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ईसाई हो या कम्युनिस्ट, उनकी नजर में सब ‘शिकार’… शरीयत में महिलाएँ उपभोग की वस्तु, ‘अल्लाहु अकबर’ चिल्ला कर हिंसा – वास्तविकता दिखाती है ‘The Kerala Story’

कुछ सच इतना ज़्यादा सच होता है कि उसे सालों बाद सही तरीके से बताया जाए तो वो झूठ लगने लगता है। ये बात ‘The Kashmir Files’ के संबंध में कही गई थी, जिसने नब्बे के दशक में कश्मीरी पंडितों के नरसंहार का इतिहास दुनिया के सामने रखा। वहीं, कुछ सच ऐसा होता है जिसे देख कर भी समाज का एक अधिकतर हिस्सा तब तक नज़रअंदाज़ करता है जब तक वो एकदम भयावह रूप न ले ले, ये बात ‘The Kerala Story’ के संबंध में कही जा सकती है।

यहाँ हम आपको बताएँगे कि ‘The Kerala Story’ देखनी चाहिए या नहीं, बिना कहानी के बारे में कुछ भी खोलते हुए। इसका सीधा जवाब है – बिलकुल देखना चाहिए। जानने के लिए आगे पढ़ते रहिए। संक्षेप में कहें तो ‘The Kerala Story’ उन 3 लड़कियों की कहानी है जो इस्लामी धर्मांतरण के जाल में फँसा दी जाती हैं। जैसा कि ट्रेलर में बताया गया है, इन लड़कियों की तस्करी कर के उन्हें ISIS के गढ़ में भेजा जाता है।

उन्हें ‘Sex Slave’ बना दिया जाता है। फिल्म में कहीं भी किसी भी रूप में झूठी न्यूट्रैलिटी के लिए करेक्ट होने की कोशिश नहीं की गई है। जो है, उसे दिखाया गया है। जो होता है, उसे बताया गया है। धर्मांतरण के जाल में फँसाने के लिए क्या-क्या किया जाता है और क्या-क्या बोला जाता है, इसे दिखाने में कुछ भी छिपाने का प्रयास नहीं किया गया है। हिन्दू, वामपंथी, ईसाई – इस्लामी कट्टरवाद की आग में सब जलते हैं और ‘The Kerala Story’ इसे बहस सही तरीके से समझाती है।

‘The Kerala Story’ के निर्देशक सुदीप्तो सेन हैं और निर्माता विपुल शाह। विपुल शाह बॉलीवुड में एक बड़ा नाम हैं जिन्होंने अक्षय कुमार को लेकर 4 फिल्मों का निर्देशन किया है, जिनमें ‘नमस्ते लंदन (2007)’ भी शामिल है। वो ‘सींग इज किंग (2008)’ के भी निर्माता हैं। ‘कमांडो’ सीरीज की तीनों फिल्मों के निर्माता हैं। ‘फ़ोर्स’ सीरीज की तीसरी फिल्म अभी बन रही है, इस सीरीज के भी निर्माता वही हैं। ऐसे में क्रिएटिव प्रोड्यूसर के रूप में उनका अनुभव भी इसमें दिखता है।

फिल्म में अफगानिस्तान के जो दृश्य दिखाए गए हैं, वो वास्तविक लगते हैं। महिलाओं को किस तरह इस्लाम मजहब के कट्टरपंथियों द्वारा एक उपभोग की वस्तु से अधिक कुछ भी नहीं समझा जाता है, इसे आप ISIS और तालिबान से संबंधित दृश्यों को देख कर समझ जाएँगे। शरीयत की क्रूरता को उकेरने के लिए कुछ ही दृश्य काफी हैं। ‘लव जिहाद’ के पीछे मुल्ले-मौलानाओं के नेटवर्क और विदेशी फंडिंग – कई खबरों में हम इसकी वास्तविकता भी देख ही चुके हैं, अब फिल्म में भी इसे दिखाया गया है।

हिन्दू और ईसाई लड़कियों और उनके माता-पिता को ये मूवी विशेष कर के देखनी चाहिए। कोई भी बेटी का पिता, चाहे वो कॉन्ग्रेस हो, कम्युनिस्ट हो, नास्तिक हो या फिर हिन्दू विरोधी ही क्यों न हो, उसे इस फिल्म को ज़रूर देखना चाहिए ताकि उसकी विचारधारा उसकी बच्चियों का भविष्य बिगाड़ने का माध्यम न बने। इस्लामी कट्टरपंथ से खतरा सभी को है। मानव तस्करी और ‘लव जिहाद’ को मिला कर जो इस्लामी जिहाद का नेटवर्क बना है, उसका खुलासा करने वाली फिल्म है नाम है – ‘The Kerala Story’।

‘The Kerala Story’ फिल्म की रिलीज के बाद एक व्यक्ति जिनकी चर्चा सबसे ज्यादा होने वाली हैं, वो हैं अदा शर्मा, फिल्म की मुख्य अभिनेत्री। अदा शर्मा एक संस्कारी हिन्दू घर की लड़की के किरदार में हैं। उनके चेहरे पर वो मासूमियत दिखती है। बाद में उनके हावभाव में डर और लाचारी का मिश्रण भी अच्छे से दिखता है। जो भी इस फिल्म को देखने जाएँगे, वो उनके फैन बन कर निकलेंगे। अदा शर्मा के करियर का ये सबसे चर्चित और सबसे बड़ा किरदार होने वाला है, इसमें कोई शक नहीं है।

