Sunday, April 5, 2026
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‘भटक गए थे, इसलिए हिंदू धर्म छोड़ दिया था’: छत्तीसगढ़ में 1100 ईसाइयों ने की घर वापसी, प्रबल प्रताप जूदेव ने गंगाजल से पखारे चरण

छत्तीसगढ़ में करीब 1100 ईसाइयों ने एक साथ घर वापसी की है। महासमुंद जिले के बसना में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन गुरुवार (19 जनवरी 2023) को ये लोग मूल धर्म में लौटे। बीजेपी नेता प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने गंगाजल से चरण पखारकर सबकी हिंदू धर्म में वापसी करवाई।

रिपोर्ट के अनुसार घर वापसी करने वाले लोगों ने बताया कि वे भटक कर धर्मांतरण का शिकार हो गए और अपना धर्म छोड़ दिया था। अपनी भूल का एहसास होने के बाद वे हिंदू धर्म में लौट आए हैं। कथावाचक पंडित हिमांशु कृष्ण महाराज ने इनलोगों को शपथ दिलाई। जूदेव ने बताया कि करीब 325 परिवारों के 1100 लोग सनातन धर्म में फिर से लौटे हैं।

गौरतलब है कि महासमुंद के कटांगपाली गाँव में मार्च 2022 में भी इसी तरह का एक आयोजन हुआ था। उस समय विश्व कल्याण महायज्ञ के दौरान करीब 1250 लोगों ने घर वापसी की थी। बीजेपी के छत्तीसगढ़ प्रदेश मंत्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव धर्मांतरित लोगों की घर वापसी के लिए अभियान चलाते रहते हैं। इससे पहले क्रिसमस पर पत्थलगाँव के किलकिला में 50 ईसाई परिवारों को वे मूल धर्म में लौटाकर लाए थे।

वाजपेयी की सरकार में मंत्री रहे दिलीप सिंह जूदेव भी इसी तरह चरण पखारकर जनजातीय समाज के उन लोगों की मूल धर्म में वापसी करवाते थे जो ईसाई मिशनरियों के झाँसे में आ धर्म परिवर्तन कर चुके थे। दिलीप सिंह जूदेव का अगस्त 2013 में निधन हो गया था। उसके बाद से इस सिलसिले को उनके बेटे प्रबल प्रताप सिंह जूदेव आगे बढ़ा रहे हैं।

ऑपइंडिया से बातचीत में एक बार प्रबल प्रताप जूदेव ने बताया था, “पिता जी के दिवंगत होने के बाद से मैं इस कार्य को आगे बढ़ा रहा हूँ। छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा जैसे राज्यों में हमलोग 10 हजार से अधिक लोगों की इस तरह के कार्यक्रमों के जरिए घर वापसी करवा चुके हैं। कोरोना महामारी के कारण बीच में करीब दो साल हमारा यह अभियान रुक गया था। अब फिर से हम इसे गति दे रहे हैं।” उन्होंने यह भी बताया था कि छत्तीसगढ़ में कॉन्ग्रेस की सरकार आने के बाद से धर्मांतरण की साजिशें लगातार बढ़ी हैं।

कुश्ती का विवाद भारतीय ओलंपिक संघ तक पहुँचा, पीटी उषा को पत्र लिख रखे 4 डिमांड: बृजभूषण शरण सिंह का इस्तीफे से इनकार

दिल्ली के जंतर-मंतर पर विनेश फोगाट, बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक समेत लगभग 30 पहलवानों के धरने का आज तीसरा दिन है। पहलवानों और खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के बीच एक बार फिर से बैठक होगी। इसके पहले गुरुवार (20 जनवरी, 2023) रात पहलवानों ने उनके साथ डिनर किया था और मामले को लेकर चर्चा की थी। पहलवानों ने आज भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा को पत्र लिखा है। पत्र में कुश्ती संघ (WFI) के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह पर कई आरोप लगाए गए हैं। बृजभूषण सिंह ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है।

धरने के तीसरे दिन पहलवान बजरंग पुनिया ने मीडिया से कहा कि उन्होंने सरकार के सामने अपनी माँगे रख दी हैं और उम्मीद जताई की मामले का निपटारा जल्द ही कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री ने हमेशा खिलाड़ियों का सम्मान किया है। हम प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और खेल मंत्री से निवेदन करेंगे कि इस मामले में जल्द से जल्द हमारी माँगों को सुना जाए।”

जानकारी के मुताबिक खेल मंत्री अनुराग ठाकुर और धरना दे रहे पहलवानों के बीच दोबारा बातचीत होगी। इसके पहले गुरुवार देर रात खेल मंत्री अनुराग ठाकुर और पहलवानों के बीच हुई बातचीत बेनतीजा रही थी। धरना दे रहे पहलवानों ने भारतीय ओलंपिक संघ को पत्र लिखा है। संघ की अध्यक्ष पीटी उषा के नाम इस पत्र में ब्रज भूषण शरण को हटाने समेत चार मुख्य माँगें रखी गई हैं। जो इस प्रकार हैं-

1- यौन उत्पीड़न की शिकायतों की जाँच के लिए कमेटी गठित की जाए।
2- WFI के अध्यक्ष से इस्तीफा लिया जाए।
3- WFI को भंग किया जाए।
4- कुश्ती महासंघ को चलाने के लिए पहलवानों की देख-रेख में एक नई कमेटी बनाई जाए।

खबरों के मुताबिक मामले को लेकर ओलंपिक संघ की बैठक होगी जिसमें पहलवानों की शिकायत पर चर्चा की जाएगी।

