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BJP कार्यकर्ता के साथ TMC वर्करों ने की मारपीट, पानी माँगने पर पेशाब पिलाया: पीड़ित अस्पताल में भर्ती, सत्ताधारी पार्टी ने कहा- सारे आरोप अफवाह

पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर जिले में तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) कार्यकर्ताओं पर भाजपा (BJP) कार्यकर्ता को पेशाब पिलाने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि सत्ताधारी पार्टी के सदस्य ने BJP नेता की पिटाई भी की है। यह घटना पंचायत चुनावों के दौरान की बताई जा रही है जिसका खुलासा शनिवार (15 जुलाई 2023) को हुआ है। जहाँ भाजपा ने इसे बर्बरता बताया है तो वहीं तृणमूल कॉन्ग्रेस ने इन बातों को अफवाह करार दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस घटना का खुलासा भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष सुमित कुमार दास ने किया है। उन्होंने इसे मेदिनीपुर जिले के गड़वेता स्थित महिदा इलाके का मामला बताया है। उन्होंने दावा किया कि TMC कार्यकर्ताओं द्वारा भाजपा के एक सदस्य से पंचायत चुनावों में पार्टी की जीत का जश्न मनाने के लिए पैसे माँगे गए थे। भाजपा कार्यकर्ता ने खुद को बेहद गरीब बताते हुए यह पैसे देने में असमर्थता जताई थी। इसी बात से TMC कार्यकर्ता खफा हो गए और उन्होंने भाजपा कार्यकर्ता से पहले तो मारपीट की। उसके बाद उसे पेशाब पिलाया।

बताया जा रहा है कि आरोपित TMC वर्कर पीड़ित भाजपा सदस्य को पीटते हुए अपने ऑफिस ले गया। यहाँ उसने पीड़ित को बंधक बना कर रखा। थोड़ी देर बाद पीड़ित ने पानी माँगा। आरोप है कि तब नशे में धुत TMC वर्कर द्वारा भाजपा सदस्य को पीने के लिए पेशाब दिया गया। पीड़ित को मारपीट से काफी चोटें आईं। आखिरकार उसे शुक्रवार (14 जुलाई) को अस्पताल में भर्ती करवाया गया। भाजपा का एक प्रतिनिधि मंडल शनिवार (15 जुलाई) को पीड़ित से मिलने गया था।

भाजपा के सुमित कुमार दास के अनुसार मामले की शिकायत पुलिस में दे दी है। उन्होंने कहा कि अगर आरोपितों पर कार्रवाई नहीं हुई तो उनकी पार्टी आंदोलन करेगी। हालाँकि तृणमूल कॉन्ग्रेस ऐसी कोई भी घटना होने से इंकार कर रही है। TMC नेता सुजय हाजरा और अजीत मैती इन आरोपों को अफवाह करार दिया है। सुजय के मुताबिक पंचायत चुनावों में करारी हार झेलने वाली भाजपा अब झूठे आरोप लगा कर पार्टी को बदनाम कर रही है।

भूतल में राम लला, प्रथम तल पर पूरा परिवार: 2023 में ही पूरा हो जाएगा राम मंदिर का निर्माण, 1 हजार साल तक नहीं पड़ेगी मरम्मत की जरूरत

विश्व हिन्दू परिषद (VHP) के अंतर्राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चम्पत राय ने अपने बयान में कहा है कि अयोध्या में भगवान राम के निर्माणाधीन मंदिर का इसी साल दिसंबर माह में पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा है कि मंदिर में जो मूर्ति स्थापित होगी वह राम के बालक रूप की होगी। मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के लिए उन्होंने कहा कि साल 2024 में 15 जनवरी से 26 जनवरी के बीच जो भी तारीख सही निकलेगी उस दिन मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। चम्पत राय ने यह बयान रविवार (16 जनवरी 2023) को दिया है।

चम्पंत राय ने बताया कि मंदिर के गर्भगृह में स्थापित होने वाली मूर्ति भगवान राम के 5 वर्षीय बालक रूप की है। प्रतिमा भूतल में मौजूद रहेगी। इन प्रतिमाओं का निर्माण भी अयोध्या में शुरू हो गया है जिसे अक्टूबर तक पूरा कर लिए जाने की उम्मीद है। राम मंदिर की चौखट मार्बल की है। इसके दरवाजे महाराष्ट्र से आई लकड़ी के बने हैं जिन पर अयोध्या में ही नक्काशी करवाई जा रही है। चम्पत राय ने फिनिशिंग टच जैसे छोटे-मोटे काम दिसंबर तक पूरा हो जाने की उम्मीद जताई है।

मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा के लिए चम्पत राय ने 15 से 24 जनवरी 2024 के बीच की तारीख़ उपयुक्त बताया। 15 जनवरी को मकर संक्रांति और इसी माह 26 को गणतंत्र दिवस के बीच की तारीख को भगवान राम की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के लिए चम्पत राय ने उत्तम समय बताया है। इस मंदिर के पहले फ्लोर पर भगवान राम का परिवार विराजमान होगा। सेकेंड फ्लोर पर अभी तक किसी भी प्रतिमा की स्थापना की योजना न बताते हुए चम्पत राय ने कहा कि उसे मंदिर को ऊँचाई देने के लिए बनाया गया है। पिछले माह 22 जून को चम्पत राय ने निर्माणाधीन मंदिर के कुछ हिस्सों की तस्वीरें भी शेयर की थीं।

चम्पत राय ने आगे बताया कि एक अनुमान के मुताबिक मंदिर निर्माण में 21 लाख ग्रेनाइट, घनपुट, सैंड स्टोन और मार्बल प्रयोग हो रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि मंदिर के हर हिस्से को ऐसी मजबूती से बनाया जा रहा है जिसे लगभग 1 हजार वर्ष तक मरम्मत की जरूरत नहीं पड़ेगी।

‘…क्या तुम्हारे ऊपर बलात्कारी को छोड़ दें’ : ईरान में हिजाब पहनवाने के लिए फिर से एक्टिव हुई ‘मोरैलिटी पुलिस’, महिलाओं को निर्देश- सिर ढको, ढीले कपड़े पहनो

ईरान में हुए हिजाब विरोधी प्रदर्शन के महीनों बाद अब फिर से वहाँ ‘मोरैलिटी पुलिस (Morality Police)’ पैट्रोलिंग करने लगी है। ईरान के लॉ इन्फोर्समेंट फोर्स के प्रवक्ता सईद मोंटाजेरालमहदी ने रविवार (17 मार्च 2023) को जानकारी दी कि मोरैलिटी पुलिस अब फिर से काम करने लगी है। वो पैदल और गाड़ियों से उन लोगों को पकड़ेंगे जो इस्लामी देश में उस हिसाब से खुद को ढककर नहीं रखते।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रवक्ता ने बताया कि मोरैलटी पुलिस पहले चेतावनी देगी और उसके बाद कानूनी कार्रवाई करेगी। इनसे बचने के लिए ड्रेस कोड का पालन करना जरूरी होगा। जैसे महिलाओं को हेडस्कार्फ के साथ ढीले कपड़े पहनने होंगे। अगर महिलाएँ ऐसे नियमों का उल्लंघन करती पाई जाती हैं तो उन्हें गिरफ्तार करके री-एड्यूकेशन फैसिलिटी में डाल दिया जाएगा।

बता दें कि 10 माह पहले ईरान में मोरैलटी पुलिस द्वारा पिटाई किए जाने के बाद महसा अमीनी की मौत हो गई थी। घटना के चलते पूरे देश भर में प्रदर्शन हुए थे। जिसके कुछ महीनों तक कहीं कोई मौरैलटी पुलिस नहीं दिखाई दी। वहीं हिजाब नियमों का उल्लंघन करने वालों को पकड़ने के लिए कैमरे लगाए गए थे। उनके जरिए निगरानी करके लोगों को चेतावनी दी जा रही थी या फिर जुर्माना लगाया जा रहा था। इसके अलावा कुछ लोगों को कोर्ट में पेश होने के लिए भी कहा गया था।

ईरान में ड्रेस कोड फॉलो करने के लिए नियम इतने सख्त हैं कि अगर कोई कार में बैठे हुए भी इनका उल्लंघन किए दिखता है तो उसकी कार जब्त कर ली जाती है। इसके अलावा कैफे, रेस्टोरेंट, शॉपिंग सेंटर्स आदि पर भी सख्त नजर बनाकर रखी जाती है।

