Home Blog Page 1820

‘₹25 करोड़ दो, शाहरुख खान के बेटे आर्यन को ड्रग केस मेें नहीं फँसाएँगे’: NCB अधिकारी समीर वानखेड़े के खिलाफ CBI ने दर्ज की FIR, 30 जगहों पर रेड

केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) ने शुक्रवार (12 मई 2023) को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के पूर्व अधिकारी समीर वानखेड़े (Samir Wankhede) के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज कर लिया। वानखेड़े ने बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) के बेटे आर्यन खान (Aryan Khan) को ड्रग केस में गिरफ्तार किया था।

सीबीआई ने समीर वानखेड़े के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 7, 7A और 12 तथा भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 120B (आपराधिक साजिश) और 388 (धमकी देकर जबरन वसूली) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में तीन अन्य लोगों को भी नामजद किया गया है, जिनमें दो पूर्व अधिकारी बताए जा रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि आर्यन खान को ड्रग मामले में नहीं फँसाने के लिए वानखेड़े ने कॉर्डेलिया जहाज के मालिकों से 25 करोड़ रुपए की रिश्वत माँगी। इसी जहाज पर पार्टी करते हुए शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को ड्रग के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

रिपोर्टों के अनुसार, सीबीआई के अधिकारियों को सूचना मिली कि समीर वानखेड़े और उनके साथी ने ड्रग मामले में आर्यन खान को मामले में नहीं फँसाने के लिए कथित तौर पर 50 लाख रुपए की अग्रिम राशि ली है।

अधिकारियों का कहना है कि रिश्वतखोरी के इस मामले में जाँच एजेंसी समीर वानखेड़े के आवास पर छापेमारी भी कर रही है। इसके अलावा, इस केस जुड़े दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, लखनऊ, राँची, गुवाहटी और कानपुर के 30 स्थानों पर तलाशी ली जा रही है।

सतर्कता रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई ने प्रारंभिक जाँच की। उसके बाद भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के अधिकारी समीर वानखेड़े के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। विजिलेंस जाँच के दौरान यह पाया गया कि समीर वानखेड़े ने भ्रष्टाचार के जरिए काफी संपत्ति अर्जित की है।

बताते चलें कि 2 अक्टूबर 2021 को समीर वानखेड़े के नेतृत्व में नारकोटिक्स विभाग की एक टीम ने मुंबई के इंटरनेशनल क्रूज टर्मिनल पर खड़े कॉर्डेलिया क्रूज पर छापा मारा था। इस दौरान इस टीम ने आर्यन खान और उनके कई दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया था।

आर्यन और उनके दोस्तों पर नशीली दवाओं के सेवन, उसे रखने और तस्करी करने के आरोप लगाए गए थे। आर्यन खान 22 दिन जेल में रहे। इसके बाद मई 2022 में पर्याप्त सबूतों की कमी के कारण NCB ने आर्यन खान को क्लीन चिट दे दी थी। इसके बाद वानखेड़े पर कई आरोप लगाए गए थे।

NCB टीम और समीर वानखेड़े के खिलाफ मनमानी के आरोपों के कारण एक अलग विजिलेंस जाँच की गई थी। उसके बाद पिछले साल मई में उन्हें चेन्नई में करदाता सेवा निदेशालय में स्थानांतरित कर दिया गया था।

परमबीर सिंह के खिलाफ सारे आरोप लिए गए वापस, निलंबन भी हुआ रद्द: मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर को महाराष्ट्र सरकार से बड़ी राहत

महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह को बड़ी राहत दी है। सरकार ने परमबीर सिंह के खिलाफ लगे सभी आरोपों को वापस लेते हुए उनका निलंबन रदद् कर दिया। साथ ही सरकार ने कहा है कि यह माना जाए कि निलंबन अवधि में परमबीर सिंह ड्यूटी पर थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, महाराष्ट्र सरकार के संयुक्त सचिव वेंकटेश भट ने आदेश जारी कर परमबीर सिंह पर लगे सभी आरोप रद्द कर दिए हैं। इस आदेश में कहा गया है, “अखिल भारतीय सेवा नियम, 1969 के नियम 8 के तहत परमबीर सिंह, सेवानिवृत्त आईपीएस के खिलाफ दिनांक 02/12/2021 के आरोपों को वापस लिया जा रहा है। साथ ही, सभी मामले बंद किए जा रहे हैं।”

बता दें कि परमबीर सिंह पर जबरन वसूली और भ्रष्टाचार समेत कई आरोप लगे थे। परमबीर सिंह के साथ 6 पुलिस अधिकारियों एवं अन्य के खिलाफ जुलाई 2021 में रंगदारी का मुकदमा भी दर्ज हुआ था। आज भले ही परमबीर सिंह पर लगे सभी आरोप वापस ले लिए गए हैं और उनका निलंबन भी समाप्त हो गया है, लेकिन वह अब रिटायर हो चुके हैं। ऐसे में निलंबन समाप्त होने के बाद भी वह नौकरी में वापस नहीं आ सकते।

