मंगलवार (11 अप्रैल 2023) की सुबह 8.00 बजे म्यांमार की फौज ने विरोधियों पर ‘एयर स्ट्राइक’ का दावा किया, लेकिन शिकार बनी आम जनता। इस हवाई हमले में महिलाओं और बच्चों समेत 100 से अधिक लोगों के मारे जाने की खबर है। म्यांमार की मिलिट्री जुंटा (Military Junta) की तरफ से हमले की पुष्टि की गई है। बताया जा रहा है कि म्यांमार में सैन्य शासन के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोग एक समारोह में हिस्सा ले रहे थे। इसी दौरान उनपर बम बरसा दिए गए।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सागैंग के कनबालु टाउनशिप इलाके में पजीगी गाँव के पास सैन्य शासन को अस्वीकार करने वाले लोग जुटे हुए थे। विद्रोही गुट के लोग अपने स्थानीय कार्यालय का उद्घाटन कर रहे थे। इस मौके पर औरतों और बच्चों समेत 150 के करीब स्थानीय लोग मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान ही जुंटा आर्मी ने हमला कर दिया।
(2/2) Around 100 people, including many children, in central #Myanmar have been reportedly killed in airstrikes carried out by the ruling junta.@eriknjoka talks to @reporterdavid to understand the situation in Myanmar
प्रत्यक्षदर्शियों ने मीडिया को जानकारी दी कि लड़ाकू विमानों ने भीड़ को निशाना बनाकर बम बरसा दिए। बताया जा रहा है कि हमले में मारे गए 100 से अधिक लोगों में 20-30 बच्चे शामिल हैं। लोगों ने बताया कि बम बरसाने के आधे घंटे बाद एक हेलीकॉप्टर से गोलियाँ भी चलाई गईं। मारे गए लोगों में स्थानीय तौर पर बनाए गए सरकार विरोधी गुट और दूसरे विपक्षी संस्थान के लोग शामिल हैं।
रिपोर्टों के अनुसार म्यांमार सैन्य सरकार के प्रवक्ता ने सरकारी टेलीवीजन पर हमले की बात स्वीकार की है। मंगलवार रात दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा है कि विद्रोही गुट के ऑफिस के उद्घाटन के दौरान हमला किया गया। फौज की तरफ से विद्रोहियों पर सैन्य सरकार के विरुद्ध हिंसक अभियान चलाने की तैयारी का आरोप लगाया। सरकारी प्रवक्ता के अनुसार कुछ मौतों के लिए जिम्मेदार विद्रोहियों द्वारा इलाके में बिछाई गई माइन्स भी हैं।
बता दें कि म्यांमार में 1 फरवरी, 2021 की आधी रात तख्तापलट कर दिया गया था। वहाँ की लोकप्रिय नेता और स्टेट काउंसलर आंग सान सू की और राष्ट्रपति विन मिंट समेत कई नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद पूरे देश में इसके खिलाफ विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए थे। इन प्रदर्शनों को वहाँ की सेना ने क्रूरता पूर्वक दबाया। प्रदर्शनकारियों और सैन्य सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को गोलियों से भून दिया गया।
बॉलीवुड सिंगर मकसूद महमूद अली उर्फ लकी अली (Lucky Ali) ने अपनी विवादित पोस्ट ‘ब्राह्मण इब्राहिम के वंशज हैं’ के लिए माफी माँगी है। गायक ने मंगलवार (11 अप्रैल, 2023) को फेसबुक पर एक नया पोस्ट शेयर कर कहा कि उनकी मंशा किसी को नाराज या आहत करने की नहीं थी। वो अपने बयान के लिए दिल से माफी माँगते हैं। उनका मानना है कि ऐसा उन्होंने केवल सभी लोगों को करीब लाने के लिए किया था।
लकी ने माफीनामा शेयर करते हुए लिखा, “सभी प्रिय लोग, मुझे अपनी पिछली पोस्ट के विवाद का एहसास है। मेरा इरादा किसी को आहत करने या गुस्सा पैदा करने का नहीं था। मुझे इसका गहरा अफसोस है। इसके बजाए मेरा इरादा, हम सभी को एक साथ लाने का था, लेकिन मुझे एहसास हुआ कि मैं बात को उस तरह से नहीं कह पाया, जैसे कहना चाहता था।”
लकी अली की फेसबुक पोस्ट का स्क्रीनशॉट
उन्होंने यह भी कहा, “अब आगे से कुछ भी पोस्ट करते हुए मैं अपने शब्दों के बारे में और भी ज्यादा जागरूक रहूँगा, जैसा कि मैं अब देख रहा हूँ कि मेरे इस बयान ने कई हिंदू भाइयों-बहनों को परेशान कर दिया है। उसके लिए मुझे मुझे गहरा खेद है। मैं आप सभी से प्यार करता हूँ।”
‘ब्राह्मण, इब्राहिम अलैहिस्सलाम के वंशज’
बता दें कि 9 अप्रैल, 2023 को लकी अली ने सोशल मीडिया पर अजीबोगरीब दावा करके विवाद खड़ा कर दिया था। उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट में दावे के साथ कहा था, “ब्राह्मण नाम ब्रह्मा से आया है और ‘ब्रह्मा’ शब्द की उत्पत्ति ‘अब्राम’ से हुई है… जिसे अब्राहम या इब्राहिम से लिया गया है। इसके बाद मकसूद महमूद अली (Maqsood Mahmood Ali) ने आगे लिखा था, “ब्राह्मण इब्राहिम अलैहिस्सलाम के वंशज हैं, जो सभी नेशन के फादर हैं। तो हर कोई आपस में बिना किसी तर्क के बहस और लड़ाई क्यों कर रहा है?”
