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कर्नाटक में CM पद को लेकर कॉन्ग्रेस में छिड़ा पोस्टर वार: सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के समर्थकों ने घर के बाहर ‘अलग-अलग’ होर्डिंग्स लगाए

कर्नाटक विधानसभा चुनावों (Karnataka Assembly Election 2023) में कॉन्ग्रेस (Congress) ने भारी जीत हासिल की है, लेकिन अब मुख्यमंत्री पद को लेकर राज्य में संग्राम छिड़ गया है। प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार (DK Shivakumar)और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया (Siddaramaiah) के बीच मुख्यमंत्री बनने को लेकर पोस्टर वार शुरू हो गया है।

राजस्थान की कर्नाटक में भी कॉन्ग्रेस पार्टी दो खेमों में बँट गई है। एक खेमा है डीके शिवकुमार का और दूसरा है सिद्धारमैया है। दोनों खेमों अपने-अपने लोगों को मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाह रहे हैं। इसको लेकर बड़े-बड़े पोस्टर छपवाकर लगाए गए हैं।

सिद्धारमैया के समर्थकों ने राजधानी बेंगलुरु में उनके आवास के बाहर एक पोस्टर लगाया है, जिसमें उन्हें ‘कर्नाटक का अगला मुख्यमंत्री’ बताया गया है। वहीं, डीके शिवकुमार के समर्थकों ने भी बेंगलुरु में उनके आवास के बाहर पोस्टर लगाया है। इसमें उन्हें राज्य का अगला ‘मुख्यमंत्री’ घोषित करने की माँग की है।

बताते चलें कि कर्नाटक चुनावों की 13 मई 2023 को हुई मतगणना में कॉन्ग्रेस पार्टी को कुल 224 सीटों में से 135 सीटें मिली हैं, जो बहुमत के लिए जरूरी 113 से 23 सीटें अधिक हैं। वहीं, भाजपा को सिर्फ 66 सीटों से ही संतोष करना पड़ा है। राज्य की जेडीएस को भारी नुकसान हुआ है और उसे 19 सीटें मिली हैं।

मुख्यमंत्री पद को लेकर आज रविवार (14 मई 2023) को शाम 5:30 बजे कॉन्ग्रेस विधायक दल की बैठक है। इस दौरान कॉन्ग्रेस के केंद्रीय पर्यवेक्षक भी शामिल रहेंगे। इसमें मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगेगी। कर्नाटक के कॉन्ग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार के अनुसार, सीएम पद का फैसला पार्टी हाईकमान लेगा।

मोदी सरकार ने देश में बनाए 50 हजार से ज्यादा अमृत सरोवर… 3 माह पहले टारगेट पूरा किया: जल संरक्षण के साथ रोजगार के नए अवसर देना है उद्देश्य

भारतीय जनता पार्टी ने 13 मई 2023 (शनिवार) को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से बताया है कि देश में 50 हजार से ज्यादा अमृत सरोवरों के निर्माण का काम पूरा हो चुका है। अपने इसी ट्वीट में बीजेपी का दावा है कि यह कार्य तय समय से 3 महीने पहले ही हुआ है। इन सरोवरों के लिए तय सीमा आने वाले स्वतंत्रता दिवस की रखी गई थी। इस अभियान का नाम ‘मिशन अमृत सरोवर’ दिया गया था।

अपने इसी आधिकारिक ट्वीट में भाजपा ने बताया है कि मिशन अमृत सरोवर के तहत देश भर में 50 हजार से अधिक जलाशयों के निर्माण का लक्ष्य बनाया गया था। इसकी शुरुआत 24 नवम्बर 2022 को हुई थी। इसे 15 अगस्त 2023 तक सम्पन्न करने का लक्ष्य भी रखा गया था। अभियान के तहत इन जलाशयों को अमृत सरोवर का नाम दिया गया है। पंचायती राज्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी आँकड़ों के आधार पर भाजपा का दावा है कि इस लक्ष्य को 3 महीने पहले ही पूरा कर लिया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो लगा कर भाजपा ने इस ट्वीट का शीर्षक ‘तय समय से पहले पूरा किया संकल्प’ दिया है। इस अभियान को जल संरक्षण और संचयन के उद्देश्य से शुरू किया गया था।