क्यों हुए थे निलंबित

परमबीर सिंह पर सर्विस रूल के उल्लंघन का आरोप है। वह स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर 29 अगस्त, 2021 तक की छुट्टी पर गए थे। लेकिन, छुट्टियाँ खत्म होने के बाद भी उन्होंने अपनी ड्यूटी ज्वाइन नहीं की। इसके अलावा परमबीर सिंह मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर विस्फोटकों की बरामदगी और ठाणे के व्यवसायी मनसुख हिरेन की हत्या के बाद से मुंबई और सैटेलाइट शहरों में कई आरोपों का सामना कर रहे थे।

इस मामले में वरिष्ठ निरीक्षक प्रदीप शर्मा और सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन वाजे को गिरफ्तार किया गया था। एंटीलिया मामले की जाँच की आँच जब परमबीर सिंह पर पहुँची तो उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने 100 करोड़ रुपए की वसूली करने के लिए कहा था।

इस केस में तत्कालीन डीजीपी संजय पांडे ने परमबीर सिंह मामले में दर्ज FIR में शामिल सभी लोगों को निलंबित करने का प्रस्ताव भेजा था। लेकिन इसे अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) मनुकुमार श्रीवास्तव ने वापस कर दिया था। इसके बाद परमबीर सिंह और एक डीसीपी को सस्पेंड करने का प्रस्ताव फिर से पेश किया गया। इस प्रस्ताव को राज्य के तत्कालीन गृह मंत्री दिलीप वालसे पाटिल और सीएम उद्धव ठाकरे ने मंजूरी दे दी थी।

गौरतलब है कि परमबीर सिंह ने महाराष्ट्र की तत्कालीन उद्धव ठाकरे सरकार में गृह मंत्री रहे अनिल देशमुख पर वसूली का आरोप लगाया था। परमबीर सिंह ने कहा था कि अनिल देशमुख ने बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाझे को हर हफ्ते 100 करोड़ रुपए वसूलने का टारगेट दिया था। इन आरोपों के बाद देशमुख को मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। यही नहीं, भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते उन्हें जेल भी जाना पड़ा था।

‘मेरी चुप्पी को कमजोरी मत समझना’: तारक मेहता के प्रोड्यूसर असित मोदी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने के बाद ‘रोशन भाभी’ ने जारी किया वीडियो

सब टीवी के लोकप्रिय कॉमेडी शो ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में ‘रोशन भाभी’ का किरदार निभाने वाली जेनिफर मिस्त्री बंसीवाल ने शो के प्रोड्यूसर असित मोदी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। असित मोदी ने खुद पर लगे आरोपों को झूठा बताया है। इन सबके बीच जेनिफर का एक वीडियो सामने आया है। इसमें उन्होंने कहा है कि कोई भी उनकी चुप्पी को कमजोरी न समझे।

दरअसल, ‘रोशन भाभी’ यानि जेनिफर मिस्त्री बंसीवाल ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में उन्होंने कहा है,

“चुप्पी को मेरी कमजोरी मत समझना। मैं चुप थी क्योंकि सलीका है मुझमें। खुदा गवाह है कि सच क्या है। याद रख, उसके घर में कोई फर्क नहीं है तुझमें और मुझमें।”

‘मुझे और मेरे शो को बदनाम करने की कोशिश’: असित मोदी

जेनिफर मिस्त्री बंसीवाल द्वारा लगाए गए आरोपों को असित मोदी ने झूठा और बकवास बताया है। साथ ही उन्होंने कहा है कि उन्हें और उनके शो को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। असित मोदी ने कहा है, “वह मुझे और मेरे शो दोनों को बदनाम करने की कोशिश कर रही हैं। इसलिए हम उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे। हमने उन्हें शो से बाहर कर दिया है तो वह हम पर झूठे आरोप लगा रही हैं।”

वहीं, ईटाइम्स से हुई बातचीत में भी असित मोदी ने आरोपों को सिरे से नकार दिया। उन्होंने कहा, “उन पर लगे सभी आरोप निराधार हैं और उनमें जरा सी भी सच्चाई नहीं है। वह सिर्फ मेरी छवि खराब करने की कोशिश कर रही हैं। यह मेरी वास्तविक प्रतिक्रिया है। मैं बहाने बनाने या कुछ छिपाने की कोशिश नहीं कर रहा। हर कोई यह जानता है कि मैं रियल लाइफ में कैसा हूँ। हमने जेनिफर को शो और अपनी टीम से हटा दिया। मेरे डायरेक्टर और टीम ने उन्हें शो छोड़ने के लिए कहा था हमारे पास सारे सबूत हैं और मैं यूँ ही कुछ भी नहीं बोल रहा हूँ।”