हालाँकि, अपने दावे की पुष्टि के लिए गायक ने कोई सोर्स भी नहीं दिया था। उनकी विवादित पोस्ट पढ़ने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पर आपत्ति जताई थी। यहाँ तक कि यह अपमानजनक दावा उनके फॉलोअर्स को भी पसंद नहीं आया था। उन्होंने हिंदू धर्म के बारे में उनकी अज्ञानता पर सवाल उठाया और उनसे इस मामले पर कुछ न कहने का आग्रह किया था। विवाद बढ़ने के बाद सिंगर ने अपनी विवादित पोस्ट को डिलीट कर दिया था।
पंजाब में बठिंडा मिलिट्री स्टेशन के भीतर फायरिंग की गई, जिसमें चार जवानों की मौत हो गई है। पूरे कैंटोनमेंट एरिया को सील कर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। कहा जा रहा है कि शूटर सिविल ड्रेस में था। यह भी कहा जा रहा है कि इस घटना के कुछ दिन पहले एक इंसास राइफल और 28 राउंड कारतूस गायब हो गए थे।
भारतीय सेना का कहना है कि फायरिंग में एक आर्टिलरी यूनिट के चार जवान गोली लगने से मौत हो गई। अन्य किसी के घायल होने या संपत्ति के नुकसान की सूचना नहीं है। मामले में पंजाब पुलिस के साथ संयुक्त जाँच की जा रही है। दो दिन पहले गायब हुए 28 राउंड के साथ एक INSAS राइफल के इस घटना में इस्तेमाल के पहलुओं की भी जाँच की जा रही है।
Four army jawans of an artillery unit succumbed to gunshot injuries sustained during the firing incident at Bathinda Military Station. No other injuries to personnel or loss/damage to property reported. The area continues to be sealed off and joint investigations with Punjab… pic.twitter.com/bcOz8l1HEY
भारतीय सेना ने कहा कि इस घटना में जो भी जवान शहीद हुए हैं, उनके परिवारों को जानमाल के नुकसान की सूचना दी जा रही है। पुलिस के सूत्रों का कहना है कि प्रथमदृष्ट्या यह मामला किसी आतंकी घटना का नहीं लग रहा है। हालाँकि, जाँच के बाद ही इसका सही जानकारी सामने आ पाएगी।
पंजाब पुलिस के सूत्रों के हवाले से ANI ने कहा, बठिंडा में आर्मी कैंट के सभी एंट्री गेट बंद कर दिए गए हैं। करीब दो दिन पहले 28 कारतूस वाली एक इंसास राइफल गायब हो गई थी। इस घटना के पीछे सेना के कुछ जवान हो सकते हैं।
All the entry gates of the Army Cantt in Bathinda have been closed. About two days ago one Insas rifle with 28 cartridges had gone missing. Some army personnel may be behind this incident: Punjab Police sources
घटना पंजाब के बठिंडा मिलिट्री स्टेशन की मेस की है। बुधवार (12 अप्रैल 2023) को तड़के 4.35 बजे फायरिंग की गई। इसके बाद अंधेरे का फायदा उठाकर शूटर भागने में कामयाब रहा। कहा जा रहा है कि शूटर सिविल ड्रेस में था। हमलावर की अभी पहचान नहीं हो पाई है। वहीं, क्विक रिएक्शन टीम (QART) अपराधी की तलाश में जुटी है।
#WATCH | Visuals from outside Bathinda Military Station where four casualties have been reported in firing inside the station in Punjab; search operation underway pic.twitter.com/jgaaGVIdMS
आर्मी कैंट के भीतर सैनिकों के परिवार भी रहते हैं। इसके साथ ही इसमें स्कूल भी है। इस घटना के बाद सेना ने सभी लोगों को अपने-अपने घरों में रहने के लिए कहा है। इसके साथ ही कैंट के भीतर स्थित स्कूल को भी बंद कर दिया गया है।
बता दें कि बठिंडा कैंट एशिया की सबसे बड़ी सैनिक छावनी है। इसकी बाउंड्री करीब 45 किलोमीटर की है। यहाँ का एम्युनिशन डिपो देश के सबसे बड़े डिपो में से एक है। इसलिए पुलिस और सेना हर ऐंगल से जाँच कर रही है। इसमें आतंकी हमला, जवानों की आपसी फायरिंग या फिर तलाशी अभियान के दौरान संदिग्ध की फायरिंग के एंगल से जाँच की जा रही है।
बठिंडा के एसएसपी गुलनीत खुराना ने कहा कि रक्षा प्रतिष्ठान द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस समय किसी आतंकी खतरे का संदेह नहीं है। उन्होंने कहा कि सैन्य स्टेशन के अधिकारियों द्वारा अभी तक पीड़ितों की पहचान की पुष्टि नहीं की गई है।
SSP खुराना ने आगे कहा, “प्रारंभिक जानकारी में कहा गया है कि सेना के कुछ लोगों ने एक-दूसरे पर अंधाधुंन गोलियाँ चलाईं। इसमें चार लोगों की मौत हो गई। प्रारंभिक तौर पर किसी तोड़फोड़ की आशंका नहीं है, लेकिन विवरण की प्रतीक्षा है।”
