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डूबकर मरी आसिया और नीलोफर, पोस्टमार्टम में डॉक्टरों ने बता दिया रेप: पाकिस्तान के एजेंट बिलाल अहमद और निगहत बर्खास्त, कश्मीर में भड़क उठी थी हिंसा

कश्मीर में पाकिस्तान के इशारे पर काम करने वाले दो डॉक्टरों को लेकर खुलासा हुआ है। उन्होंने डूबकर मरीं दो महिलाओं का पोस्टमार्टम रिपोर्ट गलत बनाकर सुरक्षाबलों के खिलाफ लोगों को उकसाने की कोशिश की थी। दोनों डॉक्टरों को बर्खास्त कर दिया गया है।

ANI ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि डॉक्टर बिलाल अहमद दलाल और डॉक्टर निगहट शाहीन चिल्लू पाकिस्तान से सक्रिय रूप से जुड़े थे। ये पाकिस्तानी जासूसों और आतंकी संगठनों के मॉड्यूल के साथ मिलकर घाटी में अराजकता फैलाने का काम कर रहे थे।

कश्मीर के शोपियां में 30 मई 2009 को 22 साल की नीलोफर और 17 साल की आसिया नाम की दो लड़कियों का का शव एक नदी में मिला था। दोनों ननद भौजाई थीं। ये अपने बगीचे से कथित रूप से लापता हो गई थीं। इसके बाद आरोप लगाया गया था कि सुरक्षाकर्मियों ने इन महिलाओं के साथ साथ बलात्कार किया और बाद में उनकी हत्या कर दी।

नीलोफर और आसिया का पोस्टमार्टम बिलाल और निगहट ने ही किया था। इन्होंने अपनी रिपोर्ट में झूठी बात लिखते हुए कहा था कि इन दोनों लड़कियों का रेप करने का हत्या कर दी गई थी। हालाँकि, सच्चाई ये थी कि इन दोनों लड़कियों की मौत 29 मई 2009 को दुर्घटनावश नदी में डूबने से हुई थी। 14 दिसंबर साल 2009 को जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट में सीबीआई ने यह बात कही थी।

डॉ. निगहत की रिपोर्ट में दोनों महिलाओं के साथ बलात्कार का संकेत दिया गया था और उनके निष्कर्षों की पुष्टि एक फोरेंसिक रिपोर्ट द्वारा की गई थी। हालाँकि, शव परीक्षण में कमियों के कारण मृत्यु का कारण फोरेंसिक रूप से स्थापित नहीं किया जा सका। निगहत पर झूठी रिपोर्ट बनाकर सुरक्षाबलों को मृत्युदंड के लिए दोषी ठहराने का आरोप लगाया गया है।

वहीं, बिलाल पर सीबीआई ने आसिया जान के सिर के अगले हिस्से पर कट से हुए घाव को गलत तरीके से कटा हुआ घाव बताने का आरोप लगाया है। बिलाल ने असिया जान के मामले में रक्तस्राव और सदमे तथा नीलोफर जान के मामले में न्यूरोजेनिक शॉक के कारण मौत होने की गलत जानकारी दी थी।

इस घटना के बाद स्थानीय लोग सुरक्षाबलों के खिलाफ सड़कों पर उतर आए थे। इस दौरान पूरी घाटी में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी। घाटी को 42 दिनों तक पूरी तरह ठप कर दिया था और जगह-जगह हिंसा होती रही थी। इसका असर 7 महीने तक देखने को मिला। विरोध प्रदर्शनों के दौरान 7 नागरिकों की जान चली गई थी, जबकि 103 लोग घायल हुए थे। इसके अलावा, 29 पुलिसकर्मियों और 6 अर्धसैनिक बलों के जवानों को चोटें आई थीं।

यह बात भी सामने आई है कि उस समय की सरकार के उच्च अधिकारियों को इस सच्चाई के बारे में जानकारी थी, लेकिन उन्होंने इसे दबा दिया। उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार ने 2009 में इन दोनों डॉक्टरों को निलंबित कर दिया था। इसके बाद अब्दुल्ला ने मामले की जाँच सीबीआई को सौंप दी। इसके बाद घाटी में हालत धारे-धीरे सुधरने लगे। सीबीआई ने जाँच में पाया कि दोनों महिलाओं के साथ कभी दुष्कर्म नहीं हुआ था।

इस घटना को लेकर जून से दिसंबर 2009 तक के 7 महीनों में हुर्रियत जैसे समूहों ने 42 बार हड़ताल की। इसके कारण घाटी में बड़े स्तर पर दंगे हुए थे। इस दौरान कानून व्यवस्था से संबंधित 600 से अधिक मामले सामने आए। घाटी के विभिन्न थानों में दंगा, पथराव, आगजनी के 251 FIR दर्ज किए गए थे। एक अनुमान के मुताबिक, उन 7 महीनों में करीब 6,000 करोड़ रुपए के कारोबार का नुकसान हुआ था। 

जिस कोरोना वैक्सीन के लिए पागल था भारत का लिबरल गैंग, उससे ही शेन वार्न को आया हार्ट अटैक: क्रिकेटर की मौत में डाॅक्टर का चौंकाने वाला दावा, रोक की डिमांड

