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मुख़्तार अंसारी के शूटर संजीव माहेश्वरी उर्फ़ जीवा की लखनऊ कोर्ट में हत्या: कृष्णानंद और ब्रह्मदत्त हत्याकांड में आया था नाम, वकील के वेश में था हमलावर

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बुधवार (7 जून 2023) को गैंगस्टर संजीव माहेश्वरी उर्फ़ जीवा की गोली मार कर हत्या कर दी गई। पुलिस अभिरक्षा में कोर्ट में पेशी के लिए आए जीवा को वकील के वेश में आए हमलावर ने गोली मार दी। जीवा को बूलेटप्रूफ जैकेट में कोर्ट लाया जाता था, लेकिन इस बार उसने गर्मी के कारण जैकेट पहनने से मना कर दिया था।

हमलावर जौनपुर निवासी विजय यादव बताया जा रहा है। कहा जाता है कि मृतक जीवा माफिया मुख़्तार अंसारी का शूटर था। उसका नाम भाजपा नेता कृष्णानंद राय और ब्रह्मदत्त द्विवेदी हत्याकांड में भी आया था। फ़िलहाल जीवा उम्रकैद की सजा काट रहा था। घटना के लखनऊ के कैसरबाग कोर्ट की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संजीव माहेश्वरी उर्फ़ जीवा लखनऊ जेल में बंद था। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी टॉप-10 गैंगस्टरों की लिस्ट में भी उसका नाम था। बुधवार को पुलिस कस्टडी में जीवा को लखनऊ कोर्ट में पेशी पर लाया गया था। इसी दौरान वकील के ड्रेस में आए शूटर ने जीवा पर ताबड़तोड़ गोलियाँ बरसानी शुरू कर दी।

जीवा को बचाने के चक्कर में एक पुलिसकर्मी को भी गोली लगी है। गैंगस्टर गोली लगने के बाद जीवा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि घायल पुलिसकर्मी को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। जीवा को 5 से अधिक गोलियाँ लगी हैं। जीवा की हत्या के बाद वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

गोलीबारी की चपेट में पास से गुजर रही एक बच्ची भी आई है। बच्ची को भी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। घायल पुलिसकर्मी और बच्ची की हालत स्थिर बताई जा रही है। जीवा की हत्या करने वाले शूटर विजय यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

विजय यादव मूल रूप से जौनपुर के केराकत क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस उससे हत्या के कारणों के बारे में पूछताछ कर रही है। शूटर की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस से हुई जद्दोजहद का वीडियो भी सामने आया है।

गौरतलब है कि मूल रूप से उत्तर प्रदेश के शामली जिले के रहने वाले जीवा को उत्तर प्रदेश के टॉप 10 गैंगस्टरों में गिना जाता था। जिस कृष्णानंद राय हत्याकांड में मुख़्तार अंसारी और उसके भाई अफजाल को सजा हुई है, उस हत्याकांड में जीवा और मुन्ना बजरंगी ने मुख्य शूटर की भूमिका निभाई थी।

मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में पहले ही हत्या हो चुकी है। इसके अलावा 10 फरवरी 1997 को फर्रुखाबाद में हुई भाजपा नेता और पूर्व मंत्री ब्रह्मदत्त द्विवेदी की हत्या में भी जीवा का नाम मुख्य शूटर के तौर पर आया था।

पुलिस रिकार्ड में जीवा पर कुल 22 केस दर्ज थे, जिनमें से 17 मामलों में वह बरी हो चुका था। उसके गैंग में 35 एक्टिव मेंबर्स थे। उस पर जेल से ही गैंग ऑपरेट करने का आरोप है। जीवा सहित 4 आरोपितों को साल 2017 में कारोबारी अमित दीक्षित की हत्या में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।

जीवा की पत्नी पायल साल 2017 में राष्ट्रीय लोकदल (RLD) से विधानसभा का चुनाव भी लड़ी थीं। हालाँकि इस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। जीवा की पत्नी ने साल 2021 में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिख कर अपने पति की हत्या की आशंका जताई थी।

‘AIMIM का शहर अध्यक्ष हूँ’: युवती के साथ बदसलूकी करने वाला उमैर धराया, हिजाब वाली लड़की को गाली देकर पूछ रहा था – हिन्दू के साथ क्यों घूम रही?

उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut, Uttar Pradesh) में खुद को असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM का शहर अध्यक्ष बताकर युवती से बदसलूकी करने वाले आरोपित उमैर को पुलिस ने ​गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना ​​​​लालकुर्ती पैंठ बाजार की है। इसका वीडियो भी सामने आया है।

वीडियो में दिख रहा है कि उमैर खुद को AIMIM का अध्यक्ष बताकर हिजाब पहनी हुई मुस्लिम युवती को टॉर्चर कर रहा है। वह उससे कहता है, “तू अपना नाम बता। तू मुस्लिम नहीं है। अपना आधार कार्ड दिखा।” वह युवती से आगे कहता है, “तू मुस्लिम है, हिंदू लड़के के साथ घूम रही।”

