Home Blog Page 1836

‘अल्लाह-हू-अकबर, नारा-ए-तकबीर’ बोल फाड़े ‘The Kerala Story’ के पोस्टर: वीडियो देख नेटीजन्स बोले- ISIS पर बनी फिल्म से ये क्यों हुए आहत

बॉलीवुड फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ (The Kerala Story) बड़े पर्दे पर रिलीज हो चुकी है। फिल्म में इस्लामिक कट्टरपंथियों की सच्चाई उजागर करते हुए हिंदू लड़कियों को फँसाने से लेकर उनके धर्मांतरण और सेक्स स्लेव बनाने तक के बारे में बताया गया है। इसलिए कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन फिल्म का विरोध कर रहे हैं। इस बीच ‘द केरल स्टोरी’ का पोस्टर फाड़ने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

वायरल वीडियो चेन्नई का बताया जा रहा है और किसी सिनेमाघर के बाहर का लग रहा है। वीडियो में कुछ लोग फिल्म का पोस्टर फाड़ते हुए देखे जा सकते हैं। वहीं, वीडियो आगे बढ़ने पर कुछ लोगों को इस्लामिक नारा ‘नारा ए तकबीर- अल्लाह हू अकबर’ चिल्लाते हुए सुना जा सकता है। यही नहीं, वीडियो के अंत में कुछ लोगों के हाथों में इस्लामिक संगठन तमिलनाडु मुस्लिम मुनेत्र कझगम (TMMK) का झंडा देखा जा सकता है। हालाँकि यह वीडियो चेन्नई के किस इलाके और किस सिनेमाघर का है इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है।

यूजर्स ऐसी वीडियो देख पूछ रहे हैं कि ये फिल्म को ISIS पर बनी है। जब इस्लाम और ISIS के बीच संबंध ही कोई नहीं है तो फिर ये लोग आहत क्यों हो रहे हैं।

वहीं, इसी तरह एक का अन्य वीडियो भी सामने आया है। इस वीडियो में भी कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन तमिलनाडु मुस्लिम मुनेत्र कझगम (TMMK) के लोग ‘द केरल स्टोरी’ के पोस्टर हाथों में लेकर फाड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो तमिलनाडु के कोयंबटूर का बताया जा रहा है।

बता दें कि कट्टरपंथी इस्लामिक संगठनों से लेकर वामपंथी तक ‘The Kerala Story’ का विरोध कर रहे हैं। इनकी माँग है कि फिल्म पर बैन लगाया जाए। अपनी इसी माँग के चलते हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक याचिकाएँ दायर कर चुके हैं। हालाँकि दोनों ही अदालतों ने फ़िल्म पर बैन लगाने से इनकार कर दिया।

सेंसर बोर्ड ने दिया ‘A’ सार्टिफिकेट…

गौरतलब है कि सेंसर बोर्ड ने कुछ बदलावों के साथ The Kerala Story को रिलीज के लिए तैयार किया है। एक दृश्य में हिन्दू देवी-देवताओं को लेकर टिप्पणी (मुस्लिम किरदार द्वारा) थी, जिसे हटाया गया है। भारतीय कम्युनिस्टों को दोहरे रवैये वाला बताने वाली एक टिप्पणी में से ‘भारतीय’ शब्द हटाया गया है। केरल के एक पूर्व मुख्यमंत्री अच्युतानंदम ने राज्य के इस्लामी स्टेट बनने की भविष्यवाणी की थी, उस टीवी इंटरव्यू को हटाया गया है। सेंसर बोर्ड ने 10 दृश्य हटा कर इसे रिलीज के लिए आगे बढ़ाया है। साथ ही फिल्म को A सार्टिफिकेट जारी किया है।

कश्मीर के राजौरी में मुठभेड़ के वक्त बम धमाका, 5 जवान बलिदान: सेना की कार्रवाई जारी, आतंकियों को ढूँढने में हेलीकॉप्टर लगे

गोवा में जारी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक के बीच पाकिस्तान प्रायोजित आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ की। दोनों तरफ से जारी गोली बारी में खबर लिखे जाने तक 5 जवान बलिदान हो गए हैं। वहीं जवानों ने कुछ आतंकियों को मार गिराया है। इसके बारे में अभी पुख्ता जानकारी नहीं आई है। मुठभेड़ अभी जारी है। सेना और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर हैं।

जम्मू क्षेत्र राजौरी इलाके के कांडी क्षेत्र में सेना ऑपरेशन त्रिनेत्र को अंजाम दे रही है। कहा जा रहा है कि मुठभेड़ के दौरान धमाके की वजह से जवानों की जान गई। माना जा रहा है कि आतंकियों ने ग्रेनेड से हमला किया। दरअसल, धूरियन के तोता गली इलाके में आतंकियों ने 21 अप्रैल 2023 को आतंकियों ने सेना के जवानों पर घात लगाकर हमला कर दिया था। इस हमले में 5 जवान बलिदान हो गए थे।

इस आतंकी हमले के बाद से सेना और स्थानीय पुलिस ऑपरेशन त्रिनेत्र चलाकर आतंकियों का सफाया करने के काम में जुटी थी। इसी बीच सेना और इलाके में छुपे हुए आतंकियों के साथ मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ में पहले दो जवानों की मौत हो गई। जबकि चार घायल जवानों को हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू करके अस्पताल में पहुँचाया गया।

अस्पताल में 3 और जवानों की मौत हो गई। वहीं, एक जवान का इलाज चल रहा है। घटनास्थल पर जम्मू-कश्मीर के DGP दिलबाग सिंह और एडीजी लॉ एंड ऑर्डर मुकेश सिंह भी पहुँचे हुए हैं। सेना की और टुकड़ियों को भी बुलाया गया है। आतंकियों को खोजने के लिए हेलीकॉप्टर भी लगाया गया है। इसके साथ ही इलाके में इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया गया है।

बताया जा रहा है कि सेना ने 2-3 आतंकवादियों को इस इलाके में घेर रखा है। ये वही आतंकी हैं, जो पुंछ में सेना के ट्रक पर आतंकी हमले में शामिल थे। सुबह 7:30 बजे से दोनों ओर से फायरिंग हो रही है। आतंकवादी एक गुफा के भीतर छिपे हुए थे। जिस इलाके में आतंकवादी छिपे हैं, वहाँ काफी पेड़-पौधे और पहाड़ियाँ हैं। 

