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अमृतपाल के चाचा-ड्राइवर ने किया पंजाब पुलिस के आगे सरेंडर, गाड़ी से मिली बंदूक-तलवार: आत्मघाती दस्ते का खुलासा, 112 गिरफ्तार

खालिस्तान समर्थक भगोड़े अमृतपाल और उसके साथियों की लगातार तलाश में जुटी पंजाब पुलिस को तीसरे दिन बड़ी सफलता मिली है। पुलिस के दबाव के चलते भगोड़े अमृतपाल के चाचा और ड्राइवर ने सरेंडर कर दिया है। अमृतपाल द्वारा आत्मघाती दस्ता बनाए जाने की साजिश का भी खुलासा हुआ है। पंजाब पुलिस ने रविवार (19 मार्च 2023) तक ‘वारिस दे पंजाब’ संगठन के अब तक 112 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। सभी संवेदनशील स्थानों पर पुलिस और पैरामिलिट्री गश्त कर रही है। समाज के सभी वर्गों से अफवाहों को न उड़ाने और न ही उस पर ध्यान देने की अपील की गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पूरे प्रदेश में चल रही पंजाब पुलिस की छापेमारी के तीसरे दिन अमृतपाल के ड्राइवर हरप्रीत और चाचा हरजीत ने आत्मसमर्पण कर दिया। दोनों को मेहतपुर पुलिस द्वारा कस्टडी में ले लिया गया है। 19 मार्च को अमृतपाल के वारिस दे पंजाब संगठन से जुड़े 34 और लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अब तक कुल गिरफ्तार आरोपितों की संख्या 112 हो चुकी है। पुलिस ने मेहतपुर के गाँव सलीना से वो कार भी बरामद करने का दावा किया है जिससे अमृतपाल भागा था।

इस गाड़ी में एक राइफल, 57 जिन्दा कारतूस, 1 तलवार और 1 वॉकी टॉकी बरामद हुई है। गाडी SBS नगर के मनप्रीत के नाम थी। मनप्रीत को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक संवेदनशील क्षेत्रों में इंटरनेट पर प्रतिबंध सोमवार (20 मार्च 2023) तक बढ़ा दिया गया है। पुलिस और पैरामिलिट्री ने फ्लैग मार्च किया है। पंजाब पुलिस ने आम लोगों के साथ मीडियाकर्मियों से भी किसी भी प्रकार की गलत न्यूज़ न चलाने की अपील की है। तमाम जिलों में पीस कमेटी की मीटिंग भी बुलाई गई है।

बना रहा था आत्मघाती दस्ता

एक अन्य रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमृतपाल ने हथियारों को नशा मुक्ति केंद्र और गुरूद्वारे में छिपाया था। नशा मुक्ति केंद्रों में भर्ती युवाओं को हथियार उठाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। ये हथियार पंजाब के युवाओं को न सिर्फ हमले की ट्रेनिंग दे रहे थे बल्कि इसी की आड़ में आत्मघाती दस्ता भी तैयार किया जा रहा था। अपने द्वारा ट्रेनिंग दिए जाने वाले युवाओं को अमृतपाल ‘खड्कू’ (Khadkoo)) नाम देता था। अमृतपाल अपने द्वारा ब्रेनवाश किए जा रहे युवाओं को पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के कातिल सरदार दिलावर सिंह जैसा बंनने के लिए उकसाया करता था।

लंदन में खालिस्तानियों ने तिरंगे का किया अपमान, उच्चायोग की इमारत से उतारा राष्ट्रीय ध्वज: भारत ने ब्रिटिश राजदूत को तलब किया

भारत में अमृतपाल सिंह को पकड़ने के लिए चल रही कार्रवाई के विरोध में ब्रिटेन के लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग कार्यालय के बाहर खालिस्तानियों का प्रदर्शन देखने को मिला। इस प्रदर्शन के दौरान सरेआम हाथ में खालिस्तानी झंडे और अमृतपाल की फोटो लेकर तिरंगे का अपमान किया गया।