दैनिक भास्कर के मुताबिक, यह घटना 5 जून 2023 की है, लेकिन इसका वीडियो बुधवार (7 जून 2023) को सामने आया है। एसपी सिटी पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि वीडियो सामने आने के बाद आरोपित उमैर को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ केस दर्ज करके आगे की कार्रवाई की जा रही है।

रिपार्ट के अनुसार, लालकुर्ती पैंठ बाजार में एक मुस्लिम युवती हिंदू लड़के के साथ घूम रही थी, तभी भीड़ ने दोनों को चारों तरफ से घेर लिया। वीडियो में काली टी-शर्ट पहने लंबे बालों वाला दिख रहा शख्स उमैर है। वह बार-बार युवती से हिंदू युवक के साथ घूमने पर सवाल पूछता है।

उमैर उस युवती से बार-बार उसकी आईडी माँग रहा था। इसके साथ ही उस युवती से वह गाली-गलौच भी कर रहा था। खुद को चारों तरफ से घिरा देखकर और उमैर तथा उसके साथियों की बदतमीजी से परेशान होकर युवती रोने लगती है। हालाँकि, भीड़ को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। भीड़ उसका लगातार वीडियो बनाती रही। इसकी पैंठ बाजार में कपड़े की दुकान है। 

बता दें कि इससे पहले इस साल मई में भी मेरठ का एक ऐसा ही वीडियो सामने आया था, जिसमें मुस्लिमों को अपने ही मजहब की लड़कियों के साथ बदसलूकी करते हुए देखा गया था। यूपी पुलिस ने इस घटना का संज्ञान लिया था। दोनों मुस्लिम युवतियाँ एक हिन्दू युवक के साथ घूम रही थीं, जिस पर कट्टर मुस्लिम भड़क गए और उनके साथ बदसलूकी करने लगे थे। यही नहीं, जबरन उनका चेहरा दिखाने के लिए भी मजबूर किया गया था।

‘हिजाब-धर्मांतरण वाले स्कूल से कलक्टर की मिलीभगत, बचाव में कर रहे ट्वीट’: खुद मंत्री ने ब्यूरोक्रेसी को घेरा, DEO पर लोगों ने फेंकी स्याही

मध्य प्रदेश स्थित दमोह के एक स्कूल में हिन्दू छात्राओं को हिजाब पहनने को मजबूर किया गया। जाँच हुई तो पता चला कि प्रधानध्यापिका समेत 3 शिक्षिकाओं ने इस्लामी धर्मांतरण कर लिया है। बच्चों ने बताया कि उन्हें नमाज और दुआ पढ़ने के लिए मजबूर किया जाता था। इन सबके बावजूद वहाँ का स्थानीय प्रशासन सुषुप्त अवस्था में रहा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा गंभीर हुए, तब जाकर कार्रवाई हुई।

इधर कुछ लोगों ने दमोह के जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) पर स्याही फेंक दी, जिसके बाद उलटा आक्रोशित लोगों पर ही गिरोह विशेष निशाना साध रहा है। इस मामले में साफ़ है कि राज्य बाल आयोग की टीम गंभीर नहीं होती और सरकार सख्त रुख नहीं अपनाती तो शायद ही मामला खुल पाता। राज्य के स्कूली शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार स्पष्ट कह चुके हैं कि कलक्टर मयंक अग्रवाल को कार्रवाई करनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।

मंत्री ने कहा कि ये सिर्फ स्कूल या नियम प्रक्रिया का मामला नहीं है, बल्कि समाज में द्वेष फैलाने का विषय है। मंत्री ने ये भी कहा कि स्कूल में कई तरह की अवैध गतिविधियाँ चल रही थीं। स्कूल के बचाव में बार-बार कलक्टर का बयान आ रहा है, इस संबंध में भी परमार ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि टेरर फंडिंग का मामला भी सामने आया है, इसके बावजूद ऐसा लगता है कि कलक्टर की स्कूल के साथ मिलीभगत है।

बता दें कि तीनों शिक्षिकाओं ने भी कलक्टर ऑफिस पहुँच कर ही अपनी मर्जी से शादी करने की बात कही है। DEO एसके मिश्रा कह रहे हैं कि उनका इस प्रकरण से कोई लेनादेना नहीं, लेकिन क्या जिला का शिक्षा अधिकारी होने के नाते उनकी नाक के नीचे इतना कुछ होने पर उन्हें दोष न दिया जाए? दमोह के कलक्टर ने ट्वीट कर के ये भी कहा था कि इस मामले में फैलाए जा रहे कई तथ्य गलत हैं। प्रशासन स्कूल को बचा रहा है, ऐसा खुद सरकार कह रही – फिर भी कुछ लोग चाहते हैं कि ब्यूरोक्रेसी की आलोचना न हो।

शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक पर औरंगजेब और टीपू सुल्तान का WhatsApp स्टेटस: अहमदनगर के बाद अब कोल्हापुर में भड़की हिंसा, पुलिस ने की लाठीचार्ज

छत्रपति शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) के राज्याभिषेक के दिन कुछ मुस्लिमों द्वारा मोबाइल पर औरंगजेब और टीपू सुल्तान के स्टेट्स लगाने के बाद शुरू हुए विवाद पर महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले में हिंसा भड़क गई है। हिंसा के दौरान जमकर पत्थरबाजी हुई है। हालात को सम्भालने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।

