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गैंगस्टर-टेरर फंडिंग नेटवर्क पर NIA की रेड, 8 राज्यों की 70+ जगहों पर कार्रवाई: 11 राज्यों में इनकम टैक्स की भी छापेमारी

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) और आयकर विभाग (IT Department) ने मंगलवार (21 फरवरी 2022) को देश के कई राज्यों में कार्रवाई की। एनआईए ने गैंगस्टर और टेरर फंडिंग के नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए आठ राज्यों में 70 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की है। वहीं, आयकर विभाग ने 11 राज्यों के 64 जगहों पर छापा मारा है।

एनआईए ने गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई और उसके सहयोगी गैंगस्टर्स के ठिकानों में छापेमारी की है। यह छापेमारी लॉरेंस और नीरज बवाना गिरोह से हुई पूछताछ के बाद हुई है। पूछताछ में हथियारों की सप्लाई और टेरर फंडिंग का खुलासा हुआ था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, NIA की टीम ने मंगलवार की सुबह पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात में स्थित 70 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की। अकेले पंजाब में ही NIA ने 30 से अधिक ठिकानों पर छापा मारा है।

NIA ने हरियाणा के आजाद नगर और यमुना नगर में भी गैंगस्टरों के ठिकानों पर छापेमारी की है। हरियाणा के ही नारनौल में भी गैंगस्टर चिकू, गुरुग्राम में कौशल चौधरी और गुजरात के गाँधीधाम में ड्रगडीलर कुलविंदर के ठिकानों में NIA की छापेमारी चल रही है। एनआईए ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि कुलविंदर अंतरराष्ट्रीय ड्रग माफिया गिरोह का हिस्सा है। वह लंबे समय से लॉरेंस विश्नोई का सहयोगी रहा है। उसके खिलाफ विश्नोई गैंग से जुड़े लोगों को शरण देने के मामले में भी केस दर्ज हैं।

इस छापेमारी को लेकर सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि एनआईए को पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसी आईएसआई और गैंगस्टरों के बीच संबंध की जानकारी मिली है। इस मामले में एनआईए पहले ही 3 बार छापेमार कार्रवाई कर चुकी है। गैंगस्टरों के खिलाफ एनआईए की यह चौथी बड़ी कार्रवाई है। जाँच एजेंसी ने अब तक कई गैंगस्टरों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार गैंगस्टर्स के पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद हुए हैं।

बता दें कि NIA ने यह कार्रवाई जेल में बंद लॉरेंस विश्नोई और नीरज बवाना व उसके गिरोह से जुड़े लोगों से हुई पूछताछ के बाद की है। पूछताछ के दौरान टेरर फंडिंग से लेकर हथियारों की सप्लाई करने की भी बात सामने आई थी। रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि उत्तर प्रदेश के पीलीभीत और प्रतापगढ़ में हथियार सप्लायरों की तलाश की जा रही थी। इस बात का संदेह जताया जा रहा है कि हथियार सप्लायर्स नेपाल के रास्ते हथियारों और गोला-बारूद की तस्करी करते हैं।

गौरतलब है कि NIA ने अक्टूबर 2022 में आतंकवादियों, गैंगस्टरों तथा ड्रग माफियाओं को निशाना बनाते हुए पाँच राज्यों में 50 से अधिक स्थानों पर छापे मारे थे। इस छापामार कार्रवाई को लेकर एजेंसी ने कहा था कि आतंकी नेटवर्क के साथ-साथ उनकी फंडिंग और सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को खत्म करने के लिए इस तरह की कार्रवाई होती रहेगी।

वहीं, आयकर विभाग की टीम ने यूफ्लेक्स लिमिटेड के ठिकानों पर छापा मारा है। समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि उत्तर प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, जम्मू और कश्मीर, हरियाणा, तमिलनाडु, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में करीब 64 जगहों पर छापेमारी की जा रही है।

मदरसे के मौलवी ने बच्चे को कमरे में बुलाया, मालिश के बहाने करने लगा रेप: कई बने हवस का शिकार, परिजनों को पीटकर हुआ फरार

