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साथ खाया-लूडो खेला, देर तक एक-दूसरे का चेहरा निहारा और इंजेक्शन लगाकर मर गए: उत्तराखंड में डॉक्टर फैमिली ने की सुसाइड

उत्तराखंड के काशीपुर से दिल को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक डॉक्टर ने अपनी कैंसर पीड़ित पत्नी के साथ जहरीला इंजेक्शन लगाकर आत्महत्या कर ली। डॉक्टर के कमरे से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें पत्नी के साथ आत्महत्या करने की बात दर्ज है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 50 वर्षीय आयुर्वेदिक डॉक्टर इंद्रेश शर्मा मूलरूप से देहरादून के रहने वाले हैं। वह अपनी पत्नी वर्षा शर्मा (45) और बेटे ईशान शर्मा के साथ काशीपुर के सैनिक कॉलोनी में रह रहे थे। वह इन दिनों कृष्णा हॉस्पिटल में बतौर ईएमओ कार्यरत थे। वर्षा शर्मा 12 सालों से कैंसर से पीड़ित थीं। उनके इलाज में काफी पैसा खर्च होने के कारण डॉक्टर की आर्थिक स्थिति खराब हो गई थी। इसके चलते कोरोना काल के बाद डॉक्टर अपने बेटे को कहीं एडमिशन भी नहीं दिला पाए थे। इसके बाद उन्होंने सामूहिक आत्महत्या का प्लान बनाया। इस बात की जानकारी उनके 12 साल के बेटे को भी थी। लेकिन बेटे को डॉक्टर ने कम डोज का इंजेक्शन लगाया, जिससे उसकी जान बच गई।

ईशान ने पुलिस को बताया कि मंगलवार (30 मई 2023) शाम को पापा हर दिन की तरह अपना काम पूरा करके घर लौटे थे। परिवार को पता था कि आज उनकी आखिरी रात है। सामूहिक आत्महत्या करने से पहले उन्होंने एक साथ डिनर किया, लूडो खेला और देर तक एक-दूसरे का चेहरा निहारते रहे। फिर डॉ.शर्मा ने पूरे परिवार के सामने सुसाइड नोट लिखा।

उस खौफनाक रात को ईशान ने अपने पापा से कहा था, “पापा मैं सबसे पहले मरूँगा, पहला इंजेक्शन मुझे लगा दो।” बेटे के ये शब्द सुनकर डॉ. शर्मा की आँखें नम हो गई थीं। इसके बाद उन्होंने खुद को और पत्नी को जहरीला इंजेक्शन और बेटे को नॉर्मल इंजेक्शन लगाया। बुधवार (31 मई 2023) सुबह जब माता-पिता बहुत देर तक नहीं उठे तो ईशान उन्हें कमरे में उठाने गया। इसके बाद बेटे ने 112 नंबर पर कॉल कर घटना की सूचना दी। मौके पर पहुँची डॉक्टरों की टीम ने आशंका जताई कि डॉक्टर ने आत्महत्या के लिए एनेस्थीसिया में प्रयोग होने वाले इंजेक्शन का इस्तेमाल किया है, जिसके चलते उनकी मौत हो गई।

एसपी अभय सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है। मौके से सीरिंज व अन्य सामान बरामद हुआ है। डॉक्टर की पत्नी 10-12 साल से कैंसर से पीड़ित थीं, जिसके चलते परिवार की आर्थिक स्थिति खराब हो गई थी। दंपत्ति के हाथ-पैर पर सीरिंज के निशान मिले हैं और कमरे से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। सुसाइड नोट में लिखा है, “मैं और मेरी पत्नी स्वेच्छा से आत्महत्या कर रहे हैं। इसके लिए कोई अन्य जिम्मेदार नहीं होगा।”

मोबाइल के लिए सबा खातून ने छोड़ दी ससुराल, इंस्टाग्राम पर फोटो नहीं डालने दे रहा था शौहर इलियास: 15 दिन पुराना निकाह, मारपीट के बाद थाने में केस

बिहार के हाजीपुर से एक अनोखा मामला सामने आया है। यहाँ सोशल मीडिया चलाने की लत के कारण सबा खातून ने निकाह के कुछ दिन बाद ही अपने शौहर का घर छोड़ दिया। सबा खातून ने अपने शौहर पर मारपीट करने का आरोप भी लगाया। महिला के मुताबिक, मोबाइल पर बिजी रहने के कारण उसका शौहर और ससुराल वाले अक्सर उसे टोकते रहते थे और उससे झगड़ा करते थे। यह मामला लालगंज थाने में पहुँच गया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 14 दिन पहले हाजीपुर के लालगंज थाना इलाके में रहने वाले इलियास का निकाह हाजीपुर की ही रहने वाली सबा खातून से हुआ था। ससुराल आने के बाद सबा हर समय मोबाइल में बिजी रहती थी। इलियास और उसका परिवार सबा की इस आदत से तंग आ गए थे। सबा के हर वक्त इंस्टाग्राम, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर एक्टिव रहने और घर का बिल्कुल भी ध्यान नहीं देने पर शौहर ने उसे रोकना-टोकना शुरू कर दिया।

