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मीका सिंह ने क़तर में भारतीय करेंसी से की खरीददारी, वीडियो बना कर PM मोदी को कहा थैंक्यू: ऐसे डॉलर को टक्कर दे रहा भारतीय रुपया

बॉलीवुड के मशहूर सिंगर मीका सिंह (Mika Singh) ने अपने ट्विटर हैंडल पर बुधवार (12 अप्रैल, 2023) सुबह एक वीडियो शेयर किया। वीडियो में वह कहते हैं, “गुड मॉर्निंग। मैं कतर की राजधानी दोहा में हूँ। मुझे दोहा एयरपोर्ट पर लुइसविटन स्टोर में खरीदारी करते समय भारतीय रुपए का इस्तेमाल करने पर बहुत गर्व महसूस हो रहा है। आपको यहाँ जो भी शॉपिंग करनी हैं आप इंडियन करेंसी दे सकते हैं। आप किसी भी रेस्टॉरेंट में रुपए का इस्तेमाल कर सकते हैं.. है न कमाल की बात? नरेंद्र मोदी जी इसके लिए आपका बहुत-बहुत शुक्रिया। अब हिंदुस्तानी पैसा भी डॉलर की तरह पूरे वर्ल्ड में चलेगा। कतर में तो चल रहा है।”

सोशल मीडिया पर मीका सिंह का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसको लेकर एक यूजर ने लिखा, “मीका सिंह दोहा हवाई अड्डे पर लुइसविटन स्टोर में भारतीय रुपए में खरीदारी करते हुए। जल्द ही, उदारवादी उन पर हमला करेंगे, क्योंकि वह इसके लिए भारत की सराहना कर रहे हैं।”

आंध्र प्रदेश में बीजेपी के महासचिव विष्णु वर्धन रेड्डी ने भी मीका सिंह का वीडियो अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किया है। उन्होंने लिखा, “मशहूर सिंगर मीका सिंह बता रहे हैं कि कैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारा देश बदल रहा है। केंद्र सरकार के प्रयासों से भारतीय करेंसी वैश्विक हो रही है और कई देशों में इसे स्वीकार किया जा रहा है।”

भारतीय रुपए को इंटरनेशल करेंसी बनाने पर ज़ोर

जब पूरी दुनिया कोरोना महामारी और रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते संकट में फँसी हुई थी, उस वक्त पीएम नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भारत ने रुपए (Indian Rupee) को डॉलर के बाद दूसरी बड़ी इंटरनेशनल करेंसी (International Currency) बनाने की पहल शुरू की। भारत सरकार ने जुलाई 2022 में यह महत्वाकांक्षी पहल शुरू की। इसका मकसद उन देशों को वैकल्पिक ट्रांजेक्शन सिस्टम उपलब्ध करवाना है, जो अमेरिकी डॉलर की कमी का सामना कर रहे हैं। RBI अब तक 18 वोस्ट्रो अकाउंट (Vostro Accounts) खोल चुका है।

इनमें से रूस के लिए 12 अकाउंट्स, श्रीलंका के लिए 5 अकाउंट्स और मॉरीशस के लिए 1 अकाउंट शामिल हैं। यानी इन तीनों देशों में अब भारतीय रुपए (Indian Rupee) को एक इंटरनेशल करेंसी के रूप में पूरी तरह मान्यता प्राप्त है। भारतीय वहाँ जाकर रुपए से कोई भी चीज खरीद सकते हैं। अमेरिकी डॉलर (US Dollars) की कमी का सामना कर रहे ताजिकिस्तान, क्यूबा, लक्जेमबर्ग और सूडान के अलावा जर्मनी, इजरायल जैसे विकसित देशों समेत 64 देशों ने भारतीय रुपए के जरिए कारोबार करने में दिलचस्पी दिखाई है।

अगर 30 देशों के साथ भारत का रुपए में कारोबार शुरू हो गया तो इंडियन करेंसी अंतरराष्ट्रीय करेंसी बन जाएगा।

‘मेक इन इंडिया’ और इसका इम्पैक्ट

भारत में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 सितंबर 2014 को ‘मेक इन इंडिया‘ कार्यक्रम की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब में बदलना है। ‘मेक इन इंडिया’ योजना में घरेलू और विदेशी दोनों निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल बनाना, आधुनिक और कुशल बुनियादी संरचना, विदेशी निवेश के लिए नए क्षेत्रों को खोलना और सरकार एवं उद्योग के बीच एक बेहतर साझेदारी का निर्माण करना है।

हर साल भारत का निर्यात उसके आयात से कम होता था, इसी ट्रेंड को बदलने के लिए सरकार ने वस्तुओं और सेवाओं को देश में ही बनाने की मुहिम को ‘मेक इन इंडिया’ के रूप में शुरू की थी।

‘लाल किला इफ्तार’ के बाद 2024 की ठेकेदारी लेने राहुल गाँधी से मिले नीतीश कुमार, कहा- विपक्षी दलों को जोड़ेंगे, पर चेहरे पर साध ली चुप्पी

कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी को बिहार की सत्ताधारी जदयू के नीतीश कुमार और राजद के तेजस्वी यादव का साथ मिला है। बुधवार (12 अप्रैल 2023) को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने दिल्ली में राहुल गाँधी से मुलाकात की और गठबंधन पर चर्चा की। हालाँकि, अभी भी पीएम पद को लेकर असमंजस की स्थिति है।

