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हिंदू लड़कियों को फँसाओ, मुस्लिम आबादी बढ़ाओ: कम्युनिस्ट CM ने खोला था केरल को ‘इस्लामी राज्य’ बनाने का प्लान, काॅन्ग्रेसी CM ने कबूला था हजारों धर्मांतरण

फिल्म द केरल स्टोरी (The Kerala Story) ने राज्य में चल रहे इस्लामी धर्मांतरण की साजिशों को चर्चा में ला दिया है। सेंसर बोर्ड ने 10 दृश्य हटा कर इस फिल्म को ‘A’ सर्टिफिकेट के साथ पास किया था। जो दृश्य हटाए गए थे उनमें से एक केरल के पूर्व मुख्यमंत्री वीएस अच्युतानंदन के इंटरव्यू से जुड़ा था।

वामपंथी नेता अच्युतानंदन साल 2006-2011 तक केरल के मुख्यमंत्री थे। बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने उनका एक वीडियो ट्वीट किया है। 27 सेकेंड का यह वीडियो 24 जुलाई 2010 को दिल्ली में अच्युतानंदन के प्रेस कॉन्फ्रेंस का बताया जा रहा है। इसमें वे केरल को अगले 20 सालों में इस्लामी राज्य बनाने की साजिशों का जिक्र करते सुनाई पड़ रहे हैं।

अच्युतानंदन बताते हैं कि इस्लामी कट्टरपंथियों की योजना अगले 20 साल में केरल को मुस्लिम राज्य बनाने की है। इसके लिए वे युवाओं का माइंडवाश कर रहे हैं। उन्हें पैसे दे रहे हैं। मुस्लिम आबादी बढ़ाने के लिए युवाओं को हिंदू लड़कियों से शादी करने के लिए उकसाया जा रहा है। कम्युनिस्ट नेता ने बताया था कि इस्लामी कट्टरपंथियों की तरकीबें काम भी कर रही और राज्य में उनकी आबादी भी बढ़ रही है।

गौरतलब है कि अच्युतानंदन के इस इंटरव्यू के एक हिस्से को टीजर में भी दिखाया गया था। इसमें उन्होंने कहा था, “पॉपुलर फ्रंट केरल को एक इस्लामी राज्य बनाने पर अमादा है। प्रतिबंधित संगठन एनडीएफ की तरह उसका मकसद भी अगले 20 साल में केरल को मुस्लिम राज्य में परिवर्तित कर देना है।”

केरल के पूर्व सीएम का वीडियो शेयर करते हुए मालवीय ने लिखा है कि अच्युतानंदन एक कट्टर कम्युनिस्ट थे। वे ऐसे व्यक्ति नहीं थे जिस पर भगवा दृष्टिकोण रखने का आरोप लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा है कि अच्युतानंदन ही नहीं, केरल के काॅन्ग्रेसी मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने भी विधानसभा में 2006-12 के बीच 7000 से अधिक धर्मांतरण को कबूला था। मालवीय ने लिखा है, “लव जिहाद वास्तविक और खतरनाक है। हमारी लड़कियों को बहला-फुसलाकर कट्टरपंथी आतंकी संगठनों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।”

द केरल स्टोरी’ के निर्देशक सुदीप्तो सेन ने भी मार्च 2022 में बताया था, “2009 के बाद केरल और मैंगलोर की लगभग 32000 लड़कियों को हिंदू और ईसाई से इस्लाम में कन्वर्ट किया गया। उनमें से ज्यादातर सीरिया, अफगानिस्तान और अन्य ISIS व हक्कानी प्रभावशाली क्षेत्र में भेज दी गईं।” सुदीप्तो को रिसर्च के दौरान यह भी पता चला कि अपहरण और तस्करी के जरिए गायब हुईं कुछ लड़कियाँ अफगानिस्तान और सीरिया की जेल में पाई गई थीं। इनमें से ज्यादातर लड़कियों की शादी ISIS के आतंकवादियों से की गई थी और उन्हें ‘सेक्स स्लेव’ बनाया गया था।

तार काट घुसे-₹5000 एंट्री फी, ₹1500 में बंगाल में आधार कार्ड बनवाया; 5 साल से भारत में कर रहे थे अपराध: छत्तीसगढ़ में पकड़े गए बांग्लादेशी घुसपैठियों ने किया खुलासा

छत्तीसगढ़ पुलिस ने 60 लाख रुपए अधिक की चोरी के आरोप में 2 बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों ने पुलिस को बताया है कि वे बॉर्डर की तार काट भारत में घुसते हैं। इसके बाद पश्चिम बंगाल में महज 1500 रुपए में आधार कार्ड बनवाकर देश के अलग-अलग हिस्सों में चोरी करते हैं।

दरअसल, छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में गत 6 अप्रैल को चोरी हुई थी। इस मामले की जाँच करते हुए पुलिस ने दोनों आरोपितों को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया है। आरोपितों की पहचान मोहम्मद हसमत खलीफा और अल्ताफ हुसैन के रूप में हुई। पुलिस पूछताछ आरोपित हसमत खलीफा ने खुलासा करते हुए बताया है कि वह 4 महीने पहले पहली बार भारत आया था।

