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‘जय श्रीराम’ बोलने पर मिशनरी स्कूल ने पूरी कक्षा को किया सस्पेंड: झारखंड के बोकारो की घटना, प्रिंसिपल बोलीं- अनुशासनहीनता पर हुई कार्रवाई

झारखंड के एक स्कूल में ‘जय श्रीराम’ (Jai Shri Ram) बोलने पर पूरी कक्षा को दो दिनों के लिए सस्पेंड करने का मामला सामने आया है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने शिक्षा विभाग से मामले की जाँच कर कार्रवाई की माँग की है। वहीं स्कूल की प्रिंसिपल का कहना है कि अनुशासनहीनता और शिक्षक का आदेश नहीं मानने पर छात्रों पर कार्रवाई की गई थी।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार यह मिशनरी स्कूल बोकारो जिले के गोमिया में है। लोयोला स्कूल की प्रिंसिपल ने कथित तौर पर जय श्रीराम बोलने के कारण 10वीं कक्षा के सभी छात्रों को दो दिन के लिए सस्पेंड कर दिया। 11 अप्रैल 2023 को इन छात्रों के अभिभावकों से भी स्कूल में आने को कहा गया था। उसके बाद यह मामला प्रकाश में आया।

विहिप धनबाद विभाग के मंत्री विनय कुमार ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र लिखा है। जाँच कर कार्रवाई करने को कहा है। उनका कहना है कि 5 अप्रैल को कक्षा के दौरान किसी बच्चे ने जय श्रीराम बोल दिया। इसके बाद सजा के तौर पर कक्षा के सभी छात्रों को तत्काल अगले चार पीरियड के लिए सस्पेंड कर दिया। फिर यह सजा छह अप्रैल तक के लिए बढ़ा दी गई। रिपोर्ट में स्कूल की प्रिंसिपल अलिशा मंजुनी के हवाले से कहा गया है कि छात्रों को एक ही दिन के लिए ही सस्पेंड किया गया था। उन्होंने यह भी कहा है कि सभी बच्चों पर यह कार्रवाई नहीं की गई थी। ABP न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार मामला राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के संज्ञान में भी लाया गया है। कलेक्टर ने स्कूल को नोटिस जारी किया है।

इससे पहले झारखंड के गिरिडीह जिले के एक सरकारी स्कूल से भी इसी तरह का मामला सामने आया था। इस घटना में कक्षा के ब्लैकबोर्ड पर ‘जय श्रीराम’ लिखने के कारण में छात्र की बेरहमी से पिटाई की गई थी। गिरिडीह के पालमो पंचायत के उत्क्रमित मध्य विद्यालय की यह घटना थी। चौथी कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र ने 8 जुलाई 2022 को ब्लैक बोर्ड पर जय श्रीराम लिख दिया था। उसके अगले दिन प्रिंसिपल मोहम्मद अबुल कलाम ने उसे जमकर पीटा था।

पंजाब के बठिंडा मिलिट्री स्टेशन में फायरिंग, 4 की मौत: कैंटोनमेंट एरिया सील, सर्च ऑपरेशन जारी

पंजाब में एक मिलिट्री स्टेशन के भीतर फायरिंग की खबरें आ रही है। इस घटना में चार की मौत हो गई है। बठिंडा मिलिट्री स्टेशन में फायरिंग के कारणों का अब तक पता नहीं चल पाया है। पूरे कैंटोनमेंट एरिया को सील कर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार फायरिंग की घटना सुबह 4 बजकर 35 मिनट पर हुई। क्विक रिएक्शन टीमों को अलर्ट किया गया है। बठिंडा के एसएसपी जीएस खुराना के हवाले से एनडीटीवी ने बताया है कि यह आतंकी हमला नहीं है। उनके अनुसार पुलिस मिलिट्री स्टेशन के बाहर इंतजार कर रही है। आर्मी ने उन्हें भीतर जाने की अनुमति नहीं दी है।

इंडिया टुडे ने भी बठिंडा एसएसपी के हवाले से आतंकी घटना से इनकार किया है। सूत्रों के हवाले से बताया है कि फायरिंग की घटने मिलिट्री स्टेशन से एक आर्टिलरी यूनिट में हुई है। इस इलाके में सैनिकों के परिवार भी रहते हैं। अभी इस घटना को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तार से जानकारी नहीं आई है। जानकारी आने के बाद हम इस खबर को अपडेट करेंगे।

‘स्कूल में मेरी बेटी के मुँह पर मुस्लिम होने के कारण थूका’: जिस बच्ची की कहानी गिरोह कर रहा वायरल, उसकी अम्मी खुद हिंदुओं के खिलाफ उगलती रहती है जहर

सोशल मीडिया में एक कहानी तेजी से वायरल हो रही है। इसमें एक महिला ने दावा किया है कि मुस्लिम होने के कारण स्कूल में उसकी बेटी के मुँह पर एक हमउम्र लड़की ने थूक दिया। हिंदुओं को निशाना बनाते हुए गिरोह विशेष के यूजर्स इस कहानी को शेयर कर रहे हैं। वैसे इस कहानी की सच्चाई तो जाँच से ही सामने आएगी, लेकिन हमने पाया कि जिस मुस्लिम बच्ची को ‘पीड़ित’ बताया जा रहा है उसकी अम्मी खुद सोशल मीडिया में हिंदुओं के खिलाफ जहर उगलती रहती है। हिंदू संतों, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर अपनी नफरत का सार्वजनिक तौर पर प्रदर्शन करती रहती है।

वायरल पोस्ट में क्या कहा गया है

अबीरा दिल्ली (Abeera Delhi) नाम के प्रोफाइल से यह कहानी 11 अप्रैल 2023 को पोस्ट की गई है। इसमें कहा गया है, “आज मेरी बेटी का नए स्कूल में दूसरा दिन था। आज मेरी बेटी ने घर आते ही मुझसे रोते हुए पूछा मम्मा ‘हम मुस्लिम लोग बहुत गंदे होते हैं’। मैं हैरान थी उसके मुँह से ये बातें सुनकर। मैंने उससे पूरी बात सुनी तो मुझे मालूम हुआ की आज मेरी बेटी अबीरा इरशाद को उसकी ही हमउम्र लड़की ने जो की उसके पास ही बैठी थी, उससे ये सवाल किया और उसके मुँह पर थूक दिया।”

