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मुझे मेरे पति से मिलवाओ, वरना जान से दूँगी… अतीक अहमद के गुंडों ने यूपी पुलिस के संदीप निषाद को भी मार डाला: गरीब है परिवार, ‘दलित संगठनों’ ने साधी चुप्पी

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में पूर्व सांसद अतीक अहमद के बेटे ने गुंडों के साथ मिल कर विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल को गोलियों से भून डाला। उनके अलावा एक और व्यक्ति की हत्या की गई। वो थे उमेश पाल के गनर संदीप निषाद, जो यूपी पुलिस में कार्यरत थे। 26 वर्षीय संदीप निषाद आजमगढ़ के अहिरौला थाना क्षेत्र के बिसईपुर गाँव में रहने वाले थे। तीन भाइयों में वो दूसरे नंबर पर थे। उनकी एक बहन भी है।

संदीप अपने बड़े भाई प्रदीप निषाद को अपने साथ प्रयागराज में ही रखते थे, जो वहाँ प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयारी कर रहे हैं। वहीं छोटा भाई दीपचंद्र घर पर माँ-पिता के साथ रहते हैं। गाँव में जब पोस्टमॉर्टम के बाद संदीप की डेड बॉडी पहुँची तो भारी भीड़ जुट गई। मुआवजे के साथ-साथ घर तक सड़क बनवाने और एक सरकारी नौकरी देने की माँग हो रही है। अंतिम संस्कार में पुलिस-प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे।

संदीप निषाद का बचपन काफी गरीबी में बीता था। पिता संतराम एक साधारण किसान हैं। घर पर ठीक से छप्पर तक नहीं है। 2018 में संदीप निषाद का यूपी पुलिस में चयन हुआ था। वहीं 2021 में उनकी शादी कराई गई थी। एक बेहद गरीब परिवार जिसकी आर्थिक स्थिति अब ठीक हो रही थी, फिर से पुरानी से भी बदतर स्थिति में चला गया है। जिले के दुर्वासा धाम पर उनका अंतिम संस्कार हुआ। शवयात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

संदीप की पत्नी रीमा और माँ का रो-रो कर बुरा हाल है। संदीप के बड़े भाई प्रदीप सरकारी अध्यापक बनना चाहते हैं। संदीप अपनी पत्नी रीमा को भी किराए वाले घर में साथ ही रखते थे। रीमा रोते हुए बार-बार यही कह रही थीं कि उन्हें उनके पति से मिलवाया जाए, वरना वो भी अन्न-जल त्याग कर जान दे देगी। संदीप निषाद का शव पुलिस लाइन भी लाया गया था, जहाँ उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। पुलिस के वाहन में ही पार्थिव शरीर को आजमगढ़ ले जाया गया। दलितों के हितों की बात करने का दावा करने वाले संगठनों ने संदीप निषाद पर चुप्पी साध रखी है।

उमेश पाल की हत्या में शामिल अपराधियों में चार की पहचान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हो गई है। इनमें से एक गैंगस्टर अतीक अहमद का बेटा असद भी है। इसके अलावा, अतीक का करीबी बमबाज गुड्‌डू मुस्लिम, अरमान और मोहम्मद गुलाम की भी पहचान हुई है। ये चारों प्रयागराज के रहने वाले हैं। हमले में कुल 7 लोग शामिल थे। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के मुस्लिम बोर्डिंग छात्रावास में छापा मारकर अतीक अहमद के करीबी शूटर मोहम्मद गुलाम के 3 गुर्गों को हिरासत में लिया है।

52 साल से हमारे पास घर नहीं… राहुल गाँधी की बात पर सोनिया ने फेरे रखा मुँह: PM आवास से बड़ा है 10 जनपथ, रेंट मात्र ₹4610

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में चल रहे कॉन्ग्रेस के 85वें अधिवेशन के आखिरी दिन राहुल गाँधी ने अपना भाषण दिया। इस भाषण में उन्होंने अपनी भारत जोड़ो यात्रा का तो जिक्र किया ही लेकिन साथ में वह 1977 के एक अनुभव के बारे में भी बोलते दिखे। उन्होंने बताया कि 52 साल हो गए हैं उनके पास अपना घर नहीं है। अब उनके इस बयान की सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं। वहीं वीडियो में देख सकते हैं कि राहुल के बोलते वक्त सामने बैठी सोनिया गाँधी भी इधर-उधर देख रही हैं।

समाचार एजेंसी द्वारा शेयर की गई वीडियो में राहुल गाँधी कहते हैं, “मैं छोटा था, 1977 की बात है। चुनाव आया, मुझे उसके बारे में कुछ नहीं मालूम था। घर में अजीब सा माहौल था। मैंने माँ से पूछा मम्मी क्या हुआ। माँ ने कहा हम घर छोड़ रहे हैं। तब तक मैं सोचता था कि वो घर हमारा था। मैंने माँ से पूछा हम घर क्यों छोड़ रहे हैं। पहली बार माँ ने मुझे बताया कि ये हमारा घर नहीं है। ये सरकार का घर है। अब हमें यहाँ से जाना है। मैंने पूछा कहाँ जाना है तो कहती हैं कि नहीं मालूम कहाँ जाना है। मैं हैरान था। मैंने सोचा था कि वो हमारा घर था। 52 साल हो गए मेरे पास घर नहीं है। आज तक नहीं है।”