हिन्दू संगठनों ने ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की माँग की है। विरोध में शामिल प्रदर्शनकारियों ने कोल्हापुर बाजार को बंद करवा दिया है। वहीं, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अराजकता फैलाने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। घटना मंगलवार (6 जून) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, छत्रपति शिवजी महाराज के राज्याभिषेक दिवस 6 जून 2020 (मंगलवार) को मुस्लिम समाज के कुछ लोगों ने आपत्तिजनक पोस्टर अपने व्हाट्सएप स्टेटस के तौर पर लगाए थे। इन पोस्टरों में टीपू सुल्तान और औरंगजेब की तस्वीरें थीं। स्टेट्स लगाने वाले तीनों आरोपित नाबालिग बताए जा रहे हैं।

इन पोस्टरों के वायरल होने के बाद हिन्दू संगठनों ने कार्रवाई की माँग उठाई। हिन्दू संगठनों ने इसे राष्ट्र पुरुषों का अपमान करने वाली पोस्ट करार दिया है। इसी तनाव के चलते अहमदनगर में हिंसा भड़की।

आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग को लेकर हिन्दू संगठनों ने मंगलवार (6 जून) को कोल्हापुर में प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बाजार बंद करा दिए। इसको लेकर तनाव फैल गया। इस बीच पुलिस ने मोर्चा सम्भाला और लाठीचार्ज कर दिया। झड़प के दौरान पुलिस पर भी पथराव और दुकानों में तोड़फोड़ की भी सूचना है।

महाराष्ट्र सरकार का गृह मंत्रालय प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में फैल रहे तनाव पर अलर्ट हो गया है। मंत्रालय ने आदेश जारी करते हुए कोल्हापुर में बवाल को फ़ौरन काबू करने के लिए कहा है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने लोगों से शांति की अपील की है। उन्होंने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई किए जाने का भरोसा दिया है।

अहमदनगर में भी हुई थी हिंसा

उधर, टीपू सुल्तान और औरंगजेब की तस्वीर को लेकर अहमदनगर में भी हिन्दू संगठनों ने मंगलवार (6 जून 2023) को एक रैली का आयोजन किया। आरोप है कि संगमनेर शहर से पाँच किलोमीटर दूर समनपुर गाँव में रैली पर पत्थरबाजी हुई। इस पथराव में 2 लोग घायल हुए थे और कुछ गाड़ियों को नुकसान पहुँचा था। पुलिस इस विवाद में भी केस दर्ज करके जाँच शुरू कर दी है।

बताते चलें कि अहमदनगर में रविवार (4 जून 2023) को मुस्लिम समाज द्वारा एक जुलूस निकाला गया था। इस जुलूस में 4 लोग औरंगजेब का पोस्टर लेकर आगे-आगे चल रहे थे। इस जुलूस का वीडियो वायरल हुआ था, जिस पर उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नाराजगी जताई थी। इस मामले में 4 लोगों पर धार्मिक भावनाओं को भड़काने का केस दर्ज कर लिया गया है।

गिरफ्तार हो बृजभूषण सिंह, WFI की अध्यक्ष बने महिला: अनुराग ठाकुर के साथ बैठक में पहलवानों ने रखी 5 डिमांड

केंद्रीय खेल मंत्री अनुरग ठाकुर के साथ फिर से प्रदर्शनकारी पहलवानों की बैठक हुई है। बजरंग पूनिया और साक्षी मलिक के साथ उन्होंने अपने आवास पर बैठक की। इस दौरान पहलवानों ने WFI (भारतीय कुश्ती संघ) अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को गिरफ्तार किए जाने के साथ-साथ किसी महिला को संस्था का अध्यक्ष बनाए जाने की माँग रखी। उनकी ये भी माँग है कि बृजभूषण शरण सिंह के परिवार का भी कोई भी सदस्य WFI का हिस्सा नहीं रहना चाहिए।

इस दौरान पहलवानों ने दिल्ली पुलिस द्वारा अपने साथ दुर्व्यवहार किए जाने का आरोप लगाते हुए इस पर चिंता जाहिर की। साथ ही उन पर हिंसा मामले में जो FIR हुई है, उसे भी रद्द किए जाने की माँग की गई। उधर चरखी दादरी गाँव में इस मामले पर खाप महापंचायत भी हुई है। बृजभूषण शरण सिंह के घर पर पहुँच कर दिल्ली पुलिस ने कई लोगों ने पूछताछ की। वहीं राकेश टिकैत कह रहे हैं कि वो पहले से ही बातचीत के पक्ष में हैं।

खापों ने ऐलान किया है कि वो अब भी पहलवानों के समर्थन में ही हैं और आंदोलन से पीछे नहीं हटे हैं। बुधवार (7 जून, 2023) को नई दिल्ली के अकबर रोड स्थित अनुराग ठाकुर के आवास पर पहलवान पहुँचे, जहाँ उन्होंने केंद्रीय खेल मंत्री के साथ बैठक की। पहलवानों का कहना है कि अमित शाह के साथ हुई उनकी बैठक के डिटेल्स बाहर नहीं बताने का निर्देश है। बता दें कि नए संसद भवन के उद्घाटन वाले दिन पहलवानों के उपद्रव के बाद दिल्ली पुलिस ने उन पर मामला दर्ज किया था।

