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किसान आंदोलन से भारत में आई कोरोना की लहर, अल्फा वैरिएंट के सुपरस्प्रेडर थे प्रदर्शनकारी: देश-दुनिया के 7 संस्थानों की स्टडी से खुलासा, साल भर वैज्ञानिकों ने किया रिसर्च

देश में कोरोना वायरस फैलने को लेकर काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) समेत 7 रिसर्च संस्थानों की स्टडी रिपोर्ट सामने आई है। इंटरनेशनल जर्नल ‘एमडीपीआई कोविड’ में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार देश में कोरोना की पहली लहर (First wave of corona) का कारण किसान आंदोलन बना था। कोरोना के अल्फा वेरिएंट पर की गई रिसर्च के आधार पर यह दावा किया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, किसान आंदोलन की वजह से कोरोना के मामलों में अचानक वृद्धि हुई थी। साल 2020-21 में देश में कोरोना के अल्फा वेरिएंट का प्रसार असामान्य तरीके से हुआ था। आमतौर पर यह वेरिएंट तेजी से नहीं फैलता, लेकिन आंदोलनकारियों ने देश में खासकर उत्तर भारतीय राज्यों में कोरोना का यह वेरिएंट फैलाया था।

रिसर्च में शामिल जाह्नवी के मुताबिक दिल्ली, पंजाब और चंडीगढ़ में अल्फा वैरिएंट की 44 जेनेटिक शाखाएँ मौजूद थीं। यही वजह थी कि पूरे भारत के बजाय सिर्फ उत्तर भारत में कोरोना का यह प्रकार तेजी से फैला। पंजाब में किसान आंदोलन के लिए हुए इवेंट्स, बैठक और सभाओं के कारण संक्रमण सामान्य से 5 से 10 गुना तेजी से बढ़ा था।

अध्ययन करने वाली टीम का नेतृत्व कर रहे बीएचयू में जूलॉजी के प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे ने बताया कि 3085 अल्फा वैरिएंट के जीनोमिक सीक्वेंस का विश्लेषण किया गया। इससे पता चला कि पंजाब समेत उत्तरी भारत के राज्यों में कोरोना के मामलों में आया उछाल अचानक नहीं था। इसके पीछे किसान आंदोलन की भूमिका थी।

स्टडी से पता चला है कि अल्फा वेरिएंट (SARS-CoV-2) का पहला मामला दिसंबर 2020 में दक्षिण पूर्वी ब्रिटेन में पाया गया था। इसके बाद यह पंजाब समेत उत्तरी भारत में फैलने लगा। इस रिसर्च और रिपोर्ट को तैयार करने में लगभग एक साल का समय लगा है।

इस रिसर्च में बीएचयू, बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान लखनऊ, आनुवंशिक विभाग उस्मानिया विश्वविद्यालय हैदराबाद, जैव प्रौद्योगिकी विभाग स्वास्थ्य सम्बद्ध विज्ञान संस्थान गाजियाबाद, क्षेत्रीय फोरेंसिक प्रयोगशाला भोपाल, कलकत्ता यूनिवर्सिटी और अमृता स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी के 15 वैज्ञानिक और रिसर्चर शामिल थे।

32 साल में 100+ शादी, किसी को नहीं दिया तलाक: बना दिया वर्ल्ड रिकाॅर्ड, 14 देश की औरतों से अलग-अलग नाम से बनाए रिश्ते

पूरी दुनिया में एक से एक अजीब रिकॉर्ड बनते रहते हैं। पर क्या आप जानते हैं दुनिया में बिना तलाक दिए सबसे ज्यादा शादी का रिकॉर्ड किसके नाम है? ऐसा करने वाले व्यक्ति का नाम है- जियोवन्नी विगलियोटो (Giovanni Vigliotto)। उसके नाम 100 से ज्यादा महिलाओं से शादी करने का वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज है।

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने पिछले विगलियोटो की कहानी बताते हुए एक वीडियो शेयर किया है। इसके अनुसार विगलियोटो ने साल 1949 से 1981 के बीच बिना तलाक लिए 105 महिलाओं से शादी की। उसकी कोई भी पत्नी एक-दूसरे के बारे में नहीं जानती थी। ऐसा कहा जाता है कि उसने हर शादी अलग-अलग नाम से की। उसने अमेरिका के 27 राज्यों और 14 अन्य देशों में की महिलाओं से शादी की थी।