सिद्धि इदनानी – ये एक और ऐसा नाम है जिसकी चर्चा यहाँ पर करने लायक हैं। उन्होंने एक आधुनिक लड़की का किरदार बखूबी अदा किया है, जो कम्युनिस्ट पिता की छाया में पली-बढ़ी होती हैं। उनके किरदार से बॉलीवुड अभिनेत्रियों को ये सीखने को मिलेगा कि सर्जरी, जीरो फिगर और बिकनी से नहीं, बल्कि अच्छे स्क्रिप्ट में अच्छा अभिनय करने से आप दर्शकों का प्यार जीत सकती हैं। अदा शर्मा और सिद्धि इदनानी इस साल की सबसे चर्चित अभिनेत्रियों में रहें तो कोई शक नहीं होना चाहिए।

कई मलयालम फिल्मों की तरह ‘The Kerala Story’ में भी ‘God’s Own Country’, यानी केरल की खूबसूरती को बारीकी से उकेरा गया है। अफगानिस्तान और केरल के दृश्यों को देख कर आप उन इतिहासकारों को लानतें भेजना नहीं भूलेंगे, जिन्होंने हमें ये पढ़ाया कि इस्लामी आक्रांताओं का आर्किटेक्चर काफी उम्दा था और भारत में आकर उन्होंने ही हमें ये सब बनाना सिखाया। जो आज केरल में हो रहा है, वो कल को नॉर्थ-ईस्ट या फिर उत्तर भारत में भी व्यवस्थित ढंग से अंजाम दिया जा सकता है, इसीलिए जागना ज़रूरी है।

पिछले कुछ वर्षों में मलयालम फिल्मों में हिन्दुओं को विलेन के रूप में दिखाए जाने का चलन बढ़ा है। चाहे बहुचरचिर देशी सुपर हीरो वाली फिल्म ‘मिन्नल मुरली (2021)’ हो या फिर हाल ही में आई ममूटी की फिल्म ‘भीष्म पर्वम्’, हिन्दुओं को विलेन बताने जाने का एक चलन शुरू हो गया है। इन सबके उलट ‘The Kerala Story’ एक वास्तविक ट्रेंड को 3 पीड़ित लड़कियों के जरिए समझाने की कोशिश करती है। फिल्म में जो लोग नकारात्मक करिदार में हैं, उनका अभिनय भी दमदार है।

‘The Kerala Story’ देखनी चाहिए, ताकि बेटियों को बचाया जा सके। इस फिल्म को और भी लोगों को दिखाना चाहिए, ताकि वो इस आशंका से सतर्क रहें कि जो केरल में हो रहा वो नागलइनफ, कश्मीर या फिर झारखंड में भी हो सकता है। केरल के बारे में कथा है कि ये वो भूमि है, जिसे भगवान परशुराम ने खुद तैयार किया था। आज वहाँ ईसाइयों और मुस्लिमों के नाम पर राजनीति करने वाले दल हैं। जबकि सबरीमाला को पाश्चात्य अजेंडे के तहत शिकार बनाया गया और श्रद्धालुओं पर डंडे चले।

अल्लाहु अकबर बोल कर गला काटा जाता है, इस चीज को ‘The Kerala Story’ छिपाती नहीं। ‘लव जिहाद’ की शिकार लड़कियों के परिवारों की व्यथा को इसमें बढ़िया तरीके से दिखाया गया है। अधिकतर कॉलेज की लड़कियाँ ही इसका शिकार बनती हैं, इसीलिए कहानी में मुख्य किरदार भी उन्हें ही रखा गया है। इससे युवा इस फिल्म को देखेंगे-समझेंगे। फिल्म के कुछ वन लाइनर डायलॉग्स भी हैं, जो आपको याद रहेंगे।

जाकिर नाइक की सीडी से ब्रेन वाॅश, माँ को ‘काफिर’ मान पीटा: केरल की लड़की ने ‘इस्लामी कन्वर्जन’ को लेकर किए हैरान करने वाले खुलासे

केरल के कासरगोड की रहने वाली श्रुति ने राज्य में चल रहे इस्लामी धर्मांतरण की साजिशों को लेकर हैरान करने वाले खुलासे किए हैं। उसका ब्रेन बाॅश काॅलेज के मुस्लिम साथियों ने किया था। उसके मन में इस कदर हिंदू घृणा भर दी गई थी कि उसने अपनी ही माँ को ‘काफिर’ मानकर पीट दिया। धर्मांतरण के बाद श्रुति का नाम रहमत रखा गया था।

श्रुति उन लड़कियों में से एक है जिसने ABP न्यूज से बात की है। केरल में चल रहे ‘कन्वर्जन फैक्ट्री’ का सच जानने के लिए न्यूज चैनल ने इस्लामी धर्मांतरण की साजिशों का शिकार हुई कई पीड़िताओं से बात की है। रिपोर्ट में बताया है कि किस तरह गैर मुस्लिम लड़कियों को टारगेट कर उनका ब्रेन वाॅश किया गया।

श्रुति का ब्रेन वॉश करने के लिए कॉलेज के साथियों ने उसे इस्लाम से जुड़े पर्चे और किताबें पढ़ने के लिए दी थीं। भारत में हेट स्पीच और मनी लॉन्ड्रिंग के वांछित भगोड़े जाकिर नाइक का सीडी देखने को दिया था। उसने ABP न्यूज को बताया, “मुस्लिम उपदेशक जाकिर नाइक की स्पीच सुनने के लिए मुझे सीडी दी गई। बहुत ज्यादा जानकारी वहाँ से मिल रही थी तो मैं भी बहुत कन्फ्यूज थी। मैं इंटरनेट पर सर्च करने लगी। मैं इससे इतनी बहक गई कि एक दिन नमाज पढ़ने के लिए जा रही थी और माँ बड़े प्यार से खाना लेकर आई। लेकिन मैं नमाज के चलते उसे छू नहीं सकती थी। जब माँ ने मुझे खाने के लिए जोर दिया तो मैंने काफिर समझकर उन पर हाथ उठा दिया।”