बताया जा रहा है कि इस हफ्ते हिजाब संबंधी कई हाई प्रोफाइल मामले सामने थे। ऐसे में प्रशासन ने एक वीडियो जारी की थी। इसमें पुलिस अधिकारियों के साथ उनकी कैमरा क्रू भी थी। वो महिलाओं के पास जा जाकर हिजाब ठीक करने को कह रहे थे। वीडियो में महिलाओं का चेहरा तक ब्लर नहीं किया गया था। बस एनिमेशन के जरिए बताया जा रहा था कि उनकी पहचान हो गई है और अब बात कानून तक जाएगी।

वीडियो में कहा जा रहा था- या तो अपना हिजाब ठीक करो, वरना वैन में घुसो। महिला से ये भी बोला जा रहा था- “तुम अगर आजादी पर विश्वास रखती हो तो हम तुम पर सारे चोर और बलात्कारियों को छोड़ देते हैं फिर तुम समझोगी की चीजें कैसे काम करती हैं।”

इसी तरह ईरान में हिजाब के खिलाफ बोलने पर एक्टर मोहम्मद सादेगेही को गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने एक महिला के साथ बदसलूकी की तस्वीर पर प्रतिक्रिया दी थी, “अगर मैं ऐसे दृश्य देखूँ तो मैं तो मर्डर कर लूँ। देखते जाओ लोग तुम्हें मार देंगे…।” उनके इसी बयान पर ईरानी पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया। इससे पहले ईरान में एक एक्ट्रेस अजादेह समादी पर 6 महीने तक सोशल मीडिया न यूज करने के लिए बैन लगाया गया था। ऐसा सिर्फ इसलिए हुआ क्योंकि वो एक थिएटर डायरेक्टर के अंतिम शव यात्रा में बिन हेडस्कार्फ चली

पाकिस्तान में अब मंदिर पर रॉकेट लॉन्चर से हमला, हिंदुओं के घरों पर बरसाईं अंधाधुंध गोलियाँ: 1 दिन पहले ही 150 साल पुराने मंदिर को किया था जमींदोज

पाकिस्तान के सिंध प्रांत में रॉकेट लॉन्चर से हमला कर हिंदू मंदिर को छतिग्रस्त कर दिया गया। हमलावरों ने मंदिर और उसके आसपास बने हिंदुओं के घरों पर भी गोलीबारी की। गोलियों की आवाज सुनकर मौके पर पुलिस पहुँची थी। लेकिन इससे पहले ही हमलवार फरार हो चुके थे। पाकिस्तान में 24 घण्टे के भीतर किसी मंदिर पर तोड़फोड़ की यह दूसरी घटना है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मंदिर सिंध प्रांत के काशमोर बाजार इलाके में स्थित है। रविवार (16 जुलाई, 2023) तड़के हमलवारों ने मंदिर पर रॉकेट लॉन्चर से हमला किया। इसके बाद वहाँ बने हिंदुओं के घरों को निशाना बनाकर अंधाधुंध गोलीबारी की। गनीमत रही कि लोग अपने घरों के अंदर थे। अन्यथा कई लोग इस हादसे का शिकार हो जाते।

गोलियाँ चलने की आवाज सुनकर काशमोर-कंधकोट के एसएसपी इरफान सम्मो पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुँचे थे। हालाँकि, उनके पहुँचने से पहले ही हमलावर फरार हो चुके थे। पुलिस का कहना है कि डकैतों ने इस हमले को अंजाम दिया है। करीब 8-9 हमलावर आए थे। हमले के तुरंत बाद वे मौके से फरार हो गए। सौभाग्य की बात रही कि हमले के दौरान मंदिर बंद था।

इस हमले को लेकर स्थानीय हिंदू का कहना है कि डकैतों ने मंदिर पर जिस रॉकेट लॉन्चर से हमला किया था उसमें विस्फोट नहीं हुआ। इसलिए बड़ा हादसा टल गया। इस घटना के बाद से स्थानीय हिंदुओं में डर का माहौल बना हुआ है।

बता दें कि इससे पहले पाकिस्तान में 150 वर्ष पुराने मारी माता मंदिर को ध्वस्त कर दिया गया था। यह मंदिर कराची के सोल्जर बाजार में स्थित था। शनिवार (15 जुलाई, 2023) सुबह जब हिन्दू समाज के लोग उठे तो उन्होंने पाया कि मंदिर को ध्वस्त किया जा चुका है। शुक्रवार रात को यह घटना हुई। मंदिर ध्वस्त करने के दौरान इलाके की बिजली काट दी गई थी। इसके बाद बुलडोजर और खुदाई की मशीनों के साथ मजदूरों को लाया गया। मंदिर में हुई तोड़फोड़ के बाद अब केवल बाहर की दीवारें और मुख्य द्वार ही बचा है। मंदिर के भीतर की सारी संरचनाओं को जमींदोज कर दिया गया।

