Home Blog Page 1869

गुजरात के नरोदा गाम केस में सभी 68 आरोपित बरी, अहमदाबाद की विशेष कोर्ट का फैसला: पूर्व मंत्री माया कोडनानी और बाबू बजरंगी थे मुख्य अभियुक्त

साल 2002 में हुए गुजरात दंगे के दौरान हुई नरोदा ग्राम हिंसा के मामले में पूर्व मंत्री माया कोडनानी और बाबू बजरंगी सहित सभी 68 आरोपित बरी हो गए हैं। गुजरात की स्पेशल कोर्ट ने 21 साल के लंबे इंतजार के बाद गुरुवार (20 अप्रैल) को अपना फैसला सुनाया। इस हत्याकांड में 11 लोगों की मौत हुई थी।

नरोदा गाँव में एक समुदाय के 11 लोगों की हत्या के मामले में कुल 86 लोगों को आरोपित किया गया था। इसमें माया कोडनानी मुख्य आरोपित थीं। हालाँकि, 13 साल चले लंबे ट्रायल के दौरान 18 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, विशेष कोर्ट के प्रिसिंपल सेशंस जज एसके बक्शी ने शाम 5:40 बजे जैसे ही अपना फैसला सुनाया, कोर्ट के बाहर ‘जय श्रीराम’ के नारे लगने लगे।

दरअसल, इस मामले में 16 अप्रैल 2023 को सुनवाई पूरी हो गई थी। इसके बाद राजधानी अहमदाबाद स्थित विशेष कोर्ट के प्रिसिंपल सेशंस जज एसके बक्शी ने फैसले को सुरक्षित रख लिया था। फैसला सुनाने की तारीख 20 अप्रैल निर्धारित की गई थी। इस दौरान कोर्ट में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। सिर्फ वकील और केस से जुड़े लोग ही अंदर जा सकते थे।

गौरतलब है कि 27 फरवरी 2002 को अयोध्या से रामभक्तों को लेकर लौट रही साबरमती एक्सप्रेस के एक डिब्बे में पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई थी। इसमें बच्चे एवं महिलाओं सहित 59 लोगों की जलकर मौत हो गई थी। ये आग एक समुदाय के लोगों ने एक साजिश के तहत लगाई थी।

इस नृशंस हत्याकांड के बाद 28 फरवरी 2002 को गुजरात बंद की घोषणा की गई। इस दौरान अहमदाबाद सहित पूरे गुजरात में सांप्रदायिक दंगे भड़क उठे। इन दंगों के दौरान ही 28 फरवरी को नरोदा गाँव में मुस्लिम समुदाय के 11 लोगों को कथित तौर पर जिंदा जलाकर मार दिया गया था। उन्होंने कहा था कि कोडनानी को उन्होंने विधानसभा में देखा था।

अमित शाह ने कोर्ट को कहा था कि घटना वाले दिन उन्होंने माया कोडनानी को सुबह 8:40 बजे गुजरात विधानसभा में देखा था। इसके बाद 11 बजे से 11:30 बजे तक उन्हें अमहदाबाद के सोला सिविल हॉस्पिटल में देखा था। हालांकि, अमित शाह ने अपनी गवाही में यह भी कहा था, “मैं नहीं जानता कि विधानसभा से रवाना होने और सोला सिविल हॉस्पिटल पहुँचने के पहले वह कहाँ थीं।”

इस मामले में भाजपा की तत्कालीन विधायक एवं नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री माया कोडनानी और बजरंग दल के नेता बाबू बजरंगी समेत कुल 86 लोगों को आरोपित बनाया गया था। सुनवाई के दौरान 18 लोगों की मौत हो गई। वहीं, पेशे से स्त्री रोग विशेषज्ञ माया कोडनानी के बचाव पक्ष के गवाह के रूप में अमित शाह साल 2017 में अदालत में पेश हुए थे।

माया कोडनानी को नरोदा पाटिया दंगों के मामले में भी दोषी ठहराया गया था, जिसमें 97 लोगों की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में उन्हें 28 साल की सजा सुनाई गई थी। बाद में उन्हें गुजरात हाईकोर्ट की ओर से राहत मिल गई। गुजरात हाईकोर्ट ने इस मामले में माया कोडनानी को बरी कर दिया। वहीं, बजरंग दल के नेता बाबू बजरंगी की उम्र कैद की सजा बरकरार रही।

