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‘होली के दिन दिल्ली में दर्ज हुए 35000 मामले’: हिन्दू त्योहार को बदनाम करने के लिए ज़ाकिर-शोहराब जैसों ने फैलाया झूठ, ‘Fact Check’ में ये निकली सच्चाई

हिंदुओं और उनके त्योहारों को अपमानित करने की साजिश होती रही है। ऐसी ही एक कोशिश सामने आई होली पर। दरअसल, सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि होली के दिन दिल्ली में 35000 से अधिक मामले दर्ज हुए हैं। इसमें 250 लोगों की हत्या की बात भी कही जा रही है। इसके अलावा यह भी कहा जा रहा है कि इसमें होली की आड़ में हुए यौन अपराधों के मामले शामिल नहीं हैं। इस दावे की सच्चाई जानने के लिए ऑपइंडिया ने फैक्ट-चेक किया है।

दरअसल, वसीम अकरम त्यागी नामक ट्विटर यूजर ने शनिवार (11 मार्च 2023) को ट्वीट कर कहा था, “दिल्ली में होली के दिन 35 हज़ार मामलें दर्ज हुए हैं। 250 लोगों की इरादतन, गैर-इरादतन हत्या हो गई। उन लाखों मामलों की तो रिपोर्ट ही नहीं हुई जहां मर्दों ने होली की आड़ मे औरतों पर यौन कुंठा निकाली है। बाकी सब ठीक है। रामराज चल ही रहा है। विश्वगुरु बने हुए हमें 9 साल हो ही चुके हैं।” हालाँकि अब यह ट्वीट डिलीट किया जा चुका है।

(फोटो साभार: @wasimakramtyagi का ट्विटर )

इस दावे को लेकर जब हमने ट्विटर पर ही सर्च किया तो वहाँ हमें इस दावे के साथ कई ट्वीट मिले। लेकिन हम यह जानना चाहते थे कि इस दावे की शुरुआत कहाँ से हुई। ऐसे में हमें बुधवार (8 मार्च 2023) का अली शोहराब नामक यूजर का एक ट्वीट मिला। इस ट्वीट में शोहराब ने लिखा था, “संवैधानिक लोकतंत्र में होली के दिन ऐसा क्या हो जाता है कि हत्या, बलात्कार, महिलाओं का शोषण, महिलाओं के साथ छेड़छाड़ समेत तमाम तरह के संगीन अपराधिक मामले केवल राजधानी में ही होली के दिन 35000 से अधिक होते हैं? खैर, इससे आप पूरे देश में होली के दिन होने वाले अपराधों का अंदाजा खुद ही लगा सकते हैं।”

अब्दुल हसीब रजा खान नामक यूजर ने ट्वीट किया, “संवैधानिक लोकतंत्र में होली के दिन ऐसा क्या हो जाता है कि हत्या, बलात्कार, महिलाओं के साथ छेड़छाड़ समेत तमाम तरह के संगीन अपराधिक मामले केवल राजधानी में ही होली के दिन 35000 से अधिक होते हैं??? जब रेपिस्ट के समर्थन में रैली निकलेंगी तो यही होगा”

इसी तरह रहीम गाड़ा नामक यूजर ने लिखा, “देश की राजधानी में होली के दिन ऐसा क्या हो जाता है कि हत्या, बलात्कार, महिलाओं के साथ छेड़छाड़ तमाम तरह के संगीन अपराधिक मामले केवल राजधानी में ही होली के दिन 35000 से अधिक होते हैं?? अगर रेपिस्ट के समर्थन में रैली निकलेंगी तो यही होगा।”

इस फैक्ट चेक में हमें ट्विटर पर ज्यादातर ट्वीट अली शोहराब नामक यूजर द्वारा ट्वीट किए गए कंटेंट के साथ ही मिले। इससे ऐसा लगता है कि किसी एक ग्रुप में इस तरह का कंटेंट भेजकर ट्वीट करने के लिए कहा गया होगा। इसके बाद इन सभी लोगों ने ये ट्वीट किए होंगे।

चूँकि ऑपइंडिया इस मामले की तह तक जाना जाता था। इसलिए सच्चाई जानने के लिए हमने न्यूज रिपोर्ट खँगालना शुरू किया। जहाँ हमें इनशॉर्ट (Inshort) की एक खबर मिली। यह वही खबर थी जिसका स्क्रीनशॉट शेयर कर दावा किया जा रहा था कि दिल्ली में होली के दिन 35000 मामले दर्ज किए गए हैं। हालाँकि यह खबर 7 साल पहले यानी साल 2016 में प्रकाशित की गई थी।

