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Go Back Stalin… बिहार पहुँच रहे तमिलनाडु CM के खिलाफ हर जिले में विरोध प्रदर्शन का ऐलान, लोग बोले – मनीष कश्यप पर NSA लगाया, ट्विटर पर भी ट्रेंड

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजधानी पटना में विपक्षी दलों की बैठक बुलाई है, जिसमें शामिल होने के लिए तमिलनाडु के सीएम MK स्टालिन भी आ रहे हैं। बता दें कि तमिलनाडु में बिहारियों की प्रताड़ना का आरोप लगा कर वीडियो शेयर करने वाले बिहार के यूट्यूबर मनीष कश्यप को तमिलनाडु की जेल में ही रखा गया है। उन पर NSA (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) लगा दिया गया है। इसे लेकर एमके स्टालिन का बिहार में विरोध हो रहा है।

सोशल मीडिया पर भी लोग ‘Go Back Stalin’ ट्रेंड करा रहे हैं। इससे पहले नीतीश कुमार भी तमिलनाडु के पूर्व CM करुणाननिधि के मेमोरियल के उद्घाटन के लिए वहाँ जाने वाले थे, लेकिन खराब स्वास्थ्य के कारण उन्हें ये योजना रद्द करनी पड़ी। बिहार के उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और जल संसाधन मंत्री संजय झा उनकी तरफ से इस कार्यक्रम में भाग लेंगे। पटना में शुक्रवार (23 जून, 2023) को 20 विपक्षी दलों की बड़ी बैठक होने वाली है।

राजनीतिक विश्लेषक चंदन शर्मा ने लिखा, आप में से कितने लोगों को आज भी मनीष कश्यप याद हैं? विपक्षी एकता को मजबूत करने के लिए तमिलनाडु का मुख्यमंत्री स्टालिन 23 जून को बिहार आ रहा है। आपको याद करना होगा स्टालिन ने हमारे भाई मनीष कश्यप पर NSA लगाया है!” उधर ‘ब्राह्मण ऑफ भारत’ नामक ट्विटर पेज ने भी इस ट्रेंड को आगे बढ़ाया। बिहार के कई लोग स्टालिन के पटना दौरे का विरोध कर रहे हैं।

‘पाञ्चजन्य’ के पत्रकार रितेश कश्यप ने लिखा, “मनीष कश्यप को जेल से रिहा करने को लेकर, बिहार के लोगों ने चलाया #GoBackStalin का ट्रेंड ! आपको बता दें कि बिहार में विपक्षी एकता को लेकर महागठबंधन की बैठक की जा रही है जिसमें तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन भी आ रहे हैं। बिहार के जाने-माने पत्रकार मनीष कश्यप तमिलनाडु के जेल में बंद है। उन्हीं के समर्थन मे पूरे बिहार में स्टालिन के खिलाफ आक्रोश देखा जा रहा है और यह ट्रेंड चलाया जा रहा है।”

RJJP (राष्ट्रीय जन-जन पार्टी) की गया यूनिट ने ऐलान किया कि 23 जून को स्टालिन का विरोध बिहार में जम के होना चाहिए, अगर बिहारियों को लगता है की मनीष कश्यप के साथ गलत हुआ है। ‘EWS कम्युनिटी’ नामक ट्विटर पेज ने ऐलान किया कि आशुतोष कुमार के नेतृत्व में 23 जून को बिहार के हर एक जिले और खासकर पटना में जोरदार विरोध किया जाएगा। 23 जून को स्टालिन के विरोध में बिहारवासियों का आक्रोश देखने को मिलेगा, ये तय है।

घर-वापसी कर आएशा अब बनी ‘आशा’: हिन्दू युवक संग मंदिर में रचाई शादी, अब्बा-भाई ने FIR दर्ज कर लगाया था बहला-फुसला कर भगाने का आरोप

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले की एक मुस्लिम लड़की ने घर वापसी करते हुए हिन्दू धर्म स्वीकार कर लिया है। आएशा नाम की इस लड़की ने 16 जून 2023 (शुक्रवार) को फरीदाबाद में रवि नाम के हिन्दू युवक से शादी कर ली है। अब आयशा आशा नाम से जानी जाएँगी। आशा बनी आएशा ने वीडियो जारी करते हुए बताया है कि वो बेहद खुश हैं और उन्होंने यह कदम अपनी मर्जी से उठाया है।