इसके पहले पहलवान विनेश फोगाट ने भाजपा नेता और पहलवान योगेश्वर दत्त पर फेडरेशन की गोद में बैठने का इल्ज़ाम लगाया था। योगेश्वर दत्त ने इस पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कहने को तो कोई भी कुछ भी बोल सकता है। 2017 में रेसलिंग छोड़ने के बाद आज तक सिर्फ एक बार फेडरेशन में गया हूँ। फेडरेशन के अध्यक्ष बृजभूषण से भी 1 या 2 बार ही मुलाकात हुई है। उन्होंने कहा कि यदि किसी बहन के साथ गलत हुआ है तो जाँच और कार्रवाई होनी चाहिए। कौन गोद में बैठता है और कौन नहीं, यह सभी जानते हैं।

यौन शोषण समेत कई गंभीर आरोप झेल रहे कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने साफ कर दिया है कि वे इस्तीफा नहीं देंगे। उन्होंने कहा, “मैं किसी की कृपा से अध्यक्ष नहीं बना हूँ। यदि मैंने मुँह खोला तो सुनामी आ जाएगी।” रिपोर्टों के मुताबिक पहलवानों के आरोपों पर आज कुश्ती महासंघ भी जवाब दाखिल कर सकता है।

अंबानी के बेटे को बधाई देने पहुँचे सितारे, पर महफिल लूट ले गया कुत्ता: अनंत-राधिका मर्चेंट की सगाई का ये Video देखा आपने

मशहूर उद्योगपति मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) के छोटे बेटे अनंत अंबानी (Anant Ambani) और राधिका मर्चेंट (Radhika Merchant) की गुजराती रस्मों-रिवाजों के साथ गुरुवार (19 जनवरी 2023) को सगाई सम्पन्न हुई। सगाई का कार्यक्रम मुंबई में मुकेश अंबानी के निवास एंटीलिया पर हुआ। राधिका बिजनेसमैन वीरेन मर्चेंट की बेटी हैं। सगाई समारोह में अंबानी परिवार, उनके दोस्तों के अलावा कई बॉलीवुड सितारे भी पहुँचे। इनके अतिरिक्त अंबानी परिवार का डॉग भी इस कार्यक्रम के बाद काफी चर्चा में है।

गुजराती में सगाई की रस्म को गोल धना की रस्म भी कहते हैं। गोल धना समारोह गुजरातियों में शादी से पहले की रस्म होती है। गोल का मतलब गुड़ होता है और धना का मतलब होता है धनिया के बीज। रस्म के दौरान दुल्हन का परिवार दूल्हे के घर गुड़, धनिया, उपहार और मिठाई लेकर आता है, जिसके बाद दुल्हे और दुल्हन की अँगूठी का आदान-प्रदान किया जाता है। फिर सभी के सामने वर वधु एक-दूसरे को अँगूठी पहनाते हैं और वहाँ उपस्थित दोनों पक्ष की पाँच सुहागन स्त्रियों का आशीर्वाद लेते हैं।

सोशल मीडिया पर अनंत और राधिका की सगाई की तस्वीरें और वीडियो खूब वायरल हो रही हैं। वायरल वीडियो में आप देख सकते हैं कि वधू पक्ष के लोग जब अंबानी आवास पर पहुँचे, तो नीता अंबानी और उनके परिवार ने आरती-मंत्रोच्चारण के साथ राधिका मर्चेंट व उनके परिजनों का स्वागत किया। फिर सभी लोग भगवान कृष्ण का आशीर्वाद लेने मंदिर गए। इसके बाद समारोह स्थल पर भगवान गणेश की पूजा हुई और पारंपरिक रूप से लगन पत्रिका का पाठ किया गया। बाद में गोल धना और चुनरी विधि की शुरुआत हुई, जिसमें दोनों परिवारों ने एक दूसरे को उपहार दिए। गुजराती रस्में निभाने के बाद घर की बेटी ईशा अंबानी ने रिंग सेरेमनी शुरू करने की घोषणा की, जिसके बाद अनंत और राधिका ने एक-दूसरे को अँगूठी पहनाई और परिवार के लोगों का आशीर्वाद लिया।

अंबानी परिवार ने नए जोड़े के लिए स्पेशल डांस भी किया। इस दौरान अनंत और राधिका के पालतू कुत्ते ने भी सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। उनके डॉगी के आने के बाद ही दोनों ने एक दूसरे को सगाई की अँगूठी पहनाई। अनंत और राधिका की सगाई में शाहरुख खान, ऐश्वर्या राय बच्चन, सलमान खान, रणवीर सिंह, अक्षय कुमार, वरुण धवन और दीपिका पादुकोण के अलावा कई बॉलीवुड सेलेब्स ने शिरकत की।

बता दें कि अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट का ‘रोका’ समारोह राजस्थान के श्रीनाथजी मंदिर में 29 दिसंबर 2022 को हुआ था। इस मौके पर श्रीनाथजी मंदिर को शानदार तरीके से सजाया गया था। रोका समारोह में मुकेश अंबानी, कोकिला बेन अंबानी, नीता अंबानी, आकाश अंबानी, आनंद पीरामल सहित परिवार के अन्य लोग शामिल थे।

बेटियों का विवाह, अन्नपूर्णा… महाशिवरात्रि पर 121 कन्याओं की गृहस्थी बसाने की तैयारियों में लगा है धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बागेश्वर धाम

वे बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham) के महंत हैं। नाम है- धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishna Shastri)। भक्तों के लिए वे बागेश्वर धाम सरकार, बागेश्वर महाराज हैं। पर वे खुद को हनुमान जी का सेवक मानते हैं। वे तुलसीपीठाधीश्वर जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्यस्वामी के शिष्य हैं। विरोधी उन पर अंधविश्वास फैलाने का आरोप लगाते हैं। वे अपनी शक्तियों को ध्यान विधि का परिणाम बताते हैं, जो उन्हें दादा गुरु से प्राप्त हुई है।

कहाँ है बागेश्वर धाम?

