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एक लड़की आगे-एक लड़की पीछे, बीच में बैठ एक चक्के पर बाइक दौड़ा रहा था फैयाज कादरी: स्टंट वाले रील से होना चाहता था फेमस, मुंबई पुलिस ने भेजा जेल

सोशल मीडिया पर मुंबई का एक खतरनाक बाइक स्टंट वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद मुंबई पुलिस ने रविवार (2 अप्रैल 2023) को बीकेसी (बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स) पुलिस स्टेशन में फैयाज कादरी और दोनों युवतियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 279 (तेजी से गाड़ी चलाना) और 336 (जीवन को खतरे में डालना) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया। युवतियों पर आईपीसी की धारा 114 (अपराध में शामिल होने) के संबंध में भी मामला दर्ज किया गया है।

यह वीडियो 13 सेकेंड का है। इसमें फैयाज कादरी दो युवतियों के साथ बाइक पर खतरनाक स्टंट करते हुए दिखाई दे रहा है। फैयाज कादरी बाइक पर बीच में बैठा है। वहीं, एक लड़की उसकी आगे वाली सीट पर और दूसरे लड़की पीछे वाली सीट पाए बैठी हुई है। इनमें से किसी ने भी हेलमेट नहीं पहना हुआ है। वीडियो में फैयाज बाइक को एक पहिए से कई मीटर तक काफी तेज स्पीड में चलाते हुए दिख रहा है, जबकि साथ बैठी लड़कियों उसे रोकने के बजाए उसके इस खतरनाक स्टंट पर हँसती हुई नजर आ रही हैं। वीडियो में कुछ गाने भी बज रहे हैं।

मुंबई पुलिस ने बताया कि बाइक के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर उसे (फैयाज कादरी) उसके एंटॉप हिल स्थित आवास से गिरफ्तार किया। जाँच करने पर पता चला कि वीडियो दिसंबर 2022 का है। इस अपराध के लिए उस पर आईपीसी की धारा 308 लागू होती है। आरोपित का आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ एंटॉप हिल और वडाला टीटी थाने में भी मामले दर्ज हैं।

पुलिस के अनुसार, फैयाज कादरी ने यह वीडियो सोशल मीडिया पर डालने के लिए बनाई थी। रील बनाकर आरोपित फेमस होना चाहता था। फिलहाल अभी वह जेल में है। खतरनाक स्टंट से दोनों लड़कियों की जान भी जा सकती थी। 30 मार्च को एक संस्था ने सोशल मीडिया पर इस वीडियो को पोस्ट किया था, जिसके बाद यह वायरल हो गई।

वहीं, इस्कॉन के प्रवक्ता राधारमण दास ने इस खतरनाक वीडियो को देखने के बाद इसे स्टंट जिहाद बताया है। उन्होंने ट्वीट किया, “यह स्टंट जिहाद है, जो लड़का यह स्टंट कर रहा है उसका नाम फैयाज कादरी है। वह दो हिन्दू लड़कियों के साथ बाइक पर स्टंट कर रहा है।” दास ने आगे लिखा है कि यह बड़े शर्म की बात है कि माँ-बाप ने इन बच्चों को बॉलीवुड की नकल करने के लिए छोड़ दिया है। इस बात के लिए हिंदू भी उतने ही जिम्मेदार हैं।

स्कूल उत्सव में मुस्लिम वेश-भूषा में दिखाया आतंकवादी, सेना ने पकड़ा: केरल पुलिस ने 10 पर कर दिया केस, RSS के एजेंडा को दिखाने का आरोप

केरल में पुलिस ने राज्य स्तरीय स्कूल उत्सव के उद्घाटन प्रोग्राम में एक पर्फॉरमेंस के दौरान मुस्लिम आतंकवादी का चित्रण दिखाने के आरोप में 1 अप्रैल 2023 को 10 लोगों को हिरासत में लिया। कार्यक्रम 3 जनवरी 2023 को हुआ था। 5 दिन चले उत्सव में पेंरांबरा के MATHA (मलयालम थिएट्रिकल हेरीटेज एंड आर्ट्स) ने म्यूजिकल प्रोग्राम किया था। इसमें दिखाया गया था कि कैसे भारतीय सेना ने सिर पर कैफिया (अरब लोगों द्वारा पहने जाने वाला हेडकवर) पहने शख्स को गिरफ्तार किया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजीव गाँधी स्टडी सर्कल के निदेशक अनूप वीआर ने इस म्यूजिकल प्रोग्राम के बाद नदाकावू पुलिस को शिकायत दी थी और केस रजिस्टर करने का अनुरोध किया था। लेकिन पुलिस ने ऐसा करने से मना कर दिया। अनूप इसके बाद कोर्ट गए। कोझिकोडे कोर्ट ने आईपीसी की धारा 153ए के तहत माथा पेरांबरा के निदेशक और 10 अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज करने को कहा। कोर्ट के निर्देशों पर इस मामले में केस दर्ज हुआ।

