Home Blog Page 1893

काजल हिंदुस्तानी पर FIR दर्ज करने को तैयार थी पुलिस, फिर भी हथियारों से लैस भीड़ ने की हिंसा-पत्थरबाजी: ‘सर तन से जुदा’ के नारे, 80 गिरफ्तार

हिंदू कार्यकर्ता काजल सिंघला उर्फ काजल हिंदुस्तानी की गिरफ्तारी की माँग को लेकर मुस्लिम नेताओं के एक समूह ने 31 मार्च 2023 को ऊना पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने के लिए संपर्क किया था। मुस्लिम नेताओं ने आरोप लगाया था कि रामनवमी की शोभायात्रा के बाद आयोजित की एक सभा में काजल द्वारा दिया गया भाषण भड़काऊ और मुस्लिम विरोधी था। इसके बाद 2 अप्रैल 2023 को काजल हिंदुस्तानी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई और 9 अप्रैल 2023 को गिरफ्तार कर लिया गया।

उधर मुस्लिम नेता पुलिस से संपर्क कर रहे थे और इधर 31 मार्च को ही एक मुस्लिम भीड़ सड़कों पर उतरकर काजल पर ईशनिंदा का आरोप लगा रही थी और उनका सिर काटने की माँग करते हुए ‘सर तन से जुदा’ के नारे लगा रही थी। काजल के भाषण को लेकर गुजरात के ऊना में हिंसा भी हुई। 1 अप्रैल 2023 को ऊना पुलिस ने मुस्लिम भीड़ के 250 से अधिक लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। इनमें से करीब 80 की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।

ऑपइंडिया को मिली एफआईआर की कॉपी में कहा गया है कि रामनवमी पर काजल हिंदुस्तानी के भाषण के बाद मुस्लिम भीड़ ने ऊना में हिंसा भड़काई थी। एफआईआर में कहा गया है, “काजल हिंदुस्तानी के भाषण की प्रतिक्रिया के रूप में जानबूझकर साजिश रची गई और लगभग 200 नामजद और गुमनाम लोगों की एक भीड़ इकट्ठा हो गई। भीड़ बैट, लोहे की पाइप, तलवार और लोहे के अन्य तेज वस्तुओं से लैस थी।”

FIR में आगे कहा गया है, “लोग अचानक उत्तेजित हो गए और पत्थर और सोडा की खाली बोतलों सहित उनके हाथों में जो भी चीजें थीं, उसे फेंकना शुरू कर दिया। इससे आसपास के लोगों को चोट लगी और संपत्तियों को नुकसान पहुँचा। चूँकि यह गिर सोमनाथ के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट द्वारा घोषित हथियार विरोधी कानून का उल्लंघन था, इसलिए इस संबंध में मामला दर्ज किया गया था।”

ऊना में हिंसा को लेकर मुस्लिम भीड़ के खिलाफ FIR

दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, ऊना पुलिस स्टेशन के SI आरआर गलचर ने कहा कि 1 अप्रैल 2023 को मुस्लिम भीड़ द्वारा नारे लगाने के बाद कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए विभिन्न पुलिसकर्मी ड्यूटी पर थे। शाम करीब 7:30 बजे प्रवीनाबेन ने पुलिस को सूचना दी कि ऊना के कुंभारवाड़ा इलाके में भीड़ जमा हो गई है और एक-दूसरे पर पथराव कर रही है।

पुलिस जब मौके पर पहुँची तो 200 से ज्यादा लोग वहाँ जमा हो चुके थे और उनके हाथों में सोडा की बोतलें और पत्थर थे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस के अधिकारी हिंसक के पास गए और हाथ के इशारों में उनसे कहा कि वे पत्थर और सोडा की बोतलें न फेंकें। हालाँकि, पुलिस की चेतावनी के बावजूद मुस्लिम भीड़ ऐसा करती रही।

प्राथमिकी में आगे कहा गया है कि वहाँ की स्थिति को देखते हुए और अधिक पुलिस बल को बुलाया गया और पुलिस कार्रवाई के बाद आखिरकार भीड़ तितर-बितर हो गई। पथराव में शामिल लोगों में से कई लोगों को पुलिसकर्मियों ने उनके चेहरे से पहचान लिया। इसके बाद उनके खिलाफ नामजद मकदमे दर्ज हुए। जिन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया जा चुका है, उनके नाम निम्नलिखित हैं:

