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‘ये कम तीव्रता वाला धमाका’: बिहार पुलिस ने कबूला नालंदा में हुआ ब्लास्ट, आदिल गिरफ्तार, मोहम्मन जॉन फरार

बिहार के नालंदा में शनिवार (22 अप्रैल 2023) को एक विस्फोट की खबर थी। पुलिस ने मौके पर पहुँच कर जाँच शुरू की थी। तब पुलिस ने घटना में 2 लोगों के घायल हने की जानकारी दी थी। अब उन्ही घायलों में से एक मोहम्मद आदिल को पुलिस ने हिरासत में लिया है। आदिल को स्थानीय लोग खन्ना के नाम से भी जानते हैं जिसका फिलहाल पुलिस कस्टडी में इलाज चल रहा है। इस ब्लास्ट में जो दूसरा व्यक्ति घायल हुआ है उसका नाम मोहम्मद जान है। उधर पुलिस ने भी ब्लास्ट की बात स्वीकारते हुए इसे कम तीव्रता वाला धमाका करार दिया है।

यह ब्लास्ट बिहार शरीफ के पहाड़पुरा क्षेत्र में हुआ था। प्रत्यक्षदर्शियों ने घटना के बाद तेज आवाज सुनी थी और धुआँ उठते देखा था। पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार पर शुरुआत में सफेद धुएँ की बात तो स्वीकारी थी, लेकिन प्रथम दृष्टया ब्लास्ट को नकार दिया था। इस दौरान मौके पर खून के छींटे पड़े थे और 2 लोगों के घायल होने की बात कही गई थी। हालाँकि तब दोनों घायलों की पहचान नहीं हुई थी और पुलिस ने उनकी तलाश शुरू कर दी थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब दोनों घायलों के तौर पर मोहम्म्द आदिल और मोहम्मद जान के नाम सामने आए हैं।

हिरासत में लिया गया मोहम्मद आदिल पेशे से पेंटर है। बताया जा रहा है कि मोहम्मद मोहम्मद खन्ना और मोहम्मद जॉन के साथ 2 अन्य लोग भी चोटिल हुए हैं। मोहम्मद खन्ना ने ब्लास्ट का आरोप जॉन पर लगाया है। उनका कहना है कि वो बाहर से लौटा तो मोहम्मद जॉन ने ब्लास्ट कर दिया जिस से वो गिर पड़ा। ब्लास्ट के लिए मोहम्मद खन्ना उर्फ़ आदिल के अनुसार जॉन ने पटाखों का प्रयोग किया था।

इस बीच बिहार की नालंदा पुलिस ने घटना को ब्लास्ट स्वीकार कर चुकी है। हालाँकि पुलिस ने ब्लास्ट को हल्का धमाका बताया है। घटनास्थल के तौर पर नयाटोला की एक झोपडी को बताया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जाँच FSL टीम ने की है। इसी के साथ मामले में आगे की जाँच की जा रही है।

नालंदा जिले के पुलिस अधीक्षक अशोक मिश्रा के मुताबिक के घायल हिरासत में है जिसका सदर अस्पताल में पुलिस कस्टडी में इलाज हो रहा है। घायल के स्वस्थ होने पर उस से आगे की पूछताछ की जाएगी।

‘ओए पुल्स आ गई पुल्स’ : अमृतपाल की गिरफ्तारी के बाद ट्विटर पर मीम्स की बहार, नेटीजन्स बोले- बस UP में मत ले जाना

खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। रविवार (23 अप्रैल 2023) सुबह पुलिस ने उसे पंजाब के मोगा से गिरफ्तार किया। वह बीते 36 दिनों से फरार चल रहा था। अमृतपाल की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ आ गई।

दरअसल, पुलिस ने 18 मार्च को अमृतपाल व उसके सहयोगियों पर कार्रवाई की थी। इस दौरान उसके कई सहयोगी तो पुलिस की गिरफ्त में आ गए थे। लेकिन अमृतपाल भाग खड़ा हुआ था। इसके बाद से पुलिस समेत जाँच एजेंसियाँ उसकी तलाश में जुटी हुई थीं। अमृतपाल सिंह को पनाह देने और उसका सहयोग करने वाले लोग भी गिरफ्तार हुए थे। लेकिन अमृतपाल पुलिस की पकड़ से दूर था। हालाँकि अब आखिरकार वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। अमृतपाल की गिरफ्तारी राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हुई।