आयशा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के थानाक्षेत्र तितावी की रहने वाली हैं। 15 जून 2023 को उनके अब्बा शकील ने पुलिस में अपनी 18 वर्षीया बेटी के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। FIR में शकील ने रवि नाम के युवक पर अपनी बेटी को बहलाने-फुसलाने का आरोप लगाया है। रवि भी आएशा के गाँव के बगल का निवासी है। पुलिस ने रवि पर IPC की धारा 366 के तहत केस दर्ज कर के जाँच शुरू की थी।

इस बीच आएशा और रवि एक साथ दिल्ली पहुँच गए। 16 जून, 2023 को इन दोनों ने तीस हजारी क्षेत्र में आर्य समाज वैदिक संस्कार ट्रस्ट पहुँच कर शादी का आवेदन दिया। दोनों ने यहाँ अपने बालिग होने के सभी जरूरी प्रमाण दिए। आखिरकार इसी दिन दोनों का विवाह आर्य समाज मंदिर में वैदिक विधि-विधान से सम्पन्न हुआ। विवाह से पहले आएशा ने हिन्दू धर्म स्वीकार किया। यहाँ उन्हें नया नाम आशा मिला।

इस बीच फरीदाबाद से आएशा ने रवि के साथ एक सामूहिक वीडियो जारी किया। वीडियो में आएशा ने खुद को काफी खुश और रवि से शादी अपनी खुद की मर्जी से किया जाना बताया। आएशा का कहना था कि रवि से उनका रिश्ता 8 साल पुराना है। बताया गया कि रवि के घर वाले उनकी शादी कहीं और कर रहे थे जिस पर आएशा ने एतराज किया और रवि को ले कर दिल्ली चली आईं। माँ-बाप के एतराज पर आएशा ने कहा, “मैंने इन (रवि) से शादी कर लिया है और मुझे इन्ही के साथ रहना है।”

वीडियो में रवि ने भी आएशा की बातों में हामी भरी। ऑपइंडिया ने आएशा और रवि की शादी में सहयोग करने वाले हिन्दू संगठन के पदाधिकारी बिट्टू बजरंगी से बात की। बिट्टू ने हमें बताया कि पति-पत्नी शादी से बहुत खुश और संतुष्ट हैं। उन्होंने आशा जताई कि प्रशासन दोनों को बेवजह परेशान नहीं करेगा।

जीतन राम माँझी की NDA में घर-वापसी: अमित शाह के साथ 45 मिनट चली बैठक के बाद HAM का फैसला, साथ लड़ेंगे लोकसभा चुनाव

बिहार की महागठबंधन सरकार से अलग होने के बाद हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HUM) के जीतनराम माँझी ने बुधवार (21 जून 023) को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद माँझी भाजपा (BJP) के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल हो गए।

दिल्ली में अमित शाह के मुलाकात के दौरान जीतनराम माँझी के साथ उनके बेटे और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सुमन माँझी भी मौजूद थे। यह मुलाकात लगभग 45 मिनट तक चली। इस दौरान केंद्रीय गृह राज्यमंत्री और बिहार से भाजपा नेता नित्यानंद राय भी मौजूद रहे।

मुलाकात के बाद संतोष सुमन ने कहा, “किन-किन मुद्दों पर हम साथ रहेंगे, इसको लेकर बिंदुवार चर्चा हुई। ये सब होने के बाद हमलोगों ने औपचारिक रूप से ये सहमति जताई कि आज से हमलोग NDA के साथ रहेंगे और आगे की रणनीति हम लोग साथ मिलकर तय करेंगे।”

उन्होंने कहा, “कौन कितनी सीटों पर लड़ेगा, यह बाद की बात है। हम लोग भाजपा के साथ मिलकर लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे। सीटों का जो भी बँटवारा होगा, वह सम्मानजनक होगा।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक स्थापित नेता हैं और विरोधी दल अभी प्रधानमंत्री का चेहरा ढूँढ रही है।

दरअसल, जीतनराम माँझी मंगलवार (20 जून 2023) को ही बिहार के राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर से मिलकर नीतीश सरकार से समर्थन वापस लिया था। इसके बाद जीतनराम माँझी अपने बेटे के साथ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिलने रवाना हो गए थे। इस समय HUM के चार विधायक हैं।

मीडिया रिपोर्ट में कहा गया कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जीतनराम माँझी पर HUM का जेडीयू में विलय करने का दबाव बना रहे थे। इसके बाद संतोष सुमन ने 13 जून 2023 को बिहार सरकार में मंत्री का पद छोड़ दिया। इस बीच नीतीश कुमार ने उनके बारे में यह भी कह दिया कि वे महागठबंधन में रहकर माँझी बीजेपी के लिए मुखबिरी कर रहे थे।

बीकानेर में रेप के बाद दलित छात्रा की हत्या, पुलिस वाले ही निकले आरोपितों के साथी: थाने के सामने परिजनों का धरना