राहुल के इस बयान के बाद जहाँ कुछ लोग उनसे सवाल कर रहे हैं तो कुछ लोग उनका मजाक भी उड़ा रहे हैं। सवाल उनसे हो रहा है कि अगर घर नहीं है तो अब तक कहाँ रह रहे हैं और मजाक ये कहकर उड़ाया जा रहा है कि राहुल को पीएम आवाज योजना के तहत एक मकान अपने ले लिए लेना चाहिए। कुछ लोग ये भी कह रहे हैं कि अगर उनके पास 52 साल से अपना घर नहीं है तो फिर इटली में क्या है।

बता दें कि राहुल गाँधी के इस बयान का मजाक इसलिए भी उड़ रहा है क्योंकि सोनिया गाँधी को सरकार से मिला हुआ 10 जनपथ बंगला पिछले साल ही चर्चा में आया था। खबरें आई थीं कि सोनिया का 10 जनपथ बंगला केवल देश के अन्य नेताओं के बंगलों के मुकाबले सबसे बड़ा नहीं है बल्कि ये पीएम निवास से भी बड़ा है। सेंट्रल पब्लिक डिपार्टमेंट के मुताबिक पीएम निवास का एरिया 14,101 वर्ग मीटर है जबकि सोनिया गाँधी को मिला बंगला 15,181 वर्ग मीटर में फैला है जिसकी कीमत केवल सोनिया गाँधी के लिए 4, 610 रुपए प्रतिमाह है जबकि मार्केट वैल्यू के हिसाब से इसका किराया 20 लाख तक हो सकता है।

टैक्स UPA काल का, दोष मोदी सरकार को: फिर झूठ फैलाते हुए पकड़े गए TMC सांसद, 12 साल पुरानी चिट्ठी शेयर कर के अब आंदोलन की धमकी

तृणमूल कॉन्ग्रेस के राज्यसभा सांसद जवाहर सरकार ने शनिवार (25 फरवरी, 2023) को नारायण हृदयालय के डॉ. देवी शेट्टी का एक लेटर शेयर किया। इस लेटर में देवी शेट्टी ने स्वास्थ्य सेवाओं पर सर्विस टैक्स को ‘दुःखद टैक्स’ कहा था। इस लेटर को शेयर करते हुए जवाहर सरकार ने पोस्ट में लिखा था, “डॉ. देवी शेट्टी से पूरी तरह सहमत हूँ। स्वास्थ्य सेवाओं पर मोदी-निर्मला का सर्विस टैक्स मध्यम वर्ग और गरीबों को तबाह कर देगा। इस टैक्स को वापस ले लो।”

समाचार पत्रों में विज्ञापन के तौर पर प्रकाशित हुए पत्र में डॉ. देवी शेट्टी ने बजट में स्वास्थ्य सेवाओं पर 5 प्रतिशत के प्रस्तावित सर्विस टैक्स का विरोध किया है। इस टैक्स को ‘दुखद टैक्स’ बताते हुए 12 मार्च को सुबह 11 बजे प्रत्येक राज्य के राज्यपाल आवास पर टैक्स वापस लेने की याचिका के साथ लोगों को इकट्ठा होने के लिए कहा था।

इस पोस्ट में जवाहर सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर निशाना साधा। लेकिन डॉ. शेट्टी के लेटर को शेयर करने से पहले उन्होंने इसकी सच्चाई जानने की कोशिश नहीं की। ऑपइंडिया ने जब उनके द्वारा शेयर की गई फोटो की जाँच की तो हमें मार्च 2011 तक की कई रिपोर्टें मिलीं जिनमें यह तस्वीर थी। इसमें से एक रिपोर्ट में कहा गया था कि प्राइवेट हॉस्पिटलों द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर टैक्स की आलोचना करते हुए डॉ. शेट्टी ने एक लेटर जारी किया था।

यही नहीं, इसकी जाँच करते हुए ऑपइंडिया ने पाया कि साल 2011 में तत्कालीन वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने 25 से अधिक बेड और एयर कंडीशन जैसी सुविधाओं वाले हॉस्पिटल पर 5 प्रतिशत सर्विस टैक्स लगाने का प्रस्ताव दिया था। इस प्रस्ताव के तुरंत बाद, स्वास्थ्य सेवाओं (हॉस्पिटल इत्यादि) से जुड़े लोगों ने इसकी व्यापक रूप से आलोचना की थी। 2011 की रिपोर्ट्स के अनुसार, डॉ. शेट्टी ने तत्कालीन वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी से भी मुलाकात की और उनसे प्रस्तावित टैक्स वापस लेने का आग्रह किया था।

