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आपके ₹2000 के नोटों का अब क्या होगा? RBI गाइडलाइन और अन्य नियम: अफवाहों में न फँसें, यहाँ जानें सभी सवालों के जवाब

RBI यानि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 2000 रुपए के नोट वापस लेने का फैसला किया है। लोग अपने नोट 30 सितंबर 2023 तक बैंक में बदल सकेंगे। भारत के केंद्रीय बैंक का यह फैसला नोटबंदी की तरह नहीं है, बल्कि जो नोट प्रचलन में हैं उनसे अभी भी खरीदारी की जा सकती है। ₹2000 के नोट लेकर उठ रहे सारे सवालों का हम आपको यहाँ देंगे।

क्यों वापस लिए जा रहे ₹2000 के नोट…

सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक दलों तक ₹2000 के नोटों की वापसी को लेकर कई तरह के सवाल खड़े कर रहे हैं। इसको लेकर अफवाह फैलाने की भी कोशिश भी हो रही है। आपको किसी अफवाह में फँसने की जरूरत नहीं है।

दरअसल, नवंबर 2016 में ₹500 और ₹1000 के नोट वापस लेने के बाद देश में नोटों की किल्लत न हो, इसलिए RBI ने ₹2000 के नोट जारी किए थे। जब मार्केट में ₹100, ₹200 और ₹500 के नोटों की मात्रा पर्याप्त हो गई तो सरकार ने साल 2018-19 में ₹2000 के नोटों की छपाई बंद कर दी।

बड़ी बात यह है कि ₹2000 के कुल नोटों में से अधिकांश नोट साल 2017 के पहले ही जारी कर दिए गए थे। चूँकि एक नोट की लाइफ 4-5 वर्ष होती है और लोगों द्वारा ₹2000 के नोटों का उपयोग भी कम किया जा रहा है, ऐसे में रिजर्व बैंक ने ‘क्लीन नोट नीति’ के तहत इसे वापस लेने का ऐलान किया।

‘क्लीन नोट नीति’ के तहत भारतीय रिजर्व बैंक का उद्देश्य जनता को साफ, स्वच्छ व अच्छी गुणवत्ता वाले नोट मुहैया कराना होता है। इसके अलावा, कैशलेस और डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए भी RBI के इस कदम को कारगर माना जा रहा है।

अब भी चल रहे हैं ₹2000 के नोट, 30 सितंबर तक तो चलेंगे ही…

आम जनता के बीच सबसे बड़ा सवाल ₹2000 के नोटों की वैल्यू को लेकर है। इसको लेकर भारतीय रिजर्व बैंक ने साफ कहा है कि ये नोट अब भी चलन में हैं और इनकी वैधता बरकरार है। हालाँकि, 30 सितंबर 2023 तक इन नोटों को बैंक में जमा कराना होगा।

30 सितंबर के बाद जिन लोगों के पास नोट बचे रहेंगे उनका क्या होगा।, इसके बारे में RBI ने अभी कुछ नहीं कहा है। ऐसे में यह साफ है कि इस साल सितंबर तक तो ₹2000 के नोट काम करेंगी ही। इसके बाद के लिए हो सकता है कि RBI एक अन्य गाइडलाइन जारी करे।

नोट जमा करने या बदलने के नियम…

कोई भी व्यक्ति किसी भी बैंक जाकर अपने ₹2000 के नोट जमा करा सकता है या फिर उन्हें बदल सकता है। 23 मई 2023 से किसी भी बैंक में एक बार में सिर्फ 20,000 रुपए यानी कि 2000 रुपए के अधिकतम 10 नोट ही बदले जा सकते हैं।

हालाँकि, ₹2000 के नोट को कितनी बार जमा कराया जा सकता है, इसको लेकर कोई सीमा निश्चित नहीं की गई है। KYC होना अनिवार्य है। नोटों को जमा कराने और बदलने के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं देना होगा।

₹20000 रुपए से अधिक नकदी चाहिए तो…

सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि किसी को 20 हजार रुपए से अधिक की नकद राशि चाहिए तो उसे क्या करना होगा? जैसा कि ऊपर बताया गया है कि 2 हजार के नोट जमा करने के लिए कोई सीमा निर्धारित नहीं है। ऐसे में 2 हजार के नोट जमा करने के बाद बैंक से अपनी जमा राशि ₹100, ₹200, ₹500 के नोटों में (बैंक की सीमा के अनुसार) निकाली जा सकती है।

जनता को नहीं होगी समस्या…

देश के सभी बैंकों के अलावा RBI के 19 क्षेत्रीय कार्यालयों में नोटों को जमा कराने और बदलने की सुविधा दी गई है। देश में नकदी की कमी नहीं है, ऐसे में आम जनता को समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।

इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों और बुजर्गों के लिए आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराने हेतु बैंकों को दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। हालाँकि फिर भी बैंकों तक आने-जाने में होने वाली समस्याएँ तो आम हैं।

पहले भी वापस हो चुके हैं नोट…

यह पहला मौका नहीं जब RBI इस तरह से नोटों की वापसी कर रही है। साल 2016 में हुई नोटबंदी से पहले रिजर्व बैंक ने 2013-14 में भी साल 2005 से पहले के सभी प्रचलित नोटों की वापसी का ऐलान किया था।

उससे भी पहले कालेधन को खत्म करने के लिए तत्कालीन जनता पार्टी सरकार ने साल 1978 में ₹1000, ₹5000 और ₹10000 के नोट बंद कर दिए थे। हालाँकि, बाद में ₹1000 के नोटों की छपाई फिर शुरू की गई, लेकिन इसे फिर से बंद कर दिया गया।

हेयरड्रेसर अल्फाज खलीफा ने गिरा दिया सैलून का शटर, हिंदू विवाहिता के साथ किया बलात्कार का प्रयास

गुजरात के भुज में हिंदू विवाहिता के साथ दुष्कर्म की कोशिश का मामला सामने आया है। मामला लोगों को मामले की जानकारी शुक्रवार (19 मई, 2023) के दोपहर को मिली। आरोप है कि सैलून चलाने वाले अल्फाज खलीफा ने विवाहिता के साथ पहले तो छेड़खानी की उसके बाद उसके साथ दुष्कर्म की कोशिश की। महिला सैलून में अपने बाल सीधे करवाने गई थी।

‘दिव्य भास्कर’ की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को भुज के छठ्ठी बाड़ी रिंग रोड इलाके में रॉकस्टार फैमिली सैलून चलाने वाले अल्फाज खलीफा द्वारा शादीशुदा महिला के साथ छेड़खानी की खबर पूरे शहर में फैल गई। गुजरात पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार भुज के कोडकी गाँव की 21 वर्षीय विवाहिता बुधवार (17 मई) को अपने छोटे भाई के साथ रॉकस्टार फैमिली सैलून पहुँची। विवाहिता अपने बालों को सीधा करवाना चाहती थी।

विवाहिता का छोटा भाई उसे सैलून में छोड़कर चला गया। इधर अल्फाज ने सैलून में उसके बाल सीधा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। कुछ देर बाद अल्फाज खलीफा ने विवाहिता से बाल सीधा कराने के दूसरे चरण के लिए दो दिन बाद दुकान पर आने को कहा। शुक्रवार को विवाहिता अपनी चचेरी बहन के साथ रॉकस्टार फैमिली सैलून पहुँचा। चचेरी बहन ड्राइंग क्लास करने चली गई। इसके बाद खलीफा ने विवाहिता के कंधे पर हाथ रखकर किस करने की कोशिश की।

विवाहिता ने इस पर आपत्ति जताई और शादी शुधा होने की बात कहते हुए आरोपित अल्फाज को फटकार लगाई। अल्फाज नहीं माना और उसने दुकान का शटर बंद कर महिला के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। विवाहिता के विरोध के बाद उसने कुछ न करने की बात कहते हुए बाल सीधे करने की बची हुई प्रक्रिया शुरू करने लगा। महिला की शिकायत के अनुसार जब वह सैलून की ऊपरी मंजिल से नीचे आ रही थी तो आरोपित अल्फाज ने महिला का हाथ पकड़ लिया और यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर करने लगा। उसने महिला से कहा, “मुझसे रिश्ता जोड़ लो तुम्हें मुंबई घुमाने ले जाऊँगा।”

पीड़िता के अनुसार अल्फाज इस दौरान कहता रहा कि दुकान में वह अकेला है और अभी कोई नहीं आएगा। महिला दुकान से निकल आई और अपनी बहन से संपर्क कर उसे पूरी जानकारी दी। पीड़िता ने आगे बताया कि पुलिस को बुलाते ही आरोपित अल्फाज फरार हो गया। गौरतलब है कि भीड़-भाड़ वाले इलाके में दिन दहाड़े सैलून में विवाहिता के साथ हुई इस घटना से शहर भर में हड़कंप मचा हुआ है।

बैठक में थे कई दिग्गज नेता, लेकिन ढूँढ कर PM मोदी से गले मिले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन: हिरोशिमा में गाँधी प्रतिमा का भी अनावरण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) सात शक्तिशाली देशों के समूह G-7 में भाग लेने के लिए जापान के शहर हिरोशिमा में हैं। इस दौरान का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन पीएम मोदी के पास आकर उनके गले मिलते हैं। इसके अलावा, पीएम मोदी ने हिरोशिमा में महात्मा गाँधी की प्रतिमा का अनावरण भी किया।