हसमत ने पुलिस से यह भी कहा है कि बॉर्डर से घुसपैठ करने के लिए दलाल को 5 हजार रुपए देने पड़ते हैं। इसके बाद दलाल बॉर्डर काट देता है और वे उसके नीचे से भारत में प्रवेश कर जाते हैं। फिर पश्चिम बंगाल में 1500 रुपए में आधार कार्ड बन जाता है। आरोपितों ने यह भी कहा है कि वे फेरी का काम करने के बहाने रेकी करते हैं। इसके बाद मौका मिलते ही चोरी कर फरार हो जाते। उनके इस गिरोह में 12 लोग शामिल हैं और वे लोग बीते 15 सालों से चोरी करते आ रहे हैं। इस गिरोह का मास्टरमाइंड गोकुल निषाद है। आरोपित उसके कहने पर ही चोरी की वारदात को अंजाम देते हैं।

इस मामले में पुलिस कहना है कि आरोपित और उनका गिरोह बीते 5 सालों से भारत के अलग हिस्सों में चोरियाँ कर रहा था। दुर्ग में चोरी करने के बाद आरोपित बांग्लादेश भाग गए थे। हालाँकि मामले की जाँच कर रही पुलिस लगातार इन लोगों के पीछे लगी हुई थी। इस दौरान बांग्लादेश पुलिस से भी संपर्क कर इनके बारे में जानकारियाँ जुटाई जा रही थीं। इस बीच आरोपित भारत वापस आकर पश्चिम बंगाल के नरेंद्रपुर थाना क्षेत्र में एक किराए के मकान में रह रहे थे। मामले की जाँच में जुटी पुलिस ने सूचना के आधार पर छापेमार कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया है कि इनमें से एक आरोपित मोहम्मद हसमत घुसपैठ की कोशिश करते हुए यूरोप में भी पकड़ा जा चुका है। इसके अलावा, गैर कानूनी काम करने के आरोप में लीबिया में 9 महीने की सजा भी काट चुका है। चोरी के इस गिरोह को लेकर हुए खुलासे में यह भी पता चला है कि आरोपित चोरी के पैसे को हवाला के जरिए बांग्लादेश भेज देते थे। इसके लिए वह दलाल को भारतीय नोट देते थे और वह 20% कमीशन रखने के बाद बाकी का पैसा बांग्लादेश में रह रहे इनके परिवार के पास पहुँचा देता था।

क्या है मामला

दरअसल, दुर्ग जिले में स्मृति नगर इलाके में व्यवसायी सौरभ जैन के घर में 6 अप्रैल 2023 को चोरी हुई थी। इस चोरी को लेकर उन्होंने थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। पीड़ित ने अपनी शिकायत में कहा था कि वह अपनी पत्नी को छोड़ने ससुराल गया था। इसके बाद घर वापस आकर देखा तो बेडरूम की खिड़की टूटी हुई थी। साथ ही, अलमारी में रखे 35 लाख रुपए नकद समेत सोने-चाँदी के जेवरात व अन्य सामान गायब था। उन्होंने नकदी समेत चोरी हुए सामान की कीमत 60 लाख रुपए से अधिक बताई थी।

पहलवानों के धरने में घुसा ‘आजादी गैंग’, लगे अखलाक-जुनैद के नारे, पत्रकार ने किया सवाल तो कहा- आग मत लगाओ, बृजभूषण का प्रवक्ता

दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी पहलवानों के धरने में पहले राजनीतिक घुसपैठ हुई। अब एक वीडियो वायरल हो रहा है जिससे पता चलता है कि ‘आजादी गैंग’ भी इनके बीच घुस चुका है। गुरुवार (4 मई 2023) को यहाँ पीएम मोदी, आरएसएस, ब्राह्मण विरोधी नारे सुनाई पड़े। जब एक पत्रकार ने इसको लेकर सवाल किया तो उसके साथ धक्का-मुक्की हुई। उसे बृज भूषण शरण सिंह का प्रवक्ता, गोदी मीडिया बताकर चुप कराने की कोशिश की गई। आखिर में पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और वह पत्रकार को भीड़ से बचाकर ले गई।

वीडियो में आप देख सकते हैं कि खुद को दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा बताने वाली हिजाब पहनी एक लड़की के नेतृत्व में कुछ लोग आजादी के नारे लगा रहे हैं। इन नारों में मनुवाद से आजादी, आरएसएस से आजादी, ब्राह्मणवाद से आजादी, मोदी सरकार से आजादी वगैरह शामिल थे। इतना ही नहीं कथित मॉब लिंचिंग के शिकार हुए अखलाक और जुनैद के नाम भी नारेबाजी के दौरान सुनाई पड़े। इसके अलावा आप वीडियो में मजहबी और जातिवादी नारे भी सुन सकते हैं।