  1. यासीनभाई अब्दुल्ला सुमरा
  2. हसमामिया हैदरजी सिराजी
  3. फारूक अजीजभाई मेमन
  4. रफीकबापू बशीरबापू सैयद
  5. मुस्ताकभाई अहमदभाई सैयद
  6. महमदजुनैद महमदशफी सैयद
  7. इस्माईलशा बापूशा फकीर
  8. मोहसिन हाजीभाई मुल्ला
  9. रजाक हयातखान पठान
  10. लियाकतहुसैन दिलावरहुसैन कादरी
  11. दानिश सलीमभाई सुमरा
  12. हसामभाई जमालभाई कुरैशी
  13. सलीम अब्दुल्ला सुमरा
  14. साबिर हाजीभाई मुंशी
  15. इरफान अब्दुल हकीम अंसारी
  16. उस्मान अब्दुल्ला शेख सुमरा
  17. महमद अनीस कादरी
  18. साहिल यासीनभाई सुमरा
  19. निजाम यासीन सुमरा
  20. महमदसफी सैय्यद महमद सैय्यद
  21. सिराज महमद इकबाल फैजलाली सैय्यद
  22. रफीकभाई सैयदमहम्मद सैय्यद
  23. महमदहनिफ सैय्यदमहम्मद सैय्यद
  24. हमद अवेश महमदहनिफ सैय्यद
  25. हनीफभाई इस्माइल शेख
  26. मजगुल साबिर अलीभाई बादशाह
  27. महमूदशाह गुलजारशाह फकीर
  28. जफर शाह हुसैन शाह फकीर
  29. अब्दुल सत्तार बादामियां सिराजी
  30. साबिर अहमद जफई अरब
  31. याकूब इस्माइल शेख
  32. मकसूद इस्माइल शेख
  33. गरीबशाह गुलजारशाह शाहमदार
  34. गुलजार शाह आरिफ शाह फकीर
  35. इम्तियाज हनीफ अब्दुल शेख
  36. भीखू अहमद कुरैशी
  37. जफाई अरबाज अलीभाई अरब
  38. अल्लारखा करीमभाई शेख
  39. मोहसिन करीमभाई शेख
  40. इस्माइल बावनभाई मालेक
  41. आसिफभाई अब्दुलभाई बेलिम
  42. मोहम्मद इरफान इकबाल भाई मेमन
  43. महमदसबीर गुलामहैदर कादरी
  44. वसीम दिलावर छोरा
  45. सिराजभाई मजीदभाई मोदन
  46. इकबाल मुरादभाई बलूच
  47. समीर इकबालभाई बलोच
  48. अबूबकर अबुतालेब मुंडन
  49. इम्तियाज तैयब शाहमदार
  50. सरवर अब्बास कुरैशी
  51. बसीर सिदीभाई सुमरा
  52. यासीन बापू परबवाड़ा
  53. इस्माइल उर्फ जंबो फरीदभाई
  54. मोइन घांची
  55. शब्बीर भूरो
  56. इमरान भूरो
  57. फरीद कुरैशी
  58. सलीम केजीएन
  59. आरिफ भूरो
  60. रईस सुमरा
  61. साहिल जाविदखान
  62. सकलैन सत्तारभाई
  63. सद्दाम मुल्ला मुंशी
  64. कोनेनबापू रजाकभाई
  65. सलीम फकीर
  66. कयूम खान
  67. नाजिम मेमन
  68. सकलैन घांची
  69. रईस खान
  70. जोंटी खटरावालो
  71. इस्माइल कुरैशी
  72. अनीस सिकंदर झाखराव
  73. साहिल कादरी
  74. मारुक कुरैशी
  75. फिरोज मूसा भिस्ती
  76. फरीद भूरो

ये सभी ऊना के रहने वाले हैं और इनके द्वारा पत्थर, सोडा की बोतलें आदि फेंके गए थे। यहाँ तक कि इनके पास लोहे की छड़ें, तलवारें और अन्य हथियार भी थे। इसके कारण वहाँ मौजूद कई लोगों को चोटें आई थीं। हिंसा के कारण वाहनों और घरों को नुकसान पहुँचा था।

ये हिंसा काजल हिंदुस्तानी के भाषण के बाद हुई थी। भाषण के जवाब में पूर्व नियोजित साजिश के तहत करीब 200 नामजद और अनाम लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। भीड़ में शामिल लोगों के खिलाफ IPC की धारा 323, 337, 427, 143, 147, 148, 149, 120 (बी) के साथ-साथ जीपी एक्ट की धारा 135 के तहत शिकायत दर्ज की गई है।

रमजान के महीने में पाकिस्तान में बम ब्लास्ट, 4 की मौत: इस्लामी मुल्क में लगातार चौथे दिन हुआ हिंसक हमला, पुलिसकर्मियों को बनाया निशाना

पाकिस्तान में बलूचिस्तान प्रांत के क्वेटा में भीषण बम धमाका हुआ है। इस धमाके में 2 पुलिकर्मियों सहित 4 लोगों की मौत हो गई। वहीं 15 लोग घायल बताए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि आतंकियों ने पुलिसवैन को निशाना बनाते हुए इस हमले को अंजाम दिया। बम धमाका सोमवार (10 अप्रैल, 2023) को हुआ।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बलूचिस्तान प्रांत के क्वेटा शहर में स्थित कंधारी बाजार में ईद को लेकर खरीदी हो रही थी। इसी दौरान वहाँ खड़े पुलिस वाहन के पास विस्फोट हो गया। बम धमाके में अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 15 लोग घायल हुए हैं। घायलों में महिलाएँ और बच्चे भी शामिल हैं। घायलों को इलाज के लिए क्वेटा सिविल हॉस्पिटल ले जाया गया। घायलों में 2 लोगों की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। ऐसे में मृतकों की संख्या में बढ़ोतरी होने की आशंका जताई जा रही है।

