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अफ्रीका में नरसंहार… 144 की हत्या, 80 महिला-बच्चों का अपहरण: कांगो में IS के आतंकियों ने खंभे से बाँध गला काटा, बुर्किना फासो और नाइजीरिया में गोली मारी

मुस्लिमों के लिए पाक रमजान के महीने में इस्लामी आतंकियों ने अफ्रीकी देशों में एक बार फिर नरसंहार को अंजाम दिया है। बुर्किना फासो में आतंकियों ने 44 लोगों की हत्या कर दी है। वहीं, नाइजीरिया में हुए हमले में कम-से-कम 80 और कांगो गणराज्य में करीब 20 लोगों को मार दिया गया है।

पूर्वी कांगो गणराज्य में आतंकियों ने बड़ा हमला किया है। इस हमले में कम-से-कम 20 लोग मारे गए हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हथियारों से लैस बड़ी संख्या में आतंकी एक गाँव घुस गए और लोगों का कत्ल कर दिया। लोगों की हत्या के लिए आतंकियों ने चाकू का इस्तेमाल किया। इस हमले की जिम्मेदारी कुख्यात आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (IS) ने ली है।

इलाके के सैन्य प्रशासक चार्ल्स ओमेगा ने कहा कि मुसंदबा गाँव से 20 लोगों के शव शुक्रवार (7 अप्रैल 2023) को बरामद किए गए। वहीं, एक स्थानीय कार्यकर्ता ने कहा कि अस्पताल में 22 शव लाए गए। शनिवार (8 अप्रैल 2023) को इस्लामी स्टेट ने इसकी जिम्मेदारी ली।

मारे गए लोगों में पुरुष और महिलाएँ हैं। ये सभी लोग किसान हैं। आतंकियों ने इन लोगों की गला काटकर हत्या की है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में भीड़ लकड़ी के फ्रेम से बँधे एक व्यक्ति को घेर लेती है और फिर उसका गला काट दिया जाता है। इस तरह 20 लोगों के साथ यही अंजाम दिया गया था। ADF अब तक हजारों लोगों की हत्या कर चुका है।

हालाँकि, सेना और स्थानीय अधिकारियों ने पूर्वी कांगो में स्थित एक युगांडाई समूह एलाइड डेमोक्रेटिक फोर्सेस (ADF) पर हत्या का आरोप लगाया है। ADF एक इस्लामी समूह है, जिसे यूगांडा और कांगो ने आतंकियों की सूची में डाला है। कांगो और यूगांडा में नरसंहार के लिए ADF कुख्यात है। साल 2019 में ADF इस्लामिक स्टेट का हिस्सा बन गया।

इसी सप्ताह ADF ने इदुरी प्रांत में 30 लोगों की निर्मम तरीके से हत्या कर दी थी। पिछले महीने एक गाँव में आग लगाकर 39 लोगों को इस आतंकी संगठन ने मार दिया था। पिछले महीने संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) ने ADF के सरगना सेका मूसा बालुकु के बारे में सूचना देने वाले को 5 मिलियन डॉलर (लगभग 41 करोड़ रुपए) इनाम की घोषणा की थी।

बुर्किना फासो में जिहादियों ने 44 लोगों की हत्या की

आतंकियों द्वारा हमेशा नरसंहार झेलने के लिए अभिशप्त बने पश्चिमी अफ्रीकी देश बुर्किना फासो के उत्तरी इलाके में जिहादियों ने दो गाँवों में हमले किए। इन हमलों में कम-से-कम 44 लोगों के मारे जाने की खबर है। बुर्किना फासो की सरकार ने बताया कि कोराकौ में 31 और तोंडोबी में 13 लोगों की हत्या की गई है।

साहेल क्षेत्र के गवर्नर लेफ्टिनेंट कर्नल पीएफ रोडोल्फ सोरगो ने कहा कि आतंकियों ने सेनो प्रांत के कूराकू और तोंदोबी गाँवों पर हमला किया। इन हमलों को ‘घृणित तथा बर्बर‘ बताया और कहा कि सरकार इलाके में शांति सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि गुरुवार (6 अप्रैल 2023) की शाम को हथियारों से लैस बड़ी संख्या में इस्लामी आतंकी गाँवों में घुस आए और लोगों पर अंधाधुन फायरिंग करने लगे। इसमें कम से कम 44 लोग मारे गए। मृतकों के शव अगले दिन मिला।

स्थानीय लोगों कहना है कि कुछ दिन पहले मवेशी चुराने की कोशिश करने वाले दो जिहादियों को गाँव वालों ने मार दिया था। इसके प्रतिशोध में इस गाँव को निशाना बनाया गया था। बता दें कि फरवरी 2023 में देस के उत्तरी इलाके देउ पर हमला कर आतंकियों ने 51 सैनिकों को मार दिया था। साल 2015 से अब तक आतंकियों ने 10,000 से अधिक लोगों की हत्या कर दी है।

नाइजीरिया में 80 हत्या और 80 का अपहरण

अफ्रीकी देश नाइजीरिया में आतंकियों ने शुक्रवार (7 अप्रैल 2023) को वसूली के लिए 80 लोगों का अपहरण कर लिया। इनमें अधिकतर महिलाएँ और बच्चे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना जमफारा के त्सफे क्षेत्र के वानजमाई गाँव में हुआ। यह वह इलाका है कि जहाँ आतंकी अपहरण की घटना को सबसे अधिक अंजाम देते हैं।

दूसरी तरफ देश के एक अन्य हिस्से में अंधाधुन फायरिंग कर बंदूकधारियों ने कम-से-कम 30 लोगों को मौत के घाट उतार दिया है। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार (7 अप्रैल 2023) की देर शाम को उत्तर-मध्य नाइजीरिया में स्थित विस्थापित लोगों के एक शिविर पर हमला कर दिया गया है।

पुलिस अधिकारी सेवेसी एनेने ने कहा कि बंदूकधारियों ने बेन्यू राज्य के मगबान गांव में नागरिकों पर हमला किया। यह भी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि हमला किसने किया है, लेकिन माना जाता है कि चरमपंथी इस्लामी ग्रुप फुलानी द्वारा इसे अंजाम दिया गया है। इसके एक दिन पहले उमाजिदी गाँव में हमला कर 50 लोगों की हत्या कर दी गई थी।

अब्दुल, अकबर, इस्माइल समेत 11 ने घर में घुसकर तलवार से किया हमला, भुनेश्वर साहू की मौत: छत्तीसगढ़ में पुलिस टीम को भी बनाया निशाना

छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में मामूली विवाद के चलते मुस्लिमों ने तलवार से हमला कर एक हिंदू युवक की हत्या कर दी। हिंदू और मुस्लिम समाज के लोगों के बीच हुए इस विवाद में एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं। हालात से निपटने के लिए इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई। घटना शनिवार (8 अप्रैल, 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला बेमेतरा जिले के साजा विधानसभा के बिरनपुर गाँव का है। वहाँ दो स्कूली छात्रों के बीच साइकिल की टक्कर हो गई थी। इसको लेकर एक मुस्लिम युवक ने एक हिंदू छात्र के हाथ पर काँच की बोतल से हमला कर दिया। इस हमले में हिंदू छात्र का हाथ फैक्चर हो गया। घटना की जानकारी दोनों छात्रों के घर पर पहुँचने से विवाद और बढ़ गया। मुस्लिम भीड़ ने हिंदुओं के घर में घुसकर तलवार से हमला कर दिया। हमले में भुनेश्वर साहू नामक व्यक्ति की मौत हो गई।

हिंदू और मुस्लिमों के बीच हुए इस विवाद में एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों को इलाज के लिए साजा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। वहीं गंभीर रूप से घायलों को राजधानी रायपुर रेफर किया गया। घटना की जानकारी मिलने पर मामले को शांत कराने के लिए पुलिस जब बिरनपुर गाँव पहुँची तो मुस्लिमों ने पुलिस टीम पर भी हमला कर दिया। इस हमले में सब इंस्पेक्टर बीआर ठाकुर समेत 3 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।

4 महीने पुराने मामले को कहा जा रहा विवाद की जड़

बिरनपुर गाँव में करीब 4 महीने पहले भी सांप्रदायिक विवाद हुआ था। दरअसल, तब एक मुस्लिम युवक ने हिंदू लड़की से शादी कर ली थी। हिंदू संगठनों ने इस शादी का विरोध किया था। कहा जा रहा है कि इस शादी को लेकर दोनों पक्षों के बीच झगड़ा भी हुआ था। हालाँकि, उस समय यह झगड़ा शांत हो गया। लेकिन गाँव में हिंदू और मुस्लिमों के बीच हुआ यह विवाद खाई में बदल गया। इसके बाद अब साइकिल की टक्कर की टक्कर के मामूली विवाद में मुस्लिमों ने हिंदू की हत्या कर दी।

धारा 144 लागू, छावनी में तब्दील हुआ बिरनपुर

रिपोर्ट्स में जलील खान, नवाब खान, रसीद खान, बसीर खान, रसीद खान, शेरा खान, अब्दुल खान, अकबर खान, नाजीर खान, जनाब मोहम्मद, अयूब खान, आलीम खान, शकील खान, इस्माइल खान, जाहेद खान, कलाम खान, अनवर खान, हाफीज खान, अमीर खान, जूदगु खान को हत्या और हमला करने का आरोपित बताया जा रहा है। पुलिस 9 आरोपितों को गिरफ्तार चुकी है। अन्य की तलाश की जा रही है। फिलहाल गाँव मे धारा 144 लागू कर दी गई है। जगह-जगह पुलिस की भी तैनाती की गई।

‘मुगलों ने 800 साल की है हुकूमत, नहीं मिटाया जा सकता इतिहास’: आक्रांताओं के लिए फारूक अब्दुल्ला की बैटिंग, पूछा – ताजमहल-लाल किला कैसे छिपाओगे?

जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने NCERT की किताबों से मुगलों के चैप्टर हटाए जाने पर प्रतिक्रिया दी है। जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि मुगलों का इतिहास नहीं मिटाया जा सकता। उन्होंने कहा कि किताबों से मुगलों के चैप्टर भले हटा दिए गए हों लेकिन लोग उन मुगल शासकों को कैसे भूलेंगे जिन्होंने हम पर 800 सालों तक हुकूमत की है।

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग बाबर, अकबर, शाहजहाँ, औरंगजेब और जहाँगीर को कैसे भूलेंगे? जब लोग ताजमहल देखने जाएँगे तो क्या बताया जाएगा इसे किसने बनवाया? हुमायूँ के मकबरे और लाल किले को कैसे छिपाएँगे? एनसी अध्यक्ष ने कहा कि वे लोग अपने पैर पर कुल्हाड़ी मार रहे हैं। हम रहें न रहें इतिहास रहेगा।

एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम में हुए इस बदलाव का कई मुस्लिम नेता विरोध कर चुके हैं। 3 अप्रैल को सपा विधायक इकबाल महमूद ने कहा था कि मुगलों ने लंबे समय तक हिंदुस्तान में राज किया है। मुगलों का इतिहास पूरी दुनिया में पढ़ाया जाता है। देश की किताबों से मुगलों की जानकारी हटाने से कुछ नहीं होगा। महमूद ने आगे कहा था कि मुगलों ने भारत को ताजमहल, लाल किला, और कुतुब मीनार जैसी इमारतें दी हैं।

बता दें कि नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने 12वीं के पाठ्यक्रम में कई बड़े बदलाव किए हैं। ये बदलाव इतिहास, नागरिक शास्त्र और हिन्दी की किताबों में हुआ है। इतिहास की किताब से मुगल इतिहास से जुड़ी जानकारी हटाई गई है। वहीं हिंदी के पाठ्यक्रम से कविताएँ और पैराग्राफ हटाने का फैसला किया गया है। इसके अलावा 10वीं और 11वीं के पाठ्यक्रम से भी मुगल इतिहास से जुड़ी जानकारी हटाई गई है। सिलेबस में जो भी बदलाव किया गया है उसे मौजूदा शैक्षणिक सत्र यानी 2023-24 से ही लागू कर दिया जाएगा।

डरे हुए, लालची… शरद पवार पर कॉन्ग्रेस नेत्री का सीधा हमला, NCP प्रमुख ने अडानी के खिलाफ जाँच की माँग का किया था विरोध

अडानी समूह को लेकर विपक्षी एकता में फूट पड़ती दिख रही है। शरद पवार के हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के आधार पर अडानी समुह के खिलाफ JPC की माँग पर असहमति जताए जाने के बाद कॉन्ग्रेस नेता अलका लांबा ने उनपर जबरदस्त हमला बोला है। लांबा ने शरद पवार के लिए बिना नाम लिए लालची और चोरों को बचाने वाले चौकीदार जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया है।

शनिवार शाम को कॉन्ग्रेस नेत्री ने ट्विटर पर शरद पवार और गौतम अडानी की तस्वीर पोस्ट की। उन्होंने लिखा, “डरे हुए लालची लोग ही आज अपने निजी हितों के चलते तानाशाह सत्ता के गुण गा रहे हैं। देश के लोगों की लड़ाई एक अकेला राहुल गाँधी लड़ रहा है। पूंजीपति चोरों से भी और चोरों को बचाने वाले चौकीदार से भी।”

दरअसल, कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी के नेतृत्व में विपक्षी दल अडानी ग्रुप के खिलाफ संयुक्त संसदीय समिति (JPC) जाँच की लगातार माँग करते आ रहे हैं। इस पर शरद पवार ने 7 अप्रैल, 2023 को एनडीटीवी को दिए एक साक्षात्कार में कहा था कि वह इस मामले पर कॉन्ग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष द्वारा संसद को ठप करने से सहमत नहीं हैं। पवार ने कहा कि इस मुद्दे को जरूरत से ज्यादा महत्व दिया गया। इनके (हिंडनबर्ग) बारे में हमने कभी नहीं सुना। उनकी पृष्ठभूमि क्या है? जब वे ऐसे मुद्दे उठाते हैं जो पूरे देश में हंगामा खड़ा कर देते हैं तो इसकी कीमत देश की अर्थव्यवस्था को चुकानी पड़ती है।

शरद पवार के बयान के बाद बाद कॉन्ग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा था कि शरद पवार और उनकी पार्टी इस मुद्दे पर अलग विचार रख सकती है लेकिन विपक्षी के अन्य 19 दल इस मुद्दे पर एक हैं।

शरद पवार के बाद उनके भतीजे और राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP) विधायक अजित पवार ने शनिवार (8 अप्रैल, 2023) को EVM मामले में अपनी पार्टी के सहयोगी दलों से अलग राय रख दी। EVM से छेड़छाड़ के तमाम आरोपों को उन्होंने निराधार बताते हुए कहा कि ऐसा करना सम्भव ही नहीं है। अजित पवार ने यह भी कहा कि EVM पर सवाल वही उठाते हैं जो इलेक्शन हार जाते हैं। साथ ही पवार ने कॉन्ग्रेस, तृणमूल और JMM पार्टी की सरकारों के गठन में भी EVM से हुए चुनाव को याद रखने की नसीहत दी।

इसके बाद शाम को कॉन्ग्रेस नेता अलका लांबा का गुस्से से भरा ट्वीट सामने आया था। राहुल गाँधी समेत कॉन्ग्रेस के अन्य नेता और कार्यकर्ता अब भी अडानी को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं।

सिंगापुर में भारतीय मूल के व्यक्ति की हत्या: अब्दुल जाफरी ने दिया था सीढ़ियों से धक्का, सिर पर फ्रैक्चर से हो गई मौत

सिंगापुर के एक शॉपिंग मॉल के बाहर सीढ़ियों से गिरने के बाद भारतीय मूल के एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान थेवंद्रन शनमुगम (Thevandran Shanmugam) के रूप में हुई। आरोप है कि मुहम्मद अफजरी अब्दुल काहा नामक व्यक्ति ने थेवंद्रन को सीढ़ियों से धक्का दिया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, थेवेंद्रन शनमुगम मार्च में सिंगापुर के ऑर्चर्ड रोड स्थित कॉनकॉर्ड शॉपिंग मॉल गए थे। यहाँ मॉल के बाहर बनी सीढ़ियों से मुहम्मद अफजरी अब्दुल काहा नामक व्यक्ति ने थेवंद्रन को धक्का दे दिया। इसके बाद इलाज के लिए उसे हॉस्पिटल ले जाया गया। जहाँ हुई जाँच में उनके सिर पर फ्रैक्चर पाए गए। इलाज के दौरान हॉस्पिटल में ही थेवेंद्रन शनमुगम की मौत हो गई। शुक्रवार (7 अप्रैल 2023) शाम मंडई श्मशान घाट में उसका अंतिम संस्कार किया गया।

थेवेंद्रन शनमुगम की हत्या का आरोपित मुहम्मद अजफरी अब्दुल काहा पहले भी जेल जा चुका है। सजा में छूट मिलने के बाद वह जेल से बाहर आया था। इसके बाद अब उसने इस घटना को अंजाम दिया है। हालाँकि अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि आरोपित अब्दुल काहा थेवेंद्रन को जानता था या नहीं। शॉपिंग मॉल के बाहर जहाँ यह घटना हुई है वहाँ कई नाइट क्लब और बार हैं। हालाँकि, नाइट क्लब ने कहा है कि जिस दिन हत्या हुई, उस दिन थेवेंद्रन क्लब नहीं आए।

मुहम्मद अजफरी अब्दुल काहा को हो सकती है 10 की जेल

थेवेंद्रन शनमुगम की हत्या के आरोपित मुहम्मद अजफरी अब्दुल काहा को अदालत दोषी करार देती है तो उसे 10 साल तक की जेल हो सकती है। यही नहीं, उस पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है। दोषी पाए जाने पर उसे 178 दिनों तक की अतिरिक्त सजा भी हो सकती है। सिंगापुर के कानून के अनुसार, एक कैदी को अपनी सजा का एक हिस्सा जेल से बाहर बिताने की अनुमति दी जाती है। इसके लिए छूट का आदेश जारी किया जाता है।

‘पहले आतंक फैलाते थे जो माफिया, आज उनकी पैंट गीली हो जाती है’: कानून व्यवस्था पर बोले CM योगी – रामनवमी पर 35 लाख श्रद्धालु अयोध्या आए, एक तिनका नहीं हिला

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि लोग पहले कानून व्यवस्था का खिलवाड़ बनाते थे। लेकिन आज जब कोर्ट उन्हें सज़ा सुनाती है तो उनकी पैंट गीली हो जाती है। योगी आदित्यनाथ ने यह बात शनिवार (8 अप्रैल, 2023) को कही।

दरअसल, गोरखपुर औद्योगिक प्राधिकरण के सेक्टर 8 में गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के पास पेप्सिको की फ्रेंचाइजी मेसर्स वरुण बेवरेजेज के 1071 करोड़ रुपए की लागत वाला प्‍लांट लग रहा है। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ इस प्लांट की जमीन का भूमिपूजन करने पहुँचे थे। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा है, “जिस उत्तर प्रदेश में आज से 6 साल पहले दंगे होते थे। अराजकता फैलती थी। वह उत्तर प्रदेश आज बदल चुका है।” इस बयान को वीडियो में 8 मिनट के बाद से सुना जा सकता है।

सीएम योगी ने आगे कहा, “रामनवमी में देश के अलग-अलग राज्यों में दंगे हो रहे थे। लेकिन जहाँ भगवान राम का जन्म हुआ उस उत्तर प्रदेश में लोग अमन-चैन के साथ खुशहाली के साथ त्योहार मना रहे थे। रामनवमी के अवसर पर अयोध्या में 35 लाख श्रद्धालु आए थे। लेकिन एक तिनका भी नहीं हिला। 1000 से अधिक शोभायात्राएँ निकली थीं। हिंदू और मुस्लिम शोभायात्रा में पुष्प वर्षा कर रहे थे। यही नया बदलाव हुआ है। उत्तर प्रदेश में अब दंगे नहीं होते, बम नहीं बरसते बल्कि पुष्प वर्षा होती है।”

सीएम योगी ने कहा कि जो लोग शांतिपूर्ण ढंग से रहते हैं समाज उनका कैसे स्वागत करता है। यह सभी लोगों ने रामनवमी में देखा होगा।

उन्होंने आगे कहा है, “हनुमान जयंती पर उत्तर प्रदेश में 500 शोभायात्राएँ निकाली गईं। सब कुछ शांतिपूर्ण ढँग से हुआ। उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था के लिए तो कहना ही क्या है…जो लोग पहले उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था को धता बताते थे। आज आप देख रहे होंगे उनके सामने स्वयं की जान के लाले पड़ रहे हैं। जब कोर्ट उन्हें सजा सुनाती है तो उनकी पैंट गीली हो जाती है। जनता भी यह देखती है कि कैसे माफिया पहले जनता को तबाह करते थे। आज उनकी सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई है। सबके जान के लाले पड़े हैं। यहाँ कानून का राज होगा। किसी को भी कानून से बाहर जाकर काम करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। इस सरकार का यह संकल्प है।”

1 साल में ₹85000 करोड़ का मोबाइल निर्यात करने वाला देश बना भारत: सीधा दोगुना हो गया एक्सपोर्ट, भारत में बिक रहे 97% मोबाइल फोन स्वदेश निर्मित

भारत ने मोबाइल फोन के निर्यात के मामले में नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। वित्तीय वर्ष 2022-23 के आँकड़ों के अनुसार, इस अवधि में भारत ने 85,000 करोड़ रुपए के मोबाइल फोन एक्सपोर्ट किए हैं। बता दें कि भारत सरकार ने देश में मोबाइल फोन की मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम्स का निर्माण भी स्वदेशी और स्थानीय स्तर पर किया जा रहा है। 2023 में एक्सपोर्ट्स का ये आँकड़ा 1 लाख करोड़ रुपए को पार कराने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ये लक्ष्य भी रखा है कि निर्यात के मामले में अगले साल जब 5 उत्पादों की गिनती हो तो उसमें मोबाइल फोन भी शामिल हो। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री राजीव चंद्रशेखर भी ये बता चुके हैं। पिछले साल के ताज़ा आँकड़े ‘India Cellular and Electronics Association (ICEA)’ ने जारी किए हैं। इससे पिछले साल के मुकाबले ये आँकड़ा लगभग दोगुना हो गया है। इसका कारण है मोदी सरकार की नीतियाँ।

असल में स्थानीय स्तर पर मोबाइल फोन्स के निर्माण कार्य के लिए केंद्र सरकार कई योजनाएँ भी चला रही हैं। निर्माताओं में छूट दिए जा रहे हैं। ‘प्रोडक्शन लिंक्ड इन्सेन्टिव्स (PLI)’ लॉन्च किए गए हैं। भारत में बने मोबाइल फोन सबसे ज्यादा UAE, अमरीका, नीदरलैंड्स और UK के अलावा इटली में भी निर्यात किए जा रहे हैं। भारत विश्व में अब दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता बन गया है। भारत में जितने भी मोबाइल फोन बिक रहे हैं, उनमें से 97% स्वदेश निर्मित ही हैं।

इतना ही नहीं, 2027 तक तो Apple के 45-50% मोबाइल फोन भारत में ही बनने वाले हैं। इसके बाद भारत चीन के मुकाबले खड़ा हो जाएगा, जहाँ 80-85% iPhone बन रहे हैं। चीन से बाहर मोबाइल निर्माता निकल रहे हैं, जिसका सबसे बड़ा फायदा भारत और वियतनाम को ही मिलने वाला है। Apple ने तो अकेले दिसंबर के महीने में भारत से 1 बिलियन डॉलर के मोबाइल फोन निर्यात किए हैं। iPhone 12 से लेकर 14 प्लस तक भारत में बन रहे हैं।

‘यह सदी भारत की, याद रखिए अमृत काल के 5 प्रण’: रामकृष्ण मठ की 125वीं वर्षगाँठ पर बोले PM मोदी – तमिल भाषा-संस्कृति और चेन्नई का माहौल पसंद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चेन्नई में रामकृष्ण मठ की 125वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान समारोह को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि रामकृष्ण मठ का मैं बहुत सम्मान करता हूँ। मठ ने मेरे जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। खुशी का एक कारण यह भी है कि रामकृष्ण मठ चेन्नई में अपनी 125वीं वर्षगाँठ मना रहा है। इसके बाद पीएम मोदी ने कहा कि मैं तमिल भाषा तमिल संस्कृति और चेन्नई का माहौल पसंद करता हूँ।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि कन्याकुमारी में ही तपस्या करते हुए स्वामी जी ने जीवन के लक्ष्य की खोज की थी। इससे उनके जीवन में जो बदलाव आया उसका असर शिकागो तक देखा गया। पीएम ने आगे कहा कि स्वामी विवेकानंद बंगाल से थे लेकिन जब वे तमिलनाडु पहुँचे तो उनका नायक की तरह भव्य स्वागत किया गया। ऐसा भारत को स्वतंत्रता मिलने से कई वर्ष पहले हुआ था। देश के लोगों के मन में भारत की एक भारत श्रेष्ठ भारत की संकल्पना हजारों साल पहले से स्पष्ट है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दुनिया भर के एक्सपर्ट्स कहते हैं कि यह सदी भारत की है। हर भारतीय ऐसा महसूस भी करता है। इस अमृतकाल का उपयोग पाँच विचारों या पंच प्राणों को अपनाकर उपलब्धियों को हासिल करने के लिए किया जा सकता है। पीएम मोदी ने 5 विचारों के बारे में भी बताया जिसके अनुसार पहला है- विकसित भारत का लक्ष्य, दूसरा है- गुलामी की मानसिकता के सभी निशानियों को हटाना, तीसरा- अपनी समृद्ध विरासत पर गर्व करना, चौथा- आपसी एकता को और मजबूत करना और पाँचवाँ है- अपने नागरिक कर्तव्यों का पालन करना।

