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भाई-बहन के बीच सेक्स… पाकिस्तान की यूनिवर्सिटी में छात्रों से निबंध लिखने को कहा, सोशल मीडिया में हल्ला मचने के बाद लेक्चरर की छुट्टी

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद स्थित COMSATS यूनिवर्सिटी अपने प्रश्न पत्र को लेकर विवादों में है। दरअसल, यूनिवर्सिटी के एक लेक्चरर ने प्रश्न पत्र में छात्रों से ‘क्या भाई-बहन का सेक्स करना ठीक है’ विषय पर निबंध लिखने को कहा था।

इस प्रश्न पत्र के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जमकर हंगामा हुआ। नेटिजन्स ने लेक्चरर के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की माँग की। इसके बाद यूनिवर्सिटी ने लेक्चरर की छुट्टी कर दी है।

हंगामे के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने पाकिस्तान के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय को जानकारी दी है कि इंग्लिश कंपोजिशन एग्जाम में विवादास्पद प्रश्न पूछने वाले फैकल्टी के एक सदस्य को यूनिवर्सिटी ने नौकरी से निकाल दिया है।

प्रश्न पत्र का स्क्रीनशॉट (फोटो साभार: @ShehryarReal)

2 फरवरी 2023 को लिखे एक पत्र में यूनिवर्सिटी की ओर से कहा गया, “पहले सेमेस्टर में अंग्रेजी के प्रश्न पत्र की सामग्री को लेकर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के 19 जनवरी, 2023 के पत्र का जवाब देने का निर्देश दिया गया है। इस मामले में कार्रवाई पहले ही की जा चुकी है। लेक्चरर (विजिटिंग फैकल्टी) की सेवा 5 जनवरी, 2023 से समाप्त कर दी गई है। इसके साथ ही उस लेक्चरर को ब्लैक लिस्ट भी कर दिया गया है।”

दरअसल, पाकिस्तान के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने आपत्तिजनक प्रश्न पत्र पर संज्ञान लेने हुए यूनिवर्सिटी से जवाब माँगा था। मंत्रालय ने 19 जनवरी, 2023 को विश्वविद्यालय को पत्र भेजकर कहा था, “प्रश्न पत्र में पूछा गया सवाल काफी आपत्तिजनक है। यह पूरी तरह से पाकिस्तान के पाठ्यक्रम कानूनों के खिलाफ है और छात्रों के परिवारों के बीच अशांति पैदा करता है।”

पाकिस्तान के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा विश्वविद्यालय को भेजे गए पत्र की प्रति (फोटो साभार: @ShehryarReal)

बता दें कि मंत्रालय ने यूनिवर्सिटी से इस मामले में जाँच करने और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा था। मंत्रालय ने विश्वविद्यालय प्रशासन को जाँच रिपोर्ट सौंपने के लिए एक सप्ताह का समय दिया था। रिपोर्टों के अनुसार, अस्टिटेंट रजिस्ट्रार नवीद अहमद खान ने स्वीकार किया है कि छात्रों से बेहद आपत्तिजनक प्रश्न पूछा गया था। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में अगले दिन एक बैठक की गई थी और उस लेक्चरर से यह बताने को कहा गया कि उसने छात्रों से ऐसा मूर्खतापूर्ण प्रश्न क्यों पूछा? उन्होंने कहा कि उसने अपनी गलती स्वीकार कर ली, जिसके बाद यूनिवर्सिटी ने लेक्चरर को नौकरी से निकाल दिया। प्रश्न पत्र को फिर से तैयार किया गया।

‘रामचरितमानस घोषित हो राष्ट्रीय ग्रन्थ’: बागेश्वर धाम में 220 लोगों ने की घर-वापसी, मिशनरियों के चंगुल में फँस बन गए थे ईसाई

मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम में पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की मौजूदगी में 220 धर्मांतरित ईसाइयों ने हिन्दू धर्म में घर-वापसी की है। इससे पहले भी वहाँ बालाजी के दरबार में घर-वापसी के कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं। बता दें की दशकों से मिशनरियों ने गरीब इलाकों, खासकर दलितों और जनजातीय समाज को निशाना बनाया हुआ है। उन्हें लालच देकर उनका धर्म-परिवर्तन कराया जाता है। उनमें हिन्दू धर्म के प्रति घृणा भरी जाती है।

सभी 220 लोगों को पीले रंग की पट्टिका पहनाई गई थी, जिसके बाद उनकी घर-वापसी कराई गई। ‘हिन्दू जागरण मंच’ की इस कार्यक्रम में मुख्य भूमिका रही, जो इन लोगों को लेकर यहाँ पहुँची थी। बुंदेलखंड इलाके के टपरियन, बनापुर, चितौरा और बम्हौरी सहित कई गाँवों के लोग घर-वापसी करने वालों में शामिल हैं, जिन्हें मिशनरियों ने बरगला लिया था। पीठाधीश्वर शास्त्री ने इस दौरान उन लोगों से अपील की कि वो प्रतिदिन मंदिर जाएँ।

घर-वापसी करने वालों ने बताया कि ईसाई मिशनरियों ने उन्हें घर देने का लालच दिया था, जिसके बाद उन्होंने हिन्दू धर्म को छोड़ दिया था। हालाँकि, वादा नहीं निभाया गया और उन्हें घर नहीं मिला। उन्होंने कहा कि वो अपनी मर्जी से घर-वापसी कर रहे हैं। धीरेन्द्र कृष्ण ने कहा कि शनिवार और मंगलवार को लोग हनुमान जी के मंदिर जाया करें। उन्होंने दोहराया कि वो किसी पंथ के विरोधी नहीं, लेकिन अपने धर्म के कट्टर हैं।