वहीं माथा (MATHA) ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि मुस्लिम कास्ट्यूम में आतंकी को दिखाना किसी मंशा से नहीं हुआ और न ही इसका किसी राजनैतिक संगठन या विचारधारा से संबंध है। माथा के निदेशक ने कहा कि उनके ऊपर लगाए गए इल्जाम कि उन्होंने संघ परिवार के एजेंडे को बढ़ाया, बिलकुल निराधार है। वह बोले, “हमारी पर्फॉर्मेंस के बाद तो मोहम्मद रियास ने भी हमें बधाई दी थी। हमारे गाने का नाम दृश्या विस्मयम था।ठ इसी टीम ने सीपीएम के कई जिला सत्रों के दौरान भी पर्फॉर्म किया। माथा के निदेशक के अनुसार, कार्यक्रम वाले दिन भी म्यूजिकल प्रोग्राम मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों की मौजूदगी में बजाया गया था। ये गाना सीएम द्वारा इवेंट के उद्घाटन से बिलकुल पहले बजा था। इस कार्यक्रम को एशिया में सबसे बड़ा छात्र सांस्कृतिक जमावड़ा माना जाता है।

3 मौतें, 8 का चल रहा इलाज… केरल में पेट्रोल छिड़क चलती ट्रेन में लगा दी आग, फिर कूद कर बाइक से भागा : स्केच जारी, आतंकी एंगल से भी जाँच

केरल के कोझिकोड में एक व्यक्ति ने ट्रेन में यात्रा कर रहे लोगों पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इस हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई। वहीं, 8 अन्य बुरी तरह घायल हुए हैं। मृतकों के शव ट्रेन की पटरी में पाए गए। बताया जा रहा है कि आरोपित व्यक्ति ने मामूली विवाद के बाद इस घटना को अंजाम दिया। हालाँकि, इसमें आतंकी एंगल होने की संभावना भी नजर आ रही है। घटना रविवार (2 अप्रैल, 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रात करीब 9 बजकर 45 मिनट पर अलप्पुझा-कन्नूर एग्जीक्यूटिव एक्सप्रेस ट्रेन कोझिकोड शहर को क्रॉस कर कोरापुझा रेलवे पुल पर पहुँची थी। इसी दौरान दो लोगों के बीच ट्रेन में चढ़ने को लेकर विवाद हो गया। तभी एक व्यक्ति ने अन्य यात्रियों पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इसके चलते यात्रियों ने चेन पुलिंग करते हुए ट्रेन को रोका। ट्रेन के रुकते ही आरोपित मौके से फरार हो गया। बाद में यात्रियों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने आनन-फानन में घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा है। घायलों की हालत स्थिर बनी हुई है।

घटना के बाद जब ट्रेन कुन्नूर स्टेशन पहुँची तो यात्रियों ने पुलिस को दो लोगों के लापता होने की खबर दी। इसके बाद पुलिस ने जाँच करते हुए इलाथुर स्टेशन पर तीन शव बरामद किए हैं। मृतकों में एक महिला और एक 2 साल की बच्ची शामिल है। पुलिस ने संदेह जताया है कि तीनों मृतक आग देखकर डर गए होंगे और भागने की कोशिश में ट्रेन से गिर गए।

इस हादसे को लेकर ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ ने प्रत्यक्षदर्शी के हवाले से कहा है कि कोरोपुझा नदी के पुल पर ट्रेन रुकते ही एक व्यक्ति उससे कूद गया। इसके बाद वहाँ खड़ी एक बाइक पर सवार होकर भाग गया। फिलहाल पुलिस को घटना के पास स्थित एक घर में लगे सीसीटीवी कैमरे का फुटेज मिला है। इस फुटेज के सहारे पुलिस आरोपित व्यक्ति की पहचान और तलाश में जुटी हुई है। पुलिस को संदेह है कि इस हमले को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया है।

