Home Blog Page 1901

‘संभव ही नहीं है EVM से छेड़छाड़’: NCP के अजित पवार ने विपक्षी एकता को फिर दिया झटका, बोले – हार की वजह न मिलने पर ईवीएम पर उठाते हैं सवाल

महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP) विधायक अजित पवार ने EVM मामले में अपनी पार्टी के सहयोगी दलों से अलग राय रख दी है। EVM से छेड़छाड़ के तमाम आरोपों को उन्होंने निराधार बताते हुए कहा कि ऐसा करना सम्भव ही नहीं है। अजित पवार ने यह भी कहा कि EVM पर सवाल वही उठाते हैं जो इलेक्शन हार जाते हैं। साथ ही पवार ने कॉन्ग्रेस, तृणमूल और JMM पार्टी की सरकारों के गठन में भी EVM से हुए चुनाव को याद रखने की नसीहत दी। अजित पवार ने यह बयान शनिवार (8 अप्रैल, 2023) को दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, EVM पर अजित पवार की राय पूछने पर उन्होंने EVM से चुनाव प्रणाली को ‘चेक और बैलेंस’ व्यवस्था बताया। उनका कहना था कि EVM से छेड़छाड़ संभव ही नहीं है। चुनाव परिणामों को जनता का सच्चा आदेश बताते हुए अजित पवार ने कहा कि उन्हें व्यक्तिगत तौर पर EVM पर इसलिए भरोसा है क्योंकि अगर इसमें कोई खराबी होती तो छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, पंजाब, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में विपक्षी दलों की सरकारें न बनी होतीं।

अजित पवार के मुताबिक अगर कोई EVM में हेरफेर साबित कर दे तो यह देश की सबसे बड़ी गड़बड़ी मानी जाएगी। हालाँकि, उन्होंने आगे कहा कि शायद ही कोई ऐसा कर पाए। अजित के मुताबिक, चुनाव हारने के बाद कुछ लोग यह नहीं समझ पाते कि उनकी हार की वजह क्या है तो ऐसे में वो तमाम लोग EVM पर ही सवाल खड़े करने लगते हैं।

गौरतलब है कि अजित पवार NCP चीफ शरद पवार के भतीजे है। उन्होंने उन मीडिया संस्थानों पर नाराजगी जताई जो कुछ समय पहले उनके महाविकास अघाड़ी से दूरी बनाने की खबर चला रहे थे। अपनी ही पार्टी के कार्यक्रमों दूरी की वजह अजित पवार ने लगातार दौरों के चलते हुई थकान में आराम को बताया। अजित पवार ने मीडिया से अपने बारे में भ्रामक खबरें न चलाने की भी अपील की है।

बंगाल हिंसा की जाँच करने पहुँची फैक्ट फाइंडिंग कमेटी, पुलिस ने बीच में रोका: टीम ने पूछा- सरकार छिपाना क्या चाहती है?

रामनवमी शोभायात्रा के दौरान पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार उल्लंघन की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी पीड़ितों से मिलना चाहती थी। लेकिन बंगाल पुलिस ने उन्हें मिलने से रोक दिया। इसको लेकर कमेटी ने ममता बनर्जी पर सवाल उठाते हुए कहा है कि आखिर सरकार क्या छुपाना चाहती है? पीड़ितों से अकेले मिलने जाने को भी धारा 144 के दायरे में लाया जा रहा है।

दरअसल, रामनवमी शोभायात्रा के दौरान हुगली जिले के रिसड़ा में सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी थी। इस हिंसा में कई लोग घायल हुए थे। मानवाधिकार उल्लंघन की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी इस हिंसा के पीड़ितों से मिलने जा रही थी। इसको लेकर कमेटी की ओर से प्रेस विज्ञप्ति भी जारी की गई थी। इस विज्ञप्ति में कहा गया था कि कमेटी के सदस्य शनिवार (8 अप्रैल 2023) को रिसड़ा के बड़ी मस्जिद के सामने संध्या बाजार ऑड एसएसकेएम हॉस्पिटल का दौरा करेंगे।

एएनआई के अनुसार, इसको लेकर फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के सदस्य रिसड़ा पहुँचे थे। जहाँ हिंसा पीड़ितों से मिलने जा रहे सदस्यों को पश्चिम बंगाल पुलिस ने रोक दिया। इसको लेकर कमेटी की सदस्य भावना बजाज ने कहा है, “हम लोगों को पुलिस ने रोक दिया है। सरकार क्या छुपाना चाहती है? हम पीड़ितों से सिर्फ मिलना चाहते हैं लेकिन हमको आगे जाने नहीं दिया जा रहा है। इस घटना को कितना समय हो गया है। क्या राज्य सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सक्षम नहीं है? मैं पीड़ितों से अकेले मिलने जा रही हूँ तो मैं 144 के दायरे में कैसे आ रही?”

