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‘बड़ी सुंदर लग रही हो, मन कर रहा पकड़कर किस कर लूँ’: तारक मेहता का उलटा चश्मा की ‘रोशन भाभी’ ने दर्ज कराया यौन शोषण का केस, बोले असित मोदी- फँसा रही है

चर्चित कॉमेडी शो ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा (TMKOC)’ से जुड़े विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहे है। एक-एक कर शो से एक्टर बाहर हो रहे हैं। इनमें रोशन सिंह सोढ़ी की पत्नी ‘रोशन भाभी’ का किरदार निभाने वाली जेनिफर मिस्त्री बंसीवाल (Jennifer Mistry Bansiwal) भी हैं। उन्होंने शो के निर्माता असित मोदी (Asit Modi) के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया है।

करीब डेढ़ दशक तक शो से जुड़े रहने के बाद जेनिफर ने इसी साल मार्च में खुद को इस प्रोजेक्ट से अलग कर लिया था। अब मीडिया से बातचीत में उन्होंने असित मोदी और प्रोजेक्ट से जुड़े अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हालाँकि असित मोदी ने इन आरोपों को बकवास और आधारहीन बताया है। कहा है कि जेनिफर उन्हें फँसा रही हैं। शो और उनको बदनाम करने की नीयत से आरोप लगा रही है।

जेनिफर ने असित मोदी के अलावा शो के एक्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर जतिन बजाज और प्रोजेक्ट हेड सोहेल रमानी के खिलाफ भी आरोप लगाए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक जेनिफर ने अपना आखिरी एपिसोड 6 मार्च 2023 को ही शूट किया था। जेनिफर के अनुसार सोहेल रमानी और जतिन बजाज के दुर्व्यवहार के कारण उन्हें शो छोड़ना पड़ा।

ई-टाइम्स से बातचीत करते हुए जेनिफर ने कहा, “7 मार्च को होली का त्योहार और मेरी शादी की सालगिरह थी। मैंने पहले ही बता दिया था कि मुझे आधा दिन चाहिए क्योंकि मेरी बेटी इस दिन को लेकर बहुत उत्साहित थी। मैंने प्रोड्यूसर्स से निवेदन किया कि कम से कम दो घंटे का ब्रेक जरूर दें लेकिन वे मेल आर्टिस्ट्स की टाइमिंग एडजस्ट कर रहे थे। बार-बार रिक्वेस्ट करने पर भी मेरी बात नहीं मानी। यह जगह (सेट) पुरुष प्रधान है।”

जेनिफर ने आगे कहा, “जब मैंने जाने को लेकर अपनी मजबूरी बताई तो सोहेल ने मेरे साथ बदसलूकी की और चार बार शो छोड़ने के लिए कहा। फिर क्रिएटिव पर्सन जतिन ने मेरी कार को रोकने की कोशिश की। सब कुछ सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड है।” जेनिफर का दावा है कि सोहेल ने उन्हें एक पत्र भेजा था जिसमें कहा गया था कि वह 7 मार्च को जल्दी चली गईं जिससे शो को नुकसान हुआ। जेनिफर ने कहा है कि सेट पर प्रोग्राम के कलाकारों के साथ बंधुआ मजदूरों की तरह व्यवहार किया जाता है।

इसके बाद जेनिफर ने सबसे चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने कहा कि शो के निर्माता असित मोदी ने कई बार उनका यौन उत्पीड़न किया है। उन्होंने कहा कहा कि 2019 में टीम शूटिंग के सिलसिले में सिंगापुर गई थी। उस वक्त असित बार-बार कॉल कर अपने कमरे में बुलाते थे। शादी की सालगिरह वाली रात भी असित ने फोन किया था और कहा था कि अब सालगिरह मनाया जा चुका है कोई गिल्ट भी नहीं होगी। आज तक के अनुसार जेनिफर से एक बार असित मोदी ने कहा था कि तुम बहुत सुंदर लगती हो। मन करता है कि तुम्हें पकड़कर किस कर लूँ।

एक्ट्रेस ने कहा, “एक बार असित मोदी ने कहा- रात को तुम्हारी रूम पार्टनर नहीं है तो आ जाओ मेरे रूम में व्हिस्की पीते हैं। जब लगा कि दाल नहीं गलने वाली, तो मुझे कम स्क्रीन स्पेस मिलने लगी। पिछले साल भी असित मोदी को जब मैंने छुट्टी के लिए फोन किया तो उन्होंने मुझे कहा रो मत, पास होती तो हग करता, फ्लर्ट करता।” बकौल जेनिफर फ्लर्ट करने के बाद असित मोदी कहते थे कि मैं मजाक कर रहा था। लेकिन बाद में अभिनेत्री के वकील ने उन्हें समझाया कि चुप रहना सही नहीं होगा और उन्हें इस मामले को उठाना चाहिए।

जेनिफर के अनुसार एक बार असित ने सेट पर ही गेट बंद कर उन्हें रोकने की कोशिश की थी। इस बारे में एक महीने पहले प्राधिकरण को शिकायत की गई है। फिलहाल प्राधिकरण की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। जेनिफर को उम्मीद है कि उन्हें न्याय जरूर मिलेगा। अभिनेत्री का कहना है अब वो इसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगी। पहले काम खोने के डर से वे चुप थीं।

‘ऐसा लगा ये तो मेरे साथ हो चुका है’ : द केरल स्टोरी देखने के बाद युवती को याद आए ‘कॉलेज के दिन’, बोलीं- मेरा भी ब्रेनवॉश हुआ था, इस्लाम की तरफ लगी थी झुकने

