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‘CM बघेल के आशीर्वाद से हुई भयंकर लूट’: छत्तीसगढ़ में ₹2161 करोड़ के शराब घोटाले में BJP का आरोप, दावा- पैसा सत्ताधारी पार्टी को गया

छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले की जाँच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने विशेष PMLA कोर्ट में अभियोजन शिकायत दर्ज की है। इसमें आरोप लगाया गया है कि राज्य के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, राजनेताओं और कुछ व्यक्तियों के आपराधिक सिंडिकेट ने लगभग 2,161 करोड़ रुपए को अपनी जेब में डाला, जो कि सरकारी खजाने में जाना चाहिए था।

इसको लेकर भाजपा अब कॉन्ग्रेस पर हमलावर हो गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 2,161 करोड़ रुपए का शराब घोटाला यह बताता है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) से आशीर्वाद प्राप्त लोगों ने राज्य के कोष की भयंकर लूट की गई है। उन्होंने कहा कि सीएम की जानकारी के बिना इतना बड़ा घोटाला नहीं हो सकता है।

रविशंकर ने कहा, “4 जुलाई को कोर्ट में अभियोजन शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसमें 1300 पेज के डॉक्युमेंट के साथ पूरे विषय को विस्तार से सामने रखा गया है। छत्तीसगढ़ की एक्साइज में जो शराब बिक्री होती है, जिस पर प्रदेश को ड्यूटी मिलती है। तो सिंडिकेट बनाकर 2161 करोड़ रुपए की लूट हुई है, जो सरकार को मिलनी चाहिए थी।”

छत्तीसगढ़ के कॉन्ग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए उन्होंने आगे कहा, “इस लूट का बड़ा हिस्सा, वहाँ के सत्ताधारी राजनीतिक दल को जाता था। वहाँ 800 शराब की दुकानें हैं और सब कुछ राज्य के द्वारा कंट्रोल होता है, प्राइवेट के लिए जगह नहीं होती है। इन दुकानों से कैसे पैसा कमाना है और सरकार को चूना लगाना है, यही इसकी कहानी है। इसमें डुप्लीकेट होलोग्राम बनाया गया। मतलब जाली होलोग्राम से अवैध देशी शराब बेची गई, जो कि अलाउड नहीं था।”

बता दें कि मंगलवार (4 जुलाई 2023) को दायर अभियोजन शिकायत में नामित आरोपित कॉन्ग्रेस नेता एवं रायपुर के मेयर ऐजाज़ ढेबर के भाई अनवर ढेबर (51) है। इसके अलावा, भारतीय दूरसंचार सेवा अधिकारी अरुणपति त्रिपाठी (55), व्यवसायी त्रिलोक ढिल्लन (59) और उनके सहयोगी नितेश पुरोहित (51) एवं अरविंद सिंह (48) के भी नाम हैं।

ढेबर और ढिल्लन के वकील फैजल रिजवी ने कहा, “मेरे मुवक्किल को झूठे मामले में फँसाया गया है। ED द्वारा कुर्क की गई संपत्ति को मेरे मुवक्किल ने घोटाला होने से बहुत पहले खरीदी थी। ईडी ने उनके कब्जे से 52 लाख रुपए जब्त किए, लेकिन मेरे मुवक्किल के पास उनके आयकर रिटर्न प्रमाणपत्र के अनुसार 97 लाख रुपए थे।”

एजेंसी का कहना है कि उत्पाद शुल्क विभाग में भ्रष्टाचार साल 2019 में शुरू हुआ था और वह साल 2022 तक जारी रहा था। एजेंसी ने आरोप लगाया गया कि सिंडिकेट का नेतृत्व ढेबर और एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी ने किया था। इस IAS अधिकारी को अभी तक आरोपित नहीं बनाया गया है।

ED का कहना है कि दोनों ने व्यवस्थित रूप से राज्य की शराब नीति में बदलाव किया और उसका लाभ उठाया। शिकायत में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ राज्य विपणन निगम लिमिटेड (CSMCL) को राज्य में शराब की बिक्री और गुणवत्ता को नियंत्रित करने के लिए फरवरी 2017 में बनाया गया था, लेकिन सिंडिकेट ने एक समानांतर उत्पाद शुल्क विभाग लागू किया।

ED ने कहा कि सिंडिकेट ने फरवरी 2019 में CSMCL का नेतृत्व करने के लिए अरुणपति त्रिपाठी को चुना और मई में अनवर ढेबर के कहने पर त्रिपाठी को इसका प्रबंध निदेशक बनाया गया। त्रिपाठी को वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों का भी समर्थन हासिल था।

ईडी ने आगे कहा कि त्रिपाठी के नेतृत्व में CSMCL ने देशी शराब सिर्फ उन्हीं से खरीदी, जो प्रति पेटी 75 रुपए का कमीशन दिए। इसके बदले में ढेबर ने उनकी लैंडिंग दरें बढ़ाने का वादा किया। लैंडिंग दर वह दर थी, जो CSMCL द्वारा शराब निर्माताओं को भुगतान की गई।

