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काजल हिंदुस्तानी ने मुस्लिमों की भावनाओं को कैसे किया ‘आहत’, जानिए FIR में क्या-क्या कहा गया है: गुजरात पुलिस ने किया था गिरफ्तार

गुजरात की ऊना पुलिस ने 9 अप्रैल को हिंदू कार्यकर्ता काजल हिंदुस्तानी को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी काजल के कथित ‘घृणास्पद भाषण’ के लिए मामला दर्ज किए जाने के बाद हुई है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, काजल हिंदुस्तानी को मजिस्ट्रेट के सामने उनके आवास पर पेशी के बाद जूनागढ़ जेल भेज दिया गया है।

गुजरात के गिर सोमनाथ जिले के ऊना में 30 मार्च 2023 को रामनवमी की शोभायात्रा निकाला गया था। इस शोभायात्रा के बाद एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। त्रिकोण बाग के पास रावणवाड़ी में हुए इस कार्यक्रम में हिंदू कार्यकर्ता काजल हिंदुस्तानी कई वक्ताओं में से एक थीं।

इसमें बोलते हुए काजल ने लव जिहाद और लैंड जिहाद सहित कई मुद्दों को उठाया। स्थानीय मुस्लिमों ने उनके भाषण को विवादास्पद कहा और पूरे शहर को बंधक बना लिया। कई जगहों पर पथराव की खबरें आईं और शहर दो दिनों तक ठप पड़ा रहा। इस दौरान उनके खिलाफ कुख्यात ‘सर तन से जुदा’ के नारे भी लगाए गए।

ऑपइंडिया ने गुजरात पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी को देखा है। इसमें शिकायतकर्ता एएसआई कांतिभाई राम थे और प्राथमिकी 2 अप्रैल 2023 को दर्ज की गई थी। पुलिस ने काजल हिंदुस्तानी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने में देरी का कारण बताया।

एएसआई कांतिभाई रामजीभाई ने प्राथमिकी में कहा है कि मुस्लिम समुदाय के नेताओं ने भाषण को लेकर पुलिस से संपर्क किया और 31 मार्च 2023 को एक लिखित शिकायत दर्ज की गई। सात लोगों ने ‘समस्त मुस्लिम समाज’ के नाम से हस्ताक्षर किए थे। पुलिस ने तब कहा कि केवल एक व्यक्ति ही FIR दर्ज करा सकता है। इसके बाद समुदाय के नेता वापस चले गए।

पुलिस ने आगे कहा कि रात्रि गश्त के दौरान पुलिस मुस्लिम नेताओं के पास पहुँची। इस दौरान मुस्लिम समाज के नेता ने कहा कि वे पहली अप्रैल की दोपहर तक पुलिस को बता देंगे। इसके बाद मुस्लिम पक्ष दोबारा पुलिस के पास नहीं पहुँचा।

यहाँ ध्यान रखना उचित है कि 1 अप्रैल 2023 को पुलिस द्वारा बार-बार कहने के बावजूद कोई भी मुस्लिम नेता कार्रवाई के लिए पुलिस के पास नहीं आया। उधर, शहर में हिंसा भड़क उठी और मुस्लिम भीड़ हिंदुओं के खिलाफ उग्र हो गई।

FIR में कहा गया है, “इस धार्मिक सभा के दौरान मंच से लाउडस्पीकर के माध्यम से उनका (काजल हिंदुस्तानी का) भाषण दिया गया, जिसमें उन्होंने हिंदू लोगों से मुस्लिम समुदाय की बहनों को धर्मांतरित करने का आह्वान किया, जिससे मुस्लिम समुदाय की महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुँची। साथ ही, उन्होंने मुस्लिम समाज की महिलाओं और पुरुषों की धार्मिक भावनाओं का उल्लंघन करने वाला भाषण दिया। उन्होंने और हिंदू और मुस्लिम समाज के बीच जानबूझकर नफरत फैलाने के उद्देश्य से भाषण दिया, जिसमें उन्होंने धर्म के बारे में अहंकारी, मनमानी और मनगढ़ंत बातें कीं और सबसे कम शब्दों के चयन के साथ मुस्लिम समाज की निंदा की।”

उसमें आगे लिखा है, “मुस्लिम धर्म के मौलवी के बारे में उन्होंने मुल्ला-ठुल्ला जैसे निम्न स्तर के शब्दों का प्रयोग करते हुए मौलाना की आलोचना की। इस प्रकार उन्होंने हिंदू और मुस्लिम समुदाय के बीच शत्रुता और घृणा की भावनाओं को प्रोत्साहित करके सभा में उपस्थित बड़े समूह को उकसाया और उन्हें अपने भाषण के अनुसार कार्य करने के लिए आह्वान किया। इसके जरिए उन्होंने एकता, भाईचारा, सांप्रदायिक सौहार्द्र और शहर के सामंजस्य को नष्ट किया। काजल हिंदुस्तानी ने उनके धर्म की निंदा करके मुस्लिम लोगों की धार्मिक आस्था और भावनाओं का अपमान किया।”

एएसआई कांतिभाई राम ने शिकायत में अनिवार्य रूप से चार बिंदुओं का उल्लेख किया है और प्राथमिकी इसी पर आधारित है।