वहीं, जम्मू-कश्मीर के बारामूला के वनिगम पयीन क्रिरी इलाके में मुठभेड़ के दौरान सेना ने गुरुवार (4 मई 2023) को 2 आतंकियों को मार गिराया। दोनों स्थानीय आतंकी थे और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हुए थे। इनकी पहचान शोपियां जिले के शाकिर माजिद नजर और हनान अहमद सेह के रूप में हुई है। दोनों मार्च 2023 में आतंकी बने थे।

गुरुवार को ही अनंतनाग जिले के बिजबेहरा इलाके में आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग की, जिसमें एक सुरक्षाकर्मी को हल्की चोट आई थी। उसे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। इस हमले की जिम्मेदारी कश्मीर टाइगर्स ने ली है। आतंकी संगठन ने कहा कि कश्मीर टाइगर्स ऐसे ही और हमलों की प्लानिंग कर रहा है।

इससे पहले केद्रशासित प्रदेश के माछील सेक्टर में जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना ने एक संयुक्त कार्रवाई में बुधवार (3 मई 2023) को भी दो आतंकवादियों को ढेर कर दिया था। ये दोनों आतंकी भारत में घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे थे।

स्कूली छात्रा के साथ छेड़खानी करते पकड़ा गया जो शहादत अली, उसे बचाने के लिए अली शोहराब ने फैलाया झूठ: कमलेश तिवारी की हत्या का मना चुका है जश्न

हिन्दुओं के प्रति घृणित रुख रखने वाले और कमलेश तिवारी की हत्या के बाद जश्न मनाने वाला कथित पत्रकार अली सोहराब (Ali Sohrab) को एक बार फिर सोशल मीडिया पर झूठ फैलाते हुए पकड़ा गया है। शहादत अली नाम के जिस पुलिसकर्मी को उत्तर प्रदेश की लखनऊ पुलिस ने एक छात्रा के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप में निलंबित कर दिया है, उसने (अली सोहराब) सोशल मीडिया पर उसके पक्ष में माहौल में बनाने का प्रयास किया।

अली सोहराब ने गुरुवार (4 मई 2023) को अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, “उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सिपाही शहादत अली स्कूटी सवार छात्रा (अपनी बेटी की फ्रेंड) को कुछ समझा रहा था, तभी एक महिला ने उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसके बाद शहादत अली के खिलाफ केस दर्ज कर उसे फौरन अरेस्ट कर लिया गया। अब उसे सस्पेंड किए जाने की तैयारी है।”

वहीं, इससे पहले थाना कैंट प्रकरण के संबंध में ईस्ट लखनऊ के डीसीपी ने बुधवार (3 मई 2023) को आरोपित पुलिसकर्मी शहादत को निलंबित करने की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था, “आज एक बाइक सवार व्यक्ति द्वारा स्कूली छात्रा का पीछे करने और उससे बात करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। घटना के संबंध में थाना कैंट में शिकायत मिली है। शिकायत के आधार पर सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपित की पहचान शहादत अली के रूप में हुई है। उसको पुलिस हिरासत में ले लिया गया है। इस मामले में आगे की जाँच जारी है। आरोपित पुलिसकर्मी शहादत को निलंबित किया जा चुका है।”

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि छात्रा साइकिल से जा रही होती है और शहादत अली अपनी स्कूटी लेकर उसके बगल में जा रहा होता है। तभी स्कूटी से आ रही महिला की पीछे वाली सीट पर बैठे एक व्यक्ति ने उसका वीडियो बना लिया। ये लोग पीड़ित छात्र और उस पुलिसकर्मी के पीछे से गुजर रहे थे। वीडियो में उस व्यक्ति को ये कहते हुए सुना जा सकता है कि गाड़ी में कोई नंबर प्लेट भी नहीं है। वीडियो में महिला पुलिसकर्मी से पूछती है, “आप कौन भाई साहब? जानते हैं आप उनको (छात्रा को)?” इस पर वो पुलिसकर्मी हक्का-बक्का होकर कर जवाब देता है कि छात्रा उसके बच्चे के साथ पढ़ती है।

इसके बाद वायरल वीडियो पर संज्ञान लेते हुए लखनऊ पुलिस ने ट्वीट किया कि इस प्रकरण में उक्त पुलिसकर्मी के विरुद्ध थाना कैंट में मामला दर्ज कर उचित कार्रवाई की जा रही है।

बता दें कि 2020 में अली सोहराब ने माता वैष्णो देवी मंदिर में 400 लोगों के फँसे होने की झूठी ख़बर पोस्ट की थी। इसके बाद उसने फेसबुक पर ही अगली पोस्ट में यह भी दावा किया था कि उनमें से 145 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। अली सोहराब ने लिखा था कि बाकियों का टेस्ट जारी है और नए मामले भी सामने आ सकते हैं।

यही नहीं, अली सोहराब ने कमलेश तिवारी की हत्या के बाद जश्न भी मनाया था। उसने उनकी हत्या के बाद ट्विटर पर दीवाली की बधाई दी थी। अपने इस कृत्य से उसने हिन्दुओं को चिढ़ाने का प्रयास किया था। वह रोहित सरदाना की नाबालिग बेटी को भी भला-बुरा बोल चुका है। अली सोहराब के ख़िलाफ़ यूपी पुलिस ने अक्टूबर 2019 में मामला दर्ज किया था।

1978 से 2022 तक… 44 सालों में मुख्तार अंसारी ने बरकरार रखा क्राइम का फंडा: मरवा दो या गायब करवा दो

भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या मामले में जेल में बंद चल रहे माफिया मुख्तार अंसारी के दिन ढल गए हैं। एक समय था जब उसके खौफ से न केवल पुलिस अधिकारी बल्कि जिलाधिकारी और नेता भी काँपते थे। वो खुली जीप में हथियार लहराता घूमता था और कोई उसका कुछ नहीं कर पाता था। आज वही माफिया मुख्तार अंसारी जेल में बंद है और डर-डरकर जिंदगी काट रहा है। कोर्ट ने उसे भले ही एक हत्या मामले में 10 साल की सजा सुनाई है लेकिन उसके खिलाफ अभी ऐसे कई मामले हैं जिनपर फैसला आना शेष है।

