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‘तुझे बर्बाद कर दूँगा’: अब्दुल्ला मोमिन की प्रताड़ना से तंग हिन्दू छात्रा ने की आत्महत्या, कॉलेज आते-जाते भी करता था परेशान

गुजरात के नदियाड जिले में में एक मुस्लिम युवक की प्रताड़ना से एक हिन्दू युवती ने आत्महत्या कर ली है। इस मामले में पुलिस ने आरोपित अब्दुल्ला मोमिन को गिरफ्तार किया है। 22 वर्षीया मृतका नर्सिंग की छात्रा थी और उसके पिता पुलिस में हैं। आरोप है कि अब्दुल्ला मृतका को ब्लैकमेल कर रहा था। इस बात का खुलासा मृतका के अंतिम संस्कार के बाद उनके फोन में मिले सबूतों से हुआ है। फ़िलहाल पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला डाकोर क्षेत्र का है जहाँ मृतका अपने परिवार के साथ रहती थी। उसके पिता डाकोर पुलिस स्टेशन में तैनात थे। लड़की ने नडियाद के दिनशा पटेल कॉलेज से ग्रेजुएशन कर के नर्सिंग की पढ़ाई कर रही थी। 10 मई 2023 को लड़की के घर वाले किसी रिश्तेदारी में एक शादी में गए थे। इस दौरान लड़की अपनी परीक्षा की बात बता कर घर पर ही रुक गई थी। 2 दिनों बाद 12 मई, 2023 को लड़की की माँ ने अपनी बेटी को कॉल किया तो फोन बंद मिला।

लड़की का फोन बंद मिलने के बाद उनकी माँ ने पड़ोसी को कॉल किया और जा कर हाल-चाल लेने की माँग की। पड़ोसी मृतका के घर पर पहुँचा और कई बार दरवाजा खटखटाया। अंदर से जब कोई जवाब नहीं मिला तो आखिरकार दरवाजा तोड़ा गया। घर में लड़की की लाश पड़ी मिली। मामले की जानकारी लड़की के परिवार वालों को दी गई। सूचना मिलने पर लड़की के परिजन फ़ौरन डाकोर पहुँचे। यहाँ से मृतका के शव को उनके गृहनगर ले जाया गया। यहाँ 18 मई को तमाम कानूनी औपचारिकताओं के बाद लड़की का अंतिम संस्कार किया गया।

अंतिम संस्कार के बाद 18 मई 2023 को मृतका के घर वालों ने उनका फोन चेक किया तो उन्हें अब्दुल्ला की ब्लैकमेलिंग के बारे में जानकारी मिली। मृतका के फोन में कई कॉल रिकार्डिंग और मैसेज ऐसे थे जिस से अब्दुल्ला की करतूत का खुलासा हुआ। आरोप है कि अब्दुल्ला लड़की को धमकी भी दे रहा था। इन्ही धमकियों से तंग आ कर आखिरकार लड़की ने आत्महत्या कर लिया। जाँच से दौरान पता चला है कि लड़की पहले अब्दुल्ला के साथ रिलेशनशिप में थी। थोड़े समय बाद वह अब्दुल्ला से दूरी बनाने लगी थी। इसी के चलते अब्दुल्ला उसे ब्लैकमेल करने लगा था।

बताया जा रहा है कि अब्दुल्ला मोमिन न सिर्फ फोन पर पीड़िता को धमकी देता था बल्कि कॉलेज आने-जाने के दौरान भी उसे परेशान कर रहा था। लड़की ने कई बार उस से दूर रहने के लिए मिन्नत की लेकिन अब्दुल्ला नहीं माना। वह मृतका को परेशान करता रहा। कॉल रिकार्डिंग से यह भी पता चला है कि अब्दुल्ला ने लड़की का अफेयर किसी और से होने का आरोप लगा कर उसे दुनिया भर में बदनाम करने और ‘बर्बाद करने’ की भी धमकी दी थी। मौत से पहले अंतिम रिकार्डिंग में भी लड़की ने अब्दुल्ला मोमिन से जोर-जोर से कहा कि ‘तुमने मुझे मार डाला’। हालाँकि, इन चीखों का अब्दुल्ला पर कोई फर्क नहीं पड़ा।

आखिरकार लड़की ने फाँसी लगा कर अपनी जान दे दी। मौत के बाद वह सारे सबूत अपने मोबाइल में छोड़ कर गई। पुलिस ने अब्दुल्ला मोमिन पर आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में केस दर्ज किया है। उसे गिरफ्तार कर के आगे की पूछताछ के लिए पुलिस ने 2 दिनों का कस्टडी रिमांड लिया है। मामले में आगे की जाँच चल रही है।

सुरक्षा एजेंसियों ने नाकाम की 26/11 जैसी साजिश: फाइव स्टार होटल का कर्मचारी ही निकला आतंकी, G-20 को लेकर कश्मीर में कड़े इंतजाम

जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में होने जा रहे जी-20 के टूरिज्म वर्किंग ग्रुप (TWG) पर आतंकी हमले के खतरे को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने बदलाव किया है। पाकिस्तान की कुख्यात ISI के इशारे पर आतंकी संगठन 26/11 के मुंबई हमले की तर्ज पर जी-20 की बैठक में हमले की योजना बना रहे हैं।