(फोटो साभार: Inshort की रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट)

सिर्फ एक खबर से हम संतुष्ट नहीं हुए। मामले की पुष्टि के लिए हमने जब कुछ और पुरानी रिपोर्ट्स खँगाली तो ‘इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट’ सामने आई। यह रिपोर्ट 27 मार्च 2016 को पब्लिश की गई थी।

(फोटो साभार: IndiaToday की रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट)

इन दोनों रिपोर्ट में हत्या के 11, बलात्कार के 21 और छेड़खानी के 211 मामले दर्शाए गए थे। इसमें चोरी, डकैती जैसे मामले भी बड़ी संख्या में थे। साथ ही दिल्ली पुलिस की ओर से कहा गया था कि हर रोज औसतन 24000 शिकायती कॉल आती हैं। लेकिन होली के दिन 35000 कॉल आईं। वहीं, इसमें से 18000 मामलों में कार्रवाई की गई। यानी कि बाकी मामले या तो कार्रवाई योग्य नहीं थे या फिर दोबारा कॉल किया गया होगा।

सार ये कि ऑपइंडिया के फैक्ट-चेक में यह दावा पूरी तरह से फर्जी पाया गया। पहली बात तो यह कि इससे मिलता-जुलता मामला 7 साल पुराना है। वहीं, दिल्ली पुलिस को 35000 मामले नहीं बल्कि 35000 शिकायती कॉल मिलीं थीं।

₹600 करोड़ की संपत्ति का पता चला, 24 ठिकानों से ED को डॉलर-सोना और कई दस्तावेज भी मिले: लालू यादव का ‘जमीन के बदले नौकरी’ घोटाला, ₹200 Cr का बंगला ₹4 लाख में

लालू यादव के परिवार के खिलाफ पड़े प्रवर्तन निदेशालय (ED) के छापों में एक करोड़ की नकदी और 600 करोड़ की अन्य संपत्तियों का पता चला है। जमीन के बदले नौकरी (Land For Job) मामले में ईडी ने शुक्रवार (10 मार्च 2023) को लालू यादव के बेटे तेजस्वी समेत दूसरे करीबियों के दिल्ली, मुंबई, नोएडा, राँची, गाजियाबाद और पटना में 15 जगहों पर रेड डाली थी।

ईडी की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार, ‘लैंड फॉर जॉब स्कैम’ मामले में 24 स्थानों पर तलाशी ली गई। इस दौरान 1 करोड़ रुपए की बेहिसाब नकदी, 1900 अमेरिकी डॉलर, 540 ग्राम सोना और 1.5 किलोग्राम सोने के आभूषण जब्त किए गए। सोने के आभूषणों की कीमत लगभग 1.25 करोड़ रुपए आँकी गई है। इसके अलावा संपत्ति और बिक्री से जुड़े कई दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, अब तक की छापेमारी में 350 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति और 250 करोड़ रुपए की बेनामी संपत्ति का पता लगा है।

ईडी की जाँच में यह भी पता चला है कि दिल्ली के ‘न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी’ स्थित चार मंजिला बंगले को खरीदने में भी हेराफेरी की गई है। यह बंगला मेसर्स एबी एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से रजिस्टर्ड है, जिसका स्वामित्व तेजस्वी यादव और परिवार के पास है। दावा है कि यह बंगला सिर्फ 4 लाख रुपए में खरीदा गया है जबकि बंगले की मौजूदा कीमत 150-200 करोड़ बताई जा रही है। ईडी को संदेह है कि इस बंगले को खरीदने में मनी लॉन्ड्रिंग की गई है। शक है कि मुंबई स्थित कुछ आभूषण कारोबारियों ने अवैध आय को वैध बनाने में मदद की है।

