Home Blog Page 2009

‘अशोक गहलोत की खाल उतार कर जूते बनाऊँगा, प्रियंका गाँधी के सिर पर मारूँगा’: ‘भीम सेना’ के अध्यक्ष नवाब ने कहे अपशब्द, खून की नदियाँ बहाने की धमकी

राजस्‍थान के बाड़मेर से भीम सेना चीफ नवाब सतपाल तंवर (Bhim Sena Chief Nawab Satpal Tanwar) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें वह प्रदेश के मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) और कॉन्ग्रेस नेता प्रियंका गाँधी वाड्रा के खिलाफ अपशब्‍द बोल रहा है। सतपाल तंवर ने कहा, “राजस्थान में अशोक गहलोत की खाल उतारकर उसका जूता बनाऊँगा और प्रियंका गाँधी के सिर में मारूँगा।”

यह वीडियो बाड़मेर में हुए एक कार्यक्रम है। ‘Ambedkarite People’s Voice’ नाम के फेसबुक पेज पर सोमवार (20 फरवरी, 2023) को नवाब सतपाल तंवर का पूरा वीडियो शेयर किया गया है। इसमें वह लोगों को सम्‍बोधित करते हुए कहता है, “राजस्‍थान में अगर एक भी दलित भाई-बहन का पसीना भी गिरा, तो राजस्‍थान में खून की नदियाँ बहा दूँगा। हम पूरा देश हिलाना जानते हैं। कॉन्ग्रेस सरकार किसी वहम में ना रहें, वरना सोनिया गाँधी, राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी को इटली भेज देंगे।”

तंवर आगे कहता है, “भाजपा वालों को पाकिस्तान से बहुत प्यार है, उन्हें सीधा पाकिस्‍तान भेज देंगे। कहने का मतलब साफ है। ये भारत देश हमारा है। ये राजस्‍थान प्रदेश हमारा है। यहाँ पर इटली वाले क्‍यों राज करेंगे? भाजपा और कॉन्ग्रेस दोनों ही आरएसएस (RSS) की पैदाइश है। एक की जगह इटली में और दूसरे की पाकिस्‍तान में है। राजस्‍थान में सिर्फ दलित राज करेगा। मेघवाल राज करेगा। राजस्थान में चमार राज करेगा, वाल्मीकि राज करेगा। हम राजस्‍थान और देश को बँटने नहीं देंगे। हम यहाँ के मूल निवासी हैं। गुलामी की जिंदगी हमें बर्दाश्‍त नहीं है। कान खोलकर सुन ले अशोक गहलोत, राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी। मैं राजस्‍थान में अशोक गहलोत की खाल उतारने आया हूँ। अशोक गहलोत की खाल उतारकर उसका जूता बनाऊँगा और उसे प्रियंका गाँधी के सिर पर मारूँगा।”

भीम सेना चीफ ने अपनी बात को जारी रखते हुए कहा, “अब वो दलित नहीं रहा, जो अत्याचार को सहन करेगा। जो दलितों पर अत्याचार करेगा चूर-चूर हो जाएगा। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। अब दलित कलम भी चलाएगा, अब दलित गाड़ी भी चलाएगा। अब दलित मूँछ भी रखेगा, कोट-पेंट पहनेगा और साफ कपड़े भी पहनेगा। अब किसी मनुवादी में हिम्मत है तो भिड़ के दिखा दे। दलितों का शोषण करने वाले मनुवादियों का अब शोषण होगा।”

इस वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए अंकित तिवारी नाम के यूजर ने लिखा, “दलित नेता सतपाल तंवर राजस्थान के मुख्यमंत्री को खाल उतारने की धमकी दे रहा है। राजस्थान की पुलिस ऐसे असामाजिक तत्वों पर कठोर कार्रवाई करे, ये अपराध अक्षम्य है।”

‘नूपुर शर्मा को पेश करो, उस नचनिया से मुजरा कराऊँगा’

गौरतलब है कि सतपाल ने 8 जून 2022 को नूपुर शर्मा की जीभ काटकर लाने वाले को एक करोड़ रुपए का इनाम देने की घोषणा की थी। इससे पहले उसने बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता पर ईश​निंदा का आरोप लगाते हुए नूपुर शर्मा से सबके सामने ‘मुजरा करवाने’ का आपत्तिजनक एवं स्त्री-विरोधी बयान दिया था। तंवर ने अपने बयान में कहा था, “नूपुर शर्मा ने नबी की ईशनिंदा की है। उसने देश में रह रहे करोड़ों मुस्लिमों को आहत किया है। वह माफी के लायक नहीं, फाँसी के लायक है। वह उसे उसके सामने मुजरा करवाएगा।”

‘हिजाब पर बैन, मुस्लिम छात्राएँ कैसे देंगी परीक्षा?’: शीघ्र सुनवाई को राजी हुआ सुप्रीम कोर्ट, कर्नाटक HC के फैसले के खिलाफ SC में है याचिका

कर्नाटक हिजाब मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट शीघ्र सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। बुधवार (22 फरवरी, 2023) को अधिवक्ता शादान फरासत ने सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष मुस्लिम लड़कियों की याचिका पर सुनवाई की माँग की। याचिका में हिजाब पहनकर परीक्षा में शामिल होने की अनुमति माँगी गई है। इस पर कोर्ट ने मामले पर जल्दी ही फैसला लेने का आश्वासन दिया है।

अधिवक्ता शादान फरासत ने सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ के समक्ष याचिका का उल्लेख किया। फरासत ने कहा कि कर्नाटक राज्य में हिजाब पर प्रतिबंध के कारण मुस्लिम छात्राएँ परीक्षाओं में शामिल नहीं हो पा रही हैं। विवाद की वजह से छात्राओं की पढ़ाई व सत्र को पहले ही नुकसान पहुँच चुका है। आगामी परीक्षाएँ 9 मार्च से शुरू होंगी। याचिका में मुस्लिम छात्राओं ने हिजाब पहनकर परीक्षा में शामिल होने की इजाजत माँगी है।

याचिकाकर्ताओं की तरफ से तर्क दिया गया है कि हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। अक्टूबर 2022 में 10 दिनों की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट में 2 जजों के बीच मतभेद की वजह से फैसला नहीं हो सका था। इसके बाद मामला सीजीआई की बेंच को ट्रांसफर कर दिया गया था। याचिकाकर्ता की तरफ से कहा गया है कि मार्च में ही परीक्षाएँ होनी हैं, इसलिए सुनवाई होने तक मुस्लिम छात्राओं को हिजाब की अनुमति दी जाए।

सीजेआई चंद्रचूड़ ने याचिकाकर्ताओं के वकील से पूछा कि परीक्षा में शामिल होने में क्या समस्या है? इस पर वकील शादान फरासत ने कहा कि फिलहाल छात्राओं को हिजाब पहनकर परीक्षा में शामिल होने की इजाजत नहीं है। दरअसल, कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार हिजाब के साथ परीक्षा देने की अनुमति नहीं है। सीजेआई ने कहा है कि वे जल्दी ही इस मामले में फैसला लेंगे।

क्या है कर्नाटक हाईकोर्ट का फैसला?

मार्च 2022 में कर्नाटक उच्च न्यायालय ने बुर्का मामले पर सुनाए गए अपने फैसले में कहा है कि हिजाब इस्लाम में अनिवार्य प्रथा नहीं है और शैक्षणिक संस्थानों में इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती है। हालाँकि, कर्नाटक हाईकोर्ट ने इस दौरान ये भी कहा कि क्लासरूम से बाहर महिलाएँ क्या पहनती हैं, ये उनका अधिकार है और इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकता। हाईकोर्ट ने कहा कि स्कूल-कॉलेजों में ड्रेस कोड सबको बराबर दिखाने के लिए होता है और इसका पालन होना चाहिए।

पाकिस्तान हमारे लिए दिल-जान से भी कीमती… जिस हीरोइन ने जावेद अख्तर के साथ डाली थी फोटो, अब उसी ने की निंदा: Pak के अन्य कलाकार भी कह रहे भला-बुरा

लाहौर में आयोजित फैज फेस्टिवल में गीतकार जावेद अख्तर ने आतंकवाद पर आईना दिखाया तो पाकिस्तान तिलमिला गया है। वहीं, भारत में उनके बयान की तारीफ हो रही है। जावेद अख्तर का स्वागत करने वाले पाकिस्तानी सिंगर अली जफर को ट्रोल किया जा रहा है। वहीं, वहाँ की अदाकारा रेशम खान ने जावेद अख्तर की निंदा की है।

दरअसल, फैज फेस्टिवल में जावेद अख्तर सवालों का जवाब दे रहे थे। एक शख्स के सवाल का जवाब देते हुए जावेद ने कहा था, “हमने तो हिंदुस्तान में नुसरत (नुसरत फतह अली खान) के बड़े-बड़े फंक्शन किए, मेहंदी हसन के बड़े-बड़े प्रोग्राम किए लेकिन आपके मुल्क में लता मंगेशकर का एक भी फंक्शन नहीं हुआ।” उन्होंने आगे कहा, “हम एक-दूसरे को इल्जाम न दें। अहम बात यह है कि फिजा इतनी गरम है वो कम होनी चाहिए।

जावेद अख्तर ने आगे कहा था, “हम बंबई (मुंबई) के लोग हैं। हमने देखा हमारे शहर पर कैसे हमला हुआ था। हमलावर नॉर्वे या इजिप्ट से नहीं आए थे। हमलावर आपके मुल्क में अभी भी घूम रहे हैं। यह शिकायत अगर हिंदुस्तानी के दिल में है तो आपको बुरा नहीं मानना चाहिए।” जावेद अख्तर के इस बयान पर वहाँ के ऑडियंस ने जमकर ताली बजाई थी।

इस बयान के बाद अब पाकिस्तान में बवाल हो गया है। इस मामले को लेकर वहाँ की अभिनेत्री रेशम खान ने बुधवार (23 फरवरी 2023) को इंस्टाग्राम पर एक कहानी पोस्ट की। उन्होंने लिखा, “मेरा देश मुझे किसी भी चीज़ से अधिक प्रिय है। जावेद अख्तर साहब ने फैज फेस्टिवल सेशन में मेरे देश के बारे में क्या कहा, इसके बारे में मुझे बिल्कुल भी जानकारी नहीं थी।”

उन्होंने आगे लिखा, “मैं उनके शब्दों की निंदा करती हूँ। हमारे रीति-रिवाजों के अनुसार, हम मेहमानों को भगवान की दया मानते हैं, लेकिन पाकिस्तान हमारे लिए हमारे दिल और जान से ज्यादा कीमती है।”

इसके एक दिन पहले रेशम खान ने गायक अली ज़ाफ़र द्वारा जावेद अख्तर के सम्मान में आयोजित रात्रिभोज में अपनी और जावेद अख्तर की तस्वीरें साझा की थीं। इस दौराने उन्होंने कहा था कि वह इस तरह की सभा का हिस्सा बनकर खुद को ‘भाग्यशाली’ महसूस कर रही हैं।

उधर, जावेद अख्तर के बयान पर पाकिस्तानी एक्ट्रेस मिशी खान ने कहा, “दूध में मक्खी डालकर नहीं देनी चाहिए। आप हमारे मेहमान थे। मौका देखकर बात होनी चाहिए। आपने वापसी की परवाह ज्यादा की और इस बात के इसलिए छेड़ा ताकि वहाँ (भारत में) आपकी तारीफ हो। निहायत ही घटिया बात की। आपसे ये उम्मीद नहीं थी। अफसोस!”

एक्टर-प्रोड्यूसर एजाज असलम ने ट्वीट में कर कहा, “जावेद अख्तर के दिल में इतनी नफरत है तो उन्हें यहाँ नहीं आना चाहिए था। हमने तब भी आपको सेफली यहाँ से जाने दिया। आपकी नॉनसेंस को ये हमारा जवाब है। लोगों का जावेद अख्तर से यही सवाल है कि अगर उन्हें पाकिस्तान आतंकी देश लगता है तो वे इस मुल्क में क्यों गए?”

जावेद अख्तर के बयान को लेकर पाकिस्तानी अब उन पाकिस्तानी एक्टर और गायकों को ट्रोल कर रहे हैं, जिन्होंने उन्हें पाकिस्तान बुलाया था। इसके साथ उनके साथ फोटो खिंचवाने वाले और उनके तारीफ करने वालों को भी पाकिस्तानी जमकर आलोचना कर रहे हैं।

‘राजस्थान के हालात इराक और सीरिया से भी बदतर’: उदयपुर में भगवान परशुराम की प्रतिमा खंडित कर फेंके जाने से आक्रोश में हिन्दू समाज, एक भी गिरफ़्तारी नहीं

राजस्थान के उदयपुर में भगवान परशुराम की मूर्ति को क्षतिग्रस्त करने का मामला सामने आया है। घटना से नाराज लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोपितों जल्द गिरफ्तारी की माँग की है। पुलिस ने FIR दर्ज कर के आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है। घटना सोमवार (20 फरवरी, 2023) की बताई जा रही है। भाजपा सांसद अर्जुन लाल ने राजस्थान के हालात सीरिया और इराक से भी बदतर बताते हुए आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना गोगुन्दा थानाक्षेत्र के गाँव रावलिया खुर्द की है। यहाँ के एक मंदिर में भगवान परशुराम की मूर्ति स्थापित थी जहाँ ग्रामीण पूजा-पाठ किया करते थे। सोमवार की सुबह जब स्थानीय निवासी मंदिर पहुँचे तो उन्होंने मूर्ति को टूटा पाया। मूर्ति के दोनों हाथों को तोड़ डाला गया था और उसे पैरों से उखाड़ कर नीचे सीढ़ियों पर फेंक दिया गया था। कुछ ही देर में यह बात पूरे इलाके में फ़ैल गई और आस-पास के श्रद्धालु घटनास्थल पर जमा होने लगे। मामले की जानकारी पुलिस को हुई तो वो भी मौके पर पहुँची।

पुलिस ने नाराज ग्रामीणों को समझाने की काफी कोशिश की लेकिन नाराज लोगों ने धरना देना शुरू कर दिया। बाद में पुलिस ने केस दर्ज कर के आरोपितों की तलाश शुरू कर दी। हालाँकि, अभी तक किसी भी आरोपित को पकड़ा नहीं जा सका है। पुलिस इस घटना पर केस दर्ज कर के जाँच जारी होने की जानकारी दे रही है।

इस घटना की जानकारी भाजपा सांसद अर्जुन लाल मीणा को हुई तो उन्होंने राजस्थान के कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। उन्होंने प्रदेश के हालात को इराक और सीरिया से भी बदतर बताया। अर्जुन लाल ने कहा कि अशोक गहलोत द्वारा किए जा रहे तुष्टिकरण से राजस्थान में हिन्दुओं का रहना दूभर हो चुका है। मंदिर को तोड़ने वाले आरोपितों को भाजपा सांसद ने समाज के कंटक नाम से सम्बोधित किया।

घटना के 2 दिन बीत जाने पर भी किसी की गिरफ्तारी न होने पर सोशल मीडिया पर लोगों द्वारा आरोपितों को जल्द पकड़े जाने की माँग जोर पकड़ रही है।

पहले तो एक ही परिवार थे… बच्ची के यौन शोषण का आरोपित पत्रकार हसन सुरूर का TOI में लेख – कंगाल पाकिस्तान की मदद करे भारत, भूल जाए पुरानी दुश्मन

टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) ने सोमवार (20 फरवरी, 2023) भारतीय मूल के ब्रिटिश पत्रकार हसन सुरूर को ‘अमन की आशा’ का मंच दिया, जिसमें उन्होंने भारत से आर्थिक संकट से गुजर रहे पाकिस्तान की मदद करने का आग्रह किया। हसन सुरूर पर पीडोफिलिया का आरोप लगाया गया है। 2015 में उसे एक नाबालिग का कथित तौर पर यौन शोषण करने के आरोप में हिरासत में लिया गया था, लेकिन ब्रिटेन की एक अदालत ने बाद में उसे बरी कर दिया था।

हसन सुरूर के ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ में प्रकाशित लेख का शीर्षक है, “क्यों पाकिस्तानियों को आर्थिक संकट से बचाने के लिए भारत की आवश्यकता है।” दरअसल, इस लेख के माध्यम से नरेंद्र मोदी सरकार से अपने से गरीब पड़ोसी देश को बचाने का आग्रह किया गया है। सुरूर ने अपने लेख की शुरुआत भारत पर आरोप लगाते हुए की। उन्होंने लिखा, “पाकिस्तान में गहराते आर्थिक संकट के प्रति भारत उदासीन है।”

इसके बाद सुरूर ने भारतीय खुफिया एजेंसी ‘रिसर्च एंड एनालिसिस विंग’ (रॉ) के पूर्व प्रमुख एएस दुलत की ‘टाइम्स लिट फेस्टिवल (Times Lit Festival)’ में बोलते हुए सुझाव दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस साल बातचीत कर पाकिस्तान को राहत दे सकते हैं। दुलत ने कथित तौर पर कहा था, “मोदीजी पाकिस्तान को उबार सकते हैं। हो सकता है कि साल खत्म होने से पहले पाकिस्तान के साथ बातचीत हो?”

उल्लेखनीय है कि पूर्व प्रमुख एएस दुलत वर्षों से कॉन्ग्रेस पार्टी का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। हाल ही में उन्हें पार्टी के ‘भारत जोड़ो यात्रा’ अभियान में कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी के साथ देखा गया था। रॉ के पूर्व प्रमुख आतंकवादियों के प्रति अपने नरम रुख के लिए जाने जाते हैं। दुलत ने साल 2019 में पाकिस्तान में जवाबी कार्रवाई में किए गए बालाकोट हमले के बाद, पीएम मोदी कई गंभीर आरोप लगाए थे।

सुरूर स्पष्ट रूप से चाहते हैं कि उनके पाठक इस तथ्य पर ध्यान न दें कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ अब भी भारत के खिलाफ जहर उगल रहे हैं, जब उनका देश दिवालिया होने की कगार पर है। मालूम हो कि इस समय पाकिस्तान अब तक के सबसे खराब आर्थिक संकट से जूझ रहा है। इस महीने की शुरुआत में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में एक कार्यक्रम में बोलते हुए शरीफ ने कहा था, “पाकिस्तान एक परमाणु शक्ति है और भारत हमें बुरी नजर से नहीं देख सकता। हमारे पास इसे बाहर निकालने और पैरों तले कुचलने की ताकत है।” इस दौरान पाकिस्तान के पीएम ने कश्मीर का मुद्दा फिर से उठाया था।

‘मोदी सरकार मतभेदों को भूलाकर पाकिस्तान की मदद करे’

सुरूर चाहता है कि मोदी सरकार राजनीतिक मतभेदों को भूलाकर आर्थिक संकट से जूझ रहे पड़ोसी देश की मदद करने के लिए आगे आएँ। जबकि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद अब भी जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने वाली मोदी सरकार के खिलाफ अपनी ‘परमाणु शक्ति’ इस्तेमाल करना जारी रखे हुए है। सुरूर ने जोर देकर कहा कि भारत को एक बड़ा दिल दिखाने और संकटग्रस्त पाकिस्तान की मदद करने की जरूरत है, क्योंकि उसका सुझाव भारत की सॉफ्ट पावर और मानवीय मिशनों को फोकस में रखता है।

‘हिंदुस्तान टाइम्स’ में प्रकाशित ‘इंडियाज सॉफ्ट पावर इज़ ब्लूमिंग अंडर मोदी’ शीर्षक वाले एक ऑप-एड में भाजपा नेता बैजयंत जय पांडा ने श्रीलंका को आर्थिक संकट से उबारने में उसकी मदद करने वाली मोदी सरकार की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि भूकंप से प्रभावित तुर्की की मदद के लिए भारत का ‘ऑपरेशन दोस्त’ और ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ का सिद्धांत भारत के विश्वास को प्रकट करता है। इसे उन्होंने दुनिया को एक परिवार के रूप में देखने वाला एक भारतीय दर्शन बताया।

भाजपा नेता के इस ऑप-एड का हवाला देते हुए, हसन सुरूर ने यह कहने की कोशिश की कि पाकिस्तान द्वारा बार-बार विश्वासघात किए जाने के बावजूद, भारत को उसकी मदद करनी चाहिए, क्योंकि वहाँ के आम लोगों को उनकी मदद की जरूरत है। सुरूर चाहता है कि भारत राजनीतिक, रक्षा और इतिहास में हुई घटनाओं को दरकिनार कर दशकों से भारत के खिलाफ आतंकवादियों को पोषित करने वाले देश का मददगार बने।

इसके अलावा, सुरूर ने यह सुझाव देकर इमोशनल कार्ड खेलने की कोशिश की कि पाकिस्तान के लोग केवल पुराने पड़ोसी ही नहीं हैं, बल्कि पहले एक ही बार परिवार थे। बाद में हसन सुरूर ने दावा किया कि पाकिस्तान में गहराते आर्थिक संकट के कारण भारत को भी गंभीर परिणाम भुगतना पड़ सकता है। अंत में, सुरूर पाकिस्तान के प्रति अपने प्रेम को छिपा नहीं पाया। वह एक उर्दू कहावत जोड़ता है, “हम तो डूबेंगे सनम, तुम्हें भी ले डूबेंगे।”

हसन सुरूर के खिलाफ पीडोफिलिया का आरोप

नवंबर 2015 में हसन सुरूर को ब्रिटिश ट्रांसपोर्ट पुलिस ने 14 साल की एक लड़की का कथित तौर पर यौन शोषण करने के आरोप में पकड़ा था। खबरों के मुताबिक, पत्रकार को तब पकड़ा गया, जब उसने नाबालिग लड़की से व्यक्तिगत रूप से मिलने का प्रयास किया। एक टीवी चैनल ने अपने स्टिंग ऑपरेशन के दौरान, उस पर आरोप लगाया था कि उसने लड़की को अश्लील मैसेज भेजे थे। हसन सुरूर ने नाबालिग के साथ अश्लील बातें करने और लड़की के साथ यौन संबंध बनाने लिए कंडोम खरीदने की बात कबूल की थी।

हालाँकि, एक साल बाद हसन सुरूर को सबूतों के अभाव में ब्लैकफ्रायर्स क्राउन कोर्ट (Blackfriars Crown Court) ने बरी कर दिया था। जून 2016 में एक लिखित सबमिशन में, क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (सीपीएस) ने कहा था, “इस मामले में अब दोष सिद्ध होने की कोई संभावना नहीं है।”

गौरतलब है कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बीते दिनों कहा था कि उनका मुल्क दिवालिया हो चुका है। वह एक दिवालिया देश के रहने वाले हैं। पाकिस्तान के सियालकोट में 18 फरवरी, 2023 को एक प्राइवेट कॉलेज के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा था, “आपने सुना होगा कि पाकिस्तान डिफ़ॉल्ट या दिवालिया होने वाला है। एक मेल्टडाउन होगा, लेकिन यह पहले ही दिवालिया हो चुका है। हम सब दिवालिया देश में रह रहे हैं।”

सपने में आए मुलायम सिंह यादव… साइकिल से मंत्रालय पहुँचे तेज प्रताप, लोग बोले – अच्छा हुआ मिया खलीफा नहीं आई

बिहार सरकार में मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) आज बुधवार (22 फरवरी 2023) को साइकिल पर सवार होकर अपने मंत्रालय के लिए निकले। तेज प्रताप ने अपने ट्विटर अकाउंट पर कहा कि उन्हें यह प्रेरणा दिवंगत सपा नेता मुलायम सिंह यादव से मिली। पूर्व सपा सुप्रीमो ने उन्हें गले लगाकर आशीर्वाद भी दिया।

तेज प्रताप ने ट्विटर पर लिखा, “आज दिनांक 22.2.2023 को सुबह मैंने स्वप्न में स्वर्गीय मुलायम सिंह जी को देखा। उन्होंने मुझे गले लगाकर स्नेहिल आशीर्वाद दिया। मेरी कोशिश रहेगी कि मैं उनके दिखाए रास्ते पर आजीवन चलूँ। आज मैं अपने मंत्रालय अरण्य भवन साइकिल से जा रहा हूँ।”

पोस्ट के साथ तेज प्रताप ने टूटी-फूटी सड़क पर साइकिल चलाते अपनी तस्वीर शेयर की। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व सपा नेता मुलायम सिंह यादव की तस्वीर भी शेयर की है। तेज प्रताप के इस पोस्ट पर नेटिजन्स जमकर मजे ले रहे हैं।

बिहार नवादा नाम के अकाउंट से कमेंट किया गया, “बिहार के मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार आप ही हैं। आपको मुख्यमंत्री और तेजस्वी जी को उपमुख्यमंत्री बनना चाहिए।”

एक्स कैप्टन नाम के यूजर ने लिखा, “अच्छा हुआ आपको मिया खलीफा जी का सपना नहीं आया तेजू भाईया, वरना उसके दिखाई रास्ते पर ‘घुसना’ पड़ता।”

विनित नाम के यूजर ने तेज प्रताप को नींद पूरी कर लेने की सलाह दी।

गौरव शर्मा नाम के यूजर ने लिखा, “आप भगवान हो। दुनिया बेवजह मंदिर, मस्जिद, चर्च और गुरुद्वारे जा रही है। भगवान तो आप के अंदर हैं। हम सबको आपकी पूजा करनी चाहिए। ये बिहार की धरती का सौभाग्य है कि आप जैसे भगवान खुद यहाँ जन्म लिए।”

कुछ ट्विटर यूजर्स तस्वीर में नजर आ रहे सड़क के गड्ढों को लेकर तेज प्रताप की खिंचाई भी की। मिहिर झा नाम के यूजर ने लिखा, “आप भी बदल गए, लेकिन पटना के रोड अब भी ओम पुरी के गाल की तरह रह गए। अपने घर से ऑफिस तक रोड तो बनवा ही सकते हैं यादव जी।”

आसू नाम के यूजर ने तंज किया, “गजब का रोड है। भारी विकास हो गया बिहार में।

पंचायत-वार्ड स्तर पर डिजिटल लाइब्रेरी, छात्रों को फोन-टैबलेट के लिए ₹3600 करोड़, स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन: ‘योगी 2.0’ का दूसरा बजट, 19% से बढ़ेगी GSDP

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने वित्तीय वर्ष 2023 के लिए राज्य का बजट पेश किया है। ये उनके दूसरे कार्यक्रम का दूसरा बजट है। विधानसभा में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने ये बजट पेश किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि देश की GDP में प्रदेश का योगदान 8% से अधिक का है। वर्ष 2021-2022 में प्रदेश के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) में 16.8% की वृद्धि दर्ज की गई है, जो देश की विकास दर से अधिक रही।

उन्होंने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2023-2024 के लिए GSDP में वृद्धि की दर 19% अनुमानित है। वैश्विक मंदी के दौर में प्रदेश की अर्थव्यवस्था की विकास दर उत्साहजनक है। वर्ष 2017 से पूर्व, प्रदेश की बेरोजगारी दर 14.4% थी, आज यह घटकर लगभग 4.2% हो गई है। विश्व के सबसे शक्तिशाली 20 देशों के समूह G-20 के सम्मेलन की मेजबानी का गौरव भारत को प्राप्त हुआ है। इसके अंतर्गत प्रदेश के 4 शहरों- लखनऊ, आगरा, वाराणसी एवं ग्रेटर नोएडा में 11 बैठकों का आयोजन होगा।

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने जानकारी दी कि PM आवास योजना ग्रामीण/शहरी के अन्तर्गत आवास निर्माण, शौचालय निर्माण, सूक्ष्म लघु मध्यम उद्योगों की स्थापना, PFMS पोर्टल द्वारा DBT के माध्यम से लाभार्थियों को धनराशि हस्तांतरण करने में उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। दुग्ध उत्पादन, गन्ना एवं चीनी उत्पादन तथा एथनॉल की आपूर्ति में उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। कृषि निवेशों पर किसानों को देय अनुदान DBT के माध्यम से भुगतान करने वाला देश में उत्तर प्रदेश पहला राज्य है।

यूपी की भाजपा सरकार ने घोषणा की है कि ‘स्वामी विवेकानंद सशक्तिकरण योजना’ के पात्र छात्र-छात्राओं को टैबलेट व स्मार्ट फोन दिए जाएँगे। वित्तीय वर्ष 2023- 2024 के बजट में ₹3600 करोड़ की व्यवस्था इसके लिए की गई है। ‘उप्र स्टार्टअप नीति-2020’ के अंतर्गत कृषि, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, ऊर्जा, खादी, शिक्षा, पर्यटन, परिवहन आदि क्षेत्रों में स्टार्टअप को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश में 50 इन्क्यूबेटर तथा 7200 स्टार्टअप्स कार्यरत हैं।

यूपी सरकार ने बताया कि गन्ना उत्पादकता में 1,00,875 टन प्रति हेक्टेयर की वृद्धि, किसानों की आय में औसतन ₹349 प्रति क्विंटल की दर से ₹34,656 प्रति हेक्टेयर की वृद्धि हुई है। इसके अतिरिक्त, गन्ने के साथ अंतःफसली खेती से कृषकों को लगभग 25 प्रतिशत की अतिरिक्त आय हुई। प्रदेश में अब तक 1.53 करोड़ से अधिक निर्माण श्रमिकों तथा 3,14,611 निर्माण स्थलों का पंजीकरण कराया जा चुका है। ग्रामीण क्षेत्रों में युवा उद्यमियों को एग्रीटेक स्टार्टअप्स की स्थापना के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एग्रीकल्चर एक्सीलरेटर फण्ड के लिए ₹20 करोड़ प्रस्तावित हैं

कामगार मृत्यु व दिव्यांगता सहायता योजना के तहत कार्य स्थल पर श्रमिक की मृत्यु की दशा में ₹5 लाख, स्थायी दिव्यांगता पर ₹4 लाख एवं आंशिक दिव्यांगता पर ₹3 लाख की सहायता प्रदान किए जाने का प्रावधान है। श्रमिकों के बच्चों को निःशुल्क गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा देने हेतु प्रदेश के प्रत्येक मण्डल में एक-एक आवासीय विद्यालय की स्थापना की गई है। उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण नीति के कार्यान्वयन हेतु ₹401 करोड़, स्टेट डाटा सेंटर हेतु ₹85 करोड़ 89 लाख और उत्तर प्रदेश सूचना प्रौद्योगिकी एवं स्टार्टअप नीति हेतु ₹60 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है।

बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के साथ डिफेन्स कॉरिडोर परियोजना के लिए ₹550 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। प्रदेश सरकार द्वारा नई उप्र सूचना प्रौद्योगिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी जनित सेवा नीति-2022 के तहत करीब ₹5000 करोड़ के निवेश का अनुमान है, जिससे करीब 50,000 लोगों को प्रत्यक्ष और 1,00,000 लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने का अनुमान है। वित्तीय वर्ष 2023-2024 के बजट में झाँसी लिंक एक्सप्रेस-वे और चित्रकूट लिंक एक्सप्रेस-वे की नई परियोजनाओं के प्रारम्भिक चरण हेतु ₹235 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है।

गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के दोनों तरफ गोरखपुर में औद्योगिक गलियारा विकसित किए जाने हेतु ₹200 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है। यूपी की भाजपा सरकार ने बताया कि पर्यटन, टेक्सटाइल, MSME सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के लिये लगभग 25 नीतियाँ लाई गई हैं, जिनके माध्यम से प्रदेश में समेकित औद्योगिक विकास के लिए एक समग्र पारिस्थितिकी तंत्र बनाने में अनेक सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं।

राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत विभिन्न कार्यक्रमों के संचालन हेतु ₹12,631 करोड़ और प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना के लिए ₹1655 करोड़ की व्यवस्था की गई है। बालिकाओ के प्रति आमजन की सकारात्मक सोच विकसित करने हेतु संचालित ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना’ के अंतर्गत प्रति लाभार्थी को ₹15,000 तक की धनराशि से लाभान्वित किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2023-2024 हेतु ₹1050 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है।

योगी सरकार में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत प्रदेश में 2.34 करोड़ से अधिक लाभार्थी पंजीकृत हो चुके हैं। लाभार्थी परिवारों को प्रति वर्ष ₹5 लाख तक की निःशुल्क चिकित्सा दी जा रही है। योजना हेतु ₹ 400 करोड़ की व्यवस्था बजट में की गई है। उप स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए 15वें वित्त आयोग की सिफारिश के अनुरुप वित्तीय वर्ष 2023-2024 में लगभग ₹407 करोड़ का व्यय किया जाएगा।

बकौल सुरेश खन्ना, प्रदेश के सर्वाधिक बाल श्रम से प्रभावित जिलों के हॉट स्पॉट को चिह्नित करते हुए 490 ग्राम पंचायतों/शहरी वॉड़ों को बालश्रम मुक्त घोषित कर नया सवेरा योजना का संचालन किया गया जिनमें 30,287 बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा गया। 70 हज़ार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। 23,920 राजस्व वाद, 923 सिविल वाद एवं 4,504 एफआईआर दर्ज करायी गयी है।

प्रदेश में एंटी भू-माफिया पोर्टल पर अवैध कब्जे से सम्बन्धित 3,41,236 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिसमें से 3,39,552 का समाधान किया गया। प्रदेश में ODOP एवं हस्तशिल्प उत्पादों के विपणन को प्रोत्साहित करकने हेतु यूनिटी मॉल की स्थापना के लिये वित्तीय वर्ष 2023-2024 के बजट में ₹200 करोड़ जारी किए गए हैं। धर्मार्थ मार्गों के विकास हेतु ₹1000 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के एएचपी घटक के अन्तर्गत वर्तमान में 76 परियोजनाओं में लगभग 48,277 भवन निर्मित किए जा रहे हैं। इनमें से 22,718 भवन पूर्ण किए जा चुके हैं, जबकि अवशेष भवन मार्च, 2023 तक पूर्ण कर लिया जाना लक्षित है।

यूपी के वित्त मंत्री ने कहा, “हमारी सरकार के अब तक के कार्य काल में 4 एयरपोर्ट के निर्माण का कार्य पूर्ण किया जा चुका है तथा 6 एयरपोर्ट्स (अलीगढ़, आजमगढ़, मुरादाबाद, श्रावस्ती, चित्रकूट तथा सोनभद्र) का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो रहा है। मुख्य सिंचाई परियोजना के लिए ₹5332 करोड़ 50 लाख, मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए ₹2220 करोड़ 20 लाख तथा लघु सिंचाई परियोजनाओं के लिए ₹3,400 करोड़ की बजट व्यवस्था प्रस्तावित हैं।

वर्ष 2023-2024 में 17,000 किसान पाठशालाओं का आयोजन किया जाएगा। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अन्तर्गत वर्ष 2021-2022 में आवंटित 4,33,536 आवास निर्माण के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 4,24,344 आवासों का निर्माण पूर्ण कराया जा चुका है तथा शेष निर्माणाधीन हैं। उत्तर प्रदेश सौर ऊर्जा नीति, 2022 के क्रियान्वयन हेतु ₹317 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है। ग्राम पंचायत व वार्ड स्तर पर डिजिटल लाइब्रेरी खुलेगी । इस नई योजना के लिए ₹300 करोड़ की व्यवस्था की गई है।

कबाड़ी, दल्ले, बकरे बेचने वाले… नवाजुद्दीन सिद्दीकी के भाई ने क्यों लिखा यह सब, किसे खरीदने पर कहा – बैंक बैलेंस खत्म हो जाएगा

अपनी बीवी से हो रहे विवादों के चलते पिछले लम्बे समय से चर्चा में चल रहे बॉलीवुड अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी पर अब उनके भाई ने भी सवाल खड़े किए हैं। नवाजुद्दीन पर उनकी हाउस हेल्प (नौकरानी) ने प्रताड़ना का आरोप लगाया था। एक दिन के अंदर ही इस आरोप से वो खुद पलट गईं। अब पीड़ित नौकरानी द्वारा मिली क्लीन चिट को नवाजुद्दीन के भाई शम्स नवाब सिद्दीकी ने स्क्रिप्टेड बताया है। उन्होंने नवाजुद्दीन पर खरीद फरोख्त का आरोप लगाते हुए उनका मज़ाक उड़ाया है। इस पूरे मामले पर नवाजुद्दीन फिलहाल चुप्पी साधे हुए हैं।

नवाजुद्दीन के भाई शम्स नवाब ने 22 फरवरी 2023 को इस बावत एक ट्वीट भी किया। अपने ट्वीट में शम्स ने लिखा, “स्क्रिप्टेड है ये। कितनों को खरीदोगे ? बैंक बैलेंस खत्म ना हो जाए। आपका तो अब काम भी चौपट है और रुकी फिल्मों के कारण फिल्म इंडस्ट्री का 150 करोड़ रुपए अटका रखा है। सही है, कबाड़ी, दल्ले और बकरे बेचने वाले ही इसको हाँकते हुए नरक में लेकर जाएँगे।”

शम्स ने अपने इस ट्वीट के साथ टाइम्स नाउ की उस खबर का लिंक शेयर किया है, जिसमें दुबई की नौकरानी द्वारा नवाजुद्दीन को क्लीन चिट देने की जानकारी दी गई।

नवाजुद्दीन सिद्दीकी, नौकरानी और प्रताड़ना: क्या है पूरा मामला

दरअसल 19 फरवरी 2023 को नवाजुद्दीन सिद्दीकी की बीवी आलिया के वकील रिजवान ने 20 वर्षीया एक लड़की का वीडियो शेयर किया था। इस वीडियो में लड़की ने रोते हुए खुद को सपना रॉबिन मसीह बताया था। लड़की का आरोप था कि नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने उसे झूठ बोलकर काम पर रखा था। उसने बताया था कि अभिनेता के बच्चों और बीवी के चले जाने के बाद वह दुबई में फँसी हुई है। उन्होंने उसे दुबई में अकेला छोड़ दिया है और उसके खाने-पीने का भी कोई बंदोबस्त नहीं किया। इसी दौरान सपना ने खुद को भारत वापस लाने की गुहार लगाई थी।

हालाँकि आरोप लगाने वाली सपना अगले ही दिन आरोपों से पलट गईं। उन्होंने नया वीडियो जारी करते हुए नवाजुद्दीन को बेगुनाह बताया और माफ़ी माँगते हुए उन्हें अच्छा इंसान बताया। वीडियो में सपना ने अपने सभी आरोपों को भी वापस ले लिया था। सपना मसीह दुबई की एक कम्पनी में सेल्स मैनेजर बताई जा रही हैं और वहीं पर रह कर नवाजुद्दीन के बच्चे की देखभाल किया करती थीं। 2023 में नवाजुद्दीन सिद्दीकी की बीवी आलिया अपने बच्चों के साथ भारत वापस लौट आई थीं। 

गौरतलब है कि नवाजुद्दीन और उनकी पत्नी आलिया का पिछले लम्बे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा है। आलिया ने नवाजुद्दीन और उनकी माँ पर अपने टॉर्चर के आरोप लगाए हैं। वहीं दूसरी ओर नवाजुद्दीन की माँ ने भी आलिया के खिलाफ केस दर्ज करवाया है।

बिहार में न्यायाधीशों को ही नहीं मिल रहा न्याय! नीतीश सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुँचे पटना हाईकोर्ट के 7 जज

पटना हाईकोर्ट के 7 जजों ने बिहार सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इन सभी का आरोप है कि इनके GPF खातों को बंद कर दिया गया है। अपनी याचिका में न्यायाधीशों ने जल्द सुनवाई की माँग की थी। जजों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार (24 फरवरी, 2023) को सुनवाई करेगा। यह सुनवाई प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की बेंच में होगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिन जजों ने अपने GPF खाते बंद होने का आरोप लगाया है उनके नाम जस्टिस आलोक कुमार पांडे, जस्टिस चंद्र शेखर झा, जस्टिस सुनील दत्ता मिश्रा, जस्टिस शैलेंद्र सिंह, जस्टिस जितेंद्र कुमार, जस्टिस अरुण कुमार झा और जस्टिस चंद्र प्रकाश सिंह हैं। इन न्यायाधीशों के वकील प्रेम प्रकाश हैं। इन न्यायाधीशों की ‘सुपीरियर जुडिशियल सर्विस ऑफ़ बिहार’ से सीधी भर्ती सेशन जज के तौर पर अप्रैल 2010 में हुई थी। बाद में लगभग 12 वर्षों के बाद साल 2022 ये ये सभी पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीश बने थे।

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में जजों ने बताया है कि साल 2010 में अपनी नियुक्ति के दौरान वो ‘राष्ट्रीय पेंशन योजना’ का हिस्सा थे। तब उनके GPF खाते चल रहे थे। इस दौरान साल 2016 में बिहार सरकार ने नई पेंशन योजना की घोषणा की थी। तब बताया गया था कि इस योजना ने पुरानी पेंशन स्कीम में जाने वाले लोगों को उनके NPS योगदान वापस किए जाएँगे। यह वापसी या तो उनके बैंक खातों में होगी या उनके GPF खातों में पैसे जमा हो जाएंगे।

बताया गया है कि हाईकोर्ट में नियुक्ति के बाद इन जजों को GPF खाते दिए गए। इन जजों ने इस खाते में अपने NPS को निकाल कर जमा कर दिया। नवम्बर 2022 में बिहार सरकार के लेखाकार और वहाँ के कानून व न्याय मंत्रालय ने इन जजों से उनके NPS योगदान को उनके GPF खातों में ट्रांसफर करने की वैधता पर नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण की माँग की थी। अब इन 7 जजों का आरोप है कि बिहार सरकार द्वारा उनके GPF खातों को बंद कर दिया गया है।

नेहा राठौर से 7 सवाल, 72 घंटे में देना होगा जवाब: कानपुर में माँ-बेटी की मौत पर ‘नफरत’ फैलाने वाला गाना, एक्शन में UP पुलिस

‘यूपी में का बा’ गाने वाली बिहार की लोकगायिका नेहा सिंह राठौर को उत्तर प्रदेश पुलिस ने नोटिस जारी किया है। यह नोटिस कानपुर देहात में माँ-बेटी की जल कर हुई मौत के बाद गाए गाने के बाद जारी की गई है। इस गाने का नाम सीजन-2 दिया गया था। पुलिस का मानना है कि नेहा राठौर का गाना समाज में नफरत घोलने का काम कर रहा है। पुलिस ने नोटिस में 7 सवालों के जवाब 3 दिनों में माँगे हैं। समय सीमा में जवाब न देने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

यह नोटिस कानपुर देहात जिले के थाना अकबरपुर SHO द्वारा जारी हुई है। इस नोटिस को थाना प्रभारी प्रमोद कुमार ने धारा 160 CRPC के अंतर्गत जारी किया है। बताया जा रहा है कि UP पुलिस ने यह नोटिस नेहा सिंह राठौर के दिल्ली स्थित घर पर मंगलवार (21 फरवरी 2023) को रिसीव करवाया। इस दौरान नेहा सिंह राठौर ने अपने घर के आगे उत्तर प्रदेश पुलिस वालों की एक वीडियो भी शेयर किया। वीडियो में पुलिस वाले नेहा राठौर से नोटिस की रिसीविंग ले रहे हैं।

अकबरपुर थाना पुलिस द्वारा नेहा से जो सवाल किए गए हैं, उसमें पहला सवाल है कि वीडियो में ‘वो खुद हैं या कोई और’। दूसरे सवाल में पुलिस ने वीडियो को नेहा राठौर के यूट्यूब और ट्विटर पर खुद से अपलोड किए जाने या किसी और से करवाने की जानकारी माँगी गई है।

तीसरे सवाल में पुलिस ने पूछा है कि नेहा राठौर अपने नाम से बना यूट्यूब और ट्विटर खुद से चलाती हैं या किसी और द्वारा ऑपरेट किया जाता है। जबकि चौथे सवाल में नेहा राठौर द्वारा गाया गाना खुद से लिखे जाने या किसी और से लिखवाने की जानकारी माँगी गई है।

इसी नोटिस के 5वें सवाल में पुलिस ने नेहा राठौर से पूछा है कि क्या वो अपने द्वारा गाए गए गीत को सर्टिफाइड करती हैं। जबकि छठे सवाल में पुलिस ने ‘का बा’ वाले गीत के किसी और द्वारा लिखे जाने की स्थिति में नेहा द्वारा इसकी प्रमाणिकता की पुष्टि की पड़ताल करने संबंधी जानकारी माँगी गई है।

सातवें और अंतिम सवाल में कानपुर देहात पुलिस ने नेहा राठौर से पूछा है कि क्या वो अपने गाने से समाज में पड़ रहे असर से वाकिफ हैं या नहीं। इसी सवाल के बाद पुलिस का कहना है कि नेहा के गीत से समाज में न सिर्फ तनाव बल्कि वैमनस्यता के हालात बने हैं।

SHO अकबरपुर प्रमोद कुमार शुक्ला द्वारा जारी इस नोटिस में 3 दिनों के भीतर नेहा द्वारा जवाब न मिलने पर उनके खिलाफ उचित धाराओं में FIR दर्ज करके कार्रवाई करने की बात भी कही गई है। कानपुर देहात पुलिस के डिप्टी SP अकबरपुर ने इस नोटिस की पुष्टि करते हुए बताया कि नोटिस का जवाब मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।