बैठक के बाद राहुल गाँधी ने कहा कि विपक्षी पार्टियों को एकजुट करने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि समान विचारधारा वाली पार्टियों को साथ लाएँगे। जितनी भी पार्टियाँ साथ चलेंगी, सबको साथ लाएँगे। जोड़ना एक प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि देश के लिए विपक्ष की दृष्टि विकसित करेगा।

राहुल गाँधी ने आगे कहा, “देश में वैचारिक लड़ाई चल रही है। जो संविधान पर आक्रमण हो रहा है, जो देश पर आक्रमण हो रहा है, उसके खिलाफ हम सब एक साथ मिलकर खड़े होंगे। एकजुट होकर संस्थानों पर हमले से लड़ेंगे।”

बैठक के बाद नीतीश कुमार ने कहा कि देश की अधिक से अधिक विपक्षी पार्टियों को एकजुट करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन दलों के नेता एक साथ बैठ कर चर्चा करेंगे और जिस पर सहमति बनेगी, उसको लेकर आगे की रूपरेखा बनाई जाएगी। इस बात पर इस बैठक में सहमति बन गई है।

अगले साल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण है। यह बैठक कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के दिल्ली स्थित आवास पर आयोजित की गई थी। नीतीश कुमार मंगलवार (11 अप्रैल 2023) को दिल्ली पहुँचे थे। नीतीश के और भी कई नेताओं से मिलने की उम्मीद है।

वहीं, बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी दिल्ली में हैं। वे मंगलवार (11 अप्रैल 2023) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के सामने पेश हुए थे। जमीन के नौकरी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए ED ने उन्हें बुलाया था।

‘मिट्टी में मिल गया हूँ, अब सरकार छोड़ दे’: गुजरात से UP के सफर में गिड़गिड़ाता दिखा अतीक अहमद, बोला- मीडिया की वजह से एनकाउंटर का डर नहीं लग रहा

उमेश पाल हत्याकांड (Umesh Pal Murder Case) में गुजरात के साबरमती जेल से प्रयागराज लाए जा रहे गैंगस्टर अतीक अहमद (Gangster Atiq Ahmad) ने खुद को असुरक्षित बताया है। मीडिया को अपनी सुरक्षा ढाल बताते हुए अतीक ने कहा कि उसका परिवार बर्बाद हो चुका है। वह मिट्टी में मिल चुका है।

अतीक ने अपनी माफियागीरी खत्म होने जाने की बात कबूलते हुए उमेश पाल की हत्या में अपनी संलिप्तता से इनकार किया। इसी मामले में उसके भाई अशरफ को भी बरेली जेल से लाया जा रहा है। जब पत्रकार ने अतीक से डरने के बारे में सवाल किया तो अतीक ने कहा, “आप लोग हो इसलिए डर नहीं लग रहा।”

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, साबरमती से प्रयागराज की यात्रा के बीच अतीक अहमद को झाँसी पुलिस लाइन में 1 घंटे 21 मिनट तक रोका गया। इस दौरान अतीक अहमद ने कहा, “मैं 6 सालों से जेल में बंद हूँ। मुझे परेशान किया जा रहा है। मैंने जो किया है वो अदालत में तय होगा।”

एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, अतीक ने कहा, “मेरा परिवार पूरी तरह से बर्बाद हो गया है। मैंने जेल में था। मैंने वहाँ से कोई साजिश नहीं रची है। मैंने वहाँ से कोई फोन नहीं किया। वहाँ जैमर लगे हुए हैं। प्रदेश से माफियागीरी पहले ही खत्म हो चुकी है। अब तो सिर्फ रगड़ा जा रहा है।” अतीक अहमद ने खुद से पूछताछ के लिए साबरमती जेल से ही वीडियो कांफ्रेंसिंग को बेहतर बताया।

अतीक ने उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा खुद को प्रयागराज लाए जाने को सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन बताया। अतीक अहमद ने आगे कहा, “सरकार ने कहा है कि मिट्टी में मिला देंगे। मिट्टी में तो मिल चुके है। अब सरकार से से अपील है कि घर की औरतों-बच्चों को ना परेशान करे। हालाँकि, असद के बारे में सवाल करने पर अतीक ने कहा, “मैं क्या जानूँ। मैं तो जेल में हूँ।”

अतीक अहमद ने दावा किया है कि उसकी बीवी शाइस्ता अदालत का दरवाजा खटखटाएगी। गौरतलब है कि उमेश पाल हत्याकाण्ड में अतीक की बीवी शाइस्ता नामजद है और वह फिलहाल फरार है। पुलिस ने शाइस्ता पर 50 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया है।

‘टीम से हटाया तो अंजाम अच्छा नहीं होगा’: अपने ही देश के बोर्ड से भिड़ा पाकिस्तान का क्रिकेटर, चयनकर्ताओं को धमकाया

पाकिस्‍तान के ऑलराउंडर इमाद वसीम (Imad Wasim) उन्हें बिना किसी कारण के टीम से बाहर निकालने पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) पर जमकर बरसे। उन्होंने हाल ही में एक पाकिस्तानी चैनल में इंटरव्यू के दौरान चयनकर्ताओं को धमकी देते हुए कहा कि अगर उन्हें अब टीम से बिना जानकारी दिए ड्रॉप किया गया तो इसका अंजाम अच्‍छा नहीं होगा।

