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ट्रक में पत्थर, डम्पर में धारदार हथियार, बाहरी लोगों को थमाए लाठी-डंडेः जूनागढ़ में पुलिस पर हमले की इस्लामी भीड़ ने पहले से कर रखी थी तैयारी

गुजरात के जूनागढ़ में 16 जून 2023 को दरगाह के आगे पुलिस बल पर इस्लामी भीड़ के हमले की जाँच में अहम खुलासे हुए हैं। यह हिंसा पूर्व नियोजित थी। पुलिस पर हमला करने के लिए बाहर से भी लोगों को बुलाया गया था। हमले से पहले ही लोगों को लाठी-डंडे और पत्थर थमा दिए गए थे। पत्थरों को घटनास्थल पर लाने के लिए ट्रक का प्रयोग किया गया था।

दिव्य भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक अब तक की जाँच में यह बात निकल कर सामने आई है कि हिंसा से पहले पूरी तैयारियाँ की गईं थी। नगर निगम ने अवैध अतिक्रमण को चिन्हित करते हुए कुल 8 जगहों की लिस्ट बनाई थी। इसमें दरगाह के साथ मंदिर भी थे। माना जा रहा है कि नगर निगम में जब इन स्थलों को चिन्हित किया जा रहा था तभी वहाँ के किसी कर्मचारी ने इसकी सूचना बाहरी लोगों को कर दी थी। हालाँकि अभी तक सूचना लीक करने वाले कर्मचारी का नाम सार्वजानिक नहीं किया गया है।

बताया जा रहा है कि जानकारी लीक होने के बाद कुछ लोगों ने पूरी प्लानिंग के साथ 16 जून की तारीख हंगामे के लिए तय की। इसकी तैयारी के लिए लाठी-डंडे, धारदार हथियार और पत्थर जमा किए गए थे। पत्थरों को ट्रक और डम्पर में भर कर घटनास्थल के आसपास रखा गया था। हमले से ठीक पहले बाहर से हिंसक भीड़ बुलाई गई थी। जूनागढ़ के डीएसपी हतेश धंडालिया ने भी हमले से पहले साजिश का अंदेशा जताया है। उन्होंने कहा कि सब कुछ थोड़े ही समय में घटित हुआ।

दरगाह मजावाड़ी गेट के पास है और यह खुला हुआ है। आसपास CCTV कैमरे भी लगे हुए हैं। माना जा रहा है कि ऐसे में अगर पत्थर खुले में रखे जाते तो वे नजर में आ जाते। ऐसे में ईंट-पत्थर रखने के लिए ट्रकों और डम्परों का इस्तेमाल किया गया। ट्रकों को भी ऐसे स्थान देखकर खड़ा किया गया जहाँ वो कैमरे की नजर में न आएँ। कहा जा रहा है कि इन्हीं डम्परों में हथियार भी छिपा कर रखे गए थे जिसे पुलिस पर हमले के लिए प्रयोग किया गया।

बताते चलें कि दरगाह पर अवैध अतिक्रमण के लगे नोटिस के विरोध में 16 जून को गुजरात के जूनागढ़ में हिंसा भड़क गई थी। इस हिंसा में अल्लाह हू अकबर और नारा ए तकबीर चिल्लाती 500 से 600 की भीड़ ने पुलिस बल पर हमला किया था। हमले में महिलाएँ भी शामिल थीं। भीड़ पुलिसकर्मियों की हत्या के लिए ललकार रही थी। इस हमले में एक हिन्दू नागरिक की मौत हो गई थी, जबकि आधे दर्जन पुलिसकर्मी घायल हुए थे। महिला पुलिस स्टाफ की शिकायत पर हिंसा में शामिल 31 लोगों को नामजद कर जाँच की जा रही है।

गोदान, भूदान, तिलदान… PM मोदी ने 10 दान अमेरिकी राष्ट्रपति को दिए, बायडेन दंपती को उपहार में मिले भगवान गणेश, उपनिषद और ग्रीन डायमंड भी

अमेरिकी दौरे पर गए भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार (21 जून 2023) की रात व्हाइट हाउस पहुँचे। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन और उनकी पत्नी जिल ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया। प्रधानमंत्री प्राइवेट डिनर के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास पर गए थे। इस दौरान पीएम मोदी ने बायडेन दंपती को कई उपहार दिए। इनमें भगवान गणेश की मूर्ति से लेकर ग्रीन डायमंड तक शामिल हैं। एक खास बाॅक्स सौंपा जिसमें 10 दान राशि थे।