घटना स्थल के पास ट्रेन की पटरी से पुलिस को एक बैग भी मिला है। इस बैग में पेट्रोल से भरी हुई एक बोतल और दो मोबाइल मिले हैं। फोरेंसिक टीम इन सभी सामानों की जाँच कर रही है। घटना स्थल के पास से मिले इन संदिग्ध वस्तुओं को लेकर पुलिस ने कहा है कि सभी एंगल से जाँच की है रही है। आतंकी एंगल को लेकर भी पुलिस इनकार नहीं कर रही है। ऐसे में इस घटना में आतंकी एंगल होने का अंदेशा जताया जा रहा है।

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपित का स्केच भी तैयार करवा लिया है और लोगों से अपील की गई है कि उक्त व्यक्ति कहीं देखे तो सीधे पुलिस को सूचित किया जाए। एक संदिग्ध बैग के मिलने से बाद से आतंकी एंगल से भी जाँच की जा रही है।

उमेश पाल की हत्या कर बमबाज गुड्डू मुस्लिम ने मेरठ में ली पनाह, डॉ. अखलाक ने गले लगा किया स्वागत: वीडियो वायरल, अतीक अहमद के बेटे को दिए पैसे भी

उमेश पाल हत्याकांड में उत्तर प्रदेश पुलिस ने अतीक अहमद के बहनोई अखलाख को गिरफ्तार किया है। अख़लाक़ पेशे से डॉक्टर हैं जिन पर कातिलों को अपने घर में पनाह देने और उन्हें आर्थिक मदद करने का आरोप है। आरोप यह भी है कि डॉ अख़लाक़ उमेश पाल की हत्या से पहले अतीक अहमद और अन्य शूटरों से फोन से सम्पर्क में था। गिरफ्तार हुए अखलाक़ का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वह बमबाज गुड्डू मुस्लिम का गर्मजोशी से स्वागत करता दिखाई दे रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अखलाक अपने साले साबरमती जेल में बंद अतीक अहमद और बरेली जेल में बंद अशरफ से लगातार सम्पर्क में था। आरोप यह भी है कि गुड्डू मुस्लिम को अपने घर में पनाह देने के साथ अख़लाक़ ने उसे कहीं और छिपने के लिए 50 हजार रुपए की आर्थिक मदद भी की थी। अख़लाक़ द्वारा गुड्डू मुस्लिम को पनाह और मदद अतीक अहमद के ही कहने पर दिए जाने का दावा किया जा रहा है। पुलिस के हाथ वो CCTV फुटेज भी लग गया है जिसमें गुड्डू मुस्लिम अख़लाक़ के घर में आता दिख रहा है।

दावा किया जा रहा है कि यह फुटेज 5 मार्च 2023 का है। 1 मिनट 53 सेकेण्ड के इस फुटेज में अख़लाक़ के घर की एक महिला गुड्डू मुस्लिम के लिए दरवाजा खोलती है। गुड्डू मुस्लिम के हाथों में एक काले रंग का बैग भी दिखाई दे रहा है जिसे वो जमीन में रख कर सोफे पर बैठ जाता है। कुछ ही देर बाद अख़लाक़ सफेद रंग की टोपी पहन कर आता है और वो गुड्डू मुस्लिम को गर्मजोशी से गले लगा कर स्वागत और आवभगत करता है। पुलिस अब उमेश पाल हत्याकांड में अतीक के बहनोई अख़लाक़ को साजिश रचने का आरोपित मानते हुए IPC की धारा 120- बी का मुल्जिम बना सकती है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अख़लाक़ को फ़िलहाल प्रयागराज की नैनी जेल में रखा गया है। उस पर उमेश पाल हत्याकांड को लीड करने वाले असद से भी कत्ल के बाद मिलने का आरोप है। अख़लाक़ की एक निशान कार भी कौशाम्बी जिले से बरामद हुई है। आरोप है कि वह कार से असद को लेने आया था पर पुलिस के डर से कार वहीं छोड़ कर मेरठ लौट आया। इस कार को बिना उच्च अधिकारियों को सूचित किए बिना ही थाने में जमा कर देने वाले कौशाम्बी पुलिस के 2 स्टाफ सस्पेंड कर दिए गए हैं। सस्पेंड स्टाफ के नाम संदीपन घाट के थाना प्रभारी राकेश राय और हर्रायपुर चौकी इंचार्ज कृष्ण कुमार यादव हैं।

इसी के साथ पुलिस ने अतीक अहमद के नौकर शारूप उर्फ शाहरुख को गिरफ्तार किया है। शाहरुख़ मूल रूप से कौशाम्बी जिले का रहने वाला है। एसटीएफ के अनुसार शाहरुख ने असद के कहने पर शूटर अरमान के भाई को शाइस्ता से लेकर पांच लाख रुपए दिलाए थे। शाहरुख़ अतीक के कई रिश्तेदारों के भी सम्पर्क में था और उमेश पाल की हत्या में शामिल बताया जा रहा है।

