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‘झूठ बोल कर नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी ने काम पर रखा, अब उनके सहयोगी दे रहे धमकी’: दुबई में फँसी महिला ने रोते हुए बयाँ किया दर्द – सैलरी भी नहीं दी

बॉलीवुड अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी (Nawazuddin Siddiqui) को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीवी आलिया सिद्दीकी ने उन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इसी बीच 19 फरवरी, 2023 को आलिया के वकील रिजवान ने अभिनेता की हाउस हेल्प होने का दावा करने वाली एक लड़की का वीडियो शेयर किया। 20 वर्षीय लड़की का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वायरल वीडियो में वह रोती हुई दिखाई दे रही है और अपना नाम सपना रॉबिन मसीह बता रही है।

महिला ने आरोप लगाया है कि नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने उसे झूठ बोलकर काम पर रखा था। अभिनेता के बच्चों और बीवी के चले जाने के बाद वह दुबई में फँसी हुई है। उन्होंने उसे दुबई में अकेला छोड़ दिया है और उसके खाने-पीने का भी कोई बंदोबस्त नहीं किया। सपना ने रोते हुए मदद की गुहार लगाई है कि उसे कैसे भी करके भारत वापस लाने की व्यवस्था की जाए साथ ही उसकी सैलेरी दी जाए। सपना कहना है कि आलिया को भी भारत आने के लिए काफी परेशानियाँ उठानी पड़ी थी।

इस मामले में आलिया के वकील रिजवान ने सिलसिलेवार कई ट्वीट किए हैं। रिजवान ने कहा कि सिद्दीकी के कुछ लोग सपना को धमकी दे रहे हैं। वे उससे कह रहे हैं कि उसे पैसे और टिकट सब मिलेंगे, लेकिन उसे सबके सामने यह कहना होगा कि वह एक्टर के लिए काम नहीं करती है। रिजवान ने अपने ट्वीट में नवाजुद्दीन को टैग करते हुए लिखा, “आपके सेक्रेटरी अनूप और भरत आपका नाम लेकर सपना को धमकी दे रहे हैं। आप इस पर तुरंत ध्यान दीजिए, वरना ऐसी धमकी की सूचना दुबई पुलिस और इंडियन अथॉरिटी को दी जाएगी।”

आलिया के वकील रिजवान सिद्दीकी ने बताया कि सपना की Emirates ID में उसे सेल्स मैनेजर के रूप में दिखाया गया है। यानी, सपना को गलत हायरिंग करके दुबई भेजा गया था। वह भले ही एक सेल्स मैनेजर के तौर पर दुबई गई थी, लेकिन वह नवाज के घर पर हाउस हेल्प (नौकरानी) का काम करती थी। हायरिंग के बाद से ही उसे सैलेरी नहीं मिली है। आलिया के बच्चों सहित भारत वापस आने के बाद से सपना दुबई वाले घर पर अकेली रह गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नवाजुद्दीन सिद्दीकी बीवी आलिया और दोनों बच्चों को साल 2022 में दुबई छोड़कर मुंबई लौट आए थे।

गौरतलब है कि 2023 में नवाजुद्दीन सिद्दीकी की बीवी आलिया अपने बच्चों के साथ भारत वापस लौट आई थी। यहाँ आने के बाद आलिया उर्फ जैनब ने नवाजुद्दीन पर कई आरोप लगाए। आलिया ने एक इंस्टाग्राम पोस्ट में बताया था कि घर में उन्हें टॉर्चर किया जा रहा है। अपने ही शौहर के घर में उन्हें हॉल में रहने को मजबूर किया जा रहा है। दुबई से लौटे उनके बच्चे भी सोफे पर सोने को मजबूर हैं। सिक्योरिटी गार्ड और कैमरों से उनकी निगरानी हो रही है।

वे किसी तरह गेस्ट टॉयलेट का इस्तेमाल कर पा रही हैं। 2020 में भी आलिया ने मुंबई के वर्सोवा थाने में नवाजुद्दीन और उनके परिजनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई थी। इसमें उनके खिलाफ मारपीट और प्रताड़ना का आरोप लगाया था।

मोनू मानेसर के समर्थन में महापंचायत, सड़क पर उतर CBI जाँच की माँग: कहा- गोरक्षक के परिवार को किया परेशान तो वापस नहीं जा पाएगी राजस्थान पुलिस

गोरक्षक मोनू मानेसर के समर्थन में हिंदू संगठन लामबंद हो गए हैं। मंगलवार (21 फरवरी 2022) को हुई महापंचायत में जुनैद-नासिर केस की सीबीआई जाँच की माँग करते हुए मानेसर को हरसंभव सहायता देने की बात कही गई। महापंचायत गुरुग्राम के मानेसर में हुई। इससे एक दिन पहले सोमवार को मानेसर के ग्रामीण और हिंदू संगठनों के लोगों ने सड़कों पर उतरकर मामले की सीबीआई जाँच की माँग की थी।

​हरियाणा के भिवानी में 16 फरवरी 2023 को एक जली हुई बोलेरो में राजस्थान के गोतस्कर जुनैद और नासिर की जली हुई लाश मिली थी। इस मामले में मोनू मानेसर को भी आरोपित किया जा रहा है। हालाँकि इस केस की जाँच कर रहे राजस्थान पुलिस के गोपालगढ़ SHO राम नरेश का एक​ स्टिंग सामने आया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि घटनास्थल पर मोनू मानेसर का लोकेशन नहीं मिला है। साथ ही उन्होंने जुनैद को वांटेड बताया था।