सोशल मीडिया पर सामने आई वीडियो में साफ देख सकते हैं कि कैसे एक सिख युवक उच्चयोग की दीवार पर चढ़ता है और उसके बाद ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ के नारों के बीच तिरंगे को झुका दिया जाता है। जब कोई अधिकारी कार्यालय के गेट से बाहर आता है और उनसे तिरंगा छीनकर उसे वापस लगाने की कोशिश करता है तब भी भारतीय ध्वज का अपमान करने वाला शख्स किनारे खड़े होकर खालिस्तान का झंडा लहराता दिखता है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कथिततौर पर पुलिस इन लोगों को आगे आकर रोकने का प्रयास करती है मगर खालिस्तानी भारतीय सरकार के लिए ‘शर्म करो, शर्म करो’ वाली नारेबाजी करते रहते हैं।

इन वीडियोज के सामने आने के बाद भारत सरकार ने इसमें अपनी नाराजगी जताई है। भारत सरकार ने रविवार (20 मार्च 2023) रात भारत में ब्रिटिश राजदूत को भी तलब किया और भारतीय मिशन में सुरक्षा कर्मियों की अनुपस्थिति पर स्पष्टीकरण भी माँगा।

विदेश मंत्रालय ने घटना पर ब्रिटिश उप उच्चायुक्त क्रिस्टीना स्कॉट को समन भेजकर उन्हें वियना कन्वेंशन के तहत यूके सरकार के बुनियादी दायित्वों की भी याद दिलाई। भारत सरकार ने कहा, ब्रिटेन में भारतीय राजनिकय परिसरों और कर्मियों की सुरक्षा के प्रति यूके सरकार की उदासीनता अस्वीकार्य है। यह उम्मीद की जाती है कि यूके सरकार घटना में शामिल हर व्यक्ति की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करेगी और ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए कदम उठाएगी।

वहीं ब्रिटिश उच्चायुक्त एलेक्स एलिस ने ट्वीट कर इस घटना की निंदा की। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, “मैं लंदन में भारतीय हाई कमीशन में किए गए शर्मनाक कृत्य पर निंदा व्यक्त करता हूँ, यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है।”

फाँसी के फंदे से लटकती मिली अक्षय कुमार (DJ Azex) की लाश, 1 सप्ताह पहले ही मनाया था जन्मदिन: परिवार ने कहा – गर्लफ्रेंड और उसकी सहेली कर रही थी ब्लैकमेल

ओडिशा के सबसे प्रसिद्ध DJ में से एक Azex उर्फ अक्षय कुमार की संदिग्ध हालातों में मौत हो गई है। शनिवार (18 मार्च, 2023) की शाम उनका शव उनके ही भुवनेश्वर स्थित घर पर मिला है। मामले को संदिग्ध मानते हुए पुलिस ने जाँच शुरू कर दी है। मृतक के परिजनों ने अक्षय की प्रेमिका पर हत्या का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अक्षय की गर्लफ्रेंड पिछले कई दिनों से कुछ आपत्तिजनक फोटो और वीडियो से मृतक को ब्लैकमेल कर रही थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अक्षय के परिवार वालों ने घटना की पूरी जानकारी एक लोकल चैनल पर साझा की है। उन्होंने बताया कि तेज आँधी के चलते शनिवार को भुवनेश्वर में कुछ समय के लिए बिजली कट गई थी। तब अक्षय घर के अपने कमरे में थे। घर में काफी अँधेरा था। रात में करीब 10 बजे अक्षय के घर वालों ने उन्हें कई बार पुकारा लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अनहोनी की आशंका से परिजनों ने अक्षय के कमरे का दरवाजा तोड़ा। कमरे में अक्षय की लाश फाँसी के फंदे से लटक रही थी।

अक्षय के चाचा भोलानाथ ने बताया कि मृतक एक लड़की के साथ रिलेशनशिप में था। उन्होंने आरोप लगाया कि अक्षय की वही गर्लफ्रेंड अपनी सहेली के साथ मिल कर काफी समय से अक्षय को ब्लैकमेल कर रही थी। लड़की के पास कुछ आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बताए जा रहे हैं जिस से अक्षय काफी परेशान रहा करता था। भोलेनाथ ने लड़की और उसकी सहेली को अक्षय की मौत का जिम्मेदार बताया है। आरोपों के मुताबिक अक्षय की गर्लफ्रेंड यह ब्लैकमेलिंग पैसों की उगाही के लिए कर रही थी। अक्षय की मौत के बाद अब उनका परिवार इस पूरे ममम्ले की गहराई से जाँच चाहता है।