इस बम धमाके को लेकर एसएसपी ऑपरेशंस कैप्टन जोहैब मोहसिन बलोच ने कहा है कि आतंकियों ने पुलिस वाहन को निशाना बनाकर बम प्लांट किया था। विस्फोटक एक मोटरसाइकिल में रखा गया था। शुरुआती जानकारी के अनुसार बम धमाके में तीन से चार किलो विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था। इस विस्फोट से पुलिसवैन समेत 3 वाहन क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

बम धमाके के बाद के फोटो और वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इनमें देखा जा सकता है कि जिस मोटरसाइकिल पर बम प्लांट किया गया था, उसके परखच्चे उड़ गए हैं। वहीं पुलिस वैन समेत एक अन्य वाहन को भी नुकसान हुआ है। घटना स्थल पर पूरी तरह से अफरा तफरी का माहौल है। वहीं, एक वीडियो में बाइक जलती हुई भी दिखाई दे रही है।

लगातार चौथे दिन आतंकी हमला

बता दें कि पाकिस्तान में लगातार चौथे दिन आतंकी हमला हुआ है। इससे पहले बलूचिस्तान के कुचलक जिले के किल्ली स्पाइन इलाके में रविवार (9 अप्रैल, 2023) को आतंकियों ने पुलिसकर्मियों पर अंधाधुंध गोलियाँ बरसाई थीं। इस हमले में 2 पुलिसकर्मियों की मौत हुई थी। वहीं एक अन्य घायल हुए था।

वहीं, शनिवार (8 अप्रैल, 2023) को खैबर कबायली जिले की बारा तहसील में भी बम धमाका हुआ था। इस धमाके में 2 पुलिस कर्मियों की मौत हो गई थी। यही नहीं, शुक्रवार (7 अप्रैल, 2023) को स्वाबी जिले में आतंकियों ने हथगोले से सुरक्षाकर्मियों पर हमला किया था। इस हमले में एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई थी। वहीं 2 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे।

मनीष कश्यप की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में नहीं हो सकी सुनवाई: वकीलों ने कहा – बिहार सरकार के इशारे पर दर्ज किए गए झूठे FIR

बिहार के YouTuber मनीष कश्यप की याचिका पर सोमवार (10 अप्रैल, 2023) को सुनवाई नहीं हो सकी। उन्हें पहले बिहार पुलिस ने गिरफ्तार किया, जिसके बाद तमिलनाडु पुलिस उन्हें ले गई। मनीष कश्यप ने सुप्रीम कोर्ट से माँग की है कि इस प्रकरण में उनके खिलाफ दर्ज सारे मामलों को एक जगह ट्रांसफर किया जाए। तमिलनाडु में बिहारी मजदूरों के खिलाफ हुई हिंसा पर वीडियो बनाने के कारण उन्हें गिरफ्तार किया गया था।

उन पर फर्जी वीडियो बनाने का आरोप है। सुप्रीम कोर्ट में मनीष की तरफ से उनके वकील ने कोर्ट नंबर 13 में जस्टिस कृष्ण मुरारी और जस्टिस संजय करोल की पीठ के सामने याचिका लगाई थी। उन्हें केस संख्या 63 दी गई थी। लेकिन, जब लंच हुआ तब तक 43 मामलों की ही सुनवाई हो पाई। लंच ब्रेक के बाद जजों को दूसरी पीठ में बैठ कर सुनवाई करनी थी, इसीलिए ये मामला रह गया। अब मंगलवार को सुनवाई होगी।

मनीष कश्यप का आरोप है कि बिहार सरकार के इशारे पर उनके खिलाफ बिहार और तमिलनाडु में झूठी FIR दर्ज कराई गई है। 9 मार्च, 1991 को पश्चिम चम्पारण के डुमरी महन्वा गाँव में जन्मे मनीष कश्यप का असली नाम त्रिपुरारी कुमार तिवारी है, जिन्होंने 2016 में पुणे स्थित सावित्रीबाई फुले यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग पूरी की। उनके पिता भारतीय सेना में रहे हैं। उन्होंने इंजीनियरिंग से पहले महारानी जानकी कुँवर महाविद्यालय से पढ़ाई की थी।

इससे पहले इस मामले को मुख्य न्यायाधीश (CJI) की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने उठाया गया था, लेकिन जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा था कि उन्होंने अभी इसके बारे में जानकारी नहीं ली है। इसीलिए, मनीष कश्यप को अंतरिम राहत नहीं मिल पाई। तमिलनाडु सरकार की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता संजय हेगड़े और अमित आनंद तिवारी पेश हुए। मदुरै की कोर्ट ने मनीष कश्यप को न्यायिक हिरासत में भेज रखा है। मनीष कश्यप 18 मार्च को आत्मसमर्पण के बाद से ही पुलिस की गिरफ्त में हैं।