इन नारों को लेकर जब O News Hindi के पत्रकार प्रभात रंजन मिश्रा ने सवाल किया कि पहलवानों के धरने में इस तरह के नारों का क्या मतलब है तो वहाँ मौजूद लोगों ने उन्हें चुप कराने की कोशिश की। गोदी मीडिया कहकर उनका विरोध किया गया। उन्हें बृज भूषण शरण सिंह का प्रवक्ता बताया गया। उन पर आग लगाने का आरोप लगाया गया। वीडियो में उग्र भीड़ को उनके साथ धक्का-मुक्की करते और पुलिस को उन्हें बचाकर ले जाते हुए आप देख सकते हैं। इस दौरान नारेबाजी करने वाले प्रदर्शनकारी मानते हैं कि वे पहलवानों के समर्थन में जंतर-मंतर पर आए हैं। आश्चर्यजनक है कि वीडियो वायरल होने और सोशल मीडिया में इस संबंध में लगातार सवालों के बावजूद खबर लिखे जाने तक इस तरह के नारों पर बजरंग पुनिया, विनेश फोगाट या साक्षी मलिक जैसे पहलवानों का, जो इस धरना का चेहरा बने हुए हैं का जवाब नहीं आया है।

इससे पहले पहलवानों के धरनास्थल पर ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी, आज नहीं तो कल खुदेगी‘ के नारे भी सुनाई पड़ चुके हैं। भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा के साथ पहलवानों के समर्थक बदतमीजी कर चुके हैं। उल्लेखनीय है कि इन पहलवानों ने भारतीय कुश्ती संघ के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह (WFI Chief Brij Bhushan Sharan Singh) पर यौन शोषण का आरोप लगाते हुए धरना शुरू किया था। इस संबंध में दिल्ली पुलिस एफआईआर भी दर्ज कर चुकी है। लेकिन धरनारत पहलवानों का कहना है कि जब तक बृजभूषण सिंह की गिरफ्तारी नहीं होती, वे नहीं उठेंगे। इस बीच 4 अप्रैल 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए पहलवानों का केस बंद कर दिया था कि उनकी माँग एफआईआर और सुरक्षा की थी जो अब पूरी हो चुकी है। आगे किसी भी प्रकार की शिकायत या माँग के लिए सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारी पहलवानों को स्थानीय मजिस्ट्रेट के समक्ष जाने की सलाह भी दी है।

कर्नाटक में BJP आगे, डबल डिजिट में सिमट जाएगी कॉन्ग्रेस: जन की बात+सुवर्णा न्यूज का ओपिनियन पोल, ‘बजरंग दल’ इफेक्ट से और खिल सकता है कमल

कर्नाटक विधानसभा चुनाव (Karnataka Assembly Election 2023) से पहले ओपिनियन पोल के जरिए कयास लगने लगे हैं कि इस बार राज्य में कौन सी पार्टी की सरकार आने वाली है। इसी क्रम में प्रदीप भंडारी के ‘जन की बात’ ने अपने सर्वे के आधार पर कुछ नंबर्स को जारी किया है। इसके मुताबिक इस बार कर्नाटक में भी भाजपा को कॉन्ग्रेस और जेडीएस से ज्यादा वोट मिलने की उम्मीद है।

1 मई तक के डेटा के आधार पर ‘जन की बात कर्नाटक पोल’ कहता है कि भाजपा को 100-114 तक सीटें मिल सकती हैं, जबकि कॉन्ग्रेस को 86-98, जेडीएस को 20-26 सीटें मिल सकती हैं। पोल के अनुसार, भाजपा को जहाँ  मोदी फैक्टर का फायदा होगा। वहीं कॉन्ग्रेस और जेडीएस को मुस्लिम वोट ज्यादा मिल सकते हैं।

जन की बात के दूसरे पोल में 70% लिंगयात और 70% मराठा भाजपा का ही साथ देंगे। वहीं 86% मुस्लिम और 83% कुर्बा कॉन्ग्रेस के साथ रहेंगे। क्षेत्रवार बात करें तो भाजपा कर्नाटक, कित्तूर में लीड करेगी और कॉन्ग्रेस से उन्हें कल्याण समेत बेंगलुरु के इलाकों में टक्कर मिलेगी।

वीआईपी सीट की बात करें तो पोल कहता है कि शिगाँव से बसवराज बोम्मई लीड करेंगे, कनकपुर से डीके शिवकुमार, चिकमंगलूर से सीटी रवि, हुबली धरवाड़ से जगदीश शेटर और शिकारी पुरा से बीवाई वीजेंद्र आगे रहेंगे।

बता दें कि ‘जन की बात’ का पोल एशियानेट सुवर्णा न्यूज पर आया है। इससे पहले कई और चैनलों के ओपिनियन पोल जारी हो चुके हैं। जैसे 30 अप्रैल को जारी किए गए एबीपी के सी वोटर ने बताया कि इस बार 224 विधानसभा वाली सीटों में भाजपा का बहुमत पाना मुश्किल है और उन्हें 74 से 86 सीटों पर ही संतोष करना पड़ेगा। वहीं कॉन्ग्रेस को 107 से 119 सीटें मिल सकती हैं। इसी तरह जेडीएस पर 23 से 35 सीट मिलेगी।