वायरल पोस्ट का स्क्रीनशॉट

यह घटना किस स्कूल की है, इसका पोस्ट में जिक्र नहीं किया गया है। केवल इतना बताया गया है कि स्कूली काफी नामी है। यह भी कहा गया है कि इसमें स्कूल प्रशासन का कोई दोष नहीं दिखता, क्योंकि अबीरा की शिकायत पर ऐसा करने वाली लड़की को टीचर ने समझाया। लेकिन पोस्ट में हिंदुओं को लेकर अपनी नफरत का प्रदर्शन करते हुए अबीरा की अम्मी ने लिखा है, “नफरत का जहर मासूम बचपन को अपनी गिरफ्त में ले चुका है। इतने बड़े स्कूल में बच्चे संभ्रात पढ़े-लिखे परिवार से आते होंगे। अब सवाल है कि आखिर उस बच्ची को अभी से नफरती परमाणु बम क्यों बनाया जा रहा है। इस सबका दोष किसे दूँ? उस मासूम बच्ची के माँ-बाप को? भगवा ब्रिगेड को या फिर दिन रात हिंदू-मुस्लिम करने वाले जॉम्बीज को?”

हिंदुओं को टारगेट कर रहा गिरोह

सोशल मीडिया में सक्रिय तमाम प्रोपेगेंडाबाज जो खुद को लेखक, पत्रकार वगैरह बताते रहते हैं, इस कहानी को शेयर कर रहे हैं। इनमें से कई ने अबीरा को अपनी ‘करीबी का बेटी’ बताया है। हिंदुओं को निशाना बनाया है। इनमें से कुछ पोस्ट में यह स्कूल दिल्ली का ‘तक्षशिला पब्लिक स्कूल’ बताया गया है। नीचे आप ऐसे कुछ पोस्ट का स्क्रीनशॉट देख सकते हैं।

अबीरा की अम्मी खुद हिंदू घृणा में सनी

अबीरा दिल्ली नामक फेसबुक यूजर के प्रोफाइल को ऑपइंडिया ने खंगाला। यूजर ने खुद को प्राॅड्यूसर/डायरेक्टर बताया है। भले यह प्रोफाइल अबीरा इरशाद के नाम बनी हो, जिसे ‘पीड़ित’ बच्ची बताया जा रहा, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि सारे पोस्ट अबीरा की अम्मी करती हैं। हमने पाया कि जितने भी पोस्ट किए गए हैं वह हिंदुओं को नीचा और मुस्लिमों को पीड़ित दिखाने के इरादे से किया गया है। हिंदू संतों को लेकर भी पोस्ट करने वाली की घृणा साफ दिखाई पड़ती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लिए भी आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया है। हमें कई पोस्ट ऐसे मिले जो गलत संदर्भों के साथ पोस्ट किए गए हैं, जिनके तथ्यों के साथ छेड़छाड़ की गई है। कुछ पोस्ट का फैक्टचेक भी हो चुका है। फेसबुक प्रोफाइल से हमें यह भी पता चला कि अबीरा की अम्मी ट्विटर पर @SocialNagar हैंडल से सक्रिय हैं। यहाँ भी फेसबुक वाली घृणा और प्रोपेगेंडा ट्वीट्स में नजर आते हैं। हिंदू संतों के खिलाफ घृणा से भरे कुछ पोस्ट आप नीचे देख सकते हैं,

अबीरा के अब्बू से भी मिल लीजिए

‘अबीरा दिल्ली’ प्रोफाइल को खंगालते हुए हमें यह भी पता चला कि अबीरा के अब्बू इरशाद दिल्लीवाला (Irshad DilliWala) हैं। फेसबुक पर उन्होंने खुद को संपादक, लेखक, फिल्मकार वगैरह बता रखा है। उनके सोशल मीडिया पोस्ट्स में भी अबीरा की अम्मी की तरह ही नफरत और प्रोपेगेंडा झलकता है। इरशाद ने अपने पोस्ट में अबीरा के मुंह पर थूकने वाली बच्ची का नाम काव्या बताया है।

अबीरा के अब्बू इरशाद ने थूक फेंकने वाली लड़की का नाम काव्या बताया है

मुस्लिम होने के कारण थूकने वाली ‘कहानी’ में कितनी सच्चाई है, यह तो जाँच का विषय है। लेकिन इसे जिस नीयत से बढ़ाया जा रहा है, उससे इसकी सत्यता पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। अतीत में हम कई बार देख चुके हैं कि गिरोह विशेष के लोग अपने एजेंडा और प्रोपेगेंडा को बढ़ाने के लिए बच्चों का दुरुपयोग करते रहे हैं। इस मामले में भी यह आशंका दिख रही है। हिंदू बच्चों और उनके माँ-बाप की परवरिश को लानत भेजने वालों को साोशल मीडिया में अबीरा की अम्मी और अब्बू द्वारा फैलाए जा रहे ‘जहर’ को देखना चाहिए। उनसे पूछना चाहिए कि मासूम अबीरा के मन में वे क्यों नफरत भर रहे हैं?

प्रदर्शनकारियों पर झारखंड पुलिस ने बरसाई लाठियाँ: सड़क पर उतरे लोग, गूँजे ‘हेमंत सोरेन की तानाशाही नहीं चलेगी’ और ‘तख़्त बदल दो’ के नारे

झारखंड में हेमंत सोरेन की सरकार की नीतियों और कार्यशैली के खिलाफ भाजपा ने मंगलवार (11 अप्रैल 2023) को सचिवालय का घेराव है। इस राजनीतिक प्रदर्शन को हेमंत सरकार बर्दाश्त नहीं कर पाई और भाजपा कार्यकर्ताओं पर जमकर लाठियाँ बरसाई गईं। इस क्रूरता में भाजपा के कई नेताओं को गंभीर चोटें आई हैं।

इस दौरान शहर के धुर्वा गोलचक्कर इलाके की बैरिकेडिंग कर दी गई है। यह रास्‍ता सीधे सचिवालय की तरफ जाता है। CRPF की रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की महिला कंपनी, झारखंड पुलिस की रैपिड एक्शन पुलिस (JRAP), SISF और झारखंड जगुआर के जवानों को तैनात किया गया था।