इमाद वसीम ने निराश होते हुए कहा, “चयन समिति ने मुझे बिना किसी कारण के एक साल से अधिक समय तक पाकिस्तान टीम से दूर रखा। मुझे किसी ने नहीं बताया कि मुझे क्यों ड्रॉप किया गया। मुझे कोई चोट, फिटनेस या फॉर्म की समस्या नहीं थी। मैं घरेलू सर्किट में अच्छा प्रदर्शन कर रहा था। अगर मेरे साथ दोबारा ऐसा होता है, तो मैं बोर्ड के पास जाऊँगा और उनसे मुझे वाजिब कारण बताने को कहूँगा। अगर वे मुझे कारण नहीं बताते हैं, तो मैं उन कार्रवाई करूँगा।”

34 वर्षीय खिलाड़ी ने दावा किया कि पाकिस्तान की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम से बाहर होने के बाद उन पर आर्थिक रूप से कोई प्रभाव नहीं पड़ा। वह पाकिस्तान की टीम का हिस्सा होते हुए जितना कमा पाते, उससे दस गुना अभी कमाते हैं। दरअसल, वसीम दुनिया भर में फ्रेंचाइजी क्रिकेट में भाग लेते रहे हैं।

पाकिस्‍तान के ऑलराउंडर ने कहा, ” मुझे अपनी क्षमताओं पर पूरा भरोसा है। अगर मैं ऐसा गेंदबाज होता, जो परिस्थितियों पर निर्भर रहता, तो ऑस्‍ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका में टी20 लीग की टीम ने मेरा चयन नहीं किया होता।”

बता दें कि इमाद वसीम को हाल ही में अफगानिस्‍तान के खिलाफ तीन टी20 इंटरनेशनल मैचों की सीरीज के लिए पाकिस्‍तान टीम में चुना गया था। उन्होंने आखिरी टी20 इंटरनेशनल मैच नवंबर 2021 में दुबई में ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ खेला था। पाकिस्तानी क्रिकेटर अब न्‍यूजीलैंड के खिलाफ पाँच टी20 इंटरनेशनल मैचों की सीरीज में भी खेलेंगे, जो 14 अप्रैल से लाहौर में शुरू होने वाली है। इमाद वसीम ने अपने इंटरनेशनल टी20 करियर में पाकिस्तान के लिए 61 मैच खेले हैं, जिसमें 15.50 की औसत और 130.72 की स्ट्राइक रेट से 434 रन बनाए हैं, जिसमें एक अर्धशतक भी शामिल है।

अशोक गहलोत बनाम सचिन पायलट पर कटाक्ष, लालू यादव के करप्शन पर निशाना: राजस्थान को पहला ‘वंदे भारत’ दे PM मोदी ने साधे कई निशाने

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने राजस्थान (Rajasthan) को वंदे भारत (Vande Bharat) ट्रेन की सौगात दी। पीएम ने वर्चुअली रेलवे को हरी झंडी दिखाई। इस दौरान उन्होंने रेलवे और लोगों के लिए उसकी आवश्यकता पर महत्वपूर्ण बातें कीं। उन्होंने कहा कि यह भारत का महत्वपूर्ण अंग है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि राजस्थान की धरती को 13 अप्रैल को पहली वंदे भारत ट्रेन मिली रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली कैंट अजमेर वंदे भारत एक्सप्रेस से जयपुर से दिल्ली आना-जाना और आसान हो जाएगा। ये राजस्थान के पर्यटन में भी बहुत सहायक होगी।

इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय रेलवे की हालत के लिए विपक्षी दलों को दोषी ठहराया। उन्होंने कहा, “हमारे देश का दुर्भाग्य रहा कि रेलवे जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था, जो सामान्य मानव के जीवन का इतना बड़ा हिस्सा है, उसे भी राजनीति का अखाड़ा बना दिया गया था।”

देश की आजादी के दौरान रेलवे की स्थिति का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “आजादी के बाद भी भारत को एक बड़ा रेलवे नेटवर्क मिला था, लेकिन रेलवे के आधुनिकीकरण पर हमेशा राजनीतिक स्वार्थ हावी रहा। राजनीतिक स्वार्थ को देखकर ये तय किया जाता था कि कौन रेल मंत्री बनेगा, कौन नहीं बनेगा।”

रेलवे में भ्रष्टाचार को लेकर पीएम मोदी ने कहा, “राजनीतिक स्वार्थ ही तय करता था कि कौन सी ट्रेन किस स्टेशन पर चलेगी। राजनीतिक स्वार्थ ने ही बजट में ऐसी-ऐसी ट्रेनों की घोषणा करवाई, जो कभी चली ही नहीं। हालत ये थी कि रेलवे की भर्तियों में राजनीति होती थी, बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार होता था। हालत ये थी कि गरीब लोगों की जमीन छिनकर उन्हें रेेलवे में नौकरी का झाँसा दिया गया।”

उन्होंने आगे कहा, “देश में मौजूद हजारों मानवरहित क्रॉसिंग को भी अपने ही हाल पर छोड़ दिया गया था। रेलवे की सुरक्षा, रेलवे की स्वच्छता, रेलवे प्लेटफॉर्म की स्वच्छता… सब कुछ नजरअंदाज कर दिया गया था। इन सारी परिस्थितियों में बदलाव 2014 के बाद से आना शुरू हुआ।”

प्रधानमंत्री ने कहा, “जब से यह आधुनिक ट्रेन शुरू हुई है, तब से करीब 60 लाख लोग इसमें सफर कर चुके हैं। तेज रफ्तार इस ट्रेन की सबसे बड़ी व‍िशेषता है और इससे यात्रियों का समय बचता है। वंदे भारत ट्रेन आज विकास, आधुनिकता, स्थिरता और आत्म-निर्भरता का पर्याय बन चुकी है।”