पंजाब में फायरिंग और 4 जवानों की हत्या को देखते हुए स्थिति पर सेना प्रमुख मनोज पांडे खुद नजर बनाए हुए हैं। सेना प्रमुख खुद हर बात की जानकारी ले रहे हैं। इसके बाद पांडे घटना की जानकारी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को देंगे। इस संबंध में रक्षा मंत्री ने सेना प्रमुख से रिपोर्ट माँगी है।
बिहार के मोतिहारी में एक मूक-बधिर युवती से गैंगरेप का मामला सामने आया है। मुर्गी फार्म में बंधक बनाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया। विरोध करने पर पीड़िता की पिटाई भी की गई। इस मामले में 4 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। गिरफ्तार आरोपितों में मुर्गी फार्म का मालिक मोहम्मद अरमान, उसका स्टाफ मोहम्मद इकबाल, शौकत अली और नुरुल हुदा शामिल हैं। नुरुल हुदा मूल रूप से नेपाल का रहने वाला बताया जा रहा। घटना का खुलासा मंगलवार (11 अप्रैल 2023) को हुआ है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला रक्सौल थाना क्षेत्र का है। यहाँ सैनिक रोड पर मोहम्मद अरमान का मुर्गी फार्म ‘अरमान चिकन हाउस’ नाम से है। यहाँ वह अंडे के साथ मुर्गे का गोश्त बेचता है। घटना के दिन 23 साल की मूक-बधिर लड़की अरमान के मुर्गी फार्म के आगे से गुजर रही थी। इस दौरान अरमान के साथ 3 अन्य युवक उस लड़की को पकड़कर चिकन सेंटर में ले गए। चारों ने बारी-बारी से रेप किया।
कहा जा रहा है आरोपितों ने 8 अप्रैल को लड़की को बंधक बनाया था। 10 अप्रैल को वह उनके चंगुल से निकलने में कामयाब हुई। इस बीच उसके साथ कई बार रेप किया गया। घर पहुँचने के बाद उसने इशारों में परिजनों को अपने साथ हुई दरिंदगी की जानकारी दी। लड़की के शरीर पर चोट के निशान भी थे। मामले की जानकारी होते ही ग्रामीण नाराज हो गए।
मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार के मुताबिक घटना में शामिल 4 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनके नाम मोहम्मद अरमान, मोहम्मद इकबाल, शौकत अली और नेपाल के नुरुल हुदा हैं। मामले में आगे की जाँच की जा रही है। पुलिस ने घटनास्थल से सबूत के तौर पर कपड़े व अन्य जरूरी चीजें भी बरामद कर ली गई हैं। वायरल तस्वीरों में मोहम्मद अरमान के मुर्गी फार्म पर 2 बड़े लाऊडस्पीकर भी लगे दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने अरमान का फार्म हाउस भी सील कर दिया है। SP के मुताबिक पीड़िता का मेडिकल परीक्षण करवाया जा रहा है और उसे मुआवजा आदि दिलाने का भी प्रयास किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश की आगरा पुलिस ने गुरुवार (6 अप्रैल, 2023) को एक प्रेसनोट जारी करते हुए 2 गोहत्यारों की गिरफ्तारी की पुष्टि की थी। इन आरोपितों के नाम इमरान कुरैशी और शानू उर्फ़ इल्ली है। पुलिस ने इस मामले में साजिशकर्ताओं के तौर पर मनीष जाट, सौरभ शर्मा, ब्रिजेश भदौरिया, जितेंद्र और अजय का नाम बताया है। ये सभी लोग कथित तौर पर खुद को ‘हिन्दू महासभा’ से जुड़ा हुआ बताते हैं। जितेंद्र खुद इस मामले में दर्ज FIR में शिकायतकर्ता है, लेकिन पुलिस उसे साजिश का एक हिस्सा बता रही है।
इस मुद्दे पर कुछ राजनीतिक दलों के साथ मीडिया संस्थानों ने हिन्दू संगठनों को भी बदनाम करने का प्रयास किया। ऑपइंडिया ने सभी पक्षों से बात कर के इस पूरे मामले की जमीनी पड़ताल की।
कहाँ से हुई शुरुआत
इस पूरे मामले की शुरुआत 30 मार्च 2023 (गुरुवार) को हुई, जब रात 1 बजे खुद को ‘हिन्दू महासभा’ का सदस्य बताने वाले जितेंद्र ने आगरा पुलिस एत्माद्दौला थाना क्षेत्र में गोहत्या की FIR दर्ज करवाई। इस FIR में उन्होंने रिज़वान, नक़ीम, बिज्जू और शानू को नामजद किया। अपनी शिकायत में जितेंद्र ने बताया था कि घटना के दिन उन्हें विशेष सूत्रों से गौतम नगर गुफा के पास चारों नामजद आरोपितों द्वारा झाड़ियों में गाय को काट कर उसका माँस बेचने सूचना मिली थी।
दावा था कि इस सूचना पर जितेंद्र अपने साथियों विशाल और मनीष पण्डित के साथ मौके पर गए तो देखा कि आरोपित कटी गाय छोड़ कर भाग गए थे। जितेंद्र ने आरोपितों को शातिर गोहत्यारे बताते हुए पुलिस से कड़ी कार्रवाई की माँग की थी। पुलिस ने यह FIR गोहत्या निवारण अधिनियम उत्तर प्रदेश की धारा 3/5/8 के साथ IPC की धारा 429 के तहत दर्ज किया और जाँच शुरू कर दी। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।