मानेसर के भीष्म मंदिर में हुई महापंचायत में विश्व हिन्दू परिषद सहित अन्य हिन्दू संगठन और गोरक्षा से जुड़े सैकड़ों लोग शामिल हुए। महापंचायत में राजस्थान पुलिस द्वारा दर्ज FIR को फर्जी करार दिया गया है। मोनू मानेसर और श्रीकांत कौशिक को बेगुनाह बताया गया।

महापंचायत में शामिल लोगों ने कहा कि मेवात में केवल गोतस्करी ही नहीं, चोरी और छिनतई जैसे अपराध भी आम हैं। एक वक्ता ने कहा कि पिछले कुछ सालों में ऐसे अपराधों पर अंकुश लगा है। इसकी वजह मोनू मानेसर और उनकी टीम है। एक अन्य वक्ता ने कहा कि हिन्दू संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं के कारण ही इस इलाके में हिंदू सुरक्षित हैं।

महापंचायत के एक अन्य वक्ता ने कहा कि अगर राजस्थान पुलिस ने गोरक्षकों के परिवार को परेशान किया तो वह अपने पैरों पर वापस नहीं लौट पाएगी।

महापंचायत में राजस्थान पुलिस पर भरोसा न होने का एलान करते हुए CBI जाँच की माँग की गई है। पंचायत में दूसरे आरोपित गोरक्षक श्रीकांत की पत्नी के साथ राजस्थान पुलिस की बर्बरता को भी उठाया गया है और इस मामले में पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की माँग की गई है।

गौरतलब है कि भरतपुर पुलिस पर श्रीकांत की तलाश में उसके घर में घुसने और परिजनों को प्रताड़ित करने का आरोप है। इस दौरान श्रीकांत की गर्भवती पत्नी के पेट में लातने मारने और उसके कारण मृत शिशु पैदा होने का भी आरोप है। हालाँकि भरतपुर पुलिस इन आरोपों को नकार चुकी है। लेकिन मौत का कारण पता लगाने के लिए हरियाणा पुलिस ने नवजात शिशु का शव श्मशान से निकलवाकर डॉक्टरों के बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया है।

जुनैद-नासिर की लाश मिलने के बाद मोनू मानेसर ने अपनी संलिप्तता से इनकार किया था। उसने कहा था कि घटना के दिन वह गुरुग्राम के एक होटल में था। इसका सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूत भी हैं। उसका कहना था कि मेवात में गौहत्या रोकने में बजरंग दल की सर्वाधिक सक्रियता की वजह से उसका नाम घसीटा जा रहा।

रणबीर-आलिया को अवॉर्ड के बाद ‘नेपो माफिया’ पर भड़की कंगना, खुद जारी की बेस्ट लिस्ट: राजामौली से लेकर ‘कंतारा’ वाले ऋषभ शेट्टी तक के नाम

बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत (Kangana Ranaut) ने एक बार फिर स्टार किड्स पर निशाना साधा है। स्टार किड्स पर निशाना साधने के पीछे मुंबई में बीती रात (20 फरवरी 2023) आयोजित किया गया दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड्स है। इसके कुछ घंटे बाद ही कंगना रनौत ने अपने ट्विटर, इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट शेयर कर इस पर ऑब्जेक्शन उठाया और ऋषभ शेट्टी व मृणाल ठाकुर समेत कई कलाकारों की तारीफ की।

उन्होंने मंगलवार (21 फरवरी 2023) को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर अपने हिसाब से विनर्स की लिस्ट शेयर की। एक्ट्रेस ने कहा, “अवॉर्ड्स का सीजन आ गया है। नेपो माफिया फिर से योग्य प्रतिभाओं से सभी पुरस्कार छीन रहे हैं। यहाँ उन कुछ लोगों की लिस्ट दी गई है, जिन्होंने साल 2022 में अपने दमदार अभिनय से दर्शकों का दिल जीता और कामयाबी हासिल की।”

इसके बाद अभिनेत्री ने इस साल का बेस्ट एक्टर- ऋषभ शेट्टी (कांतारा), बेस्ट एक्ट्रेस- मृणाल ठाकुर (सीता रामम), बेस्ट फिल्म- कांतारा, बेस्ट डायरेक्टर- एसएस राजामौली (आरआरआर), बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर- अनुपम खेर (द कश्मीर फाइल्स) और बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस – तब्बू (दृश्यम/भूल भुलैया) को बताया।

कंगना ने आगे लिखा, “ये लोग जाए या नहीं पुरस्कार इन्हीं के हैं। फिल्मी अवॉर्ड्स की कोई ऑथेंसिटी नहीं है। यहाँ काम खत्म करने के बाद, मैं उन सभी की एक प्रॉपर लिस्ट बनाऊँगी, जो मुझे योग्य लगते हैं। धन्यवाद।” इसके साथ ही उन्होंने बॉलीवुड अवॉर्ड्स को एक बड़ा धोखा बताया है।

बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत की इंस्टा स्टोरी

‘क्वीन’ फिल्म की अभिनेत्री ने इंस्टा पर लिखा, “नेपो इन्सेक्ट्स की लाइफ पैरेंट्स के नाम और कॉन्टेक्ट्स का इस्तेमाल करती है। काम पाने के लिए पापा जो चापलूसी करते हैं, अगर कोई सेल्फ मेड आए उसका करियर तहस-नहस कर दो। अगर कोई किसी तरह बच जाता है और लगातार उत्पीड़न की शिकायत करता है, उनको बिकाऊ माफिया पीआर से ईर्ष्यालु या फिर पागल बोल कर डिसमिस या डिसक्रेडिट कर दो… यही तो तुम्हारी करतूतें हैं। इसलिए मैं अब आप सभी के खात्मे लिए दृढ़ संकल्पित हूँ… कोई भी लाइफ की खूबसूरती में तब तक नहीं डूब सकता है, जब तक चारों तरफ इतनी बुराई है… श्रीमद्भगवत गीता कहती है कि बुराई को नष्ट करना ही धर्म का प्रमुख लक्ष्य है।”

बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत की इंस्टा स्टोरी
बॉलीवुड एक्ट्रेस आलिया भट्ट की इंस्टा स्टोरी

बता दें कि दादा साहेब फाल्के फिल्म फेस्टिवल में सोमवार (20 फरवरी 2023) को रणबीर कपूर को बेस्ट एक्टर और आलिया भट्ट (Alia Bhatt) को बेस्ट एक्ट्रेस के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। आलिया को यह अवॉर्ड ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ फिल्म के लिए और रणबीर को ‘ब्रह्मास्त्र पार्ट वन: शिवा’ के लिए दिया गया था। वहीं वरुण धवन को भी ‘भेड़िया’ फिल्म के लिए अवॉर्ड मिला था।

महोत्सव महाशिवरात्रि का, गाना- अल्लाह हू से लेकर लड़का आँख मारे तक: देवभूमि में घिरी कॉन्ग्रेस सरकार, हिमाचल के CM सुक्खू भी थे मौजूद

हिमाचल प्रदेश के मंडी में अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव (International Shivratri Festival) का आयोजन किया गया है। लेकिन धार्मिक महोत्सव में कलाकारों की प्रस्तुति से विवाद खड़ा हो गया है। पहले दिन (19 फरवरी 2023) मंच से सूफी कलाकारों ने ‘अल्लाह हू’ गाया। अन्य कलाकारों ने भी बॉलीवुड के ऐसे गानों की प्रस्तुति दी जिससे राज्य की कॉन्ग्रेस सरकार घिर गई है। भाजपा समेत नेटिजन्स ने इस पर ऐतरात जताया है।

हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव में साबरी ब्रदर्स यानी आफताब साबरी और हाशिम साबरी की टीम को बुलाया गया था। साबरी ब्रदर्स ने मंच से ‘अल्लाह हू अल्लाह हू’ कव्वाली गाई। इस दौरान राज्य के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी मौजूद थे। साबरी ब्रदर्स के अलावा स्थानीय कलाकारों ने पहाड़ी, पंजाबी और दूसरे लोकगीत गाए। बिलासपुर से आई गायिका राखी गौतम ने शिवरात्रि महोत्सव में ‘बाँहों में चले आओ, लड़का आँख मारे, सात समुंदर पार और इश्क दी गली विच नो एंट्री’ समेत बॉलीवुड के कई गाने गाए।

भारतीय जनता पार्टी की तरफ से महाशिवरात्रि के नाम पर आयोजित महोत्सव में ‘अल्लाह हू’ गाए जाने को लेकर सवाल खड़ा किया गया है। हिमाचल प्रदेश बीजेपी की तरफ से किए गए ट्वीट में कहा गया है, “चुनाव जीतने के बाद कॉन्ग्रेस नेताओं ने कहा था कि हमने हिंदुत्व को हरा दिया है, क्या यह हरकत उसी का प्रमाण है? जिस देवभूमि में हिंदू आबादी 97 प्रतिशत है, जहाँ की शिवरात्रि अंतर्राष्ट्रीय स्तर की है, जिसे छोटी काशी कहा जाता है, वहाँ पर ‘अल्लाह हू’ की कव्वाली गवाकर क्या सिद्ध करना चाहती है कॉन्ग्रेस?”

हिमाचल बीजेपी की तरफ से कहा गया है कि उनका विरोध किसी धर्म विशेष से नहीं, बल्कि मंच से है। जिस मंच से हिंदू त्योहार मनाया जा रहा हो वहाँ ‘अल्लाह हू’ की कव्वाली गलत है। बीजेपी ने राज्य कॉन्ग्रेस सरकार को हिंदुओं की भावना आहत करने के लिए माफी माँगने की माँग की है।

अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव के दौरान दी गई प्रस्तुतियों का नेटिजन्स ने भी विरोध जताया है। मिस्टर सिन्हा नामक ट्विटर यूजर ने ‘अल्लाह हू’ परफॉर्मेंस का वीडियो शेयर करते हुए लिखा है, “यकीन मानिए यह कोई कव्वाली का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि हिमाचल प्रदेश में आयोजित ‘अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव’ का उद्घाटन समारोह है।”

इस वीडियो को शेयर करते हुए निशांत आज़ाद नाम के यूजर ने लिखा कि देख लीजिए कॉन्ग्रेस सरकार में महाशिवरात्रि कैसे मनाई जाती है। बाबा सब देख रहे हैं।