बीते 36 दिनों से पंजाब पुलिस के साथ लुकाछिपी का खेल खेल रहे अमृतपाल सिंह की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया यूजर्स एक्टिव हो गए। उसकी गिरफ्तारी को लेकर यूजर्स अलग-अलग तरह के कंटेंट शेयर कर रहे हैं।

अतुल कुशवाहा नामक यूजर ने अमृतपाल की हाथ जोड़े हुए फोटो शेयर करते हुए लिखा, “बड़ी खबर, अमृतपाल सिंह गिरफ्तार। पंजाब के मोगा से गिरफ्तार हुआ। गिरफ्तारी के बाद हाथ जोड़कर किए कुछ निवेदन। 1.) उत्तर प्रदेश में न ले जाया जाए. 2.) गाड़ी में नही बैठेगा, गाड़ी पलटने से लगता है डर. 3.) पूरी तरह से स्वस्थ है, मेडिकल की जरूरत नहीं।”

एक यूजर ने मीम शेयर करते हुए लिखा, “अमृतपाल सिंह का जेल में इंतजार करता लॉरेंस बिश्नोई।”

AAP महाराष्ट्र नामक यूजर ने मीम शेयर करते हुए लिखा, “हमारे केजरीवाल जी ने खुद अमृतपाल को ढूँढ़ निकाला है। इसका सबूत हम सामने रख दिया है। LG चाहे तो इस चीज का क्रेडिट ले सकते हैं।”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “कोई कह रहा है अमृतपाल गिरफ्तार हो गया। कोई कह रहा है सरेंडर कर दिया इसने। बात इतनी सी है….चूहा पकड़ा गया….ओये पुल्स आ गई पुल्स।”

खालिस्तानी आतंकी भिंडरावाले को सोशल मीडिया पर अक्सर भिंडी कहा जाता है। ऐसे में, ‘भिंडरावाले 2.0’ उर्फ अमृतपाल सिंह की गिरफ्तारी पर एक यूजर ने लिखा, “मेरी माँ आज भिंडी फ्राय बना रही थीं। एक अन्य खबर है कि अमृतपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। क्या यह एक संयोग है या संकेत?”

एक अन्य यूजर ने अरविंद केजरीवाल की फोटो शेयर करते हुए लिखा, “इस रविवार की भी TRP गई।”

आइए देखते हैं, खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह को गिरफ्तार पर सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ अन्य मीम्स:::

‘तुम बहुत सुंदर हो…’: नशे में धुत 61 साल के यात्री ने पुरुष फ्लाइट अटेंडेंट को जबरन किया किस, अमेरिका की Delta फ्लाइट में बिजनेस क्लास का था यात्री

फ्लाइट में कभी सहयात्रियों पर पेशाब करने की खबरें आती हैं तो कभी आपातकालीन दरवाजे खोलने की तो कभी छोड़खानी करने की। अब एक पुरुष अटेंडेंट को जबरन चुम्मा लेने की घटना सामने आई है। एक अमेरिकी फ्लाइट में नशे में धुत यात्री ने मेल अटेंडेंट को यह कहते हुए जबरन कर लिया कि ‘तुम बहुत सुंदर हो’।

घटना अमेरिका के Delta Airlines की है। डेल्टा एयरलाइन्स की फ्लाइट मिनेसोटा से अलास्का जा रही थी। इस फ्लाइट में नशे में धुत 61 साल के डेविड एलन बर्क नाम के यात्री ने पुरुष फ्लाइट सहायक के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की, उसके गदर्न पर किस किया और कैप्टन के खाने के ट्रे को तोड़ दिया। बाद में एयरपोर्ट पुलिस ने यात्री को गिरफ्तार कर लिया।

आरोपित यात्री डेविड एयरलाइन के फर्स्ट में बैठा हुआ था। मिनियापोलिस से फ्लाइट टेकऑफ करने से पहले से ही उसने शराब माँगनी शुरू कर दी। हालाँकि, चालक दल के सदस्यों ने साफ कर दिया कि वे उड़ान के दौरान ने शराब सर्व कर सकते हैं।

