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गॉडफादर एक्टर अल पचीनो 82 साल की उम्र में बनेंगे पिता, गर्भवती हैं 29 साल की गर्लफ्रेंड नूर अल्फल्लाह: 79 साल की उम्र में को एक्टर डी नीरो भी बने थे पिता

हॉलीवुड अभिनेता अल पचीनो ( Al Pacino) 82 साल की उम्र में चौथी संतान के पिता बनने वाले हैं। उनकी गर्लफ्रेंड नूर अल्फल्लाह (Noor Alfallah) 8 महीने की गर्भवती हैं। 29 साल की नूर अभिनेता अल पचीनो से लगभग 54 साल छोटी हैं। रिपोर्टों के मुताबिक अल पचीनो अपनी गर्लफ्रेंड नूर को अप्रैल 2022 से डेट कर रहे हैं। दोनों को पहली बार एक डिनर डेट पर साथ देखा गया था।

नूर अल्फल्लाह के गर्भवती होने की खबर सबसे पहले TMZ द्वारा साझा की गई थी। रिपोर्टों के अनुसार एक्स गर्लफ्रेंड जान टैरंट (Jan Tarrant) से अल पचीनो की एक बेटी जूली मैरी (33) है। जूली पिता की नई गर्लफ्रेंड से भी 4 साल बड़ी हैं। इसके अलावा एक्स गर्लफ्रेंड बेवर्ली डी एंजेलो ( Beverly D’Angelo) के साथ अभिनेता के 22 वर्षीय जुड़वा बच्चे एंटोन (Anton) और ओलिविया (Olivia) हैं। पचीनो ने 2008-18 के बीच लुसिला पोलाक को भी डेट किया था, लेकिन उनसे उनकी कोई संतान नहीं है।

दूसरी तरफ नूर अल्फल्लाह भी अल पचीनो से पहले कई लोगों को डेट कर चुकी हैं। इनमें बिजनेसमैन निकोलस बर्गग्रेन (Nicolas Berggruen) और सिंगर मिक जैगर (Mick Jagger) शामिल हैं। अल पचीनो को मशहूर फिल्म द गॉडफादर (The godfather) सीरीज से पूरी दुनिया में प्रसिद्धि मिली थी। इसके अलावा उन्होंने कई बड़ी फिल्मों जैसे सेंट ऑफ ए वुमन, स्कारफेस, सर्पिको और द डेविल्स एडवोकेट, द आयरिशमैन में काम किया है।

हाल के दिनों की बात करें तो हॉलीवुड अभिनेता ने वन्स अपॉन ए टाइम इन हॉलीवुड (Once Upon a Time in Hollywood), हाउस ऑफ गुच्ची (House of Gucci), द पाइरेट्स ऑफ सोमालिया (The Pirates of Somalia), डैनी कॉलिन्स ( Danny Collins) जैसी मशहूर फिल्मों में अभिनय किया है। बता दें पिछले महीने ही फिल्म द गॉडफादर 2 में अल पचीनो के साथी कलाकार रहे 79 वर्षीय रॉबर्ट डी नीरो (Robert De Niro) भी पिता बने थे। उनकी प्रेमिका टिफ़नी चेन (Tiffany Chen) ने बेटी को जन्म दिया था। यह डी नीरो की सातवीं संतान है।

बृजभूषण सिंह के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं, 15 दिनों में कोर्ट में दाखिल हो सकती है रिपोर्ट: दिल्ली पुलिस सूत्रों के हवाले से ANI का दावा

दिल्ली पुलिस ने भारतीय कुश्ती महासंघ (Wrestling Federation Of India) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ पर्याप्त सबूत न होने की खबरों का खंडन किया है। इसके पहले न्यूज एजेंसी एएनआई ने दिल्ली पुलिस सूत्रों के हवाले से जानकारी दी थी कि बृजभूषण को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस के पास पर्याप्त सबूत नहीं हैं। उधर बृजभूषण शरण ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा है कि यदि दोष साबित हुए तो मैं फाँसी पर लटकने को तैयार हूँ।

न्यूज एजेंसी एएनआई ने दिल्ली पुलिस के सूत्रों के हवाले से दावा किया था कि 15 दिनों के भीतर दिल्ली पुलिस कोर्ट में अपनी रिपोर्ट दाखिल करेगी। इसे चार्जशीट या अंतिम रिपोर्ट के तौर पर देखा जा सकता है। साथ ही बताया गया था कि दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण सिंह को इसलिए गिरफ्तार नहीं किया क्योंकि उसके पास पहलवानों के आरोपों को सही साबित करने वाले सबूत नहीं हैं। सूत्रों के हवाले से बताया गया कि दिल्ली पुलिस मामले में 15 दिनों के भीतर चार्जशीट या अंतिम रिपोर्ट पेश कर सकती है।

दिल्ली पुलिस की प्रवक्ता डीसीपी सुमन नलवा (Suman Nalwa) ने इस तरह के खबरों का खंडन कर दिया। दिल्ली पुलिस की तरफ से कहा गया है कि सबूत न मिलने और चार्जशीट फाइल करने जैसी जानकारी सही नहीं है। पुलिस के तरफ से कहा गया है कि इस मामले की जाँच पूरी गहनता और संवेदनशीलता के साथ की जा रही है। दिल्ली पुलिस के ऑफिसियल ट्विटर हैंडल से इससे संबंधित एक ट्वीट भी किया गया था। हालाँकि, ट्वीट बाद में डिलीट कर दिया गया।

उधर बाराबंकी में एक सभा को संबोधित करते हुए WFI अध्यक्ष बृजभूषण ने दोष साबित होने पर फाँसी पर लटकने की बात दोहराई। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा, “मैंने कहा था कि अगर मेरे खिलाफ एक भी आरोप सही साबित हो जाएगा तो मैं स्वयं फाँसी पर लटक जाऊँगा। आज भी मैं उसी बात पर कायम हूँ। भाजपा सांसद ने कहा कि 4 महीने हो गए वो (आंदोलनकारी पहलवान) मेरी फाँसी चाहते हैं लेकिन सरकार मुझे फाँसी नहीं दे रही है तो वो अपना मेडल लेकर गंगा में बहाने जा रहे हैं।

