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दाढ़ी नहीं रखने पर छात्र होंगे बाहरः दारुल उलूम का फरमान, मौलाना कासमी बोले- इस्लाम में एक मुश्त दाढ़ी रखना सुन्नत

"हर मुसलमान को सुन्नत और शरिया के हिसाब से जीवन गुजारना चाहिए। इस्लाम में दाढ़ी रखना सुन्नत है। इसे रखना चाहिए।"

अजीब फतवों के लिए कुख्यात दारुल उलूम देवबंद ने छात्रों के लिए नया फरमान जारी किया है। उत्तर प्रदेश के सहरानपुर स्थित इस्लामी शिक्षण संस्थान ने छात्रों के लिए दाढ़ी रखना अनिवार्य कर दिया है। ऐसा नहीं करने वाले छात्रों को संस्थान से बाहर कर दिया जाएगा। यह आदेश सोमवार (20 फरवरी 2023) को जारी किया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दारुल उलूम ने अपने इस फैसले को इस्लाम की सच्ची शिक्षा बताया है। शिक्षा विभाग के प्रमुख मौलाना हुसैन अहमद हरिद्वारी की ओर से यह फरमान जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि दाढ़ी कटवाने वाले छात्रों का नाम दारुल उलूम से काट दिया जाएगा। दाढ़ी कटवाने वालों की एडमिशन फॉर्म कबूल नहीं की जाएगी। इस फरमान में किसी भी तरह की रियायत नहीं देने की बात भी कही गई है।

बताते चलें कि 6 फरवरी 2023 को दारुल उलूम ने ऐसे 4 छात्रों का नाम काट दिया था, जिन्होंने दाढ़ी कटवाई थी। निष्कासित छात्रों ने गलती मानते हुए दोबारा ऐसा नहीं करने का घोषणा पत्र भी दारुल उलूम में जमा किया था। लेकिन इसका वहाँ के शिक्षा विभाग पर कोई असर नहीं पड़ा। उसने निष्कासित छात्रों को किसी भी तरह की रियायत देने से इनकार किया है। अपने फैसले में दारुल उलूम ने छात्रों के दाढ़ी कटवाने को सुन्नत के खिलाफ बताया था।

दारुल उलूम देवबंद के ताजा फरमान का उलेमाओं ने भी समर्थन किया है। मदरसा जामिया शेखुल हिंद के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती असद कासमी ने दैनिक भास्कर को बताया, “हर मुसलमान को सुन्नत और शरिया के हिसाब से जीवन गुजारना चाहिए। इस्लाम में दाढ़ी रखना सुन्नत है। इसे रखना चाहिए।” वहीं मौलाना कासमी ने कहा है, “इस्लाम में एक मुश्त (मुट्ठीभर) दाढ़ी रखना सुन्नत है। इससे ज्यादा बढ़ी हुई दाढ़ी को कटवाने में कोई हर्ज नहीं है।”

गौरतलब है कि दारुल उलूम देवबंद इस्लाम की देवबंदी विचारधारा का एक बड़ा केंद्र माना जाता है। यह इस्लामी शिक्षण संस्थान पहले भी अपने फरमानों और फतवों के लिए चर्चा में रहा है। यहाँ से फोटो खिंचवाने, कंडोम के इस्तेमाल, महिलाओं के ब्यूटी पार्लर जाने, आइब्रो सही करवाने, अनजान मर्द से मेहँदी लगवाने, वैक्सिंग करवाने वगैरह के खिलाफ फतवे जारी हो चुके हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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