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पोल्स आ गई पोल्स… अब ‘पंजाब किंग्स’ ने अमृतपाल को किया ट्रॉल? शिखर धवन का वीडियो देख बोले लोग – ये सच्चे पंजाबी, रो देंगे खालिस्तानी

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2023) के बीच सोशल मीडिया पर पंजाब किंग्स (Punjab Kings) के खिलाड़ियों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें पंजाब किंग्स के खिलाड़ी ताश खेलते नजर आ रहे हैं। 9 सेकेंड के इस वीडियो को सोशल मीडिया पर जमकर शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो को पंजाब किंग्स के ट्विटर हैंडल से भी पोस्ट किया गया है।

वीडियो में पंजाब किंग्स के कप्तान शिखर धवन के साथ राहुल चहर और हरप्रीत बरार दिखाई दे रहे हैं। तीनों खिलाड़ी ताश खेल रहे होते है तभी पुलिस आ धमकती है। जिसके बाद राहुल चहर और हरप्रीत बरार पंजाबी एक्सेंट में ‘पुलिस आ गई पुलिस’ कहते हुए भागते दिखाई देते हैं। शिखर बैठे रह जाते हैं। साथियों से कहते हैं आ जाओ ये तो बाबा (पिताजी) ही हैं। दरअसल यह एक रील है जिसे शिखर धवन और हरप्रीत ने अपने-अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया है। इसके बाद ‘पंजाब किंग्स’ के ऑफिसियल ट्विटर अकाउंट से भी इसे पोस्ट किया गया।

सोशल मीडिया पर इस रील को खूब पसंद किया जा रहा है। अतुल आर्या नाम के यूजर ने ट्विटर पोस्ट पर कमेंट किया, “पाजी (शिखर धवन) एक सच्चे पंजाबी हैं। उनसे किसी भी स्थिति में हमेशा सकारात्मक और खुश रहने की प्रेरणा मिलती है। आपके व्यक्तित्व को देखकर भी सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इस सीजन में आपको ‘पंजाब किंग्स’ की कप्तानी करता देख खुश हूँ।”

रंजन नाम के यूजर ने लिखा अमृतपाल की इतनी बेइज्जती सिर्फ शिखर ही कर सकते हैं।

एक यूजर ने लिखा कि मैं इसे बार-बार देख रहा हूँ।

स्टार किंग नाम के यूजर ने लिखा खालिस्तानी रो देंगे।

वहीं इंस्टाग्राम पर एक यूजर ने शिखर धवन के एक्टिंग की तारीफ की। उन्होंने लिखा शिखर को एक्टर होना चाहिए।

शिखर धवन के इंस्टाग्राम पोस्ट का स्क्रीनशॉट

अंकित साहु ने लिखा, “धवन भाई मैदान के अंदर और बाहर भी मनोरंजन कर रहे हैं”

शिखर धवन के इंस्टाग्राम पोस्ट का स्क्रीनशॉट

बता दें पंजाब पुलिस द्वारा अमृतपाल सिंह और उनके सहयोगियों के खिलाफ अभियान शुरू करने के बाद भाग रहे खालिस्तानी समर्थक ने पुलिस द्वारा घेरे जाते समय वीडियो बनाए थे। जिनमें वे ‘पोल्स आ गई पोल्स (पुलिस आ गई पुलिस)’ कहते सुने जा सकते थे। इसके बाद से ही सोशल मीडिया पर इसे हाथों हाथ लिया गया और कई मौकों पर मनोरंजन और मजाक के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है।

चुनावी लाभ के लिए कॉन्ग्रेस भड़का रही क्षेत्रीयता की आग, फैलाया जा रहा अमूल बनाम नंदिनी का झूठ: समझें पूरा मामला

कर्नाटक विधानसभा चुनाव (Karnataka Assembly Election 2023) नजदीक आने के साथ ही राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी कॉन्ग्रेस (Congress) ने अमूल को कर्नाटक के मिल्क ब्रांड ‘नंदिनी’ (Amul vs. Nandini) के खिलाफ खड़ा करके दूध को लेकर गंदी राजनीति शुरू कर दी है।

राज्य की सत्तारूढ़ भाजपा (BJP) के खिलाफ अपना हमला जारी रखते हुए कन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया (Siddaramaiah) रविवार (9 अप्रैल 2023) को ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) से पूछा कि क्या उनकी यात्रा का उद्देश्य ‘राज्य को लूटना’ था।

सिद्धारमैया ने पूछा, “आपका कर्नाटक आने का उद्देश्य कर्नाटक को देना है या कर्नाटक को लूटना है? आप पहले ही कन्नड़ लोगों से बैंक, बंदरगाह और हवाई अड्डे छिन चुके हैं। अब क्या आप नंदिनी (KMF) को आप भी हमसे चुराने की कोशिश कर रहे हैं?”

कॉन्ग्रेस नेता ने कहा, “यह गुजरात का बड़ौदा बैंक था, जिसने हमारे विजया बैंक की को अपने में मिला लिया। बंदरगाहों और हवाईअड्डों को गुजरात के अडानी को सौंप दिया गया। अब, गुजरात का अमूल हमारे KMF (नंदिनी) को खाने की योजना बना रहा है। मिस्टर नरेंद्र मोदी, क्या हम गुजरातियों के दुश्मन हैं?”

पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने आगे कहा, “नरेंद्र मोदी ने युवाओं को साल में 2 करोड़ नौकरियाँ देने के बजाय हमारे बैंकों, बंदरगाहों और हवाईअड्डों से कन्नड़ लोगों की नौकरियाँ छीन लीं। अब कर्नाटक बीजेपी अमूल को केएमएफ देकर हमारे किसानों की संभावनाओं को नुकसान पहुँचाना चाहती है।”

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘प्रोजेक्ट टाइगर’ के 50 साल पूरे होने के अवसर पर एक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए कर्नाटक के मैसूर और चामराजनगर जिलों में गए थे। इसके बाद रविवार (11 अप्रैल 2023) को पीएम मोदी के चुनावी दौरे से पहले पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने ट्वीट किए।

अमूल ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से 5 अप्रैल को कर्नाटक में आने को लेकर एक इन्फोग्राफिक पोस्ट किया था। इसे कॉन्ग्रेस ने चुनाव से होकर गुजर रहे राज्य में भाजपा से मुकाबला करने के के रूप में देखा। कॉन्ग्रेस ने तुरंत अमूल इन्फोग्राफिक और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दिसंबर 2022 के भाषण को जोड़ा दिया। इस भाषण में अमित शाह ने अमूल और नंदिनी के बीच अधिक सहयोग का आह्वान किया था।

मांड्या में एक मेगा-डेयरी संयंत्र का उद्घाटन करते हुए अमित शाह ने कहा था, “अमूल और केएमएफ मिलकर यह सुनिश्चित करने की दिशा में काम करेंगे कि राज्य के हर गाँव में एक प्राथमिक डेयरी हो। 47 वर्षों में कर्नाटक ने डेयरी क्षेत्र में प्रगति की है और कारोबार 4 करोड़ रुपए से बढ़कर 25,000 करोड़ रुपए हो गया है। अमूल और केएमएफ को कर्नाटक में सहकारी डेयरी को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करना होगा।”

दरअसल, नंदिनी दूध ब्रांड का स्वामित्व कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (KMF) के पास है। अब अमित शाह के इस भाषण को इससे जोड़कर कॉन्ग्रेस ने अमूल द्वारा राज्य के स्थानीय डेयरी ब्रांड नंदिनी के अधिग्रहण के बारे में भ्रामक जानकारी फैलाने के लिए इस्तेमाल किया। जब मामला बढ़ गया और विवाद में बदल गया तो कॉन्ग्रेस को इसमें राजनीतिक लाभ नजर लाभ आने लगा और इसके लिए इस विवाद को आगे बढ़ाना शुरू कर दिया।

कॉन्ग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने कर्नाटक के बाजार में अमूल के प्रवेश में एक बड़ी साजिश का की बात कही थी। उन्होंने कहा था, “हम अपने दूध और अपने किसानों की रक्षा करना चाहते हैं। हमारे पास पहले से ही नंदिनी है जो अमूल से बेहतर ब्रांड है… हमें किसी अमूल की जरूरत नहीं है… हमारा पानी, हमारा दूध और हमारी मिट्टी मजबूत है।’

कर्नाटक में जब अमूल आया, तब कॉन्ग्रेस की सरकार

कॉन्ग्रेस नेता और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अमूल-नंदिनी विवाद का उद्देश्य राज्य के चुनावों से पहले वहाँ के मतदाताओं के बीच क्षेत्रीय तनाव को भड़काकर लाभ लेना है। हालाँकि, बीजेपी को बैकफुट पर लाने की जल्दबाजी में सिद्धारमैया शायद ये भूल गए कि अमूल ने साल 2017 में ही राज्य में अपना विस्तार किया था। उस वक्त कॉन्ग्रेस सत्ता में थी।

अमूल की 2017 की हुई वार्षिक आम बैठक के मिनट्स में साफ लिखा है कि 2017 में ही संस्था ने देश के अन्य भागों के साथ-साथ उत्तरी कर्नाटक के शहरों में अमूल दूध को लॉन्च कर दिया है। पिछले सात वर्षों में इस सहकारी संस्था की बिक्री कैसे बढ़ी, इसका विवरण साझा किया था।

इसमें कहा गया था, “हमने चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश के कई शहरों, सिलीगुड़ी सहित उत्तर बंगाल, उत्तरी कर्नाटक के शहर और हाल ही में जबलपुर में अमूल दूध लॉन्च करके अपने नए उत्पाद का विस्तार किया।” अमूल की 43वीं सालाना आम बैठक के मिनट्स को यहाँ पढ़ा जा सकता है।

अमूल की बैठक के मिनट्स

यह बैठक 15 जून 2017 को हुई थी और कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया 13 मई 2013 से 17 मई 2018 तक कर्नाटक के मुख्यमंत्री थे। यह स्पष्ट रूप से इंगित करता है कि अमूल ने 2017 में कर्नाटक में एंट्री की और उस समय कॉन्ग्रेस सत्ता में थी।

कर्नाटक BJP के नेताओं ने नंदिनी का बचाव किया

इसके अतिरिक्त कर्नाटक के वर्तमान मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने शनिवार (10 अप्रैल 2023) को स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ने नंदिनी को राष्ट्रीय स्तर पर नंबर एक बनाने के लिए सभी प्रकार के उपाय किए हैं। नंदिनी को कर्नाटक का गौरव बताते हुए बोम्मई ने कहा, “नंदिनी की बाजार पहुँच व्यापक है। अमूल से डरने की जरूरत नहीं है।” उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस हर चीज का राजनीतिकरण कर रही है, जो राज्य के हित में नहीं है।

कर्नाटक के सहकारिता मंत्री एसटी सोमशेखर ने रविवार (11 अप्रैल 2023) को दोहराया कि KMF का अमूल में विलय का कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने कहा, “हम दूसरे राज्यों में भी जा रहे हैं और मार्केटिंग कर रहे हैं… हम अमूल को प्रतियोगिता में पीछे रखने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।”