प्रदर्शन कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं पर सुरक्षा बलों ने जमकर लाठियाँ बरसाईं, जिसमें कई लोग घायल हो गए। भाजपा नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने घायल लोगों की तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत पर भी हमला बोला है।

रघुवर दास ने लिखा, “तालिबानी मानसिकता वाली हेमंत सरकार ने भाजपा के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर लाठियाँ और आँसू गैस के गोले बरसाए। हमारे कार्यकर्ता बड़ी संख्या में घायल हुए हैं। घायल कार्यकर्ताओं से मिलने अस्पताल गया। उनका कुशल क्षेम पूछा। ईश्वर की कृपा से किसी को भी गंभीर चोट नहीं आई है।”

दरअसल, इस प्रदर्शन में राज्य भर से भाजपा के कार्यकर्ता शामिल हुए। भाजपा कार्यकर्ता ने राँची पहुँचकर हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने ‘कोने-कोने से आ रही आवाज़, हेमंत हटाओ, झारखंड बचाओ’, ‘तख्त बदल दो-ताज बदल दो, बेईमानों का राज बदल दो’, ‘हेमंत सरकार मुर्दाबाद’ और ‘हमंत सोरेन की तानाशाही नहीं चलेगी’ जैसे नारे लगाए गए।

भाजपा ने इस प्रदर्शन का फेसबुक पर लाइव प्रसारण भी किया था। भीड बढ़ता देखकर सुरक्षाबलों ने ना सिर्फ लाठी चार्ज किया, बल्कि भाजपा कार्यकर्ताओं पर पानी की बौछार और आँसू गैस के गोले भी दागे। हालाँकि, भाजपा कार्यकर्ता पीछे हटने के लिए तैयार नहीं थे।

इस दौरान राँची से सांसद संजय सेठ को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। इस प्रदर्शन में बाबूलाल मरांडी, रघुवर दास, संजय सेठ सहित भाजपा के प्रमुख नेता उपस्थित थे।

भाजपा ने अपने ट्विटर पर लिखा कि शांतिपूर्ण तरीके से भाजपा द्वारा किये जा रहे विरोध प्रदर्शन को हेमंत सरकार पुलिस के लाठियों के दम पर दबाना चाहती है, लेकिन भाजपा कार्यकर्ता इनके इस कायराना हरकत से डरने वाला नहीं ह। इस सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए और भी मजबूती से संघर्ष करेगा।

बता दें कि हेमंत सोरेन की सरकार में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। इतना ही नहीं, हिंदू त्योहारों में जमकर उत्पात मचाई जा रही है। इसमें हेमंत सरकार की पुलिस अपराधियों के खिलाफ खुलकर कार्रवाई नहीं कर पा रही है।

वाराणसी के होटल मैनेजर ने तेज प्रताप यादव के सामने जमीन पर घुटने के बल बैठ कर माँगी माफ़ी? – वीडियो आया सामने

लालू प्रसाद के बेटे और बिहार सरकार में मंत्री तेज प्रताप यादव का एक वीडियो वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि वीडियो वाराणसी का है। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक शख्स घुटने के बल बैठकर माफी माँग रहा है। बताया जा रहा है कि माफी माँग रहा शख्स कोई और नहीं बल्कि आर्केडिया होटल के मैनेजर हैं जहाँ कुछ दिनों पहले तेज प्रताप ठहरे हुए थे और देर रात को होटल से निकाल दिए गए थे। इस मामले पर होटल प्रबंधन या तेज प्रताप के तरफ से कुछ भी नहीं कहा गया है।

वायरल हो रहे वीडियो में बिहार सरकार के मंत्री तेज प्रताप यादव वाराणसी के होटल आर्केडिया के मैनेजर संदीप पॉलीथ से घुटने पर गिरवाकर माफी मँगवाते दिख रहे हैं। पास में ही होटल के अन्य दो स्टाफ भी खड़े हैं। वायरल हो रहा वीडियो काफी छोटा है।

बता दें कि वाराणसी के निजी दौरे पर पहुँचे तेज प्रताप ने आरोप लगाया था कि वे होटल आर्केडिया में ठहरे हुए थे। शुक्रवार (7 अप्रैल, 2023) की रात जब वे लौटकर आए तो उनका सामान कमरे में न होकर रिसेप्शन पर रखा हुआ था। आरोप है कि होटल कर्मचारियों ने बिना किसी सूचना के तेज प्रताप की सुरक्षा में तैनात जवानों के कमरे से सारा सामान बाहर निकाल दिया था। इस संबंध में तेज प्रताप के सहायक मिशान सिन्हा ने वाराणशी के सिगरा थाने में होटल प्रबंधन के खिलाफ दुर्व्यवहार का मामला दर्ज कराया था।

10 अप्रैल को आर्केडिया होटल के मैनेजर ने इस पूरे विवाद पर सफाई दी थी। रिपोर्टों के मुताबिक मैनेजर ने तेज प्रताप को पहले ही होटल में चेक इन और चेक आउट की तारिख बता दी थी। तब तेज प्रताप यादव को कमरा 6 अप्रैल के लिए बता कर दिया गया था क्योंकि 7 और 8 अप्रैल को उसमें किसी और की बुकिंग पहले से हो रखी थी। होटल प्रबंधन के मुताबिक तेज प्रताप ने अगले दिन कमरा खाली नहीं किया जिस से एडवांस बुकिंग किए गेस्ट होटल में पहुँच कर कई घंटों तक इन्तजार करते रहे।

होटल मैनेजर ने जानकारी दी थी कि तेज प्रताप ने 2 कमरे बुक कराए थे। पहला कमरा खुद उनके लिए और दूसरा उनके सहयोगियों के लिए था। सफाई में बताया गया है कि जिस सामान को निकालने का आरोप तेज प्रताप लगा रहे हैं, वह उनके सहयोगियों के कमरे का था। होटल प्रबंधन के अनुसार इस कार्रवाई की रिकॉर्डिंग भी करवाई गई है। तेज प्रताप यादव पर होटल में कमरे के लिए अपनी ID प्रूफ न जमा कराने और बिल का भुगतान न करने का भी आरोप लगाया गया था।

बता दें फिलहाल यह जानकारी सामने नहीं आ सकी है कि तेज प्रताप ने अब तक बिल का भुगतान किया है या नहीं।