ISI का एजेंट निकला डिलीवरी बॉय मोहम्मद रईस, साथी सलमान और अरमान की तलाश में मुंबई पहुँची यूपी ATS: ‘बाबरी के लिए’ कर रहा था काम

उत्तर प्रदेश एटीएस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए काम करने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। आरोपित की पहचान गोण्डा निवासी मोहम्मद रईस के रूप में हुई। आईएसआई के लिए जासूसी करने पर उसे 15 हजार रुपए मिले थे। रईस के साथियों अरमान और सलमान की तलाश में एटीएस की एक टीम मुंबई भेजी गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गिरफ्तार आरोपित मोहम्मद रईस गोण्डा जिले के तरबगंज थाना क्षेत्र के दीनपुरवा गाँव का है। एटीएस ने दावा किया है कि मोहम्मद रईस मुंबई के कुछ लोगों के माध्यम से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) और पाकिस्तान में बैठे आकाओं को जानकारियाँ भेज रहा था।

यूपी एटीएस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक नवीन अरोड़ा का कहना है कि मुखबिर की सूचना के बाद मोहम्मद रईस की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। इस दौरान उसकी संदिग्ध गतिविधियाँ सामने आईं। इसके बाद उसे पूछताछ के लिए उसे गोण्डा से लखनऊ लाया गया था। जहाँ रईस के मोबाइल और और अन्य जानकारियों की जाँच की गई। जाँच में  सामने आया कि रईस ने झाँसी छावनी की तस्वीरें और वीडियो पाकिस्तानी आकाओं को भेजे थे। इसके बदले में उसे पैसे मिले थे।

उन्होंने आगे कहा है कि मोहम्मद रईस का महाराष्ट्र लिंक सामने आने के बाद संबंधित लोगों की तलाश के लिए एटीएस की एक टीम मुंबई भेजी गई है। एटीएस की पूछताछ में मोहम्मद रईस ने कहा है कि पाँच साल पहले वह मुंबई में काम एक फूड डिलीवरी कंपनी के लिए डिलीवरी बॉय के रूप में काम कर रहा था। इसके बाद उसकी मुलाकात अरमान नामक व्यक्ति से हुई। अरमान ने उसे भारत में मुसलमानों पर अत्याचार और भेदभाव समेत कई तरीकों से बरगलाने की कोशिश की। 

यही नहीं अरमान ने रईस को बाबरी ढाँचे का जिक्र कर उसका ब्रेनवॉश करते हुए भारत के खिलाफ जासूसी करने के लिए उकसाया। अरमान से बातचीत के दौरान ही रईस ने उससे कहा कि वह काम करने के लिए सऊदी अरब जाना चाहता है। इस पर अरमान ने रईस से उसका नंबर पाकिस्तान के एक व्यक्ति को देनी की बात कही। साथ ही कहा कि यदि वह व्यक्ति उसे कॉल करके कुछ बताएगा। अगर वह सही तरीके से काम करता है तो उसे पैसा और दुबई में नौकरी मिलेगी।

इसके बाद साल 2022 में उसे एक विदेशी नंबर से व्हाट्सएप पर कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने अरमान का जिक्र करते हुए अपना नाम हुसैन और खुद को पाकिस्तानी जासूस बताया था। इसके बाद दोनों के बातचीत होने लगीं। हुसैन ने रईस से इस काम के लिए कुछ और लोगों को जोड़ने के लिए कहा था। इसके बाद उसने अपने दोस्त सलमान समेत कई अन्य लोगों को जासूसी के लिए तैयार किया था। 

रईस को बांग्लादेश का मोबाइल नंबर देकर उस पर व्हाट्सएप्प चलाने के लिए कहा गया था। इसी व्हाट्सएप्प पर उन लोगों की बातचीत होती थी। हुसैन ने रईस से भारतीय सेना के महत्वपूर्ण स्थानों से जुड़ी जानकारी और फोटो, वीडियो भेजने के लिए कहा था। इसके बदले उसे पैसे मिलने की बात कही गई थी। इसके बाद रईस, सलमान और उसके अन्य दोस्तों ने सेना से जुड़ी फोटो, वीडियो उसे भेजी थी। इन सब चीजों के बदले में उसे 15 हजार रुपए दिए गए थे।

