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‘मैं पीड़ित लड़कियों से मिल चुकी हूँ, जाना कि उनके साथ क्या हुआ’: ‘The Kerala Story’ की अभिनेत्री ने फिल्म को प्रोपेगंडा बताने वालों को दिया करारा जवाब

फिल्म ‘The Kerala Story’ के ट्रेलर को लोग हाथोंहाथ ले रहे हैं। फिल्म में अभिनेत्री अदा शर्मा मुख्य किरदार में हैं। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे केरल में कट्टरपंथी मुस्लिम युवकों को हिन्दू लड़कियों को फँसाने का प्रशिक्षण देते हैं, जिसके बाद लड़की का इस्लामी धर्मांतरण करा के उसे आतंकी संगठन ISIS का सेक्स स्लेव बनने के लिए भेज दिया जाता है। अभिनेत्री अदा शर्मा ने फिल्म को प्रोपेगंडा बताने वालों को अब करारा जवाब दिया है।

फिल्म ‘The Kerala Story’ को प्रोपेगंडा बताने वालों पर क्या बोलीं अभिनेत्री अदा शर्मा

उन्होंने कहा कि भारतीय से भी पहले एक इंसान होने के नाते इसे समझने की ज़रूरत है कि ये एक बहुत ही डरावनी कहानी है कि लड़कियाँ गायब हो रही हैं। उन्होंने कहा कि ये और भी डरावना है कि लोग इसे प्रोपेगंडा कह रहे हैं कि नंबर डिस्कस कर रहे हैं। अदा शर्मा ने बताया कि पहले हमने हमलोग तथ्य बता रहे हैं, फिर संख्या बता रहे हैं कि कितनी लड़कियाँ गायब हैं। उन्होंने कहा कि हम इसका उल्टा नहीं कर रहे कि पहले नंबर बता रहे।

उन्होंने आशा जताई कि लोग फिल्म देखेंगे तो ये सब सवाल नहीं करेंगे। अदा शर्मा ने ANI से बातचीत करते हुए जानकारी दी कि उन्होंने ऐसी कई पीड़ित लड़कियों से मुलाकात की है और इस कैरेक्टर को जिया है। ‘The Kerala Story’ में अपने किरदार ‘शालिनी उन्नीकृष्णन (बाद में फातिमा)’ को निभाने के अनुभव के बारे में बात करते हुए कहा कि इसे शब्दों में बयाँ नहीं किया जा सकता, वो इसे एकाध लाइन में बता कर इसके साथ जस्टिस नहीं कर सकतीं।

अदा शर्मा ने कहा कि दर्शक फिल्म देख कर खुद समझ जाएँगे। अभिनेत्री ने कहा कि वो फ़िलहाल पीड़ित लड़कियों के नाम नहीं ले सकतीं क्योंकि ये फ़िलहाल सही नहीं है, लेकिन उन्होंने और निर्देशक सुदीप्तो सेन ने उनलोगों से मुलाकात की थी। अदा शर्मा ने उनके द्वारा दिए गए टेक्स्ट को पढ़ा और उनके अनुभव को जाना। बकौल अदा शर्मा, ट्रेलर रिलीज के दिन उन्हें एक पीड़िता का सन्देश भी आया और उन्होंने सभी पीड़िताओं की तरफ से उन्हें धन्यवाद करते हुए लिखा कि उन्होंने अपने किरदर को काफी अच्छे से निभाया है।

दक्षिण भारतीय फिल्मों के साथ-साथ बॉलीवुड में भी सक्रिय रही हैं अदा शर्मा

अदा शर्मा दक्षिण भारतीय फिल्मों के साथ-साथ बॉलीवुड में भी सक्रिय रही हैं। 2014 में सिद्धार्थ मल्होत्रा और परिणीति चोपड़ा के साथ उन्होंने ‘हँसी तो फँसी’ फिल्म में अभिनय किया था, जिसके बाद उन्हें खासी सराहना मिली थी। 2008 में आई हॉरर फिल्म ‘1920’ में भी उन्होंने अपने अभिनय से लोहा मनवाया था। ये उनकी पहली ही फिल्म थी। मुंबई में तमलील ब्राह्मण पलक्कड़ परिवार में जन्मीं अदा शर्मा ने 10वीं कक्षा में पढ़ाई के दौरान ही अभिनय की दुनिया में जाने का मन बना लिया था।

अदा शर्मा मूल रूप से तमिलनाडु के मदुरै की हैं। वो कत्थक नृत्य में भी प्रशिक्षित हैं। शुरुआती करियर में उन्हें कई फिल्मकारों ने बच्ची दिखने और उनके घुँघराले बालों के कारण उन्हें नकार दिया था। 2014 में ‘Heart Attack’ फिल्म के साथ तेलुगु फिल्मों में कदम रखा था। इसमें उनके साथ नितिन रेड्डी मुख्य किरदार में थे। अल्लू अर्जुन और सामंथा की फिल्म ‘S/O Satyamurthy (2015)’ का भी वो हिस्सा थीं। तेलुगु थ्रिलर ‘क्षणम’ का भी वो हिस्सा थीं, जिसे समीक्षकों ने भी खूब पसंद किया।

यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने शेयर की माँ काली की आपत्तिजनक तस्वीर, विरोध के बाद डिलीट किया: लोगों की माँग – राजदूत को समन कर फटकार लगाए भारत

दुनियाभर में हिंदूफोबिक घटनाएँ बढ़ती जा रहीं हैं। अब, यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने हिंदुओं की आराध्य देवी माँ काली का अपमान किया है। रक्षा मंत्रालय ने अपने ट्विटर पर एक फोटो शेयर की थी। इसमें धुएँ के गुबार को माँ काली के स्कर्ट के तौर पर दिखाया गया है। सोशल मीडिया पर हुए विरोध के बाद रक्षा मंत्रालय ने ट्वीट डिलीट कर दिया।

दरअसल, यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय ने ट्विटर पर दो फोटो शेयर की। इसमें से एक फोटो में धुएँ का गुबार दिखाई दे रहा है। वहीं, दूसरी फोटो में धुएँ के गुबार के बीच माँ काली दिखाई दे रहीं हैं। धुएँ के गुबार को माँ काली के स्कर्ट के रूप में दिखाया गया है। फोटो में उनकी जीभ बाहर है और गले में खोपड़‍ियों की माला है। माँ काली के बाल भी अजीब तरह से उड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस फोटो को यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने ‘वर्क ऑफ आर्ट’ कैप्शन के साथ शेयर किया था।

माँ काली के अपमान वाला यह ट्वीट सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स यूक्रेन की इस हरकत को लेकर माफी की माँग कर रहे हैं। हालाँकि लगातार विरोध होने के बाद यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने यह ट्वीट डिलीट कर दिया।

चंदन शर्मा नामक यूजर ने लिखा, “कायर यूक्रेन अपना ट्वीट डिलीट करके भागा। ट्वीट का विरोध करने पर यूक्रेन वाले माँ काली को अपमानित करने वाला पोस्ट डिलीट करके भाग सकते हैं तो समझो रूस के सामने खड़ा होकर युद्ध लड़ने इनकी कितनी औकात है। कायर यूक्रेन, कायर जेलेंस्की और कायर यूक्रेनियन फौज।”

सुमित अग्रवाल नामक यूजर ने लिखा, “काली माता के चित्र का इस तरह का उपयोग कर उपहास कर के यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने बहुत बड़ा अपराध किया है और हम इसका पुरज़ोर विरोध करते हैं। ऐसी मानसिकता वालों का विनाश निश्चित है। दुखद और शर्मनाक।”

बाला नामक यूजर ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर और विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची को टैग करते हुए ट्वीट कर कहा, “कृपया काली को बदनाम करने वाली इस अपमानजनक पोस्ट पर ध्यान दें। अगली बार जब यूक्रेन संयुक्त राष्ट्र में मदद और समर्थन की भीख माँगे तो इसे ध्यान में रखें।”

मोनिका वर्मा नामक यूजर ने भी ट्वीट कर कहा, “यह हैरान करने वाली हरकत है। यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक हैंडल में माँ काली को अपमानजनक मुद्रा में दिखाया किया जा रहा है। यह कला का काम नहीं है। हमारी आस्था मजाक का विषय नहीं है। इसे डिलीट करो और माफी माँगों।”

अश्विनी श्रीवास्तव नामक यूजर ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को टैग करते हुए लिखा, “यह माँ काली का अपमान है। यह 1.4 अरब लोगों का अपमान है। भारत को यूक्रेन को कड़ा संदेश देना चाहिए।”

कंचन गुप्ता नामक यूजर ने ट्वीट कर कहा, “हाल ही में यूक्रेन के उप विदेश मंत्री दिल्ली में भारत से समर्थन माँग रहे थे। उस फर्जीवाड़े के पीछे यूक्रेन सरकार का असली चेहरा छिपा है। भारतीय देवी माँ काली को एक प्रचार पोस्टर पर चित्रित किया गया है। यूक्रेन ने दुनिया भर के हिंदुओं की भावना पर हमला किया है।”

‘ब्राह्मण हमें आपस में लड़ाते हैं, वापस रुस भगाएँगे’: बिहार के राजद नेता ने कहा- इनका DNA विदेशी, हम हैं मूलनिवासी

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय सचिव यदुवंश यादव (Yaduvansh Yadav) ने शनिवार (29 अप्रैल 2023) की एक सभा में बोलते हुए कहा कि एक भी ब्राह्मण भारत का नहीं है। ये सारे विदेशी हैं। उन्होंने कहा कि उनका डीएनए टेस्ट हुआ है और उसमें यह बात साबित हुई है।

