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‘अमरावती में 800+ मुस्लिम लड़कियाँ हुईं काफिर, हर साल 10 लाख को मुर्तद बनाना चाहता है RSS-बजरंग दल’: इंदौर में मस्जिद के पास बँटे हिंदू विरोधी पर्चे

हाल के समय में देश के अलग-अलग हिस्सों में ऐसी कई घटनाएँ हुईं है, जब मुस्लिम लड़कियों के साथ दिखने पर हिंदुओं को इस्लामी कट्टरपंथी समूह ने निशाना बनाया है। अब मध्य प्रदेश के इंदौर में एक मस्जिद के पास हिंदू विरोधी पर्चे बाँटे जाने का मामला सामने आया है। इसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और बजरंग दल पर मुस्लिम लड़कियों को मुर्तद (काफिर) बनाने की साजिश रचने का आरोप लगाया गया है। इस साजिश को ‘भगवा लव ट्रैप’ का नाम पर्चे में दिया गया है।

पर्चे में मुस्लिम लड़कियों से कहा गया है, “तेरे ईमान की कीमत 7 जमीन और 7 आसमानों से ज्यादा है। तेरी इज्जत सारी दुनिया के मुसलमानों की जान से ज्यादा कीमती है। तू अपने वालिद का फक्र है, तू अपने भाई का गुरूर है। तू अपने खानदान की इज्जत है। तू कोई मामूली नहीं है बहन, बल्कि तू इस्लाम की शहजादी है।” इसके बाद आरोप लगाया गया है कि आरएसएस और बजरंग दल हर साल 10 लाख मुस्लिम लड़कियों को मुर्तद (काफिर) बनाकर उनकी इज्जत को तार-तार करना चाहते हैं। साथ ही महाराष्ट्र के अमरावती में 800 से ज्यादा मुस्लिम लड़कियों के काफिर हो ​​जाने का दावा किया गया है।

पर्चे में कहा गया है कि सोशल मीडिया (फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि) के जरिए, स्कूल और कॉलेज में मुस्लिम लड़कियों को फँसाया जाता है। इसमें आगे कहा गया है, “बहन तू अपना शिकार ना बनना। तू भगवा लव ट्रैप में ना फँसना। थोड़े दिनों की झूठी खुशी, तोहफे और पैसों के लालच में आकर अपनी दुनिया और आखिरत को खराब ना कर। अगर तुझसे कोई गलती हो गई हो तो वापस आ जा, तेरा भाई तेरी मदद के लिए तैयार है। अल्लाह तेरे ईमान, इज्जत और आबरु की हिफाजत करें, आमीन।”

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार 23 मई 2023 की रात एक महिला हिंदू संगठन के लोगों के साथ पर्चा लेकर रावजी बाजार थाने पहुँची थी। उन्होंने पुलिस को बताया कि हिंदुओं को काफिर बताते हुए रावजी बाजार क्षेत्र में कलालकुई मस्जिद के पीछे ये पर्चे बाँटे गए हैं। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

पर्चे पर न तो इसे छपवाने वाले और न ही इसे छापने वाले प्रिंटिंग प्रेस का जिक्र है। पुलिस इसका लगाने में जुटी हुई है। पुलिस के मुताबिक 10 अज्ञात लोगों के IPC की धारा 153- A के तहत FIR दर्ज की गई है। आरोपितों को चिन्हित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

कॉन्ग्रेस गुट के बायकॉट से कई विपक्षी दलों का किनारा, अकाली दल ने नई संसद को बताया ‘देश के लिए गर्व’: ओवैसी ने अलग ही राग अलापा

28 मई 2023 को देश की नई संसद भवन का उद्घाटन होना है। लेकिन कॉन्ग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने इसे भी सियासी मौका बना दिया है। ‘विपक्षी एका’ के नाम पर 19 दलों ने उद्घाटन समारोह के बहिष्कार का ऐलान किया है। लेकिन कई गैर एनडीए दलों ने इस कार्यक्रम में शामिल होने की घोषणा करते हुए विपक्षी एका के राजनीतिक स्टंट पर पानी फेर दिया है।

रिपोर्टों के मुताबिक चंद्रबाबू नायडू की तेलुगू देशम पार्टी, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी की वाईएसआर कॉन्ग्रेस, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की बीजू जनता दल, मायावती की बहुजन समाज पार्टी, सुखबीर सिंह बादल की शिरोमणि अकाली दल इस कार्यक्रम में शिकरत करेगा। तमिलनाडु की विपक्षी पार्टी एआईडीएमके भी उद्घाटन में शामिल होगा।

पंजाब की विपक्षी पार्टी और भाजपा की पूर्व सहयोगी पार्टी शिरोमणि अकाली दल ने नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह में शामिल होने का फैसला किया है। शिअद नेता दलजीत चीमा ने बुधवार (24 मई 2023) को एएनआई से बातचीत करते हुए कहा कि उनकी पार्टी विपक्षी दलों द्वारा उठाए गए मुद्दों से सहमत नहीं है। नए संसद भवन का उद्घाटन देश के लिए गर्व की बात है। इसलिए पार्टी ने उद्घाटन समारोह में शामिल होने का फैसला किया है।