प्रधानमंत्री ने फर्स्ट लेडी जिल बायडेन को 7.5 कैरेट का इको फ्रेंडली ‘ग्रीन डायमंड’ गिफ्ट किया। वहीं राष्ट्रपति बायडेन को ’10 प्रिंसिपल्स ऑफ उपनिषद’ नामक किताब दी। जयपुर के कारीगरों द्वारा मैसूर के चंदन से तैयार किया गया एक विशेष गिफ्ट बाॅक्स दिया। इसमें भगवान गणेश की मूर्ति और एक दीये के अलावा छोटी-छोटी डिब्बियों में 10 उपहार थे। ये उपहार देश के अलग-अलग राज्यों में तैयार किए गए हैं और भारत की विविधता को प्रदर्शित करते हैं।

नक्काशीदार गिफ्ट बाॅक्स में जो उपहार थे वे 10 दान राशि हैं। गोदान के प्रतीक स्वरूप चाँदी का हस्तनिर्मित नारियल दिया गया। इसे पश्चिम बंगाल के कारीगरों ने तैयार किया है। भूदान के लिए चंदन की लकड़ी का एक टुकड़ा दिया गया जो कर्नाटक के मैसूर का है। तिलदान के लिए तमिलनाडु के सफेद तिल थे। हिरण्यदान यानी स्वर्ण दान के लिए बॉक्स में राजस्थान में बना 24 कैरेट शुद्ध और हॉलमार्क वाला सोने का सिक्का रखा हुआ था।

राजस्थान के कारीगरों द्वारा निर्मित 99.5% शुद्ध और हॉलमार्क वाला चाँदी का सिक्का रौप्यदान यानी चाँदी दान के तौर पर दिया गया। लावण्य यानी नमक का दान के तौर पर गुजरात का नमक बाॅक्स में रखा था। पंजाब में तैयार किया गया घी अज्यदान का प्रतीक बना। वहीं गुड़दान के लिए महाराष्ट्र का गुड़ प्रयोग किया गया। उत्तराखंड का लंबे दाने वाला चावल धान्यदान के तौर पर दिया गया। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में निर्मित ताम्र पत्र भी उपहार में शामिल हैं।

गाँव की आबादी 3500 पर एक भी हिंदू नहीं, रामगढ़ के 550 वोटर में 500 मुस्लिमः नो मेंस लैंड में भी बसे, नेपाल बाॅर्डर पर ‘घर दामाद’ से डेमोग्राफी चेंज

गाँव का नाम बिचपटा। आबादी 3500 के करीब। पर इनमें कोई भी हिंदू नहीं है। गाँव का नाम रामगढ़। 550 के करीब वोटर। इनमें 500 से अधिक मुस्लिम हैं। ये गाँव उत्तर प्रदेश से सटे नेपाल बाॅर्डर के करीब हैं। लखीमपुर के चंदन चौकी से बिचपटा करीब एक किलोमीटर दूर है। इसी गाँव से सटा हुआ है रामगढ़। नेपाल की सीमा से सटे इलाकों में हुए डेमोग्राफी चेंज को आप इन गाँवों में आकर समझ सकते हैं। महसूस कर सकते हैं।

ये केवल दो गाँवों तक ही सीमित नहीं है। बहराइच में बाॅर्डर का आखिरी गाँव सीतापुरवा है। यहाँ भी सिर्फ मुस्लिम आबादी है। कोई हिंदू परिवार इस गाँव में नहीं रहता। श्रावस्ती में बाॅर्डर से लगा गाँव है- भरथा रोशनपुरवा। करीब 5 हजार की आबाद वाला ये गाँव नो मेंस लैंड में भी आबाद है। एक छोर भारत में तो दूसरा छोर नेपाल में। बाॅर्डर बताने वाले पिलर तक नजर नहीं आते। नो मेंस लैंड उस भूमि को कहते हैं जिसे दो देशों की सीमाओं के बीच छोड़ दिया जाता है। इस जमीन पर किसी देश का अधिकार नहीं होता। इसमें पिलर या बाड़ लगाकर देश अपनी सीमा का निर्धारण कर लेते हैं।

दैनिक भास्कर के रिपोर्टर रवि श्रीवास्तव नेपाल बाॅर्डर से लगे यूपी के लखीमपुर, बहराइच और श्रावस्ती जिलों के इन गाँवों की पड़ताल की है। वे जानना चाहते थे कि बाॅर्डर के इलाकों में डेमोग्राफी चेंज को लेकर किए जा रहे दावे कितने सही हैं। यूपी सरकार बिना मान्यता के चल रहे मदरसों पर कार्रवाई की तैयारी कर रही है। इन इलाकों के मदरसों की वास्तविक स्थिति क्या है। इस दौरान उन्होंने वह सब कुछ पाया जिन तथ्यों से ऑपइंडिया ने बीते साल अपने सिलसिलेवार ग्राउंड रिपोर्ट में आपको परिचित कराया था।