‘रोशन भाभी’ के आरोप

बता दें कि ‘रोशन भाभी’ यानी जेनिफर ने असित मोदी के अलावा शो के एक्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर जतिन बजाज और प्रोजेक्ट हेड सोहेल रमानी के खिलाफ भी आरोप लगाए हैं। जेनिफर के अनुसार सोहेल रमानी और जतिन बजाज के दुर्व्यवहार के कारण उन्हें शो छोड़ना पड़ा। यही नहीं, उन्होंने शो के प्रोड्यूसर असित मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने कई बार उनका यौन उत्पीड़न किया।

उन्होंने यह भी कहा है कि जब वह साल 2019 में टीम शूटिंग के सिलसिले में सिंगापुर गई थी। उस वक्त असित बार-बार कॉल कर अपने कमरे में बुलाते थे। शादी की सालगिरह वाली रात भी असित ने फोन किया था और कहा था कि अब सालगिरह मनाया जा चुका है कोई गिल्ट भी नहीं होगी। ‘आज तक’ के अनुसार, जेनिफर से एक बार असित मोदी ने कहा था कि तुम बहुत सुंदर लगती हो। मन करता है कि तुम्हें पकड़कर किस कर लूँ।

एक्ट्रेस ने कहा, “एक बार असित मोदी ने कहा- रात को तुम्हारी रूम पार्टनर नहीं है तो आ जाओ मेरे रूम में व्हिस्की पीते हैं। जब लगा कि दाल नहीं गलने वाली, तो मुझे कम स्क्रीन स्पेस मिलने लगी। पिछले साल भी असित मोदी को जब मैंने छुट्टी के लिए फोन किया तो उन्होंने मुझे कहा रो मत, पास होती तो हग करता, फ्लर्ट करता।” बकौल जेनिफर फ्लर्ट करने के बाद असित मोदी कहते थे कि मैं मजाक कर रहा था। लेकिन बाद में अभिनेत्री के वकील ने उन्हें समझाया कि चुप रहना सही नहीं होगा और उन्हें इस मामले को उठाना चाहिए।

जेनिफर के अनुसार एक बार असित ने सेट पर ही गेट बंद कर उन्हें रोकने की कोशिश की थी। इस बारे में एक महीने पहले प्राधिकरण को शिकायत की गई है। फिलहाल प्राधिकरण की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। जेनिफर को उम्मीद है कि उन्हें न्याय जरूर मिलेगा। अभिनेत्री का कहना है अब वो इसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगी। पहले काम खोने के डर से वे चुप थीं।

हर हत्या पर ₹1 करोड़, ‘वारिस पंजाब दे’ के सरगना अमृतपाल सिंह के घर में पनाह: दिल्ली में पकड़े गए आतंकियों से ISI ने किया था वादा

दिल्ली के जहाँगीरपुरी से जनवरी 2023 में गिरफ्तार किए गए आंतकी नौशाद और जगजीत सिंह जस्सा उर्फ याकूब बड़े नेताओं एवं साधुओं की हत्या कर खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के यहाँ छिपने वाले थे। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने इन दोनों को हर टारगेट किलिंग के लिए एक से डेढ़ करोड़ रुपए देने की बात कही थी।

भलस्वा डेयरी इलाके में हिंदू युवक राज कुमार की गला रेतकर हत्या और उसके शरीर को 8 टुकड़ों में बाँटकर दोनों ने पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं को डेमो भेजा था। इसके बाद दोनों को टारगेट किलिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। दिल्ली पुलिस ने अपनी चार्जशीट में इसका खुलासा किया है।

पुलिस ने अपनी चार्जशीट में कहा कि ISI ने दोनों को हत्या के बाद फिलहाल गिरफ्तार ‘वारिस पंजाब दे’ के मुखिया अमृतपाल के घर छिपाने का वादा किया था। चार्जशीट में कहा गया है कि अमृतपाल के घर पर सख्त पहरा रहता है और पुलिस भी उसके घर नहीं घुस सकती थी।

ISI की K2 (कश्मीर-खालिस्तान) डेस्क ने पंजाब में शिवसेना, बजरंग दल सहित अन्य हिंदू संगठनों के नेता और कॉन्ग्रेस के भी एक बड़े नेता की हिट लिस्ट बनाई थी। ISI इनकी हत्या के जरिए देश में दंगे कराना चाहती थी और हिंदुओं और सिखों के बीच में अविश्वास को पैदा करना चाहती थी, ताकि खालिस्तानी आतंकवाद को नए सिरे से हवा दी जा सके।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दोनों आतंकियों- 29 साल के जगजीत सिंह जस्सा उर्फ याकूब (29) और 56 साल के नौशाद के खिलाफ अनलॉफुल ऐक्टिविटीज (प्रिवेंशन) ऐक्ट (UAPA) के तहत बुधवार (10 मई 2023) को चार्जशीट दाखिल की।