आज हम आपको उसी माफिया मुख्तार के पूरे क्राइम रिकॉर्ड का चिट्ठा देने जा रहे हैं…

जिला मऊ के डिस्ट्रिक्ट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (DCRB) के पास मौजूद जानकारी के अनुसार, माफिया मुख्तार अंसारी के ऊपर साल 1978 में सबसे पहले आईपीसी की धारा 506 के तहत आपराधिक धमकी देने का मामला दर्ज हुआ था। उसके बाद उसके अपराधों की रफ्तार ऐसी तेजी से बढ़ी कि वह धमकी से वह लूटपाट और हत्या करके अपना आतंक फैलाने लगा। ऑपइंडिया के पास मौजूद DCRB के रिकॉर्ड की कॉपी से पता चलता कि मुख्तार पर दर्ज कई मामलों में धारा 302 जुड़ी हुई है।

इन आँकड़ों से पता चलता है कि माफिया पर 44 सालों में 59 केस दर्ज हुए हैं। आखिरी केस 2022 में दायर हुआ था जिसकी जाँच अभी बाकी है। इसमें आरोप लगाया गया था कि मुख्तार ने साल 1991 के एक मामले की सुनवाई में देरी कराने के लिए अपने लोगों के साथ मिलकर केस डायरी गायब करवाई।

मुख्तार के मामले में उस पर डायरी गायब कराने का संदेह इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि ये कोई एक केस नहीं है जो उसके विरुद्ध दर्ज हुआ और पूरी डायरी थाने से गायब हो गई हो या फिर पुलिस को उसका कोई रिकॉर्ड न मिल रहा हो… मुख्तार के खिसाफ ऐसे 3 और मामले हैं जिनके बारे में डीसीआरबी रिकॉर्ड से सूचना गायब है।

डीसीआरबी की पहले ही पृष्ठ के पहले ही केस की सूचना रिकॉर्ड से गायब है। इसमें सिर्फ लिखा है कि मामला गाजीपुर के सैदपुर में 1978 को दर्ज हुआ था। इसके अलावा इसमें कोई और अन्य जानकारी नहीं है। अन्य जानकारियों के स्थान पर वहाँ लिखा है- “वर्ष 1978 एनसीआर जिल्द थाने में न मिल पाने के कारण इसका विवरण उपलब्ध नहीं है।” 

इसी तरह 1988 के एक केस की जानकारी भी रिकॉर्ड से गायब है। ये मामला गाजीपुर के मुहम्मदाबाद में आईपीसी की धारा 504,506 के तहत दर्ज हुआ था। यहाँ भी देखें तो लिखा है- “वर्ष 1988 एनसीआर जिल्द थाने में न मिल पाने के कारण इसका विवरण उपलब्ध नहीं है।”

इसके बाद एक केस की जानकारी गायब होने का अगला मामला नई दिल्ली का भी है। यहाँ मुख्तार के खिलाफ सन् 1993 में टाडा की धारा 5 में केस दर्ज हुआ था। लेकिन रिकॉर्ड कहता है कि न तो इसका विवरण केजी मार्ग थाने पर मौजूद है और न ही इसके पास वाले थाने पर।

उत्तर प्रदेश और दिल्ली में मुख्तार के खिलाफ दर्ज इन 3 केसों की गायब जानकारी से समझ सकते हैं कि एक समय में मुख्तार अंसारी का कितना बोलबाला था। उसके 44 साल के क्राइम रिकॉर्ड में वो 18 केसों में अब तक बरी हो गया है। 1 केस उसके खिलाफ एनएसए एक्ट में था उसमें उसे डीएम ने बरी कर दिया, फिर 8 केसों में पुलिस स्तर पर बरी हुआ। 4 केसों के रिकॉर्ड ही थाने से गायब हैं। 2 केसों में उसकी नामजदगी गलत है। 3 केस ऐसे हैं जो सरकार या वादी द्वारा वापस ले लिए गए। 2 केसों में कोर्ट ने चार्जशीट तक नहीं दाखिल की और 21 केस अब भी कोर्ट में पेंडिंग हैं।

गौरतलब है मुख्तार अंसारी के कुकर्मों का चिट्ठा खोलने ऑपइंडिया पत्रकार राहुल पांडेय कई दिनों ग्राउंड पर थे। वहाँ उन्होंने मुख्तार के खौफ की कई कहानियाँ दंगों के चश्मदीदों से जानीं। इस दौरान यह भी पता चला कि कैसे मुख्तार के डर से पुलिस सूअर पकड़ने पानी में घुस जाती थी मगर अपराधी पकड़ने नहीं जाती थी। आप लिंक पर क्लिक करके उनकी रिपोर्ट पढ़ सकते हैं।

‘समाज को भीतर से खोखला कर रही आतंकी साजिश, इसी पर बनी The Kerala Story’: कर्नाटक में बोले PM मोदी; देखें ‘लव जिहाद’ के आँकड़े

केरल में लव जिहाद और धर्मांतरण के जरिए गैर-इस्लामी महिलाओं को आतंकवाद की आग में धकेलने पर बनी फिल्म The Kerala Story आज शुक्रवार (5 मई 2023) को रिलीज हो गई। केरल हाईकोर्ट ने इस पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने भी कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान इसका जिक्र किया और इसे एक समाज के प्रति गहरी साजिश बताया।

कर्नाटक के बेल्लारी में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा, “बीते कुछ वर्षों में आतंक का एक और भयानक स्वरूप पैदा हो गया है। बम, बंदूक और पिस्तौल की आवाज तो सुनाई देती है, लेकिन समाज को भीतर से खोखला करने की आतंकी साजिश की कोई आवाज नहीं होती। कोर्ट तक ने आतंक के इस स्वरूप पर चिंता जताई है।

उन्होंने कहा, “ऐसी ही आतंकी साजिश पर बनी फिल्म ‘केरला स्टोरी’ की इन दिनों काफी चर्चा है। कहते हैं केरला स्टोरी सिर्फ एक राज्य में हुई आतंकवादियों की छद्म नीतियों पर आधारित है। देश का इतना खूबसूरत राज्य, जहाँ के लोग इतने परिश्रमी और प्रतिभाशाली होते हैं, उस केरल राज्य में चल रही आतंकी साजिश का खुलासा इस केरला स्टोरी फिल्म में की गई है।”

