 के मॉड्यूल की सफल लैंडिंग के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नया इतिहास बनते ही हर भारतीय जश्न में डूब गया है, हर घर में उत्सव शुरू हो गया है।

अब लैंडर विक्रम से रोवर प्रज्ञान के बाहर निकलकर अपना काम शुरू कर चुका है। ये चाँद के साउथ पोल का हाल बताएँगे। चंद्रयान-3 मिशन भारत ही नहीं, पूरी दुनिया के लिए बेहद अहम है। पृथ्वी के इकलौते प्राकृतिक उपग्रह, चंद्रमा के बारे में हमें बेशकीमती जानकारी मिल रही है।

अब सुब्रमण्यम स्वामी का केस लड़ेंगे कपिल सिब्बल, तजिंदर बग्गा से मुकाबले के लिए एक हुए दोनों नेता: मानहानि का है मामला

अब तक दो ध्रुवों पर खड़े रहने वाले सुब्रमण्यम स्वामी और कपिल सिब्बल एक साथ आ गए हैं। दिग्गज कॉन्ग्रेसी नेता रहे कपिल सिब्बल अब तक सुब्रमण्यम स्वामी के सामने कोर्ट में खड़े रहते थे। चाहे वह राहुल गाँधी के खिलाफ मामला हो या 2जी जैसे केस। अब तजिंदरपाल सिंह बग्गा द्वारा मानहानि के मामले में स्वामी का केस सिब्बल लड़ेंगे।

बार एंड बेंच की खबर के मुताबिक, सुब्रमण्यम स्वामी नेशनल हेराल्ड केस में राहुल गाँधी और सोनिया गाँधी के खिलाफ केस लड़ रहे हैं। इस मामले में स्वामी के खिलाफ कोर्ट में कपिल सिब्बल कोर्ट हैं। अब भाजपा नेता तजिंदरपा सिंह बग्गा के आरोपों को लेकर वे कोर्ट में सुब्रमण्यम स्वामी का पक्ष रखेंगे।

कपिल सिब्बल की तरफ से दिल्ली हाईकोर्ट को अर्जी दी गई है कि वह कोर्ट में सुब्रमण्यम स्वामी का पक्ष रखेंगे। सिब्बल ने कोर्ट से अभी कहा कि वह अभी आर्टिकल 370 के मामले में बहस कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें हाईकोर्ट में पेश होने की मोहलत दी जाए। इसके बाद कोर्ट ने इस मामले में 4 अक्टूबर की अगली तारीख दी है।

बता दें कि एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर सुब्रमण्यम स्वामी ने आरोप लगाया था तजिंदर बग्गा भाजपा में शामिल होने से पहले कई बार जेल जा चुके हैं। इसके बावजूद, उन्हें भाजपा ने पद दिया है। इस मामले में बग्गा ने कानूनी कार्रवाई की बात कही थी और स्वामी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का केस दर्ज कराया था।

ट्रायल कोर्ट ने स्वामी को समन जारी किया था। इसके बाद स्वामी ने इसे दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। 4 अप्रैल 2023 को हाईकोर्ट ने समन पर रोक लगा दिया। इस मामले में अब जस्टिस दिनेश कुमार शर्मा की कोर्ट में सुनवाई हो रही है। हालाँकि, इस मामले में अब 4 अक्टूबर 2023 को कपिल सिब्बल अपने मुवक्किल सिब्बल का पक्ष रखेंगे।

K सिवन के वो आँसू, PM मोदी द्वारा सांत्वना और इंतजार का फल… ‘चंद्रयान 3’ की सफल लैंडिंग पर बोले पूर्व ISRO प्रमुख – हमारे साथ रही सरकार

भारत चन्द्रमा की दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है। ‘चंद्रयान 3’ की सफलता से पूरा देश उत्साह में है। लेकिन, इसी बीच हमें थोड़ा सा इतिहास को भी याद करने की ज़रूरत है। याद कीजिए, जब एक ऐसा पल आया था जिसने देश को रुला भी दिया था लेकिन साथ ही ये एहसास भी दिलाया था कि देश इसके बाद फिर से उठ खड़ा होगा और अपना अधूरा कार्य पूरा करेगाव् ज़्यादा पीछे नहीं, चलते हैं 27 जून, 2023 को। तब ‘चंद्रयान 2’ सुर्ख़ियों में था।

