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‘तुम्हारे जैसे 10 को पढ़ा देगा’: अनुपम खेर की माँ ने PM मोदी की डिग्री पर सवाल उठाने वालों को दिया करारा जवाब, कहा – दिमाग होना चाहिए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री पर सवाल उठाने वालों को अनुपम खेर की माँ ने करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा है कि डिग्री पर सवाल उठाने वाले 10 लोगों को प्रधानमंत्री पढ़ा सकते हैं। वह करोड़ों लोगों के साथ उठते-बैठते हैं। पढ़ने-लिखने से कुछ नहीं होता, दिमाग होना चाहिए।

दरअसल, अनुपम खेर सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं। वह अपनी एक्सरसाइज से लेकर सामान्य एक्टिविटी तक के वीडियो सोशल साइट्स पर अपलोड करते रहते हैं। इस दौरान वह कई बार अपनी माँ दुलारी खेर के वीडियो भी अपलोड करते हैं। ऐसे ही एक वीडियो में अनुपम खेर ने अपनी माँ से कहा है, “मम्मी आज कल कुछ लोग बोल रहे हैं कि मोदी जी पढ़े लिखे नहीं हैं।”

इसके जवाब में अनुपम खेर की माँ ने कहा, “उनको बोलो कि आप पढ़ा लो उसको। वो तुम्हारे जैसे 10 को पढ़ाएगा। वो जहाँ बैठा है हमारी हिम्मत से बैठा है। जो करोड़ों लोगों के साथ उठता-बैठता है वो पढ़ा लिखा नहीं है? सवाल उठाने वाले पढ़े लिखे हैं? और पढ़ने में क्या है दिमाग होना चाहिए। दिमाग सबसे ज्यादा जरूरी है। पढ़े-लिखे लोगों को ही कहाँ दिमाग होता है।”

बात दें कि अनुपम खेर की माँ पीएम मोदी की बड़ी प्रशंसक हैं। समय-समय पर वह प्रधानमंत्री की तारीफ करती रहती हैं। इससे पहले गत 12 फरवरी को अनुपम खेर ने अपनी माँ का एक वीडियो शेयर कर कहा था, “आदरणीय नरेंद्र मोदी जी। मेरी माँ आपकी और आपके कार्यों की बहुत बड़ी प्रशंसक हैं। आमतौर पर आपको सुनते हुए भावुक भी हो जाती हैं। कभी कभी ग़ुस्सा भी। यहाँ ये आपकी हाल ही के भाषणों पर भावनात्मक प्रतिक्रिया दे रहीं है। बीच में कश्मीरी में आपकी लंबी उम्र की प्रार्थना भी कर रही हैं।”

अरविंद केजरीवाल ने उठाया था डिग्री का मुद्दा, कोर्ट ने ठोंका जुर्माना…

गौरतलब है दिल्ली के सीएम और आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने आरटीआई के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री की माँग की थी। इसको लेकर केंद्रीय सूचना आयोग ने प्रधानमंत्री कार्यालय, गुजरात विश्वविद्यालय और दिल्ली विश्वविद्यालय को निर्देश दिया था कि वह प्रधानमंत्री की डिग्री के बारे में जानकारी दें। केंद्रीय सूचना आयोग के इस निर्देश को गुजरात विश्विद्यालय ने गुजरात हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

गुजरात हाईकोर्ट ने इसी मामले में अरविंद केजरीवाल को फटकार लगाते हुए उन पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया था।

धार्मिक झंडा जलाए जाने के विरोध में झारखंड में सड़क पर जनजातीय समाज: बंद का दिखा असर, CM सोरेन के आवास और दफ्तर के पास लगा दी गई धारा-144

झारखंड में धार्मिक झंडा जलाए जाने के विरोध में जनजातीय संगठनों ने राँची बंद का आह्वान किया है। जनजातीय झंडा जलाने वाले आरोपितों की गिरफ्तारी की माँग कर रहे हैं। संगठन के नेताओं का कहना है कि उनके धार्मिक झंडे के साथ जो किया गया है वह बेहद निंदनीय है।