वाईएसआर कॉन्ग्रेस (YSRCP) ने भी नए संसद भवन के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने का फैसला लिया है। पार्टी नेता और राज्य सभा सांसद विजयसाई रेड्डी ने नए संसद भवन के उद्घाटन का समर्थन किया है। एक ट्वीट में उन्होंने कहा है कि देश का नया संसद भवन आधुनिक, आत्मनिर्भर और गौरवान्वित करने वाला है। आखिरकार देश के पास ऐसी इमारत है, जिसे लोकतांत्रिक देश की संसद के रूप में काम करने के लिए तैयार किया गया है।

चंद्रबाबू नायडू की तेलगु देशम पार्टी ने भी साफ कर दिया है कि पार्टी नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह का हिस्सा बनेगी। उसके अलावा एआईडीएमके, बीजेडी और बीएसपी जैसी पार्टियाँ भी कार्यक्रम में शामिल होंगी।

28 मई 2023 को दोपहर 12 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नए संसद भवन का उद्घाटन करेंगे। कॉन्ग्रेस, शिवसेना (UBT), आम आदमी पार्टी, TMC, राजद, जदयू सहित 19 विपक्षी दलों ने एक संयुक्त बयान जारी कर उद्घाटन समारोह का बहिष्कार करने की बात कही है। AAP के नेता संजय सिंह ने कहा है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से नए संसद भवन का उद्घाटन नहीं कराया जाना भारत के दलित आदिवासी और वंचित समाज का अपमान है। कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी ने कहा है कि नए संसद भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति जी को ही करना चाहिए। अपने बयान में विपक्षी दलों ने कहा है, “जब संसद से लोकतंत्र की आत्मा को चूस लिया गया और सरकार डेमोक्रेसी के लिए खतरा बन गई है तो नए भवन का कोई मूल्य नहीं है।”

इन सब के बीच एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि संसद भवन का उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से कराया जाना चाहिए। यदि ओम बिरला से उद्घाटन नहीं कराया गया तो AIMIM इस कार्यक्रम का हिस्सा नहीं बनेगी।

20 छात्राएँ, 1 नर्स, 2 महिला प्रोफेसर… सैयद ताहिर हुसैन ने सबका किया यौन शोषण: बाल खींचता, गलत तरीके से छूता, अश्लील नाम से बुलाता

तमिलनाडु के मदुरै मेडिकल कॉलेज (MMC) में एनेस्थिसियोलॉजी विभाग के सहायक प्रोफेसर सैयद ताहिर हुसैन को यौन उत्पीड़न के आरोपों के चलते शुक्रवार (19 मई, 2023) को सस्पेंड कर दिया गया है। ताहिर हुसैन के खिलाफ कॉलेज से जुडी 23 महिलाओं ने 6 मई, 2023 को यौन शोषण की शिकायत दर्ज करवाई थी। इन शिकायतकर्ताओं में प्रोफेसर, नर्स और पोस्ट ग्रेजुएट छात्राएँ भी शामिल हैं। कॉलेज की आंतरिक जाँच में ये आरोप सही पाए गए। हुसैन पर ऑपरेशन थिएटर में मरीजों से भी बदसलूकी के आरोप हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ताहिर हुसैन पर लगे आरोपों की जाँच चिकित्सा शिक्षा निदेशालय (DME) ने विशाखा समिति से करवाई थी। जाँच के बाद पीड़िताओं के आरोपों को सही पाया गया था। विशाखा समिति मुखिया के डीन डॉ धनलक्ष्मी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए प्रोफेसर सैयद ताहिर हुसैन के निलंबन की पुष्टि की। इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में ताहिर की करतूतों का भी खुलासा किया गया। शिकायतकर्ताओं में ऑपरेशन थिएटर कोर्स की 18 छात्राएँ, एनेस्थिसियोलॉजी विभाग के 2 पोस्ट ग्रेजुएट, 1 नर्स और 2 प्रोफेसर शामिल हैं। इन सभी ने खुद को ताहिर हुसैन के यौन उत्पीड़न का शिकार बताया।

ताहिर पर लगे आरोपों की जाँच करने वाली विशाखा समिति की प्रमुख डॉ धनलक्ष्मी ने बताया कि सर्जरी के दौरान ताहिर हुसैन के साथ रहने से उनके सहयोगी डरते थे। वह छात्राओं को अश्लील उपनामों से बुलाया करता था। वहीं ताहिर पर आरोप लगाने वाली छात्राओं का आरोप है कि वो उन्हें गलत तरीके से छुआ करता था। साथ ही ताहिर छत्राओं को ऑपरेशन थिएटर में मुखौटे हटाने के लिए कहता था। इसके लिए वह छात्राओं के चेहरे अच्छी तरह से देख पाने की दलील देता था।