पीएम मोदी ने कहा कि वंदे भारत की पहली सेमी हाईस्पीड ट्रेन है, जो मेड इन इंडिया है। यह पहली ऐसी ट्रेन है, जो इतनी कॉम्पैक्ट और कुशल है। उन्होंने कहा कि वंदे भारत पहली स्वदेशी सुरक्षा तंत्र कवच के अनुकुल है। पीएम ने कहा, “आज की वंदे भारत की यात्रा, कल हमें विकसित भारत की यात्रा की ओर ले जाएगी।”

इस दौरान पीएम मोदी ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर तंज कसते हुए कहा कि इन दिनों वे राजनीतिक आपाधापी और संकट से गुजर रहे हैं। इन सब के बावजूद वह विकास कार्य के लिए समय निकाल लिए, यह बड़ी बात है।

अशोक गहलोत को अपना मित्र बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उनके दोनों हाथ में लड्डू है। पीएम मोदी ने सीएम गहलोत ने कहा, “आपके रेल मंत्री राजस्थान के हैं और रेलवे बोर्ड के चेयरमैन भी राजस्थान के हैं। आपके तो दोनों हाथों में लड्डू है।”

100 की मौत, अधिकतर महिलाएँ और बच्चे… म्यांमार की फ़ौज ने अपने ही लोगों पर लड़ाकू विमानों से बरसाए बम, हेलीकॉप्टर से गोलीबारी

मंगलवार (11 अप्रैल 2023) की सुबह 8.00 बजे म्यांमार की फौज ने विरोधियों पर ‘एयर स्ट्राइक’ का दावा किया, लेकिन शिकार बनी आम जनता। इस हवाई हमले में महिलाओं और बच्चों समेत 100 से अधिक लोगों के मारे जाने की खबर है। म्यांमार की मिलिट्री जुंटा (Military Junta) की तरफ से हमले की पुष्टि की गई है। बताया जा रहा है कि म्यांमार में सैन्य शासन के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोग एक समारोह में हिस्सा ले रहे थे। इसी दौरान उनपर बम बरसा दिए गए।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सागैंग के कनबालु टाउनशिप इलाके में पजीगी गाँव के पास सैन्य शासन को अस्वीकार करने वाले लोग जुटे हुए थे। विद्रोही गुट के लोग अपने स्थानीय कार्यालय का उद्घाटन कर रहे थे। इस मौके पर औरतों और बच्चों समेत 150 के करीब स्थानीय लोग मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान ही जुंटा आर्मी ने हमला कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों ने मीडिया को जानकारी दी कि लड़ाकू विमानों ने भीड़ को निशाना बनाकर बम बरसा दिए। बताया जा रहा है कि हमले में मारे गए 100 से अधिक लोगों में 20-30 बच्चे शामिल हैं। लोगों ने बताया कि बम बरसाने के आधे घंटे बाद एक हेलीकॉप्टर से गोलियाँ भी चलाई गईं। मारे गए लोगों में स्थानीय तौर पर बनाए गए सरकार विरोधी गुट और दूसरे विपक्षी संस्थान के लोग शामिल हैं।

रिपोर्टों के अनुसार म्यांमार सैन्य सरकार के प्रवक्ता ने सरकारी टेलीवीजन पर हमले की बात स्वीकार की है। मंगलवार रात दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा है कि विद्रोही गुट के ऑफिस के उद्घाटन के दौरान हमला किया गया। फौज की तरफ से विद्रोहियों पर सैन्य सरकार के विरुद्ध हिंसक अभियान चलाने की तैयारी का आरोप लगाया। सरकारी प्रवक्ता के अनुसार कुछ मौतों के लिए जिम्मेदार विद्रोहियों द्वारा इलाके में बिछाई गई माइन्स भी हैं।

बता दें कि म्यांमार में 1 फरवरी, 2021 की आधी रात तख्तापलट कर दिया गया था। वहाँ की लोकप्रिय नेता और स्टेट काउंसलर आंग सान सू की और राष्ट्रपति विन मिंट समेत कई नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद पूरे देश में इसके खिलाफ विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए थे। इन प्रदर्शनों को वहाँ की सेना ने क्रूरता पूर्वक दबाया। प्रदर्शनकारियों और सैन्य सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को गोलियों से भून दिया गया।

‘हिन्दू भाई-बहनों को परेशानी हुई, माफ़ी माँगता हूँ’: गायक लकी अली ने ‘ब्राह्मण इब्राहिम के वंशज’ वाले बयान पर जताया खेद, कहा – आगे से कुछ लिखते हुए ध्यान रखूँगा

बॉलीवुड सिंगर मकसूद महमूद अली उर्फ लकी अली (Lucky Ali) ने अपनी विवादित पोस्ट ‘ब्राह्मण इब्राहिम के वंशज हैं’ के लिए माफी माँगी है। गायक ने मंगलवार (11 अप्रैल, 2023) को फेसबुक पर एक नया पोस्ट शेयर कर कहा कि उनकी मंशा किसी को नाराज या आहत करने की नहीं थी। वो अपने बयान के लिए दिल से माफी माँगते हैं। उनका मानना है कि ऐसा उन्होंने केवल सभी लोगों को करीब लाने के लिए किया था।

लकी ने माफीनामा शेयर करते हुए लिखा, “सभी प्रिय लोग, मुझे अपनी पिछली पोस्ट के विवाद का एहसास है। मेरा इरादा किसी को आहत करने या गुस्सा पैदा करने का नहीं था। मुझे इसका गहरा अफसोस है। इसके बजाए मेरा इरादा, हम सभी को एक साथ लाने का था, लेकिन मुझे एहसास हुआ कि मैं बात को उस तरह से नहीं कह पाया, जैसे कहना चाहता था।”