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के राजनगर तहसील में गढ़ा नाम का एक छोटा सा गाँव है। यही पर अवस्थित है- बागेश्वर धाम। करीब 1500 की आबादी वाले इस गाँव में एक छोटी पहाड़ी पर बागेश्वर धाम सरकार (Bageshwar Dham Sarkar) का मंदिर है। यहाँ, रामभक्त हनुमान, अपने बाल्य स्वरूप बालाजी के रूप में विराजमान हैं। इस जगह पर बागेश्वर भोलेनाथ और संन्यासी बाबा की कृपा भी बताई जाती है।

बागेश्वर धाम की महिमा

दावे किए जाते हैं कि बागेश्वर धाम में बालाजी के दर्शन करने से कई असाध्य रोग दूर हो जाते हैं। लोग यहाँ नौकरी, शादी से लेकर व्यापार और राजनीतिक भविष्य को लेकर अर्जी बाँधने आते हैं। अर्जी वस्त्रों में लिपटा एक नारियल होता है, जिसे मंदिर प्रांगण में बाँध दिया जाता है। ऐसी मान्यता है कि बालाजी की कृपा से अर्जी स्वीकार होती है और लोगों की मन्नतें पूरी हो जाती हैं।

विवादों के बीच बागेश्वर धाम

इस समय बागेश्वर धाम के महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक खास वर्ग के निशाने पर हैं। उनके आरोपों को लेकर महंत का कहना है कि घर वापसी का अभियान चलाए जाने के कारण वे निशाने पर हैं। भले मीडिया में इस विवाद की इन दिनों खूब चर्चा हो, भले बागेश्वर सरकार इस समय रायपुर में हैं, लेकिन बागेश्वर धाम अपनी ही गति से चल रहा है।

बागेश्वर धाम के सेवादार मनोज त्रिवेदी ने ऑपइंडिया को बताया कि यहाँ हर साल कन्याओं का सामूहिक विवाह होता है। इस साल महा शिवरात्रि (18 फरवरी 2023) पर 121 कन्याओं का विवाह होना है। ये कन्या आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से होती हैं या फिर अनाथ। इस समय धाम में इस आयोजन को लेकर तैयारियाँ चल रही है।

मनोज त्रिवेदी ने बताया, “बागेश्वर धाम में गुरुजी (धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री) हर साल गरीब कन्याओं का विवाह कराते हैं। इस साल भी महा शिवरात्रि पर 121 कन्याओं का विवाह होना है। गुरुजी अपनी बहन और बेटी मानकर कन्याओं को विदा करते हैं। गुरुजी उनको वो सब देते हैं जो एक पिता अपनी बेटी को देने की कोशिश करता है। साल 2021 में 108 कन्याओं का विवाह हुआ था। इस साल फिर हो रहा है।”

गरीब कन्याओं का विवाह कराने के बाद आरती उतारते, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री

मनोज त्रिवेदी के अनुसार सामूहिक विवाह का यह आयोजन चार साल से हो रहा है। उनके अनुसार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बचपन में ही इसके लिए संकल्प लिया था। अब उसको हर साल निभा रहे हैं। वे बताते हैं, “गुरुजी का जीवन अभावों से भरा हुआ था। वे बहुत गरीब थे। उनकी बहन की शादी के समय उनके पैसा पैसा नहीं था। तब उन्होंने संकल्प लिया था कि यदि कभी बालाजी की उन पर कृपा होगी और वे जो भी कमाएँगे उससे वह गरीब कन्याओं की शादी कराएँगे। गुरुजी चाहते हैं कि जैसे वो अपनी बहन की शादी के लिए परेशान और दुखी हुए थे ऐसा किसी भाई को न होना पड़े। इसलिए, वह कन्याओं का विवाह कराते हैं।”

विवाह के रजिस्ट्रेशन के लिए बागेश्वर धाम में बकायदा एक कार्यालय बना हुआ है। धाम से मिली जानकारी के अनुसार 2019 में 17 कन्याओं, 2020 और 2021 में 21 कन्याओं का और 2022 में 108 कन्याओं का विवाह कराया था। 2022 में जिन कन्याओं का विवाह हुआ था, उनमें 12 ऐसी थीं जिनके पिता नहीं थे। वहीं, एक कन्या ऐसी थी जिसके माता-पिता दोनों नहीं थे। विवाहित जोड़ों को धाम की तरफ से ही रामचरितमानस के साथ-साथ वो हरेक वस्तु प्रदान की जाती है जो एक गृहस्थी को शुरू करने के लिए आवश्यक है।

बागेश्वर धाम में भंडारा लगातार तीन साल से चल रहा है। इसे अन्नपूर्णा कहते हैं। मनोज त्रिवेदी ने बताया, “गुरुजी नहीं चाहते कि धाम में आने वाला कोई भी व्यक्ति खाली पेट लौटे। इसलिए अन्नपूर्णा शुरू किया गया। यह 3 साल से चल रहा है। यहाँ हर रोज हजारों लोग प्रसाद पाते हैं।”

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर लग रहे आरोपों को लेकर जब मनोज त्रिवेदी से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, “जो लोग गुरुदेव पर आरोप लगा रहे हैं उन्हें दरबार में जाना चाहिए। दरबार में बैठेंगे तो गुरुदेव उनकी सारी पोल खोल देंगे। यहाँ एक से बढ़कर एक लोग आए और चले गए। मीडिया वाले नहीं टिके। नेता लोग आते हैं और प्रणाम कर चले जाते हैं। गुरुजी पर बालाजी का आशीर्वाद है। वह जो कह देते हैं वही होता है।”

बागेश्वर धाम और धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री में जो आस्था मनोज की है, वैसी ही आस्था यहाँ आने वाले हर व्यक्ति के भीतर दिखती है। यही आस्था उन्हें यहाँ तक खींच कर लाती है और यही 26 साल के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को अपने मनमोहक मुस्कान के साथ यह कहने की ताकत भी देती है कि टोपी वालों से भी सीता-राम बुलवा देंगे। चिंता न करो।

जिसने गाया ‘यूपी में बाबा’, उनके घरेलू सहायक को घर में घुसकर मारा: मुस्लिम लड़की से शादी बताई जा रही वजह

उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut, Uttar Pradesh) में मुस्लिम लड़की से शादी करने वाले एक जोड़े के साथ मारपीट की घटना सामने आई है। इस घटना के बाद दंपति ने जान का खतरा बताते हुए थाने में शिकायत दी है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने लड़की के घरवालों को हिरासत में ले लिया है।

इस जोड़े ने कुछ ही दिन पहले प्रेम विवाह किया था। उनका कहना है कि हिंदू होने के कारण मुस्लिम लड़की के घरवाले उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। मुस्लिम लड़की से शादी करने वाले लड़के का नाम साजन है। वह प्रसिद्ध कवयित्री अनामिका जैन अंबर (Anamika Jain Amber) के घर में सहायक का काम करता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, साजन अतवाल उर्फ संजू मेरठ के रेलवे रोड इलाके का रहने वाला है। उसका सदर बाजार की रहने वाली मुस्लिम युवती शाहीन के साथ प्रेम संबंध है। दोनों एक दूसरे से शादी करना चाहते थे, लेकिन साजन के हिंदू होने की वजह से मुस्लिम युवती के घरवालों को यह रिश्ता मंजूर नहीं था।

जब लड़की के घरवालों को पता चला तो वे साजन को जान से मारने की धमकी देने लगे। घरवालों के व्यवहार को देखते हुए शाहीन 8 जनवरी 2023 को साजन के साथ शादी के इरादे से मेरठ से निकल गई। इसके बाद दोनों ने 11 जनवरी 2023 को बदायूँ में हिंदू रीति रिवाज से विवाह कर लिया।

शाहीन के घर से चले जाने के बाद उसके घरवालों ने साजन के घर पहुँचकर हंगामा किया और उसके परिजनों को धमकी दी। शादी के बाद जब साजन और शाहीन घर पहुँचे तो उन्हें धमकी की जानकारी दी गई। इसके बाद उन्होंने मेरठ सदर बाजार थाने पहुँचकर सुरक्षा की गुहार लगाई।

शाहीन ने अपने घर वालों पर अपने पति और उसके घरवालों को परेशान करने का आरोप लगाया है। वहीं, कवयित्री अनामिका जैन अंबर के पति सौरभ जैन सुमन भी इस जोड़े के साथ थाने में नजर आए। उन्होंने भी उत्तर प्रदेश पुलिस से नवविवाहित जोड़े की सुरक्षा के लिए गुहार लगाई।

सौरभ जैन ने ट्वीटर पर जानकारी दी कि रात 10:30 बजे लड़की के परिजन दोबारा साजन के घर पहुँचे। उन्होंने साजन के साथ मारपीट की। सूचना प्राप्त होते ही मौके पर पहुँची पुलिस ने लड़की के परिजनों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस की तरफ से जानकारी दी गई है कि रेलवे रोड थाने में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

नान घोटाले पर BJP ने भूपेश बघेल को घेरा, पूछा- घोटालेबाज इतने प्यारे क्यों: ऑपइंडिया ने छत्तीसगढ़ CM की ‘हिटलिस्ट’ का किया था पर्दाफाश

छत्तीसगढ़ में भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह, उनकी पत्नी और तत्कालीन प्रमुख सचिव अमन सिंह को झूठे मामले में फँसाने के लिए कॉन्ग्रेस ने साजिश रची थी। ऑपइंडिया ने इस खबर का खुलासा किया था कि उस समय के प्रमुख सचिव आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा ने भूपेश बघेल के इशारे पर इस पूरे खेल को रचा था। इसको लेकर भाजपा ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से इस्तीफा माँगा है। इसके साथ ही दोनों अधिकारियों पर कार्रवाई करने की माँग की है।

दरअसल, वर्ष 2015 में भाजपा की सरकार में रमन सिंह मुख्यमंत्री थे। उस वक्त कॉन्ग्रेस ने आरोप लगाया था कि पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) के तहत खराब गुणवत्ता वाले अनाज का वितरण किया जा रहा है। कॉन्ग्रेस ने अधिकारियों पर राइस मिल मालिकों से रिश्वत लेकर घटिया क्वालिटी के चावल खरीदकर बाँटने का आरोप लगाया था।

छत्तीसगढ़ में नागरिक आपूर्ति निगम (NAN) सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत खाद्यान्न खरीदकर लोगों को राशन बाँटने का काम करती रही है। तात्कालिक भाजपा सरकार ने नागरिक आपूर्ति निगम घोटाले की जाँच शुरू की। मुख्य आरोपित आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा समेत 27 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। हालाँकि, उसी दौरान चुनाव में भाजपा हार गई और कॉन्ग्रेस सत्ता में आ गई।

कॉन्ग्रेस की सरकार आते ही जो मुख्य आरोपित थे वे महत्वपूर्ण पदों पर पहुँच गए। आलोक शुक्ला शिक्षा और अन्य विभागों का प्रभारी प्रधान सचिव बनाए गए, जबकि अनिल टुटेजा को उद्योग विभाग का संयुक्त सचिव बनाया गया।

छत्तीसगढ़ भाजपा के नेता और पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने कहा कि कॉन्ग्रेस छल-कपट की राजनीति के आधार पर अपने विरोधियों को फँसाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाती रही है। उन्होंने कहा कि NAN घोटाले में जो दोनों अभियुक्त थे, वे आज राज्य सरकार के नाक के बाल यानी सबसे प्यारे हैं। वे सरकार चलाने के औजार भी बन गए हैं।

राजेश मूणत ने कहा कि NAN घोटाले का आरोप लगाते हुए उस समय के छत्तीसगढ़ कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष भूपेश बघेल ने आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा को भ्रष्टतम अधिकारी बताया था। इसके बाद राज्य में कॉन्ग्रेस की सरकार आई, भूपेश बघेल मुख्यमंत्री बने और एसआईटी का गठन हुआ। एसआईटी ने क्या कहा ये बात आज तक जनता के सामने नहीं पहुँच पाई।