मेडिकल कॉलेज की पीड़िताओं का यह भी आरोप है कि वह लड़कियों के रंग पर भी टिप्पणी किया करता था। ‘गोरी’ लड़कियों को प्रोफ़ेसर ताहिर उनके माता-पिता के पुण्य से पैदा हुआ बताता था। पीड़िताओं का यह भी आरोप है कि ताहिर उनके बाल सुंदर होने की बात कहते हुए बालों को खींचा करता था। इस दौरान वह लड़कियों की भौहें सुंदर होने जैसी अनुचित टिप्पणी किया करता था। आरोप यह भी है कि अपने रिश्तेदार की मौत पर रो रही एक लड़की को उसने सांत्वना देने के बहाने गलत तरीके से गले भी लगाया था।

ताहिर पर अपनी महिला मरीजों से भी छेड़छाड़ का आरोप है। मीडिया रिपोर्ट्स में ताहिर के यौन शोषण की शिकार पीड़िताओं की सँख्या 23 से 41 के बीच बताई जा रही है। आरोप यह भी है कि 6 मई 2023 को शिकायत होने के बाद भी प्रोफेसर ताहिर की लड़कियों के प्रति हरकतें ज्यों की त्यों बनी रहीं और वो छेड़खानी करता रहा। उस पर छात्राओं का यौन उत्पीड़न ऑपरेशन थिएटर के अंदर और बाहर दोनों स्थानों पर करने का आरोप है।

बताया यह भी जा रहा है कि साल 2017 में भी प्रोफेसर ताहिर हुसैन पर कॉलेज में यौन शोषण के आरोप लगे थे तब उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। हालाँकि ताहिर हुसैन ने खुद पर लगे आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि उन्होंने राज्य में सरकारी डॉक्टरों के प्रमोशन, तबादले और पोस्टिंग में गड़बड़ी का पर्दाफाश करने की वजह से उन्हें फर्जी शिकायतों के जरिए उन्हें घेरा जा रहा है। ताहिर ने खुद को हर जाँच का सामना करने के लिए तैयार बताया।

पश्चिम बंगाल में 34000 किलो विस्फोटक बरामद, 100 गिरफ्तार: 3 धमाकों और 17 मौतों के बाद ग्रामीण इलाकों में चल रही छापेमारी

पश्चिम बंगाल (West Bengal) में पुलिस ने छापेमारी करके 34,000 किलोग्राम (किसी-किसी रिपोर्ट में 1.14 लाख किलोग्राम की बात कही गई है) अधिक विस्फोट (Explosive) बरामद किया है। इसके साथ ही 100 से अधिक लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। राज्य के पुलिस अधिकारी के अनुसार के इस मामले में 132 मामले दर्ज किए गए हैं।

राज्य पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार (23 मई 2023) को बताया कि पुलिस ने ग्रामीण पश्चिम बंगाल में विभिन्न जगहों पर छापेमारी की। इस दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक और अवैध पटाखे बरामद किए गए। इन्हें विभिन्न कारखानों में अवैध रूप से बनाया जा रहा था।।

छापेमारी की यह कार्रवाई सोमवार (22 मई 2023) को शुरू हुई और मंगलवार की रात तक जारी रही। पुलिस ने जिन इलाकों में छापेमारी की, उनमें नदिया, उत्तर और दक्षिण 24 परगना जैसे जिले शामिल हैं। छापेमारी के साथ ही पुलिस ने पटाखों पर भी प्रतिबंध लगा दिया।

पुलिस अधिकारी ने कहा, “अब तक हमने लगभग 34,000 किलोग्राम विस्फोटक जब्त किए हैं और पटाखों पर प्रतिबंध लगा दिया है। कम-से-कम 100 लोगों को कथित तौर पर उन्हें स्टोर करने और अपना व्यवसाय चलाने के लिए गिरफ्तार किया है।” इन जगहों पर पटाखा बनाने का काम होता था।

उन्होंने कहा कि विभिन्न जिलों की पुलिस को जब्त किए गए विस्फोटकों और पटाखों की बरामदगी और गिरफ्तारियों पर रिपोर्ट दर्ज करने के लिए कहा है। दरअसल, पिछले 8 दिनों के भीतर ग्रामीण बंगाल में अवैध पटाखा निर्माण इकाइयों में विस्फोट की कई घटनाएँ सामने आई थीं।

बंगाल में विस्फोट की तीन घटनाओं और एक गोदाम में आग लगने से 17 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, 16 मई को पुरबा मेदिनीपुर के एगरा में हुए विस्फोट में मुख्य आरोपित सहित 12 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, 22 मई को दक्षिण 24 परगना के बजबज में एक परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई थी।

इस बीच पश्चिम बंगाल सरकार ने मंगलवार (22 मई 2023) को दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर इलाके के हराल में ‘बाजी (पटाखे) बाजार’ को बंद करने का फैसला किया। अधिकारी ने कहा कि वहाँ के सभी व्यापारियों को कच्चे माल को स्थानीय पुलिस स्टेशन में जमा करने के लिए कहा गया है।