‘प्रयागराज से पाकिस्तान आए, वाट लगा दी दादा जी’: महिला पत्रकार ने पूर्वजों के फैसले पर जताया अफसोस, यूजर्स बोले- योगी जी घर वापसी करा देंगे

पाकिस्तान (Pakistan) इन दिनों कंगाली के दौर से गुजर रहा है। महँगाई ने 50 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वहाँ के लोग दो वक्त की रोटी के लिए भी तरस रहे हैं। हाल ही में रमजान के महीने में फूड डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर पर भीड़ के कारण कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई। ऐसे में अवाम की उम्मीदें अब वहाँ की हुकूमत से खत्म होती जा रही हैं। इन सबके बीच इस्लामाबाद (पाकिस्तान) में रहने वाली पत्रकार आरजू काजमी का एक ट्वीट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

आरजू काजमी (Arzoo Kazmi) ने अपने पूर्वजों के 1947 में भारत से पाकिस्तान चले जाने के फैसले पर अफसोस जताते हुए 1 अप्रैल 2023 को ट्वीट किया, “मेरे भाइयों और परिवार के अन्य सदस्यों को लगता है कि उनका पाकिस्तान में कोई भविष्य नहीं है। मेरे दादाजी और उनका परिवार बेहतर भविष्य के लिए प्रयागराज और दिल्ली से पाकिस्तान चला आया था। वाट लगा दी दादा जी।”

आरजू का ट्वीट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने उन्हें अपने परिवार के साथ भारत आने को कहा। उन्होंने कहा, “भारत में आपका स्वागत है।” मंजूर अहमद ने लिखा, “चिंता की बात नहीं है अब्बा (भारत) का दिल बहुत बड़ा है।

जगदीश नाम के यूजर ने आरजू के ट्वीट पर रिप्लाई करते हुए लिखा, “योगी जी घर वापसी कर सकते हैं।”

अभिषेक ने लिखा कि आपके दादा जी भावनाओं में बह गए। आज प्रयागराज में इतिहास बनते देख रहे होते। आपका यहाँ हमेशा स्वागत है।

नितिन नाम के यूजर ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए लिखा, “बँटवारे के दौरान मेरे दादा-दादी मुल्तान से दिल्ली आ गए थे। धन्यवाद दादा जी।”

मनोज अग्रवाल कहते हैं, “आपके पूर्वजों की गलती की सजा तो आपको भुगतनी ही पड़ेगी। अभी अगर पाकिस्तान अच्छी स्थिति में होता, तो आप भी इंडिया के खिलाफ बातें करतीं। आपसे सहानुभूति है। भगवान आपका भला करे।”

एक और यूजर ने लिखा, “शुक्र है मेरे दादाजी और नानाजी ने लाहौर और सियालकोट से निकलने का फैसला किया…नहीं तो हम हिन्दुओं की तो पाकिस्तान में वाट लग जाती।”

सूरज ने लिखा कि हो सकता है कि आज अगर आप भारत में होतीं तो बिना वजह मोदी से नफरत, हिंदुओं से नफरत और उस फ्यूचर लेस पाकिस्तान से प्यार कर होतीं।

बता दें कि आरजू काजमी एक पैनलिस्ट हैं। वह पाकिस्तान का पक्ष रखने के लिए तमाम भारतीय चैनलों पर आती रहती हैं। उनका एक यूट्यूब चैनल भी है।

गुटखा खाने के लिए छोड़ी स्टीयरिंग…बस 70 फीट गहरी खाई में गिरी: उत्तराखंड के बस हादसे में 2 की मौत, 38 घायल

उत्तराखंड में रविवार (2 अप्रैल 2023) को एक दर्दनाक बस हादसा हुआ। वहाँ उत्तराखंड परिवहन निगम के बस ड्राइवर ने गुटखा खाने के चक्कर में स्टीयरिंग छोड़ दी और पूरी बस खाई में जा रही। घटना में दो माँ (40 वर्षीय सुधा)-बेटी (15 वर्षीय महक) की मौत हो गई जबकि अन्य यात्री घायल हो गए। बस में यूपी, हरियाणा, जयपुर, दिल्ली आदि शहरों के पर्यटक सवार थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिस खाई में बस गिरी वो 70 फीट गहरी थी। घायलों में 9 को मैक्स अस्पताल में भर्ती करवाया गया और 29 का इलाज देहरादून के मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में चल रहा है। प्रारंभिक जाँच में हादसे के पीछे ड्राइवर रोबिन की गलती सामने आई है। पुलिस ने उसके खिलाफ वाहन चलाने की धाराओं में केस दर्ज किया है।