  1. उसने हिंदू पुरुषों से मुस्लिम महिलाओं का धर्मांतरण करने के लिए कहा और शिकायतकर्ता के अनुसार, यह मुस्लिम महिला की गरिमा का अपमान है।
  2. इस तरह के दावे मुस्लिम पुरुषों और पूरे इस्लाम धर्म का भी अपमान करते हैं।
  3. उन्होंने मौलवियों को मुल्ला और ठुल्ला कहकर उनका अपमान किया।
  4. उन्होंने ‘सबसे कम शब्दों का चयन कर’ मुस्लिम समुदाय की निंदा करने के लिए इस्लाम के बारे में ‘मनगढ़ंत’ बातें कीं।

दिलचस्प बात यह है कि काजल हिन्दुस्तानी के भाषण पर गौर करें तो उन्होंने हिंदू पुरुषों से मुस्लिम महिलाओं का धर्मांतरण करने के लिए नहीं कहा था। उन्होंने कहा था कि यदि मुस्लिम महिलाएँ इस्लामी समुदाय की प्रथाओं की बुराइयों से बचना चाहती हैं तो उन्हें अपनी इच्छा से हिंदू पुरुषों से शादी करनी चाहिए। उन्होंने किसी भी तरह से हिंदू पुरुषों को मुस्लिम महिलाओं का धर्मांतरण करने के लिए नहीं कहा।

FIR में यह भी कहा गया है कि काजल ने इस्लाम और मुस्लिम समुदाय के खिलाफ ‘मनगढ़ंत’ बातें कीं। अपने भाषण में उन्होंने लव जिहाद, लैंड जिहाद और अन्य प्रकार की आक्रामकता और हिंसा के खतरे के बारे में बताया, जो हिंदू समुदाय के खिलाफ नियमित रूप से फैलाया जाता है।

काजल हिंदुस्तानी द्वारा बताई गई सभी बातें उनके लिए सबूत हैं और किसी भी तरह से मनगढ़ंत प्रकृति की नहीं हैं। एफआईआर में ही पुलिस यह बताने में विफल रही है कि उनके भाषण का कौन सा हिस्सा मनगढ़ंत था। प्राथमिकी केवल एक सामान्य, व्यापक बयान देती है, जिसके आधार पर काजल हिंदुस्तानी को गिरफ्तार किया गया लगता है।

‘निराशा का बड़ा स्रोत है ट्विटर’: हाईकोर्ट ने विवेक अग्निहोत्री के खिलाफ बंद किया अवमानना का मामला, भीमा-कोरेगाँव केस में अर्बन नक्सल को जमानत पर किया था ट्वीट

फिल्ममेकर विवेक अग्निहोत्री (Vivek Agnihotri) को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल और विकास महाजन की खंडपीठ ने सोमवार (10 अप्रैल, 2023) को विवेक अग्निहोत्री को अवमानना मामले में बरी कर दिया। सुनवाई के दौरान जस्टिस मृदुल ने कहा, “ट्विटर निराशा का सबसे बड़ा स्रोत है।”

दरअसल, विवेक अग्निहोत्री ने 2018 में दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस और उड़ीसा हाईकोर्ट के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश एस मुरलीधर पर भीमा कोरेगाँव हिंसा मामले में आरोपित कार्यकर्ता गौतम नवलखा को पक्षपात करके जमानत देने का आरोप लगाया था। अग्निहोत्री ने इसको लेकर एक पोस्ट को रीट्वीट किया था। तब इस मामले में अदालत में अवमानना का मामला शुरू हुआ था। फिलहाल अदालत ने अग्निहोत्री के माफी माँगने के बाद इस मामले को बंद कर दिया है।

सुनवाई के दौरान विवेक अग्निहोत्री कोर्ट में मौजूद रहे। इस दौरान जस्टिस मृदुल ने वैज्ञानिक और लेखक डॉ आनंद रंगनाथन को भी पेश होने के लिए कहा। अदालत ने अपने आदेश में कहा, “उन्होंने (विवेक अग्निहोत्री) ट्विटर पर कथित रूप से आपत्तिजनक बयान के लिए बिना शर्त माफी माँग ली है। उनको भविष्य में ऐसी गलती दोबारा नहीं करने की हिदायत दी जाती है।” 6 दिसंबर, 2022 को हुई सुनवाई में अग्निहोत्री ने अपनी टिप्पणी के लिए बिना शर्त माफी माँग ली थी।

रंगनाथन की ओर से पेश हुए एडवोकेट जे साई दीपक ने कोर्ट में कहा कि रंगनाथन को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का कोई आदेश नहीं था। हालाँकि, वकील ने अदालत को भरोसा दिलाया कि वह 24 मई, 2023 को सुनवाई की अगली तारीख पर उपस्थित रहेंगे।

वहीं, आरएसएस विचारक एस गुरुमूर्ति के खिलाफ दायर एक अन्य अवमानना मामले का जिक्र करते हुए अदालत ने कहा, “देश के प्रत्येक नागरिक को पता होना चाहिए कि आपको सावधान रहना चाहिए। हम न्यायपूर्ण और निष्पक्ष आलोचना का स्वागत करते हैं। हम इसी तरह कार्य करते हैं।”

कोर्ट ने आगे कहा, “उन्होंने (गुरुमूर्ति) खेद व्यक्त किया और बिना शर्त माफी माँगी है…जस्टिस गोगोई के फैसले में कहा गया है कि अदालतें अपनी गरिमा की रक्षा के लिए अवमानना के लिए सजा नहीं देती हैं। लोगों के कहने से हमारी गरिमा नहीं आती है। यह उन कर्तव्यों से आता है, जिनका हम निर्वहन करते हैं।”