बताते चलें कि गुजरात दंगों से जुड़े कुल 9 मामले दर्ज किए गए थे। इनमें से 8 मामलों का ट्रायल पूरा हो चुका है। जिन मामलों का ट्रायल पूरा हो चुका है उनमें गोधरा कांड, बेस्ट बेकरी, सरदारपुरा मामला, नरोदा पाटिया, गुलबर्ग सोसाइटी, ओडे विलेज, दीपडा दरवाजा और बिलकिस बानो केस शामिल हैं। 

इससे पहले गुजरात की एक अदालत ने 2002 के सांप्रदायिक दंगों के दौरान कलोल में अलग-अलग घटनाओं में अल्पसंख्यक समुदाय के 12 से अधिक लोगों की हत्या और सामूहिक बलात्कार के सभी 26 आरोपितों को बरी कर दिया था। इस मामले के कुल 39 अभियुक्तों में से 13 की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी। बाकी 13 लोगों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था।

शो कैंसिल होने पर भड़के रैपर हनी सिंह, इवेंट मैनेजर को किडनैप करके पीटा: मुंबई के थाने में बॉलीवुड सिंगर के खिलाफ शिकायत दर्ज

महाराष्ट्र के मुंबई में बॉलीवुड सिंगर व रैपर हनी सिंह के खिलाफ एक इवेंट आर्गनाइजर के अपहरण और उसे प्रताड़ना देने का मामला दर्ज हुआ है। विवेक रमन नाम के व्यक्ति ने ये शिकायत बीकेसी पुलिस थाने में दर्ज कराई है। शिकायत में हनी सिंह समेत अन्य लोगों को नाम है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने बताया, “एक इवेंट कंपनी के मालिक विवेक रमन ने हनी सिंह और अन्य के खिलाफ अपहरण करने, शहर के एक होटल में उन्हें बंधक बनाकर रखने और मारपीट करने की शिकायत दर्ज कराई है। “

ये शिकायत 19 अप्रैल को थाने में दी गई। रमन ने बांद्रा कुरला कॉम्प्लेक्स में हनी सिंह के लिए 15 अप्रैल को एक प्रोग्राम आयोजित करवाया था। मगर कुछ पैसों की ट्रांजैक्शन में गड़बड़ी के कारण इवेंट कैंसिल हो गया।

शिकायतकर्ता के अनुसार, इवेंट के कैंसिल होने पर हनी सिंह और उनसे साथी इतना भड़के कि इवेंट ऑर्गनाइजर को उठा ले गए। वहाँ उन्होंने रमन को बंधक बनाया और उनका शोषण भी किया।

रमन ने माँग की है कि इस मामले में हनी सिंह और उनके अन्य साथियों की गिररफ्तारी हो। वहीं पुलिस ने कहा है कि वो इस मामले की जाँच कर रहे हैं। इन दिनों हनी सिंह किसी का भाई किसी की जान फिल्म में गाना गाने के कारण चर्चा में हैं। पिछले दिनों वो टीना थडानी से डेटिंग खत्म होने के कारण खबरों में रह चुके हैं।

मालूम हो कि हनी सिंह के खिलाफ उनकी पत्नी शालिनी तलवार ने साल 2021 में भी घरेलू हिंसा के आरोप लगाए थे। तलवार ने कहा था कि पिछले कुछ सालों में उनसे साथ कई बार मारपीट हुई। वह लगातार डर में जी रही थीं। उनके वकीलों ने बताया था कि मानसिक तौर पर शोषण होने के कारण शालिनी डिप्रेशन में हैं और दवाई लेती हैं।

अपनी याचिका में तलवार ने बताया था कि कैसे उनके साथ जानवरों सा बर्ताव हुआ और उनके पति ने उन्हें धोखा दिया। शालिनी तलवार का आरोप है कि उनका पति कई अलग-अलग महिलाओं के साथ सेक्स करता है, अपनी शादी की अंगूठी नहीं पहनता है और शादी की तस्वीरें जारी करने पर मारता है।

राजस्थान में 4 दिन से पड़ा है राम प्रसाद का शव: सुसाइड करने से पहले कहा था- अपनी ही जमीन पर नहीं बनाने दे रहे घर, काॅन्ग्रेस के मंत्री का भी लिया था नाम

राजस्थान के जयपुर में सुसाइड करने वाले राम प्रसाद मीणा का अभी तक अंतिम संस्कार नहीं हो पाया है। 17 अप्रैल 2023 को उन्होंने आत्महत्या की थी। सुसाइड से पहले एक वीडियो बनाया था। इसमें कुछ लोगों पर अपनी ही जमीन पर घर नहीं बनाने देने का आरोप लगाया था। आरोपितों पर कार्रवाई की माँग को लेकर मीणा के परिजन धरने पर बैठे हैं।