हिंदुस्तान की रिपोर्ट में, सर्कल ऑफिसर अनिल जोशी के हवाले से कहा गया कि रविवार को 11:45 बजे बस पिक्चर पैलेस से देहरादून के लिए रवाना हुई और शेरगढ़ी के पास बस लगभग 12 बजे पैराफिट तोड़कर खाई में जा गिरी। बस के गिरते ही अचानक चीख-पुकार मच गई। लोग एक के ऊपर एक पड़े हुए थे। घटना की सूचना होने पर आईटीबीपी, फायर, एसडीआरएफ और स्थानीय लोग घायलों को सड़क पर लाए गए और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

देहरादून जा रहे ज्यादातर पर्यटकों ने ड्राइवर की लापरवाही को ही घटना के पीछे वजह बताया है। लोगों का कहना है कि रोबिन बहुत खतरनाक ढंग से बस चला रहा था। हर मोड़ पर गाड़ी गलत ढंग से मोड़ रहा था। यात्री उसे सही से गाड़ी चलाने को बोल रहे थे लेकिन वो किसी की नहीं सुन रहा था।

एक पर्यटक भूपेंद्र मलिक की मानें तो जिस समय घटना घटी उस समय भी ड्राइवर बस लापरवाही से चला रहा था। उसने तेज आवाज में म्यूजिक चलाया हुआ था और गुटका खाने के लिए स्टीयरिंग छोड़ चुका था। इसी बीच गाड़ी के आगे पत्थर आ गया और हादसा हुआ। चालक पर गाड़ी छोड़ भागने का भी आरोप लगा है जबकि परिचालक का कहना है कि वो घटना के समय टिकट बना रहा था इसलिए उसे अंदाजा नहीं है कि ये कैसे हुआ।

वहीं अस्पताल में भर्ती लोगों का हाल जानने कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी दून के अस्पताल व मैक्स अस्पताल गए। उन्होंने घायलों के उचित उपचार के निर्देश डॉक्टरों को दिए। मंत्री ने बताया बस में 40 लोग सवार थे। दुर्घटना की जाँच के आदेश जारी किए गए हैं। सरकार की तरफ से तत्काल मुआवजे की राशि घायलों को दी जा रही है। जान गँवाने वालों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए दिए जाएँगे।

झारखंड के साहिबगंज में बजरंगबली की प्रतिमा खंडित की, मंदिर में लगे झंडे को फेंका: विसर्जन जुलूस पर भी हुआ था पथराव

झारखंड के साहिबगंज में बजरंगबली की प्रतिमा खंडित किए जाने की घटना सामने आई है। विरोध में लोग सड़क पर उतर आए हैं। तनाव को देखते हुए प्रशासन ने स्कूलों को बंद करा दिया है। विरोध प्रदर्शन कर रहे हिन्दू संगठनों पर लाठीचार्ज की भी सूचना है। मामले में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस जाँच कर रही है। घटना सोमवार (3 अप्रैल 2023) की है। इससे पहले साहिबगंज में विसर्जन जुलूस पर भी पथराव हुआ था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला साहिबगंज के पुराने सदर अस्पताल के पास पटेल चौक का है। यहाँ सोमवार की सुबह बरगद के पेड़ के नीचे स्थापित बजरंगबली की प्रतिमा को किसी अज्ञात व्यक्ति ने तोड़ दिया। लोगों को जब इसकी जानकारी हुई तो इलाके में तनाव फ़ैल गया। बजरंगबली की प्रतिमा के सिर को खासतौर पर क्षतिग्रस्त किया गया है। मंदिर में लगी पताका को भी फेंक दिया गया। मामले की जानकारी श्रद्धालुओं के साथ हिन्दू संगठन के लोगों को हुई तो मंदिर के आसपास भीड़ जमा हो गई।

हालात को देखते हुए घटनास्थल पर भारी पुलिस फ़ोर्स तैनात कर दिया गया है। धरना दे रहे बजरंग दल कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज की भी खबर है। इस लाठीचार्ज का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस लाठीचार्ज के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। दावा किया जा रहा है कि मूर्ति को क्षतिग्रस्त करते कुछ लोगों के CCTV फुटेज भी पुलिस को मिले हैं। बजरंग दल कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई करने से बच रही है।