बताया जा रहा है कि महिला को शौहर का मोबाइल के लिए बार-बार टोकना नागवार गुजरा और उसने अपने मायके वालों को बुला लिया। बहन की आँखों में आँसू देखकर दुल्हन के भाई ने अपने जीजा (इलियास) पर बंदूक तान दी। मौके पर पहुँची पुलिस ने साले को गिरफ्तार कर उसका हथियार जब्त कर लिया गया। वहीं, दुल्हन मोबाइल छोड़ने की बजाए अपना ससुराल छोड़कर खुशी-खुशी मायके चली गई।

इलियास की अम्मी का कहना है कि उनके लड़के ने सबा से केवल इतना कहा था, “तुम हमेशा फोन अपने पास रखती हो। सोशल मीडिया पर फोटो शेयर करती रहती हो। मोबाइल अपने पास नहीं रखो।” लेकिन उनकी बहू इस बात पर अड़ गई कि वह मोबाइल अपने पास रखेगी। सिर्फ इस बात को लेकर दुल्हन के परिवार वालों ने उनके घर आकर हंगामा किया।

वहीं, सबा की अम्मी का कहना है, “तीन दिन से मेरी बेटी फोन कर रही है। उसका फोन लेकर स्विच ऑफ कर दिया। इसके बाद मैंने इलियास के पास फोन किया। उसने मेरी बेटी से बात नहीं कराई। फिर मैंने सास के पास फोन किया तो उसने कहा, ‘यहाँ तुम्हारा कोई नहीं है। सब मर गए।’ मेरी बेटी ने रोते हुए हमें फोन किया और कहा कि अम्मी मुझे यहाँ से ले जाइए। जब हम यहाँ आए तो इलियास ने मेरी बेटी पर हाथ छोड़ा और उसे पीटा।”

पुलिस के अनुसार, कुछ दिन पहले लालगंज बाजार में घरेलू विवाद के कारण लड़की का भाई बंदूक लेकर आया हुआ था। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुँचे थाना प्रभारी ने भाई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस मामले की जाँच करने के बाद पता चला कि हाल ही में लड़की का निकाह हुआ था। वह इंस्टाग्राम चलाती थी और यहाँ अपने फोटो अपलोड करती थी। मुस्लिम फैमिली होने के कारण उसके ससुराल वाले रूढ़िवादी विचारों के थे। उन्होंने उसे इंस्टाग्राम पर फोटो डालने के लिए मना किया। इसके कारण शौहर-बीवी में जमकर विवाद हुआ, जिसके बाद लड़की ने अपने परिवार वालों को वहाँ बुलाया था।

‘हिजाब बैन करने की नहीं थी जरूरत, BJP ने सब गड़बड़ कर दिया’: बोले कर्नाटक के कॉन्ग्रेसी शिक्षा मंत्री, कहा- हम सिलेबस बदलेंगे, प्लान तैयार है

कॉन्ग्रेस नेता और कर्नाटक के शिक्षा मंत्री मधु बंगारप्पा ने स्कूलों और कॉलेजों में हिजाब बैन तथा पाठ्यक्रम में हुए बदलावों को लेकर बड़ा बयान दिया है। बंगारप्पा ने कहा है कि हिजाब पर सरकार के आदेश को आसानी से बदला नहीं जा सकता। लेकिन बीजेपी को हिजाब पर प्रतिबंध लगाने की जरूरत नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा है कि उनकी सरकार स्कूली पाठ्यक्रम में बदलाव करेगी।

इंडियन एक्सप्रेस के सनथ कुमार ने कर्नाटक के नए शिक्षा मंत्री मधु बंगारप्पा से बात की है। इस बातचीत में स्कूली पाठ्यक्रम में बदलाव को लेकर बात करते हुए बंगारप्पा ने कहा है, “हमने अपने चुनावी घोषणा पत्र में इसको लेकर पहले ही वादा किया था। छात्रों के हित में हमें भाजपा सरकार द्वारा स्कूली पाठ्यक्रम में किए गए सुधारों को बदलना होगा। हालाँकि क्या बदलाव होना है मैं इस बारे में अभी खुलासा नहीं करूँगा। लेकिन इसके लिए हमने एक प्लान तैयार किया है। सीएम सिद्धरमैया की देखरेख में पहले से ही संशोधन का काम चल रहा है।”

कर्नाटक के शिक्षण संस्थानों में हिजाब पर बैन हटाने के मुद्दे पर मधु बंगारप्पा ने कहा, “हिजाब पर सरकार के आदेश को हम यूँ ही नहीं बदल सकते। हमें कानून के हिसाब से चलना होगा। कानून विभाग इस मामले को देखेगा और इस पर आगे का फैसला लिया जाएगा। बीते कई सालों से सब कुछ ठीक चल रहा था। लेकिन अचानक ही हिजाब पर प्रतिबंध लगा दिया गया। इसकी जरूरत नहीं थी। बीजेपी ने इस मुद्दे में राजनीति करके सब गड़बड़ कर दिया। चूँकि यह मामला कोर्ट में है। इसलिए मैं इस अधिक बोलना नहीं चाहता।”