हुआ यूँ कि कुछ इसी तरह सारा देश ‘चंद्रयान 2’ के चाँद पर लैंड करने की प्रार्थना करने में लगा हुआ था। लेकिन, खबर आई कि ISRO का लैंडर ‘विक्रम’ से संपर्क टूट गया है। तब पीएम मोदी ने वैज्ञानिकों से कहा था कि आप सब अपनी योजनाओं के अनुसार चले पर हम चाँद पर लैंड नहीं कर पाए, लेकिन उन्हें पूरा भरोसा है कि देश के अंतरिक्ष क्षेत्र का सर्वश्रेष्ठ आना अभी बाकी है। इसके बाद जैसे ही वो इसरो के तत्कालीन मुखिया के सिवन से हाथ मिलाने के लिए आए, वो भावुक हो गए और अपनी भावनाओं को रोक नहीं पाए।

उनकी आँखों में आँसू देखते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न सिर्फ उन्हें गले लगाया, बल्कि उनकी पीठ थपथपा कर उन्हें सांत्वना दी। पीएम मोदी ने तब कहा था कि आज भले ही हम चाँद पर लैंड नहीं हो पाए, लेकिन इससे चन्द्रमा पर लैंड होने की हमारी प्रतिबद्धता और मजबूत हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश वैज्ञानिकों के साथ हैं। अब जब ‘चंद्रयान 3’ चाँद पर लैंड हो गया है, के सिवन फूले नहीं समा रहे हैं। उन्होंने जो शुरुआत की थी, जो एस सोमनाथ (मौजूदा ISRO प्रमुख) के नेतृत्व में अंजाम मिला है। सुखद अंजाम।

इस सफलता पर K सिवन ने कहा, “हम इस अभूतपूर्व सफलता को देख कर खासे प्रसन्न हैं। ये वो सफलता है, जिसका हम पिछले 4 वर्षों से इंतजार कर रहे थे। ये न सिर्फ हमारे लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक मधुर समाचार है। मैं काफी खुश हूँ कि लैंडिंग सफलतापूर्वक पूरा हो गया। मैं पूरे देशवासियों को बधाई देना चाहूँगा। सरकार ने हमारा पूरा समर्थन किया। वो भी इस ख़ुशी के क्षण को देख कर खुश है। ‘चंद्रयान 3’ सिर्फ भारत के लिए ही नहीं है, दुनिया भर के वैज्ञानिक इसके डेटा का विश्लेषण करेंगे। ये वैश्विक हित के लिए है।”

चाँद पर चंद्रयान, कॉन्ग्रेसियों के पिछवाड़े में रॉकेट: PM मोदी को दे रहे गाली, बता रहे पनौती

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के मून मिशन चंद्रयान-3 ने बुधवार (23 अगस्त 2023) की शाम को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग कर नया इतिहास रच दिया है। इसके साथ ही भारत दुनिया का पहला ऐसा देश बन गया है, जिसने चंद्रमा के साउथ पोल की सतह पर लैंडिंग की है। ये गौरवपूर्ण पल देश के लिबरल और लेफ्ट गैंग को पचाए नहीं पच रहा है।

मोदी सरकार की इस उपलब्धि से इस गैंग को मिर्ची लग गई है। मिशन की सफलता के तुरंत बाद पीएम मोदी ने दक्षिण अफ़्रीका से इसरो चीफ एस सोमनाथ को फोन कर बधाई दी। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर ऐसे मीम्स और ट्वीट्स की बाढ़ आ गई हैं, जिसके जरिए इस उपलब्धि को हँसी में उड़ाने की कोशिश की जा रही है।

भारत की इस कीर्तिमान का किसी ने ये कहकर मजाक उड़ाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी टेलिप्रॉम्प्टर से भी ISRO का पूरा नाम नहीं बता सकते, तो किसी ने ये कहा मोदी के ड्रामेबाजी वाली चिल्लाहट इसरो निदेशक के 5 सेकंड के भाषण से अधिक महत्वपूर्ण थी।