गौरतलब है कि मिशन अमृत सरोवर के लिए कोई अलग से धनराशि जारी नहीं हुई थी। इसमें भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय, जल शक्ति मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय, पंचायती राज मंत्रालय, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और तकनीकी संगठनों की भागीदारी है। इस अभियान के तहत सिंचाई, मत्स्य पालन, बत्तख पालन, सिंघाड़े की खेती, जल पर्यटन आदि से रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य है। साथ ही अमृत ​​सरोवर अपने इलाके में सामाजिक सभा स्थल के रूप में प्रयोग होगा। अमृत ​​सरोवर की खुदाई से निकलने वाली मिट्टी को रेल मंत्रालय, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय आदि में प्रयोग के लिए भेजा जाता है।

‘लोग क्या चु%^&* हैं…लोगों में अक्ल नहीं है’: पाकिस्तानी सेना पर भड़कते क्या-क्या कह गए इमरान खान, बताया- ‘रची गई थी मेरी हत्या की साजिश’

पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट के अलावा, इस्लामाबाद हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के प्रमुख इमरान खान ने शनिवार (13 मई 2023) को अपने मुल्क को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सत्ताधारी शरबाज शरीफ की सरकार के साथ-साथ सेना पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने इस दौरान ‘चुतिंयां’ जैसे असंसदीय शब्द का भी इस्तेमाल किया।

इमरान खान ने कहा, “मेरी वजह से फौज को बुरा-भला गया या उस आदमी (आर्मी प्रमुख) की वजह से? उसने क्या समझा कि लोग ये… क्या लोग चुतिंयां हैं या लोगों मेें अकल नहीं है या लोग बेवकूफ हैं कि जिस आप लगाएँगे उधर लोग लग जाएँगे?” इमरान ने अपने संबोधन के दौरान कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।

अपने संबोधन में इमरान खान ने कहा, “आज हमारा लोकतंत्र एक धागे से लटका हुआ है और न्यायपालिका ही इसे बचा सकती है। यह माफिया न्यायपालिका पर हमला करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। इसलिए मैं सबसे पहले देश से हमारी न्यायपालिका और संविधान के साथ खड़े होने के लिए कहता हूँ।” PTI चीफ ने कहा कि उनके खिलाफ दर्ज 145 मामले निराधार हैं।

अल-कादिर मामले: जिस मामले में इमरान खान को गिरफ्तार किया गया था, उसको लेकर उन्होंने कहा, “अल-कादिर ट्रस्ट की स्थापना के पीछे मेरा उद्देश्य पैगंबर मोहम्मद के आलोक में नेताओं का निर्माण करना था। मुझे सबसे ज्यादा दुख इस बात का है कि बुशरा बीबी को भी इस संबंध में नोटिस जारी किया गया था।”

इमरान खान ने कहा कि अल-कादिर विश्वविद्यालय में उनकी बीवी ट्रस्टी थीं। ट्रस्टी वेतन नहीं लेता और वह सेवा के इरादे से काम करा है। खान ने कहा कि उन्होंने अपनी बीवी बुशरा को ट्रस्टी इसलिए बनाया, क्योंकि उन्हें ‘सीरतुन नबी का पूरा ज्ञान’ है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके ट्रस्ट का ऑडिट भी कराया जाता है।

हत्या कराने का आरोप: इमरान खान ने शहबाज शरीफ की सरकार और सेना पर अपनी हत्या कराने के इरादे का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “मुझे पता है कि मुझे मारने के लिए एक योजना तैयार की गई थी। उन्होंने कहा कि उन्हें पता कि उनकी हत्या की हरी झंडी किसने दी और इसे अंजाम देने वाले कौन थे। उन्होंने कहा कि इन सबसे के बावजूद वे हिंसा में विश्वास नहीं करते।

अराजकता फैलाने का आरोप: इमरान ने देश में अराजकता फैलाने का आरोप आर्मी और शरीफ सरकार पर लगाया। उन्होंने कहा, “18 मार्च को जब मैं इस्लामाबाद में मजिस्ट्रेट की अदालत में गया… उन्होंने लाहौर में मेरे घर पर हमला किया। उन्होंने बख्तरबंद वाहन से गेट तोड़ दिया। लाहौर उच्च न्यायालय का फैसला था कि केवल दो लोग ही सर्च वारंट के साथ मेरे घर आ सकते हैं। इसके बाद भी 35 पुलिसकर्मी घर में घुसकर लूटपाट और मारपीट की।”