बता दें कि इससे पहले 2 जुलाई 2023 को यूपी एटीएस ने गोण्डा जिले के तरबगंज से ही सद्दाम शेख नामक संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार किया था। सद्दाम शेख ओसामा बिन लादेन का फैन है। पुलिस ने उसके मोबाइल से कई संदिग्ध चीजें बरामद की हैं। वह IMO ऐप के जरिए पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में बैठे आतंकियों के संर्पक में था। आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए वह मोबाइल पर कई तरह के वीडियो देखता था। हो सकता है कि सद्दाम शेख और मोहम्मद रईस के बीच भी कुछ संबंध हों। हालाँकि अब तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।

‘मेरे करियर का 8 साल बर्बाद हो जाएगा, वायनाड की जनता मेरे बिना भुगतेगी’: सुप्रीम कोर्ट में राहुल गाँधी की दलील – मोदी कोई परिभाषित समुदाय नहीं

राहुल गाँधी ने सांसदी जाने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सूरत के सेशन कोर्ट ने उन्हें मोदी सरनेम को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में 2 साल की सज़ा सुनाई है। इसके बाद राहुल गाँधी गुजरात हाईकोर्ट पहुँचे थे, जिसने उस फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। अब वो इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुँचे हैं। राहुल गाँधी सांसदी से अयोग्य घोषित किए जा चुके हैं और उन्हें दिल्ली में अपना सरकारी बँगला भी खाली करना पड़ा था।

याचिका में उन्होंने दलील दी है कि अगर उन्हें राहत प्रदान नहीं की जाती है तो वो अपने करियर के 8 साल गँवा देंगे। 2 साल या उससे अधिक की सज़ा होने पर सज़ा की अवधि और उसके बाद 6 वर्ष तक कोई व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ सकता। दलील दी गई है कि पूर्णेश मोदी नाम व्यक्ति ने उनके खिलाफ केस किया था। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में भी कैवेट दायर की है, ताकि राहुल गाँधी को राहत न मिले। पूर्णेश ने अपने वकील पीएस सुधीर के माध्यम से याचिका दायर की थी।

राहुल गाँधी ने उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करने वाले को ऐसा करने के अधिकार को भी चुनौती दी। उन्होंने कहा कि उनका ये बयान एक राजनीतिक भाषण के दौरान दिया गया था और ऐसे में ये समझा जाना चाहिए कि ये एक राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी के लिए था। उन्होंने कहा कि ये किसी भी समुदाय या समाज के खिलाफ नहीं था। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कोई ऐसा सबूत भी पेश नहीं किया गया है जिससे ये चीजें साबित होती हों। उन्होंने दावा किया है कि वायनाड की जनता उनके बिना भुगतेगी।

याचिका में कहा गया है, “बिना किसी संरचना वाला एक समूह, जो शिकायतकर्ता के हिसाब से मात्र 13 लोगों का है, के बारे में कहा जा रहा है कि उनकी मानहानि हुई है। देश के अलग-अलग हिस्सों में मोदी सरनेम अलग-अलग समुदायों और उप-समुदायों द्वारा इस्तेमाल किया जाता है। इनमें कोई समानता नहीं है। भाषण में जिन 3 लोगों का जिक्र किया गया, उन्होंने कोई शिकायत नहीं की है। गुजरात के जिस व्यक्ति ने शिकायत की है, उसका कोई व्यक्तिगत नुकसान नहीं हुआ है।”

राहुल गाँधी ने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका में दावा किया है कि शिकायतकर्ता ने खुद माना है कि वो मोढ़ वणिक समाज से आता है। उन्होंने दलील दी है कि इस समुदाय को मोदी सरनेम के पर्यायवाची के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। उन्होंने ‘मोदी’ को एक अपरिभाषित समूह करार दिया। साथ ही दलील दी है कि मानहानि का मुकदमा तभी मान्य हो सकता है, जब निशाना कोई परिभाषित समूह हो। राहुल गाँधी ने ये दलील भी दी है कि ये लोकतंत्र में मुक्त भाषण के लिए हानिकारक है।