पोल्स आ गई पोल्स… अब ‘पंजाब किंग्स’ ने अमृतपाल को किया ट्रॉल? शिखर धवन का वीडियो देख बोले लोग – ये सच्चे पंजाबी, रो देंगे खालिस्तानी

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2023) के बीच सोशल मीडिया पर पंजाब किंग्स (Punjab Kings) के खिलाड़ियों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें पंजाब किंग्स के खिलाड़ी ताश खेलते नजर आ रहे हैं। 9 सेकेंड के इस वीडियो को सोशल मीडिया पर जमकर शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो को पंजाब किंग्स के ट्विटर हैंडल से भी पोस्ट किया गया है।

वीडियो में पंजाब किंग्स के कप्तान शिखर धवन के साथ राहुल चहर और हरप्रीत बरार दिखाई दे रहे हैं। तीनों खिलाड़ी ताश खेल रहे होते है तभी पुलिस आ धमकती है। जिसके बाद राहुल चहर और हरप्रीत बरार पंजाबी एक्सेंट में ‘पुलिस आ गई पुलिस’ कहते हुए भागते दिखाई देते हैं। शिखर बैठे रह जाते हैं। साथियों से कहते हैं आ जाओ ये तो बाबा (पिताजी) ही हैं। दरअसल यह एक रील है जिसे शिखर धवन और हरप्रीत ने अपने-अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया है। इसके बाद ‘पंजाब किंग्स’ के ऑफिसियल ट्विटर अकाउंट से भी इसे पोस्ट किया गया।

सोशल मीडिया पर इस रील को खूब पसंद किया जा रहा है। अतुल आर्या नाम के यूजर ने ट्विटर पोस्ट पर कमेंट किया, “पाजी (शिखर धवन) एक सच्चे पंजाबी हैं। उनसे किसी भी स्थिति में हमेशा सकारात्मक और खुश रहने की प्रेरणा मिलती है। आपके व्यक्तित्व को देखकर भी सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इस सीजन में आपको ‘पंजाब किंग्स’ की कप्तानी करता देख खुश हूँ।”

रंजन नाम के यूजर ने लिखा अमृतपाल की इतनी बेइज्जती सिर्फ शिखर ही कर सकते हैं।

एक यूजर ने लिखा कि मैं इसे बार-बार देख रहा हूँ।

स्टार किंग नाम के यूजर ने लिखा खालिस्तानी रो देंगे।

वहीं इंस्टाग्राम पर एक यूजर ने शिखर धवन के एक्टिंग की तारीफ की। उन्होंने लिखा शिखर को एक्टर होना चाहिए।

शिखर धवन के इंस्टाग्राम पोस्ट का स्क्रीनशॉट

अंकित साहु ने लिखा, “धवन भाई मैदान के अंदर और बाहर भी मनोरंजन कर रहे हैं”

शिखर धवन के इंस्टाग्राम पोस्ट का स्क्रीनशॉट

बता दें पंजाब पुलिस द्वारा अमृतपाल सिंह और उनके सहयोगियों के खिलाफ अभियान शुरू करने के बाद भाग रहे खालिस्तानी समर्थक ने पुलिस द्वारा घेरे जाते समय वीडियो बनाए थे। जिनमें वे ‘पोल्स आ गई पोल्स (पुलिस आ गई पुलिस)’ कहते सुने जा सकते थे। इसके बाद से ही सोशल मीडिया पर इसे हाथों हाथ लिया गया और कई मौकों पर मनोरंजन और मजाक के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है।

चुनावी लाभ के लिए कॉन्ग्रेस भड़का रही क्षेत्रीयता की आग, फैलाया जा रहा अमूल बनाम नंदिनी का झूठ: समझें पूरा मामला

कर्नाटक विधानसभा चुनाव (Karnataka Assembly Election 2023) नजदीक आने के साथ ही राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी कॉन्ग्रेस (Congress) ने अमूल को कर्नाटक के मिल्क ब्रांड ‘नंदिनी’ (Amul vs. Nandini) के खिलाफ खड़ा करके दूध को लेकर गंदी राजनीति शुरू कर दी है।

राज्य की सत्तारूढ़ भाजपा (BJP) के खिलाफ अपना हमला जारी रखते हुए कन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया (Siddaramaiah) रविवार (9 अप्रैल 2023) को ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) से पूछा कि क्या उनकी यात्रा का उद्देश्य ‘राज्य को लूटना’ था।

सिद्धारमैया ने पूछा, “आपका कर्नाटक आने का उद्देश्य कर्नाटक को देना है या कर्नाटक को लूटना है? आप पहले ही कन्नड़ लोगों से बैंक, बंदरगाह और हवाई अड्डे छिन चुके हैं। अब क्या आप नंदिनी (KMF) को आप भी हमसे चुराने की कोशिश कर रहे हैं?”

कॉन्ग्रेस नेता ने कहा, “यह गुजरात का बड़ौदा बैंक था, जिसने हमारे विजया बैंक की को अपने में मिला लिया। बंदरगाहों और हवाईअड्डों को गुजरात के अडानी को सौंप दिया गया। अब, गुजरात का अमूल हमारे KMF (नंदिनी) को खाने की योजना बना रहा है। मिस्टर नरेंद्र मोदी, क्या हम गुजरातियों के दुश्मन हैं?”

पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने आगे कहा, “नरेंद्र मोदी ने युवाओं को साल में 2 करोड़ नौकरियाँ देने के बजाय हमारे बैंकों, बंदरगाहों और हवाईअड्डों से कन्नड़ लोगों की नौकरियाँ छीन लीं। अब कर्नाटक बीजेपी अमूल को केएमएफ देकर हमारे किसानों की संभावनाओं को नुकसान पहुँचाना चाहती है।”

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘प्रोजेक्ट टाइगर’ के 50 साल पूरे होने के अवसर पर एक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए कर्नाटक के मैसूर और चामराजनगर जिलों में गए थे। इसके बाद रविवार (11 अप्रैल 2023) को पीएम मोदी के चुनावी दौरे से पहले पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने ट्वीट किए।

अमूल ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से 5 अप्रैल को कर्नाटक में आने को लेकर एक इन्फोग्राफिक पोस्ट किया था। इसे कॉन्ग्रेस ने चुनाव से होकर गुजर रहे राज्य में भाजपा से मुकाबला करने के के रूप में देखा। कॉन्ग्रेस ने तुरंत अमूल इन्फोग्राफिक और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दिसंबर 2022 के भाषण को जोड़ा दिया। इस भाषण में अमित शाह ने अमूल और नंदिनी के बीच अधिक सहयोग का आह्वान किया था।