प्रधानमंत्री ने भारत में सशक्त होती महिलाओं के बारे में कहा कि आज का भारत महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास में विश्वास रखता है। चाहे वह स्टार्टअप हो या फिर खेल, रक्षा क्षेत्र हो या फिर उच्च शिक्षा, महिलाएँ सभी रुकावटों को पार करके नए-नए कीर्तिमान बना रही हैं।

बता दें कि शनिवार (8 अप्रैल, 2023) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दक्षिण भारत के दौरे पर रहे। पहले हैदराबाद में उन्होंने सिकंदराबाद-तिरुपति वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई। इसके बाद पीएम मोदी ने बीबीनगर एम्स का शिलान्यास किया। इसके अतिरिक्त पीएम ने पाँच राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं और सिकंदारााबाद रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास और कई अन्य परियोजनाओं की आधारशिला रखी। पीएम ने यहाँ एक विशाल रैली को भी संबोधित किया।

‘आपके चिकन पकौड़े का कारोबार दिन दूनी-रात चौगुनी तरक्की करे’: बर्थडे पर पूरे दिन ट्रोल हुए ‘पकौड़ा किंग’ अजीत अंजुम, नेटीजन्स ने कहा- इतनी बेइज्जती

माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर शनिवार (08 अप्रैल 2023) को नेटीजन्स ने यूट्यूबर अजीत अंजुम को जमकर ट्रोल किया। इतना ही नहीं दिन भर #PakodakingAjitAnjum ट्रेंड करता रहा। अजीत अंजुम के लिए पकोड़ा किंग जैसे विशेषण इस्तेमाल किए गए। इस हैशटैग के साथ हजारों ट्वीट किए गए।

ट्विटर पर यूजर्स ने ‘प्रोपगेंडा’ पत्रकार की तस्वीरों को पकोड़े बेचने वालों की तरह दिखाते हुए मीम्स की बौछार कर दी। शेयरिंग जीन्स (sharing_genes) नाम के यूजर ने लिखा कि किसी ट्विटर ट्रेंड को देखकर मैं इतना कभी नहीं हँसा।

कुछ लोग अजीत अंजुम को जन्मदिन की बधाई भी दे रहे थे। दरअसल शनिवार (08 अप्रैल) को उनका जन्मदिन भी था और इसी दिन ट्विटर यूजर्स ने उन्हें जमकर ट्रोल किया। लोग जन्मदिन की शुभकामनाएँ देते हुए भी मजेदार मीम्स शेयर कर रहे थे। मनोज कुमार नाम के यूजर ने लिखा कि यह तो गजब बेइज्जती है वह भी जन्मदिन के दिन।

कुछ यूजर्स ने पकोड़े तलने वाली तस्वीरें के साथ उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएँ दीं।

डॉक्टर वेट नाम के यूजर ने लिखा, “जनाब अंजुम साहब को यौमे पैदाइश (जन्मदिन) पर दिली मुबारकबाद, अल्लाह ताला आपको सेहतमंद और उम्रदराज रखें और आपके चिकन पकौड़े का कारोबार यूँ ही दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की करता रहे।”

निंदा टर्टल (Ninda Turtle) नाम के एक यूजर ने हैशटैग के साथ लिखा, “स्टार्ट अप इंडिया पहल के माध्यम से पकोड़ा किंग अजीत अंजुम की सफलता की कहानी।

ट्विटर पर कुछ यूजर्स ने अजीत अंजुम के नाम से किया हुआ एक ट्वीट शेयर किया। जिसमें वे दावा कर रहे हैं कि यदि उत्तर प्रदेश में योगी फिर से जीत गए तो मैं पत्रकारिता छोड़कर दिल्ली की बल्लीमारान में चिकन पकौड़े की दुकान खोल लूँगा।