बता दें कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जन्मोत्सव रामनवमी के अवसर पर पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में हिंसक झड़पें हुई थीं। इस हिंसा में दर्जनों लोग घायल हुए थे। वहीं, कुछ लोगों के मारे जाने की भी खबर सामने आई थी। इसी तरह हुगली जिले के रिसड़ा में हिंसा की शुरुआत 2 अप्रैल की शाम भाजपा रामनवमी शोभायात्रा में हुए पथराव के साथ हुई थी। इसके बाद सड़कों पर खड़ी गाड़ियाँ भी आग के हवाले कर दी गईं थीं। इस हिंसा में महिलाएँ और बच्चे घायल हुए थे।

इसके बाद 3 अप्रैल की रात को रिसड़ा रेलवे स्टेशन के गेट नंबर 4 पर एक पुलिस वैन में आग लगा दी गईं थी। इसके अलावा स्टेशन में पत्थरबाजी और बमबाजी की भी खबरें सामने आईं थीं। दंगाइयों ने ईंट, पत्थर और काँच की बोतल बरसाते हुए हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया था। स्थिति से निपटने के लिए पुलिस को आँसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े थे।

अतीक अहमद की बहन आयशा ने किया उमेश के शूटरों को भगाने का काम: UP पुलिस ने आरोपित बनाया, भगोड़ी बीवी शाइस्ता पर ईनाम राशि ₹50 हजार

प्रयागराज में उमेश पाल हत्याकांड में यूपी पुलिस ने मुख्य आरोपित और कुख्यात गैंगस्टर अतीक अहमद और उसके परिवार की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। जेल में बंद अतीक के बैरक को बदलकर उसे खूंखार कैदियों के साथ सेल में डाल दिया गया है। वहीं, उसकी भगोड़ी बीवी शाइस्ता परवीन पर इनाम की राशि को बढ़ाकर 50 हजार रुपए कर दिया गया है।

इधर उत्तर पुलिस ने उमेश पाल हत्याकांड में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए अतीक की बहन आयशा नूरी को आरोपी बनाया है। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि आयशा ने शूटरों को भगाने में अहम भूमिका निभाई है। वह गोलीबारी की साजिश में भी शामिल रही थी। पुलिस उसे कभी भी गिरफ्तार कर सकती है।

पिछले दिनों अतीक के बहनोई डॉक्टर अखलाक अहमद को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। अब इस मामले में उसकी बहन की भी संलिप्तता पाई गई है। जाँच में पता चला कि आयशा नूरी और अख़लाक़ ने 5 मार्च 2023 को हत्याकांड के मुख्य शूटर गुड्डू मुस्लिम से मेरठ स्थित अपने घर पर मुलाकात की थी।

इस दौरान दोनों ने शूटर गुड्डू मुस्लिम का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया था। अखलाक अहमद ने तो गुड्डू मुस्लिम को गले लगा दिया था। इसके बाद शूटर वहाँ छिपा रहा। इसके बाद आयशा नूरी ने गुड्डू को शहर से भागने में मदद की और इसके लिए पैसे भी दिए।

अगले दिन 6 मार्च को आयशा नूरी अपनी बेटी उजनैला नूरी के साथ प्रयागराज पहुँची। वहाँ उसने शूटर गुड्डू मुस्लिम की बीवी जैनब फातिमा और बेटी के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में आयशा ने दावा किया था कि उसके भाई अतीक अहमद और अशरफ निर्दोष हैं और दोनों की जान को खतरा है।

आयशा ने अपने अपराधी परिवार को पीड़ित दिखाने के लिए यहाँ तक आरोप लगाया था कि यूपी पुलिस के कुछ सीनियर पुलिस अधिकारी उसके भाइयों को मुठभेड़ में मार गिराने की साजिश रच रहे हैं। बताते चलें कि आयशा नूरी की कार कौशांबी के संदीपन घाट थाना क्षेत्र में लावारिस अवस्था में मिली थी। इसके बाद संदीपन घाट के SHO और SI को निलंबित कर दिया गया था।

अतीक को सेल में किया गया शिफ्ट

बताते चलें कि बसपा विधायक राजू पाल की हत्या के प्रमुख गवाह रहे उमेश पाल को साल 2006 में अतीक और उसके गुर्गों ने अपहरण कर लिया था। इस मामले में अदालत ने अतीक अहमद और उसके गुर्गे दिनेश पासी एवं शौलत हनीफ खान को कोर्ट उम्रकैद की सजा सुनाई है।

इसके बाद गुजरात के साबरमती जेल में बंद अतीक को नई जेल से पुरानी जेल में शिफ्ट कर गया है। साबरमती जेल में सजायाफ्ता कैदियों को पुरानी जेल में रखने का प्रावधान है, जबकि विचाराधीन कैदी नई जेल में रहते हैं। पुरानी जेल बेहद सेक्योर एरिया है और यह यह हाई सिक्योरिटी एरिया के अंतर्गत आता है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अतीक को Solitary Confined Cell में रखा गया है, ताकि वह किसी और के संपर्क में नहीं आ सके। इस सेल का साइज काफी छोटा होता है। कैदी को ज्यादातर समय इसी सेल में रहना होता है। बड़े और खूंखार अपराधियों को जेल की ऐसी ही सेल में रखा जाता है। यहाँ सारे खूंखार कैदी बंद हैं।