आतंकियों की इस योजना का खुलासा सुरक्षा एजेंसियों द्वारा पकड़े गए संदिग्ध फारूक अहमद वानी ने किया है। वानी एक पॉश होटल में काम करता था और आतंकियों के ओवर-ग्राउंड वर्कर (OGW) के रूप में काम करता था। OGW आतंकी घटनाओं में सीधे शामिल होने के बजाय आतंकियों को सूचना, लॉजिस्टिक, रसद, पैसे, आश्रय आदि उपलब्ध कराता था।

इस खुलासे के बाद जी-20 आयोजन स्थल के आसपास भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। इतना ही नही, G-20 बैठक को लेकर घाटी अफवाहें फैलाने के लिए संदिग्ध अंतरराष्ट्रीय मोबाइल नंबरों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इसको लेकर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक सार्वजनिक सलाह जारी की है।

बताते चलें कि सुरक्षा बलों ने जी-20 से पहले कार्रवाई करते हुए अप्रैल 2023 के अंतिम सप्ताह में फारूक अहमद वानी को गिरफ्तार किया था। बारामूला के हैगाम सोपोर निवासी वानी गुलमर्ग के एक मशहूर फाइव स्टार होटल में ड्राइवर के तौर पर काम करता था। सूत्रों के मुताबिक, वह OGW के तौर पर आतंकी संगठनों से जुड़ा था और ISI के सीधे संपर्क में भी था।

पूछताछ के दौरान उसने बताया कि 22-24 मई 2023 को होने वाली इस बैठक के दौरान आतंकवादी होटल में घुसकर वहाँ आए विदेशी गणमान्य लोगों सहित सभी को निशाना बनाना चाहते थे। आतंकी मुंबई के ताज होटल में किए गए हमले की तर्ज पर लोगों को बंधक बनाना चाहते थे।

बताते चलें कि 26 नवंबर 2008 को अफजल कसाब और उसके साथियों ने ताज होटल पर हमला कर दिया था और लोगों को बंधक बनाने की कोशिश की थी। जो लोग आतंकियों के रास्ते में आए, उन्हें इन लोगों ने गोलियों से भून दिया था। इस दौरान जान-माल की काफी हानि हुई थी, लेकिन एक आतंकी कसाब को पकड़ लिया गया था।

फारूक अहमद वानी ने पूछताछ के दौरान यह भी कहा कि आतंकवादी जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान कश्मीर में एक साथ दो से तीन जगहों पर हमला करने की तैयारी कर रहे हैं। इस खुलासे के बाद पूरे कश्मीर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और खासकर श्रीनगर में सभी गतिविधियों पर सीसीटीवी और ड्रोन से नजर रखी जा रही है।

दरअसल, जम्मू-कश्मीर की विशेष दर्जे को खत्म करने के बाद भारत पहली बार कोई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन कश्मीर में कर रहा है। इसमें 20 देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। इससे पाकिस्तान घबराया हुआ है। उसने इस बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया है। वहीं, चीन ने भी पाकिस्तान का समर्थन करते हुए कश्मीर को विवादित बताते हुए यहाँ की बैठक में भाग लेने से मना कर दिया है।

आंदोलनजीवी से बने ट्रोलजीवी, अब राहुल गाँधी की शरण में: योगेंद्र यादव को महिला एंकर ने टीवी डिबेट में धोया, फिर ट्विटर पर लगा दी क्लास

स्वराज्य इंडिया के संस्थापक और आंदोलनजीवी योगेंद्र यादव को आज तक की पत्रकार चित्रा त्रिपाठी ने ‘ट्रोलजीवी’ कहते हुए ट्विटर पर जमकर लताड़ा है। दरअसल, चित्रा त्रिपाठी ने टीवी शो के दौरान देश में पहली बार हुए चुनावों के जातीय आँकड़े सामने रखे थे। योगेंद्र यादव ने शो के दौरान इसे ‘पीड़ा’ बताते हुए कई तरह के सवाल खड़े किए थे। इसके बाद वह इस मुद्दे को लेकर ट्विटर पर भी कूद पड़े। जहाँ चित्रा त्रिपाठी ने योगेंद्र यादव को उनका इतिहास बताते हुए करारा जवाब दिया।

इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत गुरुवार (18 मई 2023) को आज तक के डिबेट शो ‘दंगल’ से हुई। इस शो में कर्नाटक विधानसभा चुनाव में बीजेपी और कॉन्ग्रेस को विभिन्न जातियों के वोटों को लेकर चर्चा हो रही थी। इस दौरान, चित्रा त्रिपाठी ने आजादी के बाद देश में पहली बार हुए विधानसभा चुनावों के आँकड़ें रखते हुए कहा था कि उस चुनाव में 22 राज्यों में से 13 राज्यों के मुख्यमंत्री ब्राह्मण थे। लेकिन मंडल कमीशन लागू होने के बाद खुद को बड़ा ओबीसी नेता बताने की होड़ मची हुई है। कर्नाटक में कॉन्ग्रेस ने सिद्धरमैया को सीएम बनाते हुए भी ओबीसी कार्ड ही खेला है। साथ ही उन्होंने राहुल गाँधी द्वारा जातीय जनगणना का मुद्दा उठाने को लेकर भी योगेंद्र यादव से सवाल पूछा था। वीडियो में इसकी शुरुआत 5 मिनट 30 सेकंड के बाद और बाद में 13 मिनट के बाद से सुना जा सकता है।