मांड्या में एक मेगा-डेयरी संयंत्र का उद्घाटन करते हुए अमित शाह ने कहा था, “अमूल और केएमएफ मिलकर यह सुनिश्चित करने की दिशा में काम करेंगे कि राज्य के हर गाँव में एक प्राथमिक डेयरी हो। 47 वर्षों में कर्नाटक ने डेयरी क्षेत्र में प्रगति की है और कारोबार 4 करोड़ रुपए से बढ़कर 25,000 करोड़ रुपए हो गया है। अमूल और केएमएफ को कर्नाटक में सहकारी डेयरी को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करना होगा।”

दरअसल, नंदिनी दूध ब्रांड का स्वामित्व कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (KMF) के पास है। अब अमित शाह के इस भाषण को इससे जोड़कर कॉन्ग्रेस ने अमूल द्वारा राज्य के स्थानीय डेयरी ब्रांड नंदिनी के अधिग्रहण के बारे में भ्रामक जानकारी फैलाने के लिए इस्तेमाल किया। जब मामला बढ़ गया और विवाद में बदल गया तो कॉन्ग्रेस को इसमें राजनीतिक लाभ नजर लाभ आने लगा और इसके लिए इस विवाद को आगे बढ़ाना शुरू कर दिया।

कॉन्ग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने कर्नाटक के बाजार में अमूल के प्रवेश में एक बड़ी साजिश का की बात कही थी। उन्होंने कहा था, “हम अपने दूध और अपने किसानों की रक्षा करना चाहते हैं। हमारे पास पहले से ही नंदिनी है जो अमूल से बेहतर ब्रांड है… हमें किसी अमूल की जरूरत नहीं है… हमारा पानी, हमारा दूध और हमारी मिट्टी मजबूत है।’

कर्नाटक में जब अमूल आया, तब कॉन्ग्रेस की सरकार

कॉन्ग्रेस नेता और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अमूल-नंदिनी विवाद का उद्देश्य राज्य के चुनावों से पहले वहाँ के मतदाताओं के बीच क्षेत्रीय तनाव को भड़काकर लाभ लेना है। हालाँकि, बीजेपी को बैकफुट पर लाने की जल्दबाजी में सिद्धारमैया शायद ये भूल गए कि अमूल ने साल 2017 में ही राज्य में अपना विस्तार किया था। उस वक्त कॉन्ग्रेस सत्ता में थी।

अमूल की 2017 की हुई वार्षिक आम बैठक के मिनट्स में साफ लिखा है कि 2017 में ही संस्था ने देश के अन्य भागों के साथ-साथ उत्तरी कर्नाटक के शहरों में अमूल दूध को लॉन्च कर दिया है। पिछले सात वर्षों में इस सहकारी संस्था की बिक्री कैसे बढ़ी, इसका विवरण साझा किया था।

इसमें कहा गया था, “हमने चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश के कई शहरों, सिलीगुड़ी सहित उत्तर बंगाल, उत्तरी कर्नाटक के शहर और हाल ही में जबलपुर में अमूल दूध लॉन्च करके अपने नए उत्पाद का विस्तार किया।” अमूल की 43वीं सालाना आम बैठक के मिनट्स को यहाँ पढ़ा जा सकता है।

अमूल की बैठक के मिनट्स

यह बैठक 15 जून 2017 को हुई थी और कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया 13 मई 2013 से 17 मई 2018 तक कर्नाटक के मुख्यमंत्री थे। यह स्पष्ट रूप से इंगित करता है कि अमूल ने 2017 में कर्नाटक में एंट्री की और उस समय कॉन्ग्रेस सत्ता में थी।

कर्नाटक BJP के नेताओं ने नंदिनी का बचाव किया

इसके अतिरिक्त कर्नाटक के वर्तमान मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने शनिवार (10 अप्रैल 2023) को स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ने नंदिनी को राष्ट्रीय स्तर पर नंबर एक बनाने के लिए सभी प्रकार के उपाय किए हैं। नंदिनी को कर्नाटक का गौरव बताते हुए बोम्मई ने कहा, “नंदिनी की बाजार पहुँच व्यापक है। अमूल से डरने की जरूरत नहीं है।” उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस हर चीज का राजनीतिकरण कर रही है, जो राज्य के हित में नहीं है।

कर्नाटक के सहकारिता मंत्री एसटी सोमशेखर ने रविवार (11 अप्रैल 2023) को दोहराया कि KMF का अमूल में विलय का कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने कहा, “हम दूसरे राज्यों में भी जा रहे हैं और मार्केटिंग कर रहे हैं… हम अमूल को प्रतियोगिता में पीछे रखने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।”

इसका अर्थ यह है कि कर्नाटक कॉन्ग्रेस का प्रोपेगेंडा पूरी तरह झूठ है कि अमूल कर्नाटक में प्रवेश करके नंदिनी को जड़ से उखाड़ने का प्रयास और कन्नड़ की पहचान और संस्कृति को कम करने कोशिश कर रहा है और मोदी सरकार अमूल को समर्थन कर वहाँ के किसानों को नुकसान पहुँचा रही है। उपभोक्ता वस्तुओं की पूरे देश में मार्केटिंग की जाती है। इस तरह कॉन्ग्रेस का फैलाया यह झूठ निराधार है।

गुजरात और वहाँ के उत्पादों से कॉन्ग्रेस को नफरत

कॉन्ग्रेस पार्टी का गुजरात और गुजरातियों के प्रति तिरस्कार कोई नई बात नहीं है। नरेंद्र मोदी के पीएम बनते ही यह सब सामने आ गया। चूँकि देश को चलाने वाले दो शीर्ष व्यक्ति (नरेंद्र मोदी और अमित शाह) गुजराती हैं, इसलिए कॉन्ग्रेस सभी गुजरातियों को बुरा दिखाने की कोशिश करती है। अपनी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में भारत को ‘नफरत मुक्त’ बनाने का वादा राहुल गाँधी ने किया था, लेकिन कई मौकों पर वे इस नफरत से उबर नहीं पाए।

