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कुत्ते को पीट-पीटकर मारा, लाश गायब की: ग्रेटर नोएडा में सोसायटी गार्डों और RWA सदस्यों के खिलाफ केस दर्ज

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा इलाके में आवारा कुत्ते की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मामले में गौतम बुद्ध नगर पुलिस में सोसाइटी के गार्ड और वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। एफआईआर के अनुसार कुत्ते को 4 मार्च, 2023 को बुरी तरह पीटा गया जिससे वह मर गया।

ग्रेटरन नोएडा के बीटा-2 इलाके में AWHO गुरजिंदर विहार सोसाइटी की रहने वाले सोनम चड्ढा ने 6 मार्च को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट के अनुसार उनकी सोसाइटी में एक स्ट्रीट डॉग रहा करता था जिसकी वो और उसके साथी देखभाल किया करते थे। उसे सोसाइटी के गार्डों ने पीट-पीटकर मार डाला। हत्या के बाद कुत्ते की लाश को भी गायब कर दिया गया। पुलिस ने पशु क्रूरता व अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।

रिपोर्टों के अनुसार अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि कुत्ता वास्तव में मर गया है क्योंकि अभी तक कुत्ते की लाश बरामद नहीं हो सकी है। बीटा -02 पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर विनोद मिश्रा ने कहा है कि पुलिस मामले की जाँच कर रही है और जाँच के बाद सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मामले में फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। सोसाइटी के एक कैब ड्राइवर ने भी गार्डों द्वारा एक काले कुत्ते की पिटाई की बात कही है। ड्राइवर के मुताबिक कुछ लोग निर्दयता से कुत्ते की पिटाई कर रहे थे। कुत्ता जमीन पर पड़ा था वह बेहोश था या मर चुका था कह नहीं सकते। वहीं टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार RWA अध्यक्ष पुष्पेंद्र कुमार ने आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा है कि किसी भी गार्ड को कुत्तों को मारने की इजाजत नहीं दी गई है।

8 घंटे चली पूछताछ…फिर ED ने किया मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार: बेल याचिका पर सुनवाई से एक दिन पहले हुई कार्रवाई

दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया से मनी लॉन्ड्रिंग के केस में गुरुवार को करीब 8 घंटे की पूछताछ के बाद ईडी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। प्रवर्तन निदेशालय ने उनके ऊपर ये कार्रवाई उनकी जमानत याचिका पर होने वाली सुनवाई से ठीक एक दिन पहले की

बता दें कि ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में सिसोदिया से पहले लगातार 2 दिन जेल में पूछताछ की। 7 मार्च को उनसे 6 घंटे पूछताछ हुई और फिर 9 मार्च को उनसे 2 घंटे सवाल जवाब किए गए। सीबीआई की तरह ईडी भी इन जवाबों से संतुष्ट नहीं हुई। जिसके बाद उन्हें जाँच एजेंसी द्वारा गिरफ्तार किया गया।

इस गिरफ्तारी के बाद सीएम अरविंद केजरीवाल ने भाजपा पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीजेपी मनीष सिसोदिया को किसी भी कीमत पर जेल में रखना चाहते हैं। अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा, “मनीष को पहले CBI ने गिरफ़्तार किया। CBI को कोई सबूत नहीं मिला, रेड में कोई पैसा नहीं मिला। कल बेल पर सुनवाई है। कल मनीष छूट जाते। तो आज ED ने गिरफ़्तार कर लिया। इनका एक ही मक़सद है – मनीष को हर हालत में अंदर रखना। रोज़ नये फर्जी मामले बनाकर। जनता देख रही है। जनता जवाब देगी।”

गौरतलब है कि इससे पहले शराब घोटाला मामले में पूछताछ के बाद सीबीआई ने मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार किया था। जिसके बाद मनीष सिसोदिया ने अपनी गिरफ्तारी और सीबीआई की कार्रवाई को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। कॉन्ग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने सिसोदिया की तरफ से सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी और जमानत की माँग की थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए सीजीआई की बेंच ने मनीष सिसोदिया को जमानत देने से इनकार करते हुए हाईकोर्ट जाने की सलाह दी थी।

महात्मा गाँधी, कॉन्ग्रेस, हिंदू राष्ट्र और मुस्लिम लीग: पाकिस्तान में दी जा रही इतिहास की गलत तालीम, पढ़ाता है भारत विरोधी पाठ