देश भर में इस टैक्स की आलोचना होने के बाद यूपीए सरकार को झुकना पड़ा और उन्हें प्रस्तावित टैक्स वापस लेना पड़ा था। इसके बाद एक बयान में डॉ. शेट्टी ने कहा था, “मुझे खुशी है कि वित्त मंत्री ने सर्विस टैक्स को वापस लेने का फैसला किया है। मैं दो हफ्ते पहले वित्त मंत्री से मिला था और उस समय उनका विचार था कि यह टैक्स आम आदमी को नुकसान पहुँचाएगा। इसलिए वह इस टैक्स को लेकर कुछ करना चाहते हैं।”

उल्लेखनीय है कि बाद में सर्विस टैक्स को जीएसटी में ही शामिल कर लिया गया। यानी अब किसी भी चीज पर अलग से सर्विस टैक्स नहीं लगता है।

इस पूरे मामले को सीधे शब्दों में कहें तो साल 2011 के बजट में तत्कालीन वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने स्वास्थ्य सेवाओं पर सर्विस टैक्स लगाने का प्रस्ताव दिया था। हालाँकि, देश भर में हुई आलोचना बाद सरकार ने इसे वापस ले लिया था। तृणमूल कॉन्ग्रेस नेता जवाहर सरकार ने जो पोस्ट शेयर किया है, वह डॉ. शेट्टी द्वारा साल 2011 में लिखे एक एक लेटर की कटिंग है। इस तरह से जवाहर सरकार ने अपने पोस्ट के माध्यम से मोदी सरकार को लेकर झूठ फैलाने की कोशिश की।

पहले भी झूठ फैलाते रहे हैं जवाहर सरकार

यह पहली बार नहीं है जब जवाहर सरकार ने फर्जी खबरें शेयर की हैं। सितंबर 2022 में, पीएम मोदी की दो तस्वीरें वायरल हुईं। इन तस्वीरों को लेकर दावा किया जा रहा था कि पीएम मोदी लेंस कवर के साथ फोटो खींच लर रहे थे। वहीं, एक अन्य फोटो में प्रधानमंत्री मोदी लेंस फिल्टर के साथ फोटो खींचते हुए दिखाई दे रहे थे। हालाँकि, लोगों ने लेंस फिल्टर को लेंस कवर बताते हुए ट्वीट किए थे। वहीं, कुछ लोगों ने तो लेंस फिल्टर के आगे लेंस कवर को सेट करते हुए फेक फोटो शेयर की थी।

इन सबमें दिलस्चप बात यह रही कि फोटो एडिट करने वाले व्यक्ति को इस बात का होश नहीं था कि कैनन का लेंस कैप निकॉन लेंस में फिट नहीं होगा। वापस मुद्दे पर लौटें तो, जवाहर सरकार ने भी ऐसी ही एक फोटो शेयर की थी। हालाँकि बाद में जब नेटिजेन्स ने उनके इस दावे की पोल खोली तो उन्होंने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया था।

जवाहर सरकार ने जून 2021 में पीएम मोदी की एक और एडिटेड फोटो शेयर की थी। इस फोटो में उन्होंने लिखा था ”काश साथी सांसदों और अन्य राजनीतिक लोगों को भी प्रधानमंत्री से इस तरह का शिष्टाचार और मिलनसारिता मिले। एक परिपक्व लोकतंत्र में, हम दो-तरफा संबंध, एहसान और लेनदेन को समझेगें। किसी दिन, इतिहास हमें बताएगा।” इस तस्वीर में पीएम मोदी को रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन मुकेश अंबानी की पत्नी नीता अंबानी को विनम्रता से नमस्कार करते हुए दिखाया गया है। हालाँकि यह तस्वीर फर्जी और फोटोशॉप्ड थी।

यही नहीं, जवाहर सरकार ने दिसंबर 2021 में भी एक फर्जी वीडियो शेयर किया था। इस वीडियो में कहा गया था कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह के दौरान पीएम मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विरोध वाले नारों के साथ स्वागत किया गया था। हालाँकि इसके बाद नेटिजन्स ने ओरिजनल वीडियो दिखाते हुए उन्हें आइना दिखाया था। ओरिजनल वीडियो में लोग प्रधानमंत्री मोदी और योगी आदित्यनाथ के समर्थन में नारेबाजी करते हुए दिखाई दे रहे थे।

दिसंबर 2021 में जवाहर सरकार ने एक बार फिर पीएम मोदी द्वारा उपयोग की जाने वाली मर्सिडीज-मेबैक 650 की कीमत को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने यह दावा करने की कोशिश की थी कि अत्याधुनिक कार का इस्तेमाल राज्य के मुखिया की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए नहीं बल्कि पीएम मोदी के अहंकार को संतुष्ट करने के लिए किया जाता है। हालाँकि सच्चाई यह है कि यह कार भारत के प्रधानमंत्री पद के लिए है न कि उस व्यक्ति के लिए जो इस पद पर काबिज होता है। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पद से हट जाएँगे, तब यह कार अगले प्रधानमंत्री के काफिले में शामिल होगी। यानी, यह पीएम मोदी को विरासत के तौर पर मिलने वाली नहीं है।