दरअसल, सरना झंडा जलाए जाने को लेकर जनजातीय वर्ग बेहद गुस्से में हैं। इसको लेकर बीते एक सप्ताह से लगातार सरगर्मी देखने को मिल रही थी। इसी कड़ी में जनजातीय संगठनों ने शुक्रवार (7 अप्रैल 2023) को केंद्रीय सरना समिति के बैनर तले राजधानी राँची में मशाल जुलूस निकाला था। साथ ही शनिवार (8 अप्रैल, 2023) को राँची बंद का आह्वान किया था। इसके चलते प्रशासन ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास और सचिवालय के 200 मीटर के दायरे में धारा 144 लगा दी है। किसी भी दुर्घटना से बचने के लिए राजधानी राँची में 1500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।

झारखंड के जनजातीय संगठन पाहन संघ के अध्यक्ष जगदीश पाहन ने का कहना है कि सरना झंडा का अपमान किया गया है, इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा है कि पुलिस जल्द से आरोपितों की गिरफ्तारी करे। इसको लेकर मशाल जुलूस निकाला गया था। अब बंद भी किया जा रहा है। वहीं, केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष फूलचंद तिर्की का कहना है कि जनजातीय अपनी परंपरा व संस्कृति के को लेकर जागरूक हैं। अपने सम्मान की रक्षा के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। उनका दावा है कि यह राँची बंद अब तक का सबसे ऐतिहासिक बंद होगा।

जगह-जगह दिखा बंद का असर

जनजातीय संगठनों द्वारा बुलाए गए रांची बंद का असर शनिवार (8 अप्रैल, 2023) की सुबह से ही दिखने लगा था। संगठन के लोगों ने कई जगहों पर सड़क को जाम कर दिया। खासतौर से बिरसा चौक और बायपास रोड में आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया था। इससे स्कूल और कॉलेज की बसें पूरी तरह से प्रभावित हुईं। हालाँकि बाद में प्रशासन ने जाम खुलवा दिया। वहीं, कई जगहों पर टायर जलाकर भी विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘आंदोलन चलता रहेगा-झारखंड जलता रहेगा’ जैसे नारे भी लगाए। राँची में दुकानें और मुख्य बाजार भी बंद का असर दिखा।

क्या है मामला

केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष फूलचंद तिर्की के अनुसार, जनजातियों के प्रमुख त्योहार सरहुल उत्सव के अगले दिन यानी 25 मार्च, 2023 को उपद्रवियों ने राँची के लोअर करम टोली इलाके में लगे सरना झंडा को निकाल कर जला दिया था। इस मामले में शिकायत के बाद भी पुलिस आरोपितों को गिरफ्तार नहीं कर पा रही है। प्रशासन कार्रवाई नहीं कर पा रहा है, इसलिए मजबूरन बंद का आह्वान किया गया।

5 लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ है मामला

सरना झंडा के अपमान को लेकर लोअर करम टोली निवासी राजेंद्र मुंडा 5 लोगों के खिलाफ एससी-एसटी थाने में FIR दर्ज कराई है। यह एफआईआर दीपक सिंह, प्रकाश सिंह, संतोष सिंह, रवींद्र गोप और सुजीत उराँव के खिलाफ हुई है।

इरशाद के संपर्क में आकर बेटी पढ़ने लगी नमाज, पास रखती है कुरान: गोंडा में हिंदू पिता ने पुलिस में दी शिकायत, धर्मांतरण और रेप का आरोप

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में एक नाबालिग हिन्दू लड़की पर इस्लाम कबूलने करवाने के साथ जबरन निकाह के दबाव का मामला सामने आया है। लड़की के पिता ने इस बाबत पुलिस में शिकायत दी है जिस पर जाँच की जा रही है। आरोपित का नाम मोहम्मद इरशाद है। शिकायत में आरोपित द्वारा नाबालिग के साथ छेड़छाड़ और पीछा किए जाने का भी जिक्र है। पुलिस को यह शिकायत 25 मार्च 2023 को दी गई थी।

यह मामला गोंडा जिले के थानाक्षेत्र छपिया का है। पीड़िता हिन्दुओं के OBC समुदाय से है। पीड़िता के पिता ने इरशाद के खिलाफ 25 मार्च को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। इस शिकायत में उन्होंने अपनी बेटी की उम्र 17 साल बताई है। उनका आरोप है कि मोहम्मद इरशाद काफी समय से उनकी बेटी का पीछा करता रहा है। इस दौरान वह प्रेम प्रसंग बनाने के लिए छेड़छाड़ भी करता रहा। पीड़ित पिता के मुताबिक धीरे-धीरे मोहम्मद इरशाद पीड़िता को इस्लाम के लिए प्रेरित कर ले गया और उसे हिन्दू से मुस्लिम बना दिया।

शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में आगे बताया गया है कि इरशाद के प्रभाव में आ कर उनकी नाबालिग बेटी नमाज पढ़ने लगी। साथ ही लड़की अपने साथ कुरान रखने लगी और बात-बात पर अल्लाह और खुदा का नाम लेने लगी। इरशाद पर यह भी आरोप है कि वह लड़की से जबरिया शादी करने का दबाव डाल रहा है। पीड़ित पिता के मुताबिक उन्हें जब पूरे मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने अपनी बेटी को काफी समझाया-बुझाया। साथ ही जब इरशाद को उसकी हरकतों से रोकने की कोशिश की तो लड़की के पिता को जाने से मारने और बेटी को जबरदस्ती भगा ले जाने की धमकी दी गई। पीड़ित पिता ने अपने आरोपों के समर्थन में कॉल रिकॉडिंग होने का भी दावा किया है।

ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। इस पूरे घटनाक्रम का गोंडा जिले के पुलिस अधीक्षक IPS आकाश तोमर ने संज्ञान लिया है। उन्होंने अपने अधीनस्थों को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित भी किया है। गोंडा पुलिस ने DSP मनकापुर को मामले की जाँच सौंप दी है।

बेटी के साथ रेप हुआ

ऑपइंडिया ने इस मामले की जानकारी के लिए पीड़ित पिता से बात की। उन्होंने बताया कि 24 मार्च 2023 को उनकी बेटी को इरशाद अपने घर ले कर चला गया था। रात में जब लड़की लौटी नहीं तो उसकी तलाश की गई। पीड़ित का दावा है कि अगले दिन भोर में उनकी बेटी एक नहर के पास घर लौटती मिली। उनकी बेटी ने अपने साथ रेप होने की भी बात कही है। इस मामले में पीड़ित परिजन इरशाद की माँ को भी आरोपित बता रहे हैं और अपनी बेटी से कुछ दिनों के बाद निकाह की साजिश में उनका भी हाथ होने की आशंका जाता रहे। माना जा रहा है कि आरोपित का परिवार लड़की के बालिग होने की प्रतीक्षा कर रहा है।

लड़की के पिता ने आगे बताया कि पुलिस में शिकायत दर्ज करवाने के बाद इरशाद लगातार उनको धमकियाँ दे रहा है। इन धमकियों में लड़की भगा ले जाने के साथ जान से मारने की घुड़की भी शामिल है। पीड़ित का कहना है कि इरशाद ने ये भी चैलेन्ज किया है कि कोई भी उसका कुछ बिगाड़ नहीं सकता। खुद को गरीब और बेहद परेशान बताते हुए पीड़ित ने न्याय की गुहार लगाई है।

PM मोदी ने तेलंगाना को दी ‘वंदे भारत’ की सौगात, ₹11 हजार करोड़ की परियोजनाओं की भी शुरुआत: रैली से पहले कई कॉन्ग्रेस नेता हिरासत में

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तेलंगाना दौरे पर हैं। यहाँ उन्होंने वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। साथ ही वह 11300 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का भी शिलान्यास और उद्घाटन हुआ। इस दौरे से पहले तेलंगाना पुलिस ने कॉन्ग्रेस के कई नेताओं को हिरासत में लिया है।

दरअसल, पीएम मोदी के दौरे को लेकर कॉन्ग्रेस नेता हैदराबाद में प्रदर्शन कर रहे थे। ऐसे में पुलिस ने कॉन्ग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई के अध्यक्ष बालमुरी वेंकट, यूथ कॉन्ग्रेस अध्यक्ष शिवसेना रेड्डी, दलित कॉन्ग्रेस अध्यक्ष प्रीतम समेत कई अन्य लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है।

प्रधानमंत्री ने तेलंगाना को देंगें कई सौगात

तेलंगाना दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद पहुँचकर सिकंदराबाद-तिरुपति वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन भाग्यलक्ष्मी मंदिर और श्री वेंकटेश्वर धाम तिरुपति को जोड़ेगी। यह तेलंगाना के दूसरी वंदे भारत ट्रेन है। इसके अलावा वह 11,300 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे।

साथ ही, 1350 करोड़ की लागत से बनने वाले अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) बीबीनगर की भी आधारशिला रखी। इस दौरे पर पीएम 7850 करोड़ की लागत वाले 5 राष्ट्रीय राजमार्ग की परियोजनाओं और 720 करोड़ रुपए की लागत वाले सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास का भी शिलान्यास किया। इससे पहले पीएम हैदराबाद के परेड मैदान में एक जनसभा को भी संबोधित की।