अभियोजन की शिकायत में कहा गया है, “घोटाले के हिस्से के रूप में पहले वर्ष में हर महीने 800 पेटी देशी शराब ले जाने वाले 200 ट्रक शराब बेचे गए और 2022-23 में यह मात्रा बढ़कर 400 ट्रक हो गई। ढेबर और सेवानिवृत्त आईएएस ने अवैध रूप से अर्जित धन का 15% हिस्सा रखा और शेष 75% राज्य के सर्वोच्च राजनीतिक अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार राजनेताओं को दे दिया।”

असम में 5 जनजाति उग्रवादी संगठनों के 1182 कैडरों ने किया आत्मसमर्पण, CM हिमंता बिस्व सरमा के सामने डाले हथियार

असम पाँच उग्रवादी समूहों से जुड़े जनजाति समाज के लगभग 1182 कैडरों ने गुरुवार (6 जुलाई 2023) को राजधानी गुवाहाटी में एक समारोह के दौरान मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा के सामने हथियार डाल दिए। इस दौरान असम के मंत्रीगण और पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे।

जिन उग्रवादी गुटों के कैडरों ने आत्मसमर्पण किया, उनके नाम हैं- ऑल आदिवासी नेशनल लिबरेशन आर्मी (AANLA), बिरसा कमांडो फोर्स (BCF), संथाल टाइगर फोर्स (STF), आदिवासी कोबरा मिलिटेंट असम (ACMA) और आदिवासी पीपुल्स आर्मी (APA) के थे।

उग्रवादी संगठनों के कैडरों द्वारा आत्मसमर्पण पर मुख्यमंत्री सरमा ने कहा, “असम ने शांति की दिशा में एक और छलांग लगाई! विभिन्न आदिवासी विद्रोही संगठनों के 1,182 सदस्यों का हार्दिक स्वागत, जिन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़ दिया और उत्तर पूर्व में शांति और प्रगति के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मिशन मे शामिल हो गए।”

राज्य में शांति और सद्भाव बहाल करने के उद्देश्य से आदिवासी कल्याण एवं विकास परिषद के पदाधिकारी इस समारोह का नेतृत्व किया। इस दौरान कैडरों को समाज कल्याण की भी शपथ दिलाई गई। यह समारोह गुवाहाटी के श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में आयोजित किया गया।

गौरतलब है कि इन चरमपंथी संगठनों ने 24 जनवरी 2012 को सरकार के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था और 4 अक्टूबर 2016 को सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन (SoO) समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। SoO समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद से इनके और सरकार के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है।

इसके बाद, 15 सितंबर 2022 को इन समूहों और सरकार के बीच समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत असम सरकार ने एक 16 सदस्यीय आदिवासी कल्याण एवं विकास परिषद का गठन किया है। इस दौरान आशिम हादसा ने इसके सचिव के तौर पर शपथ भी लिया।

इससे पहले, 1 जून 2023 को आदिवासी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (APLA) के लगभग 39 कैडरों ने असम सरकार के समक्ष अपने हथियार डाल दिए थे। स्पीयर कोर के सुरक्षा बलों ने गुमराह युवाओं को मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया था। इसके लिए असम राइफल्स (उत्तर) IG और स्पीयर कोर ने असम पुलिस के साथ मिलकर इन लोगों को मुख्यधारा में लाया था।

इंस्टाग्राम पर बांग्लादेशी लड़की ने फँसाया, शेख मोहम्मद बन गया गुजरात का आशीष गोस्वामी: खतना कराने हॉस्पिटल पहुँचा, समझाइश के बाद घर वापसी

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद और राजस्थान के सीकर जिले में गेमिंग ऐप के जरिए हुए धर्मांतरण की तर्ज पर गुजरात के राजकोट में इंस्टाग्राम के जरिए एक हिंदू युवक के धर्मांतरण का मामला सामने आया है। आशीष गोस्वामी नामक इस युवक ने इंस्टाग्राम पर मिली बांगलादेशी मुस्लिम लड़की से शादी के लिए इस्लाम अपना लिया था। लेकिन अब हिंदू संगठनों और साधु-संतों की समझाइश के बाद उसने घर वापसी कर ली है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला राजकोट जिले के जेतपुर का है। यहाँ का आशीष गोस्वामी इंस्टाग्राम पर बांग्लादेश की मुस्लिम लड़की से बात करता था। लड़की के प्रभाव में आकर वह भगोड़े इस्लामी कट्टरपंथी जाकिर नाइक के वीडियो देखने लगा। इसके बाद लड़की से शादी करने के लिए करीब 6 महीने पहले उसने इस्लाम अपना लिया। अपना नाम बदलकर शेख मोहम्मद अलसामी रख लिया। धर्मांतरण के बाद वह घर छोड़कर मस्जिद में रहने लगा और 5 वक्त का नमाजी बन गया। 