टीना डाबी ने पूरा किया वादा, पाकिस्तानी हिंदुओं के लिए दी 40 बीघा जमीन: जैसलमेर में घरों पर बुलडोजर चलने के बाद विवादों में घिर गईं थी IAS

राजस्थान के जैसलमेर में पाकिस्तानी हिंदुओं के लिए 40 बीघा जमीन आवंटित की जाएगी। इस जमीन की पहचान कर ली गई है। इसे समतल करने का काम शुरू कर दिया गया है। कलेक्टर IAS टीना डाबी ने पाकिस्तानी हिंदुओं की बस्ती पर बुलडोजर कार्रवाई के बाद इनके पुनर्वास का भरोसा दिलाया था।

रिपोर्ट के अनुसार इस जमीन का चयन जिला मुख्यालय से करीब 5 किलोमीटर दूर मूलसागर के पास किया गया है। जमीन समतल करने का काम शुरू करने से पहले पूजा-अर्चना भी की गई। नगरीय सुधार न्यास (UIT) को बिजली और पानी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। इस जमीन पर करीब 200 परिवारों को बसाने की योजना है।

जमीन तय किए जाने के बाद शरणार्थी भी खुश हैं। उन्होंने टीना डाबी का आभार जताया है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थियों के पुनर्वास के लिए यूआईटी द्वारा अलग से जमीन चिन्हित करने का यह शायद राजस्थान में पहला मामला है। फिलहाल 50 शरणार्थी परिवार रैन बसेरे में रह रहे हैं। टीना डाबी के निर्देश पर इनके लिए भोजन-पानी का इंतजाम भी किया गया है। जिला प्रशासन ने इन शरणार्थियों की मदद के लिए एक कमेटी का भी गठन किया है। इन्हें नागरिकता दिलाने का प्रयास भी किया जाएगा।

गौरतलब है कि 16 मई 2023 को राजस्थान के जैसलमेर के अमर सागर इलाके में पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थियों की बस्ती को उजाड़ दिया गया था। कलेक्टर के आदेश के बाद यूआईटी की टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में यहाँ बुलडोजर चलाया था। इसके बाद टीना डाबी विवादों में घिर गईं थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने प्रभावित लोगों के रहने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की थी। जमीन के चयन के लिए सर्वे टीम बनाई गई थी।

इससे पहले राजस्थान के जोधपुर में भी इसी तरह की कार्रवाई की गई थी। 24 अप्रैल 2023 को चोखा गाँव में जोधपुर विकास प्राधिकरण ने अतिक्रमण विरोधी अभियान के नाम पर शरणार्थी हिन्दुओं के घरों पर बुलडोजर चलाया था। इस कार्रवाई के शिकार हुए अधिकतर लोगों के पास भारत में रहने के लिए लॉन्ग टर्म वीजा तो है, लेकिन अब तक उन्हें भारत की नागरिकता नहीं मिली है।

हिजाब से रोक हटाओ, गोहत्या की हो इजाजत… कर्नाटक में कॉन्ग्रेस सरकार बनते ही एमनेस्टी इंडिया एक्टिव, हिंदू विरोधी फैसलों की डिमांड

भारत सरकार के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैलाने वाला संगठन ‘एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया’ एक बार फिर चर्चा में है। एमनेस्टी इंडिया ने मंगलवार (23 मई 2023) को कर्नाटक में नव-निर्वाचित कॉन्ग्रेस सरकार के लिए हिंदू विरोधी माँगों की एक सूची जारी की। इसमें हिजाब पर लगे प्रतिबंध को हटाने, गोहत्या की अनुमति देने और मुस्लिम दुकानों का बहिष्कार करने वाले हिंदुओं के खिलाफ कार्रवाई की अपील की है।

एमनेस्टी इंडिया ने सिलसिलेवार कई ट्वीट कर कर्नाटक में कॉन्ग्रेस सरकार से मानवाधिकारों को बनाए रखने के लिए तीन प्रमुख कार्रवाई का आह्वान किया। एमनेस्टी इंडिया ने अपनी पहली माँग में शैक्षणिक संस्थानों में महिलाओं के हिजाब पहनने पर लगे प्रतिबंध को हटाने को कहा। उसने कहा, “यह प्रतिबंध मुस्लिम लड़कियों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, धर्म की स्वतंत्रता और शिक्षा के अधिकार के बीच चयन करने के लिए मजबूर करता है। इससे समाज में सार्थक रूप से भाग लेने की उनकी क्षमता बाधित होती है।”

दरअसल, प्रत्येक शैक्षणिक संस्थान फिर चाहे वह सरकारी हो या निजी, सबका एक निश्चित ड्रेस कोड होता है। खासतौर पर स्कूलों में। कर्नाटक में दिसंबर 2021 में मुस्लिम लड़कियों के एक समूह ने क्लास में हिजाब पहनकर आना शुरू किया। रोके जाने पर उन्होंने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसके बाद सरकार ने राज्य में शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पर प्रतिबंध लगाने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए।