उसका असली नाम जियोवन्नी विगलियोटो भी नहीं है। यह नाम उसने आखिरी शादी के लिए इस्तेमाल किया था। इसके बाद वह पकड़ा गया। उस वक्त उसकी उम्र 53 साल थी। उसने दावा किया था कि उसका जन्म 3 अप्रैल, 1929 को इटली के सिसिली में हुआ था और उसका असली नाम निकोलाई पेरुस्कोव है, जबकि एक प्रॉसिक्यूटर ने उसके सभी दावों को झूठ करार दिया था। प्रॉसिक्यूटर ने बताया था कि उसका असली नाम फ्रेड जिप है और उसका जन्म 3 अप्रैल, 1936 को न्यूयॉर्क में हुआ था।

ऐसा कहा जाता है कि विगलियोटो सभी महिलाओं से चोर बाजार में मिलता था और उन्हें पहली डेट पर ही शादी के लिए प्रपोज कर देता था। फिर शादी के तुरंत बाद वह अपनी नई पत्नी के पैसे, गहने और कीमती समान लेकर भाग जाता था। चुराए गए सामानों को वह चोर बाजार में बेच देता था और फिर वह एक नई महिला का शिकार करने में जुट जाता था। लेकिन उसका शिकार बनी आखिरी महिला ने उसे अमेरिका के फ्लोरिडा में धर दबोचा। इस महिला का नाम शारोन क्लार्क था और वह इंडियाना के चोर बाजार में मैनेजर का काम करती थी। शेरोन क्लार्क ने बताया था कि उसने 13 जून 1981 को उससे शादी की, लेकिन तीन हफ्ते बाद ही उसे छोड़ दिया था।

रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने विगलियोटो को 28 दिसंबर 1981 को गिरफ्तार किया था। जाँच में सामने आया कि वह अपनी पत्नियों को यह कहकर झाँसा देता था कि वो बहुत दूर रहता है, इसलिए सामान लेकर उन्हें उसके पास ही आना होगा। उसके खिलाफ जनवरी 1983 में मुकदमा शुरू हुआ। हर दिन कोर्ट रूम महिलाओं से खचाखच भरा रहता था। उसे कुल 34 साल जेल की सजा हुई थी। इसमें 28 साल की सजा धोखाधड़ी और छह साल की सजा एक से अधिक शादी करने पर हुई थी। साथ ही उस समय $336,000 (वर्तमान में करीब 2 करोड़ 75 लाख रुपए) का जुर्माना भी लगाया गया था।

उत्तराखंड पुलिस ने 1000 अवैध मजारों की बनाई सूची: CM धामी बोले- देवभूमि में लैंड जिहाद नहीं होने देंगे, खुद हटाने के लिए 6 महीने का दिया वक्त

ऑपइंडिया ने उत्तराखंड के विभिन्न इलाकों में मजार बनाकर सरकारी जगहों पर अवैध कब्जे को लेकर रिपोर्ट की एक सीरीज की थी। अब उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार में पुलिस ने ऐसे 1000 से अवैध मजारों की एक सूची बनाई है, जिन पर कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि लैंड जिहाद हो या मजार जिहाद, देवभूमि उत्तराखंड में कानून और धर्म के विरुद्ध कोई काम नहीं होगा। उन्होंने कहा, “हमने ऐसे 1000 जगहों का सर्वे कराया है, जहाँ अतिक्रमण किया गया है। अगर 6 महीने में इसे नहीं हटाया गया तो सरकार कार्रवाई करेगी।’

मुख्यमंत्री धामी ने शुक्रवार (7 अप्रैल 2023) को कालाढूंगी के राजकीय इंटर कॉलेज में कहा कि उत्तराखंड में 1,000 से ज्यादा जगह अवैध मजार बना दी गई हैं। इसके पहले जब कुछ जगहों पर खोद करके देखा गया तो उसके नीचे किसी तरह के मानव अवशेष नहीं मिले।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और देवभूमि में लैंड जिहाद को किसी भी कीमत में नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा किसी की विरोधी नहीं है, लेकिन वह तुष्टिकरण भी नहीं होने देगी। 

ऑपइंडिया राज्य में हो रहे डेमोग्राफिक बदलाव, लैंड जिहाद, अवैध मजार और मदरसों को aलेकर साल 2021 से समय-समय पर रिपोर्ट करता रहा है। सीएम धामी ने 22 मई 2022 को एक बयान में पहाड़ों पर बनती अवैध मजारों पर चिंता जताई थी।

