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बिहार में नीतीश कुमार की पार्टी के नेता के घर से मिला हथियारों का जखीरा, JDU का प्रखंड अध्यक्ष से लेकर प्रदेश महासचिव तक रहा है मंजूर आलम

बिहार के नवादा जिले में पुलिस ने अवैध हथियार रखने के आरोप में जदयू नेता समेत 2 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपित का नाम मंजूर आलम है, दो अन्य आरोपितों के नाम सामने नहीं आए। गिरफ्तारी रविवार (23 अप्रैल 2023) रात हुई।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नवादा पुलिस ने एसपी के नेतृत्व में नरहट प्रखंड के बाजार इलाके में स्थित जदयू नेता मंजूर आलम के घर में छापेमारी की थी। इसी छापेमारी के दौरान पुलिस ने अवैध हथियार बरामद किए। बरामद किए गए हथियार में 5 जिंदा बम, एक पिस्टल, सात देसी कट्टे, एक राइफल समेत कई जिंदा कारतूस शामिल हैं। पुलिस ने अवैध हथियार रखने के आरोप में मंजूर आलम के बेटे और उसके भतीजे को भी गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपित मंजूर आलम बिहार की सत्ताधारी पार्टी जदयू का सक्रिय कार्यकर्ता है। वह जदयू का प्रखण्ड अध्यक्ष से लेकर प्रदेश महासचिव के पद में भी रह चुका है। हालाँकि कहा जा रहा है कि फिलहाल वह पार्टी के किसी भी पद में नहीं था। रिपोर्ट्स में सामने आया है कि अवैध हथियार रखने के मामले में गिरफ्तार हुए 3 आरोपितों का आपराधिक इतिहास रहा है। जदयू नेता मंजूर आलम के खिलाफ नरहट थाने में करीब आधा दर्जन मामले दर्ज हैं। वहीं, उसके बेटे और भतीजे पर भी पहले से मुकदमा दर्ज होने की बात कही जा रही है।

इस कार्रवाई को लेकर नरहट थाना प्रभारी सरफराज इमाम का कहना है कि अवैध हथियार रखने के आरोप में फिलहाल सिर्फ गिरफ्तार किया गया है। आगे की कार्रवाई की जानी बाकी है। हालाँकि थाना प्रभारी ने मामले की पूरी जानकारी देने से इनकार कर दिया। वहीं, एसपी अम्बरीष राहुल का कहना है कि जिन 3 लोगों को गिरफ्तार गया है, उनसे कड़ी पूछताछ की जा रही है। जाँच के बाद पूरे मामले का खुलासा होगा। इसके लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की जा सकती है।

हालाँकि अब सवाल यह उठता है कि जदयू नेता के पास इतनी बड़ी मात्रा में हथियार कैसे आए? इन हथियारों को इकट्ठा करने का क्या उद्देश्य था? जिंदा बम, पिस्टल, कारतूस और देसी कट्टों के साथ मंजूर आलम, उसका बेटा और भतीजे किस घटना को अंजाम देने की फिराक में था? सवाल यह भी है कि कहीं बिहार में किसी दंगे की साजिश के तहत तो इस तरह के हथियार इकट्ठे नहीं किए गए थे और इस सबमें सरकार का भी हाथ है या नहीं?

जीसस से पादरी ने मिलवाने का दिया लालच, महिला-मर्द-बच्चे सबने खाना-पीना छोड़ाः अब तक 47 शव निकले, 800 एकड़ का इलाका सील

अफ्रीकी देश केन्या में पादरी पॉल माकेन्ज़ी नथेन्गे (Paul Mackenzie Nthenge) पर आरोप है कि उसके ‘भूखे रहोगे तो यीशु से मिलवाऊँगा’ कहने पर अब तक कई लोग अपनी जान दे चुके हैं। फिलहाल माकेन्ज़ी नथेन्गे पुलिस की गिरफ्त में हैं।केन्याई पुलिस के अनुसार, इस मामले में उन्होंने अब तक 47 शव बरामद किए हैं। इसमें बच्चों के शव भी शामिल हैं। एक दिन पहले 21 लाशें निकाली गई थीं।