केंद्र सरकार के साथ बैठकों से विनेश फोगाट नदारद हैं, क्योंकि वो फ़िलहाल खापों के साथ हैं। पहलवानों का ये आंदोलन 6 महीने से चल रहा है, जो जनवरी 2023 में ही शुरू हुआ था। पिछले महीने पहलवानों ने रेलवे में नौकरी भी फिर से शुरू कर दी, लेकिन उनका कहना है कि आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ है। बजरंग और साक्षी रेलवे में स्पेशल ऑफिसर्स हैं। पहलवानों का कहना है कि सांसद बृजभूषण की गिरफ़्तारी से कम उन्हें कुछ भी मंजूर नहीं है।

जिसने 16000 मरीजों का दिल किया ठीक, 41 साल की उम्र में उनका खुद का दिल हुआ फेल: कॉर्डियोलॉजिस्ट गौरव गाँधी की हार्ट अटैक से मौत

डॉक्टर गौरव गाँधी 41 साल के थे। पूरी तरह स्वस्थ थे। अपने करियर में 16 हजार से अधिक मरीजों की हार्ट सर्जरी कर चुके थे। लेकिन मंगलवार (6 जून 2023) की सुबह दिल का दौरा पड़ने से उनकी खुद की मौत हो गई। उनकी इस मौत ने हर किसी को हैरान कर दिया है।

मशहूर कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर गाँधी गुजरात के जामनगर के जीजी अस्पताल के मेडिसिन विभाग में काम करते थे। पूरे सौराष्ट्र में उनकी सबसे अच्छे और सबसे कम उम्र के हृदय रोग विशेषज्ञ के तौर गिनती होती थी। जामनगर के एमपी शाह मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. नंदिनी देसाई ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, “मंगलवार सुबह 4 बजे गाँधी ने सीने में दर्द की शिकायत की थी, जिसके बाद उन्हें प्राइवेट हॉस्पिटल में ले जाया गया, जहाँ वह अपने दिल के मरीजों का इलाज करते थे। वहाँ उनका कार्डियोग्राम (एक ऐसा यंत्र है, जिससे दिल की धड़कन मापी जाती है) किया गया। फिर चेक किया गया कि कहीं उन्हें एसिडिटी तो नहीं हुई है। इसके बाद उन्हें बेहतर महसूस हुआ और वह अपने घर वापस चले गए।”

लेकिन घर पहुँचने के दो घंटे बाद डॉक्टर गाँधी बाथरूम के पास गिर गए। फिर उन्हें जीजी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में लाया गया। लेकिन अस्पताल ले जाने के 45 मिनट के भीतर उनकी मृत्यु हो गई। डॉ. देसाई ने बताया कि प्राथमिक जाँच में गाँधी को कार्डियक अरेस्ट आने की बात सामने आई है।

इससे पहले सामान्य दिनों की तरह ही सोमवार (5 जून 2023) की रात कुछ मरीजों को देखने के बाद डॉक्टर गाँधी अस्पताल से पैलेस रोड स्थित अपने घर पर आए थे। रोज की तरह उन्होंने रात में डिनर किया और थोड़ी देर बाद सोने चले गए। उनके परिवार ने बताया कि उन्हें गौरव के व्यवहार में कोई बदलाव महसूस नहीं हुआ और न ही उन्होंने उस रात कोई भी समस्या होने की बात कही। उनका स्वास्थ्य भी ठीक था।

16000 से अधिक हार्ट सर्जरी की

रिपोर्ट्स के मुताबिक, गौरव गाँधी ने एमबीबीएस और एमडी की पढ़ाई जामनगर से पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने डीएम कॉर्डियोलॉजी की पढ़ाई अहमदाबाद से पूरी की थी। गौरव जामनगर में हार्ट के मरीजों का इलाज करते थे। वह हार्ट अटैक के मामलों में कमी लाने के लिए लोगों को भी जागरूक करते थे। डॉ. गाँधी ने अपने मेडिकल करियर में 16000 से अधिक हार्ट सर्जरी की थी।

गाँधी के परिवार में उनकी पत्नी देवांशी (दाँतों की डॉक्टर), दो बच्चे और माता-पिता हैं। उन्हें इस साल गणतंत्र दिवस पर चिकित्सा के क्षेत्र में उनकी सेवा और रिसर्च के लिए सम्मानित किया गया था। बता दें कि इससे पहले 3 मार्च 2023 को जामनगर में गुजरात के जाने-माने हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. मिलन चग के भाई और त्वचा विशेषज्ञ डॉ. संजीव चग की मॉर्निंग वॉक के दौरान दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी। वह सेंट एन्स स्कूल के सामने बैंक रोड पर चलते हुए अचानक गिर पड़े, जिससे उनकी मौत हो गई थी।