रवि श्रीवास्तव ने अपनी रिपोर्ट में विस्तार से इन गाँवों की आबादी, मस्जिद-मदरसे, यहाँ रहने वाले लोगों की स्थिति के बारे में बताया है। उन्होंने पाया कि ज्यादा बच्चे पैदा करना और दामाद कल्चर डेमोग्राफी चेंज के मुख्य कारणों में से हैं। चंदन चौकी के शौकत ने उन्हें बताया, “निकाह के बाद बेटियों के शौहर यहीं आकर बसने लगे। कहाँ से आकर बसे ये नहीं पता पर उन्हें घर दामाद कहा जाता है।” रामगढ़ के पूर्व प्रधान मोहम्मद उमर के हवाले दैनिक भास्कर ने कहा है, “एक परिवार में कई बच्चे होने से आबादी लगातार बढ़ रही है। हमने होश सँभाला तब यहाँ 24 से 25 परिवार थे। हमारे तीन बेटे हैं। अभी ताे एक ही परिवार में हैं। लेकिन मेरे बाद अलग होकर तीन परिवार बन जाएँगे। गाँव में कुछ लोग बाहर से आए हैं। उन्हें घर दामाद कहते हैं।”

ऑपइंडिया ने अपनी पड़ताल के पाया था कि बाॅर्डर इलाकों में घरों और दुकानों पर इस्लामी झंडों का लहराना सामान्य है। बलरामपुर जिले में बॉर्डर के 15 किलोमीटर के दायरे में 150 मदरसे चल रहे थे। मस्जिदों की संख्या 200 से अधिक थी। बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत अहलादडीह के ग्राम प्रधान हरीश चंद्र शर्मा ने बताया था कि 10 किमी के दायरे में 20 गाँव मुस्लिम बहुल हैं। डेमोग्राफी चेंज के कारण हिन्दू दब कर त्योहार मनाते हैं।

भारत नेपाल सीमा के इलाकों पर ऑपइंडिया की ग्राउंड रिपोर्ट एक सीरीज के तौर पर प्रकाशित की गई थी। इस पूरी सीरीज को एक साथ पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

हिन्दू युवती को भगाकर ले जाने की कोशिश कर रहा था मुजीब खान, उत्तराखंड के एक और इलाके में ‘लव जिहाद’ से तनाव: लोग बोले- बाहर से बड़ी संख्या में आकर बस रहे मुस्लिम

लव जिहाद से उत्तराखंड (Love Jihad in Uttarakhand) त्रस्त है। उत्तरकाशी के पुरोला में कुछ दिन पहले हुए बवाल के बाद अब गढ़वाल के श्रीनगर में लव जिहाद का एक मामला सामने आया है। एक हिंदू युवती को मुजीब खान नाम के 22 वर्षीय एक मुस्लिम युवक द्वारा बहलाकर भगाने की कोशिश के कारण लोगों में गुस्सा है।

इसके विरोध में श्रीनगर के स्थानीय लोग और व्यापारी कोतवाली थाना पहुँचकर हंगामा किया। स्थानीय लोगों के साथ-साथ व्यापारी और भाजपा कार्यकर्ता भी मौजूद थे। उन्होंने पुलिस को बताया कि वे आरोपित को पकड़ते, इससे पहले ही वह फरार हो गया।

स्थानीय लोगों ने कहा कि पहाड़ की शांत वादियों को अशांत करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएँ बर्दाश्त नही की जाएँगी। विरोध करने वाले लोगों ने पुलिस से इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की माँग की।

भाजपा जिला उपाध्यक्ष लखपत सिंह भंडारी ने कहा कि एक विशेष समुदाय के लोग बड़ी संख्या में बाहर से उत्तराखंड पहुँच रहे हैं, लेकिन उनका सत्यापन नहीं हो रहा है। लखपत सिंह का कहना है कि ये लोग उत्तराखंड के शांत माहौल को अशांत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देर हो जाए, इससे पहले सत्यापन का काम शुरू कर देना चाहिए।

श्रीनगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक ने कहा कि इस संबंध में तहरीर मिलने के बाद तत्काल कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि शांति व्यवस्था बनी रहे और माहौल खराब ना हो, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इस मामले में पुलिस ने युवती को भगाने वाले आरोपित मुजीब खान और उसके अब्बू को यूपी के बदायूँ से गिरफ्तार कर लिया है।