सरकार के इस कदम का मुस्लिमों ने विरोध किया और अदालत का दरवाजा तक खटखटाया। हालाँकि, कर्नाटक हाईकोर्ट ने माना था कि हिजाब इस्लाम धर्म के अनिवार्य धार्मिक प्रथा का हिस्सा नहीं है। इसलिए कोर्ट ने कक्षाओं में सरकार द्वारा लगाए हिजाब पर प्रतिबंध के फैसले को बरकरार रखा।

हाईकोर्ट के इस फैसले को मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। फिलहाल यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। ऐसे में इस तरह की माँग करके एमनेस्टी इंटरनेशनल भारत के न्यायिक मामलों में दखल देने की कोशिश कर रहा है। इसे शीर्ष अदालत में परिणाम को प्रभावित करने के प्रयास के रूप में देखा जा सकता है।

एमनेस्टी इंडिया ने अपनी दूसरी माँग में पशु क्रूरता (रोकथाम) अधिनियम, 2020 और कर्नाटक धार्मिक स्वतंत्रता अधिकार संरक्षण विधेयक, 2022 के प्रावधानों की समीक्षा करने और उन्हें निरस्त करने के लिए कहा। दूसरे शब्दों में, एमनेस्टी इंडिया ने कर्नाटक में गोहत्या की अनुमति और हिंदू विरोधी ताकतों को राज्य में धर्मांतरण रैकेट (लव जिहाद) चलाने की माँग की है।

एमनेस्टी इंडिया ने अपने ट्वीट में आगे कहा कि गोवध और धर्मांतरण पर बने कानून का दुरुपयोग हो सकता है और इसे अल्पसंख्यकों के खिलाफ हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा, एमनेस्टी इंडिया ने मुस्लिम विक्रेताओं का बहिष्कार करने वाले हिंदुओं के खिलाफ कार्रवाई का आह्वान किया।

उसने अपने ट्वीट में कहा, “राज्य में चुनावों से पहले मुस्लिम के आर्थिक बहिष्कार और उनके खिलाफ हिंसा का आह्वान किया गया था। धर्म-जाति आधारित भेदभाव से प्रेरित घृणा और घृणित अपराधों को समाप्त करने के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करें।” दिलचस्प बात यह है कि ऐसी कई रिपोर्ट आई हैं, जिनमें मुस्लिमों ने हिंदू व्यवसायों का बहिष्कार करने का आह्वान किया है, लेकिन एमनेस्टी ने इसे कभी भी घृणित नहीं कहा।

एमनेस्टी इंडिया स्पष्ट रूप से भारत में कट्टरपंथी इस्लामवादियों के घृणित अपराधों की आलोचना करने में विफल रहा है। उदाहरण के लिए, राजस्थान के उदयपुर में हिंदू दर्जी कन्हैया लाल की हत्या की निंदा की, लेकिन इस संगठन ने एक बार भी यह उल्लेख नहीं किया कि उनकी हत्या दो कट्टरपंथी इस्लामवादियों ने की थी। यहाँ तक कि उसने गिरफ्तार किए गए आरोपितों- रियाज और गौस मोहम्मद का नाम तक नहीं लिया।

एमनेस्टी के इस ट्वीट पर कॉन्ग्रेस ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। कर्नाटक कॉन्ग्रेस के एमएलसी प्रकाश राठौड़ से इन माँगों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “सरकार ने कुछ दिन पहले ही अपना कामकाज शुरू किया है। मुझे पूरा यकीन है कि बहुत जल्द एक उचित निर्णय लिया जाएगा।”

एमनेस्टी इंडिया

एमनेस्टी इंटरनेशनल का हिंदू विरोधी और भारत विरोधी गतिविधियों का इतिहास रहा है। साल 2019 में ऑपइंडिया में प्रकाशित एक रिपोर्ट में एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया, ब्रिटिश सरकार और कट्टरपंथी इस्लामवादियों के बीच संबंधों का पर्दाफाश किया गया था। यह संगठन लगातार भारत को मानवाधिकारों का उल्लंघन करने वाला और मुस्लिम विरोधी बताने की कोशिश करता रहा है।

यही नहीं, एमनेस्टी इंडिया ने अगस्त 2020 में दिल्ली दंगों की रिपोर्ट के नाम पर जमकर प्रोपेगेंडा फैलाया था और दिल्ली पुलिस के क्रिया-कलापों को गलत तरीके से पेश किया था। ‘एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया’ ने सितंबर 2020 में भारत में अपने सभी क्रियाकलापों को रोक दिया था।