ट्विटर पर Piha02526 नामकर यूजर ने तंज करते हुए लिखा कि हिमाचल के मंडी में राज्य सरकार द्वारा आयोजित शिवरात्रि महोत्सव का आनंद लें। ओल्ड पेंसन स्कीम (ओपीएस) और 300 यूनिट मुफ्त बिजली के लिए हिमाचली लोगों ने ‘ॐ नमः शिवाय’ की जगह ‘अल्लाह हू’ को चुना।

बता दें कि सात दिनों तक चलने वाला यह महोत्सव 24 फरवरी 2023 तक मनाया जाएगा। विवाद पर कॉन्ग्रेस की तरफ से अभी तक किसी तरह की सफाई नहीं दी गई है।

जिस जॉर्ज सोरोस को PM मोदी से नफरत, उसका संगठन मोहम्मद जुबैर को दिलाना चाहता था नोबल प्राइज: ALTNews की फंडिंग से ऐसे जुड़े हैं भारत विरोधियों के तार

सोमवार (20 फरवरी, 2023) को ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक और संदिग्ध फैक्ट-चेकर मोहम्मद ज़ुबैर ने एक ट्वीट में ‘टाइम्स नाउ’ की रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट शेयर किया था। इस ट्वीट में उन्होंने लिखा था, “दर्शकों! यहाँ विशेष जानकारी दी जा रही है। यहाँ बताया गया है कि मोहम्मद जुबैर को जॉर्ज सोरोस से कैसे जुड़ा हुआ है। इसको लेकर यशस्वी जी।”

मोहम्मद जुबैर द्वारा शेयर किया स्क्रीनशॉट टाइम्स नाउ के एक कार्यक्रम का था। इस कार्यक्रम में दिखाया गया था कि पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट ओस्लो (PRIO) और इंटरनेशनल फैक्ट-चेकिंग नेटवर्क (IFCN) चलाने वाले पोयन्टर इंस्टीट्यूट फॉर मीडिया स्टडीज को जॉर्ज सोरोस की ओपन सोसाइटी फाउंडेशन द्वारा फंडिंग की जाती है। PRIO और IFCN दोनों के ही ऑल्ट न्यूज और मोहम्मद जुबैर से संबंध हैं।

आप यहाँ ‘टाइम्स नाउ’ के उस वीडियो को देख सकते हैं जिसका स्क्रीनशॉट मोहम्मद जुबैर ने शेयर किया था।

फैक्ट चेक का लाइसेंस

IFCN ने साल 2019 में ऑल्ट न्यूज को इंटरनेट पर होने वाले विभिन्न तरह के दावों को फैक्ट-चेक करने के लिए एक स्थापित मीडिया हाउस के रूप में मान्यता दी थी। IFCN से मान्यता मिलने के बाद ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक प्रतीक सिन्हा और मोहम्मद जुबैर ने ऑल्ट न्यूज के जरिए एक साल तक अपनी पसंद के हिसाब से प्रोपेगैंडा चलाया। हालाँकि एक साल बाद यानी साल 2020 में यह मान्यता समाप्त हो गई। Poynter की वेबसाइट पर इस बारे में पूरी जानकारी देखी जा सकती है।

‘ओपन सोसाइटी फ़ाउंडेशन’ की वेबसाइट के अनुसार, Poynter को चार बार फंडिंग की गई। पहली बार साल 2016 में ग्लोबल फैक्ट-चेकिंग समिट के लिए 25000 अमेरिकन डॉलर दिए गए। वहीं साल 2017 में “इंटरनेशनल फैक्ट-चेकिंग नेटवर्क की रिपोर्टिंग, लेखन, शिक्षण, सम्मेलन और विचार नेतृत्व को बढ़ाकर दुनिया भर में फैक्ट-चेकर्स के समर्थन को बढ़ाने के लिए” 300000 अमेरिकन डॉलर की फंडिंग की गई।

इसके अलावा साल 2018 में इंटरनेशनल फैक्ट-चेकिंग नेटवर्क को वेतन देने के लिए 122000 डॉलर की सहायता प्रदान की गई थी। यह सहायता इसलिए दी गई थी ताकि फैक्ट-चेकर्स अपने काम और पढ़ाई जारी रख सकें। वहीं, साल 2019 में, पैन-यूरोपीय फैक्ट-चेकिंग नेटवर्क स्थापित करने के लिए 45000 अमेरिकी डॉलर दिए गए थे।

PRIO के फंडर्स की सूची में सोरोस की नींव हर जगह है

पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट ओस्लो (PRIO) की वेबसाइट के इनकम पेज पर, जॉर्ज सोरोस के ओपन सोसाइटी फ़ाउंडेशन का जिक्र चार बार किया गया है। PRIO को आखिरी बार साल 2021 में सहायता मिली थी। हालाँकि सहायता कितनी मिली थी इस बारे में कोई भी जानकारी उपलब्ध नहीं है। ओपन सोसायटी फाउंडेशन ने PRIO को साल 2018, 2019, 2020 और 2021 में फंडिंग की थी। हालाँकि ओपन सोसाइटी फ़ाउंडेशन की वेबसाइट पर दिखाया गया है कि उन्होंने साल 2017 में PROI को 140000 अमेरिकी डॉलर की फंडिंग की थी।