इसके बाद धामी सरकार ने दिसंबर 2022 और मार्च 2023 में कार्रवाई करते हुए 41 अवैध मजारों को ध्वस्त कर दिया था। अब सरकार ने 1000 अवैध अवैध मजारों की एक बार फिर लिस्ट बनाकर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई शुरू करने जा रही है।

अदनान सामी ने बीवी के साथ पोर्न DVD बनाई, डिग्री भी फर्जी: गायक के भाई का दावा, बाद में डिलीट कर लिया पोस्ट

भारतीय नागरिक बनने के लिए साल 2015 में अपनी पाकिस्तानी नागरिकता छोड़ने वाले गायक अदनान सामी (Adnan Sami) एक बार फिर चर्चा में हैं। अदनान सामी के छोटे भाई जुनैद सामी (Junaid Sami) ने अपने फेसबुक पर गायक के बारे में चौंकाने वाले खुलासे करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने अदनान को झूठा कहते हुए बताया कि आखिर उनके भाई ने भारत की नागरिकता क्यों ली थी? साथ ही यह भी दावा किया कि गायक ने अपनी दूसरी बीवी के साथ पोर्न DVD बनाया। अपनी पोस्ट में ​​जुनैद ने दावा किया कि सामी के पास फर्जी डिग्रियाँ हैं और वह जेल भी जा चुका है। हालाँकि, इस पोस्ट को अदनान के भाई ने अब डिलीट कर दिया है, लेकिन सोशल मीडिया पर इसका स्क्रीनशॉट वायरल हो रहा है।

जुनैद ने लिखा, “अब इमरान खान बनने का समय आ चुका है। मैं अपने बड़े भाई अदनान सामी को लेकर कई सच बताने जा रहा हूँ, क्योंकि ऊपर वाले के अलावा मुझे अब किसी का खौफ नहीं है। मैं ये सब करना नहीं चाहता, लेकिन मुझे ऐसा करना ही होगा, क्योंकि अब सच का बाहर आना बेहद जरूरी है। मैं अदनान को चुनौती देता हूँ कि वो मेरी इन बातों में से किसी एक को भी गलत साबित कर के दिखा दें।”

जुनैद सामी खान के फेसबुक पोस्ट का स्क्रीनशॉट

इसके बाद जुनैद ने प्वाइंटर्स में अपनी बात कहना शुरू किया। उन्होंने कहा, “15 अगस्त 1969 में अदनान का जन्म रावलपिंडी के एक अस्पताल में हुआ था। इसके बाद 1973 में मेरा भी जन्म उसी अस्पताल में हुआ। अदनान इंग्लैंड में पैदा हुआ था, ये झूठ है। इंग्लैंड में वो 1986 में अपने ओ लेवेल्स में फेल हो गया था और फिर उसने लाहौर से अपनी डिग्री बनवाई। इसके बाद ए लेवेल्स उन्होंने अबु धाबी से प्राइवेटली किया। वह झूठ बोलते हैं कि उनके पास यूके से कानून की डिग्री है, जबकि ऐसा कुछ नहीं है।”

जुनैद ने अपने करियर में आगे न बढ़ पाने का कारण अपने भाई को बताते हुए कहा, “अदनान ने मेरी कभी भी मदद नहीं की। उसे डर था कि मैं उससे बेहतर कर सकता हूँ। कई लोगों ने मुझसे कहा कि मेरी आवाज उनसे बेहतर हैं। इसके बावजूद उन्होंने मेरी परवाह नहीं की और स्वार्थी बन गए। इसलिए उन्होंने मुझे भारत में भी लॉंच नहीं लिया। आज उनकी वजह से मैं घर बैठा हूँ।”

इसके आगे जुनैद ने अदनान सामी की पर्सनल लाइफ से जुड़े कई खुलासे किए। जुनैद ने लिखा कि अदनान ने अपनी दूसरी पत्नी सबा के साथ 2007-2008 में पोर्न डीवीडी बनाई थी। इस डीवीडी को उन्होंने कोर्ट में पेश किया था, ताकि इसे पूरा भारत देख सके। कोर्ट में अदनान ने दावा किया था कि ये वीडियो सबा के आशिक ने बनाई है, जबकि सच तो यह है कि उन्होंने खुद इसे बनाया था।

जुनैद सामी खान के फेसबुक पोस्ट का स्क्रीनशॉट

अपनी पोस्ट में जुनैद ने गायक की भारतीय नागरिकता के बारे में लिखा कि कि इसमें कोई शक नहीं है कि वह भारत से प्यार करता है। इस देश ने उसे सिंगर बनाया है। लेकिन सच तो यह है कि उन्होंने भारतीय नागरिकता इसलिए ली, क्योंकि यहाँ (भारत) अच्छे पैसे मिलते हैं, जो कि पाकिस्तान में नहीं मिलते। उन्होंने अपने भाई पर एक और आरोप लगाया कि उसने कहा था कि उनकी अम्मी भारतीय हैं, जबकि वह पाकिस्तान की रहने वाली हैं। अभी तक इस मामले पर अदनान सामी की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