इसका अर्थ यह है कि कर्नाटक कॉन्ग्रेस का प्रोपेगेंडा पूरी तरह झूठ है कि अमूल कर्नाटक में प्रवेश करके नंदिनी को जड़ से उखाड़ने का प्रयास और कन्नड़ की पहचान और संस्कृति को कम करने कोशिश कर रहा है और मोदी सरकार अमूल को समर्थन कर वहाँ के किसानों को नुकसान पहुँचा रही है। उपभोक्ता वस्तुओं की पूरे देश में मार्केटिंग की जाती है। इस तरह कॉन्ग्रेस का फैलाया यह झूठ निराधार है।

गुजरात और वहाँ के उत्पादों से कॉन्ग्रेस को नफरत

कॉन्ग्रेस पार्टी का गुजरात और गुजरातियों के प्रति तिरस्कार कोई नई बात नहीं है। नरेंद्र मोदी के पीएम बनते ही यह सब सामने आ गया। चूँकि देश को चलाने वाले दो शीर्ष व्यक्ति (नरेंद्र मोदी और अमित शाह) गुजराती हैं, इसलिए कॉन्ग्रेस सभी गुजरातियों को बुरा दिखाने की कोशिश करती है। अपनी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में भारत को ‘नफरत मुक्त’ बनाने का वादा राहुल गाँधी ने किया था, लेकिन कई मौकों पर वे इस नफरत से उबर नहीं पाए।

राहुल गाँधी अतीत में अनगिनत मौकों पर भूल गए कि गुजरात भारत का हिस्सा है। उन्होंने गुजरातियों का अपमान करने का एक भी मौका नहीं छोड़ा। साल 2021 में असम चुनाव के दौरान राहुल गाँधी ने कहा था कि असम के चाय श्रमिकों की अतिरिक्त मजदूरी दर को फंड देने के लिए वह गुजराती चाय व्यापारियों से पैसे लेंगे।

सितंबर 2021 में जब अधिकारी ड्रग रैकेट का भंडाफोड़ करने में व्यस्त थे, उस समय राहुल गाँधी ने फिर से गुजरातियों पर हमला किया और उन्हें ड्रग एडिक्ट हैं। इन ड्रग्स का इस्तेमाल आतंकी फंडिंग के लिए किया जाता है।

इसी तरह 2019 के चुनावों से पहले एक चुनावी रैली में राहुल गाँधी ने गुजरात में एक पूरे समुदाय का मज़ाक उड़ाया था। उन्होंने कहा था, “नीरव मोदी, ललित मोदी, नरेंद्र मोदी… कैसे इन सभी का उपनाम मोदी है? सभी चोरों का एक ही उपनाम मोदी कैसे हो सकता है?” राहुल गाँधी को अब इस मामले में दोषी ठहराया जा चुका है और वे जमानत पर हैं।

जब पुलिस ने हाल ही में गुजरात के एक ठग को गिरफ्तार किया तो गुजरात और गुजरातियों को बदनाम करने के लिए कॉन्ग्रेस तंत्र ऐक्टिव हो गया। इस ठग ने खुद को जम्मू-कश्मीर में होटल सुविधाओं में सुधार की जिम्मेदारी सौंपे गए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के सदस्य के रूप में पेश किया था

कॉन्ग्रेस नेता सिद्धारमैया ने अब वहीं से मोर्चा सँभाला है, जहाँ उनके सुप्रीमो ने छोड़ा था। उन्होंने वोटरों को आकर्षित करने और कर्नाटक में पार्टी को फिर से स्थापित करने के लिए इस नए गुजराती विरोधी बयानबाजी को फैलाना शुरू कर दिया है। हालाँकि, कॉन्ग्रेस को नहीं पता है कि कर्नाटक में पैर जमाने की हताशा में वे आग से खेल रहे हैं। इसका असर कर्नाटक में रहने वाले गुजरातियों के जीवन पर पड़ सकता है।

हिंसा भड़काने के लिए बॉट्स का इस्तेमाल कर रहे खालिस्तानी, सोशल मीडिया में फैलाए गए भारत विरोधी ट्रेंड्स, अंतरराष्ट्रीय रिसर्च में खुलासा – 20% ट्वीट्स पाकिस्तान से

‘नेटवर्क कॉन्टैजियन रिसर्च इंस्टीट्यूट (NCRI)’ की एक रिसर्च में बड़ा खुलासा हुआ है। इसके अनुसार, खालिस्तानी समर्थक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हिंसा और भारत विरोधी प्रचार को बढ़ावा देने के लिए ट्विटर बॉट्स का उपयोग कर रहे हैं। ‘वाशिंगटन पोस्ट’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, अलगाववादी विचारधारा के समर्थक इन बॉट्स अकाउंट का इस्तेमाल उकसाने वाले वीडियो या किसी भी तरह के भारत विरोधी कंटेंट को ट्रेंड कराने के लिए करते हैं।

एक बार पोस्ट के ट्रेंड हो जाने के बाद अकाउंट्स द्वारा उन ट्वीट्स को हटा लिया जाता है ताकि निलंबन से बचा जा सके। एनसीआरआई की शोध के अनुसार, इस तरह के खाते ‘बम’ के स्थान पर ‘डिवाइस’ और राजनेताओं के लिए राजनीतिक मौत (Political death) जैसे शब्दों का उपयोग करते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, खालिस्तानी समर्थक और ‘वारिस पंजाब दे’ के सरगना अमृतपाल सिंह के खिलाफ पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों द्वारा कार्रवाई शुरू करने के बाद से ये गतिविधियाँ तेजी से बढ़ी हैं। अमृतपालके समर्थन में खालिस्तानियों ने एक साथ सैन फ्राँसिस्को, यूके समेत कुछ और देशों में भारतीय वाणिज्यिक दूतावासों में तोड़फोड़ की थी। अमेरिका में भारतीय अधिकारियों और पत्रकारों पर हमला किया गया।जिसके बाद भारत सरकार ने सख्ती दिखानी शुरू की।