कर्नाटक हिजाब विवाद

बता दें कि कर्नाटक के हिजाब विवाद की शुरुआत जनवरी 2022 में उड्डपी के पीयू कॉलेज से हुई थी। यहाँ 6 छात्राएँ क्लासरूम में हिजाब पहनने को लेकर अड़ी हुईं थीं। लेकिन कॉलेज प्रशासन ने उन्हें हिजाब पहनकर क्लासरूम में बैठने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद तत्कालीन भाजपा सरकार ने भी एक आदेश जारी कर शिक्षण संस्थानों में हिजाब पर बैन लगा दिया था। 

बाद में यह मामला हाई कोर्ट पहुँचा। जहाँ हाई कोर्ट ने भी स्कूलों-कॉलेजों में यूनिफॉर्म को जरूरी बताते हुए हिजाब पर लगे बैन को सही ठहराया था। इसके बाद मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। जहाँ सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने खंडित फैसला सुनाया था। अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट की बड़ी बेंच के सामने लंबित है।

उज्जैन के महाकाल लोक की तर्ज पर सीहोर में देवी लोक का निर्माण: CM शिवराज ने किया भूमि पूजन, 64 योगिनी और देवी के 9 रूपों की होगी विशाल प्रतिमाएँ

मध्य प्रदेश में उज्जैन के महाकाल लोक की तर्ज पर सलकनपुर में देवीलोक (Salkanpur Devi Lok) की स्थापना की जा रही है। इसके लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार (23 मई 2023) को भूमिपूजन किया। इस अवसर पर बोलते हुए सीएम ने लोगों से कहा कि वे इस देवी लोक के निर्माण में अपना योगदान दें और अपने घर से एक ईंट लेकर वहाँ आएँ।

सीहोर जिले के सलकनपुर वाली बिजासन मैया की देवी लोक का निर्माण प्रदेश के सभी गाँवों एवं शहरों से लाए गए ईंटों से होगा। इसके अलावा, सभी 52 शक्तिपीठों की पवित्र मिट्टी भी सलकनपुर लाई जाएगी। इसे विकसित करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने ₹200 करोड़ का बजट भी निर्धारित किया है।

सलकनपुर में बनने वाली देवीलोक का आर्टिस्ट इम्प्रेशन

देवी लोक में नवदुर्गा कॉरीडोर का निर्माण किया जाएगा, जिसमें माँ दुर्गा के 9 रूपों को दर्शाया जाएगा। इसके अलावा, 64 योगिनी मंदिर का भी निर्माण किया जाएगा। उज्जैन के महाकाल लोक की तर्ज पर ही सलकनपुर में भी भव्य देवी लोक के अलावा, श्रद्धालुओं को हर सुविधा मुहैया कराई जाएगी। मंदिर तक पहुँचने के लिए पैदल पथ को बेहतर बनाने के अलावा रोप-वे का भी निर्माण किया जाएगा।

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सीहोर के विंध्याचल पर्वत पर विराजमान विंध्यवासिनी बिजासन माता का सलकनपुर मंदिर जल्द ही भारत भर में लोकप्रिय माता मंदिर बन जाएगा। इसमें चौसठ योगिनी और माता के 9 रूपों की विशाल प्रतिमाएँ स्थापित की जाएँगी।

सलकनपुर देवीलोक में मुख्य मंदिर के अलावे 64 योगिनी मंदिर का भी निर्माण

बताते चलें कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 23 मई 2022 को सलकनपुर में 43 करोड़ 69 लाख 72 हजार रुपए के अनेक निर्माण के लिए भूमि-पूजन किया था। इनमें 6 करोड़ 41 लाख रुपए की लागत से देवीधाम सलकनपुर में शिव मंदिर के समीप पार्किंग तथा शिव मंदिर के विभिन्न विकास कार्य भी शामिल हैं।

वहीं, 16 करोड़ 99 लाख रुपए की लागत से मंदिर परिसर का विकास एवं सौन्दर्यीकरण तथा भोजशाला एवं सूर्यद्वार का नवीनीकरण, 11 करोड़ 55 लाख रुपए की लागत से मेला ग्राउण्ड का विकास, सिंहद्वार का विस्तार एवं सरोवर का सौन्दर्यीकरण तथा 8 करोड़ 74 हजार रुपए की लागत से 125 नवीन दुकानों का निर्माण एवं 6 भव्य प्रवेश द्वार का निर्माण किया जा रहा है।

सलकनपुर देवीलोक सहित आस-पास की एरिया का आर्टिस्ट इम्प्रेशन

मध्‍य प्रदेश में 29 से 31 मई तक देवी लोक महोत्सव मनाया गया। 31 मई को भूमि-पूजन एवं शिला-पूजन कार्यक्रम का कार्यक्रम किया गया। मुख्य कार्यक्रम 31 मई के पूर्व 28 मई को सभी ग्रामों में शिला एवं चुनरी यात्रा निकाली गई। इस दौरान ‘मेरी घर की मिट्टी माँ के चरणों में अर्पित’ करने और प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्रत्येक घर से ईंट/शिला के संकलन का काम किया गया।