राजस्थान के बीकानेर (Bikaner, Rajasthan) में मंगलवार (20 जून 2023) को एक दलित लड़की की रेप के बाद हत्या का मामला सामने आया है। मृतका के परिजनों ने 2 पुलिसकर्मियों सहित कुल 3 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज करवाई है। केस दर्ज होने पर पुलिस वालों को सस्पेंड कर दिया गया है। उनकी गिरफ्तारी और बर्खास्तगी की माँग को लेकर मृतका के घर वालों ने थाने के आगे धरना दिया है। परिजनों ने मुआवजे के रूप में परिजनों ने एक सरकारी नौकरी और एक करोड़ रुपया की माँग की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना बीकानेर के खाजूवाला थाना क्षेत्र की है। दलित समाज की एक लड़की हर दिन की तरह मंगलवार की सुबह पढ़ाई के लिए कोचिंग गई थी। जब पीड़िता तय समय पर लौटकर घर नहीं पहुँची तो घर वालों ने तलाश शुरू की। उसी दिन लड़की के पिता को एक फोन आया, जिसमें उनकी बेटी के अस्पताल में होने की जानकारी दी गई। सूचना पर जब लड़की के पिता अस्पताल पहुँचे तो वहाँ उन्हें उनकी बेटी मृत अवस्था में मिली।

मृतका के पिता को बताया गया कि उनकी बेटी का शव कस्बे में मिला था। मृतका के प्राइवेट पार्ट पर भी चोट के निशान पाए गए हैं। लड़की के पिता ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि दिनेश नाम का एक युवक आए दिन उनकी बेटी का पीछा किया करता था। दिनेश के साथी के तौर पर मृतका के पिता ने राजस्थान पुलिस के 2 सिपाहियों मनोज और भगीरथ का भी नाम लिया। शिकायत में दिनेश, मनोज और भगीरथ पर लड़की से रेप करके हत्या कर देने का आरोप लगाया गया है।

मामले में तहरीर के बाद जाँच शुरू कर दी गई है। मृतका का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। गहनता से जाँच के लिए मौके पर FSL टीम को लगाया गया है। मृतका के परिजन आरोपित पुलिसकर्मियों के निलंबन से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने दोनों सिपाहियों को बर्खास्त करके जेल भेजने की माँग करते हुए थाना खाजूवाला के आगे धरना दिया। इस धरने में भाजपा के स्थानीय नेता भी शामिल हो गए। नेताओं ने मृतका एक परिजन को सरकारी नौकरी और 1 करोड़ रुपए मुआवजे की माँग की।

चूरू से भाजपा विधायक राजेंद्र राठौर ने इस घटना पर प्रदेश की कॉन्ग्रेस सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने इसे शर्मनाक घटना बताते हुए राजस्थान को NCRB (नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो) के मुताबिक राजस्थान को रेप के मामले में देश में सबसे ऊपर बताया। बता दें कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पास प्रदेश का गृह विभाग भी है।

पहले भी लगे हैं ऐसे आरोप

गौरतलब है कि राजस्थान में पुलिस स्टाफ द्वारा किसी महिला से दुष्कर्म किए जाने का ये पहला मामला नहीं है। इससे पहले जुलाई 2021 में पाली जिले की एक विवाहित महिला ने पुलिस कॉन्स्टेबल अजयपाल भाकल पर रेप का आरोप लगाया था। आरोपों के बाद सिपाही अजयपाल को गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके अलावा मई 2021 में राजस्थान के ही मटीली थाने के सिपाही मनीराम पर कई बार बलात्कार करने का आरोप लगाकर एक महिला ने एफ माइनर नहर में कूदकर आत्महत्या कर ली थी।

इसके अलावा, मार्च 2021 में में अलवर के खड़ेली थाना में अपने पति के खिलाफ FIR लिखवाने गई 26 वर्षीय महिला से बलात्कार का मामला सामने आया था। आरोप है कि खेड़ली थाने में तैनात सेकेंड ऑफिसर ने पीड़िता को पति से विवाद के निपटारे का झाँसा दिया। इसके बाद वो थाना परिसर में ही बने आवास में पीड़िता का रेप किया था।

आतंकियों की हमदर्द अमेरिकी सांसद रशीदा तलीब ने PM मोदी के संबोधन के बहिष्कार का ऐलान किया: यहूदियों के खिलाफ फैलाती है घृणा, कश्मीर पर प्रोपेगंडा

अमेरिकी सांसद रशीदा तलीबी ने यूएस कॉन्ग्रेस के जॉइंट सेशन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का बहिष्कार किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका की राजकीय यात्रा पर हैं। पीएम मोदी पहले ऐसे भारतीय नेता हैं, जिन्होंने अमेरिकी कॉन्ग्रेस के जॉइंट सेशन को 2 बार संबोधित किया। अमेरिका की डेमोक्रेट पार्टी की सांसद इल्हान उमर और रशीदा तलीब ने उनके भाषण के बहिष्कार का ऐलान किया है। रशीदा तलीबी मिशिगन 12th डिस्ट्रिक्ट की सांसद हैं।

उन्होंने तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे को शर्मनाक तक करार दिया। उन्होंने लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मानवाधिकार उल्लंघन के लंबे इतिहास, लोकतंत्र-विरोधी कार्रवाइयाँ और मुस्लिमों-धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाना और उनके द्वारा पत्रकारों को सेंसर करना अस्वीकार्य है।” जबकि सच्चाई ये है कि रशीदा तलीब खुद आतंकवादियों की हमदर्द रही हैं। साथ ही वो अमेरिकी संसद में भी यहूदियों के खिलाफ अपने घृणा का प्रदर्शन करती रही हैं।

वो एक पैनल में भी शामिल हुई, जिसका काम कश्मीर पर भारत विरोधी प्रोपेगंडा का प्रसार करना है। साथ ही उसका एक अन्य उद्देश्य है भारत के खिलाफ घृणा प्रदर्शित करना। ये पैनल शिकागो स्थित ‘साउंड विजन’ से जुड़ा हुआ है, जो ‘इस्लामिक सर्कल ऑफ नॉर्थ अमेरिका (ICNA)’ का एक हिस्सा है। ICMA के तार हमास से भी जुड़े हुए हैं। ‘मुस्लिम ब्रदरहुड’, जमात-ए-इस्लामी और अन्य इस्लामी आतंकी संगठनों से भी इसके संबंध हैं।

ICMA ने अपने मुखपत्र ‘द मैसेज’ में अमेरिका द्वारा आतंकी घोषित किए जा एचके सैयद सलाहुद्दीन का महिमामंडन किया था। उसने लिखा था कि वो मुजाहिद्दीन का नेता है जो कश्मीर को ‘क्रूर भारतीय कब्जे’ से आज़ाद कराने में लगा हुआ है। यहूदी विरोधी तलीब मानती हैं कि इजरायल को अपने अस्तित्व का भी कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने इजरायल के अस्तित्व को ‘नकबा (तबाही)’ बताते हुए एक कार्यक्रम के आयोजन की साजिश भी रची थी।

अमेरिकी राजधानी में प्रस्तावित इस कार्यक्रम को इजरायल विरोधी संगठनों का समर्थन प्राप्त था। लेकिन, अमेरिका के हाउस स्पीकर ने इस कार्यक्रम को प्रतिबंधित कर दिया। रशीदा तलीब फिलिस्तीनी मूल की हैं। वो इजरायल की सरकार को नस्लवादी कहती हैं। उन्होंने एक इजरायल विरोधी संगठन को 1.70 लाख डॉलर (1.39 करोड़ रुपए) भी दान में दिए थे। हिटलर द्वारा यहूदियों के नरसंहार पर भी उन्होंने विवादित बयान दिया था।

उन्होंने इस नरसंहार पर ख़ुशी मनाने की बात कही थी, लेकिन फिर अपने बयान को बदल दिया। बाद में सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि अपने फिलिस्तीनी पूर्वजों के दर्द को याद दिलाने के लिए उन्होंने ऐसा किया था। इल्हाना उमर ने जब अमेरिका में हुए 9/11 हमलों को लेकर कहा था कि ‘कुछ लोगों ने कुछ कर दिया’, तब रशीदा तलीब ने इस बयान का समर्थन करते हुए कहा था कि हमारे बयानों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जाता है।

पाकिस्तान के शिक्षण संस्थानों में होली बैन, कहा- इस्लामी पहचान के खिलाफ है हिंदुओं का यह पर्व: पंजाब यूनिवर्सिटी में रंग-गुलाल उड़ने पर हुआ था हमला

भारत से अलग होकर इस्लाम के नाम बने पाकिस्तान में हिंदुओं के लिए एक और बुरी खबर आई है। पाकिस्तान के उच्च शिक्षा आयोग (HEC) ने देश के सभी शैक्षणिक संस्थानों में होली समारोह पर प्रतिबंध लगा दिया है। आयोग न कहा कि इस तरह की गतिविधियाँ देश के सामाजिक-सांस्कृतिक मूल्यों से अलग हैं और इससे इस्लामी पहचान को नुकसान होता है। बता दें कि इस साल होली के आयोजन पर इस्लामी कट्टरपंथी कई यूनिवर्सिटी में हिंदुओं पर हमला किया था।