इस सवाल का जवाब देते हुए योगेंद्र यादव ने पहली बार हुए चुनावों में 12 राज्यों के मुख्यमंत्री ब्राह्मण होने की बात को पीड़ा बता दी। हालाँकि टीवी डिबेट के दौरान चित्रा त्रिपाठी ने कहा था कि वह सिर्फ इतिहास के आँकड़े बता रहीं हैं। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि वह पहली बार हुए विधानसभा चुनावों के आँकड़े बता रहीं हैं और यह दिखाना चाहतीं हैं कि किन लोगों का प्रभाव था तो यह कोई गुनाह नहीं है।

इस टीवी डिबेट का एक वीडियो आज तक ने अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया था। इस वीडियो को रीट्वीट करते हुए योगेंद्र यादव ने लिखा, “मैने पूछ ही लिया कि ‘आज तक’ बार बार उस युग को क्यों याद कर रहा है जब अधिकांश मुख्यमंत्री और एक चौथाई सांसद ब्राह्मण होते थे? कहीं इसके पीछे कोई पीड़ा तो नहीं? या उस अतीत का मोह? जाहिर है सवाल मेरी ही नीयत पर उठाए गए।”

योगेंद्र यादव के इस ट्वीट के बाद चित्रा त्रिपाठी ने उन्हें जवाब दिया। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, “योगेंद्र यादव जी आपकी व्यक्तिगत कुंठा को समझा जा सकता है। मुझे आपके साथ सहानुभूति है। पहले अन्ना आंदोलन में अपने आपको कामयाब करने की कोशिश। फिर पद नहीं मिलने पर केजरीवाल से अदावत। फिर स्वयंभू बनने की कोशिश स्वराज आंदोलन से, अंततोगत्वा राहुल गाँधी की शरण में ( जो एक जनेऊधारी ब्राह्मण हैं) मैं ये नहीं कहूँगी कि आप अतिपाखंडी हैं। मगर अपनी महत्वाकांक्षा के लिए मीठी ज़ुबान से समाज को विभाजित करना देश के साथ ग़द्दारी होती है। मेरा सवाल काट कर मुझे ट्रोल कराने के लिए धन्यवाद। ईश्वर आप पर रहम करे।”

इसके बाद योगेंद्र यादव ने जवाब देते हुए एक और ट्वीट किया। इस लंबे चौड़े ट्वीट में उन्होंने लिखा, “अरे,आप तो सड़क छाप गाली गलौज पर उतर आईं। सवाल का जवाब आरोप और जन्मपत्री से वही लोग देते हैं जिनके पास तर्क न बचे हों। अगर यूरोप अमरीका के टीवी पर इस तरह की बात कही जाती ऐसे “white supremacism” के लिए एंकर ही नहीं पूरी चैनल को माफ़ी माँगनी पड़ती। खैर, कुछ और सवाल व एक प्रस्ताव:

1.) क्या आज तक और इंडिया टुडे का एग्जिट पोल यह नहीं दिखाता कि कर्नाटक में कॉन्ग्रेस को पिछड़ों के वोट में कोई असामान्य वृद्धि नहीं हुई? फिर कॉन्ग्रेस की जीत को पिछड़ी जातियों के समीकरण से जोड़ने की उतावली क्यों? आखिर यह मानने से परहेज क्यों हैं कि बीजेपी अपने निकम्मेपन और भ्रष्टाचार के कारण हारी?

2.) अगर यह विश्लेषण करना भी था तो कर्नाटक के सन्दर्भ में यह उद्घोष क्यों जरूरी था कि एक जमाने में देश में 13 ब्राह्मण मुख्यमंत्री और एक चौथाई ब्राह्मण सांसद थे?

3.) आपने शो में कॉन्ग्रेस की प्रवक्ता के बार-बार यह सही सवाल पूछा कि उनकी सरकार ने 2011 के सर्वे की रिपोर्ट जारी क्यों नहीं की। लेकिन मेरे दो बार याद दिलाने के बाद भी बीजेपी के प्रवक्ता से यह क्यों नहीं पूछा कि उन्होंने 2010 में जाति जनगणना और 2018 में ओबीसी जनगणना का समर्थन क्यों किया था?

4.) मैंने आपका कौनसा सवाल काटा है? ‘आज तक’ ने जो क्लिपिंग जारी की, बस उसे फॉरवर्ड किया है। इतना झूठा आरोप क्यों?

5.) अगर आप मेरे बारे में यह राय रखती हैं तो शो में मुझे ‘वरिष्ठ’, ‘पढ़ा-लिखा’ और ‘आदरणीय’ वगैरा क्यों बता रही थीं? आप शो में झूठ बोलती हैं? मुझे विश्वास है कि इन सब सवालों पर ‘आज तक’ में मुझसे चर्चा करने का समय निकलेंगी। मुझे इंतज़ार रहेगा।”

योगेंद्र यादव के इस ट्वीट के जवाब में चित्रा त्रिपाठी ने ‘कहानी खत्म’ करने के अंदाज में एक ट्वीट किया। इस ट्वीट में उन्होंने योगेंद्र यादव को उनका इतिहास याद दिलाया है। चित्रा ने लिखा, “आपने शुरू किया है तो मैं अंत कर देती हूँ। इसके बाद आप ट्वीट और टैग करते रहिएगा। कई बार इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है कि- फलाँ पढ़ा लिखा ‘जाहिल’ है। वैसे ये मैं आपको नहीं बोल रही हूँ। मुझे ये तब तक नहीं लगता था जब तक आप एक्सपोज़ नहीं हो गए।”