पुलिस जाँच में कुछ और ही निकला
आगरा पुलिस के मुताबिक, इसी केस की जाँच के दौरान 5 अप्रैल, 2023 को उन्हें गोहत्या में शामिल 5 आरोपितों के शहर में होने की सूचना मिली। साथ ही इनके 1 बाइक व 1 स्कूटी से शहर से भागने की भी तैयारी का पता चला। पुलिस ने दबिश दी तो स्कूटी सवार 2 आरोपित दबोच लिए गए। इनके नाम शानू और इमरान कुरैशी हैं। इमरान को कुछ लोग ठाकुर नाम से भी जानते हैं। उस पर आगरा में पहले से 3 मुकदमे दर्ज हैं। जबकि दूसरे आरोपित शानू पर भी आगरा में पहले से 6 केस हैं। इसमें से अधिकतर केस गोहत्या के ही हैं। इस दौरान सलमान व एक अन्य आरोपित फरार होने में सफल रहे।
जब पुलिस ने पकड़े गए दोनों आरोपितों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि उनका आगरा के ही रहने वाले नकीम, बिज्जो, रिजवान और शानू से पुराना झगड़ा है। आरोपितों को शक था कि आगरा नगर निगम में काम करने वाले नकीम ने कुछ समय पहले झल्लू और इमरान की मुखबिरी करके जेल भिजवाया था। तभी से दोनों आरोपित नकीम, उसके परिजनों व साथियों को सबक सिखाने का प्लान बना रहे थे। इसी प्लान के तहत उन्होंने 29 मार्च 2023 की रात खुद गाय काट कर उसमें नकीम, रिज़वान आदि को फँसाने की तैयारी की थी।
इस साजिश को अंजाम देने के लिए शानू और इमरान आदि ने गौतम नगर में गुफा के पास खाली पड़े मैदान में घूम रही एक बेसहारा गाय को काट दिया।
संजय जाट की टीम ने बनाया विपक्षी के खिलाफ माहौल
इस पूरे मामले में विवाद का मुख्य केंद्र संजय जाट, सौरभ शर्मा, ब्रिजेश भदौरिया, अजय और जितेंद्र को पकड़े गए गोकशों ने अपने विपक्षी के खिलाफ माहौल बनाने में प्रयोग किया। गिरफ्तार गोकशों का दावा है कि संजय जाट और उनके साथियों को इस घटना की पहले से जानकारी थी और उन्हें गोकशी के बाद विपक्षियों के खिलाफ माहौल बनाने व FIR दर्ज करवाने के लिए तैयार किया गया था। दावा यह भी है कि घटना से पहले और बाद में इमरान, शानू, सलमान आदि ने फोन पर लगातार बात की और व्यक्तिगत तौर पर मुलाकात भी की थी।
घटना के बाद तय प्लान के मुताबिक जितेंद्र ने गोहत्यारों के विपक्षियों पर FIR दर्ज करवाई और उनके बाकी अन्य साथियों ने रिज़वान, नकीम आदि की गिरफ्तारी के लिए दबाव बनाया।
इस मामले में पहले इमरान कुरैशी और शानू उर्फ़ इल्ली को गिरफ्तार किया गया है, जबकि ताज़ा अपडेट ये है कि 5 गिरफ्तारियाँ हुई हैं। इस केस साजिश का खुलासा होने के बाद पुलिस ने IPC की धारा 120 बी और धोखाधड़ी की धारा 420 की बढ़ोत्तरी की है। अभी तक सलमान और अन्य फरार चल रहे है। एक फरार आरोपित का नाम पहले पुलिस ने झल्लू बताया था लेकिन वो पहले से जेल में बंद मिला। हालाँकि, पुलिस ने बाद में सफाई देते हुए झल्लू का नाम खुद गिरफ्तार आरोपितों द्वारा झूठा बताए जाने की बात कही।
पुलिस को इसी मामले में कथित तौर पर साजिश में शामिल जितेंद्र, संजय जाट, सौरभ शर्मा, ब्रिजेश भदौरिया और अजय की भी तलाश है। ऑपइंडिया के पास पुलिस प्रेसनोट मौजूद है।
‘हिन्दू महासभा’ का चक्रपाणि गुट करा रहा है आंतरिक जाँच
इस मामले में जिस संजय जाट और उनके अन्य साथियों के नाम सामने आए हैं, वो ‘हिन्दू महासभा’ के चक्रपाणि गुट से जुड़े बताए जा रहे। इस समूह के प्रदेश अध्यक्ष ऋषि त्रिवेदी ने पुलिस की थ्योरी पर शंका जताते हुए संगठन द्वारा आंतरिक जाँच जारी होने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जाँच के बाद अंतिम निष्कर्ष को प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए बताया जाएगा। हालाँकि, उन्होंने पुलिस पर घटनास्थल पर देर से पहुँचने और संजय जाट के अलावा खुद और अपने साथियों को बेगुनाह बनाने की भी बात कही।
ऑपइंडिया ने इस मामले में जितेंद्र और संजय जाट का पक्ष जानने के लिए उनके नम्बरों पर सम्पर्क किया तो पहले तो थोड़ी देर तक फोन ऑन थे, लेकिन बाद में उनके फोन ऑफ़ बताने लगे।
पुलिस ने पक्के सबूत का किया दावा
ऑपइंडिया ने इस मामले की जानकारी SHO एत्माददौला इंस्पेक्टर राजकुमार से ली। उन्होंने बताया कि सिर्फ किसी एक व्यक्ति के बयान पर पुलिस ने संजय जाट व उनकी टीम के अन्य सदस्यों को संदिग्ध नहीं माना है, बल्कि उनके खिलाफ ठोस सबूत मौजूद हैं। पुलिस की कार्यशैली को शत प्रतिशत निष्पक्ष बताते हुए इंस्पेक्टर राजकुमार ने बताया कि पुलिस की सक्रियता के चलते ही रामनवमी जैसे अवसर पर तमाम साजिशों के बाद भी किसी भी प्रकार की कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