चंद्रयान-3 मिशन की कामयाबी के बाद लिबरल और लेफ्ट गैंग के फैन्स पीएम मोदी को लगातार ट्रोल कर रहे हैं। ‘स्प्रिट ऑफ कॉन्ग्रेस’ नाम के एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल से पोस्ट किया, “मैं शर्त लगाता हूँ कि मोदी टेलिप्रॉम्प्टर से भी इसरो का पूरा नाम नहीं बता सकते।” इसके साथ एड्रेस करते हुए पीएम मोदी की फोटो लगाई गई है।

स्प्रिट ऑफ कॉन्ग्रेस हैंडल से दूसरा पोस्ट किया गया, “सफल लैंडिंग का पूरा श्रेय मोदी को जाता है कि उन्होंने इसरो के पास जाकर इसे बर्बाद नहीं किया।” इसमें पीएम मोदी को प्लेन में जाते हुए दिखाते हुए मीम्स के साथ लिखा गया है कि ‘इसरो ने इस बार पनौती को निमंत्रण नहीं दिया’।

महुआ मोइत्रा फैन्स ने एक्स पर पोस्ट किया, “इसरो चीफ ने 16 सेकेंड्स के लिए बात की, मोदी ने 16 मिनट तक बात की।” इसके साथ ही मशहूर अमेरिकी एक्टर और कॉमेडियन स्टीव हार्वे की फोटो लगाई गई है।

रोशन राय नाम के एक्स अकाउंट से पोस्ट किया गया, “मोदी की नाटकीय चिल्लाहट इसरो निदेशक के 5 सेकंड के भाषण से अधिक महत्वपूर्ण थी।”

रिया नाम के अकाउंट से पोस्ट किया गया कि ‘चंद्रयान-3 की सफल लैंडिग के बाद मोदी जी कुछ ऐसे होंगे- मुझे पूरा क्रेडिट चाहिए।’

बदलाव की आँधी हैंडल से पोस्ट किया गया, “अंधभक्तों के साथ-साथ अब गोदी मीडिया भी करेगा ये भजन”। इस पोस्ट में पीएम मोदी की फोटो लगाकर उन्हें चंद्रमा पर चंद्रयान 3 रखते हुए दिखाया गया है। साथ ही लिखा गया है ‘अंधभक्तों के मुताबिक’।

चाँद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करना इतना कठिन क्यों? – ‘चंद्रयान 3’ ने वो किया जो आज तक कोई देश नहीं कर पाया, चंद्रमा के ‘साउथ पोल’ को लेकर आपके सारे सवालों के जवाब

भारत के ‘चंद्रयान 3’ (Chandrayaan 3) ने चाँद की सतह पर सफलतापूर्वक लैंडिंग की है, ये तो बड़ी खबर है ही लेकिन इससे भी बड़ी खबर ये है कि ये लैंडिंग चाँद (Moon) के दक्षिणी ध्रुव (South Pole) पर हुई है। ऐसा इसीलिए, क्योंकि आज तक दुनिया का कोई भी देश चन्द्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करने में सफल नहीं हो पाया था। ये पहली बार है जब भारत ने, ISRO ने ये कारनामा कर दिखाया है। आपके मन में ये सवाल ज़रूर उठ रहा होगा कि आखिर चाँद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करना इतना कठिन क्यों है? आइए, जानते हैं ये एक बड़ी उपलब्धि क्यों हैं।

चाँद के सतह के अधिकतर हिस्सों में सूर्य का प्रकाश नियमित रूप से आता-जाता रहता है और अँधेरा भी इसी हिसाब से आता-जाता रहता है। लेकिन, बात जब चाँद के दक्षिणी ध्रुव की आती है तो यहाँ सूर्य का प्रकाश एक अलग एंगल से पहुँचता है। इससे चाँद पर जो गड्ढे बने हुए हैं, जिन्हें हम Lunar Craters कहते हैं, उनकी लंबी-लंबी छाया बनती है। इनमें से कुछ गड्ढे तो ऐसे हैं, जो हमेशा अँधेरे में ही रहते हैं। इसका कारण है – उनके भीतर सूर्य का प्रकाश पहुँच ही नहीं पाता है।