20 अप्रैल को काॅन्ग्रेस नेता व पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट मीणा के घर पहुँचे और परिजनों से मुलाकात की। उससे पहले बीजेपी सांसद डॉ. किरोड़ीलाल मीणा और दीया कुमारी ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात की थी। मरने से पहले मीणा ने जिन लोगों पर आरोप लगाया था उनमें राजस्थान की काॅन्ग्रेस सरकार के मंत्री महेश जोशी, होटल रॉयल शेरटन के मालिक मुंजी टांक, देवा अवस्थी, लालचंद देवनानी, गिरधारी जी मंदिर के देवेंद्र शर्मा, ललित शर्मा सहित आठ लोग शामिल हैं।

राम प्रसाद मीणा ने क्यों की आत्महत्या?

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक रामप्रसाद चाँदी की टकसाल इलाके में रहते थे। गिरधारी मंदिर के पास उनकी जमीन है। वे इस पर मकान बनवाना चाहते थे। लेकिन उन्हें घर बनाने से रोका जा रहा था। इससे परेशान उन्होंने आत्महत्या कर ली।

मंदिर के पास होटल

मंदिर के पास ही देवेंद्र शर्मा होटल का निर्माण करवा रहे थे। राम प्रसाद मीणा ने इस पर सवाल उठाया था। मीणा परिवार का आरोप है कि निगम ने मंदिर के पास होटल निर्माण की अनुमति तो दे दी, लेकिन कागजात होने के बाद भी उन्हें घर नहीं बनाने दिया। कहा जा रहा है कि मीणा परिवार पर जमीन छोड़ने का दबाव डाला जा रहा था। मीणा के सुसाइड के बाद इस होटल को गिरा दिया गया है।

भाजपा सांसदों ने की मीणा परिवार से मुलाकात

आरोपितों की गिरफ्तारी, मुआवजे, परिवार के लिए नौकरी समेत 8 माँगो को लेकर मीणा परिवार धरना दे रहा है। मीणा परिवार को बीजेपी सांसद डॉ. किरोड़ीलाल मीणा और सांसद दीया कुमारी का साथ मिला है। डॉ. किरोड़ीलाल मीणा धरने पर भी बैठे।

सांसद दीया कुमारी ने भी बुधवार शाम को धरनास्थल पर मीणा परिवार से मुलाकात की।

मंत्री महेश जोशी का पक्ष

महेश जोशी ने कहा है कि उनपर मृतक को परेशान करने का आरोप है, लेकिन वे मृतक और उसके परिवार को जानते तक नहीं। जोशी ने कहा कि कुछ दिन पहले उन्हें गिरधारी मंदिर में अवैध निर्माण की शिकायत मिली थी। मामला मंदिर का था इसलिए उन्होंने जाँच के लिए काम रुकवाने का आदेश दिया था। 2 पक्षों के बीच विवाद की स्थिति में काम रुकवाना सामान्य प्रक्रिया है। जोशी ने कहा कि मरने से पहले 3-4 वीडियो कौन बनाता है? उन्होंने उच्चस्तरीय जाँच की माँग की है।

गिरधारी मंदिर का पक्ष

पूरे मामले पर गिरधारी मंदिर के पुजारी ने भी मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा है। पुजारी ने बताया कि राम प्रसाद मीणा के पिता राम किशोर मीणा अपने परिवार के साथ 1984 से ही मंदिर परिसर में किराएदार के हैसियत से रहते थे। कुछ सालों बाद मीणा परिवार ने मंदिर को किराया देना बंद कर दिया। मंदिर प्रशासन ने उन्हें परिसर खाली करने के लिए कहा। मीणा परिवार ने किराए पर मिले हिस्से को खाली करने के स्थान पर इस पर कब्जा जमा लिया।

मंदिर पक्ष इसे लेकर जयपुर किराया प्राधिकरण पहुँचा। प्राधिकरण ने मीणा परिवार को जगह खाली करने का फैसला दिया। इस फैसले को मीणा परिवार ने हाई कोर्ट में चुनौती दी। हाईकोर्ट ने भी कब्जा खाली करने का फैसला सुनाया। इसके बाद मीणा परिवार फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुँचा। सुप्रीम कोर्ट में भी पुजारी पक्ष को सही ठहराया गया। पुजारी के अनुसार मंदिर परिसर की जमीन को अपना बताते हुए मीणा परिवार ने जाली दस्तावेजों की मदद से पट्टा तैयार करवा लिया है। उन्होंने पट्टे और दस्तावेजों की जाँच की माँग की है।