मौत के बाद अक्षय की लाश राजधानी भुवनेश्वर के कैपिटल हॉस्पिटल भेजी गई। यहाँ अक्षय का पोस्टमार्टम हुआ जिसकी रिपोर्ट फ़िलहाल नहीं आई है। अक्षय के परिजनों की शिकायत पर उड़ीसा पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है। भुवनेश्वर शहर के थाना खारवेल नगर की पुलिस ने उनकी मौत की जाँच शुरू कर दी है। अक्षय ने कुछ ही दिनों पहले 10 मार्च को अपना जन्मदिन मनाते हुए सोशल मीडिया पर फोटो शेयर किया था। इसी के साथ 8 मार्च को उन्होंने धूमधाम से होली भी खेली थी। इन दोनों कार्यक्रमों में अक्षय काफी खुश नजर आ रहे थे।

मैटर क्लोज करवाना है तो फेस टू फेस बात करा दियो, नहीं तो… सलमान खान को धमकी भरा ईमेल: सुरक्षा बढ़ाई गई, लॉरेन्स बिश्नोई-गोल्डी बराड़ के खिलाफ FIR

फिल्म अभिनेता सलमान खान को ईमेल के माध्यम से धमकी मिली है, जिसके बाद मुंबई पुलिस ने उनकी सुरक्षा बढ़ा दी है। साथ ही गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ और रोहित बराड़ के विरुद्ध नई FIR भी दर्ज की गई है। बांद्रा पुलिस थाने में इन तीनों के खिलाफ IPC (भारतीय दंड संहिता) की धारा 506 (2) (आपराधिक धमकी), 120 (B) (आपराधिक षड्यंत्र) और 34 (समान इरादे से संयुक्त अपराध) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

इस धमकी भरे ईमेल में जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई द्वारा हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान दी गई धमकी का भी जिक्र किया गया है, जिसमें उसने सलमान खान की हत्या को अपनी ज़िन्दगी का एकमात्र मकसद बताया है। धमकी भरा नया ईमेल शनिवार (19 मार्च, 2023) को दोपहर में आया। किसी ‘मोहित गर्ग’ के नाम से ये ईमेल भेजा गया है। इसमें लिखा है, “गोल्डी भाई को बात करनी है तेरे बॉस सलमान खान से।”

साथ ही इसमें आगे लिखा है, “इंटरव्यू देख ही लिया होगा उसने। अगर नहीं देखा होगा तो बोल देना कि देख लेगा। मैटर अगर क्लोज करवाना है तो बात करवा दियो। ये भी बता दियो कि फेस टू फेस बात करनी है। अभी समय रहते इन्फॉर्म कर दिया है, इसके बाद झटका ही देखने को मिलेगा।” लॉरेंस बिश्नोई की माँग है कि काला हिरण मारने के मामले में सलमान खान माफ़ी माँगें। उसने सलमान खान के घमंड को रावण से भी बड़ा बताते हुए सिद्धू मूसेवाला की हत्या की याद दिलाई थी।

बिश्नोई का आरोप है कि काला हिरण को मार कर सलमान खान ने उसके पूरे समाज का अपमान किया है, ऐसे में बीकानेर स्थित समाज के मंदिर में जाकर उन्हें माफ़ी माँगनी चाहिए। सलमान खान के दोस्त और मैनेजर प्रशांत गुँजलकार ने ताज़ा मामले में FIR दर्ज कराई है। सलमान खान फ़िलहाल ‘किसी का भाई, किसी की जान’ फिल्म के प्रोमोशंस में व्यस्त हैं, जो 21 अप्रैल, 2023 को रिलीज होने वाली है। फिल्म में उनका लंबे बालों वाला लुक देखने को मिल रहा है।

अगर हमें रोका तो… किसान नेताओं का दिल्ली पुलिस को अल्टीमेटम, रामलीला मैदान में महापंचायत: लोकसभा चुनाव से पहले ‘आंदोलन 2.0’ की तैयारी