सूर्य का प्रकाश गड्ढों की पेंदी तक नहीं पहुँच पाता है और इस कारण चाँद के दक्षिणी ध्रुव पर ये बड़े-बड़े गड्ढे हमेशा अँधेरे में ही रहते हैं। ये भी पता चला है कि उनके भीतर जमे हुए बर्फ के टुकड़े भी हो सकते हैं, जो करोड़ों वर्षों से उसके भीतर ही कैद हों। ‘चंद्रयान 1’ और ‘चंद्रयान 2’ के माध्यम से पता चला था कि चाँद की सतह पर हाइड्रोक्सिल (OH) मौजूद है। साथ ही वहाँ पानी के निशान भी मिले थे। अंतरिक्ष में पानी खोजना सोना खोजने से भी ज़्यादा कीमती माना जाता है। ये हर अंतरिक्ष खोज के विषय में रहता ही रहता है।

सीधे शब्दों में चाँद के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग कठिन है। सॉफ्ट लैंडिंग का अर्थ है, गति को नियंत्रण में रखते हुए एकदम धीमे से लैंडिंग कराना, जिससे स्पेसक्राफ्ट को किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुँचे। पूरे चाँद पर इसे सफल बनाना कठिन है। NASA का ‘अपोलो’ और सोवियत रूस का ‘सर्वेयर’ चाँद के इक्वेटर के पास लैंड हुआ था। वहाँ सतह सामान्यतः सपाट है। जबकि चाँद का दक्षिणी ध्रुव ऊबर-खाबड़ है। इसीलिए भी वहाँ लैंडिंग कठिन है।

चाँद का दक्षिणी ध्रुव कठोर है, ऊबड़-खाबड़ है, वहाँ गड्ढे हैं, जमीन में कई जगह खाई बनी हुई है, सूर्य का प्रकाश सही से नहीं आता है। साथ ही वहाँ तापमान -230 डिग्री सेल्सियस तक भी गिर जाता है। रूस का ‘लूना 25’ भी यहाँ लैंड करने में विफल रहा था। आपके मन में ये सवाल भी उठ सकता है कि क्यों न चाँद के आसान से हिस्से पर लैंड किया जाए और वहाँ से रोवर को चल कर दक्षिणी ध्रुव तक भेजा जाए? नहीं। ये फ़िलहाल संभव नहीं है। इसका कारण है – रोवर की इतनी ज़्यादा सेल्फ-लाइफ नहीं है।

दूसरा कारण – चाँद की सतह भी ऐसी है कि उस पर चलना ठीक नहीं है। उस सतह पर गाड़ी चलाना कठिन है, तो समझ लीजिए कि रोवर भला कैसे चलेगा। एक और कारण – दोनों ध्रुवों के बीच दूरी बहुत ही ज़्यादा है। चाँद के साउथ पोल पर प्राचीन काल में करोड़ों वर्ष पहले क्या समुद्र हुआ करते थे? या फिर वहाँ कोई ज्वालामुखी भी रही होगी। वहाँ बर्फ के मॉलिक्यूल ‘चंद्रयान’ को मिले थे। ऐसे में अब ‘चंद्रयान 3’ कई और बड़े खोज कर सकता है, जिससे दुनिया भर में भारत का डंका बजेगा।

बॉयफ्रेंड ने एंकर सलमा सुल्ताना की कर दी थी हत्या, 5 साल से थी लापता: दारू ने खोली पोल, हर महीने की EMI पेमेंट था षड्यंत्र

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की न्यूज एंकर सलमा सुल्ताना अक्टूबर 2018 में लापता हो गई थीं। इस मामले में खुलासा हुआ है कि बॉयफ्रेंड मधुर साहू ने सलमा की गला घोंटकर हत्या कर दी थी और दोस्तों के साथ मिलकर शव को दफना दिया था। पुलिस ने 2 दिन तक चली खुदाई के बाद 22 अगस्त 2023 को सलमा का कंकाल बरामद कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने 3 आरोपितों को गिरफ्तार भी किया है।