बिहार के पिपरा से विधायक रहे राजद नेता यादव ने कहा, “इस देश के मूल निवासी हम हैं। ब्राह्मण तो बाहर से आए हैं। ब्राह्मणों के डीएन का टेस्ट हुआ है। उनका डीएनए यूरेशिया मूल का है। रशियन मूल का है। रुस से भागकर ये सब भारत आए हैं।”

यदुवंश यादव ने कहा, “ब्राह्मणों के द्वारा ही हम सबको बाँटने और आपस में झगड़ा लगाने का काम किया जाता है। ये सब हम सबके बीच फूट डालने का काम करते हैं। इसलिए जैसे वहाँ (रुस) से भगाया गया, वैसे ही हमें इन लोगों को हमें यहाँ से भगाना पड़ेगा।”

जिस कार्यक्रम में यदुवंश यादव बोल रहे थे वह पार्टी स्तरीय कार्यक्रम का था। निर्मली नगर पंचायत के राजद ने इसका आयोजन किया था। इसी कार्यक्रम में पूर्व विधायक यदुवंश यादव ने यह विवादित बयान दिया।

बता दें कि यदुवंश यादव राजद के अकेले ऐसे नेता नहीं हैं, जो विवादित बयान दिए हों। इसके पहले बिहार सरकार में शिक्षा मंत्री राजद के नेता चंद्रशेखर यादव ने रामचरितमानस को लेकर विवाद बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि रामचरितमानस नफरत फैलाने वाला ग्रंथ है।

इस साल जनवरी में ‘नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी’ के दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए RJD नेता ने कहा था कि रामचरितमानस को समाज को बाँटने वाला ग्रंथ है। यह रामचरितमानस दलितों-पिछड़ों को शिक्षा ग्रहण करने से रोकता है। पने संबोधन के दौरान उन्होंने रामचरितमानस के एक दोहे “अधम जाति में विद्या पाए, भयहु यथा अहि दूध पिलाए” का जिक्र करते हुए कहा कि यह समाज में नफरत फैलानेवाला ग्रंथ है। 

जब इस पर विवाद बढ़ा तो उन्होंने फिर कहा था कि इसमें कूड़ा-कचरा भरा हुआ है। उन्होंने माफी माँगने से भी इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा था, “ऐसा मैंने नहीं, बल्कि डॉ. लोहिया ने कहा है। मैं तो केवल उनकी बातों को दोहरा रहा हूँ। मैं आज भी कह रहा हूँ कि रामचरितमानस में शूद्रों का अपमान किया गया है। लोहिया और आंबेडकर की नजर से मैं इसे पढ़ता हूँ। आज का शूद्र पढ़ा-लिखा है। उसे बेवकूफ नहीं बनाया जा सकता है।”

लंदन में भी PM मोदी के ‘मन की बात’ को सुनने के लिए बड़ी संख्या में जुटे लोग: केंद्रीय मंत्री भी हुए गदगद, कहा – उम्मीद नहीं थी इतनी भीड़ जुटेगी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 100 एपिसोड पूरे हो गए। इस एपिसोड का प्रसारण न केवल भारत बल्कि ब्रिटेन और अमेरिका जैसे देशों में भी हुआ। इस कार्यक्रम को लेकर लोगों के मन में काफी उत्साह देखने को मिला। ब्रिटेन में ‘मन की बात’ सुनने के बाद लोगों ने कहा है कि पीएम मोदी का जुड़ाव न केवल भारत बल्कि दुनिया भर के प्रवासी भारतीयों भी से है।

दरअसल, मन की बात के 100वें एपिसोड के लिए खास तैयारियाँ की गईं थीं। इसी कड़ी में लंदन के इंडिया हाउस में इसका प्रसारण किया गया। लंदन में मन की बात सुनने के बाद लेखक अमीश त्रिपाठी का कहना है, “मुझे लगता है कि मन की बात के लिए दर्शकों के उत्साह को देखने लायक था। यहाँ सुबह 6:30 बजे हॉल खचाखच भरा हुआ था। न केवल यहाँ बल्कि पास बर्मिंघम और एडिनबर्ग के वाणिज्य दूतावास में भी इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया गया। मन की बात को लेकर लोग काफी उत्साहित थे। मुझे लगता है कि केवल भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया भर के प्रवासी भारतीयों से भारत के माननीय प्रधानमंत्री का जुड़ाव है।”

वहीं, एक्ट्रेस और गायक रागेश्वरी लूंबा ने कहा है, “मुझे यह बेहद शानदार लगता है। सुबह 4 बजे उठना, तैयार होना और यहाँ आना आनंद देता है। मुझे लगता है कि यह सब न केवल देशवासियों को एक साथ लाता है बल्कि इससे युवाओं को भी प्रेरणा मिलती है।”