आपको ‘किसान आंदोलन’ याद होगा, जब दिल्ली की सीमाओं को 1 साल तक बंधक बना कर रखा गया था। इस तथाकथित आंदोलन में वामंथियों के अलावा कई मोदी विरोधी तत्व शामिल थे। राकेश टिकैत ने जातिवाद कर के इसे हवा दी। खालिस्तानियों ने इसके माध्यम से अशांति की साजिश रची। अब किसान नेताओं ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) को लेकर किए गए वादों को पूरा नहीं किया है।

साथ ही दिल्ली के रामलीला मैदान में किसान नेताओं ने सोमवार (20 मार्च, 2023) को महापंचायत की घोषणा की है। साथ ही दिल्ली पुलिस को अल्टीमेटम भी दिया है कि उन्हें न रोका जाए। 2024 में लोकसभा चुनाव होने हैं, उससे पहले केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की तैयारी है। लखीमपुर खीरी हिंसा को भी उठाया जाएगा। साथ ही ‘किसान आंदोलन’ में किसानों की मौत का दावा करते हुए उन्हें ‘शहीद’ का दर्जा देने की माँग भी एजेंडे में है।

किसान नेताओं ने कहा है कि अगर दिल्ली पुलिस ने किसी को रोका तो बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है। दिल्ली में होने वाली महापंचायत में देश भर के 1 लाख किसान पहुँचेंगे। इनका कहना है कि उनके लाख कहने के बावजूद केंद्र सरकार ने लिखित में कुछ नहीं दिया। बता दें कि नवंबर 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों कृषि कानूनों को रद्द किए जाने की घोषणा करते हुए ‘किसान आंदोलन’ को खत्म करने की अपील की थी।

ये किसान महापंचायत ‘संयुक्त किसान मोर्चा’ के बैनर तले आयोजित किया जा रहा है। किसान नेता दर्शन पाल ने दावा किया है कि कर्जा मुक्ति और MSP लोकसभा चुनाव से पहले सभी राजनीतिक दलों के सामने सबसे बड़ा मुद्दा होगा। ये भी अंदेशा जताया जा रहा है कि इस दौरान ‘किसान आंदोलन 2.0’ की भी घोषणा की जा सकती है। 36 किसान संगठन रामलीला मैदान में पहुँच रहे हैं। किसानों और खेतिहर मजदूरों के लिए 5000 रुपए प्रति महीने दिए जाने की भी माँग की गई है।

आम लोगों को ढाल बना कर ऐसे भागा अमृतपाल सिंह: ISI की मदद से बनाने वाला था ‘आनंदपुर खालसा फ़ोर्स’, पंजाब पुलिस बोली – जल्द कर लेंगे गिरफ्तार

पंजाब पुलिस द्वारा भगोड़ा घोषित किए गए खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल सिंह मामले में नया खुलासा हुआ है। पुलिस का कहना है कि छापेमारी के दौरान वो आम लोगों को ढाल बना कर भागा था। जाँच के दौरान उसके द्वारा पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी ISI की मदद से आनंदपुर खालसा फ़ोर्स (AKF) नाम के नए समूह बनाने की भी जानकारी सामने आई है। इस गैंग से वह प्रदेश में खालिस्तानी गतिविधियों को बढ़ाना चाह रहा था। अमृतपाल फिलहाल फरार चल रहा है जिसे पुलिस ने जल्द गिरफ्त में आने की उम्मीद जताई है।

अमृतपाल के फरार होने के घटनाक्रम की जानकारी जालंधर के DIG स्वप्न शर्मा ने NDTV से साझा की। IPS शर्मा ने बताया कि पुलिस अमृतपाल के खिलाफ चलाए गए अभियान को सफल मानती है क्योकि इस से उसके काफिले का पता चला है। DIG के मुताबिक पुलिस द्वारा 15-16 किलोमीटर तक पीछा किए जाने के बाद भागता अमृतपाल आबादी के अंदर घुस गया था। यहाँ अमृतपाल ने आम लोगों को ढाल बनाया और भागने में सफल रहा। बकौल स्वप्न शर्मा, पुलिस अपने एक्शन के दौरान आम जनमानस की भी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखती है।