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज लेग स्पिनर शेन वॉर्न की मौत एक बार फिर चर्चा में है। दरअसल, वॉर्न की मौत 3 महीने पहले हार्ट अटैक से हुई थी। अब इसी पर कुछ डॉक्टरों ने आशंका जताई है कि हो सकता है वॉर्न की मौत फाइजर कोरोना वैक्सीन लेने की वजह से हुई हो। उनका दावा है कि इस वैक्सीन से हृदय संबंधी रोग बढ़ते हैं।

जानकारी के मुताबिक मार्च 2023 में शेन वॉर्न की हार्ट अटैक के कारण मौत हुई थी। इससे ठीक 9 माह पहले उन्होंने कोरोना वैक्सीन लगवाई थी। रिपोर्ट्स बताती हैं कि वॉर्न ने फाइजर कोविड mRNA वैक्सीन लगवाई थी जिसकी वजह से हार्ट अटैक आने की संभावना है। इसी तथ्य को देखते हुए ऑस्ट्रेलियाई डॉक्टर क्रिस नील और भारतीय मूल के ब्रिटिश हार्ट रोग विशेषज्ञ डॉ असीम मल्होत्रा ने कहा कि शेन वॉर्न की मौत शायद कोरोना वैक्सीन लेने की वजह से शायद हुई हो।

डॉक्टर मल्होत्रा ने कहा, ” ये मानना मुश्किल होता है कि एक खिलाड़ी को हार्ट अटैक आया। लेकिन ऑस्ट्रेलिया के पूर्व खिलाड़ी शेन वॉर्न को 52 साल की उम्र में अचानक दिल का दौरा पड़ा था, जिससे उनकी मौत हो गई। हालाँकि, सभी को पता है कि वॉर्न की लाइफस्टाइल बहुत हेल्थी नहीं थी। वह स्मोकिंग करते थे और उनका वजन भी ज्यादा था। मेरे पिता की मौत भी फाइजर वैक्सीन की दो खुराक लेने के बाद हुई थी और उनके अंदर दिल की बीमारी वैक्सीन लगने के बाद तेजी से बढ़ी।” वहीं डॉ नील ने कहा जब तक कि इस मामले में जाँच नहीं हो जाती तब तक के लिए कोविड वैक्सीन लेने पर रोक लगानी चाहिए।

विदेशी वैक्सीन लेने का वामपंथियों ने किया था प्रचार

बता दें कि एक ओर जहाँ आज की स्थिति है जब विदेशी कोविड वैक्सीन को लेकर ऐसे खुलासे हो रहे हैं। वहीं याद दिला दें कि कोरोना काल में जब भारत ने बाजार में अपनी कोविड वैक्सीन उतारी थी तब कैसे विपक्षियों और लिबरलों ने इसका खूब विरोध किया था। कई लोगों ने तो भारत में बनी कोविड वैक्सीन को मोदी वैक्सीन बताते हुए ये तक कहा था कि वो बीजेपी की वैक्सीन नहीं लगवाएँगे। इन लोगों ने विदेशी वैक्सीनों की पैरवी करते हुए ये बताने का प्रयास किया था कि भारत की वैक्सीन सुरक्षित नहीं हैं और अगर किसी को वैक्सीनेट होना है तो वो विदेश में निर्मित वैक्सीन को चुने।

हिजाब पहनो-नमाज पढ़ो, दलित लड़की पर धर्म बदल निकाह का दबाव: बाप-बेटे के लव जिहाद से अब उत्तराखंड का श्रीनगर उबला

उत्तराखंड का पुरोला लव जिहाद की घटना को लेकर हाल के दिनों में खबरों में था। अब वैसा ही आक्रोश उत्तराखंड के पौड़ी जिले के श्रीनगर में बाप-बेटे के लव जिहाद के कारण दिख रहा है। यहाँ की एक 22 वर्षीय हिंदू लड़की को भगाने के मामले में पुलिस ने 21 जून 2023 को पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान 22 साल के मुजीब खान और उसके 45 वर्षीय अब्बा बाबू खान के तौर पर सामने आई है। दोनों उत्तर प्रदेश के बदायूं के रहने वाले हैं। आरोप है कि हिंदू युवती को दोनों हिजाब पहनने और नमाज़ पढ़ने की ट्रेनिंग दे रहे थे। धर्म बदलकर उस पर निकाह का दबाव बना रहे थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दलित समुदाय की पीड़िता कॉलेज छात्रा है। उसे मुजीब ने पहले अपने झाँसे में लिया। फिर धीरे धीरे उसे इस्लाम की बातें समझाने लगा। लड़की के धर्मान्तरण की इस साजिश में उसका अब्बू बाबू खान भी शामिल था जो श्रीनगर में अचार बेचने आया था। जब लड़की के परिजनों ने अपनी बेटी के हाव भाव में बदलाव देखा तो उन्होंने निगरानी शुरू की। आखिरकार इस पूरी साजिश के पीछे मुजीब और उसके अब्बा बाबू खान सामने आए।

डीएसपी श्याम दत्त नौटियाल ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया है कि लड़की पर इस्लाम कबूल करने, हिजाब पहनने और नमाज पढ़ने का दबाव डालने की शिकायत मिली थी। कथित तौर पर आरोपित निकाह का भी दबाव बना रहे थे। मामला दर्ज कर आरोपित पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया गया है। आगे की जाँच चल रही है।