7 गोलियाँ, 6 निकल गईं आर-पार… उमेश पाल के हत्यारों में शामिल था अतीक अहमद का बेटा, मुस्लिम छात्रावास में छिपे शूटरों को पुलिस ने दबोचा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Aditynath) ने विधानसभा में कहा था कि वे राज्य के माफियाओं को मिट्टी में मिलाकर दम लेंगे। प्रयागराज में बसपा के विधायक राजू पाल की हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की हत्या के मामले में इसका असर दिखने लगा है। इस हमले में शामिल अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने 10 टीमों का गठन किया है।

ये टीमें हमलावरों को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। उमेश पाल की हत्या में शामिल अपराधियों में चार की पहचान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हो गई है। इनमें से एक गैंगस्टर अतीक अहमद का बेटा असद भी है। इसके अलावा, अतीक का करीबी बमबाज गुड्‌डू मुस्लिम, अरमान और मोहम्मद गुलाम की भी पहचान हुई है। ये चारों प्रयागराज के रहने वाले हैं। हमले में कुल 7 लोग शामिल

ADG लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार और एडीजी STF अमृत अभिजात ने प्रयागराज में डेरा डाले हुए हैं और घटना की खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं। बाकी अपराधियों की पहचान की जा रही है। देर रात STF और SOG टीम ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के मुस्लिम बोर्डिंग छात्रावास में छापा मारकर अतीक अहमद के करीबी शूटर मोहम्मद गुलाम के 3 गुर्गों को हिरासत में लिया है। तीनों हमले के बाद मुस्लिम बोर्डिंग छात्रावास में छिपे थे।

STF के ADG अमृत अभिजात के नेतृत्व में रात भर छापेमारी जारी रही। अब तक अतीक के बेटों समेत 20 से ज्यादा संदिग्धों को पुलिस ने पूछताछ के लिए उठाया है। अतीक का बेटा असद अभी पुलिस की पकड़ से दूर है। वही, इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड माना जा रहा है।

अपराधियों ने उमेश पाल पर कई राउंड फायरिंग पर 2 बम फेंके थे। शनिवार (25 फरवरी 2023) को हुए पोस्टमॉर्टम में पता चला कि उमेश को कुल 7 गोलियाँ लगी थीं। ये गोलियाँ काफी नजदीक से फायर की गई थीं। इसके कारण 6 गोलियाँ उनके शरीर को बेधते हुए पार हो गईं, जबकि एक गोली शरीर में ही फंसी रह गई। डॉक्टरों ने उसके शरीर पर कुल 13 चोट के निशान बताए हैं।

ये सभी गोलियाँ ऑटोमेटेड पिस्टल से मारी गई हैं। वहीं, अतीक अहमद के चकिया स्थित घर के पास खाली प्लॉट में एक काले रंग की क्रेटा कार मिली है। इस कार का नंबर बदला हुआ था। पुलिस ने कार को कब्जे में लेकर उसके इंजन नंबर और चेचिस नंबर के आधार पर कार मालिक का पता लगाने में जुटी हुई है। कहा जा रहा है कि इस पूरे घटनाक्रम में अतीक अहमद से पूछताछ की जाएगी।

बता दें कि राजू पाल की पत्नी जया पाल की शिकायत पर धूमनगंज थाने में अतीक अहमद, उसके भाई अशरफ, उसकी पत्नी शाइस्ता परवीन, उसके दो बेटों, उसके साथी गुड्डू मुस्लिम और गुलाम एवं 9 अन्य साथियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 148, 149, 302, 307, 506, 120-बी, 34, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम,1908 की धारा 3 और आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम, 1932 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

घाटी में बहा एक और कश्मीरी पंडित का खून, बालाकोट एयर स्ट्राइक की बरसी के दिन संजय शर्मा को मार डाला: सिक्योरिटी गार्ड का करते थे काम

जम्मू कश्मीर के पुलवामा में संजय शर्मा नामक एक कश्मीरी पंडित की हत्या कर दी गई। वो बतौर सिक्योरिटी गार्ड कार्यरत थे। उनकी उम्र 40 साल थी। केंद्र शासित प्रदेश में अभी भी हिन्दुओं की टारगेट किलिंग जारी है। संजय शर्मा पर आतंकियों ने तब गोलियाँ बरसाई, जब वो स्थानीय बाजार में जा रहा थे। स्थानीय लोग उन्हें नजदीकी अस्पताल में लेकर गए, जहाँ घाव के कारण उनकी मौत हो गई। गाँव में वो सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते थे।

उन्हें इस नौकरी के लिए हथियार भी मिला हुआ था। कश्मीर पुलिस ने बताया है कि उस इलाके को घेर कर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। संजय शर्मा एक प्राइवेट बैंक में बतौर सिक्योरिटी गार्ड कार्यरत थे। ये घटना रविवार (26 फरवरी, 2023) को सुबह के करीब 10 बजे हुई। उन पर गोलियाँ चलाने वाले आतंकियों की संख्या 2 बताई जा रही है। जम्मू कश्मीर पिछले साल भी कई हिन्दुओं को निशाना बनाया गया था और टारगेट किलिंग हुई थी।