हूरों से अप्सरा की तुलना, उनके लिए ‘सेक्स’ जैसी बातें: शोएब जमाई ने महाभारत और वेदों को लेकर बोला झूठ, जानिए असलियत

अगर आपने ‘The Kerala Story’ देखी होगी तो आपको पता होगा कि कैसे हिन्दू युवाओं को उनके धर्म के बारे में गलत बातें कर के उन्हें मूर्ख बनाया जाता है। देवी-देवताओं और हमारे शास्त्रों के बारे में गलत बातें की जाती हैं, चूँकि हिन्दू युवक-युवतियों के पास जवाब नहीं होता और वो या तो निरुत्तर रह जाते हैं या फिर विरोधी मानसिकता से प्रभावित हो जाते हैं। कारण – उन्होंने अपने शास्त्रों का जरा भी अध्ययन नहीं किया होता है।

अब देखिए, इस्लामी कट्टरपंथी शोएब जमाई, जो ‘इंडियन मुस्लिम फाउंडेशन’ का अध्यक्ष है और जिसने शाहीन बाग़ उपद्रव में प्रमुख भूमिका निभाई थी, उसने ’72 हूर’ फिल्म पर निशाना साधते हुए अप्सराओं का जिक्र कर दिया। हिन्दू धर्म में स्वर्ग में रहने वाली नृत्यांगनाओं के लिए अप्सरा शब्द का प्रयोग होता है। अप्सराओं को लेकर कई कथाएँ हैं। धरती पर भी कुछ राजाओं और ऋषियों के साथ अप्सराओं की प्रेम-कहानियाँ हैं।

शोएब जमाई ने दावा कर दिया कि कुछ हिन्दू 1000 अप्सराओं के चक्कर में शादी नहीं करते, जबकि हूरों के बारे में ज्ञान देते फिरते हैं। साथ ही उसने एक तस्वीर भी शेयर की, जिसमें अप्सराओं को लेकर गलत बातें लिखी हैं और साथ ही स्रोत के रूप में शास्त्रों का वर्णन है। जैसे, उसने लिखा कि स्वर्ग में सुंदर झील हैं, स्वर्ण अंगों वाली अप्सराएँ हैं जो वहाँ रहती हैं। साथ ही उसने दावा कर दिया कि ऐसा महाभारत में लिखा है।

उसने स्रोत के रूप में महाभारत वन पर्व 168.6-7 का जिक्र किया। जिन्होंने कभी महाभारत पढ़ी तक नहीं है, उनमें से कई इसे सही भी मान लेंगे। जो होशियार होंगे, वो पुस्तक खोल कर देखेंगे और इसकी सच्चाई जान जाएँगे। जो विद्वान होंगे, वो देखते ही समय जाएँगे कि सच क्या है। असल में महाभारत के वन पर्व में अध्याय संख्या 168 में ऐसा कुछ लिखा ही नहीं हुआ है। शोएब जमाई ने सरासर झूठ फैलाया है। बताए गए अध्याय और श्लोकों में क्या है, हम बताते हैं।

महाभारत का वन पर्व के इस अध्याय में अर्जुन स्वर्ग में व्यतीत किए गए अपने समय के बारे में बता रहे हैं। साथ ही कैसे दानवों के साथ युद्ध की तैयारी हुई, इसे विस्तारपूर्वक सुना रहे हैं। श्लोक संख्या 6 में वो एक ब्राह्मण के साथ अपनी मुलाकात के बारे में बता रहे हैं। अगले श्लोक में वो स्वर्ग लोक की सुंदरता का वर्णन कर रहे हैं। हाँ, आगे के श्लोक में अप्सराओं का वर्णन हैं लेकिन गीत गाते हुए, देवराज इंद्र के स्वागत में।

महाभारत में वन पर्व के अध्याय संख्या 168 के श्लोक 6-7 में अप्सराओं का वर्णन नहीं

जिसने भी महाभारत पढ़ी है, वो ये भी जानता होगा कि जैसे महिलाओं में अप्सराएँ होती थीं वैसे ही पुरुषों में गंधर्व होते थे। यहाँ कोई वर्जिन हूरों का सिद्धांत नहीं है और उनका काम किसी की शारीरिक प्यास बुझाना नहीं होता। गंधर्व और अप्सरा मुख्यतः गीत-संगीत में दक्ष कलाकार थे। उनकी शक्ति इतनी थी कि उर्वशी के श्राप के कारण अर्जुन को एक वर्ष तक गंधर्व के वेश में रहना पड़ा। शोएब जमाई को ये बातें शायद ही पता हों, हमें मालूम होना चाहिए।

अब आगे शोएब जमाई के अन्य झूठों का पर्दाफाश करते हैं। उसने अगला वाक्य लिखा – “स्वर्ग में उसका स्वागत सुन्दर नितंबों वाली 1000 अप्सराओं ने किया।” यहाँ ये जान लीजिए कि किसी स्त्री की सुंदरता का वर्णन करना कोई नई बात नहीं है, हमारे प्राचीन साहित्य में अलग-अलग पात्रों ने ऐसा किया है। राम-कृष्ण सहित पुरुषों के भी शारीरिक चित्रण पर बात की गई है। तभी ‘सुंदर स्यामल गौर सरीरा’ जैसी पंक्ति का प्रयोग भगवान श्रीराम के लिए करते हैं।