झारखंड के गढ़वा में एक मदरसे के मौलवी पर वहाँ पढ़ने वाले कई छात्रों के साथ कुकर्म का आरोप लगा है। आरोपित मौलवी का नाम समरुद्दीन है। वह मूल रूप से पश्चिम बंगाल का निवासी है। पीड़ित छात्रों की संख्या आधे दर्जन के आसपास बताई जा रही है। शिकायत करने पर मौलवी ने बच्चों के परिजनों से भी मारपीट की। मामला रविवार (19 फरवरी 2023) का है। केस दर्ज होने के बाद से मौलवी फरार है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना गढ़वा के नगरउंटारी थानाक्षेत्र के कोइंदी गाँव की है। यहाँ पश्चिम बंगाल का मौलवी समरुद्दीन कई सालों से दारुल उलूम सामसिया नाम के मदरसे में बच्चों को दीनी तालीम दे रहा था। इस मदरसे में करीब 50 बच्चे पढ़ते हैं। आरोप है कि रविवार की रात समरुद्दीन ने मदरसे में पढ़ने वाले 3 बच्चों को अपने कमरे में बुलाया। फिर दो बच्चों को बाहर भेज एक को अपने कमरे में रोक लिया। कुछ देर बाद मौलवी ने उस बच्चे से मालिश करने को कहा।

बताया जा रहा है कि जब बच्चा मालिश कर रहा था, तब मौलवी ने उससे कुकर्म करने का प्रयास किया। बच्चे ने इसका विरोध किया और अपने परिवार वालों को मौलवी की करतूत की जानकारी दी। जब बच्चे के परिजन शिकायत लेकर मदरसे आए तो मौलवी ने गाँव में मौजूद अपने कई समर्थकों को जुटा लिया। आरोप है कि इनलोगों के साथ मिल मौलवी ने परिजनों के साथ मारपीट की।

पीड़ित परिजनों का यह भी आरोप है कि इसी मदरसे के एक मौलाना अशरफ ने मामले को मौके पर ही रफा-दफा करने की कोशिश की थी। लेकिन उसकी कोशिश कामयाब नहीं हुई। इस बीच किसी ने मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुँच कर हालात को सँभाला। बाद में पुलिस ने मदरसे के छात्रों का बयान दर्ज किया। एक रिपोर्ट के मुताबिक मौलवी द्वारा पीड़ित छात्रों की संख्या लगभग आधे दर्जन है। केस दर्ज होने के बाद मौलवी फरार है। SDPO प्रमोद कुमार के मुताबिक समरुद्दीन की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

दाढ़ी नहीं रखने पर छात्र होंगे बाहरः दारुल उलूम का फरमान, मौलाना कासमी बोले- इस्लाम में एक मुश्त दाढ़ी रखना सुन्नत

अजीब फतवों के लिए कुख्यात दारुल उलूम देवबंद ने छात्रों के लिए नया फरमान जारी किया है। उत्तर प्रदेश के सहरानपुर स्थित इस्लामी शिक्षण संस्थान ने छात्रों के लिए दाढ़ी रखना अनिवार्य कर दिया है। ऐसा नहीं करने वाले छात्रों को संस्थान से बाहर कर दिया जाएगा। यह आदेश सोमवार (20 फरवरी 2023) को जारी किया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दारुल उलूम ने अपने इस फैसले को इस्लाम की सच्ची शिक्षा बताया है। शिक्षा विभाग के प्रमुख मौलाना हुसैन अहमद हरिद्वारी की ओर से यह फरमान जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि दाढ़ी कटवाने वाले छात्रों का नाम दारुल उलूम से काट दिया जाएगा। दाढ़ी कटवाने वालों की एडमिशन फॉर्म कबूल नहीं की जाएगी। इस फरमान में किसी भी तरह की रियायत नहीं देने की बात भी कही गई है।