आनंद रंगनाथन ने माफी माँगने से किया था इनकार

बता दें कि दिसंबर 2022 में आनंद रंगनाथन ने जस्टिस एस मुरलीधर के खिलाफ टिप्पणी करने के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय से माफी माँगने से इनकार कर दिया था। दरअसल, 2018 में जस्टिस एस मुरलीधर ने अर्बन नक्सल और भीमा कोरेगाँव हिंसा मामले में आरोपित गौतम नवलखा को जमानत दे दी थी। इसके बाद, देश कपूर ने दृष्टिकोन नामक एक वेबसाइट के लिए एक लेख था। इस लेख में उन्होंने जस्टिस मुरलीधर पर पक्षपात करने के आरोप लगाए थे।

इस लेख को आनंद रंगनाथन (अन्य लोगों ने भी) द्वारा रीट्वीट कर उनका समर्थन किया गया था। इस पर, कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए कोर्ट की अवमानना करने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। अवमानना मामले में, कोर्ट ने फिल्ममेकर विवेक अग्निहोत्री, न्यूज पोर्टल स्वराज्य और आनंद रंगनाथन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया था।

शराब, पेशाब… के बाद अब उड़ते प्लेन में क्रू मेंबर्स से मारपीट: एयरइंडिया का लंदन जा रहा विमान दिल्ली वापस लौटा, गिरफ्तार हुआ हंगामा करने वाला

विमान के अंदर हो रही कुछ यात्रियों की ऊल-जुलूल हरकतों के बीच अब एक नई घटना एयर इंडिया के विमान में हुई है। दिल्ली से लंदन जा रहे विमान को एक यात्री के हंगामे के चलते वापस लौटाना पड़ा है। आरोपित पर यात्रियों के साथ क्रू मेंबर से भी मारपीट का आरोप हैं। मारपीट में 2 लोगों को चोट आई है। पुलिस ने आरोपित को हिरासत में ले लिया है। घटना सोमवार (10 अप्रैल 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सोमवार को सुबह 6:35 पर एयर इंडिया की फ्लाइट संख्या एआई-111 ने दिल्ली के इंदिरा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट के लिए उड़ान भरी थी। कुछ ही देर बाद एक यात्री ने उड़ते हुए विमान में हंगामा शुरू कर दिया। पहले उसने साथी यात्रियों से मारपीट शुरू की। उसने समझाने और रोकने आए विमान के क्रू मेंबर्स पर भी हमला कर दिया। काफी समझने पर भी जब यात्री नहीं माना तब पायलट ने विमान को वापस दिल्ली की तरफ मोड़ दिया।

आरोपित के हंगामे के चलते विमान में बैठे 2 लोगों को चोटें आईं हैं। दिल्ली वापस लौटाने के दौरान विमान से एयरपोर्ट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को पहले ही सूचित कर दिया गया था। लैंड होते ही आरोपित को हिरासत में ले लिया गया। एयर इंडिया ने अपने आधिकारिक बयान में पुलिस में केस दर्ज कराए जाने की जानकारी देते हुए कहा कि यात्रियों की सुरक्षा उनके लिए महत्वपूर्ण है। फिलहाल घायल क्रू मेंबर्स का इलाज करवाया जा रहा है। एयर इंडिया अब उड़ान के समय में बदलाव कर के सुबह वापस लौटी उड़ान को दोपहर में भेजने की तैयारी कर रही है। एयरलाइन्स ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद प्रकट किया है।

गौरतलब है कि शुक्रवार (7 अप्रैल 2023) को दिल्ली से बेंगलुरु जा रहे इंडिगो एयरलाइन्स के विमान में एक यात्री द्वारा नशे में हंगामा किया गया था। तब आरोपित ने क्रू मेंबर्स से अभद्रता करते हुए हवा में उड़ते विमान का गेट खोलने का प्रयास किया था। आरोपित यात्री को बेंगलुरु एयरपोर्ट पर हिरासत में ले लिया गया था। इसके अलावा बुधवार (22 मार्च 2023) को दुबई से काम करके भारत लौट रहे 2 यात्रियों ने फ्लाइट में शराब पीकर इंडिगो एयरलाइन्स के विमान में हंगामा किया था। तब दोनों ने नशे में धुत हो कर फ्लाइट के क्रू मेंबर (Crew Member) और सह यात्रियों के साथ गाली गलौज भी की। एयरलाइंस की शिकायत पर मुंबई पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया था। इसी तरह इससे पहले कुछ मामले आए थे जब यात्रियों ने शराब के नशे में धुत होकर अपने साथी यात्री पर पेशाब तक कर डाला था।

निकाह हुआ, जलसा हुआ, फिर भी शौहर के लिए ‘भाई’ है स्वरा भास्कर: जन्मदिन पर फहद अहमद ने दी ‘जेंडर न्यूट्रल’ विश, यूजर बोले- सस्ती लोकप्रियता के लिए ये कुछ भी करेंगे

अपने विवादित बयानों के लिए अक्सर विवादों में रहने वाली बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर (Swara Bhaskar) और उनके शौहर फहद अहमद (Fahad Ahmad) एक बार फिर चर्चा में हैं। दरअसल, स्वरा भास्कर ने निकाह के बाद 9 अप्रैल 2023 को शौहर के साथ अपना पहला बर्थडे सेलिब्रेट किया। इस खास मौके पर स्वरा के शौहर फहद अहमद ने उन्हें ट्विटर पर स्पेशल पोस्ट शेयर कर विश किया।

फहद ने स्वरा के साथ अपनी फोटो शेयर करते हुए लिखा, “बर्थडे की बहुत-बहुत बधाई भाई, अपने जन्मदिन पर आपकी सलाह मानकर मैं शादीशुदा हूँ। मुझे उम्मीद है कि आपको ट्विटर से पता चल जाएगा।” उन्होंने आगे कहा, “मुझे हर तरह से पूरा करने के लिए शुक्रिया, मैं खुशनसीब हूँ कि मेरे पास आप जैसा दोस्त और गुरु है। आई लव यू माय हार्ट। भाई जेंडर न्यूट्रल है।” इसको लेकर फहद और स्वरा नेटिजन्स के निशाने पर आ गए हैं।

फहद अहमद के ट्वीट का स्क्रीनशॉट

पोस्ट पर एक यूजर ने कमेंट किया, “स्वरा भास्कर जन्मदिन मुबारक हो, भगवान आपको सूटकेस में जाने से बचा के रखे।”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “हमको बहुत पहले से पता था कि वो ‘भाई’ है। हमको अत्यधिक खुशी हुई कि आपको भी अब सच्चाई का पता चल गया।”

नवनीत सिंह लिखते हैं, “हाँ क्यों नहीं, क्योंकि मुस्लिम भैया-सैंया बन सकते हैं।”

ज्योति रंजन ने भाई को जेंडर न्यूट्रल बताए जाने पर लिखा, “भाई और बहन अब जेंडर न्यूट्रल हो गया है। अब कोई किसी को कुछ भी बुला सकता है। अहमद मियाँ के हिसाब से अब ये नया मानदंड है।”

अल्जीबर नाम के यूजर ने लिखा, “भाई का क्या मतलब है। किसी भी लिहाज से अपनी बीवी को भाई कहना बेतुका है।”

वहीं, मोनिका गुप्ता ने लिखा कि सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए कुछ लोग चाहते हैं कि उन्हें ट्रॉल किया जाए।

बता दें कि स्वरा भास्कर ने 16 फरवरी, 2023 को सोशल मीडिया के जरिए अपने निकाह की खबर दी थी। इससे पहले उन्होंने 2 फरवरी 2023 को ट्विटर पर फहद को बर्थडे विश किया था। स्वरा ने लिखा था, “जन्मदिन मुबारक फहद मियाँ! भाई का कॉन्फ़िडेंस बरकरार रहे। खुश रहो, आबाद रहो… उम्र हो रही है अब शादी कर लो!” अपने ट्वीट में होने वाले शौहर को भाई कहने पर वह सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर आ गई थीं।

‘मसूद ने फ्री कोचिंग दी, जीशान ने क्रिकेट किट और SRK ने मौका’: रिंकू सिंह पर शुरू हुआ इस्लामी प्रोपेगंडा, बोला अली सोहराब – अब वो मुस्लिमों के खिलाफ ट्वीट करेगा

क्रिकेटर रिंकू सिंह ने IPL (इंडियन प्रीमियर लीग) में ‘गुजरात टाइटंस (GT)’ के विरुद्ध अंतिम 5 गेंदों पर 5 छक्के लगा कर अपनी टीम ‘कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR)’ को जीत दिलाई। उन्होंने अपने अंतिम 7 गेंदों पर 40 रन ठोक डाले। KKR के कोच चंद्रकांत पंडित, जो घरेलू क्रिकेट में सबसे सफल कोच माने जाते हैं, उन्होंने कहा है कि अपने 43 वषों के करियर में उन्होंने ऐसा कोई चमत्कार नहीं देखा। वहीं रिंकू सिंह की इस पारी पर अली सोहराब जैसों ने प्रोपेगंडा भी शुरू कर दिया है।

अली सोहराब खुद को पत्रकार बताता है और इसी की आड़ में कट्टर इस्लामी एजेंडे को आगे बढ़ाता है। अली सोहराब ने ट्वीट किया, “रिंकू सिंह के पास जब बैट खरीदने के पैसे नहीं थे, तब क्रिकेट किट दिलाई मोहम्मद जीशान ने। कोचिंग के पैसे नहीं थे तो फ्री में कोचिंग दी मसूद अमीन ने। मौका दिया KKR (शाहरुख़ खान) ने। स्क्रीनशॉट कर लीजिए। कुछ वर्षों बाद रिंकू सिंह इस्लाम व मुस्लिमों के खिलाफ ट्वीट करता हुआ मिलेगा।”

अली सोहराब ने एक के बाद एक झूठ बोल कर प्रोपेगंडा तो फैला दिया, लेकिन सोशल मीडिया पर पकड़ा गया। रिंकू सिंह के बारे में बता दें कि वो उत्तर प्रदेश की तरफ से डोमेस्टिक क्रिकेट में खेलते हैं। रिंकू सिंह न सिर्फ बाएँ हाथ के उम्दा बल्लेबाज हैं, बल्कि एक ऑफ स्पिनर भी हैं। अंडर-16, अंडर-19 और अंडर-23 में उन्हें उत्तर प्रदेश की तरफ से मौका दिया गया। उत्तर प्रदेश की तरफ से ही उन्हें लिस्ट ए खेलने का भी मौका मिला।

रणजी ट्रॉफी में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। उन्हें IPL में सबसे पहले ‘किंग्स एलेवेन पंजाब (KXIP)’ ने मौका दिया। इसीलिए, ये गलत है कि IPL में उन्हें शाहरुख़ खान की टीम ने सबसे पहले मौका दिया। उन्हें पहले पंजाब की टीम ने खरीदा था, जो प्रीति जिंटा की है। जानबूझ कर कट्टर इस्लामी एजेंडा फैलाने के लिए झूठ बोला जा रहा है। हाँ, रिंकू सिंह के खेल के दौरान उनके मुस्लिम दोस्त भी थे और ही हिन्दू भी, ऐसे में किसी एकाध को पकड़ कर झूठ फैलाना गलत है।

कई ऐसे मुस्लिम क्रिकेटर भी हैं, जिनके कोच हिन्दू हैं या फिर जिनकी मदद हिन्दू दोस्तों ने की। लेकिन, ये मुद्दा बिलकुल भी नहीं होना चाहिए और इस पर कभी चर्चा हुई भी नहीं। ऐसे में रिंकू सिंह की आड़ में कट्टर इस्लामी एजेंडा फैलाना गलत है। जहाँ तक अली सोहराब की बात है, वो नफरत फैलाने का आदी रहा है और वो कई बार झूठ फैला चुका है। नफरत भरे ट्वीट्स के लिए उस पर मुकदमा भी दर्ज हुआ था। ऐसे व्यक्ति से कैसे उम्मीद की जा सकती है कि वो कुछ अच्छी बात करेगा।

‘जानबूझकर रामनवमी पर दंगा, पुलिस-प्रशासन असली दोषी’: बंगाल हिंसा पर पूर्व HC जज वाली फैक्ट फाइंडिंग टीम ने बताया, कहा- NIA करे जाँच

देशवासी इस बात अंदेशा जता रहे थे कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार नहीं चाहती कि रामनवमी पर हुई हिंसा की सही जानकारी सामने आए। इसके पीछे प्रमुख वजह यह थी कि मानवाधिकार संगठन की फैक्ट फाइंडिंग टीम को घटनास्थल पर जाने से पुलिस बार-बार रोक रही थी।

अब टीम ने फैक्ट फाइंडिंग टीम ने अपनी रिपोर्ट में इस अंदेशा को सही साबित किया है। मानवाधिकार संगठन के 6 सदस्यीय टीम के अध्यक्ष पटना हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश नरसिम्हा रेड्डी ने अपनी रिपोर्ट में कहा गया है कि बंगाल में रामनवमी पर हुई हिंसा सुनियोजित थी। इसके लिए जानबूझकर उकसाया गया और दंगे भड़काए गए थे।

पूर्व जज ने रेड्डी ने रविवार (9 अप्रैल 2023) को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, “रिशड़ा और शिबपुर हिंसा मामलों की NIA जाँच यह जानने के लिए जरूरी है कि क्या ये दंगे सुनियोजित तरीके से अंजाम किए गए थे। स्पष्ट बिंदु हैं कि दोनों मामलों में घटना के लिए पुलिस जिम्मेदार है।

फैक्ट फाइडिंग समिति के सदस्य और सेवानिवृत IG (क्राइम) राजपाल सिंह ने कहा, “असली अपराधी पुलिस और प्रशासन हैं। प्रशासन व्यवस्था सुधारने में नाकाम रहा है। निर्दोष लोगों पर मामला दर्ज किया जा रहा है और मुख्य अपराधियों को शरण दी जा रही है।”

दरअसल, जब यह टीम हिंसा प्रभावित इलाकों में लोगों से मिलकर सच्चाई जानने के लिए जा रही थी, तब पुलिस अधिकारियों ने इन्हें रास्ते में रोक दिया था। पुलिस अधिकारियों ने दावा किया था कि इलाके में CrPC की धारा 144 लगी हुई है। इसलिए वे आगे नहीं जा सकते।

टीम के सदस्यों के एक बार नहीं बल्कि बार-बार और कम-से-कम तीन पर रोका गया। इस दौरान पुलिस ने समिति के सदस्यों के साथ बदतमीजी भी की थी। तब समिति के सदस्यों ने कहा था कि इलाके में धारा 144 जैसी स्थिति नहीं दिख रही है। इसका बहाना बनाकर पुलिस उन्हें जाने से रोक रही है, ताकि सच्चाई बाहर ना आ सके।

टीम के एक सदस्य ने कहा था कि पुलिस ने उन्हें रोका था। उन्होंने कहा कि वे लोग घायलों से बात कर उनका आत्मविश्वास बढ़ाने जा रहे थे। टीम के सदस्यों ने ये भी कहा था कि 8 अप्रैल 2023 को भी रिसड़ा जाने के दौरान रास्ते में पुलिस ने उन्हें रोक दिया था। समिति ने कहा था कि कहा कि बंगाल की ममता सरकार राज्य की जनता के बारे में कुछ नहीं सोचती।

मानवाधिकर संगठन की फैक्ट फाइंडिग समिति के अलावा, इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) को भी दंगा प्रभावित इलाकों का दौरा करने से रोक दिया गया था। इस फ्रंट के सदस्यों ने भी कहा था कि कुछ राजनीतिक ताकतें तनाव और हिंसा भड़काने की कोशिश कर रही हैं। कुछ लोगों ने यहाँ अशांति फैलाने की कोशिश की।

‘मुगल महान, हिंदुओं ने बौद्ध मंदिर तोड़े’: TV पर मुगलों के ‘प्रवक्ता’ राजदीप सरदेसाई को साथी पत्रकार गौरव सावंत ने धोया, याद दिलाया कैसे मारे गए 40000 हिंदू

NCERT किताबों में मुगल इतिहास पर विवाद बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में हर न्यूज रूम में इस पर बहस हो रही है। एक पक्ष का कहना है कि स्कूली शिक्षा में मुगलों के बारे में पढ़ाया जाना अनिवार्य होना चाहिए ताकि पता चले कि उन्होंने भारत के लिए कितना कुछ किया। वहीं दूसरे पक्ष का कहना है कि मुगलों का इतिहास शिक्षा का हिस्सा हो लेकिन उसे बिन किसी तोड़-मरोड़ के पेश किया जाए ताकि ये पता चले कि मुगलों ने भारत में कितनी तबाही मचाई।

अब यही बहस न्यूजरूम्स तक भी पहुँच गई है। इंडिया टुडे के एंकर व कंसल्टिंग एडिटर राजदीप सरदेसाई भी ऐसी ही एक चर्चा में शामिल हुए जहाँ उन्होंने अपने ‘प्रोपेगेंडा’ को गोल-मोल करके पेश करने का प्रयास किया। हालाँकि, इस दौरान शो में बैठे एंकर व मैनेजिंग एडिटर गौरव सावंत ने उन्हें जमकर लताड़ लगाई। उन्हें तथ्यों से वाकिफ करवाते हुए बताया कि आखिर किस तरह मुगलों ने भारत में हिंदुओं को चुन-चुनकर मारा था जिसे इतिहास की किताबों में चालाकी से छिपा दिया गया।

इंडिया टुडे के डेमोक्रेटिक न्यूजरूम शो में देख सकते हैं कि राजदीप सरदेसाई कहते हैं, “इतिहास की बातें इतिहासकारों के हाथ में छोड़ दी जानी चाहिए, न कि उसे राजनेताओं को लिखने को देना चाहिए, क्योंकि ऐसा होते ही इतिहास में जहर भर जाता है। आप इतिहास से मुगलों को नहीं मिटा सकते। उन्होंने भारत के बहुलवादी संस्कृति का प्रतिनिधित्व किया है। आप उन्हें मिटाकर कैसे सिर्फ विलन दिखा सकते हैं। मैं नहीं कहता कि अकबर महान था। मगर कम-से-कम हमारे युवाओं को अकबर के बारे में पढ़ने तो दो। उन्हें देश के अन्य राजाओं के बारे में पढ़ने दो। लेकिन इस प्रकार चुन-चुनकर इतिहास मिटाना ताकि वो राजनैतिक एजेंडे को सूट करे वहाँ मुझे आपत्ति होती है। यही पाकिस्तान ने भी इतिहास के साथ किया था जिस वजह से वहाँ की पीढ़ी भारत पर निशाना साधती रहती है।”

गौरव सावंत ने लगाई राजदीप को लताड़

राजदीप की बात सुनने के बाद गौरव सावंत ने अपनी बात शुरू की। उन्होंने कहा कि वह राजदीप से सहमत हैं कि मुगल इतिहास को कभी भी बच्चों की किताबों से नहीं मिटाया जाना चाहिए। इस देश को पता होना चाहिए कि अकबर ने आखिर किया क्या था। पता होना चाहिए कि बाबर इस धरती का एक विध्वंसक था जो कहीं और से आया था। चित्तौड़ के युद्ध में कैसे 40 हजार हिंदू मारे गए थे और उनकी संख्या मापने के लिए उनके जनेऊ गिने गए थे।

उन्होंने कहा ये सब राजनेताओं द्वारा लिखित इतिहास की किताब में नहीं लिखा गया बल्कि इसे जेम्स स्टॉर्ट ने लिखा है। इसी तरह अकबर ने प्रयागराज और बनारस में क्या किया। बदायूनी को इसलिए ईनाम से नवाजा था क्योंकि उसने काफिरों के खून में अपने दाढ़ी भिगाने की बात कही थी। इसके बाद फादर मॉनसेराट ने भी लिखा है कि कैसे मुसलमानों ने हिंदुओं के मंदिरों और उसकी मूर्तियों को तोड़ा।

‘दीन-ए-इलाही’ की आड़ में छिपाया हिंदुओं का नरसंहार

कार्यक्रम में राजदीप सरदेसाई को कहते सुना जा सकता है कि गौरव नफरत फैलाने के अलावा भी बहुत सारा इतिहास है। उन्होंने दीन-ए-इलाही का उदाहरण रखकर इस्लामी बर्बरता पर सफाई देने का प्रयास किया। वहीं गौरव सावंत ने उन्हें ये कहकर चुप कराया कि मार्क्सवादियों द्वारा लिखे गए इतिहास में यही तो था कि उसमें दीन-ए-इलाही बता दिया गया, लेकिन ये नहीं बताया गया कैसे चित्तौड़ में हिंदू मरे। जहाँगीर के बारे में यह नहीं बताया गया कि कैसे उसने सिखों के पाँचवे गुरु को गर्म तवे पर बैठाकर मारा था।

राजदीप ने हिंदू राजाओं पर उठाए सवाल, मिला करारा जवाब

डेमोक्रेटिक न्यूजरूम की यह बहस यही नहीं रुकी। इस कार्यक्रम में राजदीप ने बहादुर शाह जफर को महान विद्वान बताया और ये भी कहा कि उन्होंने विलियन डार्लिम्पल के पॉडकास्ट से जफर के योगदान के बारे में जाना। कहा कि जिस दिल्ली में हम रहते हैं यहाँ भी मुगलों ने काफी योगदान दिया है। इस पर गौरव सावंत ने उनसे पूछा कि आखिर दिल्ली के बड़े-बड़े मंदिर कहाँ हैं। राजदीप ने आगे यहाँ तक कहा कि हिंदुओं ने बौद्धों के मंदिरों को तोड़ा जिसे सुन ट्विटर के ट्रू इंडोलॉडी अकॉउंट ने उन्हें चुनौती दी कि वो बस तीन ऐसे हिंदू राजाओं के बारे में बता दें, उसके बाद वह तमाम हिंदू राजओं के बारे में बताएँगे जिन्होंने बौद्ध धर्म के लिए कितना कुछ किया।

उल्लेखनीय है कि बीते कुछ दिनों से ये चर्चा हो रही है कि 12 वीं की एनसीईआरटी किताबों से मुगल इतिहास के अध्याय हटाए जा रहे हैं। जबकि एनसीईआरटी के डायरेक्टर का कहना है कि ऐसा दावा करने वाले न्यूज आउटलेट सिर्फ झूठ फैला रहे हैं।

‘अवांछित कारोबारियों से राहुल गाँधी के संबंध’: गुलाम नबी आजाद ने ‘विदेश में मीटिंग’ से उठाया पर्दा, शरद पवार ने ‘PM की डिग्री’ पर विपक्ष को रगड़ा

राजनीति में समय और शब्दों की बहुत अहमियत होती है। समय चुनावी मौसम का है और शब्द कॉन्ग्रेस एवं राहुल गाँधी के खिलाफ। कॉन्ग्रेस छोड़कर कर गए वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने राहुल गाँधी पर एक व्यवसायी के साथ संबंधों का आरोप लगाया है। वहीं, UPA गठबंधन के साझेदार NCP प्रमुख शरद पवार ने प्रधानमंत्री की डिग्री को गैर-जरूरी मुद्दा बताया।

नेशनल कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP) के मुखिया शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की डिग्री को लेकर विपक्षी की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि डिग्री कोई मुद्दा नहीं है। नेता इस पर अपना समय बर्बाद कर रहे हैं। देश कई मुश्किलों का सामना कर रहा है कि इस वक्त इस पर ध्यान देने की जरूरत है।

पवार ने कहा, “आज कॉलेज डिग्री का सवाल बार-बार पूछा जा रहा है। क्या ये राजनीतिक मुद्दा है?” पवार ने कहा कि केंद्र सरकार को बेरोजगारी, कानून व्यवस्था, महंगाई जैसे मुद्दों पर घेरा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि धर्म और जाति के आधार पर लोगों में अलगाव पैदा किया जा रहा है। बेमौसम बारिश से किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं । ऐसे मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए।

इससे पहले शरद पवार अडानी समूह पर हिंडेनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट को भी नकार चुके हैं। उन्होंने कहा था कि विदेशी संस्थाएँ अडानी समूह को निशाना बना रहे हैं। इसके अलावा, उन्होंने राहुल गाँधी द्वारा अडानी मामले की में संयुक्त संसदीय समिति (JCP) द्वारा जाँच की माँग को भी खारिज कर दिया। यह तीसरी बार है, जब पवार ने गठबंधन से अलग रुख अपनाया है।

उधर, कॉन्ग्रेस के दिग्गज नेता रहे गुलाम नबी आजाद ने राहुल गाँधी पर ‘अवांछित कारोबारियों’ से संबंध होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राहुल गाँधी विदेश जाकर एक ‘अवांछित बिजनेसमैन’ (Undesirable Businessmen) से मुलाकात की थी। बीजेपी ने राहुल गाँधी पर हमला बोलते हुए पूछा है कि ये बिजनेसमैन कौन है।

दरअसल, राहुल गाँधी ने 8 अप्रैल 2023 को एक ट्वीट किया था। इस ट्वीट में कॉन्ग्रेस छोड़ने वाले पुराने नेताओं का उद्योगपति गौतम अडानी के साथ कनेक्शन जोड़ा था। इस लिस्ट में उन्होंने गुलाम नबी आजाद को भी निशाना बनाया था। इसके जवाब में उन्होंने राहुल गाँधी पर यह आरोप लगाया है।

गुलाम नबी आजाद ने कहा, “मेरा कभी किसी उद्योगपति से संबंध नहीं रहा है, जबकि उनके समेत पूरे परिवार के उद्योगपतियों से संबंध रहे हैं। मेरे अंदर उस परिवार (गाँधी परिवार) के लिए बहुत सम्मान है, वरना मैं बताता कि वह देश से बाहर कहाँ-कहाँ गए थे और उद्योगपतियों से मिले थे। यहाँ तक कि ऐसे लोगों से भी मिले, जो अनडिजायरेबल बिजनेसमैन थे।”

कॉन्ग्रेस छोड़कर डेमोक्रेटिक प्रोगेसिव आजाद पार्टी (DPAP) नाम की राजनीतिक पार्टी बनाने वाले गुलाम नबी आजाद ने इससे पहले कहा था कि कॉन्ग्रेस अब भी ‘रिमोट कंट्रोल’ से संचालित की जा रही है। उन्होंने यहाँ तक कह दिया था कि पार्टी में अनुभवहीन चापलूसों की नई मंडली इसका कामकाज संभाल रही है। 

बिल नहीं चुकाया, चाबी भी रख ली, चेकआउट के समय पर गायब: वाराणसी के होटल ने तेज प्रताप यादव के आरोपों की खोली पोल, कहा – ID प्रूफ तक नहीं दिया

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में शुक्रवार (7 अप्रैल, 2023) की देर रात लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और बिहार सरकार में मंत्री तेज प्रताप यादव को देर रात एक होटल से निकाले जाने की खबर आई थी। तब तेज प्रताप के सहायक मिशान सिन्हा ने वाराणशी के सिगरा थाने में होटल प्रबंधन के खिलाफ दुर्व्यवहार का मामला दर्ज कराया था। अब इस मामले में होटल के मैनेजर का बयान सामने आया है। होटल प्रबंधन ने इस पूरे विवाद की वजह तेज प्रताप को ही बताया है। उन पर होटल का बिल भी न चुकता करने का आरोप है। वहीं पुलिस ने भी होटल मैनेजमेंट द्वारा उठाए गए कदम को नियम के मुताबिक बताया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सिगरा थानाक्षेत्र स्थित आर्केडिया होटल के मैनेजर ने इस पूरे विवाद पर सफाई देते हुए कहा कि तेज प्रताप को पहले ही होटल में चेक इन और चेक आउट की तारिख बता दी गई थी। तब तेज प्रताप यादव को कमरा 6 अप्रैल के लिए बता कर दिया गया था क्योंकि 7 और 8 अप्रैल को उसमें किसी और की बुकिंग पहले से हो रखी थी। होटल प्रबंधन के मुताबिक तेज प्रताप ने अगले दिन कमरा खाली नहीं किया जिस से एडवांस बुकिंग किए गेस्ट होटल में पहुँच कर कई घंटों तक इन्तजार करते रहे।

होटल मैनेजर ने आगे बताया कि तेज प्रताप ने 2 कमरे बुक कराए थे। पहला कमरा खुद उनके लिए और दूसरा उनके सहयोगियों के लिए था। सफाई में बताया गया है कि जिस सामान को निकालने का आरोप तेज प्रताप लगा रहे हैं, वह उनके सहयोगियों के कमरे का था। होटल प्रबंधन ने इस कार्रवाई की बाकायदा रिकॉर्डिंग भी करवाई है। तेज प्रताप यादव पर होटल में कमरे के लिए अपनी ID प्रूफ भी न जमा करने के साथ अभी तक कमरे के बिल का भुगतान न करने का भी आरोप है।

होटल प्रबंधन के मुताबिक, अभी तक तेज प्रताप वाले कमरे को चेकआउट भी नहीं किया गया है। इस पूरे विवाद के बाद अभी तक तेज प्रताप के किसी भी प्रतिनिधि के होटल में न जाने और यहाँ तक की कमरे की चाभी भी अपने ही पास रखने का आरोप है।

होटल प्रबंधन ने नियमों के तहत किया काम

ऑपइंडिया ने इस मामले में वाराणसी पुलिस के एडिशनल कमिश्नर IPS संतोष सिंह से बात की। संतोष सिंह ने हमें बताया, “तेज प्रताप को 12 बजे कमरा खाली करना था लेकिन 4 बजे तक वो होटल में नहीं आए। बाहर से आए पहले से बुकिंग किए कस्टमर काफी देर इंतजार किए और आख़िरकार होटल प्रशासन ने तेज प्रताप के ही सहयोगी के आगे कमरे को खाली करवाया।” इस मामले में किसी कानूनी कार्रवाई के सवाल पर एडिशनल कमिश्नर संतोष सिंह ने कहा कि जब अपराध ही नहीं हुआ तो कार्रवाई किस आधार पर होगी।

‘अभी तो तुम्हारी हिंदी सुधरी है, आगे-आगे देखो होता है क्या’: करण जौहर को कंगना ने फिर लताड़ा, कहा- कभी मुझे अंग्रेजी के लिए बेइज्जत किया था

बॉलीवुड निर्देशक करण जौहर ने सोशल मीडिया पर एक नोट लिखा है। इस नोट में उन्होंने हिंदी में बिन किसी का नाम लिए उन पर निशाना साधा जो उनकी आलोचना करते रहे हैं। ये पोस्ट कंगना के उस आरोप के बाद सामने आया जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रियंका को बैन करने के पीछे करण का हाथ था। उनके इस हिंदी पोस्ट के बाद अब कंगना ने दोबारा इस पर प्रतिक्रिया दी है और दोबारा से करण को आड़े हाथों लिया है।

करण जौहर ने अपने पोस्ट में लिखा था, “लगा लो इल्जाम, हम झुकने वालों में से नहीं हैं… झूठ के गुलाम बन जाओ, हम बोलने वालों में से नहीं… जितना नीचा दिखाओगे, जितने आरोप लगाओगे हम गिरने वालों में से नहीं… हमारा करम हमारी विजय है… आप उठा लो तलवार… हम मरने वालों में से नहीं हैं। “

करण जौहर और कंगना रनौत

कंगना ने इसी पोस्ट को देख लिखा, “एक वक्त था जब चाचा चौधरी इलाइट नेपो माफिया वालों के साथ नेशनल टेलीविजन पर मुझे शर्मिंदा करता था क्योंकि मुझे इंग्लिश नहीं आती थी। आज इनकी हिंदी देखकर ख्याल आया, अभी तो तुम्हारी हिंदी सुधरी है। आगे-आगे देखो होता क्या है।”

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी का करियर खत्म करने की बातों पर कंगना रनौत ने करण जौहर की क्लास लगाई। इससे पहले उन्होंने एक वीडियो शेयर की थी जिसमें अनुष्का शर्मा के साथ बैठकर करण कह रहे थे कि वो अनुष्का का करियर का बर्बाद करना चाहते थे। उन्होंने रब दे बना दी जोड़ी में उनकी कास्टिंग का विरोध भी किया था। हालाँकि बाद में बैंड बाजा बारात देख उन्हें लगा कि वो कितने गलत थे। करण की यह बात सुन वीडियो में अनुष्का हँस रहीं थी जबकि कंगना ने इस पर भी कहा था कि चाचा चौधरी पर बर एक यही काम है।