संजय शर्मा पुलवामा के अचन इलाके के रहने वाले थे। पिछले 4 महीनों में किसी कश्मीरी पंडित पर ये पहला हमला है। इससे पहले अक्टूबर में ऐसी घटना हुई थी। पिछले दो दिनों में ये दूसरी ऐसी घटना है। एक दिन पहले ही आतंकियों ने अनंतनाग में आसिफ अली गनइ नामक एक व्यक्ति को गोली मार कर घायल कर दिया था। आसिफ के अब्बा हेड कॉन्स्टेबल हुआ करते थे, जिन्हें पिछले साल आतंकियों ने मार डाला था। पिछले साल कई हिन्दू प्रवासी कश्मीर में निशाना बने थे।

याद हो कि वो 26 फरवरी, 2019 का ही दिन था, जब भारत ने पुलवामा हमले के बदले के रूप में बालाकोट में एयर स्ट्राइक किया था। जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ताज़ा घटना की निंदा करते हुए कहा है, “दक्षिण कश्मीर में संजय पंडित की हत्या से मैं दुःखी हूँ। मैं इसकी निंदा करते हुए उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूँ।” बता दें कि जम्मू कश्मीर के यही नेता आतंकियों की हिमायत भी करते रहे हैं।

पाकिस्तान की पहली ट्रांसजेंडर न्यूज एंकर पर हमला, अज्ञात बंदूकधारियों ने चलाई गोली: जान बाल-बाल बची

पाकिस्तान की पहली ट्रांसजेंडर टीवी एंकर मारविया मलिक पर जानलेवा हमला हुआ। अज्ञात बंदूकधारियों ने उनके ऊपर उनके घर के बाहर गोली चलाई। घटना के वक्त बाल-बाल बचीं।

मारविया मलिक ने पुलिस को बताया कि ट्रांसजेंडर समुदाय की आवाज उठाने के कारण उन्हें काफी समय से धमकी भरी कॉलें आ रही थीं और उन्हें मालूम है कि इसी वजह से उनपर हमला किया गया।

जानकारी के अनुसार, मारविया मलिक लाहौर को पहले ही अपनी सुरक्षा के चलते छोड़ चुकी थीं, लेकिन उन्हें सर्जरी के लिए यहाँ वापस आना पड़ा उसी दौरान उन पर ये अटैक हुआ। उन्होंने बताया भी कि हमले के वक्त अस्पताल से घर आ रही थीं कि तभी उनपर बंदूकधारियों ने हमला किया।

उल्लेखनीय है कि साल 2018 में मलिक पाकिस्तान की पहली ट्रांसजेंडर न्यूज एंकर बनी थीं। वह पाकिस्तान के कोहिनूर न्यूज से जुड़ी हुई थीं। उन्होंने कई जगह बताया भी था कि उनके लिए ये सफर आसान नहीं रहा। एंकर बनने से पहले वो एक ट्रांसजेंडर मॉडल थीं वो भी पाकिस्तान फैशन डिजाइन द्वारा आयोजित किए जाने वाले प्रमुख फैशन शो की।

उन्होंने बताया था कि उन्हें भी अन्य ट्रांस लोगों की तरह परिवार से कोई समर्थन नहीं मिला। उन्होंने खुद से छोटी छोटी नौकरी करके पढ़ाई पूरी की। वो हमेशा एक न्यूज एंकर ही बनना चाहती थीं और जब उनको ये मौका मिला तो ऐसा लगा कि सपना सच हो गया। वो उम्मीद करती हैं कि उनकी पहल से ट्रांसजेंडर्स के जीवन में बदलाव आएगा। उनका कहना है कि मौका मिले तो उनके समुदाय के लोग भी बहुत कुछ कर सकते हैं। लेकिन उनकी पहचान के कारण उन्हें नौकरियाँ नहीं मिलतीं।

गला रेतकर काटा प्राइवेट पार्ट, शरीर से दिल भी निकाला: GF को मैसेज भेजने पर 12वीं के छात्र ने की दोस्त की हत्या, तस्वीरें व्हॉट्सएप पर भेजीं

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में एक दोस्त ने अपने दोस्त की गला काटकर हत्या कर दी, क्योंकि वह उसकी गर्लफ्रेंड को मैसेज करता था। जिस लड़की के लिए यह हत्या हुई, वह पहले मृतक के साथ रिलेशनशिप में थी। आरोपित ने दोस्त का सिर्फ कलम ही नहीं किया, बल्कि उसका प्राइवेट पार्ट और अंगुलियाँ भी काट लीं।

इसके बाद आरोपित को जब लगा कि वह बच नहीं पाएगा को 10 दिन बाद उसने थाने में जाकर आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद मामला दर्ज कर विस्तृत जाँच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर स्थानीय सरकारी अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

पुलिस के अनुसार, मृतक नवीन और आरोपित हरिहर कृष्णा दिलसुखनगर के एक कॉलेज में साथ पढ़ते थे। जिस लड़की के लिए हत्या हुई, वह भी इसी कॉलेज में पढ़ती थी। नवीन लड़की के साथ रिलेशनशिप में था। लगभग एक साथ बाद लड़की ने नवीन के साथ रिश्ता तोड़ दिया।