बताते चलें कि 6 फरवरी 2023 को दारुल उलूम ने ऐसे 4 छात्रों का नाम काट दिया था, जिन्होंने दाढ़ी कटवाई थी। निष्कासित छात्रों ने गलती मानते हुए दोबारा ऐसा नहीं करने का घोषणा पत्र भी दारुल उलूम में जमा किया था। लेकिन इसका वहाँ के शिक्षा विभाग पर कोई असर नहीं पड़ा। उसने निष्कासित छात्रों को किसी भी तरह की रियायत देने से इनकार किया है। अपने फैसले में दारुल उलूम ने छात्रों के दाढ़ी कटवाने को सुन्नत के खिलाफ बताया था।

दारुल उलूम देवबंद के ताजा फरमान का उलेमाओं ने भी समर्थन किया है। मदरसा जामिया शेखुल हिंद के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती असद कासमी ने दैनिक भास्कर को बताया, “हर मुसलमान को सुन्नत और शरिया के हिसाब से जीवन गुजारना चाहिए। इस्लाम में दाढ़ी रखना सुन्नत है। इसे रखना चाहिए।” वहीं मौलाना कासमी ने कहा है, “इस्लाम में एक मुश्त (मुट्ठीभर) दाढ़ी रखना सुन्नत है। इससे ज्यादा बढ़ी हुई दाढ़ी को कटवाने में कोई हर्ज नहीं है।”

गौरतलब है कि दारुल उलूम देवबंद इस्लाम की देवबंदी विचारधारा का एक बड़ा केंद्र माना जाता है। यह इस्लामी शिक्षण संस्थान पहले भी अपने फरमानों और फतवों के लिए चर्चा में रहा है। यहाँ से फोटो खिंचवाने, कंडोम के इस्तेमाल, महिलाओं के ब्यूटी पार्लर जाने, आइब्रो सही करवाने, अनजान मर्द से मेहँदी लगवाने, वैक्सिंग करवाने वगैरह के खिलाफ फतवे जारी हो चुके हैं।

महिला मैनेजर से बदतमीजी, बॉडीगार्ड को धक्का: लाइव कंसर्ट में हाथापाई पर सोनू निगम ने बताया सब कुछ, उद्धव गुट के MLA के बेटे पर FIR

20 फरवरी 2023 की रात सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें कुछ लोग गायक सोनू निगम के साथ धक्का-मुक्की करते दिखे। यह घटना मुंबई के चेंबूर इलाके में लाइव कंसर्ट के दौरान हुई। इस मामले में उद्धव ठाकरे गुट के विधायक प्रकाश फटरपेकर के बेटे स्वप्निल के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है।

विधायक के बेटे पर सोनू निगम की महिला मैनेजर से बदतमीजी करने और उनके बॉडीगार्ड को धक्का देने का आरोप है। सोनू निगम ने बताया है कि कंसर्ट के बाद वे स्टेज से नीचे आ रहे थे तो स्वप्निल ने उन्हें पकड़ लिया। उन्हें बचाने आए हरि और रब्बानी को उसने धक्का दिया।

गायक ने कहा, “मैंने शिकायत दर्ज कराई है, ताकि लोग जबरदस्ती सेल्फी लेने और हाथापाई करने के बारे में न सोचें। अगर वहाँ लोहे की रॉड पड़ी होती तो रब्बानी की मौत हो सकती थी।” मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुंबई के चेंबूर इलाके में उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना के विधायक प्रकाश फटेरपेकर ने कार्यक्रम आयोजित किया था। इस कार्यक्रम में सोनू निगम परफॉर्म कर रहे थे। तभी, विधायक पुत्र स्वप्निल फटेरपेकर सोनू निगम की मैनेजर सायरा के साथ बदतमीजी करने लगा। स्वप्निल का कहना था कि सायरा को मंच से हटाया जाए।

कार्यक्रम में परफॉर्म करने के बाद सोनू निगम जब मंच से नीचे आ रहे थे, तभी स्वप्निल ने उनके साथ सेल्फी लेने की बात कही। इस पर सोनू ने मना कर दिया। इससे स्वप्निल भड़क गया और उसने सोनू और उनके बॉडीगॉर्ड को धक्का दे दिया। इस-धक्का मुक्की में रब्बानी मंच से नीचे गिर गए। इससे वह चोटिल हो गए। रब्बानी को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।