बता दें कि G-7 में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, कनाडा और जापान शामिल है। वहीं, भारत अन्य 8 देशों के साथ विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में इसमें शामिल होने के लिए बुलाया गया है। जी-7 के पिछले 5 बैठकों में लगातार भारत को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में बुलाया जा रहा है। पीएम मनमोहन सिंह भी जी-7 की बैठक में पाँच बार शामिल हो चुके हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (20 मई 2023) की शाम को यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। जेलेंस्की भी विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में इस सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। भारत और यूक्रेन के वरिष्ठ राजनयिकों ने यह बैठक निर्धारित की थी। बता दें कि फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूसी हमले के बाद पहली बार पीएम मोदी और जेलेंस्की मिलेंगे।।

इससे पहले आज प्रधानमंत्री मोदी ने अपने जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन और वियतनाम के प्रधानमंत्री फाम मिन्ह चिन्ह के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। माना जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ भी प्रधानमंत्री द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने G-7 की बैठक से पहले शनिवार (20 मई 2023) को हिरोशिमा में महात्मा गाँधी की प्रतिमा का अनावरण किया और उन्हें पुष्पांजलि दी। 42 इंच ऊँची महात्मा गाँधी की कांस्य प्रतिमा को पद्मभूषण राम वनजी सुतार ने बनाई है। इसे मोतोयासु नदी के किनारे ऐतिहासिक ए-बॉम्ब डोम के पास स्थापित किया गया है। यहाँ हजारों पर्यटक घुमने के लिए आते हैं।

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि हिरोशिमा में महात्मा गाँधी की प्रतिमा अहिंसा के विचार को आगे बढ़ाएगी। उन्होंने कहा, “मेरे लिए यह जानना एक बड़ा क्षण है कि मैंने जापानी पीएम को जो बोधि वृक्ष उपहार में दिया था, उसे यहीं हिरोशिमा में लगाया गया है ताकि यहाँ आने वाले लोग शांति के महत्व को समझ सकें।”

प्रधानमंत्री मोदी ने जापान के मशहूर भाषाविद् प्रोफेसर तोमियो मिजोकामी से भी मुलाकात की। वे हिंदी और पंजाबी के प्रतिष्ठित विद्वान हैं। उन्होंने जापान के लोगों के बीच भारतीय संस्कृति को लोकप्रिय बनाने के लिए कई काम किए। उनके इस काम को देखते हुए भारत ने उन्हें पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया है। मुलाकात के बाद पीएम ने खुशी जताई।

‘धमाके के लिए पहुँचा दिया सामान, भगवान ही बचाएगा बठिंडा को’: पंजाब पुलिस को 6 चिट्ठी भेजकर दी गई 10 जगह बम ब्लास्ट की धमकी, अलर्ट जारी

पंजाब के बठिंडा में बम धमाकों की धमकी दी गई है। राजनेताओं, व्यापारियों और अन्य अधिकारियों को भेजी गई 6 चिट्ठियों में 7 जून को धमाके कराने की धमकी दी गई है। एसएसपी गुरनीत सिंह ने जानकारी दी है कि चिट्ठियाँ पोस्ट के जरिए भेजी गई हैं। एक चिट्ठी हाथ से लिखी गई है जबकि बाकी फोटो कॉपी हैं। चिट्ठी मिलने के बाद से पंजाब पुलिस हाई अलर्ट पर है।

पत्र में उन दस स्थानों के नाम का भी उल्लेख है जहाँ बम धमाके की धमकी दी गई है। धमकी भरे पत्र के अनुसार किला, रेलवे स्टेशन, आदेश अस्पताल, सचिवालय के पास एसएसपी कार्यालय, बठिंडा जेल, आईटीआई फ्लाईओवर, मित्तल मॉल, नई कार पार्किंग, निरंकारी भवन और किसान धरना स्थल पर ब्लास्ट किए जाएँगे। पत्र में लिखा है कि धमाके के लिए जरूरी सामान पहुँचा दिए गए हैं और भठिंडा को अब भगवान ही बचा सकता है।

धमाकों की धमकी भरा खत (साभार- दैनिक भास्कर)