संजय जाट पर 1 दर्जन से ज्यादा मुकदमे, हिन्दू संगठनों ने उसे नकारा
मामले में साजिशकर्ता के तौर पर बताए जा रहे संजय जाट को थाना प्रभारी ने पहले से 14 मुकदमों में वांछित बताया। ये केस सिर्फ आगरा ही नहीं बल्कि आस-पास के जिलों में भी बताए गए। इसी के साथ हमें संजय जाट के कुछ ही समय पहले आगरा में रंगदारी माँगने के एक मामले में जेल जाने की भी जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, वो मामले की संवेदनशीलता को समझते है और पूरी कार्रवाई सबूतों के आधार पर ही आगे बढ़ रही है।
ऑपइंडिया से बात करते हुए आगरा में ‘बजरंग दल’ के एक कार्यकर्ता ने नाम न उजागर करने की शर्त पर संजय जाट और उनके साथियों की कार्यशैली को पहले ही सवालों के घेरे में बताया। उन्होंने आरोपित टीम को मनमाने तौर पर काम करने वाले लोग बताया। इसी के साथ SHO एत्माददौला ने भी ऑपइंडिया को बताया कि ‘हिन्दू महासभा’ व अन्य सच्चे हिन्दू संगठन सदस्य संजय जाट व साजिश में शामिल अन्य लोगों को अपने समूह का मानने से इनकार कर चुके हैं।
मीडिया का वामपंथी समूह फैला रहा भ्रम
इस मामले में मीडिया के वामपंथी समूह और कुछ राजनैतिक दलों ने भ्रम फैलाते हुए यह स्थापित करने की कोशिश की है कि मुस्लिम युवकों को फँसाने के लिए ‘हिन्दू महासभा’ के सदस्यों के गाय कटवाई थी। राहुल ईश्वर, प्रशांत भूषण, राना अय्यूब, ‘आम आदमी पार्टी (AAP)’ के सौरभ भरद्वाज, द वायर, समाजवादी पार्टी मीडिया सेल, स्क्रॉल, मनीषा पांडे आदि ने अपनी हेडलाइन में गाय काटने वाले सलमान, इमरान, शानू आदि का नाम नहीं लिया है।
खास बात यह भी है कि वामपंथी और इस्लामी यूजर्स पुलिस गिरफ्त में खड़े जिन लोगों की फोटो शेयर कर रहे हैं वो इमरान और शानू हैं, न कि हिन्दू महासभा के सदस्य।
वामपंती संगठनों और लोगों द्वारा फैलाया जा रहा भ्रम
उपरोक्त सभी व कुछ अन्य ने गाय काटने की वजह मुस्लिमों को हिन्दुओं द्वारा फँसाने की साजिश बताया है। हालाँकि, पुलिस के खुलासे के मुताबिक, यह विवाद मुस्लिम बनाम मुस्लिम था जिसमें कथित तौर पर हिन्दू संगठनों से जुड़े लोगों ने सहयोगी की भूमिका निभाई है। यहाँ यह भी गौर करने योग्य है कि गाय को काटने वाले युवक इमरान और शानू मुस्लिम हैं जिन्होंने रिज़वान आदि से अपनी पुरानी दुश्मनी निकालने के लिए कथित तौर पर कुछ हिन्दुओं को केस दर्ज करवाने के लिए अपने साथ मिलाया था।
अपडेट: थाना एत्माद्दौला पुलिस ने गौकशी के मामले में कथित हिंदूवादी नेता संजय जाट, सौरभ शर्मा, ब्रजेश भदौरिया व जितेंद्र कुशवाह को गिरफ्तार कर लिया है।
झारखंड के एक स्कूल में ‘जय श्रीराम’ (Jai Shri Ram) बोलने पर पूरी कक्षा को दो दिनों के लिए सस्पेंड करने का मामला सामने आया है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने शिक्षा विभाग से मामले की जाँच कर कार्रवाई की माँग की है। वहीं स्कूल की प्रिंसिपल का कहना है कि अनुशासनहीनता और शिक्षक का आदेश नहीं मानने पर छात्रों पर कार्रवाई की गई थी।
दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार यह मिशनरी स्कूल बोकारो जिले के गोमिया में है। लोयोला स्कूल की प्रिंसिपल ने कथित तौर पर जय श्रीराम बोलने के कारण 10वीं कक्षा के सभी छात्रों को दो दिन के लिए सस्पेंड कर दिया। 11 अप्रैल 2023 को इन छात्रों के अभिभावकों से भी स्कूल में आने को कहा गया था। उसके बाद यह मामला प्रकाश में आया।
विहिप धनबाद विभाग के मंत्री विनय कुमार ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र लिखा है। जाँच कर कार्रवाई करने को कहा है। उनका कहना है कि 5 अप्रैल को कक्षा के दौरान किसी बच्चे ने जय श्रीराम बोल दिया। इसके बाद सजा के तौर पर कक्षा के सभी छात्रों को तत्काल अगले चार पीरियड के लिए सस्पेंड कर दिया। फिर यह सजा छह अप्रैल तक के लिए बढ़ा दी गई। रिपोर्ट में स्कूल की प्रिंसिपल अलिशा मंजुनी के हवाले से कहा गया है कि छात्रों को एक ही दिन के लिए ही सस्पेंड किया गया था। उन्होंने यह भी कहा है कि सभी बच्चों पर यह कार्रवाई नहीं की गई थी। ABP न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार मामला राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के संज्ञान में भी लाया गया है। कलेक्टर ने स्कूल को नोटिस जारी किया है।