ऐसी ही पीड़िताओं की कहानी पर आधारित फिल्म द केरल स्टोरी (The Kerala Story) 5 मई 2023 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।श्रुति ने इस फिल्म के ट्रेलर को भी सही ठहराया है। उसने बताया है, “इसमें (द केरल स्टोरी) लड़कियाँ जो कुछ बोल रही हैं, वो सब सही है। 10 साल पहले मेरा भी ब्रेन वॉश किया गया, जिसके चलते मैंने अपना धर्म बदल लिया था।” ब्राह्मण परिवार में पैदा हुई श्रुति ने बताया है कि ग्रेजुएशन के दौरान उसके ज्यादातर क्लासमेट मुस्लिम थे। ये लोग उससे इस्लाम की बातें करते थे। बातचीत में हिंदू धर्म पर सवाल खड़े करते थे। हिंदू त्योहारों के बारे में उसे भ्रमित किया। फिर उसका धर्मांतरण करवा दिया।

ऐसी ही एक अन्य लड़की अनखा ने ABP न्यूज को बताया है कि उसे पहले इस्लामी व्हाट्सऐप ग्रुप से जोड़ा गया। इस्लाम अपनाने के लिए वीडियो दिखाए गए। इससे धीरे-धीरे उसकी इस्लाम में दिलचस्पी पैदा हुई। फिर एक दिन धर्मांतरण कर उसका नाम आइमा अमीरा रखा गया। ‘द केरल स्टोरी’ के निर्देशक सुदीप्तो सेन ने भी मार्च 2022 में बताया था, “2009 के बाद केरल और मैंगलोर की लगभग 32000 लड़कियों को हिंदू और ईसाई से इस्लाम में कन्वर्ट किया गया। उनमें से ज्यादातर सीरिया, अफगानिस्तान और अन्य ISIS व हक्कानी प्रभावशाली क्षेत्र में भेज दी गईं थी।”

दावा- नशे में पहलवानों से दिल्ली पुलिस ने की बदतमीजी, हकीकत- मेडिकल टेस्ट में नहीं मिला एल्कोहल: जंतर-मंतर पर AAP नेता के कारण हुआ बवाल

जंतर-मंतर पर चल रहे पहलवानों के प्रदर्शन में कल (3 मई 2023) रात झड़प हो गई। इस झड़प के बाद पहलवानों ने एक पुलिसकर्मी पर नशे की हालत में बदसलूकी करने का आरोप भी लगाया। अब इसी मामले पर दिल्ली पुलिस के डीसीपी प्रणव तयाल ने मेडिकल का हवाला देते हुए कहा है कि पुलिसकर्मियों ने शराब नहीं पी थी।

डीसीपी प्रणव ने बताया कि जंतर-मंतर पर सोमनाथ भारती के कुछ लोग बिन अनुमति के गाड़ी भर कर फोल्डिंग पलंग लेकर पहुँचे थे। जब पुलिस ने उन्हें देखा तो उनको रोकने का प्रयास किया गया, मगर तभी सारे प्रदर्शनकारी वहाँ इकट्ठा हो गए और वहीं धक्का-मुक्की होने लगी। इस पूरे प्रकरण में पाँच पुलिसकर्मी घायल हुए जिनमें से 2 महिला पुलिसकर्मी थीं।

डीसीपी ने मीडिया को यह भी बताया कि प्रदर्शनकारियों ने इल्जाम लगाया था कि कोई पुलिसवाला शराब के नशे में धुत था। डीसीपी ने कहा, “उस पुलिसवाले का हमने अलग से मेडिकल कराया था, उसकी रिपोर्ट में कोई एल्कोहल होने के सबूत नहीं मिले हैं।” डीसीपी ने बताया कि इस झड़प में प्रदर्शनकारियों के भी 2 लोगों को चोट आई थी उनका मेडिकल होने के बाद डिस्चार्ज (लामा मिल गया है) हो गए हैं।

पुलिस ने स्वाति मालीवाल के आरोपों पर कहा कि कल प्रदर्शनस्थल पर कानून व्यवस्था को देखते हुए उन्हें बैरिकेड से अंदर आने को रोका गया था। बाद में उनको हिरासत में लेकर सिविल लाइन्स थाने ले जाया गया था। उसके बाद वहाँ से उन्हें छोड़ दिया गया था। ये सब कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हुआ था।

उल्लेखनीय है कि जंतर-मंतर पर देर रात हुई पुलिस के साथ झड़प के बाद विनेश फोगाट ने आरोप लगाया था कि पुलिसकर्मी ने महिला प्रदर्शनकारियों के साथ बदसलूकी की। लड़कियों की छाती पर धक्का मारा। वायरल वीडियो में देख सकते हैं विनेश फोगाट कहती हैं,

“वो बृजभूषण जिसने इतने कांड किए वो घर में मजे से सो रहा है। हम लोग तख्ते के खाट ला रहे हैं सोने के लिए उसमें भी इन्हें लग रहा है सो जाओ मर जाओ…मारना है वैसे ही मार दो, हम मरने के लिए तैयार हैं। इतनी इज्जत गिराओगे क्या। हम अपने मान-सम्मान की लड़ाई लड़ रहे हैं और वह पुलिस वाला धर्मेंद्र लड़कियों की चेस्ट पर धक्के मार रहा है। इसी दिन को देखने के लिए मेडल लेकर आना है तो मैं चाहूँगी देश का कोई खिलाड़ी मेडल न लाए फिर। इतना दुर्दशा कर दी है हमारी।”

इस्लामी व्हाट्सऐप ग्रुप से जोड़ा-Video दिखाए, कहा- अल्लाह एकमात्र भगवानः कहानी केरल के अनखा की, जिसे बना दिया अमीरा