द केरल स्टोरी को ‘प्रोपेगेंडा’ बताकर बैन करने की माँग कई राज्यों में वामपंथियों और कट्टरपंथियों द्वारा की जा रही है, लेकिन हकीकत यह है कि इस फिल्म के रिलीज के बाद ऐसी लड़कियाँ सामने आई हैं जो अपने साथ घटित पुरानी घटनाओं को इसके दृश्यों से जोड़ पा रही हैं और खुलकर बता रही हैं कि कैसे उन्हें भी कभी न कभी किसी ने एक मजहब की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया।

एक वीडियो सामने आई है जिसमें माही त्यागी नाम की युवती केरल स्टोरी देखने के बाद ‘O news हिंदी’ के रिपोर्टर को बता रही हैं कि इस फिल्म में सच्चाई दिखाई गई है और हर लड़की को इसे देखना चाहिए। वीडियो में 3 मिनट 22 सेकेंड के स्लॉट के बाद देख सकते हैं कि माही कहती हैं कि ये फिल्म कहीं से भी कोई प्रोपेगेंडा नहीं है, जो राज्य की दिक्कत है, वो दिक्कत है, उसी को फिल्म में दिखाया गया है, ये प्रोपेगेंडा कैसे हो सकता है।

माही कहती हैं फिल्म में बस ये दिखाया गया है कि हम लोग अपने धर्म से वाकिफ नहीं हैं इसलिए कोई भी ब्रेनवॉश कर सकता है। आगे वह कहती हैं, “सच बताऊँ तो कॉलेज में मेरा भी बहुत ब्रेनवॉश हुआ और मैं इस्लाम के प्रति थोड़ा बहुत झुक भी गई थी। मुझे वो (सीन) देखकर लगा कि हाँ ये तो वही सीन है जो मेरे साथ भी हुआ है तो मुझे लगा कि सही है। आपको कल्चर के बारे में सिखाया जाना चाहिए कि आप कैसे अपनी धार्मिक जड़ों से जुड़े रहें। अगर आप धर्म नहीं सिखाएँगे तो फिर बच्चों को यह सब कोई और सिखा देगा।”

युवती जोर देकर कहती हैं कि इस तरह इन्फ्लुएंस करने का काम हर कॉलेज में हो रहा है। लोग अपने अपने मजहब के बारे में बताते हैं लेकिन जब आपको अपने धर्म का ही नहीं पता तो आप काउंटर कैसे करोगे। उन्होंने कहा कि फिल्म में जिस उम्र में लड़कियों का ब्रेनवॉश होते दिखाया गया है, उस उम्र में ऐसा करना बहुत आसान होता है। कॉलेज में बच्चों के पास धर्म की जानकारी नहीं होती। ऊपर से हॉस्टल लाइफ में उसे तमाम तरह की चीजें प्रभावित करती हैं। माता-पिता से दूर एक आजादी पाकर बच्चे अपने ग्रुप से प्रभावित होते हैं और फिर उनका ब्रेनवॉश आसान हो जाता हैय़

बता दें कि द केरल स्टोरी को देखने के बाद थिएटर से बाहर आते दर्शक यही प्रतिक्रिया देते दिख रहे हैं कि ये फिल्म हर लड़की और हर युवा द्वारा देखी जानी चाहिए, ताकि इसका जो मूल उद्देश्य है वो पूरा हो सके। फिल्म के माध्यम से यह दिखाना बिलकुल गलत नहीं है कि हिंदुओं को अपने धर्म का ज्ञान होना चाहिए। माही त्यागी कहती हैं कि वो दौर चला गया जब लव-शव वाली फिल्मों में लोगों का इंटरेस्ट होता था। आज वो समय बदल गया है। लोग हकीकत आधारित कहानियाँ देखना चाहते हैं।

बिना हेलमेट स्कूटर पर महिला मित्र के साथ सवारी, पत्नी के पास पहुँच गया AI कैमरे का फोटो और चालान: केरल में पति को जाना पड़ा जेल

केरल का तिरुवनंतपुरम। एक व्यक्ति स्कूटर से जा रहा था। हेलमेट उसने पहनी नहीं थी। साथ में एक महिला थी। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) से लैस ट्रैफिक पुलिस के कैमरों ने उसे बिना हेलमेट पकड़ लिया। चालान काटा और रजिस्टर्ड नंबर पर फोटो के साथ भेज दिया। आप कहेंगे यह तो सामान्य बात है। इसमें खबर क्या है।

पर यह सामान्य घटना इसलिए खबर बन गई क्योंकि वह व्यक्ति जिस स्कूटर पर सवारी कर रहा था, वह उसकी पत्नी के नाम से रजिस्टर्ड है। इसलिए चालान और फोटो उसकी पत्नी के मोबाइल नंबर पर गया। इसके बाद पति-पत्नी में ऐसा विवाद हुआ कि पहले कथित तौर पर मारपीट हुई। फिर पुलिस केस। आखिरकार पति को जेल जाना पड़ा।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक इडुक्की का रहने वाला यह व्यक्ति तिरुवनंतपुरम के एक कपड़ा दुकान में काम करता है। 25 अप्रैल 2023 को वह स्कूटर पर बिना हेलमेट लगाए अपनी महिला मित्र के साथ कहीं जा रहा था। वाहन का पंजीकरण उसकी पत्नी के नाम पर है। ऐसे में यातायात उल्लंघन का चालान तस्वीर के साथ पत्नी के मोबाइल फोन पर भेजा गया। तस्वीर में पति के साथ दूसरी महिला को देख पत्नी भड़क गई।