प्रयागराज में फिर वही सीन… कैमरे के सामने मारी ‘अतीक-अशरफ’ को गोली: 14 अप्रैल को सुरक्षा देख शूटरों ने बदल लिया था माफिया ब्रदर्स की हत्या का प्लान

प्रयागराज में 15 अप्रैल 2023 की कहानी फिर से 20 अप्रैल को दोहराई गई। माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की कद-काठी वाले दो लोगों को लेकर पुलिस काॅल्विन हाॅस्पिटल आई। मीडिया ने माफिया भाइयों को घेर लिया। अचानक से तीन शूटरों ने दोनों को मार गिराया और सरेंडर कर दिया। यह सब कुछ उस ज्यूडिशियल कमीशन के सामने हुआ जो अतीक अशरफ हत्या की जाँच को लेकर बनी है। सीन रिक्रिएट करने के दौरान दिखाया गया कि गोली लगते ही पहले अतीक और फिर अशरफ ढेर होकर जमीन पर गिर जाता है।

प्रयागराज के काॅल्विन हाॅस्पिटल के बाहर ही 15 अप्रैल की रात अतीक और अशरफ की गोली मारकर हत्या की गई थी। मीडियाकर्मी बनकर आए लवलेश तिवारी, अरुण मौर्य और सनी सिंह ने माफिया ब्रदर्स को कैमरों के सामने चंद सेकेंड के भीतर ही मार गिराया था। फिलहाल तीनों शूटर पुलिस रिमांड में हैं। उनसे हत्या के मकसद के लेकर पूछताछ की जा रही है। इस मामले में पाँच पुलिसकर्मी भी सस्पेंड किए गए हैं। हत्या से पहले अतीक से पत्रकारों ने असद के जनाजे में शामिल नहीं होने का कारण पूछा था। अतीक के जवाब देने के बाद अशरफ ने कहा था कि मेन बात है कि गुड्डू मुस्लिम… अशरफ की यह बात कभी पूरी नहीं हो पाई, क्योंकि इसके बाद ही माफिया भाइयों की हत्या हो गई थी।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार शूटरों ने पूछताछ में बताया है कि वे 14 अप्रैल को ही अतीक अहमद की हत्या करना चाहते थे। उनका इरादा कोर्ट में पेशी के दौरान हत्या का था। लेकिन कड़ी सुरक्षा के कारण उन्हें अपना प्लान कैंसिल करना पड़ा। तीनों शूटर माफिया भाइयों के हत्या के इरादे से 13 अप्रैल को ही प्रयागराज पहुँच चुके थे। वे रेलवे स्टेशन के पास एक होटल में ठहरे थे। जब उन्हें पता चला कि मेडिकल चेकअप के लिए अतीक और अशरफ को काॅल्विन हाॅस्पिटल ले जाया जाएगा तो उन्होंने नए सिरे से प्लान बनाया। माइक और कैमरा के साथ मीडियाकर्मियों के बीच घुस गए और फिर योजना के अनुसार गोलियाँ बरसाकर हत्या कर दी।

गौरतलब है कि उससे पहले 13 अप्रैल को यूपी एसटीएफ ने झाँसी में अतीक के बेटे असद और उसके शूटर मोहम्मद गुलाम को मार गिराया था। उमेश पाल की हत्या में दोनों शामिल थे। इस मामले में अतीक की बीवी शाइस्ता परवीन भी वांछित है। वह फिलहाल फरार है। उसकी और अतीक गैंग से जुड़े बमबाज गुड्डू मुस्लिम की पुलिस सरगर्मी से तलाश में जुटी है।

दिल्ली के शाहीन बाग से हर महीने ₹15 लाख वसूलती थी शाइस्ता परवीन: अतीक की बीवी को पकड़ने के लिए प्रयागराज-कौशांबी में रेड, ड्रोन का भी इस्तेमाल

अतीक अहमद की भगोड़ी बीवी शाइस्ता परवीन और बहन आयशा नूरी की तलाशी में उत्तर प्रदेश की पुलिस जगह-जगह छापेमारी कर रही है। पिछले दो दिन से यूपी पुलिस प्रयागराज के कछार क्षेत्र की खाक छान रही है। हालाँकि, शाइस्ता का अभी तक पता नहीं चला है। वहीं, पुलिस को जानकारी मिली है कि दिल्ली के शाहीन बाग से शाइस्ता रंगदारी वसूल करती थी।