डिटेक्टिव चार्ल्स कमाउ ने बताया, “हमने सोमवार (24 अप्रैल, 2023) 26 और शव बरामद किए हैं। इस मामले में अब तक कुल 47 शव बरामद किए जा चुके हैं।” पुलिस पूर्वी केन्या के मालिंदी शहर के शाखोला जंगल में कुल 58 कब्रों की पहचान कर चुकी है। पुलिस ने बीते दिनों एक कब्र भी खोदी, जिसमें एक ही परिवार के 5 सदस्यों (3 बच्चों और उनके माता-पिता) को दफनाया गया था।

केन्या के आंतरिक मंत्री किथुरे किंडिकी ने कहा कि शाखोला जंगल की लगभग 800 एकड़ जमीन को सील कर इसे अपराध स्थल घोषित कर दिया गया है। वहीं, कब्र से निकाले गए शवों को डीएनए जाँच के लिए भेज दिया गया है।

दरअसल, यह पूरा मामला केन्या के किलिफी काउंटी क्षेत्र के शाकाहोला गाँव का है। यहाँ पादरी पॉल माकेन्ज़ी नथेन्गे गुड न्यूज इंटरनेशनल चर्च चलाता था। वह यहाँ प्रार्थना के लिए लोगों को इकट्ठा करता था। इसके बाद लोगों से उसने कहा कि ‘यदि वे भूखे रहेंगे तो वह उन्हें यीशु से मिलवाएगा’। उसकी बात पर यकीन कर कई लोग भूखे रहने लगे। इस मामले का खुलासा 15 अप्रैल, 2023 को हुआ था। पादरी की बातों पर विश्वास करके 15 लोगों ने खाना छोड़ दिया था और सभी एक घर में एक साथ रहने लगे थे।

इनमें पुरुष, महिलाएँ और बच्चे भी शामिल थे। धीरे-धीरे उनकी भूख से तबीयत खराब होने लगी। इस बात की जानकारी जब पुलिस को हुई तो उन्होंने घर पर दबिश दी। यहाँ पुलिस को सभी 15 लोग बेहद बुरी हालत में मिले थे। पुलिस ने उन सभी को अस्पताल में भर्ती करवाया था, जहाँ 4 लोगों को मृत घोषित कर दिया गया था।

बता दें कि अपने बचाव में पादरी ने दावे से कहा है कि उसने कुछ भी गलत नहीं किया है। 2019 में उसका चर्च बंद हो गया था। आरोपित पादरी ने पहले तीन गाँवों नासरत, बेथलेहम और यहूदिया का नाम लिया। इसके बाद, तलाब में बपतिस्मा कर लोगों को भूखे रहने के लिए कहा था। इससे पहले पॉल माकेन्ज़ी नथेन्गे को मार्च 2023 में भूख से दो बच्चों को मारने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। लेकिन उसे बाद में कोर्ट से जमानत मिल गई थी।

दानिश कनेरिया ने लिखा ‘जय श्रीराम’, कूद पड़ा भारत का प्रोपेगेंडाबाज अली सोहराब: कट्टरपंथी बोले- मुस्लिमों को नीचा दिखा रहा है पाकिस्तानी हिंदू

पाकिस्तान के पूर्व हिंदू क्रिकेटर दानिश कनेरिया का ‘जय श्रीराम’ लिखकर ईद मुबारक कहने का अंदाज कट्टरपंथियों को रास नहीं आया। अब पाकिस्तान से लेकर भारत में उन्हें निशाना बना रहे हैं।

देख सकते हैं कि ईद के मौके पर दानिश ने एक पोस्टर शेयर किया था जिसपर ‘ईद मुबारक’ लिखा हुआ था। दानिश ने इसके कैप्शन में ‘जय श्रीराम’ लिख दिया।

प्रोपेगेंडाबाज पत्रकार अली सोहराब ने दानिश के इस ट्वीट को शेयर करते हुए लिखा, “ईद-उल-फितर के मौके पर एक पाकिस्तानी हिंदू JSR लिखकर मुसलमानों को नीचा दिखा रहा है और गाली दे रहा है, और भारतीय हिंदू उसकी जय-जयकार कर रहे हैं।”