लकी अली की फेसबुक पोस्ट का स्क्रीनशॉट

उन्होंने यह भी कहा, “अब आगे से कुछ भी पोस्ट करते हुए मैं अपने शब्दों के बारे में और भी ज्यादा जागरूक रहूँगा, जैसा कि मैं अब देख रहा हूँ कि मेरे इस बयान ने कई हिंदू भाइयों-बहनों को परेशान कर दिया है। उसके लिए मुझे मुझे गहरा खेद है। मैं आप सभी से प्यार करता हूँ।”

‘ब्राह्मण, इब्राहिम अलैहिस्सलाम के वंशज’

बता दें कि 9 अप्रैल, 2023 को लकी अली ने सोशल मीडिया पर अजीबोगरीब दावा करके विवाद खड़ा कर दिया था। उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट में दावे के साथ कहा था, “ब्राह्मण नाम ब्रह्मा से आया है और ‘ब्रह्मा’ शब्द की उत्पत्ति ‘अब्राम’ से हुई है… जिसे अब्राहम या इब्राहिम से लिया गया है। इसके बाद मकसूद महमूद अली (Maqsood Mahmood Ali) ने आगे लिखा था, “ब्राह्मण इब्राहिम अलैहिस्सलाम के वंशज हैं, जो सभी नेशन के फादर हैं। तो हर कोई आपस में बिना किसी तर्क के बहस और लड़ाई क्यों कर रहा है?”

हालाँकि, अपने दावे की पुष्टि के लिए गायक ने कोई सोर्स भी नहीं दिया था। उनकी विवादित पोस्ट पढ़ने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पर आपत्ति जताई थी। यहाँ तक कि यह अपमानजनक दावा उनके फॉलोअर्स को भी पसंद नहीं आया था। उन्होंने हिंदू धर्म के बारे में उनकी अज्ञानता पर सवाल उठाया और उनसे इस मामले पर कुछ न कहने का आग्रह किया था। विवाद बढ़ने के बाद सिंगर ने अपनी विवादित पोस्ट को डिलीट कर दिया था।

बठिंडा के जिस आर्मी कैंप में हुई फायरिंग वह एशिया की सबसे बड़ी सैन्य छावनी, दो दिन पहले गायब हुई थी INSAS रायफल और 28 गोली

पंजाब में बठिंडा मिलिट्री स्टेशन के भीतर फायरिंग की गई, जिसमें चार जवानों की मौत हो गई है। पूरे कैंटोनमेंट एरिया को सील कर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। कहा जा रहा है कि शूटर सिविल ड्रेस में था। यह भी कहा जा रहा है कि इस घटना के कुछ दिन पहले एक इंसास राइफल और 28 राउंड कारतूस गायब हो गए थे।

भारतीय सेना का कहना है कि फायरिंग में एक आर्टिलरी यूनिट के चार जवान गोली लगने से मौत हो गई। अन्य किसी के घायल होने या संपत्ति के नुकसान की सूचना नहीं है। मामले में पंजाब पुलिस के साथ संयुक्त जाँच की जा रही है। दो दिन पहले गायब हुए 28 राउंड के साथ एक INSAS राइफल के इस घटना में इस्तेमाल के पहलुओं की भी जाँच की जा रही है।

भारतीय सेना ने कहा कि इस घटना में जो भी जवान शहीद हुए हैं, उनके परिवारों को जानमाल के नुकसान की सूचना दी जा रही है। पुलिस के सूत्रों का कहना है कि प्रथमदृष्ट्या यह मामला किसी आतंकी घटना का नहीं लग रहा है। हालाँकि, जाँच के बाद ही इसका सही जानकारी सामने आ पाएगी।

पंजाब पुलिस के सूत्रों के हवाले से ANI ने कहा, बठिंडा में आर्मी कैंट के सभी एंट्री गेट बंद कर दिए गए हैं। करीब दो दिन पहले 28 कारतूस वाली एक इंसास राइफल गायब हो गई थी। इस घटना के पीछे सेना के कुछ जवान हो सकते हैं।

घटना पंजाब के बठिंडा मिलिट्री स्टेशन की मेस की है। बुधवार (12 अप्रैल 2023) को तड़के 4.35 बजे फायरिंग की गई। इसके बाद अंधेरे का फायदा उठाकर शूटर भागने में कामयाब रहा। कहा जा रहा है कि शूटर सिविल ड्रेस में था। हमलावर की अभी पहचान नहीं हो पाई है। वहीं, क्विक रिएक्शन टीम (QART) अपराधी की तलाश में जुटी है।

आर्मी कैंट के भीतर सैनिकों के परिवार भी रहते हैं। इसके साथ ही इसमें स्कूल भी है। इस घटना के बाद सेना ने सभी लोगों को अपने-अपने घरों में रहने के लिए कहा है। इसके साथ ही कैंट के भीतर स्थित स्कूल को भी बंद कर दिया गया है।

बता दें कि बठिंडा कैंट एशिया की सबसे बड़ी सैनिक छावनी है। इसकी बाउंड्री करीब 45 किलोमीटर की है। यहाँ का एम्युनिशन डिपो देश के सबसे बड़े डिपो में से एक है। इसलिए पुलिस और सेना हर ऐंगल से जाँच कर रही है। इसमें आतंकी हमला, जवानों की आपसी फायरिंग या फिर तलाशी अभियान के दौरान संदिग्ध की फायरिंग के एंगल से जाँच की जा रही है।