द केरल स्टोरी (The Kerala Story) ने असल जिंदगी की उन लड़कियों की कहानियों को चर्चा में ला दिया है, जिनका सुनियोजित तरीके से इस्लामी धर्मांतरण किया गया। इनमें से एक लड़की अनखा है। इस्लाम कबूलने के बाद उसका नाम आइमा अमीरा रखा गया। केरल में चल रहे ‘कन्वर्जन फैक्ट्री’ का सच जानने के लिए ABP न्यूज ने जिन पीड़िताओं से बात की है उनमें एक अनखा भी है।

कैमरे पर आकर अनखा ने अपनी कहानी बताई है। उसने कहा, “मुझे इस्लामिक व्हाट्सऐप ग्रुप से जोड़ दिया गया। इस्लाम अपनाने के लिए वीडियो दिखाए गए। इससे धीरे-धीरे मुझे इस्लाम में रुचि हो गई।” ABP न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, केरल के कई जिलों की लड़कियों ने बड़े पैमाने पर चल रहे धर्म परिवर्तन की साजिशों के बारे में बताया है। गैर मुस्लिम लड़कियों को टारगेट ब्रेन वॉश किया जाता है। इनमें से कुछ की शादी हो चुकी है। कुछ को परिवार ने छोड़ दिया है। कुछ को उनके पति छोड़कर चले गए हैं।

अनखा ने ABP न्यूज को बताया, “उन लोगों को जैसे ही पता चलता था कि उनके मजहब में किसी की रुचि है, तो वे अपने आप ज्ञान देना शुरू कर देते थे। उन्होंने मुझे अल्लाह के बारे में बताया कि वही एकमात्र भगवान हैं। पैगंबर मोहम्मद और कुरान के बारे में जानकारी दी गई। धीरे-धीरे उनकी बातों का मुझ पर असर होने लगा, क्योंकि वे सब एक ही जैसी बातें करते थे। यह 2018 की बात है। धीरे-धीरे मैं इस्लाम से प्रभावित होने लगी। मुझे लगने लगा कि इसमें कुछ खास है।”

इसी तरह की बातें रहमत बना दी गई श्रुति ने भी एबीपी न्यूज को बताया है। श्रुति को ग्रेजुएशन के दौरान मुस्लिम दोस्तों ने पहले इस्लामी पाठ पढ़ाया। हिंदू त्योहारों के बारे में उसे भ्रमित किया। फिर उसका धर्मांतरण करवा दिया। बता दें कि ‘द केरल स्टोरी’ के निर्देशक सुदीप्तो सेन ने भी मार्च 2022 में बताया था, “2009 के बाद केरल और मैंगलोर की लगभग 32000 लड़कियों को हिंदू और ईसाई से इस्लाम में कन्वर्ट किया गया। उनमें से ज्यादातर सीरिया, अफगानिस्तान और अन्य ISIS व हक्कानी प्रभावशाली क्षेत्र में भेज दी गईं।” सुदीप्तो को रिसर्च के दौरान यह भी पता चला कि अपहरण और तस्करी के जरिए गायब हुईं कुछ लड़कियाँ अफगानिस्तान और सीरिया की जेल में पाई गई थीं। इनमें से ज्यादातर लड़कियों की शादी ISIS के आतंकवादियों से की गई थी और उन्हें ‘सेक्स स्लेव’ बनाया गया था।

कोई विदेशी लड़कियों के डांस की माँग रहा अनुमति, किसी की बिरयानी पार्टी में हो रही मारपीट: UP निकाय चुनाव प्रचार के कई रंग

उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव के कारण राजनीतिक सरगर्मी तेज है। वोटरों को लुभाने के लिए प्रत्याशी अलग-अलग तरकीबें आजमा रहे हैं। 37 जिलों में निकाय चुनाव के लिए गुरुवार (4 मई, 2023) को मतदान हुआ। ये पहला चरण का चुनाव है। कई जगहों से छिटपुट झड़प की खबरें आईं, लेकिन कुल मिला कर चुनाव शांतिपूर्ण रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद भाजपा के लिए चुनाव प्रचार का जिम्मा संभाला। वो लगातार अलग-अलग जिलों में रैलियाँ कर रहे हैं।

प्रत्याशी ने माँगी विदेशी लड़कियों द्वारा डांस और शराब परोसने की अनुमति?

दावा किया जा रहा है कि कानपुर में तो एक प्रत्याशी ने प्रशासन से विदेशी लड़कियों का डांस कराने और लोगों को शराब परोसने की अनुमति माँगी। निवेदक का नाम संजय दुबे बताया जा रहा है, जो आंबेडकर नगर काकादेव नगर पंचायत के वार्ड संख्या 30 से निर्दलीय प्रत्याशी हैं। उनके पिता का नाम हरिश्चंद्र दुबे है। उनका चुनाव चिह्न पेन्सिल छाप है। उनके नाम से कानपुर के चुनाव रिटर्निंग ऑफिसर को लिखा पत्र वायरल हो रहा है। पत्र में उन्होंने लिखा है कि मतदाताओं को लुभाने के लिए वो 20 साल से अधिक उम्र की विदेशी लड़कियों का डांस आयोजित कराना चाहते हैं।

उन्होंने बताया है कि ये रसियन डांस रात के समय आयोजित कराया जाएगा। पत्र में उन्होंने शराब की व्यवस्था की अनुमति भी माँगी है, साथ ही अपना हस्ताक्षर किया है। वहीं इसका वीडियो भी वायरल हो गया, जिसमें लड़कियों को डांस करते हुए देखा जा सकता है। स्वरूपनगर पुलिस आयुक्त ने बताया है कि यूपी पुलिस ने इस मामले को संज्ञान में लिया है। हालाँकि, वो वीडियो कब का है और पत्र से उसका कोई संबंध है या नहीं, उसकी जाँच की जा रही है।