उन्होंने कहा कि भूल सबसे होती है। उन्होंने खुद के बारे में कहा कि उन्हें लोकप्रियता नहीं चाहिए। पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने रामचरितमानस को राष्ट्रीय ग्रन्थ घोषित करने और भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाने की भी माँग की। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि राजनीतिक पार्टियाँ आशीर्वाद के अलावा उनसे और कोई अपेक्षा न रखें। घर-वापसी करने वालों में 62 परिवार के लोग शामिल हैं। ये लोग बसों में सवार होकर आए थे। उन्होंने बताया कि ईसाइयों के प्रभाव में आकर वो चर्च तक जाने लगे थे।

बता दें कि हाल ही में बागेश्वर धाम में महाशिवरात्रि के मौके पर आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में 125 जोड़े विवाह बंधन में बंधे थे। इसमें शामिल हुई 125 लड़कियों में से 58 ऐसी लड़कियाँ थीं, जिनके माता या पिता का निधन हो चुका है, यानी वो अनाथ थीं। इससे पहले यहीं एक मुस्लिम महिला सुल्ताना बेगम ने सनातन धर्म अपनाते हुए कहा था कि यहाँ भाई-बहन की आपस में शादी नहीं होती। क्रिसमस 2022 के दिन पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की रामकथा के दौरान भी दमोह में 300 लोगों ने घर-वापसी की थी

जहाँ जली गाड़ी में मिले जुनैद-नासिर के कंकाल, वहाँ मोनू मानेसर की लोकेशन नहीं मिली: स्टिंग में राजस्थान के SHO ने उगला, गोरक्षक को घेर रहा था लिबरल गैंग

​हरियाणा के भिवानी में 16 फरवरी 2023 को एक जली हुई बोलेरो में दो नर कंकाल मिले थे। ये कंकाल राजस्थान के भरतपुर निवासी गो तस्कर जुनैद और नासिर के बताए जा रहे। इसके बाद से गोरक्षक मोनू मानेसर का नाम चर्चा में है। पूरा लिबरल गिरोह उसके पीछे पड़ा है। लेकिन एक स्टिंग में राजस्थान पुलिस के गोपालगढ़ SHO राम नरेश यह कहते नजर आए हैं कि घटनास्थल पर मोनू मानेसर का लोकेशन नहीं मिला है। साथ ही वे बता रहे हैं कि जुनैद वांटेड अपराधी था।

भरतपुर की गोपालगढ़ थाना पुलिस ही इस मामले की जाँच कर रही है। ‘ऑपरेशन लोहारु’ नाम से यह स्टिंग टीवी चैनल टीवी9 भारतवर्ष की ओर से किया गया है। हालाँकि इस मामले में गिरफ्तार रिंकू सैनी के बारे में एसएचओ ने कहा है कि वह मोनू मानेसर के दल से जुड़ा है। लेकिन मोनू मानेसर की घटनास्थल पर लोकेशन नहीं मिलने की बात वे स्पष्ट तौर पर कह रहे हैं। थाना प्रभारी ने स्टिंग में किसी मोनू राणा का नाम लिया है।

SHO ने स्टिंग में मोनू राणा के साथ अनिल मुरथल और विकास आर्य का नाम भी लिया गया। इन तीनों को ही केस का मुख्य आरोपित बताया है। वीडियो में थानाध्यक्ष यह भी कह रहे हैं कि रिंकू की लोकेशन घटनास्थल पर मिली है। रिंकू सैनी 5 दिनों की पुलिस रिमांड पर है।

स्टिंग में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि रिंकू के मोबाइल पर किसी ने मैसेज देकर उस गाड़ी का नंबर भेजा था, जिसमें जुनैद और नासिर का जला हुआ शव बरामद हुआ था। पुलिस इसे ऑन रिकॉर्ड सबूत मान रही है। उल्लेखनीय है कि मामला सामने आने के बाद मोनू मानेसर ने अपनी संलिप्तता से इनकार किया था। उसने कहा था कि घटना के दिन वह गुरुग्राम के एक होटल में था। इसका सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूत भी हैं। उसका कहना था कि मेवात में गौहत्या रोकने में बजरंग दल की सर्वाधिक सक्रियता की वजह से उसका नाम घसीटा जा रहा। बावजूद इसके लिबरल गिरोह मोनू मानेसर को टारगेट करते हुए सोशल मीडिया में कैंपेन चला रहा है।

वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस को शक है कि जुनैद और नासिर की मुखबिरी उनके घर से निकलते ही की गई है। SHO ने स्टिंग में आगे दावा किया है कि आरोपितों ने नासिर और जुनैद को पकड़ कर हरियाणा पुलिस के हवाले कर दिया था, लेकिन पुलिस ने उन्हें लेने से मना कर दिया था। थानेदार के मुताबिक एक आरोपित गोरक्षकों की पिटाई से मर चुका था, जिसके बाद सबूत मिटाने के लिए दोनों को जला दिया गया। जिस मोनू राणा का नाम SHO ने स्टिंग में लिया है वो भिवानी का ही रहने वाला बताया जा रहा है। उसका घर घटनास्थल से कुछ ही दूर पर है। मृतक जुनैद पर न सिर्फ भरतपुर, बल्कि अलवर में भी केस दर्ज थे। इन केसों में हत्या के प्रयास सहित साजिश रचने के भी आरोप शामिल हैं।

सोशल मीडिया पर महिला IAS और IPS की भिड़ंत, बोलीं डी रूपा – पुरुष अधिकारियों को प्राइवेट तस्वीरें भेजती हैं रोहिणी