इससे पहले झारखंड के गिरिडीह जिले के एक सरकारी स्कूल से भी इसी तरह का मामला सामने आया था। इस घटना में कक्षा के ब्लैकबोर्ड पर ‘जय श्रीराम’ लिखने के कारण में छात्र की बेरहमी से पिटाई की गई थी। गिरिडीह के पालमो पंचायत के उत्क्रमित मध्य विद्यालय की यह घटना थी। चौथी कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र ने 8 जुलाई 2022 को ब्लैक बोर्ड पर जय श्रीराम लिख दिया था। उसके अगले दिन प्रिंसिपल मोहम्मद अबुल कलाम ने उसे जमकर पीटा था।
पंजाब में एक मिलिट्री स्टेशन के भीतर फायरिंग की खबरें आ रही है। इस घटना में चार की मौत हो गई है। बठिंडा मिलिट्री स्टेशन में फायरिंग के कारणों का अब तक पता नहीं चल पाया है। पूरे कैंटोनमेंट एरिया को सील कर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार फायरिंग की घटना सुबह 4 बजकर 35 मिनट पर हुई। क्विक रिएक्शन टीमों को अलर्ट किया गया है। बठिंडा के एसएसपी जीएस खुराना के हवाले से एनडीटीवी ने बताया है कि यह आतंकी हमला नहीं है। उनके अनुसार पुलिस मिलिट्री स्टेशन के बाहर इंतजार कर रही है। आर्मी ने उन्हें भीतर जाने की अनुमति नहीं दी है।
Punjab | Four casualties reported in a firing incident in the early hours of the morning around 0435 hours inside Bathinda Military Station today. The Station Quick Reaction Teams were activated and the area was cordoned off and sealed. Search operation in progress: HQ SW Command pic.twitter.com/yTMAjAQAD2
इंडिया टुडे ने भी बठिंडा एसएसपी के हवाले से आतंकी घटना से इनकार किया है। सूत्रों के हवाले से बताया है कि फायरिंग की घटने मिलिट्री स्टेशन से एक आर्टिलरी यूनिट में हुई है। इस इलाके में सैनिकों के परिवार भी रहते हैं। अभी इस घटना को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तार से जानकारी नहीं आई है। जानकारी आने के बाद हम इस खबर को अपडेट करेंगे।
सोशल मीडिया में एक कहानी तेजी से वायरल हो रही है। इसमें एक महिला ने दावा किया है कि मुस्लिम होने के कारण स्कूल में उसकी बेटी के मुँह पर एक हमउम्र लड़की ने थूक दिया। हिंदुओं को निशाना बनाते हुए गिरोह विशेष के यूजर्स इस कहानी को शेयर कर रहे हैं। वैसे इस कहानी की सच्चाई तो जाँच से ही सामने आएगी, लेकिन हमने पाया कि जिस मुस्लिम बच्ची को ‘पीड़ित’ बताया जा रहा है उसकी अम्मी खुद सोशल मीडिया में हिंदुओं के खिलाफ जहर उगलती रहती है। हिंदू संतों, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर अपनी नफरत का सार्वजनिक तौर पर प्रदर्शन करती रहती है।
वायरल पोस्ट में क्या कहा गया है
अबीरा दिल्ली (Abeera Delhi) नाम के प्रोफाइल से यह कहानी 11 अप्रैल 2023 को पोस्ट की गई है। इसमें कहा गया है, “आज मेरी बेटी का नए स्कूल में दूसरा दिन था। आज मेरी बेटी ने घर आते ही मुझसे रोते हुए पूछा मम्मा ‘हम मुस्लिम लोग बहुत गंदे होते हैं’। मैं हैरान थी उसके मुँह से ये बातें सुनकर। मैंने उससे पूरी बात सुनी तो मुझे मालूम हुआ की आज मेरी बेटी अबीरा इरशाद को उसकी ही हमउम्र लड़की ने जो की उसके पास ही बैठी थी, उससे ये सवाल किया और उसके मुँह पर थूक दिया।”
वायरल पोस्ट का स्क्रीनशॉट
यह घटना किस स्कूल की है, इसका पोस्ट में जिक्र नहीं किया गया है। केवल इतना बताया गया है कि स्कूली काफी नामी है। यह भी कहा गया है कि इसमें स्कूल प्रशासन का कोई दोष नहीं दिखता, क्योंकि अबीरा की शिकायत पर ऐसा करने वाली लड़की को टीचर ने समझाया। लेकिन पोस्ट में हिंदुओं को लेकर अपनी नफरत का प्रदर्शन करते हुए अबीरा की अम्मी ने लिखा है, “नफरत का जहर मासूम बचपन को अपनी गिरफ्त में ले चुका है। इतने बड़े स्कूल में बच्चे संभ्रात पढ़े-लिखे परिवार से आते होंगे। अब सवाल है कि आखिर उस बच्ची को अभी से नफरती परमाणु बम क्यों बनाया जा रहा है। इस सबका दोष किसे दूँ? उस मासूम बच्ची के माँ-बाप को? भगवा ब्रिगेड को या फिर दिन रात हिंदू-मुस्लिम करने वाले जॉम्बीज को?”