रिपोर्ट में पाया गया है कि ऐसे मौके पर इन ऑटोमेटेड ट्विटर अकाउंट्स (Automated twitter accounts) का भरपूर इस्तेमाल किया गया। भारत के खिलाफ नफरती कंटेट फैलाए गए। रिसर्च में पता चला है कि ट्विटर ने ऐसे फर्जी खातों के खिलाफ कार्रवाई की है लेकिन इसके बाद भी नफरती कंटेट को प्रमोट या शेयर करने के लिए ट्विटर एक सुविधाजनक प्लेटफॉर्म बना हुआ है।

‘वॉशिंगटन पोस्ट’ ने लिखा है कि पंजाब के किसानों में अलगाववाद की भावना भरने के लिए किसानों के सामान्य मुद्दे, जैसे एमएसपी, किसान आंदोलन, और नौकरियों के अभाव के मुद्दे को जान समझकर उछाला गया। बता दें अमृतपाल ने भी पंजाब के कई ग्रामीण इलाकों का दौरा किया था। वह खुलेआम अलग देश की बात करता था। जब अमृतपाल और उसके समर्थकों पर कार्रवाई हुई तो उसे मुद्दा बनाकर पंजाब में हिंसा भड़काने की कोशिश की गई।

फाइल फोटो

रिपोर्ट के अनुसार ट्विटर पर योजनाबद्ध तरीके से भड़काउ ट्वीट्स किए गए। इन ट्वीट्स में भारत में बिजली प्लांट्स को जलाने, ट्रेन की पटरियों को उखाड़ने और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर हमला करने की आह्वान किया गया। ट्विटर पर पोस्ट द्वारा लोगों को जमा करने और एक्शन के लिए कहा गया। फर्जी ट्विटर अकाउंट द्वारा एक ट्वीट में रेलवे में की गई तोड़फोड़ का वीडियो शेयर किया गया था और उसका श्रेय ‘सिख फॉर जस्टिस’ ग्रुप को दिया गया था।

रिसर्च के दौरान NCRI ने पाया कि जनवरी 2023 के बाद से 359 फर्जी ट्विटर अकाउंट्स सक्रिय हैं। ये अकसर 20 से 50 अकाउंट्स के ग्रुप में काम करते हैं। जैसे यदि किसी वीडियो को वायरल करना है तो 20 से 50 ट्विटर अकाउंट्स के जरिए एक साथ ट्वीट किया जाता है। इनमें ज्यादातर खाते फर्जी होते हैं जो सिख फॉर जस्टिस के लोगों से जुड़े होते हैं। किसी कंटेट को लगातार ट्वीट और रीट्वीट करते रहने से ये लगातार लोगों के सामने आते रहते हैं। इन खातों से सार्वजनिक हस्तियों को टैग भी किया जाता है ताकि इन खातों को विश्वसनीय समझा जाए।

एनसीआरआई के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर जैक डोनोह्यू (Chief Operating Officer of NCRI Jack Donohue) के मुताबिक फर्जी खातों से किसी विचार को इतनी तीव्रता से फैलाया जाता है कि उसके परिणाम हिंसक हो जाते हैं। जो चिंता का विषय हैं।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत में खालिस्तान विरोधी आंदोलन को भड़काने वाले और एंटी इंडिया एजेंडा फैलाने वाले 20 प्रतिशत खाते पाकिस्तान से चलाए जाते हैं। कुछ खातों से तो यहाँ तक लिखा जाता है कि खालिस्तानी नेताओं को पाकिस्तान का एहसानमंद होना चाहिए। खासकर पाकिस्तान की एक राजनीतिक पार्टी का जो उनके आंदोलन को समर्थन देते हैं।

एनसीआरआई ने अपने रिसर्च में कहा है कि पाकिस्तान से संचालित होने वाले खातों द्वारा भारत के खिलाफ गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाता है। इसमें हिंदू पूजा स्थलों को निशाना बनाया जाना, आतंक फैलाने के लिए आंदोलन चलाना और भारतीय दूतावालों पर हमले कराना शामिल है।

ऑपइंडिया की पड़ताल

मार्च 2023 में ऑपइंडिया की तरफ से एक रिपोर्ट में बताया गया था कि ट्विटर पर खालिस्तानी सपोर्टर #WeStandWithAmritpalSingh ट्रेंड करा रहे हैं। हमारे शोध में पाया गया कि एक ही दिन में इस हैशटैग का उपयोग करके 40,000 से अधिक ट्वीट्स किए गए। इनमें से 11,000 से अधिक ट्वीट अमेरिका से और 18,000 भारत से किए गए। इसके अलावा यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भारत विरोधी प्रचार करने वाले चैनल कुकुरमुत्तों की तरह उग आए हैं।

हालाँकि ज्यादातर ट्वीट पोस्ट करने के कुछ घंटों के भीतर हटा दिए गए फिर भी ऑपइंडिया ने कुछ खातों और हैशटैग को ट्रैक किया। तीन हैशटैग #WeStandWithAmritpalSingh, #CallForSarbatKhalsa और #khalistan_zindabad का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया। हमने #WeStandWithAmritpalSingh पर ज्यादा पड़ताल की। लेकिन #khalistan_zindabad और #CallForSarbatKhalsa का मामला अलग नहीं था। सक्रिय यूजर singh99826891 ने अपने पोस्ट में #khalistan_zindabad का बड़े पैमाने पर उपयोग किया। कई अन्य खाते नियमित रूप से इस तरह के हैशटैग का उपयोग करते प्राप्त हुए।