क्या है मामला

कोरबा जिले के कुसमुंडा की रहने वाली 18 वर्षीय सलमा सुल्ताना केबल चैनल में एंकर थीं। उन्होंने 10वीं पास करने के बाद ही एंकरिंग शुरू कर दी थी। 21 अक्टूबर 2018 को सलमा सुल्ताना अपने घर से कोरबा के लिए निकली थीं, लेकिन वह घर वापस नहीं लौटीं। इससे परेशान होकर परिजनों ने तलाश शुरू की। कई दिनों तक तलाश के बाद भी सलमा के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली।

20 जनवरी 2019 को सलमा के पिता का देहांत हो गया। परिजनों को उम्मीद थी कि अंतिम संस्कार में सलमा घर जरूर आएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। परिजनों ने किसी अनहोनी की आशंका जताते हुए जनवरी 2019 में ही स्थानीय कुसमुंडा थाने में गुमशुदगी की FIR दर्ज कराई। परिजनों ने जिम संचालक और सलमा के बॉयफ्रेंड मधुर साहू पर संदेह जताया था।

शिकायत के बाद पुलिस ने मधुर साहू समेत 25 वर्षीय सलमा के कई परिचितों से पूछताछ की थी। पूछताछ में मधुर साहू पुलिस को गुमराह कर रहा था। जाँच के बाद जब सलमा और उसके केस से जुड़ी कोई जानकारी सामने नहीं आई तो यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया।

इसके बाद मार्च 2023 में कोरबा की सिटी एसपी रॉबिन्सन गुड़िया की नजर सलमा के केस से जुड़ी फाइल पर पड़ी। उन्होंने अधिकारियों से बातचीत के बाद इस मामले की दोबारा जाँच शुरू करने का आदेश दिया। इसके बाद पुलिस ने इस मामले में गंभीरता से जाँच शुरू की और नतीजे तक पहुँचने में सफलता हासिल की।

कैसे हुआ खुलासा

भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, जब यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया तो मधुर साहू का एक राजदार अति आत्मविश्वास में आ गया और सोचा कि वह अब कभी पुलिस के हाथ में नहीं आएगा। एक दिन उसने नशे में मधुर के पार्टनर के सामने सलमा की हत्या का राज खोल दिया। मधुर और उसके पार्टनर के बीच लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। इसके बाद मधुर के पार्टनर ने पुलिस को इसकी जानकारी दे दी।

जाँच में सामने आया कि सलमा सुल्ताना ने यूनियन बैंक से लोन ले रखा था। पुलिस ने बैंक से संपर्क किया तो पता चला कि सलमा के लोन की EMI गंगाश्री जिम का मालिक मधुर साहू भर रहा है। सलमा के लापता होने के बाद उसकी EMI किसी और के द्वारा भरे जाने से पुलिस का संदेह बढ़ गया। पुलिस ने जाँच आगे बढ़ाई तो मधुर साहू फरार हो गया।

पुलिस ने एक बार फिर सलमा के दोस्तों और परिचितों के बयान दर्ज किए। इस दौरान 2 महिलाओं और 3 पुरुषों के बयान अलग-अलग थे। ऐसे में पुलिस ने इन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। कड़ाई से पूछताछ हुई तो उन लोगों ने सच उगल दिया।

उन लोगों ने पुलिस को बताया गया कि 21 अक्टूबर 2018 को मधुर साहू और उसके सहयोगी कौशल श्रीवास ने गला घोंटकर सलमा सुल्ताना की हत्या कर दी थी। इसके बाद अतुल शर्मा नाम के व्यक्ति के साथ मिलकर शव को कोरबा के कोहड़िया पुल के पास दफना दिया था।

आरोपितों की निशानदेही के बाद पुलिस ने कोर्ट से अनुमति लेकर सड़क और आसपास के क्षेत्र में खुदाई शुरू की। खुदाई लगभग 2 दिन तक चलता रहा। आखिरकार मंगलवार (22 अगस्त 2023) को पुलिस को चादर में लिपटा एक नरकंकाल मिला है। मौके पर चप्पल, बाल और पोटली भी बरामद हुई हैं। यह कंकाल किसका है, इसकी पुष्टि के लिए इसकी DNA जाँच की जाएगी।