इसके बाद जी न्यूज के मैटरीज ओपिनियन पोल भी 1 मई को आ चुका है। इसके अनुसार भाजपा इस बार राज्य में अपने खाते में 103 से 115 सीटें पाएगी और अन्य पार्टियों से ऊपर रहेगी। इस पोल के अनुसार कॉन्ग्रेस को 79 से 91 सीटें मिल सकती हैं और जेडीएस को 26 से 36 सीटें मिलेंगी। वोट शेयर की बात करें तो भाजपा पर 42% वोट शेयर होगा और कॉन्ग्रेस पर 40 फीसदी।

इसके अलावा इंडिया टुडे के सी वोटर ने कर्नाटक में किसकी सरकार आएगी ये अनुमान लगाया है। इंडिया टुडे के सी वोटर के अनुसार इस बार कॉन्ग्रेस बाजी मार सकती है। इस पोल की मानें तो भाजपा को सिर्फ 74 से 86 सीट आएँगी और कॉन्ग्रेस को 107 से 119 सीटें। इसी तरह जेडीएस को 23-55 सीट मिल सकती है। सर्वे में कॉन्ग्रेस के पास वोट शेयर 40% दिखाया गया है और बीजेपी के पास 35 फीसद।

बता दें कि कर्नाटक की 224 विधानसभा सीट पर इस बार 10 मई को चुनाव होने वाले हैं। नतीजे 13 मई को आएँगे। साल 2018 के चुनावों में यहाँ भाजपा को 104 सीटें मिली थीं और कॉन्ग्रेस को 80 सीट आई थी। वहीं जेडीएस के हिस्से 37 सीट आई थी। इस बार भी भाजपा-कॉन्ग्रेस को लेकर इतनी ही सीटों के अनुमान लगाए जा रहे हैं। हर पोल में जो एक बात सामान्य है वो यह कि उनके मुताबिक भाजपा के लिए मोदी फैक्टर बहुत काम आने वाला है और कॉन्ग्रेस के काम मुस्लिमों वोट आएँगे।

गौर करने वाली बात यह है कि ये ओपिनियन पोल कर्नाटक चुनाव में बजरंग दल के मुद्दा बनने से पहले के हैं। काॅन्ग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में बजरंग दल की तुलना पीएफआई से करते हुए प्रतिबंध का वादा किया था। इसका देशभर में विरोध हो रहा है। इससे काॅन्ग्रेस बैकफुट पर है। डैमेज कंट्रोल की कोशिश में पहले पार्टी के वरिष्ठ नेता वीरप्पा मोइली ने बजरंग दल पर प्रतिबंध से इनकार किया। उसके बाद कर्नाटक काॅन्ग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने सत्ता में आने पर राज्य के सभी जिलों में हनुमान मंदिर बनाने का वादा किया है।

CCTV वीडियो में दिखा तिहाड़ में कैसे हुई टिल्लू ताजपुरिया की हत्या, खुलेआम नुकीली चीज घोंप-घोंप कर मारते दिखे हत्यारे

अति सुरक्षित कहे जाने वाले दिल्ली की तिहाड़ जेल में 2 मई 2023 को हुई गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया की हत्या का CCTV फुटेज सामने आया है। फुटेज में दिख रहा है कि जेल में बंद चार अपराधी टिल्लू पर हमला कर रहे हैं। उसे तक नुकीली चीजों से मारते रहते हैं, जब तक कि वह जख्मी होने के बाद बेसुध होकर गिर नहीं जाता।

दरअसल, तिहाड़ में मंगलवार (2 मई 2023) को कुख्यात गोगी गिरोह के चार सदस्यों ने सूआ घोंप-घोंप कर टिल्लू की हत्या कर दी थी। टिल्लू को 40 से 50 बार घोंपा गया था। सीसीटीवी फुटेज वायरल हो रहा है। यह फुटेज विचलित करने वाला है।

बता दें कि टिल्लू ताजपुरिया साल 2021 की एक घटना का आरोपित था। उसने दिल्ली स्थित रोहिणी की अदालत में गोलीबारी की थी। इस गोलीबारी में गैंगस्टर जितेंद्र गोगी की हत्या कर दी गई थी। गोगी की मौत का बदला लेने के लिए ही उसके गैंग के सदस्यों ने उसकी हत्या की। तिहाड़ में हमले के बाद गंभीर रूप से जख्मी ताजपुरिया को दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में ले जाया गया था, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।

लगभग 33 साल के टिल्लू ताजपुरिया को ग्राउंड फ्लोर पर स्थित एक वॉर्ड में बंद किया गया था। गोगी गिरोह के जिन चार कैदियों ने सुबह 6:15 बजे टिल्लू पर हमला किया था, उनमें दीपक उर्फ तीतर, योगेश उर्फ टुंडा, राजेश और रियाज खान शामिल थे। ये सभी उसी वॉर्ड के पहली मंजिल पर बंद थे।

गोगी गैंग का नाम प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद भी आया था। कहा जा रहा है कि माफिया ब्रदर्स को ढेर करने वाले शूटरों को जिगाना पिस्टल गोगी गैंग से ही मिली थी। टिल्लू ताजपुरिया पर 11 केस दर्ज हैं, जिनमें 3 केस हत्या के हैं। 2018 में ताजपुरिया और उसके गैंग के लोगों पर मकोका भी लगाया गया था। 