इस घटना को लेकर सोनू निगम ने कहा है, “मुझे एक व्यक्ति ने सेल्फी लेने के लिए कहा। मना करने पर उसने मुझे पकड़ लिया। बाद में पता चला कि वह स्वप्निल फटेरपेकर है। मुझे बचाने के लिए मेरे करीबी हरि प्रसाद बीच में आए तो उसने उन्हें धक्का दे दिया। फिर मुझे भी धक्का दिया, इससे मैं नीचे गिर गया। इसके बाद मुझे बचाने के लिए रब्बानी आए तो उसने उन्हें भी धक्का दे दिया। वो बाल-बाल बचे हैं, वरना उन्हें गंभीर चोट आ सकती थी। इस हादसे में उनकी जान तक जा सकती थी। रब्बानी की किस्मत अच्छी थी कि नीचे कोई रॉड नहीं था।”

इस घटना में घायल हुए रब्बानी खान का कहना है, “बिना किसी उकसावे के अचानक हमारी टीम पर हमला कर दिया गया। उस व्यक्ति को हम नहीं जानते थे। वह सोनू निगम के पास सेल्फी के लिए आया था। जब उनके बॉडीगार्ड ने इसका विरोध किया तो उस व्यक्ति ने धक्का दे दिया। फिर वह सोनू निगम की ओर आया। जैसे ही सोनू जी ने मुझे पकड़ा वैसे ही उसने मुझे भी मंच से फेंक दिया। मैं आठ फीट की ऊँचाई से गिर गया। मेरी रीढ़ की हड्डी में चोट लगी है।”

इस मामले में सोनू निगम ने मुंबई के चेंबूर थाने में FIR दर्ज कराई है। मुंबई पुलिस के डीसीपी हेमराज राजपूत का कहना है कि सोनू निगम की शिकायत के बाद स्वप्निल फटेरपेकर के खिलाफ IPC की धारा 341, 337, 323 के तहत मामला दर्ज हुआ है।

अमित शाह को ‘इंदिरा गाँधी जैसा हाल’ करने की धमकी: खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह बोला- पंजाब का बच्चा-बच्चा चाहता है खालिस्तान

खालिस्तान समर्थक एक नेता ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को इशारों में धमकी दी है। उनका हाल पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी जैसा करने की बात की है। यह खालिस्तान समर्थक नेता अमृतपाल सिंह है। वह ‘वारिस पंजाब दे’ नाम के अलगाववादी संगठन का मुखिया है।

अमृतपाल ने केंद्रीय गृह मंत्री को धमकी रविवार (19 फरवरी 2023) को दी। वह पंजाब के मोगा में दीप सिद्धू की बरसी पर आयोजित कार्यक्रम में आया था। सिद्धू ने ही ‘वारिस पंजाब दे’ बनाया था। अमृतपाल ने कहा कि पंजाब का बच्चा-बच्चा खालिस्तान चाहता है। किसी भी हाल में इसे हासिल किया जाएगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मोंगा जिले के गाँव बुधसिंह वाला में अमृतपाल ने कहा, “इंदिरा ने भी दबाने की कोशिश की थी। क्या अंजाम हुआ। अमित शाह भी अपनी इच्छा पूरी कर लें।” अमृतपाल का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल है। अमित शाह ने हाल ही में कहा था कि पंजाब में खालिस्तान समर्थक गतिविधियों पर उनकी नजर है।

अमृतपाल ने कहा कि उसके पूर्वजों ने 500 साल से अपना खून बहा कर कई कुर्बानियाँ दी हैं जिसे न मोदी हटा सकते हैं और न ही अमित शाह। वे मर सकते हैं, लेकिन अपना दावा किसी भी हाल में नहीं छोड़ेंगे। उसने हिन्दू राष्ट्र की माँग करने वालों पर कार्रवाई की माँग भी की। कहा कि देश में सेक्युलर सरकार है तो ऐसे बयान देने वालों पर एक्शन क्यों नहीं लिया जाता। साथ ही खालिस्तान की माँग का विरोध करने वालों को चुनौती देते हुए कहा कि ‘जो करना है कर लें’।