पाकिस्तान के स्कूलों में बच्चों को भारत और हिंदू विरोधी किताबें पढ़ाई जा रही हैं। बचपन से ही उनमें पड़ोसी देश और हिंदुओं के प्रति घृणा की भावना पैदा की जा रही है। इसके लिए पाठ्य पुस्तकों में महात्मा गाँधी और भारतीय राष्ट्रीय कॉन्ग्रेस को गलत तरीके से संदर्भित किया गया है। इतिहास के किताब में मनगढ़ंत किस्से जोड़ दिए गए हैं। जो सच्चाई से काफी दूर हैं।

पाकिस्तान में कक्षा-8वीं और कक्षा-9वीं के बच्चों को पढ़ाई जा रही इतिहास की किताब नेशनल बुक फाउंडेशन द्वारा प्रकाशित की गई है। नेटवर्क 18 की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में कक्षा 8वीं के बच्चों को पढ़ाया जा रहा है कि भारतीय राष्ट्रीय कॉन्ग्रेस पूरे भारत की नहीं बल्कि सिर्फ हिंदुओं की आवाज थी। किताब के अनुसार भारतीयों ने भारत के राष्ट्रवाद (हिंदू प्रधान) के लिए कॉन्ग्रेस का गठन किया था। यह सभी भारतीयों की नहीं हिंदुओं की आवाज बनकर रह गई। इसलिए मुस्लिमों को ऑल इंडिया मुस्लिम लीग बनाने की आवश्यकता महसूस हुई।

पाकिस्तान में पढ़ाए जा रहे किताब का स्क्रीन शॉट (साभार नेटवर्क 18)

किताब में आगे महात्मा गाँधी पर मुस्लिमों की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए उन्हें एक हिंदू नेता के रूप में दिखाया गया है। किताब के अनुसार गाँधी और उनके युवा समर्थकों का झुकाव हिंदुओं की तरफ था। मुस्लिमों की अवहलेना की गई जिससे समाज में नफरत पैदा हुई। महात्मा गाँधी ने किस तरह मुस्लिमों का पक्ष लिया वह किसी से छिपा नहीं है। खिलाफत आंदोलन इसका अच्छा उदाहरण है।

किताब लिखता है कि गाँधी और कॉन्ग्रेस को खिलाफत में कोई दिलचस्पी नहीं थी। स्वराज के एजेंडे के तहत कॉन्ग्रेसी इसमें शामिल हुए थे। किताब में कई बार जोर देकर यह लिखा गया है कि मुस्लिम अपने अधिकारों की रक्षा के लिए हिंदुओं पर भरोसा नहीं कर सकते थे। किताब में 1911 में हुए बंगाल विभाजन को रद्द किए जाने का उदाहरण दिया गया है। कॉन्ग्रेस ने भले ही एक राष्ट्रीय पार्टी होने का दावा किया लेकिन विभाजन के नाम पर उसने हिंदू संगठन की तरह व्यवहार किया। किताब में इस बात पर जोर दिया गया है कि भारतीय मुस्लिम हमेशा मुस्लिम राष्ट्र के रूप में अलग होना चाहते थे।

पाकिस्तान में पढ़ाए जा रहे किताब का स्क्रीन शॉट (साभार नेटवर्क 18)

कक्षा 9वीं के एक चैप्टर में गवर्मेंट ऑफ इंडिया एक्ट 1935 का जिक्र है। इस एक्ट में हिंदुओं के पक्ष में और मुस्लिमों के खिलाफ फैसले लेने का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि एक्ट में विद्या मंदिर और वर्धा जैसे स्कीम्स के बारे में बताया गया है कि मुस्लिमों को यह मंजूर नहीं था। किताब में पढ़ाया जा रहा है कि कॉन्ग्रेस ने उर्दू को हिंदी से बदलने के लिए कदम उठाए और ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्र गान के रूप में पेश करने की कोशिश की। किताब में बंदे मातरम को मुस्लिम विरोधी बताया गया है।

नेपाल के तीसरे राष्ट्रपति बने रामचंद्र पौडेल, कम्युनिस्ट पार्टी के प्रत्याशी को 18284 वोटों से हराया

चीन समर्थक नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री खड्ग प्रसाद शर्मा ओली को जबरदस्त झटका लगा है। राष्ट्रपति के चुनाव में ओली की पार्टी कम्‍युनिस्‍ट पार्टी ऑफ नेपाल- यूनिफाइड मार्कसिस्ट-लेननिस्ट (CPN-UML) के उम्मीदवार को हार हुई है। वहीं, प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड के उम्मीदवार अब नेपाल के नए राष्ट्रपति बनेंगे।

पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा की पार्टी ‘नेपाली कॉन्ग्रेस’ के नेता रामचंद्र पौडेल नेपाल के नए राष्ट्रपति होंगे। पौडेल ने गुरुवार (9 मार्च 2023) को हुए चुनाव में सुभाषचंद्र नेमबांग को हराया। पौडेल को 33,802 मत मिले, जबकि नेमबांग को 15,518 वोट ही मिले। नेपाल संसद के स्पीकर रह चुके पौडेल वर्तमान राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी की जगह लेंगे। बिद्या देवी का कार्यकाल खत्म हो रहा है।

रामचंद्र पौडेल को प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड की पार्टी सहित 8 पार्टियों को समर्थन मिला। वहीं, CPN-UML के उम्मीदवार सुभाष नेमबांग को अपनी पार्टी के अलावा निर्दलीय सदस्यों का समर्थन मिलने की उम्मीद थी। उधर, राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (RPP) ने किसी भी उम्मीदवार को समर्थन नहीं देने का फैसला किया था।

बता दें कि हाल ही में हुए नेपाल में लोकसभा के चुनाव में प्रचंड और ओली के पार्टी के बीच गठबंधन हुआ था। इसके बाद प्रचंड 26 दिसंबर 2022 को प्रधानमंत्री बने थे। उस दौरान प्रचंड और ओली के बीच ढाई-ढाई साल प्रधानमंत्री बनने का समझौता हुआ था। हालाँकि, ओली की पार्टी CPN-UML) ने 27 फरवरी 2023 को गठबंधन से अलग होने का फैसला ले लिया।

दरअसल, प्रधानमंत्री प्रचंड ने CPN-UML के राष्ट्रपति उम्मीदवार की जगह नेपाल कॉन्ग्रेस के उम्मीदवार को समर्थन देने का फैसला किया था। इसके बाद ओली भड़क गए और सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया। वहीं, इसी बात से नाराज होकर नेपाल के उप-प्रधानमंत्री राजेंद्र सिंह लिंगदेन समेत राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (RPP) के 4 मंत्री भी इस्तीफा दे चुके हैं।

नेपाल की लोकसभा में 275 सीटें हैं और बहुमत के लिए 138 सीटों की जरूरत होती है। ओली के गठबंधन से अलग होने के बाद प्रचंड की सरकार पर अलग नहीं पड़ेगा। CPN-UML के गठबंधन से अलग होने के बाद नेपाली कॉन्ग्रेस सरकार को समर्थन देगी। ओली के 79 सांसद थे, जबकि नेपाल कॉन्ग्रेस के 89 सांसद हैं।

प्रचंड का जन्म एक ब्राह्मण परिवार में पोखरा में हुआ था। 68 वर्षीय प्रचंड को चीन के सहयोग से नेपाल में राजशाही और हिंदू राष्ट्र का तमगा खत्म करने का श्रेय जाता है। उन्होंने 90 के दशक में नेपाल में हिंसक विरोध शुरू किया था। उन पर 17000 से अधिक लोगों की हत्या का आरोप है। हालाँकि, उन्होंने स्वीकार किया था कि 5000 लोगों की हत्या के लिए वे जिम्मेवार हैं।

प्रचंड ने 15 जनवरी 2020 को काठमांडू में एक कार्यक्रम में प्रचंड ने कहा था, “मुझ पर 17000 लोगों की हत्या का आरोप लगाया जाता है जो सच नहीं है। मैं संघर्ष के दौरान 5,000 लोगों की हत्या की जिम्मेदारी लेने को तैयार हूँ।” प्रचंड ने कहा था कि शेष 12000 हत्याओं की जिम्मेदारी ‘सामंती’ सरकार ले। उन्होंने बाकी हत्याओं की जिम्मेवारी राजशाही पर डाल दी थी।

नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने प्रचंड के बयान का संज्ञान लिया और कोर्ट के निर्देश के बाद पीड़ित पक्ष की तरफ से वकीलों ने मुकदमा दर्ज कराया। प्रधानमंत्री प्रचण्ड के खिलाफ दो अलग-अलग रिट याचिका दायर की गई है। दोनों की सुनवाई एक साथ होगी।

भारत का वो वीर योद्धा, जिसके लिए 43 लाख लोगों ने लिखा पत्र: बन गया दुनिया का सबसे बड़ा रिकॉर्ड

‘पूर्वोत्तर का शिवाजी’ कहे जाने वाले लाचित बरपुखान/लाचित बोड़फुकन (Lachit Borphukan) पर लिखे करीब 43 लाख निबंधों के साथ असम ने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा लिया है। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अधिकारियों ने गुरुवार (9 मार्च 2023) को गुवाहाटी में आयोजित एक समारोह में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को असम और दुनिया भर में लिखे गए लाचित बरपुखान पर लगभग 43 लाख हस्तलिखित निबंधों के लिए प्रमाण पत्र सौंपा।