गौरतलब है कि अदनान सामी ने साल 2015 में पाकिस्तानी नागरिकता छोड़ दी थी। इसके बाद, भारतीय पासपोर्ट के लिए आवेदन किया और साल 2016 में भारतीय नागरिक बन गए। सामी ने कहा था, “मेरी समस्या वहाँ की सरकार से है, जो लोग मुझे जानते हैं उन्हें पता है कि प्रशासन ने मेरे साथ क्या किया। यही वजह थी कि मैंने पाकिस्तान छोड़ दिया।”

दक्षिण में BJP को मिला एक और साथी, आंध्र प्रदेश के पूर्व CM किरण रेड्डी ने थामा कमल: कहा- जनता के मन की बात नहीं समझ रही काॅन्ग्रेस

दक्षिण भारत में काॅन्ग्रेस के एक और पूर्व नेता को बीजेपी अपने साथ लाने में कामयाब रही है। आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी शुक्रवार (7 अप्रैल 2023) को बीजेपी में शामिल हो गए। इससे एक दिन पहले मनमोहन सिंह सरकार में रक्षा मंत्री रहे एके एंटनी के बेटे अनिल ने बीजेपी का दामन थामा था।

किरण रेड्डी ने दिल्ली के भाजपा मुख्यालय में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी भी मौजूद थे। भाजपा में शामिल होने के बाद रेड्डी ने कहा कि गलत नीतियों की वजह से कॉन्ग्रेस गर्त में जा रही है। वह जनता के मन की बात नहीं समझ पा रही ही।

पत्रकारों को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “कॉन्ग्रेस से मेरा पुराना नाता था। मैंने कभी सोचा नहीं था कि कॉन्ग्रेस छोड़नी पड़ेगी। लेकिन कॉन्ग्रेस लोगों के मन की बात को नहीं समझ पा रही है। पार्टी गलत-सही पर विश्लेषण नहीं करती। पार्टी के लोग सोचते हैं कि वे सही हैं और देश की जनता समेत बाकी सब गलत हैं।”

किरण रेड्डी ने कहा कि कॉन्ग्रेस लीडरशीप के गलत फैसलों की वजह से हर राज्य में पार्टी टूट रही है। उनके लिए एक पुरानी कहावत है कि मेरा राजा बहुत बुद्धिमान है, वह न खुद सोचता है और न ही किसी का सुझाव मानता है। इसी सोच की वजह से मैंने कॉन्ग्रेस छोड़ दी। बता दें कि रेड्डी ने 11 मार्च 2023 को ही कॉन्ग्रेस की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने इस संबंध में कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को खत भेजा था।

इसके पहले भी किरण रेड्डी कॉन्ग्रेस छोड़ चुके हैं। साल 2014 में जब यूपीए सरकार ने आंध्र प्रदेश से अलग कर तेलंगाना राज्य का गठन को मंजूरी दी थी, तब रेड्डी ने इस फैसले का विरोध किया था। कॉन्ग्रेस से अलग होकर उन्होंने ‘जय समैक्या आंध्र’ नाम से पार्टी बना ली थी। साल 2018 में वे फिर से कॉन्ग्रेस में शामिल हो गए। अब उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है।

इससे पहले गुरुवार (6 अप्रैल 2023) को अनिल एंटनी भी बीजेपी में शामिल हुए थे। भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने के बाद अनिल ने भी कॉन्ग्रेस लीडरशीप पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि कई कॉन्ग्रेस नेता एक परिवार की सेवा को अपना धर्म समझते हैं। मैं समझता हूँ कि मेरा धर्म राष्ट्र की सेवा करना है।

चाचा बिहार विधानसभा के डिप्टी स्पीकर, भाई जदयू का विधायक: खुद पानी प्लांट की आड़ में बेचता था दारू, पुलिस ने विदेशी शराब का जखीरा पकड़ा

बिहार में कहने को तो शराबबंदी है, लेकिन सत्ताधारी पार्टी जदयू (JDU) और उससे जुड़े लोगों के लिए बिहार में बहार है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है, क्योंकि बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष महेश्वर हजारी के भतीजे और जदयू विधायक अमन भूषण हजारी के भाई प्रशांत भूषण हजारी पर शराब तस्करी का आरोप लगा है।