स्रोत: टॉकवॉकर

पिछले सात दिनों में इन हैशटैग के साथ 390 से अधिक ट्वीट्स दिखाई दिए। संख्या इसलिए कम है क्योंकि निलंबन से बचने के लिए ट्विटर यूजर या बॉट अकाउंट नियमित रूप से ट्वीट हटाते रहते हैं। एक अन्य अकाउंट dharmkaur_, बड़े पैमाने पर #CallForSarbatKhalsa का उपयोग करते पाया गया। इस हैशटैग का इस्तेमाल कर पिछले सात दिनों में 9,600 ट्वीट किए गए हैं।

स्रोत: टॉकवॉकर

टॉकवॉकर के अनुसार हैशटैग को आगे बढ़ाने वाले कुछ प्रमुख खाते इस प्रकार हैं-

स्रोत: टॉकवॉकर

जिन अन्य हैशटैग पर हमने गौर किया उनमें #FreeKhalistan, #Lashker_e_Khalsa, #FreeSikhPoliticalPrisoners #FreeJaggiNow और बहुत कुछ शामिल हैं। बता दें #FreeJaggiNow किसान आंदोलन के समय भी ट्विटर पर ट्रेंड कराया गया था।

पुलिस की वैन अचानक हुई खराब, अतीक अहमद को गाड़ी से उतार कर ले गए: राजस्थान सीमा के पास हुआ वाकया

माफिया अतीक अहमद को यूपी पुलिस एक बार फिर से गुजरात के साबरमती जेल से प्रयागराज लेकर आ रही है। इस बार भी उसे कोर्ट में पेश किए जाने के लिए ही लाया जा रहा है। अब खबर मिल रही है कि राजस्थान के डूंगरपुर में वैन खराब हो गई है। माफिया अतीक अहमद के वैन के साथ ये वैन चल रही थी। वैन की मरम्मत की जा रही है, जबकि अतीक अहमद को उतार कर सुरक्षित जगह पर रखा गया है। ठीक होने के बाद वैन आगे बढ़ेगी।

राजस्थान की सीमा में प्रवेश करने तक यूपी पुलिस के साथ-साथ गुजरात पुलिस की भी गाड़ी साथ थी। राजस्थान की सीमा से 10-15 किलोमीटर की दूरी पर ये वाकया हुआ है। अगर वैन की मरम्मत नहीं हो पाती है तो दूसरी गाड़ी मँगाई जाएगी और फिर काफिला आगे बढ़ेगा। बताया जा रहा है कि उस गाड़ी के क्लच में दिक्कत आ गई है। बिछीवाड़ा पुलिस थाने के परिसर में अतीक अहमद को रोका गया है। पुलिस वैन में सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए हैं।

अतीक अहमद हाल ही में उमेश पाल की हत्या के बाद चर्चा में आया था। उमेश पाल, MLA राजू पाल हत्याकांड में गवाह थे। राजू पाल को भी अतीक अहमद ने ही मरवाया था। रास्ते में जो गाड़ी खराब हुई है, वो वज्र वाहन है। जैसे ही दूसरी वैन आ जाएगी, काफिला आगे बढ़ चलेगा। ताज़ा हत्याकांड में न सिर्फ अतीक अहमद, बल्कि उसकी पत्नी और बेटों के अलावा बहन, बहनोई और दोनों भांजियाँ भी शामिल थीं। उसका भाई अशरफ भी इस साजिश का हिस्सा था।

अतीक को सड़क के रास्ते से लेकर आ रही पुलिस टीम के साथ दो प्रिजन वैन भी मौजूद हैं। पुलिस की टीम में एक इंस्पेक्टर, 30 कॉन्स्टेबल शामिल हैं। इन सबके अलावा सादे कपड़ों में भी कुछ पुलिस जवान हैं। ये सुरक्षा के लिए अतीक के काफिले के साथ चल रहे हैं, क्योंकि मामला संवेदनशील है। अतीक 2019 से अहमदाबाद की साबरमती जेल में बंद है। यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा है कि राज्य में एक भी अपराधी बख्शा नहीं जाएगा।

‘मुस्लिम लड़कियों को फँसाओ, शारीरिक संबंध बनाओ’: RSS के नाम से वायरल हो रहे पत्र का सच जानिए, लिखा है – ’10 लाख मुस्लिम लड़कियों की घर-वापसी का लक्ष्य’

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के नाम से एक पत्र बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस पत्र में मुस्लिम लड़कियों को घर वापसी के माध्यम से हिंदू बनाने के लिए कहा गया है। यही नहीं, इसमें 15 दिनों के प्रशिक्षण देने की देने की बात कही गई है। हालाँकि, आरएसएस ने इस पत्र को फर्जी करार दिया है।

क्या है इस पत्र में

इस पत्र को संघ प्रमुख मोहन भागवत के गोपनीय कथन बताते हुए वायरल किया गया है। इसमें लिखा है कि मोहन भागवत ने हर वर्ष 10 लाख मुस्लिम लड़कियों की घर वापसी का लक्ष्य रखा है। इसके लिए हिंदू लड़कों को 15 दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यही नहीं, इसमें मुस्लिम लड़कियों की घर-वापसी के लिए 12 तरीके भी बताए गए हैं। इन तरीकों में लड़कियों से बातचीत करने से लेकर सोशल मीडिया में चैट और शारीरिक संबंध बनाने को लेकर बात कही गई है।

सोशल मीडिया पर वायरल फर्जी लेटर

RSS के नाम से सोशल मीडिया पर लगातार शेयर किए जा रहे इस पत्र को शाहवाज अंजुम नामक यूजर ने ट्वीट करते हुए लिखा है, “मुस्लिमों के खिलाफ RSS का घिनौना खेल। हिन्दू लड़के कॉलेज, कोचिंग, यूनिवर्सिटी, ऑफिस, सोशल मीडिया में मुस्लिम लड़की को प्यार के जाल में फँसाओ। उससे शारीरिक सम्बन्ध बनाओ। ताकि वो अपने परिवार को छोड़ कर भागने के लिए मजबूर होकर तैयार हो जाए।”