बीवी शाइस्ता पर बढ़ी इनाम की राशि

अतीक और उसके जीजा पुलिस की गिरफ्त में तो आ गए, लेकिन उसकी बीवी और बेटे फरार हैं। पुलिस ने पहली बार शाइस्ता से पूछताछ की थी, उसके बाद से ही वह गिरफ्तारी की आशंका होने पर वह फरार हो गई है। वहीं, अतीक का बेटा असद खुद उमेश पाल की हत्या में शामिल रहा है। तब से वह अन्य शूटरों के साथ लापता है।

पुलिस की गिरफ्त से बचकर छिपती फिर रही शाइस्ता के बारे में जानकारी देने वालों को पुलिस ने अब 50 हजार रुपए देने की घोषणा की है। पुलिस ने इनाम की राशि को दोगुना कर दिया है। इससे पहले शाइस्ता पर पुलिस ने 25,000 रुपए का इनाम रखा था।

पुलिस की जाँच में पता है कि शाइस्ता परवीन ने अपने बेटे असद के साथ मिलकर शूटआउट प्लान तैयार किया था। इसके लिए उसने 16 iPhone भी खरीदे थे। शाइस्ता ने अंतिम समय में शूटरों के मैसेज भी भेजा था और कहा था कि इंशाल्लाह परिवार की वापस लाना है।

4 साल की बच्ची से ओवैस ने दुकान में किया दुष्कर्म, शोर मचने पर फरार: UP पुलिस ने 24 घंटे में पकड़ा, पहले 7 साल की बच्ची को बना चुका है निशाना

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में 4 साल की एक नाबालिग बच्ची से दरिंदगी का मामला सामने आया है। आरोपित का नाम ओवैश है जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस दरिंदगी को एक टेलरिंग शॉप के अंदर अंजाम दिया गया जहाँ आरोपित काम करता था। बच्ची की चीख सुन कर आस-पास के लोग जमा हुए तो ओवैस भाग निकला था। जिस दुकान पर ओवैस काम करता है वह भी सरकारी जमीन पर बनी बताई जा रही है। आरोपित इससे पहले भी दुष्कर्म के मामले में जेल जा चुका है। घटना शुक्रवार (7 अप्रैल 2023) की है।

मामला मुजफ्फरनगर के थाना चरथावल का है। मुजफ्फरनगर पुलिस के SP सिटी सत्यनारायण प्रजापत ने आरोपित ओवैस की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि 7 अप्रैल को पीड़ित पिता ने अपनी बेटी के साथ रेप के प्रयास की शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई थी। तहरीर मिलने पर पुलिस ने FIR दर्ज कर के जाँच शुरू की और 24 घंटों के अंदर ओवैस को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि ओवैस शातिर अपराधी है जो इस से पहले भी बच्चों को अपना शिकार बना चुका है।

ओवैस के अब्बा का नाम मेहराज है। पुलिस का कहना है कि थाना चरथावल में ओवैस के खिलाफ पहले से ही एक केस दर्ज है। पिछले केस में ओवैस ने 7 साल की एक बच्ची को अपना शिकार बनाया था। ओवैस अपने पहले केस में जमानत पर था। SP सिटी के मुताबिक पुलिस का प्रयास होगा कि महज 7 दिनों के अंदर तमाम सबूतों को जमा करके अदालत में चार्जशीट पेश कर दिया जाए। साथ ही 1 महीने के अंदर आरोपित को सजा दिलाने के लिए DSP व SHO को केस की बारीकी से पैरवी करने के निर्देश दिए गए हैं। यह अतिरिक्त सक्रियता बच्चियों के खिलाफ आदतन अपराधी ओवैस को किसी अन्य बच्ची को शिकार बनाने से रोकने के लिए है।

इस मामले पर जानकारी देते हुए पीड़िता बच्ची के पिता ने कहा कि घटना के दिन उनकी बेटी अपने ताऊ के घर जा रही थी। रास्ते में एक दर्जी की दुकान है। उस दुकान में काम करने वाला ओवैस बच्ची को उठा कर दुकान के अंदर ले गया। आरोप है कि यहाँ पीड़िता के साथ रेप किया गया। शोर मचाने पर आस-पास के लोग जमा हुए। इस दौरान मौक़ा पा कर ओवैस भाग निकला। पीड़ित पिता के मुताबिक आरोपित ओवैस की उम्र लगभग 20 साल है।

जिस टेलरिंग शॉप पर ओवैस काम करता था उसका नाम अलाबा टेलर्स है। ऑपइंडिया के अलबा टेलर्स के मालिक को कॉल किया तो उनका फोन बंद आया।