पुलिस ने आरोपितों को IPC की धारा 354 व उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया है। साथ ही लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। पीड़िता के पिता उत्तराखंड पुलिस में होमगार्ड हैं। इस मामले की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने थाने पहुँचकर आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की। भाजपा नेता लखपत सिंह ने इन साजिशों के पीछे किसी गैंग का हाथ होने की आशंका जताई है।

श्रीनगर के व्यापारी वासुदेव कडारी का कहना है कि पहले भी इलाके में लड़कियाँ लव जिहाद का शिकार हो चुकी हैं। उन्होंने पूर्व में किसी मुस्लिम युवक द्वारा किए गए MMS कांड का जिक्र करते हुए प्रशासन से दुबारा वैसा न होने देने की अपील की है।

‘दिल मिले न मिले हाथ मिलाते रहिए’: विपक्षी जुटान से पहले मायावती ने नीयत पर उठाए सवाल, पटना में केजरीवाल को PM कैंडिडेट बनाने के पोस्टर

बिहार की राजधानी पटना में शुक्रवार (23 जून 2023) को होने वाली विपक्षी दलों की बैठक को लेकर राजनीति के साथ-साथ पोस्टरबाजी भी तेज हो गई है। इस बैठक को लेकर उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी तंज कसा है। उन्होंने कहा कि दिल मिले ना मिले, हाथ मिलाते रहिए।

बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने गुरुवार (21 जून 2023) को कई ट्वीट किए। इनमें उन्होंने लिखा, “महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी, पिछड़ापन, अशिक्षा, जातीय द्वेष, धार्मिक उन्माद/हिंसा आदि से ग्रस्त देश में बहुजन के त्रस्त हालात से स्पष्ट है कि परमपूज्य बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर के मानवतावादी समतामूलक संविधान को सही से लागू करने की क्षमता कॉन्ग्रेस-बीजेपी जैसी पार्टियों के पास नहीं है।”

उन्होंने अगले ट्वीट में नीतीश कुमार की अगुवाई में विपक्षी दलों की बैठक को लेकर लिखा, “अब लोकसभा आम चुनाव के पूर्व विपक्षी पार्टियाँ जिन मुद्दों को मिलकर उठा रही हैं और ऐसे में श्री नीतीश कुमार द्वारा कल 23 जून की विपक्षी नेताओं की पटना बैठक ’दिल मिले न मिले हांथ मिलाते रहिए’ की कहावत को ज्यादा चरितार्थ करता है।”

मायावती ने आगे कहा, “वैसे अगले लोकसभा चुनाव की तैयारी को ध्यान में रखकर इस प्रकार के प्रयास से पहले अगर ये पार्टियाँ, जनता में उनके प्रति आम विश्वास जगाने की गज़ऱ् से, अपने गिरेबान में झाँककर अपनी नीयत को थोड़ा पाक-साफ कर लेतीं तो बेहतर होता। ’मुँह में राम बग़ल में छुरी’ आख़िर कब तक चलेगा?”

विपक्षी दलों की नेताओं पर निशाना साधते हुए उन्होंने आगे कहा, “यूपी में लोकसभा की 80 सीट चुनावी सफलता की कुंजी कहलाती हैं, किन्तु विपक्षी पार्टियों के रवैये से ऐसा नहीं लगता है कि वे यहाँ अपने उद्देश्य के प्रति गंभीर व सही मायने में चिन्तित हैं। बिना सही प्राथमिकताओं के साथ यहाँ लोकसभा चुनाव की तैयारी क्या वाकई जरूरी बदलाव ला पाएगी?”

उधर पटना में बैठक से पहले पोस्टर वार शुरू हो गया है। इन पोस्टरों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा गया है। पोस्टरों पर भारतीय जनता पार्टी लिखा हुआ है। वहीं, एक अन्य पोस्टर में आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तस्वीर है। अरविंद केजरीवाल वाले पोस्टर पर लिखा है- ‘न आशा है, न विश्वास है। सम्हल कर रहना देश के लोगों, ये नीतीश कुमार है। मोदी जी का खासमखास है।’

पोस्टर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक साथ तस्वीर है। इस तस्वीर में दोनों एक-दूसरे का हाथ थामे हुए हैं। वहीं, उसके नीचे लिखा हुआ है कि ‘भावी प्रधानमंत्री-2024 और इसके नीचे अरविंद केजरीवाल’। इसके साथ ही पोस्टर पर झाड़ू भी बना है। हालाँकि, ये स्पष्ट नहीं है कि इस तरह के पोस्टर भाजपा और आम आदमी पार्टी द्वारा ही लगवाए गए हैं या कोई।

इसी तरह का एक पोस्टर लगा है, जिसमें प्रधानमंत्री पद को लेकर व्यंग्य किया गया है। इस पोस्टर में आम आदमी पूछ रहा है, ‘आप में से पीएम का चेहरा कौन होगा?’ तो विपक्षी एकता जिंदाबाद का बोर्ड लिए नेताओं के आगे खड़े मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कह रहे हैं, ‘अभी तो मन ही मन हम सब हैं, लेकिन चुनाव बाद आपसी सिर फुटव्वल करके तय कर लेंगे’।