बृजभूषण शरण ने कहा, “मुझ पर आरोप लगाने वालों गंगा में मेडल बहाने से बृजभूषण को फाँसी नहीं मिलेगी। अगर तुम्हारे पास सबूत है तो न्यायलय को दो और न्यायालय मुझे फाँसी देगा तो मुझे वो स्वीकार है।

बता दें कि बता दें कि पहलवानों ने WFI के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। वे उनकी गिरफ्तारी की माँग पर अड़े हुए हैं। इसे लेकर कई दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दे रहे थे। रविवार (28 मई) को पुलिस के साथ हुई झड़प के बाद उन्हें जंतर-मंतर से हटा दिया गया था। इसके बाद पहलवानों ने गंगा में मेडल बहाने की बात कही थी। गंगा में मेडल प्रवाहित होता उसके पहले बीकेयू अध्यक्ष नरेश टिकैत ने पहलवानों से मेडल लेते हुए सरकार को कार्रवाई के लिए 5 दिनों का अल्टीमेटम दे दिया।

कहीं हिंदू लड़कियों को स्कूल यूनिफॉर्म के नाम पर पहनाया हिजाब, कहीं ST लोगों को ईसाई बनने का लालच: मध्य प्रदेश में धर्मांतरण की दो और साजिश बेनकाब

मध्य प्रदेश में दमोह में स्कूल की बच्चियों से जबरन बुर्का पहनने के लिए विवश किया जा रहा है। वहीं, छत्तीसगढ़ से लगते राज्य शहडोल में अनुसूचित जनजाति के लगभग 8 लोगों को धर्मांतरण का लालच देने के आरोप में एक पादरी को गिरफ्तार किया गया है। बता दें कि इससे पहले कटनी के एक स्कूल में बच्चों से ईसाई प्रार्थना करवाने का मामला समाने आया था।

शहडोल में अनुसूचित जनजाति के लोगों को पैसे का लालच देकर उनका ईसाई में धर्मांतरण किया जा रहा था। इसका खुलासा अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय की ही महिला सुनैना सय्याम ने किया है। उन्होंने इस धर्मांतरण की सूचना पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुँचकर पादरी को गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा, 8 अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है।

मामला छत्तीसगढ़ के सीमा पर स्थित मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के अंतर्गत आने वाले जैतपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत डोंगरी टोला गाँव का है। अनुसूचित जनजाति महिला सुनैना को जानकारी मिली कि सिधिहा गोंड़ के मकान में गोंड़ समाज के लोगों का ईसाई में धर्मान्तरण कराया जा रहा है।

इसके बाद सुनैना पुलिस को सूचना देने के साथ ही वह खुद भी मौके पर पहुँच गईं। सुनैना पिछले 10 सालों ने धर्मांतरण कराने वाले मिशनरियों के खिलाफ लड़ाई लड़ रही हैं। वह धर्मांतरण के खिलाफ अनुसूचित जनजाति के लोगों को जागरूक कर समाज सेवा का काम कर रही हैं।

सुनैना सिधिहा गोंड़ के मकान में पहुँचीं तो अंदर पादरी के साथ अन्य लोग अनुसूचित जनजाति के लोगों को पैसे का लालच देकर उनका ब्रेनवॉश कर रहे थे। इस दौरान पुलिस भी मौके पर पहुँच गई। इसके बाद सुनैना ने पादरी का कॉलर पकड़कर उसे पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने घर में मौजूद सभी लोगों को हिरासत में लिया और थाने ले कर आई।

उपपुलिस अधीक्षक मुकेश वैश्य ने बताया कि महिला ने धर्मांतरण की शिकायत दर्ज कराई है। संबंधित लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। उधर, मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का भी बयान सामने आया है। नरोत्तम ने कहा कि ये सभी छत्तीसगढ़ के रहने वाले है।

वहीं, राज्य के ही दमोह जिले में एक स्कूल में गैर-मुस्लिमों छात्राओं को बुर्का पहनाने का मामला सामने आया है। राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के प्रमुख प्रियंक कानूनगो ने इसको लेकर ट्वीट किया है। उन्होंने कहा कि यूनीफॉर्म के नाम पर गैर-मुस्लिम लड़कियों को बुर्का पहनाया जा रहा है।

कानूनगो ने लिखा, “मध्य प्रदेश के दमोह ज़िले में एक स्कूल द्वारा हिंदू और अन्य ग़ैर मुस्लिम बच्चियों को स्कूल यूनीफॉर्म के नाम पर जबरन बुर्का व हिजाब पहनाये जाने की शिकायत प्राप्त हुई है। इसका संज्ञान लिया जा रहा है एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु दमोह के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक दमोह को निर्देश प्रेषित किए जा रहे हैं।”

उसी तरह, कटनी में एक मिशनरी संस्था द्वारा चलाए जा रहे बालगृह में बच्चों से जबरन ईसाई प्रार्थना करवाने का मामला सामने आया है। इसके बाद संस्था के खिलाफ बाल न्याय अधिनियम व मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया गया है। ‘राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR)’ के चेयरपर्सन प्रियांक कानूनगो ने ईसाई संस्था के खिलाफ माधवनगर थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है। इस संबंध में जिला बाल संरक्षण इकाई और बाल कल्याण समिति की भूमिका भी संदेहास्पद है।