फ्लाइट ने जब उड़ान भरी तो डेविड को क्रू मेंबर ने रेड वाइन सर्व की। अटेंडेंट जब ट्रे वापस लेने आया तो डेविड ने उससे हाथ मिलाने की कोशिश की। कुछ देर बाद वह टॉयलेट जाने के लिए उठा और खड़े फ्लाइट अटेंडेंट के पास जाकर किस करने की कोशिश की। इस दौरान डेविड ने कहा कि ‘तुम बहुत सुंदर हो’।

फ्लाइट अटेंडेंट ने जब इसका विरोध किया तो डेविड ने उसे पकड़ लिया और उसकी गर्दन पर जबरन किस कर ली। इसके बाद फ्लाइट अटेंडेंट फ्लाइट में पीछा जाकर बैठा रहा। उसके साथियों ने जाकर फ्लाइट के कैप्टन को इसकी जानकारी दी।

एंकोरेज में जब फ्लाइट उतरी तो पायलट ने हवाईअड्डे के अधिकारियों को इसके बारे में जानकारी दी। इसके बाद हवाईअड्डा पुलिस ने डेविड को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने ट्रे तोड़ने, फ्लाइट अटेंडेंट को किस करने या नशे में होने की बात से इनकार कर दिया।

डेविड ने बताया कि उसे सिर्फ एक ग्लास रेड वाइन दी गई थी। इसे पीने के बाद वह सो गया था और छह घंटे की सफर के दौरान वह सोता रहा था। अब अदालत ने उसे 27 अप्रैल 2023 को अदालत में पेश होने के लिए कहा है।

‘जयपुर में ईद पर नमाजियों ने सड़क की ब्लॉक, लगा 5KM जाम’ : रिपोर्ट्स में दावा, BJP सांसद बोले- गहलोत सरकार ने तुष्टिकरण की पराकाष्ठा पार कर दी

ईद के दौरान राजस्थान की राजधानी जयपुर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कुछ लोग मुख्य सड़क पर नमाज़ पढ़ते दिखाई दे रहे हैं। कई लोगों ने कैप्शन देते हुए इसे दिल्ली-जयपुर मार्ग बताया है। आरोप है कि इस जमावड़े के चलते 5 किलोमीटर लम्बा जाम भी लग गया था। भाजपा ने लोगों को हुई असुविधा पर आपत्ति जताते हुए इसे सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों का उल्लंघन बताया है। मामला शनिवार (22 अप्रैल 2023) का है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जिस जगह यह नमाज़ हुई है उसे जयपुर का ईदगाह क्षेत्र कहा जाता है। यहाँ बड़ी संख्या में पहुँचे नमाजी जगह न मिलने पर सड़क पर जमा हो गए। इस दौरान दिल्ली जयपुर मार्ग बाधित हो गया। सड़क पर नमाज़ियों की मौजूदगी के चलते लगभग 5 किलोमीटर लम्बा जाम भी लग गया। मौके पर जयपुर प्रशासन के तमाम अधिकारी मौजूद थे इसके बावजूद नमाज खत्म होने के बाद ही जाम खुला जिस से काफी देर में लोग अपने-अपने गंतव्य की तरफ निकल पाए।

वायरल हुए वीडियो में सड़क पर चटाइयाँ बिछी दिखाई दे रहीं हैं। इन चटाइयों पर इस्लामी वेशभूषा में हजारों नमाज़ी बैठे दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान पीछे खड़े वाहनों की लम्बी कतार भी देखी जा सकती है। नमाजियों की भीड़ में कुछ नाबालिग भी दिखाई दे रहे हैं। इसी वीडियो को दिल्ली-जयपुर मार्ग का बताते हुए पाञ्चजन्य सहित कई अन्य हैंडलों ने भी शेयर किया है। हालाँकि ऑपइंडिया वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता।

भाजपा ने लगाया तुष्टिकरण का आरोप

राजस्थान भाजपा ने सड़क पर हुई इस नमाज़ को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा की जा रही तुष्टिकरण की राजनीति बताया है। भाजपा सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट ने सड़क पर नमाज़ न होने के कई आदेश दिए हैं लेकिन गहलोत सरकार ने तुष्टिकरण की पराकाष्ठा पार कर दी है।