हालाँकि, ‘आज तक’ से बात करते हुए संजय दुबे ने नकार दिया है कि ये पत्र उन्होंने लिखा है। उनका कहना है कि इस पत्र की वजह से उन्हें चुनाव में नुकसान हुआ और उनका चुनाव खत्म ही हो गया है। उन्होंने जिले के DM के साथ-साथ राज्य निर्वाचन आयोग को भी पत्र लिख कर इसकी जाँच कराने की माँग की है। उनके घर LIU और पुलिस टीम जाँच के लिए भी गई थी। अब प्रत्याशी ने खुद इस पत्र को लिखने की बात नकार दी है।

बिरयानी को लेकर मची लूर-मार

वहीं मेरठ में चुनाव प्रचार के दौरान हुई बिरयानी पार्टी में मारपीट की खबर है। बिरयानी कम पड़ गई तो लोग आपस में उलझ पड़े। बिरयानी लेकर भागते लोगों का वीडियो भी सामने आया। मेरठ में नौचंदी थाना क्षेत्र के वार्ड-80 में सपा प्रत्याशी हनीफा अंसारी ने बुधवार (3 मई, 2023) को इस दावत का आयोजन किया था। लोगों ने न सिर्फ बिरयानी खाई, बल्कि पॉलीथिन में भर-भर कर बिरयानी अपने घर भी लेकर चले गए।

बताया जा रहा है कि न सिर्फ प्रत्याशी के मोहल्ले के, बल्कि आसपास के मोहल्लों के लोग भी इस बिरयानी क दावत के बारे में सुन कर आ धमके और स्थिति एक-दूसरे के साथ धक्का-मुक्की तक पहुँच गई। जिस बर्तन में बिरयानी रखा था, उसे ही लोग घसीटने लगे। पुलिस ने इसे अचार संहिता के उल्लंघन के साथ-साथ शांति भंग करने का मामला भी माना है, ऐसे में कार्रवाई की बात कही गई है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

यूपी STF ने गैंगस्टर अनिल दुजाना को मुठभेड़ में मार गिराया: कभी बुलेटप्रूफ जैकेट में कोर्ट लाती थी पुलिस, पेशी के समय अँगूठी पहनाने आई थी होने वाली बीवी

उत्तर प्रदेश पुलिस की STF ने मेरठ में हुए एक मुठभेड़ में कुख्यात गैंगस्टर अनिल नागर उर्फ अनिल दुजाना को मार गिराया है। पश्चिमी यूपी में खौफ का पर्याय बने अनिल दुजाना पर हत्या, लूट, डकैती सहित दर्जनों मामले दर्ज थे। अनिल दुजाना के गाँव के ही एक और कुख्यात क्रिमिनल ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी (Indira Gandhi) को भी जान से मारने की धमकी दी थी।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश STF को अनिल दुजाना के मेरठ में भोला झाल पर सक्रिय होने की खुफिया और पुख्ता जानकारी मिली थी। इसके बाद उसे गिरफ्तार करने के लिए एसटीएफ ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। इस दौरान उसने पुलिस पर फायरिंग कर भागने की कोशिश की। इसके जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की। पुलिस की गोली लगने के बाद उसकी मौत हो गई।

यूपी एसटीएफ के DIG अमिताभ यश ने बताया, “अनिल दुजाना एक खतरनाक गैंगस्टर था वेस्ट यूपी का और उस पर बड़ी संख्या में मुकदमे कायम हैं। यह कॉन्ट्रैक्ट किलर भी था। इस हत्या के 18 केस हैं। इसे STF की मेरठ यूनिट ने एक मुठभेड़ में मार गिराया है।”

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, STF मेरठ यूनिट के एसपी बृजेश सिंह के नेतृत्व में टीम ने अनिल दुजाना को गंगनहर के पास घेरकर कार्रवाई को अंजाम दिया। अनिल दुजाना 10 अप्रैल 2023 को जमानत पर जेल से बाहर आया था। उसने बाहर आते ही अपने खिलाफ गवाही देने वालों को धमकी दी थी। इसी बीच STF को जानकारी मिली कि वह किसी बड़े वारदात को अंजाम देने की कोशिश कर रहा है। उसके बाद STF उसकी तलाश में जुट गई थी।

पिछले साल दिल्ली पुलिस ने अनिल दुजाना और उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया था। साल 2011 में उसके गैंग ने यूपी के साहिबाबाद में एक शादी समारोह के दौरान शूट आउट को अंजाम दिया था। इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई थी। अनिल दुजाना को यूपी में छोटा शकील कहा जाता था। उसने भी उसके खिलाफ आवाज उठाई, उसने उसकी हत्या करवा दी। सुंदर भाटी की वजह से पुलिस दुजाना को बुलेटप्रूफ जैकेट पहनाकर कोर्ट ले जाती थी।   

अनिल दुजाना पहले नरेश भाटी गैंग का शूटर था। सुंदर भाटी ने जब नरेश की हत्या करवा दी तो दोनों के बीच दुश्मनी हो गई। दुजाना और सुंदर भाटी सरकारी ठेके, टोल के ठेके और सरिया की चोरी को लेकर दोनों गैंग आमने-सामने आ जाते थे। दोनों के बीच गैंगवार में कई लोगों की हत्या की जा चुकी थी। साल 2012 में दुजाना ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर सुंदर भाटी और उसके गैंग पर AK-47 से हमला कर दिया था।

अनिल दुजाना पर उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में 64 मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, रंगदारी, फिरौती, लूट, डकैती आदि के केस हैं। पुलिस रिकॉर्ड में साल 2002 में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित कवि नगर थाने में इसके खिलाफ हरबीर पहलवान की हत्या का पहला मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद वह अपराध की दुनिया में आगे बढ़ता चला गया। मुजफ्फरनगर के रोहाना सहित कई जगहों पर उसके खिलाफ हत्या के मामले दर्ज हैं।