ट्विटर यूजर द हॉक आई ने अपने ट्वीट में ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर को लेकर कहा है, “हर्ष मंदर और ऑल्ट न्यूज को नोबल के लिए नामांकित बताने वाले PRIO को ओपन सोसायटी फाउंडेशन (OSF) और RAND द्वारा फंडिंग की जाती है। साल 2018 में ऑल्ट न्यूज को निष्पक्ष बताते हुए मान्यता देने वाले IFCN को ओपन सोसायटी फाउंडेशन तथा ओमिड्यार द्वारा फ़ंडिंग की जाती है। उन्होंने आगे कहा है, “सोरोस से जुड़े रहने के लिए खुद को इतना महत्वपूर्ण मत समझिए। वे एक पारिस्थितिकी तंत्र को फंडिंग करते हैं, किसी व्यक्ति को नहीं।”

ऑपइंडिया से बात करते हुए, द हॉक आई ने कहा है, "जिस संगठन PRIO ने कारवाँ-ए-मोहब्बत, हर्ष मंदर के एनजीओ और ऑल्ट न्यू के सह-संस्थापकों, प्रतीक सिन्हा और मोहम्मद जुबैर को नामांकित किया था उसे ओपन सोसाइटी फाउंडेशन और RAND कॉर्पोरेशन का समर्थन प्राप्त है। इसी तरह, इंटरनेशनल फैक्ट चेकिंग नेटवर्क (IFCN) ने साल 2019 में ऑल्ट न्यूज को मान्यता दी थी। दिलस्चप बात यह है कि वामपंथी झुकाव वाली कंचन कौर के आकलन के आधार पर ऑल्ट न्यूज को मान्यता दी गई थी।"

उन्होंने आगे कहा है, "यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है कि IFCN उन संस्थानों को मान्यता देता है जो 'निष्पक्ष' फैक्ट-चेकर हों। इसलिए ऑल्ट न्यूज को मान्यता देने को लेकर लोगों ने IFCN की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए थे। IFCN की मान्यता हर साल रिन्यू कराना पड़ता है। लेकिन ऑल्ट न्यूज ने इसके लिए आवेदन नहीं किया। अब ऑल्ट न्यूज ने आवेदन क्यों नहीं किया इसका कारण IFCN तथा मोहम्मद जुबैर को अच्छी तरह पता है। Poynter को भी ओपन सोसायटी फाउंडेशन और ओमिडयार द्वारा फ़ंडिंग दी जाती है।"

उन्होंने यह भी कहा है कि नोबेल शांति पुरुष्कार मिलने की संभावना न होने के बाद भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नाम बनाने के लिए इस तरह के हथकण्डे अपनाए जाते हैं। अब जुबैर को "नोबेल शांति पुरस्कार के नामांकित व्यक्ति" के रूप में जाना जाता है।

ह्यूमन राइट्स लॉ नेटवर्क लिंक

खोजी पत्रकार विजय पटेल ने भी ऑल्ट न्यूज और जॉर्ज सोरोस फाउंडेशन के बीच संबंधों को लेकर बताया है। विजय पटेल ने एक ट्वीट में कहा है कि कोर्ट में मोहम्मद जुबैर का पक्ष रखने वाले वकील कॉलिन गोंसाल्विस के पास ह्यूमन राइट्स लॉ नेटवर्क (HRLN) नाम का एक फाउंडेशन है। इसे फाउंडेशन को ओपन सोसाइटी फाउंडेशन और फोर्ड फाउंडेशन समेत अन्य से फंडिंग मिलती है।

इसके अलावा, प्रतीक सिन्हा की माँ, निर्झरी मुकुल सिन्हा गुजरात में HRLN की एक शाखा चलाती थीं। निर्झरी मुकुल सिन्हा भी ऑल्ट न्यूज़ की मूल कंपनी प्रावदा मीडिया फाउंडेशन को फंडिंग करतीं हैं। ऑल्ट न्यूज़ ने वर्षों से अपनी वेबसाइट पर फंडिंग और खर्च का खुलासा नहीं किया है। स्क्रीनशॉट के आर्काइव पेज लिंक देखने के लिए आप यहाँ और यहाँ क्लिक कर सकते हैं।

गैंगस्टर-टेरर फंडिंग नेटवर्क पर NIA की रेड, 8 राज्यों की 70+ जगहों पर कार्रवाई: 11 राज्यों में इनकम टैक्स की भी छापेमारी

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) और आयकर विभाग (IT Department) ने मंगलवार (21 फरवरी 2022) को देश के कई राज्यों में कार्रवाई की। एनआईए ने गैंगस्टर और टेरर फंडिंग के नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए आठ राज्यों में 70 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की है। वहीं, आयकर विभाग ने 11 राज्यों के 64 जगहों पर छापा मारा है।

एनआईए ने गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई और उसके सहयोगी गैंगस्टर्स के ठिकानों में छापेमारी की है। यह छापेमारी लॉरेंस और नीरज बवाना गिरोह से हुई पूछताछ के बाद हुई है। पूछताछ में हथियारों की सप्लाई और टेरर फंडिंग का खुलासा हुआ था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, NIA की टीम ने मंगलवार की सुबह पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात में स्थित 70 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की। अकेले पंजाब में ही NIA ने 30 से अधिक ठिकानों पर छापा मारा है।