उसने आगे लिखा है, “घर बसाने के लिए 5 लाख की मदद भी दी जाएगी। आरएसएस खुलेआम मुस्लिम लड़कियों की इज्ज़त के साथ खेलने की साज़िश और षड्यंत्र कर रही है। पूरा पढ़िए। अपनी बहन बेटियों और सभी अन्य मुस्लिमों को इस षड्यंत्र से बचाने के लिए इस पोस्ट को रीट्वीट व शेयर करिए।”

मोहम्मद तनवीर नामक यूजर ने ट्वीट कर लिखा है, “ये लेटर पढ़ो और आँखें खोलो। मुस्लिम बच्चियो, RSS तुम को मुर्तद बना रहा है। तुम्हारे भोलेपन का फायदा उठा रहा है। अगर ऐसा पत्र किसी मुस्लिम संगठन ने जारी कर दिया होता तो अब तक टीवी पर डिबेट होने लगती। संगठन के लोग जेल में होते। इसे हिन्दू समाज पर हमला बता दिया गया होता। अरब देशों से फंडिंग की बात की जा रही होती। इतनी बड़ी साजिश हो रही मुस्लिमों की बहन-बेटियों के साथ लेकिन हमारे मुस्लिम संगठन के लोग भी खामोश हैं।”

@savemuslimgirls नामक यूजर ने लिखा है, “हिन्दू लड़के कॉलेज, ऑफिस में मुस्लिम लड़की को प्यार में फँसाओ। उससे शारीरिक संबंध बनाओ। ताकि वो अपने परिवार को छोड़ कर भागने के लिए तैयार हो जाए। उसे 5 लाख की मदद दी जाएगी घर बसने में। पूरा पढ़िए और अपनी बहन-बेटियों सभी मुस्लिमों को भेजिए।”

इमरान हाशमी नामक यूजर ने लिखा है, “आरएसएस, बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद, आर्य समाज मंदिर जैसे कट्टर पंथी संगठन हिंदू लड़कों को कॉलेज, ऑफिस, सुपर मार्केट में मुस्लिम लड़कियों को प्यार के जाल में फँसाने उससे शारीरिक संबंध बनाकर प्राइवेट वीडियो फोटो रिकॉर्ड करने को कहा जा रहा है।”

इस पत्र को राष्ट्रीय स्वयं संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने फर्जी करार दिया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है, “यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नाम पर सोशल मीडिया में चल रहा पत्रक पूर्णतः झूठा है।”

इस मामले में सबसे बड़ी बात यह रही कि जब ऑपइंडिया सोशल मीडिया पर वायरल इस पत्र की सत्यता की जाँच कर रहा था, तब यह सामने आया कि यह पत्र शेयर करने वाले लोगों में से ज्यादातर लोग इस्लामवादी थे।

पश्चिम बंगाल के बीरभूम में मिली विस्फोटकों से लदी लावारिस कार: 17 बक्सों में 3400 जिलेटिन की छड़ें बरामद, इससे पहले मिले थे डेटोनेटर

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में एक गाड़ी से 17 बक्से मिले हैं। इन बक्सों में विस्फोटक भरे हुए थे। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक सोमवार (10 अप्रैल, 2023) दोपहर को स्थानीय लोगों ने पुलिस को बीरभूमि के मुररई में लावारिश गाड़ी खड़ी होने की सूचना दी। मौके पर पहुँची पुलिस ने जब गाड़ी की जाँच की तो उसमें जिलेटिन से भरे विस्फोटक प्राप्त हुए।

पुलिस ने जिलेटिन से भरे बक्सों को जब्त कर लिया है। इसकी जाँच की जा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने संदिग्ध कार से 17 बक्से बरामद किए जिनमें 3400 जिलेटिन की छड़ें रखी हुई थीं। पुलिस ने कार और विस्फोटकों को कब्जे में ले लिया है।

बीरभूम जिले के एसपी भास्कर मुखोपाध्याय ने का कहना है कि पूरे मामले की जाँच की जा रही है। शुरुआती जाँच में गाड़ी से प्राप्त विस्फोटक के संबंध में हमें कोई दस्तावेज नहीं मिले। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि विस्फोटक कहाँ से और क्यों लाए जा रहे थे। भास्कर मुखोपाध्याय ने कहा कि पुलिस संदिग्ध गाड़ी के मालिक का भी पता लगा रही है।

इसके पहले भी मुर्शिदाबाद और वीरभूमि जिले से विस्फोटक बरामद किए जा चुके हैं। जिसकी जाँच एनआईए कर रही है। बता दें वीरभूम जिले से जुलाई 2022 में 81 हजार डेटोनेटर बरामद किए गए थे। अधिकारी इस बात की भी जाँच कर रहे हैं कि सोमवार को मिले जिलेटिन की छड़ों और जुलाई में प्राप्त डेटोनेटर्स के तार एक ही जगह से तो नहीं जुड़ रहे।

बता दें इलाके में उत्खनन के लिए भी विस्फोटकों का इस्तेमाल किया जाता है। रिपोर्टों के मुताबिक, एक से दो खदानों को छोड़ बाकी के पत्थर खदान वालों के पास विस्फोटक के लाइसेंस नहीं है। बिना लाइसेंस के खादान वाले अवैध तरीके से हासिल विस्फोटक का उपयोग कर पत्थर तोड़ते और प्राप्त करते हैं। दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल में रामनवमी के बाद कई जिलों में हिंसा भड़की थी। ऐसे में अवैध रूप से मिलने वाले विस्फोटकों से सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े होना स्वाभाविक है।