लाइव हिंदुस्तान के अनुसार, दोनों पर धर्मांतरण कानून के तहत कार्रवाई की गई है। इसके अलावा, आरोपित युवक के खिलाफ छेड़छाड़ का भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने मुजीब के साथ-साथ उसके 45 साल के अब्बू बाबू खान को अदालत में पेश किया, जहाँ से दोनों को जेल भेज दिया गया है।

बता दें कि पुरोला में इसी तरह का मामला सामने आया था। मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोग सड़कों पर आ गए थे और मुस्लिम दुकानदारों को मकान-दुकान खाली करने का निर्देश दे दिया था। इसके बाद इस मामले की देश भर में चर्चा हुई थी।

‘मौत से किसे डर नहीं लगता? मेरा पूरा परिवार खौफ में है’: रैपर यो यो हनी सिंह को हत्या की धमकी, दिल्ली पुलिस के मुख्यालय पहुँच माँगी सुरक्षा

रैपर यो यो हनी सिंह को कनाडा में बैठे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ से हत्या की धमकी मिली है। उन्होंने दिल्ली पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई है। उन्हें ये धमकी वॉइस नोट के जरिए मिली। यो यो हनी सिंह खुद दिल्ली पुलिस के मुख्यालय जा पहुँचा। वॉइस नोट की जाँच करते हुए पुलिस आगे बढ़ रही है। मीडिया से बात करते हुए हनी सिंह ने कहा कि वॉइस नोट में क्या-क्या कहा गया है इसका वो वक्त आने पर खुलासा करेंगे। उन्होंने पुलिस कमिश्नर से मुलाकात की।

‘ब्लू आईज’ और ‘पार्टी ऑल नाइट’ जैसे गानों के लिए लोकप्रिय रहे हनी सिंह ने बताया कि उन्हें और उनके एक स्टाफ को फोन कॉल कर के धमकी दी गई है। उन्होंने बताया कि ये फोन कॉल गोल्डी बराड़ के नाम से आई। हनी सिंह ने दिल्ली के CP से आग्रह किया है कि उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई जाए। उन्होंने कहा कि वो बहुत डरे हुए हैं, अभी धमकी के बारे में सब कुछ जाहिर नहीं कर सकते। हालाँकि, रैपर ने कहा कि उन्होंने पुलिस को सभी सबूत दे दिए हैं।

उन्होंने कहा कि वो विचार-विमर्श करने के बाद इस संबंध में अधिक बात करेंगे। यो यो हनी सिंह ने कहा, “मेरे साथ ये पहली बार हुआ है, जिंदगी में। लोगों ने हमेशा बहुत प्यार दिया है। ये पहली बार है जब ऐसी कोई धमकी आई है। बहुत डरा हुआ हूँ सर मैं। पूरा परिवार डरा हुआ है। मौत से किसे डर नहीं लगता है? मैं पूरी जिंदगी में सिर्फ मौत से ही डरा हूँ। मैंने पुलिस से बस यही डिमांड की है कि सिक्योरिटी मिले, प्रोटेक्शन दें। मुझे विदेशी नंबर से कॉल आया था।”

याद दिला दें कि पंजाब के गायक सिंधु मूसेवाला हत्याकांड में भी गोल्ड बराड़ आरोपित है, जो फरार चल रहा है। उसका असली नाम सतविंदरजीत सिंह है, जो जेल में बंद कुख्यात शूटर लॉरेंस बिश्नोई का करीबी सहयोगी माना जाता है। लॉरेंस बिश्नोई कई बार अभिनेता सलमान खान को जान से मारने की धमकी दे चुका है। कनाडा स्थित इंटरपोल ने भी गोल्डी बराड़ का नाम शीर्ष-25 भगोड़े अपराधियों में डाला है। कनाडा में वो कहाँ छिपा हुआ है, इसकी जानकारी किसी को नहीं है।

बिहार में 3 महीने से कहर बरपा रहा चेचक, मेडिकल टीम भेजने में लग गए 3 महीने: उधर ‘सियासी खेल’ में व्यस्त CM नीतीश कुमार

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) भाजपा विरोधी दलों को एक मंच पर लाने के लिए लगातार दौरे कर रहे हैं। इसको लेकर 23 जून 2023 को पटना में विपक्षी दलों की बैठक होने जा रही है। इस बीच प्रदेश के लोग उनकी राजनीति की बलि चढ़ रहे हैं। सुपौल के त्रिवेणीगंज प्रखंड में चेचक का प्रकोप फैला हुआ है, लेकिन 3 महीने बीतने के बाद भी मेडिकल टीम नहीं पहुँची है।