जिन जगहों पर रेड डाली गई, उनमें दिल्ली स्थित तेजस्वी यादव के घर के साथ-साथ लालू यादव की तीन बेटियों- हेमा, रागिनी और चंदा के घर भी शामिल हैं। ED ने लालू यादव के समधी जितेंद्र यादव के गाजियाबाद स्थित आवास पर भी छापा मारा था। इसके अलावा ईडी की टीम ने पटना के फुलवारीशरीफ स्थित लालू के करीबी और RJD के पूर्व विधायक अबू दोजाना के घर पर भी छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान ED ने सेप्टिक टैंक की खुदाई भी की थी। दोजाना को लालू परिवार का काफी करीबी माना जाता है।

तेजस्वी खेल रहे विक्टिम कार्ड

बता दें 11 मार्च 2023 को सीबीआई ने बिहार के उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को पूछताछ के लिए बुलाया था। तेजस्वी पत्नी की खराब सेहत का बहाना बनाकर सीबीआई के सामने पेश नहीं हुए। इसके पहले तेजस्वी को 4 फरवरी 2023 को समन जारी कर के पूछताछ के लिए बुलाया गया था। तब भी वो सीबीआई के आगे पेश नहीं हुए थे।

‘लैंड फॉर जॉब’ स्कैम का लालू यादव से कनेक्शन

14 साल पहले वर्ष 2004-2009 के बीच जिस समय यह घोटाला हुआ था, उस समय लालू प्रसाद यादव यूपीए-1 शासनकाल में रेल मंत्री थे। रेलवे में नौकरी देने के बदले लालू प्रसाद यादव के परिजनों पर पटना में करीब 1.05 लाख वर्ग फुट जमीन अधिग्रहित करने का आरोप है। बिना विज्ञापन निकाले रिश्वत देने वाले अभ्यार्थियों को तीन दिन के अंदर रेलवे में नौकरी देने का आरोप है। इन उम्मीदवारों द्वारा नौकरी के लिए फर्जी प्रमाण-पत्र का इस्तेमाल करने और रेल मंत्रालय में झूठे प्रमाणित दस्तावेज जमा कराने की बात भी सामने आई थी।

‘पाकिस्तान दिवस’ पर कंगाली का साया, फ़ौज की परेड से लेकर अतिथियों की संख्या तक – सब पर लगाम: IMF भी नहीं दे रहा कर्ज, मंत्रियों को बड़ी जीप तक नसीब नहीं

पाकिस्तान हर साल 23 मार्च को अपने संविधान को स्वीकृत करने की ख़ुशी में ‘पाकिस्तान दिवस’ मनाता आ रहा है। हालाँकि, इस बार ‘पाकिस्तान दिवस’ मनाने के लिए पड़ोसी मुल्क के पास पैसे नहीं हैं। पाकिस्तानी फ़ौज ने निर्णय लिया है कि 23 मार्च को ‘पाकिस्तान दिवस’ पर आयोजित होने वाली परेड को सीमित स्तर पर ही आयोजित किया जाएगा। साथ ही अंतरराष्ट्रीय संस्था IMF से भी लोन लेने के लिए दोबारा वार्ता शुरू की जाएगी।

साथ ही मुल्क के सभी मंत्रियों और अधिकारियों को भी निर्देश दिया गया है कि वो अपने खर्चे कम करें। इससे पहले ‘पाकिस्तान दिवस’ पर शकर परियाँ परेड ग्राउंड में फ़ौज की परेड आयोजित होती रही है, लेकिन इस बार ये सब राष्ट्रपति भवन में ही किया जाएगा। 1940 में मुस्लिम लीग का ‘लाहौर प्रस्ताव’ भी पारित हुआ था, इसीलिए भी इस्लामी मुल्क के लिए ये तारीख़ महत्वपूर्ण है। इस दिन पाकिस्तान फ़ौज अपना कौशल दिखा कर शक्ति प्रदर्शन करती है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ कह चुके हैं कि सरकारी खर्चों में हर स्तर पर कटौती की जा रही है। इसी क्रम में पाकिस्तानी फ़ौज की पारंपरिक परेड को भी सीमित कर दिया जाएगा। पारंपरिक जुलूसों में खर्च को देखते हुए ऐसा लगता है कि इस बार ये संभव नहीं हो पाएगा। पाकिस्तान इस वक्त इसी आस में है कि ‘इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड’ से उसे कर्ज मिल जाए और इसके लिए वो वार्ता कर रहा है। IMF की शर्तों को पाकिस्तान पूरा नहीं कर पाया, जिस से पैकेज रुक गया।