राम भक्तों के खून का बदला लिया जाएगा… कारसेवकों पर चली गोलियों को याद कर बोले रामभद्राचार्य – मुझे 8 दिन जेल में बंद रख कर पीटा, टूट गई कलाई

तुलसी पीठाधीश्वर जगदगुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने राम कथा के दौरान राम जन्मभूमि आंदोलन और 90 के दशक की घटनाओं को याद किया। आगरा के कोठी मीना बाजार में कथा के पाँचवे दिन जगदगुरु ने कहा कि याचना नहीं अब रण होगा, संग्राम महाभीषण होगा। 1990 की घटना हम भूले नहीं हैं और न कभी भूल पाएँगे। हमने किसी का अपमान नहीं किया लेकिन हमारे धर्मग्रंथों का अपमान हुआ। हिंदुत्व का भी अपमान हुआ।

रामभद्राचार्य ने कहा, “निहत्थे राम भक्तों पर गोलियाँ चलाई गईं थी। सरयू मैया खून से लाल हो गई थीं। कोठारी बंधुओं को घर से लाकर गोली मारी गई। हमको ऐसी समरसता नहीं चाहिए। मेरे लिए कहा जा रहा मैं भाजपा का एजेंट हूँ मैं भाजपा का एजेंट नहीं हूँ। भाजपा मेरी एजेंट हो सकती है।” हिंदुओं के आश्वासन देते हुए रामभद्राचार्य ने कहा कि जहाँ भी हिंदुत्व को चुनौती मिलेगी मैं त्रिदंड लेकर वहाँ मौजूद रहूँगा और प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दूँगा।

इसके बाद रामभद्राचार्य ने कहा कि जब हमको कहा गया कि ‘मिले मुलायम काँशीराम, हवा में उड़ गए जय श्री राम’ तो हमने कुछ नहीं कहा। जब कल मैंने कह दिया, ‘मरे मुलायम-काँशीराम प्रेम से बोलो जय श्री राम’। तो मिर्ची क्यों लग रही। मैं नेताजी(मुलायम सिंह) और काँशीराम का आदर करता हूँ पर अब तो चले गए वह लोग हमने उनका अपमान नहीं किया।

तुलसी पीठाधीश्वर ने कहा कि राम भक्तों के खून का बदला लिया जाएगा। मैं कोई सौहार्द नहीं बिगाड़ रहा हूँ। मैं खुलकर कह रहा हूँ कि सबको यहाँ रहना है और जिसे भारत में रहना है उसे वंदे मातरम कहना है। सब रघुवर की संतान होकर रहो, बाबर की संतान होकर नहीं। उन्होंने पूछा कि क्या हमने रहीम जी को चित्रकूट में स्थान नहीं दिया? क्या रसखान को वृंदावन में स्थान नहीं मिला? इसलिए भारत में आक्रांता की संतान बनकर मत रहो। भारत के विकास में अपना योगदान दो। हम स्वागत करेंगे।

इसके बाद रामभद्राचार्य ने एक बार फिर से अयोध्या की घटना का जिक्र किया उन्होंने कहा कि इन लोगों को जरा भी दया नहीं आई। मेरा शरीर भौतिक दृष्टि से असमर्थ था। मुझे जेल में बंद कर दिया। डंडे मारे। मेरे दाहिने हाथ की कलाई टूट गई। मुझे 8 दिनों तक बंद रखा गया। जगदगुरु ने कहा कि मैंने अयोध्या में प्रतिज्ञा की थी। जब राम मंदिर बन जाएगा तब अयोध्या में कथा कहूँगा।

इसके बाद जगदगुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि हमको अब पाक अधिकृत कश्मीर चाहिए। उन्होंने कहा कि हम आपको वचन देते हैं, मेरे ही काल में राम जन्मभूमि मिली, कृष्ण जन्मभूमि मिलेगी, विश्वनाथ मिलेंगे और गंगा-यमुना स्वच्छ होगी। इस यूट्यूब लिंक में रामभद्राचार्य के इन कथनों को 35वें मिनट से 40वें मिनट के बीच सुना जा सकता है।

जाने दो उसे RSS में… हिमंता बिस्वा सरमा को लेकर राहुल गाँधी ने कहा था, पिद्दी वाले किस्से के बाद गुलाम नबी आज़ाद ने सुनाया नया वाकया

कॉन्ग्रेस के पूर्व नेता गुलाम नबी आजाद ने असम के वर्तमान मुख्यमंत्री और भाजपा नेता हिमंता बिस्वा सरमा को लेकर एक खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि जब सरमा भी कॉन्ग्रेस में थे और बाद में नाराज होकर पार्टी छोड़ दिया था। इस पर राहुल गाँधी ने कहा था, “जाने दो”। गुलाम नबी आजाद ने अपनी किताब में इन सबका जिक्र किया है।