इसके बाद लड़की नवीन के दोस्त हरिहर कृष्णा के संपर्क में आ गई। इसके बाद दोनों रिलेशनशिप में आ गए। हालाँकि, लड़की नवीन के भी संपर्क में थी। पुलिस का कहना है कि आरोपित हरिहर कृष्णा को यह पसंद नहीं था कि मृतक नवीन लड़की को मैसेज भेजे। उसे डर था कि लड़की उसे छोड़कर फिर से नवीन के पास चली जाएगी।

इसके कारण हरिहर कृष्णा परेशान रहने लगा और अपने दोस्त नवीन को रास्ते से हटाने की योजना बनाने लगा। पुलिस ने कहा कि हरिहर कृष्णा पिछले तीन महीनों से नवीन की हत्या की योजना बना रहा था। इसके लिए उसने एक पार्टी का आयोजन किया।

कृष्णा 17 फरवरी 2023 को हैदराबाद के बाहरी इलाके अब्दुल्लापुर में पार्टी करने के बहाने नवीन से मिला। दोनों नशे की हालत में पहुँच गए तो लड़की को लेकर लड़ाई हो गई। गुस्से में उसने नवीन की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने शव को एक खुले मैदान में फेंक दिया।

पुलिस के अनुसार, आरोपिरत हरिहर कृष्णा ने फिर नवीन के शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। उसका प्राइवेट पार्ट और दिल बाहर निकाल लिया। उसने पीड़ित की अंगुलियाँ भी काट दीं। ये सब करने के बाद उसने इसकी तस्वीरें लड़की को व्हाट्सएप पर भेज दीं। पुलिस ने कहा कि लड़की को लगा कि कृष्णा उसके साथ मजाक कर रहा है।

उधर, नवीन के दोस्त उसे लगातार कॉल कर रहे थे और मिलने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन नवीन से उनका संपर्क नहीं हो पा रहा था। इसके बाद दोस्तों ने कृष्णा को कॉल कर नवीन के बारे में पूछा। कृष्णा ने कहा कि उसे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। उसके बाद मृतक के परिवार ने पुलिस से संपर्क कर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करावाई।

पुलिस ने आगे बताया कि 12वीं के छात्र 22 वर्षीय कृष्णा को जब लगा कि वह कानून से बच नहीं पाएगा और पुलिस उसे कभी भी गिरफ्तार कर सकती है तो उसने शुक्रवार (24 फरवरी 2023) को थाने में जाकर आत्मसमर्पण कर दिया।

तलवार लेकर खचाक से काटी थी युवक की 5 अंगुलियाँ…: पंजाब से खौफनाक Video वायरल होने पर 2 गिरफ्तार, पुलिस ने गाड़ी से खींचकर निकाला

पंजाब के मोहाली से अंगुलियाँ काटने की वायरल हुई एक खौफनाक वीडियो ने पिछले दिनों सबके होश उड़ा दिए थे। वीडियो में दिख रहा था कि कैसे युवक का हाथ पकड़कर बेरहमी से उसके हाथ से अंगुलियाँ काटी गईं। अब इसी मामले में खबर है कि पुलिस ने शनिवार (25 फरवरी) को कार्रवाई करते हुए 2 युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी राजपुरा के शंभू टोल प्लाजा के पास हुई।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार आरोपितों के नाम गौरव शर्मा और तरुण हैं। पुलिस ने जब इन्हें पकड़ा तब ये गाड़ी में जा रहे थे। पुलिस ने पहले इनकी कार के टायरों पर गोली चलाई, फिर दोनों को गाड़ी से निकालकर गिरफ्तार किया।

मोहाली के वरिष्ठ एसपी संदीप गर्ग ने जानकारी दी कि ये दोनों भूपी राणा गैंग के सदस्य हैं। इन्होंने अंबाला से राजपुरा जाते हुए पुलिस से भागने की बहुत कोशिश की, पर बीच में सीआईए टीम पर गोली चलाने लगे, जिसके बाद टीम ने भी गाड़ी के टायरों पर गोली मारकर इन्हें रोका।

पुलिस के मुताबिक, दोनों तरफ से हुई फायरिंग के बीच गौरव ने गलती से खुद ही को गोली मार ली, जिसमें वह घायल हुआ। पुलिस ने इन्हें पकड़ने के बाद सिविल अस्पताल में भर्ती कराया है। छानबीन में इनके पास से एक मारूती स्विफ्ट के अलावा एक .9mm की पिस्तौल, तीन बुलेट और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ है।

बता दें कि दोनों बदमाशों को पकड़ने की घटना सीसीटीवी पर कैद हुई। वीडियो में दिख रहा है कि कैसे पुलिस ने आरोपितों का पीछा किया और फिल्मी अंदाज में एक शीशा तोड़कर आरोपित को बाहर निकला। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि वो जल्द ही अन्य लोगों को भी गिरफ्तार करेंगे।