इस बार ‘पाकिस्तान दिवस’ पर अतिथियों की संख्या भी कम कर दी जाएगी। चीन और अमेरिका के बीच बढ़ती तल्खी के कारण भी पाकिस्तान को घाटा हो रहा है। विदेशी मिशनों की संख्या में भी शाहबाज शरीफ की सरकार कटौती कर रही है। सरकारी खर्च में 15% कटौती के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मंत्रियों ने बड़ी जीपों का इस्तेमाल भी बंद कर दिया है। नेताओं, सैन्य अधिकारियों और जजों को भी अब टॉल टैक्स देना पड़ेगा।

चीन में एक बार फिर लॉकडाउन की तैयारी, कोरोना नहीं बल्कि ये है कारण: विरोध में उतरे लोग कर रहे गुस्से का इजहार

कोरोना के बाद चीन में फ्लू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हालात इतने खराब हो रहे हैं कि चीन के कई शहरों में एक बार फिर से लॉकडाउन पर विचार किया जा रहा है। चीन के शहरों में लॉकडाउन की सुगबुगाहट से लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है। लोगों को डर है हालात कोरोना के समय जैसे न हो जाएँ। चीन के शीआन शहर में फ्लू के मामले तेजी के साथ बढ़ रहे हैं जिसने अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है।

इन्फ्लूएँजा के बढ़ते मामलों को देखते हुए चीन के शानशी प्रांत के शीआन शहर में प्रशासनिक अधिकारियों ने एक आपातकालीन नोटिस जारी किया है। इसके तहत यदि इलाके में फ्लू के मामले और अधिक बढ़ते हैं तो एहतियत के तौर पर स्कूल, बिजनेस हाउस और दूसरे सार्वजनिक स्थलों को बंद करना पड़ेगा। इतना ही नहीं, जरूरत पड़ी तो शहर के कुछ इलाकों में लॉकडाउन भी लगाया जा सकता है।

प्रशासन की तरफ से लॉकडाउन लगाए जाने की आहट से स्थानीय लोग नाखुश हैं। यहाँ तक कि प्रशासन के मंसूबे के खिलाफ आवाज भी उठाया जाने लगा है। लोगों को डर है कि हालात 2021 जैसे न हो जाएँ। बता दें कोरोना काल के दौरान लोग अपने घरों से नहीं निकल पा रहे थे। खाने और दूसरे प्रकार के जरूरी चीजों की किल्लत हो गई थी। उसको याद कर लोग सहम उठे हैं और लॉकडाउन के खिलाफ सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं।

सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक चीनी सोशल नेटवर्क प्लेटफॉर्म वीबो पर लोगों के कई तरह के पोस्ट सामने आए हैं। एक यूजर ने लिखा कि लोगों को लॉकडाउन के नाम पर डराने से अच्छा है कि प्रशासन वैक्सिनेशन के बारे में सोचे। एक अन्य यूजर ने पूछा कि बीमारी के वर्गीकरण के लिए राष्ट्रयी स्तर पर निर्देश नहीं दिया गया लेकिन शहर के स्कूल और व्यवसायिक गतिविधियों को बंद करने पर विचार हो रहा है लोग भला कैसे न घबराएँ?

बता दें कि चीन में कोरोना के मामले कम होने की बात कही जा रही है लेकिन फ्लू के बढ़ते मामलों ने खतरे की घंटी बजा दी है। कहा जा रहा है कि फ्लू के लिए दवा की आपूर्ति में भी परेशानी हो रही है। जिससे जरूरतमंदो तक वक्त पर दवाई पहुँचाने में मुश्किल हो रही है।

‘स्वास्थ्य विभाग’ के बोर्ड वाले कार ने 2 बाइक और 1 स्कूटी को मारी टक्कर, घसीटे जाने के बाद युवक की दर्दनाक मौत: बिहार में ‘हिट एन्ड रन’

बिहार की राजधानी पटना में हिट एंड रन का मामला सामने आया है। यहाँ कार ने दो बाइक और एक स्कूटी को टक्कर मार दी। इसके बाद एक बाइक को करीब 50 मीटर तक घसीटा। इससे एक युवक की मौत हो गई। वहीं, दो अन्य घायलों को इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। मामला शुक्रवार (10 मार्च 2023) देर का है। कार पर ‘स्वास्थ्य विभाग’ का बोर्ड लगा था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना पटना के नदी थाना क्षेत्र के सबलपुर इलाके की है। यहाँ देर रात एक तेज रफ्तार कार ने दो बाइक और एक स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद रुकने की जगह ड्राइवर कार को आगे बढ़ाता चला गया। इससे टक्कर लगने के बाद कार के नीचे फँसा एक बाइक सवार करीब 50 मीटर तक घसीटता चला गया।