गुलाम नबी आजाद ने कहा कि राहुल गाँधी पार्टी के किसी भी नेता को बड़ी आसानी से ‘जाने दो’ कह दिया करते थे। इस संबंध में उन्होंने एक इंटरव्यू में कॉन्ग्रेस के पूर्व नेता और हिमंता बिस्वा सरमा के साथ हुई घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हिमंता हाईकमान से नाराज थे और पार्टी छोड़ने वाले थे। उस समय वे असम के कॉनग्रेस सरकार में स्वास्थ्य मंत्री थे।

गुलाम नबी आजाद ने एक इंटरव्यू में इस किताब को लेकर बताया कि पार्टी हाईकमान को जब इसकी सूचना मिली कि हिमंता पार्टी छोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, फिर भी उन्हें मनाने कि कोशिश नहीं की गई। आखिरकार हिमंता ने साल 2015 में कॉन्ग्रेस को छोड़ दिया। सरमा ने गुलाम नबी के इस किस्से पर प्रतिक्रिया दी है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने ट्विटर लिखा, “संकट को हल करने के गुलाम नबी आजाद जी के असफल प्रयास के बावजूद मैं अगले 12 महीनों तक कॉन्ग्रेस पार्टी में बना रहा। उन 12 महीनों की कहानी काफी दिलचस्प है। मैंने आखिरकार अगस्त 2015 में कांग्रेस पार्टी छोड़ दी।”

हिमंता द्वारा राज्यपाल को इस्तीफा सौंपने के दौरान के हालात को याद करते हुए गुलाम नबी आजाद ने कहा, “बजट सत्र के बाद मई-जून का महीना रहा होगा। मुझे अहमद पटेल का लैंडलाइन पर फोन आया। उन्होंने कहा कि मैडम आपसे बात करेंगी। सोनिया गाँधी जी ने फोन लिया और मेरी बात शुरू हुई।”

गुलाम नबी आजाद ने आगे बताया कि सोनिया गाँधी ने उनसे कहा, “आप कहाँ हैं? मैंने कहा कि मैं श्रीनगर हूँ। वो बोलीं कि मैं तो आपको दिल्ली में खोज रही हूँ। आप तुरंत दिल्ली आ जाएँ। अगर जहाज न हो तो मैं दिल्ली से भेज देती हूँ। मैंने कहा कि नहीं-नहीं यहाँ गर्मियों में हर 10-20 मिनट में जहाज मिलती है।”

कॉन्ग्रेस के पूर्व नेता आजाद ने बताया कि इसके बाद सोनिया गाँधी ने उनसे कहा कि असम में राजनीतिक संकट खड़ी हो गई है। हिमंता 40-45 विधायकों के साथ राज्यपाल से मिलकर इस्तीफा सौंप दिया है। सरकार गिर रही है। सोनिया गाँधी ने उनसे कहा, “मुझे मालूम चला कि हिमंता और राज्यपाल से आपके मधुर रिश्ते हैं। आप उनको मनाने की कोशिश कीजिए।”

गुलाम नबी आगे कहते हैं, “मैंने सोनिया गाँधी को पूरी स्थिति बता दी और कहा कि अगर आप कहें तो हम लोग असम जाकर सीएम को बदल दें। इस पर उन्होंने हामी भर दी। हम सुबह असम के लिए रवाना होने वाले थे।”

इसके बाद गुलाम नबी आजाद ने जो बात बताई वह राहुल गाँधी की राजनीतिक अपरिपक्वता को दर्शाता है। आजाद ने आगे बताया कि उसी दिन शाम को राहुल गाँधी का उनके पास फोन आया। गुलाम नबी बताते हैं, “राहुल जी ने कहा कि सुना है आप सीएम बदलने जा रहे हैं। हमने जवाब दिया कि हाँ। तब राहुल जी ने कहा कि मत जाइए। पहले मेरे पास आइए।”

गुलाब नबी जब राहुल गाँधी के पास पहुँचे तो देखा कि वहाँ असम के तत्कालीन मुख्यमंत्री तरुण गोगोई और उनका बेटा गौरव गोगोई बैठकर चाय पी रहे थे। राहुल गाँधी ने गुलाम नबी से कहा, “आप सीएम के खिलाफ साजिश रच रहे हैं।” तब गुलाम नबी ने कहा, “नहीं मैडम ने जो टास्क दिया है, उसे पूरा करने जा रहे हैं।”

गुलाम नबी ने आगे बताया कि उन्होंने राहुल गाँधी से कहा, “हिमंता के पास नंबर ज्यादा है। वो पार्टी छोड़कर चला जाएगा तो…… तब राहुल गाँधी बोले कि जाने दो। जिसको RSS में जाना है, जाने दो।” आजाद ने बताया कि राहुल गाँधी का ताकिया कलाम है ‘जाने दो, जाने दो उसे आरएसएस में’। 

सरमा को लेकर राहुल गाँधी की की नजरिया का एक और किस्सा है। असम में बड़े नेता होने के बावजदू सरमा को गोगोई सरकार में पर्याप्त सम्मान नहीं मिला। इसके बाद वे राहुल गाँधी से मिलने की लगातार कोशिश करने लगे। कई मुश्किल प्रयासों के बाद अंतत: उन्हें राहुल गाँधी से मिलने का समय मिला।