राजेश मूणत ने आगे कहा कि भूपेश बघेल की सरकार ने SIT के प्रमुख GP सिंह को कहा था कि भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह, उनकी पत्नी और तत्कालीन प्रमुख सचिव अमन सिंह को फँसाना है। जब जीपी सिंह ने ऐसा करने से मना कर दिया तो उन्हें साजिश रचने का अभियुक्त बनाकर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।

उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को फँसाने के लिए अधिकारी चैट करते थे। इसमें आलोक शुक्ला निर्देश देते थे और अनिल टुटेजा इसे इसका संचालन करते थे। मूणत ने कहा कि आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा से कॉन्ग्रेस के क्या रिश्ते हैं, ये पार्टी को बताना चाहिए।

ऑपइंडिया को मिले ह्वाट्सएप चैट से हुआ खुलासा

फरवरी 2020 में आयकर विभाग द्वारा छापेमारी के दौरान IPS अनिल टुटेजा और उनके बेटे यश टुटेजा के फोन जब्त कर लिए गए थे। व्हाट्सएप पर टुटेजा के दूसरे अधिकारियों के साथ चैट में विभाग को कई अहम जानकारियाँ मिली हैं। ऑपइंडिया के पास भी यह एक्सक्लूसिव व्हाट्सएप उपलब्ध है। चैट में टुटेजा के एसआरपी कल्लूरी, इंदिरा कल्याण एलेसेला, जीपी सिंह और आरिफ शेख जैसे अधिकारियों के साथ की गई बातचीत उपलब्ध है।

चैट में उपलब्ध बातचीत से यह साफ हो गया है कि अनिल टुटेजा और उनके बेटे यश टुटेजा के इशारे पर राज्य में आपराधिक न्याय प्रणाली का जमकर दुरुपयोग किया गया। व्हाट्सएप चैट से यह भी स्पष्ट होता है कि कैसे राज्य के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी NAN घोटाले के मुख्य अभियुक्तों के सहायक बनकर रह गए हैं। चैट से पता चलता है कि राज्य के प्रमुख सचिव आलोक शुक्ला आरोपित टुटेजा के साथ मिलकर उनके केस को कमजोर करने और उनके विरोधियों पर मुकदमा दर्ज कराने की साजिश रच रहे थे।

राज्य के एक प्रमुख आईपीएस अधिकारी जीपी सिंह द्वारा दिए गए शपथ पत्र और अनिल टुटेजा के साथ हुई व्हाट्सएप चैट से भी मामले में कई चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। जानकारी के मुताबिक आलोक शुक्ला के निर्देशन में अनिल टुटेजा, उनके बेटे यश टुटेजा, अन्य बड़े पुलिस अधिकारियों और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मिलकर राजनीतिक विरोधियों की एक हिटलिस्ट तैयार की थी।

मुख्यमंत्री बघेल न सिर्फ टुटेजा की मदद कर रहे थे बल्कि पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह, उनके परिवार के लोगों, पूर्व प्रमुख सचिव अमन सिंह उनकी पत्नी यास्मीन सिंह, पूर्व डीजी (पुलिस) मुकेश गुप्ता, अशोक चतुर्वेदी और चिंतामणि चंद्राकर जैसे अधिकारियों को भी फँसाने की कोशिश कर रहे थे।

19 अक्टूबर 2022 को छत्तीसगढ़ के NAN घोटाला मामले में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में ईडी ने दावा किया कि मुख्य आरोपितों अनिल टुटेजा और आलोक शुक्ला की राज्य सरकार के बड़े अधिकारियों के साथ मिली भगत है। जो उन्हें बचाने की कोशिश में लगे हैं। ईडी ने मामले को राज्य से बाहर ट्रांसफर करने की अपील की थी।

Air India पर DGCA ने लगाया ₹30 लाख का जुर्माना, पायलट 3 महीने के लिए सस्पेंड: बुजुर्ग महिला पर पेशाब करने का मामला

नागरिक विमानन निदेशालय (DGCA) ने एयर इंडिया (AI) में एक यात्री द्वारा महिला यात्री पर पेशाब करने के मामले पर सख्त रुख अपनाया है। डीजीसीए ने एयर इंडिया पर 30 लाख का जुर्माना लगाया है और पायलट पर ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में उसके लाइसेंस को 3 महीने के लिए निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही इन-फ्लाइट सेवा के निदेशक (Director-in-flight service) पर 3 लाख का जुर्माना लगाया गया है।

वहीं DGCA के आदेश के बाद एयर इंडिया ने भी कमियों को दूर करने की बात कही है। एयर इंडिया ने कहा है, ”हम डीजीसीए के आदेश का अध्ययन कर रहे हैं। हम अपनी रिपोर्टिंग में कमियों को स्वीकार करते हैं और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रासंगिक कदम उठा रहे हैं कि उन्हें दूर किया जाए। हम दुर्व्यवहार करने वाले यात्रियों से जुड़ी घटनाओं से निपटने के लिए अपने कर्मचारियों को जागरूक कर रहे हैं और उसी अनुरूप नीतियों के अनुपालन को भी मजबूत कर रहे हैं।”

26 नवंबर, 2022 को बिजनेस क्लास में यात्रा कर रहे एक शंकर मिश्रा नामक एक शख्स ने शराब के नशे में धुत होकर करीब 70 वर्षीय एक महिला सहयात्री पर पेशाब कर दिया था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपित यात्री ने कथित तौर पर महिला सहयात्री को अपने प्राइवेट पार्ट भी दिखाए थे। इसके बाद आरोपित शख्स दिल्ली एयरपोर्ट पर बेधड़क उतरा और चलता बना था। दिल्ली पुलिस ने उसे 6 जनवरी को गिरफ्तार किया था।