इस घटना में तीनों बाइक सवार घायल हुए थे। घायलों को इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। जहाँ कार द्वारा घसीटे जाने के बाद गंभीर रूप से घायल एक युवक की मौत हो गई। वहीं, 2 अन्य युवकों का इलाज चल रहा है। घटना के बाद भागने की कोशिश में कार सवार तेज गति से कार चला रहा था। इसी दौरान सबलपुर सिक्स लेन के पास कार एक ट्रक से टकरा गई। इससे कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुई है। वहीं, ड्राइवर कार को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया।

इस मामले में एक प्रत्यक्षदर्शी का कहना है, “कार और बाइक की टक्कर की आवाज सुनने के बाद जब मैं घर से बाहर आया तो उसने देखा कि एक आदमी सड़क में पड़ा हुआ है। उसकी साँस चल रही थी। इसके बाद कार ने एक स्कूटी को टक्कर मारी। मुझे लगता है कि कार ने बाइक सवार को कम से कम 100 मीटर तक घसीटा है। कार में मुख्य चिकित्सा अधिकारी की थी।”

फिलहाल पुलिस, कार की नंबर प्लेट के आधार पर आरोपितों की पहचान कर तलाश में जुटी हुई है। साथ ही यह जानने की कोशिश कर रही है कि कार सवार नशे में था या नहीं। बता दें कि ऐसी ही एक घटना 14 जनवरी 2023 को दिल्ली के राजौरी गार्डन में सामने आई थी। जहाँ हॉर्न बजाने को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद कार सवार ने एक युवक को टक्कर मार दी थी। इसके बाद उसे करीब आधा किलोमीटर तक घसीटा था।

हिट एंड रन का एक और मामला इस साल की शुरुआत में, यानी 1 जनवरी, 2023 को सामने आया था। यह मामला कई दिनों तक चर्चा में रहा। दरअसल, नए साल की रात को दिल्ली के कंझावला इलाके में भयानक कार एक्सीडेंट हुआ था। इसमें, अंजलि नामक लड़की की मौत हो गई थी। मृतक लड़की पार्टी के लिए होटल गई थी। जब वह होटल से अपने घर लौट रही थी तब एक कार ने उसकी स्कूटी को टक्कर मार दी थी।

टक्कर के बाद, वह कार में ही फँस गई थी। इसके बाद, आरोपित उसे कार से निकालने के बजाए 12 किलोमीटर तक लगातार घसीटते रहे। इससे उसके पूरे कपड़े फट गई थे। यही नहीं, लगातार घसीटे जाने के कारण षक पैर तक कट गए थे। बाद में, उसकी बॉडी नग्नावस्था में बरामद हुई थी। मामले में पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया।

‘मैं इंसान नहीं हूँ क्या?’ : आदिल का धोखा याद करके फफक पड़ीं राखी सावंत, ‘झूठा’ गाने में दिखाई सारी हकीकत

आदिल दुर्रानी से निकाह करके धोखा पाने वाली राखी सावंत अपने नए गाने ‘झूठा’ के रिलीज के दौरान भावुक दिखीं। उन्होंने अपनी म्यूजिक वीडियो ‘झूठा’ के जरिए दिखाया कि आखिर कैसे आदिल उनकी जिंदगी में एक फैन बनपर करीब आया, फिर उन्हें कार गिफ्ट देकर नजदीकियाँ बढ़ाईं, उन्हें प्रपोज किया, उनसे निकाह किया, और फिर उन्हें उस समय धोखा देकर चला गया जब उनकी माँ का निधन हुआ।

कार्यक्रम के दौरान सिसकते हुए राखी ने कहा, “लोग कहते हैं राखी सावंत को कौन धोखा दे सकता है। राखी सावंत के साथ क्या बुरा हो सकता है। मैं इंसान नहीं हूँ क्या, मैं महिला नहीं हूँ क्या, मेरे सीने में दिल नहीं है क्या, मैं घर बसाने के सपने नहीं देख सकती क्या?” इतना कहने के बाद वो मुँह नीचे करके तेज-तेज रोने लगीं। वहीं उनके साथी भी राखी का ऐसा हाल देख हैरान हो गए।