राहुल गाँधी अतीत में अनगिनत मौकों पर भूल गए कि गुजरात भारत का हिस्सा है। उन्होंने गुजरातियों का अपमान करने का एक भी मौका नहीं छोड़ा। साल 2021 में असम चुनाव के दौरान राहुल गाँधी ने कहा था कि असम के चाय श्रमिकों की अतिरिक्त मजदूरी दर को फंड देने के लिए वह गुजराती चाय व्यापारियों से पैसे लेंगे।

सितंबर 2021 में जब अधिकारी ड्रग रैकेट का भंडाफोड़ करने में व्यस्त थे, उस समय राहुल गाँधी ने फिर से गुजरातियों पर हमला किया और उन्हें ड्रग एडिक्ट हैं। इन ड्रग्स का इस्तेमाल आतंकी फंडिंग के लिए किया जाता है।

इसी तरह 2019 के चुनावों से पहले एक चुनावी रैली में राहुल गाँधी ने गुजरात में एक पूरे समुदाय का मज़ाक उड़ाया था। उन्होंने कहा था, “नीरव मोदी, ललित मोदी, नरेंद्र मोदी… कैसे इन सभी का उपनाम मोदी है? सभी चोरों का एक ही उपनाम मोदी कैसे हो सकता है?” राहुल गाँधी को अब इस मामले में दोषी ठहराया जा चुका है और वे जमानत पर हैं।

जब पुलिस ने हाल ही में गुजरात के एक ठग को गिरफ्तार किया तो गुजरात और गुजरातियों को बदनाम करने के लिए कॉन्ग्रेस तंत्र ऐक्टिव हो गया। इस ठग ने खुद को जम्मू-कश्मीर में होटल सुविधाओं में सुधार की जिम्मेदारी सौंपे गए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के सदस्य के रूप में पेश किया था

कॉन्ग्रेस नेता सिद्धारमैया ने अब वहीं से मोर्चा सँभाला है, जहाँ उनके सुप्रीमो ने छोड़ा था। उन्होंने वोटरों को आकर्षित करने और कर्नाटक में पार्टी को फिर से स्थापित करने के लिए इस नए गुजराती विरोधी बयानबाजी को फैलाना शुरू कर दिया है। हालाँकि, कॉन्ग्रेस को नहीं पता है कि कर्नाटक में पैर जमाने की हताशा में वे आग से खेल रहे हैं। इसका असर कर्नाटक में रहने वाले गुजरातियों के जीवन पर पड़ सकता है।

हिंसा भड़काने के लिए बॉट्स का इस्तेमाल कर रहे खालिस्तानी, सोशल मीडिया में फैलाए गए भारत विरोधी ट्रेंड्स, अंतरराष्ट्रीय रिसर्च में खुलासा – 20% ट्वीट्स पाकिस्तान से

‘नेटवर्क कॉन्टैजियन रिसर्च इंस्टीट्यूट (NCRI)’ की एक रिसर्च में बड़ा खुलासा हुआ है। इसके अनुसार, खालिस्तानी समर्थक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हिंसा और भारत विरोधी प्रचार को बढ़ावा देने के लिए ट्विटर बॉट्स का उपयोग कर रहे हैं। ‘वाशिंगटन पोस्ट’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, अलगाववादी विचारधारा के समर्थक इन बॉट्स अकाउंट का इस्तेमाल उकसाने वाले वीडियो या किसी भी तरह के भारत विरोधी कंटेंट को ट्रेंड कराने के लिए करते हैं।

एक बार पोस्ट के ट्रेंड हो जाने के बाद अकाउंट्स द्वारा उन ट्वीट्स को हटा लिया जाता है ताकि निलंबन से बचा जा सके। एनसीआरआई की शोध के अनुसार, इस तरह के खाते ‘बम’ के स्थान पर ‘डिवाइस’ और राजनेताओं के लिए राजनीतिक मौत (Political death) जैसे शब्दों का उपयोग करते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, खालिस्तानी समर्थक और ‘वारिस पंजाब दे’ के सरगना अमृतपाल सिंह के खिलाफ पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों द्वारा कार्रवाई शुरू करने के बाद से ये गतिविधियाँ तेजी से बढ़ी हैं। अमृतपालके समर्थन में खालिस्तानियों ने एक साथ सैन फ्राँसिस्को, यूके समेत कुछ और देशों में भारतीय वाणिज्यिक दूतावासों में तोड़फोड़ की थी। अमेरिका में भारतीय अधिकारियों और पत्रकारों पर हमला किया गया।जिसके बाद भारत सरकार ने सख्ती दिखानी शुरू की।

रिपोर्ट में पाया गया है कि ऐसे मौके पर इन ऑटोमेटेड ट्विटर अकाउंट्स (Automated twitter accounts) का भरपूर इस्तेमाल किया गया। भारत के खिलाफ नफरती कंटेट फैलाए गए। रिसर्च में पता चला है कि ट्विटर ने ऐसे फर्जी खातों के खिलाफ कार्रवाई की है लेकिन इसके बाद भी नफरती कंटेट को प्रमोट या शेयर करने के लिए ट्विटर एक सुविधाजनक प्लेटफॉर्म बना हुआ है।

‘वॉशिंगटन पोस्ट’ ने लिखा है कि पंजाब के किसानों में अलगाववाद की भावना भरने के लिए किसानों के सामान्य मुद्दे, जैसे एमएसपी, किसान आंदोलन, और नौकरियों के अभाव के मुद्दे को जान समझकर उछाला गया। बता दें अमृतपाल ने भी पंजाब के कई ग्रामीण इलाकों का दौरा किया था। वह खुलेआम अलग देश की बात करता था। जब अमृतपाल और उसके समर्थकों पर कार्रवाई हुई तो उसे मुद्दा बनाकर पंजाब में हिंसा भड़काने की कोशिश की गई।

फाइल फोटो

रिपोर्ट के अनुसार ट्विटर पर योजनाबद्ध तरीके से भड़काउ ट्वीट्स किए गए। इन ट्वीट्स में भारत में बिजली प्लांट्स को जलाने, ट्रेन की पटरियों को उखाड़ने और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर हमला करने की आह्वान किया गया। ट्विटर पर पोस्ट द्वारा लोगों को जमा करने और एक्शन के लिए कहा गया। फर्जी ट्विटर अकाउंट द्वारा एक ट्वीट में रेलवे में की गई तोड़फोड़ का वीडियो शेयर किया गया था और उसका श्रेय ‘सिख फॉर जस्टिस’ ग्रुप को दिया गया था।