कॉन्ग्रेस पर हमला बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा, “देश का दुर्भाग्य देखिए कि कॉन्ग्रेस आज समाज को तहस-नहस करने वाली इस आतंकी प्रबुद्धि के साथ खड़ी नजर आ रही है। इतना ही नहीं, ऐसी आतंकी प्रबुद्धि वालों से कॉन्ग्रेस पिछले दरवाजे से राजनीतिक सौदेबाजी तक कर रही है। कर्नाटक के लोगों को इसलिए कॉन्ग्रेस से बहुत ही सावधान रहने की जरूरत है।

लव जिहाद: एक घिनौनी हकीकत

लव जिहाद एक शब्द मात्र नहीं है। यह हकीकत है, बहुत घिनौनी है। कॉन्ग्रेसी-वामपंथी इसे हिंदूवादी पार्टियों द्वारा गढ़े गए जुमले कह कर खारिज करती आई है। लेकिन सच वो है, जो प्रधानमंत्री मोदी ने आज की रैली में कहा। सच वो है, जो The Kerala Story में दिखाई गई है।

लोकतंत्र में जरूरी नहीं कि आप प्रधानमंत्री मोदी की बातों से सहमत ही हों। इसलिए लव जिहाद पर केरल हाई कोर्ट को पढ़ लेते हैं। 9 दिसंबर 2009 को केरल हाई कोर्ट के न्यायाधीश केटी शंकरन (अब सेवानिवृत्त) ने एक फैसला सुनाया था। इसके दौरान उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा था कि प्यार के नाम पर जबरन धर्म परिवर्तन गलत है। उन्होंने सरकार से इस तरह की गतिविधियों को रोकने के लिए कानून बनाने को लेकर भी टिप्पणी की थी।

हिंदूवादी पार्टियों ने लव जिहाद जैसा शब्द बनाया, जबकि ऐसा कुछ नहीं – कॉन्ग्रेसी-वामपंथी जिस तुष्टिकरण की राजनीति के लिए ऐसे बयान देते हैं, उनके लिए राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग का एक पत्र आँख खोल देने वाला है। इसके अनुसार ईसाई लड़कियाँ लव जिहाद का सबसे आसान शिकार बन रही हैं। इसी पत्र में केरल बिशप कैथोलिक कॉन्फ्रेंस की एक रिपोर्ट भी है। इस रिपोर्ट के अनुसार, 2005 से लेकर 2012 तक, कुल 7 वर्षों में 4000 ईसाई लड़कियों को लव जिहाद का शिकार बनाया गया था।

कट्टरपंथी मुस्लिमों के द्वारा काफिरों (गैर-मुस्लिम) का यौन शोषण करना सिर्फ भारत तक सीमित है, ऐसा नहीं है। यह ऐसा कोढ़ बन चुका है पूरी दुनिया के लिए कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक को एक स्पेशल टास्क फोर्स का गठन करना पड़ गया। पता है क्यों? क्योंकि वहाँ भी कट्टर मुस्लिमों का गिरोह गैर-मुस्लिम लड़कियों को टारगेट करता है। पिछले 40 साल में ब्रिटेन में कम से कम 5 लाख गैर-मुस्लिम (काफिर) लड़कियों के साथ इन लोगों ने रेप किया है।

7 साल में 4000 ईसाई लड़कियाँ ‘लव जिहाद’ की शिकार: अल्पसंख्यक आयोग

सितंबर 2019 में अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष जॉर्ज कुरियन ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर कहा था कि केरल में धर्मान्तरण के मामले काफ़ी ज्यादा बढ़ गए हैं। इस कार्य को एक सुनियोजित तरीके से और संगठनात्मक रूप से अंजाम दिया जा रहा है। कुरियन ने कहा था कि पीड़ितों को ‘लव जिहाद’ के तहत फँसाकर आतंकी गतिविधियों में उनका इस्तेमाल किया जा रहा है। केरल से आने वाले जॉर्ज कुरियन ख़ुद ईसाई हैं।

जॉर्ज कुरियन ने कहा था कि ईसाई लड़कियाँ ‘लव जिहाद’ का सबसे आसान शिकार बन रही हैं। उन्होंने गृह मंत्रालय से इस ख़तरनाक चलन को रोकने और इस मामले में एनआईए से जाँच कराने की माँग की थी। बकौल अल्पसंख्यक आयोग, ईसाई लड़कियाँ इस्लामिक कट्टरवादियों के लिए एक ‘सॉफ्ट टारगेट’ बन गई हैं। आयोग ने कहा कि अब इस्लामिक कट्टरपंथियों द्वारा चलाए जा रहे धर्मान्तरण अभियान को रोकने के लिए क़ानून बनाने का समय आ गया है।

कुरियन ने कहा था, “कई अभिभावकों में ‘लव जिहाद’ को लेकर डर का माहौल है और उनका ये डर जायज भी है। पूर्व में कई मामले ऐसे आ चुके हैं, जहाँ ईसाई लड़कियों को ‘लव जिहाद’ का शिकार बनाया गया। केरल के 21 लोग खूँखार वैश्विक आतंकी संगठन आईएसआईएस में शामिल हो गए। इनमें से 5 ऐसे थे, जो पहले ईसाई थे और बाद में उन्हें धर्मान्तरण के जरिये इस्लाम कबूलवाया गया था।”

ब्रिटेन लव जिहाद से त्रस्त

पिछले 40 साल में ब्रिटेन में कम से कम 5 लाख गैर-मुस्लिम (काफिर) लड़कियों के साथ एशियाई मुस्लिम समुदाय के लोगों ने रेप किया है। जुलाई 2020 में रेप पीड़िता डॉ. एला हिल ने ‘Triggernometry’ को दिए एक इंटरव्यू में इसका खुलासा किया था। उन्होंने कहा था ग्रूमिंग ग्रुप जातीय और धार्मिक आधार पर रेप की वारदात को अंजाम देते हैं। उन्होंने खुलासा किया कि ग्रूमिंग ग्रुप मुख्य रूप से कम उम्र की लड़कियों को निशाना बनाता है, लेकिन युवा और वृद्ध महिलाओं को भी अपना शिकार बनाते हैं।