आयोग ने अपनी अधिसूचना में कहा कि सामाजिक-सांस्कृतिक मूल्यों का पालन करने के लिए छात्रों को इस त्योहार को मनाने से रोका गया है। नोटिफिकेशन के अनुसार, “इस तथ्य से इनकार नहीं किया जा सकता है कि सांस्कृतिक, जातीय और धार्मिक विविधता एक समावेशी और सहिष्णु समाज की ओर ले जाती है, जो सभी धर्मों और पंथों का गहराई से सम्मान करता है। हालाँकि, इसे अतिशयोक्ति किए बिना एक नपे-तुले ढंग से करने की आवश्यकता है। छात्रों को निहित स्वार्थों के बारे में जागरूक होने की आवश्यकता है।”

पाकिस्तान के उच्च शिक्षा आयोग द्वारा जारी नोटिफिकेशन (साभार: aajenglish.tv)

नोटिफिकेशन में आगे कहा कि इन सब बातों को देखते हुए उच्च शिक्षा आयोग सभी शिक्षण संस्थानों और विद्यार्थियों को इन सबसे दूर रहने के लिए का निर्देश देता है। आयोग ने कहा कि इन संस्थानों को विद्यार्थियों की पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए। बता दें कि आयोग फैसला उस वक्त आया है, जब कुछ दिन पहले इस्लामाबाद के कायद-ए-आज़म विश्वविद्यालय (QAU) में होली उत्सव की तस्वीरें और वीडियो खूब वायरल हुए थे।

बता दें कि इस साल पाकिस्तान के कई विश्वविद्यालयों में होली मनाने पर हिंदू विद्यार्थियों पर हमला किया गया था। इस साल मार्च में पाकिस्तान के लाहौर स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी में होली खेल रहे हिन्दू छात्रों पर हमले किए गए थे। हमला इस्लामी जमीयत तुलबा (IJT) नाम के एक कट्टरपंथी संगठन ने किया था। इस हमले में 15 छात्रों के घायल हो गए थे।

पीड़ित छात्रों ने दावा किया है कि उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से होली आयोजन की अनुमति ले रखी थी। हालाँकि, यूनिवर्सिटी के गार्डों ने भी हमलावरों का ही पक्ष लिया था। सिंध काउंसिल के महासचिव कासिफ ब्रोही ने भी हिन्दू छात्रों द्वारा कार्यक्रम की अनुमति लेने की पुष्टि की थी।

माना जा रहा है कि इस कट्टरपंथी समूह को यूनिवर्सिटी में हो रहे आयोजन की जानकारी हिन्दू छात्रों द्वारा फेसबुक पर की गई पोस्ट से मिली थी। तब उन्होंने सोशल मीडिया पर ही हिन्दू छात्रों को धमकाया भी था। इस घटना के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। यह बात सामने आई थी कि यूनिवर्सिटी के सुरक्षा गार्ड 4-5 हिन्दू छात्रों को अपने साथ गाड़ी में भर कर ले गए। इसकी वजह से पीड़ित छात्र अपनी शिकायत भी नहीं दर्ज करवा पाए थे। 

इतना ही नहीं, पाकिस्तान में हिंदुओं के द्वारा होली मनाने पर सिंध के एक मौलाना ने कहा था कि सिंध की जमीन सूफियों की जमीन है। उसने वहाँ सिर्फ मोहम्मद के दीन का ही जश्न मनाए की नसीहत दी है। भीड़ को संबोधित करते हुए मौलना द्वारा दिए गए भड़काऊ बयान का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

वायरल वीडियो पाकिस्तान के कट्टरपंथी समूह जमीयत उलेमा ए इस्लामी के सिंध में आयोजित एक सम्मेलन का था। वीडियो में ‘जमीयत उलेमा ए इस्लामी’ के सिंध प्रान्त के सचिव मौलाना राशिद महमूद कहता है, “हिंदू सिंध में होली नहीं खेल सकते। यह जगह दिल्ली और मुंबई नहीं है। यहाँ पर सिर्फ मोहम्मद का दीन मनेगा। यह जमीन सूफी फकीरों की है। हम गैर-मुस्लिमों को जश्न की इजाजत नहीं दे सकते।”

‘आज से हमारी माइक आपके हवाले’: रुबिका लियाकत बनीं ‘भारत 24’ की VP, राहुल शिवशंकर ने ‘टाइम्स नाउ’ को कहा अलविदा