300 दिन, 100 करोड़ हनुमान चालीसा का पाठ: अयोध्या के भव्य मंदिर में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा से पहले ‘शतकोटि अभियान’, आप भी बन सकते हैं संकल्प का हिस्सा

अयोध्या में बन रहे राम मंदिर में भगवान राम की प्राण-प्रतिष्ठा का महोत्सव 15 जनवरी 2024 को निर्धारित किया गया है। इससे पहले देश भर में ‘राम प्रतिष्ठा शतकोटि हनुमान चालीसा अभियान’ शुरू किया गया है। इसके तहत राम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा से पहले पूरे देश में हनुमान चालीसा का 100 करोड़ पाठ करने का संकल्प लिया गया है।

21 मार्च 2023 से शुरू हो चुका यह अभियान 15 जनवरी 2024 तक चलेगा। यानी 300 दिन तक यह अभियान चलेगा। इसका उद्देश्य देश भर में सांस्कृतिक चेतना जागृत करना है। राम-प्रतिष्ठा ऐप में इस अभियान के बारे में पूर्ण जानकारी दी गई है। संकल्प पूर्ण करने वाले प्रत्येक भक्त का नाम एवं पाठ संख्या प्राण-प्रतिष्ठा के पश्चात् श्रीरामजी के चरणों में अर्पित की जाएगी।

सभी राम भक्तों को अपनी शक्ति एवं सामर्थ्यानुसार प्रतिदिन हनुमान चालीसा पाठ का संकल्प कर नियमित पाठ करने को कहा गया है। इस शुभ आह्वान में सभी रामभक्त अपनी इच्छानुसार प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करने का संकल्प ले सकते हैं।

हाल ही में राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेन्द्र मिश्र ने बताया था, “14-15 जनवरी 2024 में रामलला को गर्भगृह में विराजमान किया जाएगा। रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा से पहले पूरे देश में 100 करोड़ हनुमान चालीस का पाठ किया जाएगा।” जी न्यूज से बातचीत में उन्होंने कहा था, “7 मई 2023 तक राम मंदिर की छत बनकर तैयार हो जाएगी। श्री राम जन्मभूमि परिसर में नेपाल की देवशिला को रखा जाएगा। अगली रामनवमी से पहले रामलला अपने मूल गर्भ में विराजमान होंगे।” उन्होंने कहा था, “राम मंदिर के भूतल का निर्माण कार्य दिसंबर 2023 तक पूरा हो जाएगा। रामलला की मूर्ति बाल्यकाल (4-5 साल) की होगी। भगवान राम की मूर्ति खड़ी अवस्था में होगी।”

बता दें कि श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में बन रहा भगवान श्रीराम का मंदिर अब आकार ले रहा है। राम मंदिर के प्रथम तल का निर्माण 70 फीसदी पूरा हो चुका है। गर्भगृह का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। हाल ही में गर्भगृह की तस्वीर सामने आई थी। इसके अनुसार गर्भगृह के सभी स्तंभ खड़े हो चुके हैं। बाकी काम भी जोरों पर है। रामलला के दर्शन करने के लिए भक्तों को 32 सीढ़ियाँ चढ़नी होंगी।

‘चप्पल पर नहीं लिखा था राम, इसलिए डूबे जीसस’: कॉमेडियन यश राठी पर देहरादून में केस

मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में कॉमेडियन और ब्लॉगर यश राठी के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है। आरोप है कि उसने भगवान राम का नाम चप्पल पर लिखने की बात कही है। कहा जा रहा है कि पुलिस जल्द ही उसे गिरफ्तार कर सकती है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उत्तराखंड के देहरादून में नंदा की चौकी स्थिति शीला फार्म में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम के दौरान ही उसने कॉमेडी के नाम पर भगवान राम को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की है। उसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में यश राठी मंच पर दिखाई दे रहा है।

इस दौरान उसने कहा था, “जीसस ने जब पहली बार पानी में चलने की कोशिश की थी, तब वह डूब गए थे। उनके दोस्त ने उन्हें बाहर निकाला और कहा कि इतना ओवर कॉन्फिडेंस। अगर चलना नहीं आता तो तैरना तो सीखते। तब जीसस कहता है कि एक छोटी से गलती हो गई है। मैं चप्पल के ऊपर राम लिखना भूल गया।”

भगवान राम का अपमान करने को लेकर विभिन्न राजनीतिक तथा हिंदूवादी धार्मिक संगठनों ने कार्यक्रम स्थल पर जाकर प्रदर्शन किया। साथ ही सोमवार (10 अप्रैल, 2023) को स्थानीय प्रेम नगर थाने में जाकर यश राठी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की माँग की। इसके बाद भैरव भवानी संगठन के अध्यक्ष सागर जायसवाल की शिकायत पर मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस मामले की जाँच कर रही है। कहा जा रहा है कि उसे जल्द ही गिरफ्तार किया जा सकता है।

सागर जायसवाल ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में कहा है कि शनिवार (8 अप्रैल 2023) को नंदा की चौकी इलाके में स्थित शीला फार्म में यूथ फ़ॉर यू कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम के दौरान यश राठी ने भगवान श्रीराम के लिए अमर्यादित भाषा का उपयोग किया है। इसका वीडियो इंटरनेट पर वायरल है। उसकी इस टिप्पणी से हिंदुओं की भावनाएँ आहत हुई हैं।

फिर गुजरात से UP लाया जा रहा है अतीक अहमद, कहा- इनकी नीयत ठीक नहीं, मुझे मारना चाहते हैं: पिछली बार गाय से टक्कर के बाद बाल-बाल पलटने से बची थी गाड़ी