प्रशांत भूषण के पानी प्लांट से पुलिस ने 20 कार्टन विदेशी शराब जब्त की है। पानी प्लांट की आड़ में उन पर शराब तस्करी का आरोप है। इस मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। वहीं, मुख्य आरोपित और पानी प्लांट का मालिक प्रशांत भूषण हजारी फरार बताया जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दरभंगा पुलिस को कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र में स्थित पानी प्लांट में शराब की खेप पहुँचने की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी की कार्रवाई की। कहा जा रहा कि कार्रवाई के दौरान प्रशांत भूषण प्लांट में नहीं मिला।

इस मामले में कुशेश्वरस्थान के थाना प्रभारी अमित कुमार का कहना है कि जदयू विधायक अमन हजारी के पैतृक आवास के बगल में बने वाटर प्लांट पर छापेमार कार्रवाई की गई। यह प्लांट विधायक के चचेरे भाई प्रशांत भूषण हजारी का है।

पुलिस को सूचना मिली थी कि पानी प्लांट में शराब की खेप पहुँच रही है। इसके बाद जिले की टीम के साथ संयुक्त कार्रवाई की गई। गिरफ्तार व्यक्ति से पूछताछ की जा रही है। वहीं, प्रशांत हजारी प्लांट में नहीं मिला।

चाचा विधानसभा उपाध्यक्ष और भाई विधायक…

पानी प्लांट की आड़ में शराब तस्करी कर रहा प्रशांत भूषण हजारी बिहार विधानसभा में उपाध्यक्ष महेश्वर हजारी का भतीजा है। महेश्वर हजारी बिहार की सत्ताधारी पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) की टिकट पर कल्याणपुर से विधायक हैं। जदयू की टिकट पर वह सांसद भी रह चुके हैं।

वहीं, प्रशांत भूषण हजारी के चचेरे भाई अमन भूषण हजारी कुशेश्वरस्थान से ही विधायक हैं। कहा जा रहा है कि चाचा और भाई के सत्ता में होने का दुरुपयोग करते हुए प्रशांत भूषण हजारी शराब तस्करी में लिप्त था।

रामनवमी शोभायात्रा को वामपंथियों ने ‘मुजरा’ बताया, जवाब में लगे ‘जय श्रीराम’ के नारे: वर्धा यूनिवर्सिटी में बवाल, केस दर्ज

महाराष्ट्र के वर्धा जिले में स्थित महात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में हिंसक झड़प होने का मामला सामने आया है। आरोप है कि विश्वविद्यालय के वामपंथी संगठन से जुड़े कुछ छात्रों ने रामनवमी शोभा यात्रा को लेकर कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की थी। इसके बाद हिंसा झड़प हुई।

इस पूरे मामले की शुरुआत 26 मार्च 2023 को हुई। दरअसल, एक रजनीश कुमार अंबेडकर नामक एक दलित छात्र ने 26 मार्च से विश्वविद्यालय के खिलाफ 4 दिवसीय विरोध प्रदर्शन शुरू किया था। अंबेडकर ने विश्वविद्यालय प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा था कि उसकी पीएचडी थीसिस बीते 11 महीने से जमा है। लेकिन जातिवाद के चलते विश्वविद्यालय के अधिकारी उसकी जाँच नहीं कर रहे।

कुछ दिनों बाद रजनीश कुमार अंबेडकर को विश्वविद्यालय के कुछ और छात्रों का समर्थन मिल गया। इससे थीसिस की जाँच को लेकर उसकी माँग को बल मिला। हालाँकि विश्वविद्यालय के कुलपति रजनीश कुमार शुक्ला का इस मामले पर कहना है कि वामपंथी संगठन से जुड़े छात्र विश्वविद्यालय में अशांति और सांप्रदायिक कलह पैदा कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि रजनीश कुमार अंबेडकर समेत कुछ छात्रों ने विश्वविद्यालय के मेन गेट के सामने विरोध प्रदर्शन शुरू किया था।

विश्वविद्यालय की ओर से आगे कहा गया है कि प्रदर्शनकारी छात्रों ने रामनवमी शोभा यात्रा के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। यही नहीं, इन छात्रों ने रामनवमी को शाम के समय भगवान श्रीराम के लिए भी अपमानजनक भाषा का उपयोग किया। इसके बाद कथित तौर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े छात्र मौके पर पहुँचे और ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए। इसके बाद प्रदर्शनकारी छात्रों ने ‘जय भीम’ के नारे लगाए।