पत्नी ने अपने पति से स्कूटर पर बैठी महिला के बारे में सवाल किया। पति ने कहा कि वह महिला को नहीं जानता। उसने सिर्फ उसे लिफ्ट दिया था। पत्नी को पति के बात पर भरोसा नहीं हुआ और इस बात को लेकर उनके बीच झगड़ा हो गया। बात थाने तक जा पहुँची। 5 मई 2023 को महिला ने अपने पति के खिलाफ करमना थाने में अपने और 3 साल के बच्चे के साथ मारपीट का आरोप लगाते हुए शिकायत की।

पत्नी की शिकायत के बाद पति के खिलाफ आईपीसी की धारा 321, 341, 294 और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। रिपोर्टों के मुताबिक शख्स को कोर्ट के सामने पेश किया गया। कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

दरअसल, केरल के मोटर वाहन विभाग ने सुरक्षित केरल (Safe Kerala) परियोजना के तहत राज्यभर में यातायात नियमों (Traffic rules) के उल्लंघन पर नजर रखने के लिए एआई से लैस कैमरे लगवाए हैं। इस परियोजना को लेकर विपक्षी कॉन्ग्रेस ने केरल की विजयन सरकार पर भष्टाचार के आरोप भी लगाए हैं।

लाल किला पर अटैक, साधुओं की हत्याः दिल्ली में पकड़े गए आतंकियों को मिले टास्क का चार्जशीट से खुलासा, एक हिंदू का गला काटकर विदेशी आका को भेजा था डेमो

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस साल जनवरी में जहाँगीरपुरी से गिरफ्तार किए गए आतंकी नौशाद और जगजीत सिंह जस्सा उर्फ याकूब को लेकर बड़ा खुलासा किया है। दिल्ली पुलिस ने कहना है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर दोनों आतंकियों ने साधुओं की हत्या और लाल किले पर हमला करने की फिराक में थे।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आतंकी नौशाद और जगजीत को लाल किले पर तैनात जवानों पर फायरिंग करने और पंजाब में बजरंग दल के नेता तथा हरिद्वार में साधुओं की हत्या का टास्क दिया गया था। ISI ने बजरंग दल के नेता की हत्या के लिए दोनों आतंकियों को दो लाख रुपए भेजे थे। वे हरिद्वार में साधुओं की हत्या कर देश में दंगे फैलाना चाह रहे थे।

इस मामले में दिल्ली पुलिस ने 10 मई 2023 को पटियाला हाउस कोर्ट में गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत आरोप पत्र दाखिल किया। आरोप पत्र में कहा गया है कि नौशाद पाकिस्तान में बैठे ISI के हैंडलर और लश्कर के आतंकी सोहेल के संपर्क में था। वहीं, जगजीत विदेश में बैठे गैंगस्टर और खालिस्तान समर्थक आतंकी अर्श डल्ला के संपर्क में था।

मोहम्मद सोहेल को साल 2000 में लाल किले पर हुए हमले के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उसे तिहाड़ जेल में बंद किया गया था। उसी जेल में नौशाद भी बंद था। वहीं पर दोनों की मुलाकात हुई थी। साल 2013 में सोहेल रिहा हुआ और पाकिस्तान भाग गया। वह वहीं रहकर कर भारत के खिलाफ काम करने लगा।

इसके अलावा, दोनों आतंकी पाकिस्तान में स्थित आतंकी संगठन हरकत उल अंसार के नज़ीर भट, नासिर खान, नज़ीर खान और हिजबुल मुजाहिद्दीन के नदीम के संपर्क में भी थे। इन सभी को ISI के निर्देश पर काम करने को कहा जाता था। 56 वर्षीय नौशाद और 29 वर्षीय जगजीत पाकिस्तान द्वारा दिए गए टारगेट कीलिंग को अंजाम देने के करीब पहुँच गए थे।

नाैशाद हरकत उल अंसार का सदस्य है। वह दो हत्या के मामले में शामिल था। इसमें उसे उम्रकैद की सजा मिल चुकी है। इसके अलावा उसे बम धमाके के मामले में भी 10 वर्ष की सजा हुई है। वहीं, जगजीत सिंह बंबीहा गैंग का सदस्य है। हत्या के मामले में पैरोल जंप भी कर चुका है। 

ISI ने जब दोनों को यह सौंपा था तो नौशाद और जगजीत ने अपने हैंडलर का भरोसा जीतने के लिए एक हत्या को अंजाम दिया और उसका वीडियो पाकिस्तान भेज दिया। दोनों राजकुमार उर्फ राजा नाम के हिंदू लड़के का अपहरण करके उसे भलस्वा डेयरी ले गए। दोनों ने वहाँ पर उसका गला रेता और उसके शरीर को 8 टुकड़ों में काटा। इसका वीडियो पाकिस्तान भेजा। राजा के हाथ पर भगवान शिव का टैटू बना हुआ था। इसी के माध्यम से उन्होंने उसके हिंदू होने की पहचान की थी।

गिरफ्तारी के बाद इन दोनों के मोबाइल फोन से युवक का सिर कलम करने और उसके शरीर के टुकड़े करने वाला वीडियो मिला था। इसके अलावा, विदेश में बैठे हैंडलर को वीडियो भेजने और सिग्नल पर उससे चैट करने का डिटेल भी मिला था। पुलिस के अनुसार, हल्द्वानी जेल में बंद रहने के बाद दोनों एक-दूसरे के संपर्क में आए थे। दोनों को पिछले साल अप्रैल-मई में परोल पर छोड़ा गया था। इसके बाद वे अपने काम में लग गए थे।

पेशे से टीचर-इंजीनियर-जिम ट्रेनर… असल काम जिहाद फैलाना: MP पुलिस ने दबोचे 16 HuT आतंकी, टेरर पर एक्शन मोड में शिवराज सरकार