कर्नाटक के अधिकारियों के बीच एक मामले को लेकर हड़कंप मचा हुआ है। असल में IPS अधिकारी रूपा दिवाकर मौदगिल ने IAS अधिकारी रोहिणी सिंदूरी की कुछ तस्वीरें जारी करते हुए आरोप लगाया है कि उन्होंने 3 पुरुष IAS अधिकारियों को ये तस्वीरें भेजी हैं। साथ ही उन्होंने IAS अधिकारी पर कई आरोप भी लगाए। वहीं रोहिणी का कहना है कि रूपा उन्हें बदनाम करने के लिए अभियान चला रही हैं और झूठे आरोप लगा रही हैं, जिनका कोई आधार नहीं है।

IAS अधिकारी रोहिणी सिंदूरी ने कहा कि वो IPS अधिकारी डी रूपा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए अन्य प्रकार की कार्रवाई भी करेंगी। उन पर दुर्व्यवहार और आपराधिक धाराओं में FIR दर्ज कराने की बात भी कही गई है। रोहिणी का कहना है कि रूपा ने सोशल मीडिया और उनके व्हाट्सएप्प स्टेटस से तस्वीरें लेकर उन्हें बदनाम करने की साजिश रची। उन्होंने चुनौती दी कि वो उन पुरुष अधिकारियों के नाम सार्वजानिक करें, जिन्हें वो ये तस्वीरें भेजे जाने की बातें कह रही हैं।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने इस मुद्दे को व्यक्तिगत बताते हुए इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। रूपा ने रोहिणी की 7 तस्वीरें अपने फेसबुक हैंडल से जारी कीं और कहा कि 2021-22 में सिंदूरी ने इन्हें IAS अधिकारियों के साथ साझा किया था। उन्होंने पूछा कि तीन-तीन अधिकारियों को ये तस्वीरें भेजे जाने का क्या मतलब है? साथ ही कहा कि इस कारण ये मामला अब व्यक्तिगत नहीं रह गया है।

रूपा ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि इस तरह से आपत्तिजनक तस्वीरें शेयर करना गलत है। उन्होंने कहा कि बिना कोई सहानुभूति दिखाए रोहिणी सिंदूरी के खिलाफ जाँच की जानी चाहिए। उन्होंने ये आरोप भी लगाया कि मैसूर डीसी हेरिटेज बिल्डिंग ‘सन्निधि’ में वक स्विमिंग पूल बनाने बनवाने को लेकर उनके खिलाफ जाँच शुरू करने में देरी हुई। उन्होंने कहा कि शुरुआती जाँच में गड़बड़ियाँ पाए जाने के बावजूद उन पर विभागीय कार्रवाई नहीं हुई।

19 आरोपों में एक यह भी है कि IAS अधिकारी रोहिणी सिंदूरी ने लैंड रिकॉर्ड और सर्वे डिपार्टमेंट से सूचनाएँ लेकर रेस्ट एस्टेट के कारोबार में लगे अपने परिवार वालों की मदद की। साथ ही ज़्यादा बिल दिखाने के मामले में उनके खिलाफ लोकायुक्त शिकायत भी है। केआर नगर के जेडीएस विधायक एसआर महेश की रोहिणी के साथ झड़प हुई थी और वो विधानसभा में मामले को उठाते रहे हैं। उन्होंने सिंदूरी के खिलाफ कुछ दस्तावेज भी राज्य सरकार को सौंपे जाने की बात बताई थी।

IPS अधिकारी रूपा दिवाकर मौदगिल का कहना है कि साथी अधिकारियों के साथ भी रोहिणी सिंदूरी की कई बार झड़प हो चुकी है। मैसूर सिटी कॉर्पोरेशन कमिश्नर शिल्पा नाग के साथ उनकी झड़प हुई थी। शिल्पा ने रोहिणी पर अपमान करने के आरोप लगाए थे, जिसके बाद दोनों का ट्रांसफर कर दिया गया था। चामराजनगर अस्पताल में कोरोना महामारी के दौरान 24 लोगों की मौत को भी उन्होंने रूपा से जोड़ते हुए पर्याप्त ऑक्सीजन ट्रांसफर न किए जाने का आरोप लगाया।

एलन मस्क की राह पर मार्क जुकरबर्ग: फेसबुक-इंस्टाग्राम भी ट्विटर की तरह ब्लू टिक के हर महीने वसूलेगा पैसे, जानिए वेरिफाइड सर्विस की कीमत

माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर के बाद फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप की पैरेंट कंपनी मेटा (META) यूजर्स से वेरिफाइड अकाउंट के लिए अब हर महीने पैसे वसूलेगी। मेटा के फाउंडर मार्क जुकरबर्ग (Mark Zuckerberg) ने सोमवार (20 फरवरी 2023) को फेसबुक पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। फिलहाल, इसे ट्रायल बेसिस पर ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के यूजर्स के लिए रोलआउट किया जा रहा है। टेस्ट के बाद अमेरिका में इसे लॉन्च किया जाएगा।

जुकरबर्ग ने फेसबुक पर लिखा, “इस हफ्ते हम मेटा वेरिफाइड सर्विस शुरू करने जा रहे हैं। यह एक सब्सक्रिप्शन सर्विस है। इसमें सरकारी पहचान पत्र के जरिए आपको ब्लू टिक मिल जाएगा। इससे अकाउंट को एक्स्ट्रा प्रोटेक्शन मिल सकेगी। इसके अलावा भी कई एक्स्ट्रा फीचर्स यूजर्स को दिए जाएँगे। यह नई सर्विस प्रामाणिकता और सुरक्षा बढ़ाने के लिए है।”

मेटा के फाउंडर मार्क जुकरबर्ग का फेसबुक पोस्ट

जुकरबर्ग ने आगे बताया, “हम इस सर्विस को पहले ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में शुरू करेंगे। इसके बाद जल्द ही दूसरे देशों में भी इसे रोल आउट किया जाएगा। इसके लिए यूजर को वेब के लिए हर महीने 11.99 डॉलर (करीब 990 रुपए) और IOS वालों को 14.99 डॉलर (करीब 1238 रुपए) देने होंगे।” हालाँकि, भारत में यह सर्विस कब से लागू होगी अभी तक यह साफ़ नहीं है।