‘खोलूँ पैंट, लेगी क्या’: महिला से आरिफ ने की बदसलूकी, पकड़ाते ही पैंट में मूत दिया; पहले कह रहा था- पुलिस मेरा कुछ नहीं कर सकती

गुजरात के एक ऑटो ड्राइवर का वीडियो वायरल है। एक वीडियो में वह एक महिला ऑटो ड्राइवर के साथ सड़क पर बदतमीजी करता दिख रहा है। दूसरे में वह एक महिला पत्रकार के ‘गिरफ्तारी के बाद पैंट में मूत दिया’ सवाल के जवाब में सहमति जताता दिख रहा है।

ऑटो ड्राइवर की पहचान आरिफ अबुसाद सैयद के तौर पर हुई है। वीडियो गुजरात के वापी का है। बुधवार (31 मई 2023) को मामूली कहासुनी के बाद आफिर ने महिला ऑटो ड्राइवर से अभद्रता की थी। महिला ने उसकी हरकत का वीडियो बना लिया जो सोशल मीडिया पर वायरल है। वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आई पुलिस ने आरिफ को दबोच लिया। पुलिस के हत्थे चढ़ने के बाद उसका दूसरा वीडियो भी वायरल हो गया।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार वापी के गीतानगर स्थित रेलवे स्टेशन के पास आरिफ और महिला ऑटो ड्राइवर के बीच सवारी बैठाने को लेकर कहासुनी हो गई। इसके बाद आरिफ अश्लीलता पर उतर आया। महिला ने उसकी हरकत का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। यह देखकर आरिफ अपने पैंट की जिप खोलने लगा। महिला से कहने लगा- खोलूँ क्या, इसका लेगी क्या… उसने पुलिस वालों पर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की। कहा कि पुलिस उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकती।

आरिफ का वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय पुलिस हरकत में आई। आरिफ को थाने ले जाया गया। इस दौरान स्थानीय मीडियाकर्मी भी मौके पर पहुँच गए। आरिफ की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे लेकर दोबारा घटनास्थल पर पहुँची। सरेआम कान पकड़कर उससे उठक-बैठक करवाया गया और माफी मँगवाई गई। लोग इस दौरान आरिफ का वीडियो बनाते रहे जो अब वायरल हो रहा है।

आरिफ की गिरफ्तारी के बाद वायरल एक वीडियो में महिला पत्रकार आरिफ से सवाल पूछती नजर आ रही है। महिला पत्रकार उससे पुलिस के एक्शन मोड के बारे में पूछती है। आरिफ कुछ जवाब नहीं देता। वह आगे पूछती है, “आप कह रहे थे कि पुलिस आपका कुछ नहीं बिगाड़ सकती? हमने सुना है कि आपने अपनी पैंट 4 बार गीली की है।” आरिफ बस सिर हिला देता है और दोबारा ऐसी गलती न करने की बात स्वीकारता है। महिला ऑटो ड्राइवर की शिकायत के बाद पुलिस ने आरिफ के खिलाफ कई धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। आगे की कार्रवाई की जा रही है।

विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना लेकर आई मोदी सरकार: हर ब्लॉक में गोदाम बनाने के लिए दिए ₹1 लाख करोड़, अनाज रख कर्ज भी ले सकेंगे किसान

केन्द्र सरकार ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना का ऐलान किया। पीएम मोदी की अध्यक्षता वाले केंद्रीय मंत्री मंडल ने बुधवार (31 मई, 2023) को इस योजना को मंजूरी दी। एक लाख करोड़ की इस योजना से देश के हर ब्लॉक में गोदाम बनाए जाएँगे। बड़ी बात यह है कि इन गोदामों में अनाज रख कर किसान कर्ज भी ले सकेंगे।

बता दें कि अब तक देश में कुल 1450 लाख टन भंडारण की क्षमता है, लेकिन किसानों का अनाज खराब होने से बचाने व उन्हें उचित मूल्य दिलाने के लिए शुरू की गई इस योजना के बाद 700 लाख टन भंडारण की क्षमता सहकारिता क्षेत्र में शुरू होगी। इसके बाद भंडारण क्षमता 2150 लाख टन हो जाएगी। इससे देश में खाद्यान्न भंडारण को बढ़ाने के साथ ही अनाज के आयात में कमी आएगी। एक लाख करोड़ रुपए की इस योजना के तहत हर ब्लॉक में 2000 टन क्षमता वाले गोदाम बनाए जाएँगे।

इन गोदामों के बन जाने से भंडारण की कमी के चलते बर्बाद होने वाले लाखों टन अनाज को बचाया जा सकेगा। किसानों को उनकी फसल का अच्छा मूल्य मिल सकेगा। किसान इन गोदाम में अपनी फसल रखकर उसे अच्छे दाम पर बेच सकेंगे। यही नहीं, वे इन गोदामों में किसान अपनी फसल रखकर उसके मूल्य का 70 फीसदी कर्ज भी हासिल कर सकेंगे।