वहीं साहिबगंज जिला प्रशासन का कहना है कि आरोपितों की पहचान कर ली गई है। उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने लोगों से सौहार्द बनाए रखने की अपील की है।

गौरतलब है कि इससे पहले साहिबगंज में शनिवार (1 अप्रैल 2023) को विसर्जन जुलूस पर पथराव की घटना हुई थी। जुलूस में शामिल लोगों के अलावा कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे। उपद्रव के दौरान एक बाइक में भी आग लगा दी गई थी।

हिंदू होने के कारण किया बदनाम, चुनावों से डिस्क्वालिफाई करवाया: लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में भारतीय छात्र नस्लीय भेदभाव का शिकार, ट्विटर पर साझा किया दर्द

ऑक्सफॉर्ड में हिंदूफोबिया का शिकार हुई रश्मि सामंत के बाद अब लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में करण कटारिया के साथ नस्लीय भेदभाव की घटना सामने आई है। करण कटारिया ने अपनी आपबीती सोशल मीडिया पर शेयर की। उन्होंने बताया कि कैसे उनके साथ स्टूडेंट यूनियन इलेक्शन के दौरान भेदभाव हुआ और उन्हें टारगेट करके चुनाव से डिसक्वालिफाई करवा दिया गया। उन्होंने कहा कि वो हिंदूफोबिया के विक्टिम नहीं बनने वाले। उन्होंने माँग उठाई कि यूनिवर्सिटी अपने फैसलों में पारदर्शिता रखे।

करण ने बताया कि वो हरियाणा के एक ऐसे परिवार से आते हैं जहाँ स्नातक स्तर तक पहुँचने वाले वो पहले शख्स हैं। वह बताते हैं कि उन्होंने जब लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में पोस्टग्रेजुएशन की पढ़ाई शुरू की तो छात्रों की भलाई की दिशा में काम करने के सपने देखे। हालाँकि ये सपने तब चकनाचूर हुए जब LSE में उनके भारतीय और हिंदू होने के कारण कैंपेन शुरू किया गया।

उन्होंने बताया कि LSE के लॉ स्कूल में उन्हें अपने समूह का प्रतिनिधि बनने का मौका मिला। इसके अलावा वो नेशनल स्टूडेंट फॉर यूनियन में भी डेलीगेट की तौर पर चुने गए। इन्हीं पदों पर छात्रों के लिए किए गए कार्यों को देख करण के चाहने वालों ने उन्हें जनरल सेक्रेट्री का चुनाव लड़ने को कहा।

करण कहते हैं, “दुर्भाग्य से कुछ लोग भारतीय-हिंदू को LSESU का नेतृत्व करता देखने के लिए तैयार नहीं हुए और उन्होंने मेरे चरित्र और मुझे बदनाम करना शुरू कर दिया। साफ दिख रहा था कि वो हमारी उस संस्कृति के खिलाफ हैं जिसके जहन में रखकर हमारा पालन हुआ।”

कटारिया कहते हैं कि छात्रों का समर्थन पाने के बावजूद उन्हें LSE स्टूडेंट यूनियन के जनरल सेक्रेट्री चुनाव से डिसक्वालिफाई कर दिया गया। वह बताते हैं, “मुझपर होमोफोबिक, इस्लामोफोबिक, क्विरफोबिक (Queerphobic) होने का इल्जाम लगा और मुझे हिंदू राष्ट्रवादी कहा गया। मेरे खिलाफ कई शिकायतें हुईं। कई झूठे आरोप लगने के बाद मेरी छवि और मेरे चरित्र पर कीचड़ उछाला गया जबकि मैंने तो हमेशा समाज में सकारात्मक बदलाव और सामाजिक सद्भाव रखने की पैरवी की है।ठ

करण कहते हैं LSESU ने उनके खिलाफ नफरती अभियान चलाने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की, उलटा उनका फॉर्म कैंसिल कर दिया। ये निर्णय न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन हैं। यूनिवर्सिटी ने उनका पक्ष सुने बिना ही और उनके वोट बताए बिना ही उन्हें डिस्क्वालिफाई कर दिया।

इतना ही नहीं, चुनाव के आखिरी दिन, भारतीय छात्रों को उनकी भारतीय और हिंदू पहचान के लिए निशाना बनाकर परेशान किया गया था। छात्रों ने यह मुद्दा उठाया लेकिन LSESU ने इसे खारिज कर दिया। करण कहते हैं कि LSESU का आरोपितों के खिलाफ ऐसा शांति रवैया स्टूडेंट यूनियन के हिंदूफोबिक होने का स्पष्टीकरण देता है।