इस कार्यक्रम को लेकर ब्रिटेन में नियुक्त भारतीय उच्चायुक्त विक्रम दुरईस्वामी ने कहा है, “रविवार की सुबह लंदन में स्थित भारतीय उच्चायोग में मन की बात के 100वें एपिसोड के प्रसारण पर भारतीयों की मेजबानी करने से मुझे बहुत खुशी हो रही है। मुझे लगता है कि यह भारतीय समुदाय के लिए बहुत अच्छा है। घर पर व्यक्तिगत रूप से इसे सुनने के बजाय सामाजिक रूप से इसमें शामिल होना अच्छा है। इस कार्यक्रम को भारतीयों को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया गया था। इसलिए यह विशेष कार्यक्रम था।”

मन की बात के 100वें एपिसोड के लंदन में प्रसारण के दौरान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह भी मौजूद रहे। उन्होंने इस कार्यक्रम को लेकर कहा है, “हमें इतनी बड़ी भीड़ की उम्मीद नहीं थी। मुझे लगता है कि इंग्लैंड के पूरे प्रवासी भारतीय इंडिया हाउस में हैं। यह इस बात का भी संकेत है कि लोगों का पीएम मोदी पर कितना भरोसा है।”

‘काफिर के साथ क्यों आई… &^$ फाड़ देंगे’ : अपने ही मजहब की लड़कियों को परेशान कर रहे इस्लामी कट्टरपंथी, 2 और Video वायरल

हिंदू लड़कों से दोस्ती करने पर इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा मुस्लिम लड़कियों को प्रताड़ित करने के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इन वीडियोज में इस्लामी कट्टरपंथी बुर्का या हिजाब पहनी लड़कियों को परेशान करते दिखते हैं और उनके साथ सरेआम बदसलूकी भी करते हैं। इन दो वीडियोज को फैक्ट्स (Facts) नाम के ट्विटर यूजर ने अपने अकॉउंट पर शेयर किया है।

पहली वीडियो अहमदाबाद के जुहापुर की है। इसमें एक शख्स कैमरा लेकर बुर्काधारी लड़की के पास आकर उससे उसका नाम पूछता है, उसके बाद उसके पापा का नाम पूछता है और फिर उस लड़के के बारे में पूछता है जिसके साथ लड़की खड़ी थी। वीडियो में देख सकते हैं कि लड़की एक ही बार में बता देती है कि जो लड़का उसके साथ खड़ा था वो उसका दोस्त था। इस पर कट्टरपंथी उस पर चिल्लाता है और कहता है, “क्या आप वॉट्सएप नहीं चलाते, आपको नहीं पता कि कैसे इतने घपले होते हैं, आप लोग दूसरों के साथ घूमती हो, उन्हें गले लगाती हो।”

लड़की बताती रहती है कि वो लड़का उसका स्कूल का दोस्त है। इस पर लड़का भीड़ इकट्ठा करके इल्जाम लगाता है कि ये लड़की घपले वाले (गैर मजहबी लड़के) को किस कर रही थी। लड़की सवाल करती है कि वीडियो दिखाओ तो वो कहता है- “मैं तुम्हारी इज्जत कर रहा हूँ, लेकिन तुम्हें ऐसा नहीं करना चाहिए, इससे हिजाब भी खराब होता है और लड़कियों पर भी गलत असर पड़ता है।”

एक औरत इस बीच कहती है- “हट जाओ मैं पकड़ के धो देती हूँ इसे।” वहीं स्कूटर पर बैठा आदमी कहता है- “तुम काफिर के साथ क्यों आती हो।” तभी, वो लड़का जो वीडियो बना रहा होता है वो कहता है, “आपा सीधी बात बताता हूँ, यहाँ बहुत सारे मुसलमान है। अखलाख तुम्हारा बहुत खराब है। इतना सारा हमारे को जुनून आ जाता है कि माँ फाड़ डालें उसकी। मैं झूठ नहीं बोलता मैं काट डालता उसको।”

ऐसी ही एक वीडियो कथिततौर पर मेरठ के गाँधी बाग का है। इस वीडियो में एक हिजाब पहनी लड़की के पीछे पीछे कुछ लड़के चलते हैं और फिर कहते हैं- “देख तेरी वीडियो वायरल होगी।” लड़कों को कहते सुना जा सकता है, “देख लो मुसलमान की लड़की हिंदू के साथ घूम रही।” इस वीडियो में लड़की अपने दोस्त के साथ आगे बढ़ती है पर कट्टरपंथी लगातार उसका पीछा करते रहते हैं।

बता दें कि इससे पहले महाराष्ट्र (Maharashtra) के छत्रपति संभाजी नगर (पहले औरंगाबाद) में हिजाब पहने लड़की को बीच सड़क पर परेशान करने के आरोप में पुलिस ने तीन कट्टरपंथी लोगों को पकड़ा था। इन कट्टरपंथियों ने काफी दूर तक मुस्लिम लड़की का पीछा करके उसका मोबाइल छीनकर उसे गालियाँ दी थी। उन्होंने उसके साथ ऐसा इसलिए किया, क्योंकि वह एक हिंदू लड़के के साथ बीबी का मकबरा देखने के लिए गई थी। यह घटना 24 अप्रैल 2023 को बेगमपुरा इलाके की है।