उमेश पाल हत्याकांड की प्रमुख सूत्रधार बताई जा रही शाइस्ता परवीन की खोज के लिए पुलिस प्रयागराज और पड़ोसी कौशांबी जिलों के विभिन्न इलाकों में छापेमारी कर रही है। इन ठिकानों में शाइस्ता और अतीक के रिश्तेदारों के घरों सहित वो सभी संभावित ठिकाने शामिल हैं, जहाँ उसके छुपे होने की आशंका है।

बुधवार (19 अप्रैल 2023) को उत्तर प्रदेश पुलिस ने कौशांबी में कई जगहों पर छापेमारी की। यहाँ तक कि शाइस्ता की खोज के लिए पुलिस ने ड्रोन का भी इस्तेमाल किया। दरअसल, पुलिस को सूचना मिली थी कि गंगा की तलहटी में कुछ अपराधी छिपे हुए हैं। इसके बाद पुलिस ने करीब 2 घंटे तक ऑपरेशन चलाया।

50,000 रुपए की इनामी भगोड़ी शाइस्ता का पता लगाना मुश्किल होता जा रहा है। यूपी एसटीएफ के डीआईजी अनंत देव तिवारी ने कहा था कि बुर्का में होने के कारण उसे खोजने में पुलिस को परिशानी का सामना करना पड़ रहा है।

खबर ये भी है कि शाइस्ता के साथ अतीक की बहन नूरी और दर्जन भर बुर्के वाली महिलाएँ साथ में चल रही हैं। शूटर साबिर भी उनके साथ साए की तरह लगा रहता है। वे लोग हर समय अपना लोकेशन बदल रहे हैं। कहा तो यहाँ तक जा रहा है कि शाइस्ता रोजाना अपना फोन और नंबर बदल रही है, ताकि वह पुलिस की पकड़ से बची रहे।

उधर, अतीक को लेकर दिल्ली के शाहीन बाग से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शाहीन बाग से हर महीने 15 लाख रुपए की वसूली की जाती थी। ये रकम अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन को पहुँचती थी।

पुलिस ने शाहिद को हिरासत में लिया था। उसने ही पुलिस को यह जानकारी दी है। इतना ही नहीं, शाहिद ने अतीक के बेटे असद का नया नंबर यूपी एसटीएफ को दिया था। इसके बाद सर्विलांस के जरिए UP STF झाँसी पहुँची थी। ये भी कहा जा रहा है कि असद को पनाह देने वालों ने ही पुलिस की हिरासत में आने के बाद असद के बारे में जानकारी दी थी।

बताते चलें कि यूपी एसटीएफ ने 13 अप्रैल 2023 को अतीक के बेटे असद और शूटर गुलाम को झाँसी में एक एनकाउंटर में मार गिराया था। जिस दिन कसारी-मसारी के कब्रिस्तान में असद को दफनाया गया, उसी दिन यानी 15 अप्रैल की रात को मेडिकल कराने के लिए ले जाते समय अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या कर दी गई थी।

थाइलैंड में हाइवे किनारे भगवान श‍िव-माँ पार्वती और गणेश प्रतिमा देख दंग रह गए अनुपम खेर, Video शेयर कर कहा- भगवान का आशीर्वाद हर जगह

अनुपम खेर (Anupam Kher) ने थाइलैंड का एक वीडियो सोशल मीडिया में शेयर किया है। एक मिनट का यह वीडियो वायरल है। इस वीडियो में थाइलैंड के एक हाइवे किनारे भगवान महादेव, माता पार्वती और गणेश जी की विशाल प्रतिमा लगी हुई दिख रही है। अभिनेता ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा है कि यह एक अद्भुत अनुभूति थी।

बॉलीवुड के दिग्‍गज एक्‍टर ने अपने ट्विटर हैंडल से बुधवार (19 अप्रैल 2023) को वीडियो शेयर करते हुए लिखा है, “थाइलैंड के व्यस्त हाइवे पर भगवान शिव, माँ पार्वती और भगवान गणेश की विशाल मूर्तियों को देखने का देखकर अद्भुत अनुभूति मिली। भगवान का आशीर्वाद हर जगह है। भले कई बार हम उन्हें सामान्य आँखों से नहीं देख पाते हैं।”