उन्होंने कहा, “सामाजिक विज्ञान का छात्र होने के नाते मैं लोकतांत्रिक मूल्यों की कदर करता हूँ और हर निजी राय और विचारधारा का आदर करता हूँ। हालाँकि LSESU के एक्शन दिखाते हैं कि वो कैसे सामाजिक सद्भाव, विभिन्नता और भारतीय-हिंदू छात्रों को खुद से जोड़ने की दिशा में भेदभाव करते हैं। मैं यूनिवर्सिटी के शीर्ष से मुझे सपोर्ट देने के लिए कहता हूँ, हर छात्र के लिए न्याय चाहता हूँ और ये चाहता हूँ कि कैंपस में हर आवाज सुनी जाए। ” 

उल्लेखनीय है कि कुछ समय पहले ऐसा ही नस्लीय भेदभाव ऑक्सफॉर्ड की रश्मि सामंत के साथ भी हुआ था। उस समय उन्हें स्टूडेंट यूनियन के चुनाव जीतने के कुछ समय बाद वामपंथियों ने निशाना बनाया। रश्मि इस ताजा घटना पर लिखती हैं, “जब हिंदू धर्म में पैदा और उससे जुड़े बैकग्राउंड होने के कारण  मुझपर हमला हुआ, मेरा शोषण किया गया, मुझे बुली किया गया..मैंने सोचा था कि काश ये सब किसी और केस साथ न हो। मगर करण की कहानी और अनुभव फिर दिल दुखाने वाला है।”

सासाराम में ‘बमबाजी’ की खबर पर बोली बिहार पुलिस- घर की दीवार पर फोड़ा पटाखा, बम विस्फोट का ‘अफवाह’ फैल गया

बिहार के नालंदा और सासाराम में हालात सामान्य और शांतिपूर्ण होने का दावा बिहार पुलिस कर रही है। इंटरनेट और स्कूल-काॅलेज बंद हैं। भारी संख्या में पुलिस की तैनाती है। रविवार (2 अप्रैल 2022) को डीजीपी आरएस भट्टी भी नालंदा पहुँचे और हालात का जायजा लिया। इस बीच सोमवार की सुबह फिर से सासाराम में बमबाजी की खबर सामने आई है। पुलिस ने इसे ‘पटाखों जैसी आवाज’ करार दिया है। इस घटना के बाद से हालात ‘सामान्य और शांतिपूर्ण’ होने के बिहार पुलिस के दावों पर सवाल उठ रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बमबाजी की घटना सासाराम के मोची टोला स्थित छेदीलाल गली में हुई है। देसी बम एक मकान के ऊपरी हिस्से में फेंका गया। अभी तक बमबाज की पहचान नहीं हुई है। मौके पर पुलिस फ़ोर्स पहुँच कर जाँच में जुटी है। सफेद रंग के इस मकान में ब्लास्ट से काले रंग का निशान बन गया है। मौके पर रैपिड एक्शन फ़ोर्स के जवानों की तैनाती की गई है। मोची टोला साम्प्रदायिक तौर पर संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है।

हालाँकि स्थानीय थाना प्रभारी संतोष कुमार ने इसे ‘पटाखों जैसी आवाज’ बताया है। उनके हवाले से न्यूज एजेंसी ANI ने कहा है, “हमें लोगों द्वारा बताया गया कि किसी चीज की आवाज आई है। घटनास्थल पर पहुँचने पर पता चला कि वहाँ पटाखा जैसी कुछ आवाज आई थी। इसके अतिरिक्त कुछ विशेष बात नहीं है।”

बिहार पुलिस ने ट्वीट कर कहा है कि सुबह के करीब 5 बजे सासाराम नगर थाना से करीब 3 किमी दूर मोची टोला में मन्नौवर राईन के घर की बाहरी दीवार पर किसी अज्ञात ने पटाखा फोड़ा दिया। इससे वहाँ मौजूद लोगों में बम विस्फोट की अफवाह फैल गई। पुलिस ने कहा है, “सूचना पर जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य पदाधिकारी ने मौके पर पहुँचकर मामले की छानबीन की। घटनास्थल से सटे बस्ती मोड़ पर स्टैटिक बल एवं पदाधिकारी तैनात हैं। विधि-व्यवस्था की स्थिति सामान्य है। पटाखा फोड़ने वाले शरारती तत्व की पहचान करने की दिशा में अग्रतर कारवाई की जा रही है। घर की बाहरी दीवार पर पटाखा का काला निशान मौजूद है। घटनास्थल से सूतली इत्यादि जब्त किया गया है, जिसकी जाँच कराई जाएगी।”