‘मन की बात में जिक्र होने के बाद बढ़ गया व्यवसाय’: पेन्सिल-स्लेट का कारोबार करते हैं कश्मीर के मंजूर अहमद, 100वें एपिसोड में PM मोदी ने की बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (30 अप्रैल 2023) को अपने ‘मन की बात’ (Mann kKi Baat) के 100वें एपिसोड में कई शख्सियतों की चर्चा की। इनमें से एक जम्मू-कश्मीर के रहने वाले मंजूर अहमद हैं। इस दौरान पीएम ने पेंसिल स्लेट्स के बारे में बताते हुए मंजूर अहमद से बात भी की। 

इस एपिसोड में पीएम मोदी ने कई पुरानी यादों का जिक्र किया। पीएम मोदी ने मंजूर से फोन पर बात करते हुए कहा कि उनसे बात करके बहुत अच्छा लग रहा है। पीएम ने उनसे पूछा, “आपका पेंसिल स्लेट्स का काम कैसा चल रहा है?” इस प मंजूर अहमद ने कहा, “बहुत अच्छे से चल रहा है।”

पीएम मोदी से मंजूर ने कहा, “जब से आपने अपनी ‘मन की बात’ में मेरी बात की है, तब से काम बहुत बढ़ गया है। अब दूसरों को रोजगार मिल रहा है। मेरे पास 200 से ज्यादा लोग काम करते हैं। एक-दो महीने में और 200 लोगों को रोजगार बढ़ जाएगा।” इसके बाद पीएम ने खुशी जताई।

पीएम मोदी ने कहा, “उस दिन आपने मुझे कहा था कि यह ऐसा काम है, जिसकी कोई पहचान नहीं है। आपको इसकी पीड़ा भी थी। अब पहचान भी बन गई। आप 200 से ज्यादा लोगों को रोजगार दे रहे हैं। अब विस्तार करके और 200 लोगों को रोजगार की योजना बना रहे रहे हैं। यह खुशी की बात है।”

इसके बाद मंजूर अहमद ने कहा, “किसानों को भी फायदा मिला है। 2000 का पेड़ अब 5000 का हो गया है। माँग बढ़ गई है। पहचान भी मिल रही है।” प्रधानमंत्री ने इसे ‘वोकल फॉर लोकल’ की ताकत बताया। उन्होंने इसे जमीन पर उतारकर दिखाने के लिए मंजूर अहमद को धन्यवाद भी दिया।

मंजूर पुलवामा जिले के ओखू गाँव में रहते हैं और पेंसिल एवं स्लेट का कारोबार करते हैं। ओखू गाँव अब पेंसिल गाँव के नाम से जाना जाता है। पेंसिल बनाने में जिस कच्चे माल की जरूरत होती है, वो यहीं मिलता है। मंजूर ने हिंदुस्तान पेंसिल की मदद ली और ओखू गाँव में फैक्ट्री लगा ली। हालाँकि, उनका बिजनेस बहुत बढ़िया नहीं चलता था।

लोकल फॉर वोकल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री ने अपने पहले के एपिसोड में मंजूर अहमद का जिक्र किया था। प्रधानमंत्री द्वारा उनका जिक्र किए जाने के बाद मंजूर अहमद का व्यवसाय बढ़ गया है और अब वह दूसरे लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2020 के एक एपिसोड में मंजूर अहमद का जिक्र किया था।

पीएम ने अन्य लोगों की भी चर्चा की

इस दौरान पीएम मोदी ने मणिपुर की विजय शांति से भी फोन पर बातचीत की। पीएम ने बताया कि विजय शांति कमल के फूल के रेसे से कपड़े बनाती हैं। बहुत ही कम समय में उन्होंने अपने छोटे से व्यापार को बड़ा बना दिया। अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में पीएम मोदी ने विजय शांति

इस दौरान पीएम मोदी ने प्रदीप सांगवान से भी बात की, जिन्होंने हीलिंग हिमालया फाउंडेशन की शुरुआत की थी। वे हिमालय क्षेत्र से कचरा हटाने कर पर्यावरण को संरक्षित करने का काम करते हैं। सांगवान ने कहा कि जो काम पाँच में होता था वह साल 2020 के बाद एक साल में ही हो जाता है। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ में उनकी चर्चा होने से लोग उनकी मदद भी कर रहे हैं।