इस वीडियो में बॉलीवुड अभिनेता एक व्‍यस्‍त हाइवे के किनारे खड़े दीखते हैं। वहीं, सड़क की दूसरी ओर शिव परिवार की विशाल प्रतिमा लगी है। वीडियो में अनुपम खेर हाथ जोड़कर कहते हैं, “दोस्तों भारत के देवी-देवताओं की, भारत की परंपरा की, भारत की संस्‍कृति की मर्यादा दुनिया में कितनी अहमियत रखती है, ये मैं आपको आज बताता हूँ। मैं थाइलैंड में हूँ, बैंकॉक से 3-4 घंटे दूर एक हाइवे पर। मैं यहाँ राहू के मंदिर में प्रार्थना करने गया था और देखिए मैंने यहाँ क्‍या देखा।”

इसके बाद वह सड़क के दूसरी ओर भगवान शिव, माँ पार्वती और गणेश जी की प्रतिमा को दिखाते हैं। अनुपम खेर वीडियो में आगे कहते हैं, “जय शिव शंभू। दोस्‍तों ये है भारत की महानता। ये है हमारे देवी-देवताओं की मौजूदगी, जो न केवल हमारे देश में हमें, बल्‍क‍ि विश्‍व के तमाम देश को अपना वरदान, अपना आशीर्वाद देते हैं। जय श‍िव शंभू।”

अभिनेता के फैंस थाइलैंड में भगवान शिव, माँ पार्वती और गणेश जी की प्रतिमा दिखाने के लिए उन्हें धन्यवाद कह रहे हैं। वहीं उनके कमेंट सेक्‍शन में ‘जय श‍िव शंभू’ और ‘जय श्री राम’ लिखने वालों की भरमार है। बता दें कि अनुपम खेर की इस साल फरवरी में ‘शिव शास्त्री बलबोआ’ (Shiv Shastri Balboa) फिल्म रिलीज हुई थी। इसमें उनके साथ नीना गुप्‍ता भी नजर आई थीं।

कौन हैं लॉर्स ब्रोरसन, क्यों जुड़ रहा महुआ मोइत्रा के साथ नाम, आखिर नाम लेने वालों को ब्लाॅक क्यों कर रहीं TMC सांसद: जानिए सब कुछ

उत्तर प्रदेश में असद-गुलाम के एनकाउंटर के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ को ‘अजय बिष्ट’ और ‘मिस्टर ठोंक दो’ कहने वाली टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ट्विटर पर अपना पुराना नाम पढ़कर लोगों को ब्लॉक कर रही हैं। उनकी इस हरकत का खुलासा ट्विटर यूजर्स ने ही किया है।

दरअसल, 13 अप्रैल को असद के एनकाउंटर के बाद से महुआ मोइत्रा लगातार सीएम योगी को ‘अजय बिष्ट’ कह रही हैं। उन्होंने एनकाउंटर के कुछ देर बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में यूपी सीएम के लिए कहा था, “उत्तर प्रदेश के आदरणीय मुख्यमंत्री अजय बिष्ट तो खुद कहते हैं कि गाड़ी पलट जाती है।” इसके बाद महुआ ने कहा था, “उनका नाम अजय बिष्ट है लेकिन वह खुद को योगी कहते हैं।”

इसी तरह अतीक की हत्या के बाद भी वो बार-बार ट्वीट में योगी आदित्यनाथ को ‘अजय बिष्ट’ कहकर बुलाती रहीं।

उनके ऐसे ट्वीट देखकर जब एक ट्विटर यूजर ने उन्हें उनके ट्वीट पर पुराने नाम ‘महुआ मोइत्रा लार्स ब्रोरसन’ लिखा तो वो भड़क गईं और उस यूजर को ब्लॉक कर दिया।

कौन है लॉर्स ब्रोरसन?

बता दें कि महुआ मोइत्रा ने साल 2002 में डेनमार्क के एक फाइनेंसर लार्स ब्रोरसन से शादी की थी और वह स्कैंडेनेविया में उनके साथ रहती थी। लोगों को उनके रिश्ते के बारे में ज्यादा कुछ नहीं पता है। बस ये जानकारी है कि बाद में उनका तलाक हो गया था।

इसी आधार पर हिम्स नाम के यूजर ने महुआ के लिए लिखा, “तुम्हें थोड़ा शांत रहना चाहिए महुआ मोइत्रा लार्स ब्रोरसन।” इसके बाद ही महुआ ने उसे ब्लॉक किया। हालाँकि यूजर ने ब्लॉक करने की जानकारी देते हुए लिखा,