उधर, सुपौल के त्रिवेणीगंज प्रखंड के गजहर गाँव में चेचक ने लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है। करीब 30 से 35 लोग इससे परेशान हैं। इनमें बच्चे भी शामिल हैं। इसके पहले पटना, कटिहार, नरकटियागंज आदि के कई गाँवों में चेचक के मामले सामने आ चुके हैं। हालाँकि, स्वास्थ्य विभाग कान में तेल डालकर सो रहा है।

सुपौल के गजहर गाँव के मुस्लिम टोला में पिछले तीन महीने से लोग चेचक से परेशान हैं। इस टोले में लगभग 35 घर चपेट में हैं और 70 की संख्या में लोग चेचक से ग्रस्त हैं। इनमें बच्चेे से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं।

मेडिकल टीम के गाँव नहीं पहुँचने की बात पर जिले के सिविल सर्जन मिहिर वर्मा ने जाँच की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। हालाँकि, मामला बढ़ता देखकर उन्होंने एक मेडिकल टीम गाँव में भेजी है।

इससे पहले दिसंबर 2022 में सुपौल के मरौना प्रखंड के बेलही पंचायत में चेचक के मामले सामने आए थे। यह बीमारी कई वॉर्डों में फैल गई थी। इसके कारण कई महिला, बच्चों और युवाओं को चेचक का सामना करना पड़ा था। एक बार फिर इस जिले में यह कहर जारी है और स्वास्थ्य विभाग सो रहा है।

एक साथ 1.25 लाख लोगों ने किया योगाभ्यास, ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ पर सूरत ने बनाया गिनीज बुक वर्ल्ड रिकॉर्ड: CM भूपेंद्र पटेल का ऐलान – गुजरात में 51 नए योग स्टूडियो बनेंगे

जब पूरी दुनिया उत्साह के साथ ‘विश्व योग दिवस’ मना रही है, तब गुजरात के सूरत शहर में 1.25 लाख लोगों ने एक साथ योगाभ्यास कर एक नया इतिहास रच दिया है। ‘मिनी इंडिया’ के नाम से पहचाने जाने वाले सूरत में एक साथ, एक ही स्थान पर 1.25 लाख नागरिकों के योग अभ्यास की इस ऐतिहासिक घटना को ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में दर्ज किया गया है। बुधवार (21 जून, 2023) को सूरत के वाई जंक्शन में आयोजित राज्य स्तरीय योग कार्यक्रम में सुबह से ही लोगों का जमावड़ा होना शुरू हो गया था।

योग कार्यक्रम में वाई जंक्शन से लेकर SVNIT सर्किल तक और वाई जंक्शन से रत्नभूमि पार्टी प्लॉट तक 4-4 किलोमीटर तक तथा वाई जंक्शन से सूरत एयरपोर्ट गेट तक 4.5 किमी तक के दायरे सहित कुल 12.5 किमी के मार्ग पर प्रति किमी लगभग 10,000 लोगों समेत कुल 1,25,000 से अधिक नागरिकों ने योगाभ्यास किया। उल्लेखनीय है कि इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जारी ऑनलाइन लिंक पर केवल एक ही दिन में एक लाख से अधिक लोगों ने रजिस्ट्रेशन कर लिया था।

भारत की प्राचीन परंपरा और संस्कृति की अमूल्य देन योग को बढ़ावा देने के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में लोगों का उत्साह देखते ही बनता था। सूरत द्वारा बनाए गए इस विश्व रिकॉर्ड के ऐतिहासिक अवसर पर ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ के प्रतिनिधियों ने अधिकृत रूप से इसका ऐलान किया तथा गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को रिकॉर्ड का प्रमाण पत्र सौंपा। सूरत महानगर पालिका और जिला प्रशासन ने इस कार्यक्रम को लेकर पूरी तैयारियाँ की थीं।

लाखों लोगों की सुविधा के लिए समुचित बुनियादी व्यवस्थाएँ की गई थीं। आयोजन स्थल पर मोबाइल वैन के साथ चिकित्सकों की टीमें, पार्किंग, पेयजल और मोबाइल टॉयलेट का इंतजाम किया गया था। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि हमारी स्वास्थ्य धरोहर योग को वैश्विक स्वीकृति मिल चुकी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्थक प्रयासों से पूरी दुनिया में योगविद्या के प्रचलित होने से भारत माता को अनूठा गौरव मिला है।