अतः, हमें इसे इस प्रकार से नहीं लेना चाहिए कि किसी ने किसी स्त्री की आँखों या शरीर के किसी अंग की सुंदरता का वर्णन कर दिया तो ये गलत बात हो गई। समान रूप से स्त्री-पुरुषों को लेकर ऐसे वर्णन मिलते हैं। अब शोएब जमाई के नए स्रोत पर आते हैं। उसने लिखा है कि ‘सुंदर नितंबों वाली महिलाओं’ वाली बात महाभारत में 13.79.27 में वर्णित है। महाभारत का 13वाँ पर्व, अर्थात ‘अनुशासन पर्व’। आइए देखते हैं इसके 79वें अध्याय में क्या है।

इस अध्याय में गायों के दान की महिमा समझाई गई है। गोदान के वर्णन के साथ-साथ गायों की पवित्रता के बारे में बताया गया है। किस प्रकार गोदान कर के व्यक्ति मृत्यु के पश्चात अपने पुण्यों के प्रभाव से सुख परलोक में सुख पाता है, ये इसमें बताया गया है। आइए, देखते हैं इसका 27वाँ श्लोक क्या कहता है। इसमें बताया गया है कि गायों के शरीर में जितनी रोएँ होती हैं, गोदान करने वाला व्यक्ति उतने वर्षों तक स्वर्ग में वास करता हाउ और फिर वापस मनुष्य योनि में ही जन्म लेता है।

महाभारत के अनुशासन पर्व में 79वें अध्याय का 27वाँ श्लोक – गोदान के पुण्य का है वर्णन

इस प्रकार, इस श्लोक में गोदान की महिमा बताई गई है। गरीबों की मदद की बात है। एक पशु की महिमा का वर्णन है। पशु हित की बात करना और गरीबों की मदद की बात करना तो आधुनिक युग में भी अच्छा ही माना जाता है न? इसमें अप्सरा शब्द का कहीं जिक्र ही नहीं है। यानी, शोएब जमाई द्वारा दिया गया दूसरा स्रोत भी झूठा निकला। उसके हिसाब से यहाँ महिलाओं के नितंबों की बात थी, जबकि असल में यहाँ गोदान के पुण्य का वर्णन है।

चलिए, आगे देखते हैं कि शोएब जमाई का तीसरा झूठ क्या है। इसमें उसने लिखा है – ‘स्वर्ग में महिलाओं के साथ शारीरिक संबंध बनाने का आनंद मिलता है।’ शोएब जमाई ने इसके स्रोत के रूप में अथर्व वेद, मत्स्य पुराण और महाभारत का हवाला दिया। उसने लिखा कि अथर्ववेद के 4.34.2 में ऐसा लिखा है। आइए, देखते हैं यहाँ असल में क्या है। अथर्ववेद के चौथे काण्ड के 34वें सूक्त के दूसरे मंत्र का भावार्थ है कि जितेन्द्रिय और शुभ स्वभाव वाले योगी परमात्मा को पाते हैं और संसार का हित करते हुए सर्वत्रगति को प्राप्त होते हैं।

“अ॑न॒स्थाः पू॒ताः पव॑नेन शु॒द्धाः शुच॑यः॒ शुचि॒मपि॑ यन्ति लो॒कम्। नैषां॑ शि॒श्नं प्र द॑हति जा॒तवे॑दाः स्व॒र्गे लो॒के ब॒हु स्त्रैण॑मेषाम् ॥” – ये मंत्र कुछ इस प्रकार है। आपको कहीं इसने ‘महिला’ या ‘अप्सरा’ शब्द दिख रहा है क्या? शोएब जमाई की मानें तो महाभारत के 13.106.7 में भी ऐसा ही लिखा है कि स्वर्ग में महिलाओं से शारीरिक संबंध बनाने का आनंद मिलता है। जबकि महाभारत के अनुशासन पर्व के 106वें अध्याय के इस श्लोक में ऐसा कुछ भी नहीं है।

यहाँ तो मास, दिवस और तिथि संबंधी व्रतों और उनके फलों का वर्णन है। उक्त श्लोक में बताया गया है कि भीष्म पितामह कैसे युधिष्ठिर को इसके बारे में बताते हैं। मत्स्य पुराण में 107वें अध्याय में जरूर अप्सराओं का जिक्र है, लेकिन शारीरिक संबंध बनाने की बात कहीं नहीं है। उनके सुमधुर गान के बारे में चर्चा की गई है। जिनके लिए कला हराम है, वो क्या जानें कि नृत्य-संगीत क्या होता है। हमारे यहाँ तो भगवान शिव भी नृत्य की मुद्रा में ‘नटराज’ बन कर पूजे जाते हैं।