देश में बढ़ रहे इस्लामी कट्टरवाद पर लगाम लगाने के लिए मध्य प्रदेश की पुलिस चौकस नजर रखे हुए है। कट्टरपंथ और उग्रवाद पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की जीरो-टॉलरेंस की नीति है। इसी के तहत मध्य प्रदेश पुलिस की आतंक निरोधी दस्ते (ATS) ने हिज्ब उत् तहरीर (HuT: Hizb-Ut-Tahrir) नाम के इस्लामी कट्टरपंथी संगठन पर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है।

हिज्ब उत् तहरीर नाम का संगठन तहरीक-ए-खिलाफत के नाम से भी जाना जाता है। मध्य प्रदेश ATS ने कड़ी कार्रवाई करते हुए मंगलवार (10 मई 2023) को भोपाल के शाहजहाँनाबाद, ऐशबाग, लालघाटी और पिपलानी में रेड मार कर इसके 10 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं छिंदवाड़ा से 1 और तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से 5 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।

गिरफ्तार किए गए कट्टरपंथियों के पास से तकनीकी उपकरण, देश विरोधी दस्तावेज, कट्टरपंथी साहित्य एवं अन्य सामग्री बरामद की गई हैं। मध्य प्रदेश पुलिस ने आरोपितों पर UAPA सहित भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। ATS उनसे आगे की पूछताछ कर रही है।

कट्टरपंथियों में सॉफ्टवेयर इंजीनियर से टीचर तक शामिल

HuT के कट्टरपंथी अपने कामों को अंजाम देने के लिए आधुनिक उपकरणों का उपयोग करते थे। वे रेकी करने के लिए ड्रोन कैमरे का इस्तेमाल करते थे। गिरफ्तार किए गए आरोपितों में कंप्यूटर इंजीनियर, टेक्नीशियन, टीचर, व्यवासायी, जिम ट्रेनर, कोचिंग सेंटर संचालक, ऑटो ड्राइवर, दर्जी आदि शामिल हैं। ये सभी आम लोगों के बीच रहते हुए और अपना काम करते हुए कट्टरपंथी गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे।

भोपाल के शाहजहाँनाबाद से गिरफ्तार किया गया 29 साल का यासिर खान जिम ट्रेनर है। शहीद नगर से गिरफ्तार 32 साल का सैयद सामी रिजवी कोचिंग में टीचर है। जवाहर कॉलोनी ऐशबाग से गिरफ्तार शाहरूख दर्जी है, जबकि उसी इलाके से गिरफ्तार 29 साल का मिस्बाहुल हक मजदूरी करता है। ऐशबाग का ही शाहिद ऑटो चलाता है।

भोपाल के ही ऐशबाग का रहने वाला सैयद दानिश अली सॉफ्टवेयर इंजीनियर है, जबकि ऐशबाग का ही 25 वर्षीय मेहराज अली कंप्यूटर टेक्नीशियन है। भोपाल के लालघाटी का रहने वाला 40 साल का खालिद हुसैन टीचर और व्यवसायी है। इसके अलावा, भोपाल से ही ATS ने वसीम खान और 35 साल के मोहम्मद आलम को गिरफ्तार किया है। वहीं, छिंदवाड़ा से गिरफ्तार करीम प्राइवेट नौकरी करता था।

हिज्ब उत् तहरीर (HuT) आतंकी ऐसे करते थे काम

ATS के मुताबिक, ये सभी आरोपित गोपनीय रूप से जंगलों में जाकर क्लोज कॉम्बैट ट्रेनिंग कैंप आयोजित कर निशानेबाजी का अभ्यास करते थे। इसमें हैदराबाद से आए हुए इस्लामी कट्टरपंथी इन लोगों को ट्रेनिंग देने का काम करते थे। ये ट्रेनर अपने काम में माहिर हैं। ट्रेनिंग के अलावा, आरोपितों द्वारा गोपनीय रूप से दर्श (दीनी सभा) का आयोजन करके भड़काऊ तकरीरें दी जाती थीं। इस दौरान लोगों के बीच कट्टरपंथी और जिहादी साहित्य भी बाँटे जाते थे।

मध्य प्रदेश ATS का कहना है कि आरोपित ऐसे युवकों की पहचान करके अपने साथ शामिल करते थे, जो उग्र स्वभाव के हों और अपनी जान देने से भी ना हिचकें। सभी आरोपित आपस में बातचीत करने के लिए डार्क वेब के विभिन्न चैनलों का इस्तेमाल करते थे। इनमें ‘रॉकेट चैट’, ‘थ्रीमा’ जैसे ऐप शामिल हैं। इस तरह के कम्युनिकेशन का उपयोग अधिकतर ISIS जैसे आतंकी संगठनों द्वारा किया जाता है।

ये अधिक से अधिक युवकों को जोड़कर हिंदुओं के खिलाफ जिहाद की योजना बना रहे थे। ये बड़े शहरों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में धमाके करके लोगों में अपना भय कायम करना चाहते थे। इसके लिए वे कई शहरों को चिह्नित भी कर चुके थे। इसके लिए उन्होंने ड्रोन कैमरे का इस्तेमाल किया था। रेकी के बाद इलाके का नक्शा बनाकर घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। संगठन में जो भी सदस्य शामिल किए जाते थे, उनसे चंदा जुटाने के साथ-साथ अन्य संसाधन बटोरने के लिए कहा जाता था।

हिज्ब उत् तहरीर: क्या है, कहाँ-कहाँ है

हिज्ब उत् तहरीर उर्फ तहरीक-ए-खिलाफत इस्लामी कट्टरपंथी संगठन है, जो गैर-इस्लामी इलाकों में शरिया शासन कायम करने की सोच रखता है। इस संगठन के तार 50 से भी अधिक देशों में फैला हुआ है। इस संगठन की हिंसक गतिविधियों एवं सोच को देखते हुए 16 देश प्रतिबंध लगा चुके हैं।