निशाने पर थे हिंदू नेता

शिवसेना के एक नेता को मारने के लिए उन्हें एक करोड़ रुपए देने का वादा किया गया था। वहीं, कॉन्ग्रेस के एक नेता की हत्या पर उन्हें 1.5 करोड़ रुपए मिलने वाले थे। इसके अलावा बजरंग दल के एक नेता और एक खालिस्तान-विरोधी बड़े चेहरे की हत्या पर भी उन्हें डेढ़-डेढ़ करोड़ रुपयए देने का वादा किया गया था।

बजरंग दल के नेता की हत्या के लिए नौशाद को हवाला के जरिए 2 लाख रुपए अडवांस में दिए गए थे। इसके अलावा, इन दोनों को हरिद्वार में दो साधुओं की भी हत्या करने का काम सौंपा गया था। लाल किले पर तैनात सुरक्षाकर्मी को गोली मारने और ग्रेनेड से हमला करने के लिए कहा गया था। ISI ने उन्हें हैंड ग्रेनेड भी मुहैया कराए थे। पुलिस ने उसे बरामद कर लिया है।

दिल्ली पुलिस के पास इन दोनों आतंकियों और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के बीच हुए चैट का डीटेल है। चैट के मुताबिक, पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी का के-2 (कश्मीर-खालिस्तान) डेस्क इन दोनों आतंकियों के बर्बर कारनामे से बहुत प्रभावित था और इनके माध्यम से वह देश में टारगेट किलिंग को अंजाम देना चाहता था।

लाल किले के हमलावर के संपर्क में थे दोनों

दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल के आरोप पत्र में कहा गया है कि नौशाद पाकिस्तान में बैठे ISI के हैंडलर और लश्कर के आतंकी सोहेल के संपर्क में था। वहीं, जगजीत विदेश में बैठे गैंगस्टर और खालिस्तान समर्थक आतंकी अर्श डल्ला के संपर्क में था।

मोहम्मद सोहेल को साल 2000 में लाल किले पर हुए हमले के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उसे तिहाड़ जेल में बंद किया गया था। उसी जेल में नौशाद भी बंद था। वहीं पर दोनों की मुलाकात हुई थी। साल 2013 में सोहेल रिहा हुआ और पाकिस्तान भाग गया। वह वहीं रहकर कर भारत के खिलाफ काम करने लगा।

इसके अलावा, दोनों आतंकी पाकिस्तान में स्थित आतंकी संगठन हरकत उल अंसार के नज़ीर भट, नासिर खान, नज़ीर खान और हिजबुल मुजाहिद्दीन के नदीम के संपर्क में भी थे। इन सभी को ISI के निर्देश पर काम करने को कहा जाता था। 56 वर्षीय नौशाद और 29 वर्षीय जगजीत पाकिस्तान द्वारा दिए गए टारगेट कीलिंग को अंजाम देने के करीब पहुँच गए थे।

हरकत उल अंसार का सदस्य नौशाद

नाैशाद हरकत उल अंसार का सदस्य है। वह दो हत्या के मामले में शामिल था। इसमें उसे उम्रकैद की सजा मिल चुकी है। इसके अलावा उसे बम धमाके के मामले में भी 10 वर्ष की सजा हुई है। वहीं, जगजीत सिंह बंबीहा गैंग का सदस्य है। हत्या के मामले में पैरोल जंप भी कर चुका है। 

ISI ने जब दोनों को यह सौंपा था तो नौशाद और जगजीत ने अपने हैंडलर का भरोसा जीतने के लिए एक हत्या को अंजाम दिया और उसका वीडियो पाकिस्तान भेज दिया। दोनों राजकुमार उर्फ राजा नाम के हिंदू लड़के का अपहरण करके उसे भलस्वा डेयरी ले गए। दोनों ने वहाँ पर उसका गला रेता और उसके शरीर को 8 टुकड़ों में काटा। इसका वीडियो पाकिस्तान भेजा। राजा के हाथ पर भगवान शिव का टैटू बना हुआ था। इसी के माध्यम से उन्होंने उसके हिंदू होने की पहचान की थी।

गिरफ्तारी के बाद इन दोनों के मोबाइल फोन से युवक का सिर कलम करने और उसके शरीर के टुकड़े करने वाला वीडियो मिला था। इसके अलावा, विदेश में बैठे हैंडलर को वीडियो भेजने और सिग्नल पर उससे चैट करने का डिटेल भी मिला था। पुलिस के अनुसार, हल्द्वानी जेल में बंद रहने के बाद दोनों एक-दूसरे के संपर्क में आए थे। दोनों को पिछले साल अप्रैल-मई में परोल पर छोड़ा गया था। इसके बाद वे अपने काम में लग गए थे।

बंगाल में 36000 शिक्षकों की भर्ती रद्द: ममता सरकार के ‘जॉब स्कैम’ पर कलकत्ता हाईकोर्ट का फैसला, कहा- 3 महीने में नए सिरे से करो बहाली

कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल की TMC सरकार को बड़ा झटका दिया है। उच्च न्यायालय ने 36,000 प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती को रद्द कर दिया है। न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय ने ये फैसला सुनाया। जिन शिक्षकों की भर्ती रद्द की गई है, वो अप्रशिक्षित हैं। हालाँकि, हाईकोर्ट ने उन्हें थोड़ी राहत देते हुए कहा है कि अगले 4 महीने वो स्कूल जाकर ड्यूटी तो कर सकते हैं, लेकिन वेतन उन्हें पैरा-शिक्षक के बरबाद का ही मिलेगा।

साथ ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार को आदेश दिया गया है कि वो अगले 3 महीने में नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया पूरी करे। जिन लोगों की नौकरी रद्द की गई है, उन्हें भी पूरी छूट दी गई है कि वो नई भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लें। लेकिन, ये उनके लिए मान्य होगा जिन्होंने पहले ही प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया है। उधर राज्य शिक्षा परिषद के अध्यक्ष गौतम पॉल ने कहा है कि वो संस्था के माध्यम से उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने जा रहे हैं।

साथ ही 2016 की प्राथमिक शिक्षा नियुक्ति के पैनल को भी निरस्त किए जाने का आदेश दिया गया है। 140 आवेदकों ने वकील तरुणज्योति तिवारी के माध्यम से हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। उनका मानना है कि भर्ती प्रक्रिया में कई खामियाँ हैं और कई अप्रशिक्षितों को नौकरी मिल गई है। ये भी आरोप है कि इस भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। बिना एप्टीट्यूट टेस्ट के नौकरी दिए जाने की बात भी कही जा रही है।

कुल 42,500 शिक्षकों को भर्ती किया गया था, जिनमें 36,000 अप्रशिक्षित थे। हाईकोर्ट ने 2016 के अप्रशिक्षित शिक्षकों को 2 साल का प्रशिक्षक दिए जाने का भी आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने यहाँ तक कहा कि अगर राज्य सरकार भर्ती प्रक्रिया के खर्च को वहन करने में सक्षम नहीं है तो वो प्रारंभिक शिक्षा बोर्ड बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष माणिक भट्टाचार्य से रुपए ले सकती है। उसे ही पैसे लेकर भर्ती करने का मुख्य मास्टरमाइंड पाया गया थ

मोर ही नहीं, सालन-मुर्गी-रूह अफजा-स्ट्राबेरी-मिठाई भी कोर कमांडर के घर से लूटकर ले गए इमरान खान के समर्थक: Video में गिड़गिड़ाते दिखे

पाकिस्तान में इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद शुरू हुई हिंसा की तस्वीरें लगातार सोशल मीडिया पर हमें देखने को मिल रही है। इस बीच एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें पाकिस्तानी सेना के कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल सलमान गनी के घर में घुसकर उसे लोग लूट रहे हैं। वहीं सलमान गनी उनके आगे लाचार अवस्था में गिड़गिड़ाते नजर आ रहे हैं।

वायरल वीडियो में देख सकते हैं कि सलमान के घर में कई इमरान समर्थक घुसे हुए हैं और वो कैजुअल कपड़ों में एक किनारे खड़े होकर बस उन्हें समझा रहे हैं। वीडियो में आगे कॉर्प्स (कोर) कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल को गिड़गिड़ाते, भीड़ के आगे हाथ जोड़ते हुए हुए भी देखा जा सकता था। वे बार-बार उन लोगों से गुजारिश कर रहे हैं कि वो सब बाहर चले जाएँ मगर कोई उस जगह से हिलने को तैयार नहीं है।

बताया ये भी जा रहा है कि सलमान गनी के घर में घुसने के बाद पीटीआई समर्थकों ने उसे लूटा। उनके घर से न केल सालन, मुर्गी, मोर को चुराया गया बल्कि घर में रखा रूह आफजा, स्ट्राबेरी और दूसरी कई मिठाइयों को भी लूटकर लिया गया। इतना ही नहीं इन उपद्रवियों ने कमांडर के घर के बाहर एक पुरानी तोप खड़ी थी ये लोग उसे भी घसीटकर अपने साथ ले गए।

डेली पाकिस्तान के अनुसार, लाहौर में पीटीआई समर्थकों द्वारा हमले के बाद कॉर्प्स कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल को हेडक्वार्टर में ट्रांसफर कर दिया गया है। इसके मुताबिक आर्मी स्टाफ के चीफ जनरल सैयद आसिम मुनीर ने घटना पर संज्ञान लेते हुए उनका ट्रांसफर कर दिया है।