राहुल गाँधी ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा है कि इससे किसी भी प्रकार के राजनीतिक संवाद या बहस की प्रथा खत्म हो जाएगी। इसे जमानती और गैर-संज्ञेय मामला बताते हुए उन्होंने दलील दी कि इसमें नैतिक कदाचार शामिल नहीं है। उन्होंने कहा कि ये गंभीर अपराध भी नहीं है, फिर भी गुजरात हाईकोर्ट ने सज़ा पर रोक नहीं लगाई। उन्होंने इस फैसले को स्वतंत्र अभिव्यक्ति का गला घोंटने वाला बताते हुए कहा कि ये लोकतंत्र की नींव को पूरी तरह से नष्ट कर देगा। उन्होंने दलील दी कि राजनीतिक व्यंग्य नैतिक कदाचार बन गया तो किसी भी सरकार की आलोचना नहीं की जा सकेगी।

हाथ में पिस्टल, तेज रफ़्तार बाइक, स्टंट करती नाबालिग लड़की… फॉलोवर्स बढ़ाने के लिए माँ ने जेवर गिरवी रख कर दिलाई थी मोटरसाइकिल

बाइक पर स्टंट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में लड़की हाथ में पिस्टल लेकर तेज रफ्तार बाइक में स्टंट करती नजर आ रही है। यह वीडियो बिहार की राजधानी पटना के मरीन ड्राइव का है। इस मामले में पुलिस ने लड़की की बाइक और पिस्टल जब्त करते हुए 30 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।

यह वीडियो इंस्टाग्राम पर ‘हंटर क्वीन’ नामक अकाउंट से शेयर किया गया था। वायरल वीडियो में लड़की को तेज रफ्तार बाइक पर हाथ छोड़कर बाइक चलाते, स्टंट करते और पिस्टल लहराते देखा जा सकता है। बड़ी बात यह है कि लड़की ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर स्टंट के कई वीडियो अपलोड किए हैं। हालाँकि, पिस्टल के साथ स्टंट वाला वीडियो सामने आने के बाद लोग इसे शेयर कर कार्रवाई की माँग कर रहे थे।

इसके बाद पुलिस ने संज्ञान लेते हुए लड़की को पकड़ कर उससे पूछताछ की। पूछताछ में सामने आया कि लड़की नाबालिग है। पुलिस के पकड़ने के बाद लड़की ने अपनी गलती मानते हुए कहा है कि वह बाइक पर खतरनाक स्टंट करती थी। इससे उसकी और औरों की जान को खतरा हो सकता था। साथ ही उसने अन्य लोगों से भी स्टंट न करने की अपील की है।

पुलिस ने वीडियो में दिख रही बाइक व पिस्टल जब्त कर लिया है। यही नहीं, बाइक का रजिस्ट्रेशन एक साल के लिए रद्द करने के साथ ही लड़की पर 30 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। पुलिस का कहना है वीडियो में दिख रही पिस्टल नकली है और लाइटर है।

लड़की की माँ ने पुलिस से कहा है कि उनकी बेटी ने फ़ॉलोअर्स बढ़ाने के लिए स्पोर्ट्स बाइक खरीदी थी। बाइक ख़रीदने के लिए लड़की ने अपनी माँ पर दबाव बनाया था। इसके बाद माँ ने अपनी ज्वेलरी गिरवी रखकर बेटी को बाइक दिलाई थी। लड़की के इंस्टाग्राम पर 1 लाख 76 हजार से अधिक फ़ॉलोअर्स हैं। वह आए दिन बाइक पर स्टंट करते हुए वीडियो शेयर करती है। उसके वीडियो पर हजारों व्यू आते हैं।

पाकिस्तान में जमींदोज कर दिया गया 150 साल पुराना मंदिर: बिजली काट कर पुलिस की मौजूदगी में चले बुलडोजर, अब यहाँ बनेगा शॉपिंग मॉल

पाकिस्तान में 150 वर्ष पुराने मारी माता मंदिर को ध्वस्त कर दिया गया है। ये मंदिर कराची के सोल्जर बाजार में स्थित था। शनिवार (15 जुलाई, 2023) की सुबह जब हिन्दू समाज के लोग उठे तो उन्होंने पाया कि मंदिर को ध्वस्त किया जा चुका है। शुक्रवार की रात को ये घटना हुई। उस समय इलाके की बिजली काट दी गई थी। उसी समय बुलडोजर और खुदाई की मशीनों के साथ मजदूरों को लाया गया। मंदिर में अब केवल बाहरी की दीवारों के अलावा मुख्य द्वार ही बचा है।