तलवार से अंगुली काटने का वीडियो वायरल

उल्लेखनीय है कि मोहाली से हरदीप नाम के शख्स की अंगुलियाँ काटने का वीडियो बीते दिनों मनजिंदर सिंह सिरसा ने अपने सोशल मीडिया पर साझा किया था। इस भयानक वीडियो में दिख रहा था कि कैसे पहले युवक की हथेली अंगुलियाँ खोलकर जमीन पर रखी गईं और उसके बाद उसे धारदार हथियार से एक बार में काट दिया गया। इसके बाद जो अंगुलियाँ शरीर से लगी रहीं, उन्हें भी खींचकर उखाड़ दिया गया।

अपराध को देने के पीछे मुख्य मकसद था कि आरोपित गौरव अपने भाई के हत्यारों का नाम जान पाए। मगर जब इसमें वो असफल रहा तो उसने हरदीप की अंगुलियाँ काट डालीं। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस घटना से कुछ दिन पहले ही गौरव जेल से रिहा हुआ था। उस पर बालोंगी थाने में हत्या के प्रयास समेत तीन मुकदमे दर्ज हैं।

पुलिस का कहना है कि गौरव अपने भाई बंटी शर्मा की हत्या का बदला लेना चाहता था। 8 फरवरी को ये लोग ड्राइवर का काम करने वाले हरदीप के घर गए और खुद को पुलिस बताकर उसे कार में बैठाया। इसके बाद बरमाजरा के जंगलों में ले जाकर हरदीप को पीटा भी क्योंकि इन्हें गौरी के भाई के हत्यारे का नाम जानना था। जब हरदीप ने कुछ बताने से मना किया तो उन्होंने इस खौफनाक कृत्य को अंजाम दिया। साथ ही वीडियो भी रिकॉर्ड की।

CBI की पूछताछ से पहले AAP को सताया मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी का डर: घर के बाहर सुरक्षा टाइट, CM केजरीवाल ने लिखा- जल्द जेल से लौटें

शराब घोटाले में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) ने पूछताछ के लिए बुलाया है। मनीष सिसोदिया अपनी माँ का आशीर्वाद लेकर CBI कार्यालय के लिए निकले। इसके साथ ही उन्होंने गिरफ्तारी की भी आशंका जाहिर की है। वहीं, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी गिरफ्तारी की आशंका जाहिर करते हुए कहा कि समाज के लिए जेल जाना दूषण नहीं, भूषण होता है।

पूछताछ से पहले उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के आवास के बाहर चार-परत के बैरिकेड्स और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएफए) की तैनाती कर सुरक्षा को कड़ी कर दी गई है। वहीं, सीबीआई मुख्यालय के आसपास भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। माना जा रहा है कि मनीष सिसोदिया सुबह 10:30 बजे के करीब दिल्ली के लोधी रोड स्थित सीबीआई मुख्यालय पहुँचेंगे।

सीबीआई के अधिकारियों ने उनसे पूछताछ के लिए प्रश्नों की एक पूरी लिस्ट तैयार कर ली है। दरअसल, मनीष सिसोदिया को पिछले रविवार (19 फरवरी 2023) को ही बुलाया गया था, लेकिन उन्होंने मौजूदा बजट सत्र का हवाला दिया था। इसके बाद सीबीआई ने उन्हें 26 फरवरी 2023 को पेश होने के लिए कहा था।

मनीष सिसोदिया और अरविंद केजरीवाल सहित आम आदमी पार्टी ने उनकी गिरफ्तारी का डर जाहिर किया है। मनीष सिसोदिया सीबीआई कार्यालय के लिए निकल चुके हैं। सीबीआई कार्यालय पहुँचने से पहले वे राजघाट जाएँगे और महात्मा गाँधी की समाधि को नमन करेंगे।

मनीष सिसोदिया ने ट्वीट किया, “आज फिर CBI जा रहा हूँ, सारी जाँच में पूरा सहयोग करूँगा। लाखों बच्चो का प्यार व करोड़ों देशवासियो का आशीर्वाद साथ है। कुछ महीने जेल में भी रहना पड़े तो परवाह नहीं। भगत सिंह के अनुयायी हैं। देश के लिए भगत सिंह फाँसी पर चढ़ गए थे। ऐसे झूठे आरोपों की वजह से जेल जाना तो छोटी सी चीज़ है।”

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के ट्वीट का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, “भगवान आपके साथ है मनीष। लाखों बच्चों और उनके पेरेंट्स की दुआयें आपके साथ हैं। जब आप देश और समाज के लिए जेल जाते हैं तो जेल जाना दूषण नहीं, भूषण होता है। प्रभू से कामना करता हूँ कि आप जल्द जेल से लौटें। दिल्ली के बच्चे, पैरेंट्स और हम सब आपका इंतज़ार करेंगे।”

वहीं, दुर्गेश पाठक और राघव चड्ढा सहित कई नेताओं ने आम आदमी पार्टी के कई नेताओं को हाउस अरेस्ट करने का आरोप लगाया है।

‘असली हिंसा तो अभी बाकी है’: अमृतपाल ने फिर दी धमकी, बोला- सिकंदर-मुगल-अंग्रेज हमें नहीं कुचल सके, खालिस्तान राज का सपना पूरा होगा

थाने पर कब्जा कर पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार को पीछे हटने के लिए मजबूर करने वाले खालिस्तान समर्थक ‘वारिस पंजाब दे’ के चीफ अमृतपाल सिंह ने हिंसा की खुली धमकी दी है। उसने कहा कि अजनाला थाने पर कब्जा हिंसा नहीं थी। असली हिंसा तो अभी बाकी है।

अमृतपाल ने अजनाला में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, “आप नारेबाजी और (खालिस्तानी) झंडे फहराने को हिंसा के रूप में गिन रहे हैं.. आपने अब तक असली हिंसा नहीं देखी है। असली हिंसा अभी देखना बाकी है।” हिंसा को पवित्र बताते हुए उसने कहा, “खालिस्तान की विचारधारा और खालिस्तानी राज का सपना कभी नहीं मिटेगा।”

अमृतपाल ने कहा, “दबे-कुचले लोग हिंसा का रास्ता चुनते हैं। लोग कहते हैं कि हिंसा बहुत बुरी है, लेकिन हिंसा बहुत पवित्र है। गुरु गोबिंद सिंह जी ने कहा- जब आपके पास कोई विकल्प नहीं है तो तलवार उठाना सही है।” उसने कहा कि पंजाब की संस्कृति के दमन और संसाधनों के दोहन का अंतिम परिणाम हिंसा होगा।

भारतीयता पर सवाल उठाते हुए अमृतपाल ने कहा, “भारतीय संस्कृति क्या है? भारतीय पहनावा क्या है और भारतीय भोजन क्या है? कुछ नहीं है। यह कहना कि हम सब भारतीय हैं, झूठ है। हम क्यों कहें कि हम भारतीय हैं? राष्ट्रवाद की डोरी बहुत पतली होती है, यह कभी भी टूट सकती है।”

पाकिस्तान की भाषा बोलते हुए खालिस्तानी अमृतपाल ने बलूचिस्तान का भी जिक्र किया। और कहा कि भारत ने जो बलूचिस्तान में किया है, पाकिस्तान वही कश्मीर में करेगा। उसने कहा कि खालिस्तान आंदोलन को विफल करने के किसी भी कदम का कोई परिणाम नहीं निकलेगा।

अमृतपाल ने धमकी देेते हुए कहा, “हमें ना ही पंजाब सरकार और ना ही केंद्र सरकार रोक सकती है। हम राजनीतिक खेल नहीं खेलना चाहते। इसे कोई नहीं रोक सकता है। न तो सिकन्दर रोक सका, न मुगल, न अंग्रेज कुचल सके, हिन्दुस्तान भी दबा नहीं सका। पंजाब एक दिन आजाद होगा।”

अजनाला थाने पर कब्जा करने वाले उसके समर्थकों पर कार्रवाई करने के पंजाब DGP गौरव यादव के बयान पर अमृतपाल भड़क गया है। उसने अजनाला थाने पर कब्जा करने वाले अपने समर्थकों पर किसी भी कार्रवाई पर चेतावनी दी है। अमृतपाल ने कहा, “प्रशासन को कोई भी कार्रवाई करने से पहले अजनाला थाने पहुँचने वाले लोगों की संख्या का ध्यान रखना चाहिए।”

केंद्र सरकार ने अमृतपाल के इंस्टाग्राम अकाउंट को भारत में बैन कर दिया गया है। रिपोर्टों की मानें तो अमृतपाल के नाम से इंस्टाग्राम पर तकरीबन 35 अकाउंट हैं। सरकार ने इनमें से ब्लू टिक (वेरिफाइड) वाले अकाउंट को बंद किया है। अमृतपाल के खिलाफ यह पहली कार्रवाई है।

बता दें कि पंजाब में हथियारों से लैश खालिस्तान समर्थकों ने गुरुवार (23 फरवरी, 2023) को अमृतसर स्थित अजनाला थाने पर हमला कर दिया था। हजारों की संख्या में जुटे निहंग सिख तलवार और बंदूक आदि हथियारों के साथ थाने की तरफ बढ़े।

इस दौरान उन्होंने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ दी और थाने में दाखिल हो गए। खालिस्तान समर्थक ‘वारिस पंजाब दे’ के चीफ अमृतपाल सिंह के खिलाफ FIR और उसके करीबी लवप्रीत तूफान की गिरफ्तारी का विरोध कर रहे थे। बाद में उसके दबाव में लवप्रीत तूफान को छोड़ दिया गया।

23 फरवरी को खालिस्तान समर्थक भीड़ के उपद्रव के बावजूद पंजाब पुलिस ने कोई ऐक्शन नहीं लिया। इस पर पंजाब पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब को एक ढाल के रूप में इस्तेमाल किया था।

गौरव यादव ने बताया कि गुरु ग्रंथ साहिब की आड़ लेकर पुलिसकर्मियों पर हमला भी किया गया इस हमले में छह लोग घायल हो गए थे। डीजीपी के अनुसार, यदि पुलिस ने गोलीबारी की होती तो हालात खराब हो सकते थे। हमने संयम के साथ काम लिया।