प्रियांक कानूनगो ने बताया कि एनसीपीसीआर को कटनी के झिंझरी में चलाए जा रहे बाल गृह की शिकायतें मिली थीं। जिसके बाद आयोग ने ईसाई मिशनरी द्वारा संचालित संस्थान का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान बच्चों ने उन्हें बताया कि हिंदू अनुसूचित जाति और जनजाति (SC-ST) के बच्चों से जबरन क्रिश्चियन प्रेयर करवाया जाता था। दीपावली के दिन भी बच्चों को जबरन ईसाई प्रार्थना करने पर मजबूर किया गया।

औचक जाँच में बच्चों के कूट (फर्जी) दस्तावेज बनाए जाने, बच्चों की उम्र के साथ छेड़खानी जैसे मामले सामने आए। इसके अलावा बच्चों ने बताया कि क्रिश्चियन प्रेयर में शामिल न होने वाले बच्चों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। बीमार पड़ने पर उन्हें इलाज नहीं मिलता और खेलकूद में भी शामिल नहीं होने दिया जाता है। प्रियांक ने बताया कि स्पेशल जुवेनाइल पुलिस ने बच्चों का स्टेटमेंट दर्ज कर लिया है और इस संबंध में मामला भी दर्ज कर लिया गया है।

‘लानत तेरी जिंदगी पर, अपना नाम बदल ले’: सारा अली खान को मंदिर में देख भड़के इस्लामी कट्टरपंथी, कहा – बेशरम, तुम ‘शिर्क’ कर रही हो

बॉलीवुड एक्ट्रेस सारा अली खान और एक्टर विक्की कौशल अपनी आगामी फिल्म ‘जरा बचके जरा हटके’ के प्रमोशन में लगे हुए हैं। इस बीच दोनों ने एक मंदिर में दर्शन कर वहाँ की तस्वीरें इंस्टाग्राम शेयर कीं। सारा का मंदिर जाना इस्लामी कट्टरपंथियों को रास नहीं आया। ऐसे में वे उन्हें खरी-खोटी सुना रहे हैं। 

सारा अली खान ने इंस्टाग्राम पर भगवान भोलेनाथ के सामने हाथ जोड़े तस्वीर शेयर की। इस फोटो को कैप्शन देते हुए उन्होंने हाथ जोड़े हुए इमोजी के साथ ‘जय भोलेनाथ’ लिखा। सारा पहले भी मंदिर जाती रही हैं और वह वहाँ की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर करती रहती हैं। 

हालाँकि, इस्लामवादियों को सारा का मंदिर जाना और वहाँ पूजा करना पसंद नहीं आया। सारा की इंस्टाग्राम पोस्ट पर इस्लामी कट्टरपंथियों के कमेंट्स की भरमार देखने को मिल रही है। जोया अंसारी नामक यूजर ने लिखा, “अल्लाह ऐसी पोस्ट को लाइक करने वाले को हिदायत दे आमीन।”

(फोटो साभार: SaraAliKhan का इंस्टाग्राम अकाउंट)

एक अन्य यूजर ने भगवान भोलेनाथ पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए कमेंट किया, “क्या यह सच्चे भगवान हैं?

(फोटो साभार: SaraAliKhan का इंस्टाग्राम अकाउंट)

मोना अलाया ने लिखा, “यदि तुम मुस्लिम के रूप में पहचान रखती हो तो यह शिर्क (मूर्ति पूजा) है।”

(फोटो साभार: SaraAliKhan का इंस्टाग्राम अकाउंट)

शुनरूज अहमद अहसान ने लिखा, “अपना नाम बदल लो।”

(फोटो साभार: SaraAliKhan का इंस्टाग्राम अकाउंट)

मोहम्मद फैज़ल ने कमेंट कर कहा, “लानत तेरी जिंदगी पर।”

(फोटो साभार: SaraAliKhan का इंस्टाग्राम अकाउंट)

अरबाज मंसूरी नामक यूजर ने कमेंट किया, “सारा कितनी बेशर्म हो तुम।”

(फोटो साभार: SaraAliKhan का इंस्टाग्राम अकाउंट)

दिलचस्प बात यह है कि इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा गालियाँ दिए जाने के बाद सारा अली खान बुधवार (31 मई, 2023) सुबह एक बार फिर मंदिर पहुँची। वह मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित महाकाल मंदिर की भस्म आरती में शामिल हुईं। चूँकि, महाकाल मंदिर में भस्म आरती में शामिल होने वाली महिलाओं का साड़ी पहनना अनिवार्य है इसलिए सारा अली खान साड़ी पहने नजर आईं।

बता दें कि यह पहली बार नहीं हुआ है जब सारा अली खान के मंदिर जाने पर इस्लामिक कट्टरपंथियों ने उन्हें भला-बुरा कहा हो। बल्कि इससे पहले वह इसी साल महाशिवरात्रि पर भगवान भोलेनाथ के एक मंदिर गईं थीं तब भी इस्लामवादियों ने उनकी पोस्ट ओर ‘जहन्नुमी औरत’ समेत अनेक तरह के कमेंट किए थे। यही नहीं, जब वह इसी माह 11 मई को पवित्र केदारनाथ धाम पहुँची थीं तब भी इस्लामवादी भड़क गए थे।

‘मर जाऊँगी लेकिन मुस्लिम से शादी नहीं करूँगी’: तनवीर ने ‘यश’ बन मॉडल को फँसाया, अश्लील तस्वीरों के जरिए किया ब्लैकमेल, धर्मांतरण के लिए हत्या की कोशिश

बिहार के भागलपुर की रहने वाली मॉडल मानवी राज ने मॉडलिंग एजेंसी के मालिक तनवीर अख्तर खान पर ब्लैकमेल करने और जान से मारने की कोशिश का आरोप लगाया। मॉडल का आरोप है कि तनवीर ने उसे अपना नाम ‘यश’ बताते हुए दोस्ती की थी। इसके बाद अब धर्मांतरण कर शादी करने का दबाव बना रहा है। पीड़ित मॉडल का कहना है कि ‘द केरल स्टोरी’ से उन्हें इस घटना को लेकर बात करने की हिम्मत मिली है