राखी सावंत की इस वीडियो में देख सकते हैं कि कैसे उन्होंने अपनी और आदिल की कहानी इस गाने के जरिए दिखाई है। इस गाने में वो रोते-बिलखते अपना दर्द साझा करते हुए दिख रही हैं। इसमें ये भी दिखाया गया है कि कैसे न केवल उन्हें झूठे सपने दिखाकर उनसे निकाह किया गया बल्कि बाद में उनसे मारपीट भी हुई। इस गाने को एबी बंसल म्यूजिक के यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया गया है। अब तक इसे 1.2 मिलियन व्यूज मिल चुके हैं।

कुछ लोग इस वीडियो को देख राखी का ड्रामा कह रहे हैं। वहीं कुछ इसे सच का दर्द बता रहे हैं और कह रहे हैं कि धोखा पाने के बाद राखी इस तरह रो सकती हैं।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले राखी ने अपनी और आदिल के रिश्ते पर एक लाइव किया था। इस वीडियो में उन्होंने बताया था कि कैसे आदिल ने एक ईरानी लड़की का रेप किया था और अब उसे शादी का झाँसा देकर कहता है कि वो रेप केस वापस ले ले।

अपने मुल्क के सरकार की आलोचना करने पर BBC ने फेमस शो प्रेजेंटर को हटाया, PM मोदी के खिलाफ बनाया था प्रोपेगंडा वीडियो

ब्रिटिश सरकार की आव्रजन नीति की आलोचना (Criticising Immigration Policy) करने के कारण होस्ट गैरी लिनेकर (Gary Lineker) को बीबीसी (BBC) ने निलंबित कर दिया है। शनिवार (11 मार्च 2023) को बीबीसी का ‘Match of the Day’ प्रोग्राम बिना होस्ट के ही प्रसारित हुआ। यह कार्यक्रम BBC द्वारा 1960 से ही प्रसारित होता आ रहा है।

इस शो को पूर्व ब्रिटिश फुटबॉलर गैरी लिनेकर होस्ट करते थे। गैरी को इस प्रोग्राम से हटा दिया गया है। इस निर्णय से बीबीसी को बहिष्कार का सामना करना पड़ रहा है। बीबीसी के कई प्रायोजकों और खिलाड़ियों ने इस फैसले की आलोचना की है। वहीं, प्रीमियर लीग के खिलाड़ियों ने कहा कि वे बीबीसी को अब साक्षात्कार नहीं देंगे।

बीबीसी ने शुक्रवार (10 मार्च 2023) की देर रात एक बयान में कहा कि ‘मैच ऑफ द डे’ निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ेगा, लेकिन इसमें मेजबान नहीं होगा और ना ही कमेंट्री होगी। बीबीसी के प्रवक्ता ने कहा, हर हफ्ते लाखों लोगों द्वारा देखे जाने वाले इस कार्यक्रम में स्टूडियो प्रस्तुति या कमेंट्री के बिना मैच की कार्रवाई पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

इंग्लैंड की राष्ट्रीय फ़ुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान और 1986 के विश्व कप में शीर्ष गोल स्कोरर लिनेकर ने मंगलवार (8 मार्च 2023) को जो टिप्पणी, उस पर विवाद हो गया। उन्होंने कहा था कि ब्रिटिश गृह सचिव सुएला ब्रेवरमैन जर्मन नाज़ी की याद दिलाने वाली भाषा का उपयोग कर रही हैं, जो नावों पर इंग्लिश चैनल पार कर शरण के लिए आने वालों को रोकने की योजना को बढ़ावा देगा।

ब्रिटिश सरकार के गृह सचिव सुएला ब्रेवरमैन ने ट्विटर पर शेयर किए गए एक वीडियो संदेश में कहा था कि अब बहुत हो गया। नावों में भरकर अवैध रूप से आने वाले लोगों को अब ब्रिटेन में घुसने नहीं दिया जाएगा। उनके इस बयान पर गैरी ने कमेंट किया था।