‘खालिस्तानी अमृतपाल सिंह ने सरेंडर नहीं किया, बल्कि हुई गिरफ़्तारी’: NSA लगा कर डिब्रूगढ़ जेल भेजा गया, पुलिस बोली – गुरुद्वारा की मर्यादा का हमने रखा ध्यान

लम्बे समय से फरार चल रहे खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह को आखिरकार 23 अप्रैल 2023 (रविवार) को पंजाब के मोगा से गिरफ्तार कर लिया गया है। अमृतपाल की गिरफ्तारी के बाद पूरे घटनाक्रम के बारे में पंजाब पुलिस के IGP सुखचैन सिंह गिल ने विस्तार से बताया है। उन्होंने कहा कि अमृतपाल की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने धार्मिक भावनाओं का पूरा ध्यान रखने हुए कानून के दायरे में कार्रवाई की है। पुलिस अधिकारी ने अमृतपाल को असम की डिब्रूगढ़ जेल भेजे जाने की भी जानकारी दी है।

मीडिया से बात करते हुए IGP सुखचैन सिंह ने बताया कि पुलिस की तमाम टीमें पिछले 45 दिनों से अमृतपाल की तलाश में थीं। अमृतपाल के खिलाफ NSA के तहत वॉरंट जारी था जिसे उसकी गिरफ्तारी के बाद लागू कर दिया गया है। IGP के मुताबिक पंजाब के लोगों ने अमृतपाल की गिरफ्तारी के बाद सामाजिक और सामप्रदायिक सौहार्द को बनाए रखा है जिसकी आगे भी अपेक्षा की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस मामले में आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।

सुखचैन सिंह ने लोगों से सोशल मीडिया या कहीं पर भी किसी भी प्रकार की भ्रामक खबर पर ध्यान न देने की अपील करते हुए कहा कि अफवाह उड़ाने वालों के खिलाफ पंजाब पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी। IGP के अनुसार सुबह लगभग 6:45 पर अमृतपाल सिंह को गाँव रोड़े से गिरफ्तार किया गया था। इस अभियान को पंजाब की अमृतसर पुलिस और ख़ुफ़िया विभाग ने सामूहिक तौर पर अंजाम दिया। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने गाँव को चारों तरफ से घेर लिया तो अमृतपाल की लोकेशन गाँव में बने एक गुरुद्वारे के अंदर मिली।

सरेंडर करने की खबरों के सवाल पर IGP ने कहा कि अमृतपाल को गिरफ्तार किया गया है। सुखचैन सिंह ने आगे बताया कि पुलिस ने गुरूद्वारे को ले कर लोगों की धार्मिक भावनाओं का पूरा ध्यान रखा। पुलिस की टीमें गुरुद्वारे के अंदर नहीं घुसीं लेकिन अपने घेरे को मजबूत रखा। आखिरकार अमृतपाल सिंह को नियमानुसार बिना किसी की धार्मिक भावनाओं को आहत किए गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद अमृतपाल को असम की डिब्रूगढ़ जेल भेज दिया गया है। अंत में IGP ने पंजाब के लोगों को शाँति और सहयोग के लिए धन्यवाद भी दिया।

हाथ में डंडे लेकर ईद पर बिना अनुमति निकाला जुलूस, हिन्दुओं ने रोका तो किया बवाल: हरिद्वार पुलिस ने गुलशाद, एहतेशाम समेत 50+ पर की FIR

उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में ईद के मौके पर निकले जुलूस में अवैध तौर पर जुलूस में DJ बजाने को ले कर विवाद खड़ा हो गया। बताया जा रहा है कि बिना अनुमति निकला यह जुलूस बाजार तक पहुँच गया जिस से दो पक्षों में तनाव फ़ैल गया था। हालाँकि पुलिस ने फ़ौरन सक्रियता दिखाते हुए हालात को काबू किया और उपद्रवियों को तितर-बितर किया। गैरकानूनी तौर पर जुलूस निकाल कर माहौल को खराब करने की कोशिश करने वालों पर FIR दर्ज कर के कार्रवाई की जा रही है। घटना शनिवार (22 अप्रैल 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला हरिद्वार के थानाक्षेत्र झबरेड़ा का है। यहाँ साल 2007 में मुस्लिम समुदाय के एक कार्यक्रम के दौरान बवाल हुआ था। इस बवाल के शांत होने के बाद बाजार में किसी भी प्रकार के जुलूस की अनुमति प्रशासन द्वारा नहीं दी जाती है। इस बार के भी जुलूस के लिए जॉइंट मजिस्ट्रेट से भीम आर्मी के सदस्यों ने अनुमति माँगी थी जिसे नामंजूर कर दिया गया था। घटना के दिन झबरेड़ा के बूडढ़्पुरयान इलाके में ईद के मौके पर कुछ लोग जमा हुए। इन सभी ने बाकायदा DJ आदि लगा कर जुलूस निकाला। यह जुलूस थोड़ी ही देर में झबरेड़ा के मुख्य बाजार तक पहुँच गया। जुलूस में शामिल कुछ लोगों ने डंडे भी ले रखे थे।