ISPR DG को लताड़ा: इमरान खान ने पाकिस्तानी सेना के प्रोपेगेंडा विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के महानिदेशक जनरल अहमद शरीफ द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब दिया। इस महीने की शुरुआत में शरीफ ने कहा था कि इमरान खान ने पाकिस्तानी सेना की छवि को नुकसान पहुँचाया।

इमरान खान ने कहा, “[डीजी] आईएसपीआर साहब, जब मैं जेल में था तब आपने कहा था कि मैं एक पाखंडी हूँ। मैंने सेना को उस हद तक नुकसान पहुँचाया, जितना किसी और ने नहीं। आपने हमें कुचलने की बात कही। डीजी आईएसपीआर साहब, मैं दुनिया भर में अपने देश का प्रतिनिधित्व तब से कर रहा था, जब आप पैदा भी नहीं हुए थे। मैंने सभी मंचों पर अपनी सेना का बचाव किया है।”

सेना पर हमला बोला: इमरान खान ने सेना को भी नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा, “कोई भी किसी राजनीतिक दल को बलपूर्वक समाप्त नहीं कर सकता है और ना ही उसके नेता को जबरन जेल में डाल सकता है। आप मेरी बात नहीं मानेंगे लेकिन मेरा सुझाव है कि आप छोटे, बंद कमरे से बाहर निकलें।”

मीडिया पर रोक: इमरान खान ने कहा, “मेरी गिरफ्तारी के तुरंत बाद मीडिया पर शिकंजा कसा गया। केवल स्टेट वर्जन चलाया जा रहा था, जो हैंडलर्स द्वारा उपलब्ध कराया गया था। उनके (हैंडरलर्स) के पास पर्याप्त समझ नहीं है। वे सभी चैनलों को एक ही फीड दे रहे थे। पूर्वी पाकिस्तान (बांग्लादेश) में भी ऐसा ही हुआ – मीडिया को नियंत्रित किया गया था।”

पहले 160 वोटों से घोषित हुईं विजयी, दोबारा मतगणना में 16 वोटों से मिली हार: कर्नाटक के जयनगर में कॉन्ग्रेस प्रत्याशी के समर्थकों ने मचाया हंगामा, BJP उम्मीदवार जीते

कर्नाटक विधानसभा चुनवों में जयनगर विधानसभा सीट पर भाजपा के राममूर्ति ने कॉन्ग्रेस की सौम्या रेड्डी को बेहद काँटे के मुकाबले में 16 वोटों से हरा दिया है। पहले हुई मतगणना में कॉन्ग्रेस प्रत्याशी को 160 वोटों से विजयी घोषित किया गया था। भाजपा प्रत्याशी की माँग पर इस सीट पर फिर से मतगणना करवाई गई थी। कॉन्ग्रेस प्रत्याशी की हार पर उनके समर्थकों ने देर रात तक हंगामा किया और सरकारी मशीनरी पर धाँधली का आरोप लगाया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जयनगर विधानसभा सीट के लिए वोटों की गिनती एसएसएमआरवी कॉलेज में हुई थी। भाजपा ने यहाँ सी के राममूर्ति को मैदान में उतारा था। वहीं कॉन्ग्रेस की तरफ से कर्नाटक इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष रामलिंगा रेड्डी की बेटी सौम्या रेड्डी प्रत्याशी थीं। 13 मई 2023 (शनिवार) को यहाँ मतगणना केंद्र पर तनाव की स्थिति बन गई थी क्योंकि पहले सौम्या रेड्डी को 160 वोटों से जीता बता दिया गया। भाजपा प्रत्याशी राममूर्ति इस फैसले से संतुष्ट नहीं थे और उन्होंने फिर से गिनती की माँग की।

भाजपा प्रत्याशी की इस माँग के दौरान वहाँ तेजस्वी सूर्या भी मौजूद थे। दूसरी तरफ कॉन्ग्रेस समर्थक जीत की ख़ुशी में जश्न मनाने लगे। हालाँकि कुछ देर बाद फिर से वोटों की गिनती शुरू की गई। इस दोबारा हो रही गिनती का कॉन्ग्रेस प्रत्याशी सौम्या और उनके पिता रामलिंगा रेड्डी ने विरोध किया। रिकाउंटिंग के बाद भाजपा प्रत्याशी राममूर्ति को 16 वोटों से जीता घोषित कर दिया गया। अंतिम परिणाम के तौर पर राममूर्ति को 57797 वोट और सौम्या को 57781 वोट मिले।