बाकी सब कुछ मिट्टी में मिला दिया गया। मंदिर के भीतर की सारी संरचनाओं को जमींदोज कर दिया गया। बुलडोजर और मशीनें लेकर जो लोग ये काम करने आए थे, उनकी सुरक्षा में पुलिस भी तैनात थी। मुखी चोहितराम मार्ग पर जहाँ ये मंदिर स्थित है, वहाँ से कुछ ही दूरी पर सोल्जर बाजार थाना है। इस मंदिर से थोड़ी दूरी पर एक पंचमुखी हनुमान मंदिर भी स्थित है। उसके महंत रामनाथ मिश्रा ने भी इसकी पुष्टि की कि ये मंदिर बहुत पहले से यहाँ था।

इस मंदिर के प्रांगण में खजानों के गड़े होने की बात भी पहले के ज़माने में कथा-कहानियों में कही जाती थी। ये मंदिर लगभग 500 स्क्वायर यार्ड्स में स्थित था। कुछ प्रभावशाली मुस्लिम जमीन माफिया इस पर नजर गड़ाए हुए थे। मंदिर की संरचना काफी पुरानी हो गई थी और इसकी मरम्मत की जरूरत थी। कराची का मद्रासी हिन्दू समुदाय इसकी देखरेख करता था। यहाँ मरम्मत के काम के लिए देवी-देवताओं की कुछ प्रतिमाओं को एक अलग कमरे में स्थानांतरित किया गया था।

मद्रासी हिन्दू समाज ने बताया है कि इमरान हासमी और रेखा उर्फ़ नागिन बाई द्वारा उन पर दबाव बनाया जा रहा था कि वो इस मंदिर की जमीन खाली कर दें। ये भी चर्चा है कि 7 करोड़ रुपए में भूमि माफिया ने इस मंदिर की जमीन को बेच दिया है और अब यहाँ एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा। नावेद के नाम से फर्जी डाक्यूमेंट्स भी बना लिए गए थे। ये ‘एमिनिटी प्लॉट’ (सरकारी, पूजा-स्थल इत्यादि के लिए) था, लेकिन इसे कागजों में कमर्शियल बता दिया गया।

‘वर्ल्ड बैंक’ के अध्यक्ष और अमेरिका की वित्त मंत्री ने माना गुजरात के ‘शिक्षा मॉडल’ का लोहा, कहा – इसे दुनिया भर में लागू करने की ज़रूरत

‘विश्व बैंक’ के अध्यक्ष अजय बंगा ने गुजरात के ‘शिक्षा मॉडल’ की तारीफ़ की है। उन्होंने रविवार (16 जुलाई, 2023) को कहा कि गुजरात में जो ‘कंट्रोल एन्ड कमांड सेंटर’ की व्यवस्था है, उसे पूरे देश में लागू किया जाना चाहिए। बता दें कि राज्य में इसे ‘विद्या समीक्षा केंद्र’ भी कहा जाता है। उन्होंने कहा कि इसे न सिर्फ देश भर में लागू किया जाना चाहिए, बल्कि लीडरशिप के एक मॉडल के रूप में दुनिया के सभी इलाकों में इसे लागू किया जाना चाहिए।

‘वर्ल्ड बैंक’ के प्रेजिडेंट ने अमेरिका के ‘सेक्रेटरी ऑफ द ट्रेजरी’ जेनेट एल्लेन के साथ गुजरात की राजधानी गाँधीनगर में ‘विद्या समीक्षा केंद्र’ का दौरा किया। बता दें कि उक्त केंद्र के पास 1.15 करोड़ छात्रों, 5 लाख शिक्षकों और गुजरात के 50,000 विद्यालयों का डेटा है। इन सभी छात्रों के एकेडमिक और प्रशासनिक डेटा को जमा कर के इसकी निगरानी की जाती है। इसका विश्लेषण होता है। इस दौरान सेक्रेटरी एल्लेन ने कहा कि शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने से ही गरीबी मिटाई जा सकती है।

उन्होंने कहा कि इससे ठोस विकास भी होगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में नए-नए प्रयोगों में तेजी लाने के लिए और वास्तविक परिणामों को देने वाले ऐसे प्रोजेक्ट्स जो स्मार्ट तरीके से डिजाइन किए गए हों, ये सेंटर इसका उत्तम उदाहरण है कि ‘वर्ल्ड बैंक’ व अन्य पार्टनर मिल कर इससे क्या डिलीवर कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावी होने का सबसे अच्छा रास्ता है कि ऐसे प्रोजेक्ट्स का अध्ययन किया जाए जो अच्छे परिणाम देते हों, फिर उन्हें लागू किया जाए।