बुधवार (5 जुलाई 2023) दो मुस्लिम युवक आशीष का खतना कराने के लिए उसे हॉस्पिटल लेकर पहुँचे। इस बात की जानकारी उसके परिजनों को हुई तो वे भी हॉस्पिटल पहुँच गए। सूचना मिलने पर हिंदू संगठन के लोगों ने भी मौके पर जाकर युवक को समझाने की कोशिश की। लेकिन वह किसी की भी सुनने को तैयार नहीं था। हालाँकि बाद में हिंदू संगठन के कार्यकर्ता उसकी सनातन धर्म में वापसी कराने में सफल रहे।

हिंदू संगठन के लोगों और महंत की समझाइश से घर वापसी

स्थानीय हिंदू धर्म सेना के नेता और जेतपुर के नरसिंह मंदिर के महंत कन्हैयानंद महाराज बुधवार (5 जुलाई 2023) रात आशीष के घर पहुँचे। उनके साथ और भी लोग थे। सभी ने करीब 2 घंटे तक उसे समझाया। इसके बाद उसे अपनी एहसास हुआ कि वह कट्टरपंथियों की की बातों में आ गया था। इसके बाद महंत ने माथे पर चंदन का तिलक लगाकर उसकी सनातन धर्म में वापसी कराई। 

आशीष ने महंत के सामने ही ट्रिमर लेकर मुस्लिमों की तरह रखी अपनी ढाढ़ी भी साफ कर दी। आशीष की घर वापसी के बाद उसके घर के बाहर हिंदू युवकों का जमावड़ा और बढ़ गया। सभी ने ‘भारत माता की जय’ और ‘जय श्री राम’ के नारे लगाते हुए हनुमान चालीसा का पाठ भी किया।

ऑपइंडिया ने महंत कन्हैयानंद महाराज से बात की। उन्होंने बताया, “बुधवार शाम करीब पाँच बजे जब यह विषय मेरे सामने आया तब मैं गाँधीनगर में था। लेकिन मामले की गंभीरता को समझते हुए मैं तुरंत ही जेतपुर के लिए रवाना हो गया। रात करीब नौ बजे युवक के घर हम पहुँचे और उसे समझाने की कोशिश की।”

उन्होंने आगे कहा है, “आखिरकार रात 11 बजे के आसपास उसे हमारी बात समझ में आई। इसके बाद वह दुःखी होकर रोने लगा। मैंने उसे हिम्मत दी और चंदन का तिलक लगाकर सनातन धर्म में वापसी कराई।” महंत यह भी बताया कि इस्लामी कट्टरपंथी भगोड़े जाकिर नाइक और उसके जैसे अन्य मौलवियों से प्रभावित होकर आशीष ने ऐसा कदम उठाया था।

छत्तीसगढ़ में ₹2161 करोड़ का शराब घोटाला: ED ने PMLA कोर्ट को बताया, कॉन्ग्रेस नेता से लेकर अधिकारी तक सब शामिल

छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले की जाँच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने विशेष PMLA कोर्ट में अभियोजन शिकायत दर्ज की है। इसमें आरोप लगाया गया है कि राज्य के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, राजनेताओं और कुछ व्यक्तियों के आपराधिक सिंडिकेट ने लगभग 2,161 करोड़ रुपए को अपनी जेब में डाला, जो कि सरकारी खजाने में जाना चाहिए था।

मंगलवार (4 जुलाई 2023) को दायर अभियोजन शिकायत में नामित आरोपित कॉन्ग्रेस नेता एवं रायपुर के मेयर ऐजाज़ ढेबर के भाई अनवर ढेबर (51) है। इसके अलावा, भारतीय दूरसंचार सेवा अधिकारी अरुणपति त्रिपाठी (55), व्यवसायी त्रिलोक ढिल्लन (59) और उनके सहयोगी नितेश पुरोहित (51) एवं अरविंद सिंह (48) के भी नाम हैं।

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, ढेबर और ढिल्लन के वकील फैजल रिजवी ने कहा, “मेरे मुवक्किल को झूठे मामले में फँसाया गया है। ED द्वारा कुर्क की गई संपत्ति को मेरे मुवक्किल ने घोटाला होने से बहुत पहले खरीदी थी। ईडी ने उनके कब्जे से 52 लाख रुपए जब्त किए, लेकिन मेरे मुवक्किल के पास उनके आयकर रिटर्न प्रमाणपत्र के अनुसार 97 लाख रुपए थे।”

एजेंसी का कहना है कि उत्पाद शुल्क विभाग में भ्रष्टाचार साल 2019 में शुरू हुआ था और वह साल 2022 तक जारी रहा था। एजेंसी ने आरोप लगाया गया कि सिंडिकेट का नेतृत्व ढेबर और एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी ने किया था। इस IAS अधिकारी को अभी तक आरोपित नहीं बनाया गया है।

ED का कहना है कि दोनों ने व्यवस्थित रूप से राज्य की शराब नीति में बदलाव किया और उसका लाभ उठाया। शिकायत में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ राज्य विपणन निगम लिमिटेड (CSMCL) को राज्य में शराब की बिक्री और गुणवत्ता को नियंत्रित करने के लिए फरवरी 2017 में बनाया गया था, लेकिन सिंडिकेट ने एक समानांतर उत्पाद शुल्क विभाग लागू किया।