रिपोर्ट्स के अनुसार, इसके बाद ही दोनों छात्र समूहों के बीच झड़प शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारी छात्रों और कथित तौर पर एबीवीपी से जुड़े छात्रों के बीच 31 मार्च 2023 को झड़प हुई थी। झड़प की जानकारी सामने आने के बाद प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए दोनों समूहों के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। यही नहीं, विश्वविद्यालय ने रजनीश कुमार अंबेडकर के साथ प्रदर्शन कर रहे छात्रों विवेक मिश्रा, अंतास सर्वानंद, नीरज ओबेरॉय, राजेश कुमार यादव, चंदन सरोज, आदर्श पाठक और जतिन चौधरी के खिलाफ कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। इसके अलावा कथित तौर पर ABVP से जुड़े छात्रों को भी नोटिस जारी किया गया है।

विश्वविद्यालय के एक छात्र ने TOI से हुई बातचीत में कहा है कि वामपंथी संगठन से जुड़े छात्र रामनवमी के दिन शाम को रामनवमी शोभा यात्रा के लिए कथित तौर पर ‘मुजरा’ शब्द का इस्तेमाल कर रहे थे। इसके बाद हिंदुओं के साथ उनकी झड़प हो गई।

छात्र ने कहा है, “सर्वानंद वीडियो शूट कर रहा था और शोभा यात्रा के लिए लगातार ‘मुजरा’ शब्द का इस्तेमाल कर कर रहा था। रामनवमी की शोभा यात्रा हमारे लिए एक त्योहार है। इसलिए हमने उन्हें सबक सिखाने का फैसला किया।” इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

हालाँकि रजनीश कुमार अंबेडकर ने अपने ऊपर लगे ‘आरोपों’ को खारिज कर दिया है। उसने कहा है कि रामनवमी की शाम को किसी भी प्रदर्शनकारी ने ‘मुजरा’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया। ऐसा भी हो सकता है कि किसी ने इसका इस्तेमाल किया हो, लेकिन यह किसी अन्य चीज को लेकर किया गया होगा। महाराष्ट्र में मुजरा का मतलब सलामी भी होता है।

वहीं, इस मामले में विश्वविद्यालय के कुलपति रजनीश कुमार शुक्ला का कहना है कि परिसर में न तो किसी प्रकार के सांप्रदायिक नारे लगाए गए और न ही रजनीश कुमार अंबेडकर के साथ मारपीट हुई। मामले को शांत कराने के लिए मौके पर पहुँचे 15-17 सुरक्षा गार्डों को गंभीर चोटें आई हैं। राम नगर पुलिस ने दोनों पक्ष के छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मामले की जाँच की जा रही है।

‘दलितों की यहाँ शादी नहीं होगी’: मेरठ में मैरिज हॉल मालिक रईस अब्बासी ने बुकिंग रद्द की, पीड़ित बोले- गाँव में अकेला हिंदू परिवार, जान को खतरा

उत्तर प्रदेश के मेरठ में मैरिज हॉल ने एडवांस पैसे लेने के बावजूद जोड़े की शादी के लिए जगह से इनकार कर दिया। मैरिज हॉल के मालिक को जैसे ही पता चला कि जिनकी शादी हो रही है, वे दलित (वाल्मीकि) हैं तो उसने बुकिंग रद्द कर दी। इसके बाद पुलिस ने मैरिज हॉल के मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आरोपित का नाम मोहम्मद रईस अब्बासी बताया जा रहा है।

इस मामले को लेकर भाजपा के क्षेत्रीय महामंत्री प्रजापति इंद्रपाल बजरंगी ने ट्वीट किया है। ट्वीट में उन्होंने लिखा, “हम वाल्मीकियों मंडप नहीं देते: यासीन, मंडप मालिक 9 अप्रैल की शादी का मंडप बुक था, रसीद कटी हुई है, लेकिन जाति (वाल्मीकि) पता लगने पर मंडप मालिक यासीन ने मंडप देने से मना किया। इस मंडप और मालिक पर क्यों ना कार्यवाही हो।”

इसके बाद मेरठ पुलिस ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। मेरठ पुलिस ने लिखा, “उपरोक्त प्रकरण में मुकदमा पंजीकृत करने के आदेश दिए गए है। प्रतिवादी द्वारा बताया गया है की शादी मंडप में ही कराई जाएगी।”