बठिंडा के एसएसपी गुलनीत खुराना ने कहा कि रक्षा प्रतिष्ठान द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस समय किसी आतंकी खतरे का संदेह नहीं है। उन्होंने कहा कि सैन्य स्टेशन के अधिकारियों द्वारा अभी तक पीड़ितों की पहचान की पुष्टि नहीं की गई है।

SSP खुराना ने आगे कहा, “प्रारंभिक जानकारी में कहा गया है कि सेना के कुछ लोगों ने एक-दूसरे पर अंधाधुंन गोलियाँ चलाईं। इसमें चार लोगों की मौत हो गई। प्रारंभिक तौर पर किसी तोड़फोड़ की आशंका नहीं है, लेकिन विवरण की प्रतीक्षा है।”

पंजाब में फायरिंग और 4 जवानों की हत्या को देखते हुए स्थिति पर सेना प्रमुख मनोज पांडे खुद नजर बनाए हुए हैं। सेना प्रमुख खुद हर बात की जानकारी ले रहे हैं। इसके बाद पांडे घटना की जानकारी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को देंगे। इस संबंध में रक्षा मंत्री ने सेना प्रमुख से रिपोर्ट माँगी है।

जो लड़की बोल-सुन नहीं सकती, उसके साथ बिहार में 2 दिनों तक 4 ने किया रेप: मोहम्मद अरमान, इकबाल, शौकत अली और नुरुल हुदा गिरफ्तार

बिहार के मोतिहारी में एक मूक-बधिर युवती से गैंगरेप का मामला सामने आया है। मुर्गी फार्म में बंधक बनाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया। विरोध करने पर पीड़िता की पिटाई भी की गई। इस मामले में 4 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। गिरफ्तार आरोपितों में मुर्गी फार्म का मालिक मोहम्मद अरमान, उसका स्टाफ मोहम्मद इकबाल, शौकत अली और नुरुल हुदा शामिल हैं। नुरुल हुदा मूल रूप से नेपाल का रहने वाला बताया जा रहा। घटना का खुलासा मंगलवार (11 अप्रैल 2023) को हुआ है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला रक्सौल थाना क्षेत्र का है। यहाँ सैनिक रोड पर मोहम्मद अरमान का मुर्गी फार्म ‘अरमान चिकन हाउस’ नाम से है। यहाँ वह अंडे के साथ मुर्गे का गोश्त बेचता है। घटना के दिन 23 साल की मूक-बधिर लड़की अरमान के मुर्गी फार्म के आगे से गुजर रही थी। इस दौरान अरमान के साथ 3 अन्य युवक उस लड़की को पकड़कर चिकन सेंटर में ले गए। चारों ने बारी-बारी से रेप किया।

कहा जा रहा है आरोपितों ने 8 अप्रैल को लड़की को बंधक बनाया था। 10 अप्रैल को वह उनके चंगुल से निकलने में कामयाब हुई। इस बीच उसके साथ कई बार रेप किया गया। घर पहुँचने के बाद उसने इशारों में परिजनों को अपने साथ हुई दरिंदगी की जानकारी दी। लड़की के शरीर पर चोट के निशान भी थे। मामले की जानकारी होते ही ग्रामीण नाराज हो गए।

मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार के मुताबिक घटना में शामिल 4 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनके नाम मोहम्मद अरमान, मोहम्मद इकबाल, शौकत अली और नेपाल के नुरुल हुदा हैं। मामले में आगे की जाँच की जा रही है। पुलिस ने घटनास्थल से सबूत के तौर पर कपड़े व अन्य जरूरी चीजें भी बरामद कर ली गई हैं। वायरल तस्वीरों में मोहम्मद अरमान के मुर्गी फार्म पर 2 बड़े लाऊडस्पीकर भी लगे दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने अरमान का फार्म हाउस भी सील कर दिया है। SP के मुताबिक पीड़िता का मेडिकल परीक्षण करवाया जा रहा है और उसे मुआवजा आदि दिलाने का भी प्रयास किया जा रहा है।

आगरा में इमरान ने रिजवान को फँसाने के लिए काटी गाय, UP पुलिस बोली- मामला मुस्लिम बनाम मुस्लिम का: आरोपितों से कनेक्शन को हिंदू संगठनों ने भी किया खारिज

उत्तर प्रदेश की आगरा पुलिस ने गुरुवार (6 अप्रैल, 2023) को एक प्रेसनोट जारी करते हुए 2 गोहत्यारों की गिरफ्तारी की पुष्टि की थी। इन आरोपितों के नाम इमरान कुरैशी और शानू उर्फ़ इल्ली है। पुलिस ने इस मामले में साजिशकर्ताओं के तौर पर मनीष जाट, सौरभ शर्मा, ब्रिजेश भदौरिया, जितेंद्र और अजय का नाम बताया है। ये सभी लोग कथित तौर पर खुद को ‘हिन्दू महासभा’ से जुड़ा हुआ बताते हैं। जितेंद्र खुद इस मामले में दर्ज FIR में शिकायतकर्ता है, लेकिन पुलिस उसे साजिश का एक हिस्सा बता रही है।

इस मुद्दे पर कुछ राजनीतिक दलों के साथ मीडिया संस्थानों ने हिन्दू संगठनों को भी बदनाम करने का प्रयास किया। ऑपइंडिया ने सभी पक्षों से बात कर के इस पूरे मामले की जमीनी पड़ताल की।