अंग्रेजी न्यूज़ चैनल Times Now’ के एंकर राहुल शिवशंकर ने इस्तीफा दे दिया है। उधर रुबिका लियाकत भी ‘ABP News’ छोड़ ‘भारत 24’ का रुख किया है। राहुल शिवशंकर ‘टाइम्स नाउ’ में बतौर एडिटर-इन-चीफ कार्यरत थे। उन्होंने मंगलवार (20 जून, 2023) की शाम चैनल से इस्तीफा दे दिया। चैनल के HR डिपार्टमेंट ने वरिष्ठ कर्मचारियों को इसकी सूचना दी। इसमें लिखा गया कि राहुल शिवशंकर ने टाइम्स नेटवर्क को अलविदा कह दिया है।

इस आंतरिक कम्युनिकेशन में लिखा गया है कि इस स्थिति में त्वरित रूप से ग्रुप एडिटर नविका कुमार को संचालन और कामकाज की जिम्मेदारी दी गई है। चैनल के सभी कंटेंट मैनेजरों को नविका कुमार को ही रिपोर्ट करने को कहा गया है। ‘टाइम्स नेटवर्क’ की इनपुट टीम के हेड निकुंज गर्ग के बारे में बताया गया है कि वो ‘टाइम्स नाउ’ के साथ करीबी से काम करते रहेंगे और ग्राउंड एवं ब्यूरो के मामले में उच्च-गुणवत्ता वाला सपोर्ट उपलब्ध कराएँगे।

‘टाइम्स नाउ’ के कर्मचारियों को सन्देश भेज कर बताया गया कि राहुल शिवशंकर ने चैनल छोड़ दिया है

ट्विटर पर भी राहुल शिवशंकर ने अपने बायो को अपडेट कर के लिखा है कि वो 2016 से लेकर 2023 तक ‘टाइम्स नाउ’ के एडिटर-इन-चीफ रहे हैं। उन्होंने चैनल के सभी व्हाट्सएप्प ग्रुप्स को भी छोड़ दिया है। बुधवार (21 जून, 2023) चैनल में राहुल शिवशंकर का आखिरी दिन था। राहुल शिवशंकर NewsX से ‘टाइम्स नाउ’ में आए थे और 8 बजे के शो ‘India Upfront’ से उन्हें पहचान मिली। टाइम्स नेटवर्क में नविका से उनकी प्रतिस्पर्धा की भी चर्चा थी, जो ‘टाइम्स नाउ नवभारत’ की हेड होने के साथ-साथ ग्रुप एडिटर भी हैं।

उधर रुबिका लियाकत को ‘भारत 24’ चैनल में वाइस प्रेसिडेंट बनाया गया है। इस चैनल के CEO और एडिटर-इन-चीफ जगदीश चंद्रा हैं। उन्होंने कहा कि आज से हमारी माइक रुबिका लियाकत के हवाले है, ये महज एक माइक नहीं बल्कि एक हथियार है। उन्होंने कहा कि सच भी इसी से उजागर होगा और झूठ का पर्दाफाश भी इसी से होगा। रुबिका लियाकत ने कहा कि मई हिंदुस्तान के विश्वास और आपकी उम्मीदों पर पूरी ईमानदारी के साथ खरा उतरने की कोशिश करूँगी।

‘मनोज भाई बहुत बेइज्जती हो रही है’: करनी मनोज मुंतशिर की, फोन आ रहे विवेक बिंद्रा को; 5वें दिन ‘आदिपुरुष की कमाई केवल ₹5.5 करोड़

अब मोटिवेशनल स्पीकर विवेक बिंद्रा ने भी ‘आदिपुरुष’ को लेकर चल रहे विवाद और इसके डायलॉग्स की हो रही आलोचना पर टिप्पणी की है। विवेक बिंद्रा ने लेखक मनोज मुंतशिर के साथ अपनी तस्वीर शेयर की, जिसमें दोनों कैमरे की तरफ मुक्का दिखाते हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने लिखा, “मनोज भाई, बहुत बेइज्जती हो रही है। 4 लोग हमें भी फोन कर रहे हैं कि आप भी तो मनोज मुंतशिर के करीबी हैं, देखिए उन्होंने क्या किया। जवाब नहीं दे पा रहे हैं क्योंकि यह इतिहास पर आधारित फिल्म है।”

