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‘मिशनरियों द्वारा ईसाई मजहब फैलाना गैरकानूनी नहीं’: सुप्रीम कोर्ट में बोली तमिलनाडु की DMK सरकार – उन्हें निशाना बनाए जाने की हो रही कोशिश

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में धर्मांतरण विरोधी कानून को लेकर जारी बहस के बीच तमिलनाडु सरकार ने सोमवार (1 मई 2023) को अपना पक्ष रखा। तमिलनाडु की स्टालिन सरकार का कहना है कि ईसाई धर्म का प्रसार करने वाली मिशनरियों के बारे में कुछ भी अवैध नहीं है, जब तक कि वे ऐसा करने के लिए गैरकानूनी साधनों का इस्तेमाल नहीं करते हैं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत का संविधान लोगों को ‘अपने धर्म को शांति से फैलाने’ और ‘अपनी मान्यताओं को बदलने’ का अधिकार देता है।

डीएमके (DMK) के नेतृत्व वाली सरकार ने शीर्ष न्यायालय में कहा कि अल्पसंख्यकों के खिलाफ धर्मांतरण विरोधी कानूनों का दुरुपयोग होने का ज्यादा खतरा है। देश के नागरिकों को स्वतंत्र रूप से अपना धर्म चुनने की अनुमति दी जानी चाहिए। नागरिकों की व्यक्तिगत आस्था और निजता पर सवाल उठाना उचित नहीं।

सुप्रीम कोर्ट में भाजपा नेता व एडवोकेट अश्विनी उपाध्याय ने एक जनहित याचिका दायर की थी। इसमें जबरन धर्मांतरण के खिलाफ सीबीआई जाँच और धर्मांतरण विरोधी कानून का मसौदा तैयार करने की माँग की गई थी। इस पर तमिलनाडु सरकार की ओर से कहा गया है कि राज्य में पिछले कई सालों से जबरन धर्मांतरण कराने का कोई भी मामला सामने नहीं आया है।

स्टालिन सरकार की ओर से दाखिल हलफनामे में यह भी कहा गया है कि भारत के संविधान का अनुच्छेद 25 प्रत्येक नागरिक को अपने धर्म का प्रचार करने का अधिकार देता है। इसलिए, ईसाई धर्म का प्रसार करने वाले मिशनरियों के कार्यों को कानून के खिलाफ नहीं देखा जा सकता है। अगर यह नैतिकता, स्वास्थ्य जैसी चीजों के खिलाफ है, तो इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

इसके साथ ही राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि राज्यों के विभिन्न धर्मांतरण विरोधी कानूनों के तहत सजा पर कोई डेटा नहीं है। नागरिक उस धर्म को चुनने के लिए स्वतंत्र हैं, जिसका वे पालन करना चाहते हैं। याचिकाकर्ता की आलोचना करते हुए सरकार ने आगे कहा कि ईसाई मिशनरियों को निशाना बनाने की कोशिश की जा रही है।

‘प्रण है हिंदुओं को खंड-खंड नहीं होने दूँगा’ : MP में बागेश्वर धाम वाले पंडित धीरेंद्र शास्त्री से कथा सुन 95 लोगों ने की घर वापसी, बोले- लालच में फँसकर बने थे ईसाई

मध्यप्रदेश के सागर जिले में बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री द्वारा करवाई जा रही कथा में 50 से ज्यादा परिवारों के 95 लोगों ने सनातन धर्म अपनाया। ये लोग जिले के अलग-अलग गाँवों के रहने वाले हैं। उन्होंने घर वापसी के वक्त कहा कि वो लोग लालच में आकर ईसाई बन गए थे लेकिन अब फिर ऐसाइ नहीं होगा।

बता दें कि सागर जिले के बहेरिया इलाके में बांके बिहारी नगर में पंडित धीरेंद्र शास्त्री 24 अप्रैल से कथा कर रहे थे। रविवार को इस कथा का अंतिम दिन था। इसी दिन 95 लोगों ने घर वापसी करते हुए कहा- “हम लालच में आकर मार्ग से भटक गए थे। लेकिन अब नहीं भटकेंगे। हम सनातन में ही रहेंगे।”

पंडित धीरेंद्र कृष्णा शास्त्री ने इन्हें धर्म की शपथ दिलाई। इन्हें पीली पट्टिका पहनाकर इनका हिंदू धर्म में स्वागत किया गया। इस दौरान घर वापसी करने वाले लोगों ने बताया कि उन्हें किन परिस्थितियों में ईसाई बना दिया गया था और उन्हें क्या कहा गया था।