पत्रकार मीर फैजल लिखता है, “ईद के मौके पर एक पाकिस्तानी हिंदू ये वार क्राई बोलकर मुस्लिमों को नीचा दिखा रहा है और गाली दे रहा है। संघी इस पर हँस रहे हैं।”

सोहराब, मीर फैजल के अलावा दानिश के पोस्ट पर कई कट्टरपंथी उनकी मंशा पर सवाल उठा रहे हैं और कह रहे हैं कि सोचो अगर दिवाली पर कोई मुस्लिम क्रिकेटर अल्लाहु अकबर लिख दे तो क्या होगा।

सानिफ सुल्तान ने कहा, पाकिस्तानियों के सब्र का इम्तिहान मत लो दानिश।

उर्वा नाम की यूजर ने लिखा, “जरा सोचो तो अगर कोई मुस्लिम हिंदू त्योहार पर अल्लाह हू अकबर चिल्ला दे तो क्या होगा। उस पर पक्का यूएपीए लगा दिया जाएगा या फिर हो सकता है कि वो हिंदू भीड़ द्वारा लिंच कर दिया जाए। दानिश कनेरिया इतना अपमानजनक बोल रहा है क्योंकि वो पाकिस्तान में रहता है।”

नाथू गुर्जर के घर के बाहर कर रहे थे बाइक स्टंट, रोका तो तलवार लेकर आई भीड़: महिलाओं को भी पीटा, राजस्थान पुलिस बोली – सांप्रदायिक एंगल नहीं

राजस्थान के टोंक जिले में 2 पक्षों में बीच झड़प और पत्थरबाजी हुई है। बताया जा रहा है कि यह विवाद नाथू गुर्जर घर के आगे वर्ग विशेष के लोगों द्वारा बाइक पर स्टंट दिखाने से मना करने पर शुरू हुआ। शुरुआती बहस ने कुछ ही देर में हिंसक झड़प का रूप ले लिया। पुलिस ने मौके पर पहुँच कर हालात को काबू किया। अब तक लगभग 1 दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है। राजस्थान पुलिस इस घटना में सांप्रदायिक एंगल होने से इनकार कर रही है। घटना रविवार (23 अप्रैल, 2023) की है।

राजस्थान भाजपा नेता लक्ष्मीकांत भारद्वाज ने इस घटना का वीडियो ट्वीट किया है। लगभग 9 सेकेण्ड के इस वीडियो में छतों से कुछ लोगों को पत्थरबाजी करते देखा जा सकता है। नीचे खड़े कुछ लोगों के हाथों में डंडे दिखाई दे रहे हैं। पत्थर एक घर के आगे खड़ी महिलाओं पर फेंके जा रहे हैं। वीडियो में पुलिस के सायरन की आवाज भी सुनाई दे रही है।

इस वीडियो को शेयर करते हुए लक्ष्मीकांत भारद्वाज ने लिखा, “राजस्थान के मालपुरा में गुर्जर मोहल्ले में समुदाय विशेष के युवक तेज बाइक चला कर ले जा रहे थे। नाथु गुर्जर ने टोक दिया। थोड़ी देर बार भीड़ में इकट्ठे आए समुदाय विशेष के लोगों ने नाथु गुर्जर और उसके परिवार पर हमला कर दिया। महिलाओं को मारा-पीटा। पुलिसकर्मी घायल हो गए। पर सरकार चुप।” टोंक पुलिस के मुताबिक इस घटना में 3 से 4 लोग घायल हुए हैं जिनका इलाज करवाया जा रहा है।

घायलों में नाथू गुर्जर और कुछ पुलिसकर्मी भी बताए जा रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी के मालपुरा विधायक कन्हैयालाल चौधरी ने अस्पताल जा कर घायल नाथू गुर्जर का हालचाल लिया। इस दौरान उन्होंने समुदाय विशेष के लोगों द्वारा नाथू गुर्जर के घर के आगे बाइक स्टंट का विरोध झगड़े की मुख्य वजह बताया।