हिंदुओं को टारगेट कर रहा गिरोह
सोशल मीडिया में सक्रिय तमाम प्रोपेगेंडाबाज जो खुद को लेखक, पत्रकार वगैरह बताते रहते हैं, इस कहानी को शेयर कर रहे हैं। इनमें से कई ने अबीरा को अपनी ‘करीबी का बेटी’ बताया है। हिंदुओं को निशाना बनाया है। इनमें से कुछ पोस्ट में यह स्कूल दिल्ली का ‘तक्षशिला पब्लिक स्कूल’ बताया गया है। नीचे आप ऐसे कुछ पोस्ट का स्क्रीनशॉट देख सकते हैं।
अबीरा की अम्मी खुद हिंदू घृणा में सनी
अबीरा दिल्ली नामक फेसबुक यूजर के प्रोफाइल को ऑपइंडिया ने खंगाला। यूजर ने खुद को प्राॅड्यूसर/डायरेक्टर बताया है। भले यह प्रोफाइल अबीरा इरशाद के नाम बनी हो, जिसे ‘पीड़ित’ बच्ची बताया जा रहा, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि सारे पोस्ट अबीरा की अम्मी करती हैं। हमने पाया कि जितने भी पोस्ट किए गए हैं वह हिंदुओं को नीचा और मुस्लिमों को पीड़ित दिखाने के इरादे से किया गया है। हिंदू संतों को लेकर भी पोस्ट करने वाली की घृणा साफ दिखाई पड़ती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लिए भी आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया है। हमें कई पोस्ट ऐसे मिले जो गलत संदर्भों के साथ पोस्ट किए गए हैं, जिनके तथ्यों के साथ छेड़छाड़ की गई है। कुछ पोस्ट का फैक्टचेक भी हो चुका है। फेसबुक प्रोफाइल से हमें यह भी पता चला कि अबीरा की अम्मी ट्विटर पर @SocialNagar हैंडल से सक्रिय हैं। यहाँ भी फेसबुक वाली घृणा और प्रोपेगेंडा ट्वीट्स में नजर आते हैं। हिंदू संतों के खिलाफ घृणा से भरे कुछ पोस्ट आप नीचे देख सकते हैं,
अबीरा के अब्बू से भी मिल लीजिए
‘अबीरा दिल्ली’ प्रोफाइल को खंगालते हुए हमें यह भी पता चला कि अबीरा के अब्बू इरशाद दिल्लीवाला (Irshad DilliWala) हैं। फेसबुक पर उन्होंने खुद को संपादक, लेखक, फिल्मकार वगैरह बता रखा है। उनके सोशल मीडिया पोस्ट्स में भी अबीरा की अम्मी की तरह ही नफरत और प्रोपेगेंडा झलकता है। इरशाद ने अपने पोस्ट में अबीरा के मुंह पर थूकने वाली बच्ची का नाम काव्या बताया है।
अबीरा के अब्बू इरशाद ने थूक फेंकने वाली लड़की का नाम काव्या बताया है
मुस्लिम होने के कारण थूकने वाली ‘कहानी’ में कितनी सच्चाई है, यह तो जाँच का विषय है। लेकिन इसे जिस नीयत से बढ़ाया जा रहा है, उससे इसकी सत्यता पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। अतीत में हम कई बार देख चुके हैं कि गिरोह विशेष के लोग अपने एजेंडा और प्रोपेगेंडा को बढ़ाने के लिए बच्चों का दुरुपयोग करते रहे हैं। इस मामले में भी यह आशंका दिख रही है। हिंदू बच्चों और उनके माँ-बाप की परवरिश को लानत भेजने वालों को साोशल मीडिया में अबीरा की अम्मी और अब्बू द्वारा फैलाए जा रहे ‘जहर’ को देखना चाहिए। उनसे पूछना चाहिए कि मासूम अबीरा के मन में वे क्यों नफरत भर रहे हैं?
झारखंड में हेमंत सोरेन की सरकार की नीतियों और कार्यशैली के खिलाफ भाजपा ने मंगलवार (11 अप्रैल 2023) को सचिवालय का घेराव है। इस राजनीतिक प्रदर्शन को हेमंत सरकार बर्दाश्त नहीं कर पाई और भाजपा कार्यकर्ताओं पर जमकर लाठियाँ बरसाई गईं। इस क्रूरता में भाजपा के कई नेताओं को गंभीर चोटें आई हैं।
इस दौरान शहर के धुर्वा गोलचक्कर इलाके की बैरिकेडिंग कर दी गई है। यह रास्ता सीधे सचिवालय की तरफ जाता है। CRPF की रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की महिला कंपनी, झारखंड पुलिस की रैपिड एक्शन पुलिस (JRAP), SISF और झारखंड जगुआर के जवानों को तैनात किया गया था।
प्रदर्शन कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं पर सुरक्षा बलों ने जमकर लाठियाँ बरसाईं, जिसमें कई लोग घायल हो गए। भाजपा नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने घायल लोगों की तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत पर भी हमला बोला है।
रघुवर दास ने लिखा, “तालिबानी मानसिकता वाली हेमंत सरकार ने भाजपा के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर लाठियाँ और आँसू गैस के गोले बरसाए। हमारे कार्यकर्ता बड़ी संख्या में घायल हुए हैं। घायल कार्यकर्ताओं से मिलने अस्पताल गया। उनका कुशल क्षेम पूछा। ईश्वर की कृपा से किसी को भी गंभीर चोट नहीं आई है।”
तालिबानी मानसिकता वाली हेमंत सरकार ने भाजपा के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर लाठियां और आंसू गैस के गोले बरसाए। हमारे कार्यकर्ता बड़ी संख्या में घायल हुए हैं।