आरोपितों ने जिस स्थान पर न्यूज एंकर सलमा सुल्ताना का शव दफनाया था, वहाँ हाइवे बन चुका था। फिलहाल पुलिस ने मुख्य आरोपित मधुर साहू, कौशल श्रीवास और अतुल शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में आगे की जाँच की जा रही है।

चंद्रयान 3 के सभी यात्रियों को बधाई: यह व्यंग्य नहीं है… कॉन्ग्रेस के मंत्री ने खुद वीडियो में कही बात, पूरा सीरियस होकर… अब हो रही जगहँसाई

राजस्थान के युवा खेल मंत्री अशोक चांदना ने चंद्रयान 3 अभियान के सफल होने की बधाई दे दी है। लगे हाथ उन्होंने चंद्रयान के साथ गए ‘यात्रियों’ को भी बधाई दे ही डाली। जी हाँ, राजस्थान के खेल मंत्री चंद्रयान 3 को बधाई देने के क्रम में इतने डूब गए कि जब निकले तो हमेशा के लिए वायरल होने वाला एक मीम मटेरियल दे दिया। उन्होंने कहा, “हम कामयाब हुए और सेफ लैंडिंग हुई। तो जो यात्री गए हैं हमारे, उनको सलाम करता हूँ। और हमारा देश एक कदम और साइंस में, स्पेस रिसर्च के अंदर आगे बढ़ा, उसकी सभी देशवासियों को बहुत बधाई देता हूँ।”

वैसे, पूरी दुनिया ये जानती है कि चंद्रमा की सतह पर उतरा चंद्रयान 3 मानवरहित मिशन है। इसमें कोई इंसान नहीं, बल्कि विक्रम लैंडर और रोवर प्रज्ञान चाँद पर भेजा गया है। अब विक्रम की सॉफ्ट लैंडिंग हो गई है, तो रोवर प्रज्ञान अपना काम शुरू करेगा। प्रज्ञान का काम चाँद की सतह का अध्ययन करना है। वैसे अशोक चाँदना जी भले ही खेल मंत्री हों, लेकिन वो इस बात से अंजान लगते हैं कि चंद्रयान 3 एक मानवरहित मिशन है।

मंत्री जी का बयान खुद ही सुन लीजिए:

अशोक चाँदना के इस वीडियो पर लोग जमकर मजे ले रहे हैं। एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा कि मंत्री अशोक चांदना अपने नेता (राहुल गाँधी की फोटो लगाते हुए) की राह पर चल रहा है।

एक यूजर ने मंत्री अशोक चांदना के इस बयान को दिन भर की सबसे बड़ी बात कह गया।

जनता को पप्पू समझने वाले कॉन्ग्रेसी नेताओं के लिए एक यूजर ने लिखा कि पप्पू के पास बहुत सारे पप्पू हैं। भारतीय राजनीति में पप्पू शब्द एक खास नेता के लिए प्रयोग किया जाता है, संयोग से वो नेता कॉन्ग्रेस के ‘युवा’ नेता भी कहलाते हैं।

बता दें कि भारत का चंद्रयान 3 चाँद की सतह पर लैंड हो गया है। चंद्रयान 3 पर पूरी दुनिया की नजरें थी। रूसी लूना-25 के फेल होने के बाद इसरो पर भी इस अभियान को लेकर दबाव था, लेकिन चंद्रयान 3 ने सभी मुसीबतों को पीछे छोड़ते हुए चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग कर ली है और भारत की कामयाबी का झंडा गाड़ दिया है।

चाँद के बाद अब सूर्य की बारी: ‘चंद्रयान 3’ की सफल लैंडिंग के जश्न में दक्षिण अफ्रीका से शामिल हुए PM मोदी, कहा – चन्द्रमा के उस ध्रुव पर पहुँचा भारत, जहाँ कोई देश न जा सका