‘अब्बा पोर्न स्टार कह कर मारते थे, अश्लील साइट पर अपलोड कर दी गई थी फोटो’: उर्फी जावेद ने की थी आत्महत्या की कोशिश, प्रताड़ना के बाद छोड़ दिया घर

उर्फी जावेद (Urfi Javed) अपनी फोटोज और बयानों के लिए लगातार सुर्खियों में बनी रहती हैं। अब उर्फी ने कहा है कि जब वह 15 साल की थीं तब किसी ने उनकी फोटो पॉर्न साइट पर अपलोड कर दी थी। इसके बाद लोग उन्हें पॉर्न स्टार कहने लगे थे। यहाँ तक कि उर्फी के पिता भी उन्हें पॉर्न स्टार कह उनके साथ मारपीट करते थे। यही कारण है कि उन्हें अपना घर छोड़ना पड़ा।

उर्फी जावेद ने ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे (Humans of Bombay) को एक इंटरव्यू दिया है। इस इंटरव्यू में उन्होंने कहा है, “मैं जब लखनऊ में थी। तब वहाँ मुझे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि आखिर एक खास तरह के कपड़े पहनने से क्यों रोका जा रहा था। मैंने आत्महत्या करने की भी कोशिश की थी। लेकिन इसके बाद मैंने अपनी लाइफ को एक और मौका देने के बारे में सोच लिया था।”

उर्फी ने आगे कहा है, “जब मैं 15 साल की थी, तब किसी ने मेरी फोटो पोर्न साइट पर अपलोड कर दी थी। यह एक सिंपल फोटो थी। इसमें मैं ट्यूब टॉप पहने हुए थी और इसे फेसबुक पर प्रोफ़ाइल फोटो अपलोड किया था। इस फोटो को बिना मॉर्फ किए डाऊनलोड कर लिया और फिर से पॉर्न साइट पर अपलोड कर दिया। फिर किसी ने वह फोटो देखी और मुझे बताया कि मेरी फोटो पॉर्न साइट पर है। हर कोई मुझ पर आरोप लगाने लगा और मुझे पॉर्न स्टार कहा जाने लगा।”

मॉडल उर्फी जावेद ने आगे कहा है, “यहाँ तक कि मेरे अपने पिता ने भी कहा था कि तुम पोर्न स्टार हो। मुझे लगता है कि मेरे पिता ने इन सबसे सहानुभूति बटोरने की कोशिश की। मेरे पिता रिश्तेदारों से कह रहे थे कि उन्होंने पॉर्न साइट के मालिकों से बात की है। पॉर्न साइट के मालिक यह फोटो डिलीट करने के लिए 50 लाख रुपए की माँग कर रहे हैं। चूँकि मेरे पिता मुझे घर में मार रहे थे, इसलिए मैं चुप रही।”

उन्होंने आगे कहा है कि वह दो साल तक यह सब झेलती रहीं। लेकिन जब वह अपने पिता और रिश्तेदारों से परेशान हो गईं तो घर छोड़ दिया और दिल्ली चली गईं। उस समय वह महज 17 साल की थीं। वहाँ उन्होंने छोटे-मोटे काम करने शुरू किए। इंटरव्यू दिए और ऑडिशन भी दिए। कुछ समय बाद उन्हें एक टीवी सीरियल में काम मिल गया। इसके बाद ‘बिग बॉस’ ओटीटी में अपनी किस्मत आजमाई। लेकिन वहाँ भी सफलता नहीं मिली।

इसके बाद उर्फी ने मुंबई जाने का फैसला किया। लेकिन वहाँ वह बेहद अकेली पड़ गई थीं और दोस्तों के साथ रहने का फैसला किया। इसके बाद कपड़ों को लेकर काम करना शुरू कर दिया। उर्फी ने आगे कहा है, “लोगों को यह अच्छा नहीं लगा। दुनिया ने मुझे ट्रोल किया और मेरे काम करने को बकवास बताया। लोग मेरे चरित्र को लेकर सवाल कर रहे थे। लेकिन मैं इंटरनेट पर बातें करने वाले लोगों की बात पर ध्यान दिए बिना मैं अपना काम करती रही।”

क्यों अलग हो रहे हैं कुंडा वाले राजा भैया और बस्ती की राजकुमारी भानवी सिंह, 28 साल पहले हुई थी शादी: क्या MLC अक्षय प्रताप हैं तलाक की वजह

उत्तर प्रदेश के कद्दावर नेता और प्रतापगढ़ के कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया और भानवी कुमारी सिंह के तलाक पर सोमवार (10 अप्रैल 2023) को जज के छुट्टी पर होने के कारण सुनवाई टल गई। राजा भैया ने दिल्ली के पारिवारिक न्यायालय में तलाक की अर्जी दी है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 23 मई को होगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजा भैया ने नवंबर 2022 में पत्नी के खिलाफ तलाक की याचिका दायर की थी। करीब 28 साल की शादीशुदा जिंदगी के बाद दोनों के रिश्तो में दरार पड़ गई है। लेकिन, भानवी और राजा भैया के रिश्तों के बीच काफी समय से कड़वाहट की खबरें आती रही हैं। यह भी कहा जा रहा है कि वे कई सालों से अलग भी रह रहे हैं। हालाँकि, यह मामला उस वक्त सुर्खिर्यों में आया, जब भानवी ने राजा भैया के बेहद करीबी एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया।