तेलंगाना के बाद तमिलनाडु जाएँगे PM

तेलंगाना दौरे के बाद पीएम मोदी शनिवार (8 अप्रैल 2023) की शाम तमिलनाडु दौरे पर होंगे। यहाँ भी वह एमजीआर चेन्नई सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर चेन्नई-कोयम्बटूर वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। साथ ही वह रेलवे से जुड़ी कई अन्य परियोजनाओं की भी आधारशिला रखने वाले हैं।

यही नहीं, पीएम चेन्नई हवाईअड्डे पर 2437 करोड़ रुपए की लागत से बनकर तैयार हुए अत्याधुनिक एकीकृत टर्मिनल भवन का भी उद्घाटन करेंगे। इसके बाद वह चेन्नई के अलस्ट्रॉम क्रिकेट मैदान में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करेंगे। इससे पहले वह यहाँ करीब 3700 करोड़ रुपए की लागत वाली सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।

‘जिस जज ने राहुल गाँधी को सज़ा सुनाई, सत्ता में आने पर उसकी जीभ काट डालेंगे’: कॉन्ग्रेस नेता ने सरेआम किया ऐलान

तमिलनाडु में कॉन्ग्रेस पार्टी के एक नेता ने ऐलान किया कि सत्ता में आते ही उस जज की जीभ काट ली जाएगी जिन्होंने राहुल गाँधी को 2 साल की सजा सुनाई थी। धमकी देने वाले कॉन्ग्रेस नेता की पहचान मणिकंदन के तौर पर हुई है। पुलिस ने कॉन्ग्रेस नेता के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। कॉन्ग्रेस नेता का यह वीडियो 6 अप्रैल, 2023 का बताया जा रहा है।

तमिलनाडु के डिंडीगुल में कॉन्ग्रेस की एससी/एसटी विंग की तरफ से राहुल गाँधी को अयोग्य ठहराने के खिलाफ प्रदर्शन का आयोजन किया गया था। इस प्रदर्शन में कॉन्ग्रेस पार्टी जिला प्रमुख मणिकंदन भी शामिल हुए। सड़क पर उन्होंने स्थानीय भाषा में लोगों को संबोधित भी किया। इसी संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि सूरत की अदालत ने हमारे नेता (राहुल गाँधी) को दो साल की सजा सुनाई। उन्होंने कहा, “सुनिए जस्टिस एच वर्मा जब कॉन्ग्रेस सत्ता में आएगी तो हम आपकी जीभ काट देंगे।”

डिंडीगुल पुलिस ने मणिकंदन के खिलाफ आईपीसी की धारा 153बी समेत तीन धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जाँच की जा रही है। न्यूज एजेंसी एएनआई ने धमकी से संबंधित एक वीडियो भी जारी किया है। इसमें कॉन्ग्रेस नेताओं और वर्कर्स को हाथ में कॉन्ग्रेस का झंडा व बैनर लेकर प्रदर्शन करते देखा जा सकता है। कुछ लोग भी जमा हुए हैं जिन्हें मणिकंदन संबोधित कर रहे हैं।

बता दें कि मोदी सरनेम पर आपत्तिजनक बयानबाजी करने के मामले में 23 मार्च, 2023 को सूरत की जिला अदालत ने राहुल गाँधी को दोषी ठहराते हुए दो साल की सजा सुनाई थी। सजा सुनाए जाने के तुरंत बाद उन्हें जमानत भी दे दी गई। उन्हें ऊपरी अदालत में अपील करने के लिए 30 दिनों का समय दिया गया था। इस बीच राहुल गाँधी की संसद सदस्यता भी चली गई थी और उनसे सरकारी बंगला भी खाली करा लिया गया था।

होटल वाले ने तेज प्रताप यादव का सामान निकाल फेंका, रात भर सड़क पर घूमते रहे मंत्री: शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की जाँच

लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और बिहार सरकार में मंत्री तेज प्रताप यादव को आधी रात के समय वाराणसी के एक होटल से निकाल दिया गया। मामला शुक्रवार (07 अप्रैल 2023) की देर रात का है। बताया जा रहा है कि तेज प्रताप व्यक्तिगत दौरे पर वाराणसी पहुँचे थे। अब तेज प्रताप के सहायक मिशान सिन्हा ने वाराणशी के सिगरा थाने में होटल प्रबंधन के खिलाफ दुर्व्यवहार का मामला दर्ज कराया है।

दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार वाराणसी दौरे पर पहुँचे तेज प्रताप ने अरकेडिया होटल में कमरा बुक किया हुआ था। रात में वह घूमने के लिए वाराणसी के अस्सी घाट पहुँचे। कथिततौर पर जब वे होटल लौटे तो उनका सामान कमरे में न होकर रिसेप्शन पर रखा हुआ था। आरोप है कि होटल कर्मचारियों ने बिना किसी सूचना के तेज प्रताप की सुरक्षा में तैनात जवानों के कमरे से सारा सामान बाहर निकाल दिया।

शिकायत में कहा गया है कि सीसीटीवी कैमरे को देखने के बाद पता चला है कि होटल के लोग तेज प्रताप के कमरे में भी गए थे। उनका सामान भी बाहर निकाला गया था। जब तेज प्रताप होटल पहुँचे तो उन्होंने अपना सामान रिसेप्शन पर देखा। इससे वे आग बबूला हो गए। पुलिस का कहना है कि उन्हें तेज प्रताप के सहायक की तरफ से लिखित शिकायत मिली है। पुलिस मामले में होटल प्रबंधन का पक्ष जानने की कोशिश कर रही है।

न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक होटल प्रबंधन का कहना है कि उनकी बुकिंग 7 अप्रैल रात 12 बजे तक के लिए ही थी। उसके बाद कमरा दूसरे व्यक्ति के नाम पर बुक था। इसलिए उन्हें मजबूरन सामान निकालना पड़ा। सामान बाहर देख नाराज तेज प्रताप आधी रात को ही होटल से जाने लगे। हंगामे के बाद मौके पर पहुँची पुलिस और होटल प्रबंधन के लोगों ने तेज प्रताप को मनाने की कोशिश की। तेज प्रताप नाराज होकर निकल गए।

दलित महिला से बलात्कार, एसिड से जला कर हत्या: सुकर खान ने पड़ोसन के साथ की हैवानियत, 4 बच्चों की माँ थी मृतका

राजस्थान के बाड़मेर में एक दलित महिला का रेप करने के बाद हत्या कर दिए जाने का मामला सामने आया है। पीड़िता की हत्या एसिड से जला कर हुई है। लगभग 30 साल उम्र के आरोपित का नाम सुकर खान है जो महिला का पड़ोसी बताया जा रहा है। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। घटना गुरुवार (6 अप्रैल, 2023) की है। मृतका के घर वालों ने 1 करोड़ रुपए और बच्चों के लिए सरकारी नौकरी की माँग की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला बाड़मेर के बालोतरा कस्बे का है। पीड़िता की उम्र 45 साल की है जो सुकर खान के पड़ोस में अपने परिवार के साथ रहती थी। महिला के पति ने पुलिस में शिकायत देते हुए बताया कि गुरुवार को वह काम करने के लिए बालोतरा गया था। घटना के दौरान पीड़िता के बच्चे भी स्कूल गए थे। एक पड़ोसन के हवाले से पीड़िता के पति ने आगे बताया कि दोपहर के 2 बजे सुकर खान उनके घर में घुसा। तब पीड़िता घर में अकेली थी। घर में घुस कर सुकर ने पीड़िता से रेप किया।

शिकायत में आगे बताया गया है कि रेप के दौरान पीड़िता के चीखने-चिल्लाने की आवाज पड़ोस में गई। एक पड़ोसन मदद के लिए घर में घुसी तब सुकर ने उसे भी धक्का दे दिया। बचाने आई महिला जमीन में गिर गई तब सुकर खान ने अपने साथ लाया गया एसिड पीड़िता के ऊपर उड़ेल दिया। एसिड के तौर पर बोतल में थिनर होने की आशंका जताई जा रही है जिसमें आरोपित द्वारा आग भी लगा दी गई।। एसिड के हमले में पीड़िता बुरी तरह से झुलस गई। महिला के पति को पड़ोसन द्वारा घटना की जानकारी फोन पर दी गई। इस हरकत के बाद आरोपित सुकर खान भाग निकला।