इसके अलावा, एक पोस्टर में भाजपा ने विपक्षी दलों को ‘ठग्स’ करार दिया। एक पोस्टर में सभी विपक्षी नेताओं की तस्वीर है। जिसमें लिखा है ‘परिवारवाद और भ्रष्टाचार में डूबी पार्टियों का महासम्मेलन’। होर्डिंग, बोर्ड और पोस्टर में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार पर वार किया गया है। भाजपा ने भ्रष्टाचार के आरोप में फँसे नेताओं की होर्डिंग का एक जगह शीर्षक दिया है- ‘खूब जमेगा रंग, जब मिल बैठेंगे ठगबंधन के भ्रष्टाचारी संग’।

बताते चलें कि इस बैठक में जदयू, आरजेडी, कॉन्ग्रेस, टीएमसी, आम आदमी पार्टी, एनसीपी, शिवसेना-यूबीटी, झामुमो, पीडीपी, नेशनल कॉन्फ्रेंस, सीपीआई, सीपीएम, डीएमके, सपा के नेता शामिल होंगे। बता दें कि विपक्षी एकता में बसपा का जिक्र नहीं है। यही कारण है कि मायावती इस बैठक को लेकर सवाल उठा रही हैं।

बैठक में कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी और केसी वेणुगोपाल शामिल होंगे। वहीं, AAP के अरविंद केजरीवाल, भगवंत मान, संजय सिंह और राघव चड्ढा, TMC से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी, NCP से शरद पवार, शिवसेना (UBT) से उद्धव ठाकरे शिवसेना, जदयू से नीतीश कुमार और ललन सिंह, राजद से तेजस्वी यादव और लालू यादव, झामुमो से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, PDP से महबूबा मुफ्ती, NC से उमर अबदुल्ला, सपा के अखिलेश यादव, डीएमके से एमके स्टालिन, भाकपा महासचिव डी.राजा, भाकपा माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य नेता भी आ रहे हैं।

दूसरे की बीवी के साथ होटल में थे गुजरात के AAP विधायक, दावा- 50 मिनट साथ रहे, महिला के पति को देख मुँह छिपाकर भागेः Video वायरल

गुजरात में आम आदमी पार्टी (AAP) के विसावदार से विधायक भूपत भयानी का कथिततौर पर एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में भूपत एक महिला के साथ होटल में जाते दिखाई दे रहे हैं। अब सीसीटीवी की वीडियो वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है।

बताया जा रहा है कि ये वीडियो सूरत के कडोदरा इलाके के सूरज होटल का है जिसमें कथिततौर पर विधायक दूसरे की बीवी के साथ जाकर रजिस्ट्रेशन करवाते दिख रहे हैं। इस संबंध में दिव्य भास्कर ने एक रिपोर्ट भी प्रकाशित की है।

इसमें दावा है कि सीसीटीवी में दिखने वाला शख्स आप विधायक भूपत भयानी ही है, जिनके इस शादीशुदा लड़की से काफी करीबी रिश्ते थे इसलिए वह यहाँ होटल के कमरे में उसके साथ समय बिताने आए थे।

एक अन्य रिपोर्ट में किए गए दावे के मुताबिक कडोदरा इलाके में स्थित सूरज नाम के इस होटल में भूपत भयानी ने 800 रुपए में एक कमरा किराए पर लिया था। इतना ही नहीं, रिपोर्ट में दावा किया गया है कि विसावदर से आप विधायक भूपत भयानी महिला के साथ होटल के कमरे में करीब 50 मिनट तक अकेले थे। हालाँकि, जब लड़की का पति मोबाइल से वीडियो बनाते हुए होटल पहुँचा तो भयानी को मुँह पर रुमाल रखकर भागना पड़ा।

रिपोर्ट के मुताबिक, लड़की के पति ने पुलिस में शिकायत इसलिए दर्ज नहीं कराई क्योंकि वह अपने परिवार को बचाना चाहता था। यह भी कहा जा रहा है कि उन्होंने अपने फोन पर जो वीडियो रिकॉर्ड किया है उसका कहीं खुलासा नहीं किया गया है। लड़की के पति का कहना है कि अगर पुलिस जाँच कराई जाए तो भूपत भयानी के अन्य महिलाओं के साथ भी संबंध पाए जाएँगे।

इस मामले पर दिव्य भास्कर के पत्रकार देवेन चित्ते ने आप विधायक भूपत भयानी से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने कहा, “मैं अभी अपने घर पर हूँ, प्लीज, मैं अभी आपको किसी भी तरह की टिप्पणी या प्रतिक्रिया नहीं दे सकता, मैं अपनी लीगल टीम से मिलूँगा और बाद में प्रतिक्रिया दूँगा।”

‘आप जहर उगलना बंद करें, हमें पूरी आजादी है’: PM मोदी के लिए नफरत दिखाने वाली इल्हान उमर को भारत के मुस्लिम नेता ने धोया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका (PM Modi US Visit) यात्रा के दौरान हिंदू विरोधी अमेरिकी सांसद इल्हान उमर (Ilhan Omar) घृणा का प्रदर्शन कर रहे हैं। अमेरिकी काॅन्ग्रेस की महिला सदस्य ने कहा है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन में शामिल नहीं होंगी। पीएम मोदी अमेरिकी काॅन्ग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे।