जानकारी के मुताबिक, DIG स्वप्न शर्मा ही अमृतपाल के खिलाफ पूरे अभियान को लीड कर रहे हैं। उन्होंने आगे बताया कि पुलिस की तमाम टीमों ने कई इलाकों की घेराबंदी कर रखी है और जल्द ही अमृतपाल को गिरफ्तार करने में सफलता मिलेगी। पुलिस ने अमृतपाल के काफिले में मौजूद 3 गाड़ियों को भी जब्त कर लिया है। अब तक कुल 78 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है जो अमृतपाल के ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन से जुड़ा हुआ है। इसके साथ पुलिस ने हथियार भी जब्त किए हैं।

वहीं एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक अमृतपाल पंजाब में वारिस दे पंजाब के अलावा एक और संगठन बना रहा था। इस संगठन का नाम आनंदपुर खालसा फ़ोर्स (AKF) है। यह गैंग भी पंजाब में खालिस्तानी गतिविधियों को चलाने के लिए बनाया जा रहा था। पुलिस ने खालिस्तान समर्थक अमृतपाल के पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी (ISI) से भी कनेक्शन का दावा किया है। पुलिस का कहना है कि अमृतपाल खुद को सिख धर्म का हिमायती बता कर अन्य युवाओं को भी भड़काता है।

13 साल के बच्चे का गला दबाया, चाकू से गर्दन काट डाला, फिर पेट्रोल छिड़क जला दिया: बिहार में शिक्षक के अपहृत बेटे का शव मिला

बिहार के पटना से गुरुवार (16 मार्च, 2023) को अपहृत नाबालिग लड़के का अब शव मिला है। 13 साल के मृतक का नाम तुषार है जो बिहटा के एक अध्यापक का बेटा था। तुषार के अपहरणकर्ताओं ने फिरौती के तौर पर 40 लाख रुपए की माँग की थी। पुलिस का दावा है कि अपहरण के महज डेढ़ घंटे बाद ही तुषार को मार डाला गया था। लाश जली हालत में मिली है। इस अपहरण और हत्या का आरोप तुषार के परिवार के एक परिचित मुकेश कुमार पर है, जिसे 4 अन्य सहयोगियों सहित गिरफ्तार कर लिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला पटना के बिहटा इलाके का है। यहाँ पर अध्यापक राज किशोर पंडित अपने परिवार के साथ रहते हैं। परिवार में 6 बेटियाँ और इकलौता 13 साल का बेटा तुषार भी था। तुषार क्लास 6 में पढ़ता था। गुरुवार (16 मार्च) तुषार कोचिंग से लौटने के बाद खेलने निकला। जब वह काफी देर तक घर नहीं लौटा, तब परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन के बाद भी तुषार का कुछ पता नहीं चला। थोड़ी देर बाद तुषार के परिजनों को एक धमकी भरा संदेश आया।

एक रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि पुलिस ने पहले इस केस को तुषार द्वारा खुद से खुद के अपहरण की साजिश के तौर पर देखा। हालाँकि, बाद में धमकी भरे संदेशों के लगातार आते रहने की वजह से पुलिस ने मामले में गंभीरता से जाँच शुरू की। सर्विलांस के आधार पर पुलिस मुकेश नाम के आरोपित तक पहुँच गई। मुकेश तुषार के परिवार से पहले से परिचित था। वह एक स्कूल भी चलाता था। तुषार ने कभी 2 साल तक मुकेश के स्कूल में पढ़ाई भी की थी।

पुलिस का कहना है कि मुकेश पर 20 लाख रुपए कर्ज था। यह कर्ज स्कूल बंद हो जाने के चलते चढ़ा था। इसे चुकाने के लिए उसने तुषार का अपहरण कर के फिरौती की माँग की थी।

पुलिस ने बताया कि मुकेश ने अपनी साजिश को अंजाम देने में 4 अन्य साथियों को भी शामिल किया। इन सभी ने पहले तुषार का अपहरण किया और महज डेढ़ घंटे में ही उसकी हत्या कर दी। मुकेश को तुषार पहले से जानता था, इसलिए आरोपित को अपना भेद खुलने का डर था। हत्या पहले गला दबा कर और बाद में गर्दन को चाकू से काट कर की गई। आरोपितों ने पेट्रोल का इंतज़ाम पहले से कर रखा था। हत्या के बाद तुषार की लाश को बिहटा थाना क्षेत्र के ही खेदलपुरा गांव के जंगल में जला दिया गया।