नए चुनाव परिणाम से कॉन्ग्रेस समर्थक नाराज हो गए और उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। इस नारेबाजी का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। कॉन्ग्रेस समर्थकों का आरोप था कि भाजपा प्रत्याशी को सरकारी मशीनरी का दुरूपयोग करके जिताया गया है। धरने में कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डी के शिवकुमार भी शामिल थे।

गौरतलब है कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023 के परिणामों में कॉन्ग्रेस पार्टी को पूर्ण बहुमत मिला है। 224 सीटों पर हुए इस चुनाव में कॉन्ग्रेस के हिस्से में 136 सीटें आईं। भाजपा को महज 65 सीटें ही मिल पाईं। 19 सीटों के साथ JDS तीसरे नंबर पर रही।

महाराष्ट्र के अकोला में इंस्टाग्राम पोस्ट पर भड़की हिंसा, भीड़ ने थाने पहुँचकर गाड़ियों में आग लगाई: दावा- 1 की मौत, 25 गिरफ्तार

महाराष्ट्र में अकोला में शनिवार (13 मई 2023) की शाम को एक इंस्टाग्राम पोस्ट को लेकर दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प हो गई। इसके बाद इलाके में सांप्रदायिक हिंसा फैल गई। दंगाइयों ने कई वाहनों में तोड़फोड़ तकने कर आग लगा दी गई। इस हिंसा में एक महिला की मौत हो गई है।

घटना अकोला के ओल्ड सिटी थाना क्षेत्र का है। इंडिया टीवी के अनुसार, किसी व्यक्ति ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में मुस्लिमों के पैगंबर मोहम्मद को लेकर एक विवादित पोस्ट डाल दी। इसके चलते कई लोग इकट्ठा होकर पुलिस थाने में पहुँचे और शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया।

इसी बीच पुलिस स्टेशन पहुँची भीड़ बेकाबू हो गई और गाड़ियों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। घटना की जानकारी मिलते ही दूसरा गुट भी सामने आ गया। देखते ही देखते पथराव और आगजनी शुरू हो गई। इसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग और आँसू गैस के गोले दागकर स्थिति पर नियंत्रण किया।

हिंसा के दौरान जमकर पथराव किया गया और लगभग 10 बाइकों में आग लगा दी गई। इस दौरान एक महिला की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हो गए। स्थिति पर नियंत्रण करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया। हालात को देखते हुए पुलिस ने इलाके में धारा 144 लगा दी है। स्थिति नियंत्रित, लेकिन तनावपूर्ण है।

घटना के बाद पुलिस ने इलाके की सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपितों की पहचान करके 25 दंगाइयों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस मामले में 120 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह घटना पुराने शहर के गंगाधर चौक पोला चौक हरिहर पेठ इलाके की बस्ती में हुई है।

AAP सांसद राघव चड्ढा और अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा की दिल्ली में सगाई: केजरीवाल और चिदंबरम जैसे नेता रहे मौजूद, 150 मेहमानों की मौजूदगी में रिंग सेरेमनी

फिल्म अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा और आप नेता राघव चड्ढा ने आखिरकार शनिवार (13 मई, 2023) को सगाई कर ली। सगाई की जानकारी अभिनेत्री और आप नेता ने अपने-अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट से दीं। परिणीति और राघव ने अपने-अपने ट्विटर अकाउंट पर एक जैसी कई तस्वीरें शेयर कीं। इस दौरान कई राजनेता और फिल्मी हस्तियाँ मौजूद रहीं।

राघव और परिणीति ने अपने ट्विटर हैंडल से सगाई की तस्वीरें शेयर कीं और वाहेगुरु से कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की। दोनों की सगाई दिल्ली के 400 साल पुराने कपूरथला हाउस में हुई है। दोनों की सगाई में फिल्म और इंडस्ट्री और राजनीति जगत के दिग्गज शामिल हुए। प्रियंका चोपड़ा अपने भाई सिद्धार्थ के साथ परिणीति और राघव की सगाई में शामिल हुईं।