विवेक बिंद्रा ने मनोज मुंतशिर को संबोधित करते हुए लिखा कि भाई, इस पर स्पष्टीकरण करिए, सनातन धर्म पर सवाल है। वहीं 5 दिनों में फिल्म ‘आदिपुरुष’ का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन दुनिया भर में 395 करोड़ रुपए पहुँच गया है। T-Series के आँकड़ों की मानें तो फिल्म ने वीकेंड के बाद सोमवार और मंगलवार को मिला कर दुनिया भर में सिर्फ 45 करोड़ रुपए ही कमाए हैं। 600 करोड़ रुपए की बजट की इस फिल्म के लिए ये आँकड़ा बहुत कम है।

भारत में नेट कलेक्शन की बात करें तो प्रभास और कृति सेनन की इस फिल्म ने 248 करोड़ रुपए कमाए हैं, जबकि फिल्म को औसत कहलाने के लिए भी अपना नेट कलेक्शन बजट के बराबर करना होगा। ये संभव नहीं लग रहा है, क्योंकि मंगलवार (20 जून, 2023) को इसकी डोमेस्टिक नेट कमाई का आँकड़ा मात्र 10.7 करोड़ रुपए ही रहा। इस जिस तरह से बॉक्स ऑफिस पर फिल्म धड़ाम हुई है, ये बजट का आधा भी नहीं निकाल पाएगी।

हिंदी भाषा में तो इसने बस 5.5 करोड़ रुपए की कमाई ही मंगलवार को की। इसी महीने 29 जून, 2023 को निखिल सिद्धार्थ की फिल्म ‘SPY’ आ रही है, जो नेताजी सुभाष चंद्र बोस पर आधारित है। इसके बाद तेलुगू भाषा में भी ‘आदिपुरुष’ की कमाई रुक जाएगी। फिल्म में हनुमान जी के डायलॉग ‘जलेगी भी तेरे बाप की’ को भी बदल दिया गया है, लेकिन लिप सिंक और नई डबिंग में तालमेल नहीं बैठ रहा है। अब देखना है कि फाइनल रन में फिल्म कितनी बड़ी फ्लॉप होती है।

‘सबको मार दो, किसी को मत छोड़ना’; जिस पाकिस्तानी आतंकी साजिद मीर को चीन ने बचाया, उसका 26/11 वाला ऑडियो भारत ने UN में सुनाया

चीन ने 26/11 आतंकी हमले में शामिल पाकिस्तान के लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी साजिद मीर (Sajid Mir) को वैश्विक आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव पर फिर अड़ंगा लगा दिया है। भारत और अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र में यह प्रस्ताव रखा था। अब भारत ने चीन और पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र में नंगा कर दिया है।

चीन के इस अड़ंगा पर भारत ने दोनों पड़ोसियों को जमकर सुनाया। इस दौरान भारत ने आतंकी साजिद मीर की एक ऑडियो क्लिप भी चलाई। इसमें मीर आतंकियों निर्देश दे रहा है कि ताज होटल में बैठे सभी विदेशियों को मार दिया जाए। उसने किसी को नहीं छोड़ने का निर्देश दिया था।

भारत में वांछित साजिद मीर साल 2008 में मुंबई में ताज होटल पर हुए आतंकी हमले का मास्टरमाइंड है। वह आतंकियों को निर्देश दे रहा था कि वे लोगों की हत्या करें। इस आतंकी हमले में 166 लोगों की जान गई थी, जिनमें विदेशी भी शामिल थे। अमेरिका ने मीर पर 50 लाख अमेरिकी डॉलर का इनाम भी रखा है।

भारत की ओर से संयुक्त सचिव प्रकाश गुप्ता ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की उच्चस्तरीय महासभा में साजिद मीर की रिकॉर्डिंग सुनाते हुए कहा कि यह साजिद मीर है और आतंकी घटना के 15 साल बाद भी खुला घूम रहा है। उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि उसे एक देश में पूरी सुविधा दी जा रही है।

भारत की ओर से गुप्ता ने कहा कि आतंकवाद को लेकर दोहरा रवैया अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद स लड़ने में वैश्विक स्तर पर कुछ गड़बड़ी चल रही है। UNSC में एक आतंकी को आतंकी नहीं घोषित किया जा रहा है और कई देश उसका समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गुड टेररिज्म और बैड टेररिज्म का कॉन्सेप्ट खतरनाक है।

उन्होंने कहा कि चीन की इस हरकत से 26/11 के पीड़ितों को अभी भी न्याय नहीं मिला है। निजी हितों के चलते भारत के प्रयासों को रोका गया है। इससे साफ होता है कि आतंकवाद की चुनौती के खिलाफ ईमानदारी से लड़ने की राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं है। व्यक्तिगत फायदे के लिए आतंकवाद की परिभाषा बदली जा रही है।

