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मणिपुर में आयकर विभाग के अधिकारी को घसीटकर घर से निकाला, पीट-पीटकर की हत्या: BJP विधायक पर भी जानलेवा हमला, कोबरा कमांडो को गोली मारी

मणिपुर में दो समुदायों के बीच हिंसा (Manipur Violence) के दौरान भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के एक अधिकारी की हत्या कर दी गई। वहीं, भाजपा विधायक वुंगजागिन वाल्टे (Vungzagin Valte) पर प्रदर्शनकारियों ने हमला कर दिया। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मणिपुर के डीजीपी पी डोंगल ने बताया, “भाजपा विधायक वुंगजागिन वाल्टे पर प्रदर्शनकारियों ने हमला कर दिया। उन्हें राज्य से बाहर एयरलिफ्ट किया गया है। उनकी हालत स्थिर है। हमें सख्त आदेश मिला है कि अगर कोई गलती करता है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। सेना को फ्लैग मार्च के आदेश मिले हैं।”

उधर, भारतीय राजस्व सेवा (IRS) एसोसिएशन ने शुक्रवार (5 मई 2023) को कहा कि राजधानी इम्फाल में तैनात आयकर विभाग के एक अधिकारी को उनके आधिकारिक आवास से घसीट कर बाहर निकाला गया और उनकी हत्या कर दी गई।

इंफाल में कर सहायक के रूप में तैनात लेमिनथांग हाओकिप की मौत पर एसोसिएशन ने कड़ी निंदा की है। एसोसिएशन ने ट्वीट कर कहा, “आईआरएस एसोसिएशन हिंसा के नृशंस कृत्य की कड़ी निंदा करता है, जिसके परिणामस्वरूप इंफाल में कर सहायक श्री लेमिनथांग हाओकिप की मौत हो गई। कोई भी कारण या विचारधारा एक निर्दोष लोक सेवक की हत्या को न्यायोचित नहीं ठहरा सकती। इस मुश्किल घड़ी में हमारी संवेदनाएँ उनके परिवार के साथ हैं।”

एसोसिएशन ने हाओकिप की एक तस्वीर पर साझा की है। कहा गया है कि उन्हें इंफाल में स्थित आधिकारिक क्वार्टर से मेइती बदमाशों ने घसीटकर बाहर निकाला और पीट-पीट कर उन्हें मार डाला। बताते चलें कि पिछले 48 घंटों में राज्य के कुछ हिस्सों में खूनी जातीय दंगे हुए हैं।

मणिपुर के चुराचांदपुर में छुट्टी पर अपने गाँव आए CRPF के एक कोबरा कमांडो की हथियारबंद हमलावरों ने शुक्रवार (5 मई 2023) को गोली मारकर हत्या कर दी। कोबरा बटालियन के डेल्टा कंपनी के कॉन्स्टेबल चोनखोलेन हाओकिप की दोपहर में हत्या की गई। अधिकारियों का कहना है कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि किन परिस्थितियों में उनकी हत्या की गयी। 

राज्य के जनजातीय और गैर-जनजातीय समुदाय के बीच हिंसा भड़की है। रक्षा प्रवक्ता ने कहा कि कुल 13,000 लोगों को बचाया गया और सुरक्षित आश्रयों में स्थानांतरित कर दिया गया। राज्य में अर्धसैनिक बलों की 14 कंपनियाँ तैनात की गई हैं। इसके साथ ही केंद्र की ओर से और कुछ कंपनियाँ भेजी गई हैं।

हिंसा के दौरान राज्य में स्कूल, कॉलेज, चर्च, घरों से लेकर वाहनों तक को निशाना बनाया गया है। यहाँ तक बाल गृह भी इस हिंसा से बच नहीं पाया। मणिपुर के कई इलाकों में जले हुए वाहनों की कतार सड़कों पर दिख रही है। राज्य में हालात सामान्य हैं, लेकिन अभी भी तनाव बना हुआ है।

फ़्रांस के नेशनल डे पर स्पेशल गेस्ट होंगे PM मोदी: राष्ट्रपति मैक्रों ने ट्विटर पर डाली तस्वीर, जानें क्यों मनाई जाती है बैस्टिल पर हमले की बरसी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) 14 जुलाई 2023 को फ्रांस की राजधानी पेरिस (Paris, France) में होने वाली बैस्टिल डे परेड में खास मेहमान के रूप में शामिल होंगे। विदेश मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है। इस परेड में भारत की सशस्त्र बल की एक टुकड़ी फ्रांसीसी सेना के साथ परेड में भाग लेगी।