मालूम हो कि भारत विश्व में अनाज के सबसे बड़े उत्पादकों में से एक है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सभी बड़े उत्पादक देशों चीन, अमेरिका, ब्राजील, रूस, अर्जेंटिना आदि के पास अपने कुल उत्पादन से अधिक की भंडारण क्षमता है। लेकिन भारत में अन्न के भंडारण की क्षमता वार्षिक उत्पादन की अपेक्षा महज 47 प्रतिशत ही है। इस कारण देश में अनाज की बर्बादी होती है। मगर इस योजना के लागू होने के बाद अब ऐसा नहीं होगा।

इस योजना के बारे में बताते हुए केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि सरकार के इस कदम का उद्देश्य भंडारण सुविधाओं की कमी से अनाज को होने वाले नुकसान से बचाना, किसानों को संकट के समय अपनी उपज औने-पौने दाम पर बेचने से रोकना, आयात पर निर्भरता कम करना और गाँवों में रोजगार के अवसर सृजित करना है। अधिक भंडारण क्षमता से किसानों के लिए परिवहन लागत में भी कमी आएगी और खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी। साथ ही खरीद केंद्रों तक अनाज की ढुलाई और फिर गोदामों से राशन की दुकानों तक स्टॉक ले जाने में जो लागत आती है, उसमें भी भारी कमी आएगी। इस योजना को सहकारिता मंत्रालय विभिन्न राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के कम से कम 10 चयनित जिलों में पायलट प्रोजेक्ट की तरह लॉन्च करेगा।

15 साल की लड़की को घर से उठाया, गैंगरेप कर कुएँ में फेंका, मरते-मरते बता गई कैफ का नाम: हत्या से उबला झारखंड का गिरिडीह

झारखंड के गिरिडीह में एक नाबालिग लड़की का गैंगरेप करने के बाद हत्या का मामला सामने आया है। आरोपितों ने 15 साल की लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने के बाद उसे कुएँ में फेंक दिया। हॉस्पिटल ले जाते समय नाबालिग की मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में कैफ अंसारी को गिरफ्तार किया है। वहीं, आशिक अंसारी और फारूक अंसारी फरार हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला गिरिडीह जिले के बरनी थाना क्षेत्र अन्तर्गत बैदापहरी गाँव का है। रविवार (28 मई 2023) की रात लड़की अपने परिवार के साथ एक बर्थडे पार्टी में गई थी। वहाँ से आने के बाद सभी लोग घर में सो गए। मृतका भी अपनी दादी के साथ घर पर सोई हुई थी। रात में दादी की नींद खुली तो पोती वहाँ नहीं मिली। उसके बाद लड़की की तलाश शुरू की गई।

सोमवार (29 मई 2023) की सुबह परिजनों को पता चला कि उनकी बेटी पड़ोस के थोरिया गाँव में हातिम अंसारी के कुएँ में गिरी हुई मिली। ग्रामीणों ने इसकी सूचना परिजनों को दी। जब लड़की को बाहर निकाला गया तो उसके कपड़े फटे हुए थे। वह हिल-डुल भी नहीं पा रही थी। गैंगरेप और फिर रात भर पानी में रहने के बाद उसकी हालत बेहद खराब हो गई थी। वह सिर्फ कैफ-कैफ बोल पा रही थी।

परिजन जब उसे हॉस्पिटल लेकर जा रहे थे, तभी रास्ते में लड़की की मौत हो गई। लड़की कैफ का नाम बोल रही थी और उसके कपड़े फ़टे होने के चलते परिजनों ने सामूहिक दुष्कर्म होने की आशंका जताई। सूचना मिलने के बाद बिरनी थाना पुलिस घटना स्थल पर पहुँची और पोस्टमार्टम के लिए शव को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने कैफ अंसारी को भी गिरफ्तार कर लिया।

कड़ी पूछताछ के बाद उसने दो अन्य आरोपितों आशिक अंसारी और फारूक अंसारी की संलिप्तता की बात कही। गिरफ्तार आरोपित कैफ की निशानदेही पर पुलिस ने मृत लड़की का मोबाइल फोन जब्त कर लिया। मृतका की माँ के आवेदन पर पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ धारा 366A, 354D, 376 (3), 307, 302/34 और पॉक्सो एक्ट के तहत FIR दर्ज की है।

परिजनों का कहना है कि कैफ ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर उनकी बेटी का अपहरण किया और फिर दुष्कर्म करने के बाद कुएँ में फेंक दिया। सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की इस घटना को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग करते हुए लोगों ने बड़ी संख्या में शामिल होकर बुधवार (31 मई 2023) को पैदल मार्च निकाला।

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय भाजपा नेता मनोज सिंह और प्रमुख रामू बैठा मृतक छात्रा के घर पहुँचे और उसके स्वजनों को सांन्याय दिलाने का भरोसा दिया। 10वीं की छात्रा की हत्या के बाद गाँव में तनाव व्याप्त है। मृतक छात्रा की माँ बिरनी के एक स्कूल की सहायक अध्यापिका हैं।