ED ने कहा कि सिंडिकेट ने फरवरी 2019 में CSMCL का नेतृत्व करने के लिए अरुणपति त्रिपाठी को चुना और मई में अनवर ढेबर के कहने पर त्रिपाठी को इसका प्रबंध निदेशक बनाया गया। त्रिपाठी को वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों का भी समर्थन हासिल था।

ईडी ने आगे कहा कि त्रिपाठी के नेतृत्व में CSMCL ने देशी शराब सिर्फ उन्हीं से खरीदी, जो प्रति पेटी 75 रुपए का कमीशन दिए। इसके बदले में ढेबर ने उनकी लैंडिंग दरें बढ़ाने का वादा किया। लैंडिंग दर वह दर थी, जो CSMCL द्वारा शराब निर्माताओं को भुगतान की गई।

अभियोजन की शिकायत में कहा गया है, “घोटाले के हिस्से के रूप में पहले वर्ष में हर महीने 800 पेटी देशी शराब ले जाने वाले 200 ट्रक शराब बेचे गए और 2022-23 में यह मात्रा बढ़कर 400 ट्रक हो गई। ढेबर और सेवानिवृत्त आईएएस ने अवैध रूप से अर्जित धन का 15% हिस्सा रखा और शेष 75% राज्य के सर्वोच्च राजनीतिक अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार राजनेताओं को दे दिया।”

ढेबर के तीन सहयोगियों को भी विदेशी शराब बेचने का लाइसेंस मिला और बदले में उन्हें कमीशन दिया गया। इस तरह सिंडिकेट द्वारा अवैध रूप से 2,161 करोड़ रुपए कमाए गए, जो सरकारी खजाने में जाना चाहिए था। ईडी ने अब तक प्रोविजनल तौर पर 124 करोड़ रुपए जब्त किए हैं।

इंस्टाग्राम के ‘Threads’ में ट्विटर से क्या है खास? 1 दिन में मिल गए 1 करोड़ से ज्यादा यूजर्स: जानें ऐप के बारे में सब कुछ

ट्विटर जैसे फीचर वाला ‘थ्रेड्स’ ऐप अब मार्केट में है। एक ही दिन में इस एप्लीकेशन को 1 करोड़ से ज्यादा साइन-अप मिल चुके हैं। कंपनी का कहना है कि थ्रेड्स एक टेक्स्ट शेयरिंग और पब्लिक कन्वर्शेसन ऐप है। वहीं देखने में ये ट्विटर से थोड़ा अलग दिख रहा है। लेकिन इसका कॉम्पिटिशन ट्विटर ही है।

इस प्लेटफॉर्म पर यूजर्स 500 कैरेक्टर्स तक के टेक्स्ट के साथ वीडियो और फोटोज को शेयर कर सकेंगे। इसके अलावा इस पर 5 मिनट तक की वीडियोज भी डाली जा सकती हैं और इस ऐप पर लिंक भी शेयर किए जा सकते हैं।

ऐप को गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। दोनों ही प्लेटफॉर्म पर ये इंस्टाग्राम की थ्रेड्स ऐप फ्री है। मेटा कंपनी ने इसे 100 से ज्यादा देशों में लॉन्च किया है। यह अधिकतर टेक्ट्स कंटेंट पसंद करने वालों के लिए है, पर फोटोज और वीडियोज भी यहाँ शेयर करने की सुविधा है।

अभी ये ऐप नई है इसलिए बेवजह ऐड के कारण यूजर्स को परेशान नहीं होना पड़ेगा। लेकिन कहा जा रहा है कि आने वाले समय में एप्लीकेशन पर विज्ञापन देखने को मिल सकते हैं।

वैसे बता दें कि थ्रेड्स एक सेपरेट ऐप बनाई गई है। लेकिन इंस्टा की टीम द्वारा डेवलप किए जाने के कारण इंस्टा यूजर्स इससे सीधे तौर पर जुड़े होंगे। वो यूजर्स चाहें तो अपने इंस्टा अकॉउंट से लॉग इन कर सकते हैं। साथ ही उसी यूजरनेम को भी थ्रेड्स ऐप के लिए यूज कर सकते हैं। ऐप में खास यह भी है कि यह ऐप यूज़र्स को इंस्टाग्राम पर प्राइवेट और थ्रेड्स पर पब्लिक होने की अनुमित देता है।

इस एप्लीकेश में फॉलोइंग सिस्टम होगा। इसके अलावा चूँकि यह ऐप इंस्टा से सीधा कनेक्ट है इसलिए अगर आपने किसी शख्स को अपने इंस्टा पर ब्लॉक किया हुआ है तो वो थ्रेड्स पर भी आपको नहीं दिखाई देगा। अगर आपने इंस्टा पर ब्लू टिक खरीदा है तो यहाँ भी आपका अकॉउंट पहले से वेरीफाइड हो जाएगा। इस एप्लीकेशन को फिलहाल GIF और क्लोज फ्रेंड वाला सपोर्ट नहीं दिया गया है। इसी तरह इसमें ट्विटर की तरह डायरेक्ट मैसेजिंग का फीचर भी डेवलप किया जाना बाकी है।