उन्होंने दिल्ली में धारा 420, 467, 468, 471,109 और 120बी के तहत अक्षय प्रताप पर केस दर्ज कराया था। इसके बाद राजा भैया ने अक्षय का समर्थन करते हुए कहा था कि वे अपने भाई के साथ खड़े हैं।

जाने कौन हैं भानवी कुमारी सिंह

भानवी कुमारी सिंह बस्ती राजघराने से ताल्लुक रखती हैं। उनका जन्म 10 जुलाई 1974 में हुआ था। भानवी बस्ती राजा के छोटे पुत्र कुँवर रवि प्रताप सिंह की बेटी हैं। कुँवर रवि प्रताप सिंह के 4 बेटियाँ हैं, जिसमें भानवी तीसरे नंबर की हैं। उन्होंने अपनी आठवीं तक की पढ़ाई बस्ती के सेंट जोसेफ स्कूल से पूरी की है। इसके बाद वह आगे की पढ़ाई के लिए अपनी माँ मंजूल सिंह के साथ लखनऊ में चली गईं। बताया जाता है कि वह रियल एस्टेट कारोबार से जुड़ी हुई हैं। राजा भैया और भानवी सिंह की शादी 1995 में हुई थी। दोनों की दो बेटियाँ और दो जुड़वाँ बेटे हैं।

एक अन्य मीडिया रिपोर्ट की माने तो राजा भैया ने करीब दो साल पहले कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल की थी। इसमें उन्होंने पत्नी भानवी के खिलाफ परिजनों को अपमानित करने और बच्चों की परवरिश में उदासीनता बरतने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए थे।

भगोड़े अमृतपाल का राइट हैंड पपलप्रीत गिरफ्तार: हर वक्त साए की तरह नजर आता था साथ, ISI के साथ संबंधों के चलते जा चुका है जेल

पंजाब पुलिस ने सोमवार (10 अप्रैल 2023) को खालिस्तानी भगोड़े अमृतपाल सिंह के करीबी पपलप्रीत सिंह को होशियारपुर से गिरफ्तार कर लिया है। पपलप्रीत ने ही अमृतपाल को पंजाब से भागने में मदद की थी। उसकी अमृतपाल के साथ फोटो भी सामने आई थी। पपलप्रीत के पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से भी संबंध हैं। उस पर NSA लगाया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पंजाब पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट ने पपलप्रीत सिंह को होशियारपुर से गिरफ्तार किया है। हालाँकि, कुछ रिपोर्ट में उसकी गिरफ्तारी अमृतसर का काठू नांगल एरिया बताई जा रही है। 18 मार्च 2023 को हुई कार्रवाई के दौरान पुलिस की पकड़ से बच निकलने के बाद पपलप्रीत कई बार अमृतपाल के साथ देखा गया था। इसके कई सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए थे। पपलप्रीत अमृतपाल के साथ कभी बाइक पर तो कभी जुगाड़ू रेहड़ी पर भागता नजर आया था।

पंजाब में खालिस्तानी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए पपलप्रीत पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के इशारे पर नाच रहा था। पंजाब पुलिस और इंटेलीजेंस एजेंसियाँ लगातार अमृतपाल और पपलप्रीत की तलाश में जुटी हुई थीं, लेकिन दोनों लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे थे। हालाँकि, गत 1 अप्रैल 2023 को खबर आई कि अमृतपाल के साथ साए की तरह दिखने वाला पपलप्रीत अब उससे अलग हो गया है।

कौन है पपलप्रीत सिंह…?

पपलप्रीत अमृतसर के मजीठा हल्के के मरडी कला गाँव का रहने वाला है। उसकी माँ सरकारी स्कूल में टीचर थी। वहीं, पिता खेती करते हैं। पपलप्रीत यूट्यूब चैनल के जरिए भी खालिस्तानी नैरेटिव को गढ़ने में लगा हुआ था। बताया जा रहा है कि वह कई विदेशी चैनलों के लिए रिपोर्टिंग करता था। पपलप्रीत ही अमृतपाल का मीडिया मैनेजमेंट करता था। अमृतपाल उसे अपना मेंटर भी मानता है। यही नहीं खालिस्तान को फिर से खड़ा करने के लिए अमृतपाल को तमाम जरूरी चीजें भी उपलब्ध कराता था।

पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के साथ संबंध के मामले में पपलप्रीत के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा भी दर्ज हुआ था। बाद में साल 2015 में उसकी गिरफ्तारी भी हुई थी। यही नहीं, उसके खिलाफ UAPA समेत कई अन्य मामलों में भी FIR दर्ज है। पपलप्रीत साल 2016 में भी जेल जा चुका है।