खत में लिखा गया है कि अमृतसर में हुए ब्लास्ट तो सिर्फ ट्रेलर थे। एसएसपी सिंह ने जानकारी दी है कि पत्र लिखने वाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस जल्द से जल्द आरोपित को गिरफ्तार कर लेगी। SSP गुरनीत सिंह ने जिले भर के थानों को हाई अलर्ट जारी कर दिया है। पुलिसकर्मियों को चप्पा-चप्पा खंगालने के निर्देश दिए गए हैं। हर इलाके में गाड़ी और संदिग्ध व्यक्तियों की चैकिंग की जा रही है। लोगों से भी अपील की गई है कि संदिग्ध व्यक्ति या सामान मिलने पर इसकी सूचना पुलिस को दें।

बता दें पंजाब के अमृतसर में 6 मई और 8 मई को कम क्षमता वाले धमाके हुए थे। दोनों धमाके गोल्डन टेंपल के पास हेरिटेज स्ट्रीट मे हुए थे। पहले धमाके में करीब 6 लोग घायल हुए थे। शुरुआत में इसे रेस्टोरेंट की चिमनी में हुआ ब्लास्ट बताया जा रहा था। लेकिन बाद में घटनास्थल से कुछ संदिग्ध चीजें बरामद होने पर पुलिस ब्लास्ट के एंगल से जाँच कर रही है।

मुख़्तार अंसारी के बेटे उमर ने अदालत को भी धता बताया, अब जारी हुआ गैर जमानती वॉरंट: उधर कपिलदेव सिंह हत्याकांड में आने वाला फैसला भी टला

माफिया मुख़्तार अंसारी के छोटे बेटे उमर अंसारी के खिलाफ उत्तर प्रदेश की मऊ जिले एक अदालत ने गैर जमानती वारंट (NBW जारी किया है। यह वॉरंट आचार संहिता के उल्लंघन को ले कर दर्ज हुए 2 केसों में जारी हुआ है। बताया जा रहा है कि माफिया का बेटा उमर इन मामलों में तय तारीख पर शुक्रवार (19 मई, 2023) को कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ था। सुनवाई के लिए अगली तारीख़ 2 जून, 2023 तय की गई है। वहीं कपिलदेव सिंह हत्याकांड पर मुख़्तार अंसारी के खिलाफ आज आने वाला फैसला फ़िलहाल के लिए टल गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुख़्तार के बेटे उमर अंसारी पर आचार संहिता के उल्लंघन के 2 केस दर्ज हैं। इसी मामले में मुख़्तार का बड़ा बेटा अब्बास अंसारी भी आरोपित है। इसकी सुनवाई मऊ जिले की MP/MLA कोर्ट में चल रही है। शुक्रवार (19 मई) को इसी मामले में अब्बास को कासगंज जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेश करवाया गया, लेकिन उमर अंसारी हाजिर नहीं हुआ। उमर की गैर हाजिरी पर CJM ने गैर जमानती वारंट जारी करते हुए अगली सुनवाई के लिए 2 जून, 2023 की तारीख तय की है।

जानकारी के मुताबिक, इस दिन सभी नामजदों पर आरोप तय होने थे। उमर अंसारी की गैर हाजिरी से ये आरोप तय नहीं हो पाए। इस मामले में शामिल अन्य नामजदों के नाम गणेश दत्त मिश्रा, मंसूर अंसारी, मोहम्मद ईशा खान, शाहिद लारी, शाकिर लारी, धर्मेंद्र सोनकर और जुल्फिकार हैं। गौरतलब है कि 27 फरवरी 2022 को अब्बास अंसारी ने विधानसभा चुनाव जीता था जिसके बाद बिना प्रशासन की अनुमति के रोड शो निकाला गया था। इसी के बाद 10 मार्च 2023 को अब्बास अंसारी की जीत का विजय जुलूस भी निकाला गया था। पुलिस ने इन दोनों मामलों में FIR दर्ज कर के कोर्ट में कागजात पेश किए हैं।

यह मामला ट्रायल पर चल रहा है, जिसमें सभी आरोपितों के खिलाफ शुक्रवार को आरोप तय होने थे।

गैंगस्टर कोर्ट ने मुख़्तार पर टाला फैसला

वहीं एक अन्य मामले में गाजीपुर की MP/MLA कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट में दर्ज एक अन्य केस में माफिया मुख़्तार अंसारी पर आज आने वाला फैसला टाल दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब यह फैसला 13 जून, 2023 को आ सकता है। यह फैसला साल 2009 में हुए कपिलदेव सिंह हत्याकांड में आना था। तब मुख़्तार अंसारी जेल में था और आरोप है कि माफिया ही इस हत्या का साजिशकर्ता था।

गौरतलब है कि ऑपइंडिया की टीम ने पूर्वांचल के कई जिलों में जा कर मुख़्तार के आपराधिक इतिहास की जमीनी पड़ताल की थी। तब मुख़्तार अंसारी के अपराध से पीड़िता कई लोगों ने मुख़्तार को कम से कम उम्रकैद की सजा देने की माँग की थी।

‘तालिबानी आतंकियों के निशाने पर मरियम नवाज, 2 आत्मघाती हमलावर हुए तैयार’: रिपोर्ट में दावा- PAK पुलिस ने 14 संदिग्धों को पकड़ा, इमरान खान की पार्टी से कनेक्शन

पाकिस्तान में मौजूद आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) अब वहाँ के राजनेताओं को ठिकाने लगाने की योजना बना रहा है। आतंकी अपने टारगेट की लिस्ट भी बना रहे हैं जिसमें मरियम नवाज का नाम भी शामिल बताया जा रहा है। इस काम में TTP का साथ उसी गुट जमात-उल-अहरार (JUA) भी दे रहा है। वहाँ के राजनेताओं के अलावा आतंकियों के निशाने पर सशस्त्र बलों और खुफिया एजेंसियों के अधिकारी भी हैं। इस बात का खुलासा शुक्रवार (19 मई 2023) को हुआ। पुलिस ने अब तक 14 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में इन संदिग्धों के रिश्ते इमरान खान की पार्टी से भी सामने आए हैं।

गिरफ्तार संदिग्धों से आगे की पूछताछ जारी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तहरीक-ए-तालिबान के निशाने पर पाकिस्तान में कानून-व्यवस्था लागू करने वाली तमाम एजेंसियाँ हैं। इसके लिए सेना के वाहन और पुलिस की चौकियों को भी निशाने पर लिया गया है। बताया ये भी जा रहा है कि TTP ने इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद 9 मई 2023 को हुए देशव्यापी दंगों में शामिल हुए लोगों की भी तारीफ की है। तब टीटीपी के टॉप कमांडर सरबकफ मोहमंद ने बिना पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) का नाम लिए ही हिंसा में शामिल लोगों को खुला समर्थन दिया था।

कुछ जानकारों का यह भी मानना है कि अपनी साजिश को अंजाम देने के लिए जमात-उल-अहरार (JUA) के 2 आतंकी अपने नेता रफीउल्लाह के फरमान पर पंजाब प्रांत में घुस भी चुके हैं। मरियम नवाज के साथ राना सनाउल्लाह को भी आतंकियों के निशाने पर बताया जा रहा है। इस खुलासे के बाद जहाँ इन नेताओं की सुरक्षा कड़ी की गई है तो वहीं पहले से अराजकता के शिकार पाकिस्तान में राजनैतिक और आर्थिक अस्थिरता के बढ़ने के आसार बताए जा रहे हैं। फ़िलहाल पुलिस गिरफ्तार संदिग्धों से पूछताछ में जुटी हुई है।

जानकारी के मुताबिक तहरीक ए तालिबान साल 2023 की शुरुआत से अब तक पाकिस्तानी सेना और पुलिस पर 2 दर्जन से ज्यादा हमले कर चुका है। ये हमले पाकिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में हुए हैं जिसमें पेशवर, कराची और कंधारी बाजार जैसे स्थान शामिल हैं। इन हमलों में पुलिसकर्मियों सहित आम नागरिक भी मारे गए थे। इन सभी के अलावा पाकिस्तान में नेताओं को भी निशाना बनाया जा रहा है। जमात-ए-इस्लामी (जेआई) के अमीर सिराजुल हक कुछ ही समय पहले बलूचिस्तान के रास्ते में हुए एक आत्मघाती हमले में बाल-बाल बचे थे।

कायम है PM मोदी का जलवा, फिर बने विश्व के सबसे लोकप्रिय नेता: 78% अप्रूवल रेटिंग, बायडेन-ट्रुडो को टॉप-5 में भी जगह नहीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता सातवें आसमान पर है। वह एक बार फिर दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता चुने गए हैं। ‘मॉर्निंग कंसल्ट’ द्वारा जारी ताजा सर्वे के अनुसार, पीएम मोदी को 78 फीसदी ग्लोबल लीडर अप्रूवल रेटिंग मिली है। इस तरह वह दुनिया भर के 22 देशों के नेताओं को पीछे छोड़ते हुए इस लिस्ट में टॉप पर हैं।

रिसर्च कंपनी ‘मॉर्निंग कंसल्ट’ ने यह रेटिंग रिपोर्ट 10 मई से लेकर 16 मई 2023 के बीच सर्वे कर जारी की है। इस लिस्ट में जहाँ एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले नंबर पर हैं। वहीं, दूसरे नंबर पर स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति एलेन बर्सेट हैं। उन्हें 62% अप्रूवल रेटिंग मिली। इस सूची में तीसरे नंबर पर मेक्सिको के राष्ट्रपति एंड्रेस मैनुअल लोपेज ओब्रेडोर हैं। उन्हें भी 62% अप्रूवल रेटिंग पॉइंट मिले। हालाँकि, उन्हें नकारने वालों की संख्या अधिक रही।

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज 53% रेटिंग के साथ चौथे और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी 49% रेटिंग के साथ पाँचवें तथा ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा भी 49% रेटिंग के साथ पाँचवें स्थान पर हैं।

‘मॉर्निग कंसल्ट’ की इस रिपोर्ट में सुपर पॉवर अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक तथा फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की रेटिंग चौंकाने वाली रही। एक ओर जहाँ जो बाइडेन 42% रेटिंग के साथ 7वें स्थान पर रहे। वहीं, ऋषि सुनक टॉप 10 में भी जगह नहीं बना सके। वह 33% रेटिंग के साथ 13वें स्थान पर रहे। वहीं, इमैनुएल मैक्रों 25% रेटिंग के साथ 20वें स्थान पर रहे।

कैसे होता है सर्वे…

सर्वे रिपोर्ट तैयार करने के लिए मॉर्निंग कंसल्ट प्रतिदिन 20000 से अधिक लोगों से बातचीत करता है। इस बातचीत में मिले जवाबों के आधार पर ग्लोबल लीडर का डेटा तैयार किया जाता है। इस सर्वे के लिए अमेरिका में 45000 लोगों की राय ली गई है। वहीं अन्य देशों में 500 से 5000 के बीच लोगों से बातचीत की गई है। अलग-अलग देशों में वहाँ की जनसंख्या व अन्य चीजों को देखते हुए अलग-अलग स्तर पर सर्वे होता है। भारत में जिन लोगों से बातचीत की गई वह पढ़ा-लिखा वर्ग था।

‘सिर्फ गाली देने से नहीं लगा सकते SC/ST एक्ट’: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, ‘मूर्ख’ और ‘बेवकूफ’ कहने पर लगा दिया था एक्ट

सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जाति/ जनजाति (अत्याचार रोकथाम) अधिनियम, 1989 (SC/ST Act) को लेकर बड़ी टिप्पणी की है। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि सिर्फ अभद्र भाषा का प्रयोग किसी व्यक्ति के खिलाफ ST/ST Act लगाने के लिए काफी नहीं है। अदालत ने व्यक्ति के खिलाफ लगाए आरोप को खारिज कर दिया।

मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस एसआर भट और जस्टिस दीपांकर दत्ता की बेंच ने शुक्रवार (19 मई 2023) को कहा कि यह जरूरी है कि इस ऐक्ट के तहत आरोपित पर मुकदमा चलाने से पहले उसके द्वारा सार्वजनिक रूप से की गई टिप्पणी को आरोप पत्र में रेखांकित किया जाए। इससे अदालतें अपराध का संज्ञान लेने से पहले यह निर्धारित कर पाएँगी कि एससी/एसटी अधिनियम के तहत एक मामला बनता है या नहीं।

बेंच ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी को सार्वजनिक रूप से ‘बेवकूफ’ या ‘मूर्ख’ या ‘चोर’ कहता है तो यह आरोपित द्वारा अपशब्द कहे जाने का कृत्य माना जाएगा। यदि यह SC/ST व्यक्ति को कहा गया है, तब तक धारा 3(1)(एक्स) के तहत व्यक्ति को आरोपित नहीं किया जा सकता, जब तक कि इस तरह के शब्द जातिसूचक टिप्पणी के साथ नहीं कहे गये हों।

दरअसल, सर्वोच्च न्यायालय ने यह बात उस मामले की सुनवाई के दौरान कही, जिसमें एससी/एसटी अधिनियम की धारा 3(1) (एक्स) के तहत एक व्यक्ति के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया था। यह धारा सार्वजनिक तौर पर एससी-एसटी समाज के व्यक्ति के इरादतन अपमान करने से संबंधित है।

अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए व्यक्ति के खिलाफ दर्ज मामले को खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि इस संबंध में ना ही प्राथमिकी में और ना ही आरोप पत्र में यह जिक्र किया गया था कि मौखिक विवाद के दौरान शिकायतकर्ता की जाति का कोई संदर्भ नहीं दिया गया था।

अदालत ने यह नोट किया कि जिस समय यह घटना हुई, उस समय शिकायतकर्ता के अलावे उसकी पत्नी और बेटे उपस्थित थे। इसके अलावा कोई और मौजूद नहीं था। कोर्ट ने कहा कि पत्नी-बेटे की उपस्थिति में कही गई बात को सार्वजनिक नहीं कहा जा सकता।

कोर्ट ने कहा कि मामले में किसी व्यक्ति को अपमानित करने की मंशा स्पष्ट होनी चाहिए। हर अपमान या धमकी SC/ST Act के धारा 3(1) (एक्स) के तहत अपराध नहीं होगा। जब तक कि इस तरह की टिप्पणी में जातिवादी मंशा ना हो, तब तक इस एक्ट में मुकदमा दर्ज नहीं किया जा सकता।

कर्नाटक की नई सरकार में अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की भी बल्ले-बल्ले, बेटे प्रियांक को भी मंत्रिमंडल में जगह: लिंगायत समाज से सिर्फ एक ही मंत्री

कॉन्ग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियांक भी कर्नाटक में सिद्धारमैया की सरकार में मंत्री बनेंगे। बता दें कि शनिवार (20 मई, 2023) को दोपहर में कर्नाटक मंत्रिमंडल का शपथग्रहण प्रस्तावित है, जिसके लिए राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी भी बेंगलुरु पहुँच चुके हैं। कॉन्ग्रेस पार्टी ने 5 दिनों तक चले खींचतान के बाद सिद्धारमैया को CM और DK शिवकुमार को उप-मुख्यमंत्री के रूप में चुना। शपथग्रहण में कई विपक्षी नेताओं का जमावड़ा लगेगा।

सीएम और डिप्टी सीएम के अलावा जिन 8 विधायकों को मंत्री बनाया गया है, वो हैं – जी परमेश्वर, KH मुनियप्पा, KJ जॉर्ज, MB पाटिल, सतीश जर्कीहोली, प्रियांक खड़गे, रामलिंगा रेड्डी और BZ ज़मीर अहमद खान। इनमें इनमें परमेश्वर, मुनियप्पा और प्रियांक SC (अनुसूचित जाति) समाज से आते हैं, जबकि जॉर्ज ईसाई और अहमद मुस्लिम हैं। जहाँ पाटिल कर्नाटक के सबसे बड़े लिंगायत समाज से आते हैं, सतीश वाल्मीकि समाज से आते हैं, जो अनुसूचित जनजाति के अंतर्गत आता है।

कर्नाटक के कांतिरवा स्टेडियम में शपथग्रहण समारोह प्रस्तावित है। इस कार्यक्रम के सहारे 2024 लोकसभा चुनाव के लिए भी विपक्ष कमर कस रहा है। 44 वर्षीय प्रियांक खड़गे चित्तापुर विधानसभा क्षेत्र से लगातार तीसरी बार विधायक बने हैं। ये इलाका गुलबर्गा लोकसभा क्षेत्र और कुलबर्गी जिला के अंतर्गत आता है, जो मल्लिकार्जुन खड़गे का पुराना गढ़ रहा है। खुद मल्लिकार्जुन खड़गे यहाँ से 2008 में विधायक चुने गए थे।

वहीं उनके बेटे प्रियांक ने 2013, 2018 और 2023 में यहाँ से कॉन्ग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज की। प्रियांक कर्नाटक यूथ कंग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। 2018-19 में जब कॉन्ग्रेस के समर्थन से JDS के एचडी कुमारस्वामी मुख्यमंत्री बने थे, तब उस समय प्रियांक को सामाजिक कल्याण मंत्री बनाया गया था। प्रियांक खुद को अम्बेडकरवादी और बौद्ध बताते हैं। इस फैसले के बाद कॉन्ग्रेस पार्टी पर वंशवाद के आरोप भी लग रहे हैं।

‘सच में होती हैं केरल स्टोरी जैसी घटनाएँ, कई परिवार शिकार हुए’ : दिग्विजय सिंह के MLA भाई ने कहा – बजरंग दल पर बैन लगाना गलत, हिंदू हिंसक नहीं

मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह ने ‘द केरल स्टोरी’ फिल्म पर अपनी पार्टी से अलग राय रखी है। उन्होंने कहा कि वो केरल में रह कर नौकरी कर चुके हैं और वहाँ ऐसे हालत बनते हैं। उन्होंने इस तरह की घटनाओं को गलत बताया है। हालाँकि उन्होंने कहा कि उन्होंने अभी तक ये फिल्म नहीं देखी। इस दौरान लक्ष्मण सिंह ने बताया कि वो माधवराव सिंधिया को अक्सर याद करते हैं। इस दौरान लश्मण सिंह ने बजरंग दल पर बैन लगाने जैसे बयानों का भी विरोध किया। विधायक लक्ष्मण सिंह ने यह बयान शुक्रवार (19 मई 2023) को दिया है।