इस घटना पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री नेता बाबूलाल मरांडी ने भी कड़ी कार्रवाई की माँग की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “झारखंड के गिरिडीह जिले के बैदापहरी गाँव में एक हिंदू नाबालिग छात्रा के साथ मोहम्मद कैफ अंसारी और मोहम्मद आशिक अंसारी ने गैंगरेप किया और कुएँ में डाल दिया। छात्रा की मौत हो गई। उसके विरोध में आज लोगों ने मार्च निकाला।”

भाजपा नेता मरांडी ने झारखंड की हेमंत सोरेन पर सवाल उठाते हुए आगे कहा, “झारखंड पुलिस की असंतोषजनक कारवाई से लोगों में भारी नाराजगी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी तुष्टिकरण की मजबूरी से बाहर निकलिये। आरोपितों को कठोर सजा दिलवाने का इंतजाम कराइए।”

गुजरात के एक विधायक ऐसे भी: डूब रहे थे लोग, बचाने के लिए समुद्र में लगा दी छलांग; 3 युवकों को जीवित लेकर किनारे लौटे

गुजरात के विधायक हीरा सोलंकी चर्चा में हैं। उनकी सोशल मीडिया में जमकर तारीफ हो रही। वजह डूब रहे लोगों को बचाने के लिए उन्होंने समुद्र में छलांग लगा दी। तीन युवकों को जीवित बचाकर किनारे तक लौट भी आए। घटना बुधवार (31 मार्च 2023) की है।

सोलंकी अमरेली जिले के राजुला से बीजेपी विधायक हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राजुला के पटवा गाँव में 4 युवक समुद्र में नहाने गए थे। नहाते हुए वे गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। इस बात की सूचना बीजेपी विधायक हीरा सोलंकी को मिली तो वह नाव से समुद्र में पहुँचे और पानी में कूद गए। इस दौरान उन्होंने अन्य लोगों की सहायता से 3 युवकों को बचा लिया। हालाँकि गहरे पानी में होने के चलते एक युवक डूब गया। उसकी तलाश में गोताखोरों ने करीब 2 घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया। इसके बाद उसका शव बरामद हुआ।

मिली जानकारी के मुताबिक बुधवार (31 मई 2023) की दोपहर 4 दोस्त कल्पेश शियाल, विजय गुजरिया, निकुल गुजरिया और जीवन गुजरिया नहाने के लिए गए हुए थे। लेकिन नहाते हुए वे तेज लहर में बहते हुए गहरे पानी में चले गए। इसके बाद वे मदद के लिए पुकारने लगे। वहाँ मौजूद लोग डूब रहे लोगों की सहायता करने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन गहरे पानी में कूदने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। जब विधायक हीरा सोलंकी को खबर मिली तो वे तत्काल मदद के लिए पहुँचे और 3 युवकों को बचा किया। मृतक युवक की पहचान निकुल गुजरिया के रूप में हुई है।

बता दें कि इससे पहले साल 2018 में भी विधायक हीरा सोलंकी एक युवक को बचाने के लिए समुद्र में कूद गए थे। इसी तरह गुजरात के मोरबी में जब 30 अक्टूबर 2022 मच्छू नदी पर बना पुल टूट गया था तो पूर्व विधायक कांतिलाल अमृतिया अपनी जान की परवाह किए बगैर लोगों को बचाने के लिए नदी में कूद पड़े थे। इस हादसे के बाद हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने मोरबी से निवर्तमान विधायक का टिकट काटते हुए अमृतिया को मौका दिया था। उन्होंने 62079 वोटों से बड़ी जीत हासिल की थी।

बांग्लादेशी घुसपैठिए, बढ़ती मुस्लिम आबादी, अवैध शराब और ड्रग्स: जहाँ साहिल खान ने की साक्षी की हत्या, वहाँ की जमीनी हकीकत

देश श्रद्धा हत्याकांड को भूला भी नहीं कि उससे पहले ही राजधानी दिल्ली में 16 साल की लड़की साक्षी की हत्या ने फिर से पूरे समाज को आक्रोश से भर दिया। हत्या किस जघन्य तरीके से की गई, उस वायरल वीडियो को देखने से स्पष्ट है। इतनी निर्मम हत्या जहाँ हुई, वहाँ का माहौल क्या है? आस-पास कैसा समाज है? पुलिस-प्रशासन को लेकर वहाँ के लोगों का क्या कहना है? इन्हीं चंद सवालों को तलाशते ऑपइंडिया की टीम पहुँची शाहबाद डेरी।

शाहबाद डेरी पहुँच कर सबसे पहले हम गए हत्या वाली जगह पर। वहाँ आस-पास जिन चीजों ने हमारा ध्यान खींचा, उनमें सबसे प्रमुख था एक अवैध मजार का होना। इसके अलावे हत्या वाली जगह के ठीक सामने 200 मीटर की दूरी पर आम आदमी पार्टी के विधायक का ऑफिस भी है। इसे आप डिटेल में यहाँ क्लिक कर पढ़ सकते हैं।