कंपनी ने इनसाइडर को बताया कि इससे मेटा वेरिफाइड यूजर्स को प्लेटफॉर्म पर ज्यादा विजिबिलिटी और प्रोटेक्शन मिल सकेगी। यानी कोई भी उनकी फेक आईडी नहीं बना पाएगा। इसके साथ ही मेटा किसी भी यूजर्स के अ​काउंट को वेरिफाइड करने के लिए उसकी एक सरकारी आईडी का इस्तेमाल करेगा।

मार्क जुकरबर्ग ने यह आधिकारिक घोषणा सोशल मीडिया सलाहकार मैट नवरारा (Matt Navarra) द्वारा रविवार (19 फरवरी 2023) को इंस्टाग्राम के हेल्प सेंटर पेज पर एक पोस्ट के बारे में ट्वीट किए जाने के बाद की है। इससे लगता है कि यह नई सुविधा जल्द ही लॉन्च की जाएगी। पोस्ट को हटाए जाने से पहले इनसाइडर ने इसका स्क्रीनशॉट ले लिया था।

मेटा वेरिफाइड पर इंस्टाग्राम हेल्प सेंटर पेज का स्क्रीनशॉट। (फोटो साभार: businessinsider)

हेल्प पेज पोस्ट में कहा गया है कि सब्सक्राइबर्स को इंस्टाग्राम स्टोरीज के लिए एक्सक्लूसिव स्टिकर्स मिल सकते हैं। इसके साथ ही अकाउंट को वेरिफाइड कराने के लिए यूजर्स की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। नवरारा ने इनसाइडर को बताया कि मेटा के लिए पेड वेरिफिकेशन प्लान पर विचार करना सही है, क्योंकि मॉर्केट में प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है। ज्यादातर कंपनियाँ चुनौतीपूर्ण आर्थिक संकट का सामना कर रही हैं। उन्होंने कहा आगे कहा, “Snap with Snapchat+ और Twitter with Twitter Blue ने सोशल मीडिया कंपनियों के लिए राजस्व का एक नया रास्ता खोल दिया है।”

टेक्नॉलॉजी और गैजेट्स न्यूज मॉनिटर टेकड्रॉइडर के मुताबिक, मेटा वेरिफाइड सर्विस यूजर्स को वेरिफाइड बैज, कस्टमर सपोर्ट, एक्टिव इंपर्सनेशन मॉनिटरिंग, दूसरे लोगों के कमेंट्स में प्राथमिकता, एक्सप्लोर पेज और इंस्टाग्राम पर रील्स बनाने के लिए एक्सक्लूसिव स्टिकर्स का फायदा मिलेगा। इसके अलावा, मेटा वेरिफाइड यूजर्स को उनके इंस्टाग्राम, फेसबुक स्टोरीज और रील्स के लिए एक्सक्लूसिव स्टिकर्स के साथ-साथ 100 फ्री मंथली स्टार्स भी मिलेंगे, जो फेसबुक क्रिएटर्स को टिप देने के लिए एक डिजिटल करेंसी है।

गो तस्कर के परिजनों को ₹20 लाख-सरकारी नौकरी, गौ रक्षकों को फँसाने और टॉर्चर करने के आरोप: क्या जुनैद-नासिर केस में ‘तुष्टिकरण’ देख रही कॉन्ग्रेस

राजस्थान आपराधिक घटनाओं के कारण पहले से ही कुख्यात रहा है, तमाम आँकड़े इस बात की तसदीक करते हैं। हिन्दू समाज हमेशा से गाय को माता मानता रहा है और गोरक्षा को अपना धर्म समझता रहा है। हम इसकी बात इसीलिए कर रहे हैं, क्योंकि एक ताज़ा घटना के कारण फिर से राजस्थान पुलिस के दामन पर दाग लगे हैं। ये घटना जुड़ी है हरियाणा के भिवानी में हुई दो मौतों से और गोरक्षक मोनू मानेसर से इसके कनेक्शन से।

सबसे पहले आपको घटना के बारे में बता देते हैं। हुआ कुछ यूँ कि जुनैद और नासिर की जल कर मौत हो गई। इस मामले में मोनू मानेसर को मुख्य आरोपित बनाया गया। जुनैद पर गोहत्या के पहले से ही कई मामले दर्ज हैं और यही उसका पेशा भी था। हालाँकि, मोनू का कहना है कि वो बेगुनाह हैं और घटना के समय वो कहीं और थे। मोनू हमेशा से कहते रहे हैं कि वो गौतस्करों के निशाने पर हैं और उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है।

अब इस मामले में ‘विश्व हिन्दू परिषद (VHP)’ भी कूद गई है और CBI जाँच की माँग की है। इस मामले ने और तूल तब पकड़ लिया, जब इस मामले के एक अन्य आरोपित श्रीकांत कौशिक के परिवार ने आरोप लगाया कि राजस्थान पुलिस ने उनके साथ बर्बरता की और इस घटना में श्रीकांत की पत्नी का गर्भ भी गिर गया। सोचिए, ये कितना बड़ा आरोप है। हालाँकि, जहाँ हरियाणा पुलिस एडिशनल एसपी से इस मामले की जाँच करा रही है, राजस्थान पुलिस ने आरोपों को नकार दिया है।