हत्या करने के लिए उन्होंने पहले लोहे की ग्रिल को काटा था। इसके बाद चादर की सहायता से ग्राउंड फ्लोर पर कूद गए। इसके बाद लोहे की रॉड और सुआ से वार कर ताजपुरिया की हत्या कर दी थी। इस हमले में ताजपुरिया को बचाने में रामनिवास नामक एक अन्य कैदी भी घायल हुआ है। वह खतरे से बाहर है।

बताया जा रहा है कि गोगी गैंग के कई गुर्गे तिहाड़ जेल में बंद हैं। इस हत्या में रोहित मोई का नाम भी सामने आ रहा है। रोहित को जितेंद्र गोगी का राइट हैंड माना जाता है। जितेंद्र गोगी और रोहित मोई को पुलिस ने एक साथ ही गिरफ्तार किया था। ज्ञात हो कि गोगी गैंग के लॉरेंस विश्नोई गैंग से भी संबंध रहे हैं। दोनों गैंग साथ मिलकर काम करने के लिए जाने जाते थे।

टिल्लू ताजपुरिया नीरज बवाना और सुनील राठी गैंग से भी जुड़ा हुआ था। टिल्लू को साल 2016 में सोनीपत पुलिस ने एक हत्या के मामले में गिरफ्तार किया था। तब से वह जेल में बंद था। टिल्लू बाहरी दिल्ली के ताजपुर गाँव का रहने वाला था। इसलिए उसे टिल्लू ताजपुरिया कहा जाता था।

टिल्लू के पिता MCD में नौकरी करते थे। कॉलेज के दोनों में टिल्लू और गोगी अच्छे दोस्त थे। कॉलेज के दिनों में राजनीति को लेकर दोनों में दुश्मनी हो गई। साल 2008 में टिल्लू अपराध की दुनिया में आया और फिर दोनों गैंग के बीच गैंगवार होने लगी, जिसमें कई लोग मारे गए।  

‘जय बजरंग बली नारे से अल्पसंख्यकों में बनेगा डर का माहौल’: कॉन्ग्रेस नेता रहमान खान ने कहा – PM मोदी के खिलाफ एक्शन ले चुनाव आयोग

कर्नाटक में कॉन्ग्रेस ने ‘बजरंग दल’ को प्रतिबंधित करने का वादा अपने घोषणापत्र में किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी पर हनुमान जी के अपमान का आरोप लगाया। वहीं अब कॉन्ग्रेस नेता व पूर्व केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री के रहमान खान ने ‘जय बजरंग बली’ नारे से आपत्ति जताई है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से कहा है कि वो मतदान करते समय ‘जय बजरंग बली’ नारा लगाएँ। उन्होंने ANI से बातचीत में ये बातें कही।

कॉन्ग्रेस नेता ने कहा, “मैंने प्रधानमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि जब आप बूथ पर वोट डालने के लिए जाएँगे, आप ‘जय बजरंग बली’ बोल कर वोट करिए। प्रधानमंत्री को ये बात नहीं बोलनी चाहिए थी। वो पूरे देश के प्राइम मिनिस्टर हैं और वो ये बात कह रहे हैं तो ये सही नहीं है। अब अगर बूथ में लोग इस तरह से जोर-जोर से पुकारते रहेंगे तो किसे-किसे कंट्रोल किया जाएगा? अल्पसंख्यक वहाँ जाएँगे तो उनमें डर का माहौल होगा।”

के रहमान खान ने कहा कि वो चुनाव आयोग से अपील करते हैं वो इस पर संज्ञान ले और इसे रोके। उन्होंने कहा कि देश में अल्पसंख्यक लोग डर नहीं रहे हैं, लेकिन माहौल बना हुआ है। उन्होंने कहा, “एटमॉस्फेयर ऐसा ही बना हुआ है। लिंचिंग हो रही है। जबरन ‘जय श्री राम’ बुलवाया जा रहा है। कोई आम आदमी बोलता तो भला कोई बात नहीं थी। लेकिन, प्रधानमंत्री ऐसा बोल रहे हैं तो इलेक्शन कमीशन को नोटिस लेना चाहिए।”

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक रैली के दौरान कहा था, “आजकल कोई भी मोदी को गाली दे रहा है। क्या कर्नाटक में कोई भी गाली संस्कृति को स्वीकार करता है? क्या कर्नाटक गाली देने वाले को माफ कर देता है? जब पोलिंग बूथ में बटन दबाओ तो ‘जय बजरंग बली’ बोल कर इन्हें सज़ा दे देना।” देश के कई इलाकों में ‘बजरंग दल’ ने कॉन्ग्रेस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया है। कॉन्ग्रेस पार्टी ने घोषणापत्र में ‘बजरंग दल’ की तुलना प्रतबंधित इस्लामी कट्टरपंथी संगठन PFI से भी कर डाली थी।

बड़ी-बड़ी बालकनियाँ, विशाल लॉन, शाही ड्राइंग रूम… आ गई ‘शीशमहल’ के भीतर की तस्वीरें, देखें कितना आलीशान है अरविंद केजरीवाल का बँगला