पीड़ित मॉडल मानवी राज ने ‘इंडिया टीवी’ से हुए बातचीत में आपबीती सुनाई है। मानवी ने कहा है, “मैंने इंटरनेट पर बेस्ट मॉडलिंग एजेंसी सर्च किया। इस पर मुझे ‘यश मॉडल्स एजेंसी’ का नाम दिखा। जब मैंने उसमे दिए गए नंबर में फोन किया तो मुझे पता चला कि राँची जाना होगा। 6 जनवरी, 2021 को मैंने राँची में ‘यश मॉडल्स एजेंसी’ जॉइन की। वहाँ तनवीर अख्तर खान ने मुझे अपना नाम ‘यश’ बताया था। ट्रेनिंग के दौरान ही तनवीर मुझे अलग-अलग तरह से छूने की कोशिश करता था। लेकिन, मैंने उस समय कुछ नहीं कहा।”

मानवी ने आगे कहा है, “इसके बाद होली के समय वह मेरी आपत्तिजनक फोटो के द्वारा मुझे ब्लैकमेल करने लगा। उसके कहने पर मैंने उसकी कंपनी जॉइन कर ली। उसने मुझ ओर दबाव बनाकर कहा था कि तुम्हें कॉन्ट्रैक्ट पर काम करना होगा। इसी दौरान वह मेरे साथ मारपीट और गाली-गलौच करता था। वह मेरी फोटोज सोशल मीडिया पर पोस्ट करने की धमकी देता था। तनवीर धमकी देते हुए कहता था लोग सर्च करके फिर तुम्हें ही देखेंगे। वह मुझे राँची से निकलने नहीं दे रहा था। लेकिन मैं किसी तरह से निकलकर घर गई और फिर वहाँ से मुंबई आ गई।”

‘लव जिहाद’ के आरोपित तनवीर अख्तर खान की करतूतों के बारे में बताते हुए मानवी राज ने आगे कहा, “जब मैं मुंबई आ गई तो उसने मेरी रूममेट के बारे में जानकारी जुटा ली और फिर उसे परेशान करने लगा। मेरी रूममेट को गाली-गलौच करने के साथ ही उसने मेरी पहचान के अन्य लोगों को भी तनवीर परेशान करता था। इसने मुझसे आकर कहा था कि मैं उससे शादी कर लूँ। यह मुझ पर धर्मांतरण का भी दबाव बना रहा था। लेकिन मैं जब उसकी बात नहीं मानी तो उसने मुझे मारने की भी कोशिश की।”

मॉडल मानवी राज ने आगे कहा है, “तनवीर अख्तर खान शुरू से ही मुझ पर धर्म-परिवर्तन करने का दबाव बना रहा था। शादी करने के लिए वह कहता है कि मुझसे प्यार करता है। वह मेरे धर्म के बारे में गलत बातें करता है। पहले इसने मेरे घरवालों को मेरी गंदी तस्वीरें भेजनी शुरू कीं। इसके बाद बाकी लोगों को भेजीं।” मानवी ने कहा है, “तनवीर की मॉडल एजेंसी में काम करने के दौरान लोग उसे यश के नाम से बुलाते थे। कुछ लोग ऑफिस में तनवीर सर के बारे में भी बात करते। लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि ‘यश’ का ही असली नाम तनवीर है।”

वहीं, मानवी ने अपने यूट्यूब चैनल में एक वीडियो शेयर कर कहा है, “मुझे मुंबई आए 9 महीने हो चुके हैं। इस दौरान तनवीर ने मुझे दो बार मारने की कोशिश की है। इसकी मैंने पुलिस में शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसने मेरी फोटोज की गंदी एडिटिंग की है और उनका गलत उपयोग कर रहा है। वह यह सब इसलिए कर रहा है ताकि मैं मुस्लिम बन जाऊँ और उससे शादी कर लूँ।”

मानवी ने यह भी कहा है, “जब मैंने पहली बार उसकी शिकायत की थी तो उसने कोर्ट से एक शपथ पत्र बनवाकर दिया था। इसमें उसने स्वीकार किया था कि वह मुझे और मेरे घरवालों को ब्लैकमेल, टॉर्चर और परेशान कर रहा था। इस शपथ पत्र में यह भी लिखा था कि वह मुझे कभी ब्लैकमेल या परेशान नहीं करेगा। तनवीर मुझे परेशान कर रहा है इसकी जानकारी उसकी बहन शाजिया और उसके पति शादाब को भी है। जब मैने शाजिया से तनवीर की शिकायत की थी तो उसने मुझसे कहा था कि तुम खुद उससे शादी कर लो, वरना भाई बहुत जिद्दी है। तुमसे शादी कर ही लेगा। मैं मर जाऊँगी, लेकिन अपना धर्म नहीं बदलूँगी। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री मुझे इस हैवान से बचाएँ। कल को वो क्या करेगा, मुझे नहीं पता। मैं हिंदू हूँ, कभी मुस्लिम से शादी नहीं करूँगी।”

वहीं, आरोपित तनवीर अख्तर खान ने खुद पर लगे आरोपों को खारिज किया है। तनवीर का कहना है कि मॉडल एजेंसी में काम करने के दौरान मानवी की वजह से उसे कुछ नुकसान हुआ था। इसका हर्जाना उसने मानवी से माँगा था। इसके बाद मानवी ने उस पर ये आरोप लगाए हैं।

ये 2013 वाला भारत नहीं, 10 साल में मजबूत हुई स्थिति: मोदी सरकार के सुधारों का लोहा मॉर्गन स्टेनली ने भी माना, कहा- 2024 में बहुमत जरूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) द्वारा साल 2014 में सँभालने के बाद भाजपा सरकार द्वारा जमीनी स्तर तक किए गए सुधारों का असर दिखने लगा है। इसका खुलासा अंतर्राष्ट्रीय एजेंसी मॉर्गन स्टेनली (Morgan Stanley) की रिपोर्ट में हुआ है। मॉर्गन स्टेनली ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 10 साल की छोटी-सी अवधि में भारत ने दुनिया में अपनी स्थिति मजबूत की है।