अनिला दुजाना बादलपुर के दुजाना गाँव का रहने वाला था। इस वजह से कुख्यात अनिल नागर आगे चलकर अनिल दुजाना कहलाने लगा। दुजाना गाँव का ही कुख्यात सुंदर नागर उर्फ सुंदर डाकू था। 1970-80 के दशक में सुंदर डाकू का दिल्ली तक खौफ था। सुंदर डाकू इतना बड़ा अपराधी था कि उसने भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी को भी जान से मारने की धमकी दे दी थी।

अनिल दुजाना की शादी की कहानी भी कम रोचक नहीं है। जेल में बंद दोजाना जब कोर्ट में पेशी के लाया गया था, तब उसकी वर्तमान बीवी पूजा दुल्हन की तरह सजकर कोर्ट पहुँची थी और वहीं पर उसे अंगूठी पहनाई थी। साल 2021 में जब दुजाना जमानत पर जेल से बाहर आया तो दोनों की शादी हुई थी।

दरअसल, पूजा के पिता लीलू ने अपनी 40 बीघा जमीन बचाने के लिए अपने विरोधी के दामाद से बड़ा अपराधी खोजने का निर्णय लिया था। उनकी नजर दुजाना पर पड़ी और उन्होंने अपनी बेटी की शादी अनिल दुजाना से तय कर दी थी। पूजा के पिता के विरोधी व्यक्ति ने अपनी दो बेटियों की शादी दो कुख्यात अपराधियों से की थी। इसलिए पूजा के पिता को अपनी जमीन बचाने में समस्या हो रही थी। हालाँकि, दुजाना अब मारा गया है।

ग्रेजुएशन करने काॅलेज गई हिंदू लड़की, मुस्लिम दोस्त पढ़ाने लगे ‘इस्लामी पाठ’: केरल की श्रुति से सुनिए कैसे वह बनी रहमत

फिल्म द केरल स्टोरी (The Kerala Story) 5 मई 2023 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इस फिल्म की रिलीज रुकवाने को लेकर काॅन्ग्रेसी और वामपंथी गैंग ने तमाम हथकंडे अपनाए हैं। फिल्म को प्रोपेगेंडा बताकर खारिज करने की कोशिश की है। लेकिन इस फिल्म ने केरल की उन तमाम लड़कियों की कहानियों को चर्चा में ला दिया है, जिनका सुनियोजित तरीके से इस्लामी धर्मांतरण किया गया। कई को आतंकी संगठन आईएसआईएस में सेक्स स्लेव बना दिया गया।

केरल में चल रहे ‘कन्वर्जन फैक्ट्री’ का सच जानने के लिए ABP न्यूज ने कई पीड़िताओं से बात की है। इनमें से एक लड़की श्रुति भी है। वह कॉलेज पढ़ने के लिए गई थी। लेकिन वहाँ मुस्लिम साथियों ने उसका ब्रेन वॉश कर धर्म परिवर्तन करवा दिया। फिर वह रहमत के नाम से जानी जाने लगी। केरल के कासरगोड की रहने वाली श्रुति का कहना है कि फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ के ट्रेलर में जो कुछ दिखाया गया है, वह सही है।

ABP न्यूज को श्रुति ने बताया, “इसमें (द केरल स्टोरी) लड़कियाँ जो कुछ बोल रही हैं, वो सब सही है। 10 साल पहले मेरा भी ब्रेन वॉश किया गया, जिसके चलते मैंने अपना धर्म बदल लिया था। मैं एक ब्राह्मण परिवार में पैदा हुई। ग्रेजुएशन में ज्यादातर क्लासमेट मुस्लिम थे। उन लोगों से मैं इस्लाम को लेकर प्रभावित हो गई। वो मुझसे अपने मजहब के बारे में ज्यादा से ज्यादा बात करते थे। उन्होंने मेरे हिंदू धर्म पर सवाल भी खड़े किए। उन सवालों का जवाब मुझे मालूम नहीं होता था। मैं टीवी पर ओम नम: शिवाय और जय हनुमान जैसे सीरियल से कुछ-कुछ जानती थी। लेकिन उन लोगों के इतने सवाल थे कि मैं सबके जवाब नहीं दे सकती थी। इस चीज का मेरे क्लास के लोगों ने फायदा उठाया।”

श्रुति ने बताया कि मुस्लिम दोस्त हिंदू धर्म का मजाक उड़ाते थे। वे कहते थे कि हिंदू त्योहार ऐसे होते हैं जैसे लड़के और लड़की के मिलने के लिए हो रहा है। मंदिर में त्योहार मनाया जाता है, जहाँ पुरुष महिलाओं का फायदा उठाते हैं। बॉडी टच को त्योहार से वे लोग जोड़ते थे। गलत तरीके से हिंदू धर्म की व्याख्या करते थे। ऐसे में कई सवाल उठने लगे थे कि क्या सच में ऐसा है?

उसने बताया कि मुस्लिम दोस्त उससे कहते थे कि इस्लाम में ऐसा नहीं होता। लड़के और लड़कियों को अलग-अलग बैठाया जाता है। वे पर्दा प्रथा को लड़कियों की सुरक्षा की गारंटी बताते थे। अपने मजहब को सर्वोपरि रखते थे। उनके मुताबिक, इस्लाम ही सही विचारधारा है। वे अपनी बात को इस तरह से बताते थे कि सुनने वाले को भी यही लगता था कि ये सही बात है। बता दें कि फिल्म में भी शालिनी नाम की लड़की की कहानी दिखाई गई है, जो अपने दोस्तों से प्रभावित होकर इस्लाम कबूल कर लेती है।

करोड़पति घराना, MBA की डिग्री, सोलह श्रृंगार… सब त्यागकर ‘साध्वी’ बनीं MP की सलोनी भंडारी: हजारों लोगों के बीच ली जैन मुनि की दीक्षा, अंतिम बार भाई को राखी बाँधी