उन्होंने आगे लिखा, “आपका इतिहास- अन्ना के आंदोलन में कॉन्ग्रेस को गाली। अरविंद से झगड़े के बाद उनको गाली मौजूदा वक्त में गरीब और पिछड़े समाज से आने वाले ‘मोदी’ जी को गाली। फिर राहुल जी की भारत जोड़ो यात्रा में जाकर उसके बाद TV पर आकर उसी कॉन्ग्रेस पार्टी की पहली सरकार को गाली। उसी डिबेट शो में पहली विधानसभा से चुने हुए अलग-अलग राज्यों के कॉन्ग्रेस के मुख्यमंत्रियों को गाली आपने नेहरु-अंबेडकर-पटेल की पहली बनाई सरकार पर टिप्पणी की। जिसको कतई बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए मैंने भी वही किया। थोड़ा सा इतिहास का रिफ्रेंस क्या दे दिया मैंने- आप तो ट्रोलजीवी बन गए।”

‘19000 हिंदू देवता हैं लेकिन एक भी…’ : कॉमेडी के नाम पर जरना गर्ग ने उड़ाया भगवान का मजाक, भारतीय नेटीजन्स ने लगाई क्लास

कॉमेडी के नाम पर हिंदू मान्यताओं का मजाक उड़ाना कोई नई बात नहीं रह गई है। अधिकतर स्टैंडअप कॉमेडियन किसी न किसी तरह से हिंदू धर्म का मखौल उड़ाते नजर आ जाते हैं। हाल में ये काम कॉमेडियन जरना गर्ग ने किया है। जरना ने प्राइम वीडियो पर आई अपनी कॉमेडी वीडियो- वन इन अ बिलियन में हिंदू देवी-देवताओं का मजाक बनाया। उनकी वीडियो की क्लिप अब सोशल मीडिया पर वायरल है।

इस क्लिप में जरना गर्ग को कहते सुना जा सकता है, “मैं और मेरे पति दोनों हाइट में छोटे हैं। हम भगवान से प्रार्थना करते हैं कि हमारा लड़का लंबा हो। लेकिन हिंदुओं में लंबाई देने वाले कोई देवता हैं ही नहीं।” जरना आगे देवी-देवताओं के साथ भारतीयों का मजाक उड़ाते हुए कहती हैं, “19000 हिंदू देवता हैं लेकिन एक भी देवता उस चीज के लिए नहीं है जिसकी भारतीयों को सबसे ज्यादा जरूरत है।”

जरना आगे कहती हैं, “मेरा मतलब है कि ये एक्स्ट्रा बाजू लेकर क्या करें अगर आप कहीं पर पहुँच ही नहीं सकते हो।”

जरना की यह वीडियो देखने के बाद अब सोशल मीडिया पर उनके ऊपर सवाल उठाए जा रहे हैं। उन्हें कहा जा रहा है कि जरना अपने आपको कॉमेडियन दिखाने के चक्कर में पहले ही फालतू जोक मारती थीं और अब उन्होंने इसके लिए हिंदू देवी-देवताओं का मजाक बनाने का सहारा ले लिया है।

इतना ही नहीं इस वीडियो से हिंदू इतने आहत हैं कि प्रदेशों की पुलिस को टैग करके जरना के खिलाफ एफआईआर करने को कहा जा रहा है। यूजर्स का यही पूछना है कि आखिर कॉमेडी में तड़का देने के लिए सिर्फ हिंदुओं का मजाक क्यों उड़ाया जाता है।

बता दें कि जरना न्यूयॉर्क में एक भारतीय आप्रवासी हैं। इंस्टा और टिकटॉक जैसे माध्यमों पर वह अपनी वीडियोज लगातार शेयर करती रहती हैं। उनकी जिस वीडियो पर यह सारा बवाल हुआ वो अमेजन प्राइम पर 16 मई को ही आई है। इसका नाम जरना गर्ग-वन इन अ बीलियन है। इस वीडियो में उन्होंने कई और पंच मारकर कॉमेडी करने की कोशिश की है। जैसे उन्होंने माथे पर लगाई बिंदी का भी इस वीडियो में मजाक उड़ाया है।

‘पेंचकस बाबू! आप प्रधानी का चुनाव लड़िए’: PM मोदी को जापान में हिंदी बोलते देख भड़के AAP के मंत्री, लोगों ने कुछ यूँ दिखा दिया आईना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों के समूह G-7 की बैठक में भाग लेने के लिए जापान के हिरोशिमा शहर पहुँचे थे। इस दौरान उन्होंने वहाँ आए कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों से द्विपक्षीय मुलाकात की। जिन लोगों से पीएम मोदी ने मुलाकात की, उनमें आमंत्रित सदस्य यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की भी शामिल हैं। इसको लेकर दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज ने पीएम मोदी का मजाक बनाया है।

यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की और उनके साथ आए शिष्टमंडल से मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने रूस-यूक्रेन युद्ध की भी चर्चा की। उन्होंने कहा, “यूक्रेन में चल रहा युद्ध पूरे विश्व के लिए बहुत बड़ा मुद्दा है। पूरे विश्व पर इसके अनेक प्रकार के प्रभाव भी पड़े हैं। मैं इसे राजनीति का मुद्दा नहीं मानता। मेरे लिए ये मानवता का मुद्दा है। इसके समाधान के लिए भारत और निजी रूप से मैं स्वयं, हमसे जो कुछ भी हो सकता है हम अवश्य करेंगे।”

अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज ने इस वीडियो को अपने ट्विटर हैंडल पर साझा किया है। वीडियो साझा करने के साथ ही उन्होंने लिखा, “क्या प्रधानमंत्री को ये भी नहीं बताया गया कि यूक्रेन की भाषा हिन्दी नहीं है। ये वीडियो सिर्फ़ भक्तों को बेवक़ूफ़ बनाने के काम आ सकता है।”