अवैध मजार के अलावे हत्या वाली जगह और वहाँ के समाज को देखने पर मोटा-मोटी यह अंदाजा लगा कि सरकारी तंत्र लचर है। किस हद तक लचर है, किन-किन मसलों पर सरकार फेल रही है, यह जानने के लिए हमने वहाँ के कई स्थानीय लोगों से बात की। इलाके में खुलेआम अवैध शराब और ड्रग्स के धंधे पर लोगों ने सरकार और पुलिस को घेरा। इन्हीं लोगों में से एक मिले स्थानीय पत्रकार। देव सिंह हैं उनका नाम।

पत्रकार देव सिंह ‘तेज टी24 न्यूज’ के लिए काम करते हैं। साक्षी की हत्या वाली जगह से लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर उनका घर है। ऑपइंडिया से बातचीत में देव ने साक्षी की हत्या के अलावा इस क्षेत्र में लव जिहाद के मामले से लेकर मुस्लिम आबादी और अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों तक की जानकारी दी। देव सिंह ने बताया:

“यहाँ धीरे-धीरे मुस्लिमों की आबादी बढ़ती जा रही है। ये लोग जिस मस्जिद और मदरसे में नमाज पढ़ने जाते हैं, वहाँ इन लोगों को इन सब चीजों की ट्रेनिंग दी जाती है। इलाके में होने वाले अवैध धंधों में बांग्लादेशी मुस्लिम भी शामिल हैं।”

सरकारी जमीन-पार्क पर अवैध कब्जा

देव सिंह ने बताया कि शाहबाद डेरी इलाके के आधे से अधिक पार्कों में अवैध कब्जा हो गया है। लोगों को टहलने, घूमने के लिए जगह नहीं बची है। उनके अनुसार यहाँ इतने बड़े-बड़े पार्क हैं, जहाँ लोग आसानी से घूम फिर सकते हैं लेकिन अवैध कब्जों के कारण यह संभव नहीं। लोगों को टहलने के लिए दूर जाना पड़ता है।

इसी समस्या पर आगे बात करते हुए उन्होंने बताया कि जब इलाके की लड़कियाँ घूमने-खेलने दूर जाती हैं तो उनके साथ छेड़खानी होती है। पास में जो पार्क है, उनमें कब्जे हो गए हैं। ऐसे में बच्चे-बच्चियाँ खेलने के लिए आखिर कहाँ जाएँ?

अवैध शराब, ड्रग्स, अफीम… शाहबाद डेरी इलाके में सब कुछ

लचर सरकारी तंत्र (पुलिस और प्रशासन) पर बात करते हुए देव सिंह ने बताया कि शाहबाद डेरी इलाके में अवैध शराब से लेकर ड्रग्स, अफीम सब कुछ आसानी से मिल जाता है। स्थानीय लोगों के साथ-साथ अवैध बांग्लादेशी घुसपैठिए भी ड्रग्स और शराब के धंधे में लिप्त हैं।

देव के अनुसार मीडिया में खबर आने के बाद एक-दो जगह छापेमारी हो जाती है। लेकिन अवैध धंधा चलता रहता है। शाहबाद डेयरी से लेकर रोहिणी सेक्टर-25, सेक्टर-26, सेक्टर-27 और तमाम झुग्गियों में रहने वाले लोग अवैध शराब, ड्रग्स और सट्टेबाजी का कारोबार करते हैं। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले इसी इलाके से नारकोटिक्स सेल ने 35 लाख रुपए की ड्रग्स बरामद थी।

लव जिहाद का मामला साक्षी तक सीमित नहीं

साहिल खान अक्सर हाथ पर कलावा बाँधता था और साक्षी उसे एक हिंदू समझती थी। देव सिंह ने आशंका जताई कि हो सकता है साक्षी को साहिल के मजहब के बारे में जानकारी हो गई हो। इसके बाद साक्षी ने साहिल से दूरी बनाने की कोशिश की होगी। ये बात साहिल को नागवार गुजरी और उसने साक्षी की बेरहमी से हत्या कर दी।

साक्षी के अलावा शाहबाद डेरी इलाके में कोई दूसरी घटना लव जिहाद से जुड़ी रही हो, इस सवाल पर पत्रकार देव सिंह ने दो मामलों का जिक्र किया। हालाँकि यह भी बताया कि मामले पुराने हैं, इसलिए पीड़ित लड़कियों या आरोपितों का नाम याद नहीं। दोनों मामले किस जगह पर हुए, इसकी जानकारी उन्होंने दी:

“इससे पहले यहाँ सेक्टर-25 (रोहिणी) में लव जिहाद का एक मामला सामने आया था। जो काफी दिनों तक चर्चा में था। एक मामला सेक्टर-27 में भी आया था। एक तरफा प्यार के सनकी युवक ने लड़की की हत्या कर दी थी।” 