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अनुसार, असम के अहोम योद्धा लाचित बरपुखान पर कुल 42,94,350 हस्तलिखित निबंध पेश किए गए। यह किसी भी अवसर पर पेश किए गए सबसे अधिक हस्तलिखित निबंध हैं।

वीरयोद्धा लाचित बरपुखान ने मुगल आक्रांताओं से उत्तर-पूर्व भारत की पवित्र भूमि की रक्षा की। उनका जीवन और व्यक्तित्व शौर्य, साहस, स्वाभिमान, समर्पण और राष्ट्रभक्ति का पर्याय है। प्रसिद्ध इतिहासकार सूर्यकुमार भूयान ने उनकी मौलिक रणनीति और वीरता के कारण उन्हें उत्तर-पूर्व भारत का ‘शिवाजी’ माना है। जिस प्रकार पश्चिम भारत में छत्रपति शिवाजी महाराज ने, पंजाब में गुरू गोविंद सिंह ने और राजपूताना में महाराणा प्रताप ने मुगल आक्रांताओं के विरुद्ध स्वतंत्रता की ज्वाला जलाई थी। उसी तरह लाचित बरपुखान ने भी उत्तर-पूर्व भारत में स्वतंत्रता की ज्वाला जलाई और मुगलों के नापाक मंसूबों को दफन कर दिया। उनसे टकराने के बाद मुगलों ने कभी भी पूर्वोत्तर पर काबिज होने का सपना नहीं देखा।

‘बरपुखान’ नाम नहीं, पदवी थी

लाचित बरपुखान का जन्म 24 नवंबर 1622 को अहोम साम्राज्य के एक अधिकारी सेंग कालुक-मो-साई के घर में चराइदेऊ नामक स्थान पर हुआ था। उनकी माता कुंदी मराम थीं। उन्होंने सैन्य कौशल के साथ-साथ मानविकी तथा शास्त्र का भी अध्ययन किया था। बचपन से ही बहुत बहादुर और समझदार लाचित जल्द ही अहोम साम्राज्य के सेनापति बन गए। एक और खास बात ‘बरपुखान’ लाचित का नाम नहीं, बल्कि उनकी पदवी थी।

बीमार होते हुए भी भीषण युद्ध किया

लाचित ने बीमार होते हुए भी भीषण युद्ध किया और अपनी असाधारण नेतृत्व क्षमता और अदम्य साहस से सराईघाट की प्रसिद्ध लड़ाई में लगभग 4000 मुगल सैनिकों को मार गिराया। 1671 ई में सराईघाट, ब्रह्मपुत्र नदी में अहोम सेना और मुगलों के बीच ऐतिहासिक लड़ाई हुई, जिसमें लाचित ने पानी में लड़ाई (नौसैनिक युद्ध) की सर्वथा नई तकनीक आजमाते हुए मुगलों को पराजित कर दिया था। उन्होंने अपने भौगोलिक-मानविकी ज्ञान और गुरिल्ला युद्ध की बारीक रणनीतियों का प्रयोग करते हुए सर्वप्रथम मुगल फौज की ताकत का सटीक आकलन किया और फिर ब्रह्मपुत्र नदी के तट पर भीषण नौसैनिक युद्ध में उन्हें हरा दिया।

मुगल फौजियों को बंदी बनाया

17वीं सदी के अहोम योद्धा लाचित बरपुखान के नेतृत्व में ही अहोम ने पूर्वी क्षेत्र में मुगलों के विस्तारवादी अभियान को थामा था। अगस्त 1667 में उन्होंने ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे मुगलों की सैनिक चौकी पर जोरदार हमला किया। लाचित गुवाहाटी तक बढ़े और उन्होंने मुगल कमांडर सैयद फिरोज खान सहित कई मुगल फौजियों को बंदी बनाया। मुगल भी शांत नहीं बैठे। अपमानित महसूस कर रहे मुगलों ने बड़ी तादाद में फौज अहोम के साथ युद्ध के लिए भेजी। सैकड़ों नौकाओं में मुगल सैनिकों ने नदी पार किया और अहोम के साथ एक बड़े संघर्ष की ओर बढ़े। मुगलों ने इस बार काफ़ी मजबूत सेना भेजी थी। लाचित के नेतृत्व में अहोम सैनिक सिर्फ 7 नौकाओं में आए। इसके बावजूद उन्होंने मुगलों की बड़ी फौज और कई नावों पर ऐसा आक्रमण किया कि वो तितर-बितर हो गए। मुगलों की बड़ी हार हुई। इस हार के बाद मुगलों ने पूर्वोतर की तरफ देखना ही छोड़ दिया।