बता दें कि मार्क जुकरबर्ग ने इस एप्लीकेशन को ठीक उसी समय लॉन्च किया है जब एलन मस्क लगातार ट्विटर में कोई न कोई बदलाव ला रहे हैं। अभी हाल में उन्होंने ब्लू टिक वालों के लिए ट्वीट देखने की सीमा को 10 हजार और बिन ब्लू टिक वालों के लिए ट्वीट देखने की सीमा 1 हजार की थी। उन्होंने ट्विटर पर इसे अस्थायी बदलाव कहा था। मगर मेटा ने इसी मौके पर अपनी एप्लीकेशन को लॉन्च कर दिया और जुकरबर्ग ने इस संबंध में ट्वीट करके ट्विटर को ट्रोल करने का प्रयास भी किया। ये बात और है कि लोग उन्हीं के ऊपर दूसरी एप्लीकेशन को कॉपी करने का इल्जाम लगाने लगे।

‘यह मेरे करियर का अंत’: वर्ल्ड कप से पहले बांग्लादेश के कप्तान ही हो गए रिटायर, प्रेस कॉन्फ्रेंस में फूट-फूटकर रोए तमीम इकबाल

इसी साल अक्टूबर में क्रिकेट का वन डे वर्ल्ड कप होना है। उससे ठीक पहले बांग्लादेश की क्रिकेट में भूचाल आ गया है। वन डे टीम के कप्तान तमीम इकबाल (Tamim Iqbal Retirement) ने अचानक से संन्यास ले लिया है। गुरुवार (6 जुलाई 2023) को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका ऐलान कर वे फूट-फूटकर रोने लगे। 3 महीने बाद वन डे वर्ल्ड कप होने के कारण यह बांग्लादेश क्रिकेट टीम के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

तमीम इकबाल ने संन्यास का ऐलान करते हुए कहा, “यह मेरे करियर का अंत है। मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ देने प्रयास किया है। अफगानिस्तान के खिलाफ कल मेरा आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच था। मैं अभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले रहा हूँ। यह अचानक लिया गया फैसला नहीं है। मैं तमाम कारणों के बारे में सोच रहा था। मैं यहाँ बताना नहीं चाहता। मैंने इस बारे में अपने परिवार वालों से बात की है। मैंने सोचा कि यह मेरे लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का सही समय है।”

इसके साथ ही तमीम इकबाल ने अपने पिता व परिवार के अन्य सदस्यों, दोस्तों, कोच, साथ खिलाड़ियों और हमेशा उनका साथ देने वाले फैंस का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने यह भी कहा है कि उनके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के फैसले के बारे में ज्यादा बातें नहीं होनी चाहिए। तमीम ने अपनी बात खत्म करते हुए टीम पर फोकस रखने और अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज जीतने पर ध्यान देने की बात कही है।

गौरतलब है कि तमीम इकबाल ने पिछले साल लगभग इसी समय यानी 17 जुलाई 2022 को टी20 क्रिकेट को अलविदा कहा था। अब उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को पूरी तरह से अलविदा कह दिया है। लेकिन शायद ही किसी ने सोचा होगा कि तमीम के 16 साल लंबे और 389 मैचों के क्रिकेट करियर का अंत इस तरह होगा। उन्होंने अपने टेस्ट क्रिकेट करियर के 70 मैचों में 10 शतक और 31 अर्धशतक के साथ 5134 रन बनाए हैं। 

वहीं, टी20 क्रिकेट की बात करें तो तमीम ने 78 मैचों में 1 शतक और 7 अर्धशतक के साथ 1758 रन बनाए। वनडे क्रिकेट का करियर देखें तो उन्होंने 241 मैचों में 14 शतक और 56 अर्धशतक जड़ते हुए रिकॉर्ड 8313 बनाए। वह बांग्लादेश की ओर से वन डे क्रिकेट में सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं।

चूँकि भारत में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप 2023 के लिए अब सिर्फ 3 महीने का ही समय बचा है। ऐसे में फैंस का कहना है कि तमीम को कम से कम वर्ल्ड कप का इंतजार करना चाहिए था। वास्तव में तमीम इकबाल जैसे क्रिकेटर का संन्यास लेना बांग्लादेश क्रिकेट टीम और बोर्ड के लिए बड़ा झटका तो है ही। लेकिन उनके संन्यास के साथ बांग्लादेश क्रिकेट के एक युग का भी अंत हो गया।

लालू जी ने सही कहा है, PM-CM बाल-बच्चेदार ही अच्छे; क्योंकि चाराखोरी का आनंद अकेले-अकेले में नहीं है

बिहार के सजायाफ्ता पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव वैसे स्वच्छंद तो स्वास्थ्य के आधार पर हैं, लेकिन आजकल अपने स्वास्थ्य से ज्यादा राजनीतिक बयानों को लेकर चर्चा में हैं। अचानक से फेसबुक फीड में उनके पुराने भाषण दौड़ रहे हैं। ट्विटर पर वीडियो धड़ाधड़ शेयर किए जा रहे हैं। मानो लालू जी कह रहे हों;