जुलूस की जानकारी जब हिन्दू संगठनों को हुई तो उन्होंने इसे कानून का उल्लंघन बताया। जुलूस समर्थकों और इसका विरोध कर रहे लोगों के बीच बहस भी होने लगी। इस बीच अवैध तौर पर जुलूस निकाले जाने की भनक स्थानीय प्रशासन को भी लग चुकी थी। थाना प्रभारी ने भारी फ़ोर्स के साथ जुलूस निकाल रहे लोगों को दौड़ाया। पुलिस की इस कार्रवाई से जुलूस में शामिल लोग तितर-बितर हो गए। DJ को जब्त कर लिया गया और मामले में जरूरी धाराओं में FIR दर्ज कर के आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई। इस जुलूस का मुख्य सूत्रधार भीम आर्मी को माना जा रहा है। हरिद्वार पुलिस ने भीम आर्मी नेताओं सहित 11 नामजदों और 40 से 50 अन्य अज्ञात लोगों को FIR में आरोपित किया है।

मामले में शिकायतकर्ता खुद पुलिस है। भीम आर्मी के नामजद आरोपितों के नाम इनामुल हक, एहतशाम, इखलाख, गुलशाद, दिलावर, आज़ाद, विकास, सौरभ और महक सिंह हैं। पुलिस द्वारा CCTV फुटेज सहित अन्य माध्यमों से कानून तोड़ने वालों की तलाश भी शुरू कर दी गई है। इन सभी पर IPC की धारा 143, 144 और 153 के तहत कार्रवाई हुई है। इसके साथ 83 पुलिस एक्ट के तहत DJ मालिक जगदीश कुमार का चालान किया गया है। DJ के साथ चल रहे वाहन टाटा 407 को भी मोटर व्हीकल एक्ट के तहत सीज कर दिया गया है। हालात पूरी तरह से नियंत्रण में और जनजीवन सामान्य बताया गया है। एहतियातन पुलिस फ़ोर्स तैनात है।

मंदिर में घुसे मोहम्मद मोइउद्दीन ने देवी प्रतिमा के सामने उतारा पायजामा, परिसर में पेशाब किया: बिहार के मुजफ्फरपुर की घटना, पुलिस ने पकड़ा

बिहार के मुजफ्फरपुर में एक मंदिर को अपवित्र करने का मामला सामने आया है। ईद के दिन मोहमद मोइउद्दीन नाम के शख्स ने मंदिर में जाकर शर्मनाक हरकत की। वह मंदिर चप्पल पहने हुए घुस गया और देवी के सामने पायजामा खोलकर खड़ा हो गया और फिर मंदिर में पेशाब कर दिया। इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया है।

घटना मुजफ्फरपुर में नगर थाना के कल्याणी चौक पर स्थित हनुमान मंदिर का है। यहाँ एक साथ कई मंदिर स्थित हैं। शनिवार (22 अप्रैल 2023) को मोहमम्द मोइउद्दीन चप्पल-जूते पहनकर मंदिर में जबरन घुस गया। इस दौरान जब पुजारी ने उसे रोकने की कोशिश की तो उसने पुजारी के साथ मारपीट की।

इसके बाद वह देवी माँ की प्रतिमा के सामने अपना पायजामा खोलकर खड़ा हो गया। बाद में युवक ने पास वाले मंदिर में जाकर पेशाब कर दिया। इसको देखकर पुजारी हंगामा करने लगा। पुजारी की आवाज सुनकर भीड़ इकट्ठा होने लगी। इस दौरान मौका पाकर मोइउद्दीन वहाँ से भाग गया।