20 साल पहले की डरावनी कहानी को याद करते हुए हिल ने बताया कि उन्हें उनके पाकिस्तानी मुस्लिम ब्वॉयफ्रेंड ने निशाना बनाया था। उसका रिश्ता जल्द ही एक नियंत्रित, जुनूनी और मजहबी रूप में तब्दील हो गया। पाकिस्तानी मुस्लिम ब्वॉयफ्रेंड ने रॉदरहैम, शेफ़ील्ड और ब्रैडफोर्ड के आसपास अलग-अलग फ्लैटों में ले जाकर उनके साथ रेप किया और यातनाएँ दीं। उसने उन्हें इतनी गहरी चोट दी थी कि उससे उबरने में लगभग 1 साल लग गए। ब्वॉयफ्रेंड ने हिल के माता-पिता को जान से मारने की धमकी दी थी, जिसकी वजह से वह चुपचाप सब कुछ सहन करती रहीं।

हिल बताती है कि जब उन्होंने वहाँ से भागने की कोशिश की तो उसने उनका पीछा किया और जबरन उनके घर में घुस गया। पाकिस्तानी शख्स ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर ‘ऑनर किलिंग’ को अंजाम देने की कोशिश की लेकिन हिल बच गई। मगर उन्हें काफी चोटें आईं थीं, जिसकी वजह से उन्हें एक हफ्ते तक अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। इसके बाद पुलिस ने पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग से उनके बचने का एकमात्र तरीका उनका नाम बदलकर कहीं और शिफ्ट हो जाना बताया। उनके पैरेंट्स ने ऐसा ही किया और इसी वजह से आज वो जीवित हैं।

ब्रिटेन के पीएम ऋषि सुनक ने SIT गठित किया

इंग्लैंड में इस तरह की बढ़ रही घटनाओं और लोगों द्वारा जाँच की माँग करने के बाद प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने इसका संज्ञान लिया। टास्क फोर्स का ऐलान करते हुए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक (Rishi Sunak) ने कहा 3 अप्रैल 2023 को कहा कि ग्रूमिंग गैंग का आतंक खत्म करने के लिए वे कुछ भी करने को तैयार हैं। बच्चों और लड़कियों के साथ हो रहे यौन अपराधों के खिलाफ कार्रवाई में राजनीति को आड़े नहीं आने दिया जाएगा।

उन्होंने कहा, “पिछले साल मैंने कहा था कि अगर मैं प्रधानमंत्री बनूँगा तो ग्रूमिंग गैंग को समाप्त करने के लिए कड़े फैसले लूँगा। मैं इसके लिए स्पेशल टास्क फोर्स बनाने का ऐलान करता हूँ इसमें विशेषज्ञ पुलिस वाले होंगे जो बच्चों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार को लेकर रिपोर्ट करेंगे और आरोपितों को कड़ी सजा दिलाएँगे।”

पीएम सुनक ने कहा, “मैं तब तक चैन से नहीं बैठूँगा जब तक यह सुनिश्चित नहीं हो जाता है कि हमारे बच्चे ऐसे माहौल में बड़े हो रहे हैं जो पूरी तरह सुरक्षित हो। यही कारण है कि मैं ग्रूमिंग गैंग पर नकेल कसने के लिए सरकार द्वारा की गई अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू करने जा रहा हूँ। इसको हमेशा के लिए खत्म करने के लिए जो कुछ भी करना होगा, हम करेंगे।”

जिसे लोग समझ रहे थे पहलवानों की माँ, वो निकली प्रोफेशनल ‘आंदोलनजीवी’: PT उषा के साथ की बदसलूकी, OROP से लेकर ‘किसान आंदोलन’ तक का बनी हिस्सा

आंदोलन की बात हो और वहाँ आंदोलनजीवी न दिखाई दें यह तो हो ही नहीं सकता। दिल्ली के जंतर-मंतर मैदान में जारी पहलवानों के प्रदर्शन के बीच आंदोलनजीवियों का ताँता एक बार फिर लगना शुरू कर हो गया है। इन्हीं में से एक आंदोलनजीवी का नाम है सुदेश गोयात। तथाकथित किसान आंदोलन के बाद अब सुदेश ने जंतर-मंतर में पहलवानों के आंदोलन में डेरा डाल लिया है।

दरअसल, बीते जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे पहलवानों के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। वीडियो में महिला पहलवानों के साथ अक्सर एक महिला भी दिखाई दे रही हैं। इस महिला को लोग विनेश फोगाट या साक्षी मलिक की माँ समझ रहे थे। कुछ वीडियो में तो पहलवानों से अधिक यह महिला रोती हुई दिखाई दे रही थी। हालाँकि, यह महिला न तो साक्षी मलिक और न ही विनेश फोगाट की माँ हैं और न ही इसका पहलवानों से किसी प्रकार का कोई संबंध है। वास्तव में इस महिला का संबंध सिर्फ और सिर्फ आंदोलन से है और यह ‘विशुद्ध आंदोलनजीवी’ है।

वरिष्ठ पत्रकार सुधीर चौधरी ने आज तक के शो ‘ब्लैक एंड व्हाइट’ में इस महिला को प्रोफेशनल आंदोलनजीवी करार दिया है। उन्होंने इस शो में बताया है कि सुदेश गोयात नामक यह महिला मूल रूप से हरियाणा की है। भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष और पूर्व एथलीट पीटी ऊषा जब पहलवानों से मिलने जंतर-मंतर पहुँची थीं, तब इसी महिला यानी सुदेश गोयात ने उनके साथ बदसलूकी की थी।

सुदेश के आंदोलनजीवी बनने की शुरुआत ‘वन रैंक वन पेंशन’ को लेकर हुए प्रदर्शन से हुई थी। इसके बाद से ही यह सरकार विरोधी प्रदर्शन में देखी जा रही हैं। यूट्यूब खँगालने पर, सुदेश गोयात के कई वीडियो मिले। ये सभी वीडियो बताते हैं कि वह एक सच्ची आंदोलनजीवी हैं। इससे पहले सुदेश गोयात तथाकथित किसान आंदोलन के मंच पर भी देखी गईं थीं। इस दौरान वह वह कभी टिकरी बॉर्डर पर तो कभी हिसार के हाँसी पर आंदोलनजीवियों के साथ बैठी दिखाई दे रहीं थीं।