AAP की केजरीवाल सरकार और क्राइम

दिल्ली में शीला दीक्षित के मुख्यमंत्री रहते रेप-क्राइम कितने थे? केजरीवाल ने भ्रष्टाचार और ‘रेप-कैपिटल दिल्ली’ के खिलाफ सत्ता हासिल की। ऐसे में स्थानीय पत्रकार होने के नाते दोनों वक्त की सत्ता और सरकारी तंत्र में होने वाले क्राइम को लेकर पूछे गए सवाल का देव सिंह ने जो जवाब दिया, वो पढ़िए: “दिल्ली में किसी प्रकार का कोई बदलाव नहीं हुआ। जैसे पहले हालात थे, वैसे ही अब भी हैं। यहाँ आए दिन गौहत्या हो रही है। सबसे अच्छा तो यह है कि इस देश में योगी राज आना चाहिए। जब तक देश में बांगलादेशी और ऐसे लोग हैं, तब तक देश में अपराध कम नहीं होगा।”

दमोह के जिस गंगा जमना स्कूल ने गैर मुस्लिम छात्राओं को पहनाया ‘हिजाब’, वहाँ प्रेयर में ‘दुआ’ भी होती है: मध्य प्रदेश सरकार ने दिए जाँच के आदेश

मध्य प्रदेश के दमोह का एक प्राइवेट स्कूल विवादों में है। इस स्कूल का नाम है- गंगा जमुना हायर सेकेंडरी स्कूल। इस स्कूल के टॉपर बच्चों का एक पोस्टर वायरल हुआ है। इसमें गैर मुस्लिम छात्राओं को भी हिजाब में देखा जा सकता है। यह कथित ‘स्कार्फ’ स्कूल ड्रेस का हिस्सा बताया जा रहा है। विवाद के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने जाँच के आदेश दिए हैं। वहीं हिंदुवादी संगठन स्कूल का रजिस्ट्रेशन रद्द करने की माँग कर रहे हैं।

मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने 31 मई 2023 को भोपाल में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा, “दमोह के गंगा जमना स्कूल में हिंदू लड़कियों को हिजाब में दिखाने के मामले की जाँच जिला शिक्षा अधिकारी से कराई गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक को पूरे मामले की गहन जाँच के निर्देश दिए गए हैं।”

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार इस स्कूल के प्रेयर में ‘दुआ’ भी शामिल है। इसके बोल इस तरह से हैं- लब पे आती है दुआ बनकर तमन्ना मेरी, जिंदगी हो शमा की सूरत खुदाया मेरी। परिजनों को दुआ के बारे में जानकारी नहीं है। लेकिन स्कूल के डायरेक्टर के हवाले से इसे एक सामान्य प्रक्रिया बताते हुए कहा गया है कि यह दुआ बच्चों के लिए होती है।

रिपोर्ट में वायरल पोस्टर में दिखने वाली छात्रा रुपाली साहू के हवाले से बताया गया है कि स्कूल के ड्रेस कोड में सलवार, कुर्ता और स्कार्फ शामिल है। इसी स्कार्फ को हिजाब बताया जा रहा है। उसने कहा है कि स्कूल में अन्य जगहों की तरह ही पढ़ाई होती है। किसी खास मजहब के बारे में नहीं बताया जाता। प्रेयर में राष्ट्रगान के साथ ही दुआ भी होती है। रूपाली की माँ लीलावती साहू का भी कहना है कि स्कार्फ ड्रेस में शामिल है। लेकिन पहनना अनिवार्य नहीं है। उनके अनुसार पैरेंट्स मीटिंग में उन्हें कभी कोई मजहबी मसला नहीं दिखा।

स्कूल के डायरेक्टर इदरीश खान का कहना है कि ​हिजाब सिर से पैर तक होता है। जिसे हिजाब बताया जा रहा वह स्कार्फ है। इसे ड्रेस कोड की वजह से बच्चे पहनकर आते हैं। लेकिन यह पहनना अनिवार्य नहीं है। डायरेक्टर का यह भी कहना है कि 2010 से चल रहा यह स्कूल अल्पसंख्यक कोटे से मान्यता प्राप्त है। लेकिन वे धर्म के बच्चों को एडमिशन देते हैं।

इस मामले को लेकर 30 मई 2023 को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने भी ट्वीट किया था। उन्होंने कहा था, “मध्य प्रदेश के दमोह जिले में एक स्कूल द्वारा हिंदू और अन्य गैर मुस्लिम बच्चियों को स्कूल यूनिफॉर्म के नाम पर जबरन बुर्का व हिजाब पहनाए जाने की शिकायत प्राप्त हुई है। इसका संज्ञान लिया जा रहा है और आवश्यक कार्रवाई हेतु जिलाधिकारी दमोह व पुलिस अधीक्षक दमोह को निर्देश प्रेषित किए जा रहे हैं।”

रिपोर्टों में दमोह के जिलाधिकारी मयंक अग्रवाल के हवाले से बताया गया है कि स्कूल के पोस्टर को लेकर किए जा रहे दावों की जाँच थाना प्रभारी कोतवाली और जिला शिक्षा अधिकारी से कराई गई थी। उन्होंने अपनी रिपोर्ट दे दी है। राज्य के गृह मंत्री के निर्देश के बाद बाद दमोह के तहसीलदार की अध्यक्षता में भी जाँच समिति बनाई गई है।