हालाँकि, शव पूरी तरह नहीं जल पाया और पुलिस ने अधजला शव ही बरामद किया। यहाँ से मिले सबूत मुकेश और उसके साथियों की गिरफ्तारी में कारगर साबित हुए।

जिस पाकिस्तान के PM रहे इमरान खान, अब उसी के लिए वो ‘आतंकवादी’: कई कार्यकर्ताओं पर भी दर्ज हुआ मुकदमा, पार्टी का भविष्य भी अधर में लटका

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। अब उनके खिलाफ आतंकवाद का मुकदमा दर्ज हुआ है। इस्लामाबाद पुलिस ने इमरान खान के साथ ही उनकी पार्टी PTI के एक दर्जन से अधिक कार्यकर्ताओं पर FIR दर्ज की है। यह कार्रवाई पुलिसकर्मियों पर हमला करने तथा पुलिस चौकी में आगे लगाने के आरोप में की गई है।

दरअसल, तोशाखाना मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद शनिवार (18 मार्च 2023) इमरान खान अपनी पार्टी PTI के सैकड़ों समर्थकों के साथ कोर्ट पहुँचे थे। जहाँ PTI समर्थकों ने पुलिस पर पत्थरबाजी तथा पेट्रोल बम फेंके थे। यही नहीं, PTI के लोगों ने पुलिस के वाहनों तथा पुलिस चौकी में आग लगा दी थी। इस पूरी घटना में 52 पुलिसकर्मी घायल हुए थे।

इसके बाद स्थानीय रमना पुलिस स्टेशन के एसएचओ मलिक राशिद अहमद ने इमरान खान समेत 18 लोगों के खिलाफ आतंकवाद समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। दर्ज FIR में कहा गया है कि इमरान खान ने पीटीआई के 17 अन्य नेताओं के साथ मिलकर इस्लामाबाद में लागू धारा 144 का उल्लंघन किया। यह भी दावा किया गया है कि इमरान खान की पार्टी के कार्यकर्ता पत्थरों से लैस थे।

FIR में यह भी कहा गया है कि इमरान खान के समर्थकों की भीड़ ने कोर्ट को चारों ओर से घेर लिया। फिर, कोर्ट के मेन गेट को तोड़ दिया और तब तक पत्थरबाजी की, जब तक कोर्ट में लगी खिड़कियाँ टूट नहीं गईं। PTI समर्थकों पर पुलिसकर्मियों से दंगा विरोधी किट छीनने तथा पुलिस अधिकारियों पर पत्थरबाजी करने और उन्हें लाठी-डंडे से पीटने का भी आरोप है।

क्या है तोशाखाना मामला, जिसके चलते मुश्किल में फँसे हैं इमरान खान

दरअसल, तोशाखाना पाकिस्तान सरकार का एक विभाग है। इस विभाग में अन्य देशों के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति तथा अन्य अधिकारियों द्वारा दिए गए गिफ्ट रखे जाते हैं। नियम के अनुसार, इन गिफ्टों को तोशाखाना में रखा जाना जरूरी है। इमरान खान ने नियम का पालन करते हुए गिफ्टों को तोशाखाना में जमा कराया था। हालाँकि, बाद में उन्होंने इन गिफ्टों को सस्ते में खरीदकर महँगे दामों में बेंच दिया था। इससे इमरान खान को करीब 6 करोड़ रूपए का फायदा हुआ था।

बता दें कि इमरान खान के खिलाफ पाकिस्तान सरकार अब तक 80 से अधिक मामले दर्ज चुकी है। पाकिस्तान में इमरान खान और उनकी पार्टी के खिलाफ जिस तरह से पुलिस कार्रवाई कर रही है उसे देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि इमरान खान पर दर्ज केसों का आँकड़ा जल्द ही शतक भी पूरा कर सकता है।

मनीष कश्यप के हाथ में हथकड़ी, गमछे से चेहरा ढँका: कानून की कसौटी पर बिहार पुलिस का तरीका कितना सही?