रिसर्च के दौरान NCRI ने पाया कि जनवरी 2023 के बाद से 359 फर्जी ट्विटर अकाउंट्स सक्रिय हैं। ये अकसर 20 से 50 अकाउंट्स के ग्रुप में काम करते हैं। जैसे यदि किसी वीडियो को वायरल करना है तो 20 से 50 ट्विटर अकाउंट्स के जरिए एक साथ ट्वीट किया जाता है। इनमें ज्यादातर खाते फर्जी होते हैं जो सिख फॉर जस्टिस के लोगों से जुड़े होते हैं। किसी कंटेट को लगातार ट्वीट और रीट्वीट करते रहने से ये लगातार लोगों के सामने आते रहते हैं। इन खातों से सार्वजनिक हस्तियों को टैग भी किया जाता है ताकि इन खातों को विश्वसनीय समझा जाए।

एनसीआरआई के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर जैक डोनोह्यू (Chief Operating Officer of NCRI Jack Donohue) के मुताबिक फर्जी खातों से किसी विचार को इतनी तीव्रता से फैलाया जाता है कि उसके परिणाम हिंसक हो जाते हैं। जो चिंता का विषय हैं।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत में खालिस्तान विरोधी आंदोलन को भड़काने वाले और एंटी इंडिया एजेंडा फैलाने वाले 20 प्रतिशत खाते पाकिस्तान से चलाए जाते हैं। कुछ खातों से तो यहाँ तक लिखा जाता है कि खालिस्तानी नेताओं को पाकिस्तान का एहसानमंद होना चाहिए। खासकर पाकिस्तान की एक राजनीतिक पार्टी का जो उनके आंदोलन को समर्थन देते हैं।

एनसीआरआई ने अपने रिसर्च में कहा है कि पाकिस्तान से संचालित होने वाले खातों द्वारा भारत के खिलाफ गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाता है। इसमें हिंदू पूजा स्थलों को निशाना बनाया जाना, आतंक फैलाने के लिए आंदोलन चलाना और भारतीय दूतावालों पर हमले कराना शामिल है।

ऑपइंडिया की पड़ताल

मार्च 2023 में ऑपइंडिया की तरफ से एक रिपोर्ट में बताया गया था कि ट्विटर पर खालिस्तानी सपोर्टर #WeStandWithAmritpalSingh ट्रेंड करा रहे हैं। हमारे शोध में पाया गया कि एक ही दिन में इस हैशटैग का उपयोग करके 40,000 से अधिक ट्वीट्स किए गए। इनमें से 11,000 से अधिक ट्वीट अमेरिका से और 18,000 भारत से किए गए। इसके अलावा यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भारत विरोधी प्रचार करने वाले चैनल कुकुरमुत्तों की तरह उग आए हैं।

हालाँकि ज्यादातर ट्वीट पोस्ट करने के कुछ घंटों के भीतर हटा दिए गए फिर भी ऑपइंडिया ने कुछ खातों और हैशटैग को ट्रैक किया। तीन हैशटैग #WeStandWithAmritpalSingh, #CallForSarbatKhalsa और #khalistan_zindabad का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया। हमने #WeStandWithAmritpalSingh पर ज्यादा पड़ताल की। लेकिन #khalistan_zindabad और #CallForSarbatKhalsa का मामला अलग नहीं था। सक्रिय यूजर singh99826891 ने अपने पोस्ट में #khalistan_zindabad का बड़े पैमाने पर उपयोग किया। कई अन्य खाते नियमित रूप से इस तरह के हैशटैग का उपयोग करते प्राप्त हुए।

स्रोत: टॉकवॉकर

पिछले सात दिनों में इन हैशटैग के साथ 390 से अधिक ट्वीट्स दिखाई दिए। संख्या इसलिए कम है क्योंकि निलंबन से बचने के लिए ट्विटर यूजर या बॉट अकाउंट नियमित रूप से ट्वीट हटाते रहते हैं। एक अन्य अकाउंट dharmkaur_, बड़े पैमाने पर #CallForSarbatKhalsa का उपयोग करते पाया गया। इस हैशटैग का इस्तेमाल कर पिछले सात दिनों में 9,600 ट्वीट किए गए हैं।

स्रोत: टॉकवॉकर

टॉकवॉकर के अनुसार हैशटैग को आगे बढ़ाने वाले कुछ प्रमुख खाते इस प्रकार हैं-

स्रोत: टॉकवॉकर

जिन अन्य हैशटैग पर हमने गौर किया उनमें #FreeKhalistan, #Lashker_e_Khalsa, #FreeSikhPoliticalPrisoners #FreeJaggiNow और बहुत कुछ शामिल हैं। बता दें #FreeJaggiNow किसान आंदोलन के समय भी ट्विटर पर ट्रेंड कराया गया था।

पुलिस की वैन अचानक हुई खराब, अतीक अहमद को गाड़ी से उतार कर ले गए: राजस्थान सीमा के पास हुआ वाकया

माफिया अतीक अहमद को यूपी पुलिस एक बार फिर से गुजरात के साबरमती जेल से प्रयागराज लेकर आ रही है। इस बार भी उसे कोर्ट में पेश किए जाने के लिए ही लाया जा रहा है। अब खबर मिल रही है कि राजस्थान के डूंगरपुर में वैन खराब हो गई है। माफिया अतीक अहमद के वैन के साथ ये वैन चल रही थी। वैन की मरम्मत की जा रही है, जबकि अतीक अहमद को उतार कर सुरक्षित जगह पर रखा गया है। ठीक होने के बाद वैन आगे बढ़ेगी।

राजस्थान की सीमा में प्रवेश करने तक यूपी पुलिस के साथ-साथ गुजरात पुलिस की भी गाड़ी साथ थी। राजस्थान की सीमा से 10-15 किलोमीटर की दूरी पर ये वाकया हुआ है। अगर वैन की मरम्मत नहीं हो पाती है तो दूसरी गाड़ी मँगाई जाएगी और फिर काफिला आगे बढ़ेगा। बताया जा रहा है कि उस गाड़ी के क्लच में दिक्कत आ गई है। बिछीवाड़ा पुलिस थाने के परिसर में अतीक अहमद को रोका गया है। पुलिस वैन में सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए हैं।