22 दिनों से फरार है अमृतपाल…

बता दें कि अमृतपाल ड्रग रिहैब सेंटर की आड़ में गुरुद्वारों में हथियार जमाकर अपनी सेना खड़ी करने की कोशिश में लगा हुआ था। वह ब्रेनवॉश कर युवाओं को मानव बम बनाने के लिए भी प्रयास कर रहा था। पुलिस को जब उसकी तमाम गैरकानूनी गतिविधियों के बारे में पता चला तो 18 मार्च को उसके खिलाफ कार्रवाई की। इस दौरान वह पुलिस की पकड़ से बच निकलने में कामयाब हो गया। बीते दिनों खबर आई थी कि अमृतपाल सरेंडर करने वाला है। हालाँकि यह खबर झूठी निकली। पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई है।

वेस्टर्न कपड़े पहनो, शराब पियो… रुकैया खातून को शौहर अमीरुद्दीन ही कर रहा था टॉर्चर, देवर ताहिर को भी पुलिस ने पकड़ा: बताया- इनकार करने पर करते थे पिटाई

बिहार के दरभंगा में रहने वाली रुतैया खातून नामक महिला ने अपने शौहर और देवर पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। महिला का आरोप है कि उसका शौहर अमीरुद्दीन उसे वेस्टर्न कपड़े पहनने और शराब पीने के लिए मजबूर करता था। मना करने पर देवर ताहिर हुसैन के साथ मिलकर मारपीट करता था। पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रुतैया खातून अपने शौहर और देवर के साथ दिल्ली के टैंकनगर इलाके में रहती थी। जहाँ उसका शौहर और देवर उसे लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। पीड़ित महिला ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में कहा है कि उसका निकाह मोहम्मद अमीरुद्दीन के साथ हुआ था। निकाह होने के कुछ दिन बाद से ही अमीरुद्दीन उस पर वेस्टर्न कपड़े पहनने और शराब पीने का दवाब बनाता था।

पीड़िता का आरोप है कि घर में आने जाने वाले लोगों के सामने भी वह वेस्टर्न कपड़े पहनने के लिए कहता था। शौहर की इन हरकतों का रुतैया विरोध भी करती थी। लेकिन विरोध करने पर वह उसके साथ मारपीट करता था। बाद में परेशान होकर उसने इसकी शिकायत अपने अम्मी और अब्बू से भी की थी।

रुतैया ने अपनी शिकायत में कहा है कि साल 2020 में शौहर अमीरुद्दीन ने अपने चार भाइयों, बहन और माँ के साथ मिलकर उसके साथ मारपीट की थी। मामला बढ़ने पर मोहल्ले वालों ने उसे बचा लिया था। लेकिन फिर बाद में अमीरुद्दीन ने मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया। इसके बाद पीड़िता वहाँ से दरभंगा स्थित अपने मायके आ गई थी। यहाँ उसने आरोपितों के खिलाफ महिला थाने में FIR कराई थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

इसके बाद परिजनों ने एसएसपी अवकाश कुमार से मिलकर आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की। इसके बाद अब दरभंगा पुलिस ने अमीरुद्दीन और उसके भाई ताहिर हुसैन को दिल्ली से गिरफ्तार किया। ताहिर हुसैन इंटरनेशनल टैटू आर्टिस्ट है। ताहिर के इंस्टाग्राम पर 1.74 लाख फॉलोअर्स भी हैं। पीड़िता रुतैया खातून के चाचा मोहम्मद इजहार आलम का कहना है कि रुतैया और अमीरुद्दीन की शादी 2015 में हुई थी। निकाह के दौरान उन्होंने 25 लाख रुपए कैश, 25 तोला सोना तथा एक कार व अन्य उपयोगी और कीमती सामान उपहार में दिए थे।

विशु भाटी की हत्या के बाद मेरठ के गाँव में बवाल; अनस, अशफाक, अकरम सहित कई पर FIR, नाराज ग्रामीणों ने घर और खेतों में लगाई आग

उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut, Uttar Pradesh) में विशु भाटी नाम के एक व्यक्ति की हत्या के बाद तनाव फैल गया है। हत्या का आरोप अनस, अशफाक, शाह नजीम, अकरम, मोहम्मद कैफ और ग्राम प्रधान गजेंद्र पर लगा है। इसके अलावा 3 अज्ञात में भी दर्ज हैं। घटना के बाद आरोपितों के खेतों में आग लगा दी गई है। हालात काबू करने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस फ़ोर्स तैनात किया गया है। अब तक 4 आरोपितों को हिरासत में लेने की बात कही जा रही है। घटना रविवार (9 अप्रैल 2023) की है।

जानकारी के मुताबिक, मामला मेरठ के थाना क्षेत्र हस्तिनापुर का है। यहाँ का रहने वाला रामवीर का 24 वर्षीय बेटा विशु भाटी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता था। विशु के घर वालों का आरोप है कि घटना के दिन वह गाँव के स्कूल में था। इसी दौरान मुस्लिम समाज के कुछ लोग आए और विशु को गोली मार दी। पीड़ित परिवार का आरोप है कि कुछ समय पहले गाँव में एक झगड़ा हुआ था, जिसमें मुस्लिमों की गलती के बावजूद पुलिस ने गुर्जरों पर केस दर्ज किया था। हत्या की वजह पुराना झगड़ा बताया जा रहा है।