मध्य प्रदेश के उज्जैन में 25 साल की सलोनी भंडारी (Saloni Bhandari) सभी सुखों को त्यागकर साध्वी बन गई हैं। उन्होंने बुधवार (4 मई 2023) को दीक्षा ग्रहण की। अब सलोनी भंडारी जैन साध्वी हैं। उनका नाम साध्वी श्री मल्लि दर्शना श्रीजी मसा रखा गया है। दीक्षा ग्रहण समारोह में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए थे। अब सलोनी का उनके परिवार वालों से कोई रिश्ता नहीं रहेगा।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सलोनी भंडारी ज्वेलर विमल भंडारी और पूजा भंडारी की बेटी हैं। उन्होंने उज्जैन के एमआईटी कॉलेज से एमबीए की है। इसके बाद सलोनी ने करीब डेढ़ वर्ष तक इंदौर में जॉब की और फिर अपने पिता के कारोबार को भी सँभाला। जब उन्होंने अपने परिवार वालों को साध्वी बनने का फैसला सुनाया तो वे तुरंत इसके लिए मान गए।

दरअसल, जैन मुनि की दीक्षा लेना बहुत कठिन होता है। दीक्षा लेने के बाद संयमित जीवन जीना होता है, जिसमें भोग-विलास की जिंदगी नहीं होती है। साथ ही आजीवन पैदल ही चलना होता है। सलोनी ने इसी जीवन को अपनाया है। इसके लिए उज्जैन के अरविंद नगर स्थित मनोरमा-महाकाल परिसर में विरती मंडप सजाया गया। इसमें दीक्षा पूर्ण होने तक पाँच दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

मंगलवार (3 मई 2023) सुबह 8:30 बजे खाराकुआ स्थित श्री हीर विजय सूरी बड़ा उपाश्रय मंदिर से वर्षीदान वरघोड़ा निकला, जिसमें सलोनी ने हाथी पर बैठकर सांसारिक वस्तुओं के त्याग स्वरूप विभिन्न सामग्री लुटाईं। बुधवार को मुख्य दीक्षा सम्पन्न हुई। हजारों लोगों के समक्ष करोड़पति पिता की बेटी ने सोलह श्रृंगार और वैभव त्याग कर साध्वी की दीक्षा ग्रहण की। दीक्षा लेने के बाद वह सभी सांसारिक रीति-रिवाज से दूर हो गईं। सलोनी ने अंतिम बार अपने भाई की कलाई पर राखी बाँधी। रिश्तेदारों और परिवार ने उनके बेहतर जीवन की कामना की। वहीं, सलोनी के दीक्षा समारोह में शामिल होकर जैन संतों ने उन्हें अपना आशीर्वाद दिया।

बता दें कि इस साल जनवरी में गुजरात के सूरत में 9 साल की देवांशी ने भी संन्यास ग्रहण किया था। हीरा कारोबारी संघवी मोहन भाई की पोती और धनेश-अमी बेन की बेटी ने जैनाचार्य कीर्तियशसूरीश्वर महाराज से दीक्षा प्राप्त की। देवांशी के संन्यास लेने से पहले दीक्षा महोत्सव के अवसर पर सूरत में वर्षीदान यात्रा निकाली गई थी। इसमें 4 हाथी, 11 ऊँट और 20 घोड़ों को शामिल किया गया था। देवांशी के दीक्षा ग्रहण करने कार्यक्रम में करीब 35 हजार लोग शामिल हुए थे।

अब कर्नाटक के हर जिले में बजरंग बली का मंदिर बनाने का काॅन्ग्रेस ने किया वादा, ‘बजरंग दल पर प्रतिबंध’ से पीछा छुड़ाने को फेंका नया सियासी पासा

कर्नाटक विधानसभा चुनाव (Karnataka Assembly Election) में अपनी घोषणा पत्र में बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा करने वाली कॉन्ग्रेस अब बैकफुट पर है। बजरंग दल (Bajrang Dal) पर प्रतिबंध लगाने से पीछे हटने के बाद कॉन्ग्रेस ने अब राज्य के हर जिले में हनुमान मंदिर बनवाने का ऐलान किया है।

कर्नाटक के प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) ने कहा है कि अगर कॉन्ग्रेस सत्ता में आती है तो एक विशेष कार्यक्रम चलाया जाएगा और इसके तहत कर्नाटक के हर जिले में आंजनेय स्वामी (हनुमान) के मंदिरों का निर्माण और उनका नवीनीकरण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए अंजनाद्री बोर्ड की स्थापना की जाएगी।

चामुंडा पर्वत पर स्थित माता चामुंडेश्वरी की पूजा-अर्चना करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए डीके शिवकुमार ने कहा, “हम कन्नडिगा लोग (कर्नाटक के लोग) भगवान आंजनेय के बहुत पहले से भक्त हैं, क्योंकि भगवान आंजनेय का जन्म यहीं हुआ था। हम प्रत्येक जिला संगठन में आंजनेय के सिद्धांत को बनाए रखेंगे, ताकि युवाओं को सशक्त बनाया जा सके।”

लोकमत के अनुसार, बजरंग दल पर प्रतिबंध के सवाल पर उन्होंने कहा कि बजरंग बली तुलना कभी भी बजरंग दल से नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि बजरंग दल के एक राजनैतिक संगठन है, जो भाजपा को लाभ पहुँचाने के लिए उपद्रव का काम करते हैं। डीके शिवकुमार बोले, “हमने तो उन लोगों को सिर्फ रोकने की बात कर रहे हैं, जो समाज में मोरल पुलिसिंग के नाम पर कानून अपने हाथ में लेते हैं।”

बता दें कि कर्नाटक विधानसभा के लिए जारी घोषणा-पत्र में काॅन्ग्रेस ने बजरंग दल की तुलना प्रतिबंधित इस्लामी कट्टरपंथी पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से करते हुए कहा है कि सत्ता में आने पर इस पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा है। हालाँकि, कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरप्पा मोइली ने बुधवार (3 मई 2023) को उडुपी में मीडिया से बात करते हुए इससे इनकार कर दिया।