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बँगले और उसके भीतर की तस्वीरें सामने आई हैं। हाल ही में खुलासा हुआ था कि घर को चमकाने में 45 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। अरविंद केजरीवाल का बँगला देखने में काफी भव्य लग रहा है। साथ ही इसके भीतर काफी चमक-धमक देखा जा सकता है। दिल्ली के भाजपा नेताओं ने भी इस तस्वीरों को शेयर करते हुए उन्हें ‘अरविंद केजरीवाल का शीशमहल’ बताया। देखें तस्वीरें:

‘टाइम्स नाउ नवभारत’ चैनल ने भी ऐसी कई तस्वीरें जारी की हैं। अरविंद केजरीवाल के सरकारी आवास में बड़ी-बड़ी बालकनियाँ हैं, साथ ही कई विशाल लॉन भी हैं। उनके घर का ड्राइंग रूम में खासा आलीशान है और उसमें काफी जगह भी है। इसमें एक सात सीटों वाला सोफे लगा हुआ है, जो वियतनाम से आया है। वहाँ एक सेंटर टेबल भी रखा हुआ है। घर में 10 टेलीविजन सेट लगे हुए हैं, जो काफी महँगे हैं। इतना ही नहीं, रूफटॉप, यानी छत पर भी भव्य कारीगरी की गई है।

अरविंद केजरीवाल के घर में शाही टॉयलेट लगा है। साथ ही जो मार्बल इस्तेमाल किया गया है, वो 3 करोड़ रुपए का है। राजनीतिक विश्लेषकों ने इसे जनता के पैसों के दुरुपयोग का मामला बताया है। वहीं भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने कहा है कि जब आप और आपका परिवार ऑक्सीजन के लिए दौड़ लगा रहा था, तब अरविंद केजरीवाल अपने लिए ‘शीशमहल’ बनवा रहे थे। उधर LG द्वारा गठित जाँच टीम ने इससे जुड़ी 47 फाइलें अपने कब्जे में ली हैं।

बता दें कि सैटेलाइट इमेज के जरिए हुए नए खुलासे में कहा गया था कि अरविंद केजरीवाल ने सीएम आवास की पुरानी बिल्डिंग की मरम्मत के नाम पर टेंडर निकाला था। इस टेंडर के तहत पुरानी बिल्डिंग में मरम्मत के साथ ही कुछ बदलाव होने थे। लेकिन, इसकी जगह केजरीवाल ने एक नए सीएम हाउस का निर्माण करवाया है। वहीं, पुरानी बिल्डिंग को गिराकर उसकी जगह एक बड़ा गार्डन बनवाया गया है। इस गार्डन के बगल में लॉन टेनिस के लिए एक कोर्ट भी बनाया गया है।

ये 0 भारत की मजबूती का प्रमाण, मंदी आने की कोई आशंका नहीं: 75% के साथ ब्रिटेन सबसे खराब हाल में, अमेरिका-चीन की हालत भी पतली

दुनिया भर में मंदी (Recession) की आशंका के बीच कंपनियाँ छंटनी कर रही हैं। निवेश बैंकिंग की दिग्गज अमेरिकी कंपनी मॉर्गन स्टेनली (Morgan Stanley) द्वारा 3000 कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा के बाद एक और कंपनी ने कर्मचारियों की संख्या में कटौती की घोषणा की है। अमेरिकी आईटी कंपनी कॉग्निजेंट (Cognizant) ने गुरुवार (4 मई 2023) को कहा कि रेवेन्यू में कमी के कारण वह अपने 3,500 कर्मचारियों की छंटनी करेगी।

वैश्विक श्रम बाजार में मंदी की आशंका के चलते पिछले लगभग डेढ़ सालों से कंपनियाँ लगातार छंटनी कर रही हैं। इसके पहले सोशल मीडिया कंपनी मेटा, ट्विटर, गूगल आदि भी अपने हजारों कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा चुके हैं। हालाँकि, भारत में घरेलू कंपनियों के बीच इस कथित मंदी की आहट का डर कम दिखाई दे रहा है। कई भारतीय कंपनियाँ तो अपने यहाँ कर्मचारियों की भर्ती कर रही हैं।

मंदी को लेकर गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) ने मार्च 2023 में कहा था कि सिलिकॉन वैली बैंकों के दिवालिया होने और व्यापक बैंकिंग क्षेत्र पर इसके प्रभाव के बाद अगले 12 महीनों में अमेरिका में मंदी की उच्च संभावना दिखाई देती है। गोल्डमैन के विश्लेषकों ने अगले 12 महीनों में अमेरिका में मंदी की आशंका 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 35% कर दी थी।

गोल्डमैन सैक्स का यह पूर्वानुमान टेक-केंद्रित सिलिकॉन वैली बैंक और क्रिप्टो-केंद्रित सिग्नेचर बैंक की बर्बादी के बाद आया था। इन आशंकाओं के बीच अमेरिका और यूरोप सहित दुनिया भर के शेयर बाजारों, खासकर बैंकिंग शेयरों में भारी गिरावट देखी गई थी। यूरोप में इसको लेकर विशेष आशंका जाहिर की जाने लगीं। हालाँकि, भारत में मंदी की आशंका जीरो (0) है।