वहीं सेना के रिटायर्ड मेजर आदिल राजा ने कहा है कि सलमान गनी को बर्खास्त किया गया है। उन पर 9 मई को हुई हिंसा के दौरान आदेशों को मानने से इनकार करने का आरोप है। आदिल राजा के अनुसार, ब्रिगेड कमांडर और एक इन्फेंट्री यूनिट सीओ को भी बर्खास्त किया गया है।

हालाँकि इन सस्पेंशन पर फिलहाल पाकिस्तानी सेना ने कोई बयान नहीं जारी किया है। लाहौर कॉर्प्स का कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद फैयाज को अप्वाइंट किया गया है।

ज्ञानवापी का शिवलिंग कितना पुराना? इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कार्बन डेटिंग का दिया आदेश, ASI से कहा नुकसान न पहुँचे

उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित ज्ञानवापी ढाँचे में मिले शिवलिंग कितना पुराना है, इसका अब खुलासा हो जाएगा। मस्जिद कमिटी इस शिवलिंग को फव्वारा बताता है और कहता है कि इसे मुगलों ने बनवाया था। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शिवलिंग ने कार्बन डेटिंग कराने के लिए कहा है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ज्ञानवापी परिसर में सर्वे के दौरान मिले शिवलिंग की कार्बन डेटिंग एवं साइंटिफिक सर्वे की माँग में दाखिल याचिका स्वीकार कर ली है। याचिका स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वे (ASI) को बिना शिवलिंग को किसी तरह की क्षति पहुँचाए बिना कार्बन डेटिंग कराने का आदेश दिया है।

इससे पहले वाराणसी की निचली अदालत ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा उस जगह पर यथास्थिति बनाए रखने के आदेश के चलते कार्बन डेटिंग जाँच कराने से इनकार कर दिया था। निचली अदालत के इस फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट ने वाराणसी की अदालत के आदेश को पलट दिया।

हाईकोर्ट ने भारत सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता मनोज कुमार सिंह से पूछा था कि शिवलिंग को नुकसान पहुँचाए बिना कार्बन डेटिंग से जाँच की जा सकती है या नहीं, क्योंकि इससे शिवलिंग की आयु का पता चलेगा। इस पर ASI ने कहा बिना किसी नुकसान के शिवलिंग की कार्बन डेटिंग जाँच की जा सकती है।

दरअसल, ज्ञानवापी परिसर में सर्वे के दौरान 16 मई 2022 को शिवलिंग मिला था। इस शिवलिंग की ASI से साइंटिफिक सर्वे कराने की माँग को लेकर वाराणसी की जिला अदालत में वाद दाखिल किया गया था। हालाँकि, कोर्ट ने 14 अक्टूबर 2022 को इसे खारिज कर दिया। इसके बाद इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।

CM योगी ने कैबिनेट के साथ देखी द केरल स्टोरी: 7 दिन में फिल्म ने किया ₹82 करोड़ का कलेक्शन, 40 और देशों में रिलीज

बॉलीवुड की फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ ने सिनेमा घरों में अपना एक हफ्ता पूरा कर लिया है। 5 मई 2023 को रिलीज हुई फिल्म पहले ही हफ्ते में सुपरहिट हो चुकी है। फिल्म ने देश में अब तक 80 करोड़ रुपए से अधिक की कमाई कर ली है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे कैबिनेट के साथ लखनऊ के लोकभवन में ‘द केरल स्टोरी’फिल्म देखी। इस बात की जानकारी उन्होंने खुद सोशल मीडिया पर दी।

लखनऊ लोकभवन में द केरला स्टोरी की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई थी। फिल्म देखने के बाद सीएम योगी ने ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, “आज अपने मंत्रिमंडल के माननीय सदस्यों के साथ स्पेशल स्क्रीनिंग में ‘The Kerala Story’ फिल्म देखी। इस फिल्म से जुड़े सभी लोगों का हार्दिक अभिनंदन एवं उन्हें शुभकामनाएँ।”

बता दें कि इस फिल्म को लेकर जमकर राजनीति भी हो रही है यही कारण है कि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल राज्यों में फिल्म को बैन कर दिया गया। जबकि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और हरियाणा में इस फिल्म को टैक्स फ्री कर दिया गया है। बुधवार (10 मई) को The Kerala Story फिल्म की टीम ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार मुलाकात की थी।

केरल में महिलाओं के धर्मांतरण और उन्‍हें ISIS जैसे आतंकी संगठन में भर्ती किए जाने की साजिश पर बनी फिल्म विवादों के बावजूद बॉक्स ऑफिस पर अच्छा कलेक्शन कर रही है। फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर अब तक 81.36 करोड़ रुपए की नेट कमाई की है। उम्मीद जाहिर की जा रही है कि फिल्म जल्दी ही 100 करोड़ के क्लब में शामिल हो जाएगी। फिल्म का बजट मात्र 15 करोड़ है। बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर नजर डालें तो यह ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर बनती नजर आ रही है।