अजय बंगा ने कहा कि ये सेंटर इसका उत्कृष्ट उदाहरण है कि इतनी बड़ी युवा जनसंख्या वाले देश में विकास कैसे हो। उन्होंने इस दौरान ध्यान दिलाया कि भारत में युवाओं की जनसंख्या किसी भी देश से ज्यादा है। उन्होंने युवाओं को अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएँ और स्वच्छ हवा-पानी दिए जाने की वकालत की। दोनों नेताओं ने इस दौरान छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों से बातचीत की। केंद्र सरकार भी ‘विद्या समीक्षा केंद्र’ की तारीफ़ कर चुकी है। इससे छात्रों का एटेंडेंस बढ़ा है, शिक्षकों-छात्रों का अनुपात बढ़ा है और स्कूलों का प्रबंधन अच्छा हुआ है।

रामपुर की शाइस्ता अली ने की ‘घर वापसी’, मंदिर में राम अवतार को चुना जीवन साथी और बन गईं सीमा: भाई नावेद ने कहा – जहन्नुम में जलेगी

उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में एक मुस्लिम महिला ने घर वापसी कर के हिन्दू धर्म स्वीकार कर लिया है। महिला का नाम शाइस्ता अली है जो अब सीमा नाम से जानी जाएँगी। सीमा ने अपने पति के रूप में राम अवतार को चुना है। मूल रूप से बदायूँ के रहने वाले राम अवतार फिलहाल नोएडा में रहते हैं। उनके खिलाफ शाइस्ता के परिवार वालों ने अजीमनगर थाने में शनिवार (8 जुलाई, 2023) को FIR दर्ज करवाई थी।

अदालत की कार्रवाई पूरी होने के बाद शनिवार (15 जुलाई, 2023) को पुलिस ने शाइस्ता और राम अवतार को नोएडा भेज दिया। शाइस्ता के भाई नावेद ने ऑपइंडिया से बात करते हुए अपनी बहन को गंदी-गंदी गालियाँ देते हुए उन्हें भविष्य में जहन्नुम में जलने वाली लड़की बताया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला रामपुर के थाना क्षेत्र अजीमनगर का है। यहाँ गाँव भोट बक्कल के रहने वाले फरजंद अली के बेटे नावेद ने शनिवार (8 जुलाई, 2023) को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में घटना 18 मई, 2023 की बताते हुए नावेद ने कहा कि उस दिन उनकी 20 वर्षीया बहन शाइस्ता अली दोपहर 11 बजे बाजार से कुछ सामान लेने गई। काफी समय वापस नहीं लौटने पर शाइस्ता के घर वालों ने उसकी खोजबीन की पर वो नहीं मिली। नावेद अली ने बदायूँ के रहने वाले राम अवतार पर अपनी बहन को बहला-फुसला कर साथ ले जाने का शक जताया था। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

पुलिस ने नावेद की शिकायत पर राम अवतार के खिलाफ IPC की धारा 366 के तहत FIR दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी। शुक्रवार (14 जुलाई, 2023) को पुलिस ने शाइस्ता और राम अवतार को खोज निकाला। दोनों को कोर्ट में पेश किया गया जहाँ शाइस्ता ने खुद के बालिग होने का सबूत देते हुए राम अवतार के साथ ही रहने की इच्छा जताई। शाइस्ता ने कोर्ट को यह भी बताया कि उसने राम अवतार के साथ शादी कर के हिन्दू धर्म स्वीकार कर लिया है। अपना नया नाम सीमा बताते हुए शाइस्ता ने अपनी शादी के सबूत भी कोर्ट को दिखाए। अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने राम अवतार और उनकी पत्नी शाइस्ता को सुरक्षित नोएडा भेज दिया।

जहन्नुम में जलेगी मेरी बहन

ऑपइंडिया ने इस मामले की जानकारी के लिए शाइस्ता के भाई नावेद से बात की। नावेद ने अपनी बहन को गंदी-गंदी गालियाँ देते हुए शाइस्ता को जहन्नुम की आग में जलने लायक बताया। खुद को मजदूर बताते हुए नावेद ने कहा कि रामअवतार की दिल्ली-NCR में कहीं चाय की दुकान है। हालाँकि, उनकी बहन राम अवतार के सम्पर्क में कैसे आई इसकी जानकारी नावेद ने नहीं दी।