गौरतलब है कि कथित किसान आंदोलन के दौरान लाल किले पर हुई हिंसा के मुख्य आरोपित दीप सिद्दू की रोड एक्सीडेंट में मौत के बाद अमृतपाल को ‘वारिस पंजाब दे’ का मुखिया बनाया गया था। अमृतपाल दुबई में रहता है। कुछ समय पहले भारत आया है। उस पर अमृतसर के अजनाला में एक सिख युवक के अपहरण का केस दर्ज है। इसमें उसके साथी तूफ़ान सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इस गिरफ्तारी के बाद अमृतपाल ने पंजाब पुलिस को भी धमकी दी थी।

‘इसकी रीढ़ की हड्डी अब तक सीधी नहीं हुई’: ‘झुके हुए पवन खेड़ा’ की पुरानी तस्वीर वायरल, PM मोदी के दिवंगत पिता का किया था अपमान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अपमान करने वाले कॉन्ग्रेस पवन खेड़ा की एक पुरानी तस्वीर सामने आई है, जिसके बाद उनकी रीढ़ की हड्डी पर सवाल उठ रहे हैं। पवन खेड़ा ‘भारतीय राष्ट्रीय कॉन्ग्रेस (INC)’ के मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री के लिए नरेंद्र ‘गौतम दास’ मोदी नाम का प्रयोग किया। बता दें कि पीएम अपने नाम में अपने पिता दामोदर मोदी का नाम लगाते हैं, इसीलिए उनका नाम नरेंद्र दामोदर दास मोदी भी है।

हालाँकि, इसी बीच पवन खेरा की एक पुरानी तस्वीर सामने आ गई। उस तस्वीर में वो काफी झुके हुए हैं और उनके हाथ में कुछ दस्तावेज हैं। उनके सामने दिल्ली की तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित सोफे पर बैठी हुई हैं और वो उसी तरफ झुक कर खड़े हैं। इसके बाद लोग कह रहे हैं कि जिसकी रीढ़ की हड्डी आज तक सीधी नहीं हो पाई, वो व्यक्ति आज पीएम मोदी के पिता पर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ कर रहा है। बता दें कि उस समय पवन खेड़ा दिल्ली की सीएम के राजनीतिक सचिव हुआ करते थे।

पवन खेड़ा ने अरबपति उद्योगपति गौतम अडानी के साथ नरेंद्र मोदी का नाम जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता का अपमान किया। एक प्रेस वार्ता में उन्होंने पत्रकारों के सामने ही ऐसा किया। इस दौरान उनके साथी नेता पवन बंसल भी हँसते रहे। फिल्म निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने ये बयान देने वाले पवन खेड़ा की तुलना राहुल गाँधी के कुत्ते ‘पीदी’ से की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस बयान के लिए सीधे राहुल गाँधी को निशाने पर लिया।

अमित शाह ने कहा कि कॉन्ग्रेस के प्रवक्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए जिस प्रकार की भाषा का प्रयोग किया है, ये सिर्फ उनकी बात नहीं है बल्कि राहुल गाँधी के स्वभाव के अनुकूल भी है। अमित शाह ने कहा कि वो राहुल गाँधी को याद दिलाना चाहते हैं कि 2019 में पीएम मोदी के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग करने का नतीजा उन्होंने देखा, अब 2024 के भी नतीजे वो समझ जाएँ। बता दें कि पवन खेड़ा अक्सर टीवी डिबेट्स में अपनी पार्टी का पक्ष रखते रहे हैं।

शैतान की सींगे बाहर निकल आएँगी… सऊदी अरब के नए मेगा प्रोजेक्ट पर भड़के मुस्लिम, कहा – मनोरंजन के लिए नया काबा बना रहे

इस्लामी मुल्क सऊदी अरब, जहाँ इस्लाम में सबसे पवित्र माने जाने वाले हज स्थल मक्का और मदीना स्थित हैं, वहाँ के एक नए मेगा प्रोजेक्ट को मुस्लिम ही सोशल मीडिया पर निशाना बना रहे हैं। ये वहाँ के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान के ड्रीम प्रोजेक्ट है। ये एक प्रस्तावित शहर है, जिसका मुख्य आकर्षण ‘The Mukaab’ नाम की एक संरचना होगी। मुस्लिम इसे काबा जैसा बता रहे हैं और सऊदी अरब की सरकार से खासे गुस्सा हैं।

मुस्लिमों का कहना है कि सऊदी अरब इस नए मेगा प्रोजेक्ट के तहत ‘नया काबा’ बनाने में लगा हुआ है। लोगों को काबा और मुकाब की आकृति समान लग रही है। वैसे भी अरबी भाषा में दोनों शब्दों का अर्थ एक ही होता है – घनाकार आकृति। सोशल मीडिया पर मुस्लिम कह रहे हैं कि मनोरंजन के लिए ‘नया काबा’ बनाया जा रहा है। दुनिया का सबसे आधुनिक बताया जाने वाला ये शहर रियाद में विकसित किया जा रहा है।

‘न्यू मुरब्बा’ प्रोजेक्ट के अंतर्गत एक संग्रहालय, तकनीकी और डिजाइन यूनिवर्सिटी, एक विशालकाय थिएटर और अन्य मनोरंजन व संस्कृति के स्थल होंगे। इस शहर में वातावरण के लिए हरियाली का भी खास ध्यान रखा जाएगा। पैदल यात्रियों के लिए अलग रास्ते बनाए जाएँगे। सऊदी अरब की ‘पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड’ ने इस प्रोजेक्ट की रूपरेखा बताते हुए नया वीडियो जारी किया है। ‘द मुकाब’ नामक इमारत की लंबाई, चौड़ाई और ऊँचाई 400 मीटर की होगी।

प्रोफेसर डॉ मुहम्मद अल-हचिमी अल-हमीदी ने दावा किया कि नज्द क्षेत्र में एक भविष्यवाणी की गई है कि एक दिन शैतान की सींगे बाहर निकल आएँगी। एक अन्य प्रोफेसर ने भी इसे नया काबा करार दिया। एक अन्य मुस्लिम ने कहा कि ये एक ऐसा काबा है, जो पूंजीवाद को समर्पित है। कुछ मुस्लिमों ने ये भी दावा किया कि मक्का-मदीना से अपनी पहचान बदल कर सऊदी अरब रियाद को अपनी अंतरराष्ट्रीय पहचान बना रहा है।

जिस नवजात को डब्बे में पैक कर के माँ-बाप को दे दिया, घर पहुँचने पर निकली ज़िंदा: BJP ने ‘केजरीवाल के हेल्थ मॉडल’ पर उठाए सवाल, LNJP ने नकारे आरोप

दिल्ली के लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल (LNJP) में एक ज़िंदा नवजात शिशु को मृत बता कर उसे डब्बे में पैक कर के माँ को थमा दिया गया। इसके बाद विपक्षी भाजपा ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और AAP (आम आदमी पार्टी) की सरकार को निशाना बनाया है। बच्ची के माता-पिता ने बताया कि जन्म के बाद अस्पताल ने उसे मृत घोषित कर दिया था, लेकिन परिजनों ने जब घर पहुँच कर डब्बा खोला तो वो ज़िंदा मिली।

इतना ही नहीं, जब बच्ची के परिजन शिशु को लेकर वापस अस्पताल पहुँचे तो डॉक्टरों ने उसे देखने से भी मना कर दिया। अब सेन्ट्रल दिल्ली की डीसीपी ने इस मामले में हस्तक्षेप किया है। उन्होंने मामला संज्ञान में आने के बाद अस्पताल के शीर्ष चिकित्सकों से संपर्क साधा, जिसके बाद किसी तरह बच्ची की जान बच गई। पुलिस की मदद से उसका इलाज चल रहा है। उसे ICU में भर्ती कराया गया है। बच्ची की प्रीमैच्योर डिलीवरी हुई थी।

BJYM के नेशनल सेक्रेटरी तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने इसे ‘अरविंद केजरीवाल का हेल्थ मॉडल’ बताते हुए कहा कि एक जीवित बच्चे को मरा हुआ बता कर डब्बे में पैक करके माँ को दे देना शर्मनाक है। LNJP के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर सुरेश कुमार ने अपने डॉक्टरों का बचाव किया है, साथ ही मामले की जाँच प्रगति में होने की बात कही है। बच्ची का वजन मात्र 525 ग्राम है। वो मात्र 6 महीने, यानी 24 हफ़्तों में ही पैदा हो गई है।

MS सुरेश कुमार ने फ़िलहाल लापरवाही की किसी बात से भी इनकार किया है। उन्होंने दावा किया कि सभी वरिष्ठ डॉक्टर इसे बचाने में लगे हुए हैं, दिन-रात एक किए हुए हैं। उन्होंने यहाँ तक दावा कर डाला कि बच्ची को कभी घर भेजा ही नहीं गया था। उन्होंने कहा कि शिशु के जन्म के बाद ऐसा लगा कि वो मृत है, लेकिन शरीर में हरकत देखे जाने के बाद ICU में भर्ती कराया गया। हालाँकि, रुखसार नामक महिला का कहना है कि उसकी बच्ची को वेंटिलेटर तक उपलब्ध नहीं कराया गया।

‘उर्फी जावेद की हरकतें मुस्लिमों की बेइज्जती, कब्रिस्तान में न मिले जगह’: वायरल वीडियो में फतवा की डिमांड, कहा- बदल ले धर्म

उर्फी जावेद (Urfi Javed) अपने कपड़ों और बेबाकी को लेकर अक्सर चर्चा में रहती हैं। इसके कारण वह इस्लामी कट्टरंपथियों के निशाने पर भी आती रहती हैं। सोशल मीडिया में ऐसा ही एक वीडियो वायरल है। इसमें उर्फी जावेद के खिलाफ कथित सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर फैजान अंसारी फतवा जारी करने के डिमांड करता नजर आ रहा है।

यह वीडियो 14 फरवरी 2023 का बताया जा रहा है। वीडियो में फैजान अंसारी ने उर्फी के पहनावे पर कड़ा एतराज जताते हुए उसे इस्लाम से खारिज करने वाले फतवे की माँग की है। उसने उर्फी के कपड़ों को कौम की इज्जत से जोड़ते हुए कहा है कि उसे मौत के बाद दफनाने के लिए कब्रिस्तान में जगह नहीं मिलनी चाहिए।

फैजान अंसारी का यह वीडियो करीब 6 मिनट का है। वीडियो में फैजान जुहू कब्रिस्तान के बाहर दिख रहा है। उसने कहा कि एक फतवा आने वाला है जिसमें उर्फी जावेद को मुस्लिम समाज किसी भी सूरत में कब्रिस्तान में दफन नहीं होने देगा। एक लेटर दिखाते हुए उसने इसे मौलाना साद और मुंबई के शहर काजी को भी भेजने की बात कही है। फैजान के मुताबिक अपनी माँगों के समर्थन में वह कानूनी कार्रवाई भी करेगा। उसने उर्फी जावेद से अपना धर्म बदल लेने को भी कहा है।

उर्फी की हरकतों को दुनिया भर के मुस्लिमों की बेइज्जती बताते हुए फैजान ने वीडियो में कहा है कि वह किसी भी हाल में उसे नहीं छोड़ेगा। उसने कहा है, “बहुत शर्म आती है जब लोग कहते हैं कि एक मुस्लिम लड़की नंगी घूम रही है।” फैज़ान ने इसी वीडियो में मौलाना साद को अपने समाज का सबसे बड़ा धर्मगुरु बताया है। उसने मुंबई पुलिस से भी उर्फी को माहौल गंदा करने के अपराध में गिरफ्तार करने की माँग की है। फैजान ने कहा कि उर्फी खुद को मुस्लिम मानती ही नहीं इसलिए वो अपना नाम फौरन बदले। ऐसा नहीं करने पर उसके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। फैजान ने कहा है, “जावेद, उर्फी, खान और मोहम्मद सिर्फ मुस्लिमों के नाम हैं। अपना धर्म बदल कर उर्फी भले ही वो भी न पहनें जो अभी पहनती हैं।”

गौरतलब है कि उर्फी जावेद के पहनावे और चाल-ढाल पर पहले भी मुस्लिम शिकायतें दर्ज करवा चुका है। दिसंबर 2022 में मुंबई के एक वकील अली काशिफ खान ने अँधेरी पुलिस स्टेशन में उर्फी पर सोशल मीडिया और सार्वजनिक स्थानों पर अश्लील हरकतें करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी।

राजस्थान के बाद अब हिमाचल की कॉन्ग्रेस सरकार ने अडानी से की डील: CM सुक्खू की मौजूदगी में बैठक, बंद पड़े सीमेंट प्लांट्स होंगे चालू

जहाँ एक तरफ कॉन्ग्रेस पार्टी और राहुल गाँधी गौतम अडानी को भला-बुरा कहते रहते हैं, राजस्थान के बाद अब हिमाचल प्रदेश की कॉन्ग्रेस सरकार ने गौतम अडानी के साथ डील की है। बंद पड़े सीमेंट प्लांट्स भी अब खुल जाएँगे। इससे पहले राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार के निवेदन पर हजारों करोड़ रुपयों के निवेश का फैसला लिया था। बता दें कि हिमाचल प्रदेश में अडानी समूह की दोनों सीमेंट कंपनियों और ट्रक ऑपरेटर्स के बीच मालभाड़े के रेट को लेकर विवाद चल रहा था। 65 दिनों बाद ये विवाद सुलझ पाया है।

सोमवार (20 फरवरी, 2023) को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की मौजूदगी में दोनों पक्षों में समझौता हुआ। समझौते के अनुसार, मालभाड़े के नए रेट 9.30 रुपए प्रति किलोमीटर प्रति टन और 10.30 रुपए प्रति किलोमीटर प्रति टन तय किए गए। ट्रक ऑपरेटर्स ने इस दौरान कहा कि राज्य की जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए वो नए रेट को स्वीकार कर रहे हैं। हालाँकि, उन्होंने दावा किया कि इसके कारण उन्हें सालाना 5-7 लाख रुपए का नुकसान होगा।

फिर उन्होंने ये भी कहा कि जनहित के लिए वो इस नुकसान को झेलने के लिए तैयार हैं। इसके साथ ही मंगलवार से ही अडानी समूह की दोनों सीमेंट कंपनियाँ अम्बुजा और ACC अपने-अपने प्लांट्स में प्रोडक्शन शुरू कर देंगी। ट्रक यूनियन वाले भी कल से काम पर लौट जाएँगे। हालाँकि, उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में आपस में और चर्चा अभी बाकी है। 15 दिसंबर से 2 प्लांट्स बंद होने के कारण 35,000 लोग बेरोजगार हो गए थे।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू खुद इस मामले पर निगरानी रख रहे थे और उन्होंने ये तीसरे दौर की वार्ता की। ट्रक ऑपरेटर्स के प्रतिनिधियों ने कहा कि उनके बाकी मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत चलती रहेगी। दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाने के लिए सरकार के साथ अब तक 16 दौर की वार्ताएँ हो चुकी हैं। सीएम ने CEO लेवल के अधिकारियों को भी बुलाया था। इस विवाद से दोनों पक्षों को नुकसान हुआ। सीएम सुक्खू ने कहा कि उनकी सरकार आने के 5 दिनों बाद ही ये मामला सामने आया था।