दरअसल, कुछ समय पहले पाकिस्तान ने दावा किया था कि साजिद मीर मर चुका है। कई देशों ने इसका सबूत माँगा, लेकिन पाकिस्तान नहीं दे सका। आतंकवाद रोधी फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स यानी FATF की बैठक में भी यह मुद्दा उठा था। जब उसकी झूठ का खुलासा हो गया तो चीन के जरिए उसे बचाने की कोशिश की जा रही है।

इससे पहले सितंबर 2022 में साजिद मीर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के लिए एक प्रस्ताव लाया गया था। हालाँकि, तब भी चीन ने इस प्रस्ताव पर रोक लगा दी थी। जून 2022 में पाकिस्तान की आतंकवाद निरोधी अदालत ने टेरर फंडिंग मामले में साजिद मीर को 15 साल से अधिक की सजा सुनाई थी।

गोरक्षकों पर तस्करों का हमला, एक की हत्या-6 को जख्मी कर हुए फरार: महाराष्ट्र के नांदेड़ की घटना, शेख महबूब गैंग से हमलावरों के जुड़े होने का दावा

महाराष्ट्र के नांदेड़ में गोरक्षकों के एक समूह पर जानलेवा हमला किया गया। एक गोरक्षक की मौत हो गई, जबकि 6 अन्य घायल हुए हैं। बताया जा रहा है कि संदिग्ध गाड़ी को रोकने के बाद उसमें सवार तस्करों ने इस घटना को अंजाम दिया है। हमलावरों की संख्या लगभग एक दर्जन बताई जा रही है। हमले के बाद तस्कर मौके से भाग निकले। पुलिस ने हमलावरों की तलाश कर रही है। घटना सोमवार (19 जून 2023) रात की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला नांदेड़ के इस्लामपुर थाना क्षेत्र का है। यह इलाका तेलंगाना बॉर्डर से सटा हुआ है। सोमवार की रात लगभग 11 बजे 7 गोरक्षक तेलंगाना में अपने एक परिचित के यहाँ किसी कार्यक्रम में शामिल हो कर लौट रहे थे। वे सभी एक गाड़ी में सवार थे। इसी दौरान बगल से एक वाहन गुजरा जिसमें गोरक्षकों को मवेशी लदे होने का शक हुआ। बताया जा रहा है कि गोरक्षकों ने इस वाहन का पीछा किया और रोक लिया। जब उन्होंने इसकी तलाशी लेने का प्रयास किया तो वाहन से 10-12 लोग नीचे उतरे।

आरोप है कि इन सभी के हाथों में लाठी-डंडे थे। उतरते ही हमलावरों ने गोरक्षकों पर धावा बोल दिया। सभी 7 गोरक्षक हमले में घायल हुए। इन सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ शेखर रापोली नाम के युवक की मौत हो गई। शेखर को किसी धारदार हाथियार से मारा गया था। घटना से लोगों में नाराजगी फ़ैल गई। पुलिस ने इस्लाम नगर थाने में अज्ञात हमलावरों के खिलाफ FIR दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। हमलावरों की पहचान के लिए आसपास के CCTV फुटेज खँगाले जा रहे हैं।

कानूनी अधिकार मामलों पर नजर रखने वाले संगठन लीगल राइट ऑब्जर्वेटरी (LRO) का दावा है कि हमलावर शेख रफीक महबूब गैंग से जुड़े थे। शेख रफीक गाय और गुटके की तस्करी करता है। ऑपइंडिया को स्थानीय लोगों ने बताया कि जिस इलाके में हमला हुआ वहाँ शेख रफीक अच्छी दखल रखता है। प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया (PFI) से भी शेख के जुड़े होने का दावा किया जा रहा है। हालाँकि अभी तक इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

हमलावर जिस वाहन से आए थे, वह तेलंगाना नंबर की बताई जा रही है। पुलिस का दावा है कि आरोपितों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। नांदेड़ के हिन्दू संगठनों ने इस घटना के आरोपितों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की माँग की है। घटना के विरोध में 21 जून 2023 (बुधवार) को नांदेड़ बंद का आह्वान भी किया गया था, जिसे बाद में वापस ले लिया गया।

पुलिस ने इस मामले में IPC की धारा 302, 307, 143, 147, 148,, 159, 427 के साथ आर्म्स एक्ट की धारा 4/25 के तहत कार्रवाई की है। ऑपइंडिया से बात करते हुए भाजपा के स्थानीय नेता प्रकाश गाडे ने बताया कि पुलिस ने सभी आरोपियों की पहचान कर ली है। मामले की जाँच के लिए SIT का भी गठन किया गया है।