हरियाणा के सुनील जागलान से भी पीएम मोदी ने बात की। पीएम मोदी ने कहा, “मैंने बेटी बचाओ, बेटी बढ़ाओ का अभियान हरियाणा से ही शुरू किया था। जब सुनील जी के ‘सेल्फी विद डॉटर कैम्पेन’ पर नजर पड़ी तो मैंने उसे ‘मन की बात’ में शामिल किया।”

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 अक्टूबर 2014 को विजयादशमी के दिन पहली बार ‘मन की बात’ का संबोधन किया था। उसके बाद के कई एपिसोड में उन्होंने स्वच्छता अभियान, बेटी पढ़ाओ, साक्षरता, वोकल फॉर लोकल, पर्यावरण संरक्षण, बुजुर्गों का सम्मान, परीक्षा पर चर्चा, पर्यटन को बढ़ावा जैसे कई मुद्दों पर बात की। यह कार्यक्रम वे हर महीने के आखिरी रविवार को आयोजित करते हैं।

‘सच्चे राष्ट्रवादी पत्रकार, बहुत जल्दी हमें छोड़ कर चले गए’: दूसरी पुण्यतिथि पर रोहित सरदाना को याद कर भावुक हुए लोग, शेयर कर रहे डिबेट के वीडियो

पत्रकार रोहित सरदाना की दूसरी पुण्यतिथि पर लोग उन्हें याद कर के भावुक हो रहे हैं। कोरोना वायरस संक्रमण के बाद इलाज के दौरान उनका निधन हो गया था। इस मौके पर न सिर्फ कई बड़े पत्रकारों, बल्कि आम लोगों ने भी उन्हें याद किया। रोहित सरदाना ने ‘ज़ी न्यूज़’ के शो ‘ताल ठोक के’ और फिर ‘आज तक’ के शो ‘दंगल’ से अपनी पहचान बनाई थी। इन दोनों ही डिबेट शो में कई बड़े मुद्दों पर वो प्रोपेगंडा फैलाने वालों की क्लास भी लगाते थे।

कोविड-19 से संक्रमित होने के बाद रोहित सरदाना को हार्ट अटैक भी आ गया था। उस समय उनकी उम्र मात्र 42 वर्ष थी। उनका निधन तब हुआ, जब वो आम लोगों के बीच अपनी छाप छोड़ने लगे थे और लोग उन्हें पत्रकारिता के बड़े नामों में गिनने लगे थे। अपनी एंकरिंग स्किल्स के कारण वो लोगों के बीच लोकप्रिय बन गए थे। नेताओं से बातचीत के समय भी वो राष्ट्रवाद को नहीं भूलते थे। उनके याद में उनके परिवार ने एक फाउंडेशन भी लॉन्च किया।

उनकी पत्नी प्रमिला दीक्षित भी पत्रकार हैं। रोहित सरदाना अपने पीछे दो बेटियों को छोड़ गए हैं। पत्रकार सुमित अवस्थी ने लिखा, ‘हेलो रोहित, जहाँ होंगे खुश होंगे। बहुत याद आते हो मित्र।’ वहीं पत्रकार श्वेता सिंह ने लिखा, “दोस्ती आम है लेकिन ऐ दोस्त, दोस्त मिलता है बड़ी मुश्किल से।” शुभंकर मिश्रा ने 2 साल पहले के फेसबुक पोस्ट शेयर किया, अब उन्होंने रोहित सरदाना के निधन पर लिखा था कि काँप रहे हैं और धड़कन बढ़ी हुई है।

रोहित सरदाना समय निकाल कर वीडियो के जरिए अपने दर्शकों से रूबरू भी होते थे और न सिर्फ उनके सवालों का जवाब देते थे, बल्कि उनका हालचाल भी पूछते थे। कई लोगों ने वीडियो के उन अंशों को शेयर किया। इससे पता चलता है कि दर्शकों से उनका खास जुड़ाव था। लोगों ने उन्हें सच्चा राष्ट्रवादी बताते हुए लिखा कि वो बहुत जल्दी सबको छोड़ कर चले गए। कइयों ने लिखा कि आप जैसा अब कोई नहीं होगा। लोगों ने लिखा कि देश के वर्तमान हालात में वो उन्हें काफी मिस कर रहे हैं।

जिस मुद्दे से जुड़े वो जन आंदोलन बन गया : PM मोदी ने ‘मन की बात’ को बताया ‘प्रसाद की थाल’, जानें 100वें एपिसोड में की क्या-क्या बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 100वें एपिसोड के जरिए आज (30 अप्रैल 2023) देशवासियों से बात की। इस दौरान उन्होंने ‘मन की बात’ को ‘प्रसाद की थाल’ की तरह बताया और कहा कि इस कार्यक्रम की सफलता के लिए वो देश के जन-जन को धन्यवाद देते हैं। पीएम बोले कि इस कार्यक्रम में जिन मुद्दों पर चर्चा हुई वो ‘जन आंदोलन’ बन गए।