भारत में शरिया शासन स्थापित करने के लिए इस कट्टरपंथी संगठन ने मध्य प्रदेश में अपना आधार तैयार किया था। इसके जरिए वे अपने कैडरों की भर्ती कर रहे थे। संगठन से जुड़े सदस्यों का उद्देश्य था – मुस्लिम युवाओं को अपने से जोड़ना। इसके लिए वो भारत की वर्तमान शासन प्रणाली को इस्लाम विरोधी बताते थे। इसके बाद वे खिलाफत की बात करते थे।

आतंक के खिलाफ MP सरकार

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य में आतंक करने वालों और कट्टरपंथ की राह पर चलने वालों को बहुत पहले ही सचेत कर दिया था। खरगोन दंगों में जिन कट्टरपंथियों ने पत्थरबाजी की थी, जिन्होंने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाया था… उन पर कैसी कार्रवाई होगी, CM शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट कर दिया था।

मध्य प्रदेश की पुलिस आतंक को कुचलने के लिए तब भी तत्पर थी, आज भी है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इससे पहले PFI के भी 22 सक्रिय सदस्यों को मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, मार्च 2022 में जमात-ए-मुजाहिद्दीन बांग्लादेश के मॉड्यूल का भी मध्य प्रदेश की पुलिस ने भंडाफोड़ किया था। इस दौरान 3 आतंकियों को गिरफ्तार किया गया था।

पटाखे बनाने का लाइसेंस, बना रहे थे बम: अमृतसर में हुए धमाकों में पंजाब पुलिस का खुलासा, गिरफ्तार लोगों के पास से 1 किलो विस्फोटक भी मिला

अमृतसर के स्वर्ण मंदिर (Golden Temple Amritsar) के पास हुए धमाकों की गुत्थी पंजाब पुलिस ने सुलझा ली है। बुधवार (10 मई 2023) देर रात धमाके बाद 5 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। इनके पास से 1 किलो से ज्यादा विस्फोटक भी मिला है। इनमें से कुछ के पास पटाखा बनाने का लाइसेंस है। पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने गुरुवार को बताया कि गिरफ्तार लोग पंजाब के ही रहने वाले हैं। इनकी पहचान अमरीक सिंह, आजादवीर सिंह, साहिब सिंह, हरजीत सिंह और धर्मेंद्र सिंह के तौर पर हुई है।

डीजीपी ने बताया कि आजादवीर सिंह और अमरीक सिंह ने IED का इंतजाम किया था। अमरीक सिंह की पत्नी से भी पूछताछ की जा रही है। जानकारी के अनुसार विस्फोटक तैयार करने में अमरीक की पत्नी ने भी मदद की थी। उसके नाम पर पटाखे बनाने का लाइसेंस है। गिरफ्तार आरोपित साहिब सिंह भी अमृतसर में पटाखे बनाने का काम करता है।

डीजीपी यादव ने फॉरेंसिक रिपोर्ट के हवाले से जानकारी दी कि विस्फोटकों को क्लोराइड, ब्रोमाइड, सल्फर और पोटाश मिलाकर तैयार किया गया था। धर्मेंद्र ने विस्फोटकों को हरजीत सिंह के पास पहुँचाया। फिर हरजीत सिंह ने उसे सप्लायर साहिब सिंह को दिया। डीजीपी के अनुसार शनिवार (6 मई) को आजादवीर ने 200 ग्राम विस्फोटक पोलीथीन बैग में रखकर धमाके वाली जगह पर छिपाया था।

धमाके के बाद उसे लगा कि इसका कुछ खास असर नहीं हुआ है। इसलिए फिर दूसरा (8 मई) और तीसरा (10 मई) धमका किया गया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डीजीपी गौरव यादव ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के प्रमुख और एसजीपीसी टास्क फोर्स को गुनहगारों को पकड़ने में मदद के लिए धन्यवाद दिया।

बता दें कि बुधवार (10 मई) की रात श्री गुरु राम दास सराय के टॉयलेट से विस्फोटक बाहर फेंका गया था। आसपास के दुकानदारों ने तत्काल इसके बारे में पुलिस को सूचित किया। इस बीच एसजीपीसी के कर्मचारियों को एक आदमी टॉयलेट में जाता और बाहर निकलता दिखाई पड़ा। सीसीटीवी से ट्रेस कर उसे पकड़ा गया और पुलिस के हवाले कर दिया गया। इस बीच वह सराय में जाकर लेट चुका था। उससे पूछताछ के आधार पर अन्य लोगों की गिरफ्तारी हुई।

बता दें कि स्वर्ण मंदिर के पास सबसे पहले 6 मई 2023 को अमृतसर के हेरिटेज स्ट्रीट में ब्लास्ट हुआ था। इस धमाके में करीब 6 लोग घायल हुए थे। शुरुआत में इसे रेस्टोरेंट की चिमनी में हुआ ब्लास्ट बताया जा रहा था, लेकिन बाद में घटनास्थल से कुछ संदिग्ध चीजें बरामद हुई थी। इसके बाद 8 मई 2023 को स्वर्ण मंदिर से लगभग 800 मीटर दूर एक और ब्लास्ट हुआ। इस बार कोल्ड ड्रिंक के कैन में बम डालकर उसे लटका दिया गया था।

इमरान खान को बवासीर है, नंगा नहीं करना है, न ही रेप… बाँस-सरिया डालने पर रोक: पाकिस्तान सरकार से PTI का एग्रीमेंट – Fact Check

पाकिस्तान में चल रही हिंसा और इमरान खान की गिरफ्तारी के बीच सोशल मीडिया पर पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के स्टैंप से एक लेटर वायरल हुआ है। इस लेटर में दावा था कि पाकिस्तान सरकार ने पीटीआई अध्यक्ष इमरान खान से वादा किया था कि इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद बाद उन्हें कोई नंगा नहीं करेगा, उनके साथ रेप नहीं होगा और उन्हें सरिया-बाँस आदि से नहीं प्रताड़ित किया जाएगा।

इस लेटर में यूएस राजदूत डोनाल्ड ब्लूम का भी नाम है जिन्हें (लेटर के मुताबिक) जिम्मेदारी दी गई है कि वो इस बात की देख-रेख करें कि पुलिस कस्टडी में पूर्व प्रधानमंत्री के साथ ये सब न हो।

अब जियो फैक्ट चेक ने इस लेटर को फर्जी बताया है। लेटर में कहा गया है कि एक अधिकारी ने उन्हें नाम न बताने की शर्त पर बताया कि इस तरह का कोई एग्रीमेंट इमराऩ खान, पाकिस्तान सरकार और यूएस राजदूत के बीच नहीं हुआ था। इस लेटर में एक यूसुफ नसीम खोकर का नाम है, जिनको इंटीरियर सेक्रेट्री बताया गया है। जियो फैक्ट चेक के अनुसार, यूसुफ नसीम 7 मार्च को रिटायर हो चुके हैं और लेटर की तारीख 8 मई 2023 की डाली गई है।

बता दें कि इस लेटर में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के इमरान खान और पाकिस्तानी सरकार को दो पार्टियाँ बताया गया है जिनके बीच यह करार हुआ। इसमें लिखा है कि इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद उनके साथ निम्नलिखित बर्ताव नहीं होंगे।

  1. पीटीआई के इमरान खान अहमद नियाजी को पूछताछ के दौरान नंगा नहीं किया जाएगा।
  2. किसी को ये इजाजत नहीं दी जाएगी कि वो पीटीआई के इमरान खान का रेप करे। खासकर तब जब वो बवासीर के मरीज हैं।
  3. इमरान खान को किसी भी तरह के बाँस-सरिया-डंडे से प्रताड़ित नहीं किया जाएगा।

पत्र में यह भी लिखा है कि ये सारी नियम और शर्तों की देखरेख अमेरिकी राजदूत डोनाल्ड ब्लूम द्वारा की जाएगी क्योंकि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के अध्यक्ष इमरान खा, यूएस राजदूत डोनाल्ड ब्लूम के अलावा किसी पर विश्वास नहीं कर सकते। इस पत्र में देख सकते हैं कि इमरान अहमद खान नियाजी, इंटीरियर सेक्रेट्री यूसुफ नसीम खोकर और अमेरिकी राजदूत डोनाल्ड ब्लूम के हस्ताक्षर दिखाए गए है। जियो फैक्ट चेक ने पूरे पत्र को फर्जी बताया है।

सूरत नगर निगम ने बनाया शेल्टर होम, शाहिद मसीद सोसायटी को दिया चलाने: हिंदू को प्रताड़ना-मुस्लिमों पर कृपा, जाँच के बाद ब्लैक लिस्टेड

गुजरात के सूरत में शेल्टर होम का प्रबंध करने वाली ट्रस्ट पर धर्म के आधार पर भेदभाव करने का आरोप लगा है। स्थानीय पार्षद ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई है। आरोपों के अनुसार शहर के रांदेर के गोराट इलाके में संचालित शेल्टर होम में रहने वाले हिंदू आश्रितों को परेशान किया जा रहा है, जबकि मुस्लिमों को खास सुविधाएँ दी जा रही हैं। आश्रय गृह सूरत नगर निगम (SMC) के दायरे में आता है। लेकिन इसे चलाने की जिम्मेदारी शाहिद मसीद मेडिकल सर्वेंट सोसायटी नाम के ट्रस्ट को दी गई थी। भेदभाव समेत कई अनियमितताओं की वजह से ट्रस्ट को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया है।

बीजेपी के पार्षद केयूर चपटवाला ने सूरत के मेयर हेमाली बोघावाला से ट्रस्ट की शिकायत की थी। शिकायत मिलने के बाद मेयर खुद शेल्टर होम का दौरा करने पहुँचीं। शेल्टर होम में मेयर के अचानक दौरे से हड़कंप मच गया। मेयर द्वारा किए गए निरीक्षण में शेल्टर होम में कई अनियमितताएँ पाई गईं। मेयर ने जाँच के दौरान पाया कि आश्रय गृह परिसर का ठीक से रखरखाव नहीं किया जा रहा है। इतना ही नहीं शेल्टर होम चलाने वाले ट्रस्ट द्वारा बिजली बिलों का भी भुगतान नहीं किया गया था।

औचक निरीक्षण के दौरान जब मेयर हेमाली बोघावाला ने शेल्टर होम में रहने वाले आश्रितों की सूची माँगी तो कर्मचारियों के हाथ-पैर फूलने लगे। ट्रस्ट ने दावा किया कि यहाँ 300 लोग रहते हैं, जबकि जाँच में सिर्फ 100 लोग ही मिले। हेमाली बोघावाला ने पार्षद की शिकायत पर की गई जाँच में आरोपों को सही पाए जाने के बाद शाहिद मसीद मेडिकल सर्वेंट सोसाइटी को ब्लैकलिस्ट करने के आदेश दिए।

शाहिद मसीद मेडिकल सर्वेंट सोसायटी पिछले दो वर्षों से इस शेल्टर होम के प्रबंधन की जिम्मेदारी सँभाल रहा था। इस दौरान अनियमितताओं को लेकर कई बार संगठन को नोटिस भी भेजे जा चुके थे। कुछ दिन पहले ही शिकायत आई थी कि परिसर में एक व्यक्ति को बुरी तरह पीटा गया। पिटाई से जख्मी शख्स को इलाज के लिए सूरत के सिविल अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। पार्षद केयूर चपटवाला द्वारा की गई शिकायत के अनुसार शेल्टर होम में हिंदुओं को न सिर्फ प्रताड़ित किया जा रहा है, बल्कि उनको शेल्टर होम छोड़कर जाने के लिए बाध्य भी किया जाता है।

बता दें कि सूरत महानगर पालिका की ओर से शहर के अलग-अलग हिस्सों में गरीब और निराश्रित लोगों के लिए शेल्टर होम का निर्माण कराया गया है। इसे चलाने की जिम्मेदारी अलग-अलग संस्था व ट्रस्ट के लोगों को दी जाती है।

NDMC की बैठक में ‘ढोंगी राजा’ की कहानी, चलते बने अरविंद केजरीवाल: CM बंगले पर ₹45 करोड़ खर्च का नहीं दे पाए जवाब, पिछली बार स्कूलों पर सवाल से थे भागे

NDMC काउंसिल की बैठक में बुधवार (11 मई 2023) को जमकर हंगामा हुआ और यह बैठक 30 मिनट में ही खत्म करनी पड़ी। NDMC के उपाध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने कहा कि कुलजीत चहल और अन्य लोगों ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से शीशमहल के मुद्दे पर सवाल पूछे, लेकिन वे जवाब नहीं दे पाए।

अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में दिल्ली की एनडीएमसी की बैठक के दौरान भाजपा सदस्यों ने सीएम आवास के नवीनीकरण में अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। भाजपा ने इसमें दिल्ली सरकार पर भ्रष्टाचार और करदाताओं के पैसे के दुरुपयोग का आरोप लगाया। बताते चलें कि अरविंद केजरीवाल नई दिल्ली से विधायक हैं। इसलिए नियमों के मुताबिक, वे नई दिल्ली नगर परिषद (एनडीएमसी) के स्वाभाविक सदस्य भी हैं।

बैठक के दौरान भाजपा नेता और NDMC सदस्य कुलजीत चहल ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा और उन्हें एक ढोंगी राजा की कहानी सुनाई, जिसने दिल्ली की जनता को बेवकूफ बनाया। चहल ने कहा कि केजरीवाल ने कहा था कि गाड़ी और बंगला नहीं लेंगे, लेकिन करदाताओं के पैसे बंगला बनवाया। बिना इजाजत के केजरीवाल के घर पर पेड़ काटे गए।

कुलदीप चहल ने आगे कहा कि अरविंद केजरीवाल घूर-घूरकर देख रहे थे। एनडीएमसी के इतिहास में पहली बार बैठक अव्यवस्थित रही। चहल ने आगे कहा कि काउंसिल मीटिंग के दौरान उन्होंने केजरीवाल को ढोंगी राजा की कहानी सुनाई थी, जिस पर वो कहने लगे की मीटिंग को आगे बढ़ाओ। सीएम के चेहरे पर डर दिख रहा था।

इसका एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में दिख रहा है कि कुलदीप चहल कह रहे हैं, “केजरीवाल जी एक कहानी मैंने भी आपकी सुनी। एक कहानी मैं भी आपको सुनाना चाहता हूँ। एक ढोंगी राजा था। उस ढोंगी राजा ने….. (इस दौरान बैकग्राउंड में शोरगुल होने लगता है।” इस दौरान भाजपा के सदस्य सीएम केजरीवाल से जवाब माँगते रहे, लेकिन वे चुप रहे।

दरअसल, अरविंद केजरीवाल ने पिछले महीने एक अनपढ़ राजा की कहानी सुनाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसा था। उन्होंने कहा था कि पढ़ा-लिखा शासक ही देश को तरक्की की राह पर ले जा सकता है। अनपढ़ शासक से देश का सिर्फ नुकसान हो सकता है। अगर शासक अनपढ़ है और उसका कोई दोस्त है तो उस राजा को उखाड़ फेंकना चाहिए।

अरविंद केजरीवाल ने विधानसभा में कहा था, “किसी समय एक महान देश में चौथी पास राजा था। वह बहुत अहंकारी और भ्रष्टाचारी था। कुछ लोगों के कहने पर ही राजा फैसले लेता था। राजा ने अपने दोस्त के साथ मिलकर बैंकों का दो-ढाई लाख करोड़ लूट लिया और एयरपोर्ट, बिजली, तेल, खदान सब खरीद लिया। देश में पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस सब महंगा होने से चारों तरफ हाहाकार मच गया। राजा ने विरोध करने वालों को जेल में डालना शुरू कर दिया।”

उन्होंने आगे कहा था, “आखिर में जनता को राजा की हकीकत पता चल गई और उसने उसे हटाकर एक ईमानदार देशभक्त आदमी को राजा बना दिया। देश खूब तरक्की करने लगा। राजा को कम पढ़ा होने पर बुरा लगने लगा और उसने एक फर्जी डिग्री बनवा ली। लोगों को यह बात ठीक नहीं लगी कि राजा ने फर्जी डिग्री बनवा ली और उन्होंने आरटीआई डाली, मगर आरटीआई डालने वालों पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया जाता था।”

दरअसल, इस अरविंद केजरीवाल की इस कहानी पर ही कटाक्ष करते हुए भाजपा नेता कुलदीप चहल ने अरविंद केजरीवाल को ढोंगी राजा की कहानी सुनाई। कहानी सुनते ही वो असहज हो गए और 30 मिनट में ही बैठक खत्म हो गई। इससे पहले साल 2022 में NDMC की बैठक में दिल्ली के सरकारी स्कूलों पर खर्च की गई राशि के बारे में पूछा गया था तो अरविंद केजरीवाल बैठक से बाहर निकल गए थे।

उस दौरान कुलदीप चहल ने सीएम केजरीवाल से पूछा था, “एक आरटीआई कहती है कि आपके विधायक निधि को खर्च नहीं किया गया। कृपया उत्तर दें अरविंद केजरीवाल जी। आरटीआई में कहा गया है कि पिछले सात सालों से एनडीएमसी इलाकों में स्कूली बच्चों के लिए कोई काम नहीं किया गया है।” इस पर जवाब देने के बजाय वे बैठक छोड़कर निकल गए थे।

बताते चलें कि अरविंद केजरीवाल ने अपने सरकारी बंगले के सौंदर्यीकरण में 45 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए हैं। इसका खुलासा टाइम्स नाऊ चैनल ने ‘शीशमहल’ नाम के अपने कार्यक्रम में किया था। सीएम केजरीवाल ने अपने घरों में लाखों रुपए के पर्दों से लेकर बाथरूम तक में करोड़ों रुपए खर्च किए हैं। इसको लेकर वे विपक्षी दलों के निशाने पर है।

पहली बार मुख्यमंत्री बनने पर अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि वे आम लोग हैं। इसलिए वे सरकार से ना ही गाड़ी लेंगे और ना ही बंगला लेंगे। हालाँकि, बाद में उन्होंने सारी सुविधाएँ लीं और उन सुविधाओं को और बढ़ाने के लिए 45 करोड़ रुपए का हिसाब पैसा खर्च किया। इसी को लेकर भाजपा नेताओं ने उन्हें ढोंगी राजा की उपाधि से नवाजते हुए कहानी सुना डाली।

‘तू नाम की मुस्लिम, अपने नाम से अली हटा’: सारा अली खान को केदारनाथ में देख फिर भड़के इस्लामी कट्टरपंथी, बोले- अल्लाह से बड़ा कोई नहीं

बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान (Sara Ali Khan) एक बार फिर बाबा केदारनाथ के दर्शन करने पहुँची हैं। उन्होंने बुधवार (10 मई 2023) को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर केदारनाथ ट्रिप की कुछ तस्वीरें भी शेयर कीं। इसमें एक्ट्रेस बाबा के धाम के आगे और बर्फीली वादियों में कैमरे के सामने पोज देती नजर आ रही हैं। जहाँ कुछ लोगों को उनकी ये तस्वीरें पसंद आ रही हैं। वहीं, इस्लामी कट्टरपंथियों ने उन्हें खरी-खोटी सुनाई है।

सारा अली खान ने इंस्टाग्राम पर अपनी फोटोज के साथ दिल छू लेने वाला कैप्शन भी लिखा है। सारा ने लिखा, “पहली बार जब मैं यहाँ आई थी, तो मैंने कभी कैमरे का सामना नहीं किया था। आज मैं कैमरे के बिना अपने जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकती। धन्यवाद, केदारनाथ बाबा आज मैं जो हूँ, मुझे वो बनाने के लिए। मुझे वो सब देने के लिए धन्यवाद जो मेरे पास है।”

सारा आगे लिखती हैं, “बहुत कम लोग भाग्यशाली होते हैं, जो आपके पास आते हैं। मैं आभार और सराहना से भरी हुई हूँ। मैं सिर्फ आपको धन्यवाद देने के लिए वापस आ सकती हूँ। जय भोलेनाथ।”

एक्ट्रेस की पोस्ट पर भड़के रहमान ने लिखा कि कभी मस्जिद के भी दर्शन भी कर लिया करो।

सारा अली खान की इंस्टाग्राम पोस्ट

मोहम्मद बहाउद्दीन लिखता है, “सारा को अपने नाम से अली हटा देना चाहिए… क्योंकि वह सनातन धर्म का पालन कर रही हैं… अली नाम ऐसे के साथ नहीं लिखा जाता है… वह अपना नाम सारा खान या सारा राधा खान..या सारा देवी.. या सारा रानी रख सकती हैं। उन्हें अपने नाम के साथ अली नहीं लगाना चाहिए… खान वह अपने अब्बा के सरनेम की वजह से लगा सकती हैं।”

सारा अली खान की इंस्टाग्राम पोस्ट

सोहराब अली ने सारा की पोस्ट पर कमेन्ट किया, “कुरान भी पढ़ लिया करो, अल्लाह से बड़ा कोई नहीं….।”

सारा अली खान की इंस्टाग्राम पोस्ट

उमेर खान लिखता है, “तू नाम की मुस्लिम है।”

सारा अली खान की इंस्टाग्राम पोस्ट

सुशांत सिंह राजपूत की याद आई

वहीं, सारा की इन फोटोज को देखकर कुछ लोगों को बॉलीवुड के दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की याद आ गई। क्योंकि सारा अली खान और सुशांत सिंह ने ‘केदारनाथ’ फिल्म में एक साथ काम किया था। यह फिल्म दिसंबर 2018 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म की ज्यादातर शूटिंग केदारनाथ में ही हुई थी।

बता दें कि इससे पहले फरवरी 2023 में सैफ अली खान की बेटी ने महाशिवरात्रि के अवसर पर इंस्टाग्राम पर कुछ फोटोज अपलोड की थीं। इसको लेकर कट्टरपंथियों ने उन्हें गालियाँ दी थीं और काफिर बताया था।