उस दौरान संस्था ने कहा था कि अब वो भारत में ‘मानवाधिकार की रक्षा’ के सारे क्रिया-कलापों को रोक रही है। ‘एमनेस्टी’ ने इसके पीछे भारत सरकार की ‘बदले की कार्रवाई’ को जिम्मेदार ठहराया था। उसने कहा था कि भारत सरकार ने उसके सभी बैंक खातों को पूरी तरह सीज कर दिया है।

आमिर खान ने ​हिरोइन के साथ खेली पिकलबॉल, Video देख बोले नेटिजन्स- बहुत लड़कियों के साथ खेल चुका… मम्मी नंबर 3 आने वाली है

बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान (Aamir Khan) और फातिमा सना शेख (Fatima Sana Shaikh) की नजदीकियों को लेकर लंबे समय से अटकलें लग रही है। ‘दंगल’ फिल्म में दोनों ने बाप-बेटी किरदार निभाया था। अब आमिर और ​फातिमा का पिकलबॉल खेलते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। योगेन शाह ने इस वीडियो को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया है। पिकलबॉल खेलने के दौरान आमिर ने ब्लैक ट्रैक पैंट और रेड टी-शर्ट पहनी हुई है, जबकि फातिमा ने कैजुअल ग्रे टी-शर्ट और ब्लैक शॉर्ट्स पहने हैं। दोनों एक टीम में खेलते हुए दिखाई दे रहे हैं।

इस वीडियो के सामने आने के बाद एक बार फिर दोनों के रिश्तों को लेकर यूजर्स सवाल उठा रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “मम्मी नंबर 3 आने वाली हैं।” दिनेश भार्गव लिखते हैं, “बहुत लड़कियों के साथ खेल चुका है ये पिकलबॉल। चार-चार शादियाँ करके भी इसका मन नहीं भरा। अब बेटी की उम्र की लड़की से शादी कर सकता है? ढोंगी हैं ये सब।”

योगेन शाह की इंस्टाग्राम पोस्ट का स्क्रीनशॉट

दूसरा यूजर लिखता है कि ये सबसे बड़ा गलत इंसान है और अय्याश इंसान है। अपने फायदे के लिए यूज करता है। धोखेबाज इंसान ने दोनों धर्म से खिलवाड़ किया है।

योगेन शाह की इंस्टाग्राम पोस्ट का स्क्रीनशॉट

एक और यूजर ने लिखा, “ये आमिर लाल सिंह अब इंडिया का सेलिब्रिटी नहीं रहा। वो अब एक आम मुस्लिम नागरिक है, जो संविधान को दरकिनार कर शरिया के मुताबिक चौथी शादी अपनी बेटी की उम्र की लड़की से करने को आमादा है। फ़ातिमा अभी पिकलबॉल खेल रही हैं, जल्दी ही पिकल खाने की नौबत आ जाएगी।”

योगेन शाह की इंस्टाग्राम पोस्ट का स्क्रीनशॉट

बता दें कि 2021 में जब आमिर खान और उनकी दूसरी बीवी किरण राव ने अपनी 15 साल की शादी को ख़त्म कर तलाक लेने का फैसला लिया, तब भी सोशल मीडिया पर ‘दंगल’ फेम अभिनेत्री फातिमा सना शेख ट्रेंड होने लगी थीं। लोग आमिर खान के साथ उनका नाम जोड़ने लगे थे। यहाँ तक की लोगों ने फातिमा सना शेख को आमिर खान और किरण राव की तलाक की वजह तक बता दिया था। एक सोशल मीडिया यूजर ने तो फातिमा सना शेख और आमिर खान को बधाई देते हुए ये कामना तक कर डाली कि उनका रिश्ता लंबा चले।

9 साल बाद भी PM मोदी की टक्कर में कोई नहीं: 43% लोग चाहते हैं तीसरी बार भी बनें प्रधानमंत्री, आज हुए आम चुनाव तो BJP का वोट शेयर भी बढ़ेगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2024 के में अपने कार्यकाल का 10 वर्ष पूरा कर लेंगे। इसके बावजूद उनकी सरकार के खिलाफ न तो कहीं कोई एंटी-इंकम्बेंसी दिखती है और न ही भ्रष्टाचार के एक भी पुख्ता आरोप लगे हैं। उधर राहुल गाँधी ने ‘भारत जोड़ो यात्रा’ की और उनकी कॉन्ग्रेस पार्टी को कर्नाटक में भी जीत मिली। मीडिया फिर से उनकी छवि बनाने में लग गया है। लेकिन, NDTV के पोल में साफ़ दिखता है कि अभी भी आम जनता की पसंद कौन है।

मीडिया संस्थान NDTV के ‘पब्लिक ओपिनियन’ में पता चला है कि प्रधानमंत्री के पद के लिए नरेंद्र मोदी अब भी आम जनता की सबसे बड़ी पसंद हैं। इस स्पेशल सर्वे को मीडिया संस्थान ने लोकनीति-सेंटर और स्टडी ऑफ़ डेवलपिंग सोसाइटीज’ के साथ मिल कर किया है। मोदी पीएम के रूप में 9 साल पूरे कर चुके हैं और अगले साल लोकसभा चुनाव होना है। ताज़ा पोल 10 मई से लेकर 19 मई तक 19 राज्यों में किया गया।