हालाँकि, गुस्साई भीड़ आरोपित के घर जा पहुँची और वहाँ 22 साल के मोइउद्दीन की जमकर पिटाई कर दी। घटना की जानकारी जैसे ही पुलिस को मिली वह मौके पर पहुँच गई और आरोपित को छुड़ाकर गिरफ्तार कर लिया। मोइउद्दीन कल्याणी बाड़ा दीवान रोड का रहने वाला है। लोगों की पिटाई से घायल होने के बाद उसका अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

लोगों का कहना है कि इस तरह की घिनौनी हरकत के दौरान वह महजबी नारे भी लगा रहा था। पुलिस ने मोहम्मद मोइउद्दीन को हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में अभी तक एक ही आरोपित के शामिल होने की बात सामने आई है। इस घटना के पीछे के उसके इरादे के बारे में भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

घटना के बाद इलाके में तनाव फैला हुआ है। हालात को देखते हुए पुलिस इलाके में गश्त कर रही है। तनाव को देखते हुए विशेष पुलिस टीम ने इलाके में फ्लैग मार्च भी निकाला और सामाजिक सौहार्द्र बिगाड़ने वालों पर कार्रवाई करने की बात कही है।

जंग के कारण लोग रोटी को मोहताज, टॉयलेट का पानी पीकर जीवित: हिंसाग्रस्त सूडान से सऊदी अरब ने भारतीयों को बचाया, विदेश मंत्री जयशंकर के कॉल के बाद एक्शन

उत्तरी अफ्रीकी देश सूडान में जारी हिंसा के बीच मोदी सरकार ऐक्शन में है। सऊदी अरब की सरकार से बातचीत के बाद वहाँ से कुछ भारतीयों को सऊदी अरब ने निकाला है। सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने कहा कि सूडान से उसने न सिर्फ अपने नागरिकों निकाला, बल्कि सहयोगी एवं मित्र राष्ट्रों के कई नागरिकों को निकाला गया है।

सूडान में सत्ता पर कब्जा को लेकर सेना और अर्धसैनिक बलों के बीच संघर्ष जारी है। ऐसे में वहाँ कई भारतीय भी फँसे हुए थे। इस बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सऊदी अरब के अपने समकक्ष से बात की और भारतीयों को वहाँ से निकालने में मदद माँगी। इसके बाद सऊदी अरब ने 66 लोगों को निकाला, जिनमें भारतीय भी शामिल हैं।

सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने अपने एक बयान में कहा, “सऊदी नेतृत्व के निर्देशों के कार्यान्वयन में हम सूडान से निकाले गए नागरिकों, राजनयिकों और अंतरराष्ट्रीय अधिकारियों सहित भाईचारे एवं मित्र देशों के कई नागरिकों के सुरक्षित आगमन की घोषणा करते हुए प्रसन्न हैं।”

बयान में आगे कहा गया है, “निकाले गए 91 लोगों में भाईचारे एवं मित्र देशों के 66 नागरिक शामिल हैं। इनमें भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, बुल्गारिया, कुवैत, कतर, यूएई, मिस्र, ट्यूनीशिया, फिलीपींस, कनाडा और बुर्किना फासो के नागरिक हैं। सऊदी अरब इन सभी को जरूरी सुविधाएँ उपलब्ध करा रहा है।”

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (21 अप्रैल 2023) को वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सूडान में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की थी। इस दौरान सूडान में स्थिति का आंकलन किया गया। भारतीय दूतावास के आधिकारिक रिकॉर्ड के हिसाब से वहाँ 181 भारतीय नागरिक हैं। हालाँकि, वहाँ 350 से ज्यादा भारतीयों के मौजूद होने की संभावना जताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सूडान में फँसे भारतीयों के पास खाना और पीने का पानी भी खत्म हो चुका है। वे भुखमरी के कगार पर पहुँच गए हैं। जिंदा रहने के लिए टॉयलेट का पानी पीने के लिए मजबूर हैं। ऊपर से उन्हें गोली का निशाना बनने का खतरा हमेशा बना रहता है। 