वो पुराने दिन
वो सुहाने दिन
आशिकाने दिन
ओस की नमी में भीगे
वो पुराने दिन
दिन गुजर गए
हम किधर गए
पीछे मुड़ के देखा पाया
सब ठहर गए…

जब देश में आम चुनाव नजदीक हो तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर अपने नेता को प्रमोट करने के लिए कैंपेन चलाना बनता है। भले सजायाफ्ता हो, पर नेता तो नेता है, सो उसका सक्रिय होना भी बनता है। खुद मीडिया से बातचीत करते हुए लालू यादव कह भी चुके हैं कि अब वे पूरी तरह फिट हैं। अब इसे उनकी फिटनेस का सर्टिफिकेट मान अदालत ने उनकी कारागार वापसी के आदेश नहीं दिए तो 2024 के आम चुनाव जितने करीब आते जाएँगे लालू यादव की पॉलिटिकल फिटनेस आपको उतनी ही बढ़ती दिखेगी।

पटना में विपक्षी दलों के प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी फिटनेस का ऐलान करने वाले लालू यादव 6 जुलाई 2023 को दिल्ली में थे। मेडिकल चेकअप करवाने। व्हील चेयर पर बैठे-बैठे ही मीडिया से बतिया भी रहे थे। इसी दौरान उन्होंने कहा कि पीएम जो भी हो, उसे बिना पत्नी के नहीं रहना चाहिए। कोई भी प्रधानमंत्री बिना पत्नी के नहीं रहना चाहिए। बिना पत्नी के जो लोग पीएम आवास में रहते हैं, वह गलत है।

इसके अलावा भी लालू यादव ने महाराष्ट्र से लेकर विपक्षी राजनीति तक कई सारी बातें की। पर उनका यह बयान चर्चा में आ गया। ठीक उसी तरह, जैसे पटना में विपक्षी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी से शादी करने के लिए कहा गया उनका ‘दुल्हा बनिए’ वाला बयान आया था।

लालू यादव के इस बयान की कई तरह से व्याख्या भी होगी। स्वनामधन्य राजनीतिक विश्लेषक इसमें भी कोई राजनीतिक दूरदर्शिता खोज लेंगे। कुछ इसे लालू जी का चुटीला अंदाजा बता नजरंदाज कर देंगे। कुछ सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर व्यक्तिगत हमला। पर दरअसल यह लालू जी का अनुभव है, जिसके आधार पर उन्होंने यह संदेश देना चाहा है कि नेताओं को चाहे वह प्रधानमंत्री हो या मुख्यमंत्री ही क्यों न हों, उन्हें बाल-बच्चेदार होना चाहिए।

जब पत्नी होगी तभी तो आप जेल जाते समय उसे अपनी कुर्सी दे सकते हैं। उसे एक राज्य की छाती पर बिठा सकते हैं। जैसे लालू जी ने राबड़ी देवी जी को बिठाया था। परिवार हो तभी तो आप पशुओं के आहार में भी घोटाले की संभावना खोज सकते हैं। जैसे लालू जी के राज में हुआ चारा घोटाला। जिससे जुड़े मामलों में वे दोषी करार भी दिए जा चुके हैं। परिवार होगा तभी तो आप उनके नाम पर जमीन लेकर जनता को नौकरी देंगे। जैसा लालू जी के रेल मंत्री रहते रेलवे में हुआ।

परिवार होता है तभी किसी व्यक्ति का साला सामानांतर सरकार बन जाता है। परिवार होता है तभी किसी की बेटी के ब्याह में शोरूम से गाड़ियाँ उठाई जाती हैं। परिवार होता है तभी राजनीतिक विरासत आगे बढ़ती है। जितना बड़ा परिवार करने को लेकर उतनी ही संभावनाएँ। ऐसे में यदि कोई ऐसा व्यक्ति पीएम या सीएम बन जाए, जिसके लिए कहा जा सके कि आगे नाथ न पीछे पगहा तो करने की सारी संभावनाएँ मृत हो जाती हैं। नील बट्टे सन्नाटा। फिर वह पीएम-सीएम कहेगा कि मेरा खुद का क्या। जो है देश के लिए है। देश की जनता के लिए है। जो है देश का है। देश की जनता का है। जिस दिन उनका आदेश होगा झोला उठाकर प्रस्थान कर जाऊँगा।

जैसा आज के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं। जबकि पहले वालों के साथ पत्नी होती थीं तो नौसेना के जहाजों पर पार्टी भी हो जाती थी। भ्रष्टाचार की फाइलें भी खुलती थी। एक पत्नी के प्रधानमंत्री आवास में न होने ने ही कई संभावनाओं को मृत कर रखा है। लालू जी सही कहते हैं, बिना पत्नी के प्रधानमंत्री आवास में किसी को नहीं होना चाहिए। उनका होना खाने की प्रेरणा है। खाने का आनंद है। जब तक पत्नी नहीं होगी प्रधानसेवक कहता रहेगा न खाऊँगा, न खाने दूँगा। इसलिए लालू जी के दर्द को समझिए। नहीं खा पाने की तड़प को बूझिए।