सगाई समारोह में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, कॉन्ग्रेस नेता पी चिंदबरम, कपिल सिब्बल, शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे, प्रियंका चतुर्वेदी समेत कई नेता पहुँचे। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी अपनी पत्नी के साथ रिंग सेरेमनी का हिस्सा बने। जानकारी के मुताबिक, करीबी दोस्तों और परिवार के लोगों के अलावा इंगेजमेंट सेरेमनी में तकरीबन 150 मेहमान शामिल हुए।

रिपोर्टों की मानें तो साल के आखिर तक परिणीति और राघव विवाह के बंधन में बंध जाएँगे। परिणीति चोपड़ा और राघव चड्ढा के बीच फिल्म ‘चमकीला’ की शूटिंग के दौरान दोस्ती हुई थी। जिसके बाद दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गई। बता दें कि राघव चड्ढा और परिणीति चोपड़ा को मुंबई में 23 मार्च 2023 की शाम एक रेस्टोरेंट के बाहर देखा गया था। इसके बाद दिल्ली में भी दोनों साथ देखे गए थे। सोशल मीडिया पर इनकी तस्वीरें वायरल होने लगीं।

अपने रिश्ते के बारे में दोनों में से किसी ने खुलकर तो जानकारी नहीं दी लेकिन लोगों ने यह अंदाजा लगा लिया कि दोनों एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं।

कर्नाटक में कॉन्ग्रेस की जीत से नीतीश कुमार और ममता बनर्जी को झटका? PM चेहरा बनने की आड़ में अटकेगा रोड़ा, अब तक की बैठकों का असर भी बेनतीजा

हिमाचल प्रदेश के बाद अब कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कॉन्ग्रेस ने जीत दर्ज की है। इस जीत को लेकर पूर्व सांसद राहुल गाँधी समेत पार्टी के कई नेता खुश नजर आए। वहीं, अखिलेश यादव और उद्धव ठाकरे जैसे नेता कॉन्ग्रेस की जीत में अपनी खुशी ढूँढ़ने की कोशिश करते दिखाई दिए। निश्चित तौर पर इस जीत से कॉन्ग्रेस नेताओं ने अपना खोया हुआ आत्मविश्वास हासिल कर लिया होगा। लेकिन कॉन्ग्रेस की इस सफलता से पीएम पद का ख्वाब देख रहे नीतीश कुमार और ममता बनर्जी के सपनों को गहरा धक्का लगा है।

नीतीश-ममता देख रहे पीएम बनने का ख्वाब

यह बात किसी से छिपी नहीं है कि बिहार सीएम नीतीश कुमार और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी पीएम बनने का ख्वाब सँजोए हुए हैं। अपने इस ख्वाब को पूरा करने के लिए नीतीश कुमार तो पूरे विपक्ष को एकजुट करने में लगे हुए हैं। वह कॉन्ग्रेस ‘अध्यक्ष’ मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गाँधी, तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव, बंगाल सीएम ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल, झारखंड सीएम हेमंत सोरेन, अखिलेश यादव, सीताराम येचुरी, उद्धव ठाकरे से लेकर ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक तक से मुलाकात करते दिखाई दिए हैं।

भले ही इस मुलाकात के बाद नवीन पटनायक ने खुद को विपक्षी दलों की तथाकथित एकता से अलग करने का ऐलान करते हुए लोकसभा चुनाव अकेले लड़ने की बात कही हो और तमाम नेताओं से मुलाकात का परिणाम सिफर ही रहा हो लेकिन नीतीश कुमार किसी भी नेता से मुलाकात करने में कभी भी पीछे नहीं दिखाई दिए। वहीं, ममता बनर्जी भी नीतीश कुमार, अरविंद केजरीवाल समेत अन्य नेताओं से मुलाकात कर चुकी हैं। साथ ही खुले मंच से विपक्षी एकता की वकालत करती देखी गईं हैं। ऐसे में इस बात में कोई दो राय नहीं है कि नीतीश और ममता सीएम की कुर्सी में बैठकर पीएम बनने का रास्ता खोज रहे हैं।