50 लोगों की भीड़ ने तलवार ले कर किया हमला

इस घटना के बाद पीड़ित परिवार के सदस्यों ने अपने घर के आगे बाइक पर स्टंट करने वालों की करतूत के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि पहले घर के आगे एक-एक बाइक पर 3-3 लोग स्टंट कर रहे थे। आरोप है कि जब उन्हें रोका गया तब वो लगभग 50 की संख्या में हाथों में तलवार ले कर भीड़ के साथ पहुँचे। गुर्जर परिवार की महिलाओं ने खुद के साथ मारपीट और घर में घुस कर लूटपाट का आरोप लगाया है।

पुलिस का साम्प्रदायिक एंगल से इनकार

इस मामले पर जानकारी देते हुए टोंक जिले की DM ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी गई है और हालात पूरी तरह से काबू में और सामान्य हैं। वहीं जिले के SP ने अब तक 12 लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी देते हुए मामले में किसी भी प्रकार के सांप्रदायिक एंगल से इनकार किया है।

अतीक अहमद के दफ्तर में मिला खून से सना चाकू, साड़ी, अंडरगार्मेंट्स, टूटी चूड़ियाँ… क्या किसी महिला की हुई थी हत्या?

अतीक अहमद के प्रयागराज स्थित दफ्तर में खून से सना चाकू और जगह-जगह खून के धब्बे मिले हैं। यही नहीं, दफ्तर में साड़ी और कुछ अंडर गारमेंट्स मिलने की बात भी सामने आई है। हालात को देखते हुए दफ्तर में महिला की हत्या की आशंका जताई जा रही है। घटना सोमवार (24 अप्रैल 2023) की है।

माफिया डॉन रहे अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद सामने आए इस मामले से पुलिस एक बार फिर अलर्ट पर है। घटना के बाद मौके पर पहुँची पुलिस को अतीक का यह दफ्तर पूरी तरह से अस्त व्यस्त मिला। खून के धब्बे ग्राउंड फ्लोर से लेकर सीढ़ियों और फर्स्ट फ्लोर तक दिखाई दे रहे हैं। नीचे एक खून से चासना कू बरामद हुआ है। फर्स्ट फ्लोर के कमरे में रखे सोफे पर एक सफेद दुपट्टा मिलने की बात सामने आई है। इस पर भी खून के निशान मिले हैं। दफ्तर में टूटी हुई चूड़ियाँ भी मिली हैं।

यही नहीं, अतीक अहमद के इस दफ्तर में जगह-जगह सामान बिखरा हुआ है। इससे इस बात का अंदाजा लगाया जा रहा है कि किसी ने कुछ ढूँढ़ने की कोशिश की है या फिर मारपीट के दौरान सामान बिखर गया होगा। दफ्तर के किचन में भी चावल, हीटर समेत अन्य सामान बिखरे हुए हैं। किचन में भी भी खून के निशान मिले हैं। इसके अलावा अलमारी में रखे कागज व अन्य सामान भी फैला हुआ है। इसको लेकर कहा जा रहा है कि किसी ने कागज या अन्य सामान खोजने की कोशिश की है।

भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, मामले की जाँच कर रही पुलिस को फर्स्ट फ्लोर पर साड़ी और कुछ अंडरगारमेंट्स मिले हैं। इससे पुलिस महिला की हत्या होने की आशंका जता रही है। पुलिस को आशंका है कि दफ्तर में हत्या हुई है। इसके बाद उसकी लाश को बाहर ले जाकर ठिकाने लगाया गया। हालाँकि, पुलिस ने अब तक आधिकारिक रूप से कुछ भी नहीं कहा है।

बता दें कि यह अतीक अहमद का वही दफ्तर है जहाँ उमेश पाल हत्याकांड के बाद पुलिस ने छापा मारा था। इस छापे में पुलिस ने 74 लाख 72 हजार रुपए समेत 10 पिस्टल बरामद की थी। अतीक अहमद का यह दफ्तर अवैध रूप से तैयार किया गया था। इसलिए प्रयागराज प्राधिकरण अथॉरिटी ने इस पर 21 सितंबर 2020 को बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की थी। बताया जा रहा है कि तब से ही यह दफ्तर खाली पड़ा है।

छत्तीसगढ़ में है गुड्डू मुस्लिम?