दलित के मुँह में गंदगी भरी, जूतों की माला पहना घूमाया: शिव’राज’ में अब इस्लाम-आरिफ सहित 7 के घर पर चला बुलडोजर, NSA की भी हो रही डिमांड

मध्य प्रदेश के सीधी में अनुसूचित जनजाति समाज के व्यक्ति पर पेशाब करने के आरोपित प्रवेश शुक्ला पर कार्रवाई के बाद राज्य में शिवपुरी कांड के आरोपितों के घरों पर भी बुलडोजर चला है। दलितों के साथ अमानवीय व्यवहार करने वाले अजमत खान, वकील खान, आरिफ खान, शाहिद खान, इस्लाम खान, रईसा बानो और साइना बानो के घरों को गुरुवार (6 जुलाई 2023) को तोड़ दिया गया।

मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने ट्वीट कर कहा, “शिवपुरी के नरवर में दलित व्यक्ति के साथ हुई तालिबानी घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है। घटना में शामिल अजमल, आरिफ, शाहिद सभी आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। आरोपियों के खिलाफ NSA की कार्रवाई करने के साथ अतिक्रमण पर बुलडोजर भी चलाया जाएगा।”

कॉन्ग्रेस पर आरोप लगाते हुए नरोत्तम मिश्रा ने कहा, “इस घृणित कार्य को दबाने के लिए कॉन्ग्रेस के लोगों द्वारा प्रशासन को फोन किए गए। पीड़ित दलित व्यक्ति को जूते की माला पहनाई गई, उसके मुँह में मलबा भरा गया और उसके साथ अमानुषिक अत्याचार किए गए।”

दरअसल, 30 जून 2023 को जिले के नरवर थाना क्षेत्र के वरखाड़ी गाँव में लड़कियों से छेड़छाड़ और चोरी के शक में आरोपितों ने दो दलित युवकों से मारपीट की थी। उनके गले में जूते-चप्पलों की माला डाल दी थी। उनके मुँह में गंदगी भरके मुँह को काला कर दिया था। उनके कपड़ों को आग लगा दी गई थी और फिर जुलूस निकालकर पुलिस के हवाले कर दिया गया था।

मगरौनी चौकी प्रभारी ने बताया कि पीड़ितों की शिकायत पर 7 आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, जिनमें 2 आरोपित महिलाएँ हैं। आरोपितों के नाम अजमत खान, वकील खान, आरिफ खान, शाहिद खान, इस्लाम खान, रहीशा बानो और साइना बानो हैं। पुलिस ने आरोपित वकील खान को छोड़कर सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। वकील खान की तलाश की जा रही है।

पीड़ित के भाई ने 3 जुलाई 2023 को जिले के पुलिस अधीक्षक से शिकायत की थी और उनके अतिक्रमण वाले मकान तोड़ने और वन भूमि को मुक्त कराने की माँग की थी। पीड़ित के भाई का कहना कि आरोपित वन भूमि पर अतिक्रमण किए हुए हैं। इसी के करीब से उनका गुजरने का रास्ता भी है।

पीड़ित के भाई ने कहा के आरोपित इस रास्ते को बंद करना चाहते हैं। इसके लिए वे षड्यंत्र रचते हैं और तरह-तरह के आरोप लगाते हैं। पीड़ित के भाई का कहना है कि आरोपित पहले भी जमीन की बाउंड्री पर करंट डालकर कई जानवरों की जान ले चुके हैं।

वन विभाग के SDO एलविन वर्मन ने बताया कि तीन लोगों ने लगभग तीन हेक्टेयर वन भूमि पर अतिक्रमण किया हुआ था। इसके विरुद्ध 19 सितंबर 2022 को केस दर्ज किया गया है। वन मंडलाधिकारी ने बेदखली का आदेश देते हुए कहा था कि वे अपने मन से अतिक्रमण हटा लें, लेकिन इन लोगों ने अतिक्रमण नहीं हटाया। इसके बाद कार्रवाई की गई।

टिकटॉक, स्नैपचैट कॉपी करने के बाद अब ट्विटर की बारी: ‘Threads’ की लॉन्चिंग पर उड़ा मार्क जुकरबर्ग का मजाक, 11 साल बाद मीम ट्वीट करके की थी वापसी

ट्विटर को टक्कर देने के लिए मेटा कंपनी ने थ्रेड्स को लॉन्च किया। इसी के साथ मार्क जुकरबर्ग की ट्विटर पर 11 साल बाद वापसी हुई है। उन्होंने ट्विटर पर आते ही एक मीम शेयर किया जिसमें स्पाइडर मैन की ड्रेस में खड़े दो लोग एक दूसरे को हैरानी से देख रहे हैं।

जाहिर सी बात है ये ट्विटर को और एलन मस्क को ट्रोल करने के लिए मार्क जुकरबर्ग ने किया था क्योंकि थ्रेड्स के फीचर वही है जो ट्विटर देता है। ऐसे में थ्रेड्स की लॉन्चिंग, मार्क जुकरबर्ग का आना और एक मीम शेयर होना…अब ट्विटर पर ही चर्चा का विषय बन गया है।