गैरी की टिप्पणी के बाद ब्रिटिश सरकार ने बीबीसी की निष्पक्षता को कठघरे में खड़ा करना शुरू कर दिया। वहीं, स्थानीय मीडिया में भी गैरी की आलोचना होने लगी। इसके बाद बीबीसी ने यह कदम उठाया। दूसरे देशों में प्रोपेगेंडा फैलाकर अस्थिरता पैदा करने वाला बीबीसी ब्रिटिश सरकार के विरोध के बाद गैरी को उनके पद से हटा दिया। बता दें कि बीबीसी ने पीएम मोदी को लेकर एक प्रोपेगेंडा डॉक्यूमेंटरी बनाया था।

इसको लेकर सोशल मीडिया, ब्रिटिश अखबारों और संसद में कई दिनों तक चली बहस के बाद बीबीसी ने शुक्रवार को कहा कि लिनेकर की सोशल मीडिया गतिविधि कंपनी की दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है और उनहें ‘मैच ऑफ द डे’ की मेजबानी से निलंबित किया जा रहा है। इसके बाद गैरी के साथ शो में कमेंटेटर के तौर पर शामिल होने वाले दो पूर्व फुटबॉलरों ने भी शो में शामिल होने से मना कर दिया।

जबरन किस करता, गुप्तांग रगड़ता था, मुँह में डाल देता था जीभ: कुरान पढ़ाने वाले असगर ने किया यौन शोषण, अब मिली 10 साल की सज़ा

ब्रिटेन की राजधानी लंदन में मोहम्मद असगर को दो लड़कों का यौन शोषण करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप में 10 साल की सजा सुनाई गई। वह एक मस्जिद और इस्लामिक सेंटर में कुरान पढ़ाता था। असगर ने यह अपराध बीते 3 सालों में किया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लंदन की क्रॉयडन क्राउन कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान एक पीड़ित की ओर से अदालत को बताया गया कि आरोपित मोहम्मद असगर उसे जबरन चूमता था और उसके मुँह में अपनी जीभ डाल देता था। असगर ने बीते 3 सालों में उसके साथ कई बार ऐसा किया।

वहीं एक अन्य पीड़ित ने कोर्ट में कहा था कि मोहम्मद असगर उसके कपड़े उतारकर कभी उसे सोफे पर बैठाता तो कभी झुका लेता था। इसके बाद अपना गुप्तांग उसके रगड़ता था और उसके साथ बलात्कार करने का प्रयास करता था। दोनों पीड़ितों में से एक महज 13 साल का है, जिसके घर पर ही असगर ने यौन शोषण किया था।

एक पीड़ित का कहना है कि उसके साथ जो भी हुआ है उससे उसके जीवन पर बहुत बुरा असर हुआ। यौन उत्पीड़न के कारण खासतौर से उसके मानसिक स्तर पर गहरा आघात हुआ। वह एक ऐसी स्थिति में पहुँच गया था जहाँ उसे कुछ भी करने की इच्छा नहीं हो रही थी। वहीं, एक अन्य पीड़ित ने कहा कि इस घटना के बाद से वह लोगों पर भरोसा नहीं कर पा रहा था। साथ ही उसकी पढ़ाई का भी बहुत अधिक नुकसान हुआ।

सुनवाई के बाद अदालत ने मोहम्मद असगर को दोनों लड़कों का यौन शोषण करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप में मोहम्मद असगर को 10 साल की सजा सुनाई। हालाँकि सजा सुनाए जाने के बाद भी मोहम्मद असगर खुद को बेगुनाह बताता रहा। उसके वकील ने कहा कि यौन उत्पीड़न के आरोपों के कारण मोहम्मद असगर का चरित्र और उसकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुँची है।

‘मेरे पिता ही मेरा यौन शोषण करते थे’ : स्वाति मालीवाल ने किया चौंकाने वाला खुलासा, बोलीं- चोटी पकड़ कर दीवार में सिर मारते थे

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने अपने पिता पर यौन शोषण का आरोप लगाया है। स्वाति इंडिया हैबिटेट सेंटर में शनिवार (11 मार्च 2023) को दिल्ली महिला आयोग द्वारा आयोजित एक प्रोग्राम में पहुँची हुई थीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनकी माँ, मौसी, मौसा जी और नाना-नानी ने उन्हें इस मुसीबत से बाहर निकाला। स्वाति ने अपने पिता पर पिटाई का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि अपने पिता से बचने के लिए वे बिस्तर के नीचे छिप जाती थीं।