पीड़ित परिवार का कहना है कि पहले के झगड़े में मुस्लिमों की तरफ से मज़हबी नारेबाजी की गई थी। इस नारेबाजी का वीडियो बनाया गया था, जिस पर गुर्जरों की तरफ से आपत्ति जताने के बाद विवाद की शुरुआत हुई थी।

पीड़ितों की तरफ से बताया जा रहा है कि इस घटना के बाद दोनों पक्षों में समझौता भी हो गया था, लेकिन उसी केस की रंजिश रखते हुए विशु भाटी की हत्या कर दी गई। हत्या के बाद पीड़ित परिवार ने शव रखकर सड़क को भी जाम किया था, जिसे प्रशासन ने बातचीत से खुलवा दिया।

वहीं, मेरठ पुलिस के मुताबिक अब तक मामले में 6 लोगों को नामजद करते हुए 4 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। SSP मेरठ के मुताबिक गाँव मिश्रित आबादी वाला है इसके चलते फ़ोर्स की तैनाती कर दी गई है। बताया जा रहा है कि घटना के बाद नाराज ग्रामीणों ने आरोपितों के खेतों में आग लगा दी है। कुछ आरोपितों के घरों में भी आगजनी की खबर है। इन हालातों से निबटने के लिए गाँव में फायर ब्रिगेड के वाहनों को भी तैनात किया गया है।

फिलहाल गाँव में तनावपूर्ण शांति है। फरार आरोपितों की धरपकड़ के प्रयास किए जा रहे हैं।

‘ब्राह्मण, इब्राहिम अलैहिस्सलाम के वंशज हैं’: गायक लकी अली ने गाया कट्टरपंथी राग, विरोध होने पर चुपचाप डिलीट किया पोस्ट

बॉलीवुड सिंगर मकसूद महमूद अली (लकी अली के नाम से मशहूर) ने सोशल मीडिया पर अजीबोगरीब दावा करके विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा, ‘ब्राह्मण’ शब्द ‘अब्राहम’ से लिया गया है। अली ने अपने फेसबुक पोस्ट में दावे के साथ कहा, “ब्राह्मण’ नाम ‘ब्रह्मा’ से आया है और ‘ब्रह्मा’ शब्द की उत्पत्ति ‘अब्राम’ से हुई है… जिसे अब्राहम या इब्राहिम से लिया गया है।”

इसके बाद मकसूद महमूद अली (Maqsood Mahmood Ali) ने आगे लिखा, “ब्राह्मण इब्राहिम अलैहिस्सलाम के वंशज हैं, जो कई राष्ट्रों के फादर हैं। तो हर कोई आपस में बिना किसी तर्क के बहस और लड़ाई क्यों कर रहा है?” हालाँकि, अपने दावे की पुष्टि के लिए गायक ने कोई भी सोर्स नहीं दिया।

लकी अली के डिलीट किए गए पोस्ट का स्क्रीनशॉट

गायक का अपमानजनक दावा उनके फॉलोअर्स को पसंद नहीं आया। उन्होंने हिंदू धर्म के बारे में उनकी अज्ञानता पर सवाल उठाया और उनसे इस मामले पर कुछ न कहने का आग्रह किया।

गूगल सर्च में लकी अली के फेसबुक पोस्ट का स्क्रीनशॉट

ओंकार दाभाडकर नाम के एक यूजर ने उनकी फेसबुक पोस्ट पर कमेन्ट किया, “सर, हम आपको आपके म्यूजिक के लिए प्यार करते हैं। आप अपनी फील्ड के जानकार हैं। कृपया करके अन्य चीजों पर टिप्पणी करने से बचें।”

लकी अली के फेसबुक पोस्ट का स्क्रीनग्रैब

सोशल मीडिया पर लोगों के रिएक्शन के बाद लकी अली ने बिना किसी से माफी माँगे अपने विवादास्पद फेसबुक पोस्ट को डिलीट दिया। लेकिन ऑपइंडिया गूगल पर अली के फेसबुक पोस्ट का Cached Version खोजने में सफल रहा।

बता दें कि ब्राह्मणों को इब्राहिम का वंशज बताने का प्रयास 1400 से 2000 साल पुराना है। लकी अली ने भी सोशल मीडिया के जरिए ऐसा करने की कोशिश की। लेकिन खुद की फजीहत होने के बाद शर्मसार होना पड़ा। दरअसल, इस्लामिक कट्टरपंथियों की यह सोच सदियों पुरानी है, जो हिंदू सभ्यता को कमजोर करने की कोशिश करती है। यह खुद को सभी सभ्यताओं के जन्म का कारण बताते हैं। उनके मुताबिक, विभिन्न संस्कृतियाँ और धर्म का उदय इब्राहीमी प्रथा है, जो अलग-अलग हो गए।