शोएब जमाई के अगले झूठ की तरफ बढ़ते हैं। उसने लिखा है कि युद्ध में मृत्यु होने पर व्यक्ति स्वर्ग में ‘वर्जिन’ महिलाओं के साथ आनंद करता है। उसने दावा किया है कि देवी भागवत और पराशर स्मृति में ऐसा लिखा है। जब आप देवी भागवत के तीसरे अध्याय को देखेंगे तो आपको उसमें भगवान श्रीराम के चरित्र का वर्णन मिलेगा शुरुआत में ही, अतः यहाँ ऐसी कोई बात नहीं लिखी है। अप्सराओं की हिन्दू धर्म में पूजा होती आई है, ऐसे में उन्हें इस तरह से बदनाम करने के लिए शोएब जमाई पर कानूनी कार्रवाई भी होनी चाहिए।

90 साल की महिला ने खोडलधाम को दान में दी 43 बीघा जमीन, स्ट्रेचर पर सब रजिस्ट्रार कार्यालय आकर लिखी वसीयत

गुजरात के राजकोट में एक 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने अपनी 43.5 बीघा जमीन दान कर की है। बुजुर्ग महिला का नाम नंदूबेन डाह्याभाई पाघडारे है। उन्होंने यह जमीन खोडलधाम ट्रस्ट को दान दी है। वह धोराजी के नानी परबाड़ी गाँव की रहने वाली हैं। सोमवार (5 जून 2023) को नंदूबेन एक स्ट्रेचर पर धोराजी सब रजिस्ट्रार कार्यालय पहुँची और वहाँ उन्होंने खोडलधाम के चेयरमैन नरेश पटेल सहित अन्य अधिकारियों के नाम 43.5 बीघा जमीन की वसीयत लिखी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, नंदूबेन की तबीयत बहुत खराब है। वह चल नहीं सकती हैं, इसलिए स्ट्रेचर पर सब रजिस्ट्रार कार्यालय पहुँची और अपनी 43.5 बीघा जमीन खोडलधाम ट्रस्ट के नाम लिख दी। इस मौके पर खोडलधाम धोराजी के समिति सदस्य भी मौजूद थे। खोडलधाम ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेश पटेल ने इतना बड़ा दान करने के लिए नंदूबेन को धन्यवाद दिया। नरेश पटेल के साथ धोराजी उपलेटा के पूर्व विधायक ललित वसोया ने नंदूबेन के परोपकार की सराहना की और इसे लोगों का दिल जीतने वाला कदम बताया।

इसके अलावा खोडलधाम के घोराजी के समिति सदस्यों ने सब रजिस्ट्रार कार्यालय में उन्हें माताजी की तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया। इस मौके पर वह बेहद खुश दिखाई दीं। उल्लेखनीय है कि नंदूबेन की कोई संतान नहीं है। करीब 20 वर्ष पूर्व उनके पति का निधन हो गया था। तब से वह अपने भाई के घर पर रह रही हैं।

खोडलधाम आस्था का केंद्र

बता दें​ कि राजकोट-जूनागढ़ राजमार्ग पर कागावाड़ के पास खोडलधाम लेउवा पाटीदार समुदाय की आस्था का केंद्र है। भक्ति से एकता की शक्ति के माध्यम से लेउवा पाटीदार समुदाय को एकजुट करने का एक प्रयास है। यहाँ खोडियार माताजी का एक भव्य मंदिर है। अब जामनगर रोड पर अमरेली गाँव के पास शिक्षा और स्वास्थ्य धाम तैयार किया जा रहा है। ऐसे समय में नंदूबेन द्वारा दिया जाने वाला दान खोडलधाम ट्रस्ट के लिए काफी अहम साबित होगा।

दिल्ली के जामिया नगर में लकड़ी के संदूक में मिली भाई-बहन की लाश, घर से खेलने निकले थे: मस्जिद से भी हुआ था लापता होने का ऐलान

राजधानी दिल्ली के जामिया नगर इलाके में मंगलवार (6 जून 2023) को बच्चों के शव मिले। ये शव लकड़ी के एक बक्से में बंद करके रखे गए थे। मृतक भाई-बहन बताए जा रहे हैं। दोनों मृतक एक दिन पहले सोमवार से लापता थे। बच्चों के पिता का नाम बलबीर है, जो चौकीदार की नौकरी करते हैं। मृतक का परिवार मूल रूप से नेपाल से है। पुलिस ने केस दर्ज करके जाँच शुरू कर दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मृतकों नीरज की उम्र 8 साल और मृतक आरती की उम्र 6 साल है। ये दोनों जोगबाई एक्सटेंशन के मकान नंबर F-2 में अपने पिता बलबीर और माँ के साथ रहते थे। बलबीर प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड हैं। वहीं, दोनों का शव जामिया नगर से बरामद किया गया है।

जानकारी के मुताबिक, सोमवार (5 जून) को दोनों बच्चों ने दोपहर लगभग 3 बजे अपने माता-पिता के साथ खाना खाया। इसके आधे घंटे बाद लगभग 3:30 पर दोनों बाहर खेलने के लिए गए और वहीं से लापता हो गए। बलबीर और उनकी पत्नी ने बच्चों की खोजबीन शुरू की, लेकिन वे नहीं मिले।