1228 से 1826 के बीच लगभग 600 वर्षों तक अहोम ने असम के प्रमुख हिस्सों पर शासन किया था। इस साम्राज्य पर तुर्क, अफगान और मुगलों ने कई बार हमला किया। मुगलों का पहला हमला लाचित के जन्म से सात साल पहले 1615 में हुआ था।

मुगलों का पहला हमला 1615 में हुआ था

बता दें कि असम सरकार ने 2000 में लाचित बरपुखान अवॉर्ड की शुरुआत की थी। वहीं, राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के सर्वश्रेष्ठ कैडेट को लाचित बरपुखान के नाम पर स्वर्ण पदक प्रदान किया जाता है। आज भी उनकी प्रतिमाएँ असम में लगी हुई हैं। मराठाओं और राजपूतों जैसे कई भारतीय समूहों की तरह उन्होंने मुगलों से संघर्ष किया। इसलिए हमें उन अहोम योद्धाओं को हमेशा याद करना चाहिए।

गोसेवा आयोग, शिवाजी को समर्पित पार्क, किसानों को ₹6000: महाराष्ट्र में शिंदे सरकार ने पेश किया पहला बजट, 2030 तक 1 ट्रिलियन इकोनॉमी का रखा लक्ष्य

महाराष्ट्र (Maharashtra) की एकनाथ शिंदे सरकार (Shinde Government) ने अपना पहला बजट पेश कर किया। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री सह वित्तमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने किसानों को 6000 रुपए सालाना देने से लेकर महिलाओं का किराया आधा करने तक कई उपहार दिए हैं।

बजट पेश करने के दौरान फडणवीस ने कहा कि किसानों के लिए परिव्यय में 6,900 करोड़ रुपए की वृद्धि की गई है और सरकार की स्वास्थ्य बीमा योजना महात्मा फुले जन आरोग्य योजना का कवरेज 1.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है।

वहीं, राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर ने विधान परिषद में बजट प्रस्ताव पढ़े। महाराष्ट्र सरकार ने 2030 तक एक ट्रिलियन डॉलर (82,030 अरब रुपए) की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के राज्य के आर्थिक विकास को 11 प्रतिशत की दर से बढ़ाना होगा।  

बजट में इस बात का जिक्र किया गया है कि महाराष्ट्र में गोवंश आयोग स्थापित किया जाएगा। इसे महाराष्ट्र गोसेवा आयोग के नाम से जाना जाएगा। महाराष्ट्र सरकार ने कहा कि राज्य में देसी गोवंश के संरक्षण, पालन और सुरक्षा के लिए आयोग की स्थापना की जाएगी।

महाराष्ट्र सरकार ने घोषणा की है कि राज्य परिवहन (रोडवेज) की बसों में महिलाओं को टिकट पर 50% की छूट दी जाएगी। शिंदे सरकार ने यह घोषणा की कि पुणे में छत्रपति शिवाजी महाराज को समर्पित विशेष थीम पार्क बनाया जाएगा। इसके लिए सरकार 50 लाख रुपए खर्च करेगी।

महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को एक रुपए में फसल बीमा की गारंटी दी है। नमो शेतकरी योजना के जरिए किसानों को सालाना 6000 रुपए दिया जाएगा। इस तरह केंद्र और महाराष्ट्र सरकार को मिलाकर राज्य के किसानों को सालाना 12,000 रुपए मिलेंगे। महाराष्ट्र सरकार की ओर से जारी बजट में किसानों की कर्जमाफी का भी प्रावधान किया गया है।

भागलपुर में होली पर भिड़े सभापति और वार्ड पार्षद, फायरिंग में Video बनाने वाले युवक की मौत: नवगछिया की घटना, Video वायरल

बिहार के भागलपुर जिले में बुधवार (8 मार्च 2023) को होली पर हुड़दंग को लेकर कुछ लोगों की कहासुनी के बीच हुई फायरिंग में एक युवक की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मृतक युवक घटना के वक्त अपनी छत पर चढ़कर वीडियो बना रहा था, उसी समय उसे गोली लगी और अस्पताल ले जाते वक्त उसकी मौत हो गई।

सोशल मीडिया पर इसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। ट्विटर पर मिहिर झा ने यह वीडियो साझा किया है। उन्होंने नीतीश कुमार सरकार पर तंज कसते हए लिखा, “आरोपित का नाम डब्ल्यू यादव है। वह लॉकडाउन के दौरान भी बंदूक लेकर घूमता था और लिखित शिकायत के बावजूद पुलिस ने उस पर कोई कार्रवाई नहीं की। बिहार में 90 का दशक वापस आ गया है। धन्यवाद नीतीश कुमार जी।”