उन्होंने कहा, “मेरे लिए ‘मन की बात’ ईश्वर रूपी जनता-जनार्दन के चरणों में प्रसाद की थाल की तरह है। ‘मन की बात’ मेरे मन की आध्यात्मिक यात्रा बन गया है। ‘मन की बात’ स्व से समिष्टि की यात्रा है। ‘मन की बात’ अहम् से वयम् की यात्रा है।”

उन्होंने सेल्फी विद डॉटर अभियान शुरू करने वाले सुनील जागलान से बात की। साथ ही उनका धन्यवाद दिया। पीएम के ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान के बीच ही सुनील का ये अभियान चर्चा में आया था। इसके बाद लोगों ने उत्सुकता से आगे बढ़ाया और बेटियों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर गर्व से साझा की जाने लगी।

पीएम मोदी ने कार्यक्रम में नारी शक्ति पर बात की। इसके बाद उन्होंने मंजूर अहमद को भी कार्यक्रम के बीच बुलाया जिनका पेंसिल स्लेट का काम कभी गुमनाथ था और पीएम ने ‘मन की बात’ में इसका जिक्र करके उसे बढ़ावा दिया।

मंजूर अहमद ने बताया कि पीएम मोदी की वजह से आज उनके काम को जमीनी स्तर पर पहचान मिली है। वो 200 से ज्यादा लोगों को रोजगार दे पा रहे हैं। आगे भी इस काम का विस्तार करके 200 अतिरिक्त लोगों को रोजगार देने को तैयार हैं।

उन्होंने ‘वोकल फॉर लोकल’ पर बात करते हुए विजय लक्ष्मी से बात की और उन्हें उनके लोटस फाइबर के काम के लिए शुभकामाएँ दीं। पीएम ने बताया कि कैसे मिट्टी के खिलौनों से लेकर श्र्वान के प्रति समाज को जागरूक किया गया और ये तय हुआ कि छोटे दुकानदारों से मोल-भाव नहीं किया जाएगा।

हीलिंग हिमालय के अभियान की शुरुआत करने वाले प्रदीप से पीएम ने बात करते हुए कि उनके अभियान के बारे में पूछा। प्रदीप ने बताया कि कैसे 2020 के बाद बहुत कुछ बदल गया है। मन की बात में उनके अभियान की चर्चा होने के बाद लोग खुद हिमालय को साफ करने के अभियान में आगे आते हैं, उनसे जुड़ते हैं, उनका साथ देते हैं।

पीएम ने इस कार्यक्रम में टूरिज्म को लेकर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि किस तरह बाहर जाने से पहले भारत में 15 जगह जरूर घूमें। इस कार्यक्रम में यूनेस्को की डीजी ने शिक्षा और संस्कृति के संरक्षण के बारे में पीएम से पूछा जिसपर पीएम ने कहा कि ये देश की परंपरा रही है जो भी इस दिशा में काम कर रहा है वो बेहद सराहनीय है।

कायम मियाँ ने की 15 साल की नाबालिग बीवी की हत्या, खोपड़ी काट बैग में भरी, शव के टुकड़े जंगल में फेंके: त्रिपुरा पुलिस ने पकड़ा

उत्तर-पूर्वी राज्य त्रिपुरा में कायम मियाँ नाम के एक शख्स ने अपनी नाबालिग बीवी की हत्या कर दी। हत्या के बाद शव के टुकड़े करके उसने बैग में भर दिए। पुलिस ने मृतका के कटे अंगों को दो बैगों से बरामद किए हैं। मृतका के परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने कायम मियाँ को गिरफ्तार कर लिया है।

त्रिपुरा की राजधानी अगरतला के मुस्लिमपारा इलाके में 15 साल की नाबालिग का निकाह 8 महीने पहले कायम मियाँ से हुई थी। नाबालिग पिछले शुक्रवार (28 अप्रैल 2023) से लापता थी। उसकी माँ की जब अपनी बेटी से बात नहीं हुई तो वह बेटी को देखने के लिए उसकी ससुराल मुस्लिमपारा इलाके में गई।

मृतका के छोटे भाई बापन मियाँ ने बताया कि माँ को वहाँ ना बहन नहीं मिली और ना ही उसका शौहर कायम मियाँ मिला। उसकी माँ ने घर में खून के धब्बे बिखरे पड़े देखे। इसके बाद वह वहीं रोना शुरू कर दी। महिला की रोने की आवाज सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी।

पुलिस घटनास्थल पर पहुँची और मौके का मुआयना किया। इसके बाद वह कायम मियाँ की तलाश में जुट गई। प्रयास करने के बाद पुलिस ने कायम मियाँ को पकड़ लिया और उससे उसकी बीवी के बारे में पूछताछ की। कायम मियाँ ने बताया कि उसने गुरुवार (27 अप्रैल 2023) की रात को नाबालिग की हत्या कर दी थी।