अतीक अहमद हाल ही में उमेश पाल की हत्या के बाद चर्चा में आया था। उमेश पाल, MLA राजू पाल हत्याकांड में गवाह थे। राजू पाल को भी अतीक अहमद ने ही मरवाया था। रास्ते में जो गाड़ी खराब हुई है, वो वज्र वाहन है। जैसे ही दूसरी वैन आ जाएगी, काफिला आगे बढ़ चलेगा। ताज़ा हत्याकांड में न सिर्फ अतीक अहमद, बल्कि उसकी पत्नी और बेटों के अलावा बहन, बहनोई और दोनों भांजियाँ भी शामिल थीं। उसका भाई अशरफ भी इस साजिश का हिस्सा था।

अतीक को सड़क के रास्ते से लेकर आ रही पुलिस टीम के साथ दो प्रिजन वैन भी मौजूद हैं। पुलिस की टीम में एक इंस्पेक्टर, 30 कॉन्स्टेबल शामिल हैं। इन सबके अलावा सादे कपड़ों में भी कुछ पुलिस जवान हैं। ये सुरक्षा के लिए अतीक के काफिले के साथ चल रहे हैं, क्योंकि मामला संवेदनशील है। अतीक 2019 से अहमदाबाद की साबरमती जेल में बंद है। यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा है कि राज्य में एक भी अपराधी बख्शा नहीं जाएगा।

‘मुस्लिम लड़कियों को फँसाओ, शारीरिक संबंध बनाओ’: RSS के नाम से वायरल हो रहे पत्र का सच जानिए, लिखा है – ’10 लाख मुस्लिम लड़कियों की घर-वापसी का लक्ष्य’

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के नाम से एक पत्र बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस पत्र में मुस्लिम लड़कियों को घर वापसी के माध्यम से हिंदू बनाने के लिए कहा गया है। यही नहीं, इसमें 15 दिनों के प्रशिक्षण देने की देने की बात कही गई है। हालाँकि, आरएसएस ने इस पत्र को फर्जी करार दिया है।

क्या है इस पत्र में

इस पत्र को संघ प्रमुख मोहन भागवत के गोपनीय कथन बताते हुए वायरल किया गया है। इसमें लिखा है कि मोहन भागवत ने हर वर्ष 10 लाख मुस्लिम लड़कियों की घर वापसी का लक्ष्य रखा है। इसके लिए हिंदू लड़कों को 15 दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यही नहीं, इसमें मुस्लिम लड़कियों की घर-वापसी के लिए 12 तरीके भी बताए गए हैं। इन तरीकों में लड़कियों से बातचीत करने से लेकर सोशल मीडिया में चैट और शारीरिक संबंध बनाने को लेकर बात कही गई है।

सोशल मीडिया पर वायरल फर्जी लेटर

RSS के नाम से सोशल मीडिया पर लगातार शेयर किए जा रहे इस पत्र को शाहवाज अंजुम नामक यूजर ने ट्वीट करते हुए लिखा है, “मुस्लिमों के खिलाफ RSS का घिनौना खेल। हिन्दू लड़के कॉलेज, कोचिंग, यूनिवर्सिटी, ऑफिस, सोशल मीडिया में मुस्लिम लड़की को प्यार के जाल में फँसाओ। उससे शारीरिक सम्बन्ध बनाओ। ताकि वो अपने परिवार को छोड़ कर भागने के लिए मजबूर होकर तैयार हो जाए।”

उसने आगे लिखा है, “घर बसाने के लिए 5 लाख की मदद भी दी जाएगी। आरएसएस खुलेआम मुस्लिम लड़कियों की इज्ज़त के साथ खेलने की साज़िश और षड्यंत्र कर रही है। पूरा पढ़िए। अपनी बहन बेटियों और सभी अन्य मुस्लिमों को इस षड्यंत्र से बचाने के लिए इस पोस्ट को रीट्वीट व शेयर करिए।”

मोहम्मद तनवीर नामक यूजर ने ट्वीट कर लिखा है, “ये लेटर पढ़ो और आँखें खोलो। मुस्लिम बच्चियो, RSS तुम को मुर्तद बना रहा है। तुम्हारे भोलेपन का फायदा उठा रहा है। अगर ऐसा पत्र किसी मुस्लिम संगठन ने जारी कर दिया होता तो अब तक टीवी पर डिबेट होने लगती। संगठन के लोग जेल में होते। इसे हिन्दू समाज पर हमला बता दिया गया होता। अरब देशों से फंडिंग की बात की जा रही होती। इतनी बड़ी साजिश हो रही मुस्लिमों की बहन-बेटियों के साथ लेकिन हमारे मुस्लिम संगठन के लोग भी खामोश हैं।”

@savemuslimgirls नामक यूजर ने लिखा है, “हिन्दू लड़के कॉलेज, ऑफिस में मुस्लिम लड़की को प्यार में फँसाओ। उससे शारीरिक संबंध बनाओ। ताकि वो अपने परिवार को छोड़ कर भागने के लिए तैयार हो जाए। उसे 5 लाख की मदद दी जाएगी घर बसने में। पूरा पढ़िए और अपनी बहन-बेटियों सभी मुस्लिमों को भेजिए।”

इमरान हाशमी नामक यूजर ने लिखा है, “आरएसएस, बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद, आर्य समाज मंदिर जैसे कट्टर पंथी संगठन हिंदू लड़कों को कॉलेज, ऑफिस, सुपर मार्केट में मुस्लिम लड़कियों को प्यार के जाल में फँसाने उससे शारीरिक संबंध बनाकर प्राइवेट वीडियो फोटो रिकॉर्ड करने को कहा जा रहा है।”

इस पत्र को राष्ट्रीय स्वयं संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने फर्जी करार दिया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है, “यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नाम पर सोशल मीडिया में चल रहा पत्रक पूर्णतः झूठा है।”

इस मामले में सबसे बड़ी बात यह रही कि जब ऑपइंडिया सोशल मीडिया पर वायरल इस पत्र की सत्यता की जाँच कर रहा था, तब यह सामने आया कि यह पत्र शेयर करने वाले लोगों में से ज्यादातर लोग इस्लामवादी थे।