द केरल स्टोरी की कामयाबी से फिल्म के डायरेक्टर सुदिप्तो सेन भी उत्साहित हैं। उन्होंने ट्वीट कर बताया कि फिल्म को देश में 6000,000 से ज्यादा लोग देख चुके हैं। द केरल स्टोरी के डायरेक्टर ने यह भी जानकारी दी कि फिल्म शुक्रवार (12 मई) को 40 से ज्यादा देशों में रिलीज हो रही है। यानी इसे देखने वालों की संख्या में वृद्धि होती रहेगी। सुदिप्तो ने लिखा कि लोगों का आशीर्वाद, प्रेम और प्रशंसा हमें अभिभूत करेगा। इसके साथ ही हम और ज्यादा जिम्मेदार और विनम्र महसूस करेंगे।

6 महिला+3 बच्चे… टोटल 22 को केरल से ISIS में भेजा, शौहर ने 40 का किया ब्रेन वाॅशः जेहादन यास्मीन मोहम्मद जाहिद को जानते हैं आप

फिल्म ‘The Kerala Story’ का वामपंथी और इस्लामी कट्टरपंथी खासा विरोध कर रहे हैं। कैसे हिन्दू महिलाओं को फँसा कर उनका इस्लामी धर्मांतरण करा दिया जाता है और फिर उन्हें ISIS के पास भेज कर आतंकियों का सेक्स स्लेव बना दिया जाता है, ये इस फिल्म में दिखाया गया है। महिलाओं का ब्रेनवॉश कर के उन्हें आतंकी संगठनों में भर्ती भी करा दिया जाता है। केरल में इस तरह की कई घटनाएँ सामने आ चुकी हैं।

पिछले कुछ वर्षों में ऐसी ख़बरें भी सामने आई हैं, जब बताया गया कि केरल के दर्जनों लोग ISIS में भर्ती होने के लिए सीरिया गए। ‘The Kerala Story’ में आपको ‘आसिफा’ वाला किरदार दिखा होगा, जिसे सोनिया बलानी ने निभाया है। वो किस तरह कॉलेजों में जाकर हिन्दू लड़कियों को उनके धर्म के प्रति नीचा दिखाती है और उन्हें इस्लाम के बारे में बता-बता कर मुस्लिम बनने को ब्रेनवॉश कर देती है। मार्च 2018 में केरल में ऐसी ही एक आतंकी भर्ती करने वाली का नाम सामने आया था।

तब केरल के कोच्चि में ‘राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA)’ की अदालत ने यास्मीन मोहम्मद ज़ाहिद नाम की एक महिला को 7 साल की सज़ा सुनाई थी। यासीम मोहम्मद ज़ाहिद ने केरल से कइयों का ब्रेनवॉश कर उन्हें ISIS में भर्ती कराया था। उसे 30 जुलाई, 2016 को नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से तब गिरफ्तार किया गया था, तब वो अपने बालिग बच्चे के साथ अफगानिस्तान की राजधानी काबुल भागने की फिराक में थी। वहाँ वो आतंकी अब्दुल राशिद के पास जा रही थी।

उसने 2016 में ही पूछताछ के दौरान बताया था कि तब तक 6 महिलाओं और 3 बच्चों समेत केरल के 22 लोगों को उसने ISIS में शामिल किया था। अफगानिस्तान के कई इलाके ISIS के नियंत्रण में थे, जहाँ इन्हें भेजा जाता था। उसने दावा किया था कि अब्दुल राशिद तब तक केरल में 40 युवाओं का ब्रेनवॉश कर चुका था। खुद यास्मीन भी अब्दुल राशिद और उसकी बीवी आयशा की मजहबी कक्षाओं में जाती थी, जहाँ उसे ‘हिज्र’, ‘जिहाद’ और ISIS के बारे में बताया गया था।

यास्मीन को अब्दुल पैसे भी भेजता था, जिससे वो अफगानिस्तान के लिए हवाई टिकट्स की व्यवस्था करती थी। यास्मीन मूल रूप से सऊदी अरब की है, जो 2011 के आसपास अपने शौहर सैयद अहमद के साथ केरल आई थी। मल्ल्पुरम स्थित ‘पीस इंटरनेशनल स्कूल’ में उसने नौकरी शुरू की थी। यास्मीन पर आरोप था कि उसने अकेले कासरगोड जिले से 15 लोगों को आतंकी संगठन ISIS में भर्ती कराया गया था। केरल पुलिस ने इसे मिसिंग कंप्लेंट के रूप में लिया था, लेकिन जाँच में NIA के सामने आने के बाद असली मामला खुला था। यास्मीन ने मुख्य खुलासे किए थे:

  • केरल से लोगों को ISIS में भर्ती करा कर उन्हें बेंगलुरु, हैदराबाद और मुंबई एयरपोर्ट्स से कुवैत, दुबई, मस्कट और अबुधाबी भेजा गया था। वहाँ से उन्हें ईरान के जरिए अफगानिस्तान भेजा जाता था।
  • 3 मई, 2016 को उसने फोन पर ही अब्दुल राशिद से निकाह कर लिया था।
  • राशिद उससे टेलीग्राम के जरिए फोन कॉल करता था। ये लोग ISIS सरगना अबू बकर अल बगदादी के समर्थन में खलीफा का राज स्थापित करने का लक्ष्य लेकर चल रहे थे।
  • जुलाई 2016 में राशिद ने उसे बताया था कि उसके द्वारा भेजे गए लोग अफगानिस्तान में ISIS के इलाके में पहुँच गए हैं।
  • राशिद ने अपनी पहली बीवी आयशा के नाम से ATM कार्ड बनवा कर यास्मीन को दिया था। जुलाई 2016 के मध्य में उसे 1.5 लाख रुपए भी भेजे गए थे।

उसके द्वारा ISIS में भर्ती कराए गए कुछ लोग तो आतंकी संगठन की तरफ से लड़ते हुए मारे भी गए थे। NIA 2016 में इस मामले के अलावा इस तरह के 6 अन्य मामलों की भी जाँच कर रही थी, जो केरल से ही संबंधित था। अब जब ‘The Kerala Story’ में राज्य में चल रहे ऐसे कांडों के बारे में बताया गया है, तो इस्लामी कट्टरपंथी इसका विरोध करने में लगे हैं। केरल में इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा सिर उठाने और वहाँ ISIS के प्रभाव बढ़ने की बातें पहले भी आ चुकी है।

PTI चीफ इमरान खान को सभी मामलों में अगले 5 दिनों तक राहत, गिरफ्तारी पर रोक: पूर्व PM बोले- NAB अधिकारियों ने बुशरा बीबी से कराई थी बात

पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट द्वारा गिरफ्तारी को अवैध ठहराए जाने के अगले दिन यानी शुक्रवार (12 मई 2023) को इस्लामाबाद हाईकोर्ट (IHC) ने PTI चीफ इमरान खान को दो सप्ताह की जमानत दे दी। यह मामला अल-कादिर ट्रस्ट से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा, IHC ने इमरान खान के खिलाफ दर्ज सभी मामलों में उनकी गिरफ्तारी पर 17 मई तक रोक लगा दी।

इस्लामाबाद हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को बुधवार (17 मई 2023) तक किसी भी मामले में पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकेगी। बता दें कि इमरान खान ने दावा किया है कि शहबाज शरीफ की सरकार ने उनके खिलाफ 145 मामले दर्ज किए हैं।

वहीं, इमरान खान के वकीलों ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट में चार अतिरिक्त याचिकाएँ भी दायर की थीं। इनमें हाईकोर्ट से इमरान खान के खिलाफ दर्ज सभी मामलों को एक साथ जोड़ने का आग्रह किया था। इसके साथ ही याचिका में यह कहा गया था कि अधिकारियों को निर्देश दिया जाए कि उनके खिलाफ दर्ज मामलों का डिटेल उन्हें दी जाए।

पत्रकारों से बात करते हुए इमरान खान ने कहा कि उन्हें गिरफ्तार करने वाली एजेंसी NAB के अधिकारियों ने उनके साथ ‘ठीक’ व्यवहार किया, लेकिन गिरफ्तारी के दौरान उनके सिर पर थोड़ी चोट लग गई थी। उन्होंने आगे कहा, “मैं अपनी बीवी बुशरा बीबी से संपर्क नहीं कर पा रहा था। मैंने एनएबी टीम से कहा कि मुझे बात करने दें। उन्होंने मुझे बुशरा बीबी से लैंडलाइन पर बात करने दी।”

बता दें कि पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (11 मई 2023) को इमरान खान की गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए उन्हें तुरंत रिहा करने का आदेश दिया था। इमरान खान को इस्लामाबाद हाईकोर्ट से ही गिरफ्तार कर लिया गया था। उस वक्त IHC ने इस गिरफ्तारी को वैध बताया था।

सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान को रिहा करते हुए कहा था कि उन्हें पुलिस लाइंस गेस्ट हाउस में रखा जाएगा, लेकिन उन्हें कैदी नहीं माना जाएगा। पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश (CJP) उमर अता बंडियाल ने पुलिस प्रमुख को निर्देश देते हुए कहा, “सरकार को इमरान खान की सुरक्षा की गारंटी देनी होगी।”

इमरान खान की गिरफ्तारी के मामले पर CJP के अलावा जस्टिस मुहम्मद अली मजहर और जस्टिस अतहर मिनल्लाह वाली तीन सदस्यीय बेंच ने सुनवाई की। जब इमरान खान तीन सदस्यीय कोर्ट के सामने पेश हुए तो पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश उमर अता बांदियाल ने कहा, “आपको देखकर अच्छा लगा।”