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला भागलपुर जिले के नवगछिया के राजेंद्र कॉलोनी स्थित दुर्गा स्थान के पास का है। यहाँ कुछ लोग होली पर हुड़दंग कर रहे थे। जब नवगछिया नगर परिषद के सभापति प्रतिनिधि प्रेम सागर उर्फ डब्ल्यू यादव को इस बात की जानकारी हुई, तो वह हथियारों से लैस अपने कुछ गुर्गों के साथ वहाँ पहुँच गए। इस दौरान वहाँ कुछ लोगों के साथ उनकी साथ कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई।

इस बीच वार्ड पार्षद मनीष कुमार सिंह भी वहाँ पहुँच गए और दोनों में हो रही लड़ाई को लेकर बीच-बचाव करने लगे। तभी यादव मनीष सिंह के साथ झगड़ा करने लगा। इसको लेकर दोनों पक्षों में फायरिंग शुरू हो गई। फायरिंग में लगभग 20 राउंड गोलियाँ चलीं। इस दौरान छत से वीडियो बना रहे एक युवक आशीष राज (पिता का नाम प्रदीप पंडित) को गोली लग गई। गोली लगने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

वहीं, मृतक के पिता प्रदीप पंडित ने बताया कि होली के मौके पर डब्ल्यू यादव हथियारों से लैस बॉडीगार्ड के साथ राजेंद्र कॉलोनी आए हुए थे। तभी, मनीष कुमार भी वहाँ पहुँच गए। दोनों के बीच गाली-गलौज होने लगी। देखते ही देखते फायरिंग शुरू हो गई। उन्होंने बताया, “मेरा बेटा अपनी छत पर था। गोली उसके सीने में लगी। उसे इलाज के लिए अनुमंडल अस्पताल नवगछिया ले जाया गया। वहाँ से उसे भागलपुर अस्पताल रेफर कर दिया गया। भागलपुर अस्पताल में इलाज के दौरान आशीष की मौत हो गई।”

इस संबंध में नवगछिया एसपी सुशांत कुमार सरोज ने बताया कि इस घटना का एक वीडियो वायरल हुआ है। पुलिस उसकी जाँच कर रही है। मृतक के पिता की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।

मिशनरी स्कूल में जनजातीय छात्राओं के यौन शोषण पर नहीं की ‘सही’ कार्रवाई: SP का तबादला, डिंडोरी में NCPCR को धर्मांतरण के सबूत मिले

मध्य प्रदेश के डिंडोरी के मिशनरी स्कूल में छात्राओं के यौन उत्पीड़न का मामला सामने आने के बाद एसपी संजय सिंह का तबादला कर दिया गया है। उनपर मिशनरी स्कूल में लड़कियों के साथ छेड़-छाड़ के मामले को सही तरीके से न निपट पाने का आरोप है। उनके अलावा लापरवाही बरतने के आरोप में एक अन्य पुलिस अधिकारी को निलंबित कर दिया गया।

पिछले दिनों डिंडौरी के समनापुर थाना क्षेत्र के जुनवानी गाँव में रोमन कैथोलिक समुदाय के एक स्कूल की 8 छात्राओं ने स्कूल के प्रिंसिपल, गेस्ट टीचर समेत कई लोगों पर छेड़छाड़ व अश्लीलता का आरोप लगाया था। स्कूल जबलपुर डायोकेसन एजुकेशन सोसाइटी (जेडीईएस) द्वारा चलाया जाता है। मामले पर संज्ञान लेते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नाराजगी जताई है। मिली जानकारी के मुताबिक डिंडौरी के एसपी संजय सिंह का तबादला भोपाल पुलिस मुख्यालय में एआईजी के तौर पर कर दिया गया है। बुधवार (08 मार्च, 2023) को होली की छुट्टी होने के बावजूद एसपी के तबादले का आदेश जारी किया गया। वहीं ड्यूटी पर लापरवाही के आरोप में एक अन्य पुलिस अधिकारी को संस्पेंड कर दिया गया।

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष अमान सिंह के पोते पर एफआईआर

बता दें कि जुनवानी स्कूल की पीड़ित छात्राओं को डिंडौरी वन स्टॉप सेंटर में रखा गया था। आरोप है कि 5 मार्च, 2023 को गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष अमान सिंह के पोते 8-10 लोगों के साथ पीड़ित बच्चियों को सेंटर से ले जाने की कोशिश कर रहे थे। वन स्टॉप सेंटर के प्रशासक नीतू तिलगाम ने पुलिस में शिकायत दी कि आरोपितों ने सेंटर परिसर के सामने हंगामा किया और शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने की कोशिश की। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष अमान सिंह पोर्ट और प्रदेश प्रवक्ता राधेश्याम ककोडिया के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