वर्तमान में दिल्ली के नौकरशाहों के साथ बदतमीजी करने और ‘तेरी जिंदगी बर्बाद कर दूँगा…’ की धमकी देने को लेकर उपराज्यपाल के निशाने पर सौरभ भारद्वाज के इतना लिखते ही, लोगों ने उन पर अपनी प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी। कई लोगों ने उन्होंने प्रोटोकॉल समझने का सुझाव दिया तो कई लोगों ने कहा कि उन्हें पंचायत का चुनाव लड़ना चाहिए।

सक्सेना साहब एलजी नाम के ट्विटर हैंडल ने लिखा, “यह यूक्रेन नहीं जापान है, और मोदी जी हर देश में हिंदी में ही बोलते हैं और जो दूसरे देशों के लोग होते हैं उनके साथ उनका अनुवादक होता है जो उन्हें उन्हीं की भाषा में अनुवाद करके बता देता है। विधायक बन गए हो और जानकारी कतई नहीं है। अगली बार गाँव की प्रधानी का चुनाव लड़ना।”

संजय सिंह नाम के एक ट्विटर हैंडल ने लिखा, “मंत्री बन गया है ये चोर। इसको सिर्फ बकबक करना आता है। कुछ लड़के रखें हैं जो ठेकेदारों से, रेड़ी-पटरी वालों से वसूली करते हैं। शराब माफिया अमरजीत लांबा को अपना बड़ा भाई मानता है। उपर्युक्त Qualification के Verify करने के बाद केजरीवाल ने इसको MLA का टिकट दिया और अब मंत्री बना दिया।”

अमात्य राक्षस नाम के ट्विटर हैंडल ने लिखा, “ये अनपढ़ पेंचकस बाबू दिल्ली का मन्त्री है, कैसे कैसे नमूने हैं आदरणीय लोकनायक के पास।”

प्रवण सिरोही नाम के ट्विटर हैंडल ने लिखा, “सर जी, प्रधानमंत्री और अन्य विशिष्ट व्यक्तियों के साथ दुभाषिये ऐसे दौरों पर मनरेगा के तहत नहर खोदने के लिए नहीं जाते!”

अखिलेश कांत झा ने लिखा, “भारद्वाज जी, अभी ताज़े ताज़े बेवकूफ हुए हो या ये इलीजिबल क्रिटीरिया है आम आदमी पार्टी की सदस्यता की। हर देश वहाँ अपने राष्ट्रीय भाषा का उपयोग करता है और सुनने वाले ट्रांसलेटर का इस्तेमाल करते है, हमें अपनी राष्ट्रीय भाषा पर गर्व होना चाहिए ना की हास्य का पात्र बनाना चाहिए।”

दीपक सैनी नाम के ट्विटर हैंडल ने लिखा, “भाई साहब, आप अपनी नमाज़ पे ध्यान दो, भक्ति में क्यों पड़ते हो?”

निशांत द्विवेदी ने लिखा, “पढ़ा लिखा व्यक्ति भी मूर्ख हो सकता है, ये बात इस व्यक्ति के इस ट्वीट ने साबित कर दी है। वैसे पहले आप इंजीनियर थे या मदारी?? इससे पहले नक़ली ईवीएम का खेल भी आपने दिखाया था।”

अभिषेक सिंह नाम के ट्विटर हैंडल ने लिखा, “इस ट्वीट से ये पता चलता है कि एक मूर्ख बहुत आसानी से विधायक और फिर मंत्री बन सकता है।”

पटना में नरेंद्र मोदी की जनसभा में हुआ था ब्लास्ट…10 साल बाद मेहरे आलम दरभंगा से गिरफ्तार: NIA हिरासत से हुआ था फरार, अब STF ने पकड़ा

10 साल पहले बिहार के पटना में नरेंद्र मोदी की प्रचार सभा में बम ब्लास्ट के आरोपित मेहरे आलम को बिहार की स्पेशल टास्क फ़ोर्स (STF) ने गिरफ्तार कर लिया है। आलम की गिरफ्तारी शनिवार (20 मई 2023) को दरभंगा से हुई है। आलम इससे पहले NIA द्वारा गिरफ्तार किया गया था लेकिन वहाँ से वो चकमा दे कर फरार हो गया था। इस केस में 3 आरोपितों को कोर्ट ने पहले ही सजा सुना रखी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मेहरे आलम के फरार होने के बाद उसकी तलाश लगातार जाँच एजेंसियाँ कर रहीं थी। इस बीच शनिवार को बिहार STF को आलम के दरभंगा में होने की सूचना मिली। पुलिस को पता चला कि वह अशोक पेपर मिल थाना क्षेत्र के सिंधौली गाँव में रुका हुआ था। STF की टीम मौके पर पहुँची तो सूचना सही मिली और शनिवार देर रात दबिश दे कर आलम को गिरफ्तार कर लिया गया। फ़िलहाल मेहरे आलम से पूछताछ की जा रही है।