फ्रांस का निमंत्रण स्वीकार करने पर राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने खुशी जाहिर की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी तस्वीर साझा करते हुए ट्विटर पर लिखा, “प्रिय नरेंद्र, 14 जुलाई की परेड के सम्मानित अतिथि के रूप में तुम्हारा पेरिस में स्वागत करके मुझे बहुत खुशी होगी।”

राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के ट्वीट का प्रधानमंत्री मोदी ने भी जवाब दिया। पीएम मोदी ने शुक्रवार (5 मई 2023) को फ्रेंच में लिखा, “धन्यवाद मेरे दोस्त @EmmanuelMacron! मैं आपके और फ्रांस के लोगों के साथ 14 जुलाई और हमारे रणनीतिक साझेदारी को सेलिब्रेट करने के लिए उत्साहित हूँ।”

विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी की 25 साल पूरे होने पर पीएम मोदी ने बैस्टिल डे परेड में स्पेशल गेस्ट के रूप में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा से रणनीतिक, सांस्कृतिक, वैज्ञानिक और आर्थिक सहयोग के लिए नए और महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को निर्धारित कर भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी के अगले स्तर पर पहुँचने की उम्मीद है

विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत और फ्रांस का शांति और सुरक्षा पर साझा दृष्टिकोण है, खासकर यूरोप और हिंद-प्रशांत में। बयान में आगे कहा गया कि दोनों देश संयुक्त राष्ट्र के चार्टर (UN Charter) के उद्देश्यों और सिद्धांतों को लेकर भी साझा दृष्टिकोण रखते हैं, जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उनके सहयोग का आधार है।

बता दें कि 14 जुलाई 1789 को फ्रांस के लोगों ने वहाँ की राजशाही से जुड़े बैस्टिल पर हमला कर दिया था। इसके बाद फ्रांसीसी क्रांति की शुरुआत हुई थी। यह घटना फ्रांस के इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है। इस घटना को फ्रांस अपने राष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाता है।

कॉन्ग्रेस नेता श्रीनिवास BV को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत: उनके वकील ने जज पर सरकार के पक्ष में फैसला देने का लगाया आरोप, अंतरिम जमानत की दी थी याचिका

कॉन्ग्रेस की पूर्व महिला नेत्री पर आपत्तिजनक बयान देने के मामले में गुवाहाटी हाईकोर्ट (Gauhati High Court) ने युवा कॉन्ग्रेस अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी (Srinivas BV) को राहत नहीं दी। कोर्ट ने गुरुवार (4 मई 2023) को श्रीनिवास की अंतरिम जमानत की याचिका खारिज कर दी और उनके खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने से इनकार कर दिया।

मामले पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति अजीत बोरठाकुर ने कहा कि पीड़िता का आरोप है कि श्रीनिवास ने 25 फरवरी 2023 को रायपुर के एक होटल में कॉन्ग्रेस के सत्र के दौरान उसके साथ बदसलूकी की गई। महिला ने कहा कि उसके खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग करते हुए श्रीनिवास ने कहा कि अगर उन्होंने पार्टी के उच्च पदाधिकारियों के सामने उनकी शिकायत की तो करियर बर्बाद कर देंगे।

कोर्ट ने कहा, “पीड़ित के आरोप के अनुसार, विभिन्न अपमानजनक शब्दों के अलावा याचिकाकर्ता ने कहा- ये लड़की…. ऐ ये तुम क्या लिखते रहते हो … ये सब तुम क्या पीता रहता है, वोडका पीता हो या टकिला पीते रहते हो।” इसमें आगे कहा गया है कि गाली-गलौज वाले शब्दों का इस्तेमाल करते हुए लगातार सेक्सिस्ट टिप्पणियाँ करके उत्पीड़न किया गया।

कोर्ट ने कहा कि इस तरह के कथन प्रथम दृष्ट्या उन अपराधों का गठन करते हैं, जो स्पष्ट रूप से दंड संहिता की धारा 352 (हमला या आपराधिक बल), 354 (लज्जा भंग करने के इरादे से महिला पर हमला या आपराधिक बल) और 354A (1)(iv) (यौन उत्पीड़न) के दंडात्मक प्रावधानों की पूर्ति करते हैं।