संस्था के स्कूल पर धर्मपरिवर्तन कराने के आरोप

राष्ट्रीय बाल आयोग के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने जाँच के दौरान रोमन कैथलिक संस्था पर कई बड़े खुलासे किए हैं। कानूनगों के अनुसार संस्था द्वारा धर्मपरिवर्तन कराए जाने के सबूत मिले हैं। कानूनगो ने ट्विटर पर लिखा, “जिस संस्था में बच्चों का यौन शोषण हुआ उसको सरकार से फंडिंग मिल रही थी। एक ही परिसर में 4 अलग छात्रावासों के नाम पर सरकारी पैसा लिया जा रहा था। बच्चों से भी फीस ली जा रही थी। संस्था में बपतिस्मा करने व धर्मांतरण के प्रमाण भी मिले हैं। हॉस्टल मानक के अनुरूप नहीं थे।”

क्या है मामला ?

डिंडोरी के जुनवानी में रोमन कैथोलिक समुदाय की जबलपुर डायोकेसन एजुकेशन सोसाइटी (जेडीईएस) द्वारा एक स्कूल चलाया जाता है। इस स्कूल की 8 छात्राओं ने डिंडौरी के महिला थाने में स्कूल के प्रिंसिपल नान सिंह यादव और गेस्ट टीचर पर अपने साथ छेड़छाड़ और अश्लील हरकतें करने का आरोप लगाया है। छात्राओं के अनुसार यह हरकत दोनों आरोपित उन्हें अकेले में अपने कमरों में बुला कर करते थे। दावा है कि आरोपितों ने क्लास 1 और क्लास 2 में भी पढ़ने वाली बच्चों को भी नहीं छोड़ा। मामले का खुलासा होने के बाद राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने इस पर संज्ञान लिया था।

अफगानिस्तान के मजार-ए-शरीफ में बम ब्लास्ट, तालिबानी गवर्नर समेत 3 की मौत: प्रवक्ता मुजाहिद ने कहा- इस्लाम के दुश्मनों ने किया विस्फोट, ISIS पर आशंका

हिंसाग्रस्त इस्लामी मुल्क अफगानिस्तान में गुरुवार (9 मार्च 2023) को भीषण विस्फोट हुआ है, जिसमें तालिबानी गवर्नर सहित 3 लोगों की मौत हो गई है। तालिबान शासन ने इसकी पुष्टि की है। जिस वक्त यह हमला हुआ, उस वक्त अफगान गवर्नर दाऊद मुजम्मिल वहाँ मौजूद थे। इस घटना की जिम्मेदारी अभी तक किसी संगठन ने नहीं ली है।

यह बम विस्फोट अफगानिस्तान के मजार-ए-शरीफ में हुआ है। तालिबान सरकार में स्थानीय पुलिस प्रमुख के प्रवक्ता मोहम्मद आसिफ वजीरी ने बताया कि बल्ख प्रांत की राजधानी मजार-ए शरीफ में गवर्नर के कार्यालय के अंदर विस्फोट हुआ है। इसमें तालिबान द्वारा नियुक्त प्रांतीय गवर्नर सहित तीन लोग मारे गए।

आसिफ वजीरी ने बताया, “आज सुबह एक विस्फोट में बल्ख के गवर्नर मोहम्मद दाऊद मुजम्मिल और दो लोगों की मौत हो गई है।” वजीरी ने कहा कि विस्फोट की प्रकृति अभी तक स्पष्ट नहीं है। अधिकारियों ने कहा है कि मरने वाले लोगों की संख्या में इजाफा हो सकता है और घायलों की संख्या भी बढ़ सकती है।

एक दिन पहले सिंचाई परियोजना की समीक्षा के लिए बल्ख का दौरा करने वाले दो उप-प्रधानमंत्रियों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से दाऊद ने मुलाकात की थी। शीर्ष सरकारी अधिकारियों से मुलाकात की थी। वह तालिबान के टॉप रैंकिंग वाले अधिकारियों में शामिल थे। सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने ट्वीट किया, “इस्लाम के दुश्मनों द्वारा किए गए एक विस्फोट में वह शहीद हो गए।”

मुज़म्मिल को शुरू में नांगरहार के पूर्वी प्रांत का गवर्नर नियुक्त किया गया था। वहाँ उन्होंने पिछले साल बल्ख में स्थानांतरित होने से पहले ISKP आतंकियों के खिलाफ लड़ाई का नेतृत्व किया था। इसके बाद से ही वह ISKP के निशाने पर थे।