इसी तरह यूरोपीय देशों में भी मंदी की आशंका को लेकर की जाने वाली पूर्वानुमान की दर को बढ़ा दिया गया है। World of Statistics नाम के ट्विटर हैंडल ने विभिन्न एजेंसियों के आँकड़ों के आधार पर विभिन्न देशों में मंदी की आशंका को लेकर डाटा जारी किया है।

इस आँकड़े में साल 2023 में भारत में मंदी की आशंका 0 प्रतिशत है। वहीं, सबसे अधिक मंदी की आशंका वाला देश ब्रिटेन है। वहाँ मंदी की आशंका 75 प्रतिशत है। वहीं, न्यूजीलैंड में 70 प्रतिशत और अमेरिका में 65 प्रतिशत है। वहीं, जर्मनी, इटली और कनाडा में इस साल मंदी की आशंका 60 प्रतिशत है।

जिन देशों में इस साल मंदी की सबसे कम आशंका है, उनमें भारत शीर्ष पर है। हालाँकि, 0 प्रतिशत के साथ भारत में मंदी की आशंका है ही नहीं। भारत के बाद इंडोनेशिया में 2 प्रतिशत, सऊदी अरब में 5 प्रतिशत, चीन में 12.5 प्रतिशत, ब्राजील में 15 प्रतिशत और स्विट्जरलैंड में 20 प्रतिशत इस साल मंदी की आशंका है।

भारत में क्यों नहीं है मंदी की आशंका

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने अपने ताजा आँकड़े में बताया है कि दुनिया में सबसे ज्यादा उत्पादन साल 2023 में भारत में होने वाला है। इस हिसाब से भारत का विकास दर सबसे अधिक होगा। IMF ने अपनी हालिया रिपोर्ट में भारत की वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद विकास दर 5.9 प्रतिशत रहने की उम्मीद जताई है। इसके बाद 5.2 प्रतिशत के साथ चीन दूसरे नंबर पर है।

ग्रोथ रेट के हिसाब से जो शीर्ष पाँच देश हैं, उनमें भारत और चीन के अलावा इंडोनेशिया की ग्रोथ रेट 5 प्रतिशत, सऊदी अरब की 3.1 प्रतिशत और मेक्सिको की 1.8 प्रतिशत रहने वाली है। ये वही देश हैं, जहाँ इस साल मंदी की आशंका सबसे कम है। हालाँकि, मेक्सिको इसका अपवाद है, क्योंकि मेक्सिको की मंदी आशंका दर 27.5 प्रतिशत है और यह सबसे कम आशंका वाले देशों में आठवें नंबर पर है।

मंदी की आशंका से सबसे अधिक प्रभावित की सूची में शीर्ष पर बैठे ब्रिटेन का आर्थिक वृद्धि दर निगेटिव में है, यानी -0.3 प्रतिशत और जर्मनी की -0.1 प्रतिशत रहने वाली है। वहीं, दक्षिण अफ्रीका साल 2023 में 0.1 प्रतिशत, फ्रांस और इटली का 0.7 प्रतिशत विकास दर रहने का अनुमान है। इसलिए ये मंदी की आशंका को लेकर शीर्ष पर हैं।

पाकिस्तान में 23 महिलाओं सहित 50 हिन्दुओं का इस्लामी धर्मांतरण, इनमें 1 साल की बच्ची भी: 4 महीने दी जाएगी मजहब की ट्रेनिंग, कार्यक्रम में आया मंत्री का बेटा

पाकिस्तान में 50 हिन्दुओं के सामूहिक इस्लामी धर्मांतरण का मामला सामने आया है। इन सभी को इस्लाम 4 महीने अब इस्लाम का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन्हें इसके लिए एक ट्रेनिंग सेंटर में रखा जाएगा, जहाँ इन्हें इस्लाम के बारे में सब कुछ बताया-समझाया जाएगा। इस्लामी धर्मांतरण करने वाले 10 परिवार हैं। ये मामला पाकिस्तान के मीरपुरखास का है, जो सिंध प्रान्त में पड़ता है। हिन्दू कार्यकर्ताओं ने इस घटना का विरोध भी किया है।

पाकिस्तानी मीडिया संस्थान ‘The Express Tribune’ की खबर के अनुसार, मजहबी मामलों के मंत्री और सीनेटर मोहम्मद तल्हा महमूद का बेटा मोहम्मद समरोज खान को इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बुलाया गया था। बैतूल इमाम न्यू मुस्लिम कॉलोनी के एक मदरसे में ये कार्यक्रम आयोजित हुआ। संगठन के सदस्य क़ारी तैमूर राजपूत ने दावा किया कि सभी 50 हिन्दुओं ने अपनी मर्जी से इस्लाम कबूल किया है। आसपास के इलाकों के लोग भी इस कार्यक्रम में आए।

जिन 50 हिन्दुओं ने इस्लाम अपनाया है, उनमें 23 महिलाएँ हैं। धर्मांतरितों में एक 1 साल की बच्ची भी शामिल है। 2018 में यहाँ नए-नए बने मुस्लिमों के लिए एक ट्रेनिंग सेंटर बना था, जहाँ अब इन्हें रखा जाएगा। उनके खाने-पीने से लेकर कपड़ों और दवाओं की भी व्यवस्था की जाएगी। उन्हें कुरान पढ़ाया जाएगा। संगठन ने दावा किया कि पिछले 5 वर्षों में सैकड़ों लोगों ने इस्लाम अपनाया है। क़ारी राजपूत ने कहा कि एक अकेले व्यक्ति का धर्मांतरण नहीं किया जाता क्यों इससे मुद्दा बनता है, इसीलिए परिवारों का ही धर्मांतरण किया जाता है।