इससे पहले शनिवार को भी सासाराम से ब्लास्ट की खबर आई थी। पुलिस ने बताया था कि एक मकान के अहाते में बम बनाते समय धमाका हुआ था। इस घटना में 6 लोग घायल हुए थे। पुलिस ने 2 लोगों की गिरफ्तार करने की जानकारी दी थी।

वहीं बिहार के दूसरे हिंसाग्रस्त जिले नालंदा में इंटरनेट और स्कूलों को 4 अप्रैल 2023 तक के लिए बंद कर दिया गया है। बिहार प्रशासन ने अब तक नालंदा में 77 लोगों को गिरफ्तार करने की बात कही है। पूरे बिहार में रामनवमी हिंसा को लेकर अभी तक 109 गिरफ्तारियाँ हुईं हैं। रोहतास जिले में मदरसों को भी 4 अप्रैल तक के लिए बंद रखने के आदेश दिए गए हैं।

अंबानी का इवेंट, मंच पर विलायती माॅडल को बाँहों में उठा गाल पर ले ली पप्पी: वरुण धवन की हरकत पर नेटीजन्स लाल, गिगी हदीद बोलीं- बॉलीवुड ड्रीम पूरा

मुकेश अंबानी व नीता अंबानी द्वारा मुंबई में शुरू किया गया NMACC (Nita Mukesh Ambani Cultural Centre) इन दिनों काफी चर्चा में है। बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक के सितारों ने सेंटर के लॉन्च इवेंट में शिरकत की थी। वहीं मंच पर न जाने कितने लोगों ने डांस पर्फॉर्मेंस दी थी। इन्हीं पर्फॉर्मेंस के बीच एक पर्फॉर्मेंस हुई वरुण धवन की जो अब सोशल मीडिया पर खासा चर्चा में हैं। 

दरअसल, इस कार्यक्रम के दौरान जब वरुण धवन मंच पर थे तो वो हॉलीवुड की सुपरमॉडल गिगी हदीद को उठाकर मंच पर ले गए और उसके बाद एक स्टेप डांस उन्हें गोद में उठाकर किया। हदीद को मंच से अलविदा कहने के दौरान उन्होंने उन्हें चूमा भी।

इसी घटना की क्लिप वायरल होने के बाद लोग उनसे नाराज हैं। उन्हें सोशल मीडिया पर तरह-तरह की बातें कही जा रही हैं। कोई उन्हें ‘अश्लीलता’ करने वाला कह रहा है तो कोई उन्हें तमीज में रहने की बातें कह रहा है।

एक यूजर ने तो लिखा, “वरुण धवन जैसे लोगों के कारण हॉलीवुड स्टार भारत आने से बचते हैं। ये लोग शादीशुदा हैं फिर भी ऐसा करते हैं। पक्की बात है कि इस शख्स को कोई गंभीर समस्या है।”

ऐसे ही एक यूजर ने लिखा कि ये साफ दिख रहा है कि कैसे गिगी हदीद वरुण की हरकत से असहज हो गई थी। ये वाकई शर्मिंदा करने वाला है।

बता दें कि वरुण धवन को यूजर्स द्वारा कोसे जाने के बीच बीच दिलचस्प चीज यह हुई है कि हदीद ने खुद इस घटना पर वरुण धवन के लिए मैसेज लिखा। लोग जहाँ बोल रहे हैं कि वरुण ने ऐसा करके अश्लील हरकत की। वहीं हदीद ने उन्हें इस पल के लिए धन्यवाद कहा है।

अपनी दोनों की तस्वीर साझा करते हुए वरुण के लिए हदीद ने लिखा, “वरुण धवन ने मेरा बॉलीवुड का सपना सच कर दिया।” वहीं वरुण धवन ने भी इस हरकत को पहले से सुनियोजित बताया है।

उन्होंने सोशल मीडिया पर आ रही प्रतिक्रिया पर एक यूजर के लिए लिखा, “मुझे लगता है तुम उठी होगी और तुमने वोक होने का निर्णय लिया होगा, तो मैं तुम्हारा भ्रम मिटा दूँ और बता दूँ कि ये सब सुनियोजित था। इसलिए ट्विटर पर कुछ और वजह देखो।”