कहाँ से हुई शुरुआत

इस पूरे मामले की शुरुआत 30 मार्च 2023 (गुरुवार) को हुई, जब रात 1 बजे खुद को ‘हिन्दू महासभा’ का सदस्य बताने वाले जितेंद्र ने आगरा पुलिस एत्माद्दौला थाना क्षेत्र में गोहत्या की FIR दर्ज करवाई। इस FIR में उन्होंने रिज़वान, नक़ीम, बिज्जू और शानू को नामजद किया। अपनी शिकायत में जितेंद्र ने बताया था कि घटना के दिन उन्हें विशेष सूत्रों से गौतम नगर गुफा के पास चारों नामजद आरोपितों द्वारा झाड़ियों में गाय को काट कर उसका माँस बेचने सूचना मिली थी।

दावा था कि इस सूचना पर जितेंद्र अपने साथियों विशाल और मनीष पण्डित के साथ मौके पर गए तो देखा कि आरोपित कटी गाय छोड़ कर भाग गए थे। जितेंद्र ने आरोपितों को शातिर गोहत्यारे बताते हुए पुलिस से कड़ी कार्रवाई की माँग की थी। पुलिस ने यह FIR गोहत्या निवारण अधिनियम उत्तर प्रदेश की धारा 3/5/8 के साथ IPC की धारा 429 के तहत दर्ज किया और जाँच शुरू कर दी। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

पुलिस जाँच में कुछ और ही निकला

आगरा पुलिस के मुताबिक, इसी केस की जाँच के दौरान 5 अप्रैल, 2023 को उन्हें गोहत्या में शामिल 5 आरोपितों के शहर में होने की सूचना मिली। साथ ही इनके 1 बाइक व 1 स्कूटी से शहर से भागने की भी तैयारी का पता चला। पुलिस ने दबिश दी तो स्कूटी सवार 2 आरोपित दबोच लिए गए। इनके नाम शानू और इमरान कुरैशी हैं। इमरान को कुछ लोग ठाकुर नाम से भी जानते हैं। उस पर आगरा में पहले से 3 मुकदमे दर्ज हैं। जबकि दूसरे आरोपित शानू पर भी आगरा में पहले से 6 केस हैं। इसमें से अधिकतर केस गोहत्या के ही हैं। इस दौरान सलमान व एक अन्य आरोपित फरार होने में सफल रहे।

जब पुलिस ने पकड़े गए दोनों आरोपितों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि उनका आगरा के ही रहने वाले नकीम, बिज्जो, रिजवान और शानू से पुराना झगड़ा है। आरोपितों को शक था कि आगरा नगर निगम में काम करने वाले नकीम ने कुछ समय पहले झल्लू और इमरान की मुखबिरी करके जेल भिजवाया था। तभी से दोनों आरोपित नकीम, उसके परिजनों व साथियों को सबक सिखाने का प्लान बना रहे थे। इसी प्लान के तहत उन्होंने 29 मार्च 2023 की रात खुद गाय काट कर उसमें नकीम, रिज़वान आदि को फँसाने की तैयारी की थी।

इस साजिश को अंजाम देने के लिए शानू और इमरान आदि ने गौतम नगर में गुफा के पास खाली पड़े मैदान में घूम रही एक बेसहारा गाय को काट दिया।

संजय जाट की टीम ने बनाया विपक्षी के खिलाफ माहौल

इस पूरे मामले में विवाद का मुख्य केंद्र संजय जाट, सौरभ शर्मा, ब्रिजेश भदौरिया, अजय और जितेंद्र को पकड़े गए गोकशों ने अपने विपक्षी के खिलाफ माहौल बनाने में प्रयोग किया। गिरफ्तार गोकशों का दावा है कि संजय जाट और उनके साथियों को इस घटना की पहले से जानकारी थी और उन्हें गोकशी के बाद विपक्षियों के खिलाफ माहौल बनाने व FIR दर्ज करवाने के लिए तैयार किया गया था। दावा यह भी है कि घटना से पहले और बाद में इमरान, शानू, सलमान आदि ने फोन पर लगातार बात की और व्यक्तिगत तौर पर मुलाकात भी की थी।

घटना के बाद तय प्लान के मुताबिक जितेंद्र ने गोहत्यारों के विपक्षियों पर FIR दर्ज करवाई और उनके बाकी अन्य साथियों ने रिज़वान, नकीम आदि की गिरफ्तारी के लिए दबाव बनाया।

इस मामले में पहले इमरान कुरैशी और शानू उर्फ़ इल्ली को गिरफ्तार किया गया है, जबकि ताज़ा अपडेट ये है कि 5 गिरफ्तारियाँ हुई हैं। इस केस साजिश का खुलासा होने के बाद पुलिस ने IPC की धारा 120 बी और धोखाधड़ी की धारा 420 की बढ़ोत्तरी की है। अभी तक सलमान और अन्य फरार चल रहे है। एक फरार आरोपित का नाम पहले पुलिस ने झल्लू बताया था लेकिन वो पहले से जेल में बंद मिला। हालाँकि, पुलिस ने बाद में सफाई देते हुए झल्लू का नाम खुद गिरफ्तार आरोपितों द्वारा झूठा बताए जाने की बात कही।

पुलिस को इसी मामले में कथित तौर पर साजिश में शामिल जितेंद्र, संजय जाट, सौरभ शर्मा, ब्रिजेश भदौरिया और अजय की भी तलाश है। ऑपइंडिया के पास पुलिस प्रेसनोट मौजूद है।