दिल्ली महिला आयोग द्वारा आयोजित समारोह के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए स्वाति मालीवाल ने कहा, “मेरे पिता मेरा यौन शोषण किया करते थे जब मैं छोटी थी। बहुत मारते-पीटते थे।” स्वाति ने कहा कि जब वे घर आते थे तो बहुत डर लगता था। कई बार बिस्तर के नीचे छिप जाती थी। प्लानिंग करती थी कि किस तरीके से महिलाओं को उनका हक दिलाऊँगी। महिलाओं और बच्चियों का शोषण करने वालों को सबक सिखाऊँगी।

पत्रकारों से बात करते हुए स्वाति आगे कहती हैं, “मुझे आज भी याद है। वो (पिता) मेरी चोटी पकड़ कर दीवार पर सिर मार देते थे। बहुत चोट लगती थी। खून बहता रहता था। बहुत तड़पती थी।” उन्होंने कहा कि अत्याचार सहने वाला इंसान दूसरें के दर्द को समझ पाता है। उसके अंदर एक ऐसी आग पैदा होती है कि पूरा सिस्टम हिला पाता है।

बता दें कि स्वाति दिल्ली महिला आयोग द्वारा आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में शिरकत करने पहुँची थीं। दिल्ली महिला आयोग की तरफ से संघर्ष करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। अवार्ड पाने वाली महिलाओं को संबोधित करते हुए स्वाति ने कहा कि महिलाओं को किसी भी तरह का अत्याचार नहीं सहना चाहिए। शोषण कोई घर का व्यक्ति करे या बाहर का उसके खिलाफ आवाज जरूर उठानी चाहिए।

शुगर फैक्ट्री के नाम पर जमा किए करोड़ों, अब NCP विधायक हसन के घर पर ED की छापेमारी: बीवी ने कहा – हमें गोली मार दें

महाराष्ट्र के कोल्हापुर में एनसीपी विधायक हसन मुश्रीफ के घर पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम का छापा पड़ा। छापेमारी अप्पासाहेब नलवडे शुगर मिल की खरीद में घोटाले को लेकर हुई। छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में पार्टी वर्कर मुश्रीफ के घर के बाहर जमा हो गए और नारेबाजी करने लगे। कार्यकर्ताओं की भीड़ को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिसबलों को भी तैनात किया गया है।

छापेमारी के दौरान हसन मुश्रीफ की पत्नी सायरा मुश्रीफ घर के दरवाजे पर पहुँची और नारेबाजी कर रहे कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील की। सायरा ने कहा, “आपलोग शांति बनाए रखें और इनसे कहें कि हमें गोली मार दें।” छापेमारी से आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने धमकी दी है कि घर में एक बच्चा बुखार से पीड़ित है। घर में सिर्फ महिलाएँ हैं। हसन मुश्रीफ बाहर गए हैं। यदि बच्चे या इन महिलाओं में से किसी को कुछ हुआ तो हम शांत नहीं बैठेंगे।

इसके पहले जनवरी 2023 में ईडी ने पुणे और कोल्हापुर में मुश्रीफ के रिश्तेदारों और उनसे जुड़े कार्यालयों में छापेमारी की थी। इसके बाद हसन मुश्रीफ की अध्यक्षता वाले कोल्हापुर जिला मध्यवर्ती बैंक में भी ईडी की टीम दो दिनों तक दस्तावेजों की जाँच करती रही थी।

क्या है मामला?

पूरा मामला एक चीनी मिल की खरीद से जुड़ा है। आरोप है कि अप्पासाहेब नलावडे शुगर फैक्ट्री में मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए करोड़ों रुपए जमा किए गए। भाजपा नेता किरीट सोमैया ने आरोप लगाया कि कुछ साल पहले यह कारखाना ब्रिक्स इंडिया कंपनी को बेचा दया जो एनसीपी नेता मुश्रीफ के दामाद मतीन मंगोली की कंपनी है। सोमैया का आरोप है कि चीनी मिल खरीदते के लिए कोलकाता के बंद कंपनी के नाम पर फर्जी खाते बनाए गए और फिर इससे लेन-देन किया गया।

कोल्हापुर जिला सहकारी बैंक पर भी ऑक्शन की प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया गया है। वहीं मुश्रीफ ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए एजेंसी की छापेमारी को भाजपा की राजनीतिक चाल करार दिया।