NIA ने हरियाणा के आजाद नगर और यमुना नगर में भी गैंगस्टरों के ठिकानों पर छापेमारी की है। हरियाणा के ही नारनौल में भी गैंगस्टर चिकू, गुरुग्राम में कौशल चौधरी और गुजरात के गाँधीधाम में ड्रगडीलर कुलविंदर के ठिकानों में NIA की छापेमारी चल रही है। एनआईए ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि कुलविंदर अंतरराष्ट्रीय ड्रग माफिया गिरोह का हिस्सा है। वह लंबे समय से लॉरेंस विश्नोई का सहयोगी रहा है। उसके खिलाफ विश्नोई गैंग से जुड़े लोगों को शरण देने के मामले में भी केस दर्ज हैं।

इस छापेमारी को लेकर सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि एनआईए को पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसी आईएसआई और गैंगस्टरों के बीच संबंध की जानकारी मिली है। इस मामले में एनआईए पहले ही 3 बार छापेमार कार्रवाई कर चुकी है। गैंगस्टरों के खिलाफ एनआईए की यह चौथी बड़ी कार्रवाई है। जाँच एजेंसी ने अब तक कई गैंगस्टरों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार गैंगस्टर्स के पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद हुए हैं।

बता दें कि NIA ने यह कार्रवाई जेल में बंद लॉरेंस विश्नोई और नीरज बवाना व उसके गिरोह से जुड़े लोगों से हुई पूछताछ के बाद की है। पूछताछ के दौरान टेरर फंडिंग से लेकर हथियारों की सप्लाई करने की भी बात सामने आई थी। रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि उत्तर प्रदेश के पीलीभीत और प्रतापगढ़ में हथियार सप्लायरों की तलाश की जा रही थी। इस बात का संदेह जताया जा रहा है कि हथियार सप्लायर्स नेपाल के रास्ते हथियारों और गोला-बारूद की तस्करी करते हैं।

गौरतलब है कि NIA ने अक्टूबर 2022 में आतंकवादियों, गैंगस्टरों तथा ड्रग माफियाओं को निशाना बनाते हुए पाँच राज्यों में 50 से अधिक स्थानों पर छापे मारे थे। इस छापामार कार्रवाई को लेकर एजेंसी ने कहा था कि आतंकी नेटवर्क के साथ-साथ उनकी फंडिंग और सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को खत्म करने के लिए इस तरह की कार्रवाई होती रहेगी।

वहीं, आयकर विभाग की टीम ने यूफ्लेक्स लिमिटेड के ठिकानों पर छापा मारा है। समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि उत्तर प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, जम्मू और कश्मीर, हरियाणा, तमिलनाडु, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में करीब 64 जगहों पर छापेमारी की जा रही है।

मदरसे के मौलवी ने बच्चे को कमरे में बुलाया, मालिश के बहाने करने लगा रेप: कई बने हवस का शिकार, परिजनों को पीटकर हुआ फरार

झारखंड के गढ़वा में एक मदरसे के मौलवी पर वहाँ पढ़ने वाले कई छात्रों के साथ कुकर्म का आरोप लगा है। आरोपित मौलवी का नाम समरुद्दीन है। वह मूल रूप से पश्चिम बंगाल का निवासी है। पीड़ित छात्रों की संख्या आधे दर्जन के आसपास बताई जा रही है। शिकायत करने पर मौलवी ने बच्चों के परिजनों से भी मारपीट की। मामला रविवार (19 फरवरी 2023) का है। केस दर्ज होने के बाद से मौलवी फरार है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना गढ़वा के नगरउंटारी थानाक्षेत्र के कोइंदी गाँव की है। यहाँ पश्चिम बंगाल का मौलवी समरुद्दीन कई सालों से दारुल उलूम सामसिया नाम के मदरसे में बच्चों को दीनी तालीम दे रहा था। इस मदरसे में करीब 50 बच्चे पढ़ते हैं। आरोप है कि रविवार की रात समरुद्दीन ने मदरसे में पढ़ने वाले 3 बच्चों को अपने कमरे में बुलाया। फिर दो बच्चों को बाहर भेज एक को अपने कमरे में रोक लिया। कुछ देर बाद मौलवी ने उस बच्चे से मालिश करने को कहा।

बताया जा रहा है कि जब बच्चा मालिश कर रहा था, तब मौलवी ने उससे कुकर्म करने का प्रयास किया। बच्चे ने इसका विरोध किया और अपने परिवार वालों को मौलवी की करतूत की जानकारी दी। जब बच्चे के परिजन शिकायत लेकर मदरसे आए तो मौलवी ने गाँव में मौजूद अपने कई समर्थकों को जुटा लिया। आरोप है कि इनलोगों के साथ मिल मौलवी ने परिजनों के साथ मारपीट की।

पीड़ित परिजनों का यह भी आरोप है कि इसी मदरसे के एक मौलाना अशरफ ने मामले को मौके पर ही रफा-दफा करने की कोशिश की थी। लेकिन उसकी कोशिश कामयाब नहीं हुई। इस बीच किसी ने मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुँच कर हालात को सँभाला। बाद में पुलिस ने मदरसे के छात्रों का बयान दर्ज किया। एक रिपोर्ट के मुताबिक मौलवी द्वारा पीड़ित छात्रों की संख्या लगभग आधे दर्जन है। केस दर्ज होने के बाद मौलवी फरार है। SDPO प्रमोद कुमार के मुताबिक समरुद्दीन की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

दाढ़ी नहीं रखने पर छात्र होंगे बाहरः दारुल उलूम का फरमान, मौलाना कासमी बोले- इस्लाम में एक मुश्त दाढ़ी रखना सुन्नत

अजीब फतवों के लिए कुख्यात दारुल उलूम देवबंद ने छात्रों के लिए नया फरमान जारी किया है। उत्तर प्रदेश के सहरानपुर स्थित इस्लामी शिक्षण संस्थान ने छात्रों के लिए दाढ़ी रखना अनिवार्य कर दिया है। ऐसा नहीं करने वाले छात्रों को संस्थान से बाहर कर दिया जाएगा। यह आदेश सोमवार (20 फरवरी 2023) को जारी किया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दारुल उलूम ने अपने इस फैसले को इस्लाम की सच्ची शिक्षा बताया है। शिक्षा विभाग के प्रमुख मौलाना हुसैन अहमद हरिद्वारी की ओर से यह फरमान जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि दाढ़ी कटवाने वाले छात्रों का नाम दारुल उलूम से काट दिया जाएगा। दाढ़ी कटवाने वालों की एडमिशन फॉर्म कबूल नहीं की जाएगी। इस फरमान में किसी भी तरह की रियायत नहीं देने की बात भी कही गई है।

बताते चलें कि 6 फरवरी 2023 को दारुल उलूम ने ऐसे 4 छात्रों का नाम काट दिया था, जिन्होंने दाढ़ी कटवाई थी। निष्कासित छात्रों ने गलती मानते हुए दोबारा ऐसा नहीं करने का घोषणा पत्र भी दारुल उलूम में जमा किया था। लेकिन इसका वहाँ के शिक्षा विभाग पर कोई असर नहीं पड़ा। उसने निष्कासित छात्रों को किसी भी तरह की रियायत देने से इनकार किया है। अपने फैसले में दारुल उलूम ने छात्रों के दाढ़ी कटवाने को सुन्नत के खिलाफ बताया था।

दारुल उलूम देवबंद के ताजा फरमान का उलेमाओं ने भी समर्थन किया है। मदरसा जामिया शेखुल हिंद के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती असद कासमी ने दैनिक भास्कर को बताया, “हर मुसलमान को सुन्नत और शरिया के हिसाब से जीवन गुजारना चाहिए। इस्लाम में दाढ़ी रखना सुन्नत है। इसे रखना चाहिए।” वहीं मौलाना कासमी ने कहा है, “इस्लाम में एक मुश्त (मुट्ठीभर) दाढ़ी रखना सुन्नत है। इससे ज्यादा बढ़ी हुई दाढ़ी को कटवाने में कोई हर्ज नहीं है।”

गौरतलब है कि दारुल उलूम देवबंद इस्लाम की देवबंदी विचारधारा का एक बड़ा केंद्र माना जाता है। यह इस्लामी शिक्षण संस्थान पहले भी अपने फरमानों और फतवों के लिए चर्चा में रहा है। यहाँ से फोटो खिंचवाने, कंडोम के इस्तेमाल, महिलाओं के ब्यूटी पार्लर जाने, आइब्रो सही करवाने, अनजान मर्द से मेहँदी लगवाने, वैक्सिंग करवाने वगैरह के खिलाफ फतवे जारी हो चुके हैं।

महिला मैनेजर से बदतमीजी, बॉडीगार्ड को धक्का: लाइव कंसर्ट में हाथापाई पर सोनू निगम ने बताया सब कुछ, उद्धव गुट के MLA के बेटे पर FIR

20 फरवरी 2023 की रात सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें कुछ लोग गायक सोनू निगम के साथ धक्का-मुक्की करते दिखे। यह घटना मुंबई के चेंबूर इलाके में लाइव कंसर्ट के दौरान हुई। इस मामले में उद्धव ठाकरे गुट के विधायक प्रकाश फटरपेकर के बेटे स्वप्निल के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है।

विधायक के बेटे पर सोनू निगम की महिला मैनेजर से बदतमीजी करने और उनके बॉडीगार्ड को धक्का देने का आरोप है। सोनू निगम ने बताया है कि कंसर्ट के बाद वे स्टेज से नीचे आ रहे थे तो स्वप्निल ने उन्हें पकड़ लिया। उन्हें बचाने आए हरि और रब्बानी को उसने धक्का दिया।

गायक ने कहा, “मैंने शिकायत दर्ज कराई है, ताकि लोग जबरदस्ती सेल्फी लेने और हाथापाई करने के बारे में न सोचें। अगर वहाँ लोहे की रॉड पड़ी होती तो रब्बानी की मौत हो सकती थी।” मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुंबई के चेंबूर इलाके में उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना के विधायक प्रकाश फटेरपेकर ने कार्यक्रम आयोजित किया था। इस कार्यक्रम में सोनू निगम परफॉर्म कर रहे थे। तभी, विधायक पुत्र स्वप्निल फटेरपेकर सोनू निगम की मैनेजर सायरा के साथ बदतमीजी करने लगा। स्वप्निल का कहना था कि सायरा को मंच से हटाया जाए।

कार्यक्रम में परफॉर्म करने के बाद सोनू निगम जब मंच से नीचे आ रहे थे, तभी स्वप्निल ने उनके साथ सेल्फी लेने की बात कही। इस पर सोनू ने मना कर दिया। इससे स्वप्निल भड़क गया और उसने सोनू और उनके बॉडीगॉर्ड को धक्का दे दिया। इस-धक्का मुक्की में रब्बानी मंच से नीचे गिर गए। इससे वह चोटिल हो गए। रब्बानी को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।

इस घटना को लेकर सोनू निगम ने कहा है, “मुझे एक व्यक्ति ने सेल्फी लेने के लिए कहा। मना करने पर उसने मुझे पकड़ लिया। बाद में पता चला कि वह स्वप्निल फटेरपेकर है। मुझे बचाने के लिए मेरे करीबी हरि प्रसाद बीच में आए तो उसने उन्हें धक्का दे दिया। फिर मुझे भी धक्का दिया, इससे मैं नीचे गिर गया। इसके बाद मुझे बचाने के लिए रब्बानी आए तो उसने उन्हें भी धक्का दे दिया। वो बाल-बाल बचे हैं, वरना उन्हें गंभीर चोट आ सकती थी। इस हादसे में उनकी जान तक जा सकती थी। रब्बानी की किस्मत अच्छी थी कि नीचे कोई रॉड नहीं था।”

इस घटना में घायल हुए रब्बानी खान का कहना है, “बिना किसी उकसावे के अचानक हमारी टीम पर हमला कर दिया गया। उस व्यक्ति को हम नहीं जानते थे। वह सोनू निगम के पास सेल्फी के लिए आया था। जब उनके बॉडीगार्ड ने इसका विरोध किया तो उस व्यक्ति ने धक्का दे दिया। फिर वह सोनू निगम की ओर आया। जैसे ही सोनू जी ने मुझे पकड़ा वैसे ही उसने मुझे भी मंच से फेंक दिया। मैं आठ फीट की ऊँचाई से गिर गया। मेरी रीढ़ की हड्डी में चोट लगी है।”

इस मामले में सोनू निगम ने मुंबई के चेंबूर थाने में FIR दर्ज कराई है। मुंबई पुलिस के डीसीपी हेमराज राजपूत का कहना है कि सोनू निगम की शिकायत के बाद स्वप्निल फटेरपेकर के खिलाफ IPC की धारा 341, 337, 323 के तहत मामला दर्ज हुआ है।

अमित शाह को ‘इंदिरा गाँधी जैसा हाल’ करने की धमकी: खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह बोला- पंजाब का बच्चा-बच्चा चाहता है खालिस्तान

खालिस्तान समर्थक एक नेता ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को इशारों में धमकी दी है। उनका हाल पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी जैसा करने की बात की है। यह खालिस्तान समर्थक नेता अमृतपाल सिंह है। वह ‘वारिस पंजाब दे’ नाम के अलगाववादी संगठन का मुखिया है।

अमृतपाल ने केंद्रीय गृह मंत्री को धमकी रविवार (19 फरवरी 2023) को दी। वह पंजाब के मोगा में दीप सिद्धू की बरसी पर आयोजित कार्यक्रम में आया था। सिद्धू ने ही ‘वारिस पंजाब दे’ बनाया था। अमृतपाल ने कहा कि पंजाब का बच्चा-बच्चा खालिस्तान चाहता है। किसी भी हाल में इसे हासिल किया जाएगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मोंगा जिले के गाँव बुधसिंह वाला में अमृतपाल ने कहा, “इंदिरा ने भी दबाने की कोशिश की थी। क्या अंजाम हुआ। अमित शाह भी अपनी इच्छा पूरी कर लें।” अमृतपाल का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल है। अमित शाह ने हाल ही में कहा था कि पंजाब में खालिस्तान समर्थक गतिविधियों पर उनकी नजर है।

अमृतपाल ने कहा कि उसके पूर्वजों ने 500 साल से अपना खून बहा कर कई कुर्बानियाँ दी हैं जिसे न मोदी हटा सकते हैं और न ही अमित शाह। वे मर सकते हैं, लेकिन अपना दावा किसी भी हाल में नहीं छोड़ेंगे। उसने हिन्दू राष्ट्र की माँग करने वालों पर कार्रवाई की माँग भी की। कहा कि देश में सेक्युलर सरकार है तो ऐसे बयान देने वालों पर एक्शन क्यों नहीं लिया जाता। साथ ही खालिस्तान की माँग का विरोध करने वालों को चुनौती देते हुए कहा कि ‘जो करना है कर लें’।

गौरतलब है कि कथित किसान आंदोलन के दौरान लाल किले पर हुई हिंसा के मुख्य आरोपित दीप सिद्दू की रोड एक्सीडेंट में मौत के बाद अमृतपाल को ‘वारिस पंजाब दे’ का मुखिया बनाया गया था। अमृतपाल दुबई में रहता है। कुछ समय पहले भारत आया है। उस पर अमृतसर के अजनाला में एक सिख युवक के अपहरण का केस दर्ज है। इसमें उसके साथी तूफ़ान सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इस गिरफ्तारी के बाद अमृतपाल ने पंजाब पुलिस को भी धमकी दी थी।