एयर इंडिया ने घटना सामने आने के बाद पहले मिश्रा पर 30 दिन का यात्रा प्रतिबंध लगा दिया था। हालाँकि, 19 जनवरी 2023 को एयर इंडिया ने आरोपित मिश्रा पर चार माह का प्रतिबंध लगा दिया था। यह प्रतिबंध उसपर लगाए गए 30 दिन के प्रतिबंध के अलावा है।

उल्लेखनीय है कि इस घटना के बाद एक और महिला यात्री पर पेशाब करने की घटना सामने आई थी। उसके बाद ये भी पता चला था कि इंदिरा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे (IGI) के गेट पर जौहर अली खान नाम के शख्स ने रविवार (8 जनवरी, 2023) को एयरपोर्ट के गेट नंबर 6 के पास पेशाब कर दिया।

इन घटनाओं के मद्देनजर वामपंथी पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने पूछ दिया था कि अगर उसके नाम में खान होता तो क्या होता तो? वहीं उनकी पत्नी सागरिका घोष ने पूरी हिंदी पट्टी को ‘बीमारू’ करार दिया था। सदानंद धुमे जैसों ने तो कह दिया कि भारत के लोगों का व्यवहार ही सही नहीं है फ्लाइट्स में, जबकि कई भारतीय मानवीय कार्यों के लिए भी जाने जाते हैं।

केजरीवाल ‘झूठे’… दिया भ्रामक और अपमानजनक बयान: दिल्ली के LG सक्सेना ने CM के आरोपों को नकारा, कहा- लंच पर बुलाया था, आए भी नहीं

दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना (Delhi LG VK Saxena) ने शुक्रवार (20 जनवरी 2022) को अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) को पत्र लिखा। इसमें उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री पर भ्रामक, अपमानजनक टिप्पणी करने और निचले स्तर की बयानबाजी पर उतरने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने केजरीवाल को उनके ‘कौन एलजी’, ‘कहाँ से आया एलजी’ वाले बयान को लेकर जवाब भी दिया।

एलजी वी के सक्सेना ने अपने पत्र में केजरीवाल के हेड मास्टर वाले विवादित बयान पर लिखा, “मैं मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के हेड मास्टर के रूप में काम नहीं कर रहा हूँ। जैसा कि आप व्यंग्यात्मक रूप से मेरा जिक्र कर रहे हैं। मैं तो केवल लोगों की एक सौम्य और कर्तव्यनिष्ठ आवाज के रूप में काम कर रहा हूँ।” यही नहीं उन्होंने केजरीवाल पर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और आप विधायकों के साथ 16 जनवरी 2023 को राज निवास तक मार्च के दौरान राजनीतिक ढोंग करने का भी आरोप लगाया है।

उन्होंने कहा, “आपने बीते दिनों विधानसभा के अंदर और बाहर कई ऐसे बयान दिए हैं, जो गुमराह करने वाले, झूठे और अपमानजनक हैं।” केजरीवाल के उनसे नहीं मिलने के आरोप पर दिल्ली के एलजी ने कहा कि वह सीएम से मिलना चाहते हैं और उन्होंने इसके लिए उन्हें (अरविंद केजरीवाल) और डिप्टी सीएम (मनीष सिसोदिया) को फोन भी किया था।

सक्सेना अपने पत्र में आगे लिखते हैं, “मुझे मीडिया रिपोर्टों से पता चला है कि आप सोमवार (16 जनवरी 2023) को विधानसभा छोड़कर राज निवास के बाहर अन्य लोगों के साथ विरोध कर रहे थे, मुझसे मिलने की माँग कर रहे थे। इसलिए, मैंने आपको और डिप्टी सीएम को आमंत्रित भी किया था। मुख्यमंत्री मुझसे मिलने आएँ। मुझे सच में बहुत अच्छा लगता अगर आप मेरे पास होते और मैं आपके साथ लंच करता। हालाँकि, आपने अपने सभी विधायकों के साथ मुझसे मिलने की इच्छा जताने के बाद नहीं आना चुना।”

‘राजनीतिक दिखावे के लिए आपने प्रचार किया’

इस मामले पर उन्होंने आगे कहा कि एक साथ 70 से 80 लोगों के साथ बैठक करना संभव नहीं होता और न ही इससे कोई ठोस उद्देश्य पूरा होता है। केजरीवाल पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए एलजी ने यह भी कहा कि राजनीतिक दिखावे के लिए आपने प्रचार किया कि एलजी ने आपसे मिलने से इनकार कर दिया है।

बीते दिनों विधानसभा में केजरीवाल द्वारा उन पर किए गए हमले का जिक्र करते हुए सक्सेना ने कहा कि ‘कौन एलजी’ और ‘वह कहाँ से आया है’ का जवाब मिल सकता है, अगर आप भारत के संविधान का रुख करें तो। लेकिन ऐसे लोगों को इसका जवाब नहीं दिया जा सकता, जो बेहद निम्न स्तर की बयानबाजी पर उतर आए हैं। उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी के सरकारी स्कूलों में कथित रूप से कम उपस्थिति को लेकर भी केजरीवाल पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति 2012-2013 में 70.73% से गिरकर 2019-2020 में 60.65% हो गई है।

‘निजी स्कूलों में जाने वाले छात्रों की संख्या बढ़ी’

दिल्ली एल-जी ने दावा किया कि केजरीवाल के दावों के विपरीत दिल्ली में निजी स्कूलों में जाने वाले छात्रों की संख्या में वृद्धि हुई है, जबकि 2013-2014 में निजी स्कूलों की हिस्सेदारी 35% थी। वहीं 2019-2020 में यह 43% हो गई है। कोरोना महामारी के कारण भले ही सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ी हो, लेकिन यह संख्या अभी भी लगभग 40% है। उन्होंने शिक्षकों के फिनलैंड दौरे के बारे में भी लिखा और कहा कि उन्होंने प्रस्ताव को अस्वीकार नहीं किया है।