इस हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी संगठन ने नहीं ली है, लेकिन माना जा रहा है कि आतंकी समूह इस्लामिक स्टेट (ISIS) का अंग ISKP ने इस घटना को अंंजाम दिया है। अफगानिस्तान में तालिबान का एक प्रमुख प्रतिद्वंद्वी ISIS है। अगस्त 2021 को मुल्क पर कब्जा करने के बाद से तालिबान और ISKP के बीच हिंसक घटनाएँ बढ़ गई हैं।

बता दें कि हाल ही में तालिबान ने इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत (ISKP) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की थी। तालिबान ने ISKP के युद्ध मंत्री और सेना प्रमुख कारी फतेह को मार गिराया था। कारी फतेह को UNSC मॉनिटरिंग टीम ने मई 2022 में ISKP के सैन्य प्रमुख के तौर पर सूचीबद्ध किया था।

कारी फतेह ISKP का प्रमुख रणनीतिकार था। वह अफगानिस्तान सहित विभिन्न जगहों पर हमलों की योजना बनाता था। कहा जाता है कि चीन, रूस और पाकिस्तान के दूतावासों पर हमले के पीछे भी कारी फतेह का ही दिमाग था। बता दें कि दोनों ही संगठन सुन्नी के कट्टरपंथी विचारधारा को मानते हैं। हालाँकि, सत्ता को लेकर दोनों के बीच अलगाव हो गया है।

गौरतलब है कि पिछले साल मजार-ए-शरीफ के प्रांतीय शहर सहित बल्ख में कई हमले हुए थे। इनमें से कुछ हमलों की जिम्मेवारी ISKP ने ली थी। इसी साल जनवरी में एक आत्मघाती हमले में कम-से-कम 10 लोगों की मौत हो गई थी। यह हमला काबुल में विदेश मंत्रालय के पास हुआ था।

CM गहलोत से मिलना था… राजस्थान पुलिस ने लाठियाँ भांजी: पुलवामा के बलिदानियों की विधवाओं से बदसलूकी पर NCW ने लिया संज्ञान, जाँच के आदेश

पुलवामा आतंकी हमले के बलिदानियों की विधवाएँ पिछले कई दिनों से जयपुर में अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही हैं। बलिदानियों के परिजनों ने राजस्थान पुलिस पर उनके साथ बदसलूकी करने और उन्हें प्रताड़ित करने का आरोप भी लगाया है। राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने अब इस पर संज्ञान लिया है। उन्होंने गुरुवार (9 मार्च 2023) को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने राजस्थान के डीजीपी को पत्र लिखकर उन्हें व्यक्तिगत रूप से इस मामले को देखने को कहा है। इसके साथ ही पुलिस अधिकारियों के खिलाफ महिलाओं द्वारा लगाए गए दुर्व्यवहार और मारपीट के आरोपों की जाँच करने का आदेश भी दिया है। आयोग ने इस मामले में विस्तृत एटीआर से एनसीडब्ल्यू को अवगत कराने को भी कहा है।

दरअसल, पुलवामा के बलिदानियों की विधवाओं का कहना है कि गाँधी परिवार से कोई व्यक्ति उनसे आकर मिले और उनकी बात सुने। तभी राजस्थान सरकार उनकी माँगों पर ध्यान देगी। जयपुर में राजस्थान कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सचिन पायलट के घर के बाहर ये धरना प्रदर्शन चल रहा है। उनका कहना है कि सचिन पायलट ने उन्हें गाँधी परिवार के किसी नेता से मिलाने का वादा किया था, लेकिन फिर वो दिल्ली चले गए। होली के दिन भी महिलाएँ वहाँ डटी रहीं।

भाजपा नेता लक्ष्मीकांत भारद्वाज ने मंजू लाम्बा का वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “मुख्यमंत्री से मिलने जा रही पुलवामा के बलिदानी रोहिताश लांबा जी की पत्नी को कॉन्ग्रेस की राजस्थान सरकार की पुलिस ने लाठियाँ से पीटा। इस बिलखती वीरांगना के आँसू आपको सोने देंगे अशोक गहलोत जी?”

इन ‘वीरांगनाओं’ के साथ-साथ भाजपा के राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा भी धरना स्थल पर डटे रहे। किरोड़ी लाल मीणा ने 4 मार्च को अपने ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें पुलिसककर्मियों को पुलवामा हमले में जान गँवाने वाले तीन बलिदानियों की विधवाओं को घसीटते हुए और उसके साथ मारपीट करते हुए देखा गया था।

बता दें कि राजस्थान के पूर्व उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने इस धरने पर बोलते हुए कहा था कि जो माँग बलिदानियों की पत्नियों द्वारा की जा रही है, उसका प्रावधान ही नहीं है। जमीन और नौकरी के वादे राज्य सरकार द्वारा पहले ही पूरे किए जा चुके हैं।