नौनेलाल नाम के शख्स ने कहा कि कि पैसे देने और बच्चों की पढ़ाई का लालच देकर उन लोगों को ईसाई बनाया गया था। लेकिन जब उन्होंने पंडित धीरेंद्र शास्त्री की कथा सुनी तो उनकी आत्मा जाग गई। वे बोले- अब जबतक जिंदगी रहेगी, सनातनी धर्म में ही रहेंगे। कहीं नहीं जाएँगे चाहे कोई कितना ही दम लगाए।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, दयाल नाम के शख्स ने बताया कि उसे पानी में डुबकी लगवाकर ईसाई बनाया गया था और ऐसा करने के बाद उसे बकरी, मच्छरदानी और कंबल भी मिले थे। दयाल ने कहा, “मजदूरी करते थे इसलिए लालच में आ गए। उन्होंने कहा था कि ईसाई धर्म मानोगे तो ऐसे ही सब कुछ मिलेगा।” वहीं घर वापसी करने वाली एक महिला ने भी बताया कि कैसे उसे ईसाई बनाकर उसे मंगलसूत्र पहनने से मना किया गया था।

95 लोगों की सनातन में वापसी कराने के बाद बागेश्वर धाम वाले पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, “हम जातिवाद में नहीं पड़ते। आज से आप लोग हमारा परिवार है।” उन्होंने हिंदुओं से अपील की कि सभी घर वापसी वाले लोगों को अपना परिवार मानें। उन्होंने कहा कि अगर आज भी हिंदू नहीं जागे तो इसी तरह उन्हें खंड-खंड किया जाता रहेगा। पंडित धीरेंद्र शास्त्री बोले- “मेरा प्रण है कि मैं हिंदुओं को खंड-खंड नहीं होने दूँगा। ये अभियान चलता रहेगा।”

बता दें कि पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने इससे पहले भी कई धर्मांतरित लोगों को घर वापसी करवाई है। इस माह फरवरी में 200 से ज्यादा लोग उनका आशीर्वाद लेकर सनातन में आए। उससे पहले क्रिसमस के ही दिन करीबन 300 लोगों ने हिंदू धर्म स्वीकारा था। इस अभियान के कारण उन्हें कई बार निशाना भी बनाया गया। लेकिन उन्होंने ये साफ कहा कि वो हिंदुओं को बिखरने से बचाते रहेंगे।

‘गलती हो गई आपको इंटरव्यू देकर’ : वामपंथी मीडिया को तसल्ली से इंटरव्यू देने वाले सत्यपाल मलिक की क्यों पत्रकार के आगे बँध गई थी घिग्घी, वीडियो वायरल

आजकल अपने मोदी विरोधी बयानों के कारण लेफ्ट मीडिया में छाए जम्मू-कश्मीक, बिहार और मेघालय के पूर्व गवर्नर सत्यपाल मलिक का एक हैरान करने वाला इंटरव्यू वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। देख सकते हैं कि द वायर समेत तमाम वामपंथी संस्थानों को तसल्लीबख्स साक्षात्कार देने वाले सत्यपाल मलिक इस इंटरव्यू में न केवल पत्रकार सुशांत सिन्हा के सवालों से भाग रहे हैं बल्कि ऑन कैमरा कह रहे हैं- “आपको को इंटरव्यू देकर उन्होंने गलती कर दी।”

इस वीडियो में क्या है?

दरअसल, सुशांत और सत्यपाल मलिक का वीडियो साल 2021 में कथित किसांन आंदोलन को लेकर है। इस वीडियो में सुशांत उनके कुछ बयानों पर सवाल कर रहे हैं। सुशांत पूछते हैं कि यदि मलिक किसानों के साथ हो रहे बर्ताव के साथ खुश नहीं थे तो क्यों वह गवर्नर के पद पर आसित रहे।

इस पर सत्यपाल मलिक जवाब देने की जगह कहते नजर आए, “मैं आपके एटिट्यूड से खुश नहीं हूँ, मैंने आपको इंटरव्यू देने के लिए हाँ बोलकर गलती की। आपको मेरे साथ ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए।” मलिक ने कहा, “मुझे गवर्र पीएम और राष्ट्रपति ने बनाया है अगर वो बोल देंगे तो मैं पद छोड़ दूँगा।”

जब सुशांत ने उनसे एमएसपी पर सवाल किया तो उन्होंने कहा, “मेरे मुँह में जबरदस्ती ये सब मत डालिए मैं आपको नमस्ते करता हूँ मुझे कहीं जाना है। मैं दिन भर पत्रकारों को भुगतता हूँ। आपके जैसा बर्ताव किसी ने नहीं किया।”