उन्होंने कहा कि भारत की भव्य विरासत योग के कारण दुनिया में ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना अधिक मजबूत हुई है, जिसका श्रेय हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को जाता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और तनाव मुक्त जीवन कैसे जिया जा सकता है, इसका बेहतरीन उदाहरण हमारे ऋषि-मुनियों और योगाचार्यों ने पूरी दुनिया को बताया है। सीएम पटेल ने कहा कि राज्य में योग को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य सरकार ने योग बोर्ड की स्थापना की है, जिससे 5000 लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है।

उन्होंने इन प्रयासों को और आगे बढ़ाते हुए राज्य में 51 नए योग स्टूडियो के निर्माण की घोषणा भी की। ‘विश्व योग दिवस’ के अवसर पर पूरे गुजरात में सवा करोड़ से अधिक नागरिक ‘योगमय गुजरात’ अभियान में हर्षोल्लास के साथ शामिल हुए। गृह, युवक सेवा और सांस्कृतिक मंत्री श्री हर्ष संघवी ने कहा कि पूरी दुनिया विशाल जनभागीदारी के साथ योग दिवस मना रही है, तब सूरत में रचा गया इतिहास हम सभी के लिए गौरवशाली क्षण है।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और सांसद श्री सीआर पाटिल ने उपस्थित लोगों से स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए जनसाधारण की पसंद बने योग को जीवन का एक हिस्सा बनाने का आग्रह किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों ने योग के महत्व और इतिहास पर आधारित एक कॉफी टेबल बुक ‘योग’ का विमोचन किया और योग अवॉर्ड प्रदान किए। योग बोर्ड के चेयरमैन शीशपाल राजपूत ने कॉमन योग प्रोटोकॉल अभ्यास कराया।

‘कॉपीराइट्स, पेटेंट्स और रॉयल्टी पेमेंट्स – इन सबसे मुक्त है योग’: PM मोदी ने संयुक्त राष्ट्र के मुख्यालय में सैकड़ों लोगों के साथ किया योगाभ्यास, मोटे अनाजों को बताया ‘सुपर फ़ूड’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका में बुधवार (21 जून, 2023) को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर योग से जुड़े एक कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों की देखरेख में सैकड़ों लोगों ने योगाभ्यास भी किया। इस मौके पर उन्होंने दुनिया को बताया कि योग का जन्म भारत में ही हुआ है। कार्यक्रम में दुनिया के लगभग सभी देशों के लोग शामिल थे, जिन्हें पीएम मोदी ने धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि योग एक करता है और इतने लोगों का साथ आना भी योग है।

पीएम मोदी ने न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र के मुख्यालय में उमड़े जनसमूह को संबोधित करते हुए याद किया कि 9 वर्ष पहले इसी जगह पर उन्हें योग के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस का प्रस्ताव रखने का सम्मान हासिल हुआ था। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया ने इसका समर्थन किया जो आनंददायक है।पीएम मोदी ने याद किया कि 2015 में उन्होंने UN पीसकीपर्स के लिए मेमोरियल का आह्वान किया था और अब पूरी दुनिया भारत के साथ है जिससे ये वास्तविकता बनने जा रहा है।

मोटे अनाजों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए भारत ने 2023 को ‘इंटरनेशनल ईयर ऑफ मिल्लेट्स’ घोषित किए जाने का प्रस्ताव रखा था, जिसे भरपूर समर्थन मिला। पीएम मोदी ने समझाया कि मिल्लेट्स (श्री अन्न) न सिर्फ संपूर्ण स्वास्थ्य, बल्कि पर्यावरण के लिए भी अच्छा है। उन्होंने इसे सुपर फ़ूड करार दिया। अब पीएम मोदी ने योग को लेकर दुनिया के एक बार फिर भारत के साथ आने पर ख़ुशी जताई। उन्होंने योग को प्राचीन परंपरा बताते हुए कहा कि अन्य प्राचीन परंपराओं की तरह ये भी लिविंग और डायनेमिक है।

पीएम मोदी ने कहा कि योग कॉपीराइट्स, पेटेंट्स और रॉयल्टी पेमेंट्स से मुक्त है। उन्होंने कहा कि योग पोर्टेबल है, जिसे आप घर में या दफ्तर में भी कर सकते हैं, यात्रा के दौरान भी कर सकते हैं। उन्होंने योग को एकता का माध्यम बताते हुए कहा कि ये सभी समुदायों और संस्कृतियों के लिए है। उन्होंने योग को फ्लेक्सिबल बताते हुए कहा कि आप इसे अकेले कर सकते हैं, समूह में कर सकते हैं, किसी प्रशिक्षक से सीख सकते हैं या खुद भी सीख सकते हैं।