मीडिया रिपोर्ट्स में, दावा किया जा रहा है कि गुड्डू मुस्लिम के छत्तीसगढ़ में होने की जानकारी सामने आई है। कहा जा रहा है कि पुलिस ने गुड्डू मुस्लिम की लोकेशन ट्रेस करने में कामयाबी हासिल की है। यदि गुड्डू मुस्लिम पुलिस की गिरफ्त में आ जाता है तो अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन और अतीक की बहन आयशा नूरी की भी गिरफ्तारी हो सकती है। हालाँकि फिलहाल, सवाल यह है कि अतीक के दफ्तर में मिले खून के धब्बे और चाकू से गुड्डू मुस्लिम और शाइस्ता परवीन का संबंध तो नहीं है।

घर के बाहर खेल रही 5 साल की बच्ची हो गई गायब, बाद में फईम के घर मृत मिली: रेप के बाद हत्या की परिजन जता रहे आशंका

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में 5 साल की एक बच्ची अपने घर के बाहर खेलते-खेलते अचानक गायब हो गई। बाद में वह पड़ोसी फईम के घर में मृत मिली। परिजनों ने रेप के बाद उसकी हत्या किए जाने की आशंका जताई है। हालाँकि पुलिस ने अभी रेप की पुष्टि नहीं की है। 30 साल का फईम नशेड़ी बताया जा रहा है। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना सोमवार (24 अप्रैल 2023) की है।

जानकारी के मुताबिक मामला बुलंदशहर के जहांगीराबाद थाना क्षेत्र का है। बच्ची सुबह के करीब 5 बजे अपने घर के बाहर खेल रही थी। अचानक वह गायब हो गई। 2-3 घंटे बाद भी जब वह घर नहीं आई तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी। तलाश करते हुए बच्ची के परिजन अपने पड़ोसी फईम के घर पहुँचे। यहाँ उन्होंने फईम को नशे के चलते बेहोशी की हालत में पाया। उसके पास ही बच्ची मृत अवस्था में पड़ी मिली।

डिप्टी SP अनविता उपाध्याय के मुताबिक यह देखने के बाद पीड़िता के घर वालों ने उसकी पिटाई भी की। मामले की सूचना पाते ही पुलिस पहुँची और फईम को हिरासत में ले लिया। फईम पर FIR दर्ज कर जाँच शुरू कर दी गई है। पुलिस का दावा है कि तकनीकी सबूत जुटाने के साथ मामले में प्रभावी पैरवी की जाएगी। साथ ही आरोपित फईम को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। वायरल हो रहे एक वीडियो में मृतका के परिजनों ने बताया कि उन्हें फईम पर शक बच्ची की चप्पल उसके घर के आगे देख कर हुआ था।

बच्ची के परिजनों ने फईम पर पहले भी दुष्कर्म में शामिल रहने का भी आरोप लगाया है। इस दौरान पीड़ित परिजन किसी डॉक्टर नसीम पर बच्ची की शव देखने से रोकने का आरोप भी लगा रहे हैं। बच्ची के परिजनों का कहना है कि उन्हें इस बात का आभास भी नहीं था कि उसके पड़ोसी ऐसा करेंगे।

बड़ा हो गया है पहले से… झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री का Video वायरलः BJP सांसद ने कहा- यह है काॅन्ग्रेस का चरित्र, मंत्री बन्ना गुप्ता बोले- वीडियो एडिटेड

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति किसी महिला से वीडियो कॉल पर अश्लील चैटिंग कर रहा है। झारखंड से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने यह वीडियो प्रदेश सरकार में स्वास्थ्य मंत्री और कॉन्ग्रेस विधायक बन्ना गुप्ता का होने का दावा किया है। वहीं बन्ना गुप्ता ने वीडियो को एडिटेड बताते हुए इसे अपनी छवि को धूमिल करने की साजिश करार दिया है। रविवार (23 अप्रैल, 2023) को उन्होंने इस मामले में एक FIR भी दर्ज कराए जाने की जानकारी दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वायरल हुआ वीडियो 17 अप्रैल, 2023 का है। इस वीडियो में दिख रही महिला शादीशुदा बताई जा रही है क्योंकि उसके माथे पर सिन्दूर दिख रहा है। भाजपा MP निशिकांत दुबे द्वारा शेयर किए लगभग 19 सेकेण्ड के इस वायरल वीडियो में एक व्यक्ति सैंडो-बनियान पहने बड़ी स्क्रीन पर दिख रहा है। नीचे एक बॉक्स में कुछ अश्लील दृश्य चल रहे हैं। इन दृश्यों में एक महिला द्वारा अपने प्राइवेट पार्ट दिखाए जा रहे हैं। बीच में महिला और पुलिस की आवाजें भी सुनाई दे रहीं हैं।

निशिकांत दुबे का दावा है कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति कॉन्ग्रेस विधायक और झारखंड सरकार में मंत्री बन्ना गुप्ता हैं।

वीडियो में महिला की तरफ से आवाज आती सुनाई दी, “बड़ा हो गया है पहले से।” वीडियो का कैप्शन देते हुए निशिकांत ने लिखा, “यह है कॉन्ग्रेस का चरित्र। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता जी का यह तथाकथित माजरा है। महिलाओं के इज़्ज़त से खेलना, कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता सुशील शर्मा का अपने पत्नी को तंदूर में जलाना, काश गॉंधी परिवार समझ पाता। यदि यह सही है तो कॉन्ग्रेस के लिए डूब मरने वाली बात है।”

मंत्री ने बताया एडिटेड वीडियो

हालाँकि, झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता इस वीडियो को एडिटेड बता रहे हैं। उन्होंने इस वीडियो को अपनी छवि धूमिल करने की साजिश करार देते हुए FIR दर्ज करने की बात कही है। बन्ना गुप्ता का दावा है कि पुलिस जल्द ही जाँच कर के दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी। वीडियो बनाने वालों के खिलाफ भी कॉन्ग्रेस विधायक ने कानूनी कार्रवाई का एलान किया है।

कर्नाटक के बाद अब तेलंगाना में भी मुस्लिम कोटा खत्म करेगी बीजेपी, अमित शाह ने किया वादा: कहा- सरकार बनी तो ईदगाह में स्वतंत्रता दिवस मनाएँगे

कर्नाटक के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार (23 अप्रैल 2023) को तेलंगाना में वादा किया है कि अगर उनकी सरकार राज्य में आई तो ‘मुस्लिम कोटा’ खत्म होगा। उन्होंने बीआरएस सरकार द्वारा राज्य में लागू किए गए ऐसे आरक्षणों को ‘असंवैधानिक’ बताया। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा राज्य में आई तो ईदगाह में स्वतंत्रता दिवस मनाया जाएगा

उन्होंने चेवेल्ला में रैली संबोधित करते हुए कहा, “हम शैक्षणिक संस्थानों से मुस्लिम आरक्षण खत्म करेंगे। ये आरक्षण दलित, जनजातीय और पिछड़े वर्गों का है। हम सुनिश्चित करेंगे कि इसका फायदा उनको ही हो।” शाह ने ये ऐलान उस समय में किया है जब तेलंगाना की केसीआर सरकार मुस्लिम कोटा 4% से बढ़ाकर 12 % तक पहुँच चुकी है।

इस दौरान अमित शाह ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर को चेतावनी देते हुए कहा कि बीजेपी अब तब तक नहीं रुकेगी जब तक कि बीआरएस को सत्ता से बाहर नहीं कर देगी। गृहमंत्री ने कहा कि टीआरएस ने जो अपना नाम बदलकर बीआरएस किया है वो भी गहरे भ्रष्टाचार से ध्यान भटकाने का एक प्रयास था।