पीड़ित जयदीप ने इस मामले में शिकायत दी है। अपनी शिकायत में जयदीप ने लिखा है, “मैंने अपनी बहन की शादी के लिए गोल्डन फार्म हाउस को बुक किया था। इसके लिए एडवांस में 10,000 रुपए भी दिए थे। 5 अप्रैल 2023 को फार्म हाउस के मालिक रईस अब्बासी का फोन आया कि बुकिंग रद्द कर दी गई है।”

जयदीप ने अपनी शिकायत में लिखा है कि रईस अब्बासी ने कहा, “तुम्हारी जाति …. (वाल्मिकी) है, इसलिए बुकिंग कैंसिल की जाती है।” इतना ही नहीं, अब्बासी ने जयदीप के साथ जातिसूचक बातें और गाली-गलौच भी कीं और मुकदमा कराने पर परिवार सहित जान से मारने की धमकी भी दी।

जयदीप ने कहा कि वह मेरठ जिले के खरखौंदा थाना स्थित अलीपुर गाँव के रहने वाले हैं। वह उस गाँव में रहने वाले अकेले हिंदू परिवार हैं। उनका कहना है कि अलीपुर में सारे लोग मुस्लिम हैं। इसलिए उन्हें अपनी जान को खतरा है। उन्होंने रईस अब्बासी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की माँग की।

दरअसल, जयदीप मेरठ नगर निगम में सफाई कर्मचारी हैं। 9 अप्रैल 2023 को उनकी बहन पिंकी की शादी है। इसके लिए उन्होंने गोल्डन फार्म हाउस को बुक किया था। अब जबकि शादी में चार दिन रह गए तो उसने मना कर दिया। इसके बाद जयदीप अपने समाज के लोगों के पास गए और लोगों के कहने पर एसएसपी को शिकायत दी।

उधर भाजपा के पार्षद का कहना है कि मंडप के मैनेजर ने कहा कि अगर उसे पता होता कि ये दलित हैं तो वह अपने फार्म की बुकिंग नहीं करता। उन्होंने कहा कि शादी उसी फार्म में होगी, चाहे इसके लिए जो भी करना पड़े। अब पुलिस ने भी स्पष्ट कर दिया है कि प्रतिवादी ने कहा है कि शादी उसके मंडप में ही होगी। इसके साथ ही उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

बता दें कि कुछ मीडिया रिपोर्ट में फार्म के मालिक का नाम मोहम्मद यासीन और मैनेजर का नाम रईस अब्बासी बताया जा रहा है। ऑपइंडिया को मिली जयदीप की शिकायती पत्र में गोल्डन फार्म के मालिक का नाम रईस अब्बासी लिखा हुआ है।

रईस अब्बासी के खिलाफ पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 504 एवं 506 के साथ-साथ अनुसूचित जाति एवं जनजाति (नृशंसता निवारण) अधिनियम (SC/ST Act) की धारा 3 (2) (va) के तहत दर्ज किया है।

उदयपुर में नहीं लगा सकेंगे धार्मिक झंडे, 2 महीने के लिए प्रशासन ने लगाई रोकः बोली BJP- मंदिरों और त्योहारों के पीछे पड़ी है राजस्थान की काॅन्ग्रेस सरकार

राजस्थान के उदयपुर में धार्मिक झंडे लगाने पर रोक लगा दी गई है। प्रशासन ने दो महीने के लिए यह रोक लगाई है। बीजेपी ने इसको लेकर प्रदेश की काॅन्ग्रेस सरकार की नीयत पर सवाल उठाए हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी ने राजस्थान को तालिबान बनाने की कोशिश करने का आरोप अशोक गहलोत सरकार पर लगाया है।

उदयपुर के डीएम ने बुधवार (5 अप्रैल 2023) को एक आदेश जारी कर कहा है कि जिले में अगले 2 महीने तक धार्मिक झंडे और प्रतीक चिन्ह लगाने पर रोक रहेगी। किसी भी सार्वजनिक बिल्डिंग, बिजली या टेलीफोन के खंभे, चौराहे समेत किसी भी सार्वजनिक जगह पर धार्मिक झंडे नहीं लगाए जा सकेंगे। यदि किसी को लगाना है तो उसे इसके लिए अनुमति लेनी होगी। साथ ही कहा गया है कि आदेश का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

इस आदेश पर सवाल उठाते हुए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी ने कहा है, “मुझे लगता है कि राजस्थान सरकार जानबूझकर मंदिरों और धार्मिक त्योहारों के पीछे पड़ी है। इसके पीछे मकसद क्या है, वो किसको खुश करना चाहते हैं या किसके दबाब में ऐसा कर रहे हैं, यह पता नहीं है। लम्बे समय का कालखंड देखें तो राजस्थान में प्रेम, भाईचारा, सदभाव का वातावरण रहा है।”

