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राजस्थान में फिर भड़के दंगे, लाठी-डंडे और पत्थरबाजी में कई जख्मी: पुलिस को भी बनाया निशाना, गंभीर रूप से घायल नाथूलाल को जयपुर रेफर किया गया

राजस्थान के टोंक जिले में तेज बाइक चलाने को लेकर दो समुदायों के बीच हुए विवाद में जमकर लाठी-डंडे चले और पथराव हुआ। इस घटना में 2 पुलिसकर्मी समेत 6 लोग घायल हुए हैं। घटना रविवार (23 अप्रैल 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला टोंक जिले के मालपुरा कस्बे के पुरानी तहसील इलाके का है। जहाँ मोहल्ले में कुछ युवक तेज गति से बाइक चलाते हुए निकलते थे। इसको लेकर एक वृद्ध ने उन्हें धीमी गति से बाइक चलाने के लिए कहा था। इस पर बाइक सवार युवक बहस करने लग गए। फिर मामला आगे बढ़ता गया। युवक झगड़े पर उतारू हो गए। इसके बाद देखते ही देखते मामला पत्थराव और मारपीट में बदल गया। कहा जा रहा है कि मारपीट के दौरान लाठी-डंडों से भी हमला किया गया।

इस हिंसक घटना में नाथू पुत्र भैरूलाल गुर्जर, सूरज करणी पत्नी रिद्धकरण, प्रेमचंद पुत्र रिद्धकरण एवं पुलिसकर्मी रामजीलाल एवं पुखराज समेत अन्य लोग घायल हुए हैं। घायलों को इलाज के लिए स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था। घायलों में से नाथूलाल नामक व्यक्ति की हालत गंभीर होने पर उन्हें इलाज के लिए जयपुर रेफर किया गया।

घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। वीडियो में लोगों को पथराव और लाठी डंडे चलाते देखा जा सकता है। वहीं पुलिसकर्मी भी उपद्रवियों लोगों को समझाने की कोशिश करते दिख रहे हैं। सड़क पर चारों ओर पत्थर बिखरे भी देखे जा सकते हैं। मामला पुलिस के संज्ञान में आने के बाद उप पुलिस अधीक्षक सुशील मान पुलिस की टीम के साथ मौके पर पहुँचे।

पुलिस ने हालात में काबू पाने और लोगों को समझाइश देने की कोशिश की। लेकिन इसके बाद भी हालत नियंत्रित न होने पर 4 थानों की पुलिस बुलानी पड़ी। उपद्रवियों ने पुलिस टीम पर भी हमला किया। फिलहाल इलाके में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। किसी भी विपरीत स्थिति से निपटने के लिए बड़े पैमाने पर पुलिस की तैनाती की गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

कूनो नेशनल पार्क में एक और चीते की मौत, मादा चीता साशा के बाद अब नर चीता उदय बीमारी के बाद चल बसा, वन प्रशासन ने बताया – 1 दिन पहले ठीक दिख रहा था

मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में एक और चीता की मौत हो गई है। अब नर चीते उदय की मौत हो गई है। इससे पहले मादा चिटा शासा की मौत हो गई थी। उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘प्रोजेक्ट चीता’ को झटके के रूप में दुष्प्रचारित किया गया था, लेकिन बाद में सामने आया था कि वो अफ्रीका से लाए जाने से पहले से ही बीमार थी। अब चीता उदय की मौत हो गई है। इसे भी दक्षिण अफ्रीका से ही लाया गया था और यहाँ छोड़ा गया था।

इस घटना के संबंध में जंगल के चीफ कंजर्वेटर जेएस चौहान ने बयान जारी किया है। उन्होंने जानकारी दी कि रविवार (23 अप्रैल, 2023) को चीते की दैनिक निगरानी हेतु दाल द्वारा सुबह लगभग 9 बजे नर चीता उदय को सिर झुकाए हुए और सुस्त अवस्था में बैठा हुआ पाया। जब वो छींटे के नजदीक पहुँचे तो उन्होंने पाया कि वो गर्दन झुका कर लड़खड़ाता हुआ चल रहा है। प्रोटोकॉल के दौरान सुबह-शाम चीतों की निगरानी की जाती है।

बताया गया है कि एक दिन पहले की निगरानी के दौरान चीता उदय स्वस्थ पाया गया था। जब उदय चीता की हालत नाजुक पाई गई, उसी समय जंगल में सक्रिय अन्य पशु चिकित्सकों को इसकी जानकारी दी गई। इसके बाद वन्यप्राणी चिकित्सक दल ने पहुँच कर बीमार चीते का निरीक्षण किया। ‘चीता कंजर्वेशन फंड’ द्वारा चीते की खराब स्थिति को देखते हुए तत्काल उपचार हेतु ट्रंकुलाइज करने की ज़रूरत महसूस की गई।

इसके बाद इसकी सूचना ‘मुख्य वन्य संरक्षक (सिंह परियोजना)’ को फोन के जरिए दी गई। सुबह के 9:45 बे ये फोन कॉल किया गया था। वन प्रशासन के प्रेस नोट में बताया गया है कि ट्रंकुलाइज करने की अनुमति मिलने के बाद सुबह के 11 बजे चीते को बेहोश कर के उसका इलाज किया गया। फिर उसे आइसोलेशन वार्ड में डाला गया, ताकि आगे का इलाज हो सके और लगातार निगरानी की जा सके। लेकिन, शाम के 4 बजे उसकी मौत हो गई। मौत के कारणों को लेकर अभी जाँच चल रही है।

समलैंगिक विवाह के खिलाफ ‘बार काउंसिल ऑफ इंडिया’ ने पारित किया प्रस्ताव: कहा – भारत जैसे देश में ये संभव नहीं, संसद निपटाए मामला

देश में समलैंगिक विवाह (Same-sex Marriage) को कानूनी मान्यता देने का विरोध करते हुए बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने एक प्रस्ताव पारित किया है। इस प्रस्ताव में कहा गया है कि समलैंगिक विवाह का मुद्दा संवेदनशील है। इसलिए संसद इसमें सामाजिक और धार्मिक संगठनों से बातचीत कर इस मामले का हल निकालने का प्रयास करे।

दरअसल, ‘बार काउंसिल ऑफ इंडिया’ ने एक बैठक का आयोजन किया था। इसमें सभी राज्यों के बार काउंसिल शामिल हुए थे। इस बैठक में पारित किए गए प्रस्ताव में कहा गया है, “संयुक्त बैठक की सर्वसम्मति से राय यह है कि समलैंगिक विवाह के मुद्दे की संवेदनशीलता को देखते हुए तथा तमाम सामाजिक व धार्मिक पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए यह सलाह दी जाती है कि यह मामला सक्षम विधायिका यानी कि संसद द्वारा विभिन्न सामाजिक व धार्मिक समूहों को शामिल कर बात की जाए और मामला निपटाया जाए।”

बार काउंसिल ने यह भी कहा है कि इतिहास के अनुसार, मानव सभ्यता और संस्कृति की स्थापना के बाद से विवाह को स्वीकार किया गया है। प्रजनन और मनोरंजन दोनों ही उद्देश्य के लिए पुरुष और महिला को अलग-अलग तरीके से वर्गीकृत किया गया है। ऐसे में विवाह जैसी मौलिक चीज में परिवर्तन करना विनाशकारी होगा। चाहे इसे कितने भी नेक इरादे से क्यों न किया जाए।

बयान में यह भी कहा गया है कि समलैंगिक विवाह का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। यह जानने के बाद देश का हर नागरिक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित है। देश के 99.9% से अधिक लोग हमारे देश में समलैंगिक विवाह का विरोध करते हैं। देश के एक बड़े वर्ग का मानना है कि इस मुद्दे पर याचिकाकर्ताओं के पक्ष में सर्वोच्च न्यायालय का कोई भी निर्णय हमारे देश की संस्कृति और सामाजिक धार्मिक संरचना के खिलाफ माना जाएगा।

इस मामले में बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के अध्यक्ष और एडवोकेट मनन कुमार मिश्रा ने कहा है, “बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सभी प्रतिनिधियों का मानना था कि भारत जैसे देश में समलैंगिक विवाह को हम मान्यता नहीं दे सकते। इससे हमारे देश की मूलभूत संरचना पर बुरा असर पड़ेगा। देश की सामाजिक-धार्मिक संरचना को देखते हुए, हमने यह सोचा कि समलैंगिक विवाह हमारी संस्कृति के खिलाफ है। इस तरह के फैसले अदालतों द्वारा नहीं लिए जाएँगे। इस तरह के कदम कानून की प्रक्रिया से आने चाहिए।”

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में LGBTQ+ व्यक्तियों के मौलिक अधिकारों को लागू करने की माँग को लेकर याचिका दायर की गई थी। इस याचिका का केंद्र सरकार ने विरोध किया है। हालाँकि इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली 5 जजों की बेंच सुनवाई कर रही है। बेंच ने पहले कहा था कि मामले की सुनवाई सोमवार से शुक्रवार तक जाएगी। लेकिन इसके बाद शुक्रवार (21 अप्रैल, 2023) को खबर आई कि खराब स्वास्थ्य के चलते जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस एस. रविंद्र भट उपलब्ध नहीं हैं। इससे इस मामले की सुनवाई फिलहाल सोमवार (24 अप्रैल, 2023) से शुरू नहीं हो पाएगी।

‘जब तक WFI अध्यक्ष गिरफ्तार नहीं हो जाते, हम यहीं खाएँगे-सोएँगे’: एक बार फिर जंतर-मंतर पर पहलवानों का धरना, दावा – 7 महिला रेसलर्स ने दर्ज कराई शिकायत

पहलवानों ने एक बार फिर से दिल्ली के जंतर मंतर पर ‘भारतीय कुश्ती संघ (WFI)’ के विरुद्ध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। बजरंग पूनिया, विनेश फोगट और साक्षी मलिक जैसे पहलवान इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। पहलवानों का विरोध WFI के अध्यक्ष और कैसरगंज से भाजपा के सांसद बृजभूषण शरण सिंह से है। उनका कहना है कि बृजभूषण शरण सिंह को न सिर्फ पद से हटाया जाना चाहिए, बल्कि गिरफ्तार भी किया जाना चाहिए।

मीडिया से बात करते हुए साक्षी मलिक रो पड़ीं। उन्होंने दावा किया कि एक नाबालिग सहित 7 महिला पहलवानों ने कनॉट प्लेस पुलिस थाना में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने दावा किया 2 दिन पहले कि यौन शोषण की शिकायत के बावजूद दिल्ली पुलिस ने कोई FIR नहीं दर्ज की है। उन्होंने कहा कि हम तुरंत इसकी जाँच चाहते हैं, क्योंकि हमें झूठ बोलने वाला कहा जा रहा है और हम ये बर्दाश्त नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि ढाई महीने से इंतजार के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।

साक्षी मलिक ने ये भी कहा कि लोग कह रहे हैं कि हमारा करियर खत्म हो गया है इसीलिए हम प्रदर्शन कर रहे, लेकिन ऐसा नहीं है। उन्होंने बताया कि CWG 2022 में उन्हें मेडल मिला है। वहीं CWC 2022 की एक अन्य मेडल विजेता विनेश फोगट ने कहा कि केंद्रीय खेल मंत्रालय द्वारा कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। उन्होंने बताया कि जो कमिटी मंत्रालय द्वारा इस मामले में बनाई गई थी, वहाँ से भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

फोगट ने कहा कि जब तक न्याय नहीं हो जाता, तब तक पहलवान वहीं पर सोएँगे-खाएँगे। उन्होंने दावा किया कि 3 महीने से केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उनलोगों के फोन कॉल भी नहीं उठाए जाते। बकौल फोगट, उन्होंने देश के लिए मडल जीता है और करियर दाँव पर लगाया है। ‘दिल्ली महिला आयोग’ ने भी पुलिस कमिश्नर को लिखा है। इससे पहले पहलवानों ने अदालत जाने की धमकी भी दी थी।

पहलवानों ने पूछा कि जब से ब्रीजभूषण शरण सिंह अध्यक्ष हैं, तब से लखनऊ में ही कैम्प क्यों लगता है? पहलवानों ने उन पर गालियाँ देने के आरोप भी लगाए। साथ ही खिलाड़ी और राज्य को निशाना बनाने का आरोप लगाया। विनेश फोगट ने रोते हुए कहा कि अध्यक्ष ने उन्हें ‘खोता सिक्का’ कहा था। साथ ही दावा किया कि मानसिक प्रताड़ना के कारण वो आत्महत्या करने की सोच रही थीं। साथ ही निजी जीवन में दखल का आरोप भी लगाया

ईद के दिन जिस मोइउद्दीन ने मंदिर में घुस देवी के सामने किया पेशाब, बिहार पुलिस ने बताया उसे मानसिक विक्षिप्त: कहा – अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई

बिहार के मुजफ्फरपुर में प्रतिमा के सामने पायजामा उतारने और मंदिर परिसर में पेशाब करने वाले मोहम्मद मोइउद्दीन को बिहार पुलिस ने मानसिक रूप से विक्षिप्त बताया है। बिहार पुलिस ने कहा कि मंदिर के निकट अवांछित कृत्य करने वाले युवक के मानसिक रूप से विक्षिप्त होने की बात प्रकाश में आई है। साथ ही जानकारी दी कि उसके परिजनों के द्वारा चिकित्सीय प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत किए गए हैं। हालाँकि, बिहार पुलिस को लोगों की आलोचना का सामना भी करना पड़ रहा है।

घटना के संबंध में अधिक जानकारी देते हुए बिहार पुलिस ने बताया, “नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत कल्याणी स्थित मंदिर में एक युवक द्वारा अवांछित (पेशाब करने) कृत्य का मामला प्रकाश में आया। मामला में कांड दर्ज कर त्वरित कार्रवाई करते हुए युवक को पकड़ा गया। आरोपित युवक के मानसिक विक्षित होने की बात बताई जा रही है। इस संबंध में नगर थाना में आरोपित के चिकित्सकीय इलाज संबंधित कागजात प्रस्तुत किए गए।”

साथ ही पुलिस ने अग्रिम कार्रवाई किए जाने की बात भी कही। बिहार पुलिस ने चेताया है कि अफवाहों पर ध्यान न दें, भ्रामक खबर न फैलाएँ। ये भी जानकारी दी कीं मुजफ्फरपुर पुलिस द्वारा सोशल मीडिया साइट्स पर सतत निगरानी रखी जा रही है। बिहार पुलिस ने चेताया है कि किसी भी तरह के गलत, भ्रामक खबर, तस्वीरें, वीडियो को समूह या व्यक्ति स्तर पर साझा कर किसी ने अगर आपसी सौहार्द, सांप्रदायिकता, या शांति व्यवस्था को बाधित करने का प्रयास किया तो उसके खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

मुजफ्फरपुर में मोहम्मद मोइउद्दीन ने मंदिर के निकट किया पेशाब, देवी प्राइमा के पास उतारा पायजामा

बता दें कि ईद के दिन मोहमद मोइउद्दीन नाम के शख्स ने मंदिर में जाकर शर्मनाक हरकत की। वह मंदिर चप्पल पहने हुए घुस गया और प्रतिमा के सामने पायजामा खोलकर खड़ा हो गया और फिर मंदिर में पेशाब कर दिया। इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया है। घटना मुजफ्फरपुर में नगर थाना के कल्याणी चौक पर स्थित हनुमान मंदिर का है। यहाँ एक साथ कई मंदिर स्थित हैं। शनिवार (22 अप्रैल, 2023) को मोहमम्द मोइउद्दीन चप्पल-जूते पहनकर मंदिर में जबरन घुस गया।

इस दौरान जब पुजारी ने उसे रोकने की कोशिश की तो उसने पुजारी के साथ मारपीट की। इसके बाद वह देवी माँ की प्रतिमा के सामने अपना पायजामा खोलकर खड़ा हो गया। बाद में युवक ने पास वाले मंदिर में जाकर पेशाब कर दिया। इसको देखकर पुजारी हंगामा करने लगा। पुजारी की आवाज सुनकर भीड़ इकट्ठा होने लगी। इस दौरान मौका पाकर मोइउद्दीन वहाँ से भाग गया। लोगों का कहना है कि इस तरह की घिनौनी हरकत के दौरान वह महजबी नारे भी लगा रहा था।

बुर्के में घूम रहा था गैंगरेप केस में वॉन्टेड आफताब, यूपी पुलिस ने दबोचा: नशीला पदार्थ खिला कर किया था बलात्कार, फिर बना लिया था वीडियो

उत्तर प्रदेश के हापुड़ में पुलिस ने बुर्का पहने एक युवक को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए व्यक्ति व्यक्ति का नाम आफ़ताब है, जो गैंगरेप केस में फरार चल रहा था। पुलिस को लम्बे समय से आफताब की तलाश थी लेकिन वो मुस्लिम महिला बन कर हापुड़ कोर्ट में सरेंडर करना चाहता था। हालाँकि, पुलिस ने जाल बिछाते हुए उसे अदालत के कैम्पस से ही गिरफ्तार कर लिया। मामला गुरुवार (20 अप्रैल, 2023) का है। गिरफ्तारी के बाद आफताब का बुर्के में वीडियो भी वायरल हो रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला हापुड़ के नगर कोतवाली क्षेत्र का है। यहाँ का रहें वाला आफ़ताब नाम के व्यक्ति पर फ़रवरी 2023 में एक महिला ने रेप केस दर्ज करवाया था। महिला ने अपनी शिकायत में आफ़ताब पर खुद को जान-माल की धमकी देने का भी आरोप लगाया था। लड़की के मुताबिक, नवम्बर 2022 में उसका परिचय मोहल्ले की एक अन्य लड़की ने आफ़ताब से करवाया था। तब आफताब जान-पहचान बढ़ाते हुए लड़की को गाजियाबाद के एक होटल में ले गया था जहाँ उसने लड़की को नशीला पदार्थ खिला कर बेसुध कर दिया था।

इसके बाद पीड़िता से आफ़ताब व उसके कुछ साथियों ने बारी-बारी से गैंगरेप किया। इस दौरान लड़की की अश्लील वीडियो भी बनाई गई जिस से ब्लैकमेल करते हुए आफ़ताब ने 70 हजार रुपए भी ऐंठ लिए थे। यह केस दर्ज हो जाने के बाद आफताब फरार हो गया था जिसकी तलाश में पुलिस कई जगहों पर दबिश मार रही थी। हालाँकि पुलिस को तमाम प्रयासों के बाद भी कामयाबी नहीं मिल रही थी। माना जा रहा है कि फरारी के दौरान आफ़ताब बेंगलुरु भाग गया था।

कुछ समय पहले पुलिस को अपने मुखबिर द्वारा आफ़ताब के कोर्ट में सरेंडर की भनक लगी। पुलिस को यह भी जानकारी हुई कि आफ़ताब सरेंडर के लिए अपना हुलिया बदल कर पहुँच सकता है। जानकारी होते ही पुलिस ने हापुड़ कोर्ट में अपना जाल बिछा दिया था। इस दौरान पुलिस को एक बुर्काधारी की हरकतों पर शक हुआ। पुलिस ने फ़ौरन ही उसे रोक लिया जो आफ़ताब निकला। पुलिस ने आफ़ताब को गिरफ्तार कर के कानूनी कार्रवाई के बाद जेल भेज दिया।

इंस्पेक्टर हापुड़ कोतवाली संजय पांडेय के मुताबिक पूर्व में चल रहे रेप केस में फरार आफ़ताब के अन्य साथियों की भी तलाश चल रही है। पुलिस द्वारा उन सभी को जल्द गिरफ्तार कर लेने का भरोसा दिया गया है।

भूखे रहोगे तो यीशु से मिलवाऊँगा… अब तक 21 लाशें निकाली गईं, 58 कब्रों की पहचान: केन्या में पादरी के कहने पर लोगों ने छोड़ दिया था खाना-पीना

अफ्रीकी देश केन्या में ईसाई पादरी पॉल माकेन्ज़ी नथेन्गे (Paul Mackenzie Nthenge) के कहने पर कई लोगों ने भूखे रहकर अपनी जान दे दी। पुलिस ने अब तक 21 शव बरामद किए हैं। आरोप है कि पदारी ने भूखे रहने पर यीशु से मिलवाने की बात कही थी। फिलहाल आरोपित पादरी पुलिस की गिरफ्त में हैं।

यह पूरा मामला केन्या के किलिफी काउंटी क्षेत्र के शाकाहोला गाँव का है। यहाँ पादरी पॉल माकेन्ज़ी नथेन्गे गुड न्यूज इंटरनेशनल चर्च चलाता था। यह पदारी प्रार्थना के लिए लोगों को इकट्ठा करता था। इसके बाद उसने लोगों से कहा कि यदि वे भूखे रहेंगे तो वह उन्हें यीशु से मिलवाएगा। इस पर कई लोग भूखे रहने लगे। इससे एक के बाद एक कई लोगों की मौत हो गई। इसमें पुरुष महिला और बच्चे शामिल हैं।

कैसे सामने आया मामला

दरअसल, पादरी की बातों पर भरोसा कर के इन लोगों ने खाना छोड़ दिया था। वह सभी एक घर में एक साथ रहने लग गए थे। धीरे-धीरे भूख से उनकी तबीयत खराब होने लगी। इस बात की जानकारी जब पुलिस को हुई तो उसने घर पर दबिश दी। यहाँ पुलिस को सभी 15 लोग बेहद बुरी हालत में मिले। पुलिस ने उन सभी को अस्पताल में भर्ती करवाया जहाँ 4 लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। इसमें 3 पुरुष और 1 महिला शामिल है।

मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने आरोपित पादरी को गत 15 अप्रैल को गिरफ्तार किया। इसके बाद से उससे पूछताछ हो रही है। हालाँकि, अब तक उसे कोर्ट में पेश नहीं किया गया है। पुलिस ने पादरी के अलावा 5 अन्य आरोपितों को गिरफ्तार किया था। वहीं, पुलिस अब तक शाकाहोला जंगल से 21 शवों को बरामद चुकी है। वहीं, पुलिस अब तक 58 कब्रों की भी पहचान कर चुकी है। कहा जा रहा है कि एक कब्र में एक ही परिवार के 5 सदस्यों 3 बच्चों और उनके माता-पिता को दफनाया गया था।

संदेह है कि हाल में चिन्हित की गई सभी कब्रों में भूख से मरने वालों को दफनाया गया है। ऐसे में माना जा रहा है कि पादरी के कहने से भूखे रहकर जान देने वालों की संख्या में इजाफा हो सकता है। यही नहीं, अब तक बरामद किए गए शवों की भी जाँच की जा रही है। पुलिस यह पता करना चाहती है कि आखिर कितने लोगों की मौत भूखे रहने से हुई।

अपने बचाव में पादरी ने कहा है कि उसने कुछ भी गलत नहीं किया है। साल 2019 में ही उसका चर्च बंद हो गया था। रिपोर्ट के अनुसार, आरोपित पादरी ने पहले तीन गाँवो नासरत, बेथलेहम और यहूदिया का नाम लिया। इसके बाद, तलाब में बपतिस्मा कर लोगों को भूखे रहने के लिए कहा। बता दें कि आरोपित पादरी पॉल माकेन्ज़ी नथेन्गे को मार्च 2023 में भूख से दो बच्चों को मारने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। हालाँकि इसके बाद कोर्ट से उसे जमानत मिल गई।

155 देशों के नदियों के जल से हुआ राम मंदिर का अभिषेक, इकट्ठा करने में लगे 31 महीने: जहाँ पैदा हुआ था बाबर, वहाँ की नदी से भी आया जल

भगवान श्रीराम के जलाभिषेक के लिए 155 देशों से नदियों का जल उत्तर प्रदेश के अयोध्या पहुँच गया। इस जल से रविवार (23 अप्रैल 2023) को भगवान राम के मंदिर परिसर और चौखट का जलाभिषेक किया गया। इस दौरान 8 देशों के राजदूत और 40 देशों के अप्रवासी भारतीय मौजूद रहे।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक इंद्रेश इस जल को लेकर अपने सहयोगियों के साथ अयोध्या पहुँचे। इस दौरान स्टेशन पर उनका ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत किया गया। इन देशों से जल संग्रह का काम भाजपा के पूर्व विधायक विजय जॉली ने किया। इस काम में उनका कई अप्रवासी भारतीयों ने मदद की।

रामलला के जिन देशों के जल से जलाभिषेक हुआ उनमें पाकिस्तान की सिंधु नदी, बाबर के मुल्क की नदी कश्क-ए-दरिया, इराक की टिगरिस नदी आदि शामिल हैं। समेत कई मुस्लिम देशों की नदियों का जल भेजा है। तजाकिस्तान के ताज मोहम्मद ने कई मुस्लिम देशों की नदियों का पानी भेजा।

विजय जौली ने बताया, “जलाभिषेक के लिए 155 देशों की जिन नदियों का जल कलश अयोध्या ला गया, उनमें उज्बेकिस्तान के ताशकंद की चिरचिक नदी, तजाकिस्तान की वख्श नदी, यूक्रेन की डेनिस्टर नदी, रूस की वोल्गा नदी, मॉरिशस की गंगा तालाब और हिंद महासागर का जल भी शामिल है। यह जल 31 महीनों में इकट्ठा किया गया है।”

23 अप्रैल 2023 को अयोध्या की मणिराम छावनी के सभागार में सुबह 10 बजे से कार्यक्रम की शुरू हुई। कार्यक्रम में सबसे पहले श्री हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। उसके बाद जल का वहीं, RSS के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश ने ‘भारत जय जगत’ का नया नारा दिया।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कहा, “इजराइल की लाइब्रेरी में पढ़ने को मिला कि राम के ईश्वर रूप का सबसे पहले अनुभव निषादराज ने किया था। अब पूरे देश में निषाद मछुआरों की सेना तैयार करके रावण राज्य खत्म करने में जुटा हूँ।”

वहीं, मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 अगस्त 2020 को भूमि पूजन किया था, तब 1000 स्थानों से जल व रज गर्भगृह को समर्पित किया गया था। उन्होंने जल कलश भेजने वालों को आभार जताया और कहा कि यह आयोजन इंटरनेशनल हिस्ट्री है।

बता दें कि भगवान राम के मंदिर का निर्माण कार्य बहुत तेजी से चल रहा है। रामलला के गर्भगृह समेत भूतल में 167 खंभे बनकर तैयार हो गए हैं। उन पर बीम रखने का काम भी पूरा हो चुका है। अब छत की ढलाई का काम चल रहा है। 

हेलीकॉप्टर के पंखे से लग कर अधिकारी की मौत: केदारनाथ यात्रा से पहले निरीक्षण करने गए थे, सेल्फी के चक्कर में कट गई गर्दन

केदारनाथ यात्रा शुरू होने से पहले ही उत्तराखंड में एक बड़ा हादसा हो गया। दरअसल, हेलीकॉप्टर के पंखे की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान अमित सैनी के रूप में हुई। वह उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण में फाइनेंशियल कंट्रोलर थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमित सैनी केदारनाथ यात्रा से पहले हेलीपैड का निरीक्षण करने गए थे। हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर की लैंडिंग के समय अमित सैनी सेल्फी लेने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान वह हेलीकॉप्टर न टेल रोटर ब्लेड, यानी कि पिछले पंखे की चपेट में आ गए। इससे उनकी गर्दन कट गई और मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना क्रिस्टल एविएशन कंपनी के हेलीकॉप्टर से हुई।

रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि हेलीकॉप्टर की लैंडिंग के समय हेलीपेड पर उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के सीईओ भी मौजूद थे।

25 अप्रैल को खुलेंगे बाबा केदारनाथ के कपाट

बता दें कि इस साल केदारनाथ यात्रा मंगलवार (25 अप्रैल, 2023) से शुरू हो रही है। इस यात्रा को लेकर उत्तराखंड सरकार व स्थानीय प्रशासन हर संभव तैयारियों में जुटा हुआ है। मंदिर प्रबंधन भी अपने स्तर पर काम कर रहा है। तीर्थयात्रियों को अधिक समस्या न हो इसके लिए हवाई सेवाएँ भी शुरू की जा रहीं हैं। हेलीपैड पर जमी बर्फ को भी हटाया जा चुका है। केदारनाथ धाम की यात्रा के लिए इस साल 16 लाख से अधिक यात्रियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। आने वाले दिनों में यह संख्या और भी अधिक होने की संभावना जताई जा रही है।

केदारनाथ यात्रा को लेकर उत्तराखंड सरकार ने रविवार (23 अप्रैल 2023) को एक अलर्ट जारी किया है। इस अलर्ट में कहा गया है कि केदारनाथ धाम में लगातार बारिश और बर्फबारी हो रही है। इसको देखते हुए श्रद्धालुओं को सावधान रहने और मौसम विभाग द्वारा जारी सूचनाओं के आधार पर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।

‘ईद में पानी कम था और मोटर खराब’: हैदराबाद में शौचालय के पानी से बिरयानी का चावल धोने वाला वीडियो वायरल, सफाई में ये बोला रेस्टॉरेंट मालिक अकबर

सोशल मीडिया पर हैदराबाद का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कुछ लोग एक रेस्टॉरेंट में शौचालय के पानी से बिरयानी बनाने का आरोप लगा रहे हैं। वीडियो बनाने वाले रेस्टोरेंट के बाथरूम तक जाते हैं जिस पर रेस्टॉरेंट वाला पानी की कमी की सफाई देता दिखाई दे रहा है।

लगभग 57 सेकेंड का यह वीडियो हैदराबाद के सिद्दिपेट इलाके का है। जिस रेस्टॉरेंट के अंदर का यह सारा विवाद बताया जा रहा है, उसका नाम ‘सोनी रेस्टॉरेंट एन्ड ढाबा’ है। वायरल वीडियो में रेस्टॉरेंट के स्टाफ से नाराज कस्टमर गाली-गलौज करते दिखाई देते है। नाराज कस्टमर बिरयानी का चावल टॉयलेट के पानी में धोने का आरोप लगाते दिख रहे हैं। वीडियो में कमोड भी दिखाई दे रहा, जिसके बगल में एक बाल्टी और मग रखा हुआ है। इसमें टॉयलेट के ठीक बगल एक बाल्टी में चावल देखे जा सकते हैं।।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ ग्राहकों ने जब बाथरूम में जा कर देखा तो उन्होंने रेस्टॉरेंट के स्टाफ को टॉयलेट के पानी से बिरयानी का चावल धोते भी देखा। ऐसे में तमाम लोग तो बिना कुछ खाए ही वहाँ से बाहर चले गए। इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर इसे ले कर चर्चा छिड़ गई है। कई लोग इस पर व्यंग भी कर रहे हैं। हालाँकि, कुछ लोगों का यह भी कहना है कि आरोपित पर कोई कार्रवाई नहीं होगी।

सोशल मीडिया रिएक्शन

ऑपइंडिया ने इस रेस्टॉरेंट के मालिक ‘अकबर’ से बात की। अकबर ने हमें बताया कि घटना ‘जुम्मे रात’ (21 अप्रैल 2023, शुक्रवार) की है। उन्होंने आगे बताया कि ईद का दिन था और पानी की मोटर खराब थी। इसके चलते उन्होंने पानी को बाल्टियों में भर के रखा हुआ था। सफाई के तौर पर अकबर ने कहा कि उनके किचन स्टाफ और सफाईकर्मियों के बीच सामंजस्य न होने के चलते लोगों में ग़लतफ़हमी हुई। अकबर ने हमें यह भी बताया कि उनके रेस्टॉरेंट की जाँच के लिए कई अधिकारी भी आए जो तमाम पड़ताल कर के थोड़ी देर पहले गए हैं।

जिन लोगों ने इस मामले का वीडियो वायरल किया, उन्हें अकबर नहीं पहचानते हैं।