घायल कार्यकर्ताओं से मिलने अस्पताल गया। उनका कुशल क्षेम पूछा। ईश्वर की कृपा से किसी को भी गंभीर चोट नहीं आई है। pic.twitter.com/O6r1RYjYTG
दरअसल, इस प्रदर्शन में राज्य भर से भाजपा के कार्यकर्ता शामिल हुए। भाजपा कार्यकर्ता ने राँची पहुँचकर हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने ‘कोने-कोने से आ रही आवाज़, हेमंत हटाओ, झारखंड बचाओ’, ‘तख्त बदल दो-ताज बदल दो, बेईमानों का राज बदल दो’, ‘हेमंत सरकार मुर्दाबाद’ और ‘हमंत सोरेन की तानाशाही नहीं चलेगी’ जैसे नारे लगाए गए।
भाजपा ने इस प्रदर्शन का फेसबुक पर लाइव प्रसारण भी किया था। भीड बढ़ता देखकर सुरक्षाबलों ने ना सिर्फ लाठी चार्ज किया, बल्कि भाजपा कार्यकर्ताओं पर पानी की बौछार और आँसू गैस के गोले भी दागे। हालाँकि, भाजपा कार्यकर्ता पीछे हटने के लिए तैयार नहीं थे।
इस दौरान राँची से सांसद संजय सेठ को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। इस प्रदर्शन में बाबूलाल मरांडी, रघुवर दास, संजय सेठ सहित भाजपा के प्रमुख नेता उपस्थित थे।
भाजपा ने अपने ट्विटर पर लिखा कि शांतिपूर्ण तरीके से भाजपा द्वारा किये जा रहे विरोध प्रदर्शन को हेमंत सरकार पुलिस के लाठियों के दम पर दबाना चाहती है, लेकिन भाजपा कार्यकर्ता इनके इस कायराना हरकत से डरने वाला नहीं ह। इस सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए और भी मजबूती से संघर्ष करेगा।
बता दें कि हेमंत सोरेन की सरकार में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। इतना ही नहीं, हिंदू त्योहारों में जमकर उत्पात मचाई जा रही है। इसमें हेमंत सरकार की पुलिस अपराधियों के खिलाफ खुलकर कार्रवाई नहीं कर पा रही है।
लालू प्रसाद के बेटे और बिहार सरकार में मंत्री तेज प्रताप यादव का एक वीडियो वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि वीडियो वाराणसी का है। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक शख्स घुटने के बल बैठकर माफी माँग रहा है। बताया जा रहा है कि माफी माँग रहा शख्स कोई और नहीं बल्कि आर्केडिया होटल के मैनेजर हैं जहाँ कुछ दिनों पहले तेज प्रताप ठहरे हुए थे और देर रात को होटल से निकाल दिए गए थे। इस मामले पर होटल प्रबंधन या तेज प्रताप के तरफ से कुछ भी नहीं कहा गया है।
तेज प्रताप यादव के पैरों में गिरकर माफी माँगते दिखे बनारस में अर्काडिया होटल के मैनेजर, शुक्रवार रात होटल से निकालने के मामले में सामने आया नया वीडियो. pic.twitter.com/LI274V9Vk7
वायरल हो रहे वीडियो में बिहार सरकार के मंत्री तेज प्रताप यादव वाराणसी के होटल आर्केडिया के मैनेजर संदीप पॉलीथ से घुटने पर गिरवाकर माफी मँगवाते दिख रहे हैं। पास में ही होटल के अन्य दो स्टाफ भी खड़े हैं। वायरल हो रहा वीडियो काफी छोटा है।
बता दें कि वाराणसी के निजी दौरे पर पहुँचे तेज प्रताप ने आरोप लगाया था कि वे होटल आर्केडिया में ठहरे हुए थे। शुक्रवार (7 अप्रैल, 2023) की रात जब वे लौटकर आए तो उनका सामान कमरे में न होकर रिसेप्शन पर रखा हुआ था। आरोप है कि होटल कर्मचारियों ने बिना किसी सूचना के तेज प्रताप की सुरक्षा में तैनात जवानों के कमरे से सारा सामान बाहर निकाल दिया था। इस संबंध में तेज प्रताप के सहायक मिशान सिन्हा ने वाराणशी के सिगरा थाने में होटल प्रबंधन के खिलाफ दुर्व्यवहार का मामला दर्ज कराया था।
10 अप्रैल को आर्केडिया होटल के मैनेजर ने इस पूरे विवाद पर सफाई दी थी। रिपोर्टों के मुताबिक मैनेजर ने तेज प्रताप को पहले ही होटल में चेक इन और चेक आउट की तारिख बता दी थी। तब तेज प्रताप यादव को कमरा 6 अप्रैल के लिए बता कर दिया गया था क्योंकि 7 और 8 अप्रैल को उसमें किसी और की बुकिंग पहले से हो रखी थी। होटल प्रबंधन के मुताबिक तेज प्रताप ने अगले दिन कमरा खाली नहीं किया जिस से एडवांस बुकिंग किए गेस्ट होटल में पहुँच कर कई घंटों तक इन्तजार करते रहे।
होटल मैनेजर ने जानकारी दी थी कि तेज प्रताप ने 2 कमरे बुक कराए थे। पहला कमरा खुद उनके लिए और दूसरा उनके सहयोगियों के लिए था। सफाई में बताया गया है कि जिस सामान को निकालने का आरोप तेज प्रताप लगा रहे हैं, वह उनके सहयोगियों के कमरे का था। होटल प्रबंधन के अनुसार इस कार्रवाई की रिकॉर्डिंग भी करवाई गई है। तेज प्रताप यादव पर होटल में कमरे के लिए अपनी ID प्रूफ न जमा कराने और बिल का भुगतान न करने का भी आरोप लगाया गया था।
बता दें फिलहाल यह जानकारी सामने नहीं आ सकी है कि तेज प्रताप ने अब तक बिल का भुगतान किया है या नहीं।