“तो पाखंडी रानी महुआ मोइत्रा मुझे ब्लॉक करके भाग गई क्योंकि मैंने उन्हें उनके पुराने नाम महुआ लार्स ब्रोरसन से बुलाया था। ये औरत योगी आदित्यनाथ को उनके पुराने नामों से बुलाती है तब इसे दिक्कत नहीं होती। ये टीएमसी वाले इतने पाखंडी क्यों होते हैं। “

इस घटना के बाद और यूजर्स भी महुआ को उनके पुराने नाम से बुलाने लगे और अजीब बात यह देखने को मिली कि महुआ लगातार सबको ब्लॉक करने लगीं। कई यूजर ने इस संबंध में ट्वीट करके बताया कि महुआ मोइत्रा को ‘लार्स ब्रोरसन’ कहने के बाद उन्हें महुआ ने ब्लॉक कर दिया।

J&K में हाइवे पर जला सेना का ट्रक, 4 जवानों के मौत की खबर: खराब मौसम के बीच अचानक आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं

जम्मू-कश्मीर में सेना के साथ एक बड़ा हादसा हो गया है। पुंछ-जम्मू नेशनल हाइवे पर तोता गली में सेना की गाड़ी में संदिग्ध परिस्थितियों में भीषण आग लग गई। इस घटना में चार जवानों के शहीद होने की खबर है। घटना की जानकारी मिलते ही सेना के अधिकारी मौके पर पहुँच गए हैं।

आखिरकार सेना की गाड़ी में आग कैसे लगी, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। मामले की जाँच की जा रही है। कुछ मीडिया रिपोर्ट में मृतक जवानों की संख्या 3 बताई जा रही है तो किसी रिपोर्ट में 2 बताई जा रही है। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है।

इस वीडियो में दिख रहा है कि सेना का एक ट्रक बीच सड़क पर बुरी तरह जल रहा है। उसके आसपास कई लोग खड़े हैं। वहीं, कुछ लोग और सैनिक घटनास्थल पर जाते दिख रहे हैं। वहीं, सड़क गीला दिख रहा है। ऐसा लगता है कि वहाँ बारिश हुई है।

पुलिस ने जवानों की मौत का डर जाहिर किया है। हालाँकि, कितने जवानों की मौत हुई है, इसको लेकर कोई बयान नहीं दिया है। सेना ने भी इस मामले में अभी तक कोई बयान नहीं दिया है। कहा जा रहा है कि सेना की गाड़ी जा रही थी। इसी दौरान तोतागली क्षेत्र में अचानक गाड़ी में आग लग गई।

मामले की जाँच की जा रही है कि इसकी वजह क्या है। कहा जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर में मौसम खराब है और भारी बारिश और तेज हवाएँ चल रही हैं। ऐसे में एक आशंका गाड़ी पर बिजली गिरने की भी जताई जा रही है। हालाँकि, तोतागली काफी संवेदनशील एरिया है। इसलिए अन्य ऐंगल से भी इसकी जाँच की जा रही है।

स्टाइल फेम एक्टर साहिल खान और उनकी दोस्त पर FIR: महिला को धमकाया, सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट भी किए

बॉलीवुड अभिनेता साहिल खान (Sahil Khan) और उनकी दोस्त के खिलाफ मुंबई पुलिस ने FIR दर्ज की है। एक कारोबारी की पत्नी ने दोनों के खिलाफ शिकायत की है। कहा है कि उसे जान से मारने की धमकी दी गई है। सोशल मीडिया पर उसके बारे में आपत्तिजनक पोस्ट किए गए हैं। महिला का कहना है कि इसी साल फरवरी में उसका पैसों को लेकर झगड़ा हुआ था। उसके बाद उसे धमकी दी गई।

मुंबई के ओशिवारा पुलिस स्टेशन में महिला की शिकायत पर दोनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 500, 501, 509, 504, 506 और 34 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। कहा जा रहा है कि अभिनेता और उनकी दोस्त दुबई चले गए हैं। उनसे संपर्क करने की कोशिश की जा रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओशिवारा की रहने वाली 43 वर्षीय महिला ने साहिल खान और उनकी दोस्त के खिलाफ मंगलवार (18 अप्रैल 2023) को प्राथमिकी दर्ज कारवाई थी। अपनी शिकायत में बताया है कि फरवरी 2023 में एक जिम में पैसे को लेकर झगड़ा हुआ था। इस दौरान आरोपित महिला और अभिनेता ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया और उसे धमकी दी। पुलिस के अनुसार, साहिल खान और उसकी दोस्त ने शिकायतकर्ता और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ सोशल मीडिया पर अपमानजनक पोस्ट भी किए हैं। आरोपित महिला का शिकायतकर्ता के पति के साथ अफेयर होने और उसके द्वारा भी मामला दर्ज कराने की बात सामने आई है।