अमेरिकी बहुराष्ट्रीय निवेश बैंक और वित्तीय सेवा कंपनी मॉर्गन स्टेनली ने अपनी रिपोर्ट ‘India Equity Strategy and Economics: How India Has Transform in Less than a Decade’ में कहा है कि भारत द्वारा किए गए सुधारों से बड़े पैमाने पर और बाजार परिदृश्य के लिए महत्वपूर्ण सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत द्वारा किए नीतिगत सुधारों के कारण 10 बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। इसके कारण माइक्रो (Micro) और मैक्रो (Macro) इकोनॉमी और बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। यह भारत साल 2013 के भारत की तुलना में अलग है। इसने विश्व व्यवस्था में महत्पूर्ण स्थान हासिल किया है।

रिपोर्ट के अनुसार, “हम भारत को लेकर काफी संशय में हैं, खासकर विदेशी निवेशकों के मामले में, जो कहते हैं कि दूसरी सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होने और पिछले 25 वर्षों में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले शेयर बाजारों में से एक होने के बावजूद भारत ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन अब तक नहीं किया है। भारत में इक्विटी मूल्यांकन बहुत समृद्ध हैं।”

रिपोर्ट का कहना है कि इस तरह का दृष्टिकोण भारत में हुए महत्वपूर्ण बदलावों की अनदेखी करता है, खासकर 2014 के बाद से। भारत ने इन 10 सालों में आपूर्ति संबंधी नीतिगत सुधार, अर्थव्यवस्था का औपचारिकरण, रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, सामाजिक हस्तांतरण का डिजिटलीकरण, दिवालिया कानून, लचीली मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण, एफडीआई पर ध्यान केंद्रित करना, भारत का 401 (K) मोवमेंट, कॉरपोरेट मुनाफे के लिए सरकारी समर्थन और बहु-वर्षीय उच्च स्तर पर एमएनसी सेंटीमेंट्स आदि में बेहतरीन प्रदर्शन किए हैं। 

आपूर्ति पक्ष के नीतिगत सुधारों के आँकड़े को तैयार करने से संबंधित शोध में भारत के कॉरपोरेट टैक्स और बुनियादी ढाँचे से जुड़े आँकड़े इकट्ठा किए गए हैं। पिछले 10 साल में भारत में कॉरपोरेट कर की टैक्स 25 प्रतिशत से नीचे रही है, जबकि 24 मार्च से पहले परिचालन शुरू करने वाली नई कंपनियों के लिए यह 15 प्रतिशत पर बनी हुई है।

रिपोर्ट में बुनियादी ढाँचे के विकास के संदर्भ में रिपोर्ट में राष्ट्रीय राजमार्गों, ब्रॉडबैंड ग्राहक आधार, नवीकरणीय ऊर्जा और रेलवे मार्ग जैसे कई महत्वपूर्ण कारकों की भी चर्चा की गई है। इसके अलावा, इसमें जीएसटी संग्रह को भी आधार बनाया गया है, जिसमें पिछले कुछ वर्षों में लगातार वृद्धि देखी गई है। वहीं, डिजिटल लेनदेन भी अब सकल घरेलू उत्पाद का 76 प्रतिशत तक बढ़ गया है।

वहीं, भारत में विनिर्माण और कैपेक्स क्षेत्र में मॉर्गन स्टेनली ने 2031 तक 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया है। निर्यात में हिस्सेदारी दोगुनी होगी और साल 2031 तक यह बढ़कर 4.5 प्रतिशत हो जाएगा। ये साल 2021 के स्तर से लगभग दोगुना है। इसके अलावा, वस्तुओं एवं सेवाओं के निर्यात से भारत को फायदे में रहने की बात कही गई है। निर्यात बढ़ने से भारत का चालू खाता घाटा कम होगा।

मॉर्गन स्टेनली के अनुसार, भारत में अभी प्रति व्यक्ति आय करीब 2200 अमेरिकी डॉलर (लगभग 1.82 लाख रुपए) है, जो साल 2032 तक बढ़कर 5200 अमेरिकी डॉलर (लगभग 4.30 लाख रुपए) हो जाएगी। बैंकर का कहना है कि इससे लोगों के काफी रकम आएगी और वे इसे खरीद सकेंगे। मॉर्गन स्टेनली ने यह भी कहा है कि दुनिया के पूँजी प्रवाह बाजार में भारत की निर्भरता कम हो गई है। इससे भी उसकी अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर नहीं पड़ा है।

रिपोर्ट में कुछ आशंकाएँ भी दर्शाई गई हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर वैश्विक स्तर पर मंदी आई, 2024 के लोकसभा चुनावों में किसी एक पार्टी को बहुमत नहीं मिला, आपूर्ति में कमी हुई और इससे चीजों के दाम बढ़े तो भारत के लिए दिक्कत हो सकती है।

मॉर्गन स्टेनली ने 18 मई 2023 को कहा था कि भारत चालू वित्त वर्ष 2023-24 में 6.2 प्रतिशत की दर से वृद्धि करने के लिए तैयार है। चेतन अहया, डेरिक वाई काम, क्यूशा पेंग और जोनाथन चेउंग द्वारा लिखित ‘एशिया इकोनॉमिक्स: द व्यूपॉइंट: एड्रेसिंग द पुशबैक टू आवर कंस्ट्रक्टिव व्यू’ नामक एक रिपोर्ट में मॉर्गन स्टेनली ने कहा कि भारत को चक्रीय और संरचनात्मक दोनों तरह से चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