जब सरमा राहुल गाँधी से मिलने गए तो राहुल गाँधी उनकी बात सुनने के बजाय अपने कुत्ते ‘पिद्दी’ को बिस्किट खिलाते रहे थे। बाद में सरमा ने ये भी दावा किया कि राहुल गाँधी का कुत्ता पिद्दी जिस प्लेट से बिस्किट खा रहा था, कॉन्ग्रेस के कुछ नेता भी उसी प्लेट से बिस्किट खाते रहे।

‘तुम्हारे जैसे 10 को पढ़ा देगा’: अनुपम खेर की माँ ने PM मोदी की डिग्री पर सवाल उठाने वालों को दिया करारा जवाब, कहा – दिमाग होना चाहिए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री पर सवाल उठाने वालों को अनुपम खेर की माँ ने करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा है कि डिग्री पर सवाल उठाने वाले 10 लोगों को प्रधानमंत्री पढ़ा सकते हैं। वह करोड़ों लोगों के साथ उठते-बैठते हैं। पढ़ने-लिखने से कुछ नहीं होता, दिमाग होना चाहिए।

दरअसल, अनुपम खेर सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं। वह अपनी एक्सरसाइज से लेकर सामान्य एक्टिविटी तक के वीडियो सोशल साइट्स पर अपलोड करते रहते हैं। इस दौरान वह कई बार अपनी माँ दुलारी खेर के वीडियो भी अपलोड करते हैं। ऐसे ही एक वीडियो में अनुपम खेर ने अपनी माँ से कहा है, “मम्मी आज कल कुछ लोग बोल रहे हैं कि मोदी जी पढ़े लिखे नहीं हैं।”

इसके जवाब में अनुपम खेर की माँ ने कहा, “उनको बोलो कि आप पढ़ा लो उसको। वो तुम्हारे जैसे 10 को पढ़ाएगा। वो जहाँ बैठा है हमारी हिम्मत से बैठा है। जो करोड़ों लोगों के साथ उठता-बैठता है वो पढ़ा लिखा नहीं है? सवाल उठाने वाले पढ़े लिखे हैं? और पढ़ने में क्या है दिमाग होना चाहिए। दिमाग सबसे ज्यादा जरूरी है। पढ़े-लिखे लोगों को ही कहाँ दिमाग होता है।”

बात दें कि अनुपम खेर की माँ पीएम मोदी की बड़ी प्रशंसक हैं। समय-समय पर वह प्रधानमंत्री की तारीफ करती रहती हैं। इससे पहले गत 12 फरवरी को अनुपम खेर ने अपनी माँ का एक वीडियो शेयर कर कहा था, “आदरणीय नरेंद्र मोदी जी। मेरी माँ आपकी और आपके कार्यों की बहुत बड़ी प्रशंसक हैं। आमतौर पर आपको सुनते हुए भावुक भी हो जाती हैं। कभी कभी ग़ुस्सा भी। यहाँ ये आपकी हाल ही के भाषणों पर भावनात्मक प्रतिक्रिया दे रहीं है। बीच में कश्मीरी में आपकी लंबी उम्र की प्रार्थना भी कर रही हैं।”

अरविंद केजरीवाल ने उठाया था डिग्री का मुद्दा, कोर्ट ने ठोंका जुर्माना…

गौरतलब है दिल्ली के सीएम और आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने आरटीआई के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री की माँग की थी। इसको लेकर केंद्रीय सूचना आयोग ने प्रधानमंत्री कार्यालय, गुजरात विश्वविद्यालय और दिल्ली विश्वविद्यालय को निर्देश दिया था कि वह प्रधानमंत्री की डिग्री के बारे में जानकारी दें। केंद्रीय सूचना आयोग के इस निर्देश को गुजरात विश्विद्यालय ने गुजरात हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

गुजरात हाईकोर्ट ने इसी मामले में अरविंद केजरीवाल को फटकार लगाते हुए उन पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया था।

धार्मिक झंडा जलाए जाने के विरोध में झारखंड में सड़क पर जनजातीय समाज: बंद का दिखा असर, CM सोरेन के आवास और दफ्तर के पास लगा दी गई धारा-144

झारखंड में धार्मिक झंडा जलाए जाने के विरोध में जनजातीय संगठनों ने राँची बंद का आह्वान किया है। जनजातीय झंडा जलाने वाले आरोपितों की गिरफ्तारी की माँग कर रहे हैं। संगठन के नेताओं का कहना है कि उनके धार्मिक झंडे के साथ जो किया गया है वह बेहद निंदनीय है।

दरअसल, सरना झंडा जलाए जाने को लेकर जनजातीय वर्ग बेहद गुस्से में हैं। इसको लेकर बीते एक सप्ताह से लगातार सरगर्मी देखने को मिल रही थी। इसी कड़ी में जनजातीय संगठनों ने शुक्रवार (7 अप्रैल 2023) को केंद्रीय सरना समिति के बैनर तले राजधानी राँची में मशाल जुलूस निकाला था। साथ ही शनिवार (8 अप्रैल, 2023) को राँची बंद का आह्वान किया था। इसके चलते प्रशासन ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास और सचिवालय के 200 मीटर के दायरे में धारा 144 लगा दी है। किसी भी दुर्घटना से बचने के लिए राजधानी राँची में 1500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।

झारखंड के जनजातीय संगठन पाहन संघ के अध्यक्ष जगदीश पाहन ने का कहना है कि सरना झंडा का अपमान किया गया है, इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा है कि पुलिस जल्द से आरोपितों की गिरफ्तारी करे। इसको लेकर मशाल जुलूस निकाला गया था। अब बंद भी किया जा रहा है। वहीं, केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष फूलचंद तिर्की का कहना है कि जनजातीय अपनी परंपरा व संस्कृति के को लेकर जागरूक हैं। अपने सम्मान की रक्षा के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। उनका दावा है कि यह राँची बंद अब तक का सबसे ऐतिहासिक बंद होगा।

जगह-जगह दिखा बंद का असर

जनजातीय संगठनों द्वारा बुलाए गए रांची बंद का असर शनिवार (8 अप्रैल, 2023) की सुबह से ही दिखने लगा था। संगठन के लोगों ने कई जगहों पर सड़क को जाम कर दिया। खासतौर से बिरसा चौक और बायपास रोड में आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया था। इससे स्कूल और कॉलेज की बसें पूरी तरह से प्रभावित हुईं। हालाँकि बाद में प्रशासन ने जाम खुलवा दिया। वहीं, कई जगहों पर टायर जलाकर भी विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘आंदोलन चलता रहेगा-झारखंड जलता रहेगा’ जैसे नारे भी लगाए। राँची में दुकानें और मुख्य बाजार भी बंद का असर दिखा।

क्या है मामला

केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष फूलचंद तिर्की के अनुसार, जनजातियों के प्रमुख त्योहार सरहुल उत्सव के अगले दिन यानी 25 मार्च, 2023 को उपद्रवियों ने राँची के लोअर करम टोली इलाके में लगे सरना झंडा को निकाल कर जला दिया था। इस मामले में शिकायत के बाद भी पुलिस आरोपितों को गिरफ्तार नहीं कर पा रही है। प्रशासन कार्रवाई नहीं कर पा रहा है, इसलिए मजबूरन बंद का आह्वान किया गया।

5 लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ है मामला

सरना झंडा के अपमान को लेकर लोअर करम टोली निवासी राजेंद्र मुंडा 5 लोगों के खिलाफ एससी-एसटी थाने में FIR दर्ज कराई है। यह एफआईआर दीपक सिंह, प्रकाश सिंह, संतोष सिंह, रवींद्र गोप और सुजीत उराँव के खिलाफ हुई है।

इरशाद के संपर्क में आकर बेटी पढ़ने लगी नमाज, पास रखती है कुरान: गोंडा में हिंदू पिता ने पुलिस में दी शिकायत, धर्मांतरण और रेप का आरोप

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में एक नाबालिग हिन्दू लड़की पर इस्लाम कबूलने करवाने के साथ जबरन निकाह के दबाव का मामला सामने आया है। लड़की के पिता ने इस बाबत पुलिस में शिकायत दी है जिस पर जाँच की जा रही है। आरोपित का नाम मोहम्मद इरशाद है। शिकायत में आरोपित द्वारा नाबालिग के साथ छेड़छाड़ और पीछा किए जाने का भी जिक्र है। पुलिस को यह शिकायत 25 मार्च 2023 को दी गई थी।

यह मामला गोंडा जिले के थानाक्षेत्र छपिया का है। पीड़िता हिन्दुओं के OBC समुदाय से है। पीड़िता के पिता ने इरशाद के खिलाफ 25 मार्च को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। इस शिकायत में उन्होंने अपनी बेटी की उम्र 17 साल बताई है। उनका आरोप है कि मोहम्मद इरशाद काफी समय से उनकी बेटी का पीछा करता रहा है। इस दौरान वह प्रेम प्रसंग बनाने के लिए छेड़छाड़ भी करता रहा। पीड़ित पिता के मुताबिक धीरे-धीरे मोहम्मद इरशाद पीड़िता को इस्लाम के लिए प्रेरित कर ले गया और उसे हिन्दू से मुस्लिम बना दिया।

शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में आगे बताया गया है कि इरशाद के प्रभाव में आ कर उनकी नाबालिग बेटी नमाज पढ़ने लगी। साथ ही लड़की अपने साथ कुरान रखने लगी और बात-बात पर अल्लाह और खुदा का नाम लेने लगी। इरशाद पर यह भी आरोप है कि वह लड़की से जबरिया शादी करने का दबाव डाल रहा है। पीड़ित पिता के मुताबिक उन्हें जब पूरे मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने अपनी बेटी को काफी समझाया-बुझाया। साथ ही जब इरशाद को उसकी हरकतों से रोकने की कोशिश की तो लड़की के पिता को जाने से मारने और बेटी को जबरदस्ती भगा ले जाने की धमकी दी गई। पीड़ित पिता ने अपने आरोपों के समर्थन में कॉल रिकॉडिंग होने का भी दावा किया है।

ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। इस पूरे घटनाक्रम का गोंडा जिले के पुलिस अधीक्षक IPS आकाश तोमर ने संज्ञान लिया है। उन्होंने अपने अधीनस्थों को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित भी किया है। गोंडा पुलिस ने DSP मनकापुर को मामले की जाँच सौंप दी है।

बेटी के साथ रेप हुआ

ऑपइंडिया ने इस मामले की जानकारी के लिए पीड़ित पिता से बात की। उन्होंने बताया कि 24 मार्च 2023 को उनकी बेटी को इरशाद अपने घर ले कर चला गया था। रात में जब लड़की लौटी नहीं तो उसकी तलाश की गई। पीड़ित का दावा है कि अगले दिन भोर में उनकी बेटी एक नहर के पास घर लौटती मिली। उनकी बेटी ने अपने साथ रेप होने की भी बात कही है। इस मामले में पीड़ित परिजन इरशाद की माँ को भी आरोपित बता रहे हैं और अपनी बेटी से कुछ दिनों के बाद निकाह की साजिश में उनका भी हाथ होने की आशंका जाता रहे। माना जा रहा है कि आरोपित का परिवार लड़की के बालिग होने की प्रतीक्षा कर रहा है।

लड़की के पिता ने आगे बताया कि पुलिस में शिकायत दर्ज करवाने के बाद इरशाद लगातार उनको धमकियाँ दे रहा है। इन धमकियों में लड़की भगा ले जाने के साथ जान से मारने की घुड़की भी शामिल है। पीड़ित का कहना है कि इरशाद ने ये भी चैलेन्ज किया है कि कोई भी उसका कुछ बिगाड़ नहीं सकता। खुद को गरीब और बेहद परेशान बताते हुए पीड़ित ने न्याय की गुहार लगाई है।

PM मोदी ने तेलंगाना को दी ‘वंदे भारत’ की सौगात, ₹11 हजार करोड़ की परियोजनाओं की भी शुरुआत: रैली से पहले कई कॉन्ग्रेस नेता हिरासत में

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तेलंगाना दौरे पर हैं। यहाँ उन्होंने वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। साथ ही वह 11300 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का भी शिलान्यास और उद्घाटन हुआ। इस दौरे से पहले तेलंगाना पुलिस ने कॉन्ग्रेस के कई नेताओं को हिरासत में लिया है।

दरअसल, पीएम मोदी के दौरे को लेकर कॉन्ग्रेस नेता हैदराबाद में प्रदर्शन कर रहे थे। ऐसे में पुलिस ने कॉन्ग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई के अध्यक्ष बालमुरी वेंकट, यूथ कॉन्ग्रेस अध्यक्ष शिवसेना रेड्डी, दलित कॉन्ग्रेस अध्यक्ष प्रीतम समेत कई अन्य लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है।

प्रधानमंत्री ने तेलंगाना को देंगें कई सौगात

तेलंगाना दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद पहुँचकर सिकंदराबाद-तिरुपति वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन भाग्यलक्ष्मी मंदिर और श्री वेंकटेश्वर धाम तिरुपति को जोड़ेगी। यह तेलंगाना के दूसरी वंदे भारत ट्रेन है। इसके अलावा वह 11,300 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे।

साथ ही, 1350 करोड़ की लागत से बनने वाले अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) बीबीनगर की भी आधारशिला रखी। इस दौरे पर पीएम 7850 करोड़ की लागत वाले 5 राष्ट्रीय राजमार्ग की परियोजनाओं और 720 करोड़ रुपए की लागत वाले सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास का भी शिलान्यास किया। इससे पहले पीएम हैदराबाद के परेड मैदान में एक जनसभा को भी संबोधित की।

तेलंगाना के बाद तमिलनाडु जाएँगे PM

तेलंगाना दौरे के बाद पीएम मोदी शनिवार (8 अप्रैल 2023) की शाम तमिलनाडु दौरे पर होंगे। यहाँ भी वह एमजीआर चेन्नई सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर चेन्नई-कोयम्बटूर वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। साथ ही वह रेलवे से जुड़ी कई अन्य परियोजनाओं की भी आधारशिला रखने वाले हैं।

यही नहीं, पीएम चेन्नई हवाईअड्डे पर 2437 करोड़ रुपए की लागत से बनकर तैयार हुए अत्याधुनिक एकीकृत टर्मिनल भवन का भी उद्घाटन करेंगे। इसके बाद वह चेन्नई के अलस्ट्रॉम क्रिकेट मैदान में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करेंगे। इससे पहले वह यहाँ करीब 3700 करोड़ रुपए की लागत वाली सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।