उन्होंने कहा, “काॅन्ग्रेस के घोषणा-पत्र (Congress Manifesto) में पीएफआई और बजरंग दल का उल्लेख है। इसमें सभी कट्टरपंथी संगठन शामिल हैं, लेकिन किसी संगठन पर प्रतिबंध लगाना राज्य सरकार के लिए संभव नहीं है, क्योंकि यह केंद्र सरकार का अधिकार क्षेत्र है। इसलिए कर्नाटक सरकार के लिए बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाना संभव नहीं है। डीके शिवकुमार इस बारे मे और विस्तार से बताएँगे।”

वीरप्पा मोइली कर्नाटक के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि घोषणा पत्र में बजरंग दल जैसे संगठनों पर प्रतिबंध का वादा हेट स्पीच पर सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणियों को ध्यान में रखकर किया गया है। उल्लेखनीय है कि 28 अप्रैल 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने हेट स्पीच पर स्वतः संज्ञान लेकर सभी राज्यों को एफआईआर करने के निर्देश दिए थे। कहा था कि ऐसा नहीं होने पर इसे अदालत की अवमानना मानी जाएगी।

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए कॉन्ग्रेस ने मंगलवार 2 मई 2023 को अपना घोषणा-पत्र जारी किया था। इसमें बजरंग दल पर प्रतिबंध का वादा करते हुए उसकी तुलना पीएफआई से की गई थी। इसके बाद से न केवल कर्नाटक, बल्कि देशभर में काॅन्ग्रेस का विरोध हो रहा है। इतना ही नहीं काॅन्ग्रेस ने घोषणा पत्र में अल्पसंख्यकों के लिए बजट में 10 हजार करोड़ रुपए की व्यवस्था करने की बात कही है।

दिलचस्प यह है कि करीब एक साल पहले प्रतिबंधित इस्लामी कट्टरपंथी संगठन पीएफआई ने भी राज्य में अल्पसंख्यकों के लिए 10 हजार करोड़ रुपए के फंड की ही डिमांड की थी। गौरतलब है कि 224 सदस्यीय कर्नाटक विधानसभा (Karnataka Assembly election 2023) के लिए 10 मई 2023 को वोट पड़ने हैं। नतीजे 13 मई को आएँगे।

अब IPL में लगे ‘भाभी जिंदाबाद’ के नारे, सुनकर परिणीति चोपड़ा शर्म से हुईं लाल: राघव चड्ढा के साथ मोहाली में देख रही थीं मैच, Video

बॉलीवुड अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा (Parineeti Chopra) और आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा (Raghav Chaddha) की शादी के चर्चे जोरों पर हैं। हालाँकि, दोनों ने अपने रिश्ते को लेकर अभी तक खुलकर कुछ भी नहीं कहा है। लेकिन परिणीति चोपड़ा और राघव चड्ढा को एक साथ कई जगहों पर स्पॉट किया गया है। इस बार दोनों पंजाब किंग्स और मुंबई इंडियंस के बीच बुधवार (3 मई 2023) को मोहाली में हुए आईपीएल मुकाबले को देखने के लिए के एक साथ पहुँचे।

इस दौरान परिणीति को मोहाली के स्टेडियम में देखकर वहाँ मौजूद लोग ‘परिणीति भाभी जिंदाबाद’ के नारे लगाने लगे, जिसके बाद एक्ट्रेस शरमा गईं। वायरल वीडियो में आप देख सकते हैं कि उनके साथ खड़े राघव चड्ढा ‘परिणीति भाभी जिंदाबाद’ के नारे सुनकर अपनी हँसी कंट्रोल नहीं कर पा रहे हैं। इसके बाद परिणीति ये सुनकर अपने सिर पर हाथ रख लेती हैं। फिर दोनों ने भीड़ को देखकर हाथ हिलाया। सोशल मीडिया पर उनका ये वीडियो खूब वायरल हो रहा है।

वीडियो के अलावा दोनों की कुछ तस्वीरें भी वायरल हो रही हैं, जिसमें दोनों एक-दूसरे के बेहद करीब नजर आ रहे हैं।

इसके अलावा पिछले महीने (अप्रैल 2023) सोशल मीडिया पर परिणीति की एक वीडियो वायरल हुई थी, जिसमें उन्हें फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा के घर के बाहर देखा गया था। इंडिया टुडे की रिपोर्ट में बताया गया था कि परिणीति और राघव का ‘रोका’ हो गया है। इनकी शादी इसी साल अक्टूबर के आखिर में हो सकती है। रिपोर्ट में परिणीति और राघव के एक करीबी के हवाले से लिखा गया था, “दोनों का रोका काफी प्राइवेट तरीके के साथ किया गया। इसमें केवल परिवार के लोग ही शामिल थे। दोनों बहुत खुश हैं। इनकी शादी इस साल अक्टूबर तक होगी। परिणीति और राघव को अभी कोई जल्दबाजी नहीं है। दोनों अपने-अपने काम में बिजी हैं।

बता दें कि परिणीति और राघव की शादी की अफवाहें तब शुरू हुईं, जब दोनों को 22 मार्च, 2023 को पैपराजी ने एक रेस्टोरेंट के बाहर देखा। यहाँ ये दोनों व्हाइट शर्ट पहने हुए दिखाई दिए थे। डिनर डेट के बाद, राघव और परिणीति को बांद्रा में एक बार फिर से (लंच के लिए जाते हुए) स्पॉट किया गया। हालाँकि, कुछ दिन पहले ऐसी खबरें आई थीं कि दोनों 13 मई, 2023 को दिल्ली में सगाई करने वाले हैं। लेकिन दोनों ने अभी तक इस पर खुलकर कोई बयान नहीं दिया है।