इसके लेखकों ने कहा, “हम देख रहे हैं कि घरेलू माँग में मजबूत रुझानों को बनाए रखने के लिए अच्छी बैलेंस शीट है। वृहद स्थिरता में सुधार का मतलब है कि मौद्रिक नीति को प्रतिबंधात्मक नहीं होना पड़ेगा, जिससे आर्थिक वृद्धि जारी रहेगी।”

 

जिसके कारण बृजभूषण पर लगा पॉक्सो, उसकी उम्र पर भी सवाल: चाचा बोले- मेरी भतीजी का विनेश, साक्षी और पूनिया ने किया इस्तेमाल, पिता बोले- 16 की उम्र में ही शोषण

भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण के खिलाफ कथित आंदोलन चला रहे पहलवानों पर गंभीर आरोप लगा है। खुद को नाबालिग पहलवान का चाचा बताने वाले अमित पहलान ने सोमवार (29 मई 2023) को मीडिया से कहा है कि साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया जैसे पहलवान उनके परिवार को गुमराह कर रहे हैं। उनकी भतीजी का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालाँकि मंगलवार (30 मई) को लड़की के पिता मीडिया के सामने आए और उन्होंने दावा किया कि उनकी बेटी नाबालिग है और उसके साथ एक कैंप के दौरान यौन शोषण हुआ था।

आंदोलन कर रहे पहलवानों ने बृजभूषण शरण पर नाबालिग पहलवान समेत कुल सात महिला पहलवानों के यौन शोषण का आरोप लगाया है। अमित पहलवान का कहना है कि जिस नाबालिग पहलवान की बात आंदोलनकारी पहलवान कर रहे हैं वो उनकी भतीजी है। अमित ने कहा है कि उनकी भतीजी बालिग है। उसका जन्म 22 फरवरी, 2004 को हुआ था। पहलवान पॉक्सो और यौन शोषण का आरोप लगाकर बृजभूषण को फँसाना चाहते हैं।

अमित ने आज तक से बात करते हुए कहा कि आंदोलन कर रहे पहलवान साक्षी और विनेश ने मेरे भाई को गुमराह किया है। उन्होंने कहा कि विनेश, साक्षी और बजरंग पूनिया ने मिलकर इतनी गहरी साजिश रची है जिसकी हमें भी खबर नहीं हुई। पहले वो लोग जनवरी-फरवरी में धरने पर बैठे लेकिन मामला पेचीदा हो गया। इसके बाद 2-3 महीने प्लानिंग की और दूसरी तिकड़म लगाई।

अमित का दावा है कि उनकी भतीजी के साथ कुछ भी नहीं हुआ है। आंदोलन कर रहे लोग राजनीतिक मकसद से झूठे दावे कर रहे हैं। 20 साल की लड़की को 16 साल का दिखाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे न्याय चाहते हैं और विनेश फोगाट व उनके साथी पहलवानों को सजा दिलवाना चाहते हैं।

अमित के बाद उनके भाई और लड़की के पिता मीडिया के सामने आए। पिता ने कहा कि उनकी दो बेटियाँ व एक बेटा था। बड़ी बेटी की 2 साल की उम्र में मौत हो गई। इसके बाद बड़ी बेटी का नाम ही छोटी बेटी को दे दिया। छोटी बेटी अब भी नाबालिग है और पहलवानी करती है। जब वह 16 साल की थी तब एक कैंप के दौरान उसके साथ उत्पीड़न हुआ था। तब बृजभूषण सिंह के खिलाफ बोलने की हिम्मत किसी में नहीं थी। अब बेटी ने ही उन्हें यौन उत्पीड़न की जानकारी दी।

पीड़िता के पिता ने कहा कि उनका आंदोलनकारी पहलवानों से कोई लेना देना नहीं है, उन्हें अपनी न्याय व्यवस्था पर भरोसा है। अपने भाई के बयान पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए पिता ने कहा कि अमित लड़की का ताऊ है। सात साल से दोनों के बीच बातचीत बंद है। उन्होंने दावा किया कि जो कागजात अमित दिखा रहे हैं वह बड़ी बेटी के जन्म के हैं।

इसके पहले आंदोलन कर रहे पहलवानों ने विरोध जताते हुए अपने मेडल गंगा में प्रवाहित करने की धमकी दी थी। इसके लिए सभी पहलवान हरिद्वार पहुँच भी गए थे। हरिद्वार पहुँचने के घंटे भर बाद भी किसी ने मेडल प्रवाहित नहीं किए। थोड़ी देर बाद भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत हरिद्वार पहुँचते हैं और पहलवानों से मेडल लेकर सरकार को 5 दिन का अल्टीमेटम देते हैं। नरेश टिकैत ने 5 दिनों के भीतर सब ठीक कर देने का वादा भी किया।

मनीष सिसोदिया ने कारोबारी से लिया ₹2.2 करोड़ घूस, नई शराब नीति में एक नियम जोड़ने के लिए हुई डील: ED चार्जशीट का हवाला दे रिपोर्ट में बताया

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली में हुए शराब घोटाले के मामले में जो चार्जशीट दायर की है, उससे कई बड़े खुलासे हुए हैं। ED ने बताया है कि शराब घोटाले में दिल्ली के तत्कालीन उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने अपने करीबी सहयोगी दिनेश अरोड़ा के माध्यम से कारोबारी अमित अरोड़ा से घूस के रूप में 2.2 करोड़ रुपए लिए। AAP सरकार का ये घोटाला 2011-22 का है। इस मामले की जाँच CBI भी अलग से कर रही है।

ये पहली बार है जब किसी जाँच एजेंसी ने मनीष सिसोदिया को लेकर सीधे ये खुलासा किया है कि उन्होंने घूस लिया। इस चार्जशीट को 4 मई, 2023 को दायर किया गया था, जिसका अदालत ने संज्ञान लेते हुए गुरुवार (1 जून, 2022) को समन किया गया है। AAP नेता मनीष सिसोदिया स मामले में पहले से ही जेल में बंद हैं। अमित अरोड़ा ‘Buddy Retail Pvt Ltd’ नामक कंपनी चलाता है और उसे 30 नवंबर, 2022 को गिरफ्तार किया गया था।