बात दें कि सूडान के सेना प्रमुख अब्देल फत्ताह अल-बुरहान और उनके डिप्टी मोहम्मद हमदान डागलो के लड़ाई तेज हो गई है। सेना (SAF) का नेतृत्व जनरल अब्देल फतह अल-बुरहान कर रहे हैं। वहीं, अर्द्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्स (RSF) का नेतृत्व डागालो कर रहे हैं।

SAF ने अक्टूबर 2021 में सूडान के निरंकुश तानाशाह उमर अल-बशीरका तख्तापलट कर दिया था। इसके बाद से सेना संप्रभुता परिषद के जरिए देश पर शासन कर रही है। वहीं, RSF सूडान में नागरिक सरकार स्थापित करना चाहता है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच जंग जारी है।

‘राम तो रहीम हैं’: ईद पर JDU नेता नीरज कुमार ने सरकारी आवास पर किया मोहम्म्द बोध का पाठ, कहा- 786 बार पढ़ने से मनोकामना पूरी होती है

जनता दल यूनाईटेड (JDU) के प्रवक्ता और बिहार सरकार में पूर्व मंत्री नीरज कुमार ने ईद के मौके पर मोहम्मद बोध का पाठ किया। यह पाठ उन्होंने सामूहिक तौर पर अपने सरकारी आवास पर शनिवार (22 अप्रैल 2023) को किया है। JDU प्रवक्ता ने राम को रहीम कहा। इस मौके पर नीरज ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मोहम्म्द बोध पाठ के दौरान JDU के नीरज कुमार ने कहा कि वो भाजपा सरकार को आईना दिखा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि नाथ सम्प्रदाय से दीक्षित लोग रमज़ान के महीने में मोहम्मद बोध का पाठ करते हैं। 786 बार इसका पाठ करने से हर मनोकामना पूरी होती है। इस दौरान नीरज ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उदाहरण के तौर पर नाथ सम्प्रदाय से दीक्षित बताया। उन्होंने पूछा कि योगी आदित्यनाथ कुंडलधारी हैं लेकिन क्या भारतीय जनता पार्टी उनके कामों और आचरण से सहमत है ?

नीरज कुमार ने अपने मोहम्मद बोध पथ के दौरान माफिया अतीक अहमद की हत्या का भी जिक्र किया। तब उन्होंने आरोप लगाया कि अतीक अहमद ने कभी फूलपुर लोकसभा का चुनाव निर्दलीय लड़ कर भाजपा को जिताने में मदद की थी। कहावत में बदलाव करते हुए नीरज कुमार ने भाजपा के लिए ‘मुँह में राम बगल में बड़का उस्तरा’ का प्रयोग किया। नीरज ने साल 2008 की न्यूक्लियर डील में भाजपा द्वारा लिए गए सपा से समर्थन को भी अतीक अहमद से जोड़ा और कहा कि उस समय अतीक समाजवादी पार्टी का तात्कालिक सांसद था।

राम को रहीम बताते हुए नीरज ने अतीक अहमद को किसी धर्म से जोड़ने का विरोध करते हुए गुंडा को अपने ही धर्म के लोगों का दुश्मन बताया। इस दौरान उन्होंने अतीक अहमद को गोली मारे जाने की घटना का विरोध किया। योगी मॉडल और फेक मॉडल का भी नाम नीरज ने अपनी बयानबाजी में किया। खुद नीरज के साथ उनकी पार्टी के तमाम अन्य नेता भी मोहम्मद बोध का पाठ करने में मौजूद रहे।

गौरतलब है कि ईद के मौके पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना के गाँधी मैदान पहुँच कर ईद की मुबारकबाद दी। इस दौरान पूर्व इदैन कमेटी के सदर महमूद आलम ने मुख्यमंत्री को गुलदस्ता व साफा पेश किया।

‘यह गिरफ्तारी अंत नहीं… शुरुआत है’: 36 दिन बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा ‘भगोड़ा’ अमृतपाल; सरेंडर से पहले गुरुद्वारे में कराई संगत, फोटो-वीडियो आई

खालिस्तान समर्थक ‘पंजाब वारिस दे’ का चीफ अमृतपाल सिंह आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में आ ही गया। अमृतपाल के खुद सरेंडर करने की बात कही जा रही है। हालाँकि, पंजाब पुलिस का कहना है कि उसे मोगा से गिरफ्तार किया गया है। उसे असम के डिब्रूगढ़ जेल में शिफ्ट किया जाएगा।