आलम पर NIA ने मुजफ्फरपुर के नगर थाना में 30 अक्टूबर, 2013 को कांड संख्या 612/13 दर्ज किया गया था और इसी के बाद उसे NIA ने मेहरे आलम को गिरफ्तार भी किया, लेकिन वो राष्ट्रीय जाँच एजेंसी को चकमा देकर फरार हो गया। तब वह NIA के साथ बतौर गवाह गया था। तब से आलम लगातार फरार ही था। माना जा रहा है कि जल्द ही NIA व अन्य एजेंसियाँ भी मेहरे आलम से पूछताछ कर सकती हैं। फिलहाल बिहार STF केस में जरूरी कानूनी औपचारिकताएँ पूरी कर रही है।

क्या था मामला

दरअसल 27 अक्टूबर, 2013 को पटना के गाँधी मैदान में तब बम ब्लास्ट हुआ था जब गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक जनसभा को सम्बोधित कर रहे थे। मोदी की सभा के अलावा एक ब्लास्ट पटना जंक्शन पर भी हुआ था। इन धमाकों में कुल 6 लोगों की जान चली गई थी और लगभग 82 लोग घायल हुए थे।

₹2000 के नोट बदलने के लिए नहीं भरना होगा कोई फॉर्म, ID की भी नहीं होगी जरूरत: SBI ने जारी की गाइडलाइंस, देखें आपके सारे सवालों के जवाब

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने 2000 रुपए के नोटों की वापसी का ऐलान किया है। इस ऐलान के बाद से मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक कई तरह की बातें चल रहीं हैं। दावा किया जा रहा था कि नोट बदलवाने के लिए लोगों को फॉर्म भरने के साथ ही एक आईडी प्रूफ भी देखना होगा। हालाँकि, अब SBI ने ऐसी खबरों का खंडन किया है।

दरअसल, देश के सबसे बड़े बैंक ‘स्टेट बैंक ऑफ इंडिया’ ने एक नोटिफिकेशन जारी किया है। इस नोटिफिकेशन में कहा गया है कि 2000 रुपये के नोट बदलवाने के लिए किसी भी व्यक्ति को न तो किसी प्रकार का आईडी प्रूफ देना है और न ही कोई फॉर्म भरना होगा। कोई भी व्यक्ति एक बार में 2000 रुपए के 10 नोट, यानी अधिकतम 20,000 रुपए बदलवा सकता है।

इसका सीधा मतलब यह है कि 23 मई 2023 से लेकर 30 सितंबर 2023 के बीच कोई भी व्यक्ति 2000 के नोट आसानी से बदल सकता है। इसी तरह बैंक अकाउंट में भी 2000 रुपये के नोट को जमा करने के लिए कोई भी अतिरिक्त फॉर्म नहीं या आईडी प्रूफ की आवश्यकता नहीं होगी। हालाँकि, बैंक में पैसे जमा करने के लिए जो नियम या सीमाएँ पहले से लागू हैं उनका सभी को पालन करना होगा।

1.) क्यों वापस लिए जा रहे ₹2000 के नोट

सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक दलों तक ₹2000 के नोटों की वापसी को लेकर कई तरह के सवाल खड़े कर रहे हैं। इसको लेकर अफवाह फैलाने की कोशिश भी हो रही है। हालाँकि किसी भी अफवाह में फँसने की जरूरत नहीं है। दरअसल, नवंबर 2016 में ₹500 और ₹1000 के नोट वापस लेने के बाद देश में नोटों की किल्लत न हो। इसलिए RBI ने ₹2000 के नोट जारी किए थे। जब मार्केट में ₹100, ₹200 और ₹500 के नोटों की मात्रा पर्याप्त हो गई तो सरकार ने साल 2018-19 में ₹2000 के नोटों की छपाई बंद कर दी।

बड़ी बात यह है कि ₹2000 के कुल नोटों में से अधिकांश नोट साल 2017 के पहले ही जारी कर दिए गए थे। चूँकि एक नोट की लाइफ 4-5 वर्ष होती है। साथ ही लोगों द्वारा ₹2000 के नोटों का उपयोग भी कम किया जा रहा है। ऐसे में इन बातों को ध्यान में रखते हुए और भारतीय रिजर्व बैंक ने ‘क्लीन नोट नीति’ के अनुसार ₹2000 के नोट वापस लेने का ऐलान किया। ‘क्लीन नोट नीति’ के तहत RBI का उद्देश्य जनता को साफ, स्वच्छ व अच्छी गुणवत्ता वाले नोट मुहैया कराना है। इसके अलावा कैश लेस और डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए भी RBI के इस कदम को कारगर माना जा रहा है।

2.) अब भी चल रहे हैं ₹2000 के नोट, 30 सितंबर तक तो चलेंगे ही

आम जनता के बीच सबसे बड़ा सवाल ₹2000 के नोटों की वैल्यू को लेकर है। इसको लेकर RBI ने साफ कहा है कि ये नोट अब भी चल रहे हैं। हालाँकि, 30 सितंबर 2023 तक नोट बैंक में जमा कराना होगा। लेकिन 30 सितंबर के बाद जिन लोगों के पास नोट बचे रहेंगे या बचे हुए नोटों का क्या होगा। इसके लिए RBI के आदेश में कुछ भी नहीं कहा गया है। ऐसे में फिलहाल यह साफ है कि इस साल सितंबर तक तो ₹2000 के नोट काम के ही हैं। इसके बाद के समय के लिए हो सकता है कि RBI एक अन्य गाइडलाइन जारी करे।