शिकायत कॉपी में मृतका के पति ने पीड़िता के अंतिम बयान का जिक्र किया है। तब पीड़िता ने अपने पति से बताया था, “मुल्जिम सुकर खान मुझे अकेली देख कर अपनी ढाणी में आया था व मेरे साथ गलत हरकत करते हुए मुझे ढाणी में बने हुए कमरे में जबरदस्ती पकड़ कर अंदर ले गया। मुझे गिरा कर मेरे पहना हुआ घाघरा व चड्डी उतार कर मेरे नग्न कर के अपने खुद के पहने हुए कपड़े उतार कर मेरे साथ खोटा काम मेरी इच्छा के विरुद्ध किया।” ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

पीड़िता के पति ने अपनी पत्नी को नजदीकी अस्पताल में भर्ती करवाया जहाँ से उसे जोधपुर रेफर कर दिया गया। आखिरकार आपसी सलाह कर के पीड़िता के परिजन इलाज के लिए बालोतरा के ही एक निजी अस्पताल में ले गए जहाँ उनकी मौत हो गई है। शुक्रवार को यह केस थाना पचपदरा में दर्ज हुआ। आरोपित सुकर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जाँच की जा रही है। पीड़िता के पक्ष में तमाम लोगों ने थाने पर हंगामा भी किया।

मृतका 2 बच्चियों और 2 बच्चों की माँ थी। आरोपित पर IPC की धारा 450, 376 (1), 326- A के साथ SC/ST एक्ट में केस दर्ज हुआ है। पीड़िता की मौत के बाद अब इस केस में सुकर खान पर धाराएँ बढ़ाई जा सकती हैं। ऑपइंडिया से बात करते हुए पीड़िता के पति ने बताया कि उनके परिवार को 1 करोड़ रुपए की आर्थिक मदद के साथ बच्चे को सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए। साथ ही उन्होंने सुकर खान पर कड़ी कार्रवाई की भी माँग की।

इजरायल में 2 आतंकी हमले: 45 साल के यूसुफ अबू जाबिर ने कार से लोगों को रौंदा, फिलिस्तीनी की गोलीबारी में भी 2 बहनों की मौत

इस्लामी मुल्कों से घिरे इजरायल में हुए आतंकी हमले में तीन लोगों की मौत हो गई है, जबकि 8 से अधिक लोग घायल हैं। शुक्रवार (7 अप्रैल 2023) की शाम को तेल अवीव में हुए हमले में इटली के एक नागरिक की मौत हो गई है। वहीं, इजरायल के अधिकार वाले वेस्ट बैंक में हुए आतंकी हमले में दो बहनों की मौत हो गई है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को तेल अवीव के भीड़भाड़ वाले इलाके में एक कार लोगों को रौंदती हुई निकल गई। इसमें 35 वर्षीय एक इतालवी नागरिक की मौत हो गई। मृतक की पहचान एलेक्जेंड्रो परिनी के रूप में हुई है। वह इटली की राजधानी रोम में वकील था। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने इस हमले की निंदा की है।

हमलावर की पहचान 45 साल के यूसुफ अबू जाबिर के रूप में हुई है। वह कफ़र कासेम शहर का रहने वाला है और अरबी मूल का इजरायली नागरिक है। जाबिर ने लोगों को निशाना बनाकर फायरिंग करने के लिए हथियार निकालने की भी कोशिश की। जाबिर के परिजनों से पूछताछ के लिए एजेंसियाँ उसके घर तक गई थीं।

वहीं वेस्ट बैंक में फिलिस्तीन की ओर से अंधाधुन फायरिंग की गई, जिसमें एक कार में सवार दो बहनों की मौत गोली लगने से हो गई। वहीं, उनकी माँ गंभीर रूप से घायल हैं और जीवन-मौत से जूझ रही हैं। दोनों बहने इजरायली मूल की ब्रिटिश नागरिक थीं। मृतक बहनों की उम्र 16 साल और 20 साल थी। 

मुस्लिमों के लिए पवित्र रमजान के इस महीने में हुए आतंकी हमले में कुल तीन लोगों की मौत हो गई है, जबकि 8 से अधिक लोग घायल हैं। इस आतंकी हमले की अमेरिका, इटली, ब्रिटेन सहित दुनिया भर के देशों ने निंदा की है।

अमेरिका ने कहा, “अमेरिका आज के आतंकवादी हमलों की कड़ी निंदा करता है। आज के भयानक हमलों में तीन मारे गए और कम से कम आठ अन्य घायल हुए। इससे इजरायल, इटली और यूनाइटेड किंगडम के नागरिक प्रभावित हुए हैं। किसी भी राष्ट्रीयता के निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना निंदनीय है।”