2 दिन पहले जिसको बताया था ‘बड़ा खिलाड़ी’, उसी ने 5 गेंद पर जड़ दिए 5 छक्के: पुराने दोस्त हैं रिंकू सिंह और यश दयाल, घरेलू क्रिकेट में एक ही टीम से खेलते हैं

IPL 2023 का 13वाँ मैच अब तक खेले खेले मैचों में से सबसे रोमांचक मैच रहा। यह मैच गुजरात टाइटंस (GT) और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के बीच रविवार (9 अप्रैल 2023) को खेला गया। मैच में जीत हुई कोलकाता की और जीत के हीरो रहे रिंकू सिंह। रिंकू सिंह ने अपने दोस्त यश दयाल के ओवर में लगातार 5 छक्के जड़कर कोलकाता को जीत दिलाई।

स्टेडियम से लेकर सोशल मीडिया तक गूँजा रिंकू…रिंकू

दरअसल, पहले बल्लेबाजी करते हुए गुजरात टाइटंस ने कोलकाता नाइट राइडर्स के सामने 205 रनों का विशाल लक्ष्य रख दिया था। इस लक्ष्य का पीछा करते हुए कोलकाता के कप्तान नीतीश राणा और ओपनर वेंकटेश अय्यर ने अच्छी बल्लेबाजी की। लेकिन, वह मैच को अंत तक नहीं ले जा सके। वहीं, गुजरात के कप्तान राशिद खान ने हैट्रिक लेकर कोलकाता को लगातार 3 बड़े झटके दे दिए। इसके बाद कोलकाता की जीत की उम्मीदें पूरी तरह से धूमिल होती जा रहीं थीं। हालत यह थी कि कोलकाता को मैच जीतने के लिए आखिरी ओवर में 29 रन बनाने थे।

गुजरात की ओर से आखिरी ओवर में गेंदबाजी का जिम्मा यश दयाल को मिला। वहीं, कोलकाता के लिए उमेश यादव और रिंकू सिंह क्रीज पर थे। पहली गेंद पर सिंगल लेकर उमेश ने रिंकू सिंह को स्ट्राइक दे दी। अब आखिरी 5 गेंदों में जीत के लिए 28 रनों की जरूरत थी। फिर क्या था। रिंकू सिंह ने इस ओवर की आखिरी 5 गेंदों में लगातार 5 छक्के जड़कर न केवल कोलकाता को जीत दिलाई बल्कि अपनी तूफानी पारी की बदौलत लाखों लोगों का दिल भी जीत लिया। रिंकू सिंह के इस शानदार प्रदर्शन के कारण स्टेडियम में रिंकू-रिंकू के नारे लगे तो वहीं सोशल मीडिया पर भी रिंकू सिंह लगातार ट्रेंड पर हैं।

रिंकू सिंह हीरो और यश दयाल बने ‘विलेन’

बेशक रिंकू सिंह कोलकाता की जीत के हीरो रहे। लेकिन, जीती बाजी हारने के कारण गुजरात के फैंस को यश दयाल किसी विलेन से कम नहीं लग रहे होंगे। रिंकू की तूफानी बल्लेबाजी के चलते यश दयाल यश के 4 ओवर में 69 रन आए और वह आईपीएल इतिहास के दूसरे सबसे महँगे गेंदबाज बन गए।

दोस्त हैं रिंकू और यश दयाल

रिंकू सिंह और यश दयाल काफी पुराने दोस्त हैं। दोनों घरेलू क्रिकेट में दोनों उत्तर प्रदेश की ओर से खेलते हैं। हाल ही में RCB के खिलाफ सामने आई रिंकू की तूफानी पारी के बाद यश ने उनकी तारीफ भी की थी। सोशल मीडिया पर दोनों एक दूसरे के साथ की फोटो शेयर करते रहते हैं।

कौन हैं यश दयाल

यश दयाल का जन्म 13 दिसंबर 1997 को प्रयागराज में हुआ था। वह भारत की अंडर 19 टीम में बतौर अतिरिक्त गेंदबाज भी हिस्सा रह चुके हैं। आईपीएल 2022 से पहले हुई मेगा नीलामी में गुजरात टाइटंस ने 3 करोड़ 20 लाख रुपए की बोली के साथ यश दयाल को अपनी टीम में शामिल किया था। किसी भी अनकैप्ड प्लेयर के लिए यह एक बड़ी रकम है। यश दयाल ने पहले ही सीजन अपनी कीमत को सही ठहराते हुए 9 मैचों में 11 विकेट हासिल किए थे।

इस बेहतरीन प्रदर्शन के बल पर बांग्लादेश दौरे के लिए टीम इंडिया में उनका चयन हुआ था। हालाँकि डेब्यू का मौका नहीं मिला। यश दयाल के पिता चंद्रपाल भी अपने समय के तेज गेंदबाज थे। वह विजय हजारे ट्रॉफी भी खेल चुके हैं। यश दयाल के लिए यह सीजन अब तक अच्छा था। लेकिन दोस्त रिंकू सिंह की बल्लेबाजी के चलते निश्चित तौर पर आने वाले मैचों में यश दयाल पर दबाव रहेगा।