खास बात ये है कि ये कर्नाटक में विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद हुआ। इस सर्वे से जनता के मूड को भाँपने का प्रयास किया गया। 43% लोगों ने कहा कि NDA को लगातार तीसरी बार सत्ता में आना चाहिए, जबकि 38% का ऐसा नहीं मानना है। 39% लोगों का कहना है कि अगर अभी लोकसभा चुनाव हो जाते हैं तो वो भाजपा को वोट देंगे। वहीं कॉन्ग्रेस के पक्ष में मतदान करने की बात मात्र 29% लोगों ने ही की। नरेंद्र मोदी को 43%, जबकि राहुल गाँधी को 27% लोग प्रधानमंत्री बनते देखना चाहते हैं।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 4% लोगों की पसंद हैं। जबकि 3% लोग सपा प्रमुख अखिलेश यादव और 1% बिहार के सीएम नीतीश कुमार को पीएम बनते देखना चाहते हैं। 25% लोगों ने कहा कि वो पीएम मोदी के बोलने के अंदाज़ के कारण उन्हें पसंद करते हैं, जबकि 25% ने उनकी विकास योजनाओं के कारण उन्हें अपनी पसंद बताया। 13% ने उनकी मेहनत के कारण उन्हें अपनी पसंद करार दिया।

खास बात ये है कि मात्र 23% लोग ऐसे हैं, जिन्होंने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पसंद नहीं हैं। 34% ने कहा कि राहुल गाँधी 2024 लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी के मजबूत विरोधी के तौर पर रह सकते हैं, जबकि 11% ने अरविंद केजरीवाल और 4% ने अखिलेश यादव का नाम लिया। 55% लोग केंद्र सरकार के कामकाज से संतुष्ट हैं, 17%जिनमें अति पूर्ण रूप से संतुष्ट हैं। 37% लोगों ने कहा कि ED-CBI सही तरीके से काम कर रही है। 2019 के 37% के मुकाबले भाजपा का वोट शेयर 39% दिख रहा है, जबकि कॉन्ग्रेस का 19% के मुकाबले 29% हो गया है, ऐसे इस सर्वे में पता चला।

‘जिसने तुझे बनाया उसे ही आउट कर दिया, साँप है तू’: मोहित शर्मा को CSK फैंस दे रहे गाली, विराट फैंस ने शुभमन गिल को बनाया था निशाना

महेंद्र सिंह धोनी की टीम चेन्नई सुपर किंग्स आईपीएल 2023 के फाइनल में पहुँच गई है। चेन्नई सुपर किंग्स ने मंगलवार (23 मई 2023) को आईपीएल 2023 प्लेऑफ के पहले क्वालिफायर में हार्दिक पांड्या की गुजरात टाइटंस को 15 रनों से शिकस्त दी। हालाँकि, चेन्नई में खेले गए मैच में महेंद्र सिंह धोनी का बल्ला खामोश रहा। उन्होंने दो गेंदों का सामना किया और सिर्फ एक रन बनाया। धोनी का विकेट मोहित शर्मा ने लिया।

धोनी के आउट होने के बाद उनके फैंस गुजरात टाइटंस के गेंदबाज मोहित शर्मा से आक्रोशित नजर आए। वे सोशल मीडिया पर उन्हें गालियाँ दे रहे हैं।

फोटो साभार: मोहित शर्मा का इंस्टाग्राम

एक फैंस ने लिखा, “जिसने तुझे बनाया उसे ही आउट कर दिया। साँप है तू साँप।” आर्यन ने लिखा- कुछ शर्म है तो खेलना छोड़ दे फुद्दु प्लेयर।

फोटो साभार: मोहित शर्मा का इंस्टाग्राम

सीएसके के एक अन्य फैंस ने लिखा कि तू फास्ट बॉलर है या फिर स्लो बॉलर बे।

फोटो साभार: मोहित शर्मा का इंस्टाग्राम

वहीं, धोनी के कुछ फैंस ऐसे भी रहे जो मोहित शर्मा के समर्थन में मजबूती से खड़े दिखाई दिए और गाली देने वालों को जवाब देते नजर आए।

मोहित शर्मा की इंस्टाग्राम पोस्ट का स्क्रीनशॉट

इससे पहले ‘गुजरात टाइटंस (GT)’ के बल्लेबाज शुभमन गिल को ‘रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB)’ टीम के खिलाफ मैच में शतक लगाने के बाद सोशल मीडिया पर गाली सुननी पड़ी थी। आरसीबी के फैन्स ने क्रिकेटर गिल, उनकी बहन को गालियाँ और जान से मारने की धमकियाँ दी थी। दरअसल 21 मई 2023 को गिल ने मात्र 52 बॉल पर 104 रन बनाए थे। उनकी इस पारी ने आरसीबी को मैच में हराने में काफी मदद की, जिसे देखते हुए आरसीबी के फैंस उन पर भड़क गए।