इल्हान द्वारा पीएम मोदी के कार्यकाल में मुस्लिमों के उत्पीड़न से संबंधित की जारी प्रोपेगेंडा का अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अतीफ राशिद ने जवाब दिया है और कहा कि इल्हान भारत के खिलाफ जहर उगलना बंद करें।

इल्हान के आरोपों पर जवाब देते हुए राशिद ने लिखा, “मैं भारत के धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय से हूँ और मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत में अपनी धार्मिक स्वतंत्रता और धार्मिक पहचान के साथ स्वतंत्र रूप से रहता हूँ। यहाँ के हर संसाधन में मेरी बराबर की हिस्सेदारी है। मुझे भारत में बोलने और लिखने की पूरी आजादी है। मुझे यह कहते हुए दुख हो रहा है कि आप अपने नफरत के एजेंडे के तहत मेरे भारत की गलत तस्वीर दिखा रही हैं।”

दरअसल, इल्हान उमर ने बुधवार (21 जून 2023) को लिखा था, “प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने धार्मिक अल्पसंख्यकों का दमन किया है, हिंसक हिंदू राष्ट्रवादी समूहों को गले लगाया है, और पत्रकारों/मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया है। मैं मोदी के भाषण में शामिल नहीं होऊँगी।”

इल्हान यहीं नहीं रूकीं। उन्होंने आगे कहा, “मैं मोदी के दमन और हिंसा के रिकॉर्ड पर चर्चा करने के लिए मानवाधिकार समूहों के साथ एक ब्रीफिंग करूँगी।” अपने भारत विरोधी इस रुख के लिए इल्हान उमर नेटिजंस के भी निशाने पर हैं। बताते चलें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति उनकी नफरत सोशल मीडिया पर जगजाहिर है। 

पाकिस्तान परस्त इल्हान उमर

बताते चलें कि डेमोक्रेटिक पार्टी की सांसद इल्हान उमर अफ्रीकी मूल की हैं और इस्लामिक मुल्क पाकिस्तान पस्त हैं। पिछले साल उन्होंने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) का दौरा किया था। उस दौरान आतंकियों को पालने-पोशने और शरण देने वाला पाकिस्तान ने उनका जोरदार स्वागत किया था।

हालाँकि, भारत की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का उल्लंघन करने वाली अमेरिकी सांसद के इस दौरे का ना केवल भारत, बल्कि अमेरिका ने भी विरोध किया था। भारत ने उनकी इस यात्रा को निंदनीय बताया, जबकि अमेरिका के जो बाइडन प्रशासन ने उनके पीओके दौरे को व्यक्तिगत गतिविधि बताकर खुद को उनसे अलग कर लिया था।

मुस्लिम देशों में सेलिब्रिटी हैं इल्हान उमर

इल्हान उमर की पैदाइश सोमालिया की है। उन्हें मुस्लिम देशों में सेलिब्रिटी का दर्जा हासिल है। उमर पर इस्लामी एजेंडा इस कदर हावी है कि वह अमेरिका के राष्ट्रीय हितों की भी परवाह नहीं करती हैं। दुनियाभर में कट्टरपंथी इस्लाम को आगे बढ़ाना ही उनका एकमात्र उद्देश्य है। मुस्लिम देशों से उनकी मोहब्बत और भारत के प्रति उनकी घृणा किसी से भी छिपी नहीं है। कश्मीर, भारतीय मुस्लिमों, बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर इल्हान उमर कई विवादित बयान दे चुकी हैं।

इल्हान उमर के बारे में बताया जाता है कि वो पहली अफ्रीकी शरणार्थी हैं, जो चुनाव जीतकर अमेरिकी संसद में पहुँची हैं। उमर 2019 में मिनिसोटा से सांसद चुनी गई थीं। इस संसदीय सीट से चुनाव जीतने वाली वह पहली अश्वेत महिला हैं। साथ ही, अमेरिकी संसद पहुँचने वाली पहली दो मुस्लिम-अमेरिकी महिलाओं में भी शामिल हैं।

उमर के परिवार ने गृहयुद्ध के कारण सोमालिया छोड़ दिया था, उस वक्त उमर महज आठ वर्ष की थीं। उनके परिवार ने केन्या के शरणार्थी शिविर में चार साल बिताए और फिर 1990 के दशक में अमेरिका आए। दादा ने उमर को उनकी किशोरावस्था में ही राजनीति में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया। वह 2016 में चुनाव जीतकर मिनिसोटा की प्रतिनिधि सभा पहुँची और तीन साल बाद 2019 में वो अमेरिकी संसद के लिए चुनी गईं।

गैर मुसलमानों के प्रति नफरत

सोमालिया में ही पैदा हुईं मानवाधिकार कार्यकर्ता अयान हिरसी अली (Ayaan Hirsi Ali) ने 12 जुलाई 2019 को वॉल स्ट्रीट जर्नल में Can Ilhan Omar Overcome Her Prejudice? शीर्षक से लिखे लेख में कहा था, “किसी के मन में किसी के प्रति प्रति नफरत घर कर जाए तो उससे उबरना मुश्किल होता है। इल्हान उमर के साथ भी यही बात लागू है।”