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के परिणाम सामने आने से पहले तक राहुल गाँधी की विपक्ष में भूमिका प्रश्नचिन्ह के घेरे में थी। यहाँ तक कि हिमाचल प्रदेश में जीत के बाद भी राहुल गाँधी पार्टी के चेहरे की तरह नहीं दिख रहे थे। हालाँकि इस बात में कोई दो राय नहीं है कि राहुल की सांसदी जाने के बाद विपक्ष ने एकजुटता दिखाई थी। लेकिन वह एकजुटता राहुल गाँधी के लिए कम बल्कि भाजपा और पीएम मोदी के खिलाफ अधिक थी। कर्नाटक विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद कॉन्ग्रेस तो राहुल गाँधी का कद बढ़ा-चढ़ा कर प्रचारित करेगी, ये तो तय है।

यह बढ़ोतरी विपक्ष के नजरिए से अच्छी हो सकती है। विपक्ष इस बात से संतोष कर सकता है कि लोकसभा चुनाव में सिर्फ मोदी लहर का कहर नहीं झेलना पड़ेगा। बल्कि कॉन्ग्रेस भी बीजेपी का मुकाबला करने के लिए जमीनी स्तर पर मजबूत होती दिख रही है। लेकिन ममता और नीतीश के लिए कर्नाटक में कॉन्ग्रेस की जीत किसी सदमे से कम नहीं होगी। दोनों ही नेताओं को यह पता है कि कॉन्ग्रेस का शीर्ष नेतृत्व राहुल गाँधी को प्रधानमंत्री पद के लिए प्रोजेक्ट करने को तैयार है। वहीं, यह भी साफ है कि राहुल गाँधी के नाम पर विपक्ष को एकजुट करने में किसी के भी दाँत खट्टे हो जाएँगे। ऐसे में, नीतीश और ममता को विपक्ष को एक कर पीएम बनने का सपना टूटता हुआ दिख रहा होगा।

हालाँकि विपक्ष एकजुट होगा या नहीं और यदि एकजुट होता है तो क्या नीतीश कुमार या ममता बनर्जी के नाम पर एकजुट हो पाता है या नहीं यह सब तो भविष्य के गर्त में छिपा हुआ है। लेकिन एक बात साफ है कि 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले हुए विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन इसके बाद आम चुनाव में जिस तरह मोदी लहर चली उससे हर कोई वाकिफ है। ऐसे में यदि एक बार फिर मोदी लहर चलती है तो विपक्ष का एक होना और न होना एक बराबर ही है।

कुत्ते भौंकते हैं, हाथी मस्त होकर बढ़ता चला जाता है… बिहार में शुरू हुआ बागेश्वर बाबा का कथा आयोजन: विरोधियों के भी लगवाए जयकारे, BJP नेताओं का जमघट

बिहार के पटना में बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने हनुमंत चरित्र कथा का वाचन शुरू कर दिया है। शनिवार (13 मई 2023) को कथा का पहला दिन था। पाँच दिनों तक होने वाली कथा के पहले दिन पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने हरि के नाम के साथ कथा आरंभ की। कथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री बिहार की धरती का गुणगान करते रहे। उन्होंने अपने अंदाज में विरोधियों को भी जवाब दिया।

कथा स्थल पर पहुँचने से पहले पंडित धीरेंद्र शास्त्री राघवेंद्र मठ पहुँचे। यहाँ उन्होंने राम जानकी मंदिर में पूजा अर्चना की। इसके बाद बागेश्वर वाले बाबा पटना के नौबतपुर स्थित तरेत पाली मठ पहुँचे। मठ के विशाल क्षेत्र को पंडाल से सजाया गया है। बागेश्वर सरकार को सुनने के लिए हजारों की संख्या में लोगों की उपस्थिति थी। भीड़ की वजह से विशाल पंडाल भी छोटा पड़ रहा था। पंडाल में प्रवेश करते ही भक्तों ने जय श्री राम, जय हनुमान और बागेश्वर सरकार की जय के नारे लगाए। अपने चिरपरिचित अंदाज में बागेश्वर बाबा ने कथा में आने वालों, कथा में न आने वालों और विरोधियों सबके जयकारे लगवाए।

कथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि बिहार के लोग धन्य हैं जहाँ माँ जानकी ने जन्म लिया। उन्होंने कहा कि इसी धरती पर आर्यभट्ट ने शून्य का अविष्कार किया था। बागेश्वर बाबा ने बिहार के लोगों के भी जयकारे लगवाए। बागेश्वर वाले बाबा ने हनुमान कथा के दौरान लोगों को व्यवधानों से निपटने का मार्ग सुझाया। उन्होंने उदाहरण दिया कि हाथी जब गाँव में निकलता है तो लोग उसे केला, पूरी और पकवान खिलाते हैं। बच्चे हाथी को गणेश जी मानकर प्रणाम करते हैं। वहीं कुत्ते हाथी को देखकर भौंकना शुरू कर देते हैं। ऐसे में हाथी यदि कुत्तों को प्रतिउत्तर देने लगे तो लोग हाथी को पागल ठहरा देंगे। इसलिए हाथी अपनी चाल में मस्त होकर आगे बढ़ता रहता है।

व्यवधानों पर बात करते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने हनुमान जी का वह प्रसंग भी सुनाया जब वे माता सीता की खोज के लिए लंका पहुँचते हैं। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हनुमान के मार्ग में कई बाधाएँ आईं लेकिन उन्होंने सबको पार कर अपना लक्ष्य प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने कई गीत भी गुनगुनाए। बागेश्वर सरकार ने लोगों को विचार करने के बाद कर्म करने की शिक्षा दी। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, सांसद अश्विनी चौबे, पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, सांसद राम कृपाल यादव, मनोज तिवारी बिहार बीजेपी अध्यक्ष सम्राट चौधरी और बिहार में नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा खास तौर पर मौजूद रहे।

बता दें धीरेंद्र शास्त्री 13 मई 2023 से 17 मई 2023 तक 5 दिवसीय हनुमंत चरित्र सुनाएँगे। 5 दिवसीय कार्यक्रम में हर दिन शाम को 4 बजे से लेकर 7 बजे तक कथा का आयोजन होगा। 15 मई को धीरेंद्र शास्त्री दिव्य दरबार लगाएँगे। इसमें बिना टोकन और नंबर के भक्तों की अर्जी सुनी जाएगी।

कोहली-कोहली के नारे, LSG के डगआउट में भीड़ ने फेंकी चीजें: नो-बॉल विवाद के बाद रुका रहा IPL मैच, हैदराबाद में खेल रही थी लखनऊ की टीम

आईपीएल 2023 (IPL 2023) का 58 वाँ मुकाबला सनराइजर्स हैदराबाद और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच खेला गया। इस रोमांचक मैच को लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम ने जीत लिया। हालाँकि, मैच के बीच नो बॉल को लेकर हुए विवाद हो गया। इसके बाद LSG के डगआउट में एक दर्शक ने नट बोल्ट फेक दिया। इस वजह से खेल कई मिनटों तक रुका रहा। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाड़ियों ने दर्शकों के व्यवहार और खराब अंपायरिंग की शिकायत भी की।

मैच के पहली पारी के 19वें ओवर में गेंदबाजी कर रहे आवेश खान की तीसरी गेंद बल्लेबाज अब्दुल समद के कमर के ऊपर से गुजरी। अंपायर ने इस गेंद को नो बॉल करार नहीं दिया। इसके बाद हैदराबाद के बल्लेबाजों ने नो बॉल के लिए रिव्यू लिया। तीसरे अंपायर ने भी नो बॉल की अपील ठुकरा दी। इस बात पर दोनों बल्लेबाज नाराज हो गए। इस दौरान दर्शकदीर्घा में बैठे दर्शकों में से किसी ने लखनऊ की डगआउट की तरफ कुछ फेंका।

‘क्रिकबज’ के अनुसार, दर्शकों में से किसी ने लखनऊ की डगआउट की तरफ नट और बोल्ट फेंका था। इसके बाद डगआउट में बैठे LSG टीम मैनेजमेंट ने मैच को बीच में रोकने की अपील की।

खिलाड़ियों की शिकायत के बाद फील्ड अंपायर और सुरक्षाकर्मी लखनऊ के डगआउट में पहुँचे। इसके बाद जहाँ से डगआउट में चीज फेंकी गई थी वहाँ पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी गई। पाँच मिनट से ज्यादा समय तक खेल रुका रहा। हैदराबाद की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 6 विकेट के नुकसान पर 182 रनों का स्कोर खड़ा किया। हालाँकि, लखनऊ की टीम ने 4 गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया। एलएसजी ने 7 विकेट से यह मुकाबला जीता।