चूँकि अब पहलवान कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं और इसमें सरकार पर भी निशाना साधा जा रहा है। यही नहीं, प्रदर्शन के बीच ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ जैसे नारे लगाए जाते हैं। ऐसे में इस प्रदर्शन में आंदोलनजीवियों के होने से किसी प्रकार का आश्चर्य नहीं होना चाहिए। हालाँकि, अभी तो सिर्फ कुछ ही आंदोलनजीवियों का चेहरा सामने आया है। लेकिन इस बात में कोई दो राय नहीं है कि जैसे-जैसे यह प्रदर्शन आगे बढ़ेगा कुछ अन्य आंदोलनजीवी भी जंतर-मंतर को अपना नया ठिकाना बना लेंगे।

परिवार ने लाखों खर्च कर भेजा मेडिकल पढ़ने, बेटी ‘लव जिहाद’ का शिकार हो फँस गई ISIS के चंगुल में: कहानी ‘The Kerala Story’ वाली असली ‘शालिनी’ की

बॉलीवुड निर्माता बिपुल अमृतलाल शाह और डायरेक्टर सुदीप्तो सेन की फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ (The Kerala Story) शुक्रवार (5 मई, 2023) को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। यह फिल्म सच्ची घटना पर आधारित है। इसमें दिखाया गया है कि कैसे केरल की मासूम हिंदू लड़कियों को सुनियोजित तरीके से ‘लव जिहाद’ के जाल में फँसाया जाता है और फिर उन्हें इस्लाम कबूल करवाकर आतंकवाद की आग में झोंक दिया जाता है।

‘द केरल स्टोरी’ में ‘शालिनी उन्नीकृष्णन’ का किरदार निमिषा उर्फ फातिमा ईसा पर आधारित है। वह केरल की उन चार महिलाओं में से एक हैं, जो 2016 और 2018 के बीच अफगानिस्तान के खुरासान प्रांत में अपने शौहर के साथ आतंकवादी संगठन आईएसआईएस में शामिल होने के लिए गई थी। निमिषा उर्फ फातिमा के साथ अफगानिस्तान गई अन्य तीन महिलाओं की पहचान सोनिया सेबेस्टियन उर्फ आयशा, रफीला, मेरिन जैकब उर्फ मरियम के रूप में हुई थी।

इन्हें आईएसआईएस की दुल्हन के रूप में भी जाना जाता है। फातिमा का शौहर इस्लामिक स्टेट (आईएस) का आतंकी था। वह एक हमले में मारा गया था, जिसके बाद से फातिमा अफगानिस्तान की जेल में बंद है।

धर्मांतरण का शिकार हिंदू लड़की निमिषा संपत डॉक्टर बनना चाहती थी। इसके लिए उसके परिवार वालों ने लाखों खर्चा करके उसका एडमिशन एक अच्छे मेडिकल कॉलेज में कराया था, लेकिन उन्हें कहाँ पता था कि उनकी बेटी ‘लव जिहाद’ का शिकार बन जाएगी और आईएसआईएस के लिए काम करने लगेगी।

केरल में निमिषा संपत को उसी के कॉलेज में MBBS कर रहे सज्जाद नाम के एक शख्स ने अपने प्रेम जाल में फँसाया था। निमिषा की माँ बिंदू संपत ने इस बारे में बात करते हुए बताया था, “मेरी बेटी को बहकाया गया, उस पर दबाव डाला गया। ये सब उसी सज्जाद सलीम ने किया। वो भी उसी कॉलेज से MBBS कर रहा था। सज्जाद अपनी अम्मी और पूरे परिवार के साथ 2012 से मेरी बेटी से मिल रहा था। उसकी अम्मी ने कहा था कि अगर तुम इस्लाम कबूल कर लो, तो मैं तुम्हारे परिवार से बात करूँगी और अपने बेटे से निकाह करवा दूँगी।”

निमिषा से गलती यह हुई थी कि उसने इस बारे में अपने परिवार वालों को कुछ भी नहीं बताया। निकाह के बाद सज्जाद ने निमिषा का धर्म परिवर्तन करवाया और उसे फातिमा ईसा नाम दिया। जब वह गर्भवती हो गई तो उसने उसे तलाक दे दिया। फिर एक मुस्लिम संगठन ने मदद के नाम पर उसका दोबारा निकाह करवाया। बीडीएस की छात्रा निमिषा 19 अन्य लोगों के साथ कासरगोड में अपने कॉलेज से 2016 में लापता हो गई थी। वह अपने शौहर के साथ अफगानिस्तान में आईएस के कब्जे वाले इलाके में पहुँच गई थी। यहाँ फातिमा ने एक बच्चे को जन्म भी दिया था।

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने भी इस मामले का खुलासा किया था कि निमिषा को आतंकवादी बनाकर अफगानिस्तान भेजा गया और अब वह आईएसआईएस आतंकी होने के आरोप में वहाँ की जेल में बंद है।

बता दें कि ‘द केरल स्टोरी’ फिल्म में भी यही दिखाया गया है कि कैसे शालिनी उन्नीकृष्णन को एक मुस्लिम शख्स अपने प्रेम के जाल में फाँसता है। उसे इस्लाम कबूल करवाकर शालिनी से फातिमा बनाया गया, उसका निकाह कराया और फिर उसे आतंकवाद की आग में झोंक दिया गया।

‘हिंदू संन्यासियों को तो तस्कर या बलात्कारी के रूप में दिखाया गया…’: केरल हाईकोर्ट ने The Kerala Story पर रोक लगाने से किया इनकार

लव जिहाद पर बनी फिल्म केरला स्टोरी (Kerala Story) को लेकर वामी-कट्टरपंथियों में छटपटाहट है। फिल्म के जरिए हकीकत को बाहर लाने से वे घबराए हुए हैं। इसलिए इसे रिलिज होने से रोकने के वे लिए तरह-तरह से प्रयास कर रहे हैं। केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार (5 मई 2023) को फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।

जस्टिस एन नागरेश और जस्टिस सोफी थॉमस की पीठ ने कहा कि इस फिल्म में इस्लाम या मुस्लिमों के खिलाफ कुछ भी नहीं है। यह फिल्म आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (ISIS) के बारे में है। पीठ ने कहा, “इस्लाम के खिलाफ क्या है? धर्म के खिलाफ कोई आरोप नहीं है। आरोप आईएसआईएस के खिलाफ है।”

अदालत ने आगे कहा, “किसी भी याचिकाकर्ता ने फिल्म नहीं देखी है। फिल्म के ट्रेलर को देखकर लगता है कि इसमें किसी समुदाय विशेष के लिए कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है।” पीठ ने मौखिक रूप से टिप्पणी की कि ऐसी कई फिल्में हैं, जिनमें हिंदू संन्यासियों को तस्कर या बलात्कारी के रूप में दिखाया गया है। हिंदी में भी हैं और मलयालम में भी। कोई विरोध नहीं करता।

इस पर अधिवक्ता दुष्यंत दवे ने कहा कि अगर एक गलत की अनुमति दी गई, इसका मतलब ये नहीं कि दूसरे को भी दी जानी चाहिए। इस पर कोर्ट ने कहा, “आप अंतिम समय पर आए हैं।” बता दें कि केरला स्टोरी शुक्रवार (5 मई 2023) को रिलीज हुई है।

एक अन्य याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट से कहा कि फिल्म में केरल को ISIS की गतिविधियों का केंद्र बताया गया है। इस पर कोर्ट ने कहा, “हमें सच्चाई में जाने की आवश्यकता नहीं है। यह कल्पना है! केवल इसलिए कि कुछ धार्मिक प्रमुखों को खराब रौशनी में दिखाया गया है, फिल्म पर प्रतिबंध लगाने का कोई कारण नहीं है।”

अदालत ने कहा, “केरल में हम इतने धर्मनिरपेक्ष हैं कि एक फिल्म थी जिसमें एक पुजारी ने मूर्ति पर थूक दिया और कोई समस्या नहीं हुई। आप कल्पना कर सकते हैं? यह एक प्रसिद्ध पुरस्कार विजेता फिल्म है। यह लंबे समय से हिंदी और मलयालम फिल्मों में हो रहा है।”

बेंच ने कहा कि फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने लोगों को देखने के लिए सर्टिफिकेट दिया है। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि फिल्म के ट्रेलर में दावा किया है कि यह केरल की सत्य घटनाओं पर आधारित है। केरल में 32,000 महिलाओं को ISIS ने भर्ती की है। इस पर फिल्म के निर्माता ने कहा कि इसे वह अपने सोशल मीडिया अकाउंट से हटा लेगा।

‘हम मर जाएँ तब कार्रवाई करेगी पुलिस?’: खालिस्तानी दे रहे पत्नी-बेटी का रेप करने की धमकी, लंदन में इस परिवार पर 3 बार हो चुका है हमला

इंग्लैंड की राजधानी लंदन में रह रहे हरमन सिंह कपूर को खालिस्तानियों से लगातार धमकियाँ मिल रहीं हैं। हरमन एक रेस्टॉरेंट चलाते हैं। उन्हें धमकी देने वाले लोग उन्हें जान से मारने से लेकर उनकी पत्नी और बेटी का बलात्कार करने तक की बात कह रहे हैं। यही नहीं, हरमन और उनके परिवार पर अब तक तीन बार हमला हो चुका है। हरमन की गलती बस इतनी है कि उन्होंने खालिस्तान को लेकर एक वीडियो शेयर किया था।

दरअसल, हरमन कपूर सिंह का दावा है कि लंदन में स्थिति भारतीय उच्चायोग में हुए हमले के बाद उन्होंने टिकटॉक पर एक वीडियो शेयर किया था। वीडियो शेयर करने के बाद से ही उन्हें खालिस्तानी धमकियाँ दे रहे हैं। इंडिया टुडे के साथ हुए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा है, “यह खालिस्तान आंदोलन कुछ समय पहले शुरू हुआ था और फिर शांत हो गया। आज फिर, कनाडा, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में बसे लोगों का एक वर्ग खालिस्तान बनाना चाहता है। लेकिन भारत में रहने वाले लोग ऐसा नहीं चाहते। इसलिए मैंने वीडियो में कहा था कि जिन्हें खालिस्तान की जरूरत है, वे वापस भारत चले जाएँ और वहाँ जाकर इसकी माँग करें।”

उन्होंने अपने वीडियो को लेकर बात करते हुए कहा है, “वीडियो पोस्ट करने के बाद सिर्फ 2 दिन में ही मिलियन से अधिक लोगों ने वीडियो को देख लिया था। लेकिन, इस दौरान वीडियो डिलीट करने के लिए मुझे फोन आने लगे। फोन करने वाले लोग मुझे और मेरे परिवार को जान से मारने की धमकियाँ दे रहे थे। मैं सोच रहा था कि मुझे इस तरह से कौन धमकी दे सकता है क्योंकि मैं तो यूके में हूँ। लेकिन इसके बाद 5 लोगों ने मेरे रेस्टॉरेंट में हमला कर दिया।”

हरमन ने कहा है कि उनके रेस्टोरेंट में हमला करने वालों ने उन्हें वीडियो हटाने और ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ व ‘हिंदुस्तान मुर्दाबाद’ जैसे नारे लगाने के लिए कहा था। हमलवारों ने उनसे कहा था कि यदि वह भारत का झंडा नहीं जलाते हैं तो मरने के लिए तैयार रहें। हरमन ने कहा है कि उन्हें इस बात का आश्चर्य हो रहा है कि ये लोग खालसा राज या गुंडा राज की माँग कर रहे हैं।

हरमन ने कहा है कि उनके रेस्टोरेंट पर हमला होने के बाद पुलिस आई थी और उन्हें सुरक्षा का आश्वासन दिया था। लेकिन फिर उन्हें और उनके परिवार को ऑनलाइन धमकियाँ मिलने लगीं। उनकी पत्नी और उनकी बेटी को रेप की धमकी दी गई। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा है, “बलात्कार और जान से मारने की धमकियों के बीच मेरा पता सार्वजनिक कर दिया गया था। इंटरनेट पर पता घूम रहा था। लोग मेरी पत्नी और बेटी की तस्वीरों को चाटने के वीडियो भी पोस्ट कर रहे थे।”

बता दें कि 22 मार्च को खालिस्तानियों ने लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग के सामने विरोध प्रदर्शन किए थे। इसके बाद उसी शाम हरमन के रेस्टोरेंट में हमला हुआ था। इसके अगले ही दिन यानि 23 मार्च की शाम भी उनके घर पर हमला किया गया। इस हमले के बाद पुलिसिया कार्रवाई को लेकर हरमन सिंह कपूर कहते हैं, “पुलिस हमारे पास आई थी। पुलिस अधिकारियों ने कहा था कि वे हमारे बयान लेने और संदिग्धों को गिरफ्तार करने के लिए दो दिन बार फिर से आएँगे। लेकिन अब दो सप्ताह से अधिक समय हो गया है। परिवार लगातार डर में जी रहा है। कोई भी सुरक्षित नहीं है क्योंकि हमला करने वाले लोग अब भी खुले घूम रहे हैं।”

हरमन ने आगे कहा है “पुलिस ने हमें बताया था कि हम लोग उनकी प्राथमिकता में नहीं हैं क्योंकि हमें कुछ नहीं हुआ है। जब तक कोई घायल नहीं होता या मारा नहीं जाता तब तक वे कार्रवाई नहीं कर सकते। जो लोग हमें परेशान कर रहे हैं वे जानते हैं कि जब तक वे हमें नुकसान नहीं पहुँचाएँगे तब तक पुलिस कुछ भी नहीं करेगी। इसलिए, ये लोग खुले घूम रहे हैं। हमें धमका रहे हैं और परेशान कर रहे हैं। पुलिस हमारे मरने का इंतजार कर रही है। इसके बाद ही कोई कार्रवाई होगी। क्या इसका मतलब यह है कि पुलिस की कार्रवाई के लिए हमें मरना होगा?”

पहलवानों के लिए सुप्रीम कोर्ट से ऊपर खाप पंचायत? विनेश फोगाट के वीडियो पर बवाल, सुनिए क्या-क्या कहा

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहलवानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। इस बीच विनेश फोगाट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह खाप पंचायत के फैसले को सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट से पहले बता रही हैं। वहीं, जाट समाज ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर गुरुवार (4 मई, 2023) को जानकारी दी कि 7 मई को सभी खाप जंतर-मंतर जाएँगी। जाट समाज ने ट्वीट किया, “सोरम मुजफ्फरनगर में सर्वखाप मुख्यालय पर आयोजित खाप चौधरियों की बैठक के निर्णयानुसार, 7 मई को सभी खाप जंतर-मंतर जाएँगी।

दिल्ली पुलिस द्वारा खिलाड़ियों से अभद्रता करने वाले तैनात पुलिस कर्मियों को सस्पेंड करने के लिए 2 दिन का वक्त दिया गया है। बाकी सभी निर्णय जंतर-मंतर पहुँचकर लिए जाएँगे।”

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे विनेश फोगाट के वीडियो को सबसे पहले ट्विटर पर रवि भदौरिया नाम के एक इन्फ्लुएंसर ने शेयर किया था। वीडियो में भारतीय पहलवान को यह कहते हुए सुना जा सकता है, “हमारे बुजुर्ग और खाप पंचायतें ही हमारे सभी बड़े फैसले लेती आ रही हैं। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट से पहले हमारा जो भी फैसला होता है, वह हमारी खाप पंचायत लेती है। इसलिए खाप पंचायत जो भी फैसला करेगी, हम उनका पालन करेंगे।”

भारतीय पहलवान द्वारा देश के सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय से ऊपर खाप पंचायत के फैसले को बताने से विवाद गहरा गया है। लेकिन, पूरी वीडियो में विनेश को यह कहते हुए भी सुना गया कि वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करती हैं और सभी कानूनी विकल्पों की तलाश कर रही हैं।

मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट ने 4 मई को महिला पहलवानों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई बंद करने का फैसला सुनाया। शीर्ष अदालत ने कहा कि पहलवानों ने भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए याचिका दाखिल की थी। दिल्ली पुलिस ने सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है, इसलिए अब इस मामले में आगे की सुनवाई बंद की जाती है।

दरअसल, बबीता फोगाट, विनेश फोगाट, संगीता फोगाट, साक्षी मलिक सहित 7 महिला पहलवानों ने बृजभूषण सिंह पर खिलाड़ियों का यौन शोषण करने का आरोप लगाया है। इन खिलाड़ियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका देकर कहा था कि दिल्ली पुलिस उनकी शिकायत पर FIR दर्ज नहीं कर रही है।

बता दें कि 7 मई को उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान की तक़रीबन एक दर्जन खाप देशवाल, राठी, बुड़ियांन, दुड्डा, बेनीवाल, कुंड, निर्वाल, बालियान, घनघस, लाटीयान, अहलावत और बत्तीसा के चौधरी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे खिलाड़ियों के विरोध प्रदर्शन पर एकजुट होंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे। इससे पहले खाप पंचायतों ने पहलवानों की माँगे जल्द पूरी नहीं करने पर बंद की धमकी दी थी।

उल्लेखनीय है कि खाप पंचायतें अक्सर गलत कारणों से चर्चा में रही हैं, जिसमें अंतर-जातीय विवाह को ‘अवैध’ घोषित करने का प्रयास और ऑनर किलिंग को लेकर उनके फैसले शामिल हैं।

हरियाणा कुश्ती संघ के महासचिव ने पहलवानों पर आरोप लगाया

वहीं, हरियाणा कुश्ती संघ के महासचिव राकेश कोच ने भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह का समर्थन किया है। उन्होंने महावीर फोगाट परिवार पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं। राकेश कोच ने बीते दिनों कहा था कि उनका परिवार कुश्ती संघ पर कब्जा करना चाहता है। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कॉन्ग्रेस नेता भूपेंद्र हुड्डा अपने बेटे दीपेंद्र हुड्डा को WFI का अध्यक्ष बनवाना चाह रहे हैं। इसलिए वे खिलाड़ियों को भड़का रहे हैं।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों पर निशाना साधते हुए राकेश कोच ने यह भी कहा था कि ये खिलाड़ी किसी कार्यक्रम में आने के लिए पैसे लेते हैं। बजरंग पुनिया सरकारी अधिकारी हैं और रेलवे की अनुमति के बिना वे धरने पर बैठे हैं। विनेश फोगाट और साक्षी के साथ कुछ भी गलत नहीं हुआ।