पीएम मोदी ने कहा, “योग वास्तव में वैश्विक है। योग जीवन जीने का तरीका है। ये एक माध्यम है, जिससे आपकी सोच और आपके कार्यों में चेतना आती है। स्वयं के साथ, दूसरों के साथ और प्रकृति के साथ तारतम्य बिठा कर रहने का जीवन जीने का तरीका है योग।” आम लोगों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी योग किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के राजकीय दौरे पर हैं, जहाँ वो दूसरी बार युएस कॉन्ग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे।

‘राम ने कभी चमत्कार नहीं दिखाई, उन्हें नहीं पता था कि वे अवतार हैं’: आदिपुरुष फिल्म के संवाद लेखक मनोज मुंतशिर से हुए तीखे सवाल तो झाँकने लगे बगलें

रामायण पर आधारित फिल्म आदिपुरुष के संवादों को लेकर देश में बवाल मचा हुआ है। फिल्म के संवाद लेखक मनोज मुंतशिर शुक्ला की खूब फजीहत हो रही है और हिंदुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने के लेकर उन्हें लानत भेजी जा रही है।

शुरुआत में संवाद लेखक शुक्ला ने अपने संवाद के बचाव के पीछे खूब तर्क दिया। उन्होंने अपनी गलती को छिपाने के लिए कुछ ऐसे तर्क भी दे डाली, जिसको लेकर लोग उन्हें धर्मद्रोही तक कहने लगे। जनता की नब्ज को पहचानते हुए उन्होंने हनुमान जी द्वारा बोले गए ‘कपड़ा तेरे बाप का…..’ का बदल दिया है।

हालाँकि, संवाद बदलने के बावजूद भी ऐसे कई सीन हैं, जिनको लेकर लोगों में गुस्सा है। इनमें विभीषण की पत्नी माया का लोकट ब्लाउज पहनना और कपड़े बदलते हुए दिखाना, रावण का चमगादड़ पर यात्रा करना, लक्ष्मण जी को शक्तिबाण लगने पर माया द्वारा टब में लिटाना है आदि कई ऐसे सीन हैं, जिन्हें दर्शक पचा नहीं पा रहे हैं।

इन सबमें एक प्रमुख सवाल है, रामजी के सामने से सीता जी का अपहरण। इस मुद्दे को जी न्यूज के एंकर राम मोहन शर्मा ने मनोज मुंतशिर शुक्ला के साथ एक शो में बातचीत के दौरान उठाई। एंकर शर्मा ने कहा, भगवान राम कभी इतने बेबस लगे, इतने असहाय लगे कि उनकी पत्नी को रावण उठाकर ले जा रहा है और वे आँख भरकर देख रहे हैं।”

भगवान राम को ऐसे चित्रित करने के सवाल पर शुक्ला हड़बड़ाए से नजर आते हैं और कहते हैं, “भगवान राम ने अपना पूरा जीवन मानव मूल्यों पर जिया है। उन्होंने कभी चमत्कार नहीं दिखाया। उनकी शक्तियाँ अर्जित की हुई थीं। जैसा उन्होंने कमाई थीं, वैसा हम और आप भी कमा सकते हैं। श्रीराम की कथा की विशेषता यही है।”

संवाद लेखक आगे कहते हैं, “यही चीजें राम को श्रीकृष्ण से अलग करती हैं। भगवान श्रीकृष्ण को पहले से पता था कि वे अवतार हैं और 16 कलाओं के स्वामी हैं। वो लीलाधर हैं। उनको पता था। भगवान राम को कुछ नहीं पता था। भगवान राम भगवान विष्णु के अवतार हैं, ये बहुत बाद के चरण में बात आई होगी।”

मनोज मुंतशिर के इस दावे पर एक आम आदमी यही सोचेगा कि अगर एक भगवान पृथ्वी पर जन्म लेते हैं तो क्या उन्हें पता नहीं होगा कि वे भगवान हैं। अगर शुक्ला के बात को सही मानें तो फिर अवतार और आम मानव में अंतर क्या रहेगा। जो उच्च आध्यात्मिक शक्तियाँ होती हैं, उनका अवचेतन मन सदैव जाग्रत रहता है। ऐसे कई संतों का भारत का साक्षी रहा है।

एंकर राम मोहन शर्मा भी भी पूछते हैं, “शुक्ला जी पत्थर की मूर्ति का चरण रज पाकर अहिल्या हो जाना चमत्कार नहीं मानते? इससे पहले राम ताड़का वध कर चुके थे, इसी घटना के बाद राम गुरु के साथ राजा जनक के यहाँ गए थे, जहाँ पिनाक तोड़कर शक्ति दिखायी। उससे पहले लक्ष्मण ने राम की महिमा गाई, परशुराम भी उनकी लीला को प्रणाम करके गए, केवट ने उनकी चरण धोए, उतराई नहीं ली जो केवट को पता था राम उससे अनभिज्ञ थे?”