बता दें कि खान ने स्टाइल, एक्सक्यूज मी, अलादीन और रामा: द सेवियर सहित कुछ फिल्मों में अभिनय किया है। वह अपने इंस्टाग्राम पर शेयर की गई वीडियो और तसवीरों को लेकर अक्सर विवादों में रहते हैं। पिछले साल अक्टूबर में हिंदू संगठन जय श्री राम सेना ने साहिल खान द्वारा यूट्यूब पर पोस्ट किए गए वीडियो की कड़ी निंदा की थी। वीडियो में अर्धनग्न बार डांसर एक शिव भजन पर डांस करती नजर आई थी। साहिल ने इस वीडियो को इंस्टाग्राम की लाइव स्टोरी में भी पोस्ट किया था। इसको लेकर जय श्री राम सेना ने साहिल खान को कानूनी नोटिस भेजा था, जिसमें माँग की गई थी कि वह गाना बजाने और हिंदुओं को अपमानित करने के लिए माफी माँगे।

‘निकाह कराओ नहीं तो बेटी को उठाकर ले जाऊँगा’: हिंदू छात्रा पर धर्मांतरण का दबाव बना रहा था असद हुसैन, धमकियों से परेशान हो कर ली आत्महत्या

मध्य प्रदेश के इंदौर (Indore, Madhya Pradesh) में एक मुस्लिम युवक द्वारा शादी का दबाव और धमकी से परेशान हिंदू युवती ने आत्महत्या कर ली। घटना मंगलवार (18 अप्रैल 2023) रात की बताई जा रही है। युवती के आत्महत्या की जानकारी मिलने के बाद परिजनों के साथ हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, काजी पलासिया इलाके का रहने वाला आरोपित असद हुसैन (कुछ रिपोर्ट में अस्मत नाम है) और 18 वर्षीया मृतक जया शर्मा एक ही स्कूल में पढ़ते थे। दोनों के बीच दोस्ती हो गई। कुछ दिन बाद असद ने छात्रा से निकाह करने की बात कही। छात्रा ने अलग-अलग धर्म होने की बात कहते हुए निकाह से इनकार कर दिया और असद से दूरी बनाने लगी। लेकिन, असद ने उसका पीछा नहीं छोड़ा।

इस बीच छात्रा ने शहर के एबी रोड स्थित आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज में एडमिशन ले लिया। कॉलेज जाने के दौरान असद उसका पीछा कर परेशान करने लगा। वह छात्रा पर धर्म परिवर्तन कर निकाह करने का दबाव बना रहा था। इससे तंग आकर छात्रा ने कॉलेज जाना बंद कर दिया। छात्रा ने परिजनों को असद के बारे में बताया, लेकिन परिजनों ने बदनामी के डर से मुँह नहीं खोला और पुलिस से शिकायत नहीं की।

असद का हौसला बढ़ता गया और अब वह छात्रा के साथ-साथ परिजनों का भी रास्ता रोकने लगा। छात्रा के पिता ने मीडिया को जानकारी दी कि असद ने एक दिन उनका भी रास्ता रोका था और निकाह न कराने पर बेटी को उठाकर ले जाने की धमकी दी थी।

इस घटना के बाद छात्रा के पिता ने असद के पिता शब्बीर और दादा हैदर को इस बात की जानकारी दी, लेकिन इससे कोई फायदा नहीं हुआ। असद को परिजनों की भी सहमति थी। बता दें मामले में असद के परिजनों को भी आरोपित बनाया गया है।

खबरों के अनुसार, मंगलवार को असद ने छात्रा के ताऊजी के फोन पर मैसेज भेजे। असद ने लिखा था कि यदि उसका निकाह छात्रा से नहीं कराया गया तो वह आत्महत्या कर लेगा और छात्रा व उसके परिवार को फँसा देगा। इसे पढ़ने के बाद छात्रा अपने कमरे में गई और जहरीला पदार्थ खा लिया।

छात्रा को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। छात्रा की मौत के बाद परिजनों ने पुलिस की मदद ली। परिजनों के साथ हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता भी थाने पहुँचे और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की माँग करने लगे। पुलिस ने कहा है कि मामले की जाँच की जा रही है। आरोपितों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।