माफिया अतीक अहमद को एक बार फिर से गुजरात कr साबरमती जेल से प्रयागराज लाया जा रहा है। उसे एक बार फिर से एनकाउंटर का डर सताने लगा है। उमेश पाल मर्डर मामले में आरोपित बनाए जाने के बाद अतीक के खिलाफ वारंट जारी हुआ है। इसके बाद यूपी पुलिस की टीम साबरमती जेल पहुँचकर कई घंटों की प्रक्रिया के बाद अतीक को लेकर निकल गई।

अतीक अहमद को लाने की जिम्मेदारी यूपी पुलिस की उसी टीम को सौंपी गई है, जो पहले उसे लेकर प्रयागराज पहुँची थी। पिछली बार अतीक अहमद जिस वैन में था, उस वैन से फोरलेन पर एक गाय टकरा गई थी। इस टक्कर में गाय की मौत हो गई थी और अतीक अहमद की वैन पलटने से बाल-बाल बच गई थी।

पुलिस की टीम के साथ वाहन में सवार होने के बाद अतीक अहमद ने मीडिया के सामने एक बार फिर से अपना डर जाहिर किया। उसने कहा, “इनकी (यूपी पुलिस की) नीयत सही नहीं है। ये परेशान करना चाहते हैं। मुझे मारना चाहते हैं। जब सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी कराओ तो क्यों ले जा रहे हैं? वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हो सकती थी।”

यूपी पुलिस की टीम अतीक को लेकर लगभग 1300 किलमोटीर के सफर पर निकल गई। बताया जा रहा है कि अतीक को पहले वाले रूट यानी राजस्थान के उदयपुर होते हुए मध्य प्रदेश के शिवपुर के रास्ते झाँसी होते हुए प्रयागराज ले जाया जाएगा। इस बार भी अतीक की सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं।

आगे क्या होगा ?

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यूपी पुलिस की टीम इस बार वारंट-बी लेकर साबरमती जेल पहुँची थी। जिस आरोपित के खिलाफ वारंट-बी जारी होता है, उसे कोर्ट में हाजिर करना होता है। अतीक अहमद अब उमेश पाल हत्याकांड का आरोपित है। अतीक को हत्या मामले में कोर्ट में पेश कर रिमांड माँगी जाएगी। पिछली बार उसे उमेश पाल के अपहरण मामले में कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इस बार मामला हत्या का है।

अतीक अहमद के प्रयागराज लाए जाने की खबरों के बीच सोशल मीडिया पर एक बार फिर से #AtiqueAhmed और साबरमती जेल ट्रेंड कर रहा है। इसके पहले जब 26 मार्च 2023 को अतीक अहमद साबरमती जेल से प्रयागराज लाया जा रहा था, तब भी सोशल मीडिया पर यह ट्रेंड हुआ था। नेटिजन्स ने जमकर मीम्स भी शेयर किए थे।

इंदौर के मंदिर में फिरोज, राशिद और इमरान ने की तोड़फोड़, पूजा कर रही महिलाओं से भी बदसलूकी: मंदिर नहीं हटाने पर जान से मारने की धमकी

मध्य प्रदेश के इंदौर में सोमवार (10 अप्रैल 2023) की शाम को शीतला माता मंदिर में तोड़फोड़ और वहाँ के लोगों से मारपीट की गई। आरोप है कि कुछ मुस्लिम युवकों ने मंदिर में पूजा करने पहुँची महिलाओं को मंदिर न हटाने पर जान से मारने की धमकी दी। घटना के बाद महिलाएँ और हिंदूवादी संगठन के लोग थाने पहुँचे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, घटना चंदन नगर के बाँक इलाके का है। यहाँ 50 साल पुराना शीतला माता का एक मंदिर है, जिसकी मरम्मत और नवीनीकरण का काम चल रहा है। सोमवार की शाम को मजदूर मान सिंह (40) और छगन लाल (50) मंदिर में मरम्मत का काम कर रहे थे। वहीं, मंदिर में कुछ महिलाएँ पूजा कर रही थीं।

कहा जा रहा है कि उसी समय राजकुमार नगर निवासी राशिद, इमरान और फिरोज मंदिर में आए और मजदूरों को रोक दिया। इसके बाद उन्होंने मजदूरों से मारपीट की पूजा कर रहीं महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया। बदमाशों ने मंदिर को वहाँ से हटाने की चेतावनी दी। महिलाओं के अनुसार, मुस्लिम युवकों ने मंदिर नहीं हटाने पर सबको जान से मारने की धमकी दी।

मंदिर में हंगामे और तोड़-फोड़ की जानकारी मिलते ही हिंदूवादी संगठन के लोग एकत्र हो गए। पुलिस स्टेशन पहुँचकर लोगों ने कार्रवाई की माँग की। पुलिस ने इलाके में बड़ी संख्या में फोर्स की तैनाती की है। पुलिस के पहरे में मंदिर के निर्माण का काम चल रहा है। पुलिस तोड़फोड़ करने और धमकी देने वालों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी की कोशिश कर रही है।

हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह पहली बार नहीं है, जब मंदिर में उत्पात मचाने की कोशिश की गई है। इसके पहले मंदिर परिसर में कई बार मांस फेंके गए। पूजा करने आने वालों के साथ मारपीट की जाती है। अब मंदिर में तोड़-फोड़ भी होने लगे हैं। हिंदू संगठनों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ यदि कार्रवाई नहीं की गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ पूजा स्थल को नुकसान पहुँचाने और मजदूरों को पीटने का मामला दर्ज किया है। मजदूरों की शिकायत के आधार पर भारतीय दंड संहिता की धारा 295, 294, 323, 506 के तहत मुकदमा दर्ज की गई है। हालात और लोगों के गुस्से को देखते हुए पुलिस ने आरोपितों की धर-पकड़ के लिए टीमों का गठन किया है।