अयान के मुताबिक, इल्हान उमर उन मुस्लिमों में शामिल हैं, जो दुनिया में जो भी गलत हो रहा है, उसके लिए एकमात्र दोषी यहूदियों को मानती हैं। उनमें गैर-मुसलमानों के प्रति भी नफरत कूट-कूटकर भरी है, क्योंकि उन्हें बचपन से यही सिखाया गया है। वहीं, भारत में काफी चर्चित पाकिस्तानी मूल के लेखक और पत्रकार तारेक फतेह भी इल्हान उमर को भारत विरोधी कट्टर इस्लामवादी करार दे चुके हैं।

इल्हान उमर के बारे में यह भी कहा जाता है कि वह बातें स्वतंत्रता-समानता की करती हैं, लेकिन कट्टर इस्लाम के प्रति उनका झुकाव साफ-साफ झलकता है। वे बुर्का, हिजाब की जबर्दस्त पैरोकार हैं। उन्होंने ही अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में वैश्विक स्तर पर इस्लामोफोबिया से लड़ने के लिए विशेष प्रतिनिधि का पद सृजित करने का प्रस्ताव पेश किया, जिसे सदन की मंजूरी भी मिल गई।

उनके इस कदम की रिपब्लिकन पार्टी के टिकट पर अमेरिकी कॉन्ग्रेस का चुनाव लड़ चुकीं एक और मुस्लिम नेता डालिया अल-अकिदी (Dalia Al-Aqidi) ने जबर्दस्त विरोध किया था। उन्होंने अरब न्यूज में एक लेख लिखकर पूछा है कि क्या इस्लाम के नाम पर आतंकी वारदातों को अंजाम देने वालों को मुस्लिम आतंकी कहना भी इस्लामोफोबिया के दायरे में आएगा?

सगे भाई ही इल्हान उमर के शौहर?

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चुनावी रैली में इल्हान उमर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था, “इल्हान उमर को अमेरिका, यहाँ के शासन-प्रशासन और यहाँ के लोगों से नफरत है। वह हमारे देश से घृणा करती हैं। वह ऐसी जगह से आई हैं जहाँ सरकार है ही नहीं और यहाँ आकर हमें ही ज्ञान दे रही हैं कि अपना देश कैसे चलाना चाहिए?”

यही नहीं, ट्रंप ने कई बार कहा था कि इल्हान उमर के दूसरा पति अहमद इल्मी और कोई नहीं, बल्कि उनका सगा भाई ही है। डोनाल्ड ट्रंप ने साल 2020 में अमेरिकी राष्ट्रपति के चुनाव के दौरान एक प्रचार अभियान में जस्टिस डिपार्टमेंट से इसकी जाँच करने की माँग भी की थी। बाद में इन आरोपों की पुष्टि भी हुई।

इसकी पुष्टि तब हुई, जब ट्रंप की पार्टी के एक रणनीतिकार ने पिछले वर्ष अगस्त में डीएनए टेस्ट रिपोर्ट वेबसाइट पर प्रकाशित कर दी। डीएनए के कई टेस्ट में उमर इल्हान और अहमद इल्मी के सगे बहन-भाई होने का सौ फीसदी मिलान हुआ था। डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमाली समुदाय के नेता ने भी खुलासा किया था कि इल्हान उमर ने अपने भाई से निकाह किया है।

रो रही है अटरली बटरली डिलीशियस ‘अमूल गर्ल’, नहीं रहे ‘जनक’: ट्विटर पर झर-झर बहते आँसुओं वाली तस्वीर वायरल

विज्ञापन की दुनिया में अमूल गर्ल को दुनिया के सामने पेश करने वाले सिलवेस्टर दा कुन्हा (80) का निधन हो गया है। इंडियन डेरी एसोसिएशन के आर एस सोढी ने अमूल गर्ल की उदास बैठी फोटो शेयर की जिसमें उसके आँसू भी निकल रहे हैं। वहीं गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (जीसीएमएमएफ) के प्रबंध निदेशक जयेन मेहता ने ट्वीट कर उनके निधन की जानकारी दी।

जयेन मेहता ने कहा मुंबई में दाकुन्हा कम्युनिकेशंस के अध्यक्ष सिल्वेस्टर के निधन से वह बहुत दुखी है। सिल्वेस्टर दाकुन्हा ने 1966 में जीसीएमएमएफ के स्वामित्व वाले ब्रांड अमूल के लिए ‘अटरली बटरली’ अभियान की कल्पना की, जिसने ‘अमूल गर्ल’ को दुनिया के सामने पेश किया जो आज भी जारी है।

हर्षा भोगले ने सिल्वेस्टर के निधन पर कहा कि भारतीय विज्ञापनों की विशाल संख्या में सिल्वेस्टर दाकुन्हा जैसे लोगों की पीढ़ी ने विज्ञापन का बीज मेरे दिमाग में बोया। उन्होंने इंडस्ट्री को और समृद्ध बनाया। मुझे ये देखकर खुशी है कि उनका प्रतिभाशाली बेटा राहुल दा कुन्हा परंपरा जारी रख रहा है।