पुलिस को उसने बताया कि नाबालिग की हत्या करने के बाद उसने शव के टुकड़े किए और उसे दो बैग में भरकर जंगल में फेंक दिया। पुलिस आरोपित को लेकर जंगल में गई और उसकी निशानदेही पर दोनों बैग बरामद कर लिए। इनमें से एक बैग में नाबालिग का सिर मिला और दूसरे बैग से उसका धड़ बरामद किया गया।

एसपी ने बताया, “पुलिस को अपराध की सूचना मिलने के चार घंटे के भीतर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया। हम अपराध के मकसद के पीछे की वजह जानने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस इस बात की भी जाँच कर रही है कि इस हत्याकांड में कोई तीसरा व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।”

हिंसाग्रस्त सूडान में भारत का ऑपरेशन कावेरी: 7वीं फ्लाइट से बेंगलुरु लौटे 229 भारतीय, अब तक 1725 लोगों की सुरक्षित वापसी

अफ्रीकी देश सूडान (African country Sudan) में सत्ता पर कब्जे को लेकर सेना और अर्धसैनिक बल के बीच पिछले 15 दिनों से हिंसा हो रही है। इसका सीधा असर वहाँ रहने वाले लोगों पर पड़ रहा है। हालात को देखते हुए भारत अपने नागरिकों को वहाँ से निकाल रहा है। ऑपरेशन कावेरी के तहत 229 भारतीय यात्रियों का एक समूह रविवार (30 अप्रैल 2023) को बंगलुरु पहुँचा।

सेना के दो जनरलों की आपसी प्रतिद्वंद्विता के कारण हिंसा की आग में जल रहे सूडान से शनिवार (29 अप्रैल 2023) को 135 भारतीय नागरिकों को स्वदेश लाया गया था। यह ऑपरेशन कावेरी का 10वाँ बैच था। इस बैच को लेकर भारतीय वायुसेना का C 130J विमान पोर्ट सूडान से सफलतापूर्वक रवाना हुआ था।

सूडान संयुक्त अरब अमीरात (UAE), यूनाइटेड किंगमडम (United Kingdom- UK), अमेरिका (America) और भारत जैसे देश सऊदी अरब (Saudi Arab) की मदद से सूडान में अपने ऑपरेशन को अंजाम दे रहा हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया कि ऑपरेशन कावेरी के तहत 229 यात्रियों को लेकर फ्लाइट सऊदी अरब के जेद्दाह से रवाना हुई और आज बेंगलुरु में उतरेगी।

बता दें कि सूडान से भारतीयों को निकालने के लिए भारतीय वायु सेना (IAF) ने 27 और 28 अप्रैल की दरम्यानी रात में एक साहसिक ऑपरेशन को अंजाम दिया था। सूडान के खार्तूम से लगभग 40 किलोमीटर उत्तर में वाडी सैय्यदना की एक छोटी-सी टूटी-फूटी हवाई पट्टी पर विमान लैंड करके 121 भारतीय लोगों को रेस्क्यू किया गया था।

Indian Defence Attaché (IDA) के नेतृत्व में भारतीय वायुसेना का एक काफिला हवाई पट्टी पर पहुँचा। हवाई पट्टी उबड़-खाबड़ थी। वहाँ ना ही कोई नेविगेशनल एप्रोच ऐड था और ना ईंधन और लैंडिंग लाइट थे। ये लैंडिंग लाइट रात में एक विमान की लैंडिंग को निर्देशित करने के लिए बेहद आवश्यक होता है।

इस अभियान में भारतीय वायुसेना ने C-130J का इस्तेमाल किया और ग्रुप कैप्टन रवि नंदा इसके कप्तान थे। रनवे पर किसी तरह की बाधा ना हो, इसको देखने के लिए C-130J विमान के चालक दल ने इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल/इन्फ्रारेड सेंसर का इस्तेमाल किया। अंधेरे से निपटने के लिए नाइट विजन गॉगल्स (NVG) का उपयोग किया।

इसके बाद एयरक्रू ने सामरिक दृष्टिकोण अपनाते हुए अंधेरे के लिए नाइट विजन गॉगल्स (NVG) का उपयोग किया और विमान की लैंडिंग कराई। इस दौरान विमान का इंजन चलता रहा। वहीं, भारतीय वायुसेना के 8 गरुड़ कमांडो ने यात्रियों और उनके सामान को विमान में रखा और इसी तकनीक की सहायता से उड़ान भरी।

फिलहाल सूडान से भारतीयों को निकालने के लिए भारत ऑपरेशन कावेरी चला रहा है। इस ऑपरेशन के तहत सूडान से अब तक 1700 से अधिक लोगों को सुरक्षित भारत लाया जा चुका है। वहाँ से लाए लोगों में से 17 को क्वारंटाइन किया गया है। सूडान में हिंसा से अब तक 500 से अधिक लोग मारे गए हैं और लगभग 5000 घायल हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र ने बताया कि लड़ाई से 75,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं।