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‘विदेश में KL राहुल का औसत मात्र 30 का’: KL राहुल के समर्थन में उतरे आकाश चोपड़ा तो वेंकटेश प्रसाद ने गिनाए आँकड़े, मयंक-गिल-धवन का किया जिक्र

भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाज केएल राहुल के खराब फॉर्म को लेकर दो पूर्व भारतीय खिलाड़ी वेंकटेश प्रसाद और आकाश चोपड़ा भीड़ गए हैं। राहुल ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जारी 4 टेस्ट मैचों की सीरीज में पहले 2 मैचों में खास रन नहीं बनाए। जिसके बाद से क्रिकेट प्रशंसक टीम में उनकी जगह को लेकर सवाल उठा रहे हैं। पूर्व गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद ने भी इस पर अपनी बात रखी। वहीं आकाश चोपड़ा बल्लेबाज केएल राहुल का बचाव कर रहे हैं। जिसे लेकर दोनों के बीच बहसबाजी चल रही है।

20 फरवरी, 2023 को पूर्व खिलाड़ी वेंकटेश प्रसाद ने अपने ट्विटर हैंडल पर थ्रेड के जरिए आँकड़े शेयर करते हुए केएल राहुल के रिकॉर्ड्स की तुलना दूसरे खिलाड़ियों के साथ की। उन्होंने लिखा कि केएल राहुल ने विदेशों में खेले गए टेस्ट मैचों के 56 पारियों में 30 की औसत से रन बनाए हैं। उन्‍होंने विदेशों में 6 शतक जमाए हैं लेकिन इसके अलावा कई कम स्‍कोर रहे। जिसके चलते औसत 30 की ही रही।

वेंकटेश प्रसाद ने इसके बाद टेस्ट मैचों में 5 हजार से ज्यादा रन बनाने वाले शिखर धवन का जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि हाल के सलामी बल्लेबाजों में शिखर धवन का विदेशों में औसत 40 का है। हालाँकि टेस्ट मैचों में उनका प्रदर्शन लगातार अच्छा तो नहीं रहा लेकिन श्रीलंका और न्यूजीलैंड के खिलाफ शतर व बेहतर घरेलू रिकॉर्ड उनके साथ है।

इसके बाद पूर्व गेंदबाज ने मयंक अग्रवाल और शुभमन गिल जैसे खिलाड़ियों के अच्छे फॉर्म का जिक्र किया। उन्होंने मयंक अग्रवाल के बारे में बात करते हुए लिखा कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार शुरुआत करने के बाद उन्होंने थोड़ा संघर्ष जरूर किया लेकिन उनका घरेलू रिकॉर्ड शानदार रहा है। उन्होंने मुंबई की मुश्किल पीच पर भी रन बनाए हैं। शुभमन गिल 37 की औसत से रन बना रहे हैं। वेंकटेश प्रसाद ने अजिंक्य रहाणे के प्रदर्शन को केएल राहुल के प्रदर्शन से बेहतर बताया और केएल राहुल के चयन पर सवाल उठाया।

वेंकटेश के ट्वीट के बाद आकाश चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर केएल राहुल का बचाव किया। आकाश ने दक्षिण अफ्रीका,इंग्लैंड,न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में प्रदर्शन का हवाला देते हुए केएल राहुल को हाल के दिनों का टॉप सेकेंड स्कोरर करार दिया। उन्होंने कहा कि यदि आपका कोई एजेंडा है तो उसे आगे न बढ़ाएँ।

मंगलवार (21 फरवरी, 2023) को आकाश चोपड़ा का वीडियो आने के बाद वेंकटेश प्रसाद ने भी ट्वीटर पर थ्रेड के जरिए चोपड़ा पर निशाना साधा। वेंकटेश प्रसाद ने लिखा कि मेरा किसी भी खिलाड़ी के खिलाफ कोई एजेंडा नहीं है, हो सकता है कि अन्य लोग का हो। वेंकटेश प्रसाद ने आकाश चोपड़ा का एक 11 साल पुराना ट्वीट शेयर किया। इस ट्वीट में आकाश चोपड़ा ने रोहित शर्मा की जगह अजिंक्य रहाणे को टीम में शामिल न किए जाने पर तंज कसा था।

वेंकटेश ने कहा कि मैं केएल राहुल का विरोधी नहीं हूँ। मैं बस चयन प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा हूँ। वेंकटेश ने लिखा कि जह रोहित शर्मा 24 साल के थे और उनका इंटरनेशनल करियर सिर्फ 4 साल का था तब आकाश ने उनके प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए रहाणे की वकालत की थी। आकाश 24 साल के रोहित पर कटाक्ष कर सकते हैं और मैं 31 साल के खिलाड़ी जिनका 8 साल का इंटरनेशनल करियर है उनके खराब प्रदर्शन का जिक्र नहीं कर सकता?

इन पर माँ सरस्वती की कैसी कृपा है… जावेद अख्तर का पाकिस्तान वाला वीडियो वायरल होने पर कंगना रनौत ने की तारीफ़, अभिनेत्री पर ठोका था मानहानि का केस

पाकिस्तान में आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे गीतकार जावेद अख्तर ने इस्लामी मुल्क के खिलाफ कुछ ऐसा कहा, जिससे वो सोशल मीडिया में खासे चर्चा में बने हुए हैं। कार्यक्रम के दौरान उनसे पूछे गए एक सवाल का उन्होंने जवाब दिया, जो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। जावेद अख्तर के जवाब की तारीफ कंगना रनौत भी करते नहीं थक रही हैं।

लाहौर में आयोजित फैज फेस्टिवल में शिरकत करने पहुँचे जावेद अख्तर सवालों का जवाब दे रहे थे। ऐसे में एक शख्स के सवाल का जवाब देते हुए जावेद ने कहा, “हमने तो हिंदुस्तान में नुसरत (नुसरत फतह अली खान) के बड़े-बड़े फंक्शन किए, मेहंदी हसन के बड़े-बड़े प्रोग्राम किए लेकिन आपके मुल्क में लता मंगेशकर का एक भी फंक्शन नहीं हुआ।” उन्होंने आगे कहा कि हम एक दूसरे को इल्जाम न दें। अहम बात यह है कि फिजा इतनी गरम है वो कम होनी चाहिए।

जावेद अख्तर ने आगे कहा, “हम बंबई (मुंबई) के लोग हैं। हमने देखा हमारे शहर पर कैसे हमला हुआ था। हमलावर नॉर्वे या इजिप्ट से नहीं आए थे। हमलावर आपके मुल्क में अभी भी घूम रहे हैं। यह शिकायत अगर हिंदुस्तानी के दिल में है तो आपको बुरा नहीं मानना चाहिए।”

अभिनेत्री कंगना रनौत ने जावेद अख्तर के इस बयान पर उनकी तारीफ की है। जावेद अख्तर के बयान वाले वीडियो को शेयर करते हुए कंगना रनौत ने ट्विटर पर लिखा, “जब मैं जावेद साहब की कविताएँ सुनती हूँ तो लगता है माँ सरस्वती की इन पर कैसी कृपा है लेकिन देखो कुछ तो सच्चाई होती है इंसान में, तभी तो खुदाई होती है उनके साथ में। जय हिंद जावेद साहब, घर में घुसकर मारा।”

बता दें कि कंगना रनौत और जावेद अख्तर के बीच मनमुटाव की स्थिति रहती है। जावेद अख्तर ने कंगना के खिलाफ मानहानि का केस भी किया हुआ है। कंगना भी कई मौकों पर जावेद अख्तर के खिलाफ बोलती सुनी गई हैं। पाकिस्तान में दिया गया जावेद अख्तर का बयान कंगना को इतना पसंद आया कि वे उनकी तारीफ किए बिना नहीं रह सकीं।

पत्नी सहित तिरुमला तिरुपति मंदिर पहुँचे सूर्यकुमार यादव, उनका नाम लेकर दिलीप मंडल फैलाता है हिन्दू घृणा: महाकाल-पद्मनाभस्वामी का भी किया था दर्शन

BGT (बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी) 2023 टूर्नामेंट के बीच क्रिकेटर सूर्यकुमार यादव अपनी पत्नी देविशा शेट्टी के साथ तिरुमला तिरुपति मंदिर दर्शन के लिए पहुँचे। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल से दो तस्वीरें भी पोस्ट की, जिसे लोग खासा पसंद कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टूर्नामेंट के दो टेस्ट मैच जीत कर भारत अपने पास ट्रॉफी बरकरार रखेगा, जबकि इंदौर में होने वाला अगला मैच जीत कर वो ‘वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC)’ के फाइनल में पहुँच जाएगा।

बता दें कि दिल्ली में हुआ टेस्ट मैच ढाई दिनों से भी कम समय में ख़त्म हो गया, ऐसे में 1 मार्च से शुरू होने वाले अगले मैच से पहले खिलाड़ियों के पास काफी वक्त बचा है। 25 फरवरी को इन खिलाड़ियों को इंदौर में रिपोर्ट करना है, जहाँ होल्कर स्टेडियम में तीसरे टेस्ट मैच की तैयारी शुरू होगी। ऐसे में कुछ खिलाड़ी अपने परिवार के साथ भी समय व्यतीत कर रहे हैं। ऐसे में सूर्यकुमार यादव तिरुमला तिरुपति वेंकटेश्वर मंदिर पहुँचे।

बता दें कि सूर्यकुमार यादव को लेकर जातिवादी सोशल मीडिया ट्रॉल दिलीप मंडल खासा प्रोपेगंडा फैलाते रहे हैं, जबकि सूर्यकुमार यादव अक्सर सनातन परंपरा का निर्वहन करते हुए दिखते हैं। उन्होंने मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर जाकर अपने साथी खिलाड़ी विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत के जल्दी ठीक होने को लेकर प्रार्थना की। ऋषभ पंत उत्तराखंड में अपनी कार से दुर्घटनाग्रस्त हो गए थे, जिसके बाद उनका इलाज चल रहा है।

इससे पहले सूर्यकुमार यादव ने अन्य साथी क्रिकेटरों के साथ केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम स्थित पद्मनाभस्वामी मंदिर में भी जाकर दर्शन किया था और उस दौरान वो धोती वाले पारंपरिक ड्रेस में दिखे थे। दिलीप मंडल ने सूर्यकुमार यादव का नाम लेकर BCCI को जातिवादी बता दिया था। बाद में तंज कसते हुए दिलीप मंडल कहने लगे थे कि उन्हें सूर्यकुमार यादव की जाति ही नहीं पता है। दिलीप मंडल को अक्सर हिन्दू धर्म के खिलाफ घृणा फैलाते हुए देखा जाता है।

जब इंदिरा गाँधी ने PM बनते S जयशंकर के पिता को हटा दिया, राजीव ने जूनियर को दी वरीयता: बोले विदेश मंत्री – मैंने खुद लिया BJP में शामिल होने का फैसला

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर (Dr. S.Jaishankar) ने न्यूज एजेंसी एएनआई (ANI) के साथ पोडकास्ट इंटरव्यू में कई मुद्दों पर खुलकर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने बताया कि किस तरह पहले पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी और फिर राजीव गाँधी के कार्यकाल के दौरान उनके पिता डॉ.के. सुब्रमण्‍यम के साथ नाइंसाफी हुई थी। साक्षातकार के दौरान विदेश मंत्री ने बताया कि विदेश मंत्री का पद दिए जाने के साथ उनपर भाजपा ज्वाइन करने का कोई दबाव नहीं था।

एएनआई को दिए अपने इंटरव्यू के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने विदेश सचिव (Foreign Secretary) से लेकर विदेश मंत्री (Foreign Minister) बनने तक के सफर पर खुलकर चर्चा की। उन्होंने बताया कि वे ब्यूरोक्रेट्स के परिवार से आते हैं और हमेशा एक बेहतरीन ऑफिसर बनना चाहते थे। अपने पिता को याद करते हुए जयशंकर ने बताया कि उनके पिता सचिव पद (1979) तक पहुँच गए थे।

एस जयशंकर ने अनुसार, जब 1980 में इंदिरा गाँधी की सरकार बनी तो उनके पिता के जयशंकर को उनके पद से हटा दिया गया। के जयशंकर उस वक्त डिफेंस प्रोडक्शन डिपार्टमेंट में सचिव थे। जयशंकर ने बताया कि उनके पिता संभवतः पहले सचिव थे जिन्हें इंदिरा गाँधी ने सरकार बनने के बाद सबसे पहले हटाया था। एस जयशंकर ने बताया कि राजीव गाँधी के प्रधानमंत्री रहते हुए भी के. जयशंकर को नज़रअंदाज किया गया और उनके जूनियर को कैबिनेट सचिव बनाया गया।

एस. जयशंकर कहते हैं कि उनके पिता एक ईमानदार व्यक्ति थे। हो सकता है इसकी वजह से समस्या हुई हो। उसके बाद वो कभी सचिव नहीं बने। जयशंकर ने बताया कि परिवार में इस बात को लेकर कभी चर्चा तो नहीं हुई लेकिन जब उनके बड़े भाई सचिव बने तो पिता काफी खुश हुए थे। बाद में एस. जयशंकर भी विदेश सचिव बने, हालाँकि तब तक उनके पिता का निधन हो चुका था। पिता ने भले ही उन्हें सचिव के पद पर नहीं देखा, लेकिन पिता के रहते जयशंकर ग्रेड वन तक पहुँच चुके थे जो सेक्रेटरी के बराबर का ही रैंक होता है।

एएनआई को दिए तकरीबन पौने 2 घंटे के साक्षातकार में यह हिस्सा 12 वें मिनट से सुना जा सकता है। इस दौरान एस. जयशंकर ने अपने विदेश सचिव से विदेश मंत्री बनने तक के घटनाक्रम पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें 2019 में कैबिनेट का हिस्सा बनने के लिए कॉल किया था। जयशंकर ने कहा कि यह पूरी तरह से चौंकाने वाला था। उन्होंने कहा कि इस दौरान उन्हें भाजपा ज्वाइन करने को लेकर जोर नहीं दिया गया।

एस जयशंकर ने कहा कि बीजेपी में शामिल होने का फैसला उनका अपना था। उन्होंने कहा कि यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन अपने उत्तरदायित्व के ईमानदारी के साथ निर्वहन और नेतृत्व का सहयोग प्राप्त करने के लिए उन्होंने भाजपा को चुना।

ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती यूनिवर्सिटी में छात्रों को छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती मनाने की अनुमति नहीं: वार्डन आजम ने हटवा दी फोटो, वीडियो आया सामने

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती विश्विद्यालय में छत्रपति शिवाजी की जयंती मनाने से रोका गया है। छात्रों का आरोप है कि हॉस्टल वार्डन आजम अंसारी ने जबरन फोटो हटवाई। वहीं, विश्विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि शिवाजी जयंती मनाने के लिए अनुमति नहीं ली गई थी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।

ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती विश्विद्यालय के छात्रों का कहना है कि उन्हें देश के महापुरुषों की जयंती नहीं मनाने दी जा रही। उन्होंने कहा कि शिवाजी ने मुगलों के खिलाफ लड़ाइयाँ लड़ीं, उन्होंने अपना पूरा जीवन देश के लिए लड़ते हुए बिता दिया। शिवाजी देश के प्रत्येक युवा के लिए आदर्श हैं।

छात्रों ने आगे कहा है कि उन्होंने सिर्फ शिवाजी की फोटो पर माला पहनाने का कार्यक्रम आयोजित किया था। लेकिन इसके बाद भी उन्हें रोका गया। इस मामले को बेवजह ही तूल दिया गया। छात्रों का आरोप है कि शिवाजी की जयंती मनाने पर विश्विद्यालय ने नोटिस देने की चेतावनी दी है।

यही नहीं, छात्रों ने हॉस्टल वार्डन आजम अंसारी के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जयंती मनाने से रोकना बेहद शर्मनाक है। वार्डन को शिवाजी द्वारा देश के लिए किए गए कामों और उनके महत्व को समझना चाहिए। छात्रों का आरोप है कि शिवाजी के बारे में कुछ भी जाने बिना ही वार्डन ने हॉस्टल परिसर में लगी शिवाजी की फोटो जबरन हटवा दी।

इस मामले का एक वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। वीडियो में हॉस्टल वार्डन आजम अंसारी छात्रों को शिवाजी की जयंती मनाने से रोकते हुए नजर आ रहे हैं। अंसारी ने पहले तो छात्रों से कहा कि जयंती मनाना है तो अनुमति लेनी पड़ेगी। लेकिन जब छात्रों ने उनसे पूछा कि अनुमति मिलेगी तो उन्होंने कहा कि इसके लिए (शिवाजी की जयंती मनाने के लिए) अनुमति बिल्कुल नहीं मिलेगी। यही नहीं, वीडियो में वार्डन को यह कहते हुए भी सुना जा सकता है कि जयंती मनानी है तो बाहर जाकर मंदिर में मनाओ।

वहीं, शिवाजी की जयंती मनाने को लेकर शुरू हुए विवाद को बढ़ता देख विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर नीरज शुक्ला ने मौके पर पहुँचकर मोर्चा संभाला। प्रॉक्टर ने छात्रों से बात करते हुए उनकी बात सुनी। इसके बाद हॉस्टल के कमरों के अंदर जयंती मनाने के लिए कहा। इस पर छात्र तैयार हो गए और उन्होंने हॉस्टल के कमरों में छत्रपति शिवाजी की जयंती मनाई।

जहाँ रहते थे पांडवों के पिता, वहाँ के मंदिरों को बना दिया गोदाम: पाकिस्तान में ‘पंज तीरथ’ का बुरा हाल, इस्लामी आक्रांताओं ने भी पहुँचाया था नुकसान

पाकिस्तान में हिंदुओ और हिंदू तीर्थ स्थलों की दुर्गति किसी से छिपी हुई नहीं है। पाकिस्तान के पेशावर स्थित महाभारत कालीन तीर्थ स्थल पंज तीरथ के जमीनों पर कब्जा हो चुका है। तीर्थ स्थल के 2 मंदिरों को गोदाम की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। पंज तीरथ की यह दुर्दशा तब है जब प्रांतीय सरकार द्वारा इसे राष्ट्रीय विरासत स्थल घोषित किया जा चुका है। तीर्थ स्थल की जमीन को लेकर स्थानीय पार्क और प्रांतीय सरकार के बीच विवाद भी चल रहा है। 10 दिन पहले ही पेशावर हाई कोर्ट ने मामले के निपटारे में अधिक समय लगने को लेकर नाराजगी भी जताई थी।

बिटर विंटर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 1947 से पहले तक हिंदुओं के मशहूर और पवित्र तीर्थ स्थलों में शामिल पंज तीरथ अब अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। इस्लामी आक्रांताओं के हमलों ने इस स्थल को बहुत नुकसान पहुँचाया। देश के विभाजन तक यहाँ 2 ही जीर्ण-शीर्ण मंदिर बच पाए थे। बाद में इस क्षेत्र को चाका यूनुस फैमिली पार्क चलाने वाली कंपनी को पट्टे पर बेच दिया गया। वर्ष 2019 में खैबर पख्तूनख्वा सरकार ने पंज तीरथ को राष्ट्रीय विरासत स्थल घोषित कर दिया।

विरासत स्थल घोषित किए जाने के बाद भी पंज तीरथ की जमीन पर सरकार का कब्जा नहीं हो सका है। बिटर विंटर की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यहाँ स्थित मनोरंजन पार्क मंदिरों को गोदामों की तरह इस्तेमाल कर रहा है। पार्क का मालिकना हक रख रही कंपनी विरासत स्थल की एक कनाल (0.125 एकड़) और 11 मरला जमीन वापस देने को तैयार है। जबकि पुरातत्वविदों (Archaeologists) का कहना है कि पंज तीरथ के हिस्से लगभग पाँच कनाल (0.625 एकड़) जमीन आती है।

रिपोर्ट की मानें तो जब पुरातत्विद उस स्थल पर जाने की कोशिश कर रहे थे तो हथियारबंद लोगों ने उन्हें भगा दिया। मामला संज्ञान में आने के बाद पेशावर उच्च न्यायालय ने 10 फरवरी, 2023 को नाराजगी व्यक्त की थी। कोर्ट ने कहा था कि तीन साल से अधिक समय के बाद भी इस मुद्दे को हल नहीं किया गया है। कोर्ट ने स्थानीय अधिकारियों के भ्रष्टाचार में संलिप्त होने की ओर इशारा किया।

पंज तीरथ का इतिहास

पंज तीरथ महाभारत कालीन तीर्थ स्थल है। यहाँ पांडवों के पिता पांडु रहने के लिए आया करते थे। यहाँ स्थित पाँच तालाबों का संबंध पाँडवों (युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेव) से है। यहाँ कई मंदिर और बगीचे हुआ करते थे। हिंदू कार्तिक के महीने में इस स्थान पर स्नान के लिए आया करते थे। स्नान के साथ-साथ कुछ लोग 2 दिनों तक यहाँ ठहर कर पूजा पाठ भी किया करते थे। पुरातत्वविदों का मानना है कि यह स्थल पर बौद्ध भी पूजा पाठ किया करते थे।

पंज तीरथ में बुद्ध के भिक्षापात्र के निशान भी मिले हैं। सन 1747 में अफगान दुर्रानी राजवंश के दौर में इस स्थल को नुकसान पहुँचाया गया। सन 1834 में सिख शासन के दौरान हिंदुओं ने इसे फिर से बनवाया और एक बार फिर से इस स्थान पर कार्तिक स्नान व पूजा शुरू हुई।

पुरातत्व निदेशालय ने खैबर पख्तूनख्वा सरकार से पंज तीरथ से अतिक्रमण हटाए जाने और जरूरी संरक्षण कार्य करने की अनुमति माँगी है। पंज तीरथ के चारों ओर बाउंड्री वाल बनाने की भी गुजारिश की गई है।

दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड में ‘द कश्मीर फाइल्स’ को मिला ‘सर्वश्रेष्ठ फिल्म’ का पुरस्कार, अनुपम खेर को भी सम्मान: निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने कहा – देश की जनता को समर्पित

इस्लामवादियों द्वारा कश्मीरी हिंदुओं पर किए गए अत्याचार पर बनी फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ को सर्वश्रेष्ठ फिल्म का दादासाहेब फाल्के पुरस्कार (Dadasaheb Phalke Award 2023) मिला है। वहीं आरआरआर को साल की सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार मिला। द कश्मीर फाइल्स के निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने इस पुरस्कार को आतंकवाद पीड़ितों और देश की जनता को समर्पित किया।

द कश्मीर फाइल्स को सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार मिलने पर फिल्म के निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने ट्वीट कर कहा है, “द कश्मीर फाइल्स ने दादासाहेब फाल्के पुरस्कार 2023 में सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार जीता। यह पुरस्कार आतंकवाद से पीड़ित लोगों और भारत के सभी को आपके आशीर्वाद के लिए समर्पित है।” अभिनेता अनुपम खेर को भी 2023 के सबसे वर्सटाइल एक्टर का सम्मान मिला।

बता दें कि कश्मीरी हिंदुओं का दर्द दिखाने वाली फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ साल 2022 की सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्मों में रही। एक ओर जहाँ कोरोना वायरस महामारी और बॉयकॉट बॉलीवुड के कारण बॉलीवुड फिल्में लगातार फ्लॉफ हो रहीं थीं। वहीं, महज 14 करोड़ रुपए में बनी द कश्मीर फाइल्स ने अकेले भारत में ही 252 करोड़ रुपए की कमाई की थी। वहीं वर्ल्डवाइड कमाई की बात करें तो फिल्म ने 340 करोड़ रुपए कमाए थे।

साल 2023 के दादासाहेब फाल्के पुरस्कार समारोह में आलिया भट्ट को उनकी फिल्म ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री तो वहीं ब्रह्मास्त्र के लिए रणबीर कपूर को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला। कांतारा के जरिए दर्शकों के दिल में जगह बनाने वाले ऋषभ शेट्टी को बेस्ट प्रॉमिसिंग एक्टर का पुरस्कार मिला। द कश्मीर फाइल्स में अपनी बेहतरीन एक्टिंग का लोहा मनवाने वाले अनुपम खेर को मोस्ट वर्सेटाइल एक्टर का पुरस्कार मिला।

इसके अलावा, फिल्म भेड़िया के लिए क्रिटिक्स बेस्ट एक्टर का पुरस्कार वरुण धवन को और जलसा के लिए क्रिटिक्स बेस्ट एक्ट्रेस का विद्या बालन को मिला। सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार आर बाल्की को मिला। उन्हें यह पुरस्कार चुप के लिए दिया गया। विक्रम वेधा के लिए बेस्ट सिनेमैटोग्राफर का पुरस्कार पीएस विनो को मिला। फिल्म उद्योग में उत्कृष्ट योगदान देने लिए रेखा को दादासाहेब फाल्के पुरस्कार दिया गया।

गोरक्षक की गर्भवती पत्नी को मारी लात, पेट में मर गया बच्चा: राजस्थान पुलिस पर हरियाणा में FIR, श्मशान से बाहर निकाला गया था नवजात शिशु का शव

हरियाणा में राजस्थान पुलिस पर मंगलवार (21 फरवरी 2023) को एफआईआर दर्ज की गई। यह मामला गोरक्षक श्रीकांत कौशिक की माँ दुलारी देवी की शिकायत पर दर्ज हुआ है। राजस्थान पुलिस पर श्रीकांत की गर्भवती पत्नी के पेट पर लात मारने का आरोप है। उसका नवजात शिशु मृत पैदा हुआ था।

वैसे नवजात की मौत की वजह की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हरियाणा पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। डॉक्टरों के बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने के लिए ​हरियाणा पुलिस ने नवजात शिशु का शव 19 फरवरी को मरोड़ा गाँव के श्मशान से बाहर निकलवाया था।

17 फरवरी 2023 की सुबह श्रीकांत कौशिक के घर में घुसने और परिजनों को प्रताड़ित करने का आरोप भरतपुर पुलिस पर है। हालाँकि राजस्थान पुलिस इन आरोपों को नकार चुकी है। श्रीकांत को राजस्थान पुलिस गो तस्कर जुनैद और नासिर की हत्या के मामले में तलाश रही है। जुनैद और नासिर की जली हुई लाश हरियाणा के भिवानी में मिली थी।

श्रीकांत की माँ दुलारी ने पुलिस प्रताड़ना को लेकर 18 फरवरी को हरियाणा के नूँह के नगीना थाने में शिकायत दी थी। उस पर अब एफआईआर दर्ज हुई है। श्रीकांत के मृत शिशु का पोस्टमार्टम 20 फरवरी को पुलिस की मौजूदगी में हुआ था। दुलारी देवी ने अपनी शिकायत में कहा था कि 17 फरवरी को उनके घर में 30 से 40 पुलिसकर्मी जबरन घुस गए और मारपीट की। इस दौरान श्रीकांत के बारे में सवाल करते हुए कहते पुलिस ने कहा, “श्रीकांत कहाँ है, वह बहुत बड़ा गोरक्षक बनता है।” जब घर वालों ने श्रीकांत की जानकारी नहीं होने की बात कही तो उन्हें गालियाँ देते हुए पीटा गया। श्रीकांत की गर्भवती पत्नी कमलेश के पेट पर लात मारी गई।

FIR में पुलिस के हवाले से बताया गया है कि मौत का असल कारण मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा। वहीं अन्य परीक्षण के लिए विसरा को सुरक्षित रख लिया गया है। इस मामले में 30 से 40 अज्ञात पुलिसकर्मियों के विरुद्ध IPC की धारा 148, 149, 452, 312 और 354 के तहत केस दर्ज कर जाँच शुरू कर दी गई है। ऑपइंडिया के पास FIR की कॉपी मौजूद है।

भरतपुर पुलिस द्वारा आरोपों को खारिज किए जाने के बाद ऑपइंडिया ने श्रीकांत के चाचा प्रवीण कुमार से बात की थी। उन्होंने कहा था कि पुलिस की हरकत के कारण उनके परिवार के लोग भयभीत हैं। श्रीकांत के चचेरे भाई विष्णु कौशिक ने भी राजस्थान पुलिस पर खुद को 40 घंटे तक अवैध हिरासत में रखने और टॉर्चर करने का आरोप लगाया था।

विहिप के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ सुरेंद्र जैन ने हरियाणा में हुई एफआईआर को राजस्थान पुलिस के गाल पर तमाचा बताया है। विहिप शुरुआत से ही इस मामले की सीबीआई जाँच की माँग कर रही है।

‘प्राइवेट फोटो’ पर लड़ने वाली महिला IAS और IPS का ट्रांसफर, नेटिजन्स बोले- ये आम लोगों के मसले क्या सुलझाएँगे, इनके खुद के लफड़े इतने

सोशल मीडिया में एक-दूसरे से उलझने वालीं कर्नाटक की महिला आईपीएस (IPS) अधिकारी डी रूपा मौदगिल और आईएएस (IAS) अधिकारी रोहिणी सिंदूरी का तबादला कर दिया गया है। दोनों को नई तैनाती फिलहाल नहीं दी गई है। रूपा मौदगिल के पति आईएएस अधिकारी मुनीश मौदगिल का भी ट्रांसफर किए जाने की खबर है।

रूपा मौदगिल ने रोहिणी सिंदूरी की कुछ तस्वीरें जारी करते हुए आरोप लगाया था कि उन्होंने 3 पुरुष IAS अधिकारियों को ये तस्वीरें भेजी हैं। साथ ही उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। जवाब में रोहिणी ने रूपा को मानसिक बीमार बताया था। दोनों महिला नौकरशाहों के इस रवैए पर राज्य के गृह मंत्री ने अरागा ज्ञानेंद्र ने नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी थी।

अब दोनों का तबादला कर दिया गया है। डी रूपा कर्नाटक हस्तशिल्प विकास निगम की प्रबंध निदेशक थीं। वहीं, रोहिणी के पास हिंदू धार्मिक संस्थानों और धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग के आयुक्त की जिम्मेदारी थी। सोशल मीडिया में दोनों का झगड़ा इतना चर्चित हो गया था कि नेटिजन्स ये तक कहने लगे थे कि जब इनके खुद के लफड़े इतने हैं तो ये आम लोगों के मसले कैसे सुलझाएँगे।

एक यूजर ने कहा है कि रूपा के पति मुनीश मौदगिल का भी तबादला हो गया है। कोई इस पर वेबसीरीज बना दो…।

ट्विटर पर The Painted Veil नाम के यूजर लिखते हैं, “यह बिना किसी जवाबदेही और जिम्मेदारी के आनंदपूर्वक जीवन जीने वालों की कभी न खत्म होने वाली कहानी के अलावा और कुछ नहीं है। ये इस धरती पर रहने वाले सबसे भ्रष्ट लोग हैं।”

IPS रूपा ने IAS रोहिणी पर लगाए आरोप

आपको बता दें कि रोहिणी का कहना था कि रूपा उन्हें बदनाम करने के झूठे आरोप लगा रही हैं। उन्होंने कानूनी कार्रवाई की भी चेतावनी दी थी। रोहिणी का कहना था कि रूपा ने सोशल मीडिया और उनके व्हाट्सएप्प स्टेटस से तस्वीरें लेकर उन्हें बदनाम करने की साजिश रची। अगर उनकी बात में सच्चाई है, तो वह उन पुरुष अधिकारियों के नाम सार्वजानिक करें, जिन्हें वो ये तस्वीरें भेजे जाने की बातें कह रही हैं।

IPS अधिकारी रूपा दिवाकर मौदगिल का कहना था कि साथी अधिकारियों के साथ भी रोहिणी सिंदूरी की पहले भी कई बार झड़प हो चुकी है। मैसूर सिटी कॉर्पोरेशन कमिश्नर शिल्पा नाग के साथ उनकी झड़प हुई थी। शिल्पा ने रोहिणी पर अपमान करने के आरोप लगाए थे, जिसके बाद दोनों का ट्रांसफर कर दिया गया था।

पाकिस्तान में मारा गया आतंकी बशीर अहमद, भारत में था मोस्ट वॉन्टेड: जिस शहर में है Pak फ़ौज का मुख्यालय, वहीं ‘अज्ञात लोगों’ ने गोलियों से भून दिया

पाकिस्तान के रावलपिंडी में भारत के मोस्ट वॉन्टेड आतंकी इम्तियाज आलम उर्फ बशीर अहमद पीर के मारे जाने की खबर है। इम्तियाज़ प्रतिबंधित आतंकी समूह हिजबुल मुजाहिदीन का संस्थापक सदस्य था जो वहाँ नंबर तीन कमांडर की हैसियत रखता था। सोमवार (20 फरवरी, 2023) को कुछ अज्ञात हमलावरों ने उसे एक दुकान के आगे गोलियों से भून दिया। भारतीय सुरक्षा बलों को उसकी कई आतंकी हमलों में तलाश थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावरों की संख्या 2 बताई जा रही है। घटना के दौरान शाम के समय इम्तियाज एक दुकान के आगे खड़ा था। गोलियाँ बरसाने के बाद हमलावर फरार हो गए। घायल अवस्था में इम्तियाज को अस्पताल ले जाया गया जहाँ उसे मृत घोषित कर दिया गया। हमलावरों ने आतंकी इम्तियाज को मार गिराने के लिए पॉइंट ब्लैक रेंज के हथियारों का प्रयोग किया था।

न्यूज़ 18 के मुताबिक इम्तियाज़ के क़त्ल की वजह पाकिस्तान में आतंकी संगठनों की आपसी खींचातान और पैसों का बँटवारा है। पैसों के इस विवाद के पीछे पाकिस्तान में खस्ताहाल हो चुकी अर्थव्यवस्था भी काफी हद तक जिम्मेदार बताई जा रही है।

बताते चलें कि भारत सरकार द्वारा 4 अक्टूबर, 2022 को मृतक इम्तियाज पर UAPA के तहत केस दर्ज करते हुए उसे आतंकी के तौर पर लिस्टेड किया गया था। वह मूल रूप से कश्मीर के कुपवाड़ा का रहने वाला था। मृतक इम्तियाज़ न सिर्फ हिज्बुल मुजाहिदीन बल्कि लश्कर-ए-तैयबा के लिए भी आतंकियों की भर्ती सहित उनके प्रचार-प्रसार के काम में शामिल था। इम्तियाज़ जम्मू कश्मीर में शरिया कानून लागू करने के नाम पर युवाओं को भड़काया करता था।

साल 2007 में पाकिस्तानी फ़ौज की इंटेलिजेंस विंग ने इम्तियाज़ को गिरफ्तार भी कर लिया था। हालाँकि, बाद में वहाँ की ख़ुफ़िया एजेंसी ISI के आदेश पर उसे रिहा कर दिया गया था।