ABP न्यूज+स्वाति मालीवाल की ‘नीयत’ पर उठे सवाल, BJP बोली- दिल्ली पुलिस को बदनाम करने की थी साजिश: कहा था- कार से घसीटा, भगवान ने बचाया

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने गुरुवार (19 जनवरी 2023) को बताया था कि नशे में धुत कार वाले ने उन्हें 15 मीटर तक घसीटा। भगवान ने उन्हें बचा लिया, नहीं तो उनका हाल भी अंजलि जैसा होता। इसका वीडियो वायरल होने के बाद बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया है कि दिल्ली पुलिस को बदनाम करने के लिए स्वाति मालीवाल ने एबीपी न्यूज के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया।

बीजेपी नेता शाजिया इल्मी ने शुक्रवार (20 जनवरी 2023) को अपने ट्विटर हैंडल पर सिलसिलेवार कई वीडियो शेयर कर स्वाति मालीवाल, आम आदमी पार्टी और एबीपी न्यूज चैनल पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने लिखा, “एबीपी न्यूज और स्वाति मालीवाल ने साथ मिल कर एक स्टिंग ऑपरेशन किया, जिसका मकसद सिर्फ दिल्ली पुलिस को बदनाम करना था। क्यों कोई निजी चैनल एक राजनीतिक पार्टी के साथ मिलकर एक संवैधानिक पद पर बैठी महिला आयोग की अध्यक्ष के साथ दिल्ली पुलिस के खिलाफ ऐसा षड्यंत्र करेगी?”

वीडियो में उन्होंने कहा है, “जिस तरह से आम आदमी पार्टी और एबीपी न्यूज ने स्वाति मालीवाल की मदद से एक स्टिंग ऑपरेशन किया, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उनका मकसद केवल दिल्ली पुलिस को बदनाम करना है। लेकिन दिल्ली पुलिस की सर्तकता के चलते उनका ये षड्यंत्र पूरी तरह से विफल हो गया है। अब सोचने वाली बात यह है कि क्यों कोई चैनल अपनी टीआरपी बढ़ाने के लिए या कोई पार्टी अपनी राजनीति चमकाने के लिए महिला सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दे को इस्तेमाल करेगी। नैतिकता के तकाजे पर बहुत ही गंभीर सवाल खड़े होते हैं।”

शाजिया इल्मी के अलावा दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता हरीश खुराना ने भी स्वाति मालीवाल की मंशा पर सवाल उठाया और पूछा कि आखिरकार महिला आयोग की अध्यक्ष 14 घंटे तक चुप क्यों रहीं? घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बीजेपी ने दावा किया कि दिल्ली पुलिस का मनोबल गिराने के लिए इस मुद्दे को तूल दिया गया। दिल्ली के विपक्षी दल भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि वायरल वीडियो से पता चलता है कि मालीवाल ने कार से चाबी निकालने की कोशिश की थी।

हरीश खुराना ने टाइम्स नाउ न्यूज चैनल को बताया, “सब लोग सोशल मीडिया पर देख रहे हैं कि किस तरह से झूठा प्रपंच रचते हुए आप खुद रात के 2 से 2.30 बजे के बीच लोगों की कार की चाबियाँ निकाल रही हैं। मैं आपसे सवाल पूछना चाहता हूँ कि आप जिस तरह से दिल्ली, दिल्ली वालों और दिल्ली पुलिस का मोरल डाउन कर रही हैं, वह निंदनीय है। आप 14 घंटे तक चुप क्यों रहीं?”

बीजेपी दिल्ली ने भी इस घटना को लेकर ट्वीट किया। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, “कल रात आम आदमी पार्टी और एबीपी न्यूज चैनल ने दिल्ली का मनोबल गिराने और पुलिस को बदनाम करने के लिए स्वाति मालीवाल के साथ मिलकर एक कथित स्टिंग ऑपरेशन किया, लेकिन दिल्ली पुलिस ने समय पर इस तरह त्वरित कार्रवाई की, जिससे इनके सारे मंसूबे ‘फेल’ हो गए।” पार्टी ने कहा है , “दिल्ली पुलिस की त्वरित कार्रवाई से आम आदमी पार्टी, एबीपी न्यूज चैनल और स्वाति मालीवाल के गंदे षड्यंत्र और झूठे ऑपरेशन का पर्दाफाश हुआ और दोनों को मुँह की खानी पड़ी। आखिर दिल्ली पर इतना अविश्वास क्यों?”

इसके अलावा कई नेटिजन्स ने भी स्वाति मालीवाल की वीडियो पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि जब कार रुकी, तो स्वाति मालीवाल उनसे बात करने के लिए आगे बढ़ीं। जब कार फिर से वापस आई, तो वह बात करने के लिए खुद ड्राइवर की तरफ गई। ड्राइवर ने कथित तौर पर गाड़ी का शीशा इसलिए बंद कर लिया था, क्योंकि स्वाति मालीवाल ने कार के अंदर अपना हाथ डाला था। इसके बाद कार आगे चली गई। हालाँकि, य​ह वीडियो उस वक्त रुक जाता है। इसमें स्वाति मालीवाल को कार से घसीटते हुए नहीं दिखाया गया है।

एबीपी न्यूज ने इस घटना पर अपनी रिपोर्ट में इस वीडियो को भी चलाया। चैनल रात में स्वाति मालीवाल के साथ था। चैनल ने कहा कि यह घटना एबीपी न्यूज के कैमरों में कैद हो गई थी। चैनल ने डीसीडब्ल्यू प्रमुख की रात की अन्य फुटेज भी दिखाई है।

कई सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल किया है कि स्वाति मालीवाल को बीच सड़क पर ड्राइवर की तरफ जाने की क्या जरूरत थी और फिर उसने कार के अंदर हाथ क्यों डाला। ध्यान देने योग्य है कि हाईवे पर दूर से शूट किए गए वीडियो में स्वाति की आवाज असामान्य रूप से स्पष्ट और काफी तेज सुनाई दे रही है। शायद उन्होंने लैपेल माइक पहन रखा था, क्योंकि रात में एबीपी न्यूज की टीम उनके साथ थी।