वहीं, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पुलिस को सभी आरक्षित सीमा पुलिस इकाइयों को जुटाने के लिए निर्देश दिया है और IDF (इज़राइल रक्षा बलों) को निर्देश दिया है कि वे आतंकवादी हमलों का सामना करने के लिए अतिरिक्त बल जुटाएँ।” इन आतंकी हमलों के सभी पीड़ित पर्यटक हैं।

बता दें कि यरुशलम स्थित अल अक्सा मस्जिद में दंगों को रोकने के लिए इजरायल सुरक्षा एजेंसियों के घुसने पर तनाव बढ़ गया था। इसके बाद गाजा स्थित आतंकी संगठन हमास और लेबनान स्थित आतंकी संगठन हिजबुल्लाह की और से इजरायल पर रॉकेट से कई हमले किए गए।

इसके जवाब में इजरायल ने गाजा पट्टी में एयरस्ट्राइक करके हमास के मोर्चे को तबाह कर दिया। लेबनान में भी हमले किए गए। अब फिलिस्तीन ने उसके जवाब में ताजा आतंकी हमला किा है। हाल ही में गाजा से 25 और लेबनान से 34 रॉकेट इजरायल पर दागे गए थे।

हवा में उड़ रहे विमान का खोलने लगा गेट, एयरपोर्ट पर हुआ सुरक्षा बलों के हवाले: इंडिगो की फ्लाइट में नशेड़ी की करतूत से खतरे में आए यात्री

दिल्ली से बेंगलुरु जा रहे इंडिगो एयरलाइन्स के विमान में एक यात्री द्वारा नशे में हंगामा करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि यात्री ने हवा में उड़ रहे विमान का इमरजेंसी गेट खोलने का भी प्रयास किया। जब लोगों ने ऐसा करने से रोका तब आरोपित उनसे भी भिड़ गया। फिलहाल लैंडिंग के बाद आरोपित को सुरक्षा बलों के हवाले कर दिया गया जो फ़िलहाल हिरासत में है। घटना शुक्रवार (7 अप्रैल 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शुक्रवार को इंडिगो एयरलाइन्स की फ्लाइट संख्या 6E 360 ने दिल्ली से बेंगलुरु के लिए उड़ान भरी। इसी विमान में 40 वर्षीय यात्री प्रतीक भी बैठा था। मूल रूप से कानपुर का रहने वाला प्रतीक बेंगलुरु की एक ई कॉमर्स कम्पनी में बतौर मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव काम करता है। आरोप है कि प्रतीक ने नशा किया था। विमान के टेक ऑफ करने के कुछ ही समय बाद प्रतीक अन्य यात्रियों से उलझने लगा। कुछ ही देर में उसने उड़ रहे जहाज की इमरजेंसी लैंडिंग के लिए बने दरवाजे को भी खोलने का प्रयास किया। जैसे-तैसे प्रतीक को काबू किया गया।

आरोपित की हरकतों के बारे में एयरपोर्ट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को पहले ही सूचित किया जा चुका था। फ्लाइट के बेंगलुरु में लैंड होने के बाद आरोपित को सुरक्षा बलों ने कस्टडी में ले लिया। प्रतीक पर IPC की धारा 336, 290, 11 A के साथ विमान अधिनियम की धारा 1934 के तहत FIR दर्ज हुई है। इसमें लोगों के जीवन को खतरे में डालना, सार्वजनिक उपद्रव और जानबूझ कर गैर कानूनी काम करने जैसे आरोप शामिल हैं। हालाँकि अभी तक प्रतीक की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

इस मामले पर इंडिगो के प्रवक्ता ने कहा कि सुरक्षा मानकों पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। एयरलाइन के मुताबिक आरोपित की हरकत के बाद क्रू मेंबर्स द्वारा यात्रियों को अलर्ट किया गया था और विमान के कैप्टन को भी संदेश भेज दिया गया था। गौरतलब है कि 4 मार्च, 2023 को ही न्यूयॉर्क से दिल्ली आ रही अमेरिकन फ्लाइट में यात्री ने शराब के नशे में पेशाब कर दिया था। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज किया था।

MP के मिशनरी स्कूल में ‘तिलक-कलावे’ पर प्रतिबंध: NCPCR जाँच करने पहुँचा तो लैब में मिला ‘मानव भ्रूण’, प्रिंसिपल बोली- ये तो प्लास्टिक का है