बता दें कि शुभमन गिल के अलावा विजय शंकर को भी आरसीबी के फैन्स ने अपशब्द कहे थे। विजय ने गुजरात टाइटन्स की ओर से आरसीबी के खिलाफ खेले गए मैच में हाफ सेंचुरी जड़ी थी। विजय शंकर के अच्छे प्रदर्शन को लेकर एक यूजर ने लिखा था, “आज क्या खाकर आया है साले”, दूसरे ने लिखा था, “कभी इंडिया के लिए भी अच्छा परफॉर्म कर लिया कर।”

‘कॉन्ग्रेस ने फ्री का वादा किया है, मैं पैसे नहीं दूँगा’: कर्नाटक में बिजली बिल भरने से इनकार कर रहे लोग, कर्मचारियों की हो रही पिटाई

कर्नाटक के कोप्पल जिले में बिजली का मीटर चेक करने गए बिजली विभाग के एक कर्मचारी पर हमला कर दिया गया। कर्मचारी ने बिल नहीं जमा करने पर कनेक्शन काटने की चेतावनी दी थी। इस मामले में कर्नाटक पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। कॉन्ग्रेस द्वारा फ्री बिजली देने की घोषणा के बाद कर्नाटक में इस तरह की घटनाएँ बढ़ी हैं।

दरअसल, गुलबर्गा इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी लिमिटेड (GESCOM) का एक कर्मचारी मंजूनाथ ने कुकनपल्ली निवासी चंद्रशेखर हिरेमत से बिजली का बिल भरने को कहा। हिरेमत पर पिछले छह महीने का 9,999 रुपए का बकाया है। मंजूनाथ के इतना कहते ही हिरेमत ने उन्होंने गाली दी और कई थप्पड़ जड़ दिए।

मंजूनाथ के सहयोगी ने आरोपित की इस हरकत को अपने कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया। इसे देखकर आरोपित और बौखला गया। उसने मंजूनाथ के सहयोगी पर भी हमला करने की कोशिश की। बाद में दोनों ने हिरेमत के खिलाफ मुनीराबाद पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया।

सामने आए वीडियो में आरोपित चंद्रशेखर हिरेमत कहता हुआ दिख रहा है, “मैंने GESCOM कर्मियों से बिजली मीटर के पंजीकरण को बदलने के लिए कहा था और उन्होंने ऐसा नहीं किया। मैं भुगतान नहीं करूँगा, जो चाहो करो।

बता दें कि बिजली आपूर्ति अधिकारियों के साथ लोगों के बहस करने की कई घटनाएँ सामने आई हैं। लोगों द्वारा यह कहते हुए बिल देने से इनकार करते देखा गया कि कर्नाटक सरकार ने उन्हें मुफ्त बिजली देने का आश्वासन दिया है। कॉन्ग्रेस ने हर घर को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने का वादा किया है।

स्थानीय एक व्यक्ति ने कहा, “हम मौजूदा बिल का भुगतान नहीं करेंगे। चाहे कुछ भी हो। हमें 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा किया गया है और हम इसे लेकर रहेंगे। भले ही अभी मुख्यमंत्री नहीं हैं।”

हाल ही में भाजपा नेता अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था। इस वीडियो में चित्रदुर्ग के लोग दावा कर रहे हैं कि वे इस महीने का बिजली बिल नहीं भरेंगे। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस ने लोगों को मुफ्त बिजली देने की बात कही है।

उस वीडियो में लोगों को यह कहते हुए सुना गया, “चित्रदुर्ग के ग्रामीणों ने बिजली बिल का भुगतान करने से इंकार कर दिया। दूसरों को भी भुगतान न करने के लिए प्रेरित करें! वे बिल कलेक्टर को बताते हैं कि कॉन्ग्रेस ने सत्ता में आते ही उन्हें मुफ्त बिजली देने का वादा किया था … जाओ उनसे (कॉन्ग्रेस) ले लो। अगर कॉन्ग्रेस ने जल्द ही मुख्यमंत्री नहीं दिया तो चारों तरफ बवाल हो जाएगा।”

बताते चलें कि लंबे समय तक उहापोह की स्थिति से गुजरने के बाद कॉन्ग्रेस ने सिद्धरमैया को मुख्यमंत्री और डीके शिवाकुमार को उपमुख्यमंत्री बनाया है। शपथ लेने के बाद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि कॉन्ग्रेस सरकार अपनी सभी चुनावी वादे को पूरा करेगी। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद यह लागू हो जाएगा।

वहीं, कर्नाटक विद्युत नियामक आयोग (KERC) ने बिजली दामों में बढ़ोत्तरी लेने का फैसला लिया है। KERC ने बिजली की दरें 70 पैसे प्रति यूनिट बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। नया टैरिफ 1 अप्रैल 2023 से लागू हो गया है।