अमृतपाल पिछले 36 दिनों से भागा-भागा फिर रहा था। उसे पकड़ने के लिए पंजाब पुलिस के साथ-साथ अन्य एजेंसियाँ कड़ी मशक्कत कर रही थीं। पंजाब पुलिस ने अमृतपाल को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत गिरफ्तार किया है। पंजाब पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि वे फर्जी न्यूज ना फैलाएँ।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमृतपाल एक दिन पहले ही मोगा आ गया था। शनिवार को उसने यहाँ एक बड़ी सभा की और लोगों के बीच भाषण दिया। इसके बाद नाटकीय ढंग से पुलिस के सामने सरेंडर किया। कहा जा रहा है कि उसकी पत्नी किरणदीप कौर पर जब सुरक्षा एजेंसियों ने शिकंजा कसा तो वह टूट गया।

20 अप्रैल 2023 को किरणदीप कौर लंदन भागने की जुगत में थी। इस बीच उसे अमृतसर के श्री गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर इमीग्रेशन के अधिकारियों ने रोक लिया था। इमीग्रेशन विभाग ने कहा था कि किरणदीप की पृष्ठभूमि और अमृतपाल से रिश्ते के कारण उसे रोका गया था। इसके बाद अधिकारियों ने उससे पूछताछ की थी।

जिस वक्त उसे गिरफ्तार किया गया, उस वक्त वह गुरुद्वारे में प्रवचन दे रहा था। गिरफ्तारी से पहले उसने कहा, “यह जरनैल सिंह भिंडरांवाले का जन्म स्थान है। उसी जगह पर हम अपना काम बढ़ा रहे हैं और अहम मोड़ पर खड़े हैं। एक महीने से जो कुछ हो रहा है, वे सब सभी ने देखा है।”

रिपोर्ट के मुताबिक, उसने आगे कहा, “अगर सिर्फ गिरफ्तारी की बात होती, तो गिरफ्तारी के बहुत तरीके थे। हम सहयोग करते। दुनिया की कचहरी में हम दोषी हो सकते हैं। सच्चे गुरु की कचहरी में नहीं। एक महीने बाद फैसला किया, इसी धरती पर लड़े हैं और लड़ेंगे। जो झूठे केस हैं, उनका सामना करेंगे। गिरफ्तारी अंत नहीं शुरुआत है।”

अमृतपाल अपने समर्थकों के साथ सरेंडर करना चाहता था। इसके लिए वह शनिवार रात को मोगा के रोडे गाँव पहुँचा था। इस संबंध में उसके करीबियों ने पंजाब पुलिस के अधिकारियों से संपर्क भी किया। इसके लिए रविवार चुना गया था।

इससे पहले अमृतपाल को लेकर कहा जा रहा था कि वह 14 अप्रैल 2023 को बैशाखी के दिन सरेंडर कर सकता है। हालाँकि, ऐसा नहीं हुआ। उसकी खोज में पंजाब पुलिस से लेकर केंद्रीय एजेंसियाँ और खुफिया एजेंसियाँ तक लगी हुई थीं। लगभग 20 हजार पुलिसकर्मी उसे पंजाब से लेकर पड़ोसी राज्यों तक खोज रहे थे।

अमृतपाल को असम के डिब्रूगढ़ में स्थानांतरित किया जा रहा है। वहाँ पहले से ही उसके 8 सहयोगी राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत हिरासत में हैं। इनमें उसका खास सहयोगी पप्पनप्रीत सिंह भी शामिल है। मोगा जिले के रोडे गाँव में रविवार (23 अप्रैल 2023) की सुबह गिरफ्तार के दौरान अमृतपाल सफेद कुर्ता और भगवा पगड़ी में नजर आया। इसकी तस्वीरें भी सामने आई हैं।

अमृतपाल पर थाने पर हमला करने से लेकर विभिन्न वर्गों के बीच वैमनस्य फैलाने, हत्या के प्रयास, पुलिसकर्मियों पर हमले और जनता द्वारा कर्तव्य के वैध निर्वहन में बाधा उत्पन्न करने से संबंधित कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ जाँच में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के साथ भी उसके संबंध दिखे हैं।