इस वीडियो में सुशांत ने सत्यपाल मलिक से उनके उस बयान पर भी सवाल किया जिसमें उन्होंने पीएम के खिलाफ सिखों को उकासाया था। सत्यपाल मलिक ने इंदिरा गाँधी की हत्या याद दिलाते हुए कहा था कि अच्छा हुआ मोदी सरकार ने कृषि कानून वापस ले लिए वरना उनका हाल इंदिरा गाँधी जैसा होता।

इस बयान पर सुशांत ने पूछा कि लोगों को ये बयान धमकी जैसा लगा जिस पर सत्यपाल मलिक सफाई देते हुए बोले कि जो लोगों को लग रहा है वो गलत है। उन्होंने सिर्फ बताया था कि ये लोग बहुत समय तक चीजों को याद रखते हैं। इसमें कोई धमकी देते हैं। बस मशवरा था कि इनके साथ हिंसा मत करिए, बातचीत करके चीजों को सुलझा लीजिए।

वीडियो में देख सकते हैं कि जैसे ही सुशांत पूछते हैं कि आपके एक बयान के बाद अगर पीएम पर कोई हमला हो तो क्या वो जिम्मेदारी लेंगे इस पर सत्यपाल मलिक अपना पल्ला झाड़ कहते हैं कि उनकी क्यों जिम्मेदारी होगी और कोई हमला भी क्यों होगा। वीडियो के अंत में मिल को अपना माइक उतारते टाइम कहते सुना जा सकता है- ‘ले भाई गलती हो गई आगे से इनको कभी भी कोई इंटरव्यू नहीं देना न बुलाना।’

वामपंथी मीडिया में सत्यपाल मलिक

बता दें कि सत्यपाल मलिक इन दिनों वामपंथी मीडिया समूहों में काफी छाए हुए हैं। वो कभी द वायर के करण थापर को इंटरव्यू देते दिखते हैं तो कभी आरफा खानुम शेरवानी को। कुछ समय पहले उनकी मुलाकात रवीश कुमार से भी हुई थी। साक्षात्कारों में देखने को मिलता है कि वो काफी शांति से पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हैं और कुछ भी ऐसा कहते हैं जो लेफ्ट मीडिया के लिए बड़ी हेडलाइन होती है जबकि एक साल पुराने इस इंटरव्यू में उन्हें समझ नहीं आ रहा वो क्या जवाब दें। ये वीडियो सोशल मीडिया पर पिछले साल भी वायरल हुआ था और अब भी लोग इसे दोबारा शेयर करने लगे हैं।

‘जलती चिता से शव निकाल दुष्कर्म’: हिंदुओं की बदनामी के लिए इस्लामी कट्टरपंथियों ने फैलाया झूठ, पाकिस्तानी कब्र में लाशों के साथ रेप वाला एंगल भी

पाकिस्तान में कब्रों में दफन लाशों के साथ रेप करना कोई नई खबर नहीं है। हाल में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें मोहम्मद रियाज नाम का ‘हैवान’ बता रहा है कि उसने 48 शवों के साथ दुष्कर्म किए। उसकी ये वीडियो वायरल होने के बाद भारत के इस्लामी कट्टरपंथी सक्रिय हैं। उन्होंने पाकिस्तान को बदनामी से बचाने के चक्कर में फेक न्यूज फैलाकर अपनी फजीहत करवा ली।

दरअसल, 12 साल बाद रियाज की वीडियो वायरल होने के बाद इस्लामी कट्टरपंथियों ने ये दिखाने का प्रयास किया कि ये नेक्रोफीलिया का केस है। ऐसे मामले भारत से भी आते हैं। उन्होंने राजस्थान के सीकर से फैली फेक न्यूज उठाई और सोशल मीडिया पर दिखाना शुरू किया कि भारत में जलती लाश के साथ बलात्कार होता है।

देख सकते हैं कि झूठ को फैलाने में प्रोपेगेंडाबाज पत्रकार मीर फैजल भी है। उसने अपने ट्वीट में लिखा कि राजस्थान के सीकर में शंकर लाल, बाबू लाला, राजू कुमार, दीपक और हरि सिंह ने जलते शव को चिता से निकालकर उसके साथ रेप किया।

मीर फैजल की तरह तमाम इस्लामी कट्टरपंथियों ने इस खबर को धड़ल्ले से सोशल मीडिया पर शेयर किया और आरोपितों के नाम उभारे। फेक न्यूज फैलाने वालों में सदफ आफरीन, मोहम्मद आसिफ खान समेत तमाम यूजर्स के नाम हैं।

इन सबने एशियानेट द्वारा चलाई गई एक फर्जी न्यूज को आधार बनाकर ट्विटर पर झूठ लिखा। हालाँकि इनका झूठ ज्यादा समय टिक नहीं सका क्योंकि सीकर पुलिस ने इसका सच बता दिया।

सीकर पुलिस ने लिखा- “उक्त घटना मिथ्या एवं भ्रामक है। शव के दाहर संस्कार के तीन दिन बाद ये व्यक्ति अपने परिचित से मिलने इलाके में आए। लेकिन ग्रामीणों ने संदिग्ध समझकर इन्हें मारा पीटा। जब थाना अजीतगढ़ द्वारा मौके पर विधिक कार्रवाई की गई तो दुष्कर्म जैसी घटना का कोई सबूत नहीं मिला।”

पाकिस्तान में कब्रों में लगाने पड़ रहे ताले

गौरतलब है कि कब्र में घुसकर लाशों का रेप करना पाकिस्तान में सामान्य हो गया है। जिस रियाज की वीडियो आने के बाद भारत के इस्लामी कट्टरपंथियों ने झूठ फैलाया वो 2011 का मामला है। रियाज ने गिरफ्तारी के बाद कैमरे पर मीडिया के सामने बेशर्मी से बताया था कि वो कब्र में घुसकर मृत औरतों के साथ गलत काम करता था। उसका कहना था कि वो अपने साथी के साथ इसे अंजाम देता था। उसने 48 औरतों के शवों के साथ ऐसा किया था।

रियाज ऐसी हरकत करने वाला पाकिस्तान का अकेला हैवान नहीं है। साल 2019 में एक रफीक नाम के शख्स ने भी 14 साल की लड़की की लाश को कब्र के साथ निकालकर उसका रेप किया था। साल 2020 में ओकारा से भी ऐसी ही खबर आई थी। फिर थट्टा में भी नाबालिग बच्ची के शव के साथ बलात्कार की घटना हुई थी।

ऐसे तमाम मामले हैं जो अब तक पाकिस्तान से आ चुके हैं। एक वीडियो वायरल हुई थी जिसमें दावा किया गया था कि पाकिस्तान की स्थिति ये है कि लोगों को लाशें दफनाने के बाद कब्रों में दरवाजे और ताले लगवाने पड़ते हैं ताकि बच्चियों और महिलाओं की लाश के साथ कोई गलत काम न किया जाए।

जिस प्रवीण नेट्टारू को इस्लामी कट्टरपंथियों ने कुल्हाड़ी से काट डाला, उनके परिवार के लिए BJP ने बनवाया नया घर: लगे ₹60 लाख, मूर्ति भी स्थापित की

प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के आतंकियों के हमले में मारे गए भाजपा युवामोर्चा कार्यकर्ता प्रवीण नेट्टारू के परिवार के लिए बीजेपी ने घर बनवाया है। इस घर की कीमत करीब 60 लाख रुपए बताई जा रही है। घर में प्रवीण नेट्टारू की एक मूर्ति भी स्थापित की गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस घर का निर्माण दक्षिण कन्नड़ जिले के सुल्या तालुक अंतर्गत बेल्लारे गाँव में किया गया। 2700 वर्ग फ़ीट और करीब 60 लाख रुपए की लागत में बनकर तैयार हुए घर का गृह प्रवेश कार्यक्रम गुरुवार (27 अप्रैल, 2023) को संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई, बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष नलिन कतील आरएसएस के प्रभाकर नट समेत कई नेता मौजूद रहे।

नवंबर 2022 में कर्नाटक बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष नलिन कुमार कतील ने इस घर का शिलान्यास किया था। यह घर प्रवीण नेट्टारू के पुराने घर को तोड़ कर उसी स्थान पर बनाया गया है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी रविवार (30 अप्रैल 2023) को नेट्टारू के घर पहुँचे।

बता दें कि 26 जुलाई 2022 को बेल्लारे में PFI के आतंकियों ने भाजपा नेता प्रवीण नेट्टारू को कुल्हाड़ी से उस वक़्त काट दिया था, जब वे दुकान बंद कर अपने घर जा रहे थे। हमलावर बाइक पर सवार हो कर आए थे। इस हत्याकांड की जाँच कुछ ही समय बाद NIA को सौंप दी गई थी।

NIA ने इस केस में अभी तक जिन आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट लगाई है उनके नाम मोहम्मद शियाब, मुस्तफा पैचार, ए बशीर, रियाज़, मसूद, मोहम्मद शरीफ, अबू बकर सिद्दीक, नौफाल, इस्माइल, इकबाल, शहीद, मोहम्मद शफीक, उमर फारूक, अब्दुल कबीर, मोहम्मद ईशा, आबिद, शेख हुसैन, ज़ाकिर, अब्दुल हरिस और तुफैल हैं। फिलहाल मुस्तफा पैचार, मसूद, मोहम्मद शरीफ, अबू बकर सिद्दीक, उमर फारूक और तुफैल फरार चल रहे हैं। इन आरोपितों को गिरफ्तार करवाने वाले पर NIA ने इनाम भी घोषित किया है।

‘जातिसूचक टिप्पणी करते हुए बिहार पुलिस ने दलित बस्ती पर बरसाए डंडे, महिलाओं से भी मारपीट: मीडिया रिपोर्ट्स, गुस्साए ग्रामीणों ने थाने को घेरा

बिहार में शराबबंदी कानून लागू है। लेकिन इसके बाद भी सूबे में शराब बिक्री पर पूरी तरह लगाम नहीं लग पाई है। ऐसे में पुलिस जगह-जगह छापेमार कार्रवाई करती है। इस बीच दलित बस्ती में कार्रवाई करने गई पटना की उत्पाद पुलिस पर ग्रामीणों ने पुरुषों और महिलाओं के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है। यही नहीं, पीड़ितों ने पुलिस पर नकदी छीनने का भी आरोप लगाया।

‘हिंदुस्तान’ की रिपोर्ट के अनुसार, मामला पटना जिले के धनरूआ अंतर्गत मझनपुरा गाँव का है। यहाँ शनिवार (29 अप्रैल, 2023) रात को दलित बस्ती के लोग अपने घरों से बाहर निकल सड़क किनारे बैठकर बातें कर रहे थे। इसी दौरान उत्पाद पुलिस वहाँ पहुँची। आरोप है कि इसके बाद करीब एक दर्जन पुलिसकर्मियों ने लोगों पर जातिसूचक टिप्पणी करते हुए डंडे बरसाने शुरू कर दिए। पुलिस की इस कार्रवाई का ग्रामीणों ने विरोध किया तो पुलिसकर्मी लोगों के घर में घुस गए। इसके बाद महिलाओं के साथ भी मारपीट की।

उत्पाद पुलिस की कार्रवाई से दलित बस्ती के दर्जन भर लोग घायल हो गए। घायलों में पुरुष और महिलाएँ दोनों शामिल हैं। इनमें से एक महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों को इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। फर्स्ट बिहार ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने बिना किसी कारण के उनके साथ मारपीट की। घटना के बाद गुस्साए लोगों ने धनरुआ थाने पहुँचकर हँगामा किया। साथ ही आरोपित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की माँग की।

पीड़ित महिलाओं काजल देवी और किरण देवी ने आरोप लगाया है कि उत्पाद पुलिस ने उनके घर में घुसकर पेटी में रखे 30-30 हजार रुपए निकाल लिए। वहीं, पीड़ित नीतीश पासवान, राजमणि व अन्य का कहना है कि पुलिस ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की है। वहीं, इस मामले में उत्पाद पुलिस ने अपने ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया है। धनरुआ के थाना प्रभारी सतेंद्र कुमार ने कहा है कि शीर्ष अधिकारियों को मामले की जानकारी भेज गई है, निर्देश मिलने पर आवश्यक कार्रवाई होगी।

किंग चार्ल्स III के राज्याभिषेक में बाइबिल का अंश पढ़ेंगे PM ऋषि सुनक, राजा को देना होगा God की सेवा का वचन: पादरियों की देखरेख में होगा कार्यक्रम

UK के नए राजा किंग चार्ल्स III के राज्याभिषेक का कार्यक्रम तय हो गया है। कार्यक्रम में वहाँ के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक बाइबिल संबंधी पुस्तक का एक अंश पढ़ते नज़र आएँगे। इस पुस्तक का नाम ‘The Epistle to the Colossians’ है। वो परंपरा के तहत इस जिम्मेदारी को निभाएँगे। पूरा कार्यक्रम ईसाई मजहब के रीति-रिवाजों के हिसाब से चलेगा, जिसकी जिम्मेदारी कैंटबरी के आर्कबिशप ने उठाया है। कार्यक्रम वेस्टमिनिस्टर ऐबी में होना है।

ये कार्यक्रम शनिवार (6 मई, 2023) को आयोजित किया जाएगा। ऋषि सुनक भारतीय मूल के पहले ऐसे व्यक्ति हैं, जो ब्रिटेन के पीएम की कुर्सी पर बैठे हैं। वो हिन्दू धर्म के अनुयायी हैं। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम का थीम, कई समुदायों को एक साथ बाँधने का होगा, ऐसे में उन्हें बाइबिल संबंधित पुस्तक का अंश पढ़ना होगा। कई ईसाई पादरी इस कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। कार्यक्रम में जीसस क्राइस्ट द्वारा बताए गए नियमों को भी पढ़ा जाएगा।

राजपरिवार के ऐसे मौकों पर सरकार का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रधानमंत्री को मौजूद रहना होता है। कैंटबरी के आर्कबिशप ही राज्याभिषेक के लिए नियमों का निर्धारण करते आ रहे हैं। राजा को 3 शपथ लेने होते हैं और 1 वादा करना होता है, जिसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। ईसाई मजहब के एक ब्रांच ‘Protestant Reformed Religion’ की रक्षा का वचन भी राजा को देना होता है। उन्हें ब्रिटेन की जनता के अलावा God की सेवा की भी शपथ लेनी होती है।

इसीलिए, इस कार्यक्रम का थीम ‘Called To Serve’ रखा गया है। इस मौके पर मुख्य पादरी ने कहा कि देश की परंपराओं और इससे पहले सत्ता में रहे नेताओं को याद करते हुए कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। उनका कहना है कि ये चीजें देश की विविधता को दिखाएगी। इस दौरान हिन्दू, सिख और इस्लाम और यहूदी धर्मों के भी कुछ चीजों को दिखाया जाएगा, ताकि विविधता दर्शाई जा सके। लॉर्ड नरेंद्र बाबूभाई पटेल हिन्दुओं का प्रतिनिधित्व करेंगे।

‘दुबई पूरी तरह सुरक्षित, भारत में समस्या है’: हत्या की धमकियों के बाद बोले सलमान खान – अब मेरे पास बहुत सारे ‘शेरा’, उनकी बंदूकों से डरते हैं लोग

बीते दिनों सलमान खान को गैंगस्टर लॉरेन्स विश्नोई ने जान से मारने की धमकी दी थी। इसके अलावा, ईमेल और फोन पर भी उन्हें धमकियाँ मिलती रही हैं। इन धमकियों को लेकर सलमान खान ने कहा है कि दुबई सुरक्षित है। भारत में वह असुरक्षित महसूस करते हैं।

दरअसल, सलमान खान ने इंडिया टीवी पर एक इंटरव्यू दिया है। दुबई में हुए इस इंटरव्यू में उन्होंने कहा है, “सुरक्षा असुरक्षा से बेहतर है। अब सड़क पर साइकिल चलाना और अकेले कहीं भी जाना संभव नहीं है। इससे भी बड़ी बात यह है कि अब मुझे यह समस्या है कि जब मैं ट्रैफिक में होता हूँ तब बहुत अधिक सुरक्षा होती है। ऐसी स्थिति में अन्य लोगों को समस्याएँ होती हैं। वे भी मुझे देखते हैं। बेचारे मेरे प्रशंसक। खतरा है, इसलिए सुरक्षा है। मैं जो कुछ भी कर पा रहा हूँ वह कर रहा हूँ। ‘किसी का भाई किसी की जान’ फिल्म का एक डायलॉग है ‘उन्हें एक बार लकी होना है, मुझे 100 बार।’ मैं बहुत सावधानी बरतता हूँ।”

उन्होंने आगे कहा है कि अब जैसे वह दुबई में हैं तो उन्हें किसी चीज की जरूरत नहीं है। वह दुबई में पूरी तरह सुरक्षित हैं। वह जहाँ चाहे वहाँ जा पा रहे हैं। भारत में थोड़ा सी समस्या है। उन्होंने आगे कहा है कि उन्हें यह पता है कि जो होना है वह होकर रहेगा, चाहे जो हो जाए। सलमान ने कहा है कि वह ऊपर वाले भरोसा करते हैं। लेकिन, इसका मतलब यह नहीं है कि वह खुला घूमना शुरू कर दें। यही नहीं, उन्होंने अपने सिक्योरिटी गार्ड्स की तारीफ करते हुए कहा है कि अब उनके आसपास बहुत सारे शेरा (उनके मुख्य बॉडीगार्ड का नाम) हैं। उनके पास बहुत सारी बंदूकें हैं इससे लोग डरते भी हैं।

बता दें कि सलमान खान ने लगातार मिल रही धमकियों के बीच नई बुलेट प्रूफ कार भी खरीदी है। यह निसान एसयूवी है, जिसे उन्होंने विदेश से इंपोर्ट कराया है। अभी तक यह गाड़ी मार्केट में लॉन्च नहीं हुई है।

सलमान खान को मिलती रहीं हैं जान से मारने की धमकी

गौरतलब है कि सलमान खान को इसी साल 10 अप्रैल को जान से मारने की धमकी मिली थी। पुलिस ने कहा था कि कंट्रोल रूम में एक शख्स ने धमकी वाला कॉल किया था। वह खुद को राजस्थान के जोधपुर का रहने वाला बता रहा था। आरोपित ने अपना नाम रॉकी भाई बताया है। कॉल करने वाले ने दावा किया है कि वह 30 अप्रैल 2023 को सलमान खान को मार देगा।

इससे पहले मार्च 2023 में भी सलमान को एक धमकी भरा ईमेल मिला था, जिसके बाद पुलिस ने उनकी सुरक्षा बढ़ा दी थी। साथ ही गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ और रोहित बराड़ के विरुद्ध नई FIR भी दर्ज की गई थी। बांद्रा पुलिस थाने में इन तीनों के खिलाफ IPC (भारतीय दंड संहिता) की धारा 506 (2) (आपराधिक धमकी), 120 (B) (आपराधिक षड्यंत्र) और 34 (समान इरादे से संयुक्त अपराध) के तहत मामला दर्ज किया था।

धमकी भरा ईमेल ‘मोहित गर्ग’ के नाम से भेजा गया था। इसमें लिखा था, “गोल्डी भाई को बात करनी है तेरे बॉस सलमान खान से।” इसके बाद मुंबई पुलिस ने राजस्थान पुलिस के साथ संयुक्त ऑपरेशन चलाते हुए जोधपुर जिले के लूणी गाँव से राम विश्नोई (21 वर्ष) को गिरफ्तार किया था।

यही नहीं, गैंगस्टर लॉरेन्स विश्नोई ने सलमान खान को जान से मारने की धमकी दी थी। यह धमकी एक TV चैनल से प्रसारित हुए इंटरव्यू के दौरान दी थी। धमकी में लॉरेंस ने सलमान खान को मारना अपने जीवन का लक्ष्य बताया था।

‘मेरा कभी नहीं हुआ उत्पीड़न, खेल जगत में ऐसे मामलों की मुझे जानकारी नहीं’: विनेश फोगाट का पुराना वीडियो, कहा था – रेसलिंग में नहीं होने चाहिए ‘Me Too’ के केस

कई पहलवान दिल्ली के जंतर-अंतर पर ये आरोप लगाते हुए धरना प्रदर्शन करने बैठे हुए हैं कि WFI (भारतीय कुश्ती संघ) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने महिला पहलवानों का यौन शोषण किया है। हालाँकि, अब पहलवान विनेश फोगाट का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जो साढ़े 4 साल पुराना है। नवंबर 2018 के इस वीडियो में वो ये कहती हुई दिख रही हैं कि वो ‘Me Too’ का शिकार नहीं बनी हैं और उनके साथ ऐसा कुछ गलत नहीं हुआ है।

ये नवंबर 2018 का समय था, जब दुनिया भर में और भारत में भी कई महिलाओं ने अपने साथ हुई यौन शोषण की घटनाओं का खुलासा करते हुए आरोप लगाए थे। इसी दौरान एक कार्यक्रम में पहुँचीं विनेश फोगाट से इसे लेकर सवाल पूछा गया था। इस दौरान उन्होंने कहा था कि खेल जगत में भी ऐसे मामले हो सकते हैं, लेकिन उन्हें इनकी कोई जानकारी नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा था कि उनके पूरे करियर में उन्होंने उत्पीड़न का सामना नहीं किया है।

महिला पहलवान विनेश फोगाट ने ‘Me Too’ अभियान का समर्थन करते हुए ‘Ekamra स्पोर्ट्स लिटरेरी फेस्टिवल’ में ये बातें कही थीं। एक और बड़ी बात उन्होंने ये कही थी कि जिस पहलवानी के खेल से वो जुड़ी हुई हैं, उसमें इस तरह के मामले नहीं होने चाहिए। विनेश फोगाट इससे पहले एशियन और कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीत चुकी थीं। उन्होंने कहा था कि यौन शोषण के अनुभवों को साझा कर रही महिलाएँ साहसी हैं और कई बार प्रतिष्ठा खोने के डर से परिवार ही ऐसे मामलों को उठाने से रोकती है।

अब जब विनेश फोगाट सहित कई पहलवानों ने ये आरोप लगाया है कि 6 बार के सांसद बृजभूषण शरण सिंह पिछले कई वर्षो से महिला पहलवानों का यौन शोषण करते रहे हैं, लोग उनका ये वीडियो शेयर कर के पूछ रहे हैं कि उस दौरान उन्होंने इसकी कोई चर्चा क्यों नहीं की थी? आरोप लगाने वाले पहलवानों ने अपने पारिवारिक कार्यक्रमों में भी उन्हें बुलाया था। जंतर-मंतर पर बैठे पहलवानों के समर्थन में पप्पू यादव, सत्यपाल मलिक, प्रियंका गाँधी और अरविंद केजरीवाल जैसे नेता भी पहुँच चुके हैं।

सुरक्षा बढ़वाने और एनकाउंटर से बचने के लिए अतीक अहमद ने रची थी खुद पर हमले की साजिश, गुड्डू मुस्लिम को सौंपी थी जिम्मेदारी

माफिया डॉन अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद की हत्या की कई एंगल से जाँच की जा रही है। इस मामले में, पुलिस का दावा है कि अतीक ने ही खुद पर हमले की साजिश रची थी। इसके लिए उसने गुड्डू मुस्लिम को जिम्मेदारी थी। इस खुलासे के साथ पुलिस इस बात की भी जाँच कर रही है कि अतीक पर हमला करने आए लोगों को किसी व्यक्ति ने हत्या की सुपारी तो नहीं दे दी थी।

अतीक और अशरफ की हत्या की जाँच कर रही पुलिस ने खुलासा करते हुए कहा है कि पुलिस हिरासत में रहने के दौरान अतीक अहमद ने खुद पर हमले की साजिश रची थी। हमले की जिम्मेदारी गुड्डू मुस्लिम को सौंपी गई थी। अतीक का प्लान था कि यदि उस पर हमला हुआ तो उसकी सुरक्षा बढ़ जाएगी। इसके बाद एनकाउंटर या हत्या नहीं हो सकेगी। इस साजिश के तहत साबरमती जेल से प्रयागराज के बीच अतीक पर हमला होना था। हमले में अतीक पर पास से फायरिंग या उसके पास बम से हमला करना था।

पुलिस की जाँच में यह भी सामने आया है कि अतीक और अशरफ पर हमले की योजना को अंजाम देने के लिए कुछ हमलावर पूर्वांचल से प्रयागराज आए थे। ऐसे में यह जानने की भी कोशिश की जा रही है कि अतीक और अशरफ की हत्या के आरोपित अरुण, सनी और लवलेश को गुड्डू मुस्लिम ने ही भेजा था या किसी और ने उन्हें बुलाया था। साथ ही यह भी जाँच का विषय है कि यदि अतीक अहमद के गुर्गों ने ही इन तीनों आरोपितों को हमले का नाटक करने के लिए बुलाया था तो कहीं ऐसा तो नहीं कि किसी अन्य ने इन्हें अतीक की हत्या की सुपारी दे दी हो।

सीधे शब्दों में कहें तो पुलिस को संदेह है कि किसी ने अतीक अहमद को डबल क्रॉस किया है। यह संदेह इसलिए भी गहरा है क्योंकि हमले के बाद तीनों आरोपितों ने भागने की कोशिश नहीं की। यही नहीं, साल 2022 में भी अतीक ने खुद पर हमला करवाया था। इसके अलावा, अतीक का एक वीडियो भी सामने आया था। वीडियो में हमले से ठीक पहले अतीक किसी को इशारा करते हुए दिखाई दे रहा था। हालाँकि इससे पहले खबर आई थी कि तीनों आरोपितों ने कहा है कि अतीक की हत्या के लिए उन्हें किसी ने नहीं भेजा, वह खुद ही हत्या करने के लिए आए थे।

मीडियाकर्मी बनकर आए थे हमलावर

बता दें कि 15 अप्रैल 2023 को अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की प्रयागराज में काल्विन हॉस्पिटल के सामने गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के लिए 3 हमलावर अरुण, सनी और लवलेश मीडियाकर्मी बनकर आए थे। मीडिया से बात करते समय हमलावरों ने दोनों को गोलियों से भून दिया था। फिलहाल तीनों हमलावर न्यायिक हिरासत में हैं।