क़ारी राजपूत ने कहा कि इन लोगों को हर तरह की ज़रूरी सुविधा मुहैया कराई जाती है। 4 महीने की ट्रेनिंग के बाद ये कहीं भी जा सकते हैं। इस घटना से आक्रोशित हिन्दू कार्यकर्ता फरीक शिवा कुच्ची ने कहा कि सरकार भी इस तरह के धर्मांतरणों में शामिल हो रही है। उन्होंने इसके खिलाफ कानून बनाने की माँग करते हुए कहा कि सिंध में ये सब धड़ल्ले से हो रहा है, अब मंत्री का बेटा धर्मांतरण कार्यक्रम का हिस्सा बन रहा है। उन्होंने कहा कि हिन्दुओं की गरीबी का फायदा उठा कर ऐसा किया गया है।

‘8000 मंदिर तोड़े, 40 लाख हिन्दुओं का जबरन इस्लामी धर्मांतरण किया’: टीपू सुल्तान पर फिल्म की घोषणा, वीडियो में दिखाया क्रूर सुल्तान का असली सच

इतिहासकारों ने लंबे समय तक टीपू सुल्तान को एक स्वतंत्रता सेनानी बताया और पाठ्यक्रम में भी ऐसा ही पढ़ाया गया। लेकिन, जब सही इतिहास सामने आया तो हिन्दुओं पर अत्याचार करने वाले टीपू सुल्तान की पोल खुल गई। जिस टीपू सुल्तान की कॉन्ग्रेस सरकार जयंती मनाती थी, अब लोग उसे हिन्दुओं का हत्यारा और मंदिर तोड़ने वाले के रूप में जानते हैं। अब मैसूर के सुल्तान के ‘डार्क साइड’ को दिखाने के लिए फिल्म भी आ रही है। ‘Eros International’ इस फिल्म को पेश कर रहा है।

‘टीपू’ फिल्म के अनाउंसमेंट वीडियो में दिखाया गया है कि इस क्रूर शासक ने 8000 मंदिरों और 27 चर्चों को ध्वस्त किया। इसमें बताया गया है कि 40 लाख हिन्दुओं को इस्लाम अपना कर मुस्लिम बनने को मजबूर किया गया, उन्हें गोमांस खिलाया गया। 1 लाख से भी अधिक हिन्दुओं को जेल में ठूँस दिया गया। कालीकट में 200 ब्राह्मण परिवारों का नरसंहार किया गया। वीडियो में बताया गया है कि सन् 1783 से ये ‘जिहाद’ शुरू किया गया था। वीडियो में मंदिरों को जलते हुए भी दिखाया गया है।

इस फिल्म का निर्देशन पवन शर्मा कर रहे हैं। एक वीडियो के जरिए फिल्म की घोषणा कर दी गई है। इस फिल्म को संदीप सिंह और रश्मि शर्मा मिल कर प्रोड्यूस कर रहे हैं। संदीप सिंह ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ भी बना रहे हैं, जिसमें रणदीप हुड्डा वीर विनायक दामोदर सावरकर के किरदार में दिखेंगे। वो ‘अटल’ फिल्म भी बना रहे हैं, जिसमें पंकज त्रिपाठी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का रोल अदा कर रहे हैं। संदीप शर्मा इसके अलावा ‘बाल शिवाजी’ फिल्म भी बना रहे हैं।

उनके अलावा रश्मि शर्मा इस फिल्म का निर्माण करेंगी, जो ‘पिंक (2016)’ की भी प्रोड्यूसर थीं। ‘टीपू’ फिल्म को हिंदी, कन्नड़, तमिल तेलुगु और मलयालम में रिलीज किया जाएगा। फिल्म के लिए रिसर्च का काम रजत सेठी ने किया है, जो हॉवर्ड और IIT खड़गपुर जैसे संस्थानों से पढ़ चुके हैं। कानपुर में जन्मे रजत सेठी असम चुनाव में भाजपा के लिए काम कर चुके हैं। वो एक उम्दा राजनीतिक विश्लेषक और लेखक भी हैं।

फिल्म के निर्देशक पवन शर्मा ने कहा, “हमें टीपू सुल्तान के बारे में स्कूलों में जो पढ़ाया गया, वो बहुत ही भ्रामक था। जब मैंने इस क्रूर शासक के बारे में सही से जाना, तो मैं काफी हैरान रह गया। मैं इस फिल्म के जरिए एक कठोर वास्तविकता दिखाने जा रहा हूँ, जिससे छेड़छाड़ कर के हमें टीपू सुल्तान को लेकर योद्धा नायक बता कर पेश किया गया।” वहीं रजत सेठी ने कहा कि टीपू सुल्तान के अत्याचारों को छिपा कर उसे बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया गया।