बता दें कि वर्तमान में सिल्वेस्टर दाकुन्हा के बेटे राहुल दाकुन्हा अब अपने पिता द्वारा शुरू की गई विज्ञापन कंपनी को संभाल रहे हैं। उनके पिता ने 1966 में अमूल गर्ल का विज्ञापन देकर अमूल ब्रांड को देश-विदेशों में पहचान दिलाई थी। ये विज्ञापन दुनिया में सबसे लंबे समय तक लगातार चलने वाले विज्ञापन में से एक हैं।

इसी एड की बदौलत गुजरात की कंपनी ने विदेशों तक अपनी पहुँच बनाई। उनके अमूल गर्ल कैंपेन के साथ एक वन लाइनर भी खूब मशहूर हुआ- जो कि ‘अटर्ली-बटर्ली अमूल’ था। लोगों के दिमाग में अमूल कंपनी की छाप ही अमूल गर्ल से साथ बस गई। आप आमूल के कुछ पुराने विज्ञापन नीचे वीडियो में देख सकते हैं:

औरंगजेब के साथ दिखे उद्धव ठाकरे, साथ में मुगल आक्रांता के कब्र पर सजदा करने वाले प्रकाश अंबेडकर की भी तस्वीरः मुंबई पुलिस ने होर्डिंग हटाए

महाराष्ट्र में मुगल आक्रांता औरंगजेब को लेकर शुरू हुआ विवाद बढ़ता जा रहा है। मुंबई के कई इलाकों में औरंगजेब के साथ शिवसेना-UBT के प्रमुख उद्धव ठाकरे और वंचित बहुजन अघाड़ी प्रमुख प्रकाश अंबेडकर की तस्वीर वाले पोस्टर लगाए गए हैं। बता दें कि कुछ दिन पहले प्रकाश अंबेडकर ने औरंगजेब के कथित कब्र पर जाकर सजदा किया था।

ये पोस्टर मुंबई के माहिम इलाके में लगाए गए हैं। पोस्टर बुधवार-गुरुवार (21-22 जून 2023) की रात में लगाए गए हैं। हालाँकि, ये स्पष्ट नहीं हो सका है कि पोस्टर किसने लगाए हैं। पुलिस ने इन पोस्टर को हटा दिया है। पुलिस का कहना है कि अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। कानून व्यवस्था बिगड़ने पर पुलिस अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करेगी।

दरअसल, औरंगजेब को लेकर पिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र में राजनीति गर्माई हुई है। कुछ सप्ताह पहले एक रैली में औरंगजेब का पोस्टर लहराया गया था। बीड, लातूर, अहमदनगर, कोल्हापुर सहित कई इलाकों में कुछ युवकों द्वारा अपने सोशल मीडिया स्टेटस पर औरंगजेब की तस्वीरें लगाई गई थीं। इसके बाद इन इलाकों में सांप्रदायिक तनाव फैल गया था।

वहीं, डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के पोते प्रकाश आंबेडकर 17 जून 2023 को औरंगजेब की कब्र पर गए थे और सजदा किया था। विवाद बढ़ने पर उन्होंने कहा था, “मैं यहाँ पर्यटन स्थल के रूप में आया हूँ। औरंगजेब के नाम पर जिस तरह लड़ाइयाँ लगाने का काम चल रहा है। ऐसे लोगों से मैं कहना चाहता हूँ कि यहाँ औरंगजेब ने 50 साल राज किया है। ये किसी से मिटाते नहीं बनेगा।”

प्रकाश आंबेडकर की पार्टी ने कुछ महीने पर उद्धव ठाकरे की पार्टी के साथ औपचारिक समझौते भी किए हैं। माना जा रहा है कि इन्हीं घटनाओं की वजह से तीनों की तस्वीरें जोड़कर बैनर बनाए गए और उन्हें लगाया गया। इसी तरह साल 2020 में एक सोशल मीडिया यूजर ने उद्धव ठाकरे को औरंगज़ेब और आदित्य ठाकरे को ‘बेबी पेंग्विन’ कहा था। इसके बाद वबाल हो गया था।

माहिम में लगे इस पोस्टर को लेकर महाराष्ट्र सरकार में मंत्री दीपक केसरकर ने कहा कि उद्धव ठाकरे का औरंगजेब के प्रति प्यार साफ देखा जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि हिन्दुत्व के साथ समझौता करने वालों को छत्रपति शिवाजी महाराज कभी माफ नहीं करेंगे।

जमील ने शैलेंद्र बन हिंदू लड़की को फँसाया, कोर्ट मैरिज करते समय खुली पोल तो साथियों से करवाया गैंगरेप: रायबरेली की घटना

उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले से लव जिहाद का एक नया मामला सामने आया है। एक हिन्दू लड़की का आरोप है कि जमील ने शैलेंद्र बनकर उसे फँसाया। पोल खुलने पर अपने साथियों से उसका गैंगरेप करवाया। पीड़िता की शिकायत पर बुधवार (21 जून 2023) को पुलिस ने मामला दर्ज किया। केस दर्ज होते ही जमील फरार हो गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला रायबरेली के मिल एरिया थाना क्षेत्र का है। यहाँ की रहने वाली पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक ऑफिस में पेश होकर आपबीती बताई। पीड़िता का कहना है कि बोलेरो चलाने वाला जमील उससे शैलेंद्र बनकर मिला था। दोनों में बातचीत शुरू हुई जो बाद में प्रेम संबंधों में बदल गई। इस बीच जमील ने पीड़िता से शारीरिक संबंध भी बनाए। कुछ समय बाद दोनों कोर्ट मैरिज करने गए तो लड़की ने दस्तावेजों में शैलेंद्र का नाम जमील देखा।