मध्य प्रदेश के सागर जिले के बीना (Bina, Sagar, Madhya Pradesh) में ईसाई मिशनरी द्वारा संचालित निर्मल ज्योति कान्वेंट स्कूल की प्रयोगशाला में मानव भ्रूण मिलने पर बवाल हो गया है। पुलिस ने इस भ्रूण को जब्त कर जाँच के लिए कहा है। इसका खुलासा मध्य प्रदेश बाल संरक्षण आयोग की जाँच में हुआ है।

यह मानव भ्रूण कहाँ कहाँ से आया और कितना पुराना है, इसका जवाब स्कूल के पास नहीं है। इस संबंध में जब बाल आयोग के सदस्यों ने स्कूल की प्राचार्या से पूछा तो वह भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाई। पुलिस सोमवार (10 अप्रैल 2023) को भ्रूण जाँच के लिए एफएसएल को भेजेगी।

दरअसल, स्कूल का फीस जमा नहीं करने पर प्राचार्य ने एक छात्र को स्कूल से निष्कासित कर दिया था। कहा जा रहा है कि ईसाई मान्यताओं को नहीं मानने के कारण उस पर अधिक फीस लगाया गया था। हालाँकि, छात्र के परिजन ने इसे देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद छात्र को निष्कासित कर दिया गया था।

स्कूल द्वारा निष्कासित करने बाद छात्र के परिजनों ने इस संबंध में 3 फरवरी 2023 को पुलिस प्रशासन से शिकायत की। इसके साथ ही इसकी शिकायत मध्य प्रदेश बाल संरक्षण आयोग से भी शिकायत की गई थी। बच्चे के पिता राकेश कुशवाहा का कहना था कि उनका बच्चा 10 में पढ़ता है और उसे स्कूल नहीं जाने दिया जा रहा है।

ऑर्गनाइजर के अनुसार, कई छात्रों का आरोप है कि स्कूल में ईसाई धर्म की मान्यताओं का पालन करने के लिए मजबूर किया जाता था। उन्हें स्कूल में तिलक और कलावा नहीं लगाने दिया जाता था। जो भी छात्र इसे पहनकर आते थे, उन्हें स्कूल निलंबित कर देता था। इसके लिए उन्होंने स्कूल के शिक्षिका डोमनिका मैडम और सिस्टर ग्रेस पर आरोप लगाया था।

राकेश कुशवाहा की शिकायत के बाद बाल संरक्षण आयोग के सदस्य ओमकार सिंह और निवेदिता शर्मा गुरूवार (6 अप्रैल 2023) को स्कूल की जाँच के लिए बीना पहुँचे। आयोग के सदस्यों ने स्कूल का रजिस्टर चेक किया और स्कूल का निरीक्षण भी शुरू किया। प्रयोगशाला में निरीक्षण के दौरान आयोग के सदस्यों को एक जार में मानव भ्रूण रखा हुआ मिला।

आयोग के सदस्यों ने जब इसके बारे में पूछताछ की तो प्राचार्य सही जानकारी नहीं दे पाई। प्राचार्य ने इसे प्लास्टिक से बना हुआ कृत्रिम भ्रूण बताया। जब आयोग ने पूछा कि प्लास्टिक के भ्रूण को संरक्षित क्यों किया गया है, तब प्राचार्य सही जवाब नहीं दे पाई। यह मानव भ्रूण लगभग दो महीने पुराना है।

इस दौरान आयोग के सदस्यों ने यह भी पाया कि स्कूल के परिसर में ही गेस्ट रूम बना हुआ है। जब आयोग के सदस्य वहाँ जाने लगे तो उन्हें रोक दिया गया। आयोग के सदस्यों का कहना है कि स्कूल के परिसर में गेस्ट रूम नहीं होना चाहिए। इसके अलावा, स्कूल की प्रयोगशाला में कई जीवों के नमूने रखे हुए हैं, जो सही ढंग से संरक्षित नहीं करने के कारण सड़ गए हैं।

आयोग के सदस्यों ने यह भी पाया कि स्कूल के सभी स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया गया है। इसके साथ ही स्कूल की जमीन का डायवर्सन अन्य व्यवसाय के लिए कराया गया था। यह नियम के खिलाफ है। स्कूल छात्रों पर फीस को लेकर भारी दबाव बनाता रहता है, जिसके कारण वे मानसिक रूप से दबाव महसूस करते हैं।