इस घोटाले को लेकर ये लोग कई तरह के गड़बड़झालों में शामिल थे और इसे लागू करने के लिए भी वैध तरीकों का इस्तेमाल नहीं किया गया। मनीष सिसोदिया को ये घूस की रकम इसीलिए मिली थी, क्योंकि उन्होंने अमित अरोड़ा को फायदा पहुँचाया था। ‘आम आदमी पार्टी’ ने इन आरोपों को झूठा बताते हुए कहा है कि ED की चार्जशीट पूरी तरह काल्पनिक है। पार्टी ने दावा किया कि ऐसी ही एक चार्जशीट में राज्यसभा सांसद संजय सिंह को भी फँसाया गया था और फिर अदालत में इसे वापस लेना पड़ा।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पार्टी ने दावा किया कि मनीष सिसोदिया पर 14 मोबाइल फोन बर्बाद करने का आरोप लगाया गया लेकिन फिर पता चला कि ये फोन ED की कस्टडी में ही हैं। ED ने बताया है कि अमित औराद को अपनी कंपनियों से जो रोजाना कमाई हो रही थी, उसी में से मनीष सिसोदिया को घूस दिया गया। अप्रैल 2021 के दूसरे हफ्ते में 1 करोड़ रुपए दिए गए थे। बाकि पैसे अगले 2-3 महीनों में दिए गए।

अमित अरोड़ा ने मनीष सिसोदिया से मार्च 2021 में मुलाकात की थी, जब उन्हें पता चला था कि ‘साउथ ग्रुप’ (एक फार्मा कंपनी और तेलंगाना के नेताओं के गठबंधन को ये नाम दिया गया है) शराब कारोबार में घुसना चाहती है और अरोड़ा द्वारा चलाए जा रहे एयरपोर्ट बिजनेस में भी एंट्री लेना चाहती है। उन्होंने एयरपोर्ट बिजनेस में किसी अन्य को NOC न मिलने वाला नियम जोड़ने की डील सिसोदिया से की थी। इस पर दिनेश ने उनसे कहा कि इसके लिए 2.5 करोड़ रुपए लगेंगे।

बैठक में मनीष सिसोदिया के पहुँचने के 15 मिनट बाद दिनेश अरोड़ा पहुँचा। बैठक में सिसोदिया के बगल में दिनेश अरोड़ा के बैठने का सन्देश पहुँचा कि नई शराब नीति का काम उनकी तरफ से वही देख रहा है। दिनेश अरोड़ा ने सिसोदिया के लिए 6% घूस जमा करने का दावा भी किया है। ED ने बताया कि दिनेश अरोड़ा अरविद केजरीवाल का करीबी होने का भी दावा करता था और AAP के कम्युनिकेशन इंचार्ज विजय नायर के इशारों पर कैश का प्रबंधन करता था।

अमेरिका में ‘मोहब्बत की दुकान’ में मुस्लिमों के हाल पर सवाल, जवाब से राहुल गाँधी ने दादी इंदिरा से लेकर पप्पा राजीव तक की कॉन्ग्रेस के ‘कर्म’ उघाड़े

कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी आजकल अमेरिका में हैं। वे विदेश में देश की स्थिति पर चर्चा कर रहे हैं, लेकिन इस चर्चा में वे वैसी बातें कर रहे, जिससे देश की छवि भी धूमिल हो रही है। राहुल गाँधी ने एक अमेरिका में कहा कि अभी भारत में मुस्लिमों की वही स्थिति है, जो 1980 के दशक में उत्तर प्रदेश में दलितों की थी। ‘

‘बे एरिया मुस्लिम कम्युनिटी’ ने राहुल गाँधी से कहा कि आज भारत में मुस्लिमों को झूठे मामलों में फँसाया जा रहा है और आज उनकी सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो गया है। इस पर राहुल गाँधी ने कहा कि आज भारत में मुस्लिमों पर हमले हो रहे हैं, जैसा पहले कभी नहीं हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि जैसा मुस्लिम आज महसूस कर रहे हैं, वैसा ही सिख, ईसाई, दलित, आदिवासी भी महसूस कर रहे हैं।

दरअसल, राहुल गाँधी ‘नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान’ टैग लाइन से दुनिया में ये प्रचारित कर रहे हैं कि भाजपा के शासन में मुस्लिमों पर अत्याचार हो रहा है। वे सिखों और दलितों को भी इतना ही पीड़ित बता रहे हैं। हालाँकि, राहुल गाँधी जिस 1980 के दशक का हवाला देकर भाजपा को घेरने की कोशिश विदेश में कर रहे हैं, उस दौरान उनकी ही पार्टी की शासन था और उनकी दादी इंदिरा गाँधी और पिता राजीव गाँधी प्रधानमंत्री थे।

राहुल गाँधी ये भूल गए कि जिस 1980 दशक का वे जिक्र कर रहे हैं उस दौरान उत्तर प्रदेश में लगभग 8 साल कॉन्ग्रेस की ही सरकार थी। इतना ही नहीं, मणिपुर, बंगाल जैसे कुछ राज्यों को छोड़ दिया जाए तो कमोबेश पूरे भारत में कॉन्ग्रेस या कॉन्ग्रेस की सहयोगी सरकार थी। इतना ही नहीं, केंद्र में भी इंदिरा गाँधी के नेतृत्व में कॉन्ग्रेस की सरकार थी।