उन्होंने कहा, “प्रदेश में सभी धर्म, मजहब के लोग अपना-अपना त्योहार धूमधाम से मनाते आए हैं। एक दूसरे को बधाई देते हैं, मदद करते हैं। लेकिन अब इन साढ़े चार सालों में पता नहीं क्या हुआ है। अब पताका नहीं लगा सकते। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की धरती ने जिस पताका को लेकर मुगलों को परास्त किया, वहाँ अगर भगवा नहीं लगेगा तो क्या तालिबान में लगेगा?”

सीपी जोशी ने सीएम अशोक गहलोत पर हमला बोलते हुए आगे कहा है, “मुझे लगता है कि ये राजस्थान में तालिबानी राज बनाने की कोशिश कर रहे हैं। रामनवमी पर जुलूस नहीं निकलेगा। हनुमान जयंती पर डीजे नहीं बजा सकते। नववर्ष पर जुलूस नहीं निकाल सकते। भगवान श्रीराम का नारा नहीं लगा सकते। यह दुर्भाग्य है कि राजस्थान सरकार एक के बाद एक इस तरह के निर्णय कर रही है। सरकार इस तरह का निर्णय लेना बंद कर दे। वरना राजस्थान की जनता चुप बैठने वाली नहीं है।”

‘फ्लोटिंग बाबा’ को चैलेंज करने कुएँ में कूदा अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति का अध्यक्ष, डेढ़ मिनट में ही धोती खुली: देखिए Video , 24 घंटे पानी के ऊपर ‘योग मुद्रा’ में रहने की थी बात

बागेश्वर धाम वाले धीरेंद्र शास्त्री को चुनौती देने वाली महाराष्ट्र की अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति ने अब हिंगोली के हरिभाऊ राठोड़ फ्लोटिंग बाबा पर सवाल उठाए हैं। दरअसल, फ्लोटिंग बाबा हरिभाऊ राठोड़ का दावा है कि वो और उनकी पत्नी 24 घंटे पानी के ऊपर योग मुद्रा में स्थिर रह सकते हैं। बाबा के इस दावे पर अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति ने कहा कि इसमें कोई चमत्कार नहीं है। यह काम तो उनकी समिति के सदस्य भी कर सकते हैं।

इसको लेकर बाबा ने उन्हें ओपन चैलेंज देते हुए कहा था कि उनकी सिद्धि पर सवाल उठाने से पहले समिति के सदस्य उनकी तरह पानी के ऊपर चौबीस घंटे तक लेटकर दिखाएँ। सोशल मीडिया पर बाबा का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बाबा हरिभाऊ राठोड़ हिंगोली जिले के दुर्गसावंगी के रहने वाले हैं। 4 अप्रैल 2023 को अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति ने बाबा की चुनौती स्वीकार करते हुए अपने एक सदस्य को हिंगोली के धोतरा गाँव में फ्लोटिंग बाबा के साथ पानी में उतार दिया। लेकिन समिति के जिला अध्यक्ष प्रकाश मगरे पानी में डेढ़ मिनट से ज्यादा देर तक नहीं टिक पाए। लेकिन बाबा आराम से योग मुद्रा में पानी में रहे। इस दौरान उन्हें किसी प्रकार की कोई तकलीफ नहीं हुई। इस तरह वह इस चैलेंज को जीत गए।

हालाँकि, इसके बाद अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति ने बाबा के लंबे समय तक पानी में स्थिर रहने को चमत्कार मानने से इनकार कर दिया। उनके मुताबिक, बाबा अभ्यास के बल पर यह सब कर पाएँ हैं। इसलिए इसे चमत्कार कहना उचित नहीं है। ऐसा कहने पर उन (बाबा) पर जादू-टोना के खिलाफ बने कानून के तहत केस दर्ज हो सकता है।

बाबा ने उन लोगों को करारा जवाब देते हुए कहा, “मुझ पर आरोप लगाने से पहले, मेरे जैसा करके दिखाओ। मैंने चमत्कार का दावा नहीं किया है, बल्कि भगवान के आशीर्वाद से ऐसा संभव हो पाने की बात कही है।” वहीं, पुलिस भी बाबा की बातों से सहमत नजर आई और उन पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि उन्होंने किसी भी तरह के चमत्कार का दावा नहीं किया है।