3.) नोट जमा करने या बदलने के नियम

कोई भी व्यक्ति किसी भी बैंक जाकर अपने ₹2000 के नोट जमा करा सकता है या फिर उन्हें बदल सकता है। 23 मई, 2023 से किसी भी बैंक में एक बार में सिर्फ 20000 रुपए यानी कि 2000 रुपए के अधिकतम 10 नोट ही बदले जा सकते हैं। लेकिन ₹2000 के नोट जमा कराने के लिए कोई सीमा नहीं है। हालाँकि इसके लिए KYC होना अनिवार्य है। नोटों को जमा कराने और बदलने के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं देना होगा। साथ ही किसी प्रकार के फॉर्म या आईडी प्रूफ की भी आवश्यकता नहीं होगी।

4.) ₹20000 रुपए से अधिक नकदी चाहिए तो

सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि किसी को 20 हजार रुपए से अधिक की नकद राशि चाहिए तो उसे क्या करना होगा? जैसा कि ऊपर बताया गया है कि 2 हजार के नोट जमा करने के लिए कोई सीमा निर्धारित नहीं है। ऐसे में 2 हजार के नोट जमा करने के बाद बैंक से अपनी जमा राशि ₹100, ₹200, ₹500 के नोटों में (बैंक की सीमा के अनुसार) निकाली जा सकती है।

5.) जनता को नहीं होगी समस्या

देश के सभी बैंकों के अलावा RBI के 19 क्षेत्रीय कार्यालयों में नोटों को जमा कराने और बदलने की सुविधा दी गई है। चूँकि देश में नकदी की कमी नहीं है। ऐस में आम जनता को समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों और बुजुर्गों के लिए आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराने हेतु बैंकों को दिशा निर्देश भी जारी किए गए हैं। हालाँकि फिर भी बैंकों तक आने-जाने में होने वाली समस्याएँ तो आम हैं।

भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा से पहले गुजरात ATS ने 3 को दबोचा, पाकिस्तान-बांग्लादेश कनेक्शन की हो रही जाँच

गुजरात आतंकवाद विरोधी दस्ते (Gujarat ATS) ने खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर अहमदाबाद से तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है। अगले महीने होने वाली रथ यात्रा से पहले अहमदाबाद के नारोल से रविवार (21 मई 2023) को हुई गिरफ्तारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। तीनों के संपर्क बांग्लादेश और पाकिस्तान से हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिरासत में लिए गए तीनों संदिग्ध बांग्लादेशी बताए जा रहे हैं। गुजरात एटीएस इस बात की जाँच कर रही है कि तीनों बांग्लादेशी संदिग्ध गुजरात कैसे आए और गुजरात पहुँचने के पीछे उनका वास्तविक उद्देश्य क्या था। एजेंसी पाकिस्तान के साथ इनके कनेक्शन की भी जाँच कर रही है।

नारोल और चंदोला झील क्षेत्रों में अवैध बांग्लादेशियों की एक बड़ी आबादी है। यही कारण है कि सुरक्षा एजेंसियों की इस इलाके पर हमेशा निगरानी रहती है। अब जब रथ यात्रा आ रही है तो खुफिया इनपुट मिलने के बाद एजेंसियाँ ​​और सतर्क हो गई हैं। रिपोर्टों में कहा गया है कि ऑपरेशन को एटीएस द्वारा बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया था। इसमें अहमदाबाद पुलिस या किसी अन्य एजेंसी को शामिल नहीं किया गया था।

हिरासत में लिए गए तीनों संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। लेख के लिखे जाने तक, उनका नाम या अन्य पहचान सामने नहीं आई है। हालाँकि, रिपोर्ट से पता चलता है कि उनके पाकिस्तान और बांग्लादेश से संबंध हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक ये तीनों बांग्लादेशी हैं। इस मामले में उनके करीबियों और आसपास रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।

भगवान की 146वीं रथ यात्रा 20 जून से शुरू होगी

भगवान जगन्नाथ की 146वीं रथ यात्रा अहमदाबाद में 20 जून 2023 से शुरू होगी। हर साल अहमदाबाद की इस प्रसिद्ध रथ यात्रा के आयोजन की तैयारी महीनों पहले से शुरू हो जाती है। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था का भी पूरा ध्यान रखा जाता है। यात्रा मार्ग पर पहले से ही सुरक्षा बढ़ा दी जाती है और पुलिस की कड़ी निगरानी में यात्रा शुरू होती है।

इस यात्रा के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना ना हो, इसके लेकर महीनों पहले से सुरक्षा एजेंसियाँ चौकस हो जाती हैं। इस साल रथ यात्रा में 3डी मैपिंग और वर्चुअल रियलिटी प्रोजेक्ट्स का भी इस्तेमाल किया जाएगा। इससे पुलिस को कंट्रोल रूम से तत्काल सूचना आसानी से मिल सकेगी और यात्रा को सुरक्षा प्रदान करने में भी काफी मदद मिलेगी।

‘USA में एक्टर्स से लेकर मेरे रिश्तेदार तक सब आपसे मिलने को बेक़रार, मेरे पास अब टिकट नहीं’: अमेरिकी राष्ट्रपति ने PM मोदी से माँगा ऑटोग्राफ, बोले – वहाँ आप बहुत लोकप्रिय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता का स्तर किसी से छिपा नहीं है। अब यह बात सुपर पॉवर अमेरिका के राष्ट्रपति जो बायडेन ने भी स्वीकार की है। बायडेन ने PM मोदी की लोकप्रियता की चर्चा करते हुए उनसे उनका ऑटोग्राफ तक माँग लिया। इस दौरान ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज भी वहाँ मौजूद रहे।