इसी तरह देश में सिख समुदाय ने जब सबसे अधिक असुरक्षित महसूस किया, उस समय भी केंद्र में और दिल्ली सहित अधिकांश राज्यों में कॉन्ग्रेस की सरकार थी। 1984 में इंदिरा गाँधी की हत्या के बाद राहुल गाँधी के पिता राजीव गाँधी ने कहा था कि ‘जब बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है’। इसके बाद दिल्ली सहित देश भर में कॉन्ग्रेस नेताओं की अगुआई में सिखों का कत्लेआम हुआ।

इसी तरह देश में दलितों के खिलाफ कई ऐसे नरसंहार हुए, जब केंद्र में कॉन्ग्रेस की सरकार थी। आंध्र प्रदेश का करमचेदु नरसंहार, तमिलनाडु का किलवेनमनी नरसंहार, बिहार के दलेलचक में राजपूतों का नरसंहार आदि प्रमुख हैं। इसी तरह 1981 में तमिलनाडु के मिनाक्षीपुरम में अन्य पिछड़ा वर्ग के दबंगों से त्रस्त होकर 2000 दलितों ने इस्लाम अपना लिया था। केंद्र में इंदिरा गाँधी की सरकार थी, लेकिन सरकार इसे रोकने में नाकाम रही।

राहुल गाँधी भले ही आज राजनीतिक फायदे के लिए भाजपा और पीएम नरेंद्र मोदी पर तरह-तरह के आक्षेप लगाने के की कोशिश करें, लेकिन सत्य यही है कि कॉन्ग्रेस के शासनकाल में जो उत्पीड़न, मुस्लिमों, दलितों, आदिवासियों, सिखों का हुआ, वैसा भारत के इतिहास में कभी नहीं हुआ।

राहुल गाँधी ने अमेरिका के कैलिफोर्निया में यहाँ तक कह दिया कि भारत में आजकल कुछ मानते हैं कि पीएम मोदी भगवान से भी ज्यादा जानते हैं। वे भगवान के साथ बैठकर उनको समझा सकते हैं कि आखिर ब्रह्मांड कैसे काम करता है। उन्होंने कहा कि मोदी जी अगर भगवान के साथ बैठ जाएँ तो भगवान भी चौंक जाएँगे कि उन्होंने क्या बना दिया है।

ऐसा नहीं है कि राहुल गाँधी विदेश में इस तरह का बयान पहली बार दे रहे हैं। राहुल गाँधी अक्सर इस तरह का बयान देते हैं, जो देश की छवि को नुकसान पहुँचाने वाला और प्रधानमंत्री पद की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाला है। दलितों और मुस्लिमों को लेकर उन्होंने जो भी बात कही, वह कॉन्ग्रेस की ही पोल-पट्टी खोलने वाला है।

ऑनलाइन गेम्स से ब्रेनवॉश, नमाज पढ़ने मस्जिद जाने लगा 17 साल का जैन लड़का: पीड़ित पिता ने करवाई FIR, जाकिर नाईक से प्रभावित हो बना मुस्लिम

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से धर्मांतरण का एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। जैन परिवार के एक 17 साल के लड़के का ऑन लाइन गेमिंग ऐप के जरिए ब्रेनवॉश किया गया। फिर वह 5 वक्त की नमाज पढ़ने मस्जिद जाने लगा। जब परिवार को इसका पता चला तो उसने भगोड़े कट्टरपंथी जाकिर नाईक से प्रभावित होकर मुस्लिम बन जाने की बात कबूली। पीड़ित पिता ने बेटे की धर्मांतरण की कोशिश और ब्रेनवॉश करने के आरोप में गाजियाबाद के कवि नगर थाने में केस दर्ज करवाया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पीड़ित परिवार कवि नगर थाना क्षेत्र के राजनगर में रहता है। पीड़ित पिता के अनुसार उनका नाबालिग बेटा जिम जाने के बहाने घर से 5 बार बाहर निकलता था। शक होने पर जब उन्होंने पीछा किया तो पता चला कि वह हर बार मस्जिद जाकर नमाज पढ़ता है। इस पर जब उन्होंने बेटे से बात की तो उसने इस्लाम अपनाने की बात करते हुए उसे बाकी धर्मों से बेहतर बताया। 

जब उन्होंने अपने बेटे के मोबाइल और लैपटॉप की जाँच की तो उसमें इस्लाम से जुड़ी कई सामग्रियाँ मिलीं। इसमें से कुछ गैर-कानूनी भी हैं। इसी दौरान उन्हें पता चला कि ऑनलाइन गेमिंग ऐप के जरिए उनके बेटे की दोस्ती मुंबई निवासी बद्दो नामक व्यक्ति से हुई थी। बद्दो से उनके बेटे ने कम्प्यूटर पार्ट्स भी खरीदे थे। इसके बाद से उन दोनों की दोस्ती बढ़ गई। पीड़ित व्यक्ति ने कहा है कि उनका बेटा कई घंटों तक बद्दो से बात करता था। इसके अलावा उसके फोन में कई अन्य संदिग्ध नंबर भी मिले हैं।

पीड़ित व्यक्ति ने कहा है कि उनका बेटा अभी समझदार नहीं है। उसका ब्रेनवॉश कर उसे इस्लामिक गतिविधियों में शामिल किया गया है। अब वह घर छोड़कर मस्जिद के इमाम के साथ रहने की बात कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा है कि संजय नगर के सेक्टर-23 स्थित मस्जिद में उनका बेटा नमाज पढ़ने जाता है, वहाँ के लोग भी धर्मांतरण के इस रैकेट में शामिल हो सकते हैं। यही नहीं उन्होंने अपने बेटे के देशविरोधी गतिविधियों में शामिल होने की भी आशंका जताई है। 

इस पूरे मामले में कविनगर के एसीपी अभिषेक श्रीवास्तव ने कहा है कि पीड़ित पिता की शिकायत के आधार पर संजय नगर सेक्टर-23 की मस्जिद के इमाम और मुंबई निवासी बद्दो के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर किया गया है। मामले की जाँच कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।