बच्चों की तलाश में मोहल्ले के अन्य लोग भी जुटे, पर उन्हें भी सफलता नहीं मिली। आखिरकार एक दिन बाद उन दोनों के शव लकड़ी के एक बॉक्स से मिले। ये बॉक्स जामिया की एक लकड़ी की गोदाम में रखा हुआ था। यहीं पर बच्चों के पिता चौकीदार की नौकरी भी करते हैं। हालाँकि, बच्चे वहाँ तक कैसे पहुँचे अभी तक ये साफ नहीं हो पाया है।

जिस संदूक में दोनों बच्चों के शव मिले हैं, वो काफी पुराना और बेहद भारी बताया जा रहा है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दोनो बच्चों के शवों पर चोट के कोई निशान नहीं मिले हैं। वहीं, एक बच्चे के मुँह से झाग आने की बात कही जा रही है।

मृतकों की माँ ने बच्चों की हत्या की आशंका जताई है। उन्होंने सवाल किया कि एक बॉक्स में 2 बच्चे कैसे पहुँचे और उसमें दोनों के शव कैसे समा गए? पीड़ित माँ ने बताया कि उन्होंने अपने बच्चों को खोजने के लिए मस्जिद से एलान भी करवाया था।

वहीं, पुलिस का कहना है कि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगी। प्रथम दृष्ट्या मौत की वजह दम घुटना माना जा रहा है। दिल्ली पुलिस की फोरेंसिक टीम भी मौके पर छानबीन में जुटी है।

रुबीना खान बनी रूबी अवस्थी, रुबिया हुई रजनी: मंदिर में हिंदू लड़कों संग की शादी, जबरन निकाह कराने पर तुले थे परिजन

उत्तर प्रदेश में दो मुस्लिम युवतियों ने अपने हिंदू प्रेमी से शादी की है। इन युवतियों के परिजन हिंदू के साथ उनके रिश्ते के विरोध में थे और जबरन उनका निकाह कराना चाहते थे। पहला मामला सीतापुर का है। प्रदीप से शादी कर रूबिया अब रजनी बन गई है। दूसरे मामले में बहराइच की रुबीना खान ने शेष कुमार अवस्थी के साथ मंदिर में शादी की। अब वह रूबी अवस्थी हो गई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीतापुर के रामपुर मथुरा थाना क्षेत्र के बिसेसर की रहने वाली मुस्लिम युवती रूबिया का करीब दो सालों से थानगाँव थाना क्षेत्र के मेउडी सेवलिया निवासी प्रदीप यादव से प्रेम प्रसंग चल रहा था। रूबिया के घर वाले इस रिश्ते के खिलाफ थे, लेकिन उसने उनकी जगह अपने प्यार को चुना। रूबिया और प्रदीप के विवाह में हो रही दिक्कत की जानकारी जब विहिप के सदस्यों को हुई तो वे युवती के गाँव पहुँचे और पुलिस की मदद से हिंदू रीति रिवाजों से दोनों की शादी मंदिर में करवाई। विहिप के धर्माचार्य प्रमुख आचार्य दीपक मिश्रा ने दोनों को सुखी दांपत्य जीवन का आशीर्वाद दिया। दूसरी ओर लड़की के परिवार वालों ने उसका त्याग कर उससे सभी संबंध तोड़ लिए हैं।

विश्व हिंदू परिषद के विभाग अध्यक्ष अवध प्रांत विपुल प्रताप सिंह ने बताया कि दोनों प्रेमी युगल एक-दूसरे से बहुत प्यार करते हैं और शादी करना चाहते थे। लेकिन लड़की के घर वाले जबरन उसका निकाह दूसरी जगह करा रहे थे। सूचना मिलने पर पुलिस के सहयोग से दोनों की शादी हिंदू रीति रिवाज के साथ कराई गई।

वहीं, बहराइच के कोतवाली देहात इलाके के शिवपुरा की रहने वाली रुबीना खान और शेष कुमार अवस्थी के बीच भी काफी दिनों से प्रेम प्रसंग चल रहा था। लेकिन धर्म अलग होने की वजह से परिजन रिश्ते के खिलाफ थे। दोनों ने मंदिर में शादी कर ली। जब यह बात रुबीना के परिवार वालों को पता चली तो लड़की के अब्बा ने शेष कुमार पर अपहरण का मुकदमा दर्ज करवा दिया। इसके बाद पुलिस ने दोनों को सोमवार (5 जून 2023) को कोर्ट में पेश किया।

रुबीना खान ने अदालत को बताया, “जज साहब मैं बालिग हूँ। मुझे अपना फैसला लेने का पूरा अधिकार है। मैंने अपनी मर्जी से अपने मजहब को छोड़ कर हिन्दू रीति रिवाज से शादी की है।” कोर्ट ने जब रुबीना के स्कूल की मार्कशीट देखी तो उसमें वह 18 साल तीन महीने 28 दिन की बालिग निकली। अदालत के आदेश पर दोनों को पूरी सुरक्षा के साथ लड़के के परिजनों को सौंप दिया गया है।

बता दें कि दो हफ्ते पहले रुबीना अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई थी। पुलिस ने दोनों को मुबंई से बरामद किया था। इस मामले में लड़के के पिता कन्हैया लाल अवस्थी का कहना है कि वे इस शादी से बेहद खुश हैं।