स्टेडियम में मौजूद क्रिकेट फैन्स के अनुसार दर्शकों के एक तबके ने मैच के बीच 2 बार गौतम गंभीर को चिढ़ाने के लिए कोहली-कोहली के नारे लगाए। दरअसल, भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर का हाल ही में कोहली के साथ मैदान पर विवाद हुआ था। मैच के बीच जब नो बॉल पर विवाद की वजह से खेल रोका गया था उस समय दर्शकों की भीड़ अचानक कोहली-कोहली चिल्लाने लगी। इसके बाद जब गंभीर पवेलियन की तरफ जा रहे थे उस वक्त भी लोगों ने कोहली-कोहली चिल्ला कर उन्हें चिढ़ाने की कोशिश की थी।

ओडिशा के जिस मंत्री की कर दी गई हत्या, उनकी बेटी ने तोड़ा पिता का रिकॉर्ड: उपचुनाव में BJD की जीत, 1 लाख से भी अधिक वोट मिले

ओडिशा की झारसुगुड़ा विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बीजद (BJD) की बड़ी जीत हुई। पार्टी ने यहाँ दिवंगत विधायक नब किशोर दास की बेटी दीपाली दास (Dipali Das) को प्रत्याशी बनाया था। बड़ी बात यह रही कि दीपाली को उनके पिता से भी अधिक वोट मिले। उन्होंने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बीजेपी प्रत्याशी टंकधर त्रिपाठी को 48000 से अधिक वोटों से हराया। कॉन्ग्रेस प्रत्याशी की जमानत जब्त हो गई।

ओडिशा की सत्ताधारी पार्टी बीजू जनता दल ने स्वास्थ्य मंत्री रहे नब किशोर दास की हत्या के बाद उनकी बेटी दीपाली दास पर भरोसा जताते हुए प्रत्याशी बनाया था। पार्टी के इस विश्वास पर खरा उतरते हुए दीपाली ने जीत के मामले में अपने पिता को भी पीछे छोड़ दिया। साल 2019 के विधानसभा चुनाव में नब किशोर ने 45699 वोटों के अंतर से झारसुगुड़ा विधानसभा से जीत दर्ज की थी। वहीं, अब उपचुनाव में दीपाली ने 48 हजार 237 वोटों के साथ बड़ी जीत हासिल की है।

कुल वोट मिलने के मामले में भी दीपाली अपने पिता एक कदम आगे रहीं। 2019 के विधानसभा चुनाव में नब किशोर दास को कुल 98 हजार 620 वोट मिले थे। वहीं, दीपाली दास को 1 लाख 7 हजार 198 वोट मिले। दीपाली के निकटतम प्रतिद्वंद्वी बीजेपी के उम्मीदवार टंकधर त्रिपाठी रहे, उन्हें 58 हजार 477 वोट मिले। जबकि कॉन्ग्रेस प्रत्याशी तरुण पांडेय का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा, उन्हें महज 4496 वोट मिले।

उपचुनाव में बंपर जीत दर्ज करने के बाद दीपाली दास ने अपनी सफलता का श्रेय झारसुगुड़ा के मतदाताओं और अपने पिता को दिया। उन्होंने कहा है,

“यह जीत झारसुगुड़ा के लोगों की है। यह जीत उन लोगों की है जो पापा से बहुत प्यार करते थे। यह जीत मुख्यमंत्री जी और मेरे पापा से जुड़े सभी लोगों और पार्टी के कार्यकर्ताओं की है। यह जीत नब दास जी की है।”

पुलिसकर्मी ने गोली मारकर की थी नब किशोर दास की हत्या

दीपाली दास के पिता नब किशोर दास झारसुगुड़ा से विधायक और ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री थे। 29 जनवरी, 2023 को नब किशोर झारसुगुड़ा में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान कार स उतरते ही उनकी सुरक्षा के लिए तैनात पुलिसकर्मी ने ताबड़तोड़ 5 गोलियाँ नब किशोर दास के सीने में मार दीं। आनन फानन में उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया। जहाँ उनकी मौत हो गई। नब किशोर दास के निधन के बाद से झारसुगुड़ा विधानसभा सीट खाली थी।