इस ट्रेंड के पीछे की कहानी की शुरुआत यहीं से होती है। दरअसल उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में भाजपा की प्रचंड जीत के बाद सोशल मीडिया पर अचानकर इस तरह के ट्वीट शेयर किए जाने लगे। संभवतः चुनाव के नतीजों के बाद यूजर्स भाजपा विरोधी पत्रकार होने का आरोप लगाकर उन्हें चिढ़ाने की कोशिश कर रहे थे। अजीत अंजुम इन ट्वीट्स पर सफाई देने लगे। जिसके बाद उन्हें ट्रोल करने वालों की संख्या बढ़ती गई।

गुजरात चुनावों के बाद भी ऐसा ही हुआ। एक अन्य ट्वीट शेयर किया जाने लगा। जिसमें दावा किया गया था कि यदि गुजरात में भाजपा जीत गई तो अजीत अंजुम अपने गृह जिले बिहार के बेगूसराय चले जाएँगे और वहाँ झींगा मछली बेचेंगे।

इन ट्वीट्स से परेशान होकर अजीत अंजुम ने 6 अप्रैल को अपने यूट्यूब चैनल पर वीडियो जारी किया। इसमें वे सफाई देते रहे कि उन्होंने इस तरह के दावे नहीं किए बल्कि भाजपा आईटी सेल वाले और हिंदुवादी कार्यकर्ताओं ने इस तरह के ट्वीट्स फैलाए हैं। अजीत ने कहा कि उन्होंने कभी भी किसी पार्टी के जीत हार की भविष्यवाणी नहीं की। इस बहाने उन्होंने भाजपा आईटी सेल वालों और ट्रोल करने वालों को जमकर कोसा।

वीडियो आने के बाद से यूजर्स ने अजीत अंजुम को एक बार फिर से ट्रोल करना शुरू कर दिया। यहाँ तक कि उनके जन्मदिन वाले दिन सबसे ज्यादा मीम्स और एडिट तस्वीरें शेयर की गईं।

‘संभव ही नहीं है EVM से छेड़छाड़’: NCP के अजित पवार ने विपक्षी एकता को फिर दिया झटका, बोले – हार की वजह न मिलने पर ईवीएम पर उठाते हैं सवाल

महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP) विधायक अजित पवार ने EVM मामले में अपनी पार्टी के सहयोगी दलों से अलग राय रख दी है। EVM से छेड़छाड़ के तमाम आरोपों को उन्होंने निराधार बताते हुए कहा कि ऐसा करना सम्भव ही नहीं है। अजित पवार ने यह भी कहा कि EVM पर सवाल वही उठाते हैं जो इलेक्शन हार जाते हैं। साथ ही पवार ने कॉन्ग्रेस, तृणमूल और JMM पार्टी की सरकारों के गठन में भी EVM से हुए चुनाव को याद रखने की नसीहत दी। अजित पवार ने यह बयान शनिवार (8 अप्रैल, 2023) को दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, EVM पर अजित पवार की राय पूछने पर उन्होंने EVM से चुनाव प्रणाली को ‘चेक और बैलेंस’ व्यवस्था बताया। उनका कहना था कि EVM से छेड़छाड़ संभव ही नहीं है। चुनाव परिणामों को जनता का सच्चा आदेश बताते हुए अजित पवार ने कहा कि उन्हें व्यक्तिगत तौर पर EVM पर इसलिए भरोसा है क्योंकि अगर इसमें कोई खराबी होती तो छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, पंजाब, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में विपक्षी दलों की सरकारें न बनी होतीं।

अजित पवार के मुताबिक अगर कोई EVM में हेरफेर साबित कर दे तो यह देश की सबसे बड़ी गड़बड़ी मानी जाएगी। हालाँकि, उन्होंने आगे कहा कि शायद ही कोई ऐसा कर पाए। अजित के मुताबिक, चुनाव हारने के बाद कुछ लोग यह नहीं समझ पाते कि उनकी हार की वजह क्या है तो ऐसे में वो तमाम लोग EVM पर ही सवाल खड़े करने लगते हैं।

गौरतलब है कि अजित पवार NCP चीफ शरद पवार के भतीजे है। उन्होंने उन मीडिया संस्थानों पर नाराजगी जताई जो कुछ समय पहले उनके महाविकास अघाड़ी से दूरी बनाने की खबर चला रहे थे। अपनी ही पार्टी के कार्यक्रमों दूरी की वजह अजित पवार ने लगातार दौरों के चलते हुई थकान में आराम को बताया। अजित पवार ने मीडिया से अपने बारे में भ्रामक खबरें न चलाने की भी अपील की है।