पीड़िता का कहना है कि असली पहचान सामने आने के बाद उसने विरोध किया। इसके बाद जमील ने उससे जबरन दस्तख्त करवाए। बोलेरो में बिठा कर एक कमरे में ले गया। यह कमरा रायबरेली के घंटाघर इलाके में था। आरोप है कि यहाँ जमील ने पीड़िता के साथ पहले खुद रेप किया। बाद में अपने साथियों को भी बुला लिया। इन सभी ने बारी-बारी लड़की का रेप किया। इसके बाद पीड़िता को कमरे में बंद कर दिया गया। जैसे तैसे लड़की वहाँ से निकल कर भागने में कामयाब रही। पैदल भागती अपने घर पहुँची पीड़िता ने परिजनों को सारी बात बताई।

लड़की के घर वाले पीड़िता के साथ रायबरेली के पुलिस अधीक्षक से मिलने पहुँचे। SP ने मिल एरिया थाना के SHO को मामले में फ़ौरन कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद जमील के खिलाफ FIR दर्ज की गई। केस दर्ज होते ही जमील फरार हो गया। उसकी तलाश की जा रही है। DSP वंदना सिंह के मुताबिक मामले की जाँच और कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

तेज हवा, मूसलाधार बारिश… भीगते रहे PM मोदी, अमेरिकी एयरपोर्ट पर गूँजता रहा भारत का राष्ट्रगान: देखिए Video

अमेरिकी दौरे के दूसरे दिन भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न्यूयाॅर्क से वाशिंगटन पहुँचे। यहाँ तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश के बीच वाशिंगटन डीसी के ज्वाइंट बेस एंड्रयूज हवाई अड्डे पर राजकीय सम्मान के साथ उनका स्वागत किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री बारिश में भीगते रहे और भारत का राष्ट्रगान गूँजता रहा। इसका वीडियो वायरल है।

भारतीय जनता पार्टी ने अपने आधिकारिक हैंडल से 2 मिनट 11 सेकेंड का वीडियो शेयर किया है। इसमें आप देख सकते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी खराब मौसम के बावजूद विमान से बाहर निकलते हैं। अमेरिकी अधिकारी उनका स्वागत करते हैं। उन्हें गाॅर्ड आफ ऑनर दिया जाता है। भारत के राष्ट्रगान की धुन बजाई जाती है। इस दौरान बारिश में भीगते हुए प्रधानमंत्री सावधान की मुद्रा में खड़े हैं।

नौ साल में प्रधानमंत्री मोदी की यह छठी अमेरिकी यात्रा है। लेकिन वे पहली बार स्टेट विजिट पर हैं। स्टेट विजिट का न्योता अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन की तरफ से आया है। मनमोहन सिंह के बाद वे दूसरे ऐसे भारतीय प्रधानमंत्री हैं जो अमेरिका के स्टेट विजिट पर हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी अमेरिकी संसद के संयुक्त सत्र को दूसरी बार संबोधित करेंगे। ऐसा करने वाले वे एकमात्र भारतीय नेता हैं।

गौरतलब है कि न्यूयाॅर्क में लैंड करने के बाद प्रधानमंत्री ने अमेरिकी कारोबारी दिग्गजों, विचारकों और जानकारों से भी मुलाकात की थी। इनमें टेस्ला के मालिक एलन मस्क भी शामिल थे। मुलाकात के बाद मस्क ने खुद को प्रधानमंत्री मोदी का फैन बताते हुए कहा था कि वे अगले साल भारत जाएँगे। साथ ही अगले साल भारत में टेस्ला की ईकाई शुरू होने की बात भी कही थी। इसके बाद वाशिंगटन पहुँचे प्रधानमंत्री को बुधवार (21 जून 2023) की रात बायडेन दंपती ने व्हाइट हाउस में प्राइवेट डिनर दिया था।

स दौरान पीएम मोदी ने बायडेन दंपती को कई उपहार दिए। इनमें भगवान गणेश की मूर्ति से लेकर ग्रीन डायमंड तक शामिल हैं। एक खास बाॅक्स सौंपा जिसमें 10 दान राशि थे। प्रधानमंत्री ने फर्स्ट लेडी जिल बायडेन को 7.5 कैरेट का इको फ्रेंडली ‘ग्रीन डायमंड’ गिफ्ट किया। वहीं राष्ट्रपति बायडेन को ’10 प्रिंसिपल्स ऑफ उपनिषद’ नामक किताब दी। जयपुर के कारीगरों द्वारा मैसूर के चंदन से तैयार किया गया एक विशेष गिफ्ट बाॅक्स दिया। इसमें भगवान गणेश की मूर्ति और एक दीये के अलावा छोटी-छोटी डिब्बियों में 10 उपहार थे। ये उपहार देश के अलग-अलग राज्यों में तैयार किए गए हैं और भारत की विविधता को प्रदर्शित करते हैं।