वहीं, स्वाति मालीवाल ने दावा किया है कि ड्राइवर उन्हें कार में बैठने के लिए मजबूर कर रहा था। वीडियो में ड्राइवर की आवाज सुनाई नहीं दे रही है। अजीब बात यह है कि जब ड्राइवर उन्हें छोड़ने के लिए कहता है, तो वह उससे बार बार पूछती रहती है कि वह उसे कहाँ छोड़ेगा। वह एक बार फिर ड्राइवर की तरफ बढ़ती है और वही सवाल पूछती है।

दूसरी ओर स्वाति मालीवाल ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने घटना के तुरंत बाद पुलिस को फोन किया, जिसके बाद ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘आप’ का सदस्य होने को लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है। जो लोग उनसे ड्राइवर की साइड जाने और कार के अंदर हाथ डालने के लिए सवाल कर रहे हैं, वह पीड़िता को शर्मसार करने वाला है।

बता दें कि आरोपित की पहचान संगम विहार निवासी हरीश चंद्र के रूप में हुई है, जिसे पुलिस में शिकायत दर्ज होने के तुरंत बाद गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस ने बताया कि 47 वर्षीय आरोपित नशे की हालत में था, जब उसने डीसीडब्ल्यू प्रमुख के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया। आरोपित के खिलाफ आईपीसी की धारा 323, 341, 354, और 509 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसके अलावा आरोपित घटना में शामिल कार को भी जब्त कर लिया गया है।

DCP चंदन सिंह ने बताया कि हौज़ खास थाने से एक कॉल आया था कि एक महिला को एक कार वाले ने गलत इशारे किए और 10-15 मीटर तक घसीटा। जिस महिला के साथ बदसलूकी हुई है, वह दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल है।

कभी थे IPS, आज कॉन्ग्रेस के त्रिपुरा प्रभारी: पहले बाइक रैली के बहाने BJP कार्यालय में तोड़फोड़, फिर CRPF को लेकर बोला झूठा

त्रिपुरा के मजलिसपुर निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा और कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच गुरुवार (20 जनवरी 2023) को झड़प हो गई। आरोप है कि कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा के पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की, जिसके बाद यह झडप हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये घटना कॉन्ग्रेस पार्टी की बाइक रैली के दौरान हुई। कॉन्ग्रेस ने कहा कि जब उनकी रैली सचिंद्र लाल कॉलोनी, रानीरबाजार टाउनहॉल क्षेत्र और बृद्धनगर से गुजर रही थी तो भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनपर पथराव किया ।

पार्टी ने आगे दावा किया कि घटना के बाद 15 से अधिक पार्टी कार्यकर्ताओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कॉन्ग्रेस ने भाजपा के मंत्री और मजलिसपुर के विधायक सुशांत चौधरी पर कथित रूप से हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया है।

दूसरी ओर आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक सुशांत चौधरी ने बताया कि बाइक रैली के दौरान भाजपा कार्यालय पर कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने हमला किया था । उन्होंने कहा, ”सबसे पहले, उनके पास रैली आयोजित करने के लिए पुलिस की कोई अनुमति नहीं थी। अचानक बाइक सवार कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय पहुँचे और तोड़-फोड़ शुरू कर दी।”

उन्होंने यह भी बताया कि कॉन्ग्रेस पार्टी की बाइक रैली में केशब सरकार और मनोरंजन देबनाथ नाम के दो जाने-माने अपराधियों ने हिस्सा लिया था। चौधरी ने आरोप लगाया कि सीपीआईएम- कॉन्ग्रेस (CPIM-Congress) गठबंधन बाहर से लोगों को लाकर राज्य में अशांति पैदा करने की कोशिश कर रही है।

CRPF ने कॉन्ग्रेस नेता के दावों की निकाली हवा

इस बीच, त्रिपुरा कॉन्ग्रेस के प्रभारी डॉ अजय कुमार जो कभी आईपीएस थे, उन्होंने कथित गुंडों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने के लिए CRPF के एक ऐसे अधिकारी डीएस राव पर निशाना साधा, जो वहाँ मौजूद थे ही नहीं। 

एक ट्वीट में, उन्होंने दावा किया, ”आईजी सीआरपीएफ डीएस राव के सामने से तलवारों और लाठियों के साथ गुंडों के तीन समूह गुजरे और उन्होंने कुछ नहीं किया। मुझे मोटरसाइकिल पर अस्पताल ले जाया जा रहा था। दरअसल, एक बदमाश ने उनके सामने ही मेरी पीठ पर लाठी से वार कर दिया। शर्म करो डीएस राव।”

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने कॉन्ग्रेस पदाधिकारी पर पलटवार किया और उनके फर्जी दावों की हवा निकाल दी। CRPF ने ट्वीट कर कहा, ”सीआरपीएफ के आईजी द्वारा निष्क्रियता के आपके आरोपों पर, हम केवल आपको यह सूचित करना उचित समझते हैं कि सीआरपीएफ में कोई महानिरीक्षक डी एस राव कार्यरत नहीं है।”

इस बीच, किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। चुनाव आयोग ने बुधवार (18 जनवरी 2023) को पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा की थी। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा था, “त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान एक ही चरण में 16 फरवरी 2023 को और नागालैंड और मेघालय में 27 फरवरी 2023 को होगा। परिणाम 2 मार्च 2023 को घोषित किए जाएँगे।”

सीईसी ने कहा था, “नागालैंड, मेघालय और त्रिपुरा में संबंधित राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल क्रमशः 12, 15 और 22 मार्च को समाप्त होने वाला है। तीनों राज्यों में प्रत्येक में 60 विधानसभा क्षेत्र हैं।”