दरअसल, पीएम मोदी जी7 और क्वाड समिट में हिस्सा लेने के लिए जापान दौरे पर हैं। इस दौरे पर उन्होंने दुनिया भर के कई देशों के नेताओं से मुलाकात की है। इसी दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने PM मोदी की तारीफ की। बाइडेन ने पीएम मोदी से कहा, “आपके कदम बता रहे हैं कि लोकतंत्र बहुत मायने रखता है। आपने मेरे लिए एक नई समस्या पैदा कर दी है। अगले महीने आप वाशिंगटन आने वाले हैं। वहाँ आपके लिए डिनर का आयोजन किया गया है। इसमें देश भर के लोग वहाँ आना चाहते हैं।”

बायडेन ने आगे कहा है, “मेरे पास टिकट खत्म हो गए हैं। शायद आपको यह लग रहा होगा कि मैं मजाक कर रहा हूँ, लेकिन आप इस बारे में मेरी टीम से पूछ सकते हैं। मुझे बहुत सारे लोगों के फोन आ रहे हैं। कई तो ऐसे भी हैं जिनके बारे में मैंने कभी नहीं सुना। फ़िल्म एक्टर्स से लेकर मेरे रिश्तेदार तक सब आपसे मिलना चाहते हैं। आप बहुत लोकप्रिय हैं।”

इसी बीच ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री अल्बनीज ने भी अपनी पीएम मोदी की लोकप्रियता की बात करते हुए कहा है कि सिडनी में प्रधानमंत्री मोदी का जहाँ कार्यक्रम होना है, उस कार्यक्रम स्थल की क्षमता 20 हजार है। यह जगह छोटी पड़ रही है। इसके बाद भी लोग लगातार कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निवेदन कर रहे हैं। इसके बाद जो बायडेन ने पीएम मोदी से कहा, “मुझे आपका ऑटोग्राफ लेना चाहिए।”

बता दें कि इससे पहले शनिवार (20 मई 2023) को PM मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन का एक वीडियो सामने आया था। इसमें तमाम नेताओं के बीच बायडेन प्रधानमंत्री मोदी को ढूँढकर उनसे गले मिलते दिखाई दिए थे। ये तमाम बातें यह बताती हैं कि PM मोदी का दुनिया भर के नेताओं के साथ कैसा संबंध है। साथ ही यह राजनीतिक और रणनीतिक रूप से भारत की ताकत को भी दर्शाता है।

5 भाषा, 5 बड़े स्टार… इस पैन-इंडिया फिल्म के लिए साथ आए 5 बड़े चेहरे, ‘The Kashmir Files’ और ‘कार्तिकेय 2’ से है कनेक्शन

‘द कश्मीर फाइल्स’ और ‘कार्तिकेय 2’ जैसी फिल्मों का निर्माण कर चुके अभिषेक अग्रवाल अब ‘टाइगर नागेश्वर राव’ लेकर आ रहे हैं, जो तेलुगु फिल्मों के अभिनेता रवि तेजा की पहली पैन-इंडिया फिल्म होगी। रवि तेजा को आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में ‘मास महाराजा’ के रूप में भी जाना जाता है। वो अपने अभिनय में एक्शन के साथ-साथ कॉमेडी का छौंक डालने के लिए भी जाने जाते हैं। ‘टाइगर नागेश्वर राव’ 70-80 के दशक में सेट फिल्म है।

अब इस फिल्म के 5 भाषाओं के 5 बड़े स्टार सामने आए हैं। दरअसल, बुधवार (24 मई, 2023) को ‘अभिषेक अग्रवाल आर्ट्स’ द्वारा प्रोड्यूस की जा रही इस फिल्म का फर्स्ट लुक जारी किया जाएगा। देश की 5 भाषाओं में इसका फर्स्ट लुक सामने आएगा। हर भाषा में एक बड़ा स्टार अपने सोशल मीडिया हैंडल्स से इसके फर्स्ट लुक को दर्शकों के सामने पेश करेगा। साथ ही ये स्टार अपनी-अपनी भाषा में आवाज भी देंगे। इससे फिल्म का स्तर और बढ़ गया है।

तमिल फिल्मों में कार्ति ‘टाइगर नागेश्वर राव’ फिल्म का फर्स्ट लुक जारी करेंगे। वो ‘PS 1’, ‘PS 2’ और ‘कैथी (2019)’ जैसी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। वहीं हिंदी भाषा में इसे जॉन अब्राहम पेश कर रहे हैं, जो ‘फ़ोर्स’ सीरीज और ‘धूम (2006)’ फिल्म के लिए जाने जाते हैं। कन्नड़ में 35 वर्षों का करियर में 100 फिल्मों में काम कर चुके डॉ शिवा राजकुमार इसे पेश करेंगे। तेलुगु में वैंकटेश दग्गुबती इसे पेश कर रहे हैं, जिन्हें हाल ही में ‘राणा नायडू’ वेब सीरीज में देखा गया था।

बताते चलें कि ‘टाइगर नागेश्वर राव’ स्टुअर्टपुरम के एक चोर की कहानी है। जॉन अब्राहम ने कहा कि वो इस बड़े प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने को उत्सुक हैं। डॉ शिवा रहकुमार ने कहा कि उन्होंने फिल्म का फर्स्ट लुक देखा है और ये बहुत ही अच्छा है। नागेश्वर राव को ‘चेन्नई जेल ब्रेक’ के लिए भी जाना जाता है। 1976 में उसे और प्रभाकर को गिरफ्तार किया गया था। तभी उसने अपने भाई से कह दिया था कि वो अब जेल में नहीं रह सकता।