ISRO ने ‘चंद्रयान 3’ की सफल लैंडिंग के साथ ही दुनिया भर में भारत का लोहा मनवा दिया है। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा, “मेरे सभी परिवारजनों, जब आँखों के सामने ऐसा इतिहास बनते हुए देखते हैं तो जीव धन्य हो जाता है। ऐसी ऐतिहासिक घटनाएँ राष्ट्र जीवन की चिरंजीव चेतना बन जाती हैं। ये पल अविस्मरणीय है, ये क्षण अभूतपूर्व है, ये क्षण विकसित भारत के शंखनाद का है, ये क्षण नए भारत के जयघोष का है, ये क्षण मुश्किलों के महासागर को पार करने का है, ये क्षण जीत के चंद्रपथ पर चलने का है, ये क्षण 140 करोड़ धड़कनों के सामर्थ्य का है, ये क्षण भारत में नई ऊर्जा, नए विश्वास, नई चेतना का है, ये क्षण भारत के उदयमान भाग्य के आह्वान का है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अमृतकाल के प्रथम प्रभा में सफलता की ये अमृतवर्षा हुई है। उन्होंने कहा कि हमने धरती पर संकल्प लिया और चाँद पर उसे साकार किया। साथ ही उन्होंने कहा कि हमारे वैज्ञानिक साथियों ने कहा- ‘भारत अब चाँद पर पहुँच चुका है।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हम अंतरिक्ष में नए भारत की नई उड़ान के साक्षी बने हैं। उन्होंने ध्यान दिलाया कि वो इस समय BRICS में हिस्सा लेने के लिए दक्षिण अफ्रीका में हैं, लेकिन हर देशवासी की तरह उनका मन भी चंद्रयान महाअभियान में भी लगा हुआ था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नया इतिहास बनते ही हर भारतीय जश्न में डूब गया है, हर घर में उत्सव शुरू हो गया है। उन्होंने टीम चंद्रयान को, ISRO को और देश के सभी वैज्ञानिकों को बधाई दी और कहा कि उन्होंने इस पल के लिए वर्षों तक इतना परिश्रम किया है। इसे उत्साह, उमंग, आनंद और भावुकता से भरा अद्भुत पल बताते हुए 140 करोड़ देशवासियों को कोटि-कोटि बधाई दी। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे हमारे वैज्ञानिकों के परिश्रम और प्रतिभा से भारत चंद्रमा के उस दक्षिणी ध्रुव पर पहुँचा है, जहाँ आज तक दुनिया का कोई भी देश नहीं पहुँच सका है।

पीएम मोदी ने आगे कहा, “अब आज के बाद से चाँद से जुड़े मिथक बदल जाएँगे। कथानक भी बदल जाएँगे और नई पीढ़ी के लिए कहावतें भी बदल जाएँगी। कभी कहा जाता था- चंदा मामा बहुत दूर के हैं, अब एक दिन वो भी आएगा जब बच्चे कहा करेंगे, चंदा मामा बस एक टूर के हैं। हमने भविष्य के लिए कई बड़े और महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किए हैं। जल्द ही सूर्य के विस्तृत अध्ययन के लिए इसरो आदित्य एल-1 मिशन लॉन्च करने जा रहा है। भारत बार-बार ये साबित कर रहा है कि- आकाश हमारी सीमा नहीं है। साइंस और टेक्नोलॉजी देश के उज्ज्वल भविष्य के आधार हैं।”

ISRO प्रमुख एस सोमनाथ ने भी उन सभी को धन्यवाद दिया, जो सफलता की इस प्रक्रिया में उनके साथ रहे। उन्होंने इस दौरान इस अभियान से जुड़े लोगों को बधाई भी दी। बता दें कि भारत के ‘चंद्रयान 3’ मिशन का बजट 615 करोड़ रुपए है, जो अंतरिक्ष पर बनी 2014 की हॉलीवुड की फिल्म ‘इंटरस्टेलर’ के बजट से भी कम है। अब भारत ने सूर्य के मिशन का भी ऐलान कर दिया है। दुनिया के सबसे अमीर उद्योगपति एलन मस्क ने भी कहा है कि ‘चंद्रयान 3’ भारत के लिए अच्छा है।