बिहार के चर्चित यूट्यूबर मनीष कश्यप ने शनिवार (18 मार्च, 2023) को पुलिस के आगे आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस का आरोप है कि मनीष ने सोशल मीडिया के माध्यम से तमिलनाडु में बिहार के कुछ निवासियों के साथ हिंसक घटनाओं की भ्रामक खबर, फोटो और वीडियो के माध्यम से शेयर की थी। गिरफ्तारी के बाद बिहार पुलिस की कस्टडी में मनीष कश्यप की तस्वीरें वायरल हो रहीं हैं। इन तस्वीरों में मनीष कश्यप के हाथों में हथकड़ी लगी हुई है। इसी के साथ मनीष के चेहरे को भी एक गमछे से ढँका गया है। मनीष की इन तस्वीरों कई लोग सवाल खड़े कर रहे हैं।

पत्रकार सुधीर मिश्रा ने 19 मार्च, 2023 (रविवार) को अपने ट्विटर हैंडल ‘@Sudhir_Mish’ से मनीष कश्यप की इस तस्वीर को शेयर किया है। तस्वीर में मनीष को 4 लोगों ने घेर रखा है। ये चारों सादी वर्दी में बिहार पुलिस के जवान बताए जा रहे हैं। फोटो में नीली जींस और बैगनी शर्ट पहने मनीष के दोनों हाथों में हथकड़ी है। हथकड़ी लगे हाथों को मनीष ने जोड़ रखा है। इस हथकड़ी का रस्सा एक पुलिस वाले ने अपने हाथ में ले रखा है। तस्वीर किसी सड़क के सुनसान जगह की है। पीछे एक वाहन भी खड़ा दिखाई दे रहा है।

सुधीर ने फोटो के साथ कैप्शन में लिखा, “यह पत्रकार मनीष कश्यप है, कोई आतंकी नहीं। नीतीश और तेजस्वी को शर्म आती है या नहीं ? सुधीर मिश्रा के अलावा कई अन्य यूजर्स भी मनीष कश्यप की इसी तस्वीर को शेयर कर के बिहार शासन के खिलाफ अपनी नाराजगी दिखा रहे हैं। कुछ लोगों ने इसे पत्रकार को डराने की हरकत बताया तो कुछ ने तेजस्वी की योग्यता पर सवाल खड़े किए हैं।

ट्विटर पर लोग दे रहे तरह-तरह की प्रतिक्रिया

जानकारी के मुताबिक, मनीष कश्यप से सवाल-जवाब करने तमिलनाडु पुलिस भी पटना पहुँच चुकी है। इस बीच मनीष कश्यप का चेहरा ढँकने और हाथों में हथकड़ी लगाने की तस्वीरों पर कई लोग गुस्सा प्रकट कर रहे हैं। कुछ यूजर्स का कहना है कि ऐसा व्यवहार आतंकियों के साथ किया जाता है। हथकड़ी और गमछे का विरोध कर रहे उन लोगों ने शांडिल्य विजय भी शामिल हैं।

क्या है हथकड़ी पर सुप्रीम कोर्ट की नसीहत

मनीष कश्यप के हथकड़ी वाले फोटो पर कुछ यूजर्स बिहार पुलिस पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के उल्लंघन का आरोप लगा रहे हैं। @NITI_1111 ने अपने हैंडल से कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने किसी व्यक्ति को हथकड़ी लगाने को अवैधानिक कहा है। सुनील बत्रा बनाम दिल्ली प्रशासन (1978) 4 SSC 409 के केस में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि पुलिस किसी व्यक्ति को हथकड़ी नहीं लगा सकती।”

जब हमने इस दावे की पड़ताल की तो ‘लाइव लॉ’ द्वारा 15 अगस्त 2019 की रिपोर्ट सामने आई। इस रिपोर्ट में ‘दंड प्रक्रिया संहिता 1973 (Criminal Procedure Code) 1973 (CrPC)’ की धारा 46 में गिरफ्तारी के नियमों का जिक्र किया गया है। इस नियमावली में 4 प्रावधान बताए गए हैं। पहले प्रावधान में कहा गया है कि गिरफ्तारी का विरोध कर रहे व्यक्ति के लिए ही पुलिस आवश्यक बल का प्रयोग कर सकती है।