सोशल मीडिया यूजर्स इसपर बहुत मीम बना रहे हैं। कोई मीम के जरिए दिखा रहा है कि कैसे एक ओर एलन मस्क अपनी प्लेटफॉर्म पर लगातार चेंज लगाने की कोशिशें कर रहे हैं तो वही जुकरबर्ग भी उनकी देखा-देखी थ्रेड्स ले आए हैं।

कई यूजर कहते हैं कि मार्क जुकरबर्ग ने 11 साल में पहली बार ट्वीट किया वो भी ट्विटर को ट्रोल करने के लिए…।

जुकरबर्ग के ट्वीट को अब तक 1 करोड़ से ज्यादा लोग देख चुके हैं। कुछ लोग तो मार्क जुकरबर्ग पर हर चीज कॉपी करने का इल्जाम भी लगा रहे हैं। एक यूजर कहता है कि जुकरबर्ग ने टिकटॉक से रील का फीचर कॉपी किया। स्नैपचैट से स्टोरी का फीचर कॉपी किया। पेड ब्लू टिक आइडिया एलन मस्क से लिया और अब पूरी ट्विटर एप की कॉपी करने के लिए थ्रेड्स को बना दिया है।

जुकरबर्ग ने इस प्लेटफॉर्म को रिलीज करते हुए कहा कि उनका विजन इंस्टाग्राम की सर्वोत्तम चीजों को लेकर एक ऐसा अनुभव तैयार करना है जहाँ लोग अपने विचारों को भी टेक्स्ट के माध्यम से डिस्कस कर पाएँ जो उनके दिमाग में चल रही हैं। जुकरबर्ग ने इसे लॉन्च करते हुए कहा, “मुझे लगता है कि वर्ल्ड को फ्रेंडली माहौल की जरूरत है। मुझे खुशी है जो लोग थ्रेड्स का पहले ही दिन से पार्ट बने। अब ये ऐप एप्लीकेशन स्टोर पर उपलब्ध है।”

स्वीडन में अब 50 साल की महिला ने माँगी कुरान जलाने की इजाजत, इजरायली दूतावास के बाहर बाइबिल और टोरा जलाने के लिए भी आवेदन

स्वीडन में स्टॉकहोम की मस्जिद के सामने बकरीद पर कुरान जलाने के एक सप्ताह बाद फिर से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर प्रदर्शन की अनुमति माँगी गई है। कथित फ्री-स्पीच कार्यकर्ताओं ने यहूदियों की धार्मिक पुस्तक टोरा और ईसाइयों की धार्मिक पुस्तक बाइबिल को को जलाने की अनुमति के लिए पुलिस के समक्ष तीन आवेदन दिए हैं।

स्थानीय पुलिस ने बुधवार (5 जुलाई 2023) को स्वीडन के सरकारी ब्रॉडकास्टर को बताया कि उसे 30 साल के एक व्यक्ति ने 15 जुलाई को स्टॉकहोम में इज़राइल के दूतावास के बाहर यहूदी और ईसाई धर्मग्रंथों को जलाने का आवेदन प्राप्त हुआ था। यह प्रदर्शन ‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की प्रतीकात्मक सभा’ के रूप में आयोजित करने के बारे में बताया गया।

पुलिस ने बताया कि स्टॉकहोम में कुरान को ‘जल्दी-से-जल्दी’ जलाने का एक और अनुरोध 50 वर्ष की एक महिला द्वारा किया गया है। पुलिस का कहना है कि उसने किसी भी अनुरोध को तुरंत खारिज नहीं किया। पुलिस का कहना है कि प्रत्येक आवेदन की व्यक्तिगत आधार पर समीक्षा की जाती है।

स्वीडन में इज़राइल के राजदूत ज़िव नेवो कुलमन ने इस पर अनुरोध पर निराशा व्यक्त किया है। उन्होंने ट्वीट किया, “मैं स्वीडन में और अधिक पुस्तकों को जलाने की आशंका से स्तब्ध और भयभीत हूँ। चाहे वह कुरान हो, टोरा हो या कोई अन्य पवित्र पुस्तक हो। यह स्पष्ट रूप से घृणा का कार्य है, जिसे रोका जाना चाहिए।”

बताते चलें कि स्वीडन के स्टॉकहोम शहर की सबसे बड़ी मस्जिद के बाहर कुरान जलाया गया था। प्रदर्शन इराकी मूल का था। उसने प्रदर्शन के लिए पुलिस से इजाजत माँगी थी, लेकिन पुलिस ने इजाजत नहीं दी। इसके बाद वह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हवाला देते कोर्ट से इजाजत माँगी गई और कोर्ट ने इसकी इजाजत दे दी।

इस घटना के बाद इस्लामी दुनिया में बवाल हो गया और इस्लामी मुल्कों ने इसकी निंदा की। 57 देशों का इस्लामी संगठन (OIC) इस मामले पर जल्दी ही बैठक करने वाला है। वहीं, पाकिस्तान ने इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र में उठाया है।