‘हनुमान चालीसा का पाठ कर लौट रहे थे बजरंग दल के कार्यकर्ता, मुस्लिम भीड़ ने किया हमला’: पुलिस ने बताया DJ को लेकर हुआ झगड़ा, दोनों पक्षों ने दर्ज कराई शिकायत

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में ‘बजरंग दल’ के कार्यकर्ताओं पर हमले की खबर है। हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं ने थाने में तहरीर दे कर सलीम, अलीजान, साजिद, आजम, अयान, आशिक, समीर, अहसान, शोएब, शावेज, गुड्डू और फय्याज को नामजद किया है। इन सभी पर बजरंग दल के 3 कार्यकर्ताओं पर लाठी-डंडों से हमले और पत्थरबाजी का आरोप है। पीड़ितों में एक दिव्यांग भी शामिल है। हालाँकि, पुलिस इसे DJ बजाने को ले कर हुआ विवाद बता रही है और दोनों पक्षों की तरफ से FIR दर्ज कर के जाँच कर रही है। घटना मंगलवार (20 जून, 2023) रात की है।

यह मामला सहारनपुर के थानाक्षेत्र गागलहेड़ी में आने वाले गाँव माँडेबास का है। यहाँ के निवासी सागर यादव ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में बताया गया है कि मंगलवार की रात वो और उनके बजरंग दल के कुछ साथी गाँव के मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे। हनुमान चालीसा खत्म होने के बाद जब वो अपने साथियों के साथ घर की तरफ लौटा तब रास्ते में माँडेबास गाँव के ही सलीम, अलीजान, साजिद, आजम, अयान, आशिक, समीर, अहसान, शोएब, शावेज, गुड्डू और फय्याज ने उन सभी पर हमला कर दिया।

शिकायत कॉपी

शिकायतकर्ता सागर का आरोप है कि हमलावर पहले से तैयार बैठे थे जिन्होंने ईंट, पत्थर और डंडों का प्रयोग किया। आजम नाम के व्यक्ति पर फायरिंग का भी आरोप है। इस हमले के बाद पीड़ित बजरंग दल के सदस्य जान बचा कर भागे। अफरातफरी में सागर, ऋतिक यादव और युवराज यादव को चोटें आईं। शिकायत में पीड़ित ऋतिक दिव्यांग बताया गया है। सागर ने अपनी शिकायत में बताया, “ये हम लोगों को जान से मारने की नीयत रख रहे हैं ताकि हम बजरंग दल से अलग हो सकें।” दावा किया जा रहा है कि पुलिस को बजरंग दल के ही सदस्यों ने फोन कर के बुलाया था।

बजरंग दल के सदस्यों ने अपनी शिकायत में आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। आरोपितों पर IPC की धारा 147, 148, 149 और 307 के तहत केस दर्ज हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही बजरंग दल के अन्य सदस्य थाने पहुँच गए थे। वहीँ इसी मामले में मुस्लिम पक्ष ने भी खुद को पीड़ित और बजरंग दल के सदस्यों को हमलावर बताया है। इन आरोपों के साथ इस्लाम नाम के शिकायतकर्ता ने बजरंग दल के सदस्यों के खिलाफ थाने में तहरीर दी है। पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर एक-दूसरे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और जाँच शुरू कर दी है।

सहारनपुर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विपिन टाडा ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच झगड़े की वजह DJ बजाने को ले कर शुरू हुआ विवाद है। यह गाना एक ट्रैक्टर पर बजाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया पत्थरबाजी आदि के सबूत नहीं मिले हैं। पुलिस का दावा है कि दोनों पक्षों में से कोई भी चोटिल नहीं हुआ है। गाँव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और आगे की जाँच की जा रही है।

पहले ही हुए हैं हमले

ऑपइंडिया ने इस मामले में पीड़ित सागर यादव से बात की। सागर ने हमें बताया कि 1 माह पहले सलीम और अमीर ने उनकी पिटाई की थी जबकि घटना से 2 दिन पहले युवराज यादव को फय्याज ने साथियों सहित पीटा था। सागर यादव ने अपने गाँव के प्रधान तारिक को तमाम झगड़ों की जड़ बताते हुए बताया, “महीने भर पहले जब सलीम ने मेरी पिटाई की थी तब मैंने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाया थी। इस दौरान गाँव का प्रधान तारिक थाने आया और दुबारा झगड़ा न होने की अपनी गारंटी दे कर मामले में समझौता करवा दिया था।