केरल के कई परिवार हुए शिकार

दरअसल कॉन्ग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह शुक्रवार को इंदौर में थे। यहाँ उन्होंने प्रेस क्लब में मीडिया से तमाम मुद्दों पर बातचीत की। इस बातचीत में एक पत्रकार ने द केरल स्टोरी फिल्म पर सवाल किया। जवाब में उन्होंने फिल्म न देखने की जानकारी दी। हालाँकि उन्होंने बताया कि केरल में ये सब चलता है जो कि गलत है। लक्ष्मण सिंह ने केरल में नौकरी के दौरान खुद ही इस चीजों का अनुभव करने का दावा किया। उनके इस बयान का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

द केरल स्टोरी पर पूछे गए सवाल पर कॉन्ग्रेस विधायक ने कहा, “मैंने केरल में 1975 में नौकरी की है। चाय की कम्पनी में। तो ये चीजें हम सुनते थे। ये सब होता था। सुनते थे। कई ऐसे परिवार हैं उस टी गॉर्डन के जो इसके शिकार हुए हैं। ये ऐसी कोई नई बात नहीं है जब से चल रहा है। फिल्म मैंने नहीं देखी है। मुझे नहीं मालूम कि फिल्म में क्या दिखाया गया है पर ये होता है। और ये गलत है।” हालाँकि फिल्म में कितनी सच्चाई है इसे कॉन्ग्रेस विधायक ने बिना फिल्म देखे बता पाने में असमर्थता जताई।

जब कॉन्ग्रेस विधायक से फिल्म में दिखाई गई धर्मान्तरित लड़कियों की संख्या में बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने इस बारे में भी जानकारी होने से इंकार कर दिया। हालाँकि उन्होंने इसके जवाब में भी कहा कि उन्हें सँख्या तो नहीं मालूम पर ये प्रक्रिया वहाँ चलती थी। इस दौरान लक्ष्मण सिंह ने आगे कहा, “मध्य प्रदेश का भी सुन रहे हैं कि कुछ मामले आ रहे हैं सामने।” लक्ष्मण सिंह के बयान की ये वीडियो क्लिप @psamachar1 हैंडल द्वारा 19 मई को शेयर हुई है।

बजरंग दल पर बैन का विरोध, हिन्दू हिंसक नहीं

दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह ने बजरंग दल पर बैन लगाने जैसे बयानों का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रविरोधी नहीं है बजरंग दल संगठन इसलिए उस पर बैन नहीं लगना चाहिए।

17 मई को लक्ष्मण सिंह ने एक ट्वीट कर के हिन्दू को हिंसक बताने वालों को आड़े हाथों लिखा। तब उन्होंने लिखा था, “हिंदुओं को बार बार ‘हिंसक’ कहा जाता है।अगर ऐसा होता तो भारत 450 वर्षों तक गुलाम नहीं होता। चींटी और मधुमक्खी भी अपनी सुरक्षा के लिए काट लेती हैं। तो क्या वो हिंसक हैं?”

दिग्विजय सिंह को अपने छोटे भाई से सीखने की सलाह

मध्य प्रदेश के गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने दिग्विजय सिंह को सलाह की है कि वो अपने छोटे भाई से कुछ सीखें। नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि दिग्विजय सिंह हिन्दुओं और सेना के खिलाफ आए दिन बयानबाजी करते रहते हैं ऐसे में उन्हें अक्सर अपने भाई के पास जा कर सीख लेनी चाहिए।

नेटीजेंस ने लिए मज़े

लक्ष्मण सिंह के बयानों और ट्वीट के वायरल होने के बाद नेटीजेंस ने उनके भाई दिग्विजय सिंह पर मीम्स बनाने शुरू कर दिए। @TikshnaReply हैंडल ने एक एडिटेड फोटो शेयर करते हुए दिग्विजय और लक्ष्मण सिंह में झगड़ा होते दिखाया है। हँसी का चिन्ह बनाते हुए उन्होंने कैप्शन दिया, “अब शायद यही बोलेंगे दिग्गी राजा अपने भाई को।”

वहीं एक अन्य ट्वीट पर बुलडोजर बाबा नाम के हैंडल ने विधायक लक्ष्मण सिंह के भाई को ज़ाकिर नाइक का चेला बताया है।

चित्र साभार- @laxmanragho

हालाँकि कई यूजर्स लक्ष्मण सिंह के हिन्दुओं पर दिए गए बयान की तारीफ कर रहे हैं।