उन्होंने केसीआर की चुटकी लेते हुए कहा कि फिलहाल प्रधानमंत्री का पद खाली नहीं है। इसलिए वो सपने न देंखे। उन्होंने कहा कि अगर तेलंगाना में भाजपा आई तो फिर ईदगाह मैदान में धूमधाम से स्वतंत्रता दिवस मनाया जाएगा। उन्होंने ओवैसी और केसीआर पर निशाना साध कहा कि केसीआर ने अपनी केसीआर की पार्टी की स्टीयरिंग ओवैसी को दे रखी है। उसी के कारण वो तेलंगाना के स्वतंत्रता दिवस को भी नहीं मनाते।

कर्नाटक में मुस्लिम आरक्षण खत्म

बता दें कि इससे पहले पिछले महीने भाजपा सरकार ने कर्नाटक में मुस्लिमों के 4% कोटे को खत्म किया था और इसे 2-2% लेकर लिंगायत-वोक्कालिगा समुदाय का रिजर्वेशन बढ़ाया था। इस पर अमित शाह ने पिछले दिनों इंडिया टुडे के राउंड टेबल कार्यक्रम में बात की थी।

उन्होंने कहा था कि भाजपा के पास विजन है और उसने कर्नाटक को आगे ले जाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने राज्य में असंवैधानिक व्यवस्था समाप्त करने और हकदार को हक देने का काम किया है।

अमित शाह ने कहा कि कॉन्ग्रेस ने असंवैधानिक रूप से राज्य में चार प्रतिशत मुस्लिम आरक्षण को लागू किया था। उन्होंने कहा कि इसे लागू करने के लिए कॉन्ग्रेस संविधान के खिलाफ चली गई थी। इसे भाजपा सरकार ने खत्म कर अन्य समुदायों का आरक्षण बढ़ाया।

चरण पखारे और छत्तीसगढ़ के दुर्ग में 100 परिवारों को फिर से बनाया हिंदू: बोले BJP नेता प्रबल प्रताप जूदेव- जब तक प्राण हैं घर वापसी से करते रहेंगे सनातन की रक्षा

छत्तीसगढ़ के दुर्ग में पहली बार शनिवार (22 अप्रैल 2023) को घर वापसी कार्यक्रम का आयोजन करवाया गया। ‘राष्ट्र रक्षा महासम्मेलन एवं घर वापसी 2023’ में करीबन 100 परिवार दोबारा अपने धर्म में वापस लौटे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के भाजपा नेता व ‘अखिल भारतीय घर वापसी’ के प्रमुख प्रबल प्रताप सिंह जूदेव रहे। उन्होंने इस दौरान 100 परिवारों के पाँव पखारकर उन्हें अपने धर्म में वापस करवाई।

कार्यक्रम को सर्वहितकारिणी मानव सेवा संस्थान और समस्त हिन्दू संगठनों के संयुंक्त तत्वावधान में आयोजित करवाया गया। इस दौरान कई संत और हिंदू संगठन के लोग भी कार्यक्रम के दौरान मौजूद रहे। प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने अपने पिता द्वारा शुरू किए गए घर वापसी अभियान को तेज करते हुए कहा, “धर्मांतरण देश तोड़ने मे सबसे बड़ा खतरा, इसीलिए घर वापसी अति आवश्यक है, जब तक शरीर में प्राण है हम घर वापसी के माध्यम से सनातन धर्म की रक्षा करते रहेंगे।”

250 लोगों की घर वापसी

इससे पहले छत्तीसगढ़ के जशपुर में प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने एक बार फिर से धर्मांतरित हुए 250 लोगों की घर वापसी करवाई थी। ये लोग 36 अलग-अलग परिवारों से थे। तब भी प्रबल प्रताप ने घर वापसी करने वाले सभी लोगों के पैरों को गंगाजल से धुलकर उनकी घर वापसी कराई थी। उन्होंने छत्तीसगढ़ की कॉन्ग्रेस सरकार और वहाँ के प्रशासन पर भी मिशनरियों की करतूतों को अनदेखा करने का आरोप लगाया था। मौके पर मौजूद अन्य संगठनों ने भी हिंदू समाज की एकता पर जोर दिया और आपस में मिल-जुल कर रहने का आह्वान किया।

घर वापसी अभियान

गौरतलब है कि प्रबल प्रताप जूदेव इस से पहले भी घर वापसी के कई कार्यक्रम आयोजित करवा चुके हैं। इसी साल जनवरी 2023 में जूदेव ने छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के बसना में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान करीब 1100 ईसाई बने हिंदुओं की समूहिक घर वापसी करवाई थी। अक्टूबर 2022 में प्रबल प्रताप जूदेव की मौजूदगी में उड़ीसा सुंदरगढ़ जिले में ईसाई बने 173 परिवारों के लगभग 500 लोगों ने हिंदू धर्म में घर वापसी की थी। प्रबल प्रताप जूदेव ने मार्च 2022 में छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में एक अन्य घर वापसी का कार्यक्रम करवाया था। तब उन्होंने ईसाई बने 1250 लोगों की घर वापसी करवाई थी।

‘ऐ मोदी जी गली-गली में शोर…’: बिहार पुलिस ने शेयर किया PM पर बना गाना, BJP बोली- ये तो जबरा फैन निकली, भाजपा सरकार का इंतजार

बिहार पुलिस के सोशल मीडिया अकॉउंट से हाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करता एक गाने का लिंक साझा किया गया। इस गाने का टाइटल ‘ऐ मोदी जी गली-गली में शोर’ था। इसे साझा करते हुए बिहार पुलिस के ट्विटर पर कैप्शन दिया गया ‘मेरा अनुज मदन का लाजवाब स्वर।’ इसे देखते ही भाजपा ने इसका स्क्रीनशॉट अपने ट्विटर पर शेयर किया। हालाँकि राजद नेताओं को यह पसंद नहीं आया और विरोध होने लगा। बिहार पुलिस ने अंत में उस कर्मचारी को सस्पेंड किया जिसने इस गाना को शेयर किया था।

देख सकते हैं कि भाजपा बिहार ने बिहार पुलिस के ट्वीट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा था, “बिहार पुलिस निकली मोदी जी की जबरा फैन। बिहार पुलिस को भी बिहार में भाजपा की सरकार का इंतजार है।”

इस पोस्ट के बाद जहाँ भाजपा ने अपनी बिहार पुलिस को मोदी फैन बताया। वहीं राजद के सोशल मीडिया इंचार्ज आलोक चीकू ने बिहार पुलिस, तेजस्वी यादव, नीतीश कुमार और डीएम पटना को टैग करते हुए लिखा, “बिहार पुलिस के अधिकारिक फेसबुक हैंडल से एक पार्टी के नेता का गुणगान वाला गाना शेयर किया जा रहा है। बिहार सरकार इसका गहन जाँच कराएँ। यह संघी व्यक्ति बहुत नुकसान करेगा आगे चलकर। बिहार पुलिस को संघ पुलिस बनने से रोक लीजिए।”

इसी तरह अन्य समर्थकों ने भी बिहार पुलिस पर काफी सवाल उठाए। यूट्यूबर वेद प्रकाश ने लिखा, “मोदी के प्रचार में, बिहार पुलिस मैदान में…FB से अब ये पोस्ट डिलीट कर दिया गया है।”

इसके बाद बिहार पुलिस के अकॉउंट से वो पोस्ट डिलीट किया गया और सफाई जारी की गई कि 23 अप्रैल को सोशल मीडिया सेंटर में कार्यरत एक कर्मी द्वारा फेसबुस फेज पर अनाधिकृत रूप से एक पोस्ट शेयर किया गया था जिस पर संज्ञान लेते हुए उसे डिलीट कर दिया गया है। कर्मी को सोशल मीडिया सेंटर के सभी कार्यों से वंचित कर दिया गया। इस संबंध में जाँच कर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

बता दें कि जो गाना बिहार पुलिस के अकॉउंट से शेयर करने पर बवाल हो रहा है। उसे मदन मोहन प्रिये ने पीएम मोदी की सराहना में गाया है। इसमें वो बता रहे हैं कि कैसे गली-गली में आज पीएम मोदी का नाम लिया जाता है क्योंकि जो काम असंभव लग रहे थे वो भी मोदी सरकार में हुए। चाहे वो अयोध्या का राम मंदिर हो या फिर अनुच्छेद 370 का हटना हो। इस पूरे गाने को आप नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके सुन सकते हैं।