श्रीनिवास की ओर से कोर्ट में पेश वरिष्ठ अधिवक्ता केएन चौधरी ने दलील दी कि उनके क्लाइंट के खिलाफ एफआईआर में मनगढ़ंत बातें दर्ज की गई हैं और यह राजनीतिक प्रतिशोध का परिणाम है। उन्होंने तर्क दिया कि अगर जाँच की इजाजत दी जाती है तो यह कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा।

सुनवाई के दौरान अधिवक्ता चौधरी ने कहा कि Cr.PC की धारा 482 में अगर उनके मुवक्किल को अंतरिम जमानत नहीं दी जाती है तो इस धारा में दर्ज अन्य केसों में भी न्यायालय को अंतरिम जमानत नहीं देनी चाहिए, क्योंकि इस संबंध में सबके लिए एक ही कानून होना चाहिए। चौधरी ने आगे कहा कि ऐसा देखा गया है कि न्यायाधीश, जो सेवानिवृत्ति के कगार पर हैं, हमेशा सरकार के पक्ष में आदेश पारित करते हैं।

गौरतलब है कि असम युवा काॅन्ग्रेस की अध्यक्ष रहीं अंगकिता ने यूथ काॅन्ग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास (Srinivas BV) और यूथ कॉन्ग्रेस के सेक्रेटरी इंचार्ज वर्धन यादव पर लैंगिक भेदभाव तथा बदजुबानी का आरोप लगाया था। कहा था कि राहुल गाँधी ने भी उनकी शिकायतों पर गौर नहीं किया और प्रताड़ना का सिलसिला चलता रहा। 

उन्होंने कहा था, “श्रीनिवास पिछले छह महीनों से उन्हें परेशान और प्रताड़ित कर रहे हैं। लैंगिक टिप्पणी करते हैं। अपशब्दों का इस्तेमाल करते हैं। पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों से इसकी शिकायत करने पर उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दे रहे हैं।”

इसके बाद अंगकिता ने 19 अप्रैल को गुवाहाटी के दिसपुर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। उनकी शिकायत पर कॉन्ग्रेस नेता श्रीनिवास के खिलाफ आईपीसी की धारा 509/294/341/352/354/354 ए (iv)/506 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

अंगकिता दत्ता की मानें तो करीब छह महीने से उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा था। ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान राहुल गाँधी को भी इसकी जानकारी दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि स्त्री होने के कारण उनके साथ भेदभाव हुआ। इन आरोपों के बाद असम काॅन्ग्रेस ने पहले अंगकिता को कारण बताओ नोटिस जारी किया, फिर उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से निकाल दिया। वहीं श्रीनिवास को कर्नाटक के लिए जो स्टार प्रचारकों की सूची जारी की उसमें जगह दी।

‘तुष्टिकरण की गुलाम हो चुकी है कॉन्ग्रेस, जय बजरंग बली पर भी उसे आपत्ति’: कर्नाटक में गरजे PM मोदी, बताया – ऑप्टिकल फाइबर से जुड़े 2 लाख गाँव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (5 मई, 2023) को कर्नाटक के तुमकुरु में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया और साथ ही एक भव्य रोडशो भी किया। पीएम मोदी ने कहा कि कर्नाटक के जन-जन के आशीर्वाद से डबल इंजन सरकार प्रचंड बहुमत से वापस आना निश्चित हो गया है। उन्होंने कहा कि सर्वे वाले देखेंगे तो पता चल जाएगा कि विजय किसकी तय है। साथ ही कहा कि जीत किसकी होने वाली है, ये दृश्य दिखाई दे रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कॉन्ग्रेस को अब जय बजरंग बली बोलने पर भी आपत्ति होने लगी है। कॉन्ग्रेस तुष्टिकरण की गुलाम हो चुकी है। बकौल पीएम मोदी, कॉन्ग्रेस अपनी वोट बैंक पॉलिटिक्स की गुलाम हो चुकी है, ऐसी कॉन्ग्रेस कर्नाटक का कभी भी भला नहीं कर सकती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 9 वर्षों में गाँव और गरीब के लिए, किसान और नौजवान के लिए जितना काम हुआ है, वो पिछले 7 दशकों में नहीं हुआ है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता को समझाया कि कॉन्ग्रेस-जेडीएस का ट्रैक रिकॉर्ड है कि उनके शासन में सबसे ज्यादा लूट गाँव के हक के पैसे की होती है, लेकिन जब भाजपा सरकार में होती है तो गाँव और गरीब तेज गति से आगे बढ़ता है। प्रधानमंत्री ने ये भी कहा कि आज देश की 9 करोड़ महिलाएँ सेल्फ हेल्प ग्रूप से जुड़ गई है, इन्हें हमारी सरकार ने बिना गारंटी 20 लाख रुपए तक की मदद सुनिश्चित की है। उन्होंने आँकड़े गिनाए कि करीब 2 लाख ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर से भी जोड़ा जा चुका है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज स्वास्थ्य सेवाओं के लिए गाँव-गाँव हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खोले जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत गाँव-गाँव सड़क पहुँच रही है। यहाँ तुमकुरु में भी फूड पार्क बनने से किसानों को भी लाभ मिला है और यहाँ के युवाओं को भी रोजगार मिला है। हमारी सरकार इस विजन पर काम कर रही है कि यहाँ विद्यार्थियों के पास डिग्री भी हो और उनके हाथों में स्किल और हुनर भी हो। वही कॉन्ग्रेस आधुनिक राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर रोक लगाकर कर्नाटक के युवाओं के भविष्य को ताला लगाना चाहती है, उन्हें बर्बाद करना चाहती है।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब कॉन्ग्रेस सत्ता में थी तो कमीशन के बिना कोई डील नहीं होती थी, ये भाजपा की सरकार है जो देश में ही डिफेंस की आधुनिक फैक्ट्रियाँ लगा रही है और देश की सेना को सशक्त कर रही है। उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार तुमकुरू में कई प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है। पीएम मोदी ने कर्नाटक की जनता से कहा कि JDS का हर कैंडिडेट कॉन्ग्रेस का ही कैंडिडेट है और JDS को दिया हर वोट कर्नाटक में निवेश को रोकेगा, जबकि हमारा संकल्प कर्नाटक को नंबर-1 राज्य बनाने का है।”

‘पुलवामा में शहीदों को मरवा कर PM मोदी ने माँगे वोट’: कॉन्ग्रेस नेता उदित राज की आपत्तिजनक टिप्पणी, पटना हाईकोर्ट के जज को भी बताया ‘जातिवादी’

कॉन्ग्रेस नेता उदित राज ने प्रधानमंत्री के साथ-साथ न्यायपालिका पर भी विवादित बयान दिया है। उन्होंने शुक्रवार (5 मई, 2023) को की गई एक ट्वीट में लिखा, “पुलवामा में शहीदों को मरवाकर मोदी जी ने उन्हीं के नाम पर वोट माँगा था। कर्नाटक में बजरंग बली के नाम पर मोदी जी ने वोट माँगा है। सत्ता के लिए कुछ भी! भगवान को तो बख्श दो!” बता दें कि पुलवामा में आतंकी हमले में 40 भारतीय जवान बलिदान हुए थे।”

इसके अलावा उदित राज ने शुक्रवार को ही न्यायपालिका पर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की। उन्होंने लिखा, “पटना हाईकोर्ट के जज जातिवादी हैं। ये कैसे जाति जनगणना पर रोक लगा सकते हैं। क्या चुनी हुई सरकार की भूमिका यही निभाएँगे?” बता दें कि बिहार सरकार 500 रुपए खर्च कर के जाति जनगणना करा रही है, जिसके खिलाफ पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर कर के इसे लोगों की जनता का उल्लंघन और करदाताओं के पैसे की बर्बादी बताया गया था।”

पटना हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए इस पर त्वरित रूप से रोक लगा दी। अब इसके बाद न्यायपालिका पर टिप्पणी करते हुए ‘Unorganized Workers & Employees Congress (KKC)’ के अध्यक्ष उदित राज ने जजों को ही जातिवादी करार दिया है। वहीं पुलवामा पर उन्होंने पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक द्वारा फैलाए गए प्रोपेगंडा को आगे बढ़ाते हुए आपत्तिजनक टिप्पणी की है। भागलपुर के कॉन्ग्रेस विधायक अजित शर्मा ने भी ऐसा ही बयान दिया था।

प्रधानमंत्री और न्यायपालिका पर कॉन्ग्रेस नेता उदित राज की आपत्तिजनक टिप्पणी

हाल ही में ये पहला मौका नहीं है, जब उदित राज ने इस तरह के बयान दिए हों। मनरेगा के नाम पर आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के आयोजन के बाद उन्होंने अपनी तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था,  “जो भी मोदी भक्त होगा, मारा जाएगा।” 2014 में भाजपा के ही टिकट पर नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली से सांसद चुने गए उदित राज का 2019 में टिकट कट गया था, जिसके बाद उन्होंने कॉन्ग्रेस का दामन थाम लिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ उलूल-जलूल बकने लगे। 

‘पाकिस्तान आतंकी इंडस्ट्री का प्रवक्ता, पीड़ित और शोषक साथ नहीं बैठ सकते’: बिलावल भुट्टो के सामने ही S जयशंकर ने Pak को लताड़ा, चीन को भी चेताया

शंघाई सहयोग संगठन (SCO) में बैठक के दौरान भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर की पाकिस्तान के साथ कोई वार्ता नहीं हुई। जयशंकर ने कहा कि पाकिस्तान को आतंकी इंडस्ट्री का प्रवक्ता बताया और कहा कि पीड़ित और साजिशकर्ता साथ नहीं बैठ सकते। बता दें कि सीमा पार आतंकवाद से भारत दशकों से पीड़ित है।

बैठक की औपचारिक शुरुआत से पहले जयशंकर ने सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों का नमस्ते की मुद्रा में गर्मजोशी से स्वागत किया। हालाँकि, बिलावल भुट्टो को भी उन्होंने हाथ जोड़कर स्वागत किया, लेकिन उसमें गर्मजोशी नहीं दिखी। उन्होंने उनसे हाथ भी नहीं मिलाया। इसके जवाब में बिलावल ने भी जयशंकर को नमस्ते किया।

इसको लेकर पाकिस्तान में बिलावल की खूब आलोचना हो रही है। विपक्षी पार्टियाँ उन पर हमलावर हैं। हालाँकि, बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बिलावल भुट्टो जरदारी ने कहा, “आयोजन में जैसा व्यवहार दूसरे विदेश मंत्रियों के साथ रहा, वैसा ही हमारे साथ भी हुआ। सिंध में हम एक-दूसरे का स्वागत ऐसे ही करते हैं। इसे ‘सभ्य’ कहते हैं।”

प्रेस वार्ता के दौरान बिलावल ने एक बार फिर कश्मीर का राग अलापा। उन्होंने कहा, “कश्मीर में जी-20 का आयोजन करना भारत के घमंड को बताता है। यह दिखाता है कि किस तरह अंतरराष्ट्रीय नियमों और सुरक्षा परिषद प्रस्तावों को दरकिनार करके वह आगे बढ़ रहा है।” 

बिलावल की मौजूदगी में ही विदेश मंत्री जयशंकर ने पाकिस्तान को खूब खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न था, है और रहेगा। पाकिस्तान की विश्वसनीयता लगातार घट रही है। वह आतंक की इंडस्ट्री का प्रवक्ता है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के पीड़ित और पोषण करने वाले एक साथ नहीं बैठ सकते। 

विदेश मंत्री ने कहा कि देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की तरह ही जम्मू-कश्मीर भी है, जहाँ जी-20 की बैठकें हो रही हैं। इसमें कुछ भी असामान्य नहीं है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ जी-20 और श्रीनगर मुद्दा है ही नहीं। पाकिस्तान के साथ सिर्फ और सिर्फ पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) ही मुद्दा है।

इस दौरान चीन को भी संदेश देते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, “चीन और पाकिस्तान के साथ हमारे रिश्ते सामान्य नहीं हैं। सीमा पर हालात सुधरने तक ये रिश्ते सामान्य हो भी नहीं सकते।” SCO की बैठक में पाकिस्तान-चीन के बीच तथाकथित कॉरिडोर को लेकर जयशंकर ने दो बार बोला। उन्होंने कहा कि विकास के लिए कनेक्टिविटी किसी की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन नहीं कर सकती। 

‘आप सब की भावनाओं का अपमान नहीं कर सकता’: NCP अध्यक्ष बने रहेंगे शरद पवार, वापस लिया अपना इस्तीफा, प्रेस कॉन्फ्रेंस से नदारद रहे भतीजे अजित पवार

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री शरद पवार ने NCP (राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी) के अध्यक्ष पद से अपना इस्तीफा वापस ले लिया है। भारत सरकार में कृषि और रक्षा मंत्री रह चुके शरद पवार ने कहा कि वो कार्यकर्ताओं की भावनाओं का अपमान नहीं कर सकते। हालाँकि, इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके भतीजे अजित पवार नहीं दिखे। इस पर NCP नेता जयंत पाटिल ने कहा कि शरद पवार को इस्तीफा वापसी के लिए मनाने वाले नेताओं में अजित पवार भी शामिल थे।

उन्होंने कहा कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बारे में ज़्यादा लोगों को नहीं पता था और उन्हें भी इसके बारे में देर से जानकारी मिली। शरद पवार ने नए अध्यक्ष के चुनाव के लिए एक कमिटी बनाई थी, लेकिन उनका कहना है कि इस कमिटी ने उन्हें पद पर बने रहने के लिए कहा है और इसीलिए वो अपना फैसला वापस ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से विचार-विमर्श के बाद उन्होंने ये निर्णय लिया। उन्होंने अजित पवार की अनुपस्थिति पर कहा कि कुछ लोग यहाँ हैं और कुछ नहीं हैं।

82 वर्षीय नेता ने कहा कि कौन उपस्थित है और कौन नहीं, ये सवाल ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी नेताओं की भावनाओं और प्यार के कारण उन्होंने अपना फैसला बदला है। NCP के दफ्तर के बाहर ‘एकच साहेब’ का नारा लगाते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं ने जमा होकर पटाखे भी फोड़े। उधर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे की पत्नी रश्मि ठाकरे और बेटे तेजस ठाकरे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात की, जिसके बाद राज्य का राजनीतिक माहौल गर्म है।

शरद पवार ने कहा कि देश भर में उन्हें चाहने वालों ने उन्हें अपना इस्तीफा वापस लेने को मजबूर किया है। याद दिलाते चलें कि भतीजे अजित पवार के बगावती तेवर के चर्चों के बीच शरद राव ने इस्तीफे का ऐलान किया था। 1999 में कॉन्ग्रेस से टूट कर बनी NCP में पिछले 3 दिनों से शरद पवार के इस्तीफे वाला ड्रामा चल रहा था। शरद पवार ने अब ऐलान किया है कि आने वाले दिनों में वो पार्टी में कुछ बदलाव करेंगे, जिससे अगली पीढ़ी को उत्तराधिकार के लिए मौका मिल सके।

‘मुझे बोला पोटैशियम ऑक्साइड… रमजान में घर पर पोर्क भेजा’ : AltNews वाले मोहम्मद जुबैर ने 16 ट्विटर यूजर्स पर कराई FIR, शिकायत में अजीत भारती का भी नाम

ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर ने बेंगलुरु में 16 ट्विटर अकॉउंट्स के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। जुबैर का कहना है कि इन ट्विटर अकॉउंट्स के कारण उसे हत्या की धमकियाँ आ रही हैं। इन 16 यूजर्स में से एक अजीत भारती का अकॉउंट भी है।

जुबैर की शिकायत है कि अजीत भारती ने उसे पोटैशियम ऑक्साइड कहा जिसका फॉर्मूला (K2O) होता है। जुबैर के अनुसार ऐसा कहकर उसे मजहब के आधार पर गाली दी गई है। इसका संबंध खतने होता है।

अजीत भारती के अलावा उसने @Cyber_Huntss नाम के ट्विटर यूजर के विरुद्ध शिकायत दी। जुबैर ने कहा कि @Cyber_Huntss ने उसे पेट फूड वेबसाइट (Pet Food Website) के जरिए रमजान के वक्त पोर्क भेजा और उसकी लोकेशन डिस्कलोज की।

दरअसल, 9 अप्रैल को @Cyber_Huntss ने एक ट्वीट किया था जिसमें बताया गया था कि जुबैर के घर पोर्क जाने के लिए डिस्पैच हो गया है। इस ट्वीट से कथिततौर पर जुबैर का अड्रेस रिवील हो रहा था। इसीलिए उस ट्वीट को प्लेटफॉर्ट से बाद में हटा दिया गया। अब जुबैर ट्विटर यूजर पर कार्रवाई चाहता है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, जुबैर ने शिकायत कहा, “पोर्क भेजने की हरकत से मेरी पहचान को निशाना बनाना साफ है, ये मुसलमानों के लिए स्वीकार्य नहीं है। विशेष रूप से रमजान के दौरान प्रतिबंधित मीट भेजना मेरी मजहबी पहचान पर हमला और मेरी गरिमा का अपमान है।”

उसने शिकायत में कहा है कि सोशल मीडिया पर उसके बारे में झूठ और फर्जी बातें फैलाकर, उसकी मुस्लिम पहचान पर हमला करके, लोकेशन की जानकारी देकर… केवल भीड़ को उसके खिलाफ उकसाया गया है। उसकी एफआईआर में अजीत भारती समेत कई लोगों के नाम है।

जुबैर ने कहा है कि इन ट्विटर यूजर्स की हरकतें सिर्फ उसका नुकसान नहीं कराएँगी बल्कि दो समुदायों में नफरत भी बढ़ाएँगी। इस केस को डीजे हल्ली पुलिस थाने में 17 अप्रैल को दर्ज कराया गया था। हालाँकि ये मामला प्रकाश में 4 मई को आया है। केस को आईपीसी की धारा 505, 153ए, 506, 504 के तहत दर्ज किया गया है।

जुबैर ने शिकायत में अजीत भारती के 6 मार्च 2023 के एक पोस्ट का उल्लेख किया है। उसने कहा है कि इसमें उसकी मजहबी पहचान को निशाना बनाकर, ‘जिसका कटा हुआ है’ कहा गया। जुबैर के अनुसार वो एक मुस्लिम है और ऐसा कहने से उसकी मजहबी पहचान को ठेस पहुँची है। इतना ही नहीं, उसने यह भी कहा कि उसे जो पोटैशियम ऑक्साइड कहा गया वो भी उसके लिए अपमानजनक है क्योंकि इसका फॉर्मूला K2O होता है जिसका प्रयोग मुस्लिम पुरुषों को गाली देने के लिए प्रयोग किया जाता है।

बता दें कि 16 ट्विटर यूजर्स के विरुद्ध शिकायत देने वाला मोहम्मद जुबैर अकसर अपने अकॉउंट पर झूठ बताते और नफरत फैलाते पकड़ा जा चुका है। उसी ने नुपूर शर्मा केस में एक टीवी डिबेट से एक छोटी क्लिप लेकर अपने ट्विटर पर शेयर किया था और उसके बाद देश में कितना बवाल हुआ ये किसी से छिपा नहीं है। कन्हैयालाल से लेकर उमेश कोल्हे को शर्मा का समर्थन करने पर मारा गया। जुबैर एक लोनी के एक मामले पर ट्विटर पर झूठ फैला चुका है।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर यूक्रेन के सांसद ने रूस के अधिकारी को पीटा, झंडा नोचने पर हुआ आग-बबूला और जड़ दिए कई थप्पड़: तुर्की में मारपीट का वीडियो

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध का असर एक अंतरराष्ट्रीय बैठक में देखने को मिला। तुर्की में आयोजित काला सागर आर्थिक सहयोग संसदीय बैठक (PABSEC) के दौरान दोनों देशों के प्रतिनिधि सबके सामने बच्चों की तरह लड़ पड़े। इस दौरान यूक्रेन के प्रतिनिधि ने रूस के प्रतिनिधि को पीट भी दिया।

दरअसल, बैठक के दौरान रूस के प्रतिनिधिमंडल के सदस्य वालेरी स्टावित्स्की ने यूक्रेनी सांसद ऑलेक्जेंडर मारिकोव्स्की के हाथ से झंडा खींचकर फेंक दिया और आगे बढ़ गए। इसके बाद यूक्रेनी सांसद ने स्टावित्स्की को धक्का देतेे हुए उन्हें कई मुक्के जड़ दिए। इस दौरान युवा यूक्रेनी सांसद ने उम्रदराज रूसी सदस्य के चेहरे पर भी मुक्का मारा।

वहाँ मौजूद लोगों ने दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का बीच-बचाव किया। कुछ देर तक दोनों के बीच कहासुनी भी होती रही। यूक्रेनी सांसद मारिकोव्स्की ने इस घटना का वीडियो पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा ‘रूसी प्रतिनिधि ये पंच डिजर्व करते थे’। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और लोग तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

इस वीडियो को देखकर लगता है कि रूसी प्रतिनिधिमंडल के सदस्य ने यूक्रेनी झंडे का अपमान किया, जिसके कारण यह झड़प हुई। हालाँकि, इसके पीछे की कहानी कुछ अलग है। दरअसल, यूक्रेन ने उकसावे की कार्रवाई की थी। रूस के प्रतिनिधिमंडल की सदस्य ओल्गा टिमोफीवा एक चैनल को इंटरव्यू दे रही थीं। इस दौरान यूक्रेन के सांसद मारिकोवस्की उनके पीछे आकर खड़े हो गए और यूक्रेनी झंडा लहराने लगे थे।

घटना गुरुवार (4 मई 2023) को तुर्की की राजधानी अंकारा के संसद भवन के एक हॉलवे में हुई। इस झगड़े की तस्वीरें तुर्की की संसद ने अपनी वेबसाइट पर पोस्ट की हैं और संसद के प्रमुख मुस्तफा सेंटोप ने इसके लिए दोनों को कड़ी फटकार लगाई है। मुस्तफा ने कहा, “मैं इस व्यवहार की निंदा करता हूँ, जो शांतिपूर्ण माहौल को बाधित करता है जिसे तुर्की स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।”

इधर, PABSEC की बैठक में 13 देशों के प्रतिनिधियों ने मुलाकात की। इस बीच रूसी ड्रोन यूक्रेन की राजधानी कीव पर हमला करते रहे। इसके पहले रूस ने कहा था कि यूक्रेन ने रूस के राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन की हत्या करने के किए मास्को में स्थित क्रेमलिन पर हमले के लिए मानवरहित कई ड्रेन भेजे थे, जिसे रूस ने मार गिराया था। इसके बाद रूस ने यूक्रेन पर अपने हमले को और तेज कर दिया है।

‘राम जी सोच रहे थे कि एक ही टाइमपास थी, कोई लुगाई उठा कर ले गया’: राजस्थान के अंग्रेजी शिक्षक का वीडियो, सफाई में कहा – 2 साल डिप्रेशन में था

राजस्थान के शिक्षक अमन वशिष्ठ का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें वो रामायण का अपमान करते हुए दिख रहे हैं। इसके बाद शिक्षक ने बयान जारी कर इसे 5 वर्ष पुराना बताते हुए माफ़ी माँगी है। अमन वशिष्ठ ने इस वीडियो में दावा किया था कि उन्होंने रामायण पढ़ी और सीरियल भी देख ली, लेकिन एक व्यक्ति भी इसमें खुश नहीं नज़र आया। वो छात्रों से पूछते हैं कि रामायण में कोई खुश है तो बता दो, इसके बाद शुरू से रामायण को याद करने की बात कहते हैं।

अमन वशिष्ठ आगे इस वीडियो में उदाहरण देते हुए कहते हैं कि शुरुआत दशरथ जी से होती है, जो एक बड़े राजा हैं लेकिन पेंशन हैं क्योंकि उन्हें बच्चे नहीं हो रहे। शिक्षक ने दावा किया कि इसके बाद ऋषि वशिष्ठ ने आकर हवन किया और रानियों को खाने के लिए खीर दी। छात्र हँसते हैं, इसके बाद मजाक वाले अंदाज़ में वो कहते हैं कि खीर से बच्चे हो गए, वो सही बोल रहे क्योंकि यही तो लिखा हुआ है। फिर उन्होंने मजाक बनाते हुए कहा कि बच्चों की शक्लें दशरथ जी से नहीं मिल रही थीं।

अमन वशिष्ठ को आगे कहते हुए सुना जा सकता है कि ऋषियों ने पहले ही बता दिया था कि हवन के बाद ये हो सकता है। छात्र और शिक्षक इसके बाद फिर ठहाके लगाते हैं। फिर शिक्षक कहते हैं कि ‘हिन्दू वाहिनी सेना’ वाले आकर उनका क़त्ल न कर दें। आगे ‘रामायण’ को अपमानजनक तरीके से रामायण बताते हुए वो कहते हैं कि बच्चे बड़े हो गए तो कैकेयी ने कहा कि उनके बच्चों को शासन नहीं मिला, कौशल्या दुखी हो गईं कि उनके बेटे को वनवास भेज दिया गया।

आगे अमन वशिष्ठ कहते हैं कि अब तक रामजी ‘Chilled’ थे और उन्हें कोई दुःख नहीं था, फिर वो वनवास गए। शिक्षक कहते हैं कि भगवान राम सोचते हैं कि 14 वर्षों का टाइमपास होगा और एक ही टाइमपास का साधन था, लेकिन लुगाई उठा कर ले गया। शिक्षक कहते हैं कि उनके पास ऐसी पूरी की पूरी कहानी है। वो रामराज्य का भी मजाक बनाते हैं और कहते हैं कि पूरी की पूरी रामायण के अंदर एक व्यक्ति भी खुश नहीं है।

अमन वशिष्ठ अंग्रेजी पढ़ाते हैं और YouTube पर भी उनके लाखो सब्सक्राइबर्स हैं। अब इस वीडियो के वायरल होने के बाद उन्होंने कहा है कि 5 साल पहले इसकी वजह से उन पर कार्रवाई भी हो चुकी है, जिसके कारण उन्हें जयपुर छोड़ना पड़ा था और 2 साल डिप्रेशन की गोलियाँ खानी पड़ी थी। अमन वशिष्ठ ने कहा है कि वो कोई सफाई नहीं देना चाहते, लेकिन माफ़ी माँग रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये शब्द उनके मुँह से नहीं निकलने चाहिए थे।