‘हिन्दू महासभा’ का चक्रपाणि गुट करा रहा है आंतरिक जाँच

इस मामले में जिस संजय जाट और उनके अन्य साथियों के नाम सामने आए हैं, वो ‘हिन्दू महासभा’ के चक्रपाणि गुट से जुड़े बताए जा रहे। इस समूह के प्रदेश अध्यक्ष ऋषि त्रिवेदी ने पुलिस की थ्योरी पर शंका जताते हुए संगठन द्वारा आंतरिक जाँच जारी होने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जाँच के बाद अंतिम निष्कर्ष को प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए बताया जाएगा। हालाँकि, उन्होंने पुलिस पर घटनास्थल पर देर से पहुँचने और संजय जाट के अलावा खुद और अपने साथियों को बेगुनाह बनाने की भी बात कही।

ऑपइंडिया ने इस मामले में जितेंद्र और संजय जाट का पक्ष जानने के लिए उनके नम्बरों पर सम्पर्क किया तो पहले तो थोड़ी देर तक फोन ऑन थे, लेकिन बाद में उनके फोन ऑफ़ बताने लगे।

पुलिस ने पक्के सबूत का किया दावा

ऑपइंडिया ने इस मामले की जानकारी SHO एत्माददौला इंस्पेक्टर राजकुमार से ली। उन्होंने बताया कि सिर्फ किसी एक व्यक्ति के बयान पर पुलिस ने संजय जाट व उनकी टीम के अन्य सदस्यों को संदिग्ध नहीं माना है, बल्कि उनके खिलाफ ठोस सबूत मौजूद हैं। पुलिस की कार्यशैली को शत प्रतिशत निष्पक्ष बताते हुए इंस्पेक्टर राजकुमार ने बताया कि पुलिस की सक्रियता के चलते ही रामनवमी जैसे अवसर पर तमाम साजिशों के बाद भी किसी भी प्रकार की कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।

संजय जाट पर 1 दर्जन से ज्यादा मुकदमे, हिन्दू संगठनों ने उसे नकारा

मामले में साजिशकर्ता के तौर पर बताए जा रहे संजय जाट को थाना प्रभारी ने पहले से 14 मुकदमों में वांछित बताया। ये केस सिर्फ आगरा ही नहीं बल्कि आस-पास के जिलों में भी बताए गए। इसी के साथ हमें संजय जाट के कुछ ही समय पहले आगरा में रंगदारी माँगने के एक मामले में जेल जाने की भी जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, वो मामले की संवेदनशीलता को समझते है और पूरी कार्रवाई सबूतों के आधार पर ही आगे बढ़ रही है।

ऑपइंडिया से बात करते हुए आगरा में ‘बजरंग दल’ के एक कार्यकर्ता ने नाम न उजागर करने की शर्त पर संजय जाट और उनके साथियों की कार्यशैली को पहले ही सवालों के घेरे में बताया। उन्होंने आरोपित टीम को मनमाने तौर पर काम करने वाले लोग बताया। इसी के साथ SHO एत्माददौला ने भी ऑपइंडिया को बताया कि ‘हिन्दू महासभा’ व अन्य सच्चे हिन्दू संगठन सदस्य संजय जाट व साजिश में शामिल अन्य लोगों को अपने समूह का मानने से इनकार कर चुके हैं।

मीडिया का वामपंथी समूह फैला रहा भ्रम

इस मामले में मीडिया के वामपंथी समूह और कुछ राजनैतिक दलों ने भ्रम फैलाते हुए यह स्थापित करने की कोशिश की है कि मुस्लिम युवकों को फँसाने के लिए ‘हिन्दू महासभा’ के सदस्यों के गाय कटवाई थी। राहुल ईश्वर, प्रशांत भूषण, राना अय्यूब, ‘आम आदमी पार्टी (AAP)’ के सौरभ भरद्वाज, द वायर, समाजवादी पार्टी मीडिया सेल, स्क्रॉल, मनीषा पांडे आदि ने अपनी हेडलाइन में गाय काटने वाले सलमान, इमरान, शानू आदि का नाम नहीं लिया है।

खास बात यह भी है कि वामपंथी और इस्लामी यूजर्स पुलिस गिरफ्त में खड़े जिन लोगों की फोटो शेयर कर रहे हैं वो इमरान और शानू हैं, न कि हिन्दू महासभा के सदस्य।

वामपंती संगठनों और लोगों द्वारा फैलाया जा रहा भ्रम

उपरोक्त सभी व कुछ अन्य ने गाय काटने की वजह मुस्लिमों को हिन्दुओं द्वारा फँसाने की साजिश बताया है। हालाँकि, पुलिस के खुलासे के मुताबिक, यह विवाद मुस्लिम बनाम मुस्लिम था जिसमें कथित तौर पर हिन्दू संगठनों से जुड़े लोगों ने सहयोगी की भूमिका निभाई है। यहाँ यह भी गौर करने योग्य है कि गाय को काटने वाले युवक इमरान और शानू मुस्लिम हैं जिन्होंने रिज़वान आदि से अपनी पुरानी दुश्मनी निकालने के लिए कथित तौर पर कुछ हिन्दुओं को केस दर्ज करवाने के लिए अपने साथ मिलाया था।

अपडेट: थाना एत्माद्दौला पुलिस ने गौकशी के मामले में कथित हिंदूवादी नेता संजय जाट, सौरभ शर्मा, ब्रजेश भदौरिया व जितेंद्र कुशवाह को गिरफ्तार कर लिया है।