इसी रिपोर्ट में सुनील बत्रा बनाम दिल्ली प्रशासन (1978) 4 SSC 409 के केस का हवाला दिया गया है। इस केस में सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ तौर पर कहा था कि पुलिस किसी व्यक्ति को हथकड़ी नहीं लगा सकती और अगर वह ऐसा करती है तो यह पूरी तरह से अवैधानिक होगा और यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 और अनुच्छेद 22 का उल्लंघन होगा। अनुच्छेद 21 किसी भी व्यक्ति को दैहिक स्वतंत्रता का अधिकार देता है।

कुछ शर्तों के तहत लगाई जा सकती है हथकड़ी

इसी रिपोर्ट में सुप्रीम कोर्ट में चले एक अन्य मामले का हवाला दिया गया है। यह मामला बिहार से था। अंजनी कुमार सिन्हा बनाम स्टेट ऑफ बिहार 1992 केस में बताया गया था हथकड़ी लगाना पकड़े गए आरोपित के चरित्र पर निर्भर करता है। तब सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर आरोपित द्वारा कस्टडी से भागने या लोक शांति को भंग करने की आशंका तो तो वैसे हालात में उसे पुलिस द्वारा हथकड़ी लगाई जा सकती है। कुछ अन्य मामलों में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर पुलिस किसी को हथकड़ी लगाना चाहती है तो उसे तर्कसंगत वजह बताते हुए संबंधित अदालत न्यायालय से पहले अनुमति लेनी होगी।

हालाँकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मनीष कश्यप को हथकड़ी लगाने वाली बिहार पुलिस ने कोर्ट से पहले परमिशन ली थी या नहीं।

चेहरे को गमछे से क्यों ढंका

मनीष के चेहरे को गमछे से ढंकने के मुद्दे पर ऑपइंडिया ने उत्तर प्रदेश पुलिस के रिटायर्ड डिप्टी एस पी अविनाश गौतम से बात की। उन्होंने हमें बताया कि सुरक्षा कारणों और जेल में भविष्य में संभावित गवाहों द्वारा पहचान वाली प्रक्रिया को निष्पक्षता से पूरा करने के लिए पुलिस कई बार आरोपितों का चेहरा ढँक देती है। चेहरा ढँकने के पीछे पुलिस द्वारा आरोपित को बदनामी से दूर रखने का भी अक्सर तर्क दिया जाता है।

हालाँकि, बिहार पुलिस द्वारा मनीष का चेहरा किस वजह से ढँका गया था ये सवाल अभी अनुत्तरित है। बिहार पुलिस की कस्टडी से मनीष की आई अलग-अलग तस्वीरों में किसी में चेहरे को खुला दिखाया गया है तो किसी में ढँका हुआ।

अकरम बीच जंगल में बना रहा था अवैध हथियार, मुठभेड़ के बाद पुलिस ने 3 को पकड़ा: मथुरा में हथियारों का जखीरा बरामद

उत्तर प्रदेश पुलिस ने मथुरा जिले में एक अवैध हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। वहीं, इस मामले में मुठभेड़ के बाद पुलिस ने तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक अपराधी के पैर में गोली लगी है। छापे में पुलिस ने एक दर्जन पूरी तरह निर्मित और अर्धनिर्मित तमंचे तथा कारतूस बरामद किए हैं।

पुलिस ने शनिवार (18 मार्च 2023) को दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग के पास स्थित जंगल में हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) मार्तण्ड प्रकाश सिंह ने बताया कि शनिवार रात सूचना मिली थी कि जैंत थाना क्षेत्र के गाँव धौरेरा के जंगल में कुछ लोग चोरी-छिपे अवैध हथियार बनाने का काम कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि इसके बाद पुलिस ने जंगलों में तलाशी अभियान शुरू कर दी। पुलिस ने देखा कि जंगल में एक जगह आग जल रही है। पुलिस ने वहाँ के लोगों को ललकारा तो आरोपितों ने फायरिंग ने शुरू कर दी। इस दौरान पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक आरोपित के पैर में गोली लगी।

जिस शख्स के पैर में गोली लगी, उसकी पहचान गोंदा के अकरम के रूप में हुई है। अकरम को काबू करने के बाद पुलिस ने उसके साथी भोला और नीरज को काबू कर लिया। वहाँ से बरामद सामान को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया। वहीं, घायल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।