राजस्थान पुलिस हरियाणा में जाकर उन दो मौतों के मामले में दबिश दे रही है। बर्बरता के मामले में हरियाणा के नगीना थाने में राजस्थान पुलिस के कर्मचारियों के खिलाफ केस भी दर्ज कराया गया है। हालाँकि, भरतपुर की पुलिस इन आरोपों को भले ही नकार रही हो लेकिन उसने अब तक अपने पक्ष में कोई तथ्य नहीं दिया है। इसके नाम पर उनके पास सिर्फ बयान हैं। पुलिसिया बर्बरता हमारे देश में कोई नई चीज नहीं है, इसीलिए ऐसा भी नहीं है कि राजस्थान पुलिस के कह देने से उस पर विश्वास हो जाए।

ऑपइंडिया से बात करते हुए श्रीकांत के चाचा प्रवीण कुमार ने कहा कि मारपीट से राजस्थान पुलिस का इनकार करना सरासर झूठ है। उन्होंने कहा कि पुलिस दबिश के दौरान उनकी बहू को चोटें आईं और वह गिर कर तड़पने लगी थी। प्रवीण ने राजस्थान पुलिस के रवैये को अमानवीय बताया है। श्रीकांत के चाचा का कहना है कि पुलिस टॉर्चर से पुरुष सदस्य घर में नहीं थे। इसके कारण श्रीकांत की पत्नी को चोट लगने के बाद समय से अस्पताल ले जाने वाला कोई नहीं था।

किसी के घर में तड़के सुबह 3 बजे जा कर दबिश देने कहाँ तक उचित है, वो भी तब जब सामने वाला कोई पेशेवर अपराधी या आतंकी नहीं है? श्रीकांत के चचेरे भाई विष्णु कौशिक ने ऑपइंडिया को बताया कि लगभग 40 घंटे तक उन्हें गोपालगढ़ के पहाड़ी थाने में रखा गया। इस दौरान उन्हें थप्पड़ मारे गए। 2 सादे कागजों पर दस्तखत करवाए गए। विष्णु का भी कहना है कि राजस्थान पुलिस ने उनके सामने श्रीकांत की पत्नी से मारपीट की थी।

मोनू मानेसर अपनी तरफ से तथ्य दे रहे हैं कि घटना के वक्त वो गुरुग्राम के एक होटल में थे। होटल के सीसीटीवी फुटेज में भी इसका सबूत मौजूद होने की बात कही जा रही है। VHP इस मामले में अनावश्यक रूप से ‘बजरंग दल’ का नाम घसीटे जाने का आरोप लगा रही है। कौन नहीं जानता है कि मेवात (नूँह) गौ-तस्करी और मुस्लिमों के अपराधों के लिए कुख्यात है। ये वही जगह है, जहाँ पिछले साल के मध्य में एक डीएसपी की हत्या कर दी गई थी।

डीएसपी के हत्यारों को पकड़ने गई पुलिस के साथ भी अपराधियों की मुठभेड़ हुई। ऐसे में मोनू मानेसर इस कुख्यात क्षेत्र में गौहत्या के खिलाफ काम कर रहे हैं और हिन्दू युवाओं को अपने साथ जोड़ कर गोरक्षा में योगदान दे रहे हैं। कई गौहत्यारे उनके कारण जेल में हैं, ऐसे में किसी साजिश की आशंका को बल तो मिलता ही है। गौ-तस्करों का नेटवर्क बड़ा है और प्रभावशाली भी। इसी साल मोनू मानेसर को घेर कर उनकी हत्या की कोशिश हुई थी

VHP ने भी कहा है कि श्रीकांत के परिवार को बुरी तरह प्रताड़ित किया गया है। इनामी अपराधियों के परिवारों को जिस तरह से राजस्थान के मंत्री चेक सौंप रहे हैं, उससे भी हिन्दू संगठन नाराज़ हैं। अगर अन्याय हुआ तो VHP सड़कों पर उतरेगी, संगठन के प्रवक्ता विनोद बंसल ने इसका ऐलान कर दिया है। ऐसे में फ़िलहाल यही सही होगा कि राजस्थान या हरियाणा की सरकार इस मामले में CBI जाँच की अनुशंसा करे और निष्पक्ष तरीके से इन्वेस्टीगेशन होने दे।

अब आते हैं राजस्थान की कॉन्ग्रेस सरकार पर, जो मुस्लिम तुष्टिकरण की हदों को पार करती हुई दिख रही है। वहाँ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार है। राजस्थान पुलिस भी सरकार की प्रवक्ता के रूप में काम करते हुए ये दावा कर रही है कि जुनैद और नासिर की हत्या गोरक्षकों ने की है। रिंकू सैनी द्वारा कबूलनामे की बात कही जा रही है, लेकिन श्रीकांत के साथ हुए व्यवहार को देख कर अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि ये कबूलनामा कैसे लिया गया होगा।

रिंकू सैनी टैक्सी चला कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। साथ में गोरक्षकों के दल से भी जुड़े हुए हैं। राजस्थान की प्रभावशाली कॉन्ग्रेसी-मुस्लिम लॉबी खासी सक्रिय है। वहाँ की शिक्षा मंत्री जाहिदा खान ने आनन-फानन में एक प्रतिनिधिमंडल बना कर सीएम से मुलाकात की और गोरक्षकों की गिरफ़्तारी के लिए दबाव बनाया। ऐसे मामलों में हैदराबाद के सांसद और AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी भी कहाँ पीछे रहने वाले थे।

राजस्थान में विधानसभा चुनाव भी होने हैं, ऐसे में सभी पार्टियाँ अपनी-अपनी रोटियाँ सेंकने में लगी हुई हैं। ओवैसी की पार्टी ने यहाँ की 40 सीटों पर लड़ने का ऐलान किया है। ऐसे में उन्होंने प्रचार अभियान की शुरुआत जुनैद-नासिर को ‘शहीद’ बता कर की। घाटमीका गाँव में जाहिदा खान की मौजूदगी में एक पंचायत भी बुलाई गई। मृतकों के परिवारों को 15-15 लाख रुपए और आश्रितों को नौकरी का ऐलान किया गया। इतना ही नहीं, मंत्री की तरफ से 5-5 लाख रुपए अलग से दिए गए।

साथ ही पंचायत ने भी 51-51 हजार रुपए देने का ऐलान किया। यानी, 20.51 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और साथ में सरकारी नौकरी – गौहत्या में लिप्त लोगों के परिवारों की इस तरह से राजस्थान सरकार सेवा कर रही है। ‘बजरंग दल’ के कार्यकर्ताओं को इस पंचायत में वसूली करने वाल बताया गया। कॉन्ग्रेस और AIMIM मुस्लिमों के वोटों के लिए इस कदर गिर गई है कि गौ-हत्यारों को संरक्षण मिल रहा है और गौरक्षकों को टॉर्चर।

VHP प्रवक्ता विनोद बंसल ने इस मामले पर कहा, “राजस्थान पुलिस की जाँच पर हमें विश्वास नहीं है। वहाँ की सरकार पर भी हमें भरोसा नहीं है। ये लोग राजस्थानी परंपरा को कलंकित करने में लगे हुए हैं। जाँच से पहले ही हमारे संगठन को कलंकित करने का प्रयास किया जा रहा है। जाँच को जानबूझकर एक ही दिशा में ले जाया जा रहा है। पहले ही मुआवजे की घोषणा कर दी गई, यानी राजस्थान सरकार ने घोषित कर दिया कि ये निर्दोष हैं।”

राजस्थान के एक SHO का स्टिंग भी वायरल हुआ है, जिसमें वो कहते दिख रहे हैं कि मोनू मानेसर का इस पूरे घटनाक्रम में नाम ही नहीं है, यानी उन्हें सिर्फ घसीटा जा रहा है। राजस्थान पुलिस ने जिस तरह से पत्रकार अमन चोपड़ा को प्रताड़ित किया था, उससे उसकी पोल खुल गई थी। गौ-हत्यारों के सामने राजस्थान सरकार नतमस्तक है, लेकिन इन्होंने आत्मदाह करने वाले जयपुर के पुजारी गिरिराज सिंह की मौत के बाद उन्हें क्या दिया था?

हरियाणा पुलिस ने नवजात का शव बाहर निकलवाया, डॉक्टरों का बोर्ड करेगा पोस्टमॉर्टम: भाजपा MP ने कहा- राजस्थान पुलिस पर हो हत्या की FIR

भरतपुर में गोरक्षक श्रीकांत कौशिक के नवजात शिशु की मौत के मामले में राजस्थान पुलिस घिरती दिख रही है। हरियाणा पुलिस ने मरोड़ा गाँव के श्मशान से नवजात शिशु का शव बाहर निकलवाया है। मौत के कारण का पता लगाने के लिए डॉक्टरों के बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया जाएगा। राजस्थान पुलिस पर श्रीकांत की गर्भवती पत्नी से मारपीट का आरोप है, जिसके कारण नवजात की मौत होने की बात कही जा रही है। हालाँकि भरतपुर पुलिस इससे इनकार कर रही है। भिवानी में गो तस्कर जुनैद और नासिर के जले शव मिलने के बाद पुलिस श्रीकांत की तलाश कर रही है।

भरतपुर की बीजेपी सांसद रंजीता कोली ने भी इस घटना को लेकर राजस्थान पुलिस पर हत्या की FIR दर्ज करने की माँग की है। साथ ही महिला आयोग को भी पत्र लिखा है। भरतपुर पुलिस पर 16 फरवरी की सुबह श्रीकांत की तलाश में उसके घर पर दबिश देने और परिजनों को प्रताड़ित करने का आरोप है। श्रीकांत की गर्भवती पत्नी के पेट पर लात मारने का आरोप है। मारपीट की वजह से उसकी पत्नी दर्द से तड़पने लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया और उसके गर्भ में पल रहा बच्चा मृत निकला। उसके मुँह से खून निकल रहा था।

बच्चे के शव का होगा पोस्टमार्टम

श्रीकांत की माँ दुलारी ने 18 फरवरी 2023 को हरियाणा के नूँह के नगीना थाने में शिकायत देते हुए राजस्थान पुलिस पर आरोप लगाया था। इस शिकायत पर हरियाणा पुलिस ने रविवार (19 फरवरी 2023) को मृत बच्चे का शव मरोड़ा गाँव के श्मशान से निकाला।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नूंह जिले के पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला के मुताबिक श्रीकांत की माँ की शिकायत पर अभी केस दर्ज नहीं किया गया है। उनका कहना है कि पुलिस जाँच के साथ सबूत जुटा रही है। इस मामले में जिसका भी दोष सामने आएगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।

भाजपा सांसद ने की कार्रवाई की माँग

राजस्थान के भरतपुर से भाजपा सांसद रंजीता कोली ने इस मामले में राजस्थान पुलिस के खिलाफ राष्ट्रीय महिला और मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखा है। अपने पत्र में उन्होंने श्रीकांत की माँ के दुलारी आरोपों का जिक्र करते हुए आरोपित पुलिसकर्मियों पर हत्या की FIR दर्ज करने की माँग की है। भाजपा सांसद के मुताबिक किसी निर्दोष को किसी भी हाल में न फँसाया जाए।

राजस्थान पुलिस की सफाई

राजस्थान पुलिस ने खुद पर लगे आरोपों से इनकार किया है। भरतपुर के SP के मुताबिक श्रीकांत के परिजनों के आरोप गलत हैं और पुलिस उनके घर के अंदर गई ही नहीं थी। वहीं इस घटना में हरियाणा पुलिस के जवानों के शामिल होने के आरोपों पर नूंह के SP ने घटना की जाँच जिले की एडिशनल SP द्वारा कराए जाने की जानकारी दी है।

आरोपों पर कायम श्रीकांत का परिवार

श्रीकांत का परिवार राजस्थान पुलिस पर लगाए गए अपने आरोपों पर कायम है। ऑपइंडिया से बात करते हुए श्रीकांत के चाचा ने कहा कि राजस्थान पुलिस उनके घर में जबरन घुसी और उसकी मारपीट के चलते श्रीकांत की पत्नी को पेट में चोट आई जिससे बच्चा गर्भ में ही मर गया। श्रीकांत के चचेरे भाई विष्णु कौशिक ने भी राजस्थान पुलिस पर खुद को 40 घंटे तक अवैध हिरासत में रखने और टॉर्चर करने का आरोप लगाया है।

92 साल के जॉर्ज सोरोस को ‘बूढ़ा’ कहने पर संजय झा को लगी मिर्ची: एस जयशंकर को सिखा रहे थे शालीनता, नेटिजन्स ने याद दिला दिए अपने ‘पाप’

राष्ट्रवाद विरोधी अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस की आलोचना कॉन्ग्रेस के पूर्व नेता संजय झा को रास नहीं आई। 92 साल के अरबपति को विदेश मंत्री एस जयशंकर द्वारा ‘बूढ़ा’ कहे जाने पर उन्होंने आपत्ति जताई। जयशंकर को टैग करते हुए ट्वीट कर कहा कि कहा कि किसी उम्रदराज व्यक्ति को बूढ़ा कहकर मजाक उड़ाने पर उनको शर्म आनी चाहिए। जवाब में नेटिजन्स ने झा के वे तमाम ट्वीट निकाल लिए जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘बूढ़ा’ कहा था।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जॉर्ज सोरोस की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई एक टिप्पणी के जवाब में यह बात कही थी। उन्होंने कहा था कि सोरोस बूढ़े, अमीर, जिद्दी, पूर्वाग्रही और खतरनाक हैं, जो कहानियाँ गढ़ने में माहिर हैं। वह न्यूयॉर्क में बैठकर अब भी यह सोचते हैं कि दुनिया उनके हिसाब से चले। दुनिया उनके विचारों के आधार पर काम करे।

इसको लेकर संजय झा ने ट्वीट करते हुए कहा है, “प्रिय श्री जयशंकर, किसी को ‘बूढ़ा’ कहकर मजाक उड़ाने के लिए आपको शर्म आनी चाहिए। यह उम्र का भेदभाव है। यह घृणित है। आपका प्रतिष्ठित कार्यालय कुछ शिष्टाचार और शालीनता के साथ चल सकता है। लेकिन एक ऐसे व्यक्ति से क्या उम्मीद की जा सकती है जो अपने बॉस के ‘अब की बार, ट्रम्प सरकार’ को सही ठहराता हो।”

संजय झा के इस ट्वीट को लेकर ‘द कश्मीर फाइल्स’ के निर्माता विवेक रंजन अग्निहोत्री ने ट्वीट कर कहा है, “संजय झा सुनिए, क्या बकवास करना आपकी फैक्ट्री डिफेक्ट है या राहुल जी ने आपको गिफ्ट किया है?” साथ ही उन्होंने संजय झा के तीन ट्वीट्स के स्क्रीनशॉट ट्वीट किए हैं। इन ट्वीट में संजय झा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बूढ़ा कहते हुए उनका मजाक उड़ाया था।

इनमें से संजय झा ने एक ट्वीट में लिखा था, “मोदी बूढ़े, थके हुए दिख रहे हैं। बिलकुल बीजेपी की तरह। समय समाप्त हो चुका है।”

वहीं, एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा था, “मोदी जी… जासूसी, एह??? बुरी आदत, मिस्टर ओल्ड मैन बैचलर।”

एक अन्य ट्वीट में संजय झा ने कहा था, “17 सैनिक मारे गए, किसानों ने आत्महत्या की, दलितों/अल्पसंख्यकों के साथ बर्बरता हुई, अर्थव्यवस्था लड़खड़ाई, लेकिन बूढ़ा अहंकारी बर्थडे बॉय फोटो खिंचवाने में बिजी है।”

संजय झा के इस ट्वीट को लेकर एक यूजर ने लिखा है, “शर्म करो संजय झा। जयशंकर आपके जैसे नहीं हैं। वह देशभक्त हैं।”

एक अन्य यूजर ने लिखा है, “संजय झा आपको शर्म आनी चाहिए। सब कुछ जानने के बाद भी आप इस प्रकार की भाषा बोल रहे हैं। आप बड़े हो गए हैं। लेकिन आपको अभी भी अपने तथाकथित नेता की तरह बड़े होने की जरूरत है।”

एक अन्य यूजर ने लिखा है, “संजय झा उम्रदराज और भ्रमित व्यक्ति हैं। उनकी याददाश्त बहुत कमजोर है। देखें कि उनकी बकबक कैसे रिकॉर्ड में है। उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया है फिर भी वह जोंक की तरह लटके हुए हैं।”

‘JNU में शिवाजी-शिवाजी नहीं चलेगा’: छत्रपति की तस्वीर फेंकी, ABVP ने SFI के हमलावरों को बताया देशद्रोही

जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में छत्रपति शिवाजी की जयंती पर रविवार (19 फरवरी 2023) को वामपंथी छात्रों का उत्पात सामने आया है। ABVP ने छत्रपति की जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन किया था। आरोप है कि एसएफआई के छात्रों ने छात्रपति की शिवाजी की तस्वीर फेंक दी। अभाविप ने कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया में शेयर की है जिसमें छात्रपति की तस्वीरें और फूल माला जमीन पर फेंके दिख रहे हैं। इस घटना में अभाविप से जुड़े करीब आधा दर्जन छात्र घायल भी हुए हैं। संगठन ने घटना की निंदा करते हुए आरोपितों पर कठोर कार्रवाई की माँग की है।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने अपने आधिकारिक हैंडल से ट्वीट कर बताया है कि छात्र संघ के कार्यालय टेफलाज में छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें वामपंथियों ने उपद्रव मचाते हुए तस्वीर फेंक दी। ABVP ने हमलावरों को देशद्रोही बताया है। एनबीटी ने एबीवीपी के हवाले से बताया है कि विरोधी छात्रों का कहना था कि ‘जेएनयू में शिवाजी-शिवाजी नहीं चलेगा’। एबीवीपी ने इन पर शिवाजी महाराज के साथ साथ फुले और महाराणा प्रताप के चित्रों का अपमान करने का भी आरोप लगाया है।

JNU में ABVP के महामंत्री उमेश चंद्र ने हमले का आरोप SFI (स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ़ इंडिया) पर लगाया है। उन्होंने कहा कि हमलावरों ने छत्रपति शिवाजी महाराज की तस्वीर और फूल-माला फेंक दी। ABVP के जेएनयू के सोशल मीडिया कन्वेनर कुमार आशुतोष के मुताबिक वामपंथियों के हमले में विद्यार्थी परिषद के 5-6 छात्र घायल हुए हैं। उन्होंने दिल्ली पुलिस से आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। ABVP ने यह भी माँग की है कि JNU के छात्रसंघ भवन का नाम छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर रखा जाए।

इस घटना पर कॉन्ग्रेस की छात्र शाखा NSUI का भी बयान सामने आया है। NSUI के JNU महासचिव के अनुसार ABVP ने छात्रसंघ भवन में जो कार्यक्रम किया था, उसके लिए अनुमति की जरूरत होती है। NSUI के मुताबिक बिना परमिशन के हुए कार्यक्रम की ही वजह से इस मामले में विवाद हुआ, क्योंकि छात्रों के एक अन्य समूह ने इसका विरोध किया।

कस्टडी में 40 घंटे, मारे थप्पड़, सादे कागज पर दस्तख्त: श्रीकांत के परिवार ने राजस्थान पुलिस को बताया झूठा, मारपीट में गर्भस्थ शिशु की मौत का आरोप

हरियाणा के भिवानी में गो तस्कर जुनैद और नासिर का जला शव मिला था। इस मामले में राजस्थान पुलिस सवालों के घेरे में है। आरोप है कि पुलिस की दबिश के दौरान मामले में आरोपित श्रीकांत कौशिक की गर्भवती पत्नी के साथ मारपीट की गई। इससे नवजात मृत पैदा हुआ। इस मामले में हरियाणा के नगीना थाने में राजस्थान पुलिस के कई स्टाफ के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई गई है। हालाँकि राजस्थान की भरतपुर पुलिस पुलिस ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। लेकिन श्रीकांत के परिवार ने ऑपइंडिया से बातचीत में राजस्थान पुलिस को झूठा करार दिया है।

झूठ बोल रही राजस्थान पुलिस

ऑपइंडिया से बात करते हुए श्रीकांत के चाचा प्रवीण कुमार ने कहा कि मारपीट से राजस्थान पुलिस का इनकार करना सरासर झूठ है। उन्होंने कहा कि पुलिस दबिश के दौरान उनकी बहू को चोटें आईं और वह गिर कर तड़पने लगी थी। प्रवीण ने राजस्थान पुलिस के रवैये को अमानवीय बताया है। श्रीकांत के चाचा का कहना है कि पुलिस टॉर्चर से पुरुष सदस्य घर में नहीं थे। इसके कारण श्रीकांत की पत्नी को चोट लगने के बाद समय से अस्पताल ले जाने वाला कोई नहीं था। इसकी वजह से नवजात ने गर्भ में ही दम तोड़ देना पड़ा। प्रवीण ने बताया कि राजस्थान पुलिस के डर से घर के पुरुष सदस्यों ने अपने फोन भी बंद कर रखे थे।

भाइयों को उठा ले गई थी पुलिस

श्रीकांत के चाचा के मुताबिक 16 फरवरी 2023 की सुबह करीब 3 बजे पुलिस ने उनके घर दबिश दी। पुलिस श्रीकांत के चचेरे भाई विष्णु और अश्विन को उठाकर ले गई थी। उन्होंने कहा कि पुलिस की इस हरकत के कारण उनके परिवार के लोग भयभीत हैं।

40 घंटे रखा हिरासत में, मारे थप्पड़

विष्णु कौशिक ने ऑपइंडिया को बताया कि लगभग 40 घंटे तक उन्हें गोपालगढ़ के पहाड़ी थाने में रखा गया। इस दौरान उन्हें थप्पड़ मारे गए। 2 सादे कागजों पर दस्तखत करवाए गए। विष्णु का भी कहना है कि राजस्थान पुलिस ने उनके सामने श्रीकांत की पत्नी से मारपीट की थी।

श्रीकांत को बेगुनाह बताते हुए उनके चाचा प्रवीण कुमार ने मामले की CBI जाँच की माँग की है। उनका कहना है कि 90% मुस्लिम आबादी के बीच रह कर हिंदुत्व का काम करना ही श्रीकांत का गुनाह है। घटना के पीछे किसी बड़ी साजिश की आशंका जताते हुए उन्होंने कहा कि श्रीकांत को पहले भी झूठे केसों में फँसाने की कोशिश हो चुकी है। बताया जा रहा है कि श्रीकांत की पत्नी